Sunday, May 31, 2026

महिला ने प्रपोजल ठुकराया, तो युवक ने उसके 1 साल के बेटे की हत्या कर दी, फिर हुआ एनकाउंटर

उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद में डेढ़ साल के मासूम बच्चे की हत्या करने वाले आरोपी को पुलिस ने मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी जितेंद्र पाठक उर्फ विराज के पैर में गोली लगी है। पूछताछ में उसने चौंकाने वाला खुलासा किया कि वह बच्चे की मां से शादी करना चाहता था, लेकिन महिला अपने बेटे की वजह से शादी के लिए तैयार नहीं थी।

कैसे हुई वारदात?

पुलिस के मुताबिक, विराज की नजर रति नाम की महिला पर थी और वह उससे शादी करना चाहता था। लेकिन रति पहले से शादीशुदा थी और उसका डेढ़ साल का बेटा आरव था। विराज को लगता था कि आरव उनकी शादी के रास्ते की सबसे बड़ी रुकावट है।

शनिवार को वह आरव को टॉफी दिलाने के बहाने अपने साथ ले गया। इसके बाद उसने बच्चे को जमीन पर पटक-पटक कर उसकी हत्या कर दी। जब तक परिवार को घटना की जानकारी मिली, तब तक बहुत देर हो चुकी थी। बच्चे को अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। वारदात के बाद आरोपी फरार हो गया था।

बच्चे की मां रति ने पुलिस को बताया कि विराज लगातार उस पर शादी का दबाव बना रहा था। घटना वाले दिन भी वह आरव को टॉफी दिलाने की बात कहकर अपने साथ ले गया था।

इसके बाद आरोपी के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया गया।

पुलिस मुठभेड़ में गिरफ्तार

पुलिस को सूचना मिली कि विराज मैनपुरी रोड स्थित बुद्धा भरथरा चौराहे के पास छिपा हुआ है। इसके बाद पुलिस की टीम ने इलाके की घेराबंदी की।

पुलिस के अनुसार, झाड़ियों में छिपे आरोपी ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में उसके पैर में गोली लगी और वह घायल होकर गिर पड़ा। इसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया।

आरोपी के पास से एक तमंचा, पांच जिंदा कारतूस और दो खोखे बरामद किए गए हैं।

पूछताछ में क्या बोला आरोपी?

पूछताछ के दौरान विराज ने बताया कि वह रति से शादी करना चाहता था, लेकिन वह हर बार मना कर देती थी। रति का कहना था कि वह अपने बेटे के साथ है और शादी नहीं कर सकती। इसी बात से नाराज होकर उसने बच्चे की हत्या की साजिश बनाई।

पुलिस का क्या कहना है?

फिरोजाबाद के एसपी सिटी रवि शंकर प्रसाद ने कहा कि मामले में तेजी से सबूत जुटाए जा रहे हैं ताकि जल्द से जल्द अदालत में चार्जशीट दाखिल की जा सके। उन्होंने कहा कि पुलिस आरोपी को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने की कोशिश करेगी।

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Saturday, May 30, 2026

Ola Electric Share Price: 6 दिन में 20% उछला ओला, 3 महीने में कर दिए पैसे डबल; जानिए तूफानी तेजी के 5 बड़े कारण

Ola Electric Share Price: ओला इलेक्ट्रिक के शेयरों में लंबी गिरावट के बाद अब तेजी का रुख देखने को मिल रहा है। शुक्रवार, 29 मई को ओला का शेयर 5.94% की बढ़त के साथ 41.57 रुपये पर बंद हुआ। खास बात यह है कि केवल दो कारोबारी सत्रों में ही शेयर करीब 14% तक चढ़ गया।

पिछले छह कारोबारी सत्रों में शेयर करीब 20% तक उछल चुका है। आइए जानते हैं कि ओला इलेक्ट्रिक के शेयरों में किन 5 कारणों से तेजी दिख रही है। लेकिन, पहले जान लेते हैं कि इसने 3 महीने में कैसे निवेशकों के पैसे डबल कर दिए।

तीन महीने में 100% से ज्यादा रिटर्न

ओला इलेक्ट्रिक के शेयरों ने पिछले तीन महीने से भी कम समय में निवेशकों का पैसा डबल कर दिया है। 2 मार्च 2026 को कंपनी का शेयर 21.21 रुपये के अपने 52 हफ्तों के निचले स्तर पर था। इसके बाद शेयर में लगातार रिकवरी देखने को मिली और 29 मई 2026 को कारोबार के दौरान यह 42.84 रुपये तक पहुंच गया।

इस तरह निचले स्तर से शेयर में करीब 102% की तेजी दर्ज की गई। अगर किसी निवेशक ने मार्च की शुरुआत में इस शेयर में 50 हजार रुपये लगाए होते, तो वो बढ़कर 1 लाख रुपये हो जाते।

1. मार्च तिमाही में घाटा घटा

पिछले हफ्ते कंपनी ने मार्च 2026 तिमाही के नतीजे जारी किए थे। नतीजों के बाद से शेयर में तेजी देखने को मिल रही है। कंपनी की चौथी तिमाही की कमाई एक साल पहले के 611 करोड़ रुपये से घटकर 265 करोड़ रुपये रह गई। हालांकि अच्छी बात यह रही कि कंपनी का शुद्ध घाटा काफी कम हुआ। यह 870 करोड़ रुपये से घटकर 500 करोड़ रुपये पर आ गया। इसी तरह EBITDA घाटा भी 690 करोड़ रुपये से घटकर 281 करोड़ रुपये रह गया। पहली बार कंपनी का ऑपरेटिंग कैश फ्लो पॉजिटिव रहा।

2. सर्विस से जुड़ी समस्याओं में सुधार

ओला के मैनेजमेंट के मुताबिक, वित्त वर्ष 2026 के दौरान सर्विस समस्याओं का असर काफी बिक्री पर पड़ रहा था। उनमें अब काफी सुधार आ चुका है। अक्टूबर 2025 से मार्च 2026 के बीच औसत सर्विस टर्नअराउंड टाइम में 88% की कमी आई है। साथ ही लंबित सर्विस मामलों की संख्या भी काफी घट गई है। इससे ग्राहकों के अनुभव में सुधार हुआ है और मांग को भी सहारा मिला है।

3. जून तिमाही को लेकर अनुमान

ओला इलेक्ट्रिक ने जून तिमाही के लिए भी सकारात्मक संकेत दिए हैं। कंपनी का अनुमान है कि इस तिमाही में उसकी बिक्री 40,000 से 45,000 यूनिट के बीच रह सकती है। कंपनी ने अप्रैल में 12,206 यूनिट और 28 मई तक 12,790 यूनिट के रजिस्ट्रेशन दर्ज किए हैं। इस तरह चालू तिमाही में अब तक कुल रजिस्ट्रेशन करीब 25,000 यूनिट तक पहुंच चुके हैं।

4. बैटरी गीगाफैक्टरी के विस्तार पर फोकस

5. कंपनी ने अपने शेयरधारकों को भेजे पत्र में बताया कि उसकी बैटरी गीगाफैक्टरी अब विस्तार के अगले चरण में प्रवेश कर रही है। ओला इलेक्ट्रिक का लक्ष्य वित्त वर्ष 2027 के दौरान अपनी व्यावसायिक बैटरी निर्माण क्षमता को बढ़ाकर 6 GWh तक पहुंचाना है। कंपनी का मानना है कि इससे भविष्य की मांग को पूरा करने में मदद मिलेगी।

5. कारोबार में बढ़ रहा है AI का इस्तेमाल

ओला इलेक्ट्रिक ने बताया कि उसके कारोबार में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI की भूमिका लगातार बढ़ रही है। फिलहाल कंपनी के AI सिस्टम हर दिन करीब 2 लाख कनेक्टेड कॉल्स संभाल रहे हैं। इनका इस्तेमाल बिक्री, सर्विस और अन्य परिचालन गतिविधियों में किया जा रहा है। कंपनी का कहना है कि इससे कामकाज की दक्षता बढ़ी है और ग्राहकों को बेहतर सेवा मिल रही है।

आगे भी चुनौतियां रहेंगी

कंपनी प्रबंधन ने यह भी माना है कि वित्त वर्ष 2027 की पहली छमाही में कुछ चुनौतियां बनी रह सकती हैं। कच्चे माल की बढ़ती कीमतें और बाजार में आक्रामक प्राइसिंग रणनीति के कारण ग्रॉस मार्जिन पर दबाव आ सकता है। हालांकि कंपनी का कहना है कि उसके पास पर्याप्त मार्जिन मौजूद है, जिससे वह विकास योजनाओं को जारी रखते हुए लाभप्रदता पर भी ध्यान बनाए रख सकती है।

आईपीओ प्राइस से अभी भी नीचे है शेयर

ओला इलेक्ट्रिक का शेयर हालिया तेजी के बावजूद 76 रुपये के आईपीओ प्राइस से काफी नीचे है।

इतना ही नहीं, लिस्टिंग के बाद शेयर ने 157 रुपये का उच्चतम स्तर भी छुआ था। मौजूदा कीमत उस रिकॉर्ड स्तर से भी काफी कम है। पिछले एक साल में ओला इलेक्ट्रिक का शेयर करीब 21.92% तक गिरा हुआ है।

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Friday, May 29, 2026

Viral Video: पैकेट बंद चने को धोते ही निकलने लगा पीला रंग, इसे खाने पर क्या होगा हाल! क्विक डिलिवरी ऐप से मंगाते हैं सामान तो इसे देखिए

Viral Video: एक वायरल वीडियो ने इंटरनेट पर एक बार फिर फूड सेफ्टी और मिलावट को लेकर चिंताजनक बहस छेड़ दी है। आपको बता दें कि सोशल मीडिया पर एक शख्स का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में उन्होंने दावा किया है कि एक क्विक डिलीवरी ऐप के जरिए मंगाए गए पैकेट बंद भुने चने को धोते ही उसमें से भारी मात्रा में पीला रंग निकलने लगा। वीडियो में दिख रहे इस नजारे ने सोशल मीडिया यूजर्स को हैरान और परेशान कर दिया है। अगर आप भी ब्लिंकिट जैसे क्विक कॉमर्स ऐप्स से रोजाना खाने-पीने का सामान मंगाते हैं तो यह रिपोर्ट आपके लिए बेहद जरूरी है। आइए जानते हैं क्या है यह पूरा मामला...

इस वीडियो क्लिप में एक शख्स भुने हुए चनों को पानी से धोता हुआ नजर आ रहा है। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि चने को धोते ही पीला रंग उसके हाथों और कटोरी में चारों तरफ फैल जाता है।

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शख्स का दावा: हल्दी नहीं, केमिकल वाला आर्टिफिशियल रंग है

वीडियो में शख्स ने दावा किया कि उसने क्विक डिलीवरी ऐप ब्लिंकिट के माध्यम से भुना हुआ चना ऑर्डर किया था। जब उसने प्रॉडक्ट की जांच की तो धोने के बाद चने से असामान्य मात्रा में रंग बाहर आने लगा। उसने आगे दावा किया कि यह रंग हल्दी नहीं बल्कि कोई आर्टिफिशयल रंग है।

शख्स ने पैकेट पर छपी सामग्री की सूची पर भी गंभीर सवाल खड़े किए। उनके अनुसार पैकेजिंग पर सामग्री के नाम पर सिर्फ चना लिखा हुआ था, जबकि उसका मानना है कि इसमें कृत्रिम रंग मिलाया गया था। उन्होंने इस बात पर भी आश्चर्य जताया कि हजारों ग्राहकों की समीक्षाओं के आधार पर इस प्रॉडक्ट को 4.5-स्टार की रेटिंग मिली हुई है। शख्स ने कहा कि इस प्रॉडक्ट को तैंतीस हजार (33,000) लोगों की समीक्षाओं के आधार पर 4.5 स्टार की रेटिंग मिली हुई है।

शख्स ने बाद में जानकारी दी कि उसने इस सामान को वापस कर दिया है और तस्वीरें अटैच करके अपना रिव्यू भी पोस्ट कर दिया है। उसने चेतावनी देते हुए कहा कि जो कोई भी रोजाना भुने चने का सेवन करता है, वो ऐसी मिलावटों को लेकर बेहद सतर्क रहे।

डिलीवरी ऐप्स की क्वालिटी चेक पर उठे सवाल

जैसे ही यह क्लिप इंटरनेट पर वायरल हुई, कई यूजर्स ने पैकेट बंद खाद्य पदार्थों को लेकर अपने अनुभव और चिंताएं साझा करना शुरू कर दिया। एक यूजर ने कमेंट किया कि मैं स्थानीय किराना दुकान से जो भुना चना खरीदता हूं, वह इससे कहीं बेहतर है। मुझे कभी रंग की ऐसी समस्या नहीं हुई। एक अन्य यूजर ने लिखा कि सिर्फ टाटा ब्रांड सही है। रिफंड प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए एक व्यक्ति ने कमेंट किया कि रिफंड मिला या नहीं? मेरा तो रिफंड भी नहीं करते। वहीं एक अन्य यूजर ने पूछा, "यार ब्लिंकिट पर रिटर्न कैसे करते हैं।

डिस्क्लेमर: यह आर्टिकल यूजर जेनरेटेड कंटेंट पर आधारित है। मनी कंट्रोल वायरल पोस्ट में किए गए किसी दावे की पुष्टि या खंडन नहीं करता है।



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Thursday, May 28, 2026

Anshula Kapoor Wedding: इस दिन मंगेतर रोहन संग सात फेरे लेंगी अर्जुन कपूर की बहन अंशुला, जाह्नवी-खुशी समेत ये स्टार्स होंगे शामिल

Anshula Kapoor Wedding: रिपोर्ट्स के मुताबिक अर्जुन कपूर की बहन अंशुला कपूर 6 जुलाई को स्क्रीन राइटर रोहन ठक्कर से शादी करने जा रही हैं। यह शादी बॉलीवुड की बिग फैट पंजाबी वेडिंग होने वाली है। कपूर परिवार ने जश्न की तैयारियां शुरू कर दी हैं। शादी में जाह्नवी कपूर, खुशी कपूर, सोनम कपूर और अर्जुन कपूर के साथ-साथ कई और बड़े सितारे नजर आ सकते हैं।

खबरों के मुताबिक, फिल्म निर्माता बोनी कपूर ने अपने करीबी लोगों को शादी की तारीख के बारे में बता दिया है। रूमी जाफरी और अभिनेता अक्षय खन्ना समेत कई लोगों को शादी की तारीख नोट करने के लिए कहा गया है। अनिल कपूर और संजय कपूर को भी, अपने व्यस्त शूटिंग शेड्यूल के बावजूद फैमली फंक्शन के लिए 6 जुलाई का दिन खाली रखने के लिए कहा गया है।

कहा जा रहा है कि शादी की तैयारियां ज़ोरों से चल रही हैं। अर्जुन कपूर अपनी बहन के इस खास दिन के लिए कई तैयारियों में व्यक्तिगत रूप से शामिल हैं। कपूर परिवार के एक करीबी सूत्र ने बताया, “वह अंशुला के साथ सभी ज़रूरी खरीदारी करने, जगह चुनने, खाने-पीने की व्यवस्था देखने और हर छोटी-छोटी बात का ध्यान रखने में मदद करते हैं। भाई-बहन सब कुछ देख रहे हैं।”

अंशुला की सौतेली बहनें जाह्नवी कपूर और खुशी कपूर भी शादी समारोह में शामिल होंगी। जाह्नवी फिलहाल राम चरण के साथ अपनी आने वाली फिल्म 'पेड्डी' के प्रमोशन में व्यस्त हैं, जो 4 जून को रिलीज हो रही है। वहीं, खुशी हाल ही में बोनी कपूर की सीक्वल 'मॉम 2' की शूटिंग पूरी करके ग्रीस से लौटी हैं।

शादी में परिवार के अन्य सदस्यों में हर्षवर्धन कपूर, शनाया कपूर और रिया कपूर बूलानी शामिल हैं। सोनम कपूर आहूजा अपने दूसरे बेटे रुद्रलोक कपूर आहूजा के जन्म के बाद फिलहाल लंदन में हैं। हालांकि, खबरों के मुताबिक, सोनम, उनके पति आनंद आहूजा और उनके बच्चे भी अंशुला की शादी में शामिल हो सकते हैं, क्योंकि अर्जुन और अंशुला के साथ उनका गहरा रिश्ता है।

खबरों के मुताबिक रोहन ठक्कर का फिल्म निर्माता करण जौहर से धर्माटिक एंटरटेनमेंट के जरिए पेशेवर संबंध है, जहां उन्होंने फ्रीलांस लेखक के रूप में काम किया था। करण जौहर को हाल ही में वरुण धवन की फिल्म 'है जवानी तो इश्क होना है' से जुड़े एक कार्यक्रम में अर्जुन कपूर के साथ देखा गया था, जिससे इस जोड़े के साथ उनके संबंधों को लेकर उत्सुकता और बढ़ गई है। खबरों के अनुसार, अंशुला की मुलाकात रोहन से डेटिंग ऐप पर हुई थी, जिसके बाद पिछले साल दोनों की आधिकारिक तौर पर सगाई हो गई थी।



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Wednesday, May 27, 2026

SIP की तारीख बदलने से कितना फायदा होता है? 30 साल के आंकड़ों ने दिया चौंकाने वाला जवाब

SIP returns: बाजार में उतार-चढ़ाव आते ही SIP निवेशकों के मन में एक सवाल जरूर आता है। क्या निवेश कुछ समय के लिए रोक देना चाहिए? बाजार में और गिरावट आने का इंतजार करना चाहिए? या बेहतर रिटर्न के लिए SIP की तारीख बदल देनी चाहिए?

