Tuesday, February 24, 2026

'RDX और 11 IED लगाए हैं...', आसनसोल कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी, मचा हड़कंप!

बंगाल विधानसभा चुनाव को लेकर सभी पार्टियां तैयारी में जुटी हुई हैं। इसी बीच आसनसोल स्थित पश्चिम बर्द्धमान सिविल कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी मिली, जिससे कोर्ट परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। दरअसल, सोमवार (24 फरवरी) को सुबह करीब 11:30 बजे कोर्ट के आधिकारिक ईमेल पर एक धमकी भरा मेल आया, जिसमें दावा किया गया कि कोर्ट परिसर में विस्फोटक लगाए गए हैं।

 कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी

ई-मेल में जजों के साथ-साथ कोर्ट परिसर को भी उड़ाने को बात कही गई है। भेजने वाले ने दावा किया है कि कोर्ट परिसर के अहम हिस्सों में C-4 और RDX का इस्तेमाल कर 11 IED पहले ही लगाए जा चुके हैं।

सूचना मिलते ही प्रशासन हरकत में आ गया। तुरंत कोर्ट परिसर को खाली कराया गया और आम वादियों, वकीलों, कर्मचारियों व न्यायिक अधिकारियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। इसके बाद पुलिस, बम निरोधक दस्ता और डॉग स्क्वॉड को मौके पर बुलाया गया।

पुलिस ने चलाया सर्च ऑपरेशन

जिसके बाद कोर्ट की दूसरी और तीसरी मंज़िल को खाली करा दिया गया। पुलिस और स्निफर डॉग की मदद से पूरे भवन की तलाशी ली गई। अधिकारियों का यह भी कहना है कि यह मेल अफवाह भी हो सकता है, लेकिन किसी भी तरह का जोखिम नहीं लिया जा रहा। बता दे कि तलाशी के बाद अभी तक कोई संदिग्ध वस्तु या विस्फोटक समान नहीं मिला है।

हालांकि, इसके बाद भी परिसर में डर का माहौल बना हुआ है। आम लोगों से लेकर वकीलों और जजों तक, सभी में भय देखा जा रहा है। स्थिति को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है और संदिग्ध व्यक्तियों पर कड़ी नज़र रखी जा रही है, ताकि कोई भी अनहोनी घटना से निपटा जा सके।

इस मामले पर जिला जज देबप्रसाद नाथ ने कहा "हमें सुबह 11:30 बजे आधिकारिक ईमेल पर सूचना मिली कि कोर्ट में विस्फोटक रखे गए हैं। इसके बाद बम निरोधक दस्ता और डॉग स्क्वॉड बुलाए गए हैं।" उन्होंने साफ कहा कि, "हम आम वादियों, वकीलों, स्टाफ और न्यायिक अधिकारियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रहे हैं। कैदियों को भी प्रक्रिया के अनुसार स्थानांतरित किया गया है।"

चुनाव से पहले इस तरह की घटनाएं आम लोगों के मन में डर पैदा करती हैं। विपक्ष पहले ही आरोप लगा रहा है कि राज्य में कानून-व्यवस्था चरमराई हुई है, जबकि सत्ताधारी दल का कहना है कि पुलिस पूरी मुस्तैदी से काम कर रही है और हर साजिश को नाकाम किया जाएगा।

फिलहाल, पुलिस ईमेल भेजने वाले की पहचान करने में जुटी है और साइबर सेल भी मामले की जांच कर रही है। प्रशासन ने साफ कहा है कि दोषियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। आने वाले बंगाल चुनाव से पहले कोर्ट जैसे संवेदनशील संस्थानों को मिली धमकियां यह साफ संकेत दे रही हैं कि सुरक्षा एजेंसियों के सामने बड़ी चुनौती खड़ी है।



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Shikhar Dhawan: 'मैंने कभी भी अतीत का बोझ...' शादी के बाद ट्रोलर्स पर भड़के शिखर धवन

