Tuesday, March 10, 2026

Randeep Hooda के घर आई लक्ष्मी, Lin Laishram ने बेबी गर्ल को दिया जन्म... एक्टर हुए इमोशनल

बॉलीवुड अभिनेता रणदीप हुड्डा और उनकी पत्नी लिन लैशराम के घर बेटी का जन्म हो गया है। मंगलवार को इस खुशखबरी की घोषणा करते हुए रणदीप ने सोशल मीडिया पर अपनी नन्ही राजकुमारी की पहली तस्वीरें शेयर कीं। नया पिता बनने की खुशी में चमकते चेहरे वाली ये तस्वीरें फैंस का दिल जीत रही हैं। कपल के पहले बच्चे के स्वागत ने उनके लाखों प्रशंसकों को बधाई देने का मौका दिया।

रणदीप ने इंस्टाग्राम पर दो तस्वीरें पोस्ट कीं—एक में उनके पिता अपनी पोती को गोद में लिए नजर आए, जबकि दूसरी तस्वीर में बच्ची का नन्हा हाथ दिखाई दिया। इस भावुक पल को साझा करते हुए रणदीप ने लिखा कि बेटी का जन्म उनके पिता के जन्मदिन पर हुआ है, जिससे यह दिन उनके परिवार के लिए और भी खास बन गया। उन्होंने अपनी पत्नी लिन का शुक्रिया अदा करते हुए कहा कि यह उनके जीवन का सबसे अनमोल तोहफा है। नवंबर 2025 में प्रेग्नेंसी की घोषणा के बाद मार्च 2026 में यह खुशखबरी आई।

कपल ने शादी के तीन साल बाद पैरेंटहुड का सफर शुरू किया। 29 नवंबर 2023 को मणिपुर के इम्फाल में पारंपरिक मैतेई रीति से हुई उनकी शादी चर्चा में रही। नसीरुद्दीन शाह के थिएटर ग्रुप में 2011 में हुई पहली मुलाकात से दोस्ती प्यार में बदली। अलग संस्कृतियों के बावजूद परिवार ने समर्थन दिया। हाल ही में मैटरनिटी फोटोशूट और बेबी शावर ने उनके बंधन को और मजबूत दिखाया। रणदीप ने तब कहा था कि 49 साल की उम्र में पिता बनना उनके लिए सपना साकार है।

इस पोस्ट के बाद सोशल मीडिया पर बधाइयों की बाढ़ आ गई। फैंस और बॉलीवुड जगत के लोग रणदीप और लिन को शुभकामनाएं दे रहे हैं। रणदीप ने इस खुशी को "लाइफटाइम ऑफ लव" बताया और कहा कि पिता बनने के बाद उन्हें अपने पिता की अहमियत और भी गहराई से समझ आई है।

रणदीप, जो अपने दमदार किरदारों और गंभीर व्यक्तित्व के लिए जाने जाते हैं, अब एक नए रूप में सामने आए हैं एक संवेदनशील पिता के रूप में। बेटी का जन्म उनके लिए सिर्फ खुशी नहीं, बल्कि जिम्मेदारी और नए जीवन की शुरुआत भी है।



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Monday, March 9, 2026

Highest Paid Actor in Kalki 2898 AD: न प्रभास न दीपिका पादुकोण..., इस एक्टर को मिली कल्कि 2898 में सबसे ज्यादा फीस

Highest Paid Actor in Kalki 2898 AD: 2024 में रिलीज़ हुई साइंस फिक्शन फिल्म 'कल्कि 2898 ईस्वी' हाल के सालों की सबसे बड़ी तेलुगु ब्लॉकबस्टर फिल्मों में से एक बन गई। फिल्म की कहानी और प्रभास, अमिताभ बच्चन, दीपिका पादुकोण और कमल हासन जैसे सितारों दर्शकों को अटरेक्ट किया। लेकिन फिल्म के शानदार सीन्स के अलावा, एक और बात ने प्रशंसकों के बीच जिज्ञासा जगा दी है- फिल्म में सबसे अधिक फीस लेने वाला अभिनेता कौन था?

