Thursday, April 30, 2026

GT vs RCB IPL 2026 Match Live Score: आरसीबी से मिली हार का बदला लेने के इरादे से उतरेगी गुजरात, कैसी होगी दोनों टीमों की प्लेइंग 11

GT vs RCB IPL 2026 Match Live Score: आईपीएल 2026 का 42वां मुकाबला गुजरात टाइटंस (GT) और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) के बीच अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेला जाएगा। दोनों ही टीमें अपना पिछला मुकाबला जीतकर यहां आई हैं। वहीं गुजरात की टीम इस मुकाबले में बेंगलुरु को हराकर इस सीजन में मिली हार का बदला लेना चाहेगी। पिछले मैच में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने गुजरात के खिलाफ 206 रन का लक्ष्य आसानी से हासिल कर लिया था।

रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु इस सीजन में काफी मजबूत टीम नजर आ रही है। उसने अब तक खेले गए 8 मैचों में से 6 जीते हैं और सिर्फ 2 में हार मिली है। गुजरात टाइटंस की आईपीएल 2026 की शुरुआत अच्छी नहीं रही और टीम अब स्थिर प्रदर्शन की तलाश में है। अब तक खेले गए 8 मैचों में गुजरात ने 4 जीते हैं और 4 हारे हैं, जिससे टीम अंक तालिका के बीच में ही बनी हुई है। वहीं अंक तालिका में बेंगलुरु दूसरे और गुजरात की टीम 5वें स्थान पर है।



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Wednesday, April 29, 2026

Dhurandhar 2 Climax: 'धुरंधर 2' का खौफनाक क्लाइमेक्स, 500 लीटर पेट्रोल और असली धमाके, रणवीर सिंह ने बिना CGI के जान जोखिम में डाल रचा इतिहास

भारतीय सिनेमा में जब भी एक्शन की बात आती है, तो अक्सर हम कंप्यूटर ग्राफिक्स (CGI) और विजुअल इफेक्ट्स पर निर्भर रहते हैं। लेकिन फिल्म निर्देशक आदित्य धर ने अपनी हालिया ब्लॉकबस्टर 'धुरंधर 2: द रिवेंज' के साथ इस धारणा को पूरी तरह बदल दिया है। फिल्म के रोंगटे खड़े कर देने वाले क्लाइमेक्स को लेकर एक ऐसा खुलासा हुआ है जिसे सुनकर फैंस के होश उड़ गए हैं।

बिना CGI के शूट हुआ महा-धमाका

फिल्म के SFX (स्पेशल इफेक्ट्स) सुपरवाइजर विशाल त्यागी ने हाल ही में एक इंटरव्यू में बताया कि फिल्म के क्लाइमेक्स में जो टैंकर ब्लास्ट दिखाया गया है, वह पूरी तरह से असली था। निर्देशक आदित्य धर का साफ निर्देश था कि वे इस महत्वपूर्ण सीन के लिए किसी भी तरह के नकली ग्राफिक्स का इस्तेमाल नहीं करेंगे।

विशाल ने बताया, "आमतौर पर हम छोटे धमाके करते हैं और बाद में एडिटिंग टेबल पर उन्हें बड़ा दिखाते हैं, लेकिन आदित्य सर ने हमें पूरी आजादी दी थी। इस एक सीन को फिल्माने के लिए हमने 500 लीटर असली पेट्रोल का इस्तेमाल किया। यह तकनीक और साहस का एक ऐसा मेल था जिसे बड़े पर्दे पर उतारना बहुत चुनौतीपूर्ण था।"

रणवीर सिंह की जांबाजी और सुरक्षा की चिंता

इस खतरनाक सीन में रणवीर सिंह और अर्जुन रामपाल मौजूद थे। सबसे बड़ी चुनौती यह थी कि जब टैंकर फट रहे हों, तब रणवीर सिंह को उनके बेहद करीब से गुजरना था। विशाल त्यागी के अनुसार, "हमें सबसे ज्यादा डर रणवीर की सुरक्षा को लेकर था। आग की लपटें बहुत ऊंची थीं, लेकिन हमने रणवीर को सटीक जगह बताई थी जहां से उन्हें गुजरना था। हैरानी की बात यह है कि रणवीर खुद बिल्कुल नहीं डरे थे, उन्हें हमारी टीम पर पूरा भरोसा था।"

शूटिंग के बाद जब धमाका सफलतापूर्वक पूरा हुआ, तो रणवीर सिंह ने अपनी सिग्नेचर स्टाइल में चिल्लाते हुए कहा, "फाड़ दिया तूने!" अर्जुन रामपाल भी अपना काम खत्म होने के बाद वैन में जाने के बजाय इस ऐतिहासिक धमाके को देखने के लिए सेट पर ही रुक गए थे।

25 किलो विस्फोटक और ट्रेन के डिब्बे

विशाल त्यागी ने बताया कि शुरुआत में टीम ने 250 लीटर ईंधन का सुझाव दिया था, लेकिन उन्होंने प्रभाव को और अधिक प्रभावशाली बनाने के लिए 500 लीटर की जिद की। हर टैंक में करीब 25 किलो विस्फोटक रखे गए थे ताकि असली युद्ध जैसा माहौल पैदा किया जा सके।

बॉक्स ऑफिस पर 'धुरंधर' की सुनामी

19 मार्च को रिलीज हुई 'धुरंधर 2' बॉक्स ऑफिस पर रुकने का नाम नहीं ले रही है। फिल्म ने अपनी दमदार कहानी और रणवीर सिंह के 'जसकीरत सिंह रंगी' (शेर-ए-बलूच) वाले अवतार से दर्शकों को दीवाना बना दिया है। वास्तविक घटनाओं पर आधारित इस जासूसी थ्रिलर ने यूके और उत्तरी अमेरिका जैसे देशों में पहले ही कमाई के सारे पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं।

इतना ही नहीं, फिल्म का पहला पार्ट अब 10 जुलाई 2026 को जापान में रिलीज होने के लिए तैयार है। तकनीक और मानवीय साहस का यह संगम ही है जिसने 'धुरंधर' को भारतीय सिनेमा की सबसे यादगार एक्शन फ्रेंचाइजी बना दिया है।



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Tuesday, April 28, 2026

Eternal Q4 Results: ईटरनल का प्रॉफिट 71 फीसदी उछलकर 174 करोड़ रुपये रहा

ईटरनल (पहले नाम जोमैटो) ने मार्च तिमाही के नतीजों का ऐलान कर दिया है। इस दौरान कंपनी का टैक्स बाद प्रॉफिट साल दर साल आधार पर 71 फीसदी बढ़कर 174 करोड़ रुपये रहा। एक साल पहले की समान अवधि में कंपनी को 39 करोड़ रुपये प्रॉफिट हुआ था। कंपनी फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म जोमैटो और क्विक कॉमर्स कंपनी ब्लिंकिट को ऑपरेट करती है। कंपनी ने शेयर बाजार बंद होने से पहले नतीजों का ऐलान किया। नतीजों के बाद ईटरनल के शेयर में तेजी दिखी।

प्रॉफिट्स एनालिस्ट्स के अनुमान से ज्यादा

FY26 की दिसंबर तिमाही में Eternal का टैक्स बाद प्रॉफिट 102 करोड़ रुपये था। रायटर्स-एलएसईजी के पोल में एनालिस्ट्स ने कंपनी का प्रॉफिट 121 करोड़ रुपये रहने का अनुमान लगाया था। कंपनी के उम्मीद से बेहतर प्रदर्शन में ब्लिंकिट की अच्छी ग्रोथ का हाथ है। साथ ही कंपनी ने जोमैटो सहित अपने फू़ड डिलीवरी बिजनेस का भी विस्तार किया।

FY26 में कंपनी का प्रॉफिट 366 करोड़ रुपये

पिछले पूरे वित्त वर्ष में कंपनी का प्रॉफिट 31 फीसदी बढ़कर 366 करोड़ रुपये रहा। FY25 में कंपनी ने 527 करोड़ रुपये प्रॉफिट कमाया था। FY26 की मार्च तिमाही में ऑपरेशंस से कंपनी का रेवेन्यू साल दर साल आधार पर 196 फीसदी बढ़कर 17,292 करोड़ रुपये रहा। एक साल पहले की समान अवधि में यह 5,883 करोड़ रुपये था। दिसंबर, 2025 तिमाही में कंपनी का रेवेन्यू 16,315 करोड़ रुपये था।

नतीजों के बाद शेयर हरे निशान में आए

28 अप्रैल को कंपनी के नतीजों के बाद इसके शेयरों में तेजी दिखी। सुबह में शेयर कमजोर खुला था। नतीजों से पहले यह गिरकर 245 रुपये पर आ गया था। नतीजों के बाद यह 27 अप्रैल के क्लोजिंग प्राइस से 1.09 फीसदी चढ़कर 258.28 रुपये पर बंद हुआ। बीते एक महीने में यह शेयर करीब 13 फीसदी चढ़ा है।

कंपनी के पास 17972 करोड़ का कैश बैलेंस

मार्च तिमाही के अंत में कंपनी के पास 17,972 करोड़ रुपये का कैश बैंलेस था। यह दिसंबर तिमाही के 17,820 करोड़ रुपये के कैश बैलेंस से थोड़ा ज्यादा है। कंपनी के फूड डिलीवरी बिजनेस का एडजस्टेड रेवेन्यू मार्च तिमाही में साल दर साल आधार पर 3,125 करोड़ रुपये रहा। एक साल पहले की समान अवधि में यह 2,409 करोड़ रुपये था। दिसंबर तिमाही में यह 3,053 करोड़ रुपये था।

यह भी पढ़ें: Brent Crude 111 डॉलर के पार, ONGC और OIL के शेयरों को लगे पंख

ब्लिंकिट का EBITDA 37 करोड़ रुपये  

मार्च तिमाही में ब्लिंकिट का EBITDA 37 करोड़ रुपये रहा। एक साल पहले की समान अवधि में कंपनी को 178 करोड़ रुपये लॉस हुआ था। तिमाही दर तिमाही आधार पर कंपनी का एडजस्टेड EBITDA मार्च तिमाही में 4 करोड़ रुपये ज्यादा रहा। मार्च तिमाही में ब्लिंकिट का रेवेन्यू बढ़कर 13,232 करोड़ रुपये हो गया। एक साल पहले की समान अवधि में यह 1,709 करोड़ रुपये था।



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Monday, April 27, 2026

Q4 Results: 9 गुना बढ़ा फाइनेंस कंपनी का मुनाफा, हर शेयर पर ₹11 के डिविडेंड का भी ऐलान

Q4 Results: नॉन-बैंकिंग फाइनेंस कंपनी (NBFC) Piramal Finance ने सोमवार (27 अप्रैल) को मार्च तिमाही के नतीजे जारी किए। कंपनी का नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर करीब 9 गुना बढ़कर ₹603 करोड़ हो गया। यह पिछले साल इसी तिमाही में ₹64 करोड़ था। पूरे वित्त वर्ष 2026 में कंपनी का मुनाफा 168% बढ़कर ₹1,540 करोड़ पहुंच गया।

मुनाफे में उछाल क्यों आया

पिरामल फाइनेंस के मुनाफे में बड़ी बढ़त कुछ खास डील्स की वजह से आई। Piramal Imaging की बिक्री से करीब 148 मिलियन डॉलर की डिफर्ड रकम मिली।

इसके अलावा कंपनी ने Shriram Life Insurance में अपनी हिस्सेदारी ₹600 करोड़ में बेच दी। साथ ही IFC और ADB से $350 मिलियन की फंडिंग भी हासिल की।

AUM ₹1 लाख करोड़ के पार

पिरामल फाइनेंस का एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) FY26 में 25% बढ़कर ₹1,01,230 करोड़ हो गया।

ग्रोथ AUM 33% बढ़कर ₹98,423 करोड़ पहुंच गया। वहीं ग्रोथ-टू-लेगेसी AUM का अनुपात सुधरकर 97:03 हो गया, जो बताता है कि कंपनी तेजी से नए बिजनेस पर फोकस कर रही है।

मार्जिन और प्रॉफिटेबिलिटी में सुधार

  • पिरामल फाइनेंस का Q4 FY26 में नेट इनकम मार्जिन 14 बेसिस पॉइंट बढ़कर 6.5% हो गया। यह सुधार बेहतर पोर्टफोलियो मिक्स और कम उधारी लागत की वजह से आया।
  • ग्रोथ बिजनेस का प्री-टैक्स प्रॉफिट FY26 में ₹1,560 करोड़ रहा। RoAUM बढ़कर 2.1% हो गया, जो पिछले साल 1.8% था।
  • खर्च भी काबू में आया है। Opex-to-AUM घटकर 3.4% पर आ गया, जो पहले 4% था।

    एसेट क्वालिटी स्थिर रही

  • पिरामल फाइनेंस की एसेट क्वालिटी में कोई बड़ी खराबी नहीं दिखी। ग्रॉस NPA 2.3% और नेट NPA 1.6% पर रहा।
  • नेटवर्थ ₹28,191 करोड़ पर पहुंच गया। वहीं कंपनी के पास ₹8,640 करोड़ की मजबूत लिक्विडिटी बनी हुई है, जो कुल एसेट का करीब 8% है।

रिटेल बिजनेस बना ग्रोथ का इंजन

पिरामल फाइनेंस का रिटेल AUM 33% बढ़कर ₹85,885 करोड़ हो गया और अब यह कुल AUM का 85% हिस्सा है। मॉर्गेज AUM 32% बढ़कर ₹57,837 करोड़ पहुंच गया, जो रिटेल AUM का 67% और कुल AUM का 57% है।

रिटेल सेगमेंट में अलग-अलग प्रोडक्ट्स में 19% से 52% तक की ग्रोथ दर्ज की गई। Q4 FY26 में रिटेल डिस्बर्समेंट 34% बढ़कर ₹13,101 करोड़ हो गया।

होलसेल बिजनेस में भी तेजी

Wholesale 2.0 AUM 38% बढ़कर ₹12,538 करोड़ हो गया। तिमाही में डिस्बर्समेंट 63% बढ़कर ₹2,782 करोड़ रहा। वहीं ₹2,268 करोड़ की रिपेमेंट भी मिली, जिसमें प्री-पेमेंट शामिल है।

टेक्नोलॉजी से कलेक्शन में बड़ा सुधार

पिरामल फाइनेंस ने AI बेस्ड कलेक्शन सिस्टम अपनाया है, जिससे रिकवरी में काफी सुधार हुआ है। मंथली कलेक्शन Q1 FY26 के ₹84 करोड़ से बढ़कर Q4 में ₹834 करोड़ तक पहुंच गया।

ग्राहकों की शिकायतें भी पिछले तीन साल में काफी कम होकर 0.3 प्रति 1000 ग्राहक रह गई हैं, जो पहले 2.8 थीं।

मैनेजमेंट का क्या कहना है

पिरामल फाइनेंस के चेयरमैन आनंद पिरामल का कहना है कि ₹1 लाख करोड़ AUM पार करना एक अहम पड़ाव है, लेकिन उससे भी ज्यादा जरूरी है लगातार बेहतर प्रदर्शन बनाए रखना।

उन्होंने कहा कि कंपनी रिटेल फोकस बढ़ा रही है, साथ ही मुनाफा, एसेट क्वालिटी और बैलेंस शीट को मजबूत बनाए रख रही है।

