Friday, October 23, 2026

Gajab Raat Review: गहरी काली 'गजब रात' में छिपे कई काले राज, मनोज बाजपेई ने थ्रिलर में फूंकी जान

Gajab Raat Review: हम काफी समय से नीरज पांडे की फिल्म जैसी थ्रिलर का इंतजार कर रहे थे। एक ऐसी फिल्म जो एक बहुत ही साधारण सी लगने वाली कहानी से आपको बांध ले और फिर हर नए खुलासे के साथ सस्पेंस को और गहरा करती जाए। रितेश शाह के निर्देशन में बनी फिल्म 'गजब रात' (जिसका पुराना नाम 'घूसखोर पंडित' था) बिल्कुल ऐसा ही अनुभव देती है।

नीरज पांडे द्वारा प्रोड्यूस की गई यह फिल्म एक बेहतरीन मिस्ट्री थ्रिलर है, जो सिर्फ एक रात में घटती है। कहानी तब शुरू होती है जब दिल्ली की सड़कों पर एक अनजान युवती लहूलुहान और बुरी तरह घायल हालत में मिलती है और एक भ्रष्ट पुलिस अधिकारी सरकारी तंत्र की खींचतान में फंस जाता है। मनोज बाजपेयी, नुसरत भरूचा, मेघना अग्रवाल, दिव्या दत्ता, अक्षय ओबेरॉय और अन्य कलाकारों से सजी यह फिल्म चालाकी से भरी है। इसमें बीच-बीच में कॉमेडी भी है। यह शुरू से अंत तक भरपूर मनोरंजन करती है।

फिल्म की कहानी

यह कहानी लगभग पूरी तरह से एक ही रात के दौरान घटती है। इसकी शुरुआत दिल्ली के कनॉट प्लेस के बीचों-बीच एक होटल में की गई छापेमारी से होती है। इस छापेमारी का नेतृत्व अजय निर्वित (मनोज बाजपेयी) करते हैं, जो एक कुख्यात और भ्रष्ट पुलिसकर्मी हैं। दिल्ली पुलिस उन्हें 'गिरगिट' (Chameleon) कहकर बुलाती है। उनके करियर में कई बार सस्पेंशन, डिमोशन और संदिग्ध आचरण देखने को मिले हैं। और हां, उन पर औरतों के पीछे भागने (womaniser होने) का भी आरोप है।

कहानी तब और भी गंभीर हो जाती है, जब फिल्म का सीन एक ऐसी महिला पर आता है, जिसे बेहोश कर दिया गया है और वह कार की पिछली सीट पर लेटी है, जबकि उसके बगल में एक आदमी बैठा है। आधी रात को दिल्ली की लगभग सुनसान सड़कों पर जब यह गाड़ी चुपके-चुपके आगे बढ़ रही होती है तो महिला को कुछ पल के लिए होश आता है। वह दरवाजा खोलती है और चलती कार से बाहर गिर जाती है।

इससे पहले कि वह आदमी या गाड़ी में मौजूद अन्य लोग उसे वापस पकड़ पाते, पास ही चल रही किसी फिल्म स्क्रीनिंग से अचानक लोगों की भीड़ बाहर निकल आती है। खून से लथपथ और मौत से जूझ रही उस महिला को देखकर, भीड़ उसके चारों ओर जमा हो जाती है। लोग तुरंत अपने फोन निकाल लेते हैं। तस्वीरें खींची जाती हैं, वीडियो रिकॉर्ड किए जाते हैं और कुछ ही मिनटों में यह फुटेज सोशल मीडिया पर फैलने लगता है। यह घटना पूरे देश में वायरल हो जाती है, जिससे दिल्ली पुलिस को तुरंत स्थिति को संभालने (डैमेज-कंट्रोल) के लिए हरकत में आना पड़ता है।

होटल में की गई छापेमारी से बाहर निकलते ही, निर्वित को पुलिस स्टेशन से अपने एक भ्रष्ट सीनियर का फोन आता है, जो अपराध में उसका पुराना साथी भी है। वह निर्वित से उस जगह पर जाने को कहता है, जहां महिला कार से गिरी थी। साथ ही वह बड़ी सहजता से यह भी कहता है कि यह मामला निर्वित के लिए एक ऐसा मौका हो सकता है, जिससे वह इतने पैसे कमा ले कि सूरजकुंड में अपना मनपसंद घर खरीद सके।

