Tuesday, June 30, 2026

UP Deficient Rain Alert: उत्तर प्रदेश के इन 35 जिलों में अबतक बहुत कम हुई बारिश, मानसून की एंट्री के बाद IMD ने दिया ये अलर्ट

UP Weather Update: उत्तर प्रदेश में मानसून ने दस्तक दे दी है। इसकी उत्तरी सीमा राज्य के कई हिस्सों से गुजर रही है। मानसून के आगमन से जहां लोगों को गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है। वहीं भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के लखनऊ आंचलिक केंद्र से अबतक हुई बारिश का ऐसा आंकड़ा सामने आया है, जो चिंताजनक तस्वीर पेश कर रहा है।

मौसम विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक यूपी के अधिकतर जिले बारिश की भारी कमी से जूझ रहे हैं। राज्य के 35 जिलों में अब तक लार्ज डेफिसिएंट यानी अत्यधिक कम बारिश दर्ज की गई है। वहीं 28 जिले Deficient श्रेणी में हैं जहां सामान्य से 20% से 59% तक कम बारिश दर्ज की गई है। कौशांबी जिला तो अबतक पूरा सूखा ही साबित हुआ है।

यूपी की बारिश रिपोर्ट: कितने जिले किस श्रेणी में?

आईएमडी के आंकड़ों के अनुसार:

Large Excess: 0 जिले

Excess: 0 जिले

Normal: 11 जिले

Deficient: 28 जिले

Large Deficient: 35 जिले

No Rain: 1 जिला

इसका मतलब है कि प्रदेश के अधिकांश जिलों में अब तक सामान्य से कम बारिश हुई है।

इस स्थिति के बीच, मौसम विभाग ने 30 जून से 2 जुलाई की सुबह तक के लिए राज्य के अलग-अलग इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश, मेघगर्जन और वज्रपात (आकाशीय बिजली) का प्रभाव आधारित पूर्वानुमान और अलर्ट जारी किया है।

यूपी में मानसून और बारिश की मौजूदा स्थिति

मौसम विभाग द्वारा जारी जिलों की सूची के मुताबिक राज्य के कुल 75 जिलों में से कोई भी जिला 'लार्ज एक्सेस' या 'एक्सेस' कैटेगरी में नहीं है। जिलों का वर्गीकरण इस प्रकार है:-

1- लार्ज डेफिसिएंट (60% से -99% तक कमी) - इन 35 जिलों में सबसे ज्यादा बारिश की कमी

उत्तर प्रदेश के इन 35 जिलों में मानसून की सबसे ज्यादा मार पड़ी है और यहां सामान्य से 60 से 99 फीसदी तक कम बारिश हुई है:-

पूर्वी उत्तर प्रदेश के जिले: अंबेडकर नगर, अमेठी, बांदा, बाराबंकी, भदोही, चंदौली, चित्रकूट, देवरिया, फतेहपुर, जौनपुर, कानपुर देहात, कुशीनगर, लखनऊ, मऊ, मिर्जापुर, प्रतापगढ़, प्रयागराज, सिद्धार्थ नगर, सीतापुर, सोनभद्र, उन्नाव और वाराणसी।

पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले: अलीगढ़, अमरोहा, बिजनौर, गौतम बुद्ध नगर, गाजियाबाद, जालौन, झांसी, महोबा, मैनपुरी, पीलीभीत, सहारनपुर, शाहजहांपुर और शामली।

2 - नो रेन (No Rain: -100%) कौशांबी में अब तक बारिश नहीं

आईएमडी के आंकड़ों में कौशांबी ऐसा इकलौता जिला है जिसे No Rain श्रेणी में रखा गया है। यानी यहां अब तक बारिश नहीं दर्ज हुई।।

3 - डेफिसिएंट (20% से -59% तक कमी)- इन 28 जिलों में भी सामान्य से कम बारिश

इन जिलों में सामान्य से 20 से 59 प्रतिशत तक कम वर्षा रिकॉर्ड की गई है:-

पूर्वी उत्तर प्रदेश: अयोध्या, आजमगढ़, बहराइच, बलिया, बलरामपुर, बस्ती, फर्रुखाबाद, गाजीपुर, गोरखपुर, हरदोई, कानपुर सिटी, खीरी, रायबरेली, संत कबीर नगर, श्रावस्ती और सुल्तानपुर।

पश्चिमी उत्तर प्रदेश: औरैया, बदायूं, बागपत, बरेली, इटावा, हमीरपुर, हापुड़, कासगंज, ललितपुर, मेरठ, मुरादाबाद और रामपुर।

4 - सामान्य बारिश (+19% से -19%) - 11 जिले

राज्य के केवल 11 जिलों में ही अब तक सामान्य बारिश देखने को मिली है:-

पूर्वी उत्तर प्रदेश: गोंडा, कन्नौज और महाराजगंज।

पश्चिमी उत्तर प्रदेश: आगरा, बुलंदशहर, एटा, फिरोजाबाद, हाथरस, मथुरा, मुजफ्फरनगर और संभल।

IMD का पूर्वानुमान: 30 जून से 1 जुलाई (सुबह 08:30 बजे तक)

मानसून सक्रिय होने के साथ अब यूपी का मौसम तेजी से बदलने वाला है। मौसम विभाग ने पूर्वी, मध्य और पश्चिमी यूपी के कई जिलों के लिए अलर्ट जारी किया है।

इन जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी

बहराइच, लखीमपुर खीरी, रामपुर, बरेली और पीलीभीत में बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

भारी बारिश की संभावना: आजमगढ़, मऊ, बलिया, देवरिया, गोरखपुर, बस्ती, कुशीनगर, सिद्धार्थनगर, गोंडा, बलरामपुर, बाराबंकी, बिजनौर, अमरोहा, संभल, झांसी और ललितपुर सहित कई जिले।

1 जुलाई से 2 जुलाई सुबह तक

बिजनौर, मुरादाबाद, रामपुर और बरेली में बहुत भारी बारिश की संभावना है। गोरखपुर, बहराइच, लखीमपुर खीरी, मेरठ, बुलंदशहर, अलीगढ़, इटावा, पीलीभीत, शाहजहांपुर, झांसी और ललितपुर समेत कई जिलों में भारी बारिश हो सकती है।

बिजली गिरने और तेज हवाओं का भी अलर्ट

आईएमडी के अनुसार कई जिलों में 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।

प्रभावित प्रमुख जिले

प्रयागराज

वाराणसी

गाजीपुर

कानपुर नगर

रायबरेली

सहारनपुर

मेरठ

गाजियाबाद

गौतमबुद्ध नगर

झांसी

इन जिलों में मेघगर्जन और वज्रपात की आशंका भी जताई गई है।



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Monday, June 29, 2026

39 की उम्र में IAS अवनीश शरण ने शुरू की फिटनेस जर्नी, फिट बॉडी पाने की अपनी हर तरकीब बताई

सोशल मीडिया पर 39 की उम्र में IAS अवनीश शरण ने पोस्ट करते हुए लिखा- 2020 में, 39 साल की उम्र में, मैंने अपनी फिटनेस जर्नी एक आसान लक्ष्य के साथ शुरू की—ज्यादा सेहतमंद और फिट बनना। बहुत से लोगों की तरह, मैंने भी जोश के साथ शुरुआत की, लेकिन लगातार बने रहना मुश्किल था। काम की ज़िम्मेदारियां, परिवार की ज़िम्मेदारियां और ज़िंदगी की अनिश्चितताओं की वजह से अक्सर मेरे रूटीन में रुकावट आती थी। आखिरकार, मेरी सर्जरी (2024) हुई, जिसकी वजह से मुझे काफी समय तक ट्रेनिंग रोकनी पड़ी।

जून 2025 से एक बिल्कुल नया अध्याय शुरू हुआ। इस बार, मैं तेज़ी से वजन घटाने या कुछ समय के मोटिवेशन के पीछे नहीं भाग रहा था। मैंने खुद को निरंतरता, सब्र और अनुशासन के लिए समर्पित किया। मेरी सोच आसान थी, समझदारी से ट्रेनिंग करें। समझदारी से खाएं। अच्छी नींद लें। हर दिन यही दोहराएं। मैंने रैंडम वर्कआउट या क्रैश डाइट के बजाय एक व्यवस्थित प्लान का पालन किया।

ट्रेनिंग

• हफ़्ते में 5-6 दिन स्ट्रेंथ ट्रेनिंग।

• मसल्स को बनाए रखने और बढ़ाने के लिए प्रोग्रेसिव ओवरलोड।

• कार्डियो को सप्लीमेंट के तौर पर करें—सज़ा के तौर पर नहीं।

• रोज़ाना टहलना और एक्टिव लाइफ़स्टाइल बनाए रखना।

• रिकवरी और मोबिलिटी पर ध्यान देना।

न्यूट्रिशन

• हाई-प्रोटीन डाइट। घर का बना खाना।

• कैलोरी ट्रैक करना।

• लीन प्रोटीन सोर्स।

• कॉम्प्लेक्स कार्बोहाइड्रेट।

• हेल्दी फैट्स।

• खूब सारी सब्ज़ियां और फल।

• शरीर में पानी की सही मात्रा बनाए रखना।

लाइफ़स्टाइल

• 6-7 घंटे की अच्छी नींद।

• प्रोसेस्ड फ़ूड कम से कम खाना।

• चीनी का सेवन सीमित रखना।

• शरीर के वज़न की नियमित निगरानी।

• नियमित ब्लड टेस्ट।

1 जनवरी 2026 को मैंने खुद के लिए एक अहम लक्ष्य तय किया। मैं अपनी बेटी वेदिका के जन्मदिन (27 जून) से पहले अपनी सबसे अच्छी फिजिक पाना चाहता था। मेरी पत्नी रुद्राणी ने यह पक्का किया कि मैं अपना लक्ष्य हासिल कर सकूं। एक साफ डेडलाइन होने से हर फैसला लेना आसान हो गया। हर वर्कआउट मायने रखता था। हर मील (खाना) मायने रखता था। हर सुबह वजन चेक करना मायने रखता था। शॉर्टकट खोजने के बजाय, मैंने लगातार बेसिक चीजों पर ध्यान दिया।



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Sunday, June 28, 2026

Rao Bahadur: सिनेमा लवर्स का दिल जीतने को तैयार है 'राव बहादुर', डायरेक्टर सुकुमार ने फिल्म को बताया सबसे अलग

Rao Bahadur: 'महेश बाबू प्रेजेंट्स राव बहादुर' की शानदार पहली झलक के बाद, वेंकटेश महा के डायरेक्शन में बनी इस फिल्म के मेकर्स ने इसका टीज़र रिलीज कर दिया है, जिसने यह साफ कर दिया है कि यह आने वाले समय के सबसे अलग और दिलचस्प प्रोजेक्ट्स में से एक होने वाला है।

​फिल्म को लेकर जहाँ एक्साइटमेंट एकदम सातवें आसमान पर है, वहीं मेकर्स ने सेट से डायरेक्टर सुकुमार के साथ एक वीडियो शेयर किया है। वीडियो में 'पुष्पा' के डायरेक्टर अपना जलवा बिखेरते नजर आ रहे हैं। इस पोस्ट के कैप्शन में लिखा है -"अलग | अनोखा | हैरान RaoBahadur पर अब 'सुकुमार' का जादू चल गया है, 3 जुलाई से तेलुगु सिनेमा का एक ऐसा अनुभव करने के लिए तैयार हो जाइए जो पहले कभी नहीं देखा।

फिल्म की तारीफ करते हुए सुकुमार ने कहा, "ऐसा लगता है जैसे सब लोग सत्यदेव को एक तोहफा देने के लिए एक साथ आए हैं। मुझे लगता है कि इस परफॉर्मेंस को देखने के बाद हर एक्टर को उनसे जलन महसूस होगी। जहां तक मैं जानता हूं, ऐसी फिल्में तेलुगु सिनेमा या यहाँ तक कि पूरे इंडियन सिनेमा में भी नहीं बनी हैं। यह एक बिल्कुल अलग जॉनर की फिल्म है। जिस तरह 'सी/ओ कंचरपालम' ने सबको हैरान कर दिया था, ठीक वैसे ही #RaoBahadur भी दर्शकों को पूरी तरह चौंका देगी। फिल्म का हर एक डिपार्टमेंट एक अलग ही लेवल पर है। राव बहादुर के लिए सुकुमार की तरफ से ब्रावो! #RaoBahadur के लिए बस एक ही शब्द है: होलसम (Wholesome - यानी हर तरह से परफेक्ट)।"

​एक बेहद अनोखी पहली झलक के बाद, इस फिल्म का पहला गाना 'ओ सुंदरी' एक बड़ा चार्टबस्टर (हिट) बन गया है, जिसे इसके सुरीले म्यूजिक और शानदार प्रेजेंटेशन के लिए खूब पसंद किया गया। सत्यदेव और दीपा थॉमस पर फिल्माया यह रोमांटिक गाना बीते हुए दौर को खूबसूरती से दिखाता है, जो फिल्म के पुराने समय के बैकग्राउंड और विजुअल खूबसूरती को और ज्यादा बढ़ा देता है।

​'राव बहादुर' एक साइकोलॉजिकल ड्रामा और राजसी अतीत की धुंधली यादों का एक अनोखा मिक्सचर है। वेंकटेश महा, जो इस फिल्म की राइटिंग, डायरेक्शन और एडिटिंग खुद संभाल रहे हैं, एक ऐसी कहानी को आकार देते दिख रहे हैं जो पूरी तरह से स्थानीय भावनाओं से जुड़ी है और साथ ही इसमें हर किसी को छू लेने वाले इमोशंस भी हैं।

​इस फिल्म को एक मजबूत टेक्निकल टीम का साथ मिला है, जिसमें कार्तिक परमार सिनेमैटोग्राफी संभाल रहे हैं, स्मरण साई ने म्यूजिक कंपोज किया है और रोहन सिंह ने फिल्म का बेहतरीन प्रोडक्शन डिजाइन तैयार किया है। अपनी शानदार राजसी तस्वीरों और सस्पेंस भरे अंदाज के साथ, 'राव बहादुर' एक ऐसी फिल्म बनने की राह पर है जो दर्शकों को एक ऐसी दुनिया में ले जाएगी जहाँ हर छोटी से छोटी डिटेल का एक गहरा मतलब हो सकता है।



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Saturday, June 27, 2026

Jackky Bhagnani Spotted On Dating App: 'सिचुएशनशिप' बयान के बाद डेटिंग एप पर जैकी भगनानी का दिखा अकाउंट, वायरल स्क्रीनशॉर्ट ने मचाई खलबली

Jackky Bhagnani Spotted On Dating App: जैकी भगनानी ने एक बार फिर से खबरों में छाए हुए हैं। लेकिन अफसोस, इसकी वजह फिल्म नहीं बल्कि उनकी पर्सनल लाइफ है। एक्टर-प्रोड्यूसर ने लोगों को यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि एक्ट्रेस रकुल प्रीत सिंह से शादी करने के बावजूद वह डेटिंग ऐप पर क्या कर रहे हैं। हाल ही में, एक रेडिट यूज़र ने एक यूट्यूबर के वीडियो का स्क्रीनशॉट शेयर किया, जिसमें दावा किया गया था कि जैकी का 'राया' (Raya) नाम के एक एक्सक्लूसिव डेटिंग ऐप पर अकाउंट है।

स्क्रीनशॉट में 'जैकी' नाम की एक प्रोफ़ाइल दिख रही है, जिसके बायो में 'एक्टर/प्रोड्यूसर' लिखा है। उनकी लोकेशन लंदन, यूनाइटेड किंगडम दिखाई गई थी। इस स्क्रीनशॉट ने फ़ैन्स को शॉक्ड कर दिया, लेकिन कुछ लोगों ने 'प्रोड्यूसर' (producer) की स्पेलिंग में गलती भी पकड़ी।

हालांकि यह अभी स्पष्ट नहीं है कि जैकी राया का इस्तेमाल कर रहे हैं या नहीं, लेकिन यह एप्लिकेशन पिछले कई सालों से चर्चा का विषय बना हुआ है। जो लोग राया से परिचित नहीं हैं, उनके लिए बता दें कि राया कोई सामान्य डेटिंग ऐप नहीं है। यह एक विशेष, सदस्यता-आधारित ऐप है, जिसका उपयोग आमतौर पर डेटिंग, नेटवर्किंग और दोस्ती के लिए किया जाता है।

अन्य एप्लिकेशनों के विपरीत, राया पर उपयोगकर्ताओं को आवेदन करना होता है, जिसके बाद आवेदनों की समीक्षा की जाती है और फिर उन्हें स्वीकार किया जाता है। इसी कारण से राया मशहूर हस्तियों और हाई-प्रोफाइल लोगों के बीच लोकप्रिय हो गया है।