डिविडेंड और बोर्ड के फैसले

पिरामल फाइनेंस के बोर्ड ने ₹2 फेस वैल्यू वाले हर शेयर पर ₹11 (550%) का फाइनल डिविडेंड देने की सिफारिश की है। यह डिविडेंड AGM के बाद शेयरहोल्डर्स की मंजूरी मिलने पर दिया जाएगा।

इसके अलावा सुहैल नथानी को 5 साल के लिए दोबारा इंडिपेंडेंट डायरेक्टर नियुक्त करने को मंजूरी दी गई है।

Piramal Finance के शेयर

Piramal Finance का शेयर रिजल्ट से पहले BSE पर 1.23% गिरकर ₹1,840.70 पर बंद हुआ। पिछले 1 साल में स्टॉक ने 38.92 पर्सेंट का रिटर्न दिया है। इसका मार्केट कैप 41.54 हजार करोड़ रुपये है।

Bajaj Housing Q4 Results: बजाज की कंपनी को ₹669 करोड़ का मुनाफा, रेवेन्यू में 16% का उछाल

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।



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Sunday, April 26, 2026

India-Nepal Border High Alert: नेपाल के बीरगंज में क्यों हो रहा बांग्लादेश और पाकिस्तान के मौलानाओं का जुटान? भारत से लगी सीमा पर हाई अलर्ट

India-Nepal Border On High Alert: भारत ने अपने पड़ोसी देश नेपाल के साथ लगी सीमा पर सुरक्षा कड़ी कर दी है। बिहार पुलिस को हाई अलर्ट पर रखा गया है। राज्य पुलिस की टीमें सीमा सुरक्षा बल (SSB) के साथ मिलकर काम कर रही हैं, ताकि नेपाल में फैली अशांति का असर भारत में न पड़े। इस बीच, नेपाल के बीरगंज में मुस्लिम समुदाय की तरफ से इज्तिमा'' नामक एक धार्मिक आयोजन किया जा रहा है। बताया जा रहा है कि इसमें काफी संख्या में बांग्लादेश और पाकिस्तान के साथ-साथ कुछ अन्य मुस्लिम देशों के मौलाना एवं धर्म गुरुओं का महाजुटान होगा।

इस खबर के बाद भारत-नेपाल सीमा पर SSB और रक्सौल पुलिस द्वारा चौकसी बढ़ा दी गई है। रिपोर्ट के मुताबिक, नेपाल के वरपुर बलुवा गांव में 27 अप्रैल तक तीन दिवसीय तब्लीगी जमात का 'इज्तिमा' आयोजित किया जा रहा है। इस मुस्लिम धार्मिक आयोजन में नेपाल और पाकिस्तान सहित विभिन्न देशों से मुस्लिम समुदाय के लोग शामिल होंगे।

इस मीटिंग को देखते हुए आईबी की रिपोर्ट के आधार पर भारत-नेपाल सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था को चुस्त दुरुस्त कर दिया गया है। नेपाल से आने और भारत से जाने वाले की गहन जांच की जा रही है। रक्सौल थाने की पुलिस, एसपी हेमंत सिंह, रक्सौल एसडीपीओ मनीष आनंद खुद भारत नेपाल मैत्री पुल के पास सभी वाहनों का सघन तरीके से जांच कर रहे हैं।

वहीं, एसडीपीओ के साथ-साथ तमाम पुलिसकर्मी आने जाने पर वालों के पर विशेष नजर रख रहे हैं। सादे ड्रेस में पुलिसकर्मी की तैनाती की गई है। आईबी की रिपोर्ट के बाद सीमा पर सख्ती बढ़ा दी गई है।अधिकारियों ने कहा कि किसी भी दूसरे देश के व्यक्ति को भारतीय सीमा से नेपाल से आने और जाने के प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया गया है।

एसपी हेमंत सिंह ने इसकी जानकारी देते हुए कहा, "बॉर्डर पर सुरक्षा व्यवस्था को कस दुरुस्त किया गया है। आने जाने वालों पर विशेष नजर रखी जा रही है। नेपाल में धार्मिक आयोजन होने को लेकर सूचना के आधार पर विशेष सुरक्षा व्यवस्था किया गया है।"

मुख्य सचिव का सख्त आदेश

बिहार के मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने भारत-नेपाल सीमावर्ती क्षेत्रों की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करते हुए सुरक्षा चौकसी और बेहतर करने का निर्देश दिया है। एक आधिकारिक विज्ञप्ति के मुताबिक मुख्य सचिव ने भारत-नेपाल सीमा की संवेदनशीलता को देखते हुए सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने तथा किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा।

मुख्य सचिव की अध्यक्षता में भारत-नेपाल सीमावर्ती क्षेत्रों से संबंधित एक समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई। बैठक का मुख्य उद्देश्य सीमा क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करना, अवैध गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित करना तथा विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना था।

मुख्य सचिव ने सीमा क्षेत्रों में नियमित निगरानी बढ़ाने तथा प्रशासनिक सतर्कता बनाए रखने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि विधि-व्यवस्था के दृष्टिकोण से सरकार की कतई बर्दाश्त नहीं की नीति है। एक बयान के मुताबिक अमृत ने मधुबनी के जिलाधिकारी एवं SP को अवैध गतिविधियों में संलिप्त एवं अवांछित लोगों को चिह्नित कर त्वरित सुनवाई के माध्यम से सजा दिलाने का निर्देश दिया।

ये भी पढ़ें- Harbhajan Singh Security: हरभजन सिंह की सुरक्षा में अब तैनात रहेंगे CRPF जवान, पंजाब सरकार ने हटाई सिक्योरिटी तो केंद्र ने तैनात किए कमांडो

समीक्षा के क्रम में मुख्य सचिव ने सशस्त्र सीमा बल से सीमा सुरक्षा की विस्तृत जानकारी प्राप्त की और अधिकारियों को सीमा पर गश्त और बढ़ाने का निर्देश दिया। बैठक में बिहार के पुलिस महानिदेशक विनय कुमार, अपर मुख्य सचिव (गृह) अरविंद कुमार चौधरी, विशेष शाखा एवं एसटीएफ के अधिकारी सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।



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Saturday, April 25, 2026

Mercedes-Benz CLA Electric लॉन्च, मिलेगा लग्जरी, रेंज और टेक्नोलॉजी का पावरफुल कॉम्बो

Mercedes-Benz CLA Electric: Mercedes-Benz India ने 55 लाख रुपये (एक्स-शोरूम) की कीमत पर CLA Electric लॉन्च की है, जो 792 किलोमीटर तक की रेंज देने का दावा करती है। यह भारतीय खरीदारों के लिए खास है क्योंकि इस कीमत में यह सबसे लंबी रेंज वाली इलेक्ट्रिक सेडान में से एक है, साथ ही मर्सिडीज के नए जेनरेशन के इलेक्ट्रिक प्लेटफॉर्म को एंट्री-लेवल लग्जरी सेगमेंट में लाती है। यह मॉडल अलग-अलग बैटरी साइज वाले कई वेरिएंट में उपलब्ध है, जिससे खरीदारों को कीमत और रेंज के बीच चुनाव करने का ऑप्शन मिलता है। यह मॉडल कंपनी की पुरानी एंट्री-लेवल EV कारों की जगह लेता है और उन लोगों को ध्यान में रखकर बनाया गया है जो लंबी दूरी तक इलेक्ट्रिक कार चलाना चाहते हैं।

बैटरी, रेंज और परफॉर्मेंस: आंकड़े क्या कहते हैं

CLA Electric Mercedes के MMA प्लेटफॉर्म पर बनी है और दो बैटरी विकल्पों के साथ आती है। CLA 200 Standard Range में छोटी बैटरी का इस्तेमाल किया गया है, जो 542 किमी की रेंज देती है, जबकि CLA 250+ Long Range वेरिएंट में बड़ी बैटरी है, जो 792 किमी (WLTP) तक की रेंज प्रदान करता है।

बड़ी बैटरी पैक की क्षमता लगभग 85 kWh है और यह 800V इलेक्ट्रिकल आर्किटेक्चर को सपोर्ट करती है। इससे फास्ट चार्जिंग संभव हो पाती है, और कार आदर्श परिस्थितियों में हाई-स्पीड DC चार्जर का उपयोग करके लगभग 20 मिनट में 400 किमी तक की रेंज जोड़ सकती है।

CLA EV की परफॉर्मेंस को रोजाना की जरूरतों के हिसाब से डिजाइन किया गया है। यह कार 0 से 100 kmph की स्पीड लगभग 6.7 सेकंड में पकड़ लेती है। इसका मतलब है कि यह तेज भी है और चलाने में आरामदायक भी।

असल में इसका फायदा यह है कि आपको हाईवे पर यात्रा के दौरान ज्यादा स्मूद और कम आवाज वाली ड्राइविंग मिलती है। साथ ही, यह कार बाकी कई इलेक्ट्रिक वाहनों की तुलना में कम बार चार्ज करने की जरूरत भी देती है, जिससे लंबी दूरी की यात्रा आसान हो जाती है।

वेरिएंट, कीमत और चार्जिंग सिस्टम

CLA इलेक्ट्रिक तीन वेरिएंट में उपलब्ध है: CLA 200 Standard Range (55 लाख रुपये), CLA 250+ Long Range (59 लाख रुपये) और टॉप-स्पेक CLA 250+ Launch Edition (64 लाख रुपये)। सभी कीमतें एक्स-शोरूम हैं।

बुकिंग लगभग 1.50 लाख रुपये की टोकन राशि के साथ शुरू हो चुकी है और Long Range वेरिएंट की डिलीवरी पहले शुरू होने की उम्मीद है, जिसके बाद Standard Range वर्जन की डिलीवरी होगी।

Mercedes-Benz अपने ग्राहकों को घर पर चार्जिंग की सुविधा के लिए 22 kW का वॉल बॉक्स चार्जर भी दे रही है, जिसे घर पर इंस्टॉल किया जा सकता है। इसके अलावा, ग्राहकों को पूरे भारत में तेजी से बढ़ रहे 9,000 से ज्यादा पब्लिक चार्जिंग पॉइंट्स का भी एक्सेस मिलेगा।

डिजाइन, फीचर्स और असली दुनिया में इसका असर

CLA Electric का डिजाइन पहले जैसी कूपे-स्टाइल सेडान जैसा ही रखा गया है, लेकिन इसमें इलेक्ट्रिक कार के खास बदलाव किए गए हैं। इसमें बंद ग्रिल दी गई है, जिस पर चमकता हुआ स्टार पैटर्न मिलता है। आगे और पीछे कनेक्टेड LED लाइट बार्स भी दिए गए हैं, जो इसे मॉडर्न लुक देते हैं।

इसका डिजाइन खास तौर पर एरोडायनामिक्स (हवा में आसानी से चलने) को ध्यान में रखकर बनाया गया है, जिससे इसकी रेंज बढ़ाने में मदद मिलती है।

इंटीरियर (अंदर का हिस्सा) में पूरा फोकस डिजिटल टेक्नोलॉजी पर है। इसमें बड़ा और इंटीग्रेटेड डिस्प्ले सिस्टम मिलता है, जिसमें EV से जुड़ी सभी जरूरी जानकारी दिखाई जाती है। इसके अलावा, कार ओवर-द-एयर (OTA) अपडेट और एडवांस ड्राइवर असिस्ट सिस्टम (ADAS) का भी समर्थन करती है।

इस कार का सबसे बड़ा फायदा इसकी उपयोगिता है। CLA Electric की 792 किलोमीटर की रेंज और फास्ट चार्जिंग की सुविधा इसे सिर्फ शहर में चलाने के लिए नहीं, बल्कि एक शहर से दूसरे शहर (इंटरसिटी ट्रैवल) के लिए भी अच्छा विकल्प बनाती है। लेकिन ध्यान देने वाली बात यह है कि असल में मिलने वाली रेंज (real-world range) ड्राइविंग कंडीशन पर निर्भर करेगी। इसके अलावा, बड़े शहरों के बाहर चार्जिंग स्टेशन की उपलब्धता अभी भी एक चुनौती हो सकती है।

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Friday, April 24, 2026

डिजिटल वॉलेट और प्रीपेड कार्ड के बदल सकते हैं नियम, RBI करेगा ये बदलाव

अगर आप Paytm, PhonePe या किसी भी डिजिटल वॉलेट का इस्तेमाल करते हैं, तो आपके लिए बड़ा अपडेट है। RBI ऐसे नए नियम लाने की तैयारी में है, जिससे वॉलेट में पैसे रखने की लिमिट, रिफंड का तरीका और चार्ज से जुड़े नियम बदल सकते हैं। ये बदलाव आपके रोजमर्रा के डिजिटल पेमेंट एक्सपीरियंस को बदल सकता है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने डिजिटल पेमेंट को और सुरक्षित और आसान बनाने के लिए प्रीपेड पेमेंट इंस्ट्रूमेंट्स (PPI) यानी वॉलेट, गिफ्ट कार्ड और मेट्रो कार्ड जैसे नए ऑप्शन ला सकती है। अगर ये नियम लागू होते हैं, तो इसका असर आम यूजर्स, कंपनियों और दुकानदारों तीनों पर देखने को मिल सकता है।

सबसे पहले समझें PPI क्या होते हैं?

PPI ऐसे डिजिटल टूल होते हैं, जिनमें आप पहले पैसा डालते हैं और बाद में उसका इस्तेमाल करते हैं। जैसे Paytm Wallet, PhonePe Wallet, गिफ्ट कार्ड, मेट्रो कार्ड या मील कार्ड। इसमें हर बार बैंक से पैसा कटने के बजाय पहले से डाला गया बैलेंस इस्तेमाल होता है।

अब नियम बदलने की जरूरत क्यों पड़ी?

भारत में डिजिटल पेमेंट तेजी से बढ़ा है। ऐसे में RBI चाहता है कि यह सिस्टम सुरक्षित, पारदर्शी और भरोसेमंद बना रहे। नए नियम इसी दिशा में एक कदम माने जा रहे हैं। RBI ने अलग-अलग तरह के वॉलेट के लिए लिमिट तय करने का प्रस्ताव दिया है।

सामान्य वॉलेट जैसे Paytm, PhonePe – अधिकतम ₹2 लाख

गिफ्ट कार्ड – अधिकतम ₹10,000

मेट्रो या ट्रांजिट कार्ड – करीब ₹3,000 तक

इसके अलावा कैश डालने पर भी मासिक लिमिट लग सकती है।

फेल पेमेंट पर तुरंत मिलेगा पैसा वापस

अगर आपका पेमेंट फेल हो जाता है या बीच में अटक जाता है, तो पैसे तुरंत वापस मिल सकते हैं। इससे यूजर्स को रिफंड के लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा।

कंपनियों पर सख्ती बढ़ेगी

जो कंपनियां वॉलेट जारी करती हैं, उन्हें अब ज्यादा मजबूत फाइनेंशियल स्थिति दिखानी होगी। RBI चाहता है कि सिर्फ भरोसेमंद और मजबूत कंपनियां ही इस क्षेत्र में काम करें।

यूजर्स के लिए क्या बदलेगा?