कई लोगों को लगता है कि महीने की सही तारीख चुनने या बाजार की कमजोरी के दौरान निवेश से बचने पर लंबी अवधि में ज्यादा रिटर्न मिल सकता है। लेकिन बीएसई सेंसेक्स TRI के करीब 30 साल के आंकड़ों पर गौर करने से दिलचस्प बात पता चलती है।

SIP की टाइमिंग से कितना फर्क पड़ा?

यह समझने के लिए कि निवेश की टाइमिंग कितनी अहम है, व्हाइटओक म्यूचुअल फंड ने अगस्त 1996 से अप्रैल 2026 के बीच बीएसई सेंसेक्स TRI में अलग-अलग तारीखों पर किए गए SIP निवेश का अध्ययन किया।

रिपोर्ट में यह देखा गया कि अगर कोई निवेशक हर महीने सबसे अच्छे दिन निवेश करता और दूसरा निवेशक हर महीने सबसे खराब दिन निवेश करता, तो दोनों के रिटर्न में कितना अंतर आता।

Chart gold 223

आखिर रिटर्न में कितना दिखा अंतर?

स्टडी के मुताबिक, जो निवेशक हर महीने सबसे बेहतर दिन पर SIP करता, उसे पूरे दौर में 13.80 प्रतिशत का XIRR (एक्सटेंडेड इंटरनल रेट ऑफ रिटर्न) मिलता।

वहीं, जो निवेशक लगातार हर महीने सबसे खराब दिन पर निवेश करता, उसे भी 13.32 प्रतिशत का XIRR मिलता। यानी करीब 30 साल में सबसे अच्छी और सबसे खराब टाइमिंग के बीच रिटर्न का अंतर सिर्फ 0.48 प्रतिशत अंक रहा।

तय तारीख पर SIP से भी अच्छा रिटर्न

रिपोर्ट में यह भी पाया गया कि जो निवेशक बिना बाजार की टाइमिंग पकड़ने की कोशिश नहीं करते। हर महीने एक तय तारीख पर SIP करते रहे, उन्हें 13.58 प्रतिशत का XIRR मिला।

यह रिटर्न सबसे अच्छी टाइमिंग वाले निवेशक के रिटर्न के काफी करीब रहा। इससे पता चलता है कि बाजार की सही टाइमिंग पकड़ने की कोशिश से ज्यादा फायदा नियमित निवेश से मिलता है।

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अलग-अलग तारीखों पर रिटर्न 

रिपोर्ट में महीने की अलग-अलग तारीखों पर किए गए SIP निवेश का भी एनालिसिस किया गया। इसमें पता चला कि महीने की शुरुआत, बीच या आखिर में निवेश करने पर रिटर्न में बहुत ज्यादा फर्क नहीं आया।

कोई भी ऐसी तारीख नहीं मिली जिसने लगातार दूसरी तारीखों की तुलना में कहीं बेहतर प्रदर्शन किया हो। उदाहरण के लिए:

  • हर महीने 1 तारीख को SIP करने वाले निवेशकों को 13.59 प्रतिशत रिटर्न मिला।
  • 10 तारीख को निवेश करने वालों का रिटर्न 13.55 प्रतिशत रहा।
  • 20 तारीख को SIP करने वालों को 13.58 प्रतिशत रिटर्न मिला।
  • 28 तारीख को निवेश करने वालों को 13.61 प्रतिशत रिटर्न हासिल हुआ।

सभी तारीखों पर रिटर्न का अंतर बेहद मामूली

इस स्टडी के मुताबिक, ज्यादातर तारीखों पर SIP का रिटर्न 13.55 प्रतिशत से 13.61 प्रतिशत के बीच रहा। यानी अलग-अलग तारीखों के बीच प्रदर्शन का अंतर बेहद मामूली था। सीधे शब्दों में कहें तो लंबी अवधि में SIP की तारीख बदलने से रिटर्न में कोई बड़ा फर्क नहीं पड़ा।

निवेशकों के लिए क्या है सीख?

करीब तीन दशक के इस स्टडी से पता चलता है कि SIP में सबसे जरूरी चीज सही तारीख चुनना नहीं, बल्कि लगातार निवेश करते रहना है। चाहे निवेश सबसे अच्छे दिन किया गया हो, सबसे खराब दिन या हर महीने एक तय तारीख पर, लंबे समय में रिटर्न का अंतर बहुत सीमित रहा।

आंकड़े बताते हैं कि जो निवेशक अनुशासन के साथ नियमित SIP करते रहे, उनके रिटर्न लगभग उन निवेशकों के बराबर रहे जिन्होंने बाजार की टाइमिंग पकड़ने की कोशिश की। यानी SIP में सफलता का सबसे बड़ा मंत्र बाजार की चाल का अनुमान लगाना नहीं, बल्कि लंबे समय तक लगातार निवेश बनाए रखना है।

Disclaimer: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।



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Tuesday, May 26, 2026

CM Suvendu Adhikari: 'सरकार की कार्रवाई से पहले भाग जाओ...' CM शुभेंदु अधिकारी ने किसे दे दी ये चेतावनी

पश्चिम बंगाल में सरकार बनते ही मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी लगातार एक्शन में नजर आ रहे हैं। वहीं अब उन्होंने राज्य में रह रहे अवैध घुसपैठियों को लेकर एक बड़ा फैसला लिया है। सीएम शुभेंदु अधिकारी ने घुसपैठियों को सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि सरकार की कार्रवाई शुरू होने से पहले ही उन्हें यहां से चले जाना चाहिए। इस मुद्दे पर बात करते हुए शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि यह कार्रवाई किसी नए कानून के तहत नहीं, बल्कि पहले से लागू विदेशी अधिनियम के आधार पर की जा रही है। उन्होंने कहा, “यह कोई नया कानून नहीं है। यह पहले से मौजूद विदेशी अधिनियम है और अवैध रूप से रह रहे लोगों को तुरंत यहां से निकल जाना चाहिए।”

घुसपैठियों को जेल में न रखने के निर्देश

शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि अपने नागरिकों को वापस लेना बांग्लादेश की जिम्मेदारी है। उन्होंने बताया कि बांग्लादेश पहले ही कह चुका है कि वह भारत में रह रहे अपने नागरिकों को वापस लेने के लिए तैयार है। उन्होंने यह भी दावा किया कि उन्होंने पुलिस को निर्देश दिया है कि कथित घुसपैठियों को जेल में न रखा जाए। इस पर उन्होंने कहा, “हम उन्हें यहां क्यों रखें? भारत के संसाधन क्यों खर्च करें? क्या ये घुसपैठिए हमारे दामाद हैं?” शुभेंदु अधिकारी ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर लोग अपनी मर्जी से यहां से नहीं जाते, तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा, “जल्दी यहां से चले जाओ, नहीं तो सरकार कड़ी कार्रवाई करेगी।”

 'डिटेक्ट, डिलीट एंड डिपोर्ट'  की नीति

मंगलवार सुबह उत्तर 24 परगना जिले के हकीमपुर सीमा इलाके में बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए। माना जा रहा है कि ये लोग बांग्लादेश वापस जाने के लिए वहां पहुंचे थे। दरअसल, पश्चिम बंगाल सरकार ने संदिग्ध अवैध बांग्लादेशी नागरिकों के खिलाफ अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। इससे पहले भी “स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन” (SIR) प्रक्रिया के दौरान ऐसे ही नजारे देखने को मिले थे। हाल ही में राज्य सरकार ने संदिग्ध विदेशी नागरिकों के लिए अस्थायी हिरासत केंद्र शुरू किए हैं। इसके साथ ही सरकार ने “पहचान करो, हटाओ और वापस भेजो” नीति के तहत सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है।

बता दें कि, शुभेंदु अधिकारी सरकार ने बांग्लादेशी घुसपैठियों को लेकर कड़ा ऐक्शन लेते हुए कुछ समय पहले ही 'डिटेक्ट, डिलीट एंड डिपोर्ट' की नीति का ऐलान किया था। इसके लिए राज्य में 'होल्डिंग कैंप' भी बनाए गए थे। वहीं न्यूज 18 से बात करते हुए भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने बांग्लादेशी घुसपैठियों को देश के लिए खतरा बताया और कहा कि इन्हें एक दिन भी भारत में नहीं रुकने देना चाहिए। उन्होंने कहा, "मैं मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी से अनुरोध करूंगा कि इन्हें होल्डिंग सेंटर में नहीं रखा जाए। ऐसे लोगों को एक भी दिन मुफ्त में बिरयानी क्यों खिलाना?

डेमोग्राफिक चेंज पर केंद्र सरकार ने बनाई हाईलेवल कमेटी

इसी बीच केंद्रीय गृह मंत्रालय ने डेमोग्राफिक चेंज पर हाईलेवल कमेटी का गठन किया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बताया कि यह कमिटी, अवैध प्रवास और अन्य असामान्य कारणों से पूरे भारत में हो रहे डेमोग्राफिक चेंज का मूल्यांकन करेगी। उन्होंने कहा, 'घुसपैठ और अन्य कारणों से अनेचुरल डेमोग्राफिक चेंज किसी भी राष्ट्र के वर्तमान व भविष्य के लिए एक बहुत बड़ी चुनौती है। इसी चुनौती से निपटने के लिए 15 अगस्त 2025 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने डेमोग्राफिक चेंज को लेकर हाई लेवल कमेटी की घोषणा की थी। मुझे बताते हुए खुशी हो रही है कि सरकार ने इस कमिटी का गठन कर लिया है।



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Monday, May 25, 2026

'झूठ बोल रहा है अमेरिका...', ट्रंप के दावे पर बुरी तरह भड़का ईरान; डील टूटने से बढ़ सकता है तेल संकट!

Trump-Iran Deal Updates: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और ईरान के बीच होने वाली पीस डील पूरी तरह खटाई में पड़ती नजर आ रही है। ईरान ने अमेरिका के दावों को सिरे से खारिज करते हुए बेहद आक्रामक रुख अपना लिया है। ईरान ने दोटूक कहा है कि 'हम अमेरिका के साथ किसी भी समझौते पर दस्तखत नहीं करने जा रहे हैं' और जो लोग यह दावा कर रहे हैं कि डील करीब है, वे सफेद झूठ बोल रहे हैं।

तेहरान और वाशिंगटन के बीच जारी यह तनातनी अब इस हद तक बढ़ चुकी है कि ईरानी अधिकारियों ने साफ संकेत दिए हैं कि ईरान इस पूरी बातचीत को ही रद्द करने की कगार पर पहुंच गया है। 8 अप्रैल को हुए सीजफायर के बाद से इसे कूटनीति का सबसे नाजुक दौर माना जा रहा है।

यूरेनियम पर ईरान ने किया झुकने से इनकार

इस विवाद की सबसे बड़ी वजह परमाणु कार्यक्रम और यूरेनियम भंडार को लेकर दोनों देशों के अलग-अलग दावे हैं। अमेरिकी मीडिया में आ रही उन खबरों को ईरान के विदेश मंत्रालय ने आधिकारिक रूप से खारिज कर दिया है, जिनमें कहा गया था कि तेहरान अपने समृद्ध यूरेनियम का भंडार अमेरिका को सौंपने पर राजी हो गया है। ईरान ने इसे 'सरासर झूठ' बताया है।

ईरान का कहना है कि किसी भी ड्राफ्ट में यूरेनियम सौंपने जैसी कोई शर्त न तो शामिल है और न ही कभी होगी। ईरान का रुख साफ है कि यूरेनियम संवर्धन पर कोई भी बात शुरुआती समझौता होने के बाद ही की जाएगी, उससे पहले नहीं।

होर्मुज में टोल पर आर-पार की जंग

परमाणु विवाद के अलावा 'होर्मुज' पर ईरान का नियंत्रण दूसरा सबसे बड़ा तनाव का केंद्र बना हुआ है। अप्रैल में युद्धविराम के बावजूद ईरान ने इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग से गुजरने वाले जहाजों से 'सर्विस फीस' और पर्यावरण सुरक्षा के नाम पर टैक्स वसूलना जारी रखा है। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बकाई ने इस नीति का बचाव किया है।

अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने नई दिल्ली दौरे के समय साफ कहा था कि ईरान का यह टोल सिस्टम किसी भी कीमत पर स्वीकार्य नहीं है। अमेरिका का मानना है कि जब तक ईरान इस समुद्री मार्ग को पूरी तरह प्रतिबंध मुक्त नहीं करता, तब तक कोई कूटनीतिक समझौता असंभव है।

ट्रंप और नेतन्याहू की जुगलबंदी: 'परमाणु खतरा पूरी तरह खत्म हो'

ईरान की यह तल्खी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के बयानों के बाद और ज्यादा बढ़ गई है। ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर लिखा था कि उन्होंने अपने वातार्कारों से कहा है कि वे 'डील के लिए जल्दबाजी न करें, क्योंकि समय हमारे साथ है।' साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक कोई ठोस समझौता नहीं होता, अमेरिकी नौसेना की नाकेबंदी जारी रहेगी।

इजरायली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू ने साफ किया है कि उनके और ट्रंप के बीच सहमति बनी है कि ईरान के साथ होने वाले किसी भी अंतिम समझौते का मतलब सिर्फ और सिर्फ 'ईरान के परमाणु खतरे का पूरी तरह खात्मा' होना चाहिए।

पाकिस्तान और चीन की मध्यस्थता भी बेअसर!

