Friday, July 3, 2026

EPF Scheme 2026: 1 साल के अंदर छोड़ दी नौकरी तो क्या निकाल सकते हैं PF का पूरा पैसा? समझिए एलिजिबल मेंबर बैलेंस और टैक्स का पूरा नियम

EPF Scheme 2026: केंद्र सरकार ने नई कर्मचारी भविष्य निधि (EPF) योजना, 2026 को नोटिफाई कर दिया है। इसके तहत ईपीएफ खातों से आंशिक निकासी को लेकर एक आसान और नया फ्रेमवर्क पेश किया गया है। आपको बता दें कि सोशल सिक्योरिटी कोड, 2020 के तहत नोटिफाई की गई यह नई स्कीम छह दशक पुरानी ईपीएफ योजना, 1952 की जगह लागू हुई है।

नए नियमों में पीएफ सदस्यों को अपनी अलग-अलग जरूरतों के लिए अपने एलिजिबल बैलेंस का 100 प्रतिशत तक हिस्सा निकालने की इजाजत है। इसके अलावा एक नया नियम भी जोड़ा गया है। इस नियम के तहत अब हर सदस्य को अपने ईपीएफ खाते में एक न्यूनतम बैलेंस बनाए रखना अनिवार्य होगा।

क्या बदल रहा है निकासी का नियम?

नए नियमों के तहत ईपीएफ सदस्य आंशिक निकासी के लिए डेजिगनेटेड पोर्टल से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। यहां जानना जरूरी है कि ये विड्रॉल एक जरूरी शर्त के अधीन होगा। योजना के नियमों के मुताबिक कमिश्नर निर्दिष्ट पोर्टल पर किसी सदस्य के आवेदन पर आंशिक निकासी को मंजूरी दे सकता है, जो कि सदस्य के खाते में न्यूनतम बैलेंस बनाए रखने की आवश्यकता के अधीन होगा। नई योजना में इस मिनिमम बैलेंस को पहली बार परिभाषित किया गया है।

क्या होता है Eligible Member Balance और Minimum Balance?

नोटिफिकेशन के मुताबिक मिनिमम बैलेंस का गणित कुछ इस तरह तय किया गया है। न्यूनतम बैलेंस का मतलब उस राशि से है जो सदस्य के खाते में जमा कुल योगदान (जिसमें कर्मचारी और कंपनी दोनों का हिस्सा और उस पर मिलने वाला ब्याज शामिल है) के 25 प्रतिशत के बराबर हो। किसी भी आंशिक निकासी का लाभ देने के बाद यह राशि सदस्य के खाते में अनिवार्य रूप से बची रहनी चाहिए। आसान शब्दों में कहें तो आपकी अब तक की कुल ईपीएफ बचत (आपका योगदान + कंपनी का योगदान + ब्याज) का कम से कम 25 प्रतिशत हिस्सा विड्रॉल के बाद भी आपके खाते में ब्लॉक रहेगा।

इस अनिवार्य 25 प्रतिशत मिनिमम बैलेंस को घटाने के बाद जो रकम बचती है उसे एलिजिबल मेंबर बैलेंस कहा जाता है। कोई भी कर्मचारी सिर्फ इसी एलिजिबल मेंबर बैलेंस को ही खाते से निकाल सकता है।

1 साल के अंदर नौकरी छोड़ने पर क्या हैं नियम?

यह योजना उन कर्मचारियों को बड़ी राहत देती है जो अपनी नौकरी शुरू करने के 12 महीने पूरे होने से पहले ही काम छोड़ देते हैं। नए नियमों के मुताबिक कोई सदस्य 1 साल के अंदर भी नौकरी छोड़ देता है तो भी वह अपने पीएफ के पार्शियल विड्रॉल का हकदार होगा। हालांकि ऐसा सदस्य सिर्फ विड्रॉल की तारीख तक उपलब्ध अपने एलिजिबल मेंबर बैलेंस की सीमा तक ही पैसा निकाल सकेगा।

कब और किन जरूरतों के लिए निकाल सकते हैं 100% एलिजिबल बैलेंस?

ईपीएफ की कुल 12 महीने की सदस्यता पूरी करने के बाद, सदस्य अपनी अलग अलग व्यक्तिगत और पारिवारिक जरूरतों के लिए अपने एलिजिबल मेंबर बैलेंस का 100 प्रतिशत तक हिस्सा निकाल सकते हैं। इन जरूरतों में नीचे दी गई बातें शामिल हैं-

खुद या परिवार का इलाज

खुद या परिवार में शिक्षा

खुद या परिवार में शादी

घर या फ्लैट खरीदना

घर बनाने के लिए जमीन खरीदना

घर का निर्माण करना

होम लोन चुकाना

मौजूदा घर का रेनोवेशन/सुधार करना

इसके अलावा विशेष परिस्थितियों में भी 12 महीने की सदस्यता पूरी होने के बाद 100% एलिजिबल मेंबर बैलेंस निकालने की अनुमति दी जा सकती है।

कितनी बार निकाला जा सकता है पैसा?

