Thursday, March 19, 2026

दुनिया भर में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में आग, लेकिन भारत में दाम क्यों हैं स्थिर? समझें इसके पीछे का गणित

Fuel Prices Surging: मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध के कारण पूरी दुनिया में ऊर्जा का संकट गहरा गया है। जहां अमेरिका से लेकर वियतनाम तक पेट्रोल की कीमतें 70% तक बढ़ गई हैं, वहीं भारत में पिछले तीन हफ्तों के दौरान पंपों पर कीमतें जस की तस बनी हुई हैं। आखिर वैश्विक उथल-पुथल के बीच भारत यह स्थिरता कैसे बनाए हुए है?

95 देशों में बढ़े फ्यूल के दाम

होर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव के कारण कच्चे तेल की सप्लाई बाधित हुई है, जिसका असर पूरी दुनियाभर में देखने को मिल रहा है। कंबोडिया में फ्यूल की कीमतें 67.8%, वियतनाम में 49.7% और नाइजीरिया में 35% तक बढ़ चुकी हैं। अमेरिका में पेट्रोल के दाम 16.5% बढ़े हैं, जहां कैलिफोर्निया जैसे राज्यों में यह $5 प्रति गैलन के पार पहुंच गया है। जर्मनी और फ्रांस में भी भारी इजाफा देखा गया है। पाकिस्तान में तेल बचाने के लिए '4-डे वर्किंग वीक' लागू किया गया है, जबकि बांग्लादेश में ऊर्जा संरक्षण के लिए यूनिवर्सिटीज बंद कर दी गई हैं।

भारत में क्यों 'फ्रीज' हैं कीमतें?

जबकि दुनिया भर में कीमतें हर दिन बदल रही हैं, भारत के प्रमुख शहरों दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु में पेट्रोल-डीजल के दाम स्थिर हैं। इसके ये 3 प्रमुख कारण है:

एडमिनिस्ट्रेटिव कंट्रोल: भारत में तेल की कीमतें पूरी तरह से 'रियल-टाइम' मार्केट पर निर्भर नहीं हैं। यही वजह है कि सरकार और सरकारी तेल विपणन कंपनियां (OMCs) अक्सर अल्पकालिक झटकों को सोख लेती हैं।

टैक्स स्ट्रक्चर में लचीलापन: सरकार के पास एक्साइज ड्यूटी या वैट (VAT) में बदलाव कर कीमतों को नियंत्रित रखने का विकल्प होता है।

OMC का बफर: भारतीय तेल कंपनियां वैश्विक कीमतों में बढ़ोतरी का बोझ तुरंत ग्राहकों पर नहीं डालतीं, जिससे अंतरराष्ट्रीय बाजार और घरेलू पंप की कीमतों के बीच 'बड़ा अंतर' देखने को मिलता है।

क्या यह स्थिरता हमेशा बनी रहेगी?

जानकारों का मानना है कि भारत के लिए यह स्थिति लंबे समय तक बनाए रखना चुनौतीपूर्ण होगा क्योंकि भारत अपनी जरूरत का 85% से ज्यादा कच्चा तेल आयात करता है। अगर अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चा तेल $100-110 के पार बना रहता है, तो तेल कंपनियों (IOCL, BPCL, HPCL) का घाटा बढ़ेगा, जिसे अंततः कीमतों में बढ़ोतरी या सरकारी सब्सिडी के जरिए ही भरा जा सकेगा।

महंगाई का 'ट्रिपल' अटैक

तेल की कीमतों में यह वैश्विक उछाल केवल वाहनों तक सीमित नहीं रहेगा, इसके तीन और खतरनाक प्रभाव होंगे:

ट्रांसपोर्ट: माल ढुलाई महंगी होने से हर छोटी-बड़ी चीज की कीमत बढ़ेगी।

खेती: फर्टिलाइजर उत्पादन महंगा होने से अनाज के दाम बढ़ेंगे।

मैन्युफैक्चरिंग: फैक्ट्रियों में लागत बढ़ने से सामान की कीमतें बढ़ेंगी, जिससे 1973 और 2008 जैसी वैश्विक मंदी का खतरा पैदा हो सकता है।



from HindiMoneycontrol Top Headlines https://ift.tt/jSIGk7u
via

Wednesday, March 18, 2026

Jewar Airport: नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का 28 मार्च को होगा उद्घाटन, प्रॉपर्टी मार्केट को मिलेगा बूस्ट?