यह पूरा घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब पाकिस्तान और चीन मिलकर दोनों देशों के बीच बीच-बचाव करने की कोशिशों में जुटे हैं। सोमवार को ही पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और सेना प्रमुख आसिम मुनीर ने बीजिंग में चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात कर शांति बहाली पर चर्चा की थी। लेकिन ईरान के ताजा रुख ने इन कोशिशों पर पानी फेर दिया है।

क्रूड ऑयल मार्केट में हड़कंप

ईरान की इस आक्रामक प्रतिक्रिया के बाद वैश्विक तेल बाजारों में एक बार फिर अनिश्चितता का माहौल है। इससे पहले जब ट्रंप ने डील के संकेत दिए थे, तब ब्रेंट क्रूड और डब्ल्यूटीआई (WTI) की कीमतों में 5 फीसदी की भारी गिरावट आई थी। लेकिन अब बातचीत टूटने के डर से होर्मुज जलमार्ग पर दोबारा संकट के बादल मंडराने लगे हैं, जिससे आने वाले दिनों में कच्चे तेल की कीमतों में भारी उछाल आ सकता है।



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Sunday, May 24, 2026

होर्मुज को लेकर आ गई गुड न्यूज...ईरान रास्ता खोलने को हुआ तैयार! इतने दिनों सामान्य होगा जहाजों का ट्रैफिक

ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच जारी जंग के कारण बीते दो महीने से होमुर्ज जलमार्ग बंद है, इस कारण दुनिया तेल और गैस की कमी का सामना कर रही है। वहीं अब ईरान ने एक बड़ा ऐलान किया है। उसने कहा है कि अगले 30 दिनों में स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों की तादाद फिर से पहले जैसी हो सकती है। बता दें कि, अमेरिका और ईरान पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव और युद्ध को खत्म करने के लिए समझौते के करीब पहुंच गए हैं।

ईरान का कहना है कि अहम समुद्री रास्ता ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़’ से व्यापारिक जहाजों की आवाजाही अगले 30 दिनों में फिर से पहले जैसी सामान्य हो सकती है। 28 फरवरी को अमेरिका और इजराइल द्वारा ईरान पर किए गए हमलों के बाद ईरान ने ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ के रास्ते को लगभग बंद कर दिया था। दुनिया की करीब 20 प्रतिशत ऊर्जा सप्लाई इसी समुद्री रास्ते से गुजरती है। इस तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतों में भारी बढ़ोतरी हुई और कई देशों में ऊर्जा संकट गहरा गया। हालात तब और बिगड़ गए, जब अमेरिका ने ईरान के बंदरगाहों के आसपास नौसैनिक नाकेबंदी कर दी।

हालांकि, डोनाल्ड ट्रंप के बयान के बाद यह उम्मीद बढ़ गई है कि यह युद्ध जल्द खत्म हो सकता है। कई ईरानी और अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स में कहा गया है कि दोनों देश एक “समझौता” (MOU) तैयार करने पर काम कर रहे हैं। इस समझौते का मकसद पिछले कई महीनों से चल रहे संघर्ष को खत्म करना, ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़’ को फिर से खोलना और अमेरिका द्वारा लगाई गई नाकेबंदी को हटाना बताया जा रहा है।

होर्मुज से जहाजों की आवाजाही पर बड़ा अपडेट

एक्सियोस की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका और ईरान के बीच तैयार हो रहे समझौते में 60 दिनों तक युद्धविराम बढ़ाने की बात शामिल है। इस दौरान ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़’ को फिर से खोला जाएगा, ताकि ईरान बिना रोक-टोक अपना तेल बेच सके। साथ ही ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर भी बातचीत जारी रहेगी। ईरान की अर्ध-सरकारी समाचार एजेंसी ‘तसनीम’ ने बताया कि संभावित समझौते में यह शर्त रखी गई है कि ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़’ से गुजरने वाले जहाजों की संख्या 30 दिनों के भीतर युद्ध से पहले जैसी सामान्य हो जाएगी।

ईरान ने मांग की है कि अमेरिका 30 दिनों के अंदर अपनी नौसैनिक नाकेबंदी पूरी तरह हटा ले। इसके अलावा, समझौते के पहले चरण में ईरान के कुछ जब्त किए गए फंड भी जारी किए जाएं। हालांकि, रिपोर्ट में कहा गया है कि अभी भी एक-दो मुद्दों पर दोनों देशों के बीच मतभेद बने हुए हैं, जिनमें परमाणु कार्यक्रम का मामला भी शामिल है।

समझौते को लेकर सामने आई ‘अच्छी खबर’

रविवार को अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने संकेत दिए कि ईरान के साथ चल रही बातचीत में कुछ प्रगति हुई है। उन्होंने कहा कि आने वाले कुछ घंटों में इस मामले में कोई बड़ी घोषणा हो सकती है। नई दिल्ली में विदेश मंत्री एस. जयशंकर के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान रूबियो ने कहा, “मुझे पूरी उम्मीद है कि अगले कुछ घंटों में दुनिया को कोई अच्छी खबर मिल सकती है।”

उन्होंने ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर अमेरिका के रुख को भी दोहराया। रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, एक वरिष्ठ ईरानी अधिकारी ने बताया कि अगर ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद इस समझौता ज्ञापन (MOU) को मंजूरी दे देती है, तो इसे अंतिम मंजूरी के लिए देश के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला मोजतबा खामेनेई के पास भेजा जाएगा। एक्सियोस की रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि इस मसौदा समझौते में ईरान की ओर से यह वादा शामिल है कि वह कभी परमाणु हथियार बनाने की कोशिश नहीं करेगा।



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Saturday, May 23, 2026

Nepal News: नेपाल में नई गाड़ियां ही नहीं खरीद सकेंगे लोग! बालेन शाह की सरकार ने लिया एक और चौंकाने वाला फैसला

Nepal Latest News: ईरान और अमेरिका के बीच युद्ध के कारण तेल संकट को देखते हुए भारत के पड़ोसी देश नेपाल की सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया है। बालेन शाह की सरकार ने नेपाल में सभी प्रकार के सार्वजनिक वाहनों के नए रजिस्ट्रेशन पर रोक लगाने की घोषणा की है। नेपाल सरकार ने यह फैसला ऐसे समय में लिया है, जब पड़ोसी देश में ईंधन संकट और बढ़ती पेट्रोलियम निर्भरता को लेकर चिंता बढ़ रही है।

डिपार्टमेंट ऑफ ट्रांसपोर्ट मैनेजमेंट ने बिगड़ते वायु प्रदूषण, बढ़ते ट्रैफिक जाम और शहरी आवागमन में आ रही दिक्कतों का हवाला देते हुए अगले आदेश तक पूरे देश में नए सार्वजनिक परिवहन वाहनों का रजिस्ट्रेशन रोकने का फैसला किया है। सभी प्रांतीय मंत्रालयों और स्थानीय अधिकारियों को एक सर्कुलर जारी करते हुए डिपार्टमेंट ऑफ ट्रांसपोर्ट मैनेजमेंट ने कहा कि सार्वजनिक परिवहन का प्रबंधन व्यवस्थित नहीं रहा है।

उन्होंने कहा कि इससे वायु प्रदूषण बढ़ रहा है। साथ ही ट्रैफिक जाम की समस्या बढ़ रही है और शहरी आवागमन में मुश्किलें आ रही हैं। नोटिस में आगे कहा गया है कि यह फैसला 'मोटर वाहन और परिवहन प्रबंधन अधिनियम, 1993' की धारा 24(3) के तहत लिया गया है।

यह धारा अधिकारियों को पर्यावरण प्रदूषण, सड़कों की स्थिति और ट्रैफिक मैनेजमेंट से जुड़ी चुनौतियों जैसे कारणों से जनहित में वाहनों का रजिस्ट्रेशन रोकने का अधिकार देती है। आदेश में आगे कहा गया है कि मौजूदा हालात और सार्वजनिक परिवहन के बेहतर मैनेजमेंट की जरूरत को देखते हुए नए सार्वजनिक वाहनों का रजिस्ट्रेशन अगले आदेश तक निलंबित रहेगा।

क्यों लिया फैसला?

ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट के आदेश में केवल पेट्रोल और डीजल से चलने वाले ही नहीं, बल्कि इलेक्ट्रिक सार्वजनिक वाहनों के नए रजिस्ट्रेशन पर भी रोक लगाने का निर्देश दिया गया है। एक अधिकारी ने बताया किइनमें इलेक्ट्रिक सार्वजनिक परिवहन वाहन भी शामिल हैं। यह निर्देश सभी सात प्रांतीय सरकारों और स्थानीय स्तरों को इसके पालन के लिए भेज दिया गया है।

डिपार्टमेंट ऑफ ट्रांसपोर्ट मैनेजमेंट के डायरेक्टर मणि राम भुसाल द्वारा जारी एक लेटर देश के सात प्रांतों में संबंधित मंत्रालयों और स्थानीय निकायों को भेजा गया है। इसमें कहा गया है कि सार्वजनिक परिवहन के मैनेजमेंट की कमी, अत्यधिक वायु प्रदूषण, वाहनों के बढ़ते दबाव, ट्रैफिक जाम और ईंधन की बढ़ती कीमतों के कारण सार्वजनिक परिवहन का संचालन लगातार मुश्किल होता जा रहा है।

दो भारतीय पर्वतारोहियों की मौत

इस बीच, नेपाल से भारत के लिए एक दुखद खबर भी सामने आई है। एवरेस्ट के शिखर से उतरते वक्त दो भारतीय पर्वतारोहियों की मौत हो गई है। नेपाल अभियान संचालक संघ के महासचिव ऋषि भंडारी ने बताया कि अरुण कुमार तिवारी और संदीप अरे नामक पर्वतारोही शिखर से नीचे आते समय बुरी तरह थक गए थे। गाइड ने उन्हें बचाने के बहुत प्रयास किए लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका। भंडारी ने पीटीआई को बताया कि ऐसा प्रतीत होता है कि अरे ने बुधवार को और तिवारी ने गुरुवार शाम लगभग 5:30 बजे शिखर पर चढ़ाई की।

उन्होंने कहा कि गाइड ने बहुत कोशिश की, लेकिन वे उन्हें (पर्वतारोहियों को) बचा नहीं सके। अभियान का आयोजन करने वाले 'पायनियर एडवेंचर्स' के निदेशक निवेश कार्की ने बताया कि शिखर से ठीक नीचे हिलेरी स्टेप के पास गुरुवार शाम उतरते समय तबीयत बिगड़ने के बाद तिवारी की मौत हो गई। बीमार पड़ने पर चार शेरपा पर्वतारोही उनकी सहायता कर रहे थे।

कार्की ने बताया कि संदीप अरे ने बुधवार को शिखर पर सफलतापूर्वक चढ़ाई की थी। लेकिन उतरते समय उनकी तबीयत बिगड़ गई। शेरपा गाइडों ने उन्हें साउथ समिट से बचाया। लेकिन शुक्रवार तड़के कैंप-2 पहुंचने के कुछ ही समय बाद उनकी मौत हो गई। कार्की ने कहा कि मृत पर्वतारोहियों के शवों को काठमांडू वापस लाने के प्रयास जारी हैं।

ये भी पढ़ें- Nepal Train: पैसेंजर ट्रेन से भी जा सकते हैं नेपाल और किराया सिर्फ 44 रुपये! जानिए इस खास ट्रेन का रूट और स्टॉपेज

इसके साथ ही, इस सीजन में एवरेस्ट पर मरने वालों की संख्या पांच हो गई है। इससे पहले, तीन नेपाली पर्वतारोहियों की एवरेस्ट पर मौत हो चुकी है। बुधवार को अरे सहित तीन भारतीय उन 274 पर्वतारोहियों के दल में शामिल थे जिन्होंने 8,848.86 मीटर ऊंची चोटी पर सफलतापूर्वक चढ़ाई की। यह एक दिन में अब तक दर्ज सबसे अधिक सफल चढ़ाइयों का नया रिकॉर्ड था। अन्य दो पर्वतारोही तुलसी रेड्डी पालपुनूरी और अजय पाल सिंह धालीवाल थे।



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Friday, May 22, 2026

Pat Cummins: IPL में छुट्टी मनाने आते हैं पैट कमिंस? खुद किया इस बात का खुलासा

आईपीएल 2026 में सनराइजर्स हैदराबाद की टीम प्लेऑफ में अपनी जगह बना ली है। वहीं कप्तान पैट कमिंस ने अपनी कप्तानी में सनराइजर्स हैदराबाद को तीन सीजन में दूसरी बार प्लेऑफ तक पहुंचाया है। वहीं रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के खिलाफ आखिरी लीग मुकाबले से पहले हैदराबाद के कप्तान पैट कमिंस ने साफ संकेत दिए कि आईपीएल उनके करियर की सबसे बड़ी प्रायोरिटी नहीं है। पैट कमिंस ने कहा, अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट और ऑस्ट्रेलिया के लिए खेलना उनके लिए ज्यादा अहम है, वहीं आईपीएल को वह अपने करियर का सिर्फ एक हिस्सा मानते हैं।

कब लगी थी कमिंस को चोट

पैट कमिंस पिछले साल लगी कमर की चोट से पूरी तरह ठीक नहीं हो पाए थे, जिसकी वजह से वह सनराइजर्स हैदराबाद के लिए आईपीएल के करीब सात मुकाबले नहीं खेल सके। दिसंबर और जनवरी में उन्होंने एशेज सीरीज का एक टेस्ट मैच खेला था, लेकिन उसके बाद फिटनेस पर ध्यान देने के लिए उन्होंने क्रिकेट से लंबा ब्रेक ले लिया।

ऑस्ट्रेलिया क्रिकेट हैं प्रायोरिटी

पैट कमिंस ने कहा कि उनकी सबसे बड़ी प्रायोरिटी ऑस्ट्रेलिया के लिए टेस्ट क्रिकेट खेलना है। ESPN क्रिकइन्फो से बात करते हुए पैट कमिंस ने कहा, “मेरे लिए कुछ भी नहीं बदला है। ऑस्ट्रेलिया के लिए खेलना मेरी सबसे बड़ी प्रायोरिटी है। टेस्ट टीम के कप्तान के तौर पर मैं कोई भी टेस्ट मैच मिस नहीं करना चाहता और कोशिश करता हूं कि ज्यादा से ज्यादा ऑस्ट्रेलियाई मुकाबलों के लिए उपलब्ध रहूं।”

ब्रेक के दौरान होता है आईपीएल

जब पैट कमिंस से पूछा गया कि उनके करियर में आईपीएल और सनराइजर्स हैदराबाद की जगह कहां है, तो उन्होंने कहा कि ये टूर्नामेंट उनके छुट्टियों वाले समय में फिट हो जाता है। कमिंस ने कहा, “आईपीएल की अच्छी बात ये है कि ये आमतौर पर हमारे ब्रेक के दौरान होता है, इसलिए इसे खेलना आसान रहता है। लेकिन मेरी सबसे बड़ी प्रायोरिटी अब भी ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट ही है और अगले कुछ सालों तक इसमें बदलाव होने की संभावना नहीं है।”

फ्रेश महसूस कर रहा

अपनी फिटनेस को लेकर पैट कमिंस ने कहा कि उन्होंने लंबा ब्रेक इसलिए लिया था ताकि उनका शरीर पूरी तरह से तरोताजा हो सके। पैट कमिंस ने कहा, “मैं पिछले चार महीनों से सच में बहुत फ्रेश महसूस कर रहा हूं। मैंने ज्यादा क्रिकेट नहीं खेला, इसलिए फिजिकली तौर पर मैं शायद पिछले छह या सात सालों में सबसे बेहतर महसूस कर रहा हूं। मुझे लगता है कि मैं जितने समय तक बाहर रहा, उसका बड़ा कारण आने वाले 18 महीनों के व्यस्त कार्यक्रम को ध्यान में रखना था।”

हैदराबाद के पास टॉप-2 में पहुंचने का मौका

पैट कमिंस की वापसी के बाद सनराइजर्स हैदराबाद की गेंदबाजी काफी मजबूत नजर आई है। उन्होंने कई मैचों में अहम विकेट लिए और अच्छी गेंदबाजी से टीम को फायदा पहुंचाया। अब हैदराबाद की टीम शुक्रवार, 22 मई को रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के खिलाफ अपना आखिरी लीग मैच खेलेगी। अगर टीम बड़े अंतर से जीत दर्ज करती है, तो उसके पास टॉप-2 में पहुंचने का मौका बना रह सकता है।



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Thursday, May 21, 2026

GT vs CSK IPL 2026 Match Live Score: चेन्नई ने जीता टॉस, पहले बल्लेबाजी करने उतरेगी गिल की टीम

GT vs CSK IPL 2026 Match Live Score : आईपीएल 2026 का 66वां मुकाबला आज गुजरात टाइटंस और चेन्नई सुपर किंग्स के बीच खेला जा रहा है। दोनों टीमों के बीच ये मुकाबला अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेला जा रहा है। वहीं इस मुकाबले में चेन्नई सुपर किंग्स ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला किया है। वहीं गुजरात की टीम पहले बल्लेबाजी करने उतरेगी।

चेन्नई के लिए यह मैच करो या मरो जैसा है। उसे प्लेऑफ की रेस में बने रहने के लिए हर हाल में जीत चाहिए। बता दें कि आईपीएल 2026 के प्लेऑफ के मुकाबले अगले हफ्ते से खेले जाएंगे। वहीं रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB), गुजरात टाइटंस और सनराईजर्स हैदराबाद प्लेऑफ में जगह पक्की कर चुके हैं। अब बची हुई 5 टीमों के बीच आखिरी स्पॉट को लेकर लड़ाई है।

आईपीएल 2026 के प्लेऑफ में अपनी जगह मजबूत करने के इरादे से चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) की टीम गुजरात टाइंटस (GT) से भिड़ेगी। वहीं 66वां मुकाबला आज अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेला जाएगा। आईपीएल के प्लेऑफ की रेस में चेन्नई सुपर किंग्स अभी भी बनी हुई है, वहीं गुजरात की टीम पहले ही प्लेऑफ में अपनी जगह बना ली है। वहीं गुजरात इस मैच जीतकर टॉप-2 में अपनी जगह मजबूत करना चाहेगी। टीम को फाइनल में पहुंचने के दो मौके मिल सकें। वहीं चेन्नई सुपर किंग्स के लिए प्लेऑफ की उम्मीद बनाए रखने के लिए यह मुकाबला जीतना बेहद जरूरी है।



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Bank Holiday: अगले हफ्ते मंगलवार के दिन बंद रहेंगे बैंक, जानें RBI ने क्यों दी है 26 मई की छुट्टी

Bank Holiday Next Week: अगर आप अगले हफ्ते बैंक से जुड़े किसी बड़े काम की प्लानिंग कर रहे हैं, तो आपके लिए एक बेहद जरूरी अपडेट है। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) के आधिकारिक हॉलिडे कैलेंडर के अनुसार, अगले हफ्ते मंगलवार यानी 26 मई 2026 को देश के कई प्रमुख शहरों में सरकारी और प्राइवेट बैंक पूरी तरह बंद रहेंगे।

यह छुट्टी शनिवार और रविवार के साप्ताहिक अवकाश के बाद आ रही है, जिससे अगले हफ्ते के शुरुआती दिनों में बैंकिंग कामकाज प्रभावित हो सकता है। ऐसे में किसी भी परेशानी से बचने के लिए ग्राहकों को ये सलाह है कि वे इस छुट्टी की लिस्ट को देखकर अपने जरूरी वित्तीय काम समय से पहले ही निपटा लें।

26 मई को क्यों बंद रहेंगे बैंक?

