Tuesday, February 17, 2026

Small Cap Stocks: ऑल टाइम हाई से 40% नीचे हैं आधे स्मॉल कैप स्टॉक्स, निवेशकों के लिए क्या है इसका मतलब?

Small Cap Stocks: भारतीय शेयर बाजार में करीब आधे स्मॉल कैप शेयर इस समय अपने ऑल टाइम हाई से लगभग 40 प्रतिशत नीचे ट्रेड कर रहे हैं। Abakkus Mutual Fund की एक आंतरिक स्टडी में यह सामने आया है। इससे साफ है कि हाल की बाजार गिरावट ने ब्रॉडर मार्केट की वैल्यूएशन को काफी प्रभावित किया है।

इस स्टडी में ₹2,000 करोड़ से ₹34,700 करोड़ के मार्केट कैप वाली कंपनियों को शामिल किया गया। इसमें पाया गया कि इस दायरे की बड़ी संख्या में शेयर अपने पीक लेवल से तेज गिरावट झेल चुके हैं। रिटेल निवेशकों के लिए ऐसी गिरावट कम एंट्री प्राइस का मौका दे सकती है, लेकिन इसके साथ ज्यादा उतार चढ़ाव और जोखिम भी जुड़ा रहता है।

स्मॉल कैप शेयरों की पोर्टफोलियो में अहमियत

पिछले छह साल में स्मॉल कैप सेगमेंट का आकार तेजी से बढ़ा है। 2019 से 2025 के बीच इनका कुल मार्केट कैप ₹16 ट्रिलियन से बढ़कर ₹83 ट्रिलियन हो गया, यानी करीब 5.3 गुना बढ़ोतरी। इसी दौरान लार्ज कैप 2.55 गुना और मिड कैप 3.89 गुना बढ़े।

इसका असर यह हुआ कि कुल लिस्टेड मार्केट कैप में स्मॉल कैप की हिस्सेदारी 2019 के 11 प्रतिशत से बढ़कर 2025 में 19 प्रतिशत हो गई। यानी अब स्मॉल कैप भारतीय बाजार का कहीं ज्यादा अहम हिस्सा बन चुके हैं।

स्मॉल कैप में रिटर्न ज्यादा, लेकिन रिस्क भी

इतिहास बताता है कि लंबी अवधि में स्मॉल कैप ने लार्ज कैप से ज्यादा रिटर्न दिए हैं, लेकिन इनके भाव में तेज उतार चढ़ाव भी देखने को मिलता है।

1 सितंबर 2016 से 31 जनवरी 2026 के बीच Nifty Smallcap 250 और Nifty 50 में SIP रिटर्न की तुलना की गई। इस अवधि में Nifty Smallcap 250 में SIP पर 17 प्रतिशत का CAGR मिला। वहीं, Nifty 50 में यह 12 प्रतिशत रहा।

तीन और पांच साल के रोलिंग आधार पर स्मॉल कैप इंडेक्स ने क्रमशः 21 प्रतिशत और 22 प्रतिशत CAGR दिया। Nifty 50 में यह 13 प्रतिशत रहा।

हालांकि स्टडी में यह भी कहा गया कि स्मॉल कैप में स्टैंडर्ड डिविएशन ज्यादा होता है, यानी कीमतों में उतार चढ़ाव ज्यादा रहता है। इसलिए निवेशकों को अपनी जोखिम क्षमता और निवेश अवधि को ध्यान में रखकर निवेश करना चाहिए।

स्मॉल कैप से उभरते सेक्टरों तक पहुंच

स्मॉल कैप कंपनियां अक्सर उन सेक्टरों में काम करती हैं जो अभी तेजी से उभर रहे हैं और लार्ज कैप इंडेक्स में कम दिखते हैं। इनमें एयरोस्पेस और डिफेंस, फार्मा और बायोटेक, इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग सर्विसेज, इलेक्ट्रिक व्हीकल और बैटरी, एआई आधारित सेवाएं, रिन्यूएबल एनर्जी, मेडिकल डिवाइस, ट्रैवल और टूरिज्म और ऑटो कंपोनेंट शामिल हैं।

