Friday, June 19, 2026

Market Outlook : लाल निशान में बंद हुए सेंसेक्स- निफ्टी जानिए 22 जून को कैसी रह सकती है बाजार की चाल

Market Outlook : शुक्रवार,19 जून को बेंचमार्क इक्विटी इंडेक्स सेंसेक्स और निफ्टी में लगातार पांच दिनों की बढ़त का सिलसिला थम गया। इसकी सबसे बड़ी वजह एक्सेंचर (Accenture) द्वारा अपने रेवेन्यू ग्रोथ आउटलुक में कटौती करने के फैसले के बाद आईटी शेयरों में आई भारी बिकवाली रही। कमजोर ग्लोबल संकेतों, विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की फिर से शुरू हुई बिकवाली और जियोपॉलिटिकल अनिश्चितताओं ने भी निवेशकों का सेंटीमेंट खराब किया। कारोबारी सत्र के अंत में सेंसेक्स 607 अंक या 0.78% गिरकर 76,802.90 पर और निफ्टी 154.90 अंक या 0.64% गिरकर 24,013.10 पर बंद हुआ।

हालांकि,छोटे-मझोले शेयरों ने बेहतर प्रदर्शन किया। निफ्टी मिडकैप 100 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स में 0.22% और 0.42% की बढ़त देखने को मिली। सेक्टोरल इंडेक्सों पर नजर डालें तो Nifty IT सबसे ज्यादा गिरा और इसमें 3.6% से ज्यादा की गिरावट आई। निफ्टी ऑटो, निफ्टी बैंक और निफ्टी ऑयल एंड गैस भी आज गिरावट के साथ बंद हुए। इसके विपरीत निफ्टी मीडिया, निफ्टी फार्मा, निफ्टी हेल्थकेयर और निफ्टी केमिकल्स बढ़त के साथ ट्रेड करते दिखे।

मार्केट व्यू

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के चीफ इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटेजिस्ट वी.के.विजयकुमार ने कहा कि मौजूदा मार्केट स्ट्रक्चर से पता चलता है कि गिरावट पर खरीदारी करना एक असरदार रणनीति हो सकती है। उन्होंने आगे कहा कि कच्चे तेल की कीमतों में आई भारी गिरावट और बेहतर होते मैक्रो-इकोनॉमिक हालात मार्केट की अंदरूनी मजबूती को सहारा दे रहे हैं।

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एक्सिस डायरेक्ट में रिसर्च हेड राजेश पालवीय ने कहा कि जब तक निफ्टी 24,000 के अहम लेवल से ऊपर बना हुआ है तब तक मार्केट का ओवरऑल ट्रेंड पॉजिटिव रहेगा। उनके मुताबिक,24,000 का लेवल तत्काल सपोर्ट का काम करेगा,जबकि 24,250-24,400 का जोन एक अहम रेजिस्टेंस एरिया बना रहेगा। 24,400 के ऊपर एक मज़बूत ब्रेकआउट से नई तेजी और शॉर्ट कवरिंग आ सकती है। जिससे और ऊंचे लेवल तक जाने का रास्ता खुल सकता है। दूसरी ओर,अगर यह लगातार 24,050 के नीचे बना रहता है तो 23,950 की तरफ प्रॉफिट बुकिंग हो सकती है और अगला सपोर्ट 23,850 के आसपास होगा। कुल मिलाकर,जब तक इंडेक्स 24,000 से ऊपर है,तब तक गिरावट पर खरीदारी (buy on dips)की रणनीति अपनानी चाहिए,क्योंकि मीडियम-टर्म में तेजी का ट्रेंड बना हुआ है।

