Saturday, September 5, 2026

iPhone 18 Pro Max में क्या होगा खास? जानें कीमत, कैमरा, कलर और स्पेसिफिकेशन्स की पूरी डिटेल

Apple का 'Surprise and Shine' इवेंट बस कुछ ही दिनों में शुरू होने वाला है और इसमें iPhone 18 Pro, iPhone 18 Pro Max और Apple का पहला फोल्डेबल फोन ‘iPhone Ultra’ शामिल हो सकता है। अगर iPhone 18 Pro Max की बात करें, तो यह अपने पिछले मॉडल के मुकाबले UI और स्पेसिफिकेशन्स के मामले में एक बहुत बड़ा अपग्रेड होगा। इससे जुड़ी कई खबरें और अफवाहें इंटरनेट पर तेजी से फैल रही हैं। तो आइए, इस सीरीज के Pro Max मॉडल के बारे में वो सब कुछ जानते हैं जो आपको पता होना चाहिए।

iPhone 18 Pro Max का डिजाइन, कैमरा और स्पेसिफिकेशन्स

iPhone 18 Pro Max में 6.9-इंच का Super Retina XDR OLED डिस्प्ले हो सकता है, जिसमें 120Hz रिफ्रेश रेट और 3000 निट्स की पीक ब्राइटनेस मिलेगी। इसमें Apple का A20 Pro चिपसेट हो सकता है जो 2nm प्रोसेस पर आधारित होगा और इसके साथ Apple का सिक्स-कोर ग्राफिक्स प्रोसेसिंग यूनिट (GPU) दिया जाएगा। फोन में 5400mAh की बैटरी और 25W वायरलेस MagSafe चार्जिंग का सपोर्ट भी मिल सकता है।

कैमरे की बात करें तो, Apple iPhone 18 Pro Max में ट्रिपल रियर कैमरा सेटअप हो सकता है, जिसमें 48MP का प्राइमरी कैमरा, 48MP का अल्ट्रा-वाइड-एंगल कैमरा और 48MP का पेरिस्कोप टेलीफोटो कैमरा शामिल होगा। फोन के फ्रंट में सेल्फी और वीडियो कॉल के लिए 24MP का कैमरा हो सकता है। हालांकि, Apple की तरफ से अभी तक कुछ भी कन्फर्म नहीं किया गया है, इसलिए पाठकों को सलाह दी जाती है कि वे इस जानकारी को पूरी तरह सच न मानें।

भारत में Apple iPhone 18 Pro Max की कीमत, कलर ऑप्शन और रिलीज डेट

Apple ने पहले ही कन्फर्म कर दिया है कि ‘Surprise and Shine’ इवेंट 9 सितंबर, 2026 को होगा। यह इवेंट इंडियन स्टैंडर्ड टाइम (IST) के हिसाब से रात 10:30 बजे लाइव-स्ट्रीम किया जाएगा। यह भी कहा जा रहा है कि यह डिवाइस चार कलर ऑप्शन - Dark Cherry, Sky Blue, Black और Silver - में उपलब्ध होगा। वहीं अगर कीमत की बात करें, तो लीक के अनुसार, 256GB इंटरनल स्टोरेज वाला 12GB RAM वेरिएंट मार्केट में ₹1,69,900 की कीमत पर उपलब्ध होगा।

यह भी पढ़ें: Poco X8 और X8 Power भारत में लॉन्च, 10,000mAh बैटरी और 100W चार्जिंग ने खींचा ध्यान



from HindiMoneycontrol Top Headlines https://ift.tt/o6QUl2i
via

Friday, September 4, 2026

अगले 1 महीने में बैंक निफ्टी में आ सकती है 5000 अंकों की तेजी, अगले 12 महीने में डबल हो सकता है सीएनएक्स आईटी

बाजार पर अपनी राय साझा करते हुए केडियानॉमिक्स के फाउंडर सुशील केडिया ने कहा कि बाजार में इस समय पैसा बनाने का टाइम आ गया है। स्वर्ग जाने का रास्ता नरक जैसा दिखता है और नर्क में जाने का रास्ता स्वर्ग जैसा दिखता है। लोग जब शेयर बाजार में सबसे ज्यादा खुश होते हैं तो नर्क की शुरुआत वहीं होती है। अभी जो लोगों के मन में नर्क जैसे हालात बने हुए यही मार्केट का बॉटम है। अब यहीं से स्वर्ग जाने का रास्ता खुलेगा। एक बात ध्यान में रखें की रुपया-डॉलर और भारतीय बाजार का संबंध बड़ा विचित्र सा है।

