Saturday, February 28, 2026

The Kerala Story 2 Review: रोंगटे खड़े कर देगी सच्ची घटना पर आधारित ये कहानी....

The Kerala Story 2 Review: ‘द केरल स्टोरी 2 गोज बियॉन्ड’ एक ऐसी फिल्म है, जो खोजबीन करने के बजाय तर्क पेश करती है। यह अपनी कहानी को ज़ोरदार और स्पष्ट रूप से अपनी बात कहती है। दर्शकों की राय बंटी हुई होगी, इस बात पर निर्भर करते हुए कि वे इसे चेतावनी मानते हैं या एकतरफा दावा।

कामाख्या नारायण सिंह द्वारा निर्देशित फिल्म 'द केरल स्टोरी 2: गोज बियॉन्ड' 28 फरवरी को सिनेमाघरों में रिलीज हुई और इसमें उल्का गुप्ता, ऐश्वर्या ओझा, अदिति भाटिया, सुमित गहलावत, अर्जन सिंह औजला और युक्तम खोसला ने अभिनय किया है।

‘द केरल स्टोरी 2: गोज बियॉन्ड’ की कहानी रिश्तों में धोखे और जबरन धर्म परिवर्तन के इर्द-गिर्द बुनी गई है। यह खुद को वास्तविक घटनाओं पर आधारित फिल्म बताती है और अपने रुख को नरम करने का कोई प्रयास नहीं करती। शुरुआत से ही यह स्पष्ट है कि फिल्म एक सशक्त संदेश देना चाहती है।

इसका उद्देश्य हल्के-फुल्के ढंग से मनोरंजन करना नहीं है। इसके बजाय, यह अपने तीन लीड रोल के द्वारा झेले गए भय, विश्वासघात और भावनात्मक आघात पर केंद्रित है। फिल्म का लहजा शुरू से अंत तक गंभीर है और कहानी कहने का तरीका दर्शकों को सुकून देने के बजाय विचलित करने के लिए बनाया गया है। लेकिन फिर भी यह एक ऐसी फिल्म है जो शोरगुल भरी और बोझिल है, कमजोर लेखन और अपने तर्क के अनुरूप गढ़ी गई कहानी के कारण बोझिल हो जाती है।

यह फिल्म तीन युवतियों, सुरेखा (उल्का गुप्ता), दिव्या (अदिति भाटिया) और नेहा (ऐश्वर्या ओझा) की कहानी है, जिनके जीवन में तब बदलाव आता है जब वे ऐसे रिश्तों में बंध जाती हैं जो फिल्म के अनुसार धोखे और छिपे इरादों पर आधारित होते हैं। तीनों अलग-अलग पृष्ठभूमि और शहर से आती हैं। कोच्चि की सुरेखा को महत्वाकांक्षी और भरोसेमंद दिखाया गया है।

जोधपुर की दिव्या को भावनात्मक रूप से कमजोर दिखाया गया है। ग्वालियर की नेहा भाला फेंक में माहिर बनने की ख्वाहिश रखती है और उसके सपने अपने शहर से कहीं आगे तक फैले हुए हैं। जैसे-जैसे कहानी आगे बढ़ती है, फिल्म दिखाती है कि कैसे उन्हें बहकाया जाता है, उनके परिवारों से अलग किया जाता है और धर्म परिवर्तन के लिए मजबूर किया जाता है। हालात तेजी से बिगड़ते जाते हैं।

फिल्म की कमजोरी कहानी कहने के तरीके में है। यह लोगों के व्यवहार के कारणों को समझने के लिए शायद ही कभी रुकती है। फिल्म में पुरुषों को ज्यादातर एक ही रंग में दिखाया गया है, जिनमें गहराई का अभाव है। महिलाओं को अक्सर पहले पीड़ित और फिर एक स्वतंत्र व्यक्ति के रूप में चित्रित किया गया है। इसी वजह से, कई सीन किसी बात को साबित करने के लिए रचे गए प्रतीत होते हैं, न कि वास्तविक लोगों के बारे में कुछ बताने के लिए।