बाजार जानकारों का कहना है कि तेजी का दौर (bullish momentum)वापस लाने के लिए निफ्टी का 23,900 के लेवल पर बने रहना जरूरी होगा। बजाज ब्रोकिंग में टेक्निकल रिसर्च के डिप्टी वाइस प्रेसिडेंट पवित्रो मुखर्जी ने कहा,"निफ्टी के लिए 23,900-23,800 का लेवल तत्काल सपोर्ट का काम करेगा, क्योंकि यहीं पर 50-दिन का EMA और पिछले सोमवार के बुलिश गैप एरिया का ऊपरी बैंड मिल रहे हैं।

कोटक सिक्योरिटीज में इक्विटी रिसर्च के हेड श्रीकांत चौहान की राय है कि निफ्टी में 24,100 और 24,000 के बीच गिरावट आने पर खरीदारी करें और 23,900 पर स्टॉप लॉस रखें।

डिस्क्लेमर:मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।



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Thursday, June 18, 2026

Pritam: प्रीतम सच में म्यूज़िक इंडस्ट्री को कह रहे हैं अलविदा? जानिए क्या है वायरल खबर का सच

Pritam: म्यूज़िक कंपोज़र प्रीतम के 14 जून के सोशल मीडिया बर्थडे पोस्ट ने फ़ैन्स के मन में यह सवाल खड़ा कर दिया कि क्या म्यूज़िक कंपोज़र और सिंगर अरिजीत सिंह की तरह उन्होंने भी म्यूज़िक इंडस्ट्री छोड़ने का फ़ैसला किया है। हालांकि अब खबर हैं कि यह सच नहीं है। म्यूज़िक कंपोज़र म्यूज़िक इंडस्ट्री नहीं छोड़ रहे हैं, बल्कि उन्होंने सिर्फ़ दूसरे तरह के मौकों को आज़माने की इच्छा ज़ाहिर की है।

जन्मदिन की शुभकामनाओं के लिए फ़ैन्स का शुक्रिया अदा करते हुए उन्होंने लिखा, "आप सभी की शुभकामनाओं के लिए धन्यवाद। मैं हर किसी को अलग-अलग जवाब तो नहीं दे सकता, लेकिन कृपया मेरा दिल से आभार स्वीकार करें। आज मैंने खुद को कुछ साल ऐसे जीने का तोहफ़ा देने का फ़ैसला किया है, जो अलग हों। उन चीज़ों को पूरा करने के लिए जो मैं अब तक नहीं कर पाया।"

प्रीतम ने आगे कहा, "अब नए सफ़र पर निकलने का समय आ गया है, जिन्हें मैंने लंबे समय से टाल रखा था। मेनस्ट्रीम म्यूज़िक का सफ़र शानदार रहा है। लेकिन मैं हमेशा से उन रास्तों को जानने के लिए ज़्यादा उत्सुक रहा हूं, जिन पर अभी तक कोई नहीं गया। आपके प्यार और सपोर्ट के लिए धन्यवाद। हमेशा।"

इस वजह से उनके फ़ॉलोअर्स को लगा कि वह म्यूज़िक इंडस्ट्री को अलविदा कह रहे हैं। म्यूज़िक कंपोज़र के करीबी एक सूत्र ने हमें बताया, "प्रीतम म्यूज़िक इंडस्ट्री नहीं छोड़ रहे हैं। वह निश्चित रूप से काम करना जारी रखेंगे। अपनी पोस्ट के ज़रिए उन्होंने बस यह बताया कि उनकी कुछ और भी रुचियां हैं जिन्हें वह अभी प्राथमिकता देना चाहते हैं। इसका मतलब यह नहीं है कि वह हमेशा के लिए म्यूज़िक इंडस्ट्री छोड़ देंगे।" सूत्र ने यह भी बताया कि अपनी ज़िंदगी के नए साल की शुरुआत करते हुए वह अपनी कुछ व्यक्तिगत रुचियों पर ध्यान देंगे।

प्रीतम की पोस्ट से उनके रिटायरमेंट की चर्चा शुरू हो गई, क्योंकि फैंस ने इसकी तुलना इस साल जनवरी में सिंगर अरिजीत सिंह के रिटायरमेंट के ऐलान से की। अरिजीत ने भी सोशल मीडिया पर बॉलीवुड प्लेबैक सिंगिंग छोड़ने के बारे में एक पोस्ट किया था। उन्होंने लिखा था, "हेलो, सभी को नया साल मुबारक हो।

