Tuesday, February 3, 2026

India-US Trade Deal Highlights: ''ट्रेड डील के तहत कृषि और डेयरी सेक्टर सुरक्षित'; भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर पीयूष गोयल बोले- 'किसानों को कोई नुकसान नहीं होगा'

India-US Trade Deal Highlights:  वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने मंगलवार (3 फरवरी) शाम को दिल्ली स्थित 'वाणिज्य भवन' में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर पहली बार बयान दिया। इस दौरान गोयल ने विपक्ष पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि इस डील से किसानों को कोई नुकसान नहीं होगा। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार (2 फरवरी) को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ फोन पर हुई बातचीत के बाद कहा था कि भारत और अमेरिका एक व्यापार समझौते पर सहमत हुए हैं। इसके तहत वाशिंगटन भारतीय सामानों पर रेसिप्रोक्ल टैरिफ को मौजूदा 25 प्रतिशत से घटाकर 18 फीसदी पर लाएगा।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि उन्हें इस बात की खुशी है कि 'मेड इन इंडिया' उत्पादों पर अब 18 प्रतिशत का कम टैरिफ लगेगा। वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने मंगलवार को कहा कि भारत-अमेरिका व्यापार समझौता घरेलू किसानों, MSMEs, उद्यमियों और कुशल कामगारों के लिए बड़े अवसर खोलेगा। यह 'मेक इन इंडिया' पहल को बढ़ावा देगा।

उन्होंने आगे कहा कि यह विकास साझा समृद्धि के लिए मिलकर काम करने के लिए दो समान विचारधारा वाले, निष्पक्ष व्यापार करने वाले लोकतंत्रों की शक्ति को दर्शाता है। गोयल ने कहा कि भारत और अमेरिका दोनों स्वाभाविक सहयोगी हैं और हमारी साझेदारी प्रौद्योगिकियों का सह-निर्माण करेगी, समाधान विकसित करेगी और शांति, विकास तथा दोनों देशों के उज्जवल भविष्य के लिए मिलकर काम करेगी।

वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने भी इसे ऐतिहासिक व्यापार समझौता बताते हुए कहा कि यह दो स्वाभाविक लोकतांत्रिक भागीदारों के लिए साझा समृद्धि, इनोवेशन और विकास के रास्ते खोलेगा। उन्होंने इसके लिए भारत और अमेरिका के लोगों को बधाई दी। यह घोषणा इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि कपड़ा, परिधान, चमड़ा और समुद्री उत्पाद जैसे कई क्षेत्र अमेरिका को सामान निर्यात करने में चुनौतियों का सामना कर रहे थे। उन्हें वहां 50 प्रतिशत टैरिफ का सामना करना पड़ रहा था।

भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर पीयूष गोयल की बड़ी बातें:-

  • वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि हम सब जानते हैं कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रपति ट्रंप के साथ अपने दोस्ताना रिश्तों और करीबी संबंधों का फायदा उठाते हुए अमेरिका के साथ एक ट्रेड डील फ़ाइनल की है। उन्होंने कहा कि यह हमारे सभी पड़ोसियों, आस-पास के सभी देशों और हमसे मुकाबला करने वाले सभी देशों की तुलना में भारत को सबसे अच्छी डील मिली है। यह हम सभी के लिए एक शानदार डील है।
  • वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि हम सब जानते हैं कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रपति ट्रंप के साथ अपने दोस्ताना रिश्तों और करीबी संबंधों का फायदा उठाते हुए अमेरिका के साथ एक ट्रेड डील फाइनल की है। उन्होंने कहा कि यह हमारे सभी पड़ोसियों, आस-पास के सभी देशों और हमसे मुकाबला करने वाले सभी देशों की तुलना में भारत को सबसे अच्छी डील मिली है। यह हम सभी के लिए एक शानदार डील है।
  • वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने मुझे खुशी है कि पूरा देश इसे समझता है और इसकी सराहना करता है। यह उनके साथ गहराई से जुड़ा हुआ है। भारत की अर्थव्यवस्था के संवेदनशील कारक, विशेष रूप से कृषि और डेयरी, सुरक्षित रखे गए हैं। उन्होंने कहा कि हमने पूरे देश से रिपोर्ट देखी हैं। व्यापक उत्साह है।
  • केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि पीएम मोदी ने हमेशा कृषि और डेयरी दोनों क्षेत्रों का समर्थन किया है। उनके हितों की रक्षा की है। इस क्षेत्र के लोगों के लिए एक उज्ज्वल भविष्य और भरपूर अवसर सुनिश्चित करने के लिए अथक प्रयास किया है। उन्होंने कहा कि भारत ने अमेरिका के साथ व्यापार समझौते में कृषि और डेयरी के संवेदनशील क्षेत्रों के हितों की रक्षा की है।
  • भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि मैं समझौते के बारे में संसद में बोलना चाहता था। लेकिन राहुल गांधी के नेतृत्व वाली कांग्रेस द्वारा माहौल खराब किए जाने के कारण ऐसा नहीं कर सका।
  • भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि यह व्यापार समझौता गरीबों, मछुआरों, किसानों और युवाओं के लिए बड़े अवसर खोलेगा। इस दौरान उन्होंने कहा कि किसानों की हितों से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
  • भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा, "...आज देश भर में हर भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को धन्यवाद दे रहा है कि उन्होंने यूनाइटेड स्टेट्स ऑफ अमेरिका के साथ एक बहुत अच्छा व्यापार समझौता किया है, जिसका देशवासी कई महीनों से इंतजार कर रहे थे। राष्ट्रीय हित और जनहित को सबसे आगे रखते हुए, एक ऐसा व्यापार समझौता जो एक मजबूत भारत के भविष्य को बेहतर बनाएगा, उसे कल रात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में अंतिम रूप दिया गया।"
  • भारत-US ट्रेड डील पर वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने मंगलवार (3 फरवरी) को कहा कि भारत को सबसे बढ़िया डील मिली है। उन्होंने कहा कि देशवासियों को इस डील का इंतजार था।
  • वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने मंगलवार (3 फरवरी) शाम को दिल्ली स्थित 'वाणिज्य भवन' में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर डिटेल्स जानकारी दी। उन्होंने कहा कि देश आज मोदी जी का साधुवाद कर रहा है। उन्होंने कहा कि अमेरिका के साथ बहुत ही अच्छी डील हुई है।


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Monday, February 2, 2026

Peddi: ‘पेड्डी’ के निर्माता वेंकट सतीश किलारू- निर्देशक बुच्ची बाबू सना ने राम चरण को दी बधाई, शेयर की फोटो

Peddi: राम चरण की आगामी फिल्म पेड्डी को लेकर जहां दर्शकों में जबरदस्त उत्साह है, वहीं इसी बीच अभिनेता के जीवन से जुड़ी एक बेहद खुशखबरी सामने आई है। मेगा पावर स्टार राम चरण और उनकी पत्नी उपासना कामिनेनी कोनिडेला जुड़वां बच्चों के माता-पिता बने हैं। इस खुशी की लहर फिल्म पेड्डी की पूरी टीम में भी देखने को मिल रही है।

फिल्म के निर्माता वेंकट सतीश किलारू और निर्देशक बुच्ची बाबू सना ने इस खास मौके पर राम चरण को शुभकामनाएं दीं। सोशल मीडिया पर साझा की गई तस्वीर में दोनों, राम चरण को फूलों का गुलदस्ता भेंट करते नजर आ रहे हैं। इस पोस्ट के साथ कैप्शन में लिखा गया-Peddi के निर्माता वेंकट सतीश किलारू और निर्देशक बुच्ची बाबू सना ने मेगा पावर स्टार राम चरण को जुड़वां बच्चों के आगमन पर हार्दिक बधाई दी। परिवार को ढेर सारी खुशियों और प्यार की शुभकामनाएं।”

गौरतलब है कि पेड्डी राम चरण की बहुप्रतीक्षित फिल्मों में से एक है। फिल्म की घोषणा के बाद से ही दर्शकों में इसे लेकर खासा एक्साइटमेंट बना हुआ है। इसका पहला गाना चिकिरी चिकिरी रिलीज होते ही सुपरहिट हो गया, जिससे फिल्म की लोकप्रियता और बढ़ गई।