इस बीच, जैकी के डेटिंग प्रोफ़ाइल ने भी सबका ध्यान खींचा है, क्योंकि यह बात तब सामने आई है जब कुछ महीने पहले ही एक्टर-प्रोड्यूसर ने 'सिचुएशनशिप' वाला कमेंट करके सुर्खियां बटोरी थीं। इस साल अप्रैल में, एक YouTube चैनल से बात करते हुए उन्होंने कहा था, "रकुल और मेरी शादी हो चुकी है, लेकिन हम एक तरह की 'सिचुएशनशिप' में हैं। बेशक, हम एक-दूसरे के प्रति कमिटेड हैं क्योंकि इसीलिए हमारी शादी हुई है। लेकिन सबसे ज़रूरी बात यह है कि मैं उनसे किसी भी बारे में बात कर सकता हूं।"

हालांकि इस कमेंट की काफी आलोचना हुई, लेकिन बाद में रकुल ने साफ किया कि उनके कमेंट का गलत मतलब निकाला गया था। उन्होंने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरीज़ पर लिखा, "आज हम इस बात पर खूब हंसे कि कैसे एक घंटे की बातचीत की एक लाइन अचानक हेडलाइन बन सकती है। मज़ाकिया... जब तक कि यह मज़ाक न रह जाए। संदर्भ मायने रखता है। बारीकियां मायने रखती हैं। बातचीत को सिर्फ़ क्लिकबेट तक सीमित नहीं किया जाना चाहिए। शायद अब समय आ गया है कि प्लेटफ़ॉर्म उन नैरेटिव्स के लिए थोड़ी ज़्यादा ज़िम्मेदारी लें जो वे बनाते हैं।"



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Friday, June 26, 2026

भारत के मुकाबले वियतनाम में वेकेशन मनना कैसे पड़ता है सस्ता, यूजर की बात सुन हैरान रह गए लोग

सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में भारत में घूमने-फिरने के खर्च की तुलना वियतनाम में विदेश यात्रा के खर्च से की गई है। इस पोस्ट ने भारत के टूरिज़्म सेक्टर के सामने आ रही चुनौतियों पर ऑनलाइन ज़ोरदार बहस छेड़ दी है। X (पहले ट्विटर) पर पंकज अरोड़ा नाम के यूज़र ने यह पोस्ट शेयर किया। इसमें बताया गया कि उनके एक साथी पहाड़ों पर चार दिन की छुट्टी बिताने की योजना बना रहे थे, लेकिन खर्च की तुलना करने के बाद उन्होंने विदेश जाने का फैसला किया।

पोस्ट के मुताबिक, यात्री ने पहले भारत में मशहूर टूरिस्ट जगहों को देखा, जहां होटल के कमरों का किराया 10,000 रुपये से 18,000 रुपये प्रति रात था। टैक्सी का खर्च 3,000 रुपये से 5,000 रुपये प्रति दिन होने का अनुमान था, जबकि एक जोड़े के लिए आने-जाने की फ़्लाइट टिकट का खर्च लगभग 15,000 रुपये से 20,000 रुपये होने की उम्मीद थी। पोस्ट में दावा किया गया कि देश के भीतर छुट्टी मनाने का कुल अनुमानित बजट 60,000 रुपये से 80,000 रुपये के बीच था।

हालांकि, कई इंटरनेशनल ऑप्शन देखने के बाद, ट्रैवलर ने वियतनाम को चुना। पोस्ट के अनुसार, डिस्काउंट वाली रिटर्न फ्लाइट्स उपलब्ध थीं, और टूरिस्ट जगहों के पास साफ़-सुथरे होटलों का किराया 3,000 से 5,000 रुपये प्रति रात के बीच था। पोस्ट में वियतनाम के पब्लिक ट्रांसपोर्ट सिस्टम, सस्ते खाने और टूरिस्ट-फ्रेंडली इंफ्रास्ट्रक्चर की भी तारीफ की गई।

मिस्टर अरोड़ा ने लिखा, "नतीजतन, उन्होंने विदेश में उतना पैसा खर्च नहीं किया जितना भारत में घूमने पर खर्च होता।" पोस्ट में कहा गया है कि भारत के टूरिज़्म सेक्टर को डेस्टिनेशन की प्राकृतिक सुंदरता से आगे बढ़कर अन्य मुद्दों पर भी ध्यान देने की ज़रूरत है। इसमें सुझाव दिया गया कि कम खर्च, इंफ्रास्ट्रक्चर, साफ़-सफ़ाई और टूरिस्ट का कुल अनुभव यात्रियों को आकर्षित करने में अहम भूमिका निभाते हैं।

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इस पोस्ट के बाद सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई है, जिसमें कई यूज़र्स घरेलू और इंटरनेशनल यात्रा के खर्चों के बारे में अपने अनुभव शेयर कर रहे हैं और भारत के टूरिज़्म को और बेहतर बनाने के तरीकों पर चर्चा कर रहे हैं।

एक यूज़र ने मशहूर जगहों पर होटल की कीमतों को "लालच पर आधारित एल्गोरिदम" का नतीजा बताया। एक अन्य यूज़र ने कहा कि अगर होटल और फ़्लाइट के रेट ज़्यादा वाजिब हों तो भारतीय टूरिज़्म फल-फूल सकता है। एक तीसरे यूज़र ने कोविड के बाद आए बदलाव का ज़िक्र करते हुए कहा कि घरेलू यात्रा की मांग में काफ़ी तेज़ी आई है, और जो जगहें पहले सस्ती थीं, वे अब काफ़ी महंगी हो गई हैं।



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Thursday, June 25, 2026

Ketan Murder Update: पुणे के कैफै में चेतन और सिया ने इस तरह रची थी केतन अग्रवाल की हत्या की साजिश, पहली बार सामने आया CCTV फुटेज

Ketan Agarwal Murder Update: पुणे के 26 वर्षीय रियल एस्टेट कारोबारी केतन अग्रवाल की हत्या मामले में एक नया खुलासा हुआ है। केतन अग्रवाल की कथित हत्या से एक दिन पहले सिया गोयल और उसका प्रेमी चेतन चौधरी पुणे के एक कैफै में मिले थे। यह CCTV फ़ुटेज अब जांच का एक अहम हिस्सा बन गया है। बताया जा रहा है कि 17 जून को पुणे में सिया गोयल और उनके बॉयफ्रेंड चेतन चौधरी के बीच एक कॉफी डेट हुई थी। इस दौरान कथित तौर पर सिया के मंगेतर केतन अग्रवाल की हत्या की साज़िश रची गई थी।

पुलिस के मुताबिक, यह घटना अग्रवाल को पुणे के लोहागढ़ किले में एक खाई में धकेले जाने से एक दिन पहले हुई थी। शुरुआती जांच के अनुसार, दोनों ने कैफै में बैठकर हत्या के बारे में बातचीत की और योजना बनाई। पुलिस ने बताया कि सिया ने चेतन के साथ लोहागढ़ किले के बारे में जानकारी शेयर की थी। इसके बाद YouTube वीडियो की मदद से उससे उस जगह के बारे में चर्चा की थी।

मारने का आइडिया कैसे आया?

पुलिस के मुताबिक, 31 मई को सिया और केतन लोहागढ़ किले गए थे। वहां केतन एक खतरनाक जगह बैठा था। तभी सिया के दिमाग में उसे मारने का आइडिया आया। बताया जा रहा है कि 14 जून को भी केतन को किले से धक्का देने की कोशिश की गई थी। उस वक्त सिया ने सांप दिखने का बहाना बनाकर घटना को हादसा बताने की साजिश रची थी, लेकिन केतन बच गया था। इसके बाद सिया ने अपने प्रेमी चेतन चौधरी से पुणे के एक कैफे में मिली। वहां दोनों ने लोहागढ़ किले पर केतन को खाई में धक्का देने की योजना पर डिटेल्स चर्चा की थी।

बैकअप प्लान भी था तैयार 

'दैनिक भास्कर' के मुताबिक, इस दौरान दोनों ने वह पॉइंट भी ढूंढ लिया, जहां से केतन को धक्का देना था। यदि केतन इससे भी बच जाता तो 20 जून के बाद सड़क हादसे में मारने का बैकअप प्लान तैयार था। 'इंडिया टुडे' को मिले CCTV फुटेज में वे दोनों हत्या के एक दिन पहले शाम करीब 4:35 बजे कैफ़े में आते और लगभग 5:30 बजे वहां से निकलते हुए दिखाई दे रहे हैं।

पुणे के पास लोहागढ़ किले में अपनी मंगेतर सिया गोयल के साथ ट्रेकिंग के दौरान 18 जून को खाई में गिरने से केतन अग्रवाल की मौत हो गई। केतन अपने परिवार की रियल एस्टेट कंपनी, सक्सेस ग्रुप के डायरेक्टर और चीफ मार्केटिंग ऑफिसर थे। कपल की सगाई इसी साल हुई थी और नवंबर में उनकी शादी होने वाली थी। पुलिस के मुताबिक, दोनों परिवारों ने राजस्थान के उदयपुर में एक भव्य शादी की योजना बनाई थी।

SIT गठित करने का निर्देश

इस बीच, महाराष्ट्र विधानसभा के पीठासीन अधिकारी राजू खरे ने सरकार को पुणे के रियल एस्टेट कारोबारी केतन अग्रवाल की हत्या मामले की जांच के लिए एक विशेष जांच दल (SIT) गठित करने का निर्देश दिया है। पुलिस ने मंगलवार को बताया कि 26 वर्षीय अग्रवाल की मंगेतर सिया गोयल और उसके प्रेमी चेतन चौधरी ने 18 जून को पुणे में लोहागढ़ किले के निकट एक घाटी में उन्हें कथित तौर पर धक्का दे दिया था।

सिया गोयल (20) और चौधरी (22) को गिरफ्तार कर लिया गया है। अग्रवाल और गोयल की शादी नवंबर में राजस्थान के उदयपुर स्थित एक महल में होने वाली थी। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) सदस्य सुनील शेलके ने राज्य विधानसभा में यह मुद्दा उठाया और मांग की थी कि हत्या के मामले में गोयल के परिवार को भी आरोपी बनाया जाए।

उन्होंने दावा किया कि गोयल परिवार ने अग्रवाल परिवार से उसके (सिया) किसी अन्य व्यक्ति के साथ संबंध होने की जानकारी छिपाई थी। उन्होंने कहा कि हत्या का मुकदमा फास्ट ट्रैक कोर्ट में चलाया जाना चाहिए। खरे ने सरकार को हत्या की जांच के लिए एक एसआईटी गठित करने का निर्देश दिया।

शेलके ने राज्य सरकार से पीड़ित के परिवार को न्याय सुनिश्चित करने की अपील की। विधायक ने कहा कि केतन अग्रवाल के परिवार को शुरुआत में बताया गया था कि उसकी मौत एक हादसे में हुई है। हालांकि, पुलिस की विस्तृत जांच में बाद में यह सामने आया कि यह हत्या का मामला था।

उन्होंने आरोपियों सिया गोयल और उसके प्रेमी के बीच कथित संबंधों का भी उल्लेख किया और दावा किया कि जांच के दौरान फोन कॉल रिकॉर्ड और अन्य साक्ष्य सामने आए हैं। शेलके ने अधिकारियों से मामले के सभी पहलुओं की गहन जांच करने की अपील की और मांग की कि इस मामले की सुनवाई जल्द से जल्द अदालत में की जाए।

ये भी पढ़ें- Ketan Murder: 'केतन अभी जिंदा है...'; मंगेतर के खाई में गिरने के बाद सिया गोयल ने जब सुनी ये बात तो उसके उड़ गए थे होश, ऐसा हो गया था चेहरा



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Wednesday, June 24, 2026

Jyeshtha Purnima 2026: जून में इस दिन होगी ज्येष्ठ माह की पूर्णिमा, जानें सही तारीख, समय और शुभ मुहूर्त

Jyeshtha Purnima 2026: हिंदू कैलेंडर के अनुसार, पूरे साल में 12 पूर्णिमा तिथियां आती हैं। मुख्य रूप से यह तिथि माता लक्ष्मी को समर्पित है और माना जाता है कि इस दिन मां अपने भक्तों का हाल जानने के लिए स्वयं धरती पर आती हैं। इस दिन चंद्रमा की पूजा का भी विशेष महत्व है। पूर्णिमा की रात चंद्रमा अपने पूरे स्वरूप में सभी 16 कलाओं से युक्त होते हैं। इसलिए पूर्णिमा की रात को चंद्रमा की पूजा और उन्हें अर्घ्य देने से चंद्र दोष में राहत मिलती है। पूर्णिमा तिथि पर सत्यनारायण की कथा कहना या सुनना बहुत शुभ माना जाता है।

इस साल ज्येष्ठ माह में अधिक माह लगा था, जिसकी पूर्णिमा 31 मई 2026 को थी। इस वजह से बहुत से भक्त भ्रम में हैं कि अब जो पूर्णिमा आ रही है, वो किस माह की है। इन सभी जातकों की जानकारी के लिए बता दें, वो ज्येष्ठ अधिक मास की पूर्णिमा थी और अब जो आएगी वो शुद्ध ज्येष्ठ माह की पूर्णिमा होगी। ज्येष्ठ माह की पूर्णिमा इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जाती है, क्योंकि इसी दिन देश के कुछ हिस्सों में वट पूर्णिमा का व्रत किया जाता है। इसी दिन कबीर दास जयंती और बटुक भैरव जयंती भी मनाई जाती है। आइए जानें इस साल ज्येष्ठ पूर्णिमा किस दिन होगी?

ज्येष्ठ पूर्णिमा तिथि और समय

वैदिक पंचांग के अनुसार, ज्येष्ठ मास की पूर्णिमा तिथि का समय कुछ इस प्रकार है :

पूर्णिमा तिथि प्रारंभ : 29 जून 2026 को सुबह 03:06 बजे से

पूर्णिमा तिथि समाप्त : 30 जून 2026 को सुबह 05:26 बजे तक

उदयातिथि के अनुसार : 29 जून 2026 (सोमवार) को ही मुख्य पर्व और व्रत रखा जाएगा।

ज्येष्ठ पूर्णिमा 2026 के शुभ मुहूर्त

इस विशेष दिन पर पूजा और शुभ कार्यों के लिए निम्नलिखित मुहूर्त बेहद उत्तम रहेंगे:

ब्रह्म मुहूर्त : सुबह 04:06 बजे से 04:46 बजे तक (स्नान के लिए सर्वोत्तम)

अभिजीत मुहूर्त : दोपहर 11:57 बजे से दोपहर 12:52 बजे तक

गोधूलि मुहूर्त : शाम 07:22 बजे से शाम 07:42 बजे तक

अमृत काल (रात्रि): रात 08:53 बजे से रात 10:40 बजे तक

चंद्रोदय का समय

पूर्णिमा के दिन चंद्र देव की पूजा और उन्हें अर्घ्य देने का विशेष महत्व होता है।

चंद्रोदय का समय : 29 जून 2026 को शाम 07:16 बजे होगा।

भद्रा का समय

इस दिन भद्रा का साया भी रहेगा, जिसमें शुभ व मांगलिक कार्य वर्जित होते हैं:

भद्रा प्रारंभ : 29 जून को सुबह 05:26 बजे से

भद्रा समाप्त : शाम 04:16 बजे तक

ज्येष्ठ पूर्णिमा पर जरूर करें ये 3 काम

  • ज्येष्ठ पूर्णिमा के दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा के साथ-साथ सत्यनारायण भगवान की कथा सुनने से घर में सुख-समृद्धि आती है।
  • इस दिन गर्मी से राहत देने वाली वस्तुएं जैसे- छाता, तरबूज, पानी से भरा घड़ा, पंखा और अन्न-वस्त्र का दान करना अनंत पुण्यदायी माना जाता है।
  • शाम के समय चंद्रोदय के बाद तांबे या चांदी के पात्र में जल, दूध, और थोड़े से अक्षत मिलाकर चंद्रमा को अर्घ्य दें। इसके बाद "ॐ सोमाय नमः" या "ॐ क्षीरोदार्णव सम्भवाय अत्रिममुद्भव। सोमन्गृहाण सद्भावं गृहाणार्ग्यं नमो नमः।। मंत्र का जाप करें।

Nirjala Ekadashi 2026: कच्चे दूध और तुलसी की मंजरी का ये उपाय भर देगा घर, कल निर्जल एकादशी पर जरूर करें तुलसी के ये चमत्कारी टोटके



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Tuesday, June 23, 2026

एक्सीडेंट नहीं थी केतन अग्रवाल की मौत...प्रेमी के लिए मंगेतर ने दिया गहरी खाई में धक्का, पुणे हत्याकांड में बड़ा खुलासा

पुणे के युवा कारोबारी केतन अग्रवाल की मौत के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। पुलिस के मुताबिक, केतन की मंगेतर सिया गोयल पर अपने कथित प्रेमी चेतन चौधरी के साथ मिलकर हत्या की साजिश रचने का आरोप है। शुरुआत में ये घटना एक एक्सीडेंट माना जा रहा था, लेकिन जांच आगे बढ़ने पर पुलिस ने इसे हत्या का मामला बताया है। शादी से पहले हुई इस घटना ने दोनों परिवारों की खुशियों को गहरे सदमे में बदल दिया है। लोनावाला रूरल पुलिस के मुताबिक, केतन अग्रवाल और सिया गोयल की फरवरी में सगाई हुई थी और दोनों इसी साल नवंबर में शादी करने वाले थे। 18 जून को सिया का जन्मदिन मनाने के लिए लोहागढ़ किले पर ट्रेकिंग करने गए थे।