लॉन्ग रन में डॉलर के मुकाबले भारत की करेंसी कमजोर होती रही है और शेयर मार्केट बढ़ता रहा है। इस गिरावट में रुपया जब भी मजबूत होता है। बाजार बढ़ जाता है। जब भी रुपए में 10% की गिरावट आई है। मार्केट में -5% से लेके प्लस 5% तक का रिटर्न मिला है। लेकिन जब रुपया 10% मजबूत होता है तो निफ्टी में 20 से 25% तक की तेजी देखने को मिली है। अब डॉलर टूटने को कगार पर है। ऐसे में आगे हमारे बाजारों को रुपए में मजबूती का फायदा मिलेगा।

ग्लोबल मार्केट पर नजर डालें तो अब बाजार में तेजी का माहौल बन गया है। लेकिन अभी बाजार में अभी टुकड़े-टुकड़े में खेलना होगा। पर अब वो हालात बन गए हैं जिसमें अच्छी कमाई हो सकती है।

उन्होंने आगे कहा कि इस समय बैंक निफ्टी की दिशा ज्यादा साफ दिख रही है। अगले कुछ ही दिनों में निफ्टी की स्थिति भी साफ हो सकती है। लेकिन अभी के लिए कहा जा सकता है कि एक से सवा महीनें में बैंक निफ्टी में 5000 अंकों की तेजी आ सकती है।

अदाणी ग्रुप के शेयरों पर बात करते हुए सुशील केडिया ने कहा कि अदाणी एंटरप्राइज और अदाणी पोर्ट पर उनकी शॉर्ट करने की सलाह होगी। वहीं, अदाणी पावर और एनडीटीवी में लॉन्ग बेट है। इनमें बने रहने की सलाह होगी। बजाज ऑटो में भी अब शॉर्ट करने के मौके बन रहे है। बैंक शेयरों पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि एचडीएफसी बैंक, एक्सिस बैंक, एयू बैंक और बैंक ऑफ बड़ौदा आगे धमाका कर सकते हैं। वहीं, एसबीआई और कोटक बैंक नखरे दिखा सकते हैं।

हिंन्दुस्तान यूनीलीवर और टाटा कंज्यूमर यहां से 50-60 फीसदी की तेजी देखने को मिल सकती है। एशियन पेंट्स भी अच्छे करेक्शन के बाद अब भागने को तैयार है। इसमें 30 फीसदी तक की रैली देखने को मिल सकती है।

उन्होंने आगे कहा कि अगर हम पिछले 30 साल का इतिहास देखें तो पता चलता है कि जब भी रूपया-डॉलर मजबूत होता है तो सबसे ज्यादा रिटर्न एफएमसीजी और आईटी ही देते हैं। अगर मार्केट में तेजी आती है तो सबसे पहले इन्ही सेक्टर्स के शेयर भागेंगे। अगर कोई टीसीएस को 3 साल के नजरिए से खरीदे तो इसमें 7000 रुपए का भाव देखने को मिल सकता है। ट्रेंडिंग के नजरिए से भी इसमें 3200-3300 रुपए का भाव मिल सकता है। इस समय सारे ही आईटी शेयर अच्छे लग रहे हैं। अगर कोई सेक्टोरल इंडेक्स है जो अगले 12 महीनों में डबल हो सकता है तो वह है सीएनएक्स आईटी ही है।

 

Market Outlook : बढ़त के साथ बंद हुआ बाजार, जानिए 7 सितंबर को कैसी रह सकती है इसकी चाल

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।



from HindiMoneycontrol Top Headlines https://ift.tt/Nhbnosc
via

Thursday, September 3, 2026

Anant Raj Share Price: डेटा सेंटर कंपनी अनंत राज में जोरदार तेजी, 9% उछला स्टॉक

Anant Raj Share Price: रियल एस्टेट और डेटा सेंटर कंपनी Anant Raj Ltd के शेयर में गुरुवार, 3 सितंबर को जोरदार तेजी आई। कंपनी का शेयर इंट्राडे कारोबार में करीब 9% उछल गया। हालांकि, कारोबार खत्म होने पर शेयर 6.48% की तेजी के साथ ₹627 पर बंद हुआ। यह पिछले पांच महीनों में शेयर की एक दिन की सबसे बड़ी तेजी है।

कंपनी का शेयर Nifty Realty इंडेक्स में सबसे ज्यादा चढ़ने वाले शेयरों में शामिल रहा। Anant Raj का शेयर अपने 52 हफ्ते के हाई ₹743.65 से करीब 17.6% नीचे है। वहीं, 52 हफ्ते के लो ₹403 से शेयर करीब 56.8% ऊपर है।

जून तिमाही में मुनाफा 19% बढ़ा

पिछले महीने कंपनी ने जून 2026 तिमाही के मजबूत नतीजे जारी किए थे। इस दौरान कंपनी का नेट प्रॉफिट 19% बढ़कर ₹150 करोड़ हो गया। एक साल पहले इसी तिमाही में यह ₹126 करोड़ था।