बुच्ची बाबू सना के लेखन और निर्देशन में बनी पेड्डी में राम चरण मुख्य भूमिका में नजर आएंगे। उनके साथ फिल्म में शिवराजकुमार, जान्हवी कपूर, दिव्येंदु शर्मा और जगपति बाबू भी अहम भूमिकाओं में दिखाई देंगे। वेंकट सतीश किलारू द्वारा निर्मित यह फिल्म 27 मार्च 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली है।



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Sunday, February 1, 2026

Budget impact on Stock market : STT बढ़ोतरी का नहीं होगा कोई खास असर, आज की गिरावट सिर्फ एक तात्कालिक रिएक्शन

Budget impact on Stock market : बजट में STT पर हुए एलान ने आज बाजार का मूड बिगाड़ दिया। सेंसेक्स, निफ्टी भारी गिरावट के साथ बंद हुए। मिडकैप, स्मॉलकैप शेयरों में बिकवाली रही। IT को छोड़ BSE के सभी सेक्टर इंडेक्स गिरे हैं। कैपिटल मार्केट और डिफेंस में सबसे ज्यादा गिरावट रही। मेटल, PSE और एनर्जी इंडेक्स गिरकर बंद हुए हैं। तेल-गैस, FMCG और ऑटो शेयरों पर भी दबाव रहा। वहीं, निफ्टी IT इंडेक्स करीब 1.5% चढ़कर बंद हुआ। सेंसेक्स 1547 प्वाइंट गिरकर 80,723 पर बंद हुआ। निफ्टी 495 प्वाइंट गिरकर 24,825 पर बंद हुआ। आज सेंसेक्स के 30 में 26 शेयरों में गिरावट रही। निफ्टी के 50 में 43 शेयरों में गिरावट रही। बैंक निफ्टी के सभी 14 शेयरों में गिरावट रही।

बाज़ार में अचानक आई तेज़ गिरावट का सबसे बड़ा कारण सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स (STT) बढ़ाने का प्रस्ताव रहा। STT एक ऐसा टैक्स है जो भारत सरकार भारत में मान्यता प्राप्त स्टॉक एक्सचेंजों पर ट्रेड किए जाने वाले शेयरों की खरीद और बिक्री पर लगाती है। वित्त मंत्री ने फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस (F&O) ट्रांजैक्शन पर STT बढ़ाने का प्रस्ताव रखा है। सीतारमण ने फ्यूचर्स पर STT को 0.02% से बढ़ाकर 0.05% और ऑप्शंस ट्रांजैक्शन पर पहले के 0.01% से बढ़ाकर 0.15% करने का प्रस्ताव रखा है, जो 50% से ज़्यादा की बढ़ोतरी है।

कोटक सिक्योरिटीज का कहना है कि पिछले साल की बढ़ोतरी के बाद, फ्यूचर्स और ऑप्शंस पर STT में भारी बढ़ोतरी से ट्रेडर्स, हेजर्स और आर्बिट्रेजर्स के लिए इम्पैक्ट कॉस्ट बढ़ने की संभावना है। इससे डेरिवेटिव एक्टिविटी कम हो सकती है और वॉल्यूम में कमी आ सकती है। ऐसा लगता है कि इसका मकसद रेवेन्यू बढ़ाने के बजाय वॉल्यूम को कंट्रोल करना है, क्योंकि रेवेन्यू में किसी भी संभावित बढ़ोतरी की भरपाई कम डेरिवेटिव वॉल्यूम से हो सकती है।