फिल्म निर्माता और अभिनेता युगी सेतु के अनुसार, नाग अश्विन द्वारा निर्देशित इस प्रोजेक्ट के लिए कमल हासन को सबसे ज़्यादा फीस मिली होगी। Indiaglitz से बात करते हुए युगी ने बताया कि इस साइंस फिक्शन फिल्म में अपने रोल के लिए कमल को 150 करोड़ रुपये दिए गए। युगी ने कहा, “कमल सर का कद ही ऐसा है। उन्हें 'कल्कि 2898 ईस्वी' के 20 दिनों के कॉल शीट के लिए 150 करोड़ रुपये मिल रहे हैं। मैंने उनके जन्मदिन पर उनसे कहा था कि वह भारत के सबसे ज़्यादा फीस लेने वाले अभिनेता हैं और उन्हें प्रतिदिन 10 लाख डॉलर मिल रहे हैं।”

युगी ने आगे बताया कि कहानी में एक मजेदार मोड़ तब आया जब कमल ने उन्हें फिल्म के निर्माता सी. अश्वनी दत्त से मिलवाया। अपने दोस्त को देश का सबसे अधिक कमाई करने वाला अभिनेता बनाने के लिए निर्माता को धन्यवाद देते हुए दत्त ने उन्हें यह कहकर सुधारा कि कमल ने वास्तव में 10 दिन शूटिंग की थी, न कि 20 दिन जैसा कि पहले बताया गया था। युगी ने उनकी प्रतिक्रिया याद करते हुए कहा, "माफ़ कीजिए, मैं अपनी गलती सुधार लेता हूं, यह 20 लाख डॉलर प्रति दिन है।

फिल्म में कमल हासन का किरदार सीमित स्क्रीन टाइम होने के बावजूद, पूरी कहानी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। कल्कि 2898 ईस्वी में, वह सुप्रीम यास्किन के रूप में दिखाई देते हैं, जो कॉम्प्लेक्स नामक एक निरंकुश दुनिया पर शासन करने वाला एक तानाशाह देवता-राजा है। पहले भाग में उनकी उपस्थिति कम है, लेकिन फिल्म का अंत आगामी सीक्वल में उनके किरदार की कहीं अधिक महत्वपूर्ण भूमिका का संकेत देता है।

युगी के कमेंट का महत्व इसलिए भी है क्योंकि उनका कमल हासन के साथ लंबा जुड़ाव रहा है। दोनों ने पंचतंत्रम (2002) और अनबे शिवम (2003) जैसी फिल्मों में साथ काम किया है और उनकी दोस्ती दो दशकों से अधिक पुरानी है। कमल हासन के पारिश्रमिक को लेकर यह दावा ऐसे समय में सामने आया है जब दिग्गज अभिनेता की व्यावसायिक लोकप्रियता में जबरदस्त उछाल आया है। अपेक्षाकृत धीमी बॉक्स ऑफिस परफॉर्मेंस के बाद, 2022 में विक्रम की सफलता से उनके करियर को बड़ा बढ़ावा मिला, जिसने कथित तौर पर लगभग 150 करोड़ रुपये के बजट के मुकाबले दुनिया भर में लगभग 400 करोड़ रुपये की कमाई की।

कल्कि 2898 ईस्वी के सीक्वल पर काम पहले ही शुरू हो चुका है, अमिताभ बच्चन ने हाल ही में कमल हासन के साथ सेट से तस्वीरें साझा करते हुए बताया कि दोनों लंबे अंतराल के बाद फिर से एक साथ काम कर रहे हैं।



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Sunday, March 8, 2026

Devoleena Bhattacharjee ने बॉलीवुड में कमबैक पर तोड़ी चुप्पी, बोलीं- 'अभी तो मेरे बेटे को मेरी सबसे ज्यादा जरूरत है'

टीवी की मशहूर अभिनेत्री देवोलीना भट्टाचार्जी, जो 'साथ निभाना साथिया' में गोपी बहू के रोल से घर-घर पहचानी जाती हैं, ने हाल ही में अपने करियर पर वापसी को लेकर खुलकर बात की है। मां बनने के बाद से छोटे पर्दे से दूर चल रही देवोलीना को फैंस लगातार कमबैक के सवालों से घेर रहे हैं। लेकिन उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि फिलहाल उनका पूरा ध्यान बेटे जॉय की परवरिश पर है। यह बयान सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है, जहां फैंस उनकी मातृत्व यात्रा की तारीफ कर रहे हैं।