Jewar Airport: नोएडा के जेवर में बन रहा नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट 28 मार्च 2026 को शुरू होने जा रहा है। माना जा रहा है कि इस एयरपोर्ट के शुरू होते ही पूर्वी NCR का रियल एस्टेट बाजार तेजी से बदल सकता है। एक्सपर्ट इसे इस इलाके के लिए गेम-चेंजर मान रहे हैं।

प्रॉपर्टी खरीदने वालों के लिए बड़ा मौका

एयरपोर्ट बनने से सबसे बड़ा फायदा कनेक्टिविटी का होगा। यमुना एक्सप्रेसवे और नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे के आसपास रहने वालों के लिए सफर आसान होगा। यही वजह है कि इन इलाकों में घर और दुकान की मांग बढ़ने की उम्मीद है। रिपोर्ट के अनुसार एयरपोर्ट शुरू होने के बाद इन इलाकों में प्रॉपर्टी के दाम 20-30% तक बढ़ सकते हैं।

पहले सस्ता था नोएडा, अब बदल रही तस्वीर

पहले NCR में गुरुग्राम को ज्यादा विकसित माना जाता था और नोएडा को थोड़ा सस्ता विकल्प समझा जाता था। लेकिन अब हालात बदल रहे हैं। बेहतर सड़क, मेट्रो और इंफ्रास्ट्रक्चर की वजह से नोएडा तेजी से आगे बढ़ रहा है। पिछले कुछ सालों में यहां प्रॉपर्टी के दाम भी तेजी से बढ़े हैं। 2020 में जहां औसत कीमत करीब 4,800 रुपये प्रति वर्ग फुट थी, वहीं 2025 तक यह बढ़कर करीब 9,200 रुपये प्रति वर्ग फुट हो गई।

अब निवेश नहीं, रहने के लिए खरीद रहे लोग

पहले लोग यहां सिर्फ निवेश के लिए घर खरीदते थे, लेकिन अब अधिकतर खरीदार खुद रहने के लिए घर ले रहे हैं। IT और कॉर्पोरेट सेक्टर में काम करने वाले लोग ऑफिस के पास घर लेना पसंद कर रहे हैं। नोएडा के सेक्टर 150 और ग्रेटर नोएडा वेस्ट जैसे इलाके तेजी से फेमस हो रहे हैं। यहां बड़े घर, हरियाली और अच्छी सुविधाएं मिल रही हैं, जिससे परिवारों को आकर्षण बढ़ रहा है। अगर आप इस इलाके में घर खरीदने की सोच रहे हैं, तो पहले इन बातों का ध्यान रखें।

प्रोजेक्ट की लोकेशन और डेवलपर की विश्वसनीयता जांचें

भविष्य की कनेक्टिविटी और सुविधाओं को देखें

सिर्फ दाम बढ़ने की उम्मीद में नहीं, जरूरत के हिसाब से खरीदें

Stock Markets: क्या यह सस्ते भाव पर खरीदारी का मौका है या अभी निवेश करना रिस्की है?



from HindiMoneycontrol Top Headlines https://ift.tt/ZyCqYIw
via

Tuesday, March 17, 2026

Daisy Shah: 'अकेले रहकर ज्यादा खुश हूं', सलमान की को-स्टार का खुलासा

हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में जहां शादी और रिश्तों को लेकर अक्सर चर्चा होती रहती है, वहीं सलमान खान की एक को-स्टार अपनी अलग सोच के कारण सुर्खियों में हैं। 41 साल की यह अभिनेत्री शादी के पारंपरिक विचारों से सहमत नहीं हैं और सिंगल रहकर ही खुश हैं। उनके लिए यह कोई समझौता नहीं, बल्कि एक सोचा-समझा फैसला है। दिलचस्प बात यह है कि अब उनके परिवार ने भी उनके इस निर्णय को स्वीकार कर लिया है और शादी के लिए दबाव बनाना बंद कर दिया है।