रेलिगेयर ब्रोकिंग के रिसर्च के SVP अजीत मिश्रा ने इस बात पर ज़ोर दिया कि बाज़ार इस टैक्स में कुछ राहत या कोई बदलाव न होने की उम्मीद कर रहा था, लेकिन STT में बढ़ोतरी ने सेंटीमेंट को हिट किया है। उन्होंने आगे कहा कि STT में बढ़ोतरी पर मार्केट का नेगेटिव रिएक्शन ज़्यादातर सेंटीमेंट बेस्ड है। यह खासकर डेरिवेटिव सेगमेंट में ज़्यादा ट्रांजैक्शन कॉस्ट से जुड़ा है जो डेली वॉल्यूम में काफी योगदान देता है। STT में बढ़ोतरी से सीधे तौर पर एक्टिव पार्टिसिपेंट्स के ट्रेडिंग प्रॉफिटेबिलिटी में कमी आएगी। इससे लिक्विडिटी और वॉल्यूम ग्रोथ को लेकर चिंता होती है। यही वजह है कि हमें ब्रोकरेज और एक्सचेंज स्टॉक्स पर ज़्यादा दबाव देख देखने को मिला है। शॉर्ट टर्म में, मार्केट एफिशिएंसी में किसी भी रुकावट पर मार्केट तेज़ी से रिएक्ट करते हैं, भले ही फंडामेंटल्स पर लॉन्ग-टर्म असर सीमित रहता है।

STT बढ़ोतरी का नहीं होगा कोई खास असर

एक्सपर्ट्स का कहना है कि STT बढ़ोतरी का कोई खास असर नहीं होगा। उनका कहना है कि सरकार ने कैश-बेस्ड इक्विटी ट्रेड पर ट्रांजैक्शन टैक्स को नहीं बदला है, जिससे पता चलता है कि उसका इरादा इक्विटी डेरिवेटिव्स में ट्रेडिंग कॉस्ट को महंगा करने का है। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि बाजार का यह रिएक्शन जल्दबाजी में हुआ रिएक्शन है, क्योंकि इस बढ़ोतरी से ऑप्शन ट्रेडिंग की कॉस्ट बहुत कम बढ़ेगी। जबकि फ्यूचर्स, जिनका BSE पर वॉल्यूम बहुत कम है, उनमें ट्रेडिंग कॉस्ट दोगुनी हो जाएगी।

जाने-माने जॉबिंग और आर्बिट्राज इक्विटी ब्रोकरों में से एक, क्रॉससीज कैपिटल के MD राजेश बाहेती का कहना है कि इसका ट्रेडिंग वॉल्यूम पर मीडियम असर पड़ेगा, लेकिन मौजूदा मार्केट सेंटीमेंट को देखते हुए यह गलत समय पर उठाया गया कदम है। बाहेती ने आगे कहा, "अगर FM ने कैश-बेस्ड ट्रेड पर STT कम किया होता और डेरिवेटिव्स पर बढ़ाया होता, तो यह अच्छा होता। यह आर्बिट्राज फंड्स के लिए भी निराशाजनक है।"

 

 

Budget impact : बजट 2026 में बायबैक टैक्स में बदलाव के बाद IT इंडेक्स दिन के निचले स्तर से 4% तक बढ़ा, विप्रो और TCS में 3% तक की बढ़ोतरी

 

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Saturday, January 31, 2026

Tanya Mittal: बिग बॉस के बाद 'द 50' में नीलम की एंट्री पर तान्या का तीखा ताना, कहा- ‘मैं वही शो देखती हूं जिसमें वो आती हैं’

बिग बॉस 19 खत्म हुए दो महीने बीत चुके हैं, लेकिन इसके कंटेस्टेंट्स सुर्खियों से गायब ही नहीं हो रहे। तान्या मित्तल और नीलम गिरी के बीच की दोस्ती से दुश्मनी अब नए रियलिटी शो 'द 50' तक पहुंच गई है। पपराजी के सवाल पर तान्या ने नीलम की इस शो में एंट्री पर ऐसा जवाब दिया कि सब दंग रह गए। पपराजी ने तान्या से पूछा, "नीलम गिरी 'द 50' में आ रही हैं, क्या कहेंगी?" मुस्कुराते हुए तान्या ने कहा, "मैं सिर्फ वही शो देखती हूं जिसमें मैं हूं। किसी और को देखने में मजा नहीं आता।" उनका यह बयान इतना कटिंग था कि कैमरे वाले भी चुप्पी साध गए। बिग बॉस के बाद तान्या खुद 'द 50' का हिस्सा हैं, और नीलम की एंट्री से पुरानी कड़वाहट फिर उभर आई।