Abakkus Mutual Fund के सीईओ वैभव चुग के मुताबिक, मौजूदा गिरावट ने बाजार का समीकरण भी बदला है। अब ₹2,000 करोड़ से ₹34,700 करोड़ के मार्केट कैप वाली कई कंपनियों में जोखिम बनाम रिटर्न का संतुलन बेहतर हुआ है। उनका कहना है कि जो निवेशक बाजार के उतार चढ़ाव में टिके रहते हैं और बार बार एंट्री एग्जिट करने की कोशिश नहीं करते, वे लंबी अवधि में कंपाउंडिंग का फायदा उठा सकते हैं।

यह पूरी स्टडी 31 दिसंबर 2025 तक के उद्योग आंकड़ों पर आधारित आंतरिक रिसर्च के आधार पर तैयार की गई है।

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Monday, February 16, 2026

Bhupen Borah: असम कांग्रेस को फिलहाल बड़ी राहत! भूपेन बोरा ने वापस लिया इस्तीफा

Bhupen Borah: कांग्रेस की असम इकाई के पूर्व प्रमुख भूपेन बोरा ने आलाकमान के हस्तक्षेप के बाद आखिरकार अपना इस्तीफा वापस ले लिया है। कांग्रेस के असम प्रभारी जितेंद्र सिंह ने सोमवार (16 फरवरी) को यह दावा किया। बोरा के इस्तीफा देने के बाद सिंह और पार्टी की असम इकाई के अध्यक्ष गौरव गोगोई सहित कई वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं ने बोरा से उनके आवास पर मुलाकात की। इस बीच, बोरा ने अपने आवास के बाहर पत्रकारों से कहा कि उन्होंने अपने फैसले पर पुनर्विचार करने के लिए कांग्रेस आलाकमान से समय मांगा है।

गौरव गोगोई ने कहा कि कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने बोरा से बात की है। उनका इस्तीफा आलाकमान ने स्वीकार नहीं किया है। गोगोई ने कहा, "अगर पार्टी में कुछ मुद्दों के कारण भूपेन बोरा को ठेस पहुंची है तो हम उनसे माफी मांगते हैं।"

भंवर जितेंद्र सिंह ने कहा, "कांग्रेस नेता भूपेन बोरा हमारे वरिष्ठ नेता हैं। कभी-कभी परिवार में मनमुटाव हो जाता है और कभी-कभी दो लोगों के बीच सहमति नहीं होती है। यह हमारा आंतरिक मामला है। जब भूपेन बोरा यूथ कांग्रेस के अध्यक्ष होते थे तभी से उन्होंने असम में एक लड़ाई जारी रखी है। उन्होंने कांग्रेस में एक बहुत बड़ा जीवन बिताया है। हमने उनसे आग्रह किया है कि वे अपना इस्तीफा वापस लें। हमारी पार्टी एक लोकतांत्रिक पार्टी है।"

सिंह ने आगे कहा, "वरिष्ठ कांग्रेस नेता भूपेन बोरा कांग्रेस परिवार के एक अहम सदस्य हैं। उन्होंने अपना इस्तीफा हमारी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष को भेजा था। कांग्रेस अध्यक्ष ने उनका इस्तीफा स्वीकार नहीं किया है। राहुल गांधी समेत पार्टी लीडरशिप ने उनसे लंबी बातचीत की। हमने बातचीत से इसे सुलझा लिया है। वह पिछले 30 सालों से कांग्रेस में थे। मैं भूपेन बोरा को अपना इस्तीफा वापस लेने के लिए धन्यवाद देता हूं।"

असम में इस साल होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले सोमवार (16 फरवरी) को कांग्रेस की असम इकाई के पूर्व अध्यक्ष भूपेन कुमार बोरा ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया। बोरा ने अपना इस्तीफा कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को भेज दिया। कांग्रेस अध्यक्ष को भेजे अपने त्यागपत्र में उन्होंने दावा किया कि पार्टी नेतृत्व द्वारा उन्हें उपेक्षित किया जा रहा है। बोरा ने कहा कि राज्य इकाई में उन्हें उनका हक नहीं दिया जा रहा है।