कहानी कहने का तरीका मुखर और सीधा है। इसमें संदेह, जटिलता या विरोधाभास के लिए बहुत कम गुंजाइश है। जो दर्शक इसके संदेश से सहमत हैं, उन्हें यह मुखर लग सकता है। जो दर्शक असहमत हैं, उन्हें यह अतिरंजित और अनुचित लग सकता है।

‘द केरल स्टोरी 2: गोज बियॉन्ड’ एक ऐसी फिल्म है जो दर्शकों को ज्यादा बांध नहीं पाती है। यह स्पष्ट रूप से एक विशेष नजरिए का समर्थन करती है और हर सीन को उसी के अनुरूप ढालती है। कुछ लोग इसे चेतावनी के रूप में देखेंगे, जबकि अन्य इसे एकतरफा और हानिकारक मानेंगे। सिनेमा के लिहाज से, यह एक ऐसी कहानी है जो बताने के बजाय मैसेज देने पर अधिक केंद्रित प्रतीत होती है। यह फिल्म दर्शकों को कितनी पसंद आती है, यह पूरी तरह से इस बात पर निर्भर करता है कि आप फिल्म से क्या अपेक्षा रखते हैं।



from HindiMoneycontrol Top Headlines https://ift.tt/p45Z3Ev
via

Friday, February 27, 2026

Rising Bharat Summit: 'हम 5 साल नहीं, शताब्दियों के हिसाब से चलते हैं' RSS नेता सुनील आंबेकर संघ का आगे का प्लान

नई दिल्ली में आयोजित News18 Rising Bharat Summit 2026 में इस बार चर्चा का फोकस था- “स्ट्रेंथ विदइन”, यानी भारत की अंदरूनी ताकत। मंच पर देश की बदलती सोच, युवाओं की भूमिका और संगठनों के योगदान पर खुलकर बातचीत हुई। इसी दौरान राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (RSS) के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख सुनील आंबेकर ने युवाओं और संघ के रिश्ते पर विस्तार से अपनी बात रखी।

उन्होंने कहा कि आज का नौजवान सपने देखने वाला है, आगे बढ़ना चाहता है और कुछ बड़ा करना चाहता है। उनके मुताबिक संघ ऐसे युवाओं को एक तरह का “सोशल इंफ्रास्ट्रक्चर” देता है, जहां वे जुड़कर काम कर सकें।

उन्होंने सवालों का जवाब देते हुए आंबेडकर ने कहा कि “भारत माता की जय” जैसे नारे किसी पर थोपे नहीं जाते। उनका कहना था कि यह भावना खुद युवाओं के भीतर से आती है। अगर ऐसा जबरदस्ती होता, तो संगठन इतना लंबा सफर तय नहीं कर पाता।

उन्होंने यह भी कहा कि आज देश के अलग-अलग हिस्सों से लोग संघ से इसलिए जुड़ रहे हैं, क्योंकि वे अपने भविष्य को देश की तरक्की से जोड़कर देखते हैं। उनके मुताबिक, वंदे मातरम या भारत माता की जय जैसे नारे आज के युवाओं के लिए गर्व का विषय हैं, विवाद का नहीं।

इस समिट में कई बड़ी हस्तियों की मौजूदगी ने आयोजन को और खास बना दिया। पूरा कार्यक्रम इस बात पर केंद्रित रहा कि भारत किस तरह अपनी आंतरिक शक्ति और आत्मविश्वास के दम पर आगे बढ़ रहा है।

कुल मिलाकर, यह मंच देश के भविष्य की दिशा पर मंथन का बड़ा मौका बनकर सामने आया, जहां नए भारत की सोच और उसके विजन पर खुलकर चर्चा हुई।

Ashwini Vaishnaw: 'डीपफेक' के लिए सहमति जरूरी, कंटेंट क्रिएटर्स को मिले कमाई का उचित हिस्सा; IT मंत्री अश्विनी वैष्णव का बड़ा बयान



from HindiMoneycontrol Top Headlines https://ift.tt/vW0gTN4
via

Market outlook : लाल निशान में बंद हुए सेंसेक्स-निफ्टी, जानिए 2 मार्च को कैसी रह सकती है बाजार की चाल