नई योजना में इस बात की भी सीमा तय की गई है कि कोई सदस्य अपनी पूरी सदस्यता के दौरान अलग-अलग उद्देश्यों के लिए कितनी बार पैसा निकाल सकता है-

शिक्षा के लिए: पूरी सदस्यता के दौरान अधिकतम 10 बार विड्रॉल

शादी के लिए: पूरी सदस्यता के दौरान अधिकतम 5 बार विड्रॉल

घर/आवास संबंधी काम के लिए: अधिकतम 5 बार विड्रॉल।

विशेष परिस्थितियों में: एक वित्तीय वर्ष में अधिकतम 2 बार विड्रॉल।

क्यों जरूरी है मिनिमम बैलेंस का यह नया नियम?

इससे पहले लागू ईपीएफ निकासी के नियम अलग-अलग उद्देश्यों और अलग-अलग शर्तों से जुड़े होते थे जिसके कारण कई मामलों में सदस्य अपने खाते का अधिकांश बैलेंस निकाल लेते थे। नया फ्रेमवर्क एलिजिबल मेंबर बैलेंस की एक समान अवधारणा को लागू करके पूरे विड्रॉल प्रोसेस निकासी प्रक्रिया को स्टैंडराइज करता है। इसके साथ ही यह नियम यह भी सुनिश्चित करता है कि कर्मचारियों की रिटायरमेंट बचत का कम से कम 25 प्रतिशत हिस्सा हमेशा इन्वेस्टेड रहे ताकि उनका भविष्य सुरक्षित रहे।

यह भी पढ़ें: सरकार जल्द नई गोल्ड मॉनेटाइजेशन स्कीम का कर सकती है ऐलान, जानिए क्या है पूरा प्लान



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Thursday, July 2, 2026

UP Monsoon update: 2 जुलाई को पूरे यूपी पर छा गया मानसून लेकिन इन 30 जिलों में बारिश का हाल असली चिंता वाली बात!

Monsoon Update in UP: उत्तर प्रदेश में दक्षिण-पश्चिम मानसून ने आखिरकार पूरे राज्य को कवर कर लिया है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के लखनऊ आंचलिक केंद्र के अनुसार 2 जुलाई तक मानसून ने पूरे प्रदेश में अपनी मौजूदगी दर्ज करा दी है। हालांकि मानसून की पूर्ण एंट्री के बावजूद राज्य के कई हिस्सों में बारिश की तस्वीर चिंता बढ़ाने वाली बनी हुई है। बारिश के ताजा आंकड़ों के अनुसार यूपी के 30 जिले ऐसे हैं जहां सामान्य से बेहद कम यानी 60 से 99 प्रतिशत तक कम बारिश रिकॉर्ड की गई है।

मौसम विभाग का कहना है कि मानसून की सक्रियता अब बढ़ने वाली है लेकिन शुरुआती चरण में अलग-अलग इलाकों बारिश का असमान वितरण खेती और जल संसाधनों पर निगेटिव असर भी डाल सकते हैं।

पूरे यूपी में मानसून पहुंचा लेकिन बारिश की रफ्तार को लेकर चिंता

IMD के मुताबिक दक्षिण-पश्चिम मानसून के यूपी में सक्रिय होने से आने वाले दिनों में कई क्षेत्रों में बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं लेकिन अब तक के आंकड़े दिखाते हैं कि प्रदेश में बारिश का वितरण काफी असंतुलित रहा है। कुछ जिलों में सामान्य से ज्यादा बारिश हुई है तो कई जिले गंभीर कमी झेल रहे हैं।

इन 30 जिलों में अबतक बेहद कम बारिश

मौसम विभाग की रिपोर्ट के अनुसार नीचे दिए गए जिलों में सामान्य से 60% से 99% तक कम बारिश हुई है:-

अम्बेडकरनगर

अमेठी

बांदा

भदोही

चंदौली

चित्रकूट

देवरिया

फतेहपुर

जौनपुर

कानपुर देहात

कौशांबी

कुशीनगर

लखनऊ

मऊ

प्रतापगढ़

प्रयागराज

रायबरेली

सिद्धार्थनगर

सीतापुर

उन्नाव

वाराणसी

गौतम बुद्ध नगर

गाजियाबाद

जालौन

झांसी

महोबा

पीलीभीत

सहारनपुर

शाहजहांपुर

शामली

मौसम विभाग के मुताबिक, इन जिलों में बारिश की बड़ी कमी खरीफ फसलों की बुवाई, भूजल स्तर और जलाशयों पर दबाव बढ़ा सकती है।