देवोलीना का भावुक संदेश

इंस्टाग्राम पर एक लंबे नोट के जरिए देवोलीना ने लिखा, "काम कब शुरू करोगी? अब वापस आ जाओ।" ये सवाल मैं लगातार सुन रही हूं। मैं समझती हूं कि काम मेरी जिंदगी का अहम हिस्सा रहा है, जहां मैं हमेशा 100 प्रतिशत देती रही। लेकिन आज जिंदगी ने मुझे एक ऐसा रोल दिया है, जो इससे कहीं ज्यादा मांगता है - मदरहुड।" उन्होंने आगे कहा कि बेटे की प्यारी हंसी, छोटे-छोटे मील के पत्थर और उनकी बाहों में मिलने वाला सुकून ही अभी उनकी दुनिया है। "मैंने हमेशा अपना बेस्ट दिया, लेकिन मां बनने को 500 प्रतिशत चाहिए। अभी मेरे बेटे को मेरी जरूरत है, और मैंने इसे बिना किसी पछतावे के चुना है। सही समय आएगा तो काम भी शुरू हो जाएगा।" यह नोट फैंस के दिल को छू गया।

करियर का शानदार सफर 

देवोलीना ने 'साथ निभाना साथिया' से करियर की शुरुआत की, फिर 'बिग बॉस 13' और 'छठी मैय्या की बिटिया' में अपनी एक्टिंग से सबको प्रभावित किया। शादी के बाद शनवाज शेख से बेटे जॉय का जन्म हुआ, जिसके बाद उन्होंने टीवी से ब्रेक लिया। पहले भी उन्होंने कहा था कि जॉय थोड़ा बड़ा होने पर ही वापसी करेंगी। यह दौर उनके लिए खास है, जहां वे हर पल को जी रही हैं। इंडस्ट्री में कई एक्ट्रेसेज मातृत्व और करियर को बैलेंस करती हैं, लेकिन देवोलीना ने प्राथमिकता साफ कर दी।

फैंस की प्रतिक्रिया 

सोशल मीडिया पर फैंस ने उनका साथ दिया। कोई बोला, "मां बनना सबसे बड़ा रोल है," तो कोई बोला, "जल्दी वापसी का इंतजार।" देवोलीना का यह फैसला कामकाजी महिलाओं के लिए प्रेरणा है, जो परिवार और करियर के बीच संतुलन बनाना चाहती हैं। जब वे लौटेंगी, तो निश्चित रूप से धमाकेदार कमबैक होगा। तब तक, वे इस सुनहरे दौर का पूरा लुत्फ ले रही हैं।



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Welcome 4: अनिल कपूर, नाना पाटेकर और परेश रावल फिर मचाएंगे धमाल, वेलकम 4 में कर सकते हैं वापसी?

Welcome 4: कॉमेडी फिल्म 'वेलकम' के फैंस के लिए खुशखबरी है। खबरों के मुताबिक, अभिनेता परेश रावल, अनिल कपूर और नाना पाटेकर चौथी फिल्म 'वेलकम 4' में एक साथ नजर आने वाले हैं। इस खबर ने प्रशंसकों के बीच हलचल मचा दी है। स्क्रिप्ट लेखन का काम काफी आगे बढ़ चुका है।

मिड-डे ने सूत्रों के हवाले से बताया है, "फिरोज और उनकी लेखकों की टीम 'वेलकम 4' की स्क्रिप्ट लिख रही है। यह अब काफी आगे बढ़ चुकी है।" इसमें नाना पाटेकर, अनिल कपूर और परेश रावल की वापसी होगी। सूत्र ने आगे बताया, "वेलकम 4 की स्क्रिप्ट इस तरह लिखी जा रही है कि ये तीनों किरदार कहानी में सहजता से समाहित हो जाएंगे। कहानी बिल्कुल अलग होगी।

सूत्र ने बताया- वेलकम 4 में एक से अधिक ऐसे प्यारे डॉन होंगे जो अपने अंडरवर्ल्ड कारनामों से ज्यादा अपनी हास्यपूर्ण हरकतों और हाजिरजवाबी के लिए जाने जाते हैं। इन भूमिकाओं के लिए शीर्ष अभिनेताओं से बातचीत चल रही है। यह पारिवारिक शैली की फिल्म है जिसमें हास्य, ग्लैमर और एक्शन का संगम है।

इस फिल्म में उदय शेट्टी और मजनू भाई जैसे यादगार किरदार थे, जिन्हें अनिल कपूर और नाना पाटेकर ने निभाया था। उनकी कॉमेडी और केमिस्ट्री आज भी लोगों को बेहद पसंद आती है। परेश रावल द्वारा निभाए गए अनोखे डॉ. घुंघरू का किरदार भी इस फिल्म की तिकड़ी में से एक बन गया।