फीस, एक्सपायरी और नियम साफ और आसान भाषा में बताने होंगे

शिकायत करने के लिए बेहतर सिस्टम देना होगा

तय समय में समस्या का समाधान करना होगा

UPI के साथ बेहतर कनेक्शन

RBI चाहता है कि वॉलेट और UPI एक-दूसरे से बेहतर तरीके से जुड़ें। इससे यूजर्स को अलग-अलग ऐप्स में पैसा इस्तेमाल करने में आसानी होगी।

छिपे हुए चार्ज पर रोक

एजेंट्स या कंपनियां बिना जानकारी के कोई अतिरिक्त चार्ज नहीं ले सकेंगी, जिससे ग्राहकों को राहत मिलेगी।

Bank Holiday Alert: कल 25 अप्रैल को बैंक होंगे बंद या खुली रहेंगी ब्रांच? शनिवार को जाने से पहले जरूर जान लें ये अपडेट!



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Thursday, April 23, 2026

2026 TVS Raider 125: नए कलर वरिएंट के साथ भारत में लॉन्च, मिलेगा नया लुक, TFT स्क्रीन और दमदार फीचर्स, जानें कीमत

2026 TVS Raider 125: TVS Motor कंपनी ने भारत में 2026 TVS Raider 125 के दो नए वेरिएंट लॉन्च किए हैं, जिनमें अपडेटेड फीचर्स और नए कलर ऑप्शन दिए गए हैं, साथ ही इसका स्पोर्टी लुक भी बरकरार रखा गया है। यह कम्यूटर बाइक पहले की तरह ही कई वेरिएंट में उपलब्ध है, जिनकी शुरुआती कीमत 82,860 रुपये (एक्स-शोरूम, दिल्ली) है। नए लॉन्च किए गए SXC DD और TFT DD वेरिएंट की कीमत क्रमशः 96,725 रुपये और 98,550 रुपये है।

2026 TVS Raider 125: नए कलर और वेरिएंट

इस अपडेट की सबसे खास बात नया Nitro Green कलर है। यह कलर बाइक के आगे के हिस्से में खासतौर पर इस्तेमाल किया गया है, जिसमें हेडलाइट कवर, फ्रंट फेंडर, फ्यूल टैंक और साइड पैनल शामिल हैं। इसके साथ हल्के ग्रे कलर के ग्राफिक्स दिए गए हैं, जबकि ग्रीन कलर का फ्रंट अलॉय व्हील और ब्लैक कलर का रियर व्हील इसके स्पोर्टी लुक को और निखारते हैं।

Raider 125 Metallic Blue और Striking Red कलर में भी उपलब्ध है। जबकि नया Nitro Green कलर केवल टॉप वेरिएंट TFT DD और SXC DD में ही दिया गया है।

2026 TVS Raider 125: नए फीचर्स

TVS Raider 125 में LED हेडलाइट और टेललाइट, ग्लाइड थ्रू ट्रैफिक (GTT) टेक्नोलॉजी, साइड-स्टैंड इंजन कट-ऑफ और फॉलो-मी-होम हेडलाइट जैसे फीचर्स दिए गए हैं। इसके अलावा, 2026 TVS Raider 125 का सबसे बड़ा अपग्रेड टॉप-एंड वेरिएंट में दिए गए नए फुल-कलर TFT इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर के रूप में सामने आया है, जिसने पहले के रिवर्स LCD यूनिट की जगह ले ली है। यह टर्न-बाय-टर्न नेविगेशन, कॉल अलर्ट, राइड एनालिटिक्स, मौसम अपडेट और लाइव स्पोर्ट्स स्कोर जैसी कई कनेक्टेड सुविधाओं को सपोर्ट करता है। SXC DD ट्रिम में LCD कंसोल जारी है, लेकिन इसमें भी 85 से अधिक कनेक्टेड फीचर्स उपलब्ध हैं।

2026 TVS Raider 125: इंजन और हार्डवेयर

मैकेनिकल तौर पर, 2026 TVS Raider 125 में कोई बदलाव नहीं हुआ है। इसमें 124.8cc का एयर और ऑयल-कूल्ड सिंगल-सिलेंडर इंजन लगा है जो 11.38 hp और 11.2 Nm का टॉर्क जनरेट करता है, और यह पांच-स्पीड गियरबॉक्स से जुड़ा है। iGO असिस्ट फीचर टॉर्क को अस्थायी रूप से 11.75 Nm तक बढ़ा सकता है।

हार्डवेयर की बात करें तो, बाइक में टेलीस्कोपिक फ्रंट फोर्क और पांच-स्टेप एडजस्टेबल रियर मोनोशॉक सस्पेंशन दिया गया है। ब्रेकिंग के लिए 240mm का फ्रंट डिस्क और 200mm का रियर डिस्क सिंगल-चैनल ABS के साथ दिया गया है।

2026 TVS Raider 125: वेरिएंट और कीमत

वेरिएंट कीमत (एक्स-शोरूम)
Drum ₹82,860
Single Seat ₹88,470
Split Seat ₹92,520
iGo ₹92,520
SSE ₹93,520
SXC DD ₹96,725
TFT DD ₹98,550

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Wednesday, April 22, 2026

Property Transfer: सिर्फ म्यूटेशन कराने से बच्चों के नाम नहीं होती प्रॉपर्टी, जानिए सही तरीका

Property Transfer: भारत में अक्सर लोग सोचते हैं कि प्रॉपर्टी का म्यूटेशन (Mutation) करा देने से मालिकाना हक मिल जाता है। लेकिन यही सबसे बड़ी गलती साबित हो सकती है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि म्यूटेशन सिर्फ सरकारी रिकॉर्ड अपडेट करने की प्रक्रिया है, इससे असली मालिकाना हक ट्रांसफर नहीं होता।

म्यूटेशन क्या है और क्या नहीं है?

म्यूटेशन का मतलब है जमीन या मकान का नाम नगर निगम या राजस्व रिकॉर्ड में अपडेट करना, ताकि प्रॉपर्टी टैक्स सही व्यक्ति से लिया जा सके। लेकिन यह सिर्फ एक मैनेजिरियल प्रोसेस है। इसका मालिकाना हक से कोई सीधा संबंध नहीं होता। यानी सिर्फ म्यूटेशन के आधार पर आप खुद को कानूनी मालिक साबित नहीं कर सकते।

फिर असली मालिकाना हक कैसे मिलता है?

अगर पिता अपनी प्रॉपर्टी बच्चों को देना चाहते हैं, तो इसके लिए कुछ कानूनी डॉक्यूमेंट जरूरी होते हैं। जैसे गिफ्ड डीड, सेल डील और वसीयत आदि।

गिफ्ट डीड (Gift Deed)

सेल डीड (Sale Deed)

वसीयत (Will)

अगर पिता अपने लाइफटाइम में प्रॉपर्टी ट्रांसफर करना चाहते हैं, तो रजिस्टर्ड गिफ्ट डीड सबसे साफ और सेफ तरीका माना जाता है। वहीं, अगर वे चाहते हैं कि प्रॉपर्टी उनकी मृत्यु के बाद बच्चों को मिले, तो वसीयत बनाई जाती है।

पैतृक संपत्ति में क्या अलग है?

अगर प्रॉपर्टी पैतृक (Ancestral) है, तो मामला और जटिल हो जाता है। इसमें सभी कानूनी वारिसों का अधिकार होता है, इसलिए बिना उनकी सहमति के ट्रांसफर नहीं किया जा सकता। ऐसे मामलों में अक्सर पार्टिशन डीड (बंटवारा) जरूरी होता है।

सिर्फ म्यूटेशन पर भरोसा करने का खतरा

अगर परिवार ने सिर्फ म्यूटेशन कराया है और कोई वैलिड डॉक्यूमेंट नहीं है, तो भविष्य में बड़ी परेशानी हो सकती है।

प्रॉपर्टी बेचते समय दिक्कत

बैंक से लोन नहीं मिलना

परिवार में विवाद

कोर्ट केस का खतरा आदि रहता है। ऐसी स्थिति में आपके पास मालिकाना हक साबित करने के लिए मजबूत कानूनी दस्तावेज नहीं होते।

विवाद से बचने के लिए क्या करें?

पहले यह तय करें कि प्रॉपर्टी सेल्फ-अक्वायर्ड है या पैतृक।

सही तरीका चुनें - गिफ्ट डीड या वसीयत।

डॉक्यूमेंट को सही तरीके से ड्राफ्ट और रजिस्टर कराएं।

स्टांप ड्यूटी का पेमेंट करें।

पुराने कागजात और मालिकाना रिकॉर्ड सुरक्षित रखें। इन सभी प्रक्रियाओं के बाद ही म्यूटेशन कराना चाहिए, ताकि सरकारी रिकॉर्ड अपडेट हो सके।

हर महीने पांच साल तक मिलेंगे 20,500 रुपये, पोस्ट ऑफिस की स्कीम हर महीने कराएगी कमाई



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Tuesday, April 21, 2026

Gurgaon Property:गुरुग्राम में घर खरीदने का है प्लान? सर्किल रेट 75% तक बढ़े, जानिए सेक्टर्स में कितना बढ़ा प्रॉपर्टी का रेट

Gurugram Property Market: अगर आप गुरुग्राम में घर खरीदने की सोच रहे हैं, तो अब आपको पहले से ज्यादा बजट तैयार रखना होगा। अप्रैल 2026 से सर्किल रेट में 15% से लेकर 75% तक की बढ़ोतरी हुई है, जिससे प्रॉपर्टी की कुल लागत और स्टांप ड्यूटी दोनों बढ़ गई हैं। ऐसे में खरीदारी से पहले यह जानना जरूरी है कि किन इलाकों में कीमतें सबसे ज्यादा बढ़ी हैं।

गुरुग्राम में अप्रैल 2026 से सर्किल रेट बढ़ने के बाद प्रॉपर्टी बाजार में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। अलग-अलग इलाकों में सर्किल रेट 15% से लेकर 75% तक बढ़ गए हैं। सर्किल रेट वही न्यूनतम कीमत होती है, जिस पर प्रॉपर्टी की रजिस्ट्री होती है। ऐसे में इनके बढ़ने का सीधा असर घर खरीदने की कॉस्ट और स्टांप ड्यूटी पर पड़ता है।

क्यों बढ़े सर्किल रेट?

सरकार ने यह बदलाव बाजार की मौजूदा कीमतों के हिसाब से किया है। पिछले कुछ समय में गुरुग्राम में प्रॉपर्टी की मांग नई सड़कों और बेहतर कनेक्टिविटी के कारण तेजी से बढ़ी है। अब सर्किल रेट बढ़ने से जहां खरीदारों को ज्यादा पैसा खर्च करना पड़ेगा, वहीं निवेशकों को भविष्य में कीमत बढ़ने का फायदा मिल सकता है।

द्वारका एक्सप्रेसवे सबसे आगे

गुरुग्राम का द्वारका एक्सप्रेसवे इलाका सबसे तेजी से बढ़ रहा है। यहां कमर्शियल प्रॉपर्टी के रेट में करीब 75% तक की बढ़ोतरी हो सकती है। वहीं आसपास के रेजिडेंशियल सेक्टर 104–115 में भी करीब 30% तक का उछाल देखने को मिल सकता है। बेहतर कनेक्टिविटी और इंफ्रास्ट्रक्चर इस बढ़ोतरी की बड़ी वजह है।

अन्य प्रमुख इलाकों में क्या हाल?

सदर्न पेरिफेरल रोड (SPR) पर सर्किल रेट करीब 45% बढ़ सकते हैं, जबकि गोल्फ कोर्स एक्सटेंशन रोड पर करीब 30% तक की बढ़ोतरी देखी जा सकती है। ये इलाके पहले से ही प्रीमियम माने जाते हैं और यहां अच्छी डिमांड बनी हुई है।

सेक्टर 15 और सेक्टर 25 जैसे पुराने और प्रमुख इलाकों में भी बड़ी बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। सेक्टर 25 में कमर्शियल प्रॉपर्टी के रेट में 75% तक उछाल आ सकता है। जबकि, सेक्टर 15 में रेजिडेंशियल रेट करीब 45% तक बढ़ सकते हैं।

न्यू गुरुग्राम के सेक्टर 104–115 में करीब 30% तक बढ़ोतरी का अनुमान है। वहीं सोहना और मानेसर जैसे इलाके अभी भी किफायती बने हुए हैं, जहां बढ़ोतरी 10% के आसपास रह सकती है। मानेसर में इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट और जॉब के मौके बढ़ने से यहां भी मांग बढ़ रही है। सर्किल रेट बढ़ने से घर खरीदना महंगा हो गया है।

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Monday, April 20, 2026

GT vs MI IPL 2026 Match Live Score: शुभमन गिल ने जीता टॉस, पहले बल्लेबाजी करेगी मुंबई

GT vs MI IPL 2026 Match Live Score: आईपीएल 2026 के 30वें मुकाबले में गुजरात टाइटंस और मुंबई इंडियंस आमने-सामने है। दोनों टीमों के बीच ये मुकाबला आज 20 अप्रैल को शाम 7:30 बजे से अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेला जाएगा। गुजरात ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया है। मुंबई इंडियंस की टीम पहले बल्लेबाजी करेगी।

मुंबई इंडियंस ने सीजन की शुरुआत जीत से की थी, लेकिन उसके बाद टीम लगातार चार मैच हार गई और अब सिर्फ दो अंकों के साथ 10वें स्थान पर है। वहीं दूसरी ओर गुजरात टाइटंस ने खराब शुरुआत के बाद शानदार वापसी की है। टीम को शुरुआती दो मुकाबलों में हार मिली थी, लेकिन इसके बाद उन्होंने लगातार तीन मैच जीत लिए। अब टीम 6 अंकों के साथ पॉइंट्स टेबल में छठे स्थान पर पहुंच गई है।

गुजरात टाइटंस की टीम अपना पिछला मुकाबला जीतकर तो वहीं मुंबई इंडियंस पिछला मुकाबला हारकर यहां आई है। एमआई को इस सीजन की अपनी दूसरी जीत की तलाश हैं, मुंबई इंडियंस के लिए गुजरात की टीम को हराना आसान नहीं होगा। वहीं रोहित शर्मा चोट के कारण पिछला मैच नहीं खेल पाए थे और उनके इस मैच में भी बाहर रहने की संभावना है। दोनों टीमों के बीच रोमांचक मुकाबला होने की उम्मीद है। मुंबई इंडियंस की कमान हार्दिक पांड्या के पास है वहीं गुजरात की कमान शुभमन गिल संभाल रहे हैं।



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Sunday, April 19, 2026

Tamil Nadu: तमिलनाडु की पटाखा फैक्ट्री में भीषण धमाका, 17 की मौत, कई घायल

तमिलनाडु के विरुधुनगर जिले में एक पटाखा फैक्ट्री में जोरदार धमाका हुआ है। पटाखा फैक्ट्री में हुए भीषण धमाके में कम से कम 17 लोगों की मौत हो गई है। हादसे के बाद मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने तुरंत मंत्रियों को मौके पर पहुंचने के निर्देश दिए। इस दुखद घटना पर गहरा शोक जताते हुए एम.के. स्टालिन ने एक्स (पहले ट्विटर) पर लिखा कि विरुधुनगर जिले के कट्टानपट्टी इलाके में पटाखा फैक्ट्री में हुए धमाके में कई लोगों की मौत की खबर बेहद दुखद है। उन्होंने मृतकों के परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं भी व्यक्त कीं।

 पटाखा फैक्ट्री में भीषण धमाका

मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने कहा कि उन्होंने वरिष्ठ मंत्रियों को तुरंत घटनास्थल पर पहुंचने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने बताया कि उन्होंने मंत्री के.के.एस.एस.आर. रामचंद्रन और थंगम थेन्नारासु से कहा है कि वे मौके पर जाकर बचाव कार्यों को तेज़ करें, उनकी निगरानी करें और प्रभावित परिवारों को सांत्वना दें। स्टालिन ने यह भी कहा कि उन्होंने जिला कलेक्टर से बात की है और अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि पीड़ितों को हर जरूरी मदद तुरंत उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने कहा कि घटना की जानकारी मिलते ही उन्होंने कलेक्टर से संपर्क कर सभी जरूरी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने को कहा है।

जानकारी के मुताबिक, इस हादसे में पटाखा फैक्ट्री के अंदर 20 से अधिक मजदूर फंस गए। इस दुर्घटना के कारण पूरा इलाका काले धुएं से ढक गया। आसपास मौजूद लोगों ने यह देखकर दमकल स्टेशन और पुलिस को सूचना दी। इसके बाद दमकलकर्मी और पुलिस मौके पर पहुंचे और आग बुझाने का काम शुरू किया।

खबर अपडेट हो रही है...