कंपनी का रेवेन्यू भी 7% बढ़कर ₹631 करोड़ पहुंच गया। एक साल पहले यह ₹592 करोड़ था। EBITDA 22% बढ़कर ₹183 करोड़ हो गया। EBITDA मार्जिन भी 25.4% से बढ़कर 29.1% हो गया।

सिंगापुर में नई सब्सिडियरी बनाई

जून में कंपनी ने Anant Raj Cloud Singapore Pte Ltd नाम से नई सब्सिडियरी बनाई। यह कंपनी की पूर्ण स्वामित्व वाली यूनिट है।

इसका काम विदेशी ग्राहकों को को-लोकेशन और क्लाउड सर्विसेज देना होगा। इसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI से जुड़ी सेवाएं भी शामिल होंगी। इसके लिए भारत में तैयार हो रहे Anant Raj के डेटा सेंटर और क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर का इस्तेमाल किया जाएगा।

Romano Projects में अब 100% हिस्सेदारी

Anant Raj ने अप्रैल में Romano Projects Private Limited में बची हुई 25% हिस्सेदारी भी खरीद ली। कंपनी ने 12,500 फुली पेड-अप इक्विटी शेयर खरीदे।

इसके बाद Romano Projects में Anant Raj की हिस्सेदारी 75% से बढ़कर 100% हो गई। अब Romano Projects कंपनी की पूर्ण स्वामित्व वाली सब्सिडियरी है।

रियल एस्टेट और डेटा सेंटर बिजनेस होंगे अलग

जुलाई में Anant Raj के बोर्ड ने डेटा सेंटर और क्लाउड सर्विसेज बिजनेस को रियल एस्टेट और इंफ्रास्ट्रक्चर बिजनेस से अलग करने की मंजूरी दी थी। इस प्लान के तहत दो अलग-अलग लिस्टेड कंपनियां बनाने की तैयारी है।

Anant Raj के पास रियल एस्टेट और इंफ्रास्ट्रक्चर बिजनेस रहेगा। वहीं Ashok Cloud Private Limited डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और क्लाउड सर्विसेज बिजनेस संभालेगी। इसका फोकस डेटा सेंटर, क्लाउड सर्विसेज और AI वर्कलोड पर रहेगा।

कंपनी के मुताबिक, दोनों बिजनेस अलग होने के बाद अपनी-अपनी ग्रोथ स्ट्रैटेजी पर ज्यादा फोकस कर सकेंगे। हालांकि, इस योजना के लिए NCLT और दूसरी रेगुलेटरी मंजूरियां मिलना अभी बाकी है।

टेक्सटाइल कंपनी के शेयर में 20% का अपर सर्किट लगा, EV बिजनेस में बड़े प्लान का दिखा दम

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।



from HindiMoneycontrol Top Headlines https://ift.tt/npIkU5h
via

Wednesday, September 2, 2026

Dividend Stock: हर शेयर पर ₹94 का डिविडेंड, 4 सितंबर से पहले बनना होगा शेयरहोल्डर; 3 महीनों में कीमत 45% चढ़ी

फेडरल-मोगुल गोएट्ज (इंडिया) अपने शेयरहोल्डर्स को 94 रुपये प्रति शेयर का डिविडेंड देने वाली है। इस अमाउंट में 7.50 रुपये का अंतरिम और 86.50 रुपये का स्पेशल डिविडेंड शामिल है। दोनों ही तरह के डिविडेंड के लिए रिकॉर्ड डेट 4 सितंबर है। इस तारीख तक जिन लोगों के नाम शेयरों के लाभार्थी मालिकों के तौर पर रजिस्टर ऑफ मेंबर्स ऑफ द कंपनी या डिपॉजिटरीज के रिकॉर्ड्स में दर्ज होंगे, वे डिविडेंड के हकदार होंगे।

इसका मतलब है कि अगर आप पहले से कंपनी के शेयरहोल्डर नहीं हैं और डिविडेंड पाना चाहते हैं तो आपको 3 सितंबर को ट्रेडिंग खत्म होने से पहले शेयर खरीदने होंगे। डिविडेंड का ऐलान अगस्त महीने में हुआ था। अंतरिम और स्पेशल डिविडेंड का पेमेंट 25 सितंबर को या उससे पहले कर दिया जाएगा।

फेडरल-मोगुल गोट्ज (इंडिया) लिमिटेड भारतीय और अंतरराष्ट्रीय बाजारों के लिए पिस्टन, पिस्टन रिंग, पिन, वॉल्व सीट जैसे ऑटोमोटिव पार्ट्स बनाती, सप्लाई और डिस्ट्रीब्यूट करती है। शेयर की फेस वैल्यू 10 रुपये है। यह BSE 1000 इंडेक्स का हिस्सा है।