सिया ने पुलिस को बताया था कि, सुबह करीब 10:30 बजे फोटो खिंचवाने के दौरान केतन का पैर फिसल गया और वह गहरी खाई में गिर गए, जिससे उनकी मौत हो गई। वहीं, मामले की गहराई से जांच करने के बाद पुलिस इस निष्कर्ष पर पहुंची कि ये कोई हादसा नहीं था, बल्कि पहले से बनाई गई योजना के तहत की गई हत्या थी।

पुलिस जांच में सामने आया ये सच

पुलिस जांच में सामने आया कि, सिया गोयल कथित तौर पर केतन अग्रवाल से शादी नहीं करना चाहती थी। अधिकारियों का दावा है कि इसी वजह से उसने चेतन चौधरी के साथ मिलकर एक योजना बनाई। पुणे रूरल के पुलिस अधीक्षक संदीप सिंह गिल ने कहा, "18 जून 2026 को सिया गोयल और केतन अग्रवाल, जिनकी फरवरी में सगाई हुई थी, ट्रेकिंग के लिए लोहागढ़ किले गए थे। सुबह करीब 10:30 से 10:45 बजे के बीच सिया गोयल ने फोन कर जानकारी दी कि केतन अग्रवाल किले से फिसलकर नीचे गिर गए हैं, जिससे उनकी मौत हो गई।"

उन्होंने आगे कहा, "गोपनीय सूचनाओं, गवाहों के बयानों और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच में पता चला कि सिया गोयल और उसके दोस्त चेतन चौधरी, जो करीब एक साल से एक-दूसरे को जानते थे ने कथित तौर पर इस घटना की योजना बनाई थी। पुलिस का मानना है कि दोनों ने मिलकर केतन अग्रवाल को लोहागढ़ किले से धक्का दिया, जिसके कारण उनकी मौत हो गई।"

पांच दिन पहले रची थी हत्या की साजिश

पुणे रूरल पुलिस सूत्रों के अनुसार, "केतन अग्रवाल की हत्या की कथित साजिश पांच दिन पहले भी रची गई थी, लेकिन वह सफल नहीं हो सकी। सिया गोयल और चेतन चौधरी पहले भी केतन की मौत को हादसे का रूप देने की कोशिश कर चुके थे। 31 मई को जब सिया और केतन पहली बार लोहागढ़ किले गए थे, तभी कथित तौर पर हत्या की योजना बनाई गई थी। इसके बाद 14 जून को सिया और उसके सहयोगी केतन को फिर लोहागढ़ ले गए और सांप के हमले का डर दिखाकर उसे घाटी में धक्का देने की कोशिश की, लेकिन ये प्रयास भी नाकाम रहा। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, इसके बाद दोनों ने 19 जून के लिए एक नई योजना तैयार की थी।

सिया के जन्मदिन को खास बनाना चाहते थे केतन

परिवार के सदस्यों ने पुलिस को बताया कि, शादी से पहले केतन अग्रवाल और सिया गोयल बाली घूमने जाने वाले थे, लेकिन सिया ने कथित तौर पर ये कहकर ट्रिप कैंसिल कर दी कि उसका पासपोर्ट खो गया है। पुलिस जांच में ये भी सामने आया कि केतन ने सिया के जन्मदिन को खास बनाने के लिए महाबलेश्वर के एक लग्जरी रिजॉर्ट में कार्यक्रम की योजना बनाई थी और इसके लिए करीब 40 कमरे बुक किए थे। वहीं, सिया ने लोहागढ़ किले में प्री-वेडिंग फोटोशूट कराने की योजना बनाई थी। पुलिस को ये भी संदेह है कि सिया ने नाश्ते के लिए एक होटल में रुकने के दौरान वहां के वॉशरूम में अपना पासपोर्ट फाड़कर फेंक दिया था।

नंवबर में होने वाली थी शादी

केतन अग्रवाल और सिया गोयल की शादी इसी साल नवंबर में धूमधाम से होने वाली थी। दोनों परिवार इस आयोजन की तैयारियों में जुटे हुए थे और इसे बेहद भव्य बनाने की योजना बनाई गई थी। जानकारी के अनुसार, शादी के लिए जयपुर में करीब 17 करोड़ रुपये की लागत वाला एक आलीशान पैलेस बुक किया गया था। इसके अलावा मेहमानों की यात्रा को सुविधाजनक बनाने के लिए 2 निजी विमानों की भी व्यवस्था की गई थी।



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Monday, June 22, 2026

Market Outlook : बढ़त के साथ बंद हुए सेंसेक्स-निफ्टी, जानिए 23 जून को कैसी रह सकती है इनकी चाल

Market Outlook : 22 जून को भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स बढ़त के साथ बंद हुए। FMCG और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स को छोड़कर सभी सेक्टर में खरीदारी के दम पर निफ्टी 24,100 के लेवल के आसपास पहुंच गया। मार्केट बंद होने पर सेंसेक्स 291.17 अंक या 0.38 प्रतिशत बढ़कर 77,094.07 पर और निफ्टी 89.80 अंक या 0.37 प्रतिशत बढ़कर 24,102.90 पर बंद हुआ। लगभग 2500 शेयरों में बढ़त हुई, 1688 शेयरों में गिरावट आई और 179 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ।

निफ्टी पर सबसे ज्यादा बढ़त वाले शेयरों में सिप्ला,डॉ.रेड्डीज़ लैबोरेटरीज,टेक महिंद्रा,रिलायंस इंडस्ट्रीज और सन फार्मा शामिल थे। दूसरी ओर एशियन पेंट्स,टाइटन कंपनी,नेस्ले इंडिया,ट्रेंट और पावर ग्रिड प्रमुख गिरावट वाले शेयरों में शामिल रहे।

सेक्टर के हिसाब से FMCG और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स को छोड़कर सभी इंडेक्स बढ़त के साथ बंद हुए। मीडिया,IT, मेटल,फार्मा,ऑटो और एनर्जी इंडेक्स में 0.5-1 प्रतिशत की बढ़त हुई,जो रैली में व्यापक भागीदारी को दर्शाता है। ब्रॉडर मार्केट भी मज़बूत रहा,जिसमें निफ्टी मिडकैप इंडेक्स 0.3 प्रतिशत और निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स 0.6 प्रतिशत बढ़ा।

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के हेड ऑफ रिसर्च,विनोद नायर का कहना है कि बाजार में आज एक सीमित दायरे में कारोबार हुआ,लेकिन इसका रुख पॉजिटिव रहा। निवेशक US-ईरान बातचीत की प्रगति को लेकर अच्छी उम्मीद लगाए रहे । कुल मिलाकर बाजार का मूड सकारात्मक रहा,जिसे यूटिलिटी,बैंकिंग और हेल्थकेयर सेक्टर के बेहतर प्रदर्शन का सहारा मिला। यह मजबूती मुख्य रूप से चुनिंदा सेक्टरों और स्टॉक में आई खरीदारी की वजह से आई। हालांकि,मॉनसून की धीमी रफ्तार की चिंताएं महंगाई का दबाव बढ़ा सकती हैं,जिससे कंज्यूमर सेंटीमेंट और खेती से जुड़े सेक्टर की मांग पर असर पड़ सकता है।

इससे निकट भविष्य में बाजार की तेजी धीमी पड़ सकती है। लेकिन बाजार का बड़ा ट्रेंड अच्छा बना हुआ है। मजबूत कमाई और लगातार मिल रहे पॉलिसी सपोर्ट के चलते बाजार के लिए मध्यम अवधि का ट्रेंड अच्छा बना हुआ है।

LKP सिक्योरिटीज के सीनियर टेक्निकल एनालिस्ट रूपक डे का कहना है कि RSI अभी भी बुलिश क्रॉसओवर में है,जो दिखाता है कि पॉजिटिव मोमेंटम बना हुआ है। ऊपरी स्तर पर,24,200 का लेवल एक इमीडिएट रेजिस्टेंस का काम कर सकता है। इस लेवल के ऊपर की मजबूत चाल 24,500 की ओर रैली शुरू कर सकती है। निचले स्तर पर,सपोर्ट 24,000 पर है। इस लेवल के नीचे जाने पर इंडेक्स 23,800 की ओर जा सकता है।

बैंक निफ्टी व्यू

LKP सिक्योरिटीज के टेक्निकल एनालिस्ट वत्सल भुवा का कहना है कि सोमवार के सेशन में बैंक निफ्टी डेली चार्ट पर एक छोटी 'डोजि कैंडलस्टिक'(Doji candlestick)के साथ बंद हुआ। यह हालिया रिकवरी के बाद ऊपर की ओर कंसोलिडेशन (upward consolidation) का संकेत है। इंडेक्स पॉजिटिव रुख के साथ एक सीमित दायरे में ट्रेड कर रहा है,जिससे पता चलता है कि खरीदारी की दिलचस्पी अभी भी बनी हुई है।

आवरली चार्ट पर बैंक निफ्टी अपने 20-SMA और 50-SMA के ऊपर बना हुआ है,जो ट्रेंड में मजबूती दिखाता है। इसलिए,जब तक इंडेक्स 57,500 और 57,000 के सपोर्ट लेवल के ऊपर रहता है,तब तक गिरावट पर खरीदारीसकी रणनीति फायदेमंद रहेगी। ऊपर की ओर तत्काल रेजिस्टेंस 58,500–59,000 के जोन में है।

 

Trading Strategy: बाजार का सेटअप काफी शानदार,इसमें मौके तलाशें, कच्चा तेल जब तक 80 डॉलर के पास है,कोई डर नहीं

 

डिस्क्लेमर:मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।



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Sunday, June 21, 2026

Gurudwara Clash Nihang Sikh: रुद्रप्रयाग के गुरुद्वारे में भारी बवाल! मैनेजमेंट को बंधक बनाकर छत पर चढ़े निहंग सिख, लहरा रहे हथियार

Gurudwara Clash Nihang Sikh: उत्तराखंड में रुदप्रयाग जिले के नगरासू स्थित एक गुरुद्वारे में कुछ निहंग सिख श्रद्धालुओं ने जमकर हंगामा किया। इतना ही नहीं मैनेजमेंट को बंधक बनाते हुए गुरुद्वारे की छत पर चढ़ गए। आरोप है कि पंजाब से आए कुछ निहंग सिख श्रद्धालुओं ने रुद्रप्रयाग के नगरासू गुरुद्वारे पर हंगामा करने के बाद डायरेक्ट कब्जा कर लिया। उन्होंने वहां मौजूद एक सेवादार को बंधक बना लिया। 'न्यूज 18' की रिपोर्ट के मुताबिक, गुरुद्वारे की छत पर खड़े कुछ लोग हथियार लहराते भी नजर आए, जिससे इलाके में चिंता का माहौल है।

पुलिस ने बताया कि इस घटना में शामिल निहंग श्रद्धालु 16 जून को कर्णप्रयाग बाजार में एक घटना के बाद गिरफ्तार किए गए निहंगों को छोड़े जाने की मांग कर रहे थे। पुलिस के मुताबिक, निहंग गुरुद्वारे के मैनेजमेंट को भी अपने साथ ले गए और उनके पास भाला, तलवार, कुल्हाड़ी और कृपाण जैसे हथियार हैं।

भारी संख्या में पुलिस बल तैनात

पुलिस ने बताया कि मौके पर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात है। निहंग श्रद्धालुओं से बात कर उन्हें नीचे आने के लिए मनाने के प्रयास जारी हैं। रुद्रप्रयाग के जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक (SP) मौके पर स्थिति को नियंत्रित करने में जुटे हुए हैं।

श्री हेमकुंड साहिब गुरुद्वारे में 16 जून को मत्था टेककर वापस आ रहे कुछ निहंग सिखों का कर्णप्रयाग बाजार में कृष्णा पैलेस होटल के पास वाहन खड़ा करने को लेकर स्थानीय लोगों से विवाद हो गया था। इसके बाद उन्होंने कथित रूप से तलवार से हमला कर चार लोगों को घायल कर दिया।

8 से 10 निहंग सिख गुरुद्वारे में मौजूद

पुलिस के मुताबिक, झड़प में एक सिख श्रद्धालु भी चोटिल हुआ था। घटना के संबंध में पंजाब के मोहाली जिले के रहने वाले चार सिख श्रद्धालुओं को गिरफ्तार भी किया गया था। जानकारी के अनुसार, शनिवार को पंजाब से आए कुछ निहंग सिखों ने कर्णप्रयाग की घटना में एकतरफा कार्रवाई के विरोध में रविवार को प्रस्तावित धरना प्रदर्शन में शामिल होने के लिए नगरासू गुरुद्वारे के प्रबंधकों से सहयोग की अपील की थी।

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निहंगो ने अपेक्षा के अनुरूप सहयोग न मिलने पर शनिवार शाम को नगरासू गुरुद्वारे में हंगामा शुरू कर दिया। इस दौरान तोड़फोड़ के बाद मैनेजमेंट को लेकर गुरुद्वारे की छत पर चढ़े तथा नारेबाजी करने लगे। रिपोर्ट के मुताबिक, 8 से 10 निहंग सिख गुरुद्वारे में मौजूद है। वे गुरुद्वारे के छत पर खड़े होकर हथियार लहरा रहे हैं। सूत्रों ने बताया कि निहंग सिखों की शिकायत ये है कि गुरुद्वारा मैनेजमेंट ने कर्णप्रयाग की घटना पर खुलकर निहांगो का स्टैंड नहीं लिया।



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Saturday, June 20, 2026

Rhea Anil Kapoor: अनिल कपूर की बेटी की जूलरी हुई चोरी, रिया कपूर के 1.35 करोड़ डायमंड ईयररिंग लेकर फरार हुए चोर

Rhea Anil Kapoor: खबर है कि बॉलीवुड की फ़ैशनिस्टा सोनम कपूर की बहन और फ़िल्ममेकर-स्टाइलिस्ट रिया कपूर के 1.35 करोड़ रुपये कीमत के हीरे जड़े झुमके उनके मेकअप आर्टिस्ट के हैंडबैग से चोरी हो गए। मुंबई पुलिस के मुताबिक, एक बड़े फ़ैशन इवेंट के लिए मुंबई के दो ज्वैलर्स से किराए पर ली गई ये ज्वैलरी, टीम के न्यूयॉर्क पहुंचने पर गायब पाई गई। मुंबई के सहार पुलिस स्टेशन में एक अज्ञात व्यक्ति के ख़िलाफ़ मामला दर्ज किया गया है।

मुंबई के सहार पुलिस स्टेशन ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 303(2) के तहत एक अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ मामला दर्ज किया है और जांच शुरू कर दी है। जाने-माने मेकअप आर्टिस्ट सवलीन सिंह पिछले सात सालों से रिया कपूर के साथ काम कर रहे हैं। रिया को 29 अप्रैल को न्यूयॉर्क में होने वाले "मेट गाला" फैशन इवेंट में शामिल होने के लिए बुलाया गया था और उनकी पूरी टीम उनके साथ जर्नी कर रही थी।

इस इवेंट के लिए, मुंबई के मेहता ज्वैलर्स और गोयनका ज्वैलर्स से दो जोड़ी महंगे झुमके किराए पर लिए गए थे। सवलीन सिंह ने ज्वैलरी के दोनों बॉक्स अपने हैंडबैग में रखे थे। टीम ने अपनी यात्रा 27 अप्रैल को रात 10:25 बजे मुंबई से दुबई और फिर वहाँ से न्यूयॉर्क के लिए एमिरेट्स की फ़्लाइट से शुरू की। मुंबई पुलिस के अनुसार, 28 अप्रैल की शाम करीब 5:30 बजे टीम जॉन एफ. कैनेडी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पहुँची और बाद में न्यूयॉर्क के 'द पियरे होटल' में रुकी।

जब मेकअप आर्टिस्ट ने शिरीन नाम की टीम मेंबर को इयररिंग्स देने के लिए अपने होटल के कमरे में जूलरी बॉक्स खोले, तो उसने देखा कि दोनों बॉक्स खाली थे। चोरी हुई जूलरी में मेहता जूलर्स के 66 लाख कीमत के पन्ने और हीरे जड़े सोने के इयररिंग्स और गोयनका जूलर्स के 69 लाख कीमत के ज़ाम्बियन पन्ने और सोने की बॉर्डर वाले इयररिंग्स शामिल थे। इस तरह चोरी हुए इयररिंग्स की कुल कीमत 1.35 करोड़ थी।

