Sunday, March 22, 2026

Israel-US Iran War: ईरान ने होर्मुज में मार गिराया दुश्मन का F-15 फाइटर जेट, सामने आया वीडियो

Israel US Iran War: ईरान-इजरायल और अमेरिका के बीच जारी जंग अब खतरनाक मोड़ पर पहुंचता नजर आ रहा है। वहीं इजरायल और अमेरिका को ईरान ने एक बार फिर बड़ा झटका दिया है। ईरानी मिसाइल ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में दुश्मन के एफ-15 फाइटर जेट को मार गिराने का दावा किया है। इससे पहले ईरान इजरायल के एफ-16 और अमेरिका के एफ-35 को भी निशाना बना चुका है।  बता दें कि शनिवार को ट्रंप ने ईरान को 48 घंटे का अल्टीमेटम जारी किया था। ट्रंप ने कहा था कि वह स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को खोल दे अन्यथा उस पर हमले किए जाएंगे।

ईरान का बड़ा दावा 

ईरान के सरकारी मीडिया के अनुसार, उसकी एयर डिफेंस सिस्टम ने होर्मुज स्ट्रेट के पास एक दुश्मन के एफ-15 लड़ाकू विमान को सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल से गिरा दिया है। इस घटना को खाड़ी क्षेत्र में ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच बढ़ते तनाव का बड़ा संकेत माना जा रहा है। तेहरान टाइम्स की सोशल मीडिया पोस्ट में दावा किया गया कि यह विमान ईरान के दक्षिणी तट के ऊपर आते ही पकड़ लिया गया और फिर रणनीतिक रूप से अहम होर्मुज स्ट्रेट के पास उसे मार गिराया गया। रिपोर्ट में इसे दुश्मन की घुसपैठ के खिलाफ ईरानी एयर डिफेंस की सफल कार्रवाई बताया गया है।

अमेरिका ने दिया था अल्टीमेटम

ईरान के इस दावे के साथ एक छोटा वीडियो भी सामने आया है, जिसमें दिख रहा है कि एक इन्फ्रारेड सिस्टम किसी टारगेट को ट्रैक कर रहा है और फिर अचानक तेज चमक दिखाई देती है, जिससे लगता है कि किसी हमले या इंटरसेप्शन की कार्रवाई हुई हो सकती है। हालांकि, इस पूरे मामले की अभी तक किसी स्वतंत्र स्रोत से पुष्टि नहीं हुई है और न ही अमेरिका या इजरायल ने किसी एफ-15 विमान के नुकसान की आधिकारिक जानकारी दी है। यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को होर्मुज स्ट्रेट खोलने के लिए 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया है और चेतावनी दी है कि ऐसा न होने पर ईरान के बिजली संयंत्रों पर कड़ी सैन्य कार्रवाई की जा सकती है।



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'दुबई में शो के लिए मैंने न तो पैसे मांगे और...' आलोचनाओं को सुनील गावस्कर ने दिया करारा जवाब

सनराइजर्स हैदराबाद की को-ओनर काव्या मारन की नई टीम सनराइजर्स लीड्स ने ‘द हंड्रेड’ 2026 ऑक्शन में पाकिस्तानी खिलाड़ी अबरार अहमद को खरीदकर नया विवाद खड़ा कर दिया है। अबरार को करीब 1.90 लाख पाउंड (लगभग 2.34 करोड़ रुपये) में टीम में शामिल किया गया। पाकिस्तानी खिलाड़ी अबरार अहमद को काव्या मारन की टीम द्वारा खरीदे जाने पर भारत में लोग नाराजगी जता रहे हैं। इस फैसले पर दिग्गज क्रिकेटर सुनील गावस्कर भी अपनी नाराजगी जताई थी। गावस्कर का बयान चर्चा में आ गया, जिसके चलते उन्हें भी लोगों की आलोचना झेलनी पड़ी। खासतौर पर इसलिए क्योंकि वह आईसीसी के कमेंट्री पैनल का हिस्सा हैं। अब गावस्कर ने सामने आकर इस ट्रोलिंग पर अपनी रिएक्शन दिया है।

