Sunday, November 1, 2026

Dividend Stocks: ये 12 कंपनियां नवंबर में तगड़ा डिविडेंड देंगी, इंफोसिस से लेकर कोल इंडिया तक शामिल

Dividend Stocks: शेयर बाजार के निवेशकों के लिए नवंबर में डिविडेंड कमाई का मौका है। इस महीने 12 कंपनियों ने ₹5 से ज्यादा प्रति शेयर अंतरिम डिविडेंड का ऐलान किया है। इनमें Infosys, Coal India, Hindustan Unilever, Colgate Palmolive और Sanofi India जैसे बड़े नाम शामिल हैं। इन कंपनियों ने डिविडेंड पाने के लिए रिकॉर्ड डेट भी तय कर दी है।

Infosys से Coal India तक डिविडेंड का मौका

नवंबर में सबसे ज्यादा डिविडेंड Sanofi India देने जा रही है। कंपनी ने प्रति शेयर ₹75 के अंतरिम डिविडेंड का ऐलान किया है। इसके लिए रिकॉर्ड डेट 5 नवंबर तय की गई है।

वहीं, Infosys अपने शेयरधारकों को ₹26 प्रति शेयर का डिविडेंड देगी। इसकी रिकॉर्ड डेट 3 नवंबर है। Colgate Palmolive ने ₹24 प्रति शेयर और Hindustan Unilever ने ₹19 प्रति शेयर डिविडेंड घोषित किया है। Hindustan Unilever की रिकॉर्ड डेट 12 नवंबर है।

सरकारी कंपनी Coal India भी निवेशकों को ₹10.25 प्रति शेयर का अंतरिम डिविडेंड देगी। इसके लिए 4 नवंबर रिकॉर्ड डेट तय की गई है। इसके अलावा CARE Ratings ₹10 और Navin Fluorine International ₹8 प्रति शेयर डिविडेंड देगी।

नवंबर में डिविडेंड देने वाली कंपनियों की लिस्ट

कंपनीडिविडेंड प्रति शेयररिकॉर्ड डेट
Colgate Palmolive₹242 नवंबर
Tanla Platforms₹62 नवंबर
Infosys₹263 नवंबर
Gravita India₹7.703 नवंबर
Sasken Technologies₹123 नवंबर
R R Kabel₹6.503 नवंबर
Coal India₹10.254 नवंबर
Asian Paints₹5.754 नवंबर
Sanofi India₹755 नवंबर
Navin Fluorine International₹85 नवंबर
CARE Ratings₹106 नवंबर
Hindustan Unilever₹1912 नवंबर

नवंबर में स्टॉक स्प्लिट, शेयर बायबैक और राइट्स इश्यू

नवंबर में तीन कंपनियों के शेयरों का स्टॉक स्प्लिट होगा। Gujarat Natural Resources के शेयरों की फेस वैल्यू ₹10 से घटकर ₹1 हो जाएगी। वहीं, Knowledge Marine & Engineering Works के शेयरों की फेस वैल्यू ₹5 से घटकर ₹1 और Interarch Building Solutions की ₹10 से घटकर ₹2 होगी।

इसके अलावा, FDC और Medi Assist Healthcare Services ने शेयर बायबैक के लिए रिकॉर्ड डेट तय की है। FDC की रिकॉर्ड डेट 13 नवंबर और Medi Assist की 20 नवंबर है। वहीं, Crescentis Capital, Suvidhaa Infoserve और Kanel Industries ने राइट्स इश्यू के लिए रिकॉर्ड डेट घोषित की है।

कंपनीकॉरपोरेट एक्शनरिकॉर्ड डेट
Gujarat Natural Resourcesस्टॉक स्प्लिट: ₹10 से ₹15 नवंबर
Crescentis Capitalराइट्स इश्यू4 नवंबर
Suvidhaa Infoserveराइट्स इश्यू4 नवंबर
Knowledge Marine & Engineering Worksस्टॉक स्प्लिट: ₹5 से ₹16 नवंबर
FDCशेयर बायबैक13 नवंबर
Kanel Industriesराइट्स इश्यू13 नवंबर

Medi Assist Healthcare Services

शेयर बायबैक20 नवंबर

Interarch Building Solutions

स्टॉक स्प्लिट: ₹10 से ₹230 नवंबर

Stocks to Watch: 2 नवंबर को फोकस में रहेंगे ये 34 स्टॉक्स, रिलायंस और जियो से लेकर टाटा मोटर्स तक शामिल

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।



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Saturday, October 31, 2026

Jio के सब्सक्राइबर्स के लिए खुशखबरी, कंपनी ने लॉन्च किए शुरुआती 147 रुपये से सस्ते वॉयस प्लान