इतने सालों तक सुनने वालों के तौर पर मुझे इतना प्यार देने के लिए मैं आप सभी का शुक्रिया अदा करना चाहता हूं। मुझे यह बताते हुए खुशी हो रही है कि अब से मैं प्लेबैक सिंगर के तौर पर कोई नया काम नहीं करूंगा। मैं इसे यहीं खत्म कर रहा हूं। यह एक शानदार सफर रहा। हालांकि, बाद में अरिजीत ने साफ़ किया कि वह अपने हाथ में लिए गए मौजूदा काम को पूरा करेंगे।



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Wednesday, June 17, 2026

PSU Banks के दम पर Nifty का जलवा, चौथे दिन Sensex ग्रीन, निवेशकों पर बरसे ₹3 लाख करोड़

Share Market Rally: कच्चे तेल की तेज फिसलन पर घरेलू स्टॉक मार्केट में आज लगातार चौथे दिन रौनक रही। घरेलू इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज की बात करें तो इंट्रा-डे में सेंसेक्स 400 प्वाइंट्स से अधिक उछल पड़ा तो निफ्टी ने भी 24100 का लेवल पार कर दिया था। ब्रोडर लेवल पर मिडकैप और स्मॉलकैप स्पेस में भी अच्छी रौनक रही और निफ्टी मिडकैप 100 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 आधे-आधे फीसदी से अधिक बढ़त के साथ बंद हुए।

सेक्टरवाइज ऑटो सेक्टर ने मार्केट पर काफी दबाव बनाने की काफी कोशिश की और इसमें रियल्टी सेक्टर ने भी इसका साथ दिया लेकिन नाकाम रहे। निफ्टी ऑटो में आज आधे फीसदी से अधिक गिरावट रही तो निफ्टी रियल्टी में भी करीब आधे फीसदी की गिरावट रही। वहीं दूसरी तरफ शुरुआती गिरावट से उबरते हुए निफ्टी पीएसयू बैंक डेढ़ फीसदी से अधिक की बढ़त के साथ बंद हुआ तो निफ्टी मेटल भी आधे फीसदी से अधिक की गिरावट से रिकवर करते हुए 1% से अधिक मजबूत हुआ। निफ्टी आईटी में आधे फीसदी से अधिक तेजी आई।

ओवरऑल आज BSE पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप ₹3 लाख करोड़ से अधिक बढ़ गया यानी निवेशकों की दौलत में ₹3 लाख करोड़ से अधिक का इजाफा हुआ। इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज की बात करें तो आज सेंसेक्स (Sensex) 347.14 प्वाइंट्स यानी 0.45% के उछाल के साथ 77,155.62 और निफ्टी 50 (Nifty 50) भी 96.55 प्वाइंट्स यानी 0.40% की बढ़त के साथ 24,085.70 पर बंद हुआ है। इंट्रा-डे में सेंसेक्स आज 410.51 प्वाइंट्स उछलकर 77,218.99 और निफ्टी 119.05 प्वाइंट्स चढ़कर 24,108.20 तक पहुंच गया।

₹3.50 लाख करोड़ बढ़ी निवेशकों की दौलत

एक कारोबारी दिन पहले यानी 16 जून 2026 को बीएसई पर लिस्टेड सभी शेयरों का कुल मार्केट कैप ₹4,71,68,565.05 करोड़ था। आज यानी 17 जून 2026 को यह उछलकर ₹4,75,17,482.57 करोड़ पर पहुंच गया। इसका मतलब हुआ कि निवेशकों की पूंजी में आज ₹3,48,917.52 करोड़ का इजाफा हुआ है।