मुंबई लौटने के बाद, सवलीन सिंह ने सहार पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद पुलिस ने चोरी के लिए BNS की धारा 303(2) के तहत FIR दर्ज की। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, सवलीन सिंह की शिकायत पर FIR दर्ज की गई थी। 1.35 करोड़ रुपये कीमत के ये इयररिंग्स रिया कपूर के न्यूयॉर्क इवेंट के लिए किराए पर लिए गए थे।

जांच करने वाले अब पूरी टाइमलाइन की जांच कर रहे हैं - मुंबई एयरपोर्ट और फ़्लाइट के सफ़र से लेकर न्यूयॉर्क के होटल तक। मुंबई पुलिस अभी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि चोरी मुंबई एयरपोर्ट पर हुई, फ़्लाइट के दौरान हुई, या टीम के न्यूयॉर्क पहुँचने के बाद हुई।



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Friday, June 19, 2026

Market Outlook : लाल निशान में बंद हुए सेंसेक्स- निफ्टी जानिए 22 जून को कैसी रह सकती है बाजार की चाल

Market Outlook : शुक्रवार,19 जून को बेंचमार्क इक्विटी इंडेक्स सेंसेक्स और निफ्टी में लगातार पांच दिनों की बढ़त का सिलसिला थम गया। इसकी सबसे बड़ी वजह एक्सेंचर (Accenture) द्वारा अपने रेवेन्यू ग्रोथ आउटलुक में कटौती करने के फैसले के बाद आईटी शेयरों में आई भारी बिकवाली रही। कमजोर ग्लोबल संकेतों, विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की फिर से शुरू हुई बिकवाली और जियोपॉलिटिकल अनिश्चितताओं ने भी निवेशकों का सेंटीमेंट खराब किया। कारोबारी सत्र के अंत में सेंसेक्स 607 अंक या 0.78% गिरकर 76,802.90 पर और निफ्टी 154.90 अंक या 0.64% गिरकर 24,013.10 पर बंद हुआ।

हालांकि,छोटे-मझोले शेयरों ने बेहतर प्रदर्शन किया। निफ्टी मिडकैप 100 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स में 0.22% और 0.42% की बढ़त देखने को मिली। सेक्टोरल इंडेक्सों पर नजर डालें तो Nifty IT सबसे ज्यादा गिरा और इसमें 3.6% से ज्यादा की गिरावट आई। निफ्टी ऑटो, निफ्टी बैंक और निफ्टी ऑयल एंड गैस भी आज गिरावट के साथ बंद हुए। इसके विपरीत निफ्टी मीडिया, निफ्टी फार्मा, निफ्टी हेल्थकेयर और निफ्टी केमिकल्स बढ़त के साथ ट्रेड करते दिखे।

मार्केट व्यू

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के चीफ इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटेजिस्ट वी.के.विजयकुमार ने कहा कि मौजूदा मार्केट स्ट्रक्चर से पता चलता है कि गिरावट पर खरीदारी करना एक असरदार रणनीति हो सकती है। उन्होंने आगे कहा कि कच्चे तेल की कीमतों में आई भारी गिरावट और बेहतर होते मैक्रो-इकोनॉमिक हालात मार्केट की अंदरूनी मजबूती को सहारा दे रहे हैं।

Reliance AGM 2026 : भारत को AI के क्षेत्र में क्रिएटर और ग्लोबल लीडर बनाने पर होना चाहिए फोकस -मुकेश अंबानी

एक्सिस डायरेक्ट में रिसर्च हेड राजेश पालवीय ने कहा कि जब तक निफ्टी 24,000 के अहम लेवल से ऊपर बना हुआ है तब तक मार्केट का ओवरऑल ट्रेंड पॉजिटिव रहेगा। उनके मुताबिक,24,000 का लेवल तत्काल सपोर्ट का काम करेगा,जबकि 24,250-24,400 का जोन एक अहम रेजिस्टेंस एरिया बना रहेगा। 24,400 के ऊपर एक मज़बूत ब्रेकआउट से नई तेजी और शॉर्ट कवरिंग आ सकती है। जिससे और ऊंचे लेवल तक जाने का रास्ता खुल सकता है। दूसरी ओर,अगर यह लगातार 24,050 के नीचे बना रहता है तो 23,950 की तरफ प्रॉफिट बुकिंग हो सकती है और अगला सपोर्ट 23,850 के आसपास होगा। कुल मिलाकर,जब तक इंडेक्स 24,000 से ऊपर है,तब तक गिरावट पर खरीदारी (buy on dips)की रणनीति अपनानी चाहिए,क्योंकि मीडियम-टर्म में तेजी का ट्रेंड बना हुआ है।

बाजार जानकारों का कहना है कि तेजी का दौर (bullish momentum)वापस लाने के लिए निफ्टी का 23,900 के लेवल पर बने रहना जरूरी होगा। बजाज ब्रोकिंग में टेक्निकल रिसर्च के डिप्टी वाइस प्रेसिडेंट पवित्रो मुखर्जी ने कहा,"निफ्टी के लिए 23,900-23,800 का लेवल तत्काल सपोर्ट का काम करेगा, क्योंकि यहीं पर 50-दिन का EMA और पिछले सोमवार के बुलिश गैप एरिया का ऊपरी बैंड मिल रहे हैं।

कोटक सिक्योरिटीज में इक्विटी रिसर्च के हेड श्रीकांत चौहान की राय है कि निफ्टी में 24,100 और 24,000 के बीच गिरावट आने पर खरीदारी करें और 23,900 पर स्टॉप लॉस रखें।

डिस्क्लेमर:मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।



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Thursday, June 18, 2026

Pritam: प्रीतम सच में म्यूज़िक इंडस्ट्री को कह रहे हैं अलविदा? जानिए क्या है वायरल खबर का सच

Pritam: म्यूज़िक कंपोज़र प्रीतम के 14 जून के सोशल मीडिया बर्थडे पोस्ट ने फ़ैन्स के मन में यह सवाल खड़ा कर दिया कि क्या म्यूज़िक कंपोज़र और सिंगर अरिजीत सिंह की तरह उन्होंने भी म्यूज़िक इंडस्ट्री छोड़ने का फ़ैसला किया है। हालांकि अब खबर हैं कि यह सच नहीं है। म्यूज़िक कंपोज़र म्यूज़िक इंडस्ट्री नहीं छोड़ रहे हैं, बल्कि उन्होंने सिर्फ़ दूसरे तरह के मौकों को आज़माने की इच्छा ज़ाहिर की है।

जन्मदिन की शुभकामनाओं के लिए फ़ैन्स का शुक्रिया अदा करते हुए उन्होंने लिखा, "आप सभी की शुभकामनाओं के लिए धन्यवाद। मैं हर किसी को अलग-अलग जवाब तो नहीं दे सकता, लेकिन कृपया मेरा दिल से आभार स्वीकार करें। आज मैंने खुद को कुछ साल ऐसे जीने का तोहफ़ा देने का फ़ैसला किया है, जो अलग हों। उन चीज़ों को पूरा करने के लिए जो मैं अब तक नहीं कर पाया।"

प्रीतम ने आगे कहा, "अब नए सफ़र पर निकलने का समय आ गया है, जिन्हें मैंने लंबे समय से टाल रखा था। मेनस्ट्रीम म्यूज़िक का सफ़र शानदार रहा है। लेकिन मैं हमेशा से उन रास्तों को जानने के लिए ज़्यादा उत्सुक रहा हूं, जिन पर अभी तक कोई नहीं गया। आपके प्यार और सपोर्ट के लिए धन्यवाद। हमेशा।"

इस वजह से उनके फ़ॉलोअर्स को लगा कि वह म्यूज़िक इंडस्ट्री को अलविदा कह रहे हैं। म्यूज़िक कंपोज़र के करीबी एक सूत्र ने हमें बताया, "प्रीतम म्यूज़िक इंडस्ट्री नहीं छोड़ रहे हैं। वह निश्चित रूप से काम करना जारी रखेंगे। अपनी पोस्ट के ज़रिए उन्होंने बस यह बताया कि उनकी कुछ और भी रुचियां हैं जिन्हें वह अभी प्राथमिकता देना चाहते हैं। इसका मतलब यह नहीं है कि वह हमेशा के लिए म्यूज़िक इंडस्ट्री छोड़ देंगे।" सूत्र ने यह भी बताया कि अपनी ज़िंदगी के नए साल की शुरुआत करते हुए वह अपनी कुछ व्यक्तिगत रुचियों पर ध्यान देंगे।

प्रीतम की पोस्ट से उनके रिटायरमेंट की चर्चा शुरू हो गई, क्योंकि फैंस ने इसकी तुलना इस साल जनवरी में सिंगर अरिजीत सिंह के रिटायरमेंट के ऐलान से की। अरिजीत ने भी सोशल मीडिया पर बॉलीवुड प्लेबैक सिंगिंग छोड़ने के बारे में एक पोस्ट किया था। उन्होंने लिखा था, "हेलो, सभी को नया साल मुबारक हो।

इतने सालों तक सुनने वालों के तौर पर मुझे इतना प्यार देने के लिए मैं आप सभी का शुक्रिया अदा करना चाहता हूं। मुझे यह बताते हुए खुशी हो रही है कि अब से मैं प्लेबैक सिंगर के तौर पर कोई नया काम नहीं करूंगा। मैं इसे यहीं खत्म कर रहा हूं। यह एक शानदार सफर रहा। हालांकि, बाद में अरिजीत ने साफ़ किया कि वह अपने हाथ में लिए गए मौजूदा काम को पूरा करेंगे।



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Wednesday, June 17, 2026

PSU Banks के दम पर Nifty का जलवा, चौथे दिन Sensex ग्रीन, निवेशकों पर बरसे ₹3 लाख करोड़

Share Market Rally: कच्चे तेल की तेज फिसलन पर घरेलू स्टॉक मार्केट में आज लगातार चौथे दिन रौनक रही। घरेलू इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज की बात करें तो इंट्रा-डे में सेंसेक्स 400 प्वाइंट्स से अधिक उछल पड़ा तो निफ्टी ने भी 24100 का लेवल पार कर दिया था। ब्रोडर लेवल पर मिडकैप और स्मॉलकैप स्पेस में भी अच्छी रौनक रही और निफ्टी मिडकैप 100 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 आधे-आधे फीसदी से अधिक बढ़त के साथ बंद हुए।

सेक्टरवाइज ऑटो सेक्टर ने मार्केट पर काफी दबाव बनाने की काफी कोशिश की और इसमें रियल्टी सेक्टर ने भी इसका साथ दिया लेकिन नाकाम रहे। निफ्टी ऑटो में आज आधे फीसदी से अधिक गिरावट रही तो निफ्टी रियल्टी में भी करीब आधे फीसदी की गिरावट रही। वहीं दूसरी तरफ शुरुआती गिरावट से उबरते हुए निफ्टी पीएसयू बैंक डेढ़ फीसदी से अधिक की बढ़त के साथ बंद हुआ तो निफ्टी मेटल भी आधे फीसदी से अधिक की गिरावट से रिकवर करते हुए 1% से अधिक मजबूत हुआ। निफ्टी आईटी में आधे फीसदी से अधिक तेजी आई।

ओवरऑल आज BSE पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप ₹3 लाख करोड़ से अधिक बढ़ गया यानी निवेशकों की दौलत में ₹3 लाख करोड़ से अधिक का इजाफा हुआ। इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज की बात करें तो आज सेंसेक्स (Sensex) 347.14 प्वाइंट्स यानी 0.45% के उछाल के साथ 77,155.62 और निफ्टी 50 (Nifty 50) भी 96.55 प्वाइंट्स यानी 0.40% की बढ़त के साथ 24,085.70 पर बंद हुआ है। इंट्रा-डे में सेंसेक्स आज 410.51 प्वाइंट्स उछलकर 77,218.99 और निफ्टी 119.05 प्वाइंट्स चढ़कर 24,108.20 तक पहुंच गया।

₹3.50 लाख करोड़ बढ़ी निवेशकों की दौलत

एक कारोबारी दिन पहले यानी 16 जून 2026 को बीएसई पर लिस्टेड सभी शेयरों का कुल मार्केट कैप ₹4,71,68,565.05 करोड़ था। आज यानी 17 जून 2026 को यह उछलकर ₹4,75,17,482.57 करोड़ पर पहुंच गया। इसका मतलब हुआ कि निवेशकों की पूंजी में आज ₹3,48,917.52 करोड़ का इजाफा हुआ है।

Sensex के 20 शेयर ग्रीन

सेंसेक्स पर 30 शेयर लिस्टेड हैं जिसमें आज 20 स्टॉक्स आज ग्रीन बंद हुए हैं। सबसे अधिक तेजी आज ट्रेंट, बीईएल और जोमैटो की एटर्नल में रही। वहीं दूसरी तरफ आज सेंसेक्स पर सबसे अधिक गिरावट बजाज फिनसर्व, एक्सिस बैंक और कोटक बैंक में रही। नीचे सेंसेक्स पर लिस्टेड सभी शेयरों के लेटेस्ट भाव और आज उतार-चढ़ाव की डिटेल्स देख सकते हैं-

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133 शेयर एक साल के हाई पर

बीएसई पर आज 4443 शेयरों की ट्रेडिंग हुई। इसमें 2404 शेयर मजबूत हुए तो 1876 में गिरावट रही जबकि 163 में कोई बदलाव नहीं हुआ। इसके अलावा 133 शेयर एक साल के हाई और 56 शेयर एक साल के निचले स्तर पर आ गए। वहीं 11 शेयर अपर सर्किट पर पहुंच गए तो 8 शेयर लोअर सर्किट पर आ गए।

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Tuesday, June 16, 2026

कल का मौसम 17 जून: IMD ने बिहार समेत इन 8 राज्यों में हैवी बारिश का अलर्ट दिया, दिल्ली-NCR से यूपी तक ऐसा रहेगा मौसम

Weather Forecast for June 16: भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने देश के मौसम को लेकर नया बुलेटिन जारी किया है। दक्षिण-पश्चिम मानसून की लगातार बढ़ती रफ्तार और आसमान में बने कई चक्रवाती प्रणालियों के असर से 17 जून को देश के बड़े हिस्से में मौसम का अलग ही अंदाज देखने को मिलने वाला है। मौसम विभाग (IMD) ने बिहार, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम और पूर्वोत्तर राज्यों समेत देश के कम से कम 8 प्रमुख क्षेत्रों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी दी है।

दिल्ली-एनसीआर से लेकर उत्तर प्रदेश और पंजाब-हरियाणा तक तेज आंधी-तूफान और गरज-चमक की गतिविधियां देखने को मिलेंगी। राजस्थान के कई हिस्सों में कल 60 किमी/घंटे की रफ्तार से बवंडर उठने का भी अलर्ट है।

मानसून ट्रैकर: बिहार-झारखंड और ओडिशा में आगे बढ़ेगा मानसून

मौसम विभाग के मुताबिक मानसून की उत्तरी सीमा (NLM) इस समय हरनाई, सोलापुर, हैदराबाद, भद्राचलम, कोरापुट, फूलबनी, रांची, जमुई और मुजफ्फरपुर से होकर गुजर रही है। मानसूनी हवाओं के आगे बढ़ने के लिए स्थितियां पूरी तरह अनुकूल बनी हुई हैं। अगले 4 से 5 दिनों के भीतर मानसून बिहार और झारखंड के बचे हुए हिस्सों, पूरे तेलंगाना, ओडिशा और छत्तीसगढ़ के कुछ और इलाकों में आगे बढ़ जाएगा।

बिहार समेत इन 8 राज्यों/क्षेत्रों में भारी बारिश का अलर्ट

17 जून को आईएमडी ने देश के कई हिस्सों में मूसलाधार बारिश की चेतावनी दी है। बिहार में भारी बारिश का दौर 20 जून तक जारी रहेगा। राज्य में बारिश के साथ 40-50 किमी/घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चलने और आकाशीय बिजली गिरने का भी अलर्ट है। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 17 जून को भारी से बहुत भारी बारिश होने की आशंका है। इसके अलावा असम, मेघालय, केरल और माहे, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराइकल में भी 17 जून को अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश दर्ज की जा सकती है।

दिल्ली-NCR, पंजाब, हरियाणा और यूपी: धूलभरी आंधी और गरज-चमक

उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानी इलाकों में कल मौसम का मिजाज काफी बदला हुआ रहेगा। पंजाब से लेकर बिहार तक फैली एक ट्रफ लाइन और हरियाणा के ऊपर बने चक्रवाती हवाओं के क्षेत्र के कारण 17 जून को इन राज्यों में आंधी-बारिश की स्थिति बनेगी।

दिल्ली-एनसीआर, चंडीगढ़, हरियाणा और पंजाब में 40-50 किमी/घंटे की रफ्तार वाली तूफानी हवाओं और गरज-चमकके साथ छिटपुट बौछारें पड़ने की संभावना है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के इलाकों में कल 40-50 किमी/घंटे की रफ्तार से धूलभरी आंधी चलने और गरज-चमक के साथ हल्की बारिश की संभावना है। वहीं पूर्वी उत्तर प्रदेश में भी छिटपुट बारिश होने का अनुमान जताया गया है।