रिलांयस जियो के सब्सक्राइबर्स के लिए खुशखबरी है। कंपनी ने अपने ग्राहकों को दिवाली से ठीक पहले तोहफा दिया है। उसने सस्ते वॉयल प्लान लॉन्च किए हैं। इससे कंपनी के उन सब्सक्राइबर्स को फायदा होगा, जो सिर्फ कॉलिंग के लिए अपने फोन का इस्तेमाल करते हैं। कंपनी के डेटा वाले प्लान भी सब्सक्राइबर्स के लिए उपलब्ध हैं। इन ने प्लान के बारे में विस्तार से जानते हैं।

सिर्फ वॉयस कॉलिंग करने वालों के लिए चार नए प्लान

कंपनी ने फोन का इस्तेमाल सिर्फ वॉयस कॉलिंग करने वाले सब्सक्राइबर्स के लिए चार नए प्लान लॉन्च किए हैं। इसका शुरुआती प्लान 147 रुपये का है। इस प्लान की वैलिडिटी 22 दिन की है। इस प्लान के तहत सब्सक्राइबर्स अनिलिमिटेड वॉयस कॉल कर सकते हैं। साथ ही वैलिडिटी पीरियड में उन्हें 300 एसएमएस की सुविधा भी मिलती है। इस हिसाब से इस प्लान के तहत कॉलिंग का रोजाना खर्च सिर्फ 6.68 रुपये आता है।

177 रुपये के प्लान में मिलेगी 28 दिन की वैलिडिटी

सिर्फ वॉयल कॉलिंग का दूसरा प्लान 177 रुपये का है। इस प्लान की वैलिडिटी 28 दिन की है। इस प्लान में भी सब्सक्राइबर्स को अनलिमिटेड वॉयस कॉलिंग की सुविधा मिलेगी। साथ में 300 एसएमएस की भी सुविधा मिलेगी। इस प्लान के सब्सक्राइबर का रोजाना का मोबाइल इस्तेमाल करने का खर्च सिर्फ 6.32 पैसे आएगा।

196 रुपये के प्लान में मिलेगी 30 दिन की वैलिडिटी

तीसरा प्लान 196 रुपये का है। सिर्फ वॉयस कॉलिंग वाले इस प्लान में वैलिडिटी 30 दिन की होगी। इसमें अनलिमिटेड कॉलिंग की सुविधा मिलेगी। साथ ही साथ कंपनी 300 एसएमएस की सुविधा भी ऑफर कर रही है। इस प्लान के इस्तेमाल पर यूजर का रोजाना का खर्च 6.53 रुपये आएगा।

197 रुपये के प्लान में मिलेगी कैलेंडर मंथ की वैलिडिटी

कंपनी ने एक कैलेंडर मंथ का भी प्लान लॉन्च किया है। इसकी कीमत 197 रुपये है। इसका मतलब है कि इस प्लान में सब्सक्राइबर को पूरे महीने तक वॉयस कॉलिंग की सुविधा मिलेगी। महीना चाहे 30 दिन का हो या 31 का हो, सब्सक्राइबर को पूरे महीने तक वॉयस कॉलिंग और एसएमएस की सुविधा मिलेगी।

भारती एयरटेल ने भी लॉन्च किए थे ओनली वॉयस प्लान

इससे पहले भारती एयरटेल ने सब्सक्राइबर्स के लिए सिर्फ वॉयस कॉलिंग प्लान लॉन्च किए थे। सिर्फ वॉयस प्लान में मोबाइल डेटा नहीं मिलता है। हालांकि, एयरटेल का शुरुआती ओनली वॉयस कॉलिंग प्लान 185 रुपये का है। इस प्लान की वैलिडिटी 28 दिन की है। इस प्लान में भी 300 एसएमएस की सुविधा मिलेगी।

एयरटेल के 203 रुपये के प्लान की वैलिडिटी 30 दिन 

एयरटेल का दूसरा ओनली वॉयस प्लान 203 रुपये का है। इसकी वैलिडिटी 30 दिन की है। एयरटेल का कैलेंडर मंथ प्लान 206 रुपये का है। यह प्लान पूरे महीने तक चलेगा। अगर महीना 31 दिन का है तो यह प्लान 31 दिन तक चलेगा। इसका मतलब है कि सब्सक्राइबर को एक महीने में मोबाइल सिर्फ एक बार रिचार्ज कराना पड़ेगा।

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TRAI ने टेलीकॉम कंपनियों को दिया था निर्देश 