Shikhar Dhawan: भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व ओपनर शिखर धवन इन दिनों अपनी पर्सनल लाइफ को लेकर चर्चा में हैं। शिखर धवन ने अपनी जिंदगी की नई शुरुआत करते हुए पिछले हफ्ते अपनी पार्टनर सोफी शाइन के साथ शादी के बंधन में बंध गए हैं। इस खास मौके पर उनके परिवार और करीबी दोस्त मौजूद रहे। शादी के बाद सोशल मीडिया पर उनके पर्सनल लाइफ से जुड़ी कई तरह की अफवाहें फैलने लगीं, जिनसे वह काफी आहत हुए थे। अब इन झूठे दावों पर उन्होंने खुद सामने आकर अपनी बात रखी है। पूर्व क्रिकेटर ने इन अफवाहों पर रिएक्शन देते हुए साफ किया कि उनके बारे में फैल रही बातें सही नहीं हैं।

शिखर धवन ने दिया रिएक्शन

एक्स पर प्रतिक्रिया देते हुए शिखर धवन ने वायरल दावों को गलत बताया और लोगों से अपील की कि सिर्फ ध्यान खींचने के लिए गलत जानकारी न फैलाएं। उन्होंने लिखा, “मैंने सोशल मीडिया पर कुछ पोस्ट देखी हैं, जिनमें मेरी निजी जिंदगी के बारे में निराशाजनक बातें कही गई हैं। मैंने कभी भी अतीत का बोझ नहीं उठाया, चाहे वह मैदान पर हो या मैदान के बाहर। मैं अपने अतीत का सम्मान करता हूं और पॉजिटिविटी सोच की ताकत पर पूरा विश्वास रखता हूं।”

उन्होंने आगे लिखा, “यह मेरी जिंदगी की नई शुरुआत है और मैं अपने फैंस, दोस्तों, परिवार, शुभचिंतकों और मीडिया से मिले प्यार और आशीर्वाद के लिए दिल से आभारी हूं। मैं सभी से आग्रह करता हूं कि सोशल मीडिया पर क्लिकबेट, असंवेदनशील और झूठी बातों के जरिए मेरे नाम का गलत इस्तेमाल न करें। आइए हम प्यार और सकारात्मकता फैलाएं। धन्यवाद!”

कब हुआ था धवन का तलाक

अक्टूबर 2023 में पहली पत्नी आयशा मुखर्जी से अलग होने के बाद शिखर धवन ने हमेशा अपने रिश्ते के बारे में सम्मानजनक तरीके से बात की है। उन्होंने ये जरूर कहा कि उन्हें अपने बेटे जोरावर के साथ समय बिताने की कमी महसूस होती है, लेकिन उन्होंने अपनी पूर्व पत्नी के खिलाफ कभी कोई गलत या नेगिटिव बयान नहीं दिया। हालांकि जब सोशल मीडिया पर धवन के बारे में झूठे कोट्स और गलत बातें फैलने लगीं, तो धवन ने खुद सामने आकर सच बताने का फैसला किया।



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IT Stocks Crash: क्या AI से खत्म हो जाएगा आईटी सेक्टर? बिकवाली की आंधी में श्रीलंका की GDP से ज्यादा रकम साफ

IT Stocks: आईटी सेक्टर के स्टॉक्स में फिलहाल भारी तेज दबाव दिख रहा है। निफ्टी आईटी इंडेक्स 4.91 प्रतिशत गिरकर 30,001.2 पर आ गया है। ब्रोकरेज हाउस इसे सिर्फ तिमाही नतीजों की कमजोर प्रतिक्रिया नहीं मान रहे। असली चिंता इस बात को लेकर है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI आने वाले सालों में बिजनेस मॉडल, मार्जिन और पूरी अर्थव्यवस्था को कैसे बदल सकता है।

जहां Jefferies ने बड़ी आईटी कंपनियों पर सतर्क रुख अपनाया है और CLSA ने हार्डवेयर लागत बढ़ने का खतरा बताया है, वहीं JPMorgan का कहना है कि आईटी सर्विसेज की मांग इतनी आसानी से कमजोर नहीं होगी।