Sensex के 20 शेयर ग्रीन

सेंसेक्स पर 30 शेयर लिस्टेड हैं जिसमें आज 20 स्टॉक्स आज ग्रीन बंद हुए हैं। सबसे अधिक तेजी आज ट्रेंट, बीईएल और जोमैटो की एटर्नल में रही। वहीं दूसरी तरफ आज सेंसेक्स पर सबसे अधिक गिरावट बजाज फिनसर्व, एक्सिस बैंक और कोटक बैंक में रही। नीचे सेंसेक्स पर लिस्टेड सभी शेयरों के लेटेस्ट भाव और आज उतार-चढ़ाव की डिटेल्स देख सकते हैं-

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133 शेयर एक साल के हाई पर

बीएसई पर आज 4443 शेयरों की ट्रेडिंग हुई। इसमें 2404 शेयर मजबूत हुए तो 1876 में गिरावट रही जबकि 163 में कोई बदलाव नहीं हुआ। इसके अलावा 133 शेयर एक साल के हाई और 56 शेयर एक साल के निचले स्तर पर आ गए। वहीं 11 शेयर अपर सर्किट पर पहुंच गए तो 8 शेयर लोअर सर्किट पर आ गए।

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Tuesday, June 16, 2026

कल का मौसम 17 जून: IMD ने बिहार समेत इन 8 राज्यों में हैवी बारिश का अलर्ट दिया, दिल्ली-NCR से यूपी तक ऐसा रहेगा मौसम

Weather Forecast for June 16: भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने देश के मौसम को लेकर नया बुलेटिन जारी किया है। दक्षिण-पश्चिम मानसून की लगातार बढ़ती रफ्तार और आसमान में बने कई चक्रवाती प्रणालियों के असर से 17 जून को देश के बड़े हिस्से में मौसम का अलग ही अंदाज देखने को मिलने वाला है। मौसम विभाग (IMD) ने बिहार, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम और पूर्वोत्तर राज्यों समेत देश के कम से कम 8 प्रमुख क्षेत्रों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी दी है।

दिल्ली-एनसीआर से लेकर उत्तर प्रदेश और पंजाब-हरियाणा तक तेज आंधी-तूफान और गरज-चमक की गतिविधियां देखने को मिलेंगी। राजस्थान के कई हिस्सों में कल 60 किमी/घंटे की रफ्तार से बवंडर उठने का भी अलर्ट है।

मानसून ट्रैकर: बिहार-झारखंड और ओडिशा में आगे बढ़ेगा मानसून

मौसम विभाग के मुताबिक मानसून की उत्तरी सीमा (NLM) इस समय हरनाई, सोलापुर, हैदराबाद, भद्राचलम, कोरापुट, फूलबनी, रांची, जमुई और मुजफ्फरपुर से होकर गुजर रही है। मानसूनी हवाओं के आगे बढ़ने के लिए स्थितियां पूरी तरह अनुकूल बनी हुई हैं। अगले 4 से 5 दिनों के भीतर मानसून बिहार और झारखंड के बचे हुए हिस्सों, पूरे तेलंगाना, ओडिशा और छत्तीसगढ़ के कुछ और इलाकों में आगे बढ़ जाएगा।

बिहार समेत इन 8 राज्यों/क्षेत्रों में भारी बारिश का अलर्ट

17 जून को आईएमडी ने देश के कई हिस्सों में मूसलाधार बारिश की चेतावनी दी है। बिहार में भारी बारिश का दौर 20 जून तक जारी रहेगा। राज्य में बारिश के साथ 40-50 किमी/घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चलने और आकाशीय बिजली गिरने का भी अलर्ट है। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 17 जून को भारी से बहुत भारी बारिश होने की आशंका है। इसके अलावा असम, मेघालय, केरल और माहे, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराइकल में भी 17 जून को अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश दर्ज की जा सकती है।