आज के दौर में, जहां लोग समाज की अपेक्षाओं के अनुसार चलने की कोशिश करते हैं, वहीं यह एक्ट्रेस अपनी शर्तों पर जिंदगी जीने में विश्वास रखती हैं। उनका मानना है कि खुश रहने के लिए शादी जरूरी नहीं, बल्कि आत्मसंतुष्टि और आत्मनिर्भरता ज्यादा मायने रखती है।

डेजी शाह का साफ नजरिया

‘जय हो’ फिल्म से बॉलीवुड में पहचान बनाने वाली डेजी शाह ने साफ शब्दों में कहा है कि वह सिंगल हैं और अपनी इच्छा से सिंगल रहना चाहती हैं। उनके मुताबिक, शादी एक निजी फैसला है और इसे लेकर कोई जल्दबाजी नहीं होनी चाहिए। जब सही समय आएगा, तब सब अपने आप हो जाएगा।

मजबूत सोच और आत्मनिर्भरता

डेजी शाह खुद को एक स्ट्रॉन्ग महिला मानती हैं। उनका कहना है कि मजबूत सोच वाली महिलाओं के साथ तालमेल बैठाना हर किसी के लिए आसान नहीं होता। उन्होंने यह भी बताया कि लोगों ने उन्हें कई बार ‘प्रैक्टिकल’ और ‘कम भावुक’ जैसे टैग दिए, लेकिन उन्हें इससे फर्क नहीं पड़ता।

अकेलेपन नहीं, ‘मी-टाइम का आनंद

डेजी का मानना है कि अकेले रहना कमजोरी नहीं, बल्कि खुद को समझने और एंजॉय करने का मौका है। उन्हें अपनी कंपनी पसंद है और वह स्पेस देने में विश्वास रखती हैं। हालांकि, समाज अक्सर इसे गलत तरीके से देखता है, जो कभी-कभी उनके लिए चुनौती बन जाता है।

करियर की दिलचस्प यात्रा

डेजी शाह ने अपने करियर की शुरुआत बैकग्राउंड डांसर के रूप में की थी। साल 2014 में ‘जय हो’ से लीड एक्ट्रेस के तौर पर डेब्यू करने के बाद वह ‘हेट स्टोरी 3’, ‘रेस 3’, ‘रामरतन’, ‘मिस्ट्री ऑफ द टैटू’ और ‘बिहू अटैक’ जैसी फिल्मों में नजर आईं। इसके अलावा, वह ‘खतरों के खिलाड़ी 13’ में भी अपनी मौजूदगी दर्ज करा चुकी हैं।

Anupama Spoiler: अनुपमा की जिंदगी में आया नया तूफान, नौकरी से हुई बेदखल



from HindiMoneycontrol Top Headlines https://ift.tt/naGBQ61
via

Monday, March 16, 2026

2026 Renault Duster कल भारत में करेगी एंट्री, Hyundai Creta से होगा मुकाबला, जानें कीमत और फीचर्स

2026 Renault Duster: Renault Duster कल भारत में ऑफिशियल लॉन्च होने वाला है। यह देश की सबसे पॉपुलर मिड-साइज SUV में से एक के तौर पर वापसी कर रही है। Hyundai Creta को टक्कर देने के लिए तैयार की गई डस्टर पूरी तरह से नए डिजाइन, मॉडर्न टेक्नोलॉजी से लैस केबिन और टर्बो-पेट्रोल और हाइब्रिड वेरिएंट सहित कई इंजन विकल्पों के साथ आती है। आधिकारिक लॉन्च और कीमत की घोषणा से पहले ही इस SUV की प्री-बुकिंग शुरू हो चुकी है।