बोरा 2021 से 2025 तक असम कांग्रेस इकाई के अध्यक्ष थे। पिछले साल उनकी जगह गौरव गोगोई को असम प्रदेश कांग्रेस कमेटी की कमान सौंप दी गई। वह असम में दो बार विधायक रह चुके हैं। न्यूज 18 की रिपर्ट मुताबिक, बोरा ने अपने फैसले के लिए कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई की हड़बड़ी को जिम्मेदार ठहराया है। यह घटनाक्रम प्रियंका गांधी वाड्रा के असम दौरे से कुछ ही दिन पहले हुआ है।

बोरा ने गुवाहाटी में पत्रकारों से कहा, "मैंने आज सुबह आठ बजे कांग्रेस आलाकमान को अपना इस्तीफा भेज दिया। इसमें विस्तार से बताया कि मुझे यह कदम उठाने के लिए क्यों मजबूर होना पड़ा। यह कोई व्यक्तिगत निर्णय नहीं है। मैंने पार्टी को 32 साल दिए हैं। मैं 1994 में पार्टी में शामिल हुआ था। यह कदम केवल व्यक्तिगत नहीं है, यह पार्टी के भविष्य की चिंता से प्रेरित है। इसलिए मैंने कांग्रेस आलाकमान को सब कुछ विस्तार से बताया।"

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उन्होंने ऐसे समय पर इस्तीफा दिया है जब कांग्रेस कुछ विपक्षी दलों के साथ गठबंधन की कोशिश कर रही है। बोरा ने आगे ANI से कहा, "अभी भी कांग्रेस हाई कमान मेरे घर पर हैं... मुख्यमंत्री ने पहले भी कई बार ऐसा (BJP में शामिल होने की बात) बोला है। 2-3 पार्टियों ने मुझे बुलाया है। कांग्रेस हाई कमान ने भी मेरे से बात की है।" हालांकि, अब उनके यू-टर्न के फैसले से कांग्रेस को थोड़ी राहत जरूर मिली होगी।



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Sunday, February 15, 2026

सोने में हर गिरावट को मौका मान रहे ग्राहक, शेयरों के इनवेस्टर की तरह कर रहे खरीद: Titan MD

सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव ने भारतीय खरीदारों को प्रभावित नहीं किया है। ग्राहक अब कीमतों में गिरावट को अवसर मानकर बाजार में एंट्री कर रहे हैं, बिलकुल शेयर निवेशकों की तरह। यह बात टाइटन कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर (एमडी) अजॉय चावला ने कही है। उन्होंने कहा कि पहले कई ग्राहक महंगी कीमतों के कारण सोना खरीदने में देरी करते थे। लेकिन अब उन्होंने अपनी रणनीति बदल ली है और कीमत गिरने पर सोना खरीदना शुरू कर दिया है, बजाय इसके कि अनिश्चित समय तक इंतजार किया जाए।

न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, चावला ने बताया, "लोगों ने लंबे समय तक इंतजार करने में नुकसान उठाया है। इसलिए अब वे कीमत में हर गिरावट का फायदा उठाकर सोने की खरीद कर रहे हैं, जैसे शेयर बाजार में करते हैं।" उन्होंने माना कि सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी है, लेकिन मांग मजबूत बनी हुई है। चावला ने कहा, "ग्राहक इसमें हिस्सा लेने की कोशिश करेंगे। जो लोग पिछड़ गए, वे अब खरीदने आएंगे।"

टाइटन की ज्वेलरी डिवीजन को इस रुझान से फायदा हुआ है। इस डिवीजन में कंपनी का प्रमुख ब्रांड तानिष्क शामिल है। प्रोडक्ट इनोवेशन और दिसंबर 2025 तिमाही की फेस्टिव डिमांड से भी इस डिवीजन को फायदा हुआ है। टाइटन का ज्वेलरी डिवीजन कंपनी में सबसे बड़ा कॉन्ट्रीब्यूटर है।