टेलीकॉम रेगुलेटर TRAI ने टेलीकॉम कंपनियों को मोबाइल डेटा के बगैर प्लान लॉन्च करने को कहा था। इसके लिए उसने टेलीकॉम कंपनियों को 21 अक्तूबर तक का समय दिया था। रेगुलेटर ने यह निर्देश उन मोबाइल सब्सक्राइबर्स को ध्यान में रख दिया था, जो अपने फोन का इस्तेमाल सिर्फ वॉयस कॉलिंग के लिए करते हैं। खासकर ग्रामीण इलाकों में ऐसे सब्सक्राइबर्स की संख्या काफी ज्यादा है।

डिसक्लेमर: मनीकंट्रोल नेटवर्क18 ग्रुप का हिस्सा है। नेटवर्क18 का नियंत्रण इंडिपेंडेंट मीडिया ट्रस्ट के पास है, जिसकी रिलायंस इंडस्ट्रीज एकमात्र लाभार्थी है।



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Windfall Tax: सरकार ने पेट्रोल के एक्सपोर्ट पर विंडफॉल टैक्स किया जीरो, डीजल और ATF पर ड्यूटी बढ़ाई

सरकार ने शनिवार को डीजल और एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF या जेट फ्यूल) के निर्यात पर विंडफॉल गेन्स टैक्स बढ़ा दिया। वहीं पेट्रोल के मामले में इस ड्यूटी को घटाकर शून्य कर दिया। ये बदलाव 31 अक्टूबर से शुरू होने वाली 15 दिनों की अवधि के लिए लागू होंगे। ATF के निर्यात पर विंडफॉल टैक्स को 10.5 रुपये प्रति लीटर से बढ़ाकर 11 रुपये प्रति लीटर कर दिया गया है। डीजल के निर्यात पर स्पेशल एडिशनल एक्साइज ड्यूटी (SAED) और रोड एंड इंफ्रास्ट्रक्चर सेस को मिलाकर अब कुल ड्यूटी 11.5 रुपये प्रति लीटर कर दी गई है। पहले यह 8.5 रुपये प्रति लीटर थी।

वहीं पेट्रोल के निर्यात पर विंडफॉल टैक्स को 2.5 रुपये प्रति लीटर से घटाकर शून्य कर दिया गया है। वित्त मंत्रालय ने एक नोटिफिकेशन में कहा कि विंडफॉल गेन्स टैक्स में ये बदलाव 31 अक्टूबर 2026 से लागू होंगे। घरेलू खपत के लिए उपलब्ध पेट्रोल और डीजल पर लगने वाले मौजूदा शुल्क में कोई बदलाव नहीं किया गया है।

अक्टूबर में इससे पहले दो बार विंडफॉल टैक्स में क्या हुआ था बदलाव

इससे पहले सरकार ने 16 अक्टूबर से शुरू 15 दिनों की अवधि के लिए पेट्रोल के निर्यात पर विंडफॉल टैक्स 0.5 रुपये प्रति लीटर से बढ़ाकर 2.5 रुपये प्रति लीटर कर दिया था। डीजल के निर्यात पर ड्यूटी 16 रुपये प्रति लीटर से घटाकर 8.5 रुपये प्रति लीटर कर दी थी। 1 अक्टूबर से शुरू 15 दिनों की अवधि के लिए डीजल के एक्सपोर्ट पर ड्यूटी 20 रुपये से घटाकर 16 रुपये प्रति लीटर कर दी थी। ATF के एक्सपोर्ट पर ड्यूटी को 15 रुपये प्रति लीटर से घटाकर 10.5 रुपये प्रति लीटर किया गया था। वहीं पेट्रोल के एक्सपोर्ट पर इस टैक्स में कोई बदलाव न करते हुए दर को 0.5 रुपये प्रति लीटर पर बरकरार रखा गया था।

क्यों लगता है विंडफॉल टैक्स

विंडफॉल टैक्स का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में तेजी का फायदा उठाकर निर्यातक अनुचित लाभ न कमा सकें और पेट्रोलियम उत्पादों की पर्याप्त घरेलू उपलब्धता बनी रहे। पिछले दो सप्ताह में तेल की औसत कीमतों के आधार पर हर 15 दिनों पर विंडफॉल टैक्स की रेट का रिव्यू किया जाता है। बता दें कि कच्चे तेल को जमीन और समुद्र से निकाल कर रिफाइन किया जाता और इसे पेट्रोल, डीजल और एयर टर्बाइन फ्यूल (ATF) में कनवर्ट किया जाता है।