आरबीआई के नोटिफिकेशन के मुताबिक, 26 मई 2026, मंगलवार को महान कवि और संगीतकार काजी नजरुल इस्लाम की जयंती के अवसर पर बैंकों में अवकाश घोषित किया गया है। काजी नजरुल इस्लाम को उनके क्रांतिकारी लेखन के लिए जाना जाता है और देश के कई राज्यों में इस दिन को बेहद सम्मान के साथ मनाया जाता है।

इन बड़े शहरों में ताला लटकेगा: देखें पूरी लिस्ट

यह एक क्षेत्रीय अवकाश है, जिसका मतलब है कि देश के सभी राज्यों में नहीं बल्कि आरबीआई द्वारा अधिसूचित चुनिंदा शहरों के सभी सर्किलों में बैंक बंद रहेंगे। आगामी मंगलवार को इन शहरों में बैंक शाखाएं बंद रहेंगी:

उत्तर भारत: नई दिल्ली, लखनऊ, जम्मू और शिमला।

पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत: कोलकाता, अगरतला, गुवाहाटी, आइजोल, इम्फाल, कोहिमा, शिलांग और रांची।

पश्चिम और मध्य भारत: अहमदाबाद, रायपुर।

दक्षिण भारत: हैदराबाद, कोच्चि, तिरुवनंतपुरम और विजयवाड़ा।

नोट: अगर आप मुंबई, बेंगलुरु या भोपाल जैसे शहरों में रहते हैं, तो वहां 26 मई को बैंक सामान्य दिनों की तरह खुले रहेंगे। राज्यों के हिसाब से स्थानीय त्योहारों के कारण यह लिस्ट बदल सकती है, इसलिए एक बार अपनी स्थानीय होम ब्रांच से भी संपर्क जरूर कर लें।

लॉन्ग वीकेंड का बन रहा है संयोग

मई के इस आखिरी हफ्ते में बैंकों की छुट्टियों के कारण एक तरह का 'लॉन्ग वीकेंड' का माहौल बन रहा है। 23 मई को महीने का चौथा शनिवार है और 24 मई को साप्ताहिक रविवार। इसके बाद सोमवार को बैंक खुलेंगे और फिर मंगलवार यानी 26 मई को ऊपर दिए गए प्रमुख शहरों में दोबारा छुट्टी हो जाएगी। ऐसे में 4 दिनों के भीतर बैंकों में 3 दिन काम नहीं होगा।

चलाते रहें डिजिटल सेवाएं, नहीं रुकेगा कोई काम

भले ही मंगलवार को आपके शहर की बैंक शाखाओं में ताला लटका रहे, लेकिन आपकी रोजमर्रा की जरूरतों के लिए ऑनलाइन और डिजिटल बैंकिंग सेवाएं हमेशा की तरह 24 घंटे एक्टिव रहेंगी:

UPI और नेट बैंकिंग: गूगल पे, फोनपे, पेटीएम या नेट बैंकिंग के जरिए पैसों का ट्रांसफर सामान्य रूप से होगा।

ATM सेवाएं: नकदी निकालने या जमा करने के लिए एटीएम मशीनें पूरी तरह काम करेंगी।

IMPS/NEFT/RTGS: ऑनलाइन माध्यम से फंड ट्रांसफर करने में कोई रुकावट नहीं आएगी।



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Wednesday, May 20, 2026

PF निकालना होगा सुपरफास्ट! अब UPI से मिनटों में खाते में आएगा पैसा, EPFO ने पूरा किया टेस्ट

अगर आप EPFO के सदस्य हैं, तो आपके लिए बड़ी खुशखबरी है। अब PF का पैसा निकालने के लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। जल्द ही EPFO सदस्य UPI के जरिए सीधे अपने बैंक खाते में PF ट्रांसफर कर सकेंगे। सरकार ने इस नई सर्विस की टेस्टिंग पूरी कर ली है और लॉन्च की तैयारी चल रही है। इससे करोड़ों कर्मचारियों को PF निकालने की प्रक्रिया पहले से कहीं ज्यादा आसान और तेज मिलेगी।

UPI से कैसे निकलेगा PF का पैसा?

श्रम मंत्री मनसुख मांडविया के मुताबिक EPFO लगातार अपनी सर्विस को बेहतर बनाने पर काम कर रहा है। नया सिस्टम लागू होने के बाद सदस्य अपने EPF खाते से पात्र रकम सीधे UPI के जरिए बैंक खाते में ट्रांसफर कर सकेंगे। इसके लिए सदस्य को अपने UPI लिंक्ड बैंक खाते का इस्तेमाल करना होगा। EPFO रिकॉर्ड से जुड़े खाते में पैसा भेजने के लिए यूजर को UPI PIN डालकर ट्रांजैक्शन को सुरक्षित तरीके से पूरा करना होगा।

कितना पैसा निकाल सकेंगे सदस्य?

सरकार ऐसा सिस्टम तैयार कर रही है, जिसमें PF खाते का एक हिस्सा लॉक रहेगा, जबकि बाकी पात्र रकम तुरंत निकाली जा सकेगी। इसका मकसद यह तय करना है कि कर्मचारियों के रिटायरमेंट के लिए कुछ बचत सुरक्षित रहे।

EPFO के मुताबिक बार-बार PF निकालने की वजह से कई कर्मचारियों के खातों में रिटायरमेंट के समय बहुत कम रकम बच रही थी। आंकड़ों के अनुसार करीब 50% सदस्यों के खाते में फाइनल सेटलमेंट के समय 20 हजार रुपये से कम बैलेंस बचता था।

पैसा ट्रांसफर होते ही कर सकेंगे इस्तेमाल

नई सर्विस का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि पैसा खाते में आते ही उसका इस्तेमाल किया जा सकेगा। सदस्य डिजिटल पेमेंट, बैंक ट्रांसफर या डेबिट कार्ड के जरिए ATM से कैश निकाल सकेंगे।

अभी कैसे होता है PF निकासी का प्रोसेस?

फिलहाल PF निकालने के लिए सदस्यों को क्लेम फाइल करना पड़ता है। इसके बाद एप्लिकेशन की जांच होती है और फिर पैसा ट्रांसफर किया जाता है। हालांकि, EPFO ने ऑटो-सेटलमेंट सिस्टम शुरू किया है, जिसके तहत पात्र दावों का निपटारा बिना मैन्युअल हस्तक्षेप के तीन दिन के अंदर किया जाता है।

ऑटो-सेटलमेंट की लिमिट बढ़ी

EPFO ने ऑटो-सेटलमेंट की लिमिट 1 लाख रुपये से बढ़ाकर 5 लाख रुपये कर दी है। इससे सदस्य मेडिकल इमरजेंसी, बच्चों की पढ़ाई, शादी या घर खरीदने जैसे जरूरी कामों के लिए जल्दी पैसा निकाल सकते हैं।

PF निकासी के नियम क्या हैं?

अब PF निकासी के लिए पात्रता पीरियड को एक समान 12 महीने कर दिया गया है। पहले अलग-अलग मामलों में यह पीरियड 7 साल तक था। बेरोजगारी की स्थिति में सदस्य तुरंत 75% PF बैलेंस निकाल सकते हैं। बाकी 25% रकम एक साल बाद निकाली जा सकती है। वहीं, 55 साल की उम्र में रिटायरमेंट, स्थायी विकलांगता, नौकरी छूटने, स्वैच्छिक रिटायरमेंट या हमेशा के लिए विदेश जाने की स्थिति में पूरा PF निकाला जा सकता है। हालांकि, EPFO ने साफ किया है कि इन बदलावों का असर पेंशन पात्रता पर नहीं पड़ेगा और 58 साल की उम्र में पेंशन के मौजूदा नियम जारी रहेंगे।

WhatsApp पर आएगा EPFO! अब सिर्फ Hello भेजकर मिलेंगी PF से जुड़ी सर्विस



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Tuesday, May 19, 2026

Jyeshtha Adhik Purnima 2026: ज्येष्ठ अधिक पूर्णिमा की तारीख को लेकर हो रहा कंफ्यूजन यहां तुरंत दूर करें, आइए जानें कब होगी ये दुर्लभ पूर्णिमा

Jyeshtha Adhik Purnima 2026: हिंदू धर्म में पूर्णिमा तिथि का विशेष स्थान है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार पूर्णिमा तिथि माता लक्ष्मी को समर्पित होती है1 माना जाता है कि इस दिन स्वयं मां लक्ष्मी शाम के समय अपने भक्तों का हाल जानने के लिए पृथ्वी पर भ्रमण करती हैं। यह दिन चंद्र दोष शांति के लिए भी अहम माना जाता है। इस दिन चंद्रमा अपनी 16 कलाओं से युक्त, पूरे आकार और तेज में होते हैं, इसलिए इस दिन उन्हें अर्घ्य जरूर अर्पित करना चाहिए। माना जाता है कि ऐसा करने से कुंडली में चंद्र दोष शांत होता है। चंद्रमा को ज्येतिष में मन और स्त्री तत्व का कारक माना जाता है।

इस साल ज्येष्ठ पूर्णिमा पर अत्यंत दुर्लभ संयोग बन रहा है। यह पूर्णिमा सामान्य पूर्णिमा तिथियों से भन्न है। इस साल ज्येष्ठ माह में अधिक मास लग रहा है। इसकी शुरुआत 17 मई से हो चुकी है और ये 15 जून तक चलेगा। इस हिसाब से अब जो पूर्णिमा तिथि आएगी, वो ज्येष्ठ अधिक मास की पूर्णिमा होगी। उज्जैन के आचार्य आनंद भारद्वाज ने लोकल 18 को बताया कि यह तिथि साल की सबसे शुभ तिथियों में मानी जाती है। कहा जाता है कि इस दिन भगवान चंद्र अपनी सोलहों कलाओं से पूर्ण रूप में विराजमान होते हैं। इस दिन पवित्र स्नान, दान-पुण्य और पूजा-अर्चना करने से विशेष फल की प्राप्ति होती है और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। लेकिन इस बार ज्येष्ठ पूर्णिमा की तिथि को लेकर लोगों के बीच थोड़ी भ्रम की स्थिति बनी हुई है।

ज्येष्ठ पूर्णिमा की सही तारीख

पंचांग के अनुसार ज्येष्ठ अधिक मास की पूर्णिमा तिथि 30 मई 2026, शनिवार सुबह 11:57 बजे प्रारंभ होकर अगले दिन 31 मई 2026, रविवार को दोपहर 02:14 बजे तक रहेगी। ऐसे में ज्येष्ठ अधिक पूर्णिमा का व्रत जहां 30 मई 2026, शनिवार के दिन रखा जाएगा, वहीं स्नान-दान की पूर्णिमा 31 मई 2026, रविवार के दिन रहेगी। ज्येष्ठ अधिक पूर्णिमा के दिन चंद्रोदय शाम के समय 07:36 बजे होगा।

ज्येष्ठ पूर्णिमा का धार्मिक महत्व

ज्येष्ठ माह की पूर्णिमा का विशेष धार्मिक महत्व है। इस पावन दिन स्नान-दान करने से पुण्य की प्राप्ति होती है और पापों का नाश होता है। मान्यता है कि पवित्र नदी में स्नान के बाद पितरों के लिए तर्पण, पिंडदान और श्राद्ध करने से पितृ दोष दूर होता है।

ज्येष्ठ अधिक माह पूर्णिमा पूजा विधि

  • प्रातःकाल स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
  • यदि संभव हो तो किसी पवित्र नदी में स्नान करना अत्यंत शुभ माना जाता है।
  • घर और पूजा स्थल को साफ करके गंगाजल का छिड़काव करें।
  • इसके बाद चौकी पर लाल वस्त्र बिछाकर भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की प्रतिमा स्थापित करें।
  • धूप, दीप, पुष्प, नैवेद्य अर्पित करें और घी का दीपक जलाएं।
  • पूजा के दौरान कथा और विष्णु चालीसा का पाठ करें।
  • फल-मिठाई का भोग लगाकर जरूरतमंदों को दान दें।
  • इस दिन विवाद व तामसिक भोजन से दूर रहें।

3rd Bada Mangal: दुख और दरिद्रता से मुक्ति के लिए ज्येष्ठ माह के तीसरे बड़े मंगल पर आज इस तरह करें हनुमान जी की पूजा



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Monday, May 18, 2026

Commodity Market: कॉटन की कीमतों में दबाव, 2 साल की ऊंचाई से फिसला भाव, जानें अन्य कमोडिटी का क्या है हाल

Commodity Market: इंटरनेशनल मार्केट में कॉटन की कीमतों में दबाव दिख रहा है। भाव 2 सालों की ऊंचाई से फिसल गए हैं। कॉटन का भाव $88 से फिसलकर $82 के नीचे आया। अप्रैल 2024 के बाद भाव $88 के पार गए थे। इंटरनेशनल मार्केट में कॉटन की कीमतों पर नजर डालें तो 1 हफ्ते में 7 फीसदी टूटा। जबकि 1 महीने में इसमें 2 फीसदी की तेजी आई। वहीं इस साल अब तक कॉटन का भाव 27 फीसदी चढ़ा है। जबकि 1 साल में इसमें 24 फीसदी की तेजी आई।

USDA की गुरुवार की एक्सपोर्ट सेल्स रिपोर्ट के मुताबिक, US एक्सपोर्ट बिजनेस अब 10.863 मिलियन RB पर है, जो USDA के अनुमान का 97% है और 105% की औसत बिक्री की रफ्तार से पीछे है। एक्सपोर्ट शिपमेंट USDA के अनुमान का 71% है और 73% की औसत रफ्तार से पीछे है।

ग्वार में रफ्तार?

वहीं NCDEX पर ग्वार पैक में तेजी है। 11200 के पार ग्वार गम का भाव निकला। जबकि ग्वार सीड का भाव 5700 के पार निकला। कीमतों में लगातार दूसरे हफ्ते तेजी देखने को मिल रही है। बाजार में खरीद बढ़ने से तेजी आई। मजबूत मांग से भी सपोर्ट मिल रहा।

क्रूड में उबाल बरकरार

इंटरनेशनल मार्केट में क्रूड में उबाल बरकरार है। ब्रेंट का भाव 111 डॉलर के पार निकला है। MCX पर भी दाम `9800 के ऊपर निकला है। एक दिन में 2% से ज्यादा की तेजी आई। US-ईरान में तनाव बढ़ने से दाम चढ़ें। ट्रंप के बयान से कीमतों में उछाल आया।

बता दें कि डॉनल्ड ट्रंप ने ईरान को फिर चेतावनी दी। ईरान के लिए वक्त तेजी से निकल रहा है। ईरान को बहुत जल्द कदम उठाने होंगे। तेजी नहीं दिखाई, तो उसके लिए कुछ भी नहीं बचेगा। फैसला लेने का वक्त बहुत कम बचा है।

ट्रंप ने जेडी वेंस, स्टीव विटकॉफ के साथ बैठक की। मार्को रुबियो, जॉन रैटक्लिफ भी मौजूद रहे। ईरान युद्ध पर चर्चा के लिए बैठक बुलाई थी। कल राष्ट्रीय सुरक्षा टीम के साथ बैठक संभव है।

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(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।



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Sunday, May 17, 2026

Toxic: यश की 'टॉक्सिक' फिर हुई पोस्टपोन, फैंस की नाराजगी पर अभिनेता बोले– 'मुझे अपने लोगों पर पूरा भरोसा है'

साउथ सिनेमा के रॉकिंग स्टार यश के फैंस उनकी अगली पैन-इंडिया फिल्म 'टॉक्सिक' (Toxic: A Fairytale for Grown-Ups) का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। लेकिन इस बीच फिल्म के टलने की खबरों ने प्रशंसकों को थोड़ा मायूस कर दिया है। फिल्म पहले इस साल 4 जून को सिनेमाघरों में दस्तक देने वाली थी, लेकिन अब मेकर्स ने इसे आगे बढ़ा दिया है। यह दूसरी बार है जब फिल्म की रिलीज डेट को पोस्टपोन किया गया है। लगातार हो रही इस देरी पर अब खुद अभिनेता यश ने अपनी चुप्पी तोड़ी है और इसके पीछे की एक बड़ी वजह साझा की है।

फैंस की नाराजगी को लेकर क्या बोले यश?