फरवरी में सोने में रहा काफी उतार-चढ़ाव

सोने की कीमतों में फरवरी, 2026 की शुरुआत में काफी उतार-चढ़ाव देखा गया। 10 ग्राम के लिए कीमतें करीब 1.61 लाख रुपये तक बढ़ीं। फिर वैश्विक संकेतों और मुनाफा निकालने के कारण हाल ही में गिरावट आई। चावला के अनुसार, कई लोग जिन्होंने साल के पहले 6 महीनों में सोने की खरीद में देरी की थी, उन्होंने त्योहारी सीजन और शादी के सीजन से पहले सोना खरीदना शुरू कर दिया। उन्हें उम्मीद है कि कीमतें अब और नहीं गिरेंगी। उन्होंने कहा कि ग्लोबल अनिश्चितता ने भी सेंटिमेंट को बूस्ट करने में भूमिका निभाई।

आगे कहा कि FOMO (कुछ छूट जाने का डर) की भावना ने भी डिमांड को बढ़ाया। चावला ने कहा, "तो एक FOMO था। लोग इसमें कूद पड़े, यह कहते हुए कि बाद में पछताने से बेहतर है कि अभी खरीद लो। और मुझे लगता है कि यह जनवरी तक चलता रहा।"

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कभी-कभी चाल का अंदाजा लगाना मुश्किल

चावला ने पिछले दो से तीन सालों में आए उतार-चढ़ाव की ओर इशारा करते हुए अंदाजा लगाने से भी सावधान किया। उन्होंने कहा, "कभी-कभी आप अंदाजा नहीं लगा सकते कि महीना कैसा जाएगा। पहला आधा हिस्सा बहुत अच्छा जा सकता है, और दूसरे आधे हिस्से में आपको थोड़ी मंदी दिखेगी, और इसका उल्टा भी हो सकता है।" चावला ने कहा, "जब हालात अच्छे हों, जब खरीदने का मौका हो, चाहे वह शादी हो या त्योहार, हमें पूरी जान लगा देनी चाहिए। इसका पूरा फायदा उठाना चाहिए क्योंकि हमें नहीं पता कि एक महीने बाद या 15 दिन बाद क्या होगा।"

चावला ने चेतावनी भी दी है कि अस्थिरता रहेगी। उन्होंने कहा, "करेक्शन होंगे, उतार-चढ़ाव होंगे, वोलैटिलिटी होगी। तो मेरा मतलब है, यह रिस्की हो सकता है, लेकिन अगर आप लंबा गेम खेल रहे हैं, तो इससे कोई फर्क नहीं पड़ सकता।"



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बांग्लादेश : तारिक रहमान के शपथग्रहण में ओम बिरला करेंगे भारत का प्रतिनिधित्व, PM मोदी नहीं होंगे शामिल!

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला 17 फरवरी को ढाका में होने वाले बांग्लादेश के नवनिर्वाचित प्रधानमंत्री तारिक रहमान के शपथ ग्रहण समारोह में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे। बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी के चेयरमैन रहमान 2024 में पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के हटने के बाद हुए पहले आम चुनाव में अपनी पार्टी की बड़ी जीत के बाद पद संभालने जा रहे हैं।

बांग्लादेश ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी समारोह में शामिल होने का निमंत्रण दिया है। हालांकि, उनके 17 फरवरी को मुंबई में फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के साथ निर्धारित द्विपक्षीय बैठक के कारण ढाका जाने की संभावना कम है। सरकार के बयान में कहा गया है कि ओम बिरला की मौजूदगी यह दिखाती है कि भारत, बांग्लादेश के साथ अपने रिश्तों को कितना महत्व देता है। यह दोनों देशों के साझा लोकतांत्रिक मूल्यों को भी दर्शाता है। अन्य क्षेत्रीय नेताओं के साथ-साथ पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के भी समारोह में शामिल होने की संभावना है। मोहम्मद यूनुस वाली अंतरिम सरकार ने भारत, चीन, सऊदी अरब, तुर्की, संयुक्त अरब अमीरात, कतर, मलेशिया, ब्रुनेई, श्रीलंका, नेपाल, मालदीव और भूटान सहित 13 देशों को निमंत्रण भेजा है।