Federal-Mogul Goetze का शेयर 2 सप्ताह में 30 प्रतिशत मजबूत

शेयर की कीमत 2 सितंबर को BSE पर 612.85 रुपये पर बंद हुई। शेयर एक सप्ताह में 11 प्रतिशत और 2 सप्ताह में 30 प्रतिशत चढ़ा है। 3 महीनों में कीमत 45 प्रतिशत और 6 महीनों में 55 प्रतिशत उछली है। कंपनी में जून 2026 के आखिर तक प्रमोटर्स के पास 74.98 प्रतिशत हिस्सेदारी थी। कंपनी का मार्केट कैप 3400 करोड़ रुपये से ज्यादा है। शेयर का BSE पर 52 सप्ताह का एडजस्टेड हाई 640 रुपये और एडजस्टेड लो 359 रुपये है।

BEML Share Price: वंदे भारत स्लीपर ट्रेनसेट बनाने के लिए मिला ₹180 करोड़ का ऑर्डर, शेयर में दिखी 4% तेजी

कंपनी की वित्तीय सेहत

अप्रैल-जून 2026 तिमाही में कंपनी का रेवेन्यू 515.81 करोड़ रुपये और शुद्ध मुनाफा 41.36 करोड़ रुपये रहा। इस बीच प्रति शेयर अर्निंग 7.43 करोड़ रुपये दर्ज की गई। पूरे वित्त वर्ष 2026 के दौरान फेडरल-मोगुल गोएट्ज (इंडिया) का रेवेन्यू 1,924.12 करोड़ रुपये, शुद्ध मुनाफा 168.91 करोड़ रुपये और प्रति शेयर अर्निंग 30.36 करोड़ रुपये रही।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।



from HindiMoneycontrol Top Headlines https://ift.tt/KrnUcC9
via

Tuesday, September 1, 2026

FD Interest Rates: वरिष्ठ नागरिकों के लिए गुड न्यूज! इन बैंकों ने बदलीं FD की दरें, जानें किसमें मिलेगा सबसे ज्यादा रिटर्न

FD Interest Rates for Senior Citizens: एचडीएफसी बैंक, एक्सिस बैंक और फेडरल बैंक ने अपने फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) की ब्याज दरों में बदलाव किया है। ये बैंक आम नागरिकों की तुलना में वरिष्ठ नागरिकों को अधिक ब्याज दर की पेशकश कर रहे हैं।

अगर आप या आपके घर के सीनियर सिटीजन ₹3 करोड़ से कम की एफडी में निवेश की योजना बना रहे हैं, तो जानिए किस बैंक में सबसे ज्यादा रिटर्न मिल रहा है और निवेश करने से पहले किन जरूरी बातों पर ध्यान देना चाहिए।

वरिष्ठ नागरिकों के लिए FD ब्याज दरें

तीन प्रमुख बैंकों द्वारा सीनियर सिटीजन्स को दी जाने वाली अधिकतम और सामान्य ब्याज दरों की तुलना:

Axis Bank दे रहा है सबसे ज्यादा 7.25% ब्याज

एक्सिस बैंक ने अपने डोमेस्टिक एफडी रेट्स में संशोधन किया है। बैंक वरिष्ठ नागरिकों को सबसे आकर्षक ब्याज दर की पेशकश कर रहा है। 5 साल से लेकर 10 साल तक की लंबी अवधि की एफडी पर अधिकतम 7.25% प्रति वर्ष का ब्याज दे रहा है। सीनियर सिटीजन्स के लिए कुल ब्याज दरें 3.50% से 7.25% के बीच हैं।

Federal Bank 48 महीने की FD पर 7.20% रिटर्न

फेडरल बैंक ने भी ₹3 करोड़ से कम की फिक्स्ड डिपॉजिट पर ब्याज दरों में बदलाव किया है। बैंक अधिकतम 7.20% का ब्याज प्रति वर्ष दे रहा है जो 48 महीने यानी 4 साल की एफडी कराने पर मिलेगी। ऐसे ही 15 महीने की एफडी पर 7.15% और 24 महीने से 48 महीने से कम की एफडी पर 7.00% का ब्याज दिया जा रहा है।

HDFC Bank: लंबी अवधि की एफडी पर बढ़ीं दरें

देश के सबसे बड़े प्राइवेट बैंक HDFC Bank ने कुछ स्पेशल अवधियों के लिए दरों में बढ़ोतरी की है। बैंक अधिकतम ब्याज दर 7.10% प्रति वर्ष दे रहा है जो पहले 7.00% थी। 3 साल 1 दिन से लेकर 4 साल 7 महीने से कम की अवधि वाली एफडी पर 7.10% का ब्याज मिलेगा।