'वैरायटी इंडिया' को दिए एक इंटरव्यू में यश ने माना कि बार-बार फिल्म की तारीख आगे बढ़ने से उनके चाहने वाले जरूर परेशान होंगे। उन्होंने कहा: "इस वक्त मैंने अपना पूरा समय लेने और फिल्म को सही तरीके से रिलीज करने का फैसला किया है। यह एक ऐसी बात है जो शायद मेरे फैंस या भारत के दर्शकों को पसंद न आए। वे यकीनन थोड़े परेशान होंगे, क्योंकि हमारे यहां संस्कृति ऐसी है कि जैसे ही फिल्म की शूटिंग शुरू होती है, लोगों के दिमाग में एक टाइमलाइन बन जाती है। कभी-कभी न चाहते हुए भी मार्केटिंग और चर्चाएं शुरू हो जाती हैं।"

यश ने आगे समझाया कि पश्चिमी देशों (West) में काम करने का तरीका थोड़ा अलग है। वहां फिल्म पूरी होने के बाद बाकी की चीजें शुरू होती हैं। जब बड़े बजट की फिल्में बनती हैं और कोई उसे खरीदना चाहता है या उसका हिस्सा बनना चाहता है, तो वे पहले पूरी फिल्म देखना पसंद करते हैं। यश ने कहा कि यह उनके लिए एक चुनौती जरूर है, लेकिन उन्हें अपने दर्शकों और फैंस पर पूरा भरोसा है कि वे इस फैसले के पीछे की बड़ी तस्वीर को समझेंगे।

सह-कलाकार तारा सुतारिया ने भी किया फैसले का समर्थन

फिल्म में अहम भूमिका निभा रहीं एक्ट्रेस तारा सुतारिया ने भी इस देरी पर अपने विचार साझा किए। उन्होंने 'द हॉलीवुड रिपोर्टर इंडिया' से बातचीत में कहा कि वह बहुत धैर्यवान हैं और इसे एक बड़े नजरिए से देखती हैं। तारा के मुताबिक, एक एक्टर के तौर पर फिल्म सिर्फ आपकी नहीं होती, बल्कि उन सभी की होती है जिन्होंने इसे बनाया है। उन्होंने कहा कि प्रोड्यूसर्स और डायरेक्टर्स के पास तारीखें आगे बढ़ाने की जायज वजहें होती हैं और यह इंतजार बेकार नहीं जाएगा। यह देरी फिल्म को वैश्विक स्तर (Global Reach) पर एक बड़ा मंच देने में मदद करेगी।

क्यों टाली गई फिल्म की रिलीज?

यह फिल्म पहले 19 मार्च को रिलीज होने वाली थी, जहां बॉक्स ऑफिस पर इसका मुकाबला रणवीर सिंह की फिल्म 'धुरंधर 2' से होना था। लेकिन मिडिल ईस्ट (इरान-इजराइल संघर्ष) के हालातों की वजह से इसे आगे बढ़ाकर 4 जून किया गया था। अब दूसरी बार इसे पोस्टपोन करने की वजह फिल्म के ग्लोबल डिस्ट्रीब्यूशन और रणनीतिक साझेदारियों को मजबूत करना है। मेकर्स चाहते हैं कि सिनेमाकॉन में मिले शानदार वैश्विक रिस्पॉन्स के बाद इस फिल्म को दुनिया भर में पूरी क्षमता के साथ रिलीज किया जाए।



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Saturday, May 16, 2026

UPSC Prelims Admit Card 2026 OUT: आधिकारिक वेबसाइट से डाउनलोड करें अपना हॉल टिकट, 24 मई को है प्री परीक्षा

UPSC Prelims Admit Card 2026: संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) द्वारा आयोजित 2026 सिविल सर्विसेज परीक्षा (CSE) के लिए आवेदन करने वाले उम्मीदवार प्रीलिम्स परीक्षा के लिए एडमिट कार्ड का इंतजार कर रहे हैं। आयोग ने इन उम्मीदवारों की चिंता का समाधान करते हुए यूपीएससी सीएसई 2026 प्री का एडमिट कार्ड आधिकारिक वेबसाइट पर जारी कर दिया है। परीक्षा के लिए आवेदन करने वाले उम्मीदवार अपने क्रेडेंशियल का उपयोग कर हॉल टिकट डाउनलोड कर सकते हैं। इस साल, UPSC ने सीएसई 2026 के जरिए 933 वैकेंसी की घोषणा की है।

यूपीएससी सीएसई 2026 प्री 24 मई 2026 को पूरे देश में निर्धारित परीक्षा केंद्रों पर आयोजित की जाएगी। इस परीक्षा में बैठेंगे, वो आयोग की ऑफिशियल वेबसाइट upsc.gov.in से अपना एडमिट कार्ड डाउनलोड कर सकते हैं यूपीएससी सीएसई प्रीलिम्स एडमिट कार्ड आयोग की ऑफिशियल वेबसाइट्स पर उपलब्ध है. आप नीचे दी गई किसी भी वेबसाइट पर जाकर इसे चेक कर सकते हैं:

upsc.gov.in

upsconline.gov.in

upsconline.nic.in

एडमिट कार्ड कैसे डाउनलोड करें?

  • UPSC की ऑफिशियल वेबसाइट upsc.gov.in पर जाएं।
  • होमपेज पर, "What's New" सेक्शन को चेक करें और "e-Admit Card: Civil Services (Preliminary) Examination, 2026" वाले लिंक पर क्लिक करें।
  • आपको UPSC एप्लीकेशन पोर्टल पर रीडायरेक्ट किया जाएगा।
  • यहां मोबाइल नंबर, रजिस्टर्ड ईमेल ID और URN नंबर की मदद से लॉग इन कर सकते हैं।
  • एडमिट कार्ड आपके सामने आ जाएगा।
  • हॉल टिकट डाउनलोड करें और आगे इस्तेमाल के लिए एक क्लियर प्रिंटआउट ले लें।

यूपीएससी एडमिट कार्ड में चेक करें ये 8 जरूरी चीजें

यूपीएससी सीएसई 2026 प्रवेश पत्र में यहां बताई जा रही हर जानकारी को ध्यान से मिला लें. अगर कोई गड़बड़ी हो तो तुरंत आयोग से संपर्क करें:

  • नाम और स्पेलिंग
  • रोल नंबर
  • परीक्षा की तारीख (24 मई 2026)
  • एग्जाम की शिफ्ट
  • सेंटर कोड और एग्जाम सेंटर का पूरा पता
  • विषय
  • जरूरी गाइडलाइंस

यूपीएससी सीएसई 2026 प्री परीक्षा समय

यूपीएससी सीएसई 2026 प्री परीक्षा 24 मई, रविवार को दो शिफ्ट में आयोजित की जाएगी। परीक्षा शुरू होने से ठीक 30 मिनट पहले एंट्री गेट बंद कर दिए जाएंगे। इसलिए पर्याप्त समय लेकर निकलें।

पहली शिफ्ट : यह पेपर सुबह 9.30 बजे से शुरू होगा, इसलिए सुबह 9 बजे के बाद किसी को एंट्री नहीं मिलेगी।

दूसरी शिफ्ट : यह पेपर दोपहर 2.30 बजे से शुरू होगा, जिसके लिए दोपहर 2 बजे गेट बंद कर दिए जाएंगे।

परीक्षा हॉल में ये चीजें रहेंगी बैन

यूपीएससी सीएसई 2026 प्री के एग्जाम हॉल के अंदर मोबाइल फोन, स्मार्ट वॉच, कोई भी इलेक्ट्रॉनिक गैजेट, कैलकुलेटर या ब्लूटूथ डिवाइस न ले जाएं, वरना आपको परीक्षा से डिबार (वंचित) किया जा सकता है।

यूपीएससी सीएसई 2026 परीक्षा नियमों में हुआ है ये बदलाव

यूपीएससी ने इस बार सिविल सेवा परीक्षा नियमों में बदलाव लागू किए हैं। इनके तहत अब पहले से ही अच्छे पदों पर नियुक्त उम्मीदवार बेहतर की लालच में यूपीएससी सीएसई नहीं दे पाएंगे।

अगर प्री और मुख्य परीक्षा के बीच किसी कैंडिडेट की नियुक्ति आईएएस या आईपीएस पद पर हो जाती है तो वो मेंस एग्जाम नहीं दे पाएगा।

UP School education recruitment: इन स्कूलों में जल्द की जाएगी 23,000 से ज्यादा शिक्षक पदों पर भर्ती, आधिकारिक पोर्टल पर जल्द जारी होगा भर्ती का नोटिस



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Friday, May 15, 2026

Muthoot Finance Share: मुथूट फाइनेंस का शेयर 6% क्रैश, क्या अभी खरीदने पर होगी मोटी कमाई?

Muthoot Finance Share: मुथूट फाइनेंस के मार्च तिमाही के नतीजे अच्छे हैं। इस दौरान लोन ग्रोथ अच्छी रही। इंटरेस्ट मार्जिन में भी इम्प्रूवमेंट दिखा। हालांकि, एसेट क्वालिटी में थोड़ी गिरावट दिखी। लेकिन, कंपनी की पूरी लोन बुक कोलैटराइज्ड है, जिससे चिंता की बात नहीं है। कंपनी का 91 फीसदी एसेट्स गोल्ड लोन से आता है। इसका मतलब है कि गोल्ड के आउटलुक का असर कंपनी के बिजनेस पर पड़ता है।

गोल्ड लोन बिजनेस के लिए अच्छी संभावनाएं

भारत में घर में सोना रखने का चलन है। इसका मतलब है कि मुथूट फाइनेंस जैसी कंपनियों के लिए कारोबार की अच्छी संभावनाएं बनी रहेंगी। गोल्ड की कीमतों में जल्द बड़ी गिरावट आने की उम्मीद नहीं है। कंपनी की दो सब्सिडियरी हैं। इनमें मुथूट मनी और एनबीएफसी एमएफआई बेलस्टार शामिल हैं। मुथूट मनी में उसकी 100 फीसदी हिस्सेदारी है, जबकि बेलस्टार में 66.13 फीसदी हिस्सेदारी है। ग्रुप की कंसॉलिडेटेड गोल्ड लोन बुक मार्च के अंत में 1,65,030 करोड़ रुपये की थी।

कंपनी ने 15 फीसदी लोन ग्रोथ का गाइडेंस दिया

मुथूट फाइनेंस का स्टैंडएलोन एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) साल दर साल आधार पर 50 फीसदी बढ़ा है। इसमें गोल्ड की कीमतों में इजाफा का हाथ है। मार्च तिमाही में कंपनी के कस्टमर बेस में हल्की कमी आई है। कंपनी के मैनेजमेंट का कहना है कि यह गोल्ड बिजनेस में बढ़ती प्रतिस्पर्धा का असर हो सकता है। कंपनी ने FY27 के लिए 15 फीसदी लोन ग्रोथ का गाइडेंस दिया है।

मुथूट का एलटीवी रेशियो 57 फीसदी 

गोल्ड लोन बिजनेस की ग्रोथ में सोने की कीमतों में तेजी का हाथ है। सोना महंगा होने से ग्राहक को अपने सोने पर ज्यादा लोन मिलता है। इसके अलावा अनसेक्योर्ड लोन पर आरबीआई की सख्ती से गोल्ड लोन की डिमांड बढ़ी है। मुथूट फाइनेंस का लोन-टू-वैल्यू (LTV) रेशियो 57 फीसदी है, जो काफी कंफर्टेबल है।

गोल्ड लोन बिजनेस के लिए नई गाइडलाइंस लागू

गोल्ड लोन बिजनेस में बढ़ती प्रतियोगिता के बावजूद मुथूट फाइनेंस अपनी लेंडिंग यील्ड बढ़ाने में सफल रही है। कंपनी को लेंडिंग यील्ड 18-19 फीसदी के बीच रहने की उम्मीद है। आरबीआई की गोल्ड लोन की नई गाइडलाइंस इस साल 1 अप्रैल से लागू हो गई है। इसमें ग्राहक की सुरक्षा बढ़ाने के कई उपाय किए गए हैं। छोटे अमाउंट के लोन पर एलटीवी बढ़ाई गई है।

यह भी पढ़ें: Rupee At Record Low: रुपया पहली बार डॉलर के मुकाबले गिरकर 96.05 पर पहुंचा

लंबी अवधि में शेयर का प्रदर्शन अच्छा रह सकता है

मुथूट फाइनेंस का शेयर 15 मई को 6.29 फीसदी गिरकर 3,309 रुपये पर बंद हुआ। इस साल यह शेयर करीब 14 फीसदी गिरा है। लेकिन, बीते एक साल में यह 57 फीसदी से ज्यादा चढ़ा है। इस दौरान दूसरी गोल्ड लोन कंपनियों के शेयरों में भी जबर्दस्त तेजी आई है। आगे गोल्ड की कीमतों में गिरावट के आसार नहीं हैं। इसका मतलब है कि मुथूट फाइनेंस जैसी कंपनियों की अच्छी ग्रोथ जारी रह सकती है। लंबी अवधि में शेयर का प्रदर्शन अच्छा रह सकता है।



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Thursday, May 14, 2026

Work From Home in Delhi: वर्क फ्रॉम होम पर दिल्ली सरकार का बड़ा ऐलान, अब हफ्ते में इतने दिन करना होगा घर से काम

Delhi Work From Home: मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध और तेल संकट के बीच दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने आज राजधानी के लिए कई सख्त फैसलों का ऐलान किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा देशवासियों से ईंधन बचाने की अपील के बाद, दिल्ली सरकार ने सरकारी और निजी क्षेत्र के लिए नए नियम जारी किए हैं। इन उपायों का मुख्य उद्देश्य पेट्रोल-डीजल की खपत कम करना और देश की ऊर्जा सुरक्षा में योगदान देना है।

हफ्ते में 2 दिन 'वर्क फ्रॉम होम' अनिवार्य

मुख्यमंत्री ने घोषणा की है कि सभी दिल्ली सरकारी कर्मचारियों के लिए हफ्ते में दो दिन वर्क फ्रॉम होम (WFH) अनिवार्य होगा। सीएम रेखा गुप्ता ने निजी कंपनियों से भी अपील की है कि वे अपनी सुविधा के अनुसार हफ्ते के कोई भी दो दिन रिमोट वर्किंग के लिए चुनें। श्रम विभाग इस व्यवस्था के कार्यान्वयन पर कड़ी नजर रखेगा ताकि सड़कों पर वाहनों की संख्या कम की जा सके।

'मेट्रो मंडे' और ऑफिस के समय में बदलाव

ईंधन बचाने के लिए सरकार ने सोमवार को 'मेट्रो मंडे' के रूप में मनाने का फैसला किया है। इसके तहत सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों को पब्लिक ट्रांसपोर्ट इस्तेमाल करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। साथ ही ऑफिस के समय में भी बदलाव किया गया है:

दिल्ली सरकार के ऑफिस: सुबह 10:30 बजे से शाम 7:00 बजे तक।

MCD ऑफिस: सुबह 8:30 बजे से शाम 5:00 बजे तक।

यह बदलाव इसलिए किया गया है ताकि पीक ऑवर्स में भीड़ और ट्रैफिक जाम से बचा जा सके।

मंत्रियों और अफसरों पर खर्च में कटौती

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने खुद उदाहरण पेश करते हुए सरकारी खर्चों में भारी कटौती का एलान किया है। अगले एक साल तक दिल्ली का कोई भी मंत्री या अधिकारी आधिकारिक विदेशी दौरे पर नहीं जाएगा। कल से सभी अधिकारियों के पेट्रोल भत्ते में 20 प्रतिशत की कटौती की जाएगी। अगले तीन महीनों के लिए सभी बड़े सरकारी कार्यक्रमों को रद्द कर दिया गया है। मंत्रियों ने अपने काफिले की गाड़ियों की संख्या कम कर दी है और अब वे कारपूलिंग या इलेक्ट्रिक वाहनों को प्राथमिकता देंगे।

PWD और जल बोर्ड के लिए 'नो कार डे'

पीडब्ल्यूडी, दिल्ली जल बोर्ड और सिंचाई विभाग जैसे महत्वपूर्ण विभागों को निर्देश दिए गए हैं कि वे वर्चुअल मीटिंग्स को प्राथमिकता दें। साथ ही इन विभागों के लिए हफ्ते में एक दिन 'नो कार डे' मनाया जाएगा, जहां किसी भी आधिकारिक कार्य के लिए निजी या सरकारी कारों का उपयोग नहीं होगा।



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Wednesday, May 13, 2026

गोल्ड पर इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ी, अब रिसाइकल सोना खरीदने में ज्यादा फायदा; समझ लीजिए पूरा हिसाब

सरकार ने सोना, चांदी और दूसरे कीमती धातुओं पर इंपोर्ट ड्यूटी 6 फीसदी से बढ़ाकर 15 फीसदी कर दी है। इसका असर ज्वेलरी बाजार में दिखने लगा है। इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स का कहना है कि इससे गोल्ड ज्वेलरी और गोल्ड कॉइन की बिक्री में तेज गिरावट आ सकती है। लेकिन, पुराने सोने को एक्सचेंज करने का ट्रेंड तेजी से बढ़ सकता है।

दिल्ली के पुराने ज्वेलरी बाजार दरीबा कलां में इसका असर भी दिखने लगा है। मार्केट एसोसिएशन के ट्रेजरर और Radhey Kishan Gopal Kishan Jewellers के मालिक गौरव गुप्ता ने कहा कि पिछले दो दिनों में ज्वेलरी और गोल्ड कॉइन की मांग करीब 25 फीसदी तक घट गई है। उनके मुताबिक इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ने के बाद कीमतों में और तेजी आ सकती है, जिससे मांग पर और दबाव पड़ सकता है।

रिसाइक्लिंग गोल्ड पर कितनी बचत?