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Imtiaz Ali: 'सिनेमा एक लोकतंत्र है, दर्शक ही असली मालिक', फिल्मों में गाली-गलौज और भाषा पर इम्तियाज अली की बेबाक राय

हिंदी सिनेमा में अपनी संजीदा और रूहानी फिल्मों के लिए मशहूर निर्देशक इम्तियाज अली एक बार फिर चर्चा में हैं। लेकिन इस बार वह अपनी किसी प्रेम कहानी के कारण नहीं, बल्कि सिनेमा की बदलती भाषा और उसमें इस्तेमाल होने वाले अपशब्दों पर दिए गए अपने उदारवादी विचारों को लेकर सुर्खियों में हैं। अपनी आने वाली फिल्म ‘मैं वापस आऊंगा’ के प्रचार के दौरान उन्होंने साफ कर दिया कि वह सिनेमा को एक लोकतांत्रिक माध्यम मानते हैं, जहां अंतिम फैसला जनता का होना चाहिए।

लोकतंत्र में सेंसरशिप नहीं, दर्शकों की पसंद सर्वोपरि

इम्तियाज अली का मानना है कि हम एक लोकतांत्रिक देश में रहते हैं और यहां हर कहानीकार को अपनी बात कहने की आजादी होनी चाहिए। फिल्मों में बढ़ती गाली-गलौज या 'वल्गर' भाषा के सवाल पर उन्होंने बहुत ही तार्किक रुख अपनाया। उन्होंने कहा, "मैं एक दर्शक के तौर पर जजमेंटल नहीं हूं। मेरा मानना है कि अगर हम लोकतंत्र में रहते हैं, तो हमें लोगों को यह तय करने देना चाहिए कि वे क्या देखना चाहते हैं।"

उनके अनुसार, सिनेमा एक बहुत ही लोकतांत्रिक माध्यम है। जब कोई व्यक्ति अपनी मेहनत की कमाई से टिकट खरीदता है, तो उसे यह चुनने का पूरा अधिकार है कि वह किस तरह की सामग्री देखना चाहता है। इम्तियाज ने जोर देकर कहा कि किसी के पास यह कहने का अधिकार नहीं है कि दर्शकों के लिए क्या अच्छा है और क्या बुरा।

'सर्वाइवल ऑफ द फिटेस्ट'

इम्तियाज अली ने सिनेमाई भाषा की तुलना डार्विन के विकासवादी सिद्धांत से की। उन्होंने तर्क दिया कि जिस तरह प्रकृति में केवल वही जीवित रहता है जो सबसे योग्य होता है, ठीक उसी तरह सिनेमा में भी केवल वही भाषा या संवाद टिक पाएंगे जिन्हें दर्शक स्वीकार करेंगे।

उनका मानना है कि अगर किसी फिल्म में संवाद केवल चौंकाने के लिए डाले गए हैं और दर्शक उन्हें नापसंद करते हैं, तो वे खुद-ब-खुद चलन से बाहर हो जाएंगे। यह एक प्राकृतिक प्रक्रिया है, जिसे उन्होंने 'डी-सिलेक्शन' का नाम दिया। यानी, अगर दर्शकों को कुछ बुरा लगेगा, तो वे उसे नकार देंगे और धीरे-धीरे ऐसी भाषा फिल्मों से गायब हो जाएगी।

"मैं वही बनाता हूं जो मेरे अंदर है"

अपनी फिल्मों के बारे में बात करते हुए इम्तियाज ने बड़ी ही सादगी से कहा कि वह केवल वही पर्दे पर उतार सकते हैं जो उनके व्यक्तित्व का हिस्सा है। उन्होंने साझा किया, "मेरे पास जो विकल्प है, वह यह है कि मैं अपनी फिल्मों के माध्यम से वह पेश करूँ जो मेरे पास है। जो मेरे स्वभाव में नहीं है, मैं उसे जबरदस्ती नहीं अपना सकता।"

उन्होंने खुशी जाहिर की कि उनकी फिल्मों में अब तक कुछ भी ऐसा नहीं रहा जिसे अपमानजनक या 'ऑफेंसिव' माना जाए। उनकी फिल्में अक्सर भावनाओं की गहराई और व्यक्तिगत अनुभवों से जुड़ी होती हैं, और यही उनकी सबसे बड़ी ताकत है।

'मैं वापस आऊंगा' का इंतजार

इम्तियाज अली की अगली फिल्म 'मैं वापस आऊंगा' को लेकर प्रशंसकों में काफी उत्साह है। अप्लॉज एंटरटेनमेंट और विंडो सीट फिल्म्स के बैनर तले बनी यह फिल्म 12 जून, 2026 को सिनेमाघरों में दस्तक देने वाली है। इस फिल्म में एक बार फिर दिलजीत दोसांझ और ए.आर. रहमान की जादुई जोड़ी का संगीत सुनने को मिलेगा।



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श्रीनगर एयरपोर्ट पर हिरासत में लिए गए 2 अमेरिकी नागरिक,चेकिंग में मिली ये प्रतिबंधित चीज

रविवार को श्रीनगर हवाई अड्डे पर दो अमेरिकी नागरिकों को हिरासत में लिया गया। सुरक्षा जांच के दौरान उनके सामान में एक सैटेलाइट फोन मिला, जो भारत में प्रतिबंधित वस्तुओं में आता है।

हवाई अड्डे की सुरक्षा टीम ने दोनों से पूछताछ की और बाद में आगे की जांच के लिए उन्हें पुलिस के हवाले कर दिया। हिरासत में लिए गए लोगों में से एक की पहचान मोंटाना के जेफरी स्कॉट के रूप में हुई है। अधिकारियों के मुताबिक, उनके सामान से गार्मिन कंपनी का एक सैटेलाइट फोन बरामद हुआ है।

भारत में सख्त प्रतिबंध

भारत में बिना सरकारी अनुमति के सैटेलाइट फोन रखना या इस्तेमाल करना सख्त रूप से प्रतिबंधित है। Thuraya और इरिडियम जैसे सैटेलाइट फोन कड़े नियमों के तहत आते हैं। अगर कोई व्यक्ति बिना इजाज़त ऐसे फोन अपने पास रखता है, तो उसके खिलाफ भारतीय टेलीग्राफ अधिनियम और अन्य सुरक्षा कानूनों के तहत कार्रवाई की जा सकती है, जिसमें हिरासत, गिरफ्तारी और सामान जब्त करना शामिल है।

पहले भी लोगों पर हो चुकी की कार्रवाई

सरकारी नियमों के मुताबिक, किसी भी यात्री को देश में सैटेलाइट संचार उपकरण लाने या इस्तेमाल करने से पहले दूरसंचार विभाग से लिखित अनुमति लेना जरूरी होता है। सुरक्षा के लिहाज से भारत में दूरसंचार से जुड़े नियम काफी सख्त हैं। पहले भी कई मामलों में विदेशी और भारतीय नागरिकों के खिलाफ बिना अनुमति सैटेलाइट उपकरण रखने पर कार्रवाई की जा चुकी है। पिछले साल मई में पुडुचेरी हवाई अड्डे पर अमेरिका की एक डॉक्टर को रोका गया था, क्योंकि उनके पास से एक इरिडियम सैटेलाइट फोन मिला था। इसके चलते उन्हें हैदराबाद जाने वाली फ्लाइट में बैठने की अनुमति नहीं दी गई और पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी।

अधिकारियों के अनुसार, पहले भी ऐसे कई मामले सामने आ चुके हैं, जिनमें विदेशी नागरिकों—जैसे एक चीनी नागरिक और एक ब्रिटिश अधिकारी को देश के अलग-अलग हवाई अड्डों और होटलों में बिना अनुमति सैटेलाइट उपकरण रखने के आरोप में हिरासत में लिया गया है। ऐसे मामलों को रोकने के लिए नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने 30 जनवरी 2025 को सभी एयरलाइंस को निर्देश दिया था कि वे भारत आने वाली फ्लाइट्स में यात्रियों को इस नियम की जानकारी दें। इसके लिए फ्लाइट के दौरान होने वाली घोषणाओं, विदेशी दफ्तरों और फ्लाइट में मिलने वाली पत्रिकाओं के जरिए लोगों को सैटेलाइट फोन पर लगे प्रतिबंध के बारे में बताया जाए।



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Ola Electric Shares: 1 महीने में 74% उछला ओला इलेक्ट्रिक, अब खरीदें, बेचें या फिर होल्ड करें?

Ola Electric Shares: ओला इलेक्ट्रिक मोबिलिटी लिमिटेड के शेयरों में पिछले कुछ समय से जोरदार तेजी देखने को मिली है। पिछले 1 महीने में यह करीब 74% उछला है। वहीं, अपने 52वीक के लो यानी 22.25 रुपये से यह करीब 82% चढ़ चुका है। इस तूफानी तेजी के बाद निवेशक उलझन में हैं कि उन्हें ओला इलेक्ट्रिक खरीदना, बेचना या फिर होल्ड करना चाहिए। आइए इसका जवाब एक्सपर्ट से जानते हैं।

ASM फ्रेमवर्क में रखा गया शेयर

BSE और NSE ने Ola Electric के शेयरों को शॉर्ट-टर्म ASM (Additional Surveillance Measure) फ्रेमवर्क में रखा है। आमतौर पर जिन शेयरों में ज्यादा उतार-चढ़ाव होता है, उन्हें ASM में डालकर निवेशकों को सतर्क किया जाता है। इससे कई बार शेयरों में अतिरिक्त दबाव आ जाता है। लेकिन, जरूरी नहीं कि हर बार ऐसा ही हो।

नए प्रोडक्ट और बैटरी पर फोकस

ओला इलेक्ट्रिक ने हाल ही में S1 X+ 5.2 Kwh मॉडल लॉन्च किया है, जिसमें 4680 Bharat Cells का इस्तेमाल हुआ है। इससे पहले Ola ने अपने इन-हाउस विकसित Lithium Iron Phosphate (LFP) सेल की जानकारी दी थी, जो अभी रेगुलेटरी मंजूरी का इंतजार कर रहा है।

कंपनी का कहना है कि नया 46100 फॉर्मेट LFP सेल मौजूदा NMC 4680 Bharat Cell से बड़ा है। यह स्केल, लागत और इस्तेमाल के लिहाज से बेहतर है। इसे अगले क्वार्टर से Ola के प्रोडक्ट्स में शामिल किया जा सकता है।

ओला पर एक्सपर्ट की राय

WealthMills Securities के इक्विटी स्ट्रैटेजिस्ट क्रांति बाथिनी के मुताबिक, बैटरी मैन्युफैक्चरिंग से जुड़े ऐलान के बाद शेयर में थोड़ी पॉजिटिविटी आई है। हालांकि, बाजार अब भी कंपनी के आने वाले नतीजों का इंतजार कर रहा है। उन्होंने कहा कि यह समय कंपनी के लिए बेहद अहम है और ज्यादा जोखिम लेने वाले निवेशक मिड और शॉर्ट टर्म के लिए इसमें एंट्री पर विचार कर सकते हैं। हालांकि, अगले दो क्वार्टर के नतीजे शेयर की दिशा तय करेंगे।

उन्होंने यह भी जोड़ा कि कंपनी की ग्रोथ काफी हद तक इस बात पर निर्भर करेगी कि EV अपनाने की रफ्तार कितनी तेज होती है। साथ ही, कंपनी को अपनी सर्विस क्वालिटी बेहतर करनी होगी, क्योंकि ग्राहक अब इस मामले में ज्यादा संवेदनशील हैं।

टेक्निकल लेवल: ऊपर और नीचे के अहम स्तर

Angel One के ओशो कृष्णन के अनुसार, मौजूदा स्तर पर सावधानी बरतना जरूरी है। अगर शेयर 42 रुपये के ऊपर टिकता है, तो इसमें और तेजी आ सकती है और यह 50 रुपये तक जा सकता है।

उन्होंने कहा कि नीचे की ओर 35 रुपये मजबूत सपोर्ट है। वहीं, 32 रुपये और मजबूत सहारा दे सकता है। कुल मिलाकर शेयर एक अहम मोड़ पर है और आगे की तेजी के लिए मजबूती का कन्फर्मेशन जरूरी है।

Share Markets: रिजल्ट सीजन में बाजार में कमाई करना चाहते हैं? शुभम अग्रवाल की स्ट्रेटेजी का कर सकते हैं इस्तेमाल

Disclaimer: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।



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Saturday, April 18, 2026

Android और iOS पर ग्रुप में WhatsApp Message History कैसे भेजें, जानें स्टेप-बाय-स्टेप गाइड

WhatsApp Message History Feature: WhatsApp ने घोषणा की थी कि उसने इस साल की शुरुआत में, 20 फरवरी को ग्रुप चैट के लिए नया WhatsApp मैसेज हिस्ट्री फीचर रोल आउट करना शुरू कर दिया है। यह फीचर अब ज्यादातर यूजर्स के लिए उपलब्ध है। यह नया फीचर WhatsApp के Android और iOS दोनों प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध है। लंबे समय से, WhatsApp ग्रुप में शामिल होने वाले नए मेंबर्स को ऐसा लगता था कि वे ग्रुप से अलग-थलग पड़ गए हैं, क्योंकि उन्हें पिछल बातचीत देखने की सुविधा नहीं मिलती थी, साथ ही वे मैसेज का मतलब और पुराने संदर्भ नही समझ पाते थे। इंस्टेंट मैसेजिंग प्लेटफॉर्म ने इस नए फीचर के साथ इस समस्या का समाधान कर दिया है, जिससे ग्रुप एडमिन नए सदस्यों के साथ मैसेज हिस्ट्री शेयर कर सकते हैं। पहले ऐसा होता था कि ग्रुप में जुड़ने के बाद सिर्फ नए मैसेज ही दिखते थे, लेकिन अब पुराने मैसेज भी देखने का विकल्प मिल गया है।