घटनास्थल पर अजय बुरी तरह घायल और मरणासन्न हालत में पड़ी महिला को अस्पताल ले जाता है और उसकी पहचान पता करने की कोशिश शुरू कर देता है। उसी समय समाज सेविका नेहा प्रभु (जिसका किरदार श्रद्धा दास ने निभाया है) वहां पहुंचती है और जांच में शामिल होने की जिद करती है।

जैसे दो अलग-अलग पक्षों का होना ही काफी नहीं था, तभी एक तीसरा व्यक्ति भी मैदान में आ जाता है। अक्षय ओबेरॉय द्वारा निभाया गया नवीन मधोक किरदार। वह खुद को CBI का अधिकारी बताकर वहां पहुंचता है। यह वही आदमी है जो चलती गाड़ी से महिला के गिरने से कुछ पल पहले उसके बगल में बैठा था। मधोक निर्वित को बताता है कि घायल महिला नतालिया वाडोगोवा नाम की एक रूसी नागरिक है और दावा करता है कि वह एक ड्रग लॉर्ड से जुड़ी जासूस है। वह अजय से यह केस उसे सौंपने के लिए कहता है।

अजय, जो अपनी जिद पर अड़ा रहने वाला इंसान है और शायद स्वभाव से ही किसी ऐसे व्यक्ति पर शक करता है जो उससे केस का कंट्रोल छीनने की कोशिश करे, वह ऐसा करने से मना कर देता है।

'गजब रात' की कहानी इसी छोटे से लगने वाले घटनाक्रम से आगे बढ़ती है। इसमें एक ऐसे अधिकारी की कहानी दिखाई गई है, जिसके नैतिक उसूल काफी संदिग्ध हैं। वह सिस्टम की गहरी सड़ांध के नीचे दबी एक बड़ी साजिश का पर्दाफाश करने की कोशिश करता है। एंड में निर्वित खुद को बचाने का रास्ता चुनता है, अपना फायदा देखता है, या फिर सही काम करता है—यह फैसला फिल्म दर्शकों पर छोड़ देती है।

फिल्म का निर्देशन

दिलचस्प बात यह है कि रितेश शाह ने नीरज पांडे की फिल्म ने कुछ जाना-पहचाना जॉनर को लिया है और उन्हें अपनी कहानी में इस तरह पिरोया है कि फिल्म सिर्फ उनकी नकल बनकर नहीं रह जाती। इसमें अफसरशाही के दांव-पेच हैं, ऐसे अधिकारी हैं, जिनके नैतिक उसूल हालात के हिसाब से बदल जाते हैं, अलग-अलग दफ्तरों के बीच तेजी से होती हलचल है, तनावपूर्ण पलों के बीच छिपे तीखे मजाक हैं। एक ऐसा अहसास है कि हर किरदार जितना बता रहा है, उससे कहीं ज्यादा जानता है। शाह ने इन जानी-पहचानी चीज़ों को अपनी समझ के साथ मिलाया है, जिससे एक आम सी लगने वाली मिस्ट्री फिल्म को एक अलग पहचान मिलती है और इसकी गहराई भी बनी रहती है।

विज़ुअल के मामले में भी 'गजब रात' एक बेहतरीन काम है। कई सीन्स को बहुत खूबसूरती से फिल्माया गया है। भले ही फिल्म का ज्यादातर हिस्सा रात के समय का है, फिर भी स्क्रीन पर सब कुछ साफ और अच्छी तरह से दिखता है। यह सुनने में एक मामूली बात लग सकती है, लेकिन इस तरह की फिल्मों में यह बहुत मायने रखती है, जहां अक्सर 'डार्क' सिनेमैटोग्राफी का मतलब सचमुच का अंधेरा हो जाता है और दर्शकों को 'माहौल' बनाने के नाम पर स्क्रीन को घूरने के लिए मजबूर होना पड़ता है। यहां रात के सीन्स के रंग-ढंग कहानी के रहस्य को और बढ़ाते हैं, बिना कुछ छिपाए।