Stock Market : 27 फरवरी को निफ्टी के 25,200 से नीचे रहने के साथ भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स लाल निशान में बंद हुए। कारोबारी सत्र के अंत में सेंसेक्स 961.42 अंक या 1.17 प्रतिशत गिरकर 81,287.19 पर और निफ्टी 317.90 अंक या 1.25 प्रतिशत गिरकर 25,178.65 पर बंद हुआ। आद लगभग 1615 शेयर बढ़े, 2392 शेयर गिरे और 173 शेयर बिना किसी बदलाव के बंद हुए। निफ्टी मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स 1 फीसदी नीचे बंद हुए।

डॉ रेड्डीज लैब्स, भारती एयरटेल, M&M, HDFC लाइफ, सन फार्मा निफ्टी पर सबसे ज़्यादा गिरने वाले शेयरों में से थे,जबकि ट्रेंट, HCL टेक, इंफोसिस, अपोलो हॉस्पिटल्स को फ़ायदा हुआ। सेक्टर्स में, ऑटो, बैंक, FMCG, मेटल, रियल्टी, टेलीकॉम में 1-2% की गिरावट आई,जबकि IT, मीडिया, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स हरे निशान पर बंद हुए।

निफ्टी व्यू

थिनक्रेडब्लू सिक्योरिटीज (Thincredblu Securities) के संस्थापक गौरव उदानी का कहना है कि निफ्टी में बिकवाली देखने को मिली। ये 316 अंक गिरकर 25,180 पर बंद हुआ। इंडेक्स ने डिसेंडिंग ट्रायंगल पैटर्न से ब्रेकडाउन कन्फर्म किया और अहम सपोर्ट लेवल से नीचे सेटल हुआ। ये शॉर्ट-टर्म स्ट्रक्चर में साफ बदलाव का इशारा है।

25,100 ज़ोन अब बहुत अहम हो गया है। इस लेवल से नीचे मूव करने से 24,800 मार्क की ओर गिरावट की रफ़्तार बढ़ सकती है। ऊपर की तरफ़, 25,350–25,400 रेंज जो पहले सपोर्ट का काम करती थी,अब रेजिस्टेंस का काम कर सकती है।

ब्रेकडाउन से पता चलता है कि सेलर्स ने फिर से कंट्रोल हासिल कर लिया है और रैली को ऊपरी लेवल पर सप्लाई का सामना करना पड़ सकता है। रियल्टी और ऑटो स्टॉक्स सबसे बड़े लूज़र्स में से रहे। ये बड़े लेवल पर दबाव का संकेत है।

अभी के सेटअप में, ट्रेडर्स को मौजूदा लॉन्ग पोजीशन पर सख्त स्टॉप-लॉस बनाए रखना चाहिए और जब तक इंडेक्स अपने टूटे हुए सपोर्ट लेवल को वापस नहीं ले लेता,तब तक सेल-ऑन-राइज़ अप्रोच अपनाना चाहिए । ऐसे करेक्टिव फेज में रिस्क मैनेजमेंट सबसे ज़रूरी हो जाता है।

स्वास्तिका इन्वेस्टमार्ट के सीनियर टेक्निकल एनालिस्ट प्रवेश गौर का कहना है कि कमजोर ग्लोबल संकेतों और सभी सेक्टर्स में सावधानी के माहौल के बीच आज मार्केट नीचे ट्रेड करते दिखे। आगे इन्वेस्टर्स की नजर ग्लोबल बॉन्ड यील्ड,क्रूड ऑयल ट्रेंड्स और करेंसी मूवमेंट,खासकर डॉलर के मुकाबले रुपये की चाल पर रहेगी। डोमेस्टिक इंस्टीट्यूशनल फ्लो,आने वाले मैक्रोइकोनॉमिक डेटा और सेक्टर स्पेसिफिक डेवलपमेंट्स शॉर्ट टर्म में बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे। ग्लोबल सेंट्रल बैंक पॉलिसी के रुख पर कोई भी क्लैरिटी (खासकर US फेडरल रिजर्व से) आगे के संकेत दे सकती है। मजबूत पॉजिटिव ट्रिगर्स की गैर-मौजूदगी में मार्केट रेंज बाउंड रह सकते हैं,जिसमें स्टॉक स्पेसिफिक मौके मिल सकते हैं।