सामान्य से कम बारिश वाले इन 28 जिलों का भी हाल कुछ ठीक नहीं

मौसम विभाग की रिपोर्ट में 28 जिलों को सामान्य से कम बारिश की कैटगरी में रखा गया है। इन जिलों में 20% से 59% तक कम बारिश दर्ज हुई है- अयोध्या, बहराइच, बलिया, बलरामपुर, बाराबंकी, बस्ती, फर्रुखाबाद, गाजीपुर, गोरखपुर, कानपुर नगर, खीरी, महाराजगंज, मिर्जापुर, संतकबीरनगर, श्रावस्ती, सोनभद्र, सुल्तानपुर, अलीगढ़, अमरोहा, औरैया, बागपत, बरेली, बिजनौर, इटावा, हमीरपुर, हापुड़, मैनपुरी और रामपुर।

सिर्फ कुछ जिलों में राहत वाली तस्वीर

यूपी के कुछ हिस्सों में बारिश की स्थिति बेहतर दिखाई दे रही है।

सामान्य से बेहद अधिक बारिश (+60% से अधिक)

एटा

संभल

सामान्य से अधिक बारिश (+20% से +59%)

बुलंदशहर

मुजफ्फरनगर

सामान्य बारिश वाले जिले: आजमगढ़, गोंडा, हरदोई, कन्नौज, आगरा, बदायूं, फिरोजाबाद हाथरस, कासगंज, ललितपुर, मथुरा, मेरठ और मुरादाबाद।

किसानों के लिए क्यों बढ़ी चिंता?

जुलाई खरीफ फसलों की बुवाई का सबसे अहम महीना माना जाता है। धान, मक्का, दलहन और तिलहन जैसी फसलें मानसूनी बारिश पर काफी निर्भर करती हैं। जिन जिलों में लगातार वर्षा की कमी बनी हुई है वहां खेतों में नमी की कमी और बुवाई में देरी की आशंका बढ़ सकती है। अगर आने वाले दिनों में मानसून की गतिविधियां तेज नहीं होतीं तो कृषि क्षेत्र के साथ-साथ पेयजल और सिंचाई पर भी दबाव बढ़ सकता है।

आगे कैसा रहेगा यूपी का मौसम?

मौसम विभाग के मुताबिक अगले कुछ दिनों में पूर्वी और मध्य उत्तर प्रदेश में बारिश की गतिविधियों में तेजी आ सकती है। कई इलाकों में गरज-चमक के साथ बारिश और तेज हवाओं की संभावना बनी हुई है। ऐसे में जिन जिलों में अभी तक बारिश कम हुई है वहां अगले कुछ दिनों में कुछ राहत मिलने की उम्मीद की जा रही है।

ये भी पढे़ं- IMD Alert: प्रचंड गर्मी के मौसम में इस साल AC की मांग क्यों ठंडी पड़ी? हीटवेव से बचने के लिए लोग कर रहे हैं ये काम



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Wednesday, July 1, 2026

Market Outlook : जुलाई सीरीज का शानदार आगाज, सेंसेक्स-निफ्टी अच्छी बढ़त के साथ हुए बंद, जानिए 2 जुलाई को कैसी रहेगी बाजार की चाल

Market Outlook: मिले-जुले ग्लोबल संकेतों और कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट के बीच, बुधवार, 1 जुलाई को घरेलू शेयर बाज़ार में अच्छी खरीदारी देखी गई। इक्विटी बेंचमार्क सेंसेक्स 444 पॉइंट्स या 0.58% की बढ़त के साथ 76,922.64 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 50 140 पॉइंट्स या 0.59% बढ़कर 24,005.85 पर बंद हुआ। मिड और स्मॉल-कैप सेगमेंट भी ऊपर गए; निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 0.34% बढ़ा, जबकि निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 0.36% चढ़ा।

BSE-लिस्टेड कंपनियों का कुल मार्केट कैपिटलाइज़ेशन पिछले सेशन के ₹474 लाख करोड़ से बढ़कर ₹476 लाख करोड़ से ज़्यादा हो गया, जिससे निवेशक एक ही सेशन में ₹2 लाख करोड़ से थोड़ा ज़्यादा अमीर हो गए।

