Thursday, July 30, 2026

Swiggy Q1 results: जून तिमाही में लॉस घटकर 791 करोड़ पर आया, रेवेन्यू में 37 फीसदी उछाल

Swiggy Q1 results: स्विगी ने 30 जुलाई को जून तिमाही के नतीजों का ऐलान कर दिया। इस दौरान कंपनी का लॉस साल दर साल आधार पर करीब 34 फीसदी घटकर 791 करोड़ रुपये पर आ गया। एक साल पहले की समान अवधि में कंपनी को 1,197 करोड़ रुपये का लॉस हुआ था। मार्च तिमाही में कंपनी का लॉस 800 करोड़ रुपये था। स्विगी का फूड और ग्रॉसरी डिलीवरी प्लेटफॉर्म है।

जून तिमाही में रेवेन्यू 6812 करोड़ रुपये

जून तिमाही में स्विगी के लॉस में कमी में अच्छी रेवेन्यू ग्रोथ का हाथ रहा। इस दौरान कंपनी का ऑपरेशन से रेवेन्यू साल दर साल आधार पर 37 फीसदी बढ़कर 6,812 करोड़ रुपये रहा। एक साल पहले की समान अवधि में यह 4,961 करोड़ रुपये था। मार्च तिमाही में कंपनी का रेवेन्यू 6,383 करोड़ रुपये था।

घट रहा क्विक कॉमर्स बिजनेस का लॉस

स्विगी इंस्टामार्ट पर निवेश बढ़ा रही है। हालांकि, कंपनी के कुल खर्च बढ़ने की रफ्तार रेवेन्यू बढ़ने की रफ्तार से कम रही। इससे यह संकेत मिलता है कि कंपनी के क्विक कॉमर्स बिजनेस के लॉस में कमी आ रही है। हालांकि, कंपनी का मुख्य फूड डिलीवरी बिजनेस मुनाफे में है। स्विगी की प्रतिद्वंद्वी कंपनी जोमैटो जून तिमाही में 92 करोड़ रुपये के मुनाफे में रही। इसका रेवेन्यू 17 फीसदी बढ़कर 20,211 करोड़ रुपये रहा।

जून तिमाही में कुल खर्च 7813 करोड़ रुपये 

जून तिमाही में स्विगी का कुल खर्च 7,813 करोड़ रुपये रहा। एक साल पहले की समान अवधि में यह 6,244 करोड़ रुपये था। मार्च तिमाही में यह 7,448 करोड़ रुपये था। कंपनी के एमडी एवं ग्रुप सीईओ हर्ष मजेटी ने कहा, "फूड डिलीवरी इकोनॉमिक्स में मजबूती दिख रही है। आउट ऑफ होम कंजम्प्शन प्रॉफिट में है। यह बिजनेस का तेजी से बढ़ता हिस्सा है। इससे प्रोग्रेस अच्छा है।"

यह भी पढ़ें: Hyundai Motor Q1 Results: प्रॉफिट 35% घटकर 889 करोड़ रुपये, रेवेन्यू में मामूली गिरावट

स्विगी के शेयरों में 30 जुलाई को तेजी

30 जुलाई को स्विगी के शेयरों में तेजी दिखी। यह 2.25 फीसदी चढ़कर 293.80 रुपये पर बंद हुआ। बीते एक हफ्ते में यह शेयर करीब 19 फीसदी चढ़ा है। उधर, शेयर बाजार के प्रमुख सूचकांक भी चढ़कर बंद हुए। निफ्टी 66 अंक चढ़कर 24,317 पर बंद हुआ। सेंसेक्स 273 की मजबूती के साथ 77,928 पर क्लोज हुआ।

डिसक्लेमर: मनीकंट्रोल पर एक्सपर्ट्स की तरफ से व्यक्त विचार उनके अपने विचार होते हैं। ये वेबसाइट या इसके मैनेजमेंट के विचार नहीं होते। मनीकंट्रोल की यूजर्स को सलाह है कि उन्हें निवेश का फैसला लेने से पहले सर्टिफायड एक्सपर्ट्स की राय लेनी चाहिए।