श्रीलंका-वेनेजुएला की GDP से ज्यादा मार्केट कैप साफ

पिछले एक साल में 75 भारतीय IT कंपनियों का कुल बाजार मूल्य 100 बिलियन डॉलर से ज्यादा घट गया है। IMF के मुताबिक वेनेजुएला का 2026 का GDP 79.92 बिलियन डॉलर आंका गया है। वहीं, श्रीलंका का 2024 का GDP 98.96 बिलियन डॉलर रहा था।

सोमवार को 75 लिस्टेड कंपनियों का कुल मार्केट कैप 30,32,473 करोड़ रुपये था। 24 फरवरी 2025 को यही आंकड़ा 38,93,309 करोड़ रुपये था। यानी एक साल में 8,60,836 करोड़ रुपये की गिरावट। अगर इसमें मंगलवार, 24 फरवरी की गिरावट भी जोड़ दें, तो कुल गिरावट करीब 9,44,836 करोड़ रुपये या लगभग 104 बिलियन डॉलर बैठती है।

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CitriniResearch ने AI को सिस्टम स्तर का खतरा बताया

टेक सेक्टर में अनिश्चितता और बढ़ी जब CitriniResearch की एक रिपोर्ट- 'The 2028 Global Intelligence Crisis' सामने आई। इसमें AI को सिर्फ टेक सेक्टर की कहानी नहीं, बल्कि पूरी वैश्विक व्यवस्था को प्रभावित करने वाला संभावित ट्रिगर बताया गया है। इसमें यह समझाने की कोशिश की गई है कि अगर AI की क्षमता बहुत तेजी से बढ़ती है और अलग-अलग इंडस्ट्री में फैलती है, तो क्या असर हो सकता है।

रिपोर्ट के मुताबिक AI एजेंट कई हफ्तों तक चलने वाले रिसर्च और डेवलपमेंट के काम संभाल सकते हैं। यह भी कहा गया है कि सबसे एडवांस्ड सिस्टम लगभग हर क्षेत्र में ज्यादातर इंसानों से ज्यादा सक्षम हो सकते हैं। इसका मतलब सिर्फ उत्पादकता बढ़ना नहीं, बल्कि बड़े पैमाने पर नौकरियों पर असर भी हो सकता है।

CitriniResearch ने एक पुरानी धारणा पर भी सवाल उठाया है। आम तौर पर कहा जाता है कि टेक्नोलॉजी पहले नौकरियां खत्म करती है, लेकिन बाद में उससे ज्यादा नई नौकरियां पैदा भी करती है। रिपोर्ट पूछती है कि अगर AI सामान्य बौद्धिक काम बड़े पैमाने पर करने लगे, तो क्या यह पुराना पैटर्न जारी रहेगा?

Jefferies की चिंता, बदल सकता है रेवेन्यू का स्ट्रक्चर

इस पृष्ठभूमि में Jefferies ने भारतीय आईटी कंपनियों के रेवेन्यू स्ट्रक्चर पर फोकस किया है। इसने अपनी रिपोर्ट 'P(AI)n Not Over Yet; Stay Selective' में लिखा कि AI आईटी बिजनेस मिक्स को कंसल्टिंग और इम्प्लीमेंटेशन की ओर मोड़ सकता है, जबकि मैनेज्ड सर्विसेज का हिस्सा घट सकता है।

Jefferies के मुताबिक, एप्लिकेशन मैनेज्ड सर्विसेज कई कंपनियों के रेवेन्यू का 22 से 45 प्रतिशत तक हिस्सा हैं। अगर AI इस काम का बड़ा हिस्सा ऑटोमेट कर देता है, तो इन सेगमेंट में रेवेन्यू घट सकता है। इससे बिजनेस ज्यादा चक्रीय हो सकता है। फिर कंपनियों को अपने टैलेंट और ऑपरेटिंग मॉडल में बदलाव करना पड़ सकता है।

Is India struggling in the Generative AI race?