हाल ही में अनिल कपूर ने भी फिल्म के बारे में बात करते हुए कहा, “सबसे पहले तो अक्षय साहब के साथ मैंने ये फिल्म की थी वेलकम 1, फिर 2 में ये नहीं थे, फिर 3 में मुझे निकाल दिया और वेलकम 4 हम फिर साथ करेंगे।”

उन्होंने मजनू भाई की पेंटिंग के बारे में भी बात की, जो फिल्म की रिलीज के 20 साल बाद भी, पहली बार 2007 की ब्लॉकबस्टर फिल्म “वेलकम” में दिखाई दी थी। फिल्म में अनिल कपूर के किरदार मजनू भाई द्वारा बनाई गई अनोखी और कॉमिक पेंटिंग फिल्म के सबसे यादगार पल में से एक बन गई।

अनीस बज़मी द्वारा निर्देशित 'वेलकम' 2007 में रिलीज़ हुई थी और इसमें अक्षय कुमार, कैटरीना कैफ, अनिल कपूर, नाना पाटेकर, परेश रावल और फिरोज खान ने महत्वपूर्ण भूमिकाएँ निभाई थीं। इसमें मल्लिका शेरावत भी थीं, जिनकी मनोरंजक भूमिका की खूब सराहना की गई थी।



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भारत की पहली रिंग मेट्रो दिल्ली में शुरू हुई, पिंक-मैजेंटा लाइन के नए कॉरिडोर के देखें रूट्स

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को दिल्ली में दो नए मेट्रो कॉरिडोर का उद्घाटन किया। पीएम मोदी ने, पिंक व मजेंटा लाइन के नए कॉरिडोर की शुरुआत करने के साथ ही तीन नए मेट्रो कॉरिडोर का शिलान्यास किया। खास बात यह है कि इस नए कॉरिडोर के जरिए आगे चलकर नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट तक मेट्रो कनेक्टिविटी बढ़ाने का रास्ता भी साफ होगा।

18,300 करोड़ की लागत

इन नए रूट्स के शुरू होने से राजधानी के कई इलाकों में बेहतर और तेज कनेक्टिविटी मिलेगी। दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) के इन प्रोजेक्ट्स पर 18,300 करोड़ रुपये से ज्यादा लागात लगी है। इनमें पहला कॉरिडोर मजलिस पार्क से मौजपुर-बाबरपुर (पिंक लाइन) तक है, जिसकी लंबाई करीब 12.3 किलोमीटर है। दूसरा कॉरिडोर दीपाली चौक से मजलिस पार्क (मैजेंटा लाइन) तक है, जो लगभग 9.9 किलोमीटर लंबा है। इन नए मेट्रो रूट्स से बुराड़ी, जगतपुर-वजीराबाद, खजूरी खास, भजनपुरा, यमुना विहार, मधुबन चौक, हैदरपुर बादली मोड़, भलस्वा और मजलिस पार्क जैसे कई इलाकों के लोगों को सीधा फायदा मिलेगा और उनका सफर पहले से ज्यादा आसान हो जाएगा।

मजलिस पार्क–मौजपुर बाबरपुर कॉरिडोर

मजलिस पार्क से मौजपुर बाबरपुर तक बने इस मेट्रो कॉरिडोर में आठ एलिवेटेड (ऊपर बने) स्टेशन हैं। यह कॉरिडोर पहले से चल रही मजलिस पार्क–शिव विहार पिंक लाइन का हिस्सा है। इस नए हिस्से के शुरू होने के साथ ही दिल्ली मेट्रो की पिंक लाइन अब पूरी तरह से एक रिंग मेट्रो लाइन बन गई है। इसकी कुल लंबाई अब लगभग 71.56 किलोमीटर हो गई है। यह भारत की पहली ऐसी मेट्रो लाइन है जो पूरे शहर के चारों ओर रिंग की तरह चलती है।

इस कॉरिडोर के स्टेशनों में मजलिस पार्क, बुराड़ी, झरोदा माजरा, जगतपुर-वजीराबाद, सूरघाट, नानकसर-सोनिया विहार, खजूरी खास, भजनपुरा, यमुना विहार और मौजपुर-बाबरपुर शामिल हैं। इस नए रूट में यमुना नदी पर एक नया पुल भी बनाया गया है। इसके साथ ही यहां डबल-डेकर वायडक्ट भी तैयार किया गया है, जिसमें ऊपर मेट्रो लाइन और नीचे सड़क का फ्लाईओवर बनाया गया है। इससे ट्रैफिक और यात्रा दोनों आसान होंगे।