वरिष्ठ नागरिकों के लिए FD ब्याज दरें

FD कराने से पहले ध्यान रखें ये 3 जरूरी बातें

केवल सबसे ऊंची ब्याज दर देखकर ही फिक्स्ड डिपॉजिट में पैसा न लगाएं। निवेश से पहले इन 3 पहलुओं का मूल्यांकन जरूर करें:

लॉक-इन अवधि: देखें कि आपका पैसा कितने समय के लिए ब्लॉक हो रहा है। अगर आपको बीच में पैसों की जरूरत पड़ सकती है, तो बहुत लंबी अवधि की एफडी चुनने से बचें।

समय से पहले निकासी शुल्क: मैच्योरिटी से पहले एफडी तोड़ने पर बैंक कितना पेनाल्टी या चार्ज काटते हैं, इसकी जानकारी पहले ही ले लें।

ब्याज पर टैक्स: एफडी से मिलने वाला ब्याज पूरी तरह से कर योग्य होता है। आयकर कानून की धारा 80TTB के तहत वरिष्ठ नागरिकों को एक वित्तीय वर्ष में एफडी/सेविंग्स ब्याज पर ₹50,000 तक की छूट मिलती है। इससे अधिक ब्याज होने पर टीडीएस कटता है।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।



from HindiMoneycontrol Top Headlines https://ift.tt/Xkl10tc
via

Monday, August 31, 2026

‘नेशनल क्रश’ मेजर ऋषभ सांब्याल ने अचानक लिया Premature Retirement, जानें क्यों छोड़ी 12 साल पुरानी नौकरी

मेजर ऋषभ सिंह सांब्याल को सोशल मीडिया पर शायद ही कोई भूल पाया हो। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के ADC रहते हुए उनकी तस्वीरें और वीडियो अक्सर इंटरनेट पर वायरल होते थे। उनकी शख्सियत और राष्ट्रपति के साथ सार्वजनिक कार्यक्रमों में मौजूदगी ने उन्हें सोशल मीडिया पर खासा लोकप्रिय बना दिया था। लोग मजाकिया अंदाज में उन्हें भारत का ‘नेशनल क्रश’ तक कहने लगे थे। लेकिन अब सांब्याल एक बार फिर चर्चा में हैं। करीब 12 साल तक भारतीय सेना में सेवा देने के बाद उन्होंने समय से पहले सेवानिवृत्ति ले ली है।

राष्ट्रपति भवन में आखिरी दौर के बाद लिया रिटायरमेंट

सांब्याल के रिटायरमेंट की जानकारी राष्ट्रपति भवन की आधिकारिक डिजिटल फोटो लाइब्रेरी में उन्हें ‘रिटायर्ड फॉर्मर ADC’ के तौर पर सूचीबद्ध किए जाने के बाद सामने आई। सेना से विदाई के बाद उन्होंने 21 अगस्त 2026 को राष्ट्रपति भवन जाकर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात भी की। उन्होंने इस मुलाकात की तस्वीरें इंस्टाग्राम पर साझा करते हुए राष्ट्रपति के मार्गदर्शन और आशीर्वाद के लिए आभार जताया।

उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति की सीख और आशीर्वाद ने उन्हें एक बेहतर इंसान बनने में मदद की। साथ ही उन्होंने राष्ट्रपति के परिवार से दोबारा मिलने की खुशी भी जाहिर की।

जम्मू-कश्मीर से हैं गहरे रिश्ते

मेजर ऋषभ सिंह सांब्याल का संबंध जम्मू-कश्मीर से जुड़े डोगरा राजपूत परिवार से बताया जाता है। सेना में जाने की उनकी यात्रा राष्ट्रीय रक्षा अकादमी यानी NDA से शुरू हुई। उन्होंने 2013 में NDA की परीक्षा पास की और 2014 में 133वें NDA कोर्स में शामिल हुए। इसके बाद उन्होंने अंतरराष्ट्रीय संबंध और मामलों में स्नातक की पढ़ाई पूरी की। 2017 में वह भारतीय सैन्य अकादमी पहुंचे, जहां उन्होंने सैन्य अध्ययन और रक्षा प्रबंधन से जुड़ी पढ़ाई की।

गणतंत्र दिवस परेड ने दिलाई पहली बड़ी पहचान

सांब्याल को पहली बड़ी पहचान 2021 में मिली। उस समय वह कैप्टन के पद पर जाट रेजिमेंट में तैनात थे और उन्होंने गणतंत्र दिवस परेड में रेजिमेंट के दल का नेतृत्व किया। उनकी अगुवाई में इस दल ने प्रतिष्ठित सर्वश्रेष्ठ मार्चिंग दल की ट्रॉफी अपने नाम की। इस उपलब्धि ने उनके सैन्य करियर में एक अहम पहचान बनाई।