मार्च 2026 से फिर लगने लगा है यह टैक्स

भारत ने विंडफॉल गेन्स टैक्स सबसे पहले जुलाई 2022 में लागू किया था। फिर 2 साल बाद दिसंबर 2024 में इसे हटा दिया। लेकिन फिर फरवरी 2026 में ईरान के खिलाफ शुरू हुए अमेरिका-इजराइल युद्ध से कच्चे तेल की कीमतों में तगड़ा उछाल आया। इसे देखते हुए मार्च 2026 में यह लेवी फिर से लागू की गई। उस वक्त डीजल और ATF के निर्यात पर शुल्क लगाया गया और अभी भी जारी है। फिर मई 2026 से पेट्रोल के निर्यात पर भी यह शुल्क फिर से लगा दिया गया।



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Friday, October 30, 2026

Market Outlook : बढ़त के साथ बंद हुए सेंसेक्स-निफ्टी, जानिए 2 नवंबर को कैसी रह सकती है इनकी चाल

Market Outlook : 30 अक्टूबर को भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स लगातार दूसरे दिन बढ़त के साथ बंद हुए हैं। निफ्टी आज 23,000 के ऊपर बंद हुआ। कारोबारी सत्र के अंत में सेंसेक्स 308.49 अंक या 0.42 प्रतिशत की तेजी के साथ 74,459.53 पर और निफ्टी 116.35 अंक या 0.51 प्रतिशत की तेजी के साथ 23,053.10 पर बंद हुआ। आज 1311 शेयरों में तेजी आई, 2862 शेयरों में गिरावट दर्ज की गई और 170 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ।

निफ्टी पर सबसे ज्यादा बढ़त दर्ज करने वाले शेयरों में ट्रेंट, इंटरग्लोब एविएशन, एचसीएल टेक्नोलॉजीज, इंफोसिस और सन फार्मा शामिल रहे। जबकि अदाणी पोर्ट्स, श्रीराम फाइनेंस, अदाणी एंटरप्राइजेज, एमएंडएम और कोल इंडिया में गिरावट देखने को मिली।

सेक्टरों की बात करें तो आईटी इंडेक्स में 2.3% और फार्मा इंडेक्स में 1.8% की तेजी आई। वहीं, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, पीएसयू बैंक, एनर्जी और मीडिया सेक्टर में 1 प्रतिशत से अधिक की गिरावट रही, जबकि ऑटो, निफ्टी बैंक, एफएमसीजी, मेटल और रियल्टी सेक्टर में 0.5% की गिरावट दर्ज की गई। निफ्टी मिडकैप इंडेक्स में 0.8 प्रतिशत और स्मॉलकैप इंडेक्स में 1.8 प्रतिशत की गिरावट आई।

इस हफ्ते बाजार

वीकली बेसिस पर देखें तो बाजार ने पिछले हफ्ते के नुकसान की भरपाई कर ली है, निफ्टी में करीब 2% की तेजी आई है। पिछले हफ्ते की भारी गिरावट के बाद ब्रॉडर मार्केट ने बेहतर प्रदर्शन किया है, निफ्टी स्मॉलकैप में 4% से ज्यादा की तेजी रही है। फार्मा और रियल्टी शेयरों में सबसे ज्यादा तेजी आई है,निफ्टी फार्मा 7% से ज्यादा ऊपर बंद हुआ है।

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स में हेड ऑफ रिसर्च विनोद नायर का कहना है कि लगातार बनी महंगाई की चिंताओं के कारण इक्विटी मार्केट दबाव में रहा। फेड के साथ-साथ ECB और BoJ ने भी ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया। जबकि AI वैल्यूएशन को लेकर नई चिंताओं का असर एशियाई बाजारों पर भी दिखा।

अमेरिका-ईरान तनाव की नई खबरों के बीच कच्चे तेल की कीमतों में और तेजी आई, जिससे बाजार का सेंटिमेंट और कमजोर हो गया। इसके चलते मिड-कैप और स्मॉल-कैप शेयरों में बड़े पैमाने पर बिकवाली देखने को मिली। लार्ज-कैप शेयरों ने अपेक्षाकृत बेहतर मजबूती दिखाई, जिसे IT सेक्टर का सहारा मिला। ग्लोबल AI शेयरों से पैसा निकालकर चुनिंदा IT शेयरों में निवेश किया गया। वहीं, अच्छे नतीजों और डिफेंसिव डिमांड के चलते फार्मा और हेल्थकेयर सेक्टर में तेजी रही।

आगे कैसी रह सकती है बाजार की चाल?