ब्रोकरेज का कहना है कि हाल के तिमाही नतीजों के बाद कमाई के अनुमान जरूर बढ़े हैं, लेकिन AI से जुड़े नए बदलावों ने मध्यम और लंबी अवधि की ग्रोथ को लेकर चिंता बढ़ा दी है। उसके मुताबिक अब स्टॉक्स की चाल सिर्फ तिमाही नतीजों से नहीं, बल्कि लंबे समय के बिजनेस आउटलुक से तय होगी।

वैल्यूएशन को लेकर Jefferies ने कहा कि पिछले दशक जैसी रेवेन्यू ग्रोथ बनाए रखना ही सबसे अच्छा सूरतेहाल होगा। अगर ऐसा नहीं होता, तो स्टॉक्स में 30 से 65 प्रतिशत तक और गिरावट आ सकती है। रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि कुछ कंपनियां Accenture के मुकाबले 32 प्रतिशत पीई प्रीमियम पर ट्रेड कर रही हैं, जबकि ग्रोथ समान है। निफ्टी के समान मल्टीपल पर होने के बावजूद कम आय वृद्धि भी जोखिम मानी गई है।

CLSA की चेतावनी: हार्डवेयर लागत बढ़ने का असर

जहां Jefferies सर्विसेज मॉडल पर चिंतित है, वहीं CLSA ने हार्डवेयर सेक्टर पर फोकस किया है। इसने अपनी रिपोर्ट में उसने कहा कि AI से जुड़ी मांग के कारण हाई बैंडविड्थ मेमोरी और DDR5 की जरूरत तेजी से बढ़ रही है। इससे वैश्विक मेमोरी इंडस्ट्री सुपर साइकिल में जा सकती है। CLSA का कहना है कि मेमोरी की कीमतें बढ़ने से स्मार्टफोन के औसत बिक्री मूल्य 10 से 25 प्रतिशत तक बढ़ सकते हैं। इसका सबसे ज्यादा असर लोअर एंड उपभोक्ताओं पर पड़ेगा और स्मार्टफोन की बिक्री घट सकती है।

रिपोर्ट के मुताबिक, भारत वैश्विक मेमोरी मांग का 4 प्रतिशत से भी कम हिस्सा रखता है और आयात पर निर्भर है। अगर वैश्विक सप्लाई तंग रहती है, तो घरेलू निर्माता दबाव में आ सकते हैं। CLSA ने कहा कि Dixon उन कंपनियों में से हो सकती है, जिन पर इसका ज्यादा असर पड़ेगा। इसी वजह से उसके कमाई के अनुमान घटाए गए हैं।

JPMorgan का नजरिया: आईटी सेक्टर खत्म नहीं होगा

सतर्क आकलन के बीच JPMorgan का रुख थोड़ा अलग है। उसने भारतीय आईटी कंपनियों को 'टेक वर्ल्ड के प्लंबर' बताया है। उसकी दलील है कि भले ही AI कोड लिख सकता है, लेकिन बड़े एंटरप्राइज सिस्टम को चलाना और जोड़ना अब भी जटिल काम है। JPMorgan के मुताबिक, ऑटोमेटेड एजेंट सही कोड तैयार कर सकते हैं, लेकिन बड़े कॉरपोरेट सिस्टम में स्थिरता, नियमों का पालन और पुराने सिस्टम के साथ तालमेल बैठाना अब भी इंसानी महारत मांगता है।

ब्रोकरेज का मानना है कि AI के पास कंपनियों के अंदरूनी वर्कफ्लो और वर्षों में बने जटिल संबंधों की गहरी समझ नहीं होती। यही वजह है कि ऑटोमेशन बढ़ने के बावजूद आईटी सर्विसेज की मांग पूरी तरह खत्म नहीं होगी।