BNP की जबरदस्त जीत

बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी ने 297 में से 209 सीटें जीतकर संसद में स्पष्ट बढ़त हासिल की है। इस जीत के साथ करीब दो दशक बाद उसकी सत्ता में वापसी का रास्ता साफ हो गया है। दक्षिणपंथी पार्टी बांग्लादेश जमात-ए-इस्लामी को 68 सीटें मिलीं। वहीं, पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीनाa की पार्टी अवामी लीग को इस चुनाव में हिस्सा लेने की अनुमति नहीं दी गई। चुनाव में कुल मतदान 59.44 प्रतिशत रहा। BNP के नेता तारीक रहमान ने पार्टी के चुनाव अभियान में अहम भूमिका निभाई। वह मुख्य रूप से लंदन में रह रहे थे, जहां उन्होंने लगभग 17 साल बिताए और वहीं से पार्टी की गतिविधियों का संचालन करते रहे।

भारत-बांग्लादेश संबंध

चुनाव नतीजों के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तारिक रहमान से बात कर उन्हें बधाई दी। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि उन्होंने बांग्लादेश की जनता की उम्मीदों को पूरा करने की उनकी कोशिशों के लिए शुभकामनाएं और समर्थन दिया है। उन्होंने कहा, “भारत और बांग्लादेश के बीच गहरे ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संबंध हैं। दो करीबी पड़ोसी देशों के रूप में हम शांति, विकास और खुशहाली के लिए प्रतिबद्ध हैं।” उन्होंने यह भी कहा कि वह साझा विकास लक्ष्यों को आगे बढ़ाने के लिए मिलकर काम करने के इच्छुक हैं।

जीत के बाद अपने बयान में तारिक रहमान ने कहा कि बांग्लादेश के “राष्ट्रीय हित” ही नई दिल्ली के साथ संबंधों की दिशा तय करेंगे। उन्होंने साफ किया कि ढाका भारत, चीन और पाकिस्तान जैसी क्षेत्रीय शक्तियों के साथ संतुलित संबंध रखना चाहता है और किसी भी देश को “मास्टर” नहीं मानता। वहीं,बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टीने प्रधानमंत्री मोदी के संदेश का जवाब देते हुए कहा कि वह आपसी सम्मान और एक-दूसरे की चिंताओं को समझते हुए भारत के साथ रचनात्मक संबंध बनाए रखना चाहता है।



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Saturday, February 14, 2026

Hina Khan: 'जिंदगी जीने का तरीका यही'... हिना खान ने कैंसर से जंग पर खुलकर बात की

टीवी की पॉपुलर एक्ट्रेस हीना खान ने Illuminate 3.0 इवेंट पर स्टेज 3 ब्रेस्ट कैंसर से अपनी जंग की दिल दहला देने वाली कहानी शेयर की। जून 2024 में डायग्नोसिस के बाद कीमो, सर्जरी और इम्यूनोथेरेपी की चुनौतियों के बावजूद वे मुस्कुराती रहीं। यह इमोशनल बातचीत फैंस के लिए इंस्पिरेशन बन गई।

डायग्नोसिस का पहला झटका

हीना ने बताया कि फैमिली डिनर के दौरान पार्टनर रॉकी जायसवाल ने रिपोर्ट दिखाई, तो आंसू गिर पड़े। "10 मिनट तक चुप रही, लगा आसमान टूट गया। लेकिन फैमिली में कैंसर हिस्ट्री थी, फिर भी सोचा नहीं था मेरे साथ होगा।" सर्जरी 8 घंटे की बजाय 15 घंटे चली। OT से निकलते ही केयरगिवर्स को देख मुस्कुराईं, क्योंकि "वे हमसे ज्यादा सहते हैं। घर का माहौल हमेशा पॉजिटिव रखा।"