फिल्म का स्क्रीनप्ले

इसकी स्क्रीनप्ले को बहुत ही बारीकी और सफाई से लिखा गया है। भले ही कहानी कभी-कभी घिसे-पिटे फॉर्मूलों के करीब पहुंचती है, लेकिन इसे जिस तरह से पेश किया गया है वह दर्शकों को बांधे रखता है। फिल्म में कोई भी सीन इतना लंबा नहीं खिंचता कि वह उबाऊ लगने लगे। जानकारी को बहुत सोच-समझकर धीरे-धीरे सामने लाया जाता है, बातचीत के पीछे अक्सर कोई छिपा हुआ मकसद होता है और हर नया घटनाक्रम किरदारों के बारे में हमारी समझ को थोड़ा बदल देता है।

एक्टर्स का काम

अभिनय की बात करें तो मनोज बाजपेयी ने हमेशा की तरह 'अजय निर्वित' के किरदार को बहुत बारीकी और गहराई से निभाया है। उन्होंने पिछले कुछ सालों में कई बार पुलिस वाले का रोल किया है, लेकिन यहां उनके काम करने के तरीके में इतना नयापन है कि यह किरदार बिल्कुल भी पुराना या दोहराया हुआ नहीं लगता। वे निर्वित की चालाकी और भ्रष्टाचार को उतनी ही खूबी से दिखाते हैं, जितनी खूबी से वे उसके दयालु और संवेदनशील पहलू को सामने लाते हैं। उनकी एक तिरछी नजर, एक थका हुआ ठहराव या आवाज में अचानक आया बदलाव ही यह बताने के लिए काफी होता है कि अजय का कौन सा रूप इस समय सामने आया है।

एक और बेहतरीन परफॉरमेंस नुसरत भरूचा की है, जिन्होंने 'रोजी' का किरदार निभाया है। वह एक एस्कॉर्ट है जिसे होटल में हुई रेड के दौरान पकड़ा जाता है, लेकिन अजय उसे इस शर्त पर छोड़ देता है कि वह रात में उससे दोबारा मिल सकेगी। दिलचस्प बात यह है कि मुख्य रहस्य (मिस्ट्री) से रोजी का कोई सीधा लेना-देना नहीं है, फिर भी अजय के साथ उसकी बातचीत फिल्म के सबसे मजेदार हिस्सों में से एक बन जाती है।

दिव्या दत्ता का भी विशेष जिक्र होना चाहिए, जिन्होंने एक बार फिर ऐसे किरदार को अपनाया है जो उनकी आम छवि से बिल्कुल अलग है और उन्होंने इसे पूरी तरह से अपना बना लिया है। श्रद्धा दास, मेघना अग्रवाल, धीरू भोजवानी, सत्येन चतुर्वेदी, अक्षय ओबेरॉय, आलोक पांडे, कीकू शारदा, लीना शर्मा और बाकी सभी कलाकारों ने अपने-अपने किरदारों को बहुत अच्छे से निभाया है।

'गजब रात' यह समझती है कि एक बेहतरीन थ्रिलर के लिए हमेशा किसी बहुत बड़ी साजिश की जरूरत नहीं होती। कभी-कभी बस एक धुंधली रात, एक घायल अजनबी, कुछ ऐसे लोग जिनकी अपनी मजबूरियां या राज हैं और ऐसे परस्पर विरोधी हित काफी होते हैं, जो सच को किसी प्रतिबंधित वस्तु जैसा बना देते हैं। हो सकता है कि हर मोड़ आपको चौंका न दे या हर घटना एकदम नई न लगे, लेकिन फिल्म को यह बखूबी पता है कि कहानी की रफ्तार कैसे बनाए रखनी है। सुबह होने तक 'गजब रात' अपनी बात बहुत असरदार ढंग से कह देती है—एक ऐसे सिस्टम में जहां लगभग हर किसी की एक कीमत है, असली रहस्य यह नहीं है कि कौन भ्रष्ट है, बल्कि यह है कि किसे अभी भी याद है कि लक्ष्मण रेखा कहां खींचनी है। फिल्म को हम 3.5 रोटिंग देते हैं।



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Thursday, October 22, 2026

Market Outlook : लगातार तीसरे सेशन में गिरावट के साथ बंद हुए सेंसेक्स-निफ्टी, जानिए 23 अक्टूबर को कैसी रह सकती है इनकी चाल