सुनील गावस्कर ने दिया रिएक्शन

मुंबई मिरर को दिए एक इंटरव्यू में सुनील गावस्कर ने अपने ऊपर हो रही आलोचनाओं का खुलकर जवाब दिया। पूर्व क्रिकेटर से कमेंटेटर बने गावस्कर ने साफ कहा, “हां, मैं ICC और ACC के कमेंट्री पैनल का हिस्सा रहा हूं। जहां तक मेरी जानकारी है, ICC और ACC की कमाई सभी भाग लेने वाले देशों में बांटी जाती है, लेकिन किसी भारतीय संस्था को सीधे तौर पर नहीं जाती। मुझे समझ नहीं आता कि लोग मुझे कैसे जिम्मेदार ठहरा सकते हैं, क्योंकि मैं किसी भी कमेंटेटर चाहे वह भारतीय हो या किसी और देश का को कोई भुगतान नहीं करता।”

कोई पे नहीं मिला

सुनील गावस्कर ने बताया कि उन्हें आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी 2025 के दौरान पाकिस्तान के क्रिकेट शो ‘द ड्रेसिंग रूम’ में शामिल होने का निमंत्रण मिला था। उस समय भारत के ट्रैवल प्लान को लेकर दोनों देशों के क्रिकेट बोर्ड के बीच काफी चर्चा चल रही थी। गावस्कर ने इंटरव्यू में कहा, “मैंने दुबई में जो शो किया, उसके लिए न तो मैंने कोई पैसे मांगे और न ही मुझे कोई भुगतान मिला।”

इसके साथ ही उन्होंने भारतीय मालिकाना हक वाली फ्रेंचाइजी को सलाह दी कि वे दूसरी बड़ी टी20 लीग्स में पाकिस्तानी खिलाड़ियों पर निवेश करने से बचें। उन्होंने कहा, “मैं CPL, ILT20 या SA20 जैसी लीग्स को फॉलो नहीं करता, इसलिए मुझे यह नहीं पता कि कौन किस टीम के लिए खेल रहा है। लेकिन अगर भारतीय मालिक किसी पाकिस्तानी खिलाड़ी को पैसा दे रहे हैं, तो उम्मीद है कि वे इस पर दोबारा सोचेंगे और ऐसा करना बंद करेंगे।”

गावरस्कर ने क्या कहा था

बता दें, मिड-डे के लिए अपने कॉलम में अबरार अहमद को SRH द्वारा खरीदने पर गावस्कर ने लिखा था कि 'यह पैसा इनडायरेक्टली क्रॉस-बॉर्डर टेररिज्म को फंडिंग करने में मदद करेगा।' पाकिस्तान में जन्मे इंग्लैंड के पूर्व क्रिकेटर अजीम रफीक ने सुनील गावस्कर के बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। रफीक ने गावस्कर पर दोहरे रवैये का आरोप भी लगाया और कहा कि जब वह ACC और ICC के टूर्नामेंट्स में भारत-पाकिस्तान जैसे मुकाबलों में कमेंट्री करते हैं, तो इस पर भी सवाल उठना चाहिए।



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Dhurandhar 2: आदित्य धर की 'पीक डिटेलिंग' में हुई बड़ी चूक, पैनी नजर वाले फैंस ने पकड़ी फिल्म की ये तकनीकी गलती

बॉलीवुड अभिनेता रणवीर सिंह की हालिया रिलीज फिल्म 'धुरंधर: द रिवेंज' इस वक्त बॉक्स ऑफिस पर सुनामी बनी हुई है। फिल्म की सफलता का श्रेय इसके दमदार एक्शन और निर्देशक आदित्य धर की बारीकियों (Detailing) पर पकड़ को दिया जा रहा है। हालांकि, सोशल मीडिया के दौर में दर्शकों की नजरों से कुछ भी छिपाना नामुमकिन है। अब फिल्म के एक बेहद खास सीन में एक ऐसी तकनीकी गलती पकड़ी गई है, जिसने निर्देशक की 'परफेक्ट' डिटेलिंग पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