इलाज की कठिनाइयां और हिम्मत

कीमो से म्यूकोसाइटिस जैसी परेशानियां जैसे मुंह में दर्द, पैर सुन्न हुईं। फिर भी वर्कआउट जारी रखा। अब इम्यूनोथेरेपी पर हैं: "कीमो-सर्जरी खत्म, सब ठीक चल रहा। हिना खान ने बताया कि कैंसर से लड़ाई आसान नहीं थी, लेकिन उन्होंने इसे कभी “मौत की सज़ा” नहीं माना। उन्होंने कहा कि आज समय बदल चुका है लोगों में जागरूकता बढ़ी है और डॉक्टर लगातार कैंसर की शुरुआती जांच और इलाज पर जोर दे रहे हैं। हिना ने माना कि ऐसे इवेंट्स और मरीजों की कहानियां समाज को यह समझाने में मदद करती हैं कि कैंसर से डरना नहीं, बल्कि समय पर पहचान और सही इलाज से इसे हराया जा सकता है।

इस टाउनहॉल में हिना ने डॉक्टरों और अन्य कैंसर सर्वाइवर्स के साथ रैम्प वॉक भी किया। यह सिर्फ एक फैशन एक्ट नहीं था, बल्कि साहस और उम्मीद का प्रतीक था। उन्होंने कहा कि हर मरीज को अपनी कहानी साझा करनी चाहिए ताकि दूसरों को प्रेरणा मिले। उनका संदेश साफ था “हर दिन खुलकर जीना चाहिए।”

इंसानी जज़्बात और ताकत

हिना ने अपनी बातों में उस भावनात्मक संघर्ष का भी ज़िक्र किया जो कैंसर के दौरान हर मरीज झेलता है। उन्होंने बताया कि इलाज के दौरान शारीरिक और मानसिक चुनौतियाँ आती हैं, लेकिन परिवार, दोस्तों और डॉक्टरों का साथ इंसान को मजबूत बनाता है। उनकी जर्नी ने वहां मौजूद लोगों को यह एहसास दिलाया कि कैंसर से लड़ाई सिर्फ दवाइयों से नहीं, बल्कि हिम्मत और पॉजिटिव सोच से भी जीती जाती है।



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Friday, February 13, 2026

TVK चीफ विजय की रैली में एक और हादसा! तमिलनाडु के सलेम में एक शख्स की हुई मौत, हार्ट अटैक की आशंका

तमिलनाडु के सलेम में तमिलगा वेत्री कड़गम (TVK) प्रमुख विजय की रैली के दौरान महाराष्ट्र के 37 साल के एक व्यक्ति की दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई। मृतक की पहचान सूरज के रूप में हुई है। कार्यक्रम के दौरान वह अचानक गिर पड़ा। उसे तुरंत पास के अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस के अनुसार, शुरुआती जानकारी में मौत का कारण हार्ट अटैक बताया गया है और मामले की आगे जांच की जा रही है।

विजय ने विधानसभा चुनाव से पहले सलेम के सीलनायकेनपट्टी में रैली को संबोधित किया। यह घटना कुछ महीने पहले हुई उस दर्दनाक हादसे के बाद सामने आई है, जब तमिलनाडु के करूर में विजय की रैली के दौरान भगदड़ मच गई थी। उस हादसे में 41 लोगों की मौत हो गई थी और 60 से ज्यादा लोग घायल हुए थे।

रैली में विजय ने कहा कि सहयोगी दलों के साथ सत्ता साझा करने का उनका प्रस्ताव तमिलनाडु की राजनीति में “राजनीतिक बम” साबित हुआ है। उन्होंने दावा किया कि अब सभी गठबंधनों में सत्ता साझेदारी की मांग उठ रही है और इससे DMK चीफ और मुख्यमंत्री एमके स्टालिन असहज हो गए हैं।