Market Outlook : 22 अक्टूबर को भारतीय इक्विटी इंडेक्स लगातार तीसरे कारोबारी सत्र में गिरावट के साथ बंद हुए। निफ्टी 22,700 के नीचे फिसल गया। कारोबार के अंत में सेंसेक्स 460.30 अंक यानी 0.62 प्रतिशत की गिरावट के साथ 73,249.39 पर बंद हुआ और निफ्टी 123.70 अंक यानी 0.54 प्रतिशत की गिरावट के साथ 22,687.65 पर बंद हुआ। आज लगभग 1323 शेयरों में तेजी आई, 2670 शेयरों में गिरावट दर्ज की गई, जबकि 155 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ।

निफ्टी में सबसे ज्यादा गिरावट वाले शेयरों में नेस्ले इंडिया,टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स,एचडीएफसी लाइफ,टेक महिंद्रा और रिलायंस इंडस्ट्रीज शामिल रहे। जबकि तेजी दिखाने वाले शेयरों में बजाज फाइनेंस,सिप्ला,एसबीआई,बजाज ऑटो और आईसीआईसीआई बैंक शामिल रहे।

सभी सेक्टोरल सूचकांक गिरावट के साथ बंद हुए। ऑटो,कंज्यूमर ड्यूरेबल,ऑयल एंड गैस,इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी,एनर्जी और एफएमसीजी (FMCG) सूचकांकों में 0.5 से 1.7 प्रतिशत की गिरावट आई,जबकि मीडिया सूचकांक 2.3 प्रतिशत नीचे आ गया। निफ्टी मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में 1-1 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।

LKP सिक्योरिटीज में टेक्निकल एनालिस्ट वत्सल भुवा का कहना है कि CAS सेशन के बाद निफ्टी अपने 200-WMA के ऊपर बंद होने में कामयाब रहा। हालांकि,ओवरऑल सेंटीमेंट और प्राइस स्ट्रक्चर अभी भी कमजोर बने हुए हैं।

इंडेक्स को अपने 20-DMA के पास भारी बिकवाली का सामना करना पड़ा और यह इस अहम रेजिस्टेंस जोन के ऊपर टिक नहीं पाया। अगर निफ्टी 22,600 और अपने 200-WMA के नीचे बंद होता है तो 'मीन रिवर्जन रैली'के दौरान बनाई गई लॉन्ग पोजीशन की समीक्षा कर लेनी चाहिए।

ऊपर की तरफ, निफ्टी के लिए तत्काल रेजिस्टेंस 22,800 (20-DMA ज़ोन) और 23,000 पर है, जबकि 22,600 एक अहम सपोर्ट बना हुआ है। ऐसे में सतर्क रहकर और लेवल्स को ध्यान में रखकर ट्रेडिंग करने की सलाह होगी।

रेलिगेयर ब्रोकिंग में एसवीपी -रिसर्च अजीत मिश्रा का कहना है कि गुरुवार को बाजार दबाव में रहे और कच्चे तेल की ऊंची कीमतों तथा बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के बीच लगातार तीसरे सत्र में भी गिरावट दर्ज की गई। निचले स्तर पर खुलने के बाद,इंडेक्स में उतार-चढ़ाव देखने को मिला। निचले स्तरों से बीच-बीच में हुई खरीदारी से केवल थोड़ी ही राहत मिल सकी। नतीजतन, निफ्टी में आधे प्रतिशत से अधिक की गिरावट आई। यह बाजार में बने कमजोर सेंटीमेंट का संकेत है।

सेक्टर के नजरिए से देखें तो बिकवाली काफी व्यापक रही। FMCG, IT और एनर्जी सेक्टर सबसे ज्यादा कमजोर रहे। ब्रॉडर मार्केट्स का प्रदर्शन भी कमजोर बना रहा। मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स में लगभग 1% की गिरावट आई। बाजार के सभी पॉकेट्स में लगातार बनी कमजोरी यह दिखाती है कि निवेशकों में जोखिम लेने को लेकर काफी हिचकिचाहट है और दिग्गज शेयरों के अलावा अन्य शेयरों में भी लगातार बिकवाली का दबाव बना हुआ है।

ग्लोबल और घरेलू मैक्रो इकोनॉमिक दिक्कतों का असर बाजार का मूड खराब किए हुए है । मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के कारण ब्रेंट क्रूड की कीमत बढ़कर 113 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गई है। इससे महंगाई और कॉरपोरेट मार्जिन से जुड़ी चिंताएं बढ़ गई हैं। हाल की घटनाओं ने ब्याज दरों के भविष्य को लेकर अनिश्चितता और बढ़ा दी है, जबकि ग्लोबल स्तर पर मिले-जुले संकेतों और विदेशी फंड की लगातार निकासी ने जोखिम लेने की इच्छा को कमजोर कर दिया है।