स्पेशल फोर्सेज का भी हिस्सा रहे

संब्याल ने सेना की एलीट 4 पैरा स्पेशल फोर्सेज में भी सेवा दी। इस यूनिट को ‘डैगर्स’ के नाम से भी जाना जाता है। स्पेशल फोर्सेज में सेवा के दौरान उन्हें बलिदान बैज भी मिला। यह पैराशूट रेजिमेंट की स्पेशल फोर्सेज से जुड़ा एक खास सम्मान है।

राष्ट्रपति के ADC बने तो बढ़ी सोशल मीडिया पर लोकप्रियता

मार्च 2023 में संब्याल को राष्ट्रपति के ADC पद के लिए चुना गया। इसके बाद वह राष्ट्रपति के साथ कई आधिकारिक कार्यक्रमों, समारोहों और विदेशी दौरों में नजर आने लगे। इस जिम्मेदारी ने उन्हें आम लोगों के बीच भी पहचान दिलाई। राष्ट्रपति के साथ उनकी तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से शेयर होने लगे और देखते ही देखते वह इंटरनेट पर चर्चित चेहरा बन गए।

अपने लिंक्डइन प्रोफाइल में सांब्याल ने खुद को 12 साल के सैन्य अनुभव वाला पेशेवर बताया है। उन्होंने मुश्किल परिस्थितियों में टीम का नेतृत्व करने, रणनीतिक योजना बनाने और अलग-अलग एजेंसियों के साथ काम करने का अनुभव भी साझा किया है।

PMO से लेकर विदेशी दौरों तक का अनुभव

अपने प्रोफाइल के मुताबिक, सांब्याल ने प्रधानमंत्री कार्यालय, विदेशी प्रतिनिधियों और केंद्र सरकार के विभिन्न मंत्रालयों के साथ भी काम किया। उन्होंने राष्ट्रपति से जुड़े आधिकारिक राजनयिक दौरों के दौरान आठ देशों की यात्राओं में भी जिम्मेदारियां निभाईं। इस दौरान उन्हें अलग-अलग संस्थानों और अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों के साथ काम करने का मौका मिला।

आखिर क्यों लिया समय से पहले रिटायरमेंट?

करीब 12 साल की सैन्य सेवा के बाद सांब्याल के समय से पहले रिटायरमेंट लेने की वजह को लेकर भी लोगों की दिलचस्पी बनी हुई है। रिपोर्ट्स में उनके इंस्टाग्राम लाइव का हवाला देते हुए बताया गया है कि व्यक्तिगत और पारिवारिक कारण उनके इस फैसले के पीछे हो सकते हैं। उन्होंने कथित तौर पर कहा कि जिंदगी में कुछ परिस्थितियां और अनुभव इंसान की दिशा बदल देते हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया था कि फिलहाल शादी करने की उनकी कोई तत्काल योजना नहीं है।

सेना से विदाई, लेकिन सफर यहीं खत्म नहीं

लेफ्टिनेंट से कैप्टन और फिर मेजर तक का सफर तय करने के बाद सांब्याल ने सेना को अलविदा कह दिया है। राष्ट्रपति के ADC के तौर पर मिली पहचान ने उनके सैन्य करियर को एक अलग तरह की सार्वजनिक पहचान भी दी।

अब सेना की वर्दी में उनकी तस्वीरें भले ही कम नजर आएं, लेकिन सोशल मीडिया पर उनकी लोकप्रियता और 12 साल के सैन्य अनुभव के बाद आगे की उनकी नई पारी को लेकर लोगों की नजर बनी हुई है।

छह चूजों ने बदल दी पूरी जिंदगी! Amazon से निकली महिला ने ऐसे शुरू किया अपना नया करियर



from HindiMoneycontrol Top Headlines https://ift.tt/BXm58zv
via

Sunday, August 30, 2026

Shivani Mehrotra: 'उम्र के साथ सपने धुंधले नहीं पड़ते'; 43 साल की शिवानी ने हौसलों से फतह की यूरोप की सबसे ऊंची चोटी, माउंट एल्ब्रुस पर फहराया तिरंगा

Who is Shivani Mehrotra: कुछ सपने उम्र के साथ धुंधले नहीं पड़ते, बल्कि जिम्मेदारियों के बीच और मजबूत होते जाते हैं। इसका जीवंत उदाहरण 43 साल की शिवानी मेहरोत्रा हैं, जिन्होंने 18 वर्षीय बेटी की परवरिश, परिवार की जिम्मेदारियां एवं रोजमर्रा की जिंदगी के बीच अपने पर्वतारोहण के जुनून को कभी पीछे नहीं छोड़ा। उन्होंने दुनिया की सबसे ऊंची चोटियों पर लगातार अपने हौसले तथा हदों को परखती रहीं।