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Wednesday, July 29, 2026

Bajaj Housing Q1 Results: बजाज ग्रुप की कंपनी को ₹715 करोड़ का मुनाफा, शेयरों पर रहेगी नजर

Bajaj Housing Q1 Results: बजाज ग्रुप की दिग्गज कंपनी बजाज हाउसिंग फाइनेंस ने जून तिमाही में मजबूत नतीजे पेश किए हैं। हाउसिंग फाइनेंस कंपनी का शुद्ध मुनाफा 22.6% बढ़कर 715 करोड़ रुपये हो गया। पिछले साल की समान तिमाही में यह 583 करोड़ रुपये था। बेहतर कारोबार और लोन पर कम प्रावधान का फायदा नतीजों में दिखा।

NII और रेवेन्यू दोनों बढ़े

जून तिमाही में बजाज हाउसिंग फाइनेंस की नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) 9% बढ़कर 968 करोड़ रुपये रही। एक साल पहले यह 887 करोड़ रुपये थी।

वहीं, नेट टोटल इनकम 16% बढ़कर 1,175 करोड़ रुपये हो गई। पिछले साल यह 1,009 करोड़ रुपये थी। इस हाउसिंग फाइनेंस कंपनी का रेवेन्यू भी 17.2% बढ़कर 3,063 करोड़ रुपये पहुंच गया। एक साल पहले यह 2,613 करोड़ रुपये था।

AUM 24% बढ़ा

30 जून 2026 तक बजाज हाउसिंग फाइनेंस का एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) 24% बढ़कर 1,49,624 करोड़ रुपये हो गया। पिछले साल यह 1,20,420 करोड़ रुपये था।

तिमाही के दौरान फर्म की ऑपरेटिंग एफिशिएंसी बेहतर हुई। ऑपरेटिंग खर्च और नेट टोटल इनकम का अनुपात घटकर 19.6% रह गया। पिछले साल यह 21.2% था। वहीं, लोन लॉस और प्रावधान घटकर 16 करोड़ रुपये रह गए। एक साल पहले यह 38 करोड़ रुपये थे।

एसेट क्वालिटी मजबूत रही

बजाज हाउसिंग फाइनेंस की ग्रॉस एनपीए (GNPA) 30 जून 2026 तक 0.29% रही। पिछले साल यह 0.30% थी। वहीं, नेट एनपीए (NNPA) घटकर 0.12% रह गया। एक साल पहले यह 0.13% था। स्टेज-3 एसेट्स पर प्रोविजनिंग कवरेज रेशियो 59% रहा।

जून तिमाही के आखिर में हाउसिंग फाइनेंस कंपनी का कैपिटल एडिक्वेसी रेशियो (Tier-II पूंजी सहित) 21.59% रहा। यह मजबूत बैलेंस शीट की ओर इशारा करता है।

बजाज हाउसिंग फाइनेंस क्या करती है?

बजाज हाउसिंग फाइनेंस, बजाज फाइनेंस की सब्सिडियरी है। यह हाउसिंग लोन देने वाली नॉन-डिपॉजिट टेकिंग हाउसिंग फाइनेंस कंपनी है। इसे 2015 में नेशनल हाउसिंग बैंक (NHB) से रजिस्ट्रेशन मिला था।

इसने 2017 में कारोबार शुरू किया। बजाज हाउसिंग फाइनेंस के शेयर सितंबर 2024 से NSE और BSE पर लिस्टेड हैं। कंपनी का रेगुलेशन RBI, SEBI और IRDAI करते हैं, जबकि NHB इसकी निगरानी करता है।

बजाज हाउसिंग के शेयरों का हाल

जून तिमाही के नतीजों से पहले बजाज हाउसिंग फाइनेंस का शेयर 2.6% की बढ़त के साथ 87.89 रुपये पर बंद हुआ। हालंकि, पिछले 1 साल में स्टॉक 24.18% गिरा है। कंपनी का मार्केट कैप 72.94 हजार करोड़ रुपये है।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।