राजस्थान में 60 किमी/घंटे का बवंडर और धूलभरी आंधी

मौसम विभाग ने राजस्थान के लिए भी कल तेज आंधी का अलर्ट जारी किया है। 17 जून को राजस्थान के अलग-अलग हिस्सों में 50-60 किमी/घंटे की रफ्तार से तीव्र बवंडर उठने की आशंका है। पश्चिमी राजस्थान के रेतीले इलाकों में 17 जून को तेज धूलभरी आंधी चलने की संभावना है। इससे आम जनजीवन और विजिबिलिटी पर असर पड़ सकता है।

दक्षिण और मध्य भारत के राज्यों का हाल

मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और विदर्भ (महाराष्ट्र) में 17 जून को 40-50 किमी/घंटे की रफ्तार वाली आंधी और गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने की पूरी संभावना है। तटीय आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, तमिलनाडु, पुडुचेरी और केरल में कल गरज-चमक के साथ 40-50 किमी/घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलेंगी। रायलसीमा में हवाओं की रफ्तार 30-40 किमी/घंटे रहने का अनुमान है।

इन इलाकों में जारी रहेगा हीट वेव और उमस का प्रकोप

भले ही देश के बड़े हिस्से में आंधी-बारिश की गतिविधियां शुरू हो रही हैं, लेकिन कल कुछ इलाकों में हीट वेव और उमस का असर बना रहेगा। 17 जून को छत्तीसगढ़, तेलंगाना और विदर्भ के कुछ हिस्सों में लू की स्थिति बनी रहेगी।

19 जून के बाद इन इलाकों में तापमान में 2-3 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आएगी। तटीय आंध्र प्रदेश, गंगीय पश्चिम बंगाल, कोंकण व गोवा और ओडिशा में कल हवा में अत्यधिक नमी होने के कारण लोगों को भीषण उमस भरी गर्मी का सामना करना पड़ेगा।

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समंदर में न जाएं मछुआरे: आईएमडी की सख्त चेतावनी

मौसम विभाग ने 16 से 21 जून की अवधि के लिए मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी है। सोमालिया और ओमान तट के पास 45-55 किमी/घंटे की रफ्तार से चलने वाली चक्रवाती हवाएं झोंकों में 65 किमी/घंटे तक पहुंच सकती हैं। मन्नार की खाड़ी, श्रीलंका तट, दक्षिण-पश्चिम व दक्षिण-पूर्व बंगाल की खाड़ी और उत्तरी अंडमान सागर में 40-50 किमी/घंटे (झोंके 60 किमी/घंटे) की रफ्तार से तूफानी हवाएं चलने के कारण समंदर बेहद अशांत रहेगा।

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Monday, June 15, 2026

ट्रंप का 'टोल-फ्री' का दावा फुस्स! अमेरिका-ईरान 'पीस डील' में हुआ बड़ा खेल, होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों को देना होगा 'मोटा टैक्स'

US Iran Peace Deal Update: अमेरिका और ईरान के बीच 107 दिनों से चल रहे भीषण युद्ध को खत्म करने के लिए जिस 'शांति समझौते' का ऐलान हो चुका है। अब इसमें एक बड़ा चौंकाने वाला मोड़ आ गया है। युद्ध खत्म होने की घोषणा के कुछ ही घंटों बाद ईरान ने एक बड़ा दावा ठोक दिया है। तेहरान का कहना है कि ट्रंप प्रशासन के साथ हुए इस अंतिम समझौते में स्पष्ट रूप से यह माना गया है कि 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' से गुजरने वाले कमर्शियल जहाजों से ईरान और ओमान टैक्स या रेवेन्यू वसूल सकते हैं।

ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी 'फार्स' के मुताबिक, आखिरी पलों में इस ऐतिहासिक समझौते के मसौदे में कुछ बड़े बदलाव किए गए हैं, जिसने वाशिंगटन को बैकफुट पर धकेल दिया है। आइए समझते हैं कि आखिर 'लास्ट मिनट' में क्या खेल हुआ है और कैसे अब दुनिया भर के तेल सप्लाई रूट पर ईरान का शिकंजा और मजबूत होने वाला है।

आखिरी मिनट में बदला गया डील का टेक्स्ट

ईरानी सूत्रों के हवाले से आई रिपोर्ट के मुताबिक, बातचीत के बिल्कुल अंतिम चरण में समझौते के ड्राफ्ट में ऐसी भाषा जोड़ी गई, जिसने ईरान के हाथ मजबूत कर दिए हैं। सोर्स ने बताया, 'बातचीत के आखिरी पलों में समझौते के टेक्स्ट में बदलाव किए गए, जो निश्चित और स्पष्ट रूप से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर ईरान और ओमान की संप्रभुता को रेखांकित करते हैं'।

पुराने ड्राफ्ट के विपरीत, अब फाइनल टेक्स्ट में साफ लिखा है कि होर्मुज जलडमरूमध्य में 'मैरीटाइम सर्विसेज' के प्रशासन का भविष्य केवल ईरान और ओमान ही तय करेंगे। तेहरान इस 'मैरीटाइम सर्विसेज' शब्द के शामिल होने को अमेरिका की तरफ से मिली एक बहुत बड़ी कूटनीतिक जीत मान रहा है।

अमेरिका को मिला सिर्फ 60 दिनों का 'डिस्काउंट'

रिपोर्ट में दावा किया गया है कि अमेरिका ने जहाजों से टैक्स वसूलने के ईरान के इस अधिकार को सैद्धांतिक रूप से स्वीकार कर लिया है। ईरान शुरुआती 60 दिनों के लिए जहाजों को बिना किसी शुल्क के गुजरने देने पर राजी हुआ है। ईरानी सोर्स का कहना है, 'अमेरिका ने टैक्स वसूलने के सिद्धांत को मान लिया है, उसने केवल ईरान से 60 दिनों का डिस्काउंट हासिल किया है।' इस अवधि के खत्म होते ही ईरान वहां से गुजरने वाले व्यापारिक जहाजों से पैसा वसूलना शुरू कर देगा।

किस नाम पर वसूला जाएगा पैसा और कहां होगा इस्तेमाल?

ईरान इस जलमार्ग से होने वाली मोटी कमाई को अपनी अर्थव्यवस्था को सुधारने में लगाने की योजना बना रहा है। 60 दिन बीत जाने के बाद, ईरान जहाजों को सुरक्षा, नेविगेशन, पर्यावरण और इंश्योरेंस सेवाएं प्रदान करने के नाम पर वित्तीय रेवेन्यू वसूलेगा।

इस टैक्स से होने वाली अरबों डॉलर की कमाई का इस्तेमाल ईरान अपने देश के आर्थिक विकास के लिए करेगा। इस पूरे अरेंजमेंट में ओमान का सहयोग सबसे अहम है, क्योंकि स्ट्रेट का दूसरा हिस्सा ओमान के दायरे में आता है। इसके लिए ओमान के साथ जरूरी बातचीत पहले ही पूरी की जा चुकी है।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप जहां दुनिया के सामने यह दावा कर रहे हैं कि उन्होंने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को 'टोल-फ्री' खुलवा दिया है, वहीं ईरान के इस नए दावे ने उनके दावों पर पानी फेर दिया है। फिलहाल इस मुद्दे पर अमेरिकी प्रशासन की तरफ से कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं आई है और न ही समझौते का पूरा टेक्स्ट सामने आया है। लेकिन अगर ईरान का यह दावा सच साबित होता है, तो वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतें फिर से प्रभावित हो सकती हैं, क्योंकि दुनिया का एक-चौथाई समुद्री तेल इसी रास्ते से होकर गुजरता है।



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Sunday, June 14, 2026

A-1 Ltd को मिले 35 करोड़ रुपये के नए ऑर्डर, कंपनी ने कहा- बढ़ेगी कमाई की रफ्तार

लॉजिस्टिक्स कंपनी A-1 Ltd को 35 करोड़ रुपये के नए ऑर्डर मिले हैं। कंपनी का कहना है कि इन ऑर्डर्स से चालू वित्त वर्ष में कारोबार को मजबूती मिलेगी और आने वाली तिमाहियों की कमाई को लेकर बेहतर तस्वीर दिखाई देगी।

किन कंपनियों से मिले ऑर्डर?

कंपनी के मुताबिक, उसे Solar Industries Ltd और Deepak Fertilisers की सहयोगी कंपनी Mahadhan Agritech से 12-12 करोड़ रुपये के ऑर्डर मिले हैं। इसके अलावा Sai Baba Polymer ने भी कंपनी को 11 करोड़ रुपये का ऑर्डर दिया है।

जून में पूरा होगा काम

A-1 Ltd ने बताया कि इन सभी ऑर्डर्स पर काम जून 2026 के दौरान पूरा किया जाएगा। कंपनी का मानना है कि इससे उसका ऑर्डर बुक और मजबूत होगा तथा आने वाले महीनों में रेवेन्यू को लेकर अच्छा नजरिया मिलेगा।

कंपनी ने क्या कहा?

A-1 Ltd के मैनेजिंग डायरेक्टर हर्षदकुमार पटेल ने कहा कि ये ऑर्डर विस्फोटक, मैन्युफैक्चरिंग और उर्वरक क्षेत्र की बड़ी कंपनियों से मिले हैं।

उन्होंने कहा कि यह कंपनी के प्रोडक्ट्स की गुणवत्ता, समय पर सप्लाई देने की क्षमता और भरोसेमंद एग्जीक्यूशन पर ग्राहकों के बढ़ते विश्वास को दिखाता है। उनके मुताबिक, नए ऑर्डर यह भी संकेत देते हैं कि उद्योग जगत में A-1 Ltd की पकड़ लगातार मजबूत हो रही है।

(पीटीआई से इनपुट के साथ)

Vedanta Demerger: वेदांता की 4 नई कंपनियां मार्केट में एंट्री को तैयार, जानिए लिस्टिंग के बाद किस स्टॉक को खरीदें

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।



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Saturday, June 13, 2026

रामदेव अग्रवाल ने कहा-भारत में भी निवेश में बढ़ेगी पैसिव इनवेस्टिंग की हिस्सेदारी

मोतीलाल ओसवाल के चेरमैन, को-फाउंडर और दिग्गज इनवेस्टर रामदेव अग्रवाल ने पैसिव इनवेस्टिंग के बारे में बड़ी बात कही है। उन्होंने कहा है कि अगले एक दशक में भारत में कुल इनवेस्टमेंट में पैसिव इनवेस्टिंग की हिस्सेदारी काफी बढ़ सकती है। इसकी वजह इनवेस्टमेंट में बढ़ता इंस्टीट्यूशनल पार्टिसिपेशन है। दूसरा, हमेशा मार्केट से ज्यादा रिटर्न देना फंड मैनेजर्स के लिए मुश्किल हो रहा है।

अभी पैसिव इनवेस्टिंग की हिस्सेदारी 15 फीसदी

उन्होंने कहा कि पैसिव इनवेस्टिंग कैपिटल मार्केट्स के सबसे अहम इनोवेशन के रूप में उभरा है। इसमें इनवेस्टर्स को लो कॉस्ट में इनवेस्टमेंट में डायवर्सिफिकेशन का मौका मिलता है। उन्होंने कहा कि अभी भारत में म्चूचुअल फंड इंडस्ट्री में पैसिव स्ट्रेटेजी की हिस्सेदारी करीब 15 फीसदी है। जैसे-जैसे मार्केट मैच्योर होगा निवेश में पैसिव इनवेस्टिंग की हिस्सेदारी बढ़ेगी।

अमेरिका में 50 फीसदी पैसिव इनवेस्टिंग होती है

अग्रवाल ने कहा कि अमेरिका में निवेश में पेसिव इनवेस्टिंग की हिस्सेदारी काफी ज्यादा है। उन्होंने कहा, "अमेरिका में 50 फीसदी पैसिव निवेश और 50 फीसदी एक्टिव निवेश होता है। धीरे-धीरे भारत में भी हम इस दिशा में बढ़ रहे हैं।" इनवेस्टमेंट में इंस्टीट्यूशन पार्टिसिपेशन बढ़ने और फंड का आकार ज्यादा होने पर एक्टिव इनवेस्टिंग स्ट्रेटेजी में मुश्किल आएगी।

बाजार से ज्यादा रिटर्न देना मुश्किल साबित हो रहा

अभी एक्विट फंड मैनेजर्स पर बाजार से ज्यादा रिटर्न देने का दबाव होता है। आगे बाजार से ज्यादा रिटर्न डिलीवर करना और मुश्किल हो जाएगा। उन्होंने कहा कि पैसिव इनवेस्टिंग खासकर उन निवेशकों के लिए सही है जो निवेश में डायवर्सिफिकेशन चाहते हैं और निवेश की जिनकी अवधि लंबी है। ऐसे लोगों के लिए भी यह सही है, जो लगातार बेहतर रिटर्न देने वाले फंड मैनेजर्स की पहचान नहीं कर सकते।

पैसिव इनवेस्टिंग को लेकर जागरूकता बढ़ाने की जरूरत

एक्सपर्ट्स का कहना है कि पैसिव इनवेस्टिंग के बारे में निवेशकों में जागरूकता बढ़ाने की जरूरत है। कई इनवेस्टर्स पैसिव इवेस्टिंग को ठीक तरह से नहीं समझते हैं। उन्हें लगता है कि निवेश के लिए सिर्फ एक्टिव इनवेस्टिंग का विकल्प उपलब्ध है। म्चूचुअल फंड्स हाउसेज को भी पैसिव इनवेस्टिंग वाले नए फंड ऑफर करने होंगे। पैसिव इनवेस्टिंग का एक बड़ा फायदा यह है कि इसमें कॉस्ट कम आती है। निवेश का ज्यादातर हिस्सा इनवेस्टमेंट में जाता है।

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निवेशकों को भी निवेश करने में आसानी

पैसिव इनवेस्टिंग में इनवेस्टर्स को अल्फा रिटर्न वाले फंड की तलाश करने की भी जरूरत नहीं रह जाती है। इसमें पारदर्शिता भी ज्यादा होती है। इससे इनवेस्टर्स का भरोसा फंड हाउसेज पर बना रहता है। लंबी अवधि में पैसिव फंडों का रिटर्न भी अट्रैक्टिव होता है।



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Friday, June 12, 2026

Honda की नई बाइक्स लॉन्च! CB750 Hornet और XL750 Transalp में आया E-Clutch का धमाका

होंडा मोटरसाइकिल एंड स्कूटर इंडिया ने अपनी प्रीमियम बिगविंग रेंज का विस्तार करते हुए CB750 Hornet और XL750 Transalp के E-Clutch वाले नए वेरिएंट लॉन्च किए हैं। हालांकि, इन बाइक्स के मैकेनिकल फीचर्स में कोई बड़ा बदलाव नहीं किया गया है, लेकिन इनमें अब होंडा की E-Clutch तकनीक जोड़ी गई है, जिससे राइडिंग पहले से ज्यादा आसान और आरामदायक हो गई है। इसके साथ ही दोनों मॉडलों की कीमतों में भी काफी बदलाव किया गया है।

Honda E-Clutch टेक्नोलॉजी के बारे में जानकारी

Honda ने सबसे पहले EICMA 2024 में अपनी मिड-कैपेसिटी पैरेलल-ट्विन लाइनअप के लिए E-क्लच सिस्टम पेश किया था। यह टेक्नोलॉजी राइडर्स को क्लच लीवर को मैनुअल रूप से ऑपरेट किए बिना गियर बदलने और पूरी तरह से रुकने की सुविधा देती है। इस सिस्टम का मकसद राइडर की थकान को कम करना है, खासकर शहरी ट्रैफिक में, साथ ही मैनुअल गियरबॉक्स के साथ जुड़ाव को बनाए रखना है। पिछले महीने भारत में NX500 में यह फीचर आने के बाद, अब CB750 Hornet और XL750 Transalp इस सिस्टम को अपनाने वाले नए मॉडल बन गए हैं।

कीमत और उपलब्धता

Honda CB750 Hornet E-Clutch की कीमत 10.49 लाख रुपये (एक्स-शोरूम) है, जबकि इसके पुराने वेरिएंट की कीमत 9.22 लाख रुपये थी। वहीं, XL750 Transalp E-Clutch की कीमत अब 13.20 लाख रुपये है, जबकि पहले इसकी कीमत 11.81 लाख रुपये थी। इन दोनों मोटरसाइकिलों की बुकिंग भारत में Honda के BigWing डीलरशिप्स पर शुरू हो चुकी है।

Honda CB750 Hornet E-Clutch: मुख्य जानकारी

CB750 Hornet में अब भी 755cc का पैरेलल-ट्विन इंजन लगा है, जो 90 hp की पावर और 75 Nm का टॉर्क देता है। यह बाइक एक स्ट्रीटफाइटर सेगमेंट में आती है, जो मजबूत मिड-रेंज परफॉर्मेंस के साथ-साथ रोजाना की राइडिंग के लिए भी काफी आरामदायक और उपयोगी है।