निफ्टी पर इटरनल, अडानी एंटरप्राइजेज, नेस्ले इंडिया, HUL, एशियन पेंट्स टॉप गेनर्स में से थे, जबकि HCL टेक्नोलॉजीज, टेक महिंद्रा, TCS, हिंडाल्को इंडस्ट्रीज और टाटा स्टील लूजर्स थे।

सेक्टोरल फ्रंट पर, रियल्टी इंडेक्स 3.5% ऊपर, FMCG और मीडिया इंडेक्स में 2-2%, ऑटो और PSU बैंक इंडेक्स में 1-1% की बढ़त हुई। दूसरी ओर, IT इंडेक्स 2% गिरा, जबकि मेटल इंडेक्स 1% और फार्मा इंडेक्स 0.5% नीचे गिरा।

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के रिसर्च हेड विनोद नायर ने कहा, "घरेलू बाज़ार 2026 के दूसरे हाफ़ में उम्मीद के साथ आए क्योंकि कई मुश्किलें कम होने लगीं, जिसमें US-इंडिया ट्रेड एग्रीमेंट, मिडिल ईस्ट में तनाव कम होना और तेल की कीमतें पॉज़िटिव सेंटिमेंट के मुख्य कारण बनकर उभरीं।" नायर ने बताया कि रिकवरी बड़े पैमाने पर हुई, जिसमें लार्ज कैप्स ने अच्छे वैल्यूएशन और दो साल के आउटफ्लो के बाद FPI सेंटिमेंट में कुछ बदलाव की उम्मीद के कारण बेहतर परफॉर्म किया।

2 जुलाई को कैसी रहेगी बाजार की चाल 

एलकेपी सिक्योरिटीज के सीनियर टेक्निकल एनालिस्ट रूपक डे ने कहा कि निफ्टी रेंज-बाउंड रहा क्योंकि इंडेक्स अपने हालिया ट्रेडिंग बैंड से बाहर नहीं निकल पाया। पिछले कुछ सेशन में, यह 24,000 मार्क के आस-पास रहा है, जो डायरेक्शनल मोमेंटम की कमी दिखाता है।

साइडवेज़ मूवमेंट के बावजूद, शॉर्ट-टर्म ट्रेंड पॉजिटिव बना हुआ है, इंडेक्स पूरे सेशन में मज़बूती दिखा रहा है। हालांकि, मोमेंटम अभी भी धीमा है।

आगे, जब तक निफ्टी 23,800 के सपोर्ट लेवल से ऊपर बना रहता है, तब तक बुलिश बायस बना रहने की संभावना है। ऊपर की तरफ, इंडेक्स अपनी धीमी लेकिन स्थिर ऊपर की ओर बढ़ती रह सकती है, जिसमें शॉर्ट टर्म में 24,200 और उससे ऊपर जाने की संभावना है।

कोटक सिक्योरिटीज के इक्विटी रिसर्च श्रीकांत चौहान ने आज, बेंचमार्क इंडेक्स में पुलबैक रैली देखी गई। निफ्टी 140 पॉइंट्स ऊपर बंद हुआ, जबकि सेंसेक्स 444 पॉइंट्स ऊपर था। सेक्टर्स में, रियलिटी इंडेक्स में सबसे ज़्यादा बढ़त हुई, जिसमें 3.44 परसेंट की रैली हुई, जबकि IT इंडेक्स सबसे ज़्यादा 2 परसेंट गिरा।

टेक्निकली, डेली चार्ट्स पर, मार्केट ने एक छोटा बुलिश कैंडल बनाया है, और इंट्राडे चार्ट्स पर, यह एक रिवर्सल फॉर्मेशन बनाए हुए है। डे ट्रेडर्स के लिए, 23900/76500 एक अहम सपोर्ट लेवल के तौर पर काम करेगा। इसके ऊपर, बुलिश मोमेंटम जारी रहने की संभावना है। ऊपर की तरफ, मार्केट 24150-24250/77500-77800 तक जा सकता है। दूसरी तरफ, 23900/76500 से नीचे, सेलिंग प्रेशर बढ़ने की संभावना है। इस लेवल से नीचे, यह 23800/76200 और 20-दिन के SMA (सिंपल मूविंग एवरेज), या 23750/76000 को फिर से टेस्ट कर सकता है।

अभी मार्केट का टेक्सचर नॉन-डायरेक्शनल है, इसलिए, डे ट्रेडर्स के लिए लेवल-बेस्ड ट्रेडिंग सबसे अच्छी स्ट्रेटेजी होगी।

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(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।



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Tuesday, June 30, 2026

UP Deficient Rain Alert: उत्तर प्रदेश के इन 35 जिलों में अबतक बहुत कम हुई बारिश, मानसून की एंट्री के बाद IMD ने दिया ये अलर्ट