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Tuesday, July 28, 2026

दक्षिण कोरिया का बाजार 11% क्रैश, सिर्फ इन दो शेयरों ने निकाली कोस्पी की हवा

बीते एक महीने में कोरिया के शेयर बाजार में बड़ी गिरावट आई है। बाजार के प्रमुख सूचकांक इस दौरान 28 फीसदी से ज्यादा गिरा है। 28 जुलाई को कोस्पी करीब 11 फीसदी फिसला। इसमें चिप बनाने वाली दो कंपनियों के शेयरों का बड़ा हाथ है। हालांकि, इस गिरावट के बावजूद दक्षिण कोरिया का बाजार दुनिया में बीते एक साल में सबसे ज्यादा चढ़ने वाला बाजार है।

SK Hynix का शेयर एक महीने में 41 फीसदी क्रैश

दक्षिण कोरिया का शेयर बाजार बीते एक साल में करीब 88 फीसदी चढ़ा है। बीते एक महीने से दक्षिण कोरिया के बाजार पर बिकवाली का दबाव है। सबसे ज्यादा गिरावट SK Hynix और Samsung Electronics के शेयरों में दिखी है। 28 जुलाई को SK Hynix का शेयर 14 फीसदी से ज्यादा क्रैश कर गया। बीते एक महीने में यह शेयर 41 फीसदी गिरा है।

सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स का शेयर एक महीने में 32 फीसदी फिसला

Samsung Electronics का शेयर 28 जुलाई को 13.39 फीसदी क्रैश कर गया। बीते एक महीने में यह शेयर करीब 32 फीसदी गिरा है। इन दोनों शेयरों में आई गिरावट ने दक्षिण कोरिया के बाजार को आसमान से जमीन पर ला पटका है। इन दोनों शेयरों ने ही दक्षिण कोरिया के बाजार को बीते एक साल में सबसे ज्यादा रिटर्न देने वाला शेयर बाजार बनाया था।

एसके हायनिक्स का शेयर एक साल में 491% चढ़ा

SK Hynix और Samsung Electronics चिप बनाती हैं। बीते एक-डेढ़ साल में दुनियाभर में चिप बनाने वाली कंपनियों के शेयरों में ग्लोबल इनवेस्टर्स ने खूब दिलचस्पी दिखाई थी। इससे एस के हायनिक्स और सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स के शेयरों की कीमतें आसमान में पहुंच गई थी। हालिया गिरावट के बावूजद इन दोनों कंपनियों के शेयरों का रिटर्न हैरान करता है। एसके हायनिक्स का शेयर बीते एक साल में 491 फीसदी चढ़ा है। सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स का शेयर इस दौरान 212 फीसदी चढ़ा है।

चीन में CXMT की जोरदार लिस्टिंग ने बढ़ाया दबाव 

कोस्पी में इन दोनों कंपनियों का वेटेज करीब 60 फीसदी है। अब चिप बनाने वाली कंपनियों के शेयरों में निवेशकों की दिलचस्पी घट रही है। इसका असर एसके हायनिक्स और सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स के शेयरों पर दिख रहा है। उधर, चीन से आने वाली खबरों ने इन दोनों शेयरों पर दबाव और बढ़ा दिया है। चीन की ChangXin Memory Technologies (CXMT) के शेयर की लिस्टिंग धमाकेदार रही।

यह भी पढ़ें: Bank of Baroda Share Price: नोमुरा ने जून तिमाही के नतीजों के बाद घटाया टारगेट प्राइस, शेयर गिरा