बैंक निफ्टी व्यू

एनरिच मनी के CEO पोनमुडी आर का कहना है कि बैंक निफ्टी के लिए तत्काल सपोर्ट 60,900-60,600 ज़ोन में है,जबकि रेजिस्टेंस 61,400-61,500 बैंड में बना हुआ है। उन्होंने आगे कहा कि जब तक ये अहम सपोर्ट बने रहते हैं, कुल मिला कर बाजार का रुख अच्छा रहेगा।

ICICIDirect का कहना है कि बैंक निफ्टी बेंचमार्क इंडेक्स के मुकाबले रिलेटिव मज़बूती दिखा रहा है और निफ्टी के मुकाबले अपने रिकॉर्ड हाई के ज़्यादा करीब है। हालांकि, ब्रोकरेज ने यह भी कहा कि 61,800 के ऊपर की एक टिकाऊ क्लोजिंग हासिल करने में फेल होने का नतीजा ऊपरी लेवल के पास कंसोलिडेशन हो सकता है।

 

इंडिगो के शेयर में आज करीब 2.5% की गिरावट, DGCA के इस फैसले से लगा झटका

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।



from HindiMoneycontrol Top Headlines https://ift.tt/SGbPQT2
via

Tere Naam Re-Release: सीटियों और तालियों का साथ थिएटर में लौटे राधे भईया, फिल्म ‘तेरे नाम’ को मिला फैंस का प्यार

23 साल बाद सलमान खान का आइकॉनिक किरदार राधे एक बार फिर सिनेमागारों में लौट आया है। 27 फरवरी 2026 को री-रिलीज हुई 'तेरे नाम' ने फैंस में पुरानी यादें ताजा कर दीं। सीटी, तालियां और आंसुओं का मेला देखने को मिला, जब भूपिका चावला के साथ सलमान का ये ट्रेजिक लव स्टोरी थिएटर्स में छा गई।

2003 में रिलीज हुई सतीश कौशिक निर्देशित ये फिल्म उस समय बॉक्स ऑफिस पर एवरेज रही, लेकिन आज कल्ट स्टेटस हासिल कर चुकी है। राधे का रूहानी प्यार, हेयरस्टाइल, हिमेश रेशमिया के सुपरहिट गाने जैसे 'तेरे नाम' और 'चांदी की डोरी' ने इसे अमर बना दिया। PVR-INOX जैसे मल्टीप्लेक्स चेन्स ने वैलेंटाइन वीक के खास मौके पर री-रिलीज का ऐलान किया। फैंस ने सोशल मीडिया पर लिखा, 'राधे भैया सुप्रीमेसी! दो दशक बाद प्यार का असली दर्द महसूस करो।'

री-रिलीज के पहले दिन ही थिएटर्स में सलमानिया का जलवा देखने लायक था। हैदराबाद, पुणे और मुंबई के सिनेमाघरों में 'चक दे फट्टे' और 'ओ ओ जाने जाना' पर भारीभरकम व्हिसलिंग हुई। एक फैन ने शेयर किया, 'स्क्रीन पर राधे को देख आंखों में आंसू आ गए। ये फिल्म जिंदगी का सबक है।' युवा दर्शक, जो टीवी पर ही फिल्म देख चुके थे, बड़े पर्दे का मजा लेने पहुंचे। फिल्म का बजट 12 करोड़ था, जो 24.5 करोड़ कमा चुकी। अब री-रिलीज से नई कमाई की उम्मीद है।