दोनों की दोस्ती बिग बॉस हाउस में गहरी थी। घर में साथ मिलकर प्लान बनाए, बाहर मिलने का वादा किया। लेकिन शो खत्म होते ही तान्या ने नीलम को सोशल मीडिया पर अनफॉलो कर दिया। नीलम ने पारस छाबड़ा के इंटरव्यू में दर्द बयां किया, "घर से बाहर आकर पता चला तो मैंने भी अनफॉलो कर दिया। उसका नंबर तक नहीं था, संपर्क कैसे करूं?" तान्या को नीलम के घर के बयानों से ठेस पहुंची थी, जिसने रिश्ता तोड़ दिया।

नीलम गिरी ने इंस्टाग्राम पर 'द 50' की घोषणा की। उन्होंने लिखा, "बिग बॉस 19 के बाद नया चैलेंज! 'सीधा जाके लेफ्ट ले और चाय बनना' जैसे मोमेंट्स दोहराने को तैयार हूं। दर्शकों का प्यार ही मेरी ताकत है।" भोजपुरी स्टार नीलम को दर्शक पसंद करते हैं, और यह शो उनके लिए नया मौका है। यह रियलिटी शो टीवी, फिल्म और डिजिटल स्टार्स को 50 प्रतिभागियों के साथ लाएगा। 50 दिनों का सफर, एलिमिनेशन और ट्विस्ट्स से भरा। कंटेस्टेंट्स में करण पटेल, दिव्या अग्रवाल, प्रिंस नरुला, ऊर्वशी ढोलकिया, निक्की तंबोली, फैसल शेख (मिस्टर फैजू), कृष्णा श्रॉफ, शिव थाकरे, रजत दलाल, दिग्विजय राठी और आर्चना गौतम जैसे नाम शामिल। 1 फरवरी से शुरू हो रहा शो फरवरी में धमाल मचाएगा। तान्या-नीलम का यह कॉन्ट्रोवर्सी शो को हाई व्यूअरशिप दिला सकती है। क्या घर में दोनों फिर आमने-सामने होंगी? फैंस बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। पुरानी दोस्ती की दुश्मनी एंटरटेनमेंट का नया मसाला बन चुकी है।

उन्होंने नीलम को सिर्फ एक कलाकार के रूप में नहीं, बल्कि एक प्रेरणा के रूप में देखा। तान्या ने कहा कि नीलम की मेहनत और लगन उन्हें खास बनाती है और यही वजह है कि वह उनके काम को बेहद सराहती हैं। यह बयान दर्शाता है कि इंडस्ट्री में कलाकार एक-दूसरे के काम की कितनी इज्जत करते हैं और किस तरह से एक-दूसरे को प्रेरित करते हैं।

नीलम गिरी की एंट्री से दर्शकों में भी उत्साह बढ़ गया है। सोशल मीडिया पर लोग लगातार उनकी तारीफ कर रहे हैं और शो को लेकर अपनी उत्सुकता जाहिर कर रहे हैं। तान्या का बयान इस उत्साह को और बढ़ा देता है क्योंकि यह दर्शकों की भावनाओं से मेल खाता है।

तान्या मित्तल का यह बयान साफ करता है कि नीलम गिरी सिर्फ एक कलाकार नहीं, बल्कि दर्शकों और सह-कलाकारों के लिए प्रेरणा हैं। उनकी एंट्री ने शो को नई दिशा दी है और तान्या की यह स्वीकारोक्ति इस बात का सबूत है कि नीलम गिरी की मौजूदगी शो को और खास बना देती है।



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Friday, January 30, 2026

Silver Price Crash: एमसीएक्स पर करीब 15% फिसला सिल्वर, क्यों आई इतनी ज्यादा गिरावट?

सिल्वर में 30 जनवरी को बड़ी गिरावट आई। कमोडिटी एक्सचेंज एमसीएक्स पर सिल्वर फ्यूचर्स करीब 15 फीसदी क्रैश कर गया। करीब 3:37 बजे यह 3,42,390 रुपये प्रति किलोग्राम था। हालांकि, बाद में इसमें थोड़ी रिकवरी आई। शाम 5 बजे के करीब यह 10.75 फीसदी गिरकर 3,57,500 रुपये प्रति किलो चल रहा था। 29 जनवरी को इसका क्लोजिंग प्राइस 3,99,893 रुपये प्रति किलो ग्राम था।