चीन की चिप बनाने की क्षमता बढ़ने से बढ़ा डर

CXMT का शेयर पहले ही दिन अपने इश्यू प्राइस से 466 फीसदी चढ़ गया। दूसरा, खबर है कि चीन की एक सरकारी कंपनी ने इमर्सन DUV लिथोग्राफी इक्विपमेंट का बड़े पैमाने पर उत्पादन शुरू कर दिया है। इससे माना जा रहा है कि चीन की चिप बनाने की क्षमता बहुत बढ़ जाएगी। इसका सीधा असर दक्षिण कोरिया में चिप बनाने वाली कंपनियों पर पड़ेगा। इस वजह से एसके हायनिक्स और सैमसंग इलेक्ट्रिॉनिक्स के शेयरों में बड़ी बिकवाली दिख रही है।



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Monday, July 27, 2026

2026 की ग्लोबल रैंकिंग में मारी बाजी! रहने के लिए स्वर्ग से कम नहीं ये 7 शहर

इकोनॉमिस्ट इंटेलिजेंस यूनिट (EIU) ने 'ग्लोबल लिवेबिलिटी इंडेक्स 2026' (Global Liveability Index) जारी किया है, जिसमें दुनिया के सबसे रहने लायक शहरों की लिस्ट सामने आई है। दुनिया में कुछ शहर ऐसे हैं, जहां रहना सिर्फ आरामदायक ही नहीं, बल्कि बेहतर सुविधाओं और शानदार लाइफस्टाइल का एक्सपीरियंस भी देता है। हाल ही में जारी एक ग्लोबल रैंकिंग (global ranking) में ऐसे शहरों को चुना गया है, जो रहने के साथ-साथ घूमने के लिए भी लोगों की पहली पसंद बन रहे हैं:

Geneva and Zurich, Switzerland (जिनेवा और ज्यूरिख, स्विट्जरलैंड)

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जिनेवा लेक जिनेवा के किनारे बसा एक खूबसूरत शहर है, जो संयुक्त राष्ट्र (UN) और कई यूनाइटेड नेशन के मुख्यालय के लिए प्रसिद्ध है। साफ-सुथरा वातावरण, बेहतरीन स्वास्थ्य सेवाएं और आधुनिक सुविधाएं इसे रहने के लिए शानदार बनाती हैं। यहां घूमने के लिए जेट डी'ओ (Jet d'Eau) फाउंटेन, पुराना शहर (Old Town), म्यूजियम और झील के किनारे बने वॉकिंग ट्रैक काफी पॉपुलर हैं। यहां से फ्रांस और स्विट्जरलैंड के अन्य शहरों तक ट्रेन से आसानी से पहुंचा जा सकता है।

ज्यूरिख स्विट्जरलैंड का सबसे बड़ा शहर है, जो प्राकृतिक सुंदरता और मॉडर्न सुविधाओं का बेहतरीन ब्लेंड है। यह शहर ज्यूरिख झील और आल्प्स पर्वतों के खूबसूरत नजारों के लिए मशहूर है। साफ-सुथरी सड़कें, समय पर चलने वाला पब्लिक ट्रांसपोर्ट और सुरक्षित माहौल इसे दुनिया के सबसे रहने योग्य शहरों में शामिल करते हैं। यहां ओल्ड टाउन, बानहोफस्ट्रासे (Bahnhofstrasse) और झील के किनारे घूमना खास एक्सपीरियंस माना जाता है।

Osaka, Japan (ओसाका, जापान)

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ओसाका जापान का एक मॉडर्न और वाइब्रेंट शहर है, जो अपने स्वादिष्ट स्ट्रीट फूड, शानदार ट्रांसपोर्ट सिस्टम और ऊंचे स्टैण्डर्ड स्टैंडर्ड लेवल के लिए जाना जाता है। यहां का ओसाका कैसल, डोटोनबोरी, यूनिवर्सल स्टूडियोज जापान और कुरोमोन मार्केट पर्यटकों के बीच बेहद लोकप्रिय हैं। शहर का मजबूत रेल नेटवर्क क्योटो (Kyoto) और नारा जैसे पॉपुलर टूरिस्ट डेस्टिनेशन तक सफर को आसान बना देता है।

 

 