सरकार ने गोल्ड इंपोर्ट ड्यूटी 6 फीसदी से बढ़ाकर 15 फीसदी कर दी है। यानी अब विदेश से आने वाला नया सोना पहले के मुकाबले काफी महंगा पड़ेगा। इसका सीधा असर ज्वेलरी की कीमतों पर भी दिख सकता है। एक्सपर्ट्स का अनुमान है कि सिर्फ ड्यूटी बढ़ने की वजह से 10 ग्राम सोना करीब 13,000 से 14,000 रुपये तक महंगा हो सकता है।

अब मान लीजिए अंतरराष्ट्रीय बाजार के हिसाब से 10 ग्राम सोने की बेस कीमत 1.40 लाख रुपये है। पहले 6 फीसदी ड्यूटी लगने पर इसमें करीब 8,400 रुपये जुड़ते थे। लेकिन अब 15 फीसदी ड्यूटी लगने पर करीब 21,000 रुपये जुड़ेंगे। यानी सिर्फ टैक्स बढ़ने की वजह से करीब 12,000 से 13,000 रुपये का अतिरिक्त असर पड़ सकता है। इसके ऊपर GST और मेकिंग चार्ज अलग से लगते हैं।

अब अगर कोई ग्राहक पुराना सोना एक्सचेंज करके नई ज्वेलरी लेता है, तो उसे पूरे नए आयातित गोल्ड का खर्च नहीं उठाना पड़ता। उदाहरण के तौर पर अगर आपके पास 50 ग्राम पुरानी ज्वेलरी है, तो ज्वेलर उसी गोल्ड को पिघलाकर नई डिजाइन बना सकता है। ऐसे में ग्राहक को सिर्फ मेकिंग चार्ज, थोड़ा बहुत वेस्टेज और अगर वजन बढ़ा है तो उतने अतिरिक्त गोल्ड का पैसा देना पड़ता है।

यही वजह है कि रिसाइकल या एक्सचेंज गोल्ड मॉडल में ग्राहक हजारों रुपये बचा सकता है। खासकर मौजूदा समय में, जब गोल्ड पर इंपोर्ट ड्यूटी 15 फीसदी हो चुकी है, तब पुराना सोना एक्सचेंज करना नए सोने की सीधी खरीदारी से काफी किफायती विकल्प बन सकता है।

पुराने सोने का एक्सचेंज बढ़ सकता है

Dhirsons Jewellers के डायरेक्टर राघव धीर ने कहा कि यह बड़ा नीतिगत बदलाव है, जिससे सप्लाई चेन की लागत बढ़ेगी। लेकिन इससे ग्राहकों को यह सोचने का मौका भी मिलेगा कि वे गोल्ड को किस तरह इस्तेमाल करना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि अब ग्राहकों के लिए घर में पड़ा पुराना सोना एक्सचेंज कर नई ज्वेलरी लेना ज्यादा समझदारी वाला विकल्प बन सकता है।

पुणे की PNG Sons के डायरेक्टर और CEO अमित मोडक का कहना है कि नई ड्यूटी ज्वेलर्स के पास मौजूद पुराने स्टॉक और ग्राहकों के पुराने सोने की वैल्यू भी बढ़ जाएगी। ऐसे माहौल में पुराने गोल्ड के एक्सचेंज और रिसाइक्लिंग को बढ़ावा मिल सकता है।

सोना 13,500 रुपये तक महंगा हो सकता है

ऑल इंडिया ज्वेलर्स एंड गोल्डस्मिथ फेडरेशन (AIJGF) के राष्ट्रीय महासचिव नितिन केडिया ने कहा कि नई ड्यूटी के बाद सोना करीब 9 फीसदी महंगा हो सकता है।

उन्होंने अनुमान जताया कि इससे प्रति 10 ग्राम सोने की कीमत में करीब 13,500 रुपये तक की बढ़ोतरी हो सकती है। इसके चलते अप्रैल-जून तिमाही में गोल्ड इंपोर्ट और ज्वेलरी डिमांड दोनों में तेज गिरावट आ सकती है। उन्होंने यह भी कहा कि अब ज्यादा ग्राहक पुराने सोने को बेचकर या एक्सचेंज करके नई ज्वेलरी खरीदने की तरफ बढ़ सकते हैं।

Recycled Gold: गोल्ड नहीं खरीदने की अपील के बीच रिसाइकल गोल्ड पर क्या लगा सकते हैं दांव? इसका कॉन्सेप्ट और कीमत भी जान लीजिए

Disclaimer: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।



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Tuesday, May 12, 2026

साउथ दिल्ली में 2500 स्क्वॉयर फीट के फ्लैट की कीमत आपके होश उड़ा देगी, 3 महीने में ही प्रॉपर्टी कीमत में 32% तक इजाफा

South Delhi property prices: दक्षिण दिल्ली का लग्जरी हाउसिंग मार्केट 2026 की पहली तिमाही में भी मजबूत बना रहा। अमीर खरीदारों की लगातार मांग के चलते यहां लग्जरी बिल्डर फ्लोर की कीमतों में तेज बढ़ोतरी देखने को मिली है।

रियल एस्टेट फोकस्ड अल्टरनेटिव इनवेस्टमेंट फंड यानी AIF ‘Golden Growth Fund’ के डेटा के मुताबिक जनवरी से मार्च 2026 के दौरान दक्षिण दिल्ली के लग्जरी बिल्डर फ्लोर की कीमतों में 32 फीसदी तक उछाल आया।

कैटेगरी B कॉलोनियों ने मारी बाजी

दिलचस्प बात यह रही कि कीमतों में बढ़ोतरी के मामले में Category B कॉलोनियों ने Category A कॉलोनियों को पीछे छोड़ दिया। डेटा के मुताबिक Category B कॉलोनियों में कीमतें 23 फीसदी से 32 फीसदी तक बढ़ीं। वहीं Category A कॉलोनियों में यह बढ़त 14 फीसदी से 22 फीसदी के बीच रही।

हालांकि कीमतों की बात करें तो Category A कॉलोनियां अब भी ज्यादा महंगी बनी हुई हैं। यहां लग्जरी फ्लोर की कीमतें 14 करोड़ रुपये से लेकर 55 करोड़ रुपये तक पहुंच रही हैं। वहीं Category B कॉलोनियों में प्रॉपर्टी की कीमत 9 करोड़ रुपये से 19 करोड़ रुपये के बीच है।

आखिर क्यों बढ़ रही हैं कीमतें

मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि दक्षिण दिल्ली में HNI यानी हाई नेटवर्थ इंडिविजुअल्स की मांग लगातार मजबूत बनी हुई है। वहीं प्रीमियम इंडिपेंडेंट फ्लोर की सप्लाई सीमित है।

इसके अलावा दक्षिण दिल्ली का मजबूत सोशल इंफ्रास्ट्रक्चर, बेहतर लोकेशन और स्थापित लग्जरी मार्केट भी कीमतों को सपोर्ट कर रहा है। यही वजह है कि देश के दूसरे कई प्रॉपर्टी बाजारों में सुस्ती के बावजूद यहां तेजी बनी हुई है।

दूसरे इलाकों से भी आ रहे खरीदार

Golden Growth Fund के CEO अंकुर जालान का कहना है कि दक्षिण दिल्ली एक जैसा बाजार नहीं है। अलग अलग कॉलोनियों और माइक्रो मार्केट्स में कीमतों में काफी अंतर देखने को मिलता है।

उन्होंने कहा कि दिल्ली के दूसरे हिस्सों से भी अब खरीदार दक्षिण दिल्ली की तरफ शिफ्ट हो रहे हैं। मजबूत मांग और सीमित सप्लाई के चलते आने वाले समय में भी कीमतों में मजबूती बनी रह सकती है। जालान के मुताबिक अगर NCR के बाकी हिस्सों में सुस्ती बढ़ती है, तो दक्षिण दिल्ली के प्रीमियम प्रॉपर्टी मार्केट को इसका और फायदा मिल सकता है।

कौन सी कॉलोनियां हैं सबसे महंगी

दिल्ली नगर निगम यानी MCD ने राजधानी की कॉलोनियों को A से लेकर H तक कुल 8 कैटेगरी में बांटा हुआ है। प्रॉपर्टी टैक्स, सर्किल रेट और स्टांप ड्यूटी इन्हीं कैटेगरी के आधार पर तय होती है।

Category A कॉलोनियों में गोल्फ लिंक्स, पंचशील पार्क, वसंत विहार, चाणक्यपुरी, जोर बाग, सुंदर नगर और महारानी बाग जैसी पॉश लोकेशन शामिल हैं।

वहीं Category B कॉलोनियों में ग्रेटर कैलाश, डिफेंस कॉलोनी, ग्रीन पार्क, गुलमोहर पार्क, सफदरजंग एंक्लेव और कैलाश कॉलोनी जैसी लोकेशन आती हैं।

कितनी पहुंच गई हैं कीमतें

डेटा के मुताबिक Category A कॉलोनियों में 2500 वर्गफुट के फ्लोर की कीमत 14 करोड़ रुपये से 25 करोड़ रुपये के बीच पहुंच चुकी है। इनमें औसतन 22 फीसदी सालाना बढ़त दर्ज की गई। वहीं 6000 वर्गफुट के फ्लोर की कीमत 25 करोड़ रुपये से 55 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है, जिसमें 14 फीसदी की बढ़त हुई।

Category B कॉलोनियों में 2500 वर्गफुट के फ्लोर की कीमत 9 करोड़ रुपये से 12.5 करोड़ रुपये के बीच रही और इनमें 23 फीसदी सालाना तेजी आई।

इसी तरह 3200 वर्गफुट के फ्लोर की कीमत 14 करोड़ रुपये से 19 करोड़ रुपये तक पहुंच गई, जहां 32 फीसदी तक की बढ़त दर्ज की गई।

6.5 लाख करोड़ का बड़ा मौका

रिपोर्ट के मुताबिक दक्षिण दिल्ली की 42 Category A और B कॉलोनियों में करीब 18,500 प्लॉट मौजूद हैं। इन कॉलोनियों का कुल रीडेवलपमेंट पोटेंशियल लगभग 6.5 लाख करोड़ रुपये आंका गया है। इसे रियल एस्टेट डेवलपर्स के लिए बड़ा अवसर माना जा रहा है।

पश्चिम एशिया तनाव का भी असर

अंकुर जालान का कहना है कि पश्चिम एशिया में जारी तनाव फिलहाल वैश्विक स्तर पर अनिश्चितता जरूर पैदा कर रहा है। लेकिन मध्यम अवधि में दक्षिण दिल्ली जैसे प्रीमियम रियल एस्टेट बाजार को इसका फायदा मिल सकता है। उनके मुताबिक अमीर भारतीय परिवार और NRI निवेशक सुरक्षित और स्थापित लग्जरी मार्केट्स में निवेश बढ़ा सकते हैं।

Mutual Funds Investment: अनिश्चितता का माहौल... अब म्यूचुअल फंड में कैसे करें निवेश? जानिए एक्सपर्ट से



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Monday, May 11, 2026

Stock Market Analysis : बाजार में किसी बड़े करेक्शन की आशंका नहीं है, ज्वेलरी शेयरों में पोजीशन करें हल्की

Stock Market Analysis : मार्केट आउटलुक पर चर्चा करते हुए एलिक्सिर इक्विटीज़ (Elixir Equities) के डायरेक्टर दीपन मेहता ने कहा कि आज गिरावट को छोड़ दें तो अब तक सभी ज्वेलरी स्टॉक्स में काफी अच्छा करंट देखने को मिला है। पिछले कुछ क्वार्टर्स से इनके नतीजे भी बहुत ही बढ़िया आ रहे हैं। गोल्ड के भाव में तेजी देखने को मिली है।। इनको हायर मेकिंग चार्जेस का फायदा भी मिला है। गोल्ड और गोल्ड ज्वेलरी ओनरशिप के इन्वेस्टमेंट के अच्छा विकल्प बनने का भी इनको फायदा मिला है। लेकिन अब ऐसा लग रहा है गोल्ड के भाव और इसकी खरीदारी अपने पीक पर पहुंच चुकी है। ऐसे में इन लेवल्स इनके वैल्यू्एशन काफी महंगे दिख रहे हैं। ऐसे में ज्वेलरी शेयरों का रिस्क रिटर्न प्रोफाइल अच्छा नहीं दिख रहा। इनमें बेस इफेक्ट भी आ जाएगा और शायद इनके लिए अगली तिमाहियां इतनी बढ़िया नहीं होंगी। वैसे भी हर तिमाही में 40-50% ग्रोथ मुमकिन नहीं। इसलिए में अब ज्वेरली शेयरों को लेकर सेंटीमेंट थोड़ा थोड़ा नेगेटिव हो सकता है।

दीपन मेहता ने इस बातचीत में आगे कहा कि हालांकि टाइटन में और बाकी कुछ ज्वेलरी स्टॉक्स में उनका निवेश है लेकिन इस समय ज्वेलरी इंडस्ट्री में थोड़ा हल्का हो जाना चाहिए। उन्होनें यह भी बताया कि स्काई गोल्ड में भी उनका एक्सपोजर है।

बैंक शेयरों पर बात करते हुए दीपन मेहता ने कहा कि बैंकिंग इंडस्ट्री इस समय एक रेड ओशन बन चुकी है। पीएसयू बैंक अब तक स्लो ग्रोथ में थे। बैलेंस शीट की वजह से लेंडिंग के मामले में ये इतने एग्रेसिव नहीं थे। लेकिन अब ये भी मार्केट में आ गए हैं। इनका एक कॉमन ट्रेंड यह है कि जो बड़े बैंक हैं उनका बैलेंस शीट बहुत ही बड़ा है। इसमें एसबीआई, HDFC बैंक, ICICI बैंक Axis बैंक और इंडसइंड बैंक शामिल हैं। इनकी ग्रोथ इंडस्ट्री से कम है। आगे इनके लोन बुक या डिपॉजिट ग्रोथ के लिए काफी चुनौतियां हो सकती हैं। इनकी तुलना में छोटे बैंक ज्यादा अच्छा कर रहे हैं, क्योंकि उनकी लोन उनकी बेस इफेक्ट थोड़ी कम है। नए-नए प्रोडक्ट्स नए इलाको में ब्रांच एक्सपेंशन की वजह छोटे बैंक मोमेंटम बनाए रखने में कामयाब रहे हैं। लेकिन कुल मिलाकर देखें तो बैंकिंग सेक्टर में और लेंडिंग सेक्टर में थोड़ा सतर्क रहने की जरूरत है। क्योंकि अगर आप देखेंगे तो भारी कंपटीशन की वजह से इस सेक्टर के नेट इंटरेस्ट मार्जिन ग्रोथ रेट पर असर आ सकता है। इसके अलावा हमारी इकोनॉमी पर गल्फ वॉर का पूरा असर अभी तो देखने को भी नहीं मिला है। ऐसे में बड़े बैंकों की ग्रोथ सपाट रह सकती है।

बाजार की चाल पर बात करते हुए दीपन मेहता ने आगे कहा कि रिटेल निवेशकों से फ्लो लगातार बना हुआ है। जब युद्ध थमेगा तो कच्चे तेल की कीमतें घटेंगी। बाजार में बड़े करेक्शन की आशंका नहीं है। कई मिड-स्मॉलकैप कंपनियों के नतीजे अच्छे रहे हैं। उन्होंने बताया कि FMCG में उन्होंने कोई निवेश नहीं किया है। तेजी आने पर FMCG में होल्डिंग घटानी चाहिए। FMCG सेक्टर से अभी दूर रहना चाहिए। हालांकि, FMCG में होनासा और नायिका जैसी कंपनियां बेहतर नजर आ रही हैं।

 

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डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।



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Sunday, May 10, 2026

Celina Jaitly: मदर्स डे पर छलका सेलिना जेटली का दर्द, बेटे की कब्र पर फूट-फूटकर रोईं अभिनेत्री