अगर आप भी किसी WhatsApp ग्रुप के एडमिन हैं नए मेंबर्स ने शिकायत की है कि उन्हें बातचीत का सही मतलब समझ नहीं आता, तो यह फीचर आपके लिए बहुत काम का है। हमने आपके लिए एक आसान स्टेप-बाय-स्टेप गाइड तैयार की है, जिससे आप Android और iOS दोनों में WhatsApp ग्रुप में मैसेज हिस्ट्री भेज सकते हैं।

Android पर किसी ग्रुप में WhatsApp Message History कैसे भेजें

  • WhatsApp खोलें और उस ग्रुप चैट में जाएं जिसकी मैसेज हिस्ट्री आप देखना चाहते हैं।
  • फिर, स्क्रीन के ऊपर दिख रहे ग्रुप के नाम पर टैप करें।
  • या फिर, WhatsApp होम स्क्रीन से ग्रुप चैट पर लॉन्ग-प्रेस करें।
  • इसके बाद, More option> Group Info पर जाएं।
  • अब उस नए मेंबर को सर्च करके ग्रुप में जोड़ें।
  • फिर, Message History पर टैप करें।
  • जितने पुराने मैसेज भेजने हैं, उनका विकल्प चुनें।
  • अंत में Add Members पर टैप करें और Continue पर क्लिक करें।

iOS पर WhatsApp Message History भेजने के स्टेप्स:

  • सबसे पहले WhatsApp खोलें।
  • फिर, ग्रुप चैट में जाएं या उसे लॉन्ग-प्रेस करें जिसमें आप Message History भेजना चाहते हैं।
  • अब, Add (+) बटन पर क्लिक करें।
  • जिस कॉन्टैक्ट या नंबर को जोड़ना है, उसे सर्च करके चुनें।
  • इसके बाद Message History विकल्प पर टैप करें और जितने मैसेज आप भेजना चाहते हैं, उनकी संख्या चुनें।
  • अब Done बटन पर क्लिक करके कन्फर्म करें।
  • फिर Add Members पर टैप करें और Continue पर क्लिक करें।

Android और iOS पर WhatsApp Message History कैसे ON/OFF करें:

आप नीचे दिए गए स्टेप्स को फॉलो करके Message History ON/OFF कर सकते हैं:

  • ग्रुप के नाम पर टैप करें।
  • ग्रुप Groups Permissions बटन पर क्लिक करें।
  • अब Send Message History वाले सेक्शन में जाएं।
  • यहां आप इसे ON या OFF कर सकते हैं।

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Friday, April 17, 2026

Bank Holiday: कल शनिवार 18 अप्रैल को बंद रहेंगे बैंक? चेक करें RBI की हॉलिडे लिस्ट

Bank Holiday: कल शनिवार को बैंक बंद रहेंगे या नहीं? अक्सर नौकरीपेशा लोग बैंक ब्रांच से जुड़ा काम शनिवार के दिन निपटाते हैं। अगर आप भी कल बैंक ब्रांच जाकर अपना काम निपटाना चाहते हैं, तो जान लीजिए कि बैंक ब्रांच बंद होगी या नहीं। कल अप्रैल महीने का तीसरा शनिवार है। RBI की गाइडलाइंस के मुताबिक दूसरे और चौथे शनिवार को बैंक बंद होते हैं। पहले, तीसरे और पांचवें शनिवार को बैंक खुलते हैं। कल 18 अप्रैल को महीने का तीसरा शनिवार है।

अप्रैल महीने की छुट्टियों की पूरी लिस्ट

3 अप्रैल: गुड फ्राइडे

3 अप्रैल को गुड फ्राइडे के मौके पर देश त्रिपुरा, चंडीगढ़, असम, राजस्थान और जम्मू-कश्मीर को छोड़कर देश के अन्य राज्यों में बैंक आज बंद है।

5 अप्रैल : रविवार

11 अप्रैल : दूसरा शनिवार

12 अप्रैल : रविवार

14 अप्रैल : कई त्योहार एक साथ

14 अप्रैल को अंबेडकर जयंती, बैसाखी, तमिल न्यू ईयर और बिहू जैसे त्योहारों के कारण कई राज्यों में बैंक बंद रहने वाले हैं।

15 अप्रैल: लोकल त्योहार

15 अप्रैल को त्रिपुरा, असम, अरुणाचल प्रदेश, केरल, पश्चिम बंगाल और हिमाचल प्रदेश में कई लोकल त्योहार के कारण बैं बंद रहेंगे।

16 अप्रैल : बिहू

19 अप्रैल : रविवार

20 अप्रैल : कर्नाटक में बसवा जयंती और अक्षय तृतीया के कारण कुछ राज्यों में बैंक बंद रहेंगे।

21 अप्रैल को त्रिपुरा में गरिया पूजा के कारण बैंक ब्रांच बंद रहेगी।

25 अप्रैल : चौथा शनिवार

26 अप्रैल : रविवार

इन छुट्टियों के दौरान बैंक शाखाएं बंद रहेंगी, जिससे चेक क्लियरिंग, कैश जमा या डिमांड ड्राफ्ट जैसे काम नहीं हो पाएंगे। हालांकि UPI, मोबाइल बैंकिंग, इंटरनेट बैंकिंग और एटीएम सर्विस ग्राहकों को मिलती रहेंगी।

RBI की छुट्टियों की लिस्ट

अप्रैल 2026 1 2 3 9 14 15 16 20 21
अगरतला
अहमदाबाद
आईजॉल
इंफाल
ईटानगर
कानपुर
कोच्‍ची
कोलकाता
कोहिमा
गंगटोक
गुवाहाटी
चंडीगढ़
चेन्‍नै
जम्मू
जयपुर
तिरुवनंतपुरम
देहरादून
नई दिल्‍ली
नागपुर
पटना
पणजी
बेंगलुरु
बेलापुर
भुवनेश्वर
भोपाल
मुंबई
रांची
रायपुर
लखनऊ
विजयवाड़ा
श्रीनगर
शिमला
शिलांग
हैदराबाद

छुट्टी का कारण

छुट्टी का कारण अप्रैल महीने की तारीख
बैंकों कों अपनी वार्षिक लेखाबंदी के लिए 1
पुण्य गुरुवार 2
गुड फ्रायडे 3
केरल विधानसभा चुनाव 2026 9
डॉ बाबासाहेब आंबेडकर जयंती/ महाबिषुब संक्रांति/बीजू/बुइसु महोत्सव/तमिल नववर्ष दिवस/बोहाग बिहु/चेईराओबा/बैसाखी 14
बंगाली नव वर्ष दिवस/बोहाग बिहु/ विशु/हिमाचल दिवस 15
बोहाग बिहु 16
बसव जयंती/अक्षय तृतीया 20
गरिया पूजा 21

महंगे हो गए स्मार्टफोन, मार्च तीमाही में मोबाइल हैंडसेट्स की कीमतें 15 से 30% तक बढ़ीं



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Thursday, April 16, 2026

Heavy Rain Alert: 18 से 20 अप्रैल के बीच मौसम विभाग ने इन राज्यों में जारी किया भारी बारिश और तूफान का अलर्ट

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 16 अप्रैल 2026 को ताजा बुलेटिन जारी करते हुए देश के कई हिस्सों के लिए दोहरी चुनौती की चेतावनी दी है। एक तरफ जहां पूर्वोत्तर और उत्तर भारत के राज्यों में 18 से 20 अप्रैल के बीच धुआंधार बारिश और तूफान का अलर्ट जारी किया गया है वहीं मध्य और पूर्वी भारत के कई जिले हीटवेव (लू) की चपेट में रहेंगे।

पूर्वोत्तर में 18-20 अप्रैल के बीच भारी बारिश का अलर्ट

हिमालयी और पूर्वोत्तर राज्यों के लिए आने वाले 48 से 72 घंटे बेहद महत्वपूर्ण हैं। अरुणाचल प्रदेश में 18 से 20 अप्रैल के बीच अलग-अलग जगहों पर भारी बारिश के साथ बिजली गिरने और गरज के साथ तूफान आने की संभावना जताई जा रही है। इसी तरह असम और मेघालय में 16 से 19 अप्रैल के दौरान भी मूसलाधार बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। सिक्किम में 18 अप्रैल को भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। इसके अलावा मिजोरम में 16 अप्रैल यानी आज ओले गिरने की चेतावनी दी गई है।

उत्तर-पश्चिम भारत: पहाड़ों पर बर्फबारी और मैदानों में बौछारें

मौसम विभाग के मुताबिक पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से उत्तर भारत का मौसम भी बदलेगा. पहाड़ी राज्यों जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और हिमाचल प्रदेश में 17 से 19 अप्रैल के बीच बारिश और बर्फबारी के साथ 40-50 किमी/घंटा की रफ्तार से हवाएं चलेंगी। 17 अप्रैल को इन क्षेत्रों में ओलावृष्टि की भी आशंका है। इसके अलावा मैदानी राज्यों पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और राजस्थान में 17 अप्रैल को गरज-चमक के साथ हल्की बारिश हो सकती है।

मध्य और पूर्वी भारत में हीटवेव (लू) का असर

एक तरफ बारिश का अलर्ट है, तो दूसरी तरफ लू यानी हीटवेव का प्रकोप बढ़ने वाला है. पूर्वी मध्य प्रदेश (16-19 अप्रैल), पश्चिमी मध्य प्रदेश (17-19 अप्रैल), विदर्भ और छत्तीसगढ़ (17-20 अप्रैल) में हीटवेव की स्थिति बनी रहेगी। ओडिशा और झारखंड में 18-20 अप्रैल के दौरान भीषण गर्मी के साथ पारा सामान्य से काफी ऊपर जा सकता है। गुजरात, तमिलनाडु, केरल, कोंकण और तटीय कर्नाटक में उमस भरी गर्मी लोगों को परेशान करेगी।

दक्षिण और पश्चिम भारत का हाल

इसी तरह तटीय आंध्र प्रदेश और कर्नाटक के अंदरूनी हिस्सों में 16 से 20 अप्रैल के बीच हल्की से मध्यम बारिश और बिजली गिरने की संभावना है। मौसम विभाग के मुताबिक मध्य महाराष्ट्र और मराठवाड़ा में 18 से 21 अप्रैल के दौरान कुछ स्थानों पर हल्की बारिश हो सकती है, जिससे तापमान में 2-3 डिग्री की गिरावट आने का अनुमान है।

देश का Temperature Forecast

मध्य भारत: 16 से 19 अप्रैल के दौरान तापमान में 2 डिग्री की वृद्धि होगी, लेकिन 20 अप्रैल के बाद 2-3 डिग्री की गिरावट आ सकती है।

उत्तर-पश्चिम भारत: दिल्ली-एनसीआर समेत आसपास के इलाकों में 22 अप्रैल तक तापमान में कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा।

मौसम विभाग की विशेष सलाह

बिजली से बचाव: पूर्वोत्तर और पहाड़ी राज्यों के लोग तूफान के दौरान पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहें।

हीटवेव से बचाव: लू प्रभावित इलाकों में दोपहर 12 से 3 बजे के बीच बाहर न निकलें और पर्याप्त पानी पिएं।

गंगा के मैदानी इलाके: 16 अप्रैल को पश्चिम बंगाल के गंगा के मैदानी इलाकों में 50-70 किमी/घंटा की रफ्तार से 'थंडरस्क्वॉल' आने का खतरा है।



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Wednesday, April 15, 2026

सुकन्या योजना से PPF तक... कितना सही है स्मॉल सेविंग्स स्कीम में पैसा लगाना? जानिए फायदे और नुकसान

Small Savings Scheme: जब भी निवेश की बात आती है, सबसे पहले दिमाग में 'सुरक्षा' का ख्याल आता है। यही वजह है कि बहुत से लोग बिना ज्यादा सोचे-समझे स्मॉल सेविंग स्कीम्स में पैसा लगा देते हैं। जैसे कि सुकन्या समृद्धि योजना, सीनियर सिटिजन सेविंग्स स्कीम और PPF। ये स्कीम्स आसान लगती हैं, भरोसेमंद लगती हैं और इनमें निवेश करना भी आसान होता है। यही वजह है कि बड़ी संख्या में लोग इनमें पैसा लगाते हैं। क्योंकि इन स्कीमों के साथ सरकार की गारंटी भी रहती है।

लेकिन सवाल यह है कि जो चीज सुरक्षित दिखती है, क्या वह हमेशा आपके पैसे के लिए सबसे सही विकल्प भी होती है? सबसे पहले स्मॉल सेविंग स्कीम के फायदे जान लेते हैं। फिर इसकी दिक्कतों को भी समझेंगे।

स्मॉल सेविंग्स स्कीम के फायदे

पैसों की सेफ्टी : सरकार इन स्कीम्स की गारंटी लेती है। मतलब कि आपका पैसा डूबने का खतरा लगभग नहीं के बराबर होता है।

स्थिर और तय रिटर्न : आपको पहले से पता होता है कि कितना रिटर्न मिलेगा। इससे फाइनेंशियल प्लानिंग करना आसान हो जाता है।

बाजार के जोखिम से दूरी : इन स्कीम्स का शेयर बाजार से कोई नाता नहीं। बाजार गिरता भी है, तो आपके निवेश पर असर नहीं पड़ेगा।

टैक्स बेनिफिट : PPF और सुकन्या योजना में निवेश, ब्याज और मैच्योरिटी- तीनों पर टैक्स नहीं लगता। इससे असली कमाई बढ़ती है।

नियमित आय का विकल्प : SCSS जैसी योजनाएं नियमित ब्याज देती हैं, जो खासकर रिटायर लोगों के लिए फायदेमंद होती हैं।

आसान निवेश : इन स्कीम्स में निवेश करना काफी आसान होता है। यह उन लोगों के लिए अच्छा है जो जटिल फाइनेंशियल प्रोडक्ट्स से दूर रहना चाहते हैं।

निवेशकों को मिली राहत! छोटी बचत योजनाओं पर सरकार ने नहीं घटाया ब्याज - small savings interest rates unchanged april 2026 ppf nsc sukanya scheme returns remain stable government decision ...