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नेटफ्लिक्स ने किया धमाकेदार ऐलान, Made In Korea अब ओटीटी पर, इस दिन होगी स्ट्रीम

इस मार्च, नेटफ्लिक्स अपने दर्शकों को एक अनोखे और रोमांचक सफर पर ले जाने वाला है। स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म ने घोषणा की है कि तमिल भाषा की फिल्म ‘मेड इन कोरिया (Made In Korea)’ ओटीटी पर प्रीमियर करेगी। यह फिल्म न सिर्फ छोटे शहर के सपनों की कहानी है, बल्कि इसमें साउथ कोरिया की जीवंत संस्कृति और एनर्जी को भी खूबसूरती से पेश किया गया है। फिल्म की कहानी शेनबागम या शेनबा नाम की लड़की के इर्द-गिर्द घूमती है, जो तमिलनाडु के एक छोटे शहर की रहने वाली है और जिसका सपना सियोल घूमने का है।

शुरुआत में यह सफर शांत और रोमांचक लगता है, लेकिन जैसे-जैसे शेनबा सियोल की हलचल भरी गलियों में कदम रखती है, उसे कई चुनौतियों और नए अनुभवों का सामना करना पड़ता है।

कहानी का सार

फिल्म राइज ईस्ट एंटरटेनमेंट की प्रोडक्शन और रा. कार्तिक के निर्देशन में बनी है। कहानी शेनबागम यानी शेनबा के इर्द-गिर्द घूमती है। यह तमिलनाडु के छोटे शहर की लड़की है, जिसका सपना सियोल घूमने का है। शांत शुरुआत वाला यह सफर जल्द ही उसे सियोल की हलचल भरी गलियों में ले जाता है और उसकी जिंदगी बदल देता है।

चुनौतियों और आत्म-खोज की कहानी

‘मेड इन कोरिया’ शेनबा की कोरियन कल्चर के प्रति जिज्ञासा को दिखाती है। सियोल में उसे कई चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है, जो उसकी हिम्मत और आत्म-खोज को परखते हैं। कहानी में उम्मीद, सांस्कृतिक कनेक्शन और रोजमर्रा के फैसलों में साहस जैसे थीम शामिल हैं।

रिलीज़ डेट और भाषाएं

नेटफ्लिक्स इंडिया ने पुष्टि की है कि फिल्म 12 मार्च से तमिल, तेलुगु, हिंदी, कन्नड़ और मलयालम में स्ट्रीम होगी। सोशल मीडिया पर नेटफ्लिक्स ने फिल्म की एडवेंचर और रोमांचक भावना को मजेदार अंदाज में टीज किया।

कलाकारों की बात

प्रियंका मोहन ने शेनबा का किरदार निभाया है। उन्होंने कहा कि शेनबा का सफर उनके लिए तुरंत जुड़ाव वाला रहा। फिल्म में साउथ कोरियन एक्टर पार्क हये-जिन और नो हो-जिन भी हैं, जो कहानी में क्रॉस-कल्चरल ऑथेंटिसिटी जोड़ते हैं।

क्या है खास?

‘मेड इन कोरिया’ एक प्यारी और व्यक्तिगत कहानी पेश करती है, जिसमें शेनबा पहचान, दोस्ती और अपनी जगह खोजने की यात्रा करती है। यह फिल्म छोटे शहर के सपनों और विदेश की दुनिया के बीच एक रोमांचक सेतु बनाती है, जो दर्शकों को एक अलग अनुभव देने का वादा करती है।

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Monday, February 23, 2026

Market view : 25830 के ऊपर जाने पर निफ्टी में 26000 के लेवल तक अपसाइड रैली की उम्मीद, 25600-25570 के जोन में अहम सपोर्ट