बाथरूम सीन में दिखा 'अनचाहा' चेहरा

फिल्म के एक सीन में मुख्य किरदार 'हमजा' अपने दोस्त 'पिंडा' के साथ एक बाथरूम में गुत्थमगुत्था होता नजर आता है। यह एक इंटेंस फाइट सीन है, लेकिन दर्शकों ने गौर किया कि बैकग्राउंड में लगे शीशे (Mirror) में कैमरे के पीछे खड़े कैमरामैन की झलक साफ दिखाई दे रही है।

सोशल मीडिया पर इस सीन के स्क्रीनशॉट और वीडियो तेजी से वायरल हो रहे हैं। लोग मजे लेते हुए कह रहे हैं कि आदित्य धर अपनी फिल्मों में जितनी भी बारीकी दिखा लें, लेकिन कहीं न कहीं मानवीय चूक (Human Error) हो ही जाती है।

राजामौली और ऋषभ शेट्टी ने की थी तारीफ

हैरानी की बात यह है कि इसी फिल्म के लिए आदित्य धर को फिल्म इंडस्ट्री के दिग्गजों से खूब वाहवाही मिली थी। 'कंतारा' फेम ऋषभ शेट्टी ने फिल्म के शुरुआती सीन की डिटेलिंग को देखकर इसे मास्टरपीस बताया था। वहीं, दिग्गज निर्देशक एसएस राजामौली ने भी धुरंधर 2 को एक साहसपूर्ण फिल्म करार दिया था। लेकिन अब इसी 'पीक डिटेलिंग' में हुई इस छोटी सी चूक ने चर्चा का रुख मोड़ दिया है।dhurandhar peak detailing

बॉक्स ऑफिस पर 'जवान' और 'एनिमल' को दे रही चुनौती

तकनीकी गलतियों के बावजूद, धुरंधर 2 का बॉक्स ऑफिस पर दबदबा कायम है। फिल्म ने महज तीन दिनों में ही 'जवान', 'पुष्पा 2' और 'एनिमल' जैसी ब्लॉकबस्टर फिल्मों के कई रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए हैं। विदेशों में भी फिल्म का डंका बज रहा है और इसने 500 करोड़ के जादुई आंकड़े को पार कर लिया है।

क्या फिल्म 'प्रोपगेंडा' है?

फिल्म को लेकर सोशल मीडिया पर दो फाड़ नजर आ रहे हैं। जहाँ एक तरफ समीक्षक और आम जनता इसकी तारीफ कर रहे हैं, वहीं एक तबका ऐसा भी है जो इसे 'प्रोपगेंडा' फिल्म बताकर इसकी आलोचना कर रहा है। हालांकि, फिल्म के बिजनेस पर इन विवादों का कोई नकारात्मक असर नहीं दिख रहा है।

आदित्य धर की यह फिल्म अपनी कमियों और खूबियों दोनों की वजह से सुर्खियां बटोर रही है। यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या डायरेक्टर आने वाले समय में इन बारीक गलतियों पर अपनी कोई प्रतिक्रिया देते हैं या नहीं।



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Mohit Suri: 8 घंटे की शिफ्ट डिबेट में कूदे मोहित सूरी, बोले-इमरान हाशमी ने मेरे साथ 24 घंटे शूटिंग की है

Mohit Suri: पिछले साल, अभिनेत्री दीपिका पादुकोण ने 'स्पिरिट' और 'कल्कि 2898 ईस्वी' के सीक्वल से किनारा कर लिया था, जिसके बाद अभिनेताओं के लिए आठ घंटे की शिफ्ट को लेकर एक बहस छिड़ गई थी। अब, निर्देशक मोहित सूरी ने भी इस मुद्दे पर अपनी राय देते हुए इमरान हाशमी के 24 घंटे लगातार शूटिंग करने के अनुभव को याद किया है।

वैरायटी इंडिया को दिए एक इंटरव्यू में मोहित ने फिल्म इंडस्ट्री में काम और निजी जीवन के बीच संतुलन बनाए रखने के लिए आठ घंटे के वर्किंग डे पर चल रही बहस पर खुलकर बात की। निर्देशक ने बताया कि उन्होंने पास्ट में अभिनेताओं को लगातार 24 घंटे काम करते देखा है।