UP Weather Update: उत्तर प्रदेश में मानसून ने दस्तक दे दी है। इसकी उत्तरी सीमा राज्य के कई हिस्सों से गुजर रही है। मानसून के आगमन से जहां लोगों को गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है। वहीं भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के लखनऊ आंचलिक केंद्र से अबतक हुई बारिश का ऐसा आंकड़ा सामने आया है, जो चिंताजनक तस्वीर पेश कर रहा है।

मौसम विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक यूपी के अधिकतर जिले बारिश की भारी कमी से जूझ रहे हैं। राज्य के 35 जिलों में अब तक लार्ज डेफिसिएंट यानी अत्यधिक कम बारिश दर्ज की गई है। वहीं 28 जिले Deficient श्रेणी में हैं जहां सामान्य से 20% से 59% तक कम बारिश दर्ज की गई है। कौशांबी जिला तो अबतक पूरा सूखा ही साबित हुआ है।

यूपी की बारिश रिपोर्ट: कितने जिले किस श्रेणी में?

आईएमडी के आंकड़ों के अनुसार:

Large Excess: 0 जिले

Excess: 0 जिले

Normal: 11 जिले

Deficient: 28 जिले

Large Deficient: 35 जिले

No Rain: 1 जिला

इसका मतलब है कि प्रदेश के अधिकांश जिलों में अब तक सामान्य से कम बारिश हुई है।

इस स्थिति के बीच, मौसम विभाग ने 30 जून से 2 जुलाई की सुबह तक के लिए राज्य के अलग-अलग इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश, मेघगर्जन और वज्रपात (आकाशीय बिजली) का प्रभाव आधारित पूर्वानुमान और अलर्ट जारी किया है।

यूपी में मानसून और बारिश की मौजूदा स्थिति

मौसम विभाग द्वारा जारी जिलों की सूची के मुताबिक राज्य के कुल 75 जिलों में से कोई भी जिला 'लार्ज एक्सेस' या 'एक्सेस' कैटेगरी में नहीं है। जिलों का वर्गीकरण इस प्रकार है:-

1- लार्ज डेफिसिएंट (60% से -99% तक कमी) - इन 35 जिलों में सबसे ज्यादा बारिश की कमी

उत्तर प्रदेश के इन 35 जिलों में मानसून की सबसे ज्यादा मार पड़ी है और यहां सामान्य से 60 से 99 फीसदी तक कम बारिश हुई है:-

पूर्वी उत्तर प्रदेश के जिले: अंबेडकर नगर, अमेठी, बांदा, बाराबंकी, भदोही, चंदौली, चित्रकूट, देवरिया, फतेहपुर, जौनपुर, कानपुर देहात, कुशीनगर, लखनऊ, मऊ, मिर्जापुर, प्रतापगढ़, प्रयागराज, सिद्धार्थ नगर, सीतापुर, सोनभद्र, उन्नाव और वाराणसी।

पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले: अलीगढ़, अमरोहा, बिजनौर, गौतम बुद्ध नगर, गाजियाबाद, जालौन, झांसी, महोबा, मैनपुरी, पीलीभीत, सहारनपुर, शाहजहांपुर और शामली।

2 - नो रेन (No Rain: -100%) कौशांबी में अब तक बारिश नहीं

आईएमडी के आंकड़ों में कौशांबी ऐसा इकलौता जिला है जिसे No Rain श्रेणी में रखा गया है। यानी यहां अब तक बारिश नहीं दर्ज हुई।।

3 - डेफिसिएंट (20% से -59% तक कमी)- इन 28 जिलों में भी सामान्य से कम बारिश

इन जिलों में सामान्य से 20 से 59 प्रतिशत तक कम वर्षा रिकॉर्ड की गई है:-

पूर्वी उत्तर प्रदेश: अयोध्या, आजमगढ़, बहराइच, बलिया, बलरामपुर, बस्ती, फर्रुखाबाद, गाजीपुर, गोरखपुर, हरदोई, कानपुर सिटी, खीरी, रायबरेली, संत कबीर नगर, श्रावस्ती और सुल्तानपुर।

पश्चिमी उत्तर प्रदेश: औरैया, बदायूं, बागपत, बरेली, इटावा, हमीरपुर, हापुड़, कासगंज, ललितपुर, मेरठ, मुरादाबाद और रामपुर।

4 - सामान्य बारिश (+19% से -19%) - 11 जिले

राज्य के केवल 11 जिलों में ही अब तक सामान्य बारिश देखने को मिली है:-

पूर्वी उत्तर प्रदेश: गोंडा, कन्नौज और महाराजगंज।

पश्चिमी उत्तर प्रदेश: आगरा, बुलंदशहर, एटा, फिरोजाबाद, हाथरस, मथुरा, मुजफ्फरनगर और संभल।