2026 Renault Duster: डिजाइन और डायमेंशन

Renault Duster ने अपने ग्लोबल तीसरे-जेनरेशन मॉडल की मजबूत और मस्कुलर स्टांस को बरकरार रखा है, लेकिन इसे भारतीय मार्केट के हिसाब से नए स्टाइलिंग एलिमेंट्स के साथ पेश किया गया है। आगे की तरफ, SUV में आइब्रो-स्टाइल LED डे-टाइम रनिंग लाइट्स हैं, जो टर्न इंडिकेटर का भी काम करती हैं, जिससे इसे एक अलग पहचान मिलती है। ग्रिल को नया डिजाइन दिया गया है और इसमें बड़े अक्षरों में Duster लिखा है, जबकि बंपर पर सिल्वर एक्सेंट दिए गए हैं जो पहली जनरेशन मॉडल की स्टाइलिंग को याद दिलाते हैं। फ्रंट प्रोफाइल में पिक्सल-स्टाइल फॉग लैंप्स भी दिए गए हैं, जो इसे आधुनिक और दमदार लुक देते हैं।

2026 Renault Duster: इंटीरियर और फीचर्स

कैबिन के अंदर, Renault ने एक प्रीमियम और टेक-फोकस्ड अनुभव देने पर ध्यान दिया है। SUV में पियानो ब्लैक एक्सेंट के साथ एक नया थ्री-स्पोक स्टीयरिंग व्हील और एक मॉडर्न डुअल-स्क्रीन डैशबोर्ड लेआउट दिया गया है। एम्बिएंट लाइटिंग केबिन के माहौल को बेहतर बनाती है, जबकि फॉक्स कार्बन-फाइबर इंसर्ट इसे स्पोर्टी लुक देते हैं। Type-C चार्जिंग पोर्ट, ऑटो-होल्ड फंक्शन के साथ इलेक्ट्रॉनिक पार्किंग ब्रेक और पैनोरमिक सनरूफ जैसे प्रैक्टिकल फीचर्स रोजाना के उपयोग और आराम को और बढ़ाते हैं।

2026 Renault Duster: फीचर्स

Renault Duster में फीचर्स और सेफ्टी बढ़ाने के लिए कई बेहतरीन फीचर्स दिए गए हैं। इसमें वायरलेस Android Auto और Apple CarPlay को सपोर्ट करने वाला 10.1 इंच का टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट सिस्टम है, जो Google OS पर चलने वाले 7 इंच के डिजिटल इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर के साथ आता है। अन्य फीचर्स में डुअल-जोन क्लाइमेट कंट्रोल, छह तरह से एडजस्ट होने वाली पावर और वेंटिलेटेड फ्रंट सीटें, वायरलेस चार्जर और पावर टेलगेट शामिल हैं।

2026 Renault Duster: सेफ्टी

यह SUV डुअल-टोन इंटीरियर, एडजस्टेबल फ्रंट आर्मरेस्ट, 60:40 स्प्लिट रियर सीटें, अर्कामिस ऑडियो सिस्टम और 360-डिग्री कैमरा भी प्रदान करती है। सेफ्ची फीचर्स में छह एयरबैग और लेवल 2 ADAS शामिल हैं।

2026 Renault Duster: इंजन ऑप्शन

Renault Duster को कई इंजन ऑप्शन के साथ पेश करेगी। टॉप वेरिएंट में 1.8 लीटर का चार-सिलेंडर डायरेक्ट-इंजेक्शन पेट्रोल इंजन है, जो दो इलेक्ट्रिक मोटरों के साथ मिलकर E-Tech 160 हाइब्रिड सेटअप बनाता है। यह इंजन 160 bhp का पावर और 172 Nm का टॉर्क जनरेट करता है। लाइनअप में 1.3 लीटर का टर्बो-पेट्रोल इंजन (टर्बो TCe 160) भी शामिल है, जो 160 bhp का पावर और 280 Nm का टॉर्क देता है। यह इंजन छह-स्पीड मैनुअल और डुअल-क्लच ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन दोनों के साथ उपलब्ध है। एंट्री-लेवल विकल्प 1.0 लीटर का तीन-सिलेंडर टर्बो-पेट्रोल इंजन है, जो 100 bhp का पावर और 160 Nm का टॉर्क जनरेट करता है। यह इंजन केवल छह-स्पीड मैनुअल गियरबॉक्स के साथ आता है।

2026 Renault Duster: बुकिंग

नई Renault Duster की प्री-बुकिंग फिलहाल 21,000 रुपये की टोकन राशि के साथ शुरू हो चुकी है। टर्बो-पेट्रोल वेरिएंट की डिलीवरी लगभग उसी समय शुरू होने की उम्मीद है, जबकि हाइब्रिड वर्जन साल के अंत तक, दिवाली के करीब उपलब्ध होंगे।