मोहित ने कहा, “जरूरत पड़ने पर मैंने अभिनेताओं को 24 घंटे काम करते देखा है। जब हम 'आवारापन' की शूटिंग कर रहे थे और इंटरकॉन्टिनेंटल होटल के प्रेसिडेंशियल सुइट की छत पर एक बेहद महंगी लोकेशन थी, तो वह हमें सिर्फ 24 घंटे के लिए ही मिली थी। मुझे याद है इमरान हाशमी ने मेरे साथ 24 घंटे शूटिंग की थी… हम इसे अहंकार का मुद्दा बना रहे हैं।

किसी को शिफ्ट तय करने का अधिकार क्यों होना चाहिए? लेकिन आइए देखें कि काम की गुणवत्ता कैसे तय होती है, है ना? मेरा मतलब है कि अगर कोई यूनिट 12 घंटे की शिफ्ट में काम कर रही है, तो वे वास्तव में 14 घंटे काम कर रहे हैं क्योंकि वे सामान लोड और अनलोड कर रहे हैं। उन्हें सिर्फ उन 12 घंटों का ही भुगतान मिलता है। मेरा मतलब है कि यह 15 घंटे भी हो सकता है। फिर वे घर चले जाते हैं।

निर्देशक ने इस बात पर जोर दिया कि बेहतर शिफ्ट केवल अभिनेताओं के लिए ही आरक्षित नहीं होने चाहिए, बल्कि इसमें पूरे दल के को भी ध्यान में रखा जाना चाहिए। “हम इसे ज़्यादातर अभिनेताओं से जोड़कर देख रहे हैं और सोच रहे हैं कि वे इसकी मांग कर रहे हैं। लेकिन आइए पूरी यूनिट के बारे में भी सोचें, क्योंकि मैं एक सहायक निर्देशक रह चुका हूं, जो शूटिंग खत्म होने के बाद बारिश में यूनिट के सदस्यों और लाइटमैन के काम समेटने तक बस में स्टेशन तक इंतज़ार करता रहा है। मैं जानता हूं कि बाकी यूनिट के लिए यह कितना मुश्किल होता है। हम इस बात को लेकर अहंकारी हो रहे हैं कि एक एक्टर ने यह सुझाव दिया है।

फिलहाल, मोहित को लगता है कि लोग “अभिनेताओं की नींद पर ज़रूरत से ज़्यादा ध्यान दे रहे हैं”, और उन्होंने कहा कि अगर वे आठ घंटे में शूटिंग खत्म कर लेते हैं, तो इसमें कुछ भी गलत नहीं है। लेकिन उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि अब समय आ गया है कि हम चीजों को “व्यापक परिप्रेक्ष्य” से भी देखें।

पिछले साल, दीपिका पादुकोण और निर्देशक संदीप रेड्डी वांगा के बीच विवाद तब शुरू हुआ जब उन्होंने प्रभास अभिनीत अखिल भारतीय फिल्म 'स्पिरिट' छोड़ दी। खबरों के अनुसार, रचनात्मक शर्तों पर असहमति और आठ घंटे के वर्किंग डे की मांग के कारण ऐसा हुआ। उनके जाने के बाद तृप्ति डिमरी ने उनकी जगह ली। इससे सोशल मीडिया पर पेशेवर रवैये को लेकर बहस छिड़ गई।

तब से, करीना कपूर से लेकर अनन्या पांडे और दिव्या दत्ता तक कई अभिनेत्रियों ने सेट पर निश्चित वर्किंग ऑवर के मुद्दे पर अपने विचार व्यक्त किए हैं। पिछले साल मोहित को अहान पांडे और अनीट पद्दा अभिनीत फिल्म 'सैयारा' से अपने करियर की सबसे बड़ी हिट देने के लिए खूब सराहना मिली। फिलहाल, निर्देशक अपनी अगली फिल्म की स्क्रिप्ट लिखने में व्यस्त हैं। इस प्रोजेक्ट के बारे में अभी तक ज्यादा जानकारी सामने नहीं आई है और कलाकारों का चयन भी अभी बाकी है।

इस बीच, इमरान के लिए पिछले कुछ महीने काफी व्यस्त रहे हैं, उन्होंने कोर्टरूम ड्रामा 'हक' (2025 में रिलीज हुई) और वेब सीरीज 'तस्करी: अ स्मगलर्स वेब' में अपने शानदार अभिनय से दर्शकों का दिल जीता है। फिलहाल, वह 'अवारपन 2' के काम में व्यस्त हैं।



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Saturday, March 21, 2026

आईपीएल से पहले KKR को लगा डबल झटका, हर्षित राणा के बाद ये तेज गेंदबाज भी हुआ बाहर!