IMD का पूर्वानुमान: 30 जून से 1 जुलाई (सुबह 08:30 बजे तक)

मानसून सक्रिय होने के साथ अब यूपी का मौसम तेजी से बदलने वाला है। मौसम विभाग ने पूर्वी, मध्य और पश्चिमी यूपी के कई जिलों के लिए अलर्ट जारी किया है।

इन जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी

बहराइच, लखीमपुर खीरी, रामपुर, बरेली और पीलीभीत में बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

भारी बारिश की संभावना: आजमगढ़, मऊ, बलिया, देवरिया, गोरखपुर, बस्ती, कुशीनगर, सिद्धार्थनगर, गोंडा, बलरामपुर, बाराबंकी, बिजनौर, अमरोहा, संभल, झांसी और ललितपुर सहित कई जिले।

1 जुलाई से 2 जुलाई सुबह तक

बिजनौर, मुरादाबाद, रामपुर और बरेली में बहुत भारी बारिश की संभावना है। गोरखपुर, बहराइच, लखीमपुर खीरी, मेरठ, बुलंदशहर, अलीगढ़, इटावा, पीलीभीत, शाहजहांपुर, झांसी और ललितपुर समेत कई जिलों में भारी बारिश हो सकती है।

बिजली गिरने और तेज हवाओं का भी अलर्ट

आईएमडी के अनुसार कई जिलों में 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।

प्रभावित प्रमुख जिले

प्रयागराज

वाराणसी

गाजीपुर

कानपुर नगर

रायबरेली

सहारनपुर

मेरठ

गाजियाबाद

गौतमबुद्ध नगर

झांसी

इन जिलों में मेघगर्जन और वज्रपात की आशंका भी जताई गई है।



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Monday, June 29, 2026

39 की उम्र में IAS अवनीश शरण ने शुरू की फिटनेस जर्नी, फिट बॉडी पाने की अपनी हर तरकीब बताई

सोशल मीडिया पर 39 की उम्र में IAS अवनीश शरण ने पोस्ट करते हुए लिखा- 2020 में, 39 साल की उम्र में, मैंने अपनी फिटनेस जर्नी एक आसान लक्ष्य के साथ शुरू की—ज्यादा सेहतमंद और फिट बनना। बहुत से लोगों की तरह, मैंने भी जोश के साथ शुरुआत की, लेकिन लगातार बने रहना मुश्किल था। काम की ज़िम्मेदारियां, परिवार की ज़िम्मेदारियां और ज़िंदगी की अनिश्चितताओं की वजह से अक्सर मेरे रूटीन में रुकावट आती थी। आखिरकार, मेरी सर्जरी (2024) हुई, जिसकी वजह से मुझे काफी समय तक ट्रेनिंग रोकनी पड़ी।

जून 2025 से एक बिल्कुल नया अध्याय शुरू हुआ। इस बार, मैं तेज़ी से वजन घटाने या कुछ समय के मोटिवेशन के पीछे नहीं भाग रहा था। मैंने खुद को निरंतरता, सब्र और अनुशासन के लिए समर्पित किया। मेरी सोच आसान थी, समझदारी से ट्रेनिंग करें। समझदारी से खाएं। अच्छी नींद लें। हर दिन यही दोहराएं। मैंने रैंडम वर्कआउट या क्रैश डाइट के बजाय एक व्यवस्थित प्लान का पालन किया।