29 जनवरी को सिल्वर 4.20 लाख तक पहुंच गया था

30 जनवरी को सिल्वर फ्यूचर्स 3,83,646 रुपये प्रति किलोग्राम पर खुला। उसके बाद उतार-चढ़ाव के बीच इसमें गिरावट जारी रही। 29 जनवरी को सिल्वर का मार्च फ्यूचर्स 4,20,048 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच गया था। पिछले कुछ हफ्तों में चांदी में जबर्दस्त तेजी देखने को मिली थी।

कॉमेक्स पर स्पॉट सिल्वर गिरकर 98 डॉलर प्रति औंस पर आया

30 जनवरी को कॉमेक्स पर स्पॉट सिल्वर गिरकर 98 डॉलर प्रति औंस पर आ गया। यह 29 जनवरी के क्लोजिंग से 14.15 फीसदी की गिरावट है। इसकी वजह डॉलर में तेजी बताई जा रही है। इससे पहले वैश्विक स्तर पर अनिश्चितता और जियोपॉलिटिकल रिस्क बढ़ने से सोने और चांदी में तेजी जारी थी।

जनवरी में सिल्वर की कीमतों में आई थी बड़ी तेजी

वीटी मार्केट में सीनियर मार्केट एनालिस्ट जस्टिन खो के मुताबिक, सिल्वर में आई गिरावट की वजह टेक्निकल लगती है। उन्होंने कहा, "जनवरी में सिल्वर में जबर्दस्त तेजी देखने को मिली थी। एमसीएक्स पर सिल्वर महीने दर महीने आधार पर 60 फीसदी से ज्यादा चढ़कर 4.2 लाख प्रति किलोग्राम पर पहुंच गया था। एग्रेसिव प्रॉफिट बुकिंग से प्राइस 3.9 से 4 लाख रुपये प्रति किलो तक आ गए।"

सिल्वर की कीमतें क्रैश करने की क्या है वजह?

एक्सपर्ट्स का कहना है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फेडरल रिजर्व के चेयरमैन पद पर ऐसे व्यक्ति का चुनाव करने के संकेत दिए हैं, जिसका रुख आक्रामक होगा। उन्होंने कहा है कि वह फेड के नए चेयरमैन के नाम का ऐलान 30 जनवरी को कर सकते हैं। जेरोम पॉवेल मई में अपना पद छोड़ देंगे। उनका कार्यकाल मई में पूरा हो रहा है। केसीएम के चीफ ट्रेड एनालिस्ट टिम वाटरर का कहना है कि ट्रंप की पसंद के व्यक्ति का फेड चेयरमैन बनने से डॉलर में मजबूती आएगी। डॉलर में मजबूती आने पर बुलियन की कीमतों पर दबाव बढ़ता है। इस वजह से 30 जनवरी को सोने और चांदी में दोनों में बड़ी गिरावट आई।

यह भी पढ़ें: Gold-silver ETF Crash: गोल्ड और सिल्वर ईटीएफ 24 फीसदी तक क्रैश, क्या यह निवेश करने के लिए सही समय है?

कुछ एक्सपर्ट्स का यह भी कहना है कि चांदी में पिछले कुछ हफ्तों से जैसी तेजी दिख रही थी, उसके बाद मुनाफावसूली की उम्मीद की जा रही थी। सोना और चांदी दोनों की कीमतें भारत और विदेश में लगातार तेजी के रिकॉर्ड बना रही थीं। लगातार तेजी के बाद बड़ी गिरावट स्वाभाविक है। एक्सपर्ट्स का यह भी कहना है कि सोने और चांदी के फंडामेंटल्स अब भी स्ट्रॉन्ग दिख रहे हैं।



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Thursday, January 29, 2026

Tata Motors Q3 Results: शुद्ध मुनाफा 48% घटकर ₹705 करोड़ रहा, रेवेन्यू 16% बढ़ा; शेयरों पर रहेगी नजर