दिल्ली-NCR, पंजाब, हरियाणा और यूपी: धूलभरी आंधी और गरज-चमक

उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानी इलाकों में कल मौसम का मिजाज काफी बदला हुआ रहेगा। पंजाब से लेकर बिहार तक फैली एक ट्रफ लाइन और हरियाणा के ऊपर बने चक्रवाती हवाओं के क्षेत्र के कारण 17 जून को इन राज्यों में आंधी-बारिश की स्थिति बनेगी।

दिल्ली-एनसीआर, चंडीगढ़, हरियाणा और पंजाब में 40-50 किमी/घंटे की रफ्तार वाली तूफानी हवाओं और गरज-चमकके साथ छिटपुट बौछारें पड़ने की संभावना है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के इलाकों में कल 40-50 किमी/घंटे की रफ्तार से धूलभरी आंधी चलने और गरज-चमक के साथ हल्की बारिश की संभावना है। वहीं पूर्वी उत्तर प्रदेश में भी छिटपुट बारिश होने का अनुमान जताया गया है।

राजस्थान में 60 किमी/घंटे का बवंडर और धूलभरी आंधी

मौसम विभाग ने राजस्थान के लिए भी कल तेज आंधी का अलर्ट जारी किया है। 17 जून को राजस्थान के अलग-अलग हिस्सों में 50-60 किमी/घंटे की रफ्तार से तीव्र बवंडर उठने की आशंका है। पश्चिमी राजस्थान के रेतीले इलाकों में 17 जून को तेज धूलभरी आंधी चलने की संभावना है। इससे आम जनजीवन और विजिबिलिटी पर असर पड़ सकता है।

दक्षिण और मध्य भारत के राज्यों का हाल

मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और विदर्भ (महाराष्ट्र) में 17 जून को 40-50 किमी/घंटे की रफ्तार वाली आंधी और गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने की पूरी संभावना है। तटीय आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, तमिलनाडु, पुडुचेरी और केरल में कल गरज-चमक के साथ 40-50 किमी/घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलेंगी। रायलसीमा में हवाओं की रफ्तार 30-40 किमी/घंटे रहने का अनुमान है।

इन इलाकों में जारी रहेगा हीट वेव और उमस का प्रकोप

भले ही देश के बड़े हिस्से में आंधी-बारिश की गतिविधियां शुरू हो रही हैं, लेकिन कल कुछ इलाकों में हीट वेव और उमस का असर बना रहेगा। 17 जून को छत्तीसगढ़, तेलंगाना और विदर्भ के कुछ हिस्सों में लू की स्थिति बनी रहेगी।

19 जून के बाद इन इलाकों में तापमान में 2-3 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आएगी। तटीय आंध्र प्रदेश, गंगीय पश्चिम बंगाल, कोंकण व गोवा और ओडिशा में कल हवा में अत्यधिक नमी होने के कारण लोगों को भीषण उमस भरी गर्मी का सामना करना पड़ेगा।

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समंदर में न जाएं मछुआरे: आईएमडी की सख्त चेतावनी

मौसम विभाग ने 16 से 21 जून की अवधि के लिए मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी है। सोमालिया और ओमान तट के पास 45-55 किमी/घंटे की रफ्तार से चलने वाली चक्रवाती हवाएं झोंकों में 65 किमी/घंटे तक पहुंच सकती हैं। मन्नार की खाड़ी, श्रीलंका तट, दक्षिण-पश्चिम व दक्षिण-पूर्व बंगाल की खाड़ी और उत्तरी अंडमान सागर में 40-50 किमी/घंटे (झोंके 60 किमी/घंटे) की रफ्तार से तूफानी हवाएं चलने के कारण समंदर बेहद अशांत रहेगा।

ये भी पढे़ं- El Nino Effect India: 10 राज्यों पर अल नीनो का साया, खरीफ फसलों के लिए जारी किया गया ये अलर्ट- What You Need to Know



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Monday, June 15, 2026

ट्रंप का 'टोल-फ्री' का दावा फुस्स! अमेरिका-ईरान 'पीस डील' में हुआ बड़ा खेल, होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों को देना होगा 'मोटा टैक्स'