आईपीएल के 19वें सीजन का आगाज 28 मार्च से होने जा रहा है। कोलकाता नाइट राइडर्स (केकेआर) आईपीएल 2026 में अपने अभियान की शुरुआत 29 मार्च को मुंबई इंडियंस के खिलाफ करेगी। मैच से पहले कोलकाता नाइट राइडर्स को बड़ा झटका लगा है। हर्षित राणा के बाद अब तेज गेंदबाज आकाश दीप भी पूरे टूर्नामेंट से बाहर हो गए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक तेज गेंदबाज आकाश दीप किसी चोट के कारण इस सीजन में नहीं खेल पाएंगे, जिससे टीम की तैयारियों पर असर पड़ सकता है।

केकेआर से बाहर हुए आकाश दीप

क्रिकबज के रिपोर्ट के मुताबिक, आकाश दीप को आईपीएल 2026 की नीलामी में कोलकाता नाइट राइडर्स (केकेआर) ने 1 करोड़ रुपये के बेस प्राइस पर खरीदा था, लेकिन वह 18 मार्च से कोलकाता में शुरू हुए प्री-सीजन कैंप में शामिल नहीं हो पाए। आकाश बेंगलुरु स्थित नेशनल क्रिकेट एकेडमी (NCA) में चोट से उबरने के लिए रिहैब कर रहे हैं, हालांकि उनकी वापसी कब होगी, यह अभी साफ नहीं है। रिपोर्ट के मुताबिक केकेआर के एक अधिकारी ने बताया कि आकाश दीप अब पूरे आईपीएल 2026 सीजन से बाहर हो गए हैं।

हर्षित भी हो चुके हैं बाहर

आकाश दीप के बाहर होने के साथ ही वह टीम के दूसरे ऐसे अनुभवी भारतीय तेज गेंदबाज बन गए हैं जो सीजन शुरू होने से पहले ही बाहर हो गए। उनसे पहले हर्षित राणा भी चोट के कारण टीम से बाहर हो चुके हैं, जिन्हें टी20 वर्ल्ड कप 2026 से पहले वार्म-अप मैच के दौरान घुटने में चोट लगी थी और उन्हें सर्जरी करानी पड़ी थी। हाल ही में राणा को बीसीसीआई के सालाना अवॉर्ड्स में भी देखा गया था।

अभिषेक नायर ने क्या कहा

केकेआर के कोच अभिषेक नायर ने हाल ही में हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में संकेत दे दिए थे कि हर्षित राणा इस सीजन में शायद नहीं खेल पाएंगे। वहीं टीम को एक और झटका लगा है, क्योंकि श्रीलंका के तेज गेंदबाज मथीशा पथिराना भी शुरुआत के कुछ मैच नहीं खेलेंगे। उन्हें 18 करोड़ रुपये में खरीदा गया था और उम्मीद है कि वह अप्रैल के बीच तक टीम से जुड़ जाएंगे।



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Friday, March 20, 2026

Eid Security: ईद से पहले दिल्ली में हाई अलर्ट; द्वारका और उत्तम नगर में बढ़ाई गई सुरक्षा, 100 से अधिक चौकियों पर तैनाती

Eid Security: ईद-उल-फितर बस एक दिन दूर है, ऐसे में दिल्ली के द्वारका जिले में सुरक्षा बढ़ा दी गई है, क्योंकि 4 मार्च को हुई हत्या के बाद पश्चिमी दिल्ली के पड़ोसी उत्तम नगर में तनाव बना हुआ है। पुलिस ने 100 से अधिक चौकियां स्थापित की हैं और संवेदनशील क्षेत्रों में आवाजाही पर नजर रखने के लिए छतों और प्रमुख चौराहों पर कर्मियों को तैनात किया गया है।