बॉलीवुड अभिनेत्री सेलिना जेटली के लिए इस साल का 'मदर्स डे' खुशियों के बजाय गहरे दर्द और आंसुओं से भरा रहा। अभिनेत्री ने सोशल मीडिया पर एक बेहद भावुक वीडियो साझा किया है, जिसमें वह अपने दिवंगत बेटे शमशेर की कब्र पर बैठकर बिलखती नजर आ रही हैं। इस वीडियो के साथ उन्होंने एक लंबा नोट लिखकर अपने पति पीटर हाग पर मानसिक उत्पीड़न, बच्चों से दूर करने और उनके 'ब्रेनवॉश' करने जैसे कई गंभीर आरोप लगाए हैं।

15 साल की शादी और 'धोखे' का अंत

सेलिना ने अपनी आपबीती सुनाते हुए बताया कि उन्होंने अपने पति के करियर और परिवार की खातिर अपना देश, माता-पिता और बॉलीवुड करियर सब कुछ छोड़ दिया था। उन्होंने दुबई, सिंगापुर और ऑस्ट्रिया जैसे देशों में रहकर अपने बच्चों की परवरिश की। लेकिन आज स्थिति यह है कि उन्हें अपने ही बच्चों से बात करने तक की अनुमति नहीं है। अभिनेत्री का आरोप है कि उनके पति ने उन्हें तलाक का नोटिस भी धोखे से दिया। उन्हें लगा कि शादी की 15वीं सालगिरह पर कोई तोहफा मिलने वाला है, लेकिन हाथ में तलाक के कागजात थमा दिए गए।

बच्चों को 'कट्टर' बनाने का आरोप

सेलिना ने अपने पोस्ट में सबसे चौंकाने वाला दावा यह किया है कि उनके तीन जीवित बच्चों को उनके पिता और दादा द्वारा किसी गुप्त स्थान पर ले जाया गया है। अभिनेत्री के अनुसार, बच्चों को उनकी मां और उनके हिंदू धर्म के खिलाफ भड़काया जा रहा है और उन्हें कट्टरपंथी बनाने की कोशिश की जा रही है। ऑस्ट्रियाई अदालत के आदेश के बावजूद, सेलिना को बच्चों से मिलने या संचार करने से रोका जा रहा है।

दिवंगत बेटे की कब्र पर ही मिला सुकून

साझा किए गए वीडियो में सेलिना ऑस्ट्रिया में अपने दिवंगत बेटे शमशेर की कब्र के पास बैठी दिखाई दे रही हैं। उन्होंने लिखा, "अदालत में आश्वासन के बावजूद मेरे जीवित बच्चों को मुझसे नहीं मिलने दिया गया। जिस एकमात्र बच्चे को मैं अपनी गोद में ले सकी, वह मेरा दिवंगत फरिश्ता शमशेर था।" सेलिना के लिए यह मदर्स डे मातृत्व के सुख का नहीं, बल्कि न्याय की एक लंबी लड़ाई का प्रतीक बन गया है।

कानूनी कार्रवाई और भारत वापसी

इस मामले ने अब कानूनी मोड़ ले लिया है। मुंबई पुलिस ने अभिनेत्री की शिकायत के आधार पर पीटर हाग के खिलाफ घरेलू हिंसा, क्रूरता और आपराधिक धमकी के तहत FIR दर्ज की है। पुलिस ने पीटर के खिलाफ लुकआउट सर्कुलर (LOC) भी जारी किया है।

सेलिना ने अपने नोट के अंत में खुद को 'मां काली और दुर्गा' की बेटी बताते हुए संकल्प लिया है कि वह अपने बच्चों, अपनी गरिमा और सच्चाई की रक्षा के लिए अब भारत लौट रही हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि अब वह इस अन्याय के खिलाफ अपनी पूरी ताकत से लड़ेंगी।



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Saturday, May 9, 2026

New Labour Codes: आज से लागू हो गए सभी नए लेबर कोड्स, आप पर पड़ेगा क्या-क्या असर?

नए लेबर कोड्स 9 मई से पूरी तरह से लागू हो गए हैं। सरकार ने इस बारे में नए नियमों को नोटिफाय कर दिया है। इसके साथ ही चारों नए लेबर कोड्स के प्रावधान पूरी तरह लागू हो गए है। इसके साथ ही 29 अलग-अलग नियमों का वजूद खत्म हो गया है। नए लेबर कोड्स का मकसद एंप्लॉयीज के हितों की रक्षा है। साथ ही बिजनेसेज के लिए भी अब नियम पहले से आसान हो गए हैं।

सरकार ने कई पक्षों से विचार के बाद नए नियम नोटिफाय किए 

चार नए लेबर कोड्स 21 नवंबर, 2025 को लागू हो गए थे। लेकिन, कुछ से जुड़े डिटेल नियम पेंडिंग होने से वे पूरी तरह से लागू नहीं हुए थे। अब यह कमी दूर हो गई है। चारों नए लेबर कोड्स और उनसे जुड़े नियम पूरी तरह से लागू हो गए हैं। सरकार ने अलग-अलग पक्षों के साथ विचार करने के बाद नए नियम नोटिफाय कर दिए हैं।

राज्यों के नए लेबर कोड्स से जुड़े अपने नियम अलग से नोटिफाय करने होंगे

एक अधिकारी ने पीटीआई को बताया कि नए नियम Gazette में पब्लिश हो जाने के बाद नए लेबर कोड्स अपने पूरे फ्रेमवर्क के साथ पूरी तरह से लागू हो गए हैं। हालांकि, राज्यों को इनसे जुड़े खुद के नियमों को नोटिफाय करना पड़ेगा। इसमें थोड़ा समय लग सकता है।

पुराने 29 श्रम कानूनों का वजूद अब पूरी तरह से खत्म हुआ 

एक्सपर्ट्स का कहना है कि नए लेबर कोड्स के पूरी तरह लागू होने के साथ ही लेबर से जुड़े बड़े रिफॉर्म्स पूरे हो गए हैं। सरकार ने 29 पुराने नियमों की जगह चार लेबर कोड्स लागू किए हैं। इसका व्यापक असर पड़ेगा। एंप्लॉयीज के साथ ही बिजनेसेज के लिए चीजें आसान हो जाएंगी। ईज ऑफ डूइंग बिजनेस बढ़ेगा। एंप्लॉयीज का सोशल सिक्योरिटीज कवर भी बढ़ेगा।

हर हफ्ते एंप्लॉयीज या वर्कर्स के लिए 48 घंटे से ज्यादा काम की मनाही

वर्कर्स के लिए कई चीजें अब बदल जाएंगी। खासकर वर्कर्स के राइट्स, सेफ्टी और कंपनसेशन से जुड़ी शर्तों पर असर पड़ेगा। सबसे बड़ा बदलाव काम के घंटों को लेकर है। नए नियम में कहा गया है कि काम के घंटे हर हफ्ते 48 घंटे से ज्यादा नहीं हो सकते। इससे अलग-अलग सेक्टर में काम के घंटों को लेकर समानता आएगी।

हर एप्लॉयीज और वर्कर्स को हफ्ते में आराम के लिए कम से कम 1 दिन मिलेगा

एंप्लाॉयीज को हर हफ्ते आराम के लिए कम से कम एक दिन मिलेगा। अगर एंप्लॉयीज ओवरटाइम करता है तो उसे इसके लिए अलग से पैसे मिलेंगे। अभी कई सेक्टर में एंप्लॉयीज को नियमित काम के घंटों के बाद भी ऑफिस में रुकना पड़ता है। यही हाल वर्कर्स के मामले में भी है। लेकिन, अतिरिक्त काम के घंटों के लिए उन्हें कोई भुगतान नहीं मिलता है।

एंप्लॉयर्स के लिए वर्कर्स और एंप्लॉयीज को अप्वाइंटमेंट लेटर जारी करना होगा

नए लेबर कोड्स के पूरी तरह से लागू होने के बाद एंप्लॉयर्स के लिए सभी वर्कर्स को अप्वाइंटमेंट लेटर जारी करना अनिवार्य हो गया है। इससे एंप्लॉयर और एंप्लॉयीज के रिश्ते में पारदर्शिता आएगा। एंप्लॉयीज का शोषण करना मुश्किल हो जाएगा। बगैर नियम और शर्त के कोई एंप्लॉयर किसी वर्कर से काम नहीं ले सकेगा।

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40 से ज्यादा उम्र के एंप्लॉयीज को साल में एक बार फ्री मेडिकल चेक-अप सुविधा

40 साल से ज्यादा उम्र के एंप्लॉयीज को साल में कम से कम एक बार कंपनी की तरफ से फ्री हेल्थ-चेकअप की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। महिला एंप्लॉयीज को सभी शिफ्ट्स में काम करने की इजाजत दी गई है। लेकिन, एंप्लॉयर को उनकी सुरक्षा से जुड़े नियमों का पालन गंभीरता से करना होगा। सैलरी स्ट्रक्चर में बदलाव से जुड़े नियम पहले ही लागू हो चुके हैं। एंप्लॉयी की बेसिक सैलरी उसकी सीटीसी की कम से कम 50 फीसदी होनी चाहिए।



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RR vs GT IPL 2026 Match Live Score: जीत की लय में लौटना चाहेगी राजस्थान, गुजरात से मुकाबला, कैसी होगी दोनों टीमों की प्लेइंग 11

RR vs GT IPL 2026 Match Live Score: आईपीएल 2026 का 52वां मुकाबला राजस्थान रॉयल्स (RR) और गुजरात टाइटंस (GT) के बीच खेला जाएगा। जयपुर के सवाई मान सिंह स्टेडियम में खेले जाने वाले इस मैच में दोनों टीमों की नजरें जीत पर रहेंगी। राजस्थान की टीम अपना पिछला मुकाबला हारकर तो वहीं गुजरात की टीम अपना पिछला मैच जीतकर यहां आई है। दोनों टीमें इस समय प्लेऑफ की रेस में बनी हुई हैं, इसलिए यह मुकाबला काफी अहम माना जा रहा है।

दोनों टीमों का ये दूसरा मुकाबला है, इससे पहले 4 अप्रैल को हुए मुकाबले में राजस्थान ने गुजरात को 6 रन से मात दी थी। वहीं शुभमन गिल की टीम मुकाबले में इस हार को बदला लेने के इरादे से उतरेगी।

राजस्थान रॉयल्स ने अब तक 10 मैचों में 6 जीत दर्ज की हैं और टीम अंक तालिका में चौथे स्थान पर मौजूद है। वहीं, गुजरात टाइटंस ने भी 10 में से 6 मुकाबले जीते हैं और वह पॉइंट्स टेबल में पांचवें नंबर पर है। राजस्थान की कमान रियान पराग के हाथों में हैं तो वहीं गुजरात टाइटंस की कप्तानी शुभमन गिल संभाल रहे हैं।



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Friday, May 8, 2026

DC vs KKR IPL 2026 Match Live Score: प्लेऑफ में बने रहने की जंग, अक्षर पटेल की टीम से भिड़ेगी केकेआर, जानें किसका पलड़ा भारी

DC vs KKR IPL 2026 Match Live Score:  आईपीएल में आज दिल्ली कैपिटल्स और कोलकाता नाइट राइडर्स के बीच मुकाबला खेला जाएगा। दोनों टीमों के बीच ये मुकाबला दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में (Arun Jaitley Stadium) में खेला जाएगा। ये मुकाबला शाम 7:30 बजे शुरू होगा। बता दें कि, दिल्ली कैपिटल्स के लिए यह मैच बेहद अहम माना जा रहा है। टीम 10 मैचों में 8 अंक लेकर पॉइंट्स टेबल में सातवें स्थान पर है। प्लेऑफ की उम्मीद बनाए रखने के लिए दिल्ली को अपने बाकी चारों मैच जीतने होंगे।

वहीं, आठवें स्थान पर मौजूद कोलकाता नाइट राइडर्स के लिए भी स्थिति आसान नहीं है। टीम को अगले दौर में पहुंचने के लिए अपने सभी बाकी पांच मैच जीतने जरूरी हैं। दिल्ली और कोलकाता के बीच अब तक 34 मुकाबले खेले जा चुके हैं। इनमें दिल्ली ने 14 मैच जीते हैं, जबकि कोलकाता ने 19 मुकाबलों में जीत हासिल की है। एक मैच टाई रहा था, जिसे बाद में दिल्ली ने अपने नाम किया। पिछले सीजन में दोनों टीमों के बीच खेले गए मैच में कोलकाता नाइट राइडर्स ने जीत दर्ज की थी।



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Thursday, May 7, 2026

शेयर बाजार में गिरावट का डर? सरकार की गारंटी वाली इन 7 स्कीमों में लगाएं अपना पैसा

इस वक्त शेयर बाजार बार-बार ऊपर-नीचे हो रहा हो। ब्याज दर भी लगातार बदल रही हैं। ऐसे में कई निवेशक फिर से सुरक्षित विकल्पों की तरफ लौट रहे हैं। इनमें ऐसे निवेश हैं, जो सरकार की गारंटी के साथ आते हैं और जिनमें अचानक नुकसान का डर नहीं होता।

ये विकल्प भले बहुत ज्यादा रिटर्न न दें, लेकिन इनमें भरोसा मिलता है। खासकर उन लोगों के लिए, जो रिटायरमेंट की तैयारी कर रहे हैं या हर महीने तय इनकम चाहते हैं, ये ज्यादा काम के होते हैं। आइए 2026 में मौजूद ऐसे लगभग 'जीरो रिस्क' निवेश विकल्पों के बारे में जानते हैं।

1. PPF: लंबी अवधि के लिए भरोसेमंद विकल्प

पब्लिक प्रोविडेंट फंड यानी PPF आज भी सबसे भरोसेमंद निवेशों में गिना जाता है। इसमें फिलहाल करीब 7.1% ब्याज मिल रहा है और सबसे बड़ी बात, इसका पूरा रिटर्न टैक्स-फ्री होता है।

2. PPF में आपको निवेश पर टैक्स छूट मिलती है, ब्याज पर टैक्स नहीं लगता और मैच्योरिटी पर भी टैक्स नहीं देना पड़ता। हालांकि इसमें 15 साल का लॉक-इन होता है, इसलिए यह शॉर्ट टर्म के लिए नहीं है। लेकिन अगर आप रिटायरमेंट या लंबे समय के लिए पैसा जमा करना चाहते हैं, तो यह एक मजबूत विकल्प है।

3. SCSS: वरिष्ठ नागरिकों के लिए बढ़िया इनकम

अगर आपकी उम्र 60 साल से ज्यादा है, तो Senior Citizen Savings Scheme (SCSS) आपके लिए बेहतरीन विकल्प हो सकता है। इसमें फिलहाल करीब 8.2% ब्याज मिल रहा है, जो सरकारी योजनाओं में सबसे ज्यादा में से एक है।

इसकी खास बात यह है कि इसमें ब्याज हर तीन महीने में मिलता है। यानी आपको नियमित इनकम मिलती रहती है। यह पेंशन पर निर्भर लोगों के लिए काफी उपयोगी है।

4. NSC: आसान और सुरक्षित निवेश

नेशनल सेविंग सर्टिफिकेट यानी NSC एक सीधा और आसान विकल्प है। इसमें आप 5 साल के लिए निवेश करते हैं और करीब 7.7% का फिक्स रिटर्न मिलता है।

इसमें बाजार का कोई असर नहीं होता, इसलिए उतार-चढ़ाव की चिंता नहीं रहती। हालांकि इसमें आपको बीच-बीच में इनकम नहीं मिलती, लेकिन मिड टर्म के लिए यह अच्छा विकल्प है।

5. पोस्ट ऑफिस MIS: हर महीने तय कमाई

अगर आप हर महीने तय इनकम चाहते हैं, तो Post Office Monthly Income Scheme (MIS) आपके काम की हो सकती है। इसमें करीब 7.4% के हिसाब से हर महीने इनकम मिलती है।

यह उन लोगों के लिए सही है, जो नियमित कैश फ्लो चाहते हैं, जैसे रिटायर्ड लोग या जिनकी फिक्स इनकम की जरूरत है।

6. KVP: समय के साथ पैसा दोगुना

Kisan Vikas Patra (KVP) एक पुराना लेकिन भरोसेमंद निवेश है। इसमें करीब 7.5% ब्याज मिलता है और आपका पैसा करीब 9-10 साल में दोगुना हो जाता है।

इसमें आपको बीच में कोई इनकम नहीं मिलती, लेकिन समय के साथ आपका पैसा सुरक्षित तरीके से बढ़ता है।

7. SSY: बेटी के लिए सबसे अच्छा विकल्प

अगर आप बेटी के लिए निवेश करना चाहते हैं, तो Sukanya Samriddhi Yojana (SSY) सबसे बेहतर विकल्पों में से एक है। इसमें करीब 8.2% ब्याज मिलता है, जो सरकारी योजनाओं में सबसे ज्यादा है।

इसमें भी टैक्स छूट मिलती है और लंबे समय में अच्छा कंपाउंडिंग फायदा मिलता है। लेकिन यह योजना सिर्फ बेटी के लिए ही होती है।

2026 में ये योजनाएं क्यों अहम हैं

सरकार इन योजनाओं की ब्याज दर हर तीन महीने में तय करती है, लेकिन हाल के समय में ये दरें काफी स्थिर रही हैं। इससे निवेशकों को भरोसा मिलता है कि उनका पैसा सुरक्षित है और रिटर्न तय रहेगा।

इन योजनाओं का सबसे बड़ा फायदा यही है कि इनमें शेयर बाजार जैसा रोज उतार-चढ़ाव नहीं होता।

इन बातों का ध्यान रखना जरूरी

यह समझना जरूरी है कि 'जीरो रिस्क' का मतलब 'ज्यादा रिटर्न' नहीं होता। फिलहाल ये योजनाएं करीब 7% से 8.2% तक का रिटर्न दे रही हैं। यह पूंजी को सुरक्षित रखने और नियमित आय के लिए तो ठीक है, लेकिन तेजी से पैसा बढ़ाने के लिए यह काफी नहीं है, खासकर महंगाई को देखते हुए।

अगर आपका लक्ष्य स्थिरता है, तो ये योजनाएं बिल्कुल सही हैं। अक्सर लोग अलग-अलग जरूरतों के हिसाब से इन्हें चुनते हैं। जैसे ति PPF लंबे समय के लिए, SCSS या MIS नियमित आय के लिए, और NSC या KVP मिड टर्म लक्ष्यों के लिए।

Thalapathy Vijay: विजय हर महीने FD से कमाते हैं ₹54 लाख ब्याज, क्या म्यूचुअल फंड से बेहतर है ये विकल्प?