HDFC सिक्योरिटीज में सीनियर टेक्निकल रिसर्च एनालिस्ट नागराज शेट्टी का कहना है कि गुरुवार को एक मजबूत अपसाइड ब्रेकआउट दिखाने के बाद,निफ्टी ने शुक्रवार को भी अपनी तेजी जारी रखी और 115 अंक ऊपर बंद हुआ। डेली चार्ट पर एक अच्छी पॉजिटिव कैंडल बनी है, जो एक निर्णायक ब्रेकआउट के बाद बाजार में लगातार खरीदारी आने का संकेत देती है।

वीकली चार्ट पर निफ्टी ने एक लंबी बुल कैंडल बनाई है। यह कैंडल एक अहम मीडियम-टर्म ट्रेंड लाइन सपोर्ट के पास बनी है,जो पिछले तीन हफ्तों की बुल और बियर कैंडल्स की एक सीरीज का हिस्सा है।

निफ्टी अब 23200 के स्तर के आसपास एक अहम ओवरहेड रेजिस्टेंस के करीब पहुंच रहा है ।पोलैरिटी में बदलाव के मुताबिक यह एक अहम रेजिस्टेंस है । इसलिए,आगे और तेजी आने से पहले अगले हफ्ते की शुरुआत में बाजार में कंसोलिडेशन (एक दायरे में उतार-चढ़ाव) या ऊपरी स्तरों से थोड़ी गिरावट देखने को मिल सकती है। हालांकि,अगर निफ्टी 23200 के स्तर को निर्णायक रूप से पार कर लेता है तो यह बहुत जल्द 23500-23600 के स्तर तक पहुंच सकता है। अगर ऊपरी स्तरों से कोई करेक्शन आता है तो निफ्टी को 22800 के आसपास सपोर्ट मिल सकता है।

LKP सिक्योरिटीज के टेक्निकल एनालिस्ट,वत्सल भुवा का कहना है कि कुछ सत्रों के कंसोलिडेशन के बाद,गुरुवार को निफ्टी में ब्रेकआउट देखने को मिला। यह 22,800 के अहम स्तर के ऊपर बंद हुआ और इसने अपने 20-DMA को फिर से हासिल कर लिया। RSI में भी बुलिश क्रॉसओवर हुआ है जो मोमेंटम में सुधार का संकेत है। 3-घंटे के चार्ट पर एक 'सिमेट्रिकल ट्रायंगल' पैटर्न बन रहा है। इसकी पुष्टि के लिए 23,250 के स्तर के ऊपर ब्रेकआउट होना जरूरी है। जब तक इंडेक्स 22,800 के स्तर के ऊपर बना रहता है, तब तक शॉर्ट-टर्म आउटलुक पॉजिटिव रहेगा।

ट्रेडर्स 23,250 के आसपास कुछ मुनाफा बुक कर सकते हैं, जबकि बाकी लॉन्ग पोजीशन को 22,950 के ट्रेलिंग स्टॉप-लॉस के साथ होल्ड कर सकते हैं।

PL कैपिटल में एडवाइजरी और डीलिंग के चीफ बिजनेस ऑफिसर विक्रम कसाट का कहना है कि आज भारतीय इक्विटी बाजारों में तेजी रही। ब्रॉडर मार्केट में सुस्त भागीदारी के बावजूद, सेंसेक्स और निफ्टी में लगभग 0.6% की बढ़त दर्ज की गई। IT और फार्मा शेयरों ने बेंचमार्क इंडेक्स को सहारा दिया। वहीं, मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स में लगभग 0.9% और 1.6% की गिरावट आई, जो निवेशकों के बीच बने सतर्कता के सेंटीमेंट का संकेत है। हालांकि,मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच ब्रेंट क्रूड का भाव 115 डॉलर प्रति बैरल के आसपास बना हुआ है,जो भारत के आयात बिल, महंगाई और मुद्रा की स्थिरता के लिए एक बड़ी चिंता का विषय है।

डॉलर के मुकाबले रुपया ₹95.22 पर खुला। वहीं,महंगाई की चिंताओं और अमेरिकी फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति को लेकर बनी अनिश्चितता के कारण सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव देखने को मिला।

आगे कंपनियों के मजबूत नतीजों और घरेलू निवेशकों के रुख से इक्विटी बाजारों को सहारा मिल सकता है। लेकिन,विदेशी निवेशकों की लगातार निकासी और कच्चे तेल की ऊंची कीमतों को देखते हुए,निवेशकों को बहुत सोच-समझकर निवेश करना चाहिए और फंडामेंटल रूप से मजबूत कंपनियों को प्राथमिकता देनी चाहिए।

 