सलमान ने कभी 'तेरे नाम 2' का इशारा दिया था, लेकिन सतीश कौशिक के निधन के बाद प्रोजेक्ट रुका। इस री-रिलीज ने फैंस को सीक्वल की आस जगा दी। देवदास और युवा जैसी क्लासिक्स के बाद ये ट्रेंड जारी है। निर्देशक की याद में ये वापसी खास है।

फैन्स के लिए यह फिल्म सिर्फ एक कहानी नहीं, बल्कि उनके युवावस्था की यादों का हिस्सा है। कई लोगों ने कहा कि *तेरे नाम* को दोबारा देखना उनके लिए भावनात्मक सफर जैसा था। वहीं, युवा दर्शकों के लिए यह फिल्म पहली बार बड़े पर्दे पर देखने का मौका बनी।



from HindiMoneycontrol Top Headlines https://ift.tt/suSKQEN
via

Earthquake: बांग्लादेश में आया 5.5 तीव्रता का भूकंप, कोलकाता और आसपास के जिलों में भी महसूस किए गए झटके

शुक्रवार दोपहर को पड़ोसी देश बांग्लादेश के कुछ हिस्सों में रिक्टर स्केल पर 5.5 तीव्रता का भूकंप आने के बाद कोलकाता और पश्चिम बंगाल के आसपास के जिलों में भी झटके महसूस किए गए। भूकंप से लोगों में दहशत फैल गई और वह इमारतों से बाहर निकलकर खुले स्थानों पर जमा हो गए।

समाचार एजेंसी PTI के अनुसार, भूकंप दोपहर लगभग 1.22 बजे दर्ज किया गया। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के एक अधिकारी ने इसकी पुष्टि की।

यह भूकंप बांग्लादेश के नयाबाजार के पास आया, जो कोलकाता से लगभग 100 किलोमीटर दूर स्थित है, और इसका केंद्र पृथ्वी की सतह से 10 किलोमीटर नीचे था।

भूकंप के झटके लगभग 10 सेकंड तक महसूस किए गए, जो शहर और आसपास के जिलों के लोगों के लिए डर पैदा करने के लिए काफी थे।

सोशल मीडिया पर शेयर किए गए एक वीडियो में, केंद्रीय मंत्री सुकांत मजूमदार भूकंप आने पर अपना भाषण रोकते हुए दिखाई दिए।

कई लोगों ने X (पूर्व में ट्विटर) पर बताया कि छत के पंखे झूल रहे थे, फर्नीचर हिल रहे थे और खिड़कियां वाइब्रेट कर रही थीं। जिसका प्रभाव खासकर कई मंजिला इमारतों में ज्यादा महसूस किया गया।

भूकंप के झटकों के तुरंत बाद लोगों को सड़कों पर इकट्ठा होते हुए दिखाने वाले कई वीडियो ऑनलाइन प्रसारित हुए।

अन्य वीडियो में घरों और दफ्तरों के अंदर लटकते हुए सामान और लाइट फिक्स्चर हिलते हुए दिखाई दिए, जो शहर के कुछ हिस्सों में महसूस किए गए भूकंप की तीव्रता को दर्शाते हैं।

एक अन्य वीडियो में भूकंप के झटकों के कारण घर के अंदर रखा हुआ एक्वेरियम हिलता हुआ दिखाई दिया।

पश्चिम बंगाल राज्य सचिवालय नबन्ना, विधानसभा भवन और मुख्य निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय सहित कई प्रमुख सरकारी कार्यालयों में कुछ समय के लिए दहशत का माहौल छा गया, जहां कर्मचारी डर के मारे सड़कों पर निकल आए और कुछ समय तक बाहर ही रहे।

शहर के प्रमुख आईटी हब सॉल्ट लेक में भी ऐसा ही नजारा देखने को मिला, जहां भूकंप के झटकों के बाद कर्मचारियों ने ऑफिस खाली कर दिए। कोलकाता में भी कई ऊंची इमारतों में रहने वाले लोग नीचे भागे, क्योंकि झटके अधिकतर उच्च-इमारतों में महसूस किए गए।