हार्डवेयर की बात करें तो, इस बाइक में Showa 41 mm SFF-BP USD फ्रंट फोर्क्स, डुअल 296 mm फ्रंट डिस्क ब्रेक्स और कई राइडिंग मोड्स दिए गए हैं। इसमें Honda RoadSync कनेक्टिविटी के साथ 5.0-इंच का TFT डिस्प्ले भी मिलता है। E-Clutch सिस्टम की वजह से ट्रैफिक में रुक-रुक कर चलाना (stop-and-go riding) काफी आसान हो जाता है, और राइडिंग का मजा भी बना रहता है।

डिजाइन की बात करें तो अब Hornet सिर्फ ब्लैक कलर ऑप्शन में उपलब्ध है, जिसमें रेड फ्रेम और फ्रंट फोर्क्स का कॉन्ट्रास्ट दिया गया है।

Honda XL750 Transalp E-Clutch: मुख्य जानकारी

XL750 Transalp E-Clutch, Honda के एडवेंचर टूरिंग प्लेटफॉर्म पर वही सुविधा देने वाली टेक्नोलॉजी लेकर आई है। इसमें भी वही 755cc पैरेलल-ट्विन इंजन लगा है, जो 90 hp की पावर और 75 Nm का टॉर्क देता है। इसे अलग-अलग तरह के रास्तों पर बेहतरीन परफॉर्मेंस के लिए ट्यून किया गया है।

Transalp में Showa SFF-CA USD फ्रंट सस्पेंशन, कई राइडिंग मोड (जिसमें खास तौर पर ग्रेवल मोड भी शामिल है) और डुअल LED हेडलैंप सेटअप दिया गया है। इसमें स्मार्टफोन कनेक्टिविटी के साथ 5.0-इंच का TFT डिस्प्ले भी मिलता है।

नए सफेद और ग्रे कलर के ऑप्शन में उपलब्ध Transalp लंबी दूरी की टूरिंग और अलग-अलग तरह की सड़कों पर चलने के लिए बेहतरीन है, और अब E-Clutch सिस्टम की वजह से इसे चलाना और भी आसान हो गया है।

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Thursday, June 11, 2026

Star Plus show: इस मानसून स्टार प्लस लेकर आ रहा है रोमांस की नई दास्तान ‘फितूर’, देबचंद्रिमा सिंघा रॉय- ईशान धवन की जोड़ी आएगी नजर

Star Plus show: स्टार प्लस ने अपने आगामी शो ‘फितूर’ का पहला टीज़र जारी कर दिया है। टीजर ने शो के लिए दर्शकों की एक्साइटमेंट को बढ़ा दिया है। शो में देबचंद्रिमा सिंघा रॉय और ईशान धवन मुख्य भूमिकाओं में नजर आएंगे।

टीज़र में एक शर्मीली और डरी-सहमी लड़की की झलक दिखाई गई है, जिसे एक नाज़ुक गुलाब के रूप में दर्शाया गया है। यह गुलाब अपनी पूरी खूबसूरती के साथ खिलता है, जबकि उसके साथ मौजूद कांटा उसे चोट पहुंचाने के बजाय उसकी रक्षा करता नज़र आता है। जहां गुलाब मासूमियत और नाज़ुकता का प्रतीक है, वहीं कांटा उसकी ढाल बनकर दुनिया की हर बुरी नज़र और खतरे से उसे बचाने के लिए खड़ा दिखाई देता है।

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यह हिंट वाला टीजर शायद शो के लीड किरदारों के रिश्ते की ओर इशारा करती है। वॉइस ओवर में आप सुन सकते हैं कि “मेरे होते हुए तुम्हें कोई छू भी नहीं सकता।” सुकून भरे संगीत और खूबसूरत सीन्स से सजा यह टीज़र एक ऐसे रिश्ते की झलक देता है, जहां सुरक्षा और संरक्षण ही प्रेम और समर्पण की अभिव्यक्ति बन जाते हैं।

अपने मुख्य किरदारों के चेहरे पूरी तरह उजागर किए बिना, यह प्रोमो दर्शकों के मन में कई सवाल छोड़ जाता है। आखिर इस प्रेम कहानी के पीछे कौन-से जज़्बात छिपे हैं? क्या यह रिश्ता दो दिलों के लिए एक सुरक्षित आशियाना बनेगा, या फिर यही फितूर उनकी ज़िंदगी को पूरी तरह बदल देगा?

टीज़र में देबचंद्रिमा सिंघा रॉय और ईशान धवन की केवल झलक दिखाई गई है, लेकिन दोनों की नई ऑन-स्क्रीन जोड़ी को लेकर दर्शकों के बीच पहले ही उत्साह देखने को मिल रहा है। प्रोमो से साफ है कि यह कहानी सिर्फ प्रेम की नहीं, बल्कि भरोसे, सुरक्षा और गहरे भावनात्मक जुड़ाव की भी होगी। रोमांस, रहस्य और भावनाओं के खूबसूरत मेल के साथ, ‘फितूर’ जल्द ही स्टार प्लस पर दर्शकों का मनोरंजन करने आ रहा है।



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Wednesday, June 10, 2026

Charu Pandey Success Story: उम्र 23 और 19 सरकारी नौकरी की परीक्षाएं पास करने की दिलचस्प सफलता है छत्तीसगढ़ की चारु के नाम दर्ज, अब 15 अगस्त को राष्ट्रपति मुर्मू से मिलेगा गोल्ड मेडल

Charu Pandey Success Story: छत्तीसगढ़ के रायपुर में एक जगह है तिल्दा-नेवरा। यहीं की रहने वाले हैं चारु पांडे, जिनका आजकल अपनी एक अनोखी और दिलचस्प उपलब्धि के लिए सुर्खियों में बना हुआ है। सिर्फ इतना ही नहीं, इस साल 15 अगस्त यानी स्वतंत्रता दिवस पर चारु के नाम एक और उपलब्धि जुड़ जाएगी। भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू खुद सम्मानित करेंगी और उन्हें गोल्ड मेडल पहनाएंगी। छोटी शहर की चारु ने अपनी मेहनत और लगन के बल पर साबित किया है कि खुद पर भरोसा हो तो कोई भी लक्ष्य मुश्किल नहीं है।

चारु महज 23 साल की हैं और इस उम्र में उन्होंने जो उपलब्धि हासिल की है, वो अच्छे-अच्छों के लिए मुश्किल है। चारु ने एसएससी, बैंकिंग, रेलवे और पुलिस भर्ती समेत 19 सरकारी भर्ती परीक्षाएं पास करने दिलचस्प रिकॉर्ड अपने नाम किया है। उनकी इसी शानदार उपलब्धि के लिए स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू उन्हें गोल्ड मेडल से सम्मानित करेंगी। चारु का इतनी कम उम्र में लगातार एक के बाद एक सरकारी परीक्षाएं पास करना कोई साधारण उपलब्धि नहीं कहा जा सकता है। वर्तमान में चारु चेन्नई स्थित कैग (CAG) कार्यालय में असिस्टेंट ऑडिट ऑफिसर के पद पर कार्यरत हैं। उनकी सफलता की चर्चा अब सिर्फ छत्तीसगढ़ तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे देश में हो रही है।

चारु ने स्टाफ सिलेक्शन कमीशन (SSC) की कई प्रतिष्ठित परीक्षाओं में सफलता हासिल की। उन्होंने एसएससी सीजीएल, एसएससी सीएचएसएल, एसएससी एमटीएस, एसएससी जीडी और एसएसएससी सीपीओ जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं को पास किया। इन परीक्षाओं को देश की सबसे कठिन और प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं में गिना जाता है, लेकिन चारु ने अपनी लगातार मेहनत के दम पर इनमें शानदार प्रदर्शन किया।

बैंकिंग, पुलिस और रेलवे भर्ती परीक्षाओं में भी रहीं सफल

उन्होंने बैंकिंग क्षेत्र की आईबीपीएस पीओ, एसबीआई पीओ और एसबीआई क्लर्क जैसी प्रमुख भर्ती परीक्षाओं में भी सफलता हासिल की। चारु की सफलता की सूची यहीं खत्म नहीं होती। रेलवे भर्ती बोर्ड (RRB) की एनटीपीसी और रेलवे ग्रुप-डी की महत्वपूर्ण परीक्षाओं में भी उन्होंने सफलता दर्ज की। उन्होंने दिल्ली पुलिस भर्ती और छत्तीसगढ़ सब-इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा में भी शानदार प्रदर्शन कर सफलता हासिल की। इसके अलावा उन्होंने छत्तीसगढ़ ट्रांसपोर्ट सब-इंस्पेक्टर परीक्षा और सीजी एनएचएम परीक्षा भी सफलतापूर्वक पास की।

इतनी सफलताओं से पहले मिलीं कई असफलताएं

चारु पांडे के सफर की शुरुआत सफलता से नहीं कई असफलताओं के साथ हुई थी। वह कई प्रतियोगी परीक्षाओं में असफल रहीं। लेकिन उन्होंने कभी हार नहीं मानी। हर असफलता के बाद उन्होंने अपनी कमियों को समझा और तैयारी को बेहतर बनाने पर ध्यान दिया। यही आदत आगे चलकर उनकी सबसे बड़ी ताकत बनी और उन्होंने एक के बाद एक परीक्षाओं में सफलता दर्ज की। उनका मानना है कि असफलता किसी भी यात्रा का अंत नहीं होती, बल्कि वह आपको बेहतर बनने का मौका देती है।

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Tuesday, June 9, 2026

पहली बार हुआ ऐसा ट्रांसप्लांट, सूअर के अंगों ने इंसान में शुरू किया काम, जानिए पूरी खबर

चिकित्सा विज्ञान के क्षेत्र में चीन से आई एक नई उपलब्धि ने पूरी दुनिया को हैरान कर दिया है। वैज्ञानिकों ने पहली बार एक ब्रेन-डेड मरीज के शरीर में सूअर के लिवर और दोनों किडनी सफलतापूर्वक ट्रांसप्लांट किए हैं। इस अनोखे प्रयोग को अब तक का पहला “मल्टी-ऑर्गन पिग-टू-ह्यूमन ट्रांसप्लांट” माना जा रहा है। बताया जा रहा है कि यह प्रक्रिया पूरी तरह नियंत्रित परिस्थितियों में की गई, जिसमें जेनेटिकली मॉडिफाइड सूअर के अंगों का उपयोग किया गया। यह प्रयोग इसलिए भी खास है क्योंकि दुनिया भर में अंग दान की भारी कमी एक बड़ी समस्या बनी हुई है।

वैज्ञानिकों का मानना है कि अगर यह तकनीक आगे सफल होती है तो भविष्य में हजारों मरीजों की जान बचाई जा सकती है। हालांकि, अभी इसकी सुरक्षा, स्थायित्व और मानव शरीर पर लंबे समय के प्रभाव को लेकर और भी रिसर्च की जरूरत है।

ब्रेन-डेड मरीज पर किया गया अनोखा प्रयोग

रिपोर्ट के मुताबिक, यह प्रयोग 53 वर्षीय व्यक्ति पर किया गया, जिसे पहले ही ब्रेन-डेड घोषित किया जा चुका था। सर्जरी के दौरान डॉक्टरों ने मरीज के लिवर और किडनी निकालकर उनकी जगह जेनेटिकली मॉडिफाइड सूअर के अंग लगाए। खास बात यह रही कि अंगों को उनके प्राकृतिक स्थान पर ही फिट किया गया, जिसे ऑर्थोटोपिक ट्रांसप्लांट कहा जाता है।

कुछ घंटों में ही काम करने लगे अंग

सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि ट्रांसप्लांट के कुछ ही घंटों बाद सूअर के अंग शरीर में काम करने लगे। लिवर और किडनी लगभग पांच दिनों तक सक्रिय रहे, जिसके बाद यह रिसर्च परिवार की सहमति से समाप्त कर दी गई।

जेनेटिक बदलाव से बढ़ाई गई सफलता की संभावना

वैज्ञानिकों ने बताया कि सूअर के अंगों को मानव शरीर के अनुकूल बनाने के लिए उनमें जेनेटिक बदलाव किए गए थे। तीन ऐसे जीन हटाए गए जो शरीर में रेजेक्शन पैदा कर सकते थे, जबकि तीन मानव जीन जोड़े गए ताकि खून के थक्के और अस्वीकृति की संभावना कम हो सके।

अंगों की भारी कमी का संभावित समाधान

यह रिसर्च चीन की Guangxi Medical University की टीम ने किया, जिसका मकसद दुनिया में बढ़ती अंगों की कमी की समस्या का समाधान तलाशना है। अध्ययन को मेडिकल जर्नल Med में भी प्रकाशित किया गया है। आज भी हजारों मरीज हर साल अंगों की कमी के कारण अपनी जान गंवा देते हैं।

क्यों चुना गया सूअर?

वैज्ञानिकों के अनुसार सूअर को इस तरह के प्रयोगों के लिए सबसे उपयुक्त माना जाता है क्योंकि उनके अंग आकार और कार्य में इंसानी अंगों से काफी मिलते-जुलते हैं। साथ ही उनमें कुछ अन्य जानवरों की तुलना में बीमारियों के फैलने का खतरा भी कम होता है।

एक साथ कई अंग ट्रांसप्लांट की बड़ी चुनौती

अब तक ज्यादातर रिसर्च एक ही अंग के ट्रांसप्लांट तक सीमित थी, लेकिन एक साथ कई अंगों का ट्रांसप्लांट करना कहीं ज्यादा जटिल माना जाता है। इसमें शरीर के रिएक्शन, इम्यून सिस्टम और अंगों के आपसी तालमेल जैसी कई चुनौतियां शामिल होती हैं।

भविष्य की ओर एक बड़ा कदम

वैज्ञानिकों का कहना है कि यह प्रयोग भविष्य में उन मरीजों के लिए उम्मीद की नई किरण बन सकता है, जिन्हें एक साथ कई अंगों की जरूरत होती है। हालांकि, अभी भी लंबे समय तक सुरक्षा, इम्यून सिस्टम की प्रतिक्रिया और सफलता दर जैसी कई चुनौतियों पर काम करना बाकी है।

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Monday, June 8, 2026

इंटरव्यू में हद पार! रिश्ते और परिवार से जुड़े सवालों पर भड़के लोग, वायरल हुआ पोस्ट

हाल ही में LinkedIn पर एक वायरल पोस्ट ने सोशल मीडिया पर नई बहस छेड़ दी है, जिसमें एक जॉब इंटरव्यू के दौरान 24 साल की एक युवा उम्मीदवार के साथ हुए अनुभव ने लोगों को सोचने पर मजबूर कर दिया। बताया गया कि इंटरव्यू की शुरुआत सामान्य सवालों से हुई थी, लेकिन धीरे-धीरे बातचीत का रुख निजी जिंदगी की ओर मुड़ गया। उम्मीदवार से उसके रिश्तों, शादी की योजना और पारिवारिक हालात जैसे सवाल पूछे गए, जिससे वह काफी असहज महसूस करने लगी। यह मामला सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर भर्ती प्रक्रिया और इंटरव्यू के तरीके को लेकर गंभीर चर्चा शुरू हो गई है।

कई लोगों का कहना है कि इंटरव्यू केवल योग्यता और कौशल तक सीमित होना चाहिए, न कि व्यक्तिगत जीवन तक पहुंचना चाहिए। इस घटना ने नौकरी चाहने वालों और कंपनियों के बीच संतुलन और पेशेवर सीमाओं पर एक नई बहस को जन्म दे दिया है।

इंटरव्यू में प्रोफेशनल नहीं, पर्सनल सवालों की बौछार

यह मामला तब सामने आया जब लक्ष्मी लाया ने अपनी एक दोस्त का अनुभव साझा किया। उनके अनुसार, इंटरव्यू की शुरुआत तो सामान्य थी, लेकिन जल्द ही सवाल निजी जिंदगी की ओर मुड़ गए। उम्मीदवार से उसके रिश्तों, शादी की योजना और पारिवारिक स्थिति तक के बारे में पूछा गया, जिससे वह काफी परेशान हो गई।

पिता के निधन के बाद भी जारी रहे सवाल

रिपोर्ट के अनुसार, जब उम्मीदवार ने बताया कि उसके पिता का निधन हो चुका है, तब भी इंटरव्यू में निजी सवाल पूछना बंद नहीं हुआ। उससे यह तक पूछा गया कि क्या वह अपनी मां के घर शिफ्ट होने की योजना बना रही है, क्योंकि वह जगह ऑफिस से दूर पड़ती है।

काम की शर्तें भी बनी चर्चा का विषय

इंटरव्यू के दौरान कंपनी की ओर से कुछ सख्त शर्तें भी बताई गईं, जैसे लंबे काम के घंटे, छह महीने की प्रोबेशन अवधि में छुट्टी न मिलना और सिर्फ जरूरत पड़ने पर ही रविवार की छुट्टी देना।

बिना ऑफर लेटर के ही दबाव की बात

सबसे हैरान करने वाली बात यह रही कि अभी तक ऑफर लेटर भी जारी नहीं हुआ था, लेकिन उम्मीदवार से पहले ही व्यक्तिगत परिस्थितियों और त्याग के स्तर पर काफी चर्चा की गई।

 “क्या यह नॉर्मल है?” – उम्मीदवार का सवाल

इंटरव्यू के बाद युवती ने अपनी दोस्त से पूछा कि क्या हर जगह ऐसा ही होता है? यह सवाल इस बात को दिखाता है कि कई बार फ्रेशर्स को पता ही नहीं होता कि इंटरव्यू में क्या सही है और क्या गलत।

सोशल मीडिया पर लोगों का गुस्सा

यह पोस्ट वायरल होने के बाद कई लोगों ने अपने अनुभव भी साझा किए। कुछ यूजर्स ने कहा कि शादी और रिश्तों से जुड़े सवाल इंटरव्यू का हिस्सा नहीं होने चाहिए। वहीं कुछ लोगों ने इसे “रेड फ्लैग” बताते हुए ऐसी कंपनियों से दूर रहने की सलाह दी।

भर्ती प्रक्रिया पर उठे गंभीर सवाल

कई यूजर्स ने यह भी कहा कि कुछ कंपनियों की भर्ती प्रक्रिया ही गलत मानसिकता दिखाती है। उनका मानना है कि इंटरव्यू में उम्मीदवार की योग्यता से ज्यादा उसकी पर्सनल लाइफ पर ध्यान देना गलत है और इससे कंपनी की वर्क कल्चर का अंदाजा लग जाता है।

सीख क्या मिलती है इस घटना से?