यह भी पढ़ें: 2026 Hyundai Verna: वेरिएंट-वाइज फीचर्स का पूरा गाइड, जानिए कौन सा मॉडल है सबसे किफायती?



from HindiMoneycontrol Top Headlines https://ift.tt/r10LPom
via

Sunday, March 15, 2026

Cinema Ka Flashback: जब विद्या बालन को कह दिया गया था 'मनहूस', 12 फिल्मों से हाथ धोकर ऐसे बनीं बॉलीवुड की 'शेरनी'

फिल्म इंडस्ट्री की चमक-धमक के पीछे अक्सर अंधेरे गलियारे होते हैं, जहां कलाकार को अपनी काबिलियत साबित करने से पहले अपनी किस्मत की अग्निपरीक्षा देनी पड़ती है। विद्या बालन को बॉलीवुड की सबसे सशक्त और 'पावरहाउस' एक्ट्रेस के रूप में जानते हैं, उनके करियर की शुरुआत किसी बुरे सपने से कम नहीं थी। हाल ही में उनके शुरुआती संघर्षों की एक ऐसी कहानी सामने आई है, जो बताती है कि सफलता का स्वाद चखने से पहले उन्होंने अपमान का कितना कड़वा घूंट पिया था।

'चक्रम' और वह एक मनहूस ठप्पा

कहानी शुरू होती है दक्षिण भारतीय सिनेमा से, जहां विद्या बालन को सुपरस्टार मोहनलाल के साथ फिल्म 'चक्रम' के लिए चुना गया था। किसी भी नवागंतुक के लिए यह एक सपने जैसा मौका था, लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। कुछ रचनात्मक मतभेदों के कारण फिल्म बंद (shelved) हो गई। हैरानी की बात यह रही कि फिल्म बंद होने का ठीकरा पूरी तरह से विद्या पर फोड़ दिया गया।

साउथ के निर्देशकों और निर्माताओं ने उन्हें 'शापित' (Jinxed) और 'मनहूस' करार दे दिया। यह अंधविश्वास इस कदर फैला कि देखते ही देखते उनके हाथ में मौजूद 10 से 12 फिल्में उनसे छीन ली गईं। बिना किसी नोटिस के उन्हें प्रोजेक्ट्स से बाहर कर दिया गया, सिर्फ इसलिए क्योंकि लोगों को लगने लगा था कि उनके पैर फिल्म के लिए 'अशुभ' हैं।

जब आईने से होने लगी थी नफरत

विद्या ने एक इंटरव्यू में साझा किया कि यह दौर उनके लिए मानसिक रूप से तोड़ देने वाला था। एक निर्माता ने तो उनके माता-पिता के सामने ही उनकी शक्ल पर सवाल उठाते हुए कह दिया था कि, "ये कहीं से हीरोइन लगती है?" इन कड़वी बातों ने विद्या के आत्मविश्वास को इस कदर कुचल दिया था कि उन्होंने अगले छह महीनों तक खुद को आईने में देखना छोड़ दिया था। उन्हें लगने लगा था कि शायद वे वाकई इस इंडस्ट्री के लायक नहीं हैं।

परिवार का साथ और 'परिणीता' का उदय

इस मुश्किल घड़ी में विद्या की बड़ी बहन प्रिया उनके लिए ढाल बनकर खड़ी हुईं। उन्होंने विद्या को याद दिलाया कि अमिताभ बच्चन और तब्बू जैसे दिग्गजों को भी शुरुआत में भारी रिजेक्शन्स झेलने पड़े थे। परिवार के इसी भरोसे ने विद्या को टूटने नहीं दिया।