दिल्ली हाई कोर्ट के निर्देशों के बाद उत्तम नगर ईस्ट मेट्रो स्टेशन के आसपास सुरक्षा और कड़ी कर दी गई है, ताकि त्योहार के दौरान अशांति की आशंकाओं को देखते हुए तैयारियां पूरी की जा सकें।

ईद को देखते हुए किए गए कड़े इंतजाम

एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि ईद की खुशियां शांति से मनाई जा सकें, इसके लिए व्यापक इंतजाम किए गए हैं। उन्होंने आगे कहा, “हमने विस्तार से तैनाती की योजना बनाई है और किसी भी स्थिति में तुरंत कार्रवाई करने के लिए तैयार हैं।”

पुलिस के अनुसार, 4 मार्च को हुई हत्या वाले हत्सल गांव और आसपास के इलाकों में अतिरिक्त फोर्स तैनात किए गए हैं, साथ ही दिल्ली पुलिस और केंद्रीय सशस्त्र बलों की संयुक्त तैनाती प्रमुख स्थानों पर की गई है।

बता दें कि होली के दिन जेजे कॉलोनी में दो पड़ोसी परिवारों के बीच हुई झड़प में घायल हुए 26 साल के तरुण की मौत हो गई थी।

पुलिस के मुताबिक, यह झड़प तब शुरू हुई जब एक परिवार की लड़की द्वारा फेंका गया पानी का गुब्बारा गलती से दूसरे परिवार की महिला को लग गया।

इस घटना के बाद कुछ समूहों ने विरोध प्रदर्शन किया, जिसके दौरान आरोपियों से जुड़ी दो गाड़ियों में आग लगा दी गई। अब तक पुलिस ने इस मामले में दो नाबालिगों समेत 14 लोगों को गिरफ्तार किया है।

मस्जिदों, ईदगाहों में बढ़ाई गई सुरक्षा

अधिकारियों ने बताया कि मस्जिदों, ईदगाहों और अन्य सार्वजनिक स्थलों, जहां बड़ी संख्या में लोगों के इकट्ठा होने की उम्मीद है, के आसपास सुरक्षा बढ़ा दी गई है। शांति बनाए रखने के लिए नियमित रूप से, पैदल पेट्रोलिंग और वाहन जांच की जा रही है।

पुलिस ने भड़काऊ कंटेंट के प्रसार को रोकने के लिए सोशल मीडिया पर निगरानी बढ़ा दी है, और कई आपत्तिजनक पोस्टों को चिह्नित करके उन पर कार्रवाई की जा चुकी है।

मिश्रित आबादी वाले क्षेत्रों को संवेदनशील घोषित किया गया है और उन पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। जमीनी तैनाती के अलावा, निगरानी बढ़ाने के लिए चुनिंदा स्थानों पर ऊंचे स्थानों पर पुलिस टीमों को तैनात किया गया है।

जागरूकता अभियान के तहत, कई इलाकों में फ्लैग मार्च आयोजित किए गए हैं और ईद के दौरान भी निवासियों में विश्वास जगाने के लिए ये मार्च जारी रहेंगे। हालांकि, फिर भी स्थानीय लोगों में बेचैनी बनी हुई है।

उत्तम नगर RWA के अध्यक्ष प्रदीप शुक्ला ने कहा कि सुरक्षाकर्मियों की मौजूदगी से कुछ हद तक स्थिति कंट्रोल में आई है, लेकिन चिंता अभी भी बरकरार है।

उन्होंने कहा, “भारी बैरिकेडिंग की गई है और आवाजाही कम हो गई है। असामान्य रूप से शांति का माहौल है। लोग अभी भी चिंतित हैं, लेकिन हम उम्मीद करते हैं कि हालात शांतिपूर्ण बने रहेंगे।”

यह भी पढ़ें: West Bengal Murder Case: पैसे न देने पर पति ने की 6 महीने की गर्भवती पत्नी की हत्या, शव बेड के नीचे छिपाया