ट्रेनिंग

• हफ़्ते में 5-6 दिन स्ट्रेंथ ट्रेनिंग।

• मसल्स को बनाए रखने और बढ़ाने के लिए प्रोग्रेसिव ओवरलोड।

• कार्डियो को सप्लीमेंट के तौर पर करें—सज़ा के तौर पर नहीं।

• रोज़ाना टहलना और एक्टिव लाइफ़स्टाइल बनाए रखना।

• रिकवरी और मोबिलिटी पर ध्यान देना।

न्यूट्रिशन

• हाई-प्रोटीन डाइट। घर का बना खाना।

• कैलोरी ट्रैक करना।

• लीन प्रोटीन सोर्स।

• कॉम्प्लेक्स कार्बोहाइड्रेट।

• हेल्दी फैट्स।

• खूब सारी सब्ज़ियां और फल।

• शरीर में पानी की सही मात्रा बनाए रखना।

लाइफ़स्टाइल

• 6-7 घंटे की अच्छी नींद।

• प्रोसेस्ड फ़ूड कम से कम खाना।

• चीनी का सेवन सीमित रखना।

• शरीर के वज़न की नियमित निगरानी।

• नियमित ब्लड टेस्ट।

1 जनवरी 2026 को मैंने खुद के लिए एक अहम लक्ष्य तय किया। मैं अपनी बेटी वेदिका के जन्मदिन (27 जून) से पहले अपनी सबसे अच्छी फिजिक पाना चाहता था। मेरी पत्नी रुद्राणी ने यह पक्का किया कि मैं अपना लक्ष्य हासिल कर सकूं। एक साफ डेडलाइन होने से हर फैसला लेना आसान हो गया। हर वर्कआउट मायने रखता था। हर मील (खाना) मायने रखता था। हर सुबह वजन चेक करना मायने रखता था। शॉर्टकट खोजने के बजाय, मैंने लगातार बेसिक चीजों पर ध्यान दिया।



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Sunday, June 28, 2026

Rao Bahadur: सिनेमा लवर्स का दिल जीतने को तैयार है 'राव बहादुर', डायरेक्टर सुकुमार ने फिल्म को बताया सबसे अलग

Rao Bahadur: 'महेश बाबू प्रेजेंट्स राव बहादुर' की शानदार पहली झलक के बाद, वेंकटेश महा के डायरेक्शन में बनी इस फिल्म के मेकर्स ने इसका टीज़र रिलीज कर दिया है, जिसने यह साफ कर दिया है कि यह आने वाले समय के सबसे अलग और दिलचस्प प्रोजेक्ट्स में से एक होने वाला है।

​फिल्म को लेकर जहाँ एक्साइटमेंट एकदम सातवें आसमान पर है, वहीं मेकर्स ने सेट से डायरेक्टर सुकुमार के साथ एक वीडियो शेयर किया है। वीडियो में 'पुष्पा' के डायरेक्टर अपना जलवा बिखेरते नजर आ रहे हैं। इस पोस्ट के कैप्शन में लिखा है -"अलग | अनोखा | हैरान RaoBahadur पर अब 'सुकुमार' का जादू चल गया है, 3 जुलाई से तेलुगु सिनेमा का एक ऐसा अनुभव करने के लिए तैयार हो जाइए जो पहले कभी नहीं देखा।

फिल्म की तारीफ करते हुए सुकुमार ने कहा, "ऐसा लगता है जैसे सब लोग सत्यदेव को एक तोहफा देने के लिए एक साथ आए हैं। मुझे लगता है कि इस परफॉर्मेंस को देखने के बाद हर एक्टर को उनसे जलन महसूस होगी। जहां तक मैं जानता हूं, ऐसी फिल्में तेलुगु सिनेमा या यहाँ तक कि पूरे इंडियन सिनेमा में भी नहीं बनी हैं। यह एक बिल्कुल अलग जॉनर की फिल्म है। जिस तरह 'सी/ओ कंचरपालम' ने सबको हैरान कर दिया था, ठीक वैसे ही #RaoBahadur भी दर्शकों को पूरी तरह चौंका देगी। फिल्म का हर एक डिपार्टमेंट एक अलग ही लेवल पर है। राव बहादुर के लिए सुकुमार की तरफ से ब्रावो! #RaoBahadur के लिए बस एक ही शब्द है: होलसम (Wholesome - यानी हर तरह से परफेक्ट)।"

​एक बेहद अनोखी पहली झलक के बाद, इस फिल्म का पहला गाना 'ओ सुंदरी' एक बड़ा चार्टबस्टर (हिट) बन गया है, जिसे इसके सुरीले म्यूजिक और शानदार प्रेजेंटेशन के लिए खूब पसंद किया गया। सत्यदेव और दीपा थॉमस पर फिल्माया यह रोमांटिक गाना बीते हुए दौर को खूबसूरती से दिखाता है, जो फिल्म के पुराने समय के बैकग्राउंड और विजुअल खूबसूरती को और ज्यादा बढ़ा देता है।

​'राव बहादुर' एक साइकोलॉजिकल ड्रामा और राजसी अतीत की धुंधली यादों का एक अनोखा मिक्सचर है। वेंकटेश महा, जो इस फिल्म की राइटिंग, डायरेक्शन और एडिटिंग खुद संभाल रहे हैं, एक ऐसी कहानी को आकार देते दिख रहे हैं जो पूरी तरह से स्थानीय भावनाओं से जुड़ी है और साथ ही इसमें हर किसी को छू लेने वाले इमोशंस भी हैं।