MF Investment : वाइजइन्वेस्ट के हेमंत रुस्तगी से जानें, पोर्टफोलियो में 2 स्मॉलकैप फंड रखना राहत या आफत

 

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Wednesday, October 28, 2026

महिलाओं और बच्चों के खिलाफ ऑनलाइन अपराधों पर UP पुलिस की सख्त कार्रवाई, 24 बच्चों का किया गया रेस्क्यू

उत्तर प्रदेश पुलिस ने साइबर स्पेस में महिलाओं और बच्चों के खिलाफ होने वाले ऑनलाइन अपराधों, यौन उत्पीड़न और शोषण के मामलों पर बेहद सख्त और प्रभावी कार्रवाई की है। उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा चलाए गए अभियान और क्विक ऑपरेशन की वजह से ऑनलाइन शोषण और उत्पीड़न के जाल में फंसे अब तक कुल 24 बच्चों का सुरक्षित रेस्क्यू किया गया है।

जानिए किस तरह अपराध को अंजाम देते हैं अपराधी

उत्तर प्रदेश पुलिस की ओर से जारी आधिकारिक प्रेस नोट के मुताबिक अपराधी अपनी पहचान छिपाकर या पड़ोस, पारिवारिक या सामाजिक संबंधों का फायदा उठाकर बच्चों का यौन शोषण करते हैं। कुछ मामलों में अपराधी बच्चों से संबंधित आपत्तिजनक फोटो और वीडियो बना लेते हैं और फिर उन्हें ब्लैकमेल कर गलत काम करने पर मजबूर करते हैं। कई बार डिजिटल माध्यमों से ऐसी चाइल्ड सेक्सुअल एक्सप्लोइटेशन एंड एब्यूज मैटेरियल (CSEAM) सामग्री तैयार कर उसे व्हाट्सएप, फेसबुक, इंस्टाग्राम, टेलीग्राम, स्नैपचैट और जीमेल जैसे ऑनलाइन सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के जरिए बेचा और प्रसारित किया जाता है। यह सामग्री बच्चों के अधिकारों और उनकी गरिमा का गंभीर उल्लंघन है और इसे वैश्विक स्तर पर सबसे गंभीर साइबर अपराधों में से एक माना जाता है। CSEAM का प्रसार बच्चों को लंबे समय तक शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक क्षति पहुंचा सकता है।

यूपी पुलिस को कैसे मिलती है इन अपराधों की सूचना?

महिलाओं और बच्चों के खिलाफ ऑनलाइन अपराधों की जानकारी मुख्य रूप से दो प्रमुख अंतरराष्ट्रीय व राष्ट्रीय तंत्रों के जरिए पुलिस तक पहुंचती है।

1. NCMEC और CYBER TIPLINE (अंतरराष्ट्रीय तंत्र)

National Center for Missing & Exploited Children (NCMEC) अमेरिका स्थित एक गैर-लाभकारी संस्था है। ये बच्चों के यौन शोषण, ऑनलाइन उत्पीड़न और लापता बच्चों से संबंधित मामलों पर काम करती है। NCMEC द्वारा संचालित Cyber Tipline एक सेंट्रलाइज रिपोर्टिंग सिस्टम है। इसके जरिए मेटा, गूगल, माइक्रोसॉफ्ट, स्नैपचैट, टिकटॉक जैसी इलेक्ट्रॉनिक सर्विस प्रदाता कंपनियां संभावित CSEAM सामग्री और ऑनलाइन यौन शोषण गतिविधियों की रिपोर्ट भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (I4C) को भेजती हैं।

गृह मंत्रालय (भारत सरकार) के अधीन संचालित I4C और NCMEC के बीच 01 अप्रैल 2024 से एक MoU इफेक्टिव है। इसके तहत भारत से जुड़ी साइबर टिपलाइन रिपोर्ट्स सीधे I4C को मिलती हैं। I4C की OCWC (Online Cybercrime against Women and Children) इकाई इन रिपोर्ट्स का विश्लेषण कर संबंधित राज्यों और पुलिस एजेंसियों को कार्रवाई के लिए भेजती है।

2. NCRP (राष्ट्रीय पोर्टल)

केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा संचालित नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (www.cybercrime.gov.in) के माध्यम से भी शिकायतें प्राप्त होती हैं। इस राष्ट्रीय प्लेटफॉर्म पर पीड़ित व्यक्ति अपनी पहचान छिपाकर भी ऑनलाइन अपराध की शिकायत दर्ज करा सकता है।