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।



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Wednesday, May 6, 2026

SRH vs PBKS IPL 2026 Match Live Score: जीत की पटरी पर लौटना चाहेगी पंजाब-हैदराबाद, जानें कैसी होगी दोनों टीमों की प्लेइंग 11

SRH vs PBKS IPL 2026 Match Live Score: इंडियन प्रीमियर लीग यानी आईपीएल 2026 अब धीरे-धीरे अपने आखिरी पड़ाव की तरफ बढ़ रहा है। टूर्नामेंट में अब तक कुल 48 मुकाबले खेले जा चुके हैं। वहीं आईपीएल का 49वां मुकाबला हैदराबाद के राजीव गांधी अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम में पंजाब किंग्स (PBKS) और सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) के बीच खेला जाएगा। दोनों ही टीमें अपना पिछला मुकाबला हारकर यहां आई हैं। वहीं इस मुकाबले में वापसी करने की पूरी कोशिश करेगी। मुकाबले की शुरुआत शाम 7:30 बजे से होगी।

दोनों टीमों के बीच इस सीजन का यह दूसरा मैच है। इससे पहले 11 अप्रैल को मुल्लांपुर में खेले गए मुकाबले में पंजाब किंग्स ने सनराइजर्स हैदराबाद को 6 विकेट से हराया था। अब पैट कमिंस की कप्तानी वाली हैदराबाद टीम उस हार का बदला लेने के इरादे से मैदान में उतरेगी। सनराइजर्स हैदराबाद फिलहाल 10 मैचों में 6 जीत के साथ अंक तालिका में तीसरे स्थान पर है। दूसरी ओर पंजाब किंग्स 9 मैचों में 6 जीत के साथ अंक तालिका में शीर्ष पर हैं।



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Tuesday, May 5, 2026

8th Pay Commission: अब IAS बृजेंद्र नवनीत बने एडिशनल सेक्रेटरी, ये करेंगे सैलरी-भत्ते बढ़ाने का काम

8th Pay Commission: केंद्र सरकार के लाखों कर्मचारियों की सैलरी तय करने वाले 8वें वेतन आयोग में अब एक और अहम नियुक्ति हुई है। IAS अधिकारी बृजेंद्र नवनीत को आयोग में एडिशनल सेक्रेटरी के पद पर लाया गया है। इस नियुक्ति को आयोग के काम में तेजी आने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।

दरअसल, वेतन आयोग इन दिनों अलग-अलग शहरों में बैठकों के जरिए कर्मचारियों और संगठनों से सुझाव ले रहा है। अब तक देहरादून और दिल्ली में बैठकें हो चुकी हैं, जहां कर्मचारी संगठनों ने अपनी मांगें सामने रखी हैं। ऐसे में नए सीनियर अधिकारी की एंट्री इस बात का संकेत मानी जा रही है कि आयोग अब अपने काम को तेजी से आगे बढ़ा रहा है।

सरकार ने जारी किया आदेश

यह नियुक्ति कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग (DoPT) की ओर से जारी आदेश के तहत की गई है, जो कार्मिक, लोक शिकायत और पेंशन मंत्रालय के अंतर्गत आता है। आदेश में बताया गया कि बृजेंद्र नवनीत, जो 1999 बैच के IAS अधिकारी हैं और फिलहाल अपने कैडर में कार्यरत थे। उन्हें फाइनेंस मंत्रालय के व्यय विभाग के तहत 8वें वेतन आयोग में एडिशनल सेक्रेटरी बनाया गया है। उनकी नियुक्ति पदभार संभालने की तारीख से चार साल के लिए या अगले आदेश तक, जो भी पहले हो, प्रभावी रहेगी।

कौन हैं बृजेंद्र नवनीत?

Brijendra Navneet तमिलनाडु कैडर के 1999 बैच के IAS अधिकारी हैं। उन्हें मैनेजमेंट, फाइनेंस और अंतरराष्ट्रीय ट्रेड जैसे एरिया में काफी अनुभव है। फिलहाल वे तमिलनाडु सरकार में सूचना प्रौद्योगिकी और डिजिटल सर्विस के प्रधान सचिव के रूप में काम कर रहे हैं।

उनका करियर कई अहम जिम्मेदारियों से भरा रहा है। उन्होंने प्रधानमंत्री ऑफिस (PMO) में निदेशक के रूप में काम किया है, जहां उन्होंने नीति निर्माण और समन्वय में योगदान दिया। इसके अलावा, वे विश्व व्यापार संगठन (WTO) में भारत के राजदूत और स्थायी प्रतिनिधि भी रह चुके हैं, जहां उन्होंने वैश्विक स्तर पर भारत का पक्ष रखा।

क्या होगा असर?

बृजेंद्र नवनीत की नियुक्ति ऐसे समय पर हुई है जब वेतन आयोग अपने अहम चरण में है। आयोग कर्मचारियों की सैलरी, भत्तों और पेंशन से जुड़े मुद्दों पर सुझाव जुटा रहा है। ऐसे में उनके अनुभव का उपयोग नीति बनाने और फैसले लेने में किया जाएगा।

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Monday, May 4, 2026

Nifty view : होर्मुज में एक अमेरिकी युद्धपोत पर गिरी दो मिसाइलें! ब्रेंट क्रूड में लगभग 5% की तेजी, कल 24000 से नीचे खुल सकता है निफ्टी

Nifty view : ईरान की फ़ार्स न्यूज़ एजेंसी ने 4 मई को बताया है कि जास्क द्वीप के पास एक अमेरिकी युद्धपोत पर दो मिसाइलें गिरीं हैं,जिसके बाद ईरान की चेतावनियों को नज़रअंदाज़ करने वाले इस युद्धपोत को वापस लौटना पड़ा है। इस खबर के चलते 5 मई को बेंचमार्क सेंसेक्स और निफ्टी में 'गैप-डाउन'ओपनिंग देखने को मिल सकती है।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक नौसैनिक मिशन,जिसका नाम 'प्रोजेक्ट फ्रीडम' रखा गया है,की घोषणा की है। इसके बाद ही अमेरिकी जहाज पर ईरानी हमले की यह खबर आई है। अमेरिका के इस मिशन का मकसद होर्मुज स्ट्रेट में फंसे जहाजों को सुरक्षित बाहर निकालना है। अमेरिका का यह ऑपरेशन अगले कुछ घंटों में शुरू होने वाला है।

4 मई को दोपहर 3:56 बजे, GIFT Nifty 0.6% की गिरावट के साथ 24,010.5 पर ट्रेड कर रहा था। वहीं, ब्रेंट क्रूड लगभग 5% की बढ़त के साथ 113.35 डॉलर प्रति बैरल पर ट्रेड कर रहा था।

इस बीच,ईरान के विदेश मंत्रालय ने कहा कि वह युद्ध खत्म करने के लिए अपने हालिया 14-सूत्रीय प्रस्ताव पर वॉशिंगटन की प्रतिक्रिया का आकलन कर रहा है। ट्रंप ने तेहरान के इस प्रस्ताव को "अस्वीकार्य" बताया था।

जैसे ही मध्य पूर्व में तनाव बढ़ा,US फ़्यूचर्स ने अपनी शुरुआती बढ़त गंवा दी और यूरोपीय शेयर बाजार और नीचे गिरकर लाल निशान में चले गए। Nasdaq 100, Dow Jones और S&P 500 के कॉन्ट्रैक्ट्स में 0.7% तक की गिरावट आई। यूरोप का बेंचमार्क Stoxx 600 इंडेक्स 1% गिरा। जबकि, ब्रेंट क्रूड 4% से ज़्यादा उछलकर 112 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया। डॉलर इंडेक्स भी ऊपर चढ़ा।

ईरान की FARS न्यूज़ एजेंसी के इस दावे के बाद शेयरों में शुरुआती बढ़त खत्म हो गई। ट्रंप ने इससे पहले कहा था कि अमेरिका सोमवार से उन जहाज़ों को होर्मुज़ जलडमरूमध्य से गुज़रने में मदद करना शुरू कर देगा जो ईरान के साथ चल रहे संघर्ष में शामिल नहीं हैं। इस घोषणा से शिपिंग से जुड़े अधिकारी हैरान रह गए,क्योंकि हमले अभी भी जारी हैं और जहाज़ों की आवाजाही लगभग ठप पड़ी है।

इस बीच, आज सोमवार को भारतीय इक्विटी बाजार में बढ़त देखने को मिली है। बाजार को कारोबारी सत्र के दौरान तेल की कीमतों में नरमी,ऑटोमोबाइल कंपनियों की बिक्री के अच्छे आंकड़ों और राज्यों के चुनावी नतीजों के रुझानों से सपोर्ट मिला। लेकिन टेक्नोलॉजी शेयरों और कोटक महिंद्रा बैंक में हुई गिरावट ने इस बढ़त को सीमित कर दिया।

आज Nifty 50 में 0.51% की बढ़त हुई और यह 24,119.30 पर बंद हुआ। जबकि, BSE Sensex 0.46% बढ़कर 77,269.40 पर पहुंच गया। आज 16 प्रमुख सेक्टरों में से 13 में बढ़त दर्ज की गई। स्मॉल-कैप और मिड-कैप में 0.7% और 0.6% की बढ़त हुई।

 

Market outlook : 4 मई को बढ़त के साथ बंद हुए सेंसेक्स-निफ्टी, जानिए 5 मई को कैसी रह सकती है इनकी चाल



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Sunday, May 3, 2026

GT vs PBKS IPL 2026 Match Live Score: प्लेऑफ में जगह बनाने की जंग, गुजरात से हार का बदला लेने उतरेगी अय्यर की टीम

GT vs PBKS IPL 2026 Match Live Score: आईपीएल 2026 में रविवार को दूसरा मुकाबला पंजाब किंग्स ( Punjab Kings) और गुजरात टाइटंस (Gujarat Titans) के बीच खेला जाएगा। यह मैच नरेंद्र मोदी स्टेडियम में शाम 7:30 बजे शुरू होगा। पंजाब किंग्स को अपने पिछले मुकाबले में राजस्थान से हार का सामना करना पड़ा था, जबकि गुजरात टाइटंस लगातार दो मैच जीतकर अच्छे फॉर्म में नजर आ रही है। पंजाब ने इस सीजन अब तक 8 मैच खेले हैं, जिनमें से 6 में जीत हासिल की है। टीम 13 अंकों के साथ पॉइंट्स टेबल में पहले स्थान पर बनी हुई है।

वहीं, गुजरात टाइटंस ने 9 मुकाबलों में 5 जीत दर्ज की है। टीम 10 अंकों के साथ अंक तालिका में पांचवें स्थान पर है। प्लेऑफ की दौड़ में अपनी स्थिति मजबूत करने के लिए गुजरात के लिए यह मुकाबला काफी अहम माना जा रहा है।

गुजरात टाइटंस और पंजाब किंग्स के बीच अब तक 7 टी20 मुकाबले खेले गए हैं। इनमें पंजाब किंग्स ने 4 मैच जीते हैं, जबकि गुजरात टाइटंस को 3 मुकाबलों में जीत मिली है। दोनों टीमों के बीच अब तक कोई मैच टाई या बेनतीजा नहीं रहा है।



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Saturday, May 2, 2026

Riteish Deshmukh Video: बॉक्स ऑफिस पर ‘राजा शिवाजी’ की धमाकेदार शुरुआत, रितेश देशमुख ने भावुक होकर फैंस से की एक खास अपील

मराठी और हिंदी सिनेमा के दिग्गज अभिनेता रितेश देशमुख इन दिनों अपनी महत्वाकांक्षी फिल्म ‘राजा शिवाजी’ की सफलता का आनंद ले रहे हैं। 1 मई को सिनेमाघरों में रिलीज हुई इस ऐतिहासिक फिल्म को दर्शकों का भरपूर प्यार मिल रहा है। फिल्म की शानदार ओपनिंग और चारों तरफ हो रही तारीफों के बीच, रितेश देशमुख ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा कर अपने फैंस से एक जरूरी गुजारिश की है।

क्या है रितेश की खास अपील?

फिल्म के निर्देशक और मुख्य अभिनेता रितेश देशमुख ने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो पोस्ट किया, जिसमें उन्होंने फिल्म को मिल रहे जबरदस्त रिस्पॉन्स के लिए जनता का आभार व्यक्त किया। मराठी भाषा में बात करते हुए उन्होंने कहा कि यह फिल्म उनके दिल के बेहद करीब है, लेकिन उन्होंने सिनेमाघरों में फिल्म देख रहे लोगों से एक अनुरोध किया है। रितेश ने प्रशंसकों से अपील की है कि वे सिनेमा हॉल के अंदर से फिल्म के वीडियो क्लिप रिकॉर्ड कर सोशल मीडिया पर अपलोड न करें।

उनका मानना है कि फिल्म के महत्वपूर्ण दृश्यों को ऑनलाइन साझा करने से उन लोगों का अनुभव खराब होता है जिन्होंने अभी तक फिल्म नहीं देखी है। हालांकि, उन्होंने यह भी जोड़ा कि फैंस फिल्म की तस्वीरें या स्टिल्स शेयर कर सकते हैं, बशर्ते वे कहानी के सस्पेंस या मुख्य मोमेंट्स का स्पॉइलर ना दें।

बॉक्स ऑफिस पर ‘राजा शिवाजी’ का दबदबा

इंडस्ट्री ट्रैकर सैकनिल्क के अनुसार, फिल्म ने अपने पहले ही दिन भारत में लगभग ₹11.35 करोड़ का नेट कलेक्शन किया है। फिल्म की भव्यता और छत्रपति शिवाजी महाराज के जीवन के चित्रण ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया है। फिल्म में सलमान खान का कैमियो भी चर्चा का विषय बना हुआ है, जिसे देखकर सिनेमाघरों में खूब तालियां बज रही हैं।

दिग्गजों ने की जमकर तारीफ

रितेश की इस फिल्म को न केवल दर्शकों बल्कि फिल्म इंडस्ट्री के दिग्गजों से भी सराहना मिल रही है। मशहूर निर्देशक राम गोपाल वर्मा ने फिल्म की सफलता पर टिप्पणी करते हुए कहा कि यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर 'तहलका' मचा रही है। इसके अलावा, अभिषेक बच्चन, संजय दत्त और जेनेलिया देशमुख जैसे सितारों से सजी यह फिल्म अपनी स्टार पावर और भावनात्मक गहराई के कारण चर्चा में बनी हुई है।

एक पारिवारिक प्रोजेक्ट

‘राजा शिवाजी’ रितेश देशमुख के लिए सिर्फ एक फिल्म नहीं बल्कि एक सपना है। इस फिल्म से उनके और जेनेलिया के बेटे राहिल ने भी अपना एक्टिंग डेब्यू किया है। फिल्म की रिलीज से पहले रितेश और जेनेलिया को आशीर्वाद लेने के लिए भिंडी के शिवाजी मंदिर में भी देखा गया था।



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