US Iran Peace Deal Update: अमेरिका और ईरान के बीच 107 दिनों से चल रहे भीषण युद्ध को खत्म करने के लिए जिस 'शांति समझौते' का ऐलान हो चुका है। अब इसमें एक बड़ा चौंकाने वाला मोड़ आ गया है। युद्ध खत्म होने की घोषणा के कुछ ही घंटों बाद ईरान ने एक बड़ा दावा ठोक दिया है। तेहरान का कहना है कि ट्रंप प्रशासन के साथ हुए इस अंतिम समझौते में स्पष्ट रूप से यह माना गया है कि 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' से गुजरने वाले कमर्शियल जहाजों से ईरान और ओमान टैक्स या रेवेन्यू वसूल सकते हैं।

ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी 'फार्स' के मुताबिक, आखिरी पलों में इस ऐतिहासिक समझौते के मसौदे में कुछ बड़े बदलाव किए गए हैं, जिसने वाशिंगटन को बैकफुट पर धकेल दिया है। आइए समझते हैं कि आखिर 'लास्ट मिनट' में क्या खेल हुआ है और कैसे अब दुनिया भर के तेल सप्लाई रूट पर ईरान का शिकंजा और मजबूत होने वाला है।

आखिरी मिनट में बदला गया डील का टेक्स्ट

ईरानी सूत्रों के हवाले से आई रिपोर्ट के मुताबिक, बातचीत के बिल्कुल अंतिम चरण में समझौते के ड्राफ्ट में ऐसी भाषा जोड़ी गई, जिसने ईरान के हाथ मजबूत कर दिए हैं। सोर्स ने बताया, 'बातचीत के आखिरी पलों में समझौते के टेक्स्ट में बदलाव किए गए, जो निश्चित और स्पष्ट रूप से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर ईरान और ओमान की संप्रभुता को रेखांकित करते हैं'।

पुराने ड्राफ्ट के विपरीत, अब फाइनल टेक्स्ट में साफ लिखा है कि होर्मुज जलडमरूमध्य में 'मैरीटाइम सर्विसेज' के प्रशासन का भविष्य केवल ईरान और ओमान ही तय करेंगे। तेहरान इस 'मैरीटाइम सर्विसेज' शब्द के शामिल होने को अमेरिका की तरफ से मिली एक बहुत बड़ी कूटनीतिक जीत मान रहा है।

अमेरिका को मिला सिर्फ 60 दिनों का 'डिस्काउंट'

रिपोर्ट में दावा किया गया है कि अमेरिका ने जहाजों से टैक्स वसूलने के ईरान के इस अधिकार को सैद्धांतिक रूप से स्वीकार कर लिया है। ईरान शुरुआती 60 दिनों के लिए जहाजों को बिना किसी शुल्क के गुजरने देने पर राजी हुआ है। ईरानी सोर्स का कहना है, 'अमेरिका ने टैक्स वसूलने के सिद्धांत को मान लिया है, उसने केवल ईरान से 60 दिनों का डिस्काउंट हासिल किया है।' इस अवधि के खत्म होते ही ईरान वहां से गुजरने वाले व्यापारिक जहाजों से पैसा वसूलना शुरू कर देगा।

किस नाम पर वसूला जाएगा पैसा और कहां होगा इस्तेमाल?