I4C के OCWC के माध्यम से NCMEC और NCRP से प्राप्त शिकायतों और सूचनाओं का सबसे पहले उत्तर प्रदेश साइबर मुख्यालय स्तर पर परीक्षण किया जाता है। इसके बाद इन रिपोर्ट्स को संबंधित पुलिस कमिश्नरेट या जिलों को आगे की विधिक कार्रवाई के लिए भेजा जाता है। जिलों की पुलिस इन सूचनाओं का वेरिफिकेशन करती हैं। प्रथम दृष्टया संज्ञेय अपराध पाए जाने पर नियमानुसार एफआईआर (FIR) दर्ज की जाती है। जांच के दौरान उपलब्ध डिजिटल और अन्य साक्ष्यों के आधार पर संदिग्धों की भूमिका की जांच की जाती है। पर्याप्त सबूत मिलने पर आरोपियों की गिरफ्तारी की जाती है और सक्षम अदालत में चार्जशीट दाखिल की जाती है। इसके साथ ही पीड़ितों की सुरक्षा और संरक्षण के लिए भी आवश्यक कदम उठाए जाते हैं।

बच्चों की सुरक्षा के प्रति प्रतिबद्धता

उत्तर प्रदेश पुलिस ने स्पष्ट किया है कि वह बाल यौन शोषण सहित महिलाओं और बच्चों के विरुद्ध होने वाले सभी प्रकार के ऑनलाइन साइबर अपराधों की रोकथाम, पीड़ितों की पहचान और दोषियों के खिलाफ नियमानुसार सख्त विधिक कार्रवाई के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।



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Bandhan Bank Q2 Results: बंधन बैंक का मुनाफा 24% बढ़कर ₹622 करोड़ हुआ, NPA में भी सुधार

Bandhan Bank Q2 Results: प्राइवेट सेक्टर के बंधन बैंक का वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही में मुनाफा पिछली तिमाही के मुकाबले 23.9% बढ़कर ₹622 करोड़ रहा। जून तिमाही में बैंक ने ₹502 करोड़ का मुनाफा दर्ज किया था। वहीं, नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) 1.3% बढ़कर ₹2,960.4 करोड़ हो गई, जो पिछली तिमाही में ₹2,921 करोड़ थी।

एसेट क्वालिटी में सुधार

बैंक की एसेट क्वालिटी में भी सुधार हुआ। सितंबर 2026 के अंत में ग्रॉस NPA घटकर 3.11% रहा, जो जून तिमाही में 3.15% था। नेट NPA भी 0.93% से घटकर 0.92% पर आ गया। प्रोविजनिंग पिछली तिमाही के ₹683 करोड़ से बढ़कर ₹717.5 करोड़ रही। हालांकि, पिछले साल की समान तिमाही में यह ₹1,152.7 करोड़ थी।

लोन और डिपॉजिट में बढ़ोतरी

30 सितंबर 2026 तक बैंक का ग्रॉस एडवांस 13% बढ़कर ₹1.58 लाख करोड़ हो गया। एक साल पहले यह ₹1.40 लाख करोड़ था। सिक्योर्ड लोन में 18% की बढ़ोतरी हुई। बैंक के कुल एडवांस में इनकी हिस्सेदारी 57% से ज्यादा हो गई। रिटेल बुक में हाउसिंग लोन को छोड़कर 42% और होलसेल बैंकिंग एडवांस में 32% की ग्रोथ हुई। वहीं, हाउसिंग लोन 4% और EEB पोर्टफोलियो 2% बढ़ा।

बैंक का कुल डिपॉजिट सालाना आधार पर 9% बढ़कर ₹1.73 लाख करोड़ हो गया। CASA डिपॉजिट ₹46,132 करोड़ रहा और CASA रेशियो 27% था। CASA और रिटेल टर्म डिपॉजिट मिलाकर कुल डिपॉजिट का 73% रहे।

पहली छमाही में मुनाफा दोगुने से ज्यादा

पहली छमाही में बैंक का नेट प्रॉफिट ₹1,123 करोड़ रहा, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह ₹484 करोड़ था। NII ₹5,881 करोड़ और नेट टोटल इनकम ₹7,190 करोड़ रही। प्रोविजनिंग घटकर ₹1,400 करोड़ रह गई, जो पिछले साल ₹2,299 करोड़ थी।

CEO ने क्या कहा?