यह घटना युवाओं के लिए एक बड़ा संकेत है कि इंटरव्यू सिर्फ नौकरी पाने का मौका नहीं, बल्कि कंपनी को समझने का भी अवसर होता है। अगर शुरुआत में ही असहज सवाल पूछे जाएं, तो आगे का माहौल भी वैसा ही हो सकता है।

 “रेड फ्लैग नहीं, वॉल है” – वायरल कमेंट

लक्ष्मी लाया ने अपनी पोस्ट में कहा कि कुछ संकेत सिर्फ रेड फ्लैग नहीं होते, बल्कि “वॉल” होते हैं, जिन्हें नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। उनकी यह बात सोशल मीडिया पर काफी चर्चा में रही।

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Sunday, June 7, 2026

भारत से मिली हार को भुला नहीं पार रहे पाकिस्तान के क्रिकेटर, अब अंपायर को लेकर दिया विवादित बयान

भारत और पाकिस्तान के बीच क्रिकेट हमेशा ही चर्चा में रहता है। भारत और पाकिस्तान के बीच आखिरी मुकाबला टी20 वर्ल्ड कप में हुआ था, जहां भारत ने पाकिस्तान को करारी शिकस्त दी थी। वहीं हाल ही में पाकिस्तान के ऑलराउंडर खुशदिल शाह अपने एक बयान को लेकर चर्चा में हैं। हाल ही में दिए एक इटरंव्यू में उन्होंने कहा कि भारत-पाकिस्तान मैचों में कई बार फैसले भारत के पक्ष में जाते हुए दिखाई देते हैं। खुशदिल शाह ने कहा कि अंपायरिंग से लेकर कुछ अन्य व्यवस्थाओं तक, कई मामलों में भारत को बेहतर स्थिति मिलती नजर आती है।

ARY पॉडकास्ट पर बातचीत के दौरान खुशदिल शाह ने भारत-पाकिस्तान क्रिकेट मुकाबलों से जुड़े दबाव और इमोशनल माहौल पर खुलकर बात की। खुशदिल शाह ने कहा कि भारत-पाकिस्तान मैचों में खेल के अलावा भी कुछ ऐसी चीजें होती हैं, जो अक्सर भारत के पक्ष में नजर आती हैं और मुकाबले पर असर डाल सकती हैं।

खुशदिल ने क्या कहा

खुशदिल शाह ने कहा, “मैचों में ज्यादातर चीजें उनके पक्ष में होती हैं। कई बार अंपायरिंग के फैसले भी उनके हक में जाते हैं, ड्रेसिंग रूम से जुड़े कुछ फैसले भी उनके पक्ष में नजर आते हैं और कभी-कभी मैच भी उनकी इच्छा के मुताबिक होते दिखाई देते हैं। इन सबके बावजूद जब पाकिस्तान जीतता है, तो वह जीत और भी ज्यादा खास और खुशी देने वाली होती है।”

भारत और पाकिस्तान का प्रदर्शन

हाल के वर्षों में भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ बड़े टूर्नामेंटों में शानदार प्रदर्शन किया है। भारत का पलड़ा पाकिस्तान पर हमेशा भारी रहा है। भारत ने 2026 टी20 विश्व कप, 2025 एशिया कप और 2025 चैंपियंस ट्रॉफी में लगातार पाकिस्तान को हराया। पाकिस्तान की टीम को भारत पर आखिरी जीत 2022 एशिया कप में मिली थी, वहीं वनडे में पाकिस्तान ने भारत को 2017 चैंपियंस ट्रॉफी फाइनल में हराया था। वहीं इसके बाद पाकिस्तान को जीत नहीं मिली।



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Saturday, June 6, 2026

Tata की इलेक्ट्रिक कारें हुईं ₹2.75 लाख तक सस्ती, जानें कौन सी कार पर कितना मिल रहा छूट

Tata EV Discount 2026: Tata Motors ने जून 2026 के लिए अपने इलेक्ट्रिक कारों पर भारी छूट की घोषणा की है, जिसमें चुनिंदा वेरिएंट पर 3.35 लाख रुपये तक की छूट दी जा रही है। खरीदार अब ग्रीन बोनस, एक्सचेंज ऑफर, स्क्रैपेज बेनिफिट और लॉयल्टी बोनस का लाभ उठा सकते हैं, जो उनके चुने गए मॉडल पर निर्भर करता है। ये ऑफर्स टाटा के इलेक्ट्रिक वाहन पोर्टफोलियो के मौजूदा और पुराने दोनों वेरिएंट पर लागू हैं।

Tata Curvv EV

इस महीने Curvv EV पर सबसे अधिक छूट मिल रही है। चुनिंदा नॉन-एक्स वेरिएंट पर 3.35 लाख रुपये तक की छूट उपलब्ध है, जिसमें 3 लाख रुपये का ग्रीन बोनस, 30,000 रुपये का एक्सचेंज ऑफर या 35,000 रुपये का स्क्रैपेज बेनिफिट शामिल है। वहीं, क्रिएटिव वेरिएंट पर 2.85 लाख रुपये तक की छूट मिल रही है, जबकि Curvv EV एक्स वेरिएंट पर एक्सचेंज, स्क्रैपेज और लॉयल्टी बेनिफिट मिलाकर कुल 65,000 रुपये तक की छूट दी जा रही है।

Tata Harrier EV

Harrier EV के सभी वेरिएंट पर 2.75 लाख रुपये तक की छूट मिल रही है। इस ऑफर में 50,000 रुपये का एक्सचेंज बोनस या 75,000 रुपये का स्क्रैपेज बेनिफिट, 1 लाख रुपये का लॉयल्टी बोनस और 1 लाख रुपये का अतिरिक्त लाभ शामिल है।

Tata Punch EV

Punch EV के मौजूदा वेरिएंट पर इस महीने 95,000 रुपये से लेकर 1.45 लाख रुपये तक की छूट मिल रही है। LR वेरिएंट पर 1.45 लाख रुपये तक की छूट, MR वेरिएंट पर 1.25 लाख रुपये तक की छूट, जबकि MR स्मार्ट वेरिएंट पर अधिकतम 95,000 रुपये की छूट दी जा रही है।

Tata Tiago EV

Outgoing Tiago EV पर 65,000 रुपये से लेकर 1.45 लाख रुपये तक की छूट उपलब्ध है। LR XT वेरिएंट पर सबसे अधिक 1.45 लाख रुपये की छूट के साथ 50,000 रुपये का अतिरिक्त लाभ मिल रहा है। अन्य LR वेरिएंट पर 1.25 लाख रुपये तक की छूट मिल रही है, जबकि MR वेरिएंट पर 65,000 रुपये तक की छूट उपलब्ध है।

Tata Nexon EV

Nexon EV पर पूरी रेंज में 50,000 रुपये तक की छूट मिल रही है, जिसमें 15,000 रुपये का ग्रीन बोनस, 25,000 रुपये का एक्सचेंज ऑफर और 35,000 रुपये का स्क्रैपेज बेनिफिट शामिल है (एक्सचेंज और स्क्रैपेज को एक साथ नहीं जोड़ा जा सकता)।

डिस्क्लेमर: यह जानकारी डीलरशिप स्तर के स्रोतों पर आधारित है। अंतिम ऑफर स्टॉक, लोकेशन और ग्राहक की पात्रता के अनुसार बदल सकता है। ग्राहकों को सलाह दी जाती है कि वे सटीक जानकारी के लिए अपने नजदीकी डीलर से संपर्क करें।

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Friday, June 5, 2026

Chicken Vs Fish: चिकन या फिश..., कौन आपको देता है सबसे ज्यादा देता है प्रोटीन?

Chicken Vs Fish: प्रोटीन से भरपूर फूड आइटम की बात करें तो चिकन और मछली सबसे पॉपलर ऑप्शन में से हैं। ये दोनों ही आवश्यक पोषक तत्वों से भरपूर होते हैं, मांसपेशियों के विकास में सहायक होते हैं और एक स्वस्थ आहार का हिस्सा बन सकते हैं। हालांकि, वसा की मात्रा, विटामिन, खनिज और स्वास्थ्य लाभों के मामले में ये अलग होते हैं। तो आपको प्रोटीन का कौन सा स्रोत चुनना चाहिए? चलिए बताते हैं।

प्रोटीन

चिकन और मछली दोनों ही प्रोटीन के सोर्स हैं। 100 ग्राम चिकन ब्रेस्ट में लगभग 31 ग्राम प्रोटीन होता है, जबकि 100 ग्राम मछली में किस्म के आधार पर लगभग 20-25 ग्राम प्रोटीन होता है। लेकिन चिकन में आमतौर पर प्रति सर्विंग थोड़ा ज्यादा प्रोटीन पाया जाता है, इसलिए यह फिटनेस के शौकीनों और एथलीटों के बीच पहली पसंद है।

फैट

सबसे बड़ा अंतर इनमें मौजूद फैट के प्रकार में निहित है। चिकन के पतले हिस्से, जैसे कि ब्रेस्ट मीट, में फैट कम होता है, जबकि गहरे रंग के हिस्सों में फैट अधिक होता है। वहीं दूसरी ओर, सैल्मन, मैकेरल और सार्डिन जैसी वसायुक्त मछलियों में स्वस्थ ओमेगा-3 फैटी एसिड पाए जाते हैं। ये ओमेगा-3 वसा हर्ट, दिमाग और आंखों के स्वास्थ्य के लिए सहायक होते हैं।

हर्ट हेल्थ

हृदय संबंधी लाभों के मामले में मछली अक्सर बेहतर मानी जाती है। वसायुक्त मछली का नियमित सेवन ओमेगा-3 की प्रचुर मात्रा के कारण ट्राइग्लिसराइड के स्तर को कम करने और हृदय के कार्य को सुचारू रखने में सहायक हो सकता है। चिकन, हालांकि स्वस्थ तरीके से तैयार किए जाने पर हृदय के लिए लाभकारी होता है, लेकिन इसमें प्राकृतिक रूप से उतनी मात्रा में लाभकारी वसा नहीं होती है।

विटामिन और खनिज

दोनों खाद्य पदार्थ महत्वपूर्ण पोषक तत्व प्रदान करते हैं। चिकन में बी विटामिन, विशेष रूप से नियासिन और विटामिन बी6, फास्फोरस और सेलेनियम पाए जाते हैं। वहीं मछली में विटामिन डी (विशेषकर वसायुक्त मछली), विटामिन बी12, आयोडीन, सेलेनियम और ओमेगा-3 फैटी एसिड पाए जाते हैं। मछली विटामिन डी के कुछ प्राकृतिक आहार स्रोतों में से एक है।

पाचन क्षमता

चिकन और मछली दोनों को आसानी से पचने वाले प्रोटीन माना जाता है। हालांकि, मछली अक्सर पेट के लिए हल्की होती है और जल्दी पच जाती है, इसलिए कुछ लोगों के लिए यह पसंदीदा विकल्प है।

मांसपेशियों का निर्माण

यदि आपका मुख्य लक्ष्य मांसपेशियों का निर्माण करना है, तो ये दोनों खाद्य पदार्थ सहायक हो सकते हैं। चिकन को अक्सर इसकी उच्च प्रोटीन मात्रा और अपेक्षाकृत कम कीमत के कारण चुना जाता है। मछली भी मांसपेशियों की रिकवरी में सहायक होती है और साथ ही अतिरिक्त पोषक तत्व प्रदान करती है जो समग्र स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद हो सकते हैं।

कैलोरी की मात्रा

कैलोरी की मात्रा प्रकार और पकाने की विधि पर निर्भर करती है। बिना त्वचा वाले चिकन ब्रेस्ट में आमतौर पर कैलोरी कम होती है। वसायुक्त मछली में कैलोरी अधिक होती है, लेकिन यह स्वस्थ वसा और अधिक पोषक तत्व प्रदान करती है।यह केवल सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है और इसे चिकित्सा या पोषण संबंधी सलाह नहीं माना जाना चाहिए। व्यक्तिगत आहार संबंधी आवश्यकताएं उम्र, स्वास्थ्य स्थितियों, एलर्जी और जीवनशैली कारकों के आधार पर भिन्न होती हैं।

Disclaimer- यह आर्टिकल आम जानकारी पर आधारित है। इसे चिकित्सा या पोषण संबंधी सलाह नहीं माना जाना चाहिए। व्यक्तिगत आहार संबंधी आवश्यकताएं उम्र, स्वास्थ्य स्थितियों, एलर्जी और जीवनशैली कारकों के आधार पर भिन्न होती हैं।



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Thursday, June 4, 2026

RBI Monetary Policy: आरबीआई की 5 जून की मॉनेटरी पॉलिसी का बाजार पर क्या पड़ेगा असर?

RBI Monetary Policy: आरबीआई 5 जून यानी शुक्रवार को मॉनेटरी पॉलिसी का ऐलान करेगा। केंद्रीय बैंक की मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी (एमपीसी) की बैठक 3 जून को शुरू हुई। आरबीआई की यह मॉनेटरी पॉलिसी ऐसे वक्त आ रही है, जब हालात काफी मुश्किल हैं। क्रूड ऑयल की कीमतों में आग लगी हुई है। डॉलर के मुकाबले रुपया लगातार गिर रहा है। महंगाई बढ़ने का खतरा है। अल नीनो की वजह से इस बार मानसून में बारिश कम होने का अनुमान है। सवाल है कि आरबीआई शुक्रवार को रेपो रेट बढ़ाएगा या इसे अपरिवर्तित बनाए रखेगा?