स्मॉल सेविंग स्कीम्स के साथ दिक्कत

स्मॉल सेविंग स्कीम्स सुरक्षित जरूर होती हैं, लेकिन इनकी सबसे बड़ी कमी है लंबा लॉक-इन, जिससे जरूरत के समय पैसा निकालना मुश्किल हो जाता है। इसके अलावा रिटर्न सीमित होता है, जो कई बार महंगाई के बराबर ही रह जाता है, यानी असली कमाई बहुत कम होती है।

कुछ स्कीम्स में ब्याज पर टैक्स भी लगता है, जिससे नेट रिटर्न और घट जाता है। साथ ही ये बाजार से जुड़ी नहीं होतीं, इसलिए ज्यादा ग्रोथ का फायदा नहीं मिलता और आप बेहतर अवसरों से चूक सकते हैं।

स्मॉल सेविंग स्कीम्स निवेशकों की गलती

सबसे बड़ी गलती तब होती है जब लोग सिर्फ 'सुरक्षित' शब्द देखकर अपना पैसा लंबे समय के लिए लॉक कर देते हैं। बिना यह सोचे कि उन्हें भविष्य में इस पैसे की जरूरत पड़ सकती है। यहां जोखिम पैसा खोने का नहीं है, बल्कि जरूरत के समय पैसा न मिल पाने का है।

कागज पर दिखने वाला रिटर्न और असली कमाई अलग हो सकती है। मान लीजिए किसी स्कीम पर 8% ब्याज मिल रहा है, लेकिन अगर आप 30% टैक्स ब्रैकेट में हैं, तो आपका वास्तविक रिटर्न करीब 5.6% रह जाएगा। अगर महंगाई भी 5-6% है, तो आपका पैसा असल में ज्यादा नहीं बढ़ रहा, बस अपनी वैल्यू बनाए रख रहा है।

FD vs Small Savings Schemes: किसमें करें निवेश, कौन देगा ज्यादा फायदा; समझिए पूरा हिसाब - fd vs small savings schemes which investment gives better returns for conservative investors | Moneycontrol Hindi

लॉक-इन पीरियड भी एक बड़ा फैक्टर

कई स्मॉल सेविंग स्कीम्स में लंबा लॉक-इन होता है। जैसे PPF में 15 साल का लॉक-इन है। अगर बीच में बेहतर निवेश विकल्प मिल जाएं या आपकी जरूरत बदल जाए, तो आप आसानी से पैसा नहीं निकाल पाएंगे।

आज के समय में सिर्फ सुरक्षित रहना ही काफी नहीं है, बल्कि जरूरत पड़ने पर पैसा इस्तेमाल कर पाना भी उतना ही जरूरी है। कई बार सही मौके पर निवेश न कर पाना या पैसा फंसा रह जाना भी एक तरह का जोखिम बन जाता है।

सबसे ज्यादा लॉक-इन वाली स्कीम्स

  • सबसे लंबा लॉक-इन Public Provident Fund (PPF) में होता है। इसमें पैसा 15 साल के लिए लॉक रहता है।
  • सुकन्या समृद्धि योजना (SSY) भी लंबी अवधि की स्कीम है। इसमें निवेश लड़की के 21 साल की उम्र तक या शादी तक लॉक रहता है।
  • नेशनल सेविंग्स सर्टिफिकेट (NSC) में पैसा 5 साल के लिए लॉक रहता है। इसमें बीच में निकासी की सुविधा लगभग नहीं के बराबर होती है।
  • सीनियर सिटिजन सेविंग्स स्कीम (SCSS) का लॉक-इन 5 साल का होता है। समय से पहले निकासी की सुविधा है, लेकिन पेनल्टी लगती है।

हालांकि, पोस्ट ऑफिस टाइम डिपॉजिट (POTD) 1, 2, 3 और 5 साल के विकल्प के साथ आता है। इसमें 6 महीने के बाद प्रीमैच्योर निकासी की सुविधा होती है, लेकिन कुछ पेनल्टी के साथ। किसान विकास पत्र (KVP) में फिक्स लॉक-इन जैसा नहीं है, लेकिन यह करीब 115 महीने (लगभग 9.5 साल) में पैसा डबल करता है।

संतुलन बनाना ही सही तरीका

बेशक स्मॉल सेविंग स्कीम्स आज भी भरोसेमंद हैं, लेकिन इन्हें पूरे निवेश का आधार नहीं बनाना चाहिए। बेहतर तरीका यह है कि आप संतुलन बनाकर चलें। कुछ पैसा सुरक्षित विकल्पों में रखें और कुछ ऐसे निवेश में लगाएं, जहां ग्रोथ और लिक्विडिटी दोनों मिल सकें। जैसे कि म्यूचुअल फंड SIP, शेयर मार्केट या फिर गोल्ड।

क्योंकि निवेश सिर्फ रिटर्न कमाने के लिए नहीं होता, बल्कि सही समय पर सही फैसले लेने की आजादी भी उतनी ही अहम होती है।

FD vs Lumpsum: एकमुश्त ₹10 लाख कहां करें निवेश, कौन देगा ज्यादा फायदा? समझिए पूरा कैलकुलेशन

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।



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Tuesday, April 14, 2026

Nifty Outlook: 15 अप्रैल को 24000 पर रहेगी बुल्स की नजर, एक्सपर्ट्स से जानिए अहम सपोर्ट और रेजिस्टेंस लेवल

Nifty Outlook: भारतीय शेयर बाजार फिलहाल काफी अजीब लेवल पर है। यहां नीचे की तरफ सपोर्ट बना हुआ है, लेकिन ऊपर जाते ही रुकावट आ रही है। ऐसे में बुधवार को बाजार खुलने पर पिछले दो दिनों के ग्लोबल घटनाक्रम का असर साफ देखने को मिल सकता है।

अगर सोमवार की बात करें, तो वीकली एक्सपायरी और मंगलवार की छुट्टी से पहले बाजार पर दबाव नजर आया। कमजोर ग्लोबल संकेत और कच्चे तेल की कीमतों में तेज बढ़ोतरी के चलते निफ्टी 24,000 के नीचे फिसल गया। हालांकि गिरावट के बाद बाजार ने मजबूती भी दिखाई। निफ्टी ने हाल का गैप भरने की कोशिश की और दिन के निचले स्तर से रिकवरी करते हुए आखिर में 23,800 के ऊपर बंद हुआ।

शुरुआती झटका से संभला बाजार

बाजार की शुरुआत करीब 460 अंकों की गिरावट के साथ हुई थी। इसकी वजह अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत में आई रुकावट रही। लेकिन निचले स्तरों पर खरीदारी आई, जिससे इंडेक्स अपने लो से करीब 300 अंक रिकवर कर सत्र के उच्च स्तर के करीब बंद हुआ।

इन शेयरों में रही हलचल

निफ्टी में HDFC Life, Adani Enterprises और ICICI Bank टॉप गेनर्स रहे। वहीं Eicher Motors, Maruti Suzuki और Bajaj Finance टॉप लूजर्स में शामिल रहे।

इंट्राडे रिकवरी के बावजूद सभी सेक्टोरल इंडेक्स लाल निशान में बंद हुए। निफ्टी ऑटो, ऑयल एंड गैस और FMCG सेक्टर में सबसे ज्यादा गिरावट रही। ब्रॉडर मार्केट भी कमजोर रहे। निफ्टी मिडकैप 100 में 0.57% और निफ्टी स्मॉलकैप 100 में 0.46% की गिरावट दर्ज की गई।

रुपया भी लगातार कमजोर

रुपया लगातार तीसरे सत्र में कमजोर हुआ और 65 पैसे गिरकर 93.38 पर पहुंच गया। यह दो हफ्तों की सबसे बड़ी गिरावट है, जिसकी वजह कच्चे तेल की कीमतों में उछाल और बढ़ता जियोपॉलिटिकल तनाव है।

गिफ्ट निफ्टी का हाल

गिफ्ट निफ्टी बुधवार के लिए बड़ी राहत का संकेत दे रहा है। यह मंगलवार को 1% से ज्यादा उछाल के साथ 24,000 के अहम लेवल के पार पहुंच गया। इससे बुधवार के सत्र में निफ्टी के लिए गैप-अप ओपनिंग की उम्मीद बढ़ी है। एशियाई बाजारों में भी तेजी का रुख देखने को मिला। जापान और दक्षिण कोरिया का बाजार 2% से ज्यादा उछल गया। वहीं, 14 अप्रैल यानी मंगलवार को अंबेडकर जयंती के वजह से भारतीय शेयर बाजार बंद है।

बुधवार को इन शेयरों पर नजर

बुधवार के सत्र में ICICI Prudential Life, ICICI Prudential AMC और Just Dial जैसे स्टॉक्स अपने तिमाही नतीजों के चलते फोकस में रहेंगे। वहीं LG Electronics India, Bharat Coking Coal और Rubicon Research में लॉक-इन खत्म होने का असर देखने को मिल सकता है।

निफ्टी पर एक्सपर्ट्स की राय

HDFC Securities के नागराज शेट्टी के मुताबिक, सोमवार की कमजोरी के बावजूद बाजार का शॉर्ट टर्म ट्रेंड टूटा नहीं है। उन्होंने 23,500 को अहम सपोर्ट और 24,100 को तुरंत रेजिस्टेंस बताया है।

Centrum Finverse के नीलेश जैन का कहना है कि बाजार की ओवरऑल स्ट्रक्चर अभी भी पॉजिटिव है। जब तक इंडेक्स 23,270 (21 दिन के मूविंग एवरेज) के ऊपर बना रहता है, तब तक 'बाय ऑन डिप्स' की स्ट्रैटेजी काम कर सकती है। अगर 24,000 के ऊपर मजबूत ब्रेक मिलता है, तो शॉर्ट कवरिंग आ सकती है और इंडेक्स 24,200 से 24,400 तक जा सकता है।

20 दिन के EMA पर लिया सपोर्ट

HDFC Securities के नंदीश शाह के मुताबिक, निफ्टी ने 20 दिन के EMA पर सपोर्ट लिया और 300 अंकों से ज्यादा की रिकवरी दिखाई, जो अंदरूनी मजबूती का संकेत है। इंडेक्स अभी 5 दिन और 20 दिन के EMA के ऊपर ट्रेड कर रहा है, जिससे शॉर्ट टर्म ट्रेंड पॉजिटिव बना हुआ है। 23,555 का स्तर मजबूत सपोर्ट रहेगा, जबकि 24,000 से 24,075 का दायरा अहम रेजिस्टेंस रहेगा।

SBI Securities के सुदीप शाह का कहना है कि 55,900 से 56,000 का जोन बैंक निफ्टी के लिए बड़ा रेजिस्टेंस रहेगा। अगर यह 56,000 के ऊपर टिकता है, तो 56,500 और 57,200 तक तेजी आ सकती है। वहीं 55,100 से 55,000 का स्तर अहम सपोर्ट रहेगा।

Gift Nifty: गिफ्ट निफ्टी में उछाल, 15 अप्रैल को भारतीय शेयर बाजार में आ सकती है बंपर तेजी

Disclaimer: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।



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Monday, April 13, 2026

West Asia Crisis : वेस्ट एशिया में युद्ध से महंगे हुए खिलौने, 70% तक बढ़े रॉ मटेरियल के दाम

West Asia Crisis : वेस्ट एशिया में युद्ध के चलते खिलौने महंगे हो गए हैं। टॉय मैन्युफैक्चरिंग में अहम रॉ-मटेरियल ABS प्लास्टिक और ग्रेन्यूल्स के दामों में पिछले 2 महीनों में करीब 70-80 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। साथ ही इंपोर्टेड कंपोनेंट की उपलब्धता भी प्रभावित हुई है,जिससे घरेलू बाजार में खिलौनों की कीमत 20 फीसदी तक बढ़ गई है। सीएनबीसी-आवाज़ संवाददाता आलोक प्रियदर्शी ने दिल्ली के झंडेवालान टॉय मार्केट का जायजा लिया। इससे पता चलता है कि युद्ध के चलते खिलौने महंगे हो गए हैं। इससे भारतीय खिलौनों का बाजार प्रभावित हुआ है।

 प्लास्टिक की लागत बढ़ने से खिलौने भी हुए महंगे 

जब से अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच तनाव की शुरुआत हुई है तब से कच्चे तेल की कीमतों में भारी तेजी देखने को मिली है। इसके कारण कच्चे तेल से जुड़े कच्चे माल की लागत बढ़ती जा रही है। जिसका असर अब प्लास्टिक की लागत में तेजी के तौर पर भी देखने को मिल रहा है। प्लास्टिक की लागत बढ़ने से खिलौने भी महंगे हो रहे हैं।

ग्लोबल टेंशन से घरेलू बाजार में महंगे हुए खिलौने

ग्लोबल टेंशन से रॉ मटेरियल के दामों में 70 फीसदी तक की बढ़ोतरी हुई है। ABS,PP,PVC और रेजिंस की कीमतें बढ़ीं हैं। चीन और ताइवान से आने वाले इंपोर्टेड कंपोनेंट की सप्लाई में भी दिक्कत आ रही है। घरेलू टॉय मैन्युफैक्चरिंग का सालाना टर्नओवर करीब 2-3 अरब डॉलर है। खिलौनों का सालाना एक्सपोर्ट करीब 15 करोड़ डॉलर का है। खिलौनों की मैन्युफैक्चरिंग में 4000 से ज्यादा MSMEs यूनिटें शामिल हैं।

प्लास्टिक की कीमतों में 70% की बढ़त

ऑल इंडिया टॉय मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष शब्बीर गबाजीवाला ने टाइम्स ऑफ इंडिया को बताया कि मिडिल ईस्ट में बढ़ रहे तनाव के कारण प्लास्टिक की कीमतों में 70% की वृद्धि हो चुकी है। 100 रुपये प्रति किलो के भाव से मिलने वाली प्लास्टिक की कीमत 170 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई। हालांकि युद्ध विराम की खबरों ने थोड़ी राहत दी जिसके बाद प्लास्टिक की कीमत 150 रुपये प्रति किलो पर पहुंच गई है।

कच्चे तेल की कीमतें फिर से 100 डॉलर के पार 

अमेरिका और ईरान के बीच चल रही शांति वार्ता फेल होने के बाद कच्चे तेल की कीमतों में फिर आग लग गई है। अमेरिका की होर्मुज की नाकेबंदी की धमकी के बाद कच्चे तेल की कीमतें फिर से 100 डॉलर के पार निकल गई हैं। पिछले एक महीने में ही क्रूड की कीमतों में करीब 12% का उछाल आ चुका है।

 

 

Market outlook : 13 अप्रैल को गिरावट के साथ बंद हुआ बाजार, जानिए 15 अप्रैल को कैसी रह सकती है इसकी चाल



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Sunday, April 12, 2026

Asha Bhosle Death: खुशी से लेकर उदासी तक... हर एहसास की आवाज हुई खामोश! सुरों की दुनिया में अमर हुईं आशा भोसले

Asha Bhosle Death: खुशी से लेकर उदासी भरे नगमों तक और पॉप से लेकर गजलों तक, हर संगीत को अपने सुरों से अमर करने वाली आशा भोसले के निधन के साथ ही भारतीय संगीत की वह बहुरंगी आवाज खामोश हो गई। उन्होंने पीढ़ियों तक श्रोताओं के दिलों पर राज किया। अपनी अनूठी आवाज से हिंदी पार्श्व गायन में अलग मुकाम हासिल करने वाली दिग्गज गायिका आशा भोसले का रविवार को निधन हो गया। वह 92 वर्ष की थीं।

आशा भोसले ने अपनी बहन एवं महान गायिका लता मंगेशकर की छाया में रहकर अपनी अलग पहचान बनाई थी। दोनों बहनों ने मिलकर करीब सात दशक तक हिंदी पार्श्वगायन को अपने सुरों से समृद्ध किया। वह एक ऐसे भारत की पहचान बनीं, जो बदलते समय के साथ दुनिया से कदमताल कर रहा था।

लता और आशा दोनों ऐसी आवाजें थीं, जिन्होंने पूरे उपमहाद्वीप पर राज किया। ऐसी साझा पहचान बनाई, जो सीमाओं से परे थी। यह संयोग ही है कि संगीत के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाने वाली दोनों बहनों ने 92 वर्ष की आयु में ही दुनिया को रविवार (12 अप्रैल) के दिन अलविदा कहा। बड़ी बहन लता मंगेशकर को पहले शोहरत मिली। लेकिन जिंदादिल आशा ने भी जल्द ही अपनी अलग जगह बना ली और अपनी जीवंतता एवं अद्भुत बहुमुखी प्रतिभा से संगीत प्रेमियों का दिल जीत लिया।