बंधन बैंक के MD और CEO पार्थ प्रतिम सेनगुप्ता ने कहा कि बैंक कारोबार बढ़ाने, डिपॉजिट जुटाने और लोन पोर्टफोलियो को बेहतर बनाने पर ध्यान दे रहा है। साथ ही, एसेट क्वालिटी मजबूत रखने और मुनाफा बढ़ाने पर भी जोर है।

नतीजों से पहले बंधन बैंक का शेयर ₹155.36 पर बंद हुआ। इसमें ₹3.45 यानी 2.27% की तेजी रही।

Noel Tata Board Exit: नोएल टाटा नवंबर में टाटा ग्रुप की 6 कंपनियों के बोर्ड से हटेंगे, टाटा संस की सीट पर बने रहेंगे

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Tuesday, October 27, 2026

Car Loan Offers: दिवाली से पहले कार खरीदना चाहते हैं? तो बैंकों के इन शानदार ऑफर्स को जान लीजिए

दिवाली से पहले अगर आप कार खरीदने के बारे में सोच रहे हैं तो आपके लिए अच्छी खबर है। बैंक त्योहारों को ध्यान में रख अभी इंटरेस्ट रेट में रियायत, प्रोसेसिंग फीस से छूट और दूसरे बेनेफिट्स ऑफर कर रहे हैं। अगर लोन लेकर आप खरीदना चाहते हैं आप इन ऑफर का फायदा उठा सकते हैं।

ये बैंक कार लोन पर दे रहे हैं ऑफर

बैंक बाजार डॉट कॉम ने बैंक की वेबसाइट पर उपलब्ध जानकारी के आधार पर इस बारे में जो डेटा जुटाया है, उसके मुताबिक Indian Bank, State Bank of India (SBI), Kotak Mahindra Bank और HDFC Bank कार लोन पर कई बेनेफिट्स ऑफर कर रह हैं। इनमें शुरुआती सालाना 7.75 इंटरेस्ट रेट, प्रोसेसिंग फीस में डिस्काउंट और जीरो फोरक्लोजर चार्ज शामिल हैं।

इंडियन बैंक प्रोसेसिंग चार्ज भी नहीं ले रहा

इंडियन बैंक शुरुआती सालाना 7.75 फीसदी इंटरेस्ट रेट पर कार लोन ऑफर कर रहा है। बैंक कोई प्रोसेसिंग चार्ज नहीं ले रहा है। इससे ग्राहक के लिए कार लोन की पूरी कॉस्ट कम हो जाएगी। हालांकि, बैंक की तरफ से ऑफर किया जा रहा फाइनल इंटरेस्ट रेट बैंक के लोन की शर्तों और एलिजिबिलिट पर निर्भर करेगा।

एसबीआई इंटरेस्ट रेट में रियायत दे रहा

स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) ग्राहकों को कार लोन पर इंटरेस्ट रेट में रियायत दे रहा है। प्रोसेसिंग फीस से छूट दी जा रही है। स्टेट बैंक देश का सबसे बड़ा बैंक है। अगर आप बैंक में कार लोन का अप्लिकेशन देना चाहते हैं तो आपको पहले इंटरेस्ट रेट और दूसरी शर्तों को चेक कर लेने की जरूरत है।

कोटक महिंद्रा बैंक प्रोसेसिंग फीस में 50% छूट दे रहा

कोटक महिंद्रा बैंक कार लोन की प्रोसेसिंग फीस में 50 फीसदी तक की छूट ऑफर कर रहा है। इसके अलावा जीरो फोरक्लोजर चार्ज के बेनेफिट दे रहा है। इसका मतलब है कि अगर आप तय अवधि से पहले अपना लोन चुकाना चाहते हैं तो बैंक आपसे कोई चार्ज नहीं वसूलेगा।

एचडीएफसी बैंक 8 साल टेन्योर का लोन ऑफर कर रहा

एचडीएफसी बैंक शुरुआती सालाना 8.25 फीसदी इंटरेस्ट रेट पर कार लोन ऑफर कर रहा है। बैंक जीरो फोरक्लोजर चार्ज की भी सुविधा दे रहा है। इसके अलावा वह लोन के 8 साल का टेन्योर भी ऑफर कर रहा है। इसका मतलब है कि ग्राहक 8 साल में कार लोन का पैसा चुका सकता है। रीपेमेंट पीरियड लंबा होने से लोन की EMI कम हो जाती है।

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धनतेरस और दिवाली पर कार खरीदना शुभ माना जाता है

धनतेरस और दिवाली के मौके पर कार खरीदना शुभ माना जाता है। कई लोग कार खरीदने के लिए इस मौके का इंतजार करते हैं। न सिर्फ बैंक बल्कि कार बनाने वाली कंपनियां भी ग्राहकों को इस दौरान कई तरह के ऑफर देती हैं। कार लोन लेने से पहले बैंकों के ऑफर की तुलना कर लें। कम इंटरेस्ट वाला लोन लेने से लंबी अवधि में काफी बचत होती है।



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