Sydney and Melbourne, Australia (सिडनी और मेलबर्न, ऑस्ट्रेलिया)

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सिडनी मॉडर्न शहर प्राकृतिक खूबसूरती का शानदार मिश्रण है। यह अपनी बेहतरीन लाइफस्टाइल, साफ-सुथरे समुद्र तटों और मॉडर्न इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए जाना जाता है। यहां सिडनी ओपेरा हाउस, हार्बर ब्रिज, बॉन्डी बीच, डार्लिंग हार्बर और रॉयल बॉटैनिक गार्डन सबसे पॉपुलर टूरिस्ट डेस्टिनेशन (tourist destination) हैं। अच्छी पब्लिक ट्रांसपोर्ट व्यवस्था और खुले वातावरण की वजह से यह शहर रहने और घूमने, दोनों के लिए बेहतरीन माना जाता है।

मेलबर्न अपनी कला, संस्कृति, खेल और कैफे कल्चर के लिए दुनिया भर में पॉपुलर है। शहर में बड़े पार्क, शानदार ट्राम नेटवर्क और मॉडर्न सुविधाएं लोगों की जिंदगी को आसान बनाती हैं। यहां फेडरेशन स्क्वायर, रॉयल बॉटैनिक गार्डन, मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड (MCG) और क्वीन विक्टोरिया मार्केट मेन अट्रैक्शन हैं। इसके अलावा, यहां से ग्रेट ओशन रोड और यारा वैली जैसी खूबसूरत जगहों की ट्रिप भी की जा सकती है।

 

Vienna, Austria (वियना, ऑस्ट्रिया)

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ऑस्ट्रिया की राजधानी वियना अपनी ऐतिहासिक इमारतों, संगीत और सांस्कृतिक विरासत के लिए फेमस है। बेहतरीन स्वास्थ्य सेवाएं, सुरक्षित माहौल और मजबूत पब्लिक ट्रांसपोर्ट सिस्टम इसे रहने के लिए बेहतरीन शहर बनाते हैं। यहां शॉनब्रुन पैलेस, सेंट स्टीफंस कैथेड्रल, बेल्वेडियर पैलेस और कई वर्ल्ड फेमस म्यूजियम (museum) देखने लायक हैं। क्लासिकल म्यूजिक और पारंपरिक कैफे भी इस शहर की खास पहचान हैं।

 

 

Copenhagen, Denmark (कोपेनहेगन, डेनमार्क)

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कोपेनहेगन ने EIU ग्लोबल लिवेबिलिटी इंडेक्स 2026 में पहला स्थान हासिल किया है। यह शहर बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं, शिक्षा, सुरक्षित माहौल और मॉडर्न बुनियादी ढांचे के लिए जाना जाता है। यहां साइकिल चलाना रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा है और शहर पर्यावरण संरक्षण पर भी खास ध्यान देता है। न्यहावन (Nyhavn), टिवोली गार्डन्स, द लिटिल मरमेड और खूबसूरत वाटरफ्रंट यहां के मेन अट्रैक्शन हैं।

 

Auckland, New Zealand (ऑकलैंड, न्यूजीलैंड)

Auckland Through My Experience: Best places to visit and more

ऑकलैंड भी अपनी प्राकृतिक खूबसूरती, सुरक्षित माहौल और बेहतरीन लाइफ क्वालिटी के लिए दुनिया के सबसे रहने योग्य शहरों में गिना जाता है। टूरिस्ट यहां स्काई टॉवर, वाइहेके आइलैंड (Waiheke Island), ऑकलैंड वॉर मेमोरियल म्यूजियम और खूबसूरत हार्बर का आनंद ले सकते हैं। बेहतरीन पब्लिक ट्रांसपोर्ट, अच्छी स्वास्थ्य सेवाएं और शांत वातावरण इसे रहने और घूमने, दोनों के लिए शानदार शहर बनाते हैं।