दीपाली चौक–मजलिस पार्क कॉरिडोर

दूसरा मेट्रो कॉरिडोर दीपाली चौक से मजलिस पार्क तक बनाया गया है। यह बॉटनिकल गार्डन–कृष्णा पार्क एक्सटेंशन मैजेंटा लाइन का एक नया एलिवेटेड विस्तार है। इस कॉरिडोर में कुल सात मेट्रो स्टेशन बनाए गए हैं। इस नए हिस्से के शुरू होने से मैजेंटा लाइन की कुल लंबाई अब करीब 49 किलोमीटर हो गई है। इस रूट पर दीपाली चौक, मधुबन चौक, उत्तर पीतमपुरा–प्रशांत विहार, हैदरपुर गांव, हैदरपुर बादली मोड़, भलस्वा और मजलिस पार्क जैसे स्टेशन शामिल हैं। इस कॉरिडोर के कुछ हिस्से लगभग 28.36 मीटर की ऊंचाई तक बने हुए हैं। इसी वजह से यह दिल्ली मेट्रो नेटवर्क के सबसे ऊंचे सेक्शन में से एक माना जा रहा है।



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Cinema Ka Flashback: राज कपूर की बीमारी से जन्मी अमर कहानी, राजेश खन्ना बने थे फिल्म के नए हीरो

हिंदी सिनेमा की अमर कृति 'आनंद' की कहानी के पीछे एक अनकही दास्तान छिपी है, जो दोस्ती, चिंता और सकारात्मकता की मिसाल है। 1971 में रिलीज हुई इस फिल्म को ऋषिकेश मुखर्जी ने बनाया, जिसमें राजेश खन्ना ने कैंसर से जूझते आनंद का किरदार निभाया। लेकिन क्या आप जानते हैं कि यह फिल्म मूल रूप से राज कपूर के लिए सोची गई थी? उनकी बीमारी ने ही इस ब्लॉकबस्टर को जन्म दिया।

राज कपूर की तबीयत ने बदला सबकुछ

ऋषिकेश मुखर्जी और राज कपूर की गहरी दोस्ती जगजाहिर थी। 1960 के दशक के अंत में राज कपूर को अस्थमा और पल्स संबंधी गंभीर समस्या हो गई थी। वे बीमार होने के बावजूद हमेशा मुस्कुराते रहते और आसपास खुशियां बांटते। मुखर्जी इस सकारात्मकता से इतने प्रभावित हुए कि उन्होंने एक फिल्म की स्क्रिप्ट लिखी, जो राज कपूर की जिंदगी से प्रेरित थी। आनंद का किरदार सीधे राज कपूर की मुस्कान और हिम्मत से लिया गया था। लेकिन जब शूटिंग की बात आई, तो मुखर्जी के मन में डर बैठ गया। आनंद को लिम्फोसारकोमा नामक कैंसर होता है, और राज कपूर पहले से कमजोर थे। उन्हें लगा कि फिल्म की भावुक कहानी उनकी सेहत पर भारी पड़ सकती है। इस 'वहम' ने फैसला बदल दिया।

राजेश खन्ना की अप्रत्याशित एंट्री

राज कपूर को हटाने के बाद मुखर्जी नए हीरो की तलाश में थे। तभी सुपरस्टार राजेश खन्ना खुद उनके पास आए और रोल मांग लिया। कम बजट की फिल्म के लिए यह सरप्राइज था। राजेश ने आनंद को इतनी गहराई से जिया कि दर्शक आज भी उनके डायलॉग 'बाबूमोशाय, जिंदगी बड़ी होनी चाहिए, लंबी नहीं' भूल नहीं पाए। अमिताभ बच्चन का भास्कर मुखर्जी का किरदार खुद निर्देशक से प्रेरित था, जो दोस्त की बीमारी से हमेशा चिंतित रहता। फिल्म मात्र 30 दिनों में पूरी हुई, जो उस दौर के लिए कमाल था।