आखिरकार, साल 2005 में प्रदीप सरकार की फिल्म 'परिणीता' के जरिए विद्या ने बॉलीवुड में कदम रखा। इस फिल्म ने न केवल उनकी अभिनय क्षमता का लोहा मनवाया, बल्कि उन तमाम लोगों के मुंह पर तमाचा जड़ा जिन्होंने उन्हें 'शापित' कहा था। इसके बाद 'द डर्टी पिक्चर', 'कहानी' और 'शेरनी' जैसी फिल्मों के साथ विद्या ने यह साबित कर दिया कि सफलता किसी 'सितारे' या 'किस्मत' की मोहताज नहीं, बल्कि अटूट मेहनत और टैलेंट की दासी होती है।



from HindiMoneycontrol Top Headlines https://ift.tt/zlHY4eV
via

Saturday, March 14, 2026

Cinema Ka Flashback: नुसरत फतेह अली खान की कव्वाली की तर्ज पर बना था बॉलीवुड का ये हिट आइटम नंबर, एक्ट्रेस को बना दिया था सुपरस्टार

Cinema Ka Flashback: नुसरत फतेह अली खान (Nusrat Fateh Ali Khan) म्यूजिक इंडस्ट्री का कोहनूर कहे जाते थे। नुसरत साहब ने अपनी कव्वाली से दुनियाभर के लोगों का दिल जीता है । वहीं कई हिंदी फिल्मों में सदाबहार गानों को भी उन्होंने अपनी आवाज से सजाया है। मगर क्या आप जानते हैं कि 90 के दशक में रिलीज हुआ बॉलीवुड का एक आइटम नंबर भी उनकी कव्वाली की कॉपी थी, जिसने माधुरी दीक्षित को रातोंरात सुपरस्टार बना दिया था।

फिल्म ‘याराना' का गान ‘मेरा पिया घर आया' (Mera Piya Ghar Aaya) तो आपने सुना ही होगा। ये कोई नया फ्रेश गाना नहीं था। ये उस्ताद नुसरत फतेह अली खान की मशहूर कव्वाली थी, जिसे टचअप करके फिल्म में एड किया गया था। इस कव्वाली में ‘पिया' का मतलब रूहानी मिलन से था। ये गाने रूह का अपने खुदा से मिलन को दर्शता है। नुसरत साहब की आवाज में जब ये पंक्तियां सुनाई जाती है, तो सुनने वालों खो जाता है। उनकी ये कव्वाली 80 और 90 के दशक में सूफी संगीत का आइनाा बन गई थी।

‘याराना' के लिए म्यूज़िक डायरेक्टर आनंद मिलिंद ने इस कव्वाली की धुन को एक डांस नंबर में बदल दिया था, तब शायद उन्हें भी खबर नहीं थी कि गाना नए रिकॉर्ड बना देगा। चटक ड्रेस में माधुरी दीक्षित का एनर्जी से भरा डांस, दमदार एक्सप्रेशन और ग्रेस, सबने मिलकर इस गाने को अमर बना दिया।

इस गाने ने न सिर्फ फिल्म को सुपरहिट कराया, बल्कि माधुरी को डांस क्वीन का ताज भी पहना दिया था। आज सालों बाद भी जब सोशल मीडिया पर ‘मेरा पिया घर आया' की कोई क्लिप सामने आती है, तो लोग सिर्फ उसके बीट्स पर झूमने लगते हैं। चाहे नुसरत साहब का सोलफुल अंदाज़ हो या माधुरी का ग्लैमरस....दोनों के जादू ने इसे आज भी फीका नहीं होने दिया है।

नुसरत साहब ने अपने पिता के निधन के बाद 1971 में परिवार की कव्वाली परंपरा को संभालते हुए उसे नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया था। उनकी आवाज युवाओं के दिलों में बसी हुई है। उन्होंने कव्वाली को पाकिस्तान से निकालकर विश्व स्तर पर पहचान दिलाई। उनके 125 से ज्यादा एल्बम रिलीज हुए, जो गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज किए गए हैं।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार नुसरत1995 के बाद से लगातार बीमार रहने लगे थे। अपने मोटापे, किडनी और लिवर की समस्याओं से पीड़ित थे। 16 अगस्त 1997 को लंदन में हर्ट अठैक आने से उनका निधन हो गया था। उनकी मौत के बाद भी उनकी आवाज का जादू दुनिया भर में कायम बना हुआ है।



from HindiMoneycontrol Top Headlines https://ift.tt/8FH1M6v
via

Friday, March 13, 2026

Border 2 OTT Release: थिएटर्स के बाद ओटीटी पर धमाल मचाएगी 'बॉर्डर 2', सनी देओल स्टारर वॉर मूवी कब और कहां देखें