Tata Motors Q3 Results: कमर्शियय व्हीकल्स बनाने वाली दिग्गज कंपनी टाटा मोटर्स ने गुरुवार 29 दिसंबर को मौजूदा वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही के नतीजे जारी किए। कंपनी ने बताया कि तीसरी तिमाही में उसका कंसॉलिडेटेड शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर 48 प्रतिशत घटकर ₹705 करोड़ रह गया, जबकि पिछले साल की इसी तिमाही में यह 1,355 करोड़ रुपये रहा था। हालांकि, इस गिरावट के पीछे मुख्य वजह कारोबार में कमजोरी नहीं, बल्कि कुछ एकमुश्त खर्चे रहे।

वहीं कंपनी का रेवेन्यू इस दौरान मजबूत रहा। टाटा मोटर्स ने बताया कि दिसंबर तिमाही में उसका रेवेन्यू 16 प्रतिशत से अधिक बढ़कर ₹21,847 करोड़ पर पहुंच गया। इसके साथ ही ऑपरेटिंग प्रदर्शन में भी सुधार देखने को मिला।

मार्जिन में सुधार, लेकिन मुनाफे पर दबाव

टाटा मोटर्स ने बताया कि दिसंबर तिमाही में में उसका ऑपरेटिंग मार्जिन बढ़कर 12.60 प्रतिशत हो गया, जो एक साल पहले इसी तिमाही में 12.07 प्रतिशत था। वहीं कंसॉलिडेटेड EBITDA मार्जिन में भी 30 बेसिस पॉइंट्स की बढ़ोतरी हुई और यह 12.5 प्रतिशत पर पहुंच गया। हालांकि, ऊंचे असाधारण खर्चों के कारण कंपनी का नेट प्रॉफिट मार्जिन घटकर 3.23 प्रतिशत रह गया, जिससे शुद्ध मुनाफे पर दबाव बना।

एकमुश्त खर्च बने मुनाफे में गिरावट की बड़ी वजह

कंपनी के तिमाही नतीजों पर सबसे बड़ा असर एक्स्पेशनल आइटम्स का रहा। टाटा मोटर्स ने इस तिमाही में कुल ₹1,643 करोड़ का एकमुश्त खर्च दर्ज किया। इनमें शामिल हैं-

₹962 करोड़: डीमर्जर योजना के तहत अधिग्रहित जमीन के पंजीकरण (रजिस्ट्रेशन) के लिए विभिन्न स्थानीय प्राधिकरणों को देय स्टांप ड्यूटी

₹603 करोड़: नए श्रम कानूनों (लेबर कोड) के लागू होने से जुड़ा एकमुश्त खर्च

₹82 करोड़: अधिग्रहण से संबंधित लागत

कंपनी ने साफ किया कि ये खर्च एक बार के हैं और आगे की तिमाहियों में दोबारा नहीं दिखेंगे।

कारोबार की बुनियाद मजबूत

कंपनी ने बताया कि कमर्शियल व्हीकल (CV) सेगमेंट में मांग स्थिर बनी हुई है और रेवेन्यू ग्रोथ इस बात का संकेत है कि बुनियादी ऑपरेशंस मजबूत हैं। मार्जिन में सुधार भी इस बात की पुष्टि करता है कि लागत नियंत्रण और ऑपरेशन एफिशियसंसी पर कंपनी का फोकस बना हुआ है।

शेयरों का हाल

टाटा मोटर्सने गुरुवार को शेयर बाजार का कारोबार बंद होने के बाद अपने नतीजे जारी किए। नतीजों से पहले कंपनी के शेयर एनएसई पर 3.39 फीसदी की गिरावट के साथ 352 रुपये के भाव पर बंद हुए। अब निवेशकों की नजरें कल 30 जनवरी के कारोबार पर टिकी रहेंगी।

यह भी पढ़ें- Swiggy Q3 Results: घाटा बढ़कर 1065 करोड़ रुपए हुआ, रेवेन्यू में हुई 54% की बढ़ोतरी

डिस्क्लेमरः Moneycontrol पर एक्सपर्ट्स/ब्रोकरेज फर्म्स की ओर से दिए जाने वाले विचार और निवेश सलाह उनके अपने होते हैं, न कि वेबसाइट और उसके मैनेजमेंट के। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। Moneycontrol यूजर्स को सलाह देता है कि वह कोई भी निवेश निर्णय लेने के पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट से सलाह लें।