अधिकारियों ने बताया कि भूकंप के बाद जानमाल के नुकसान की तत्काल कोई खबर नहीं है। फिलहाल, स्थिति पर कड़ी नजर रखी जा रही है।

इस भूकंप ने पूर्वी हिमालय क्षेत्र में हाल ही में हुई भूकंपीय गतिविधियों को लेकर बढ़ती चिंताओं को और बढ़ा दिया है।

सिक्किम में डर का माहौल

पड़ोसी राज्य सिक्किम में इस महीने कई बार भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं, जिससे वहां के लोगों में पहले ही डर और चिंता पैदा हो गई है।

शुक्रवार की सुबह, सिक्किम में सुबह करीब 4.10 बजे रिक्टर स्केल पर 3.7 तीव्रता का भूकंप आया। नेशनल सेंटर फॉर सिस्मोलॉजी के अनुसार, यह झटका जमीन की सतह से केवल 5 किलोमीटर गहराई में आया और इसका केंद्र 27.40 N और देशांतर 88.69 E के पास था।

यह भी पढ़ें: Chandigarh Schools Bomb Threat: चंडीगढ़ के कई स्कूलों को मिली बम से उड़ाने की धमकी, जांच में जुटी पुलिस और बम स्क्वॉड टीम



from HindiMoneycontrol Top Headlines https://ift.tt/ZuNVxaT
via

Thursday, February 26, 2026

न चीख न पुकार... दिल्ली में दरिंदे पति ने गर्भवती पत्नी समेत तीन मासूम बेटियों का गला रेता! सांस की नली तक कट गई

दिल्ली के बाहरी इलाके समयपुर बादली से एक ऐसी रूह कंपा देने वाली वारदात सामने आई है, जिसने इंसानियत को शर्मसार कर दिया है। एक कलयुगी पति और बाप ने अपनी ही गर्भवती पत्नी और तीन नन्ही बेटियों की गला रेतकर बेरहमी से हत्या कर दी। इस खौफनाक मंजर को देखकर तफ्तीश करने वाले पुलिस अधिकारियों के भी रोंगटे खड़े हो गए।

यह खौफनाक मंजर मंगलवार रात का है। आजादपुर मंडी में सब्जी बेचने वाला मुंचुन केवट, अपनी दो महीने की गर्भवती पत्नी अनीता (30) और तीन बेटियों (उम्र 3 से 5 साल के बीच) के साथ चंदन पार्क इलाके में रहता था।

पड़ोसियों के मुताबिक, रात करीब 9 बजे मुंचुन और उसकी पत्नी के बीच किसी बात को लेकर तीखी बहस हुई थी।

पुलिस को आशंका है कि आरोपी ने अपनी पत्नी और बच्चों को मारने से पहले खाने में कोई नशीली चीज मिलाई थी। कमरे में संघर्ष का कोई निशान नहीं मिला, जिससे लगता है कि चारों की हत्या तब की गई जब वे गहरी नींद में थे।

क्रूरता की सारी हदें पार

पुलिस जब कमरे में दाखिल हुई तो वहां का नजारा बेहद डरावना था। आरोपी ने किसी धारदार हथियार से चारों का गला इतनी गहराई से रेता था कि उनकी सांस की नली तक कट गई थी।

पुलिस को मौके से खीर और लड्डू के बचे हुए अंश मिले हैं। फॉरेंसिक टीम इसकी जांच कर रही है कि क्या इनमें जहर या नींद की दवा मिलाई गई थी।

10 साल के बच्चे ने देखा खौफनाक मंजर

इस कत्लेआम का पता तब चला जब मुंचुन का भाई परेशान होकर अपने 10 साल के बेटे को उसके घर भेजने लगा। मुंचुन का फोन बंद था और वह सुबह मंडी भी नहीं पहुंचा था।

जब बच्चा कमरे में दाखिल हुआ, तो उसने बिस्तर पर अपनी चाची और बहनों की खून से लथपथ लाशें देखीं। वह रोता हुआ बाहर भागा, जिसे सुनकर पड़ोसी इकट्ठा हो गए।