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Sunday, July 26, 2026

पिता असम सरकार में मंत्री...बेटी छात्र प्रदर्शन में हुई शामिल, अब CM हिमंता सरमा ने कही ये बात

नीट पेपर लीक को लेकर हो रहे विरोध प्रदर्शन में असम के मंत्री केशव महंत की बेटी के शामिल होने के वीडियो सामने आने के बाद मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा का बयान सामने आया है। मुख्‍यमंत्री ने कहा, ''हो सकता है वो (कैब‍िनेट मंत्री की बेटी) अपने पिता की राजनीतिक विचारधारा को न मानती हों, इसके ल‍िए मेरे कैबिनेट सहयोगी को ट्रोल नहीं किया जाना चाहिएय़'' बता दें कि, सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में दावा किया गया कि दिबिसा महंता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ नारे लगा रही हैं और तत्कालीन केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रही हैं। हालांकि, इन वीडियो की सत्यता की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है।

मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने  की ये अपील

इस विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने लोगों से अपील की कि मंत्री केशव महंता को उनकी बेटी के राजनीतिक विचारों के लिए निशाना न बनाया जाए। उन्होंने कहा कि किसी बालिग व्यक्ति की अपनी अलग सोच और राय हो सकती है। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा, "मुझे नहीं लगता कि केशव महंता की बेटी के प्रदर्शन में शामिल होने के कारण उनके पिता पर हमला करना या उन्हें ट्रोल करना सही है। हो सकता है कि उनकी बेटी की राजनीतिक सोच अपने पिता से अलग हो।" अपना उदाहरण देते हुए हिमंत सरमा ने कहा, "कल जब मेरा बेटा वकील बनेगा, तो हो सकता है कि वह ऐसे किसी व्यक्ति का पक्ष रखे जिसे मैं पसंद नहीं करता। इसका मतलब यह नहीं कि उसके फैसलों के लिए मुझे जिम्मेदार ठहराया जाए।"

हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि किसी भी माता-पिता को उनके बालिग बेटे या बेटी के राजनीतिक विचारों और उनके फैसलों के लिए जिम्मेदार नहीं ठहराया जाना चाहिए। हालांकि, उन्होंने यह भी साफ किया कि वह प्रदर्शन के दौरान दिबिसा महंता की ओर से लगाए गए कथित नारों से सहमत नहीं हैं। मुख्यमंत्री ने कहा, "जब अगली बार मेरी उनसे मुलाकात होगी, तो मैं इस मुद्दे पर उनसे जरूर बात करूंगा और समझाने की कोशिश करूंगा कि उन्होंने जो बातें कही थीं, वे सही नहीं थीं।"

गुवाहाटी में भी हुआ था प्रदर्शन

गुवाहाटी में यह प्रदर्शन नीट परीक्षा में कथित गड़बड़ियों के विरोध में आयोजित किया गया था। प्रदर्शनकारियों ने परीक्षा में पारदर्शिता की मांग के साथ तत्कालीन केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की भी मांग उठाई थी।इस पूरे विवाद पर मंत्री केशव महंता की ओर से फिलहाल कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। उधर, कथित नीट-यूजी 2026 पेपर लीक मामले को लेकर बढ़ते राजनीतिक दबाव के बीच धर्मेंद्र प्रधान ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री के पद से इस्तीफा दे दिया। इसके बाद केंद्र सरकार ने प्रदर्शनकारियों की कई प्रमुख मांगों पर विचार करने का भरोसा दिया, जिसके बाद कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने 37 दिनों से चल रहा अपना विरोध प्रदर्शन समाप्त करने की घोषणा कर दी।



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Saturday, July 25, 2026

H1B Visa Fee: अमेरिका जाने वाले भारतीयों को बड़ी राहत! H-1B वीजा पर ट्रंप के ₹95 लाख की फीस पर कोर्ट ने दिया बड़ा झटका