1997 की आइकॉनिक वॉर फिल्म 'बॉर्डर' का सीक्वल 'बॉर्डर 2' थिएट्रिकल रिलीज के बाद अब ओटीटी पर दस्तक देने को तैयार है। सनी देओल के धमाकेदार अंदाज, वरुण धवन की युवा एनर्जी, दिलजीत दोसांझ के पंजाबी स्वैग और आहना शेट्टी की ताकतवर मौजूदगी वाली यह फिल्म दर्शकों के दिलों में देशभक्ति की लहर ला चुकी है। गणतंत्र दिवस वीकेंड पर 23 जनवरी 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज हुई फिल्म अब ओटीटी प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध हो रही है, जहां घर बैठे आप इस जंग को महसूस कर सकेंगे।

निर्देशक अनुराग सिंह ने जेपी दत्ता की मूल फिल्म की विरासत को आगे बढ़ाया है। सनी देओल उसी मेजर कीरतवीर सिंह बाजवा के रोल में लौटे हैं, जो सरहद पर दुश्मनों को धूल चटाते हैं। वरुण धवन एक युवा सिपाही बने हैं, जो सनी के मेंटरशिप में सीखते हैं। दिलजीत दोसांझ का किरदार पंजाबी रेजिमेंट का है, जो हंसी-मजाक के साथ गंभीर जंग लड़ता है। आहना शेट्टी एक साहसी महिला अधिकारी के रोल में हैं, जो पुरुष-प्रधान आर्मी में अपनी छाप छोड़ती हैं। फिल्म में मोना सिंह और सोनम बाजवा जैसे सपोर्टिंग कास्ट ने इमोशनल डेप्थ दी है। ट्रेलर ने स्केल, एक्शन और देशभक्ति से फैंस को दीवाना बना दिया था।

ओटीटी रिलीज की बात करें तो 'बॉर्डर 2' नेटफ्लिक्स पर 15 अप्रैल 2026 से स्ट्रीमिंग शुरू होगी। थिएटर रन के 12 हफ्ते बाद यह डेट तय की गई है, ताकि सिनेमाई अनुभव बरकरार रहे। प्रोड्यूसर्स भूषण कुमार, कृष्णा कुमार, जेपी दत्ता और निधि दत्ता ने इसे भारत की सबसे बड़ी वॉर मूवी बताया। बजट 1800 करोड़ रुपये का होने से वीएफएक्स और लोकेशन्स पर कोई कसर नहीं छोड़ी गई। गाने जैसे 'इश्क दा चेहरा' और 'घर कब आओगे' ने पहले ही चार्टबस्टर साबित हो चुके हैं।

यह फिल्म न सिर्फ जंग के मैदान दिखाती है, बल्कि सैनिकों के परिवार, बलिदान और एकता की कहानी कहती है। आज के युवाओं के लिए यह इंस्पिरेशन है कि सरहद पर कैसे असली हीरो बनते हैं। अगर आपने थिएटर में मिस किया, तो ओटीटी पर बड़े स्क्रीन के साथ पॉपकॉर्न ले लीजिए।

फिल्म में सनी देओल एक बार फिर दमदार अंदाज में नजर आते हैं। उनके साथ वरुण धवन, दिलजीत दोसांझ और अहान शेट्टी भी अहम भूमिकाओं में हैं। यह फिल्म न केवल एक्शन और युद्ध के दृश्यों से भरपूर है बल्कि इसमें भावनात्मक गहराई भी है, जो सैनिकों के बलिदान और परिवारों के दर्द को सामने लाती है।

बॉक्स ऑफिस पर फिल्म ने ₹392 करोड़ से अधिक की कमाई की थी, जिससे यह साल की सबसे बड़ी हिट फिल्मों में शामिल हो गई। दर्शकों ने इसे “थंडरियस” और “विजुअली ग्रैंड” वॉर एपिक बताया।

 



from HindiMoneycontrol Top Headlines https://ift.tt/WCuUFhD
via