मूल रूप से उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले की निवासी शिवानी मेहरोत्रा की शादी 24 साल की उम्र में लखनऊ में हुई और अब वह अपने परिवार के साथ मुंबई में रहती हैं। इस साल स्वतंत्रता दिवस पर उन्होंने यूरोप की सबसे ऊंची चोटी रूस स्थित 'माउंट एल्ब्रुस' पर तिरंगा फहराकर इस दिन को अपने लिए यादगार बना दिया।

'हौसले की परीक्षा थी'

शिवानी ने रूस से भारत लौटने के दौरान न्यूज एजेंसी पीटीआई से फोन पर कहा कि 15 अगस्त को चोटी तक पहुंचना जितना शरीर की ताकत का इम्तिहान था। उतना ही मन के हौसले की भी परीक्षा थी।उन्होंने कहा, उम्र सिर्फ एक नंबर भर है। असली ताकत लक्ष्य के प्रति दृढ़ संकल्प और उसे पाने के लिए जरूरी अनुशासन में होती है।"

शिवानी के लिए पर्वतारोहण अपने सपनों और परिवार की जिम्मेदारियों के बीच संतुलन की कहानी भी है। वह अपने माता-पिता, पति, बेटी और दोस्तों को अपनी ताकत मानती हैं। शिवानी बताती हैं कि खासकर 40 वर्ष की उम्र पार कर चुकी महिला पर्वतारोहियों और ट्रेकर की संख्या बहुत कम है।

शिवानी ने कहा, "मुझे पहाड़ों पर 40 वर्ष से अधिक उम्र की महिलाएं बहुत कम ही दिखाई देती हैं।" उन्होंने कहा, "मेरे परिवार ने हमेशा मेरा हौसला बढ़ाया और मुझे यह करने का साहस दिया।" वह अपने पर्वतारोहण अभियानों का खर्च भी काफी हद तक अपनी बचत से उठाने की कोशिश करती हैं।

कैसे हुआ पहाड़ों से लगाव?

शिवानी ने बताया कि पहाड़ों से उनका लगाव 2019 में गहरा हुआ, जब उन्होंने अपनी सबसे करीबी दोस्त के साथ 'माउंट एवरेस्ट' आधार शिविर तक ट्रेकिंग की योजना बनाई थी। एक यात्रा की वह छोटी-सी योजना कब जुनून में बदल गई, उन्हें खुद पता नहीं चला। इसके बाद कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और हिमालय के कई हिस्से उनकी मंजिल बनते चले गए।

इसके बाद शिवानी ने 'फ्रेंडशिप पीक' और 'माउंट किलिमंजारो' जैसी कठिन चोटियों पर भी चढ़ाई की। कैलाश से जुड़े पांच प्रमुख पर्वत अभियानों में से चार वह अब तक पूरा कर चुकी हैं। हालांकि, उनका सबसे बड़ा सपना अभी बाकी है 'माउंट एवरेस्ट' फतह करना। साथ ही दुनिया की सातों सबसे ऊंची चोटियों पर भारतीय तिरंगा फहराना।

दुबई होते हुए पहुंचीं रूस

'माउंट एल्ब्रुस' अभियान के लिए शिवानी ने आठ अगस्त को मुंबई से अपनी यात्रा शुरू की। दुबई होते हुए वह रूस के मिनरल्नी वोडी पहुंचीं। 10 दिन के इस अभियान का आयोजन रूस की 'चतुर टूर्स' नामक कंपनी ने किया था। शिखर पर मौसम के अचानक बदलने की आशंका को देखते हुए अभियान में एक अतिरिक्त दिन भी रखा गया था।

खराब मौसम ने चढ़ाई को और कठिन बना दिया। तेज बर्फबारी, बारिश, कड़ाके की ठंड और ऊंचाई की चुनौती के बीच दल ने अंतिम चढ़ाई से पहले खुद को मौसम और ऊंचाई के अनुकूल बनाने के लिए कई अभ्यास चढ़ाइयां कीं। इनमें करीब 3,000, 4,000 और 4,700 मीटर की ऊंचाई तक पहुंचना शामिल था।

"रुकना नहीं है, चलते रहना है..."