आशा भोसले ने 2023 में अपने 90वें जन्मदिन से पहले पीटीआई से कहा था, "हमारी सांस नहीं होती, तो आदमी मर जाता है। मेरे लिए संगीत मेरी सांस है। मैंने अपनी जिंदगी इसी सोच के साथ बिताई है।" रविवार को मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में अंतिम सांस लेने वाली आशा भोसले की बहुरंगी आवाज ने एक ओर जहां श्रोताओं को 'आजा, आजा' जैसे जोशीले गीत पर थिरकने को मजबूर किया, तो दूसरी ओर 'जुस्तजू जिसकी थी' जैसे शास्त्रीय विधा वाले गीतों के साथ उन्हें भावनाओं की गहराई में उतारा।

उन्होंने दोनों तरह के गीतों को समान सहजता से निभाया। आशा भोसले को संगीत की दुनिया में केवल उनके लंबे सफर ने सबसे अलग नहीं बनाया, बल्कि हर दौर में खुद को समय के अनुसार नए सिरे से गढ़ लेने की उनकी अद्भुत क्षमता ने भी उन्हें अलग पहचान दिलाई। श्वेत-श्याम सिनेमा से लेकर वैश्विक मंचों तक, ग्रामोफोन रिकॉर्ड से लेकर स्ट्रीमिंग के दौर तक, उन्होंने अपनी आवाज को समय के अनुसार लगातार नया रूप दिया। इसी वजह से वह हर पीढ़ी में प्रासंगिक बनी रहीं।

मीना कुमारी और मधुबाला से लेकर काजोल और उर्मिला मातोंडकर तक परदे की नायिकाएं बदलती रहीं। लेकिन आशा एक ऐसी कड़ी बनी रहीं, जिसने अतीत को वर्तमान से जोड़े रखा। साड़ी पहने, माथे पर सलीके से सजी बिंदी और करीने से बंधे बाल आशा भोसले की यही छवि उनके प्रशंसकों के दिलों में सदा जीवित रहेगी।

12,000 गीत गाए

उन्होंने करीब 12,000 गीत गाए, जिनमें से ज्यादातर हिंदी में थे। लेकिन उन्होंने इसके अलावा लगभग 20 अन्य भाषाओं में भी गीतों को आवाज दी। यह एक ऐसा विराट सफर है, जिसे एक साथ समेट पाना आसान नहीं। आशा और उनके भाई-बहनों- लता, उषा, मीना और हृदयनाथ के लिए संगीत केवल पेशा नहीं, शायद नियति भी था। जहां लता और उषा गायिका थीं। वहीं मीना और हृदयनाथ संगीतकार हैं।

10 साल की उम्र में गाया पहला गाना

वर्ष 1933 में जन्मीं आशा को उनके पिता दीनानाथ मंगेशकर ने अपने अन्य बच्चों की तरह शास्त्रीय संगीत की शिक्षा दी। उन्होंने अपने पिता के निधन के बाद मात्र 10 वर्ष की उम्र में अपना पहला गीत रिकॉर्ड किया। यह 1943 में फिल्म 'माझा बाल' के लिए गाया मराठी गीत 'चला चला नव बाला' था। उन्होंने 1948 में 'चुनरिया' के लिए 'सावन आया..' गीत के साथ हिंदी फिल्म गायन के क्षेत्र में कदम रखा।

फिल्म जगत में उनके शुरुआती वर्ष संघर्ष भरे रहे। उन्हें शुरुआत में कमतर दर्जे की फिल्मों में गाने के लिए ही चुना जाता था। पहले से ही अपनी मजबूत पहचान बना चुकी लता की छाया से बाहर आना भी उनके लिए चुनौती थी।

लेकिन आशा ने कुछ ऐसा किया, जिसकी किसी ने कल्पना नहीं की थी। उन्होंने पार्श्वगायिका होने के मायने ही बदल दिए। उन्हें बड़ी सफलता 1950 के दशक में मिली। उन्हें खासकर संगीतकार ओ. पी. नैयर के साथ उनके जोशीले और चुलबुले गीतों ने नयी पहचान दी। उस समय पार्श्वगायन पर शास्त्रीय शुद्धता की ज्यादा छाप थी। लेकिन आशा ने उसमें अदा, शोखी और आधुनिकता का रंग भरा।

वह क्लब गीतों, कैबरे गीतों और प्रेम गीतों की आवाज बन गईं। ये ऐसे क्षेत्र थे, जिन्हें अपनाने में अन्य गायक संकोच करते थे। उनके करियर का अगला मोड़ तब आया जब 1960 और 1970 के दशक में आर. डी. बर्मन के साथ उनकी साझेदारी ने हिंदी फिल्म संगीत को नयी दिशा दी।

फेमस गाने

'पिया तू अब तो आजा' और 'दम मारो दम' जैसे गीतों ने उनकी बेजोड़ बहुमुखी प्रतिभा को सामने रखा। उनकी आवाज में मादकता भी थी, शरारत भी, विद्रोह भी था, प्रेम भी और दर्द भी लेकिन हर बार उसमें भावों की गहराई थी। आशा ने 'मांग के साथ', 'अभी न जाओ छोड़ कर', 'पिया तू अब तो आजा', 'दम मारो दम' और 'मेरा कुछ सामान' जैसे कई यादगार गीत गाए।

आशा ने 'दिल चीज क्या है' जैसी गजलों, शास्त्रीय गीतों, पॉप संगीत के क्षेत्रों के अलावा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी अलग पहचान बनाई। उन्हें कई राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार, अनेक फिल्मफेयर पुरस्कार, भारतीय सिनेमा के सर्वोच्च सम्मान दादासाहेब फाल्के पुरस्कार और पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया। वैश्विक संगीत इतिहास में संभवतः सबसे लंबे समय तक सक्रिय रहने वाली गायिकाओं में शामिल आशा का निजी जीवन भी उनके पेशेवर जीवन की तरह साहसी फैसलों से भरा रहा।

निजी जिंदगी

हमेशा विद्रोही स्वभाव की मानी जाने वाली आशा ने 1949 में केवल 16 वर्ष की आयु में अपने परिवार की इच्छा के विरुद्ध गणपतराव भोसले से विवाह किया। यह विवाह सफल नहीं रहा। लेकिन गणपतराव ने आशा को गायिका बनने के लिए प्रेरित किया। जब यह रिश्ता समाप्त हुआ, तब आशा के दो बच्चे थे। वह अपने तीसरे बच्चे की मां बनने वाली थीं।

इसके बाद वह अपने मायके लौट आईं और उन्होंने अपने संगीत सफर को फिर से आगे बढ़ाया। शुरुआती दौर में उन्हें ज्यादातर खलनायिकाओं और नर्तकियों के लिए गीत मिलते थे। कभी-कभी उन्हें कुछ लोकप्रिय फिल्मों में एक-दो गीत गाने का मौका मिलता, जैसे राज कपूर की टबूट पॉलिश' में उनका लोकप्रिय गीत 'नन्हे मुन्ने बच्चे'।

उनके करियर ने तब नयी उड़ान भरी, जब नैयर ने उन्हें 'नया दौर' में मौका दिया, जिसमें उन्होंने वैजयंतीमाला के लिए 'मांग के साथ तुम्हारा' गाया। इस गीत ने उनके लिए उद्योग में कई नए दरवाजे खोल दिए। इसके बाद उन्होंने 'वक्त' एवं 'गुमराह' जैसी फिल्मों के लिए गीतों को अपनी आवाज दी।

बाद के आशा ने संगीतकार आर. डी. बर्मन से विवाह किया, जिनके साथ उन्होंने कई चर्चित गीत दिए। अलग-अलग दशकों में रिलीज हुईं 'उमराव जान' और 'रंगीला' दो ऐसी फिल्में हैं, जो गायन की विभिन्न विधाओं में उनकी पकड़ की बेहतरीन मिसाल हैं। एक ओर 'दिल चीज…' है, तो दूसरी ओर 'तन्हा तन्हा...'।

आशा के परिवार में उनके बेटे आनंद हैं। उनके एक बेटे हेमंत का 2015 में स्कॉटलैंड में कैंसर से निधन हो गया था। पत्रकार के रूप में काम करने वाली उनकी बेटी वर्षा का 2012 में निधन हो गया था।

इंटरनेशनल पहचान

आशा ने केवल फिल्मी गीतों के लिए ही आवाज नहीं दी। उन्होंने 1990 के दशक में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी छाप छोड़ी। उन्होंने बॉय जॉर्ज के 'बाउ डाउन मिस्टर' में अपनी आवाज दी और बॉय बैंड 'कोड रेड' के साथ भी गाया।

उसी वर्ष उन्हें 'लेगेसी' के लिए पहली बार ग्रैमी पुरस्कार के लिए नामांकित किया गया। उन्होंने 'इंडीपॉप' को भी उसी निडरता के साथ अपनाया। उनके 1997 में रिलीज हुए गैर-फिल्मी एलबम 'जानम समझा करो' का 'रात शबनमी' गीत काफी लोकप्रिय हुआ। इस गीत ने उन्हें एमटीवी और चैनल वी पुरस्कार दिलाए। साथ ही ऐसे श्रोताओं की पीढ़ी तक पहुंचाया, जो रीमिक्स के दौर में बड़ी हुई थी।

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उन्होंने अदनान सामी के साथ 'कभी तो नजर मिलाओ' और ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेटर ब्रेट ली के साथ 'यू आर द वन फॉर मी' तथा 'हां मैं तुम्हारा हूं..' जैसे गीत दिए। उन्हें 2006 में दूसरा ग्रैमी नामांकन 'यू हैव स्टोलन माई हार्ट: सांग्स फ्रॉम आर. डी. बर्मन्स बॉलीवुड' के लिए मिला।

स्वयं को लगातार नए रूप में ढालती रहने वाली आशा ने सोशल मीडिया पर भी अपनी पहचान बनाए रखी। इंस्टाग्राम पर उनके 7.5 लाख से अधिक फोलोवर्स हैं। उनके जाने से भारतीय संगीत का एक पूरा युग मौन हो गया है।



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Saturday, April 11, 2026

Akshay Kumar: अक्षय कुमार की एक झलक पाने को नोएडा के मॉल में उमड़ा जनसैलाब, एक्टर ने 36 साल के करियर में पहली बार देखा ऐसा नजारा

बॉलीवुड के 'खिलाड़ी' अक्षय कुमार अक्सर अपनी फिल्मों के प्रमोशन के लिए अलग-अलग शहरों का रुख करते हैं, लेकिन हाल ही में नोएडा में जो हुआ, उसने खुद अक्षय को भी हैरान कर दिया। अपनी आगामी हॉरर-कॉमेडी फिल्म 'भूत बंगला' के प्रमोशन के लिए अक्षय कुमार शुक्रवार को ग्रेटर नोएडा वेस्ट स्थित गौर सिटी मॉल पहुंचे थे। वहां जुटी हजारों की भीड़ को देखकर अक्षय के मुंह से निकला— "मुझे इंडस्ट्री में 36 साल हो गए हैं, लेकिन किसी मॉल के अंदर मैंने आज तक इतने लोग नहीं देखे।"

प्रमोशन के दौरान दिखा फैंस का जबरदस्त क्रेज

अक्षय कुमार के साथ उनकी सह-कलाकार वामिका गब्बी और मशहूर कॉमेडियन राजपाल यादव भी इस इवेंट का हिस्सा थे। जैसे ही सितारों ने मॉल में कदम रखा, फैंस का उत्साह सातवें आसमान पर पहुंच गया। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में देखा जा सकता है कि मॉल की हर मंजिल लोगों से खचाखच भरी हुई थी। लोग न केवल गैलरी में खड़े थे, बल्कि कई फैंस तो अक्षय की एक झलक पाने के चक्कर में मॉल की एस्केलेटर की रैलिंग और ऊपरी मंजिलों के खतरनाक किनारों पर भी लटके नजर आए।

'भूत बंगला' की टीम ने किया दर्शकों का मनोरंजन

मॉल के ग्राउंड फ्लोर पर बनाए गए एक अस्थाई मंच से अक्षय और उनकी टीम ने भीड़ का अभिवादन किया। सितारों ने वहां मौजूद हजारों लोगों के साथ बातचीत की और अपनी फिल्म 'भूत बंगला' के बारे में मजेदार बातें साझा कीं। यह फिल्म इसलिए भी खास है क्योंकि इसके जरिए अक्षय कुमार और निर्देशक प्रियदर्शन की सुपरहिट जोड़ी करीब 14 साल बाद पर्दे पर वापसी कर रही है। फिल्म में अक्षय और राजपाल के अलावा तब्बू, परेश रावल और असरानी जैसे दिग्गज कलाकार भी नजर आएंगे।

उत्साह के बीच 'सिविक सेंस' पर उठे सवाल

जहां एक ओर अक्षय की लोकप्रियता की चर्चा हो रही है, वहीं दूसरी ओर इस कार्यक्रम के बाद मॉल की स्थिति को लेकर इंटरनेट पर तीखी बहस छिड़ गई है। इवेंट खत्म होने के बाद के कई वीडियो सामने आए हैं, जिनमें भीड़ द्वारा मॉल के स्टैंडीज, सजावट और अन्य संपत्तियों को नुकसान पहुंचाते हुए देखा जा सकता है।

सोशल मीडिया यूजर्स ने इस व्यवहार की कड़ी आलोचना की है। एक यूजर ने लिखा, "अक्षय कुमार एक अच्छे अभिनेता हैं, लेकिन उनके लिए अपनी जान जोखिम में डालना समझदारी नहीं है।" वहीं कई लोगों ने मॉल प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठाए कि इतनी बड़ी भीड़ को इस तरह खतरनाक तरीके से रैलिंग पर चढ़ने की अनुमति कैसे दी गई।

कब रिलीज होगी फिल्म?