​इस फिल्म को एक मजबूत टेक्निकल टीम का साथ मिला है, जिसमें कार्तिक परमार सिनेमैटोग्राफी संभाल रहे हैं, स्मरण साई ने म्यूजिक कंपोज किया है और रोहन सिंह ने फिल्म का बेहतरीन प्रोडक्शन डिजाइन तैयार किया है। अपनी शानदार राजसी तस्वीरों और सस्पेंस भरे अंदाज के साथ, 'राव बहादुर' एक ऐसी फिल्म बनने की राह पर है जो दर्शकों को एक ऐसी दुनिया में ले जाएगी जहाँ हर छोटी से छोटी डिटेल का एक गहरा मतलब हो सकता है।



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Saturday, June 27, 2026

Jackky Bhagnani Spotted On Dating App: 'सिचुएशनशिप' बयान के बाद डेटिंग एप पर जैकी भगनानी का दिखा अकाउंट, वायरल स्क्रीनशॉर्ट ने मचाई खलबली

Jackky Bhagnani Spotted On Dating App: जैकी भगनानी ने एक बार फिर से खबरों में छाए हुए हैं। लेकिन अफसोस, इसकी वजह फिल्म नहीं बल्कि उनकी पर्सनल लाइफ है। एक्टर-प्रोड्यूसर ने लोगों को यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि एक्ट्रेस रकुल प्रीत सिंह से शादी करने के बावजूद वह डेटिंग ऐप पर क्या कर रहे हैं। हाल ही में, एक रेडिट यूज़र ने एक यूट्यूबर के वीडियो का स्क्रीनशॉट शेयर किया, जिसमें दावा किया गया था कि जैकी का 'राया' (Raya) नाम के एक एक्सक्लूसिव डेटिंग ऐप पर अकाउंट है।

स्क्रीनशॉट में 'जैकी' नाम की एक प्रोफ़ाइल दिख रही है, जिसके बायो में 'एक्टर/प्रोड्यूसर' लिखा है। उनकी लोकेशन लंदन, यूनाइटेड किंगडम दिखाई गई थी। इस स्क्रीनशॉट ने फ़ैन्स को शॉक्ड कर दिया, लेकिन कुछ लोगों ने 'प्रोड्यूसर' (producer) की स्पेलिंग में गलती भी पकड़ी।

हालांकि यह अभी स्पष्ट नहीं है कि जैकी राया का इस्तेमाल कर रहे हैं या नहीं, लेकिन यह एप्लिकेशन पिछले कई सालों से चर्चा का विषय बना हुआ है। जो लोग राया से परिचित नहीं हैं, उनके लिए बता दें कि राया कोई सामान्य डेटिंग ऐप नहीं है। यह एक विशेष, सदस्यता-आधारित ऐप है, जिसका उपयोग आमतौर पर डेटिंग, नेटवर्किंग और दोस्ती के लिए किया जाता है।

अन्य एप्लिकेशनों के विपरीत, राया पर उपयोगकर्ताओं को आवेदन करना होता है, जिसके बाद आवेदनों की समीक्षा की जाती है और फिर उन्हें स्वीकार किया जाता है। इसी कारण से राया मशहूर हस्तियों और हाई-प्रोफाइल लोगों के बीच लोकप्रिय हो गया है।

इस बीच, जैकी के डेटिंग प्रोफ़ाइल ने भी सबका ध्यान खींचा है, क्योंकि यह बात तब सामने आई है जब कुछ महीने पहले ही एक्टर-प्रोड्यूसर ने 'सिचुएशनशिप' वाला कमेंट करके सुर्खियां बटोरी थीं। इस साल अप्रैल में, एक YouTube चैनल से बात करते हुए उन्होंने कहा था, "रकुल और मेरी शादी हो चुकी है, लेकिन हम एक तरह की 'सिचुएशनशिप' में हैं। बेशक, हम एक-दूसरे के प्रति कमिटेड हैं क्योंकि इसीलिए हमारी शादी हुई है। लेकिन सबसे ज़रूरी बात यह है कि मैं उनसे किसी भी बारे में बात कर सकता हूं।"

हालांकि इस कमेंट की काफी आलोचना हुई, लेकिन बाद में रकुल ने साफ किया कि उनके कमेंट का गलत मतलब निकाला गया था। उन्होंने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरीज़ पर लिखा, "आज हम इस बात पर खूब हंसे कि कैसे एक घंटे की बातचीत की एक लाइन अचानक हेडलाइन बन सकती है। मज़ाकिया... जब तक कि यह मज़ाक न रह जाए। संदर्भ मायने रखता है। बारीकियां मायने रखती हैं। बातचीत को सिर्फ़ क्लिकबेट तक सीमित नहीं किया जाना चाहिए। शायद अब समय आ गया है कि प्लेटफ़ॉर्म उन नैरेटिव्स के लिए थोड़ी ज़्यादा ज़िम्मेदारी लें जो वे बनाते हैं।"



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