Market view : निफ्टी ने हफ़्ते की शुरुआत पॉज़िटिव नोट पर की। आज सोमवार के सेशन की शुरुआत एक अपसाइड गैप के साथ हुई और बढ़त को 25771 के इंट्राडे हाई तक जाती दिखा। हालांकि,शुरुआती मज़बूती जल्द ही कमजोर पड़ हो गई। US प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप के नए 15 फीसदी टैरिफ़ के ऐलान के बाद ट्रेडर्स सतर्क हो गए। US सुप्रीम कोर्ट ने कई बड़े ट्रेडिंग पार्टनर्स पर पहले लगाए गए ड्यूटीज़ को खत्म करने का फैसला लिया है। इससे बाजार को सपोर्ट मिला है।

ग्लोबल ट्रेड सेंटिमेंट में इस बदलाव से ऊपरी लेवल पर प्रॉफ़िट बुकिंग शुरू हो गई, जिससे इंडेक्स अपने दिन के पीक से नीचे आ गया। इंट्राडे वोलैटिलिटी के बावजूद, निफ्टी सेशन खत्म होने पर 0.58% ऊपर 25719 पर पहुंच गया, जिससे दोनों तरफ़ शैडो वाली एक छोटी बॉडी वाली कैंडल बन गई। ये बाजार में अनिश्चितता का संकेत है।

टेक्निकल नजरिए से देखें तो इंडेक्स अपने अहम मूविंग एवरेज के आस-पास बना हुआ है। हाल के साइडवेज़ मूवमेंट ने इन एवरेज को ज़्यादातर फ्लैट रखा है। ये बाजार की दिशा साफ़ न होने का संकेत है। इंडिकेटर भी न्यूट्रल बने हुए हैं, जिससे पता चलता है कि जब तक कोई मज़बूत ट्रिगर सामने नहीं आता, शॉर्ट टर्म में मार्केट के रेंज बाउंड रहने की संभावना है। इंडेक्स में शामिल कंपनियों में,अडानी पोर्ट्स और डॉ. रेड्डीज़ लैबोरेटरीज टॉप गेनर्स के तौर पर उभरीं। जबकि, हिंडाल्को और विप्रो में सबसे ज्यादा गिरावट देखने को मिली।

सेक्टोरल ट्रेंड मिले-जुले रहे,जिससे पूरे मार्केट में रोटेशनल एक्टिविटी देशने को मिली। निफ्टी PSU बैंक और निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज़ ने अच्छा प्रदर्शन किया। जबकि निफ्टी केमिकल और निफ्टी IT ग्लोबल साइक्लिकल और टेक्नोलॉजी स्टॉक्स में दबाव के बीच गिरकर बंद हुए। यह गैप सेलेक्टिव खरीदारी और फाइनेंशियल शेयरों की तरफ ज़्यादा झुकाव वाले ट्रेंड का संकेत दे रहा है।

बड़े मार्केट ने भी मिला-जुला प्रदर्शन किया। निफ्टी मिडकैप 100 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 अलग-अलग नोट पर बंद हुए। हालांकि, मार्केट ब्रेथ थोड़ा पॉजिटिव रहा क्योंकि एडवांस डिक्लाइन रेश्यो ने बढ़ने वालों का साथ दिया। निफ्टी 500 यूनिवर्स में 294 स्टॉक्स हरे निशान पर बंद हुए।

निफ्टी व्यू

आगे चलकर, निफ्टी के लिए 25800-25830 का ज़ोन तत्काल रेजिस्टेंस का काम करेगा। 25830 से ऊपर कोई भी टिकाऊ मूव 26000 के लेवल तक तेज़ अपसाइड रैली की ओर ले जाएगा। नीचे की तरफ, 25600-25570 का ज़ोन इंडेक्स के लिए अहम सपोर्ट का काम करेगा।

बैंक निफ्टी व्यू

बैंक निफ्टी इंडेक्स प्रॉफिट बुकिंग का सामना करने से पहले 61517 के इंट्राडे हाई पर पहुंचा, जिससे इसकी शुरुआती बढ़त में कुछ कमी आई। इंट्राडे वोलैटिलिटी के बावजूद, इंडेक्स 0.15 फीसदी ऊपर 61264 पर बंद हुआ। डेली चार्ट पैटर्न एक लंबी अपर शैडो के साथ एक बुलिश कैंडल दिखा। ये अंदरूनी बाइंग सपोर्ट दिखाता है लेकिन ऊपरी स्तरों पर सेलिंग प्रेशर को भी हाईलाइट करता है।