अक्षय कुमार की यह बहुप्रतीक्षित फिल्म 'भूत बंगला' 17 अप्रैल को सिनेमाघरों में दस्तक देने वाली है। नोएडा में मिले इस अभूतपूर्व प्यार ने यह तो साफ कर दिया है कि दर्शकों के बीच अक्षय और प्रियदर्शन की कॉमेडी का जादू आज भी बरकरार है।



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Friday, April 10, 2026

UP SIR: यूपी में बढ़े 84 लाख वोटर, फाइनल लिस्ट में भी नहीं है नाम, तो ये फॉर्म भरकर जुड़वाएं नाम

उत्तर प्रदेश में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) प्रक्रिया पूरी होने के बाद फाइल आंकड़े जारी कर दिए गए हैं। सामने आए आंकड़ों के मुताबिक, उत्तर प्रदेश के मतदाताओं की संख्या में इजाफा हुआ है। यूपी में कुल मतदाताओं की संख्या 84 लाख से अधिक बढ़कर 13.39 करोड़ हो गई है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिनवा ने कहा कि एसआईआर में मतदाता सूची का प्रकाशन हो गया है। 27 अक्टूबर को एसआईआर कराने की घोषणा हुई और 4 नवंबर से ये प्रक्रिया शुरू हुई।

166 दिनों तक चली प्रक्रिया

उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिन्वा ने बताया कि एसआईआर प्रक्रिया 27 अक्टूबर 2025 से 10 अप्रैल 2026 तक चलाई गई। इस दौरान राज्य के सभी 75 जिले, 403 विधानसभा क्षेत्र और सभी मतदान केंद्र शामिल किए गए। उन्होंने बताया कि 166 दिन तक चली इस प्रक्रिया को 75 जिला निर्वाचन अधिकारियों, 403 निर्वाचक पंजीकरण अधिकारियों, 12,758 सहायक अधिकारियों, 18,026 बूथ स्तर के पर्यवेक्षकों और 1,77,516 बूथ स्तर के अधिकारियों की मदद से पूरा किया गया।

इसके अलावा, मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के 5,82,877 बूथ स्तर के एजेंटों और करोड़ों मतदाताओं ने भी इसमें सहयोग दिया। लोगों को जागरूक करने के लिए प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया ने भी अहम भूमिका निभाई। नवदीप रिन्वा ने यह भी बताया कि 6 जनवरी को जारी मसौदा मतदाता सूची में कुल 12,55,56,025 मतदाता शामिल थे। इनमें 6.88 करोड़ पुरुष, 5.67 करोड़ महिला और 4,119 तीसरे लिंग के मतदाता थे।

सामने आए ये आंकड़े

नवदीप रिन्वा ने बताया कि, पहले 18-19 साल के मतदाताओं की संख्या 3,33,981 थी। उस समय हर 1,000 पुरुष मतदाताओं पर 824 महिला मतदाता थीं। उन्होंने जानकारी दी कि 10 अप्रैल को जारी अंतिम मतदाता सूची के अनुसार, अब कुल मतदाताओं की संख्या बढ़कर 13,39,84,792 हो गई है। इनमें 7,30,71,071 पुरुष (लगभग 54%), 6,09,09,525 महिलाएं (करीब 45.46%) और 4,206 तीसरे लिंग के मतदाता शामिल हैं। 18-19 साल के मतदाताओं की संख्या अब बढ़कर 17,63,360 हो गई है, जो कुल मतदाताओं का 1.32% है। वहीं, लिंग अनुपात भी सुधरकर अब हर 1,000 पुरुषों पर 834 महिलाएं हो गया है। ड्राफ्ट और फाइनल सूची की तुलना में कुल मतदाताओं की संख्या में 84,28,767 की बढ़ोतरी हुई है। इसमें 42,27,902 पुरुष, 42,00,778 महिला और 87 तीसरे लिंग के मतदाता बढ़े हैं। साथ ही, 18-19 साल के आयु वर्ग में 14,29,379 नए मतदाता जुड़े हैं और लिंग अनुपात में भी 10 अंकों का सुधार हुआ है, जो 824 से बढ़कर 834 हो गया है।

प्रयागराज में बढ़े सबसे ज्यादा वोटर

जिलों की बात करें तो प्रयागराज में सबसे ज्यादा 3,29,421 नए मतदाता जुड़े। इसके बाद लखनऊ में 2,85,961, बरेली में 2.57 लाख से ज्यादा, गाज़ियाबाद में 2,43,666 और जौनपुर में 2,37,590 वोटरों की बढ़ोतरी दर्ज की गई। मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिन्वा ने कहा कि मतदाता सूची को बेहतर बनाने का काम सफलतापूर्वक पूरा हुआ है। यह पूरे राज्य में चुनाव अधिकारियों, राजनीतिक दलों और मतदाताओं के मिलकर किए गए प्रयासों का नतीजा है। विधानसभा क्षेत्रों के स्तर पर गाजियाबाद के साहिबाबाद में सबसे ज्यादा 82,898 नए वोटर जुड़े। इसके बाद जौनपुर (विधानसभा क्षेत्र संख्या 366) में 56,118 मतदाता बढ़े। इसके अलावा लखनऊ पश्चिम में 54,822, गाज़ियाबाद के लोनी में 53,679 और फिरोजाबाद विधानसभा क्षेत्र में 47,757 नए मतदाता जोड़े गए।

फॉर्म-6 के तहत जुड़वा सकेंगे नाम

नवदीप रिन्वा ने बताया कि मतदाता सूची सुधार के दौरान करीब 1.04 करोड़ वोटरों को “नॉन-मैप्ड” पाया गया, यानी उनका पता सही तरीके से दर्ज नहीं था। वहीं, 2.22 करोड़ मामलों में अलग-अलग तरह की गड़बड़ियां सामने आईं। उन्होंने साफ कहा कि इस पूरी प्रक्रिया में किसी भी मतदाता का नाम बिना सही जांच और नियमों का पालन किए नहीं हटाया गया। उनका कहना है कि अगर किसी का नाम ड्राफ्ट सूची में था लेकिन फाइनल सूची में नहीं है, तो उसके पीछे या तो फॉर्म-6 के तहत किया गया आवेदन है या फिर संबंधित अधिकारी द्वारा सुनवाई के बाद लिया गया फैसला है। किसी पात्र व्यक्ति का नाम सूची में शामिल नहीं हो पाया है, तो वह निर्धारित प्रक्रिया के तहत फॉर्म 6 भरकर आवेदन कर अपना नाम जुड़वा सकता है।



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Thursday, April 9, 2026

Abhishek Banerjee: अरुणाभ कुमार से बेस्ट एक्टर अवॉर्ड लेने के बाद भावुक हुए अभिषेक बनर्जी, शेयर की दिल की बात

Abhishek Banerjee: अभिषेक बनर्जी इंडस्ट्री के सबसे टैलेंटेड एक्टर्स में से एक हैं, जो लंबे समय से यहां टिके हुए हैं। कास्टिंग डायरेक्टर के तौर पर काम करने के साथ-साथ, वे एक्टिंग में भी काफी एक्टिव रहे हैं और उन्होंने कुछ कमाल की परफॉर्मेंस दी हैं। हालांकि, उन्हें एक्टिंग में पहला ब्रेक TVF की 'पिचर्स' से मिला था, और हाल ही में जब उन्हें बेस्ट एक्टर का अवॉर्ड मिला, तो उन्होंने TVF का शुक्रिया अदा किया।

अपने सोशल मीडिया पर अभिषेक बनर्जी ने एक फोटो शेयर की, जिसमें TVF के फाउंडर अरुणाभ कुमार उन्हें फिल्म 'स्टोलन' के लिए बेस्ट एक्टर का अवॉर्ड दे रहे हैं। उन्होंने याद किया कि कैसे अरुणाभ कुमार ने ही उन्हें 'TVF पिचर्स' के जरिए एक्टिंग का पहला मौका दिया था, और आज वे उन्हीं के हाथों अवॉर्ड ले रहे हैं। उन्होंने लिखा- ठीक है, यह उनके लिए है, जो जादू में यकीन रखते हैं।

पिक 1 - 'TVF पिचर्स' में मेरे करियर के पहले एक्टिंग काम के दौरान "तू बीर है" कहने से लेकर आज @arunabhkumar से अवॉर्ड लेने तक, मैं गर्व से कह सकता हूं कि मैं बियर हूं। फाइनली योगी ने अवॉर्ड दे ही दिया! और साथ ही मेरी फेवरेट को-एक्टर @rasikadugal जिनके साथ मैंने दो शोज किए हैं, पर कभी साथ में एक्टिंग नहीं की!!

पिक 2 - इकलौते स्टार जिन्होंने 'पाताल लोक' देखने के बाद मुझे मैसेज किया था कि मुझे अभी बहुत लंबा सफर तय करना है.. उस मैसेज से लेकर आज उनके साथ एक ही मुकाम पर होने तक, जिंदगी ने मुझे सिर्फ और ज्यादा सब्र रखना सिखाया है। थैंक यू @Granveersingh और हर फ्रंट पर अपनी जीत के लिए तुम्हें बहुत-बहुत बधाई!

पिक 3 - यह उन सभी के लिए है जो कहते हैं कि "यहां सोर्स के बिना कुछ नहीं होता"। अभिषेक बनर्जी ने TVF के शो 'पिचर्स' में काम किया था, जहां उनका डायलॉग "तू बीर है" जबरदस्त हिट हुआ था। यह युवाओं के बीच एक क्रेज बन गया और इसने अभिषेक को रातों-रात पहचान दिला दी। इसके बाद, उन्होंने कई फिल्मों में काम किया और मैडॉक हॉरर-कॉमेडी यूनिवर्स की फिल्मों 'स्त्री', 'भेड़िया' और 'स्त्री 2' में 'जना' के किरदार के साथ-साथ 'पाताल लोक' में 'हथौड़ा त्यागी' के रूप में अपनी बेहतरीन एक्टिंग का लोहा मनवाया। अभिषेक की कुछ अन्य खास फिल्मों में 'ड्रीम गर्ल', 'ड्रीम गर्ल 2', 'रश्मि रॉकेट', 'वेदा' और 'स्टोलन' शामिल हैं।



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Motorola Razr 70 Ultra के लॉन्च से पहले स्पेसिफिकेशन और डिजाइन लीक, जानें अनुमानित कीमत

Motorola Razr 70 Ultra: Lenovo की कंपनी Motorola अपना अगला फोल्डेबल फोन लॉन्च करने की तैयारी कर रही है और लीक से हमें फोन के बारे में पहले ही काफी जानकारी मिल गई है। Motorola Razr 70 Ultra के डिटेल CAD रेंडर सामने आए हैं, जिन्हें Android Headlines ने पॉपुलर टिपस्टर Steve H. McFly (@OnLeaks) के साथ शेयर किया है। जिससे पता चलता है कि इस बार कंपनी कोई बड़ा बदलाव नहीं करने जा रही है। इसके बजाय, ऐसा लगता है कि Motorola मौजूदा फीचर्स को और बेहतर बना रही है। आइए जानते हैं अब तक Motorola Razr 70 Ultra के बारे में जो जानकारी सामने आई है।

Motorola Razr 70 Ultra का डिजाइन और स्पेसिफिकेशन

लीक हुई तस्वीरों से पता चलता है कि शिकागो की यह टेक कंपनी अपने क्लैमशेल डिजाइन को बरकरार रख रही है, जिसमें डुअल रियर कैमरों के चारों ओर एक बड़ी कवर डिस्प्ले है। अंदरूनी फोल्डेबल स्क्रीन और बाहरी डिस्प्ले दोनों के बेजल पतले दिखते हैं, जिससे इसे एक साफ-सुथरा और मॉडर्न लुक मिलता है।

कलर ऑप्शन की बात करें तो, यह डिवाइस Orient Blue Alcantara और Pantone Cocoa Wood कलर में आ सकता है। Alcantara वेरिएंट में टेक्सचर्ड फील होने की बात कही जा रही है, जबकि Cocoa Wood वर्जन में लकड़ी जैसा अनोखा फिनिश देखने को मिल सकता है। हालांकि, एक अजीब बात यह है कि रेंडर्स में सेल्फी कैमरा कटआउट गायब है, जिसके बारे में रिपोर्ट में कहा गया है कि यह सिर्फ एक चूक हो सकती है, न कि डिजाइन में कोई बदलाव।

परफॉर्मेंस की बात करें तो, इस हैंडसेट में Qualcomm का Snapdragon 8 Elite Gen 5 चिपसेट लगा है, जो 3nm प्रोसेस पर बना है। इसमें 16GB तक LPDDR5X RAM और 512GB UFS 4.1 स्टोरेज मिलने की उम्मीद है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इसमें लगभग 5200 mAh की बैटरी है, जो 80W वायर्ड टर्बोपावर चार्जिंग और 50W वायरलेस चार्जिंग को सपोर्ट करती है।

यह फोल्डेबल फोन शायद Android 16 पर चलेगा, जिसके ऊपर Motorola का Hello UI होगा। कैमरे की बात करें तो, इसमें बाहरी पैनल पर दो 50MP सेंसर और अंदर की स्क्रीन पर होल-पंच कटआउट में 50MP का फ्रंट-फेसिंग कैमरा हो सकता है।

Motorola Razr 70 Ultra की लॉन्च टाइमलाइन और अनुमानित कीमत

शुरुआती रिपोर्टों के अनुसार, Razr 70 Ultra 2026 की दूसरी तिमाही के अंत तक भारत में लॉन्च हो सकता है। कीमत की बात करें तो, भारत में इसकी लॉन्चिंग कीमत लगभग 1,29,999 रुपये होने की उम्मीद है।

यह भी पढ़ें: OnePlus Nord 6 की सेल आज से शुरू, जानें कीमत, ऑफर और स्पेसिफिकेशन्स



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Wednesday, April 8, 2026

पाकिस्तान के शेयर मार्केट में इतिहास की सबसे बड़ी तेजी, 12,000 अंक उछला इंडेक्स, रोकनी पड़ी ट्रेडिंग

Pakistan Stock Markets: अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम की खबर से पाकिस्तान के शेयर बाजार में बुधवार 8 अप्रैल को ऐतिहासिक तेजी देखने को मिली। कराची स्टॉक एक्सचेंज के बेंचमार्क इंडेक्स, KSE-100 इंडेक्स में अब तक की सबसे बड़ी उछाल आई। पाकिस्तान के अखबर डॉन की एक रिपोर्ट के मुताबिक, KSE-100 इंडेक्स सुबह करीब 9:37 बजे 12,362.38 अंक यानी 8.15% उछलकर 1,64,035.83 के स्तर पर पहुंच गया। इस जबरदस्त तेजी के बाद एक्सचेंज के नियमों के तहत ट्रेडिंग को अस्थायी रूप से रोक दिया गया।

यह उछाल KSE-100 इंडेक्स के इतिहास में किसी एक दिन में आई सबसे बड़ी बढ़त मानी जा रही है। इससे पहले कराची स्टॉक एक्सचेंज में इतनी बड़ी तेजी कभी नहीं देखी गई थी।

युद्ध विराम ने बदला निवेशकों का मूड

इस तेजी की मुख्य वजह अमेरिका और ईरान के बीच हुआ दो सप्ताह का अस्थायी युद्धविराम है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अमेरिका दो हफ्तों के लिए ईरान पर सैन्य कार्रवाई रोक देगा, बशर्ते ईरान होर्मुज समुद्री मार्ग को सुरक्षित और पूरी तरह खोलने की गारंटी दे।

वहीं, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने भी इस बात की पुष्टि की कि ईरान दो सप्ताह तक इस अहम समुद्री मार्ग से सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करेगा।

पहले भारी उतार-चढ़ाव में था बाजार

इससे पाकिस्तान स्टॉक एक्सचेंज में पिछले कुछ हफ्तों से भारी अस्थिरता देखी जा रही थी। KSE-100 इंडेक्स एक दिन पहले 7 अप्रैल मामूली बढ़त के साथ बंद हुआ था। लेकिन इससे पहले 2 मार्च को इसमें 16,089 अंकों यानी करीब 9.57% की बड़ी गिरावट आई थी। यह इसके इतिहास की सबसे बड़ी गिरावटों में से एक थी। यह गिरावट पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और ईरान से जुड़ी बड़ी घटनाओं के चलते आई थी।

आगे क्या?

रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह युद्धविराम अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत का रास्ता खोलने के लिए किया गया है। संभावित बातचीत पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में हो सकती है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने कहा कि यह युद्धविराम तुरंत प्रभाव से लागू होगा और बातचीत का उद्देश्य एक अंतिम समझौते तक पहुंचना है।

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