US Court Blocks Trump H-1B Visa Fee: अमेरिका में रहने के लिए जारी होने वाले H-1B वीजा पर एक बड़ी राहत वाली खबर आई है। एक संघीय अपील अदालत ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन को बड़ा कानूनी झटका दिया है। अदालत ने नए H-1B वीजा पर करीब 95 लाख रुपये की भारी-भरकम फीस लगाने वाले आदेश पर रोक हटाने से साफ इनकार कर दिया है।

बोस्टन स्थित 'फर्स्ट सर्किट कोर्ट ऑफ अपील्स' की तीन जजों की पीठ ने निचली अदालत के उस फैसले को बरकरार रखा है, जिसमें इस फीस को गैर-कानूनी करार दिया गया था। अदालत के इस फैसले से अमेरिका में काम करने की इच्छा रखने वाले भारतीय आईटी पेशेवरों और अमेरिकी टेक कंपनियों को बड़ी राहत मिली है।

अदालत ने क्यों लगाई $100,000 की वीजा फीस पर रोक?

यूएस डिस्ट्रिक्ट जज लियो टी. सोरोकिन ने 8 जून 2026 के अपने आदेश में कहा था कि ट्रंप प्रशासन द्वारा इतनी बड़ी फीस वसूलना एक तरह का 'अवैध टैक्स' है, क्योंकि अमेरिकी कांग्रेस ने राष्ट्रपति या कार्यपालिका को ऐसा करने का कोई अधिकार नहीं दिया है।

20 डेमोक्रेटिक शासित राज्यों के अटॉर्नी जनरल द्वारा दायर इस याचिका में तर्क दिया गया कि राष्ट्रपति ने संसद से कानून पास कराने के बजाय सिर्फ एक राष्ट्रपति घोषणापत्र के जरिए इस फीस को लागू कर अपने अधिकारों का अतिक्रमण किया है।

अपील अदालत ने 1989 के अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले का हवाला देते हुए कहा कि अगर सरकार नागरिकों या कंपनियों पर कोई बड़ा वित्तीय बोझ (टैक्स या फीस) डालती है, तो उसके लिए संसद की स्पष्ट मंजूरी अनिवार्य है। ट्रंप प्रशासन यह साबित करने में विफल रहा कि उनके पास इसकी कानूनी मंजूरी थी।

क्या था ट्रंप प्रशासन का तर्क और फैसला?

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सितंबर 2025 में एक प्रेसिडेंशियल प्रोक्लेमेशन के जरिए $100,000 की H-1B वीजा फीस लगाने का ऐलान किया था। प्रशासन का कहना था कि अमेरिकी कंपनियां कम वेतन पर विदेशी कर्मचारियों को लाने के लिए H-1B वीजा कार्यक्रम का गलत इस्तेमाल करती हैं, जिससे अमेरिकी नागरिकों की नौकरियां छिन जाती हैं। सरकार के मुताबिक, इस भारी फीस का मकसद कंपनियों को विदेशी कर्मचारियों को स्पॉन्सर करने से हतोत्साहित करना था।

भारतीय IT प्रोफेशनल्स और टेक कंपनियों के लिए राहत क्यों?

H-1B वीजा अमेरिकी कंपनियों को आईटी, इंजीनियरिंग और विज्ञान जैसे विशेष क्षेत्रों में विदेशी कुशल पेशेवरों को नियुक्त करने की अनुमति देता है। अमेरिका हर साल कुल 85,000 H-1B वीजा करीब 65,000 रेगुलर कोटा और 20,000 अमेरिका से मास्टर डिग्री हासिल करने वालों के लिए जारी करता है। इस कोटे का बड़ा हिस्सा भारत और चीन के पेशेवरों को मिलता है।

इस नए नियम से पहले, अमेरिकी कंपनियों को एक H-1B कर्मचारी को स्पॉन्सर करने के लिए औसतन $2,000 से $5,000 (लगभग 1.6 लाख से 4.1 लाख रुपये) ही देने पड़ते थे। $100,000 की फीस लागू होने से कंपनियों के लिए विदेशी प्रतिभाओं को बुलाना बेहद खर्चीला हो जाता।

आगे क्या होगा?