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Wednesday, January 28, 2026

Stock in Focus: इस कंपनी की दवा को अमेरिका की FDA ने दी खास मंजूरी, रखा Orphan Drug की कैटेगरी में

Shilpa Medicare Shares: शिल्पा मेडिकेयर की मैटेरियल सब्सिडरी शिल्पा बॉयोलॉजिकल्स और इसकी सहयोगी मैबट्री बॉयोलादिक्स (mAbTree Biologics) को अमेरिकी दवा नियामक एफडीए से एक दवा के लिए खास मंजूरी मिली तो इसके शेयर रॉकेट बन गए। जैसे ही कंपनी ने एक्सचेंज फाइलिंग में इस मंजूरी का खुलासा किया, एकाएक इसके शेयर रॉकेट बन गए और यह 6% से अधिक उछल पड़ा। इस तेजी का कई निवेशकों ने फायदा उठाया जिससे इसके भाव नरम पड़े और इसकी अधिकतर तेजी गायब हो गई लेकिन अब भी यह काफी मजबूत स्थिति में है। आज बीएसई पर यह 1.67% की बढ़त के साथ ₹273.25 के भाव पर बंद हुआ है। इंट्रा-डे में यह 6.40% उछलकर ₹285.95 तक चढ़ गया था।

कैसी मंजूरी मिली है Shilpa Medicare को और क्या खास है इसमें?

शिल्पा बॉयोलॉजिकल्स और मैबट्री बॉयोलॉजिक्स मिलकर रेयर ब्लड कैंसर के इलाज को लेकर जिस फ्लैगशिप बॉयोलॉजिक दवा पर काम कर रहे हैं, उसे एफडीए ने ऑर्फन ड्रग (Orphan Drug) डेजिनेशन दी है। एक्सचेंज फाइलिंग में शिल्पा मेडीकेयर ने खुलासा किया कि यह मंजूरी एसेंशियल थ्रोम्बोसाइथीमिया और पॉलीसाइथीमिया वेरा के इलाज के लिए विकसित की जा रही एक मोनोक्लोनल एंटीबॉडी को दी गई है। ऑर्फन ड्रग का दर्जा मिलने से कंपनी को नियामकीय और कारोबारी प्रोत्साहन मिलते हैं, जिनमें डेवलपमेंट सपोर्ट, टैक्स क्रेडिट्स और पोटेंशियल मार्केट एक्स्क्लूसिविटी शामिल हैं।

शिल्पा मेडीकेयर ग्रुप की शिल्पा बॉयोलॉजिकल्स का कहना है कि यह बॉयोलॉजिक एक फर्स्ट-इन-क्लास, इम्यूनोलॉजी आधारित थेरेपी है जिसे बीमारी के लक्षणों को सिर्फ नियंत्रित करने की बजाय रोग की प्रकृति में बदलाव के लिए डिजाइन किया गया है। एफडीए से मंजूरी मिलने के बाद अब दोनों कंपनियों की योजना इंड-एनेबलिंग स्टडीज के जरिए बॉयोलॉजिक को आगे बढ़ाने की है ताकि एसेंशियल थ्रोम्बोसाइथीमिया (Essential Thrombocythemia) और पॉलीसाइथीमिया वेरा (Polycythemia Vera) से पीड़ित मरीजों में पहली बार मानव पर क्लिनिकल परीक्षण शुरू किए जा सकें।

एक साल में कैसी रही शेयरों की चाल?

शिल्पा मेडीकेयर के शेयरों ने निवेशकों को करारा झटका दिया। पिछले साल 16 जून 2025 को इसके शेयर ₹501.60 पर थे जो इसके लिए रिकॉर्ड हाई है। इस हाई से यह सात ही महीने में 48.17% फिसलकर आज 27 जनवरी 2026 को ₹260.00 पर आ गया जो इसके शेयरों के लिए एक साल का रिकॉर्ड निचला स्तर है। अब आगे की बात करें तो इंडमनी पर मौजूद डिटेल्स के मुताबिक इसे कवर करने वाले 2 एनालिस्ट्स में से 1 ने इसे खरीदारी और 1 ने होल्ड रेटिंग दी है। इसका हाइएस्ट टारगेट प्राइस ₹600 और लोएस्ट टारगेट प्राइस ₹392 है।

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