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Thursday, March 19, 2026

दुनिया भर में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में आग, लेकिन भारत में दाम क्यों हैं स्थिर? समझें इसके पीछे का गणित

Fuel Prices Surging: मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध के कारण पूरी दुनिया में ऊर्जा का संकट गहरा गया है। जहां अमेरिका से लेकर वियतनाम तक पेट्रोल की कीमतें 70% तक बढ़ गई हैं, वहीं भारत में पिछले तीन हफ्तों के दौरान पंपों पर कीमतें जस की तस बनी हुई हैं। आखिर वैश्विक उथल-पुथल के बीच भारत यह स्थिरता कैसे बनाए हुए है?

95 देशों में बढ़े फ्यूल के दाम

होर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव के कारण कच्चे तेल की सप्लाई बाधित हुई है, जिसका असर पूरी दुनियाभर में देखने को मिल रहा है। कंबोडिया में फ्यूल की कीमतें 67.8%, वियतनाम में 49.7% और नाइजीरिया में 35% तक बढ़ चुकी हैं। अमेरिका में पेट्रोल के दाम 16.5% बढ़े हैं, जहां कैलिफोर्निया जैसे राज्यों में यह $5 प्रति गैलन के पार पहुंच गया है। जर्मनी और फ्रांस में भी भारी इजाफा देखा गया है। पाकिस्तान में तेल बचाने के लिए '4-डे वर्किंग वीक' लागू किया गया है, जबकि बांग्लादेश में ऊर्जा संरक्षण के लिए यूनिवर्सिटीज बंद कर दी गई हैं।

भारत में क्यों 'फ्रीज' हैं कीमतें?

जबकि दुनिया भर में कीमतें हर दिन बदल रही हैं, भारत के प्रमुख शहरों दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु में पेट्रोल-डीजल के दाम स्थिर हैं। इसके ये 3 प्रमुख कारण है:

एडमिनिस्ट्रेटिव कंट्रोल: भारत में तेल की कीमतें पूरी तरह से 'रियल-टाइम' मार्केट पर निर्भर नहीं हैं। यही वजह है कि सरकार और सरकारी तेल विपणन कंपनियां (OMCs) अक्सर अल्पकालिक झटकों को सोख लेती हैं।

टैक्स स्ट्रक्चर में लचीलापन: सरकार के पास एक्साइज ड्यूटी या वैट (VAT) में बदलाव कर कीमतों को नियंत्रित रखने का विकल्प होता है।

OMC का बफर: भारतीय तेल कंपनियां वैश्विक कीमतों में बढ़ोतरी का बोझ तुरंत ग्राहकों पर नहीं डालतीं, जिससे अंतरराष्ट्रीय बाजार और घरेलू पंप की कीमतों के बीच 'बड़ा अंतर' देखने को मिलता है।

क्या यह स्थिरता हमेशा बनी रहेगी?

जानकारों का मानना है कि भारत के लिए यह स्थिति लंबे समय तक बनाए रखना चुनौतीपूर्ण होगा क्योंकि भारत अपनी जरूरत का 85% से ज्यादा कच्चा तेल आयात करता है। अगर अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चा तेल $100-110 के पार बना रहता है, तो तेल कंपनियों (IOCL, BPCL, HPCL) का घाटा बढ़ेगा, जिसे अंततः कीमतों में बढ़ोतरी या सरकारी सब्सिडी के जरिए ही भरा जा सकेगा।

महंगाई का 'ट्रिपल' अटैक

तेल की कीमतों में यह वैश्विक उछाल केवल वाहनों तक सीमित नहीं रहेगा, इसके तीन और खतरनाक प्रभाव होंगे:

ट्रांसपोर्ट: माल ढुलाई महंगी होने से हर छोटी-बड़ी चीज की कीमत बढ़ेगी।

खेती: फर्टिलाइजर उत्पादन महंगा होने से अनाज के दाम बढ़ेंगे।

मैन्युफैक्चरिंग: फैक्ट्रियों में लागत बढ़ने से सामान की कीमतें बढ़ेंगी, जिससे 1973 और 2008 जैसी वैश्विक मंदी का खतरा पैदा हो सकता है।



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