विजय ने कहा कि DMK ने कांग्रेस के साथ सत्ता साझा करने से इनकार कर दिया है। उन्होंने वादा किया कि अगर उनकी पार्टी को सत्ता मिलती है तो वह सामाजिक न्याय पर आधारित सरकार देंगे।

उन्होंने कहा, “क्या आपको विक्रवंडी रैली में मेरा राजनीतिक बम याद है, जब मैंने सत्ता साझा करने की बात कही थी? अब वह सभी गठबंधनों में असर दिखा रहा है। मुख्यमंत्री स्टालिन कह रहे हैं कि सत्ता साझेदारी तमिलनाडु के लिए ठीक नहीं है। डीएमके के लिए गठबंधन सिर्फ चुनाव जीतने तक है, लेकिन शासन के मामले में वे अकेले रहना चाहते हैं।”

Vijay: विजय थलपति को रास नहीं आ रही राजनीति, फिर रैली में हुई एक शख्स की मौत



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Thursday, February 12, 2026

Lumax Auto Technologies Q3 Results: मुनाफा 83% बढ़कर ₹82.5 करोड़ पर पहुंचा, रेवेन्यू 40.3% बढ़ी

Lumax Auto Technologies Q3 Results: ल्यूमैक्स ऑटो टेक्नोलॉजीज़ लिमिटेड (Lumax Auto Technologies) ने दिसंबर तिमाही के नतीजे जारी किए है। कंपनी के मुनाफे और रेवेन्यू में सालाना आधार पर शानदार बढ़त देखने को मिली। दिसंबर तिमाही में नेट प्रॉफ़िट 83.3% बढ़कर ₹82.5 करोड़ पर पहुंचा जबकि पिछले साल इसी समय यह ₹45 करोड़ पर था। ऑपरेशन से रेवेन्यू 40.3% बढ़कर ₹1,270.6 करोड़ हो गया, जो एक साल पहले ₹905.6 करोड़ पर था, जो सभी सेगमेंट में बिज़नेस की अच्छी रफ़्तार को दिखाता है।

ऑपरेटिंग परफ़ॉर्मेंस भी सुधरा

कंपनी के ऑपरेटिंग परफ़ॉर्मेंस में भी काफ़ी सुधार हुआ। EBITDA साल-दर-साल आधार पर 49.2% बढ़कर ₹118 करोड़ से ₹176 करोड़ हो गया, जबकि EBITDA मार्जिन पिछले साल की इसी तिमाही के 13% से बढ़कर 13.8% हो गया, जो बेहतर कॉस्ट एब्ज़ॉर्प्शन और ऑपरेटिंग लेवरेज दिखाता है।

कमाई की घोषणा के बाद, NSE पर ल्यूमैक्स ऑटो टेक्नोलॉजीज के शेयर ₹22 या 1.54% बढ़कर ₹1,754 पर बंद हुए।

इसके अलावा, कंपनी ने ICICI बैंक द्वारा दी जाने वाली ₹30 करोड़ की कुल क्रेडिट सुविधा के तहत अपने चैनल पार्टनर्स द्वारा ली जा रही लिमिट के 20% तक की फर्स्ट लॉस डेफिशिएंसी गारंटी देने के प्रस्ताव को मंजूरी दी। इस कदम का मकसद अपने पार्टनर्स के लिए चैनल फाइनेंसिंग को आसान बनाना है।

कंपनी का बिजनेस

ल्यूमैक्स ऑटो टेक्नोलॉजीज एक बड़ी ऑटोमोटिव कंपोनेंट बनाने वाली कंपनी है, जो पैसेंजर गाड़ियों, टू-व्हीलर्स और कमर्शियल गाड़ियों के ओरिजिनल इक्विपमेंट बनाने वालों को लाइटिंग सिस्टम, इलेक्ट्रॉनिक और एमिशन सिस्टम, और दूसरे इंटीग्रेटेड मॉड्यूल सप्लाई करती है।

Stock Market Highlight: IT शेयरों में गिरावट ने बिगाड़ा बाजार का मूड, सेंसेक्स 559 अंक टूटा, निफ्टी 25,807 पर हुआ बंद



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