कातिल पिता अब भी फरार

वारदात को अंजाम देने के बाद मुंचुन केवट फरार है। CCTV फुटेज में उसे रात के समय गली में पैदल जाते हुए देखा गया है। दिल्ली पुलिस की टीमें आरोपी की तलाश में उसके पैतृक राज्य बिहार और दिल्ली के दूसरे इलाकों में छापेमारी कर रही हैं।

पुलिस मुंचुन के पुराने रिकॉर्ड भी खंगाल रही है, क्योंकि वह पहले चेन्नई में काम करता था।

पड़ोसियों को भनक तक नहीं लगी

हैरानी की बात यह है कि उसी फ्लोर पर दो और परिवार रहते थे, लेकिन किसी को भी चीखने-चिल्लाने या किसी असामान्य हलचल की आवाज सुनाई नहीं दी। इससे पुलिस का शक और गहरा गया है कि हत्या से पहले पीड़ितों को बेहोश किया गया था।

समयपुर बादली थाने में हत्या (BNS की धारा 103) का मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस का कहना है कि आरोपी की गिरफ्तारी के बाद ही इस सामूहिक हत्याकांड की असली वजह सामने आ पाएगी।

Lucknow Murder: शराब के ठेके का लाइसेंस और ₹50 लाख की चोरी, अक्षत को लग गई थी अय्याशी की लत, इस वजह से ली बाप की जान!

 



from HindiMoneycontrol Top Headlines https://ift.tt/SUyLQkZ
via

Wednesday, February 25, 2026

Assam Gangrape: महिला को कार से बाहर खींचा, मंगेतर के सामने किया गैंगरेप, आरोपियों ने दंपति से 10,000 रुपए भी लूटे

असम के सिलचर से एक बेहद गंभीर और झकझोर देने वाली घटना सामने आई है। 28 साल की एक महिला ने आरोप लगाया है कि कुछ युवकों ने उसके मंगेतर के सामने ही उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया। यह घटना 19 फरवरी की रात की बताई जा रही है। पीड़िता अपने मंगेतर के साथ कार से सिलचर बायपास रोड पर जा रही थी। रास्ते में रामनगर बायपास के पास, चेंगकूरी रोड इलाके में कार रोकी गई, क्योंकि उसका मंगेतर थोड़ी देर के लिए गाड़ी से बाहर निकला था।

पीड़िता के मुताबिक, इसी दौरान दूसरी गाड़ी में कुछ युवक वहां पहुंचे। उन्होंने उनकी कार का रास्ता रोक लिया। आरोप है कि युवकों ने उसके मंगेतर को कुछ दूरी पर ले जाकर पकड़कर रखा और फिर बारी-बारी से उसके साथ दुष्कर्म किया।

महिला ने कहा कि उस समय आसपास कोई नहीं था, जो उनकी मदद कर सके।

पुलिस में मामला दर्ज

शिकायत के आधार पर सिलचर सदर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की कई धाराओं के तहत केस दर्ज किया है। इनमें गैंगरेप, आपराधिक साजिश, धमकी, महिला पर हमला और डकैती से जुड़ी धाराएं शामिल हैं।

कछार जिले के पुलिस अधीक्षक पार्थ प्रतिम दास ने बताया कि एक आरोपी को हिरासत में ले लिया गया है और बाकी आरोपियों की तलाश जारी है।

उन्होंने कहा कि पीड़िता का मेडिकल परीक्षण करा लिया गया है और रिपोर्ट का इंतजार है। जांच कई पहलुओं से आगे बढ़ रही है।

लूटपाट का भी आरोप

महिला ने यह भी आरोप लगाया है कि आरोपियों ने उनसे 10 हजार रुपये भी जबरन वसूले। पुलिस इस एंगल की भी जांच कर रही है।

फिलहाल एक आरोपी गिरफ्तार है, जबकि बाकी की तलाश में पुलिस दबिश दे रही है। घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल है।



from HindiMoneycontrol Top Headlines https://ift.tt/H2P4z0T
via