शिखर पर पहुंचने वाले दिन दल ने रात करीब दो बजे चढ़ाई शुरू की। इस दौरान अंधेरा से लेकर जमा देने वाली ठंड, तेज हवाएं, भारी सामान और कम ऑक्सीजन लेवल तक... हर कदम मुश्किल था। लेकिन शिवानी के भीतर एक ही बात गूंजती रही- "रुकना नहीं है, चलते रहना है।" करीब साढ़े चार घंटे की कठिन चढ़ाई के बाद उन्होंने शिखर पर कदम रखा।

उन्होंने कहा कि इतनी ऊंचाई पर पहुंचकर छोटे से छोटा काम भी मुश्किल हो जाता है। 5,000 मीटर के बाद ऑक्सीजन का स्तर तेजी से कम होने लगता है। बर्फीले मौसम से बचाव के लिए भारी भरकम कपड़ों और जूतों में लगे कांटेदार उपकरणों के साथ एक-एक कदम बढ़ाना भी शरीर के लिए बड़ी चुनौती बन जाता है।

'सेल्फ-अरेस्ट' तकनीकों की ट्रेनिंग भी ली

इस अभियान में शिवानी ने खुद को बचाने की तकनीक का ट्रेनिंग भी लिया। बर्फ पर फिसलने की स्थिति में खुद को रोकना और आपात स्थिति में सही तरीके से प्रतिक्रिया देना इसका हिस्सा था। शिवानी ने कहा कि चढ़ाई का आखिरी पड़ाव अक्सर शरीर से ज्यादा मन के हौसले की परीक्षा लेता है।

उन्होंने कहा, "पहले की यात्राओं में जहां मुझे लगता था कि अब मैं इससे आगे नहीं जा सकती, वहीं मैंने सीखा कि असल शुरुआत तो वहीं से होती है।" शिखर पर पहुंचते ही वह घुटनों के बल बैठ गईं। उन्होंने पहाड़, अपने दोस्तों और उन पर विश्वास जताने वालों के प्रति आभार जताया।

उस पल को याद करते हुए उन्होंने कहा, "मैंने माउंट एल्ब्रुस के सामने सिर झुकाया और कहा-धन्यवाद।" उनके लिए यह चोटी उस बड़े सपने की एक सीढ़ी थी, जिसे वह अभी पूरा करना चाहती हैं।

फिटनेस पर काफी ध्यान देती हैं शिवानी

शिवानी फिटनेस पर भी बहुत ध्यान देती हैं। वह फुल मैराथन, हाफ मैराथन के अलावा 50 किलोमीटर की दौड़ भी पूरी कर चुकी हैं। कोरोना वायरस महामारी के दौरान उन्होंने योग को अपनाया। बाद में उन्होंने एडवांस्ड योग इंस्ट्रक्टर और थेरेपिस्ट के तौर पर ट्रेनिंग लिया। करीब छह वर्षों से वह योग सिखा रही हैं। इनमें गर्भावस्था से पहले और बाद की महिलाओं तथा कैंसर रोगियों के लिए विशेष योग कार्यक्रम भी शामिल हैं।

कैसी है दिनचर्या?

उनकी दिनचर्या भी उनके संकल्प जैसी ही सख्त है। वह तड़के करीब साढ़े तीन बजे उठती हैं और योग, जिम में कसरत, दौड़ तथा पर्वतारोहण की तैयारी करती हैं। खान-पान को लेकर भी वह बेहद अनुशासित रहती हैं। शिवानी के लिए पर्वतारोहण सिर्फ किसी निश्चित ऊंचाई तक पहुंचने का नाम नहीं है।

Shivani Mehrotra

वह कहती हैं, "मैं नहीं मानती कि ऊंचाई के आधार पर कोई चोटी कम या ज्यादा महत्वपूर्ण होती है। हर पहाड़ अपने साथ एक अलग अनुभव लाता है और हर पहाड़ सम्मान मांगता है।" अब उनकी नजर नेपाल की ऊंचाई वाली चोटियों पर है। यह तैयारी उन्हें अपने सबसे बड़े लक्ष्य माउंट एवरेस्ट तक ले जाएगी।

पैसे की चुनौती आई सामने

उन्होंने विश्वास के साथ कहा, "एवरेस्ट मेरा मुख्य लक्ष्य है। मुझे इसे करना ही है।" हालांकि, इस सपने की राह में पैसे भी बड़ी चुनौती है। एवरेस्ट अभियान पर करीब 40 से 50 लाख रुपये खर्च हो सकते हैं। दूसरे अंतरराष्ट्रीय पर्वत अभियानों का खर्च भी कई लाख रुपये तक पहुंच जाता है।

ये भी पढ़ें- VIDEO: प्रयागराज में मां गंगा ने कराया 'लेटे हनुमान जी' को महास्नान! गर्भगृह तक पहुंचा नदी का पानी; वीडियो वायरल

शिवानी ने अब तक अपने योग पेशे से हुई बचत से ही अधिकांश अभियानों का खर्च उठाया है। उन्होंने कहा, "मैं यह अपने दम पर करना चाहती हूं।" इस उम्र में भी शिवानी के कदम रुके नहीं हैं। उनका कहना है, "अगर आपने मन में ठान लिया है कि आपको कुछ हासिल करना है, तो आप उसे कर सकते हैं। बस अपने लक्ष्य पर ध्यान बनाए रखना होता है।"



from HindiMoneycontrol Top Headlines https://ift.tt/MgoiqFH
via