ईरान इस जलमार्ग से होने वाली मोटी कमाई को अपनी अर्थव्यवस्था को सुधारने में लगाने की योजना बना रहा है। 60 दिन बीत जाने के बाद, ईरान जहाजों को सुरक्षा, नेविगेशन, पर्यावरण और इंश्योरेंस सेवाएं प्रदान करने के नाम पर वित्तीय रेवेन्यू वसूलेगा।

इस टैक्स से होने वाली अरबों डॉलर की कमाई का इस्तेमाल ईरान अपने देश के आर्थिक विकास के लिए करेगा। इस पूरे अरेंजमेंट में ओमान का सहयोग सबसे अहम है, क्योंकि स्ट्रेट का दूसरा हिस्सा ओमान के दायरे में आता है। इसके लिए ओमान के साथ जरूरी बातचीत पहले ही पूरी की जा चुकी है।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप जहां दुनिया के सामने यह दावा कर रहे हैं कि उन्होंने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को 'टोल-फ्री' खुलवा दिया है, वहीं ईरान के इस नए दावे ने उनके दावों पर पानी फेर दिया है। फिलहाल इस मुद्दे पर अमेरिकी प्रशासन की तरफ से कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं आई है और न ही समझौते का पूरा टेक्स्ट सामने आया है। लेकिन अगर ईरान का यह दावा सच साबित होता है, तो वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतें फिर से प्रभावित हो सकती हैं, क्योंकि दुनिया का एक-चौथाई समुद्री तेल इसी रास्ते से होकर गुजरता है।



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Sunday, June 14, 2026

A-1 Ltd को मिले 35 करोड़ रुपये के नए ऑर्डर, कंपनी ने कहा- बढ़ेगी कमाई की रफ्तार

लॉजिस्टिक्स कंपनी A-1 Ltd को 35 करोड़ रुपये के नए ऑर्डर मिले हैं। कंपनी का कहना है कि इन ऑर्डर्स से चालू वित्त वर्ष में कारोबार को मजबूती मिलेगी और आने वाली तिमाहियों की कमाई को लेकर बेहतर तस्वीर दिखाई देगी।

किन कंपनियों से मिले ऑर्डर?

कंपनी के मुताबिक, उसे Solar Industries Ltd और Deepak Fertilisers की सहयोगी कंपनी Mahadhan Agritech से 12-12 करोड़ रुपये के ऑर्डर मिले हैं। इसके अलावा Sai Baba Polymer ने भी कंपनी को 11 करोड़ रुपये का ऑर्डर दिया है।

जून में पूरा होगा काम

A-1 Ltd ने बताया कि इन सभी ऑर्डर्स पर काम जून 2026 के दौरान पूरा किया जाएगा। कंपनी का मानना है कि इससे उसका ऑर्डर बुक और मजबूत होगा तथा आने वाले महीनों में रेवेन्यू को लेकर अच्छा नजरिया मिलेगा।

कंपनी ने क्या कहा?

A-1 Ltd के मैनेजिंग डायरेक्टर हर्षदकुमार पटेल ने कहा कि ये ऑर्डर विस्फोटक, मैन्युफैक्चरिंग और उर्वरक क्षेत्र की बड़ी कंपनियों से मिले हैं।

उन्होंने कहा कि यह कंपनी के प्रोडक्ट्स की गुणवत्ता, समय पर सप्लाई देने की क्षमता और भरोसेमंद एग्जीक्यूशन पर ग्राहकों के बढ़ते विश्वास को दिखाता है। उनके मुताबिक, नए ऑर्डर यह भी संकेत देते हैं कि उद्योग जगत में A-1 Ltd की पकड़ लगातार मजबूत हो रही है।

(पीटीआई से इनपुट के साथ)

Vedanta Demerger: वेदांता की 4 नई कंपनियां मार्केट में एंट्री को तैयार, जानिए लिस्टिंग के बाद किस स्टॉक को खरीदें

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।



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Saturday, June 13, 2026

रामदेव अग्रवाल ने कहा-भारत में भी निवेश में बढ़ेगी पैसिव इनवेस्टिंग की हिस्सेदारी

मोतीलाल ओसवाल के चेरमैन, को-फाउंडर और दिग्गज इनवेस्टर रामदेव अग्रवाल ने पैसिव इनवेस्टिंग के बारे में बड़ी बात कही है। उन्होंने कहा है कि अगले एक दशक में भारत में कुल इनवेस्टमेंट में पैसिव इनवेस्टिंग की हिस्सेदारी काफी बढ़ सकती है। इसकी वजह इनवेस्टमेंट में बढ़ता इंस्टीट्यूशनल पार्टिसिपेशन है। दूसरा, हमेशा मार्केट से ज्यादा रिटर्न देना फंड मैनेजर्स के लिए मुश्किल हो रहा है।