आगे चलकर, 61500–61600 का जोन इंडेक्स के लिए एक बड़ी दीवार बनेगा। 61600 से ऊपर मजबूत ब्रेकआउट होने से 62200 और फिर 62600 की तरफ़ मज़बूत अपसाइड मोमेंटम आ सकता है। दूसरी तरफ़, इसके लिए तत्काल सपोर्ट 60800–60700 ज़ोन में है। इस ज़ोन के ऊपर बने रहने पर शॉर्ट टर्म स्ट्रक्चर पॉज़िटिव रहेगा। जबकि इसके नीचे ब्रेकडाउन होने से और नीचे जाने का दबाव बन सकता है।

 

Market outlook : बढ़त के साथ बंद हुआ बाजार, जानिए 24 फरवरी को कैसी रह सकती है सेंसेक्स-निफ्टी की चाल

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

 

टेक्निकल एंड डेरिवेटिव्स रिसर्च हेड SBI सिक्योरिटीज, सुदीप शाह

 



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Sunday, February 22, 2026

IND vs SA T20 World Cup Match Live Score: क्या साउथ अफ्रीका के खिलाफ चलेगा अभिषेक का बल्ला? जानें कैसी होगी पिच

IND vs SA T20 World Cup Match Score: टी20 वर्ल्ड कप के ग्रुप स्टेज में जीत का चौका लगाने के बाद भारतीय टीम सुपर-8 में तहलका मचाने के लिए तैयार है। सुपर-8 के पहले मुकाबले में भारतीय टीम साउथ अफ्रीका से भिड़ेगी। दोनों टीमों के बीच ये मुकाबला अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेला जाएगा। साउथ अफ्रीका की टीम भी अपने ग्रुप स्टेड के सभी मुकाबले जीतकर आई है। दोनों ही टीमों का सुपर-8 का ये पहला मैच है। ग्रुप स्टेज में अजेय रही भारत और साउथ अफ्रीका की टीम सुपर-8 की शुरुआत भी जीत के साथ करना चाहेंगी। दोनों टीमों के बीच रोमांचक मुकाबला देखने को मिलेगा।

सूर्यकुमार यादव की कप्तानी वाली भारतीय टीम को ग्रुप 1 में साउथ अफ्रीका, जिम्बाब्वे और वेस्टइंडीज के साथ रखा गया है। खास बात ये हैं की ये सभी टीमें ग्रुप स्टेज के सभी मुकाबले जीतकर आई है। जिब्बाबे का 4 में से एक मैच बारिश की वजह से रद्द हो गया था।

ग्रुप स्टेज में भारत और साउथ अफ्रीका दोनों अपने-अपने ग्रुप में टॉप पर रही है। भारत ने अमेरिका, नामीबिया, पाकिस्तान और नीदरलैंड्स को हराया, जबकि दक्षिण अफ्रीका ने कनाडा, अफगानिस्तान, न्यूजीलैंड और यूएई को मात दी है। टी20 वर्ल्ड कप में दोनों टीमों की पिछली बड़ी भिड़ंत 2024 के फाइनल में हुई थी। उस मुकाबले में भारतीय टीम ने साउथ अफ्रीका को 7 विकेट से मात दी है। दिलचस्प बात यह है कि उस टूर्नामेंट में भी दोनों टीमें बिना कोई मैच हारे फाइनल तक पहुंची थीं।



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ICICI Bank को ₹50.38 करोड़ के GST डिमांड ऑर्डर में नहीं मिली राहत, पहली अपील नाकाम; क्या गिरेगा शेयर?