सिनेमा में अमर विरासत

'आनंद' ने राष्ट्रीय पुरस्कार जीता और वेनिस फिल्म फेस्टिवल में राजेश खन्ना को स्पेशल अवॉर्ड मिला। यह फिल्म जिंदगी के फलसफे को सिखाती है। राज कपूर 1988 में अस्थमा जटिलताओं से चल बसे, लेकिन उनकी सकारात्मकता 'आनंद' में जीवित है। मुखर्जी ने बाद में कहा, "फिल्म का असली हीरो अमिताभ था, लेकिन राजेश ने इसे अमर बनाया।" यह किस्सा साबित करता है कि कभी-कभी किस्मत और दोस्ती मिलकर इतिहास रच देते हैं। आज भी नई पीढ़ी इसे देखकर प्रेरणा लेती है।



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Saturday, March 7, 2026

नेपाल चुनाव पर पीएम मोदी का पहली प्रतिक्रिया, दोनों देशों के रिश्तों को लेकर कही ये बात

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को नेपाल में हुए चुनाव के शांतिपूर्ण और सफल आयोजन पर वहां की जनता और सरकार को बधाई दी। बता दें कि, इस समय नेपाल में नई सरकार के लिए वोटों की गिनती जारी है। पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए लिखा कि वे नेपाल के लोगों और सरकार को चुनाव सफल और शांतिपूर्ण तरीके से कराने के लिए दिल से बधाई देते हैं। उन्होंने कहा कि नेपाली लोगों को अपने लोकतांत्रिक अधिकारों का इतने उत्साह के साथ इस्तेमाल करते देखना खुशी की बात है।

पीएम मोदी ने बताया मील का पत्थर

पीएम मोदी ने इस चुनाव को नेपाल की लोकतांत्रिक यात्रा में एक महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक मील का पत्थर बताया। उन्होंने कहा कि यह पल नेपाल के लिए गर्व का क्षण है। नेपाल में पिछले साल केपी शर्मा ओली की सरकार के खिलाफ बड़े स्तर पर विरोध प्रदर्शन हुए थे। इन प्रदर्शनों का नेतृत्व खास तौर पर युवा पीढ़ी (Gen Z) ने किया था और इसकी वजह सोशल मीडिया पर लगाए गए प्रतिबंध के साथ-साथ देस में फैले भ्रष्टाचार को लेकर था। इन विरोध प्रदर्शनों के बाद केपी शर्मा ओली को प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा। इसके बाद राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल ने 12 सितंबर को हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स को भंग कर दिया और सुशीला कार्की को कार्यवाहक प्रधानमंत्री नियुक्त किया।

'भारत-नेपाल साथ मिलकर करेंगे काम'

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आगे कहा कि भारत और नेपाल के रिश्ते बहुत खास हैं। उन्होंने कहा, “एक करीबी दोस्त और पड़ोसी के रूप में भारत, नेपाल के लोगों और उनकी नई सरकार के साथ मिलकर काम करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। हमारा उद्देश्य है कि दोनों देश मिलकर शांति, विकास और खुशहाली के नए मुकाम हासिल करें।” प्रधानमंत्री का यह बयान ऐसे समय आया है जब नेपाल में हुए आम चुनावों में रैपर से नेता बने बालेंद्र शाह की पार्टी राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (RSP) बड़ी जीत की ओर बढ़ती नजर आ रही है। यह चुनाव उन बड़े विरोध प्रदर्शनों के बाद हो रहा है, जिनका नेतृत्व ज्यादातर Gen Z युवाओं ने किया था।

नेपाल में RSP का जलवा 

नेपाल के चुनाव आयोग के अनुसार, RSP अब तक 40 सीटें जीत चुकी है और करीब 80 सीटों पर आगे चल रही है। वहीं नेपाली कांग्रेस ने अब तक 6 सीटें जीती हैं। इसके अलावा नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी (NCP) और केपी शर्मा ओली की पार्टी CPN (UML) को फिलहाल दो-दो सीटें मिली हैं। नेपाल की 275 सदस्यीय हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स के लिए वोटों की गिनती जारी है। इसी बीच बालेंद्र शाह खुद झापा निर्वाचन क्षेत्र-5 में केपी शर्मा ओली से 38,000 से ज्यादा वोटों से आगे चल रहे हैं। RSP ने खास तौर पर काठमांडू घाटी में शानदार प्रदर्शन किया है। पार्टी ने काठमांडू जिले की सभी 10 सीटें, भक्तपुर की 2 सीटें और ललितपुर की 1 सीट जीत ली है, जिससे उसकी स्थिति और मजबूत हो गई है।



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