रायटर्स के पोल में शामिल ज्यादातर इकोनॉमिस्ट्स का मानना है कि आरबीआई इस बार रेपो रेट में किसी तरह का परिवर्तन नहीं करेगा। लेकिन, ओवरनाइट इंडेक्स्ड स्वैप्स जैसे कुछ मार्केट इंडिकेटर्स रेपो रेट बढ़ने का संकेत दे रहे हैं।

ट्रेडर्स और एनालिस्ट्स का मानना है कि तीन तरह की स्थितियां बनती दिख रही हैं। उन्होंने हर स्थिति में मार्केट की प्रतिक्रिया का भी अंदाजा लगाया है।

1. इंटरेस्ट रेट अपरिवर्तित रहेगा, रुख आक्रामक होगा

आरबीआई रेपो रेट को अपरिवर्तित बनाए रख सकता है। लेकिन, वह आगे सख्त मॉनेटरी पॉलिसी का संकेत दे सकता है। वह अपना रुख "न्यूट्रल" से बदलकर 'विड्रॉल ऑफ एकॉमोडेशन' कर सकता है। रेपो रेट स्थिर रहने पर रुपये पर दबाव बढ़ सकता है। लेकिन, ट्रेडर्स का मानना है कि आरबीआई स्थिति को संभालने के लिए हस्तक्षेप कर सकता है।

रेपो रेट अपरिवर्तित रहने पर शॉर्ट टर्म बॉन्ड्स में मजबूती आ सकती है। लेकिन, लंबी अवधि के बॉन्ड्स पर दबाव दिख सकता है। एएनजेड में फॉरेक्स स्ट्रेटेजिस्ट धीरज निम ने कहा कि आगे इनफ्लेशन बढ़ने की चिंता से लंबी अवधि के बॉन्ड पर दबाव दिख सकता है।

ट्रेडर्स का मानना है कि ऐसा होने पर 5 बेसिस प्वाइंट्स से ज्यादा का बदलाव नहीं दिखेगा। रेपो रेट नहीं बढ़ने पर शेयर बाजार में ज्यादा प्रतिक्रिया देखने को नहीं मिलेगी। लेकिन, अगर केंद्रीय बैंक इनफ्लेशन के अपने अनुमान को बढ़ाता है तो तो आगे मॉनेटरी पॉलिसी सख्त होने की संभावना बढ़ेगी।

2. रेपो रेट 25 बेसिस प्वाइंट्स बढ़ेगा, रुख में बदलाव नहीं होगा

रेपो रेट 25 बेसिस प्वाइंट्स बढ़ने पर रुपये को सहारा मिल सकता है। इससे मार्केट में यह संकेत जाएगा कि केंद्रीय बैंक की दिलचस्पी रुपये को गिरने से बचाने में है। इस स्थिति में 10 साल के सरकारी बॉन्ड की यील्ड 7.15 फीसदी के पार जा सकती है। शेयर बाजार में बिकवाली बढ़ सकती है, क्योंकि रियल एस्टेट, फाइनेंशियल्स और कंज्यूमर डिस्क्रेशनरी शेयरों पर दबाव बढ़ जाएगा।

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3. रेपो रेट 25 बेसिस प्वाइंट्स बढ़ेगा, रुख में भी बदलाव

अगर रेपो रेट 25 बेसिस प्वाइंट्स बढ़ाने के साथ ही आरबीआई अपने रुख में भी बदलाव करता है तो इससे रुपये को काफी सहारा मिलेगा। तीन एनालिस्ट्स ने बताया कि ऐसा होने पर डॉलर के मुकाबले रुपया 94.80 के लेवल पर आ सकता है। हालांकि, इसके लिए आरबीआई को रुपये को सहारा देने के लिए कुछ उपायों के भी ऐलान करने होंगे। बॉन्ड ट्रेडर्स का कहना है कि इससे 10 साल के बॉन्ड की यील्ड शॉर्ट टर्म में 7.15-7.20 फीसदी के बीच रह सकती है।

डिसक्लेमर: मनीकंट्रोल पर एक्सपर्ट्स की तरफ से व्यक्त विचार उनके अपने विचार होते हैं। ये वेबसाइट या इसके मैनेजमेंट के विचार नहीं होते। मनीकंट्रोल की यूजर्स को सलाह है कि उन्हें निवेश का फैसला लेने से पहले सर्टिफायड एक्सपर्ट्स की राय लेनी चाहिए।



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Wednesday, June 3, 2026

18,000 से 66,240 रुपये तक पहुंच सकती है बेसिक सैलरी! 8वें वेतन आयोग के सामने रखी गई बड़ी मांग

8th Pay Commission: 8वें वेतन आयोग को लेकर सरकारी कर्मचारियों की उम्मीदें लगातार बढ़ रही हैं। इसी बीच जम्मू-कश्मीर के कर्मचारी संगठनों ने आयोग के सामने एक ऐसा प्रस्ताव रखा है, जो लाखों कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए बड़ी राहत लेकर आ सकता है। संगठनों ने मांग की है कि फिटमेंट फैक्टर 2.86 से 3.68 के बीच रखा जाए। अगर ऐसा होता है, तो मौजूदा 18,000 रुपये की न्यूनतम बेसिक सैलरी बढ़कर 51,480 रुपये से 66,240 रुपये तक पहुंच सकती है। इसके साथ ही बेहतर पेंशन, HRA, हेल्थकेयर सुविधाएं और दूरदराज के इलाकों में काम करने वाले कर्मचारियों के लिए विशेष लाभ की भी मांग की गई है। अब सभी की नजर 8वें वेतन आयोग की सिफारिशों पर टिकी हुई है।

फिटमेंट फैक्टर को लेकर क्या है मांग?

जम्मू-कश्मीर की ऑल एम्प्लॉइज ज्वाइंट एसोसिएशन और ऑल सिख माइनॉरिटी एम्प्लॉइज एसोसिएशन ने 8वें वेतन आयोग को ज्वाइंट रिपोर्ट सौंपी है। इसमें 2.86, 3.0 और 3.68 फिटमेंट फैक्टर पर विचार करने की मांग की गई है। कर्मचारी संगठनों का कहना है कि बढ़ती महंगाई और जीवनयापन की लागत को देखते हुए कर्मचारियों की खरीद क्षमता प्रभावित हुई है। ऐसे में फिटमेंट फैक्टर बढ़ाकर कर्मचारियों को राहत दी जानी चाहिए।

कितनी बढ़ सकती है न्यूनतम सैलरी?

संगठनों द्वारा दिए गए प्रस्ताव के अनुसार, मौजूदा 18,000 रुपये की न्यूनतम बेसिक सैलरी में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।

2.57 फिटमेंट फैक्टर पर सैलरी: 46,260 रुपये

2.86 फिटमेंट फैक्टर पर सैलरी: 51,480 रुपये

3.0 फिटमेंट फैक्टर पर सैलरी: 54,000 रुपये

3.68 फिटमेंट फैक्टर पर सैलरी: 66,240 रुपये

यानी यदि आयोग 3.68 फिटमेंट फैक्टर की सिफारिश करता है, तो न्यूनतम वेतन में मौजूदा स्तर की तुलना में बड़ी बढ़ोतरी हो सकती है।

सिर्फ सैलरी नहीं, पेंशन और HRA पर भी फोकस

कर्मचारी संगठनों ने आयोग से सिर्फ वेतन बढ़ाने की मांग नहीं की है। रिपोर्ट में पेंशनर्स के लिए समान पेंशन व्यवस्था, वेतन निर्धारण से पहले महंगाई भत्ते (DA) को मूल वेतन में शामिल करने, बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं और सामाजिक सुरक्षा उपायों की भी मांग की गई है। इसके अलावा शहरी और कठिन इलाकों में काम करने वाले कर्मचारियों के लिए बेहतर HRA व्यवस्था लागू करने की सिफारिश भी की गई है।

करियर ग्रोथ और टैक्स राहत की भी मांग

रिपोर्ट में कर्मचारियों के प्रमोशन और कैरियर ग्रोथ के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने की बात कही गई है। साथ ही टैक्स में राहत और कम्यूटेड पेंशन की बहाली अवधि को 15 साल से घटाकर 12 साल करने का सुझाव भी दिया गया है। कर्मचारी संगठनों का मानना है कि इन कदमों से कर्मचारियों और पेंशनर्स की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।

जम्मू-कश्मीर के कर्मचारियों खास मांग

कर्मचारी संगठनों ने आयोग को बताया कि जम्मू-कश्मीर के कई कर्मचारी दुर्गम, सीमावर्ती और पहाड़ी इलाकों में काम करते हैं। उन्हें कठिन मौसम, ऊंची परिवहन लागत, बढ़ते मकान किराए, शिक्षा और स्वास्थ्य पर बढ़ते खर्च जैसी चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। इसके अलावा कुछ सेक्टर्स में सुरक्षा संबंधी चुनौतियां भी कर्मचारियों के लिए अतिरिक्त परेशानी पैदा करती हैं। इसलिए इन इलाकों में कर्मचारियों को विशेष लाभ और अतिरिक्त सुविधाएं देने की मांग की गई है।

अब आयोग के फैसले पर टिकी निगाहें

फिलहाल यह सभी मांगें कर्मचारी संगठनों की ओर से आयोग को सौंपी गई हैं। 8वां वेतन आयोग कर्मचारी संगठनों और हितधारकों से सुझाव जुटा रहा है। अंतिम सिफारिशें आने के बाद ही यह साफ होगा कि कर्मचारियों की सैलरी, पेंशन और भत्तों में कितना बदलाव होगा।

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Tuesday, June 2, 2026

TMC Protest: सड़क पर उतरीं ममता बनर्जी, अभिषेक बनर्जी पर हमले के खिलाफ दिया धरना...दी ये चेतावनी

पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) प्रमुख ममता बनर्जी ने कोलकाता में अपनी पार्टी के नेताओं पर हुए कथित हमलों के खिलाफ बड़ा विरोध प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन खास तौर पर सोनारपुर में उनके भतीजे और टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी पर हुए हमले के विरोध में आयोजित किया गया था।

 अभिषेक बनर्जी पर हमले के खिलाफ दिया धरना

पुलिस से अनुमति नहीं मिलने के बावजूद ममता बनर्जी ने एस्प्लेनेड के पास राशमोनी एवेन्यू में विरोध मार्च का नेतृत्व किया। इस मार्च में अभिषेक बनर्जी, मदन मित्रा और कल्याण बनर्जी सहित कई वरिष्ठ टीएमसी नेता शामिल हुए। प्रदर्शन के दौरान माहौल तनावपूर्ण हो गया। मौके पर मौजूद पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच कहासुनी और धक्का-मुक्की की घटनाएं भी हुईं, जिससे कुछ समय के लिए स्थिति तनावपूर्ण बनी रही।

विरोध स्थल पर बड़ी संख्या में लोग जुटे थे। यहां ममता बनर्जी ने टीएमसी समर्थकों को संबोधित किया, जबकि समर्थक "ममता बनर्जी जिंदाबाद" के नारे लगा रहे थे। किसी भी तरह की अप्रिय घटना को रोकने के लिए मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि उनकी पार्टी टीएमसी को जानबूझकर निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह विरोध प्रदर्शन मंगलवार शाम तक जारी रहेगा। साथ ही उन्होंने दावा किया कि आने वाले समय में बीजेपी को राजनीतिक नुकसान उठाना पड़ सकता है। विरोध मार्च शुरू होने से पहले ममता बनर्जी और पार्टी की अन्य वरिष्ठ नेता डोला सेन ने भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित किए। इसके बाद जब वे प्रदर्शन के लिए रवाना हुईं, तो उनके हाथ में भारतीय संविधान से जुड़ी एक किताब भी दिखाई दी।

क्यों सड़क पर उतरी ममता बनर्जी

तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) का यह विरोध प्रदर्शन मुख्य रूप से चुनाव के बाद हुई हिंसा और पार्टी नेताओं पर कथित हमलों के खिलाफ है। पार्टी का कहना है कि उसके नेताओं और कार्यकर्ताओं को लगातार निशाना बनाया जा रहा है। इस विरोध की शुरुआत उस घटना के बाद हुई, जब दक्षिण 24 परगना जिले के सोनारपुर में एक पार्टी कार्यकर्ता के घर जाते समय टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी पर कथित तौर पर हमला हुआ। इस घटना के बाद राज्य की राजनीति में तनाव काफी बढ़ गया।

सोमवार को ममता बनर्जी ने साफ कहा कि पुलिस से अनुमति नहीं मिलने के बावजूद उनका धरना और विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा। उन्होंने अधिकारियों को चुनौती देते हुए कहा कि अगर वे चाहें तो उन्हें गिरफ्तार कर सकते हैं, लेकिन वह अपना आंदोलन नहीं रोकेंगी। ममता बनर्जी ने भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) पर भी गंभीर आरोप लगाए। उनका कहना है कि बीजेपी पैसे और सत्ता का इस्तेमाल करके उनकी पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं को दूसरी पार्टियों में शामिल कराने की कोशिश कर रही है। उन्होंने इसे लोकतंत्र के लिए गलत बताया और कहा कि टीएमसी इसके खिलाफ अपनी आवाज उठाती रहेगी।

दिल्ली में  प्रदर्शन करने की चुनौती

ममता बनर्जी ने कहा कि जो नेता अपने निजी फायदे के लिए पार्टी छोड़ रहे हैं, उनके जाने से संगठन को दोबारा मजबूत बनाने का मौका मिलेगा। उन्होंने दावा किया कि तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) इस मुश्किल दौर से और ज्यादा मजबूत होकर बाहर आएगी। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि अगर कोलकाता में उनकी पार्टी को विरोध प्रदर्शन करने की अनुमति नहीं दी गई, तो वह इस आंदोलन को राष्ट्रीय स्तर तक ले जाएंगी और दिल्ली में भी प्रदर्शन करेंगी।

यह विरोध प्रदर्शन उस घटना के बाद शुरू हुआ, जिसमें टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी पर सोनारपुर में कथित हमला हुआ था। बताया गया कि जब वह एक दिवंगत पार्टी कार्यकर्ता के परिवार से मिलने जा रहे थे, तब कुछ लोगों ने उन पर अंडे, ईंटें और जूते फेंके। टीएमसी ने इस घटना के लिए पश्चिम बंगाल में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) सरकार को जिम्मेदार ठहराया है। वहीं, टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी ने भी आरोप लगाया कि चांदीतला पुलिस थाने के पास ज्ञापन सौंपने के दौरान उन पर हमला करने की कोशिश की गई और वह बाल-बाल बच गए। उन्होंने इसे "हत्या की कोशिश" बताया।



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Monday, June 1, 2026

Thukra Ke Mera Pyaar Season 2: ‘ठुकरा के मेरा प्यार 2’ के ट्रेलर में दिखा पावर...पॉलिटिक्स और अधूरी मोहब्बत का खेल, इस दिन सीरीज होगी रिलीज

Thukra Ke Mera Pyaar Season 2: इंतज़ार की घड़ियां अब और भी रोमांचक हो चुकी हैं। ‘ठुकरा के मेरा प्यार’ सीज़न 2 का ट्रेलर आ चुका है, जो दर्शकों को सीधे एक ऐसी दुनिया में ले जाता है, जहां मोहब्बत मासूम नहीं रह जाती, बल्कि ताकत की कीमत चुकानी पड़ती है।

धवल ठाकुर एक ऐसे इंसान कुलदीप कुमार का किरदार निभाते हुए वापसी कर रहे हैं जो गिलटी और जुनून के बीच जूझ रहा है। एक ऐसा इंसान जिसने कभी कोई एक ऐसी गलती की थी, जिससे सब कुछ तहस-नहस हो गया और अब एक बार फिर वह खुद को राजनीति, सत्ता और अधूरी भावनाओं के खतरनाक जाल में खिंचता हुआ पाता है।

संचिता बसु, शानविका चौहान के रूप में और भी ज्यादा धाकड़, दमदार और शक्तिशाली बनकर उभरती हैं। सत्ता के बेरहम गलियारों से गुज़रते हुए वह नियमों को मानने से साफ़ तौर पर इंकार कर देती है, भले ही इसके लिए उसे इस रास्ते में रिश्तों की परिभाषा को ही क्यों न बदलना पड़े।

यह ट्रेलर इस सीज़न की एक ऐसी झलक दिखाता है, जो हाई-स्टेक्स पॉलिटिकल ड्रामे, सुलगते हुए बदले, इमोशनल टकराहट और टकरावों से भरा हुआ है। जैसे ही सीतापुर महत्वाकांक्षा और विश्वासघात की रणभूमि बन जाता है, कुलदीप और शानविका खुद को एक ऐसे खेल के विपरीत छोर पर पाते हैं... जहां भरोसा बेहद नाज़ुक होता है और इरादे कभी वैसे नहीं होते जैसे दिखाई देते हैं। यह सीज़न जज़्बातों के उस तूफ़ान को और भी ज़्यादा गहरा करता है जिसने पहले सीज़न को एक मिसाल बनाया था, वही दिल का टूटना, वही बदले की आग और एक कमतर आंके गए कमजोर इंसान का हर दीवार लांघकर उभरना... लेकिन इस बार, यह खेल एक बहुत बड़े और कहीं ज़्यादा ख़तरनाक कैनवास पर रचा गया है।

इस बारे में संचिता बसु ने कहा कि सीज़न 2 शानविका को एक ऐसे मोड़ पर ले जाता है जो जज़्बाती तौर पर अनकही और अप्रत्याशित है। वह अब पहले से कहीं ज़्यादा मज़बूत है, खुद को समेटकर रखने वाली और सतर्क है साथ ही लगातार इस उलझन में है कि जब खेल में सत्ता और धोखा शामिल हो जाए, तो फिर प्यार के असली मायने क्या रह जाते हैं। इस सीज़न में जिस चीज़ ने मुझे सबसे ज़्यादा रोमांचित किया, वो यह है कि यहाँ कुछ भी पूरी तरह सही या गलत नहीं है... हर इमोशन अपने साथ एक अंजाम लेकर आता है।

कुलदीप कुमार के रूप में वापसी कर रहे धवल ठाकुर ने इस अवसर पर कहा कि कुलदीप इस सीज़न में अपने अतीत का बोझ उठाता है। वह इमोशनल होने के साथ ही एक अजीब तरह के द्वंद्व में है, वह जो महसूस करता है और जो दुनिया उससे उम्मीद करती है, उसके बीच लगातार फंसा हुआ रहता है। यह ट्रेलर केवल एक झलक दिखाता है कि इस बार उनकी यात्रा जज्बाती और निजी हो जाती है। इस बार कहानी का दायरा भले ही बहुत बड़ा हो गया हो, लेकिन इसके जज़्बातों की जो बुनियाद और आत्मा है, उतनी ही सच्ची और ज़मीनी है। 'ठुकरा के मेरा प्यार' – सीज़न 2 स्ट्रीम होगा 19 जून, 2026 से जियोहॉटस्टार पर।



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