अभी पैसिव इनवेस्टिंग की हिस्सेदारी 15 फीसदी

उन्होंने कहा कि पैसिव इनवेस्टिंग कैपिटल मार्केट्स के सबसे अहम इनोवेशन के रूप में उभरा है। इसमें इनवेस्टर्स को लो कॉस्ट में इनवेस्टमेंट में डायवर्सिफिकेशन का मौका मिलता है। उन्होंने कहा कि अभी भारत में म्चूचुअल फंड इंडस्ट्री में पैसिव स्ट्रेटेजी की हिस्सेदारी करीब 15 फीसदी है। जैसे-जैसे मार्केट मैच्योर होगा निवेश में पैसिव इनवेस्टिंग की हिस्सेदारी बढ़ेगी।

अमेरिका में 50 फीसदी पैसिव इनवेस्टिंग होती है

अग्रवाल ने कहा कि अमेरिका में निवेश में पेसिव इनवेस्टिंग की हिस्सेदारी काफी ज्यादा है। उन्होंने कहा, "अमेरिका में 50 फीसदी पैसिव निवेश और 50 फीसदी एक्टिव निवेश होता है। धीरे-धीरे भारत में भी हम इस दिशा में बढ़ रहे हैं।" इनवेस्टमेंट में इंस्टीट्यूशन पार्टिसिपेशन बढ़ने और फंड का आकार ज्यादा होने पर एक्टिव इनवेस्टिंग स्ट्रेटेजी में मुश्किल आएगी।

बाजार से ज्यादा रिटर्न देना मुश्किल साबित हो रहा

अभी एक्विट फंड मैनेजर्स पर बाजार से ज्यादा रिटर्न देने का दबाव होता है। आगे बाजार से ज्यादा रिटर्न डिलीवर करना और मुश्किल हो जाएगा। उन्होंने कहा कि पैसिव इनवेस्टिंग खासकर उन निवेशकों के लिए सही है जो निवेश में डायवर्सिफिकेशन चाहते हैं और निवेश की जिनकी अवधि लंबी है। ऐसे लोगों के लिए भी यह सही है, जो लगातार बेहतर रिटर्न देने वाले फंड मैनेजर्स की पहचान नहीं कर सकते।

पैसिव इनवेस्टिंग को लेकर जागरूकता बढ़ाने की जरूरत

एक्सपर्ट्स का कहना है कि पैसिव इनवेस्टिंग के बारे में निवेशकों में जागरूकता बढ़ाने की जरूरत है। कई इनवेस्टर्स पैसिव इवेस्टिंग को ठीक तरह से नहीं समझते हैं। उन्हें लगता है कि निवेश के लिए सिर्फ एक्टिव इनवेस्टिंग का विकल्प उपलब्ध है। म्चूचुअल फंड्स हाउसेज को भी पैसिव इनवेस्टिंग वाले नए फंड ऑफर करने होंगे। पैसिव इनवेस्टिंग का एक बड़ा फायदा यह है कि इसमें कॉस्ट कम आती है। निवेश का ज्यादातर हिस्सा इनवेस्टमेंट में जाता है।

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निवेशकों को भी निवेश करने में आसानी

पैसिव इनवेस्टिंग में इनवेस्टर्स को अल्फा रिटर्न वाले फंड की तलाश करने की भी जरूरत नहीं रह जाती है। इसमें पारदर्शिता भी ज्यादा होती है। इससे इनवेस्टर्स का भरोसा फंड हाउसेज पर बना रहता है। लंबी अवधि में पैसिव फंडों का रिटर्न भी अट्रैक्टिव होता है।



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