अपील अदालत का यह स्टे खारिज होने का मतलब है कि जब तक इस पूरे मामले की अंतिम सुनवाई पूरी नहीं हो जाती, तब तक ट्रंप प्रशासन $100,000 की इस बढ़ी हुई फीस को लागू नहीं कर सकता है। यानी फिलहाल पुरानी फीस प्रक्रिया के तहत ही H-1B वीजा आवेदन स्वीकार किए जाएंगे।



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Friday, July 24, 2026

Apoorva Makhija: 'इंडियाज गॉट लेटेंट' के विवादित एपिसोड के बाद सुसाइड करना चाहती थीं अपूर्वा मखीजा

Apoorva Makhija: कंटेंट क्रिएटर अपूर्वा मखीजा 'इंडियाज गॉट लेटेंट' विवाद के नतीजों को याद करते हुए भावुक हो गईं। इन्फ्लुएंसर ने बताया कि उस मुश्किल दौर में उन्हें सुसाइड के विचार आए थे और उन्होंने साथी कंटेंट क्रिएटर सूफी मोतीवाला का शुक्रिया अदा किया, जिन्होंने उस समय उनका साथ दिया जब उन्हें सबसे ज़्यादा सहारे की जरूरत थी।

रियलिटी शो 'लॉक अप सीजन 2' में सूफी मोतीवाला के साथ खुलकर बातचीत के दौरान, अपूर्वा ने माना कि अगर सूफी उनके साथ नहीं होते, तो वह उस विवाद का सामना नहीं कर पातीं। लंबे समय बाद सूफी से मिलकर अपनी भावनाएं जाहिर करते हुए अपूर्वा ने कहा, "मैंने तुम्हें सच में बहुत याद किया। ऐसा दोबारा मत करना। मुझे रोना आ रहा है। जब भी कोई मुझसे तुम्हारे बारे में पूछता है और कहता है, 'तुम उसकी दोस्त कैसे बनी थीं? वह तो बहुत मतलबी है,' तो मैं उनसे कहती हूं... अगर 'लेटेंट फियास्को' (विवाद) के समय सूफी मेरे साथ नहीं होते, तो मैं सुसाइड कर लेती।"

सूफी मोतीवाला ने अपूर्वा की बात सुनकर जवाब दिया, "ऐसा मत कहो। अपूर्वा ने फिर से कहा कि उस समय उनका साथ कितना जरूरी था। उन्होंने कहा, "मैं उस दौर से गुजर नहीं पाती। तुम ही अकेले इंसान थे जो मेरे साथ थे। मैं किसी को डेट नहीं कर रही थी। पर्सनल तौर पर, मेरी जिंदगी में, एक दोस्त के तौर पर।"

अपनी दोस्ती को याद करते हुए, सूफी मोतीवाला ने माना कि साथ बिताया गया वह समय उनकी ज़िंदगी के सबसे खुशनुमा दौर में से एक था। उन्होंने कहा, "सच कहूं तो भाई, वह एक साल मेरी ज़िंदगी का सबसे पसंदीदा साल था, जब हम दोस्त थे। मुझे आखिरकार लगा कि बॉम्बे में मेरा भी एक सोशल सर्कल है। मुझे लगा कि कोई है, जिसके पास मैं जब चाहूं जा सकता हूं। सच कहूं तो मुझे तुम्हारी बहुत याद आई।"

इसके बाद दोनों ने एक-दूसरे से माफी मांगी और बातचीत खत्म हुई। अपूर्वा ने कहा कि मुझे भी सच में बहुत अफसोस है। मुझे पता है कि छोटी-छोटी बातें भी बहुत दुख पहुंचा सकती हैं। जब तुम्हें सबसे ज्यादा जरूरत थी, तब मैं तुम्हारे लिए वह सुरक्षित माहौल नहीं बना पाई, इसके लिए मुझे माफ करना।



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