प्राइवेट सेक्टर के ICICI Bank को महाराष्ट्र गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (GST) डिपार्टमेंट से पिछले साल मिले GST डिमांड ऑर्डर में कोई राहत नहीं मिली है। बैंक को अब ऑर्डर इन अपील (OIA) मिला है। इसमें बैंक से 50,38,09,792 करोड़ रुपये के टैक्स की मांग की गई है। साथ ही इतने ही रुपये की पेनल्टी और ब्याज भी लगाया गया है। इस बारे में बैंक ने शेयर बाजारों को जानकारी दी है। ऑर्डर इन अपील एक औपचारिक, लिखित फैसला होता है, जिसे निचली अदालत के फैसले (मूल आदेश) के खिलाफ दायर अपील के जवाब में अपीलीय प्राधिकारी या हायर कोर्ट द्वारा जारी किया जाता है।

मामला कुछ इस तरह है कि ICICI Bank ने 4 जनवरी, 2025 को जानकारी दी थी कि उसे महाराष्ट्र GST डिपार्टमेंट से 50,38,09,792 रुपये की टैक्स डिमांड आई है। साथ ही इतनी ही रकम की पेनल्टी और ब्याज भी मांगा गया है। इस ऑर्डर इन ओरिजिनल (OIO) के खिलाफ बैंक ने एक अपील फाइल की थी। इस पर उसे 21 फरवरी 2026 को सेंट्रल गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स एक्ट, 2017 के सेक्शन 107 के तहत महाराष्ट्र GST डिपार्टमेंट से OIA मिला।

ICICI Bank ने लेटेस्ट एक्सचेंज फाइलिंग में कहा है कि वह तय टाइमलाइन के अंदर उचित कदम उठाएगा। इसमें आगे अपील के जरिए OIA को चुनौती देना शामिल है। इस अपडेट के सामने आने के बाद सोमवार को बैंक के शेयर पर निवेशकों की नजर रहेगी।

शेयर की परफॉरमेंस

ICICI Bank के शेयर की BSE पर वर्तमान कीमत 1393.55 रुपये है। कंपनी का मार्केट कैप 10 लाख करोड़ रुपये के करीब है। शेयर की फेस वैल्यू 2 रुपये है। शेयर एक साल में 11 प्रतिशत चढ़ा है। फरवरी महीने की शुरुआत में मोतीलाल ओसवाल ने शेयर के लिए 'बाय' रेटिंग के साथ 1750 रुपये प्रति शेयर का टारगेट प्राइस दिया था।

ICICI Bank की वित्तीय सेहत

अक्टूबर-दिसंबर 2025 तिमाही के दौरान बैंक का स्टैंडअलोन शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर 4 प्रतिशत घटकर 11317.86 करोड़ रुपये रह गया। एक साल पहले मुनाफा 11792.42 करोड़ रुपये था। बैंक की कुल इनकम एक साल पहले से लगभग 2 प्रतिशत बढ़कर 49334 करोड़ रुपये हो गई। दिसंबर 2024 तिमाही में यह 48367.87 करोड़ रुपये थी। दिसंबर 2025 तिमाही में स्टैंडअलोन बेसिस पर कुल ब्याज आय 41965.84 करोड़ रुपये की रही। एक साल पहले यह 41299.82 करोड़ रुपये थी। शुद्ध ब्याज आय 7.7 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ 21932 करोड़ रुपये हो गई, जबकि दिसंबर 2024 तिमाही में यह 20371 करोड़ रुपये थी।

दिसंबर 2025 तिमाही में ICICI Bank की एसेट क्वालिटी में सुधार देखा गया। ग्रॉस NPA (Non-Performing Assets) रेशियो 1.53 प्रतिशत रहा। एक साल पहले यह 1.96 प्रतिशत था। नेट NPA रेशियो भी सालाना आधार पर कम होकर 0.37 प्रतिशत रहा। दिसंबर 2024 तिमाही में यह 0.42 प्रतिशत था।

US में टैरिफ पर नए डेवलपमेंट से 350-400 अंक उछल सकता है Nifty: सुदीप शाह

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