इंडेक्स की बात करें तो निफ्टी में लगातार बनी कमजोरी ने इसमें नियर टर्म आउटलुक को और कमजोर कर दिया है। इसके लिए 22,200–22,400 का दायरा एक अहम सपोर्ट जोन बना हुआ है, जबकि 22,900 का स्तर तत्काल रेजिस्टेंस का काम कर सकता है। बाजार के सेंटीमेंट को बेहतर बनाने और एक ठोस रिकवरी का संकेत देने के लिए निफ्टी के इस स्तर के ऊपर टिके रहना होगा। कच्चे तेल की ऊंची कीमतों, भू-राजनीतिक अनिश्चितता और ब्रॉडर मार्केट में लगातार बनी कमजोरी को देखते हुए,निवेशकों को सतर्क रहना चाहिए, चुनिंदा शेयरों में मौकों पर ध्यान देना चाहिए और रिस्क मैनेजमेंट का पालन करना चाहिए।

इक्विरस वेल्थ में मैनेजिंग डायरेक्टर अंकुर पुंज का कहना है कि बाजार में बाहरी कारणों की वजह से गिरावट का दौर जारी रहा। पश्चिम एशिया में संघर्ष बढ़ने से कच्चे तेल की कीमतें 110 डॉलर प्रति बैरल के पार चली गईं, जिसके चलते घरेलू शेयर बाजारों में फिर से बिकवाली का दबाव देखने को मिला। एशियाई और यूरोपीय बाजारों से मिले कमजोर संकेतों और डॉलर के मुकाबले रुपये में आई भारी गिरावट ने बाजार के सेंटीमेंट को और खराब कर दिया। हालांकि अब तक कंपनियों  के नतीजे मिले-जुले रहे हैं, लेकिन कच्चे तेल की ऊंची कीमतों के कारण महंगाई बढ़ने की चिंता और FIIs की ओर से हो रही लगातार बिकवाली निवेशकों का  रुझान सुरक्षित माने जाने वाले डॉलर एसेट्स की ओर बढ़ा सकती है।

 

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Wednesday, October 21, 2026

Jio Platforms IPO: पहले ही दिन तीन गुना सब्सक्राइब हुआ इश्यू, जानिए लेटेस्ट GMP समेत पूरी डिटेल

Jio Platforms IPO: रिलायंस ग्रुप के Jio Platforms के IPO को पहले ही दिन तगड़ा रिस्पॉन्स मिला। NSE के आंकड़ों के मुताबिक, सुबह 10:36 बजे तक ही इश्यू पूरा सब्सक्राइब हो गया था। यानी निवेशकों ने ऑफर किए गए सभी शेयरों के बराबर बोलियां लगा दी थीं।

क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) की कैटेगरी में सबसे ज्यादा दिलचस्पी दिखी। यह हिस्सा 7.47 गुना सब्सक्राइब हुआ। वहीं, नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) की कैटेगरी में 1.33 गुना बोलियां मिलीं। रिटेल निवेशकों की तरफ से 60% सब्सक्रिप्शन आया था। Jio Platforms का IPO 23 अक्टूबर तक सब्सक्रिप्शन के लिए खुला रहेगा।

NSE के आंकड़ों के मुताबिक, दोपहर 3:12 बजे तक IPO कुल 2.52 गुना सब्सक्राइब हो चुका था। इश्यू में 19.75 करोड़ शेयर ऑफर किए गए हैं। इनके मुकाबले 49.74 करोड़ शेयरों के लिए बोलियां मिल चुकी थीं।

Jio IPO का GMP कितना है?

ग्रे मार्केट में भी Jio Platforms के शेयरों को लेकर अच्छी हलचल दिख रही है। IPO पर नजर रखने वाले प्लेटफॉर्म के मुताबिक, अनिलिस्टेड शेयरों का GMP 24% से ज्यादा था।

Investorgain के अनुसार, शेयरों का ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) ₹273 था। इस हिसाब से संभावित लिस्टिंग गेन करीब 24.4% बैठता है। हालांकि, GMP के आधार पर लिस्टिंग पर होने वाले मुनाफे की गारंटी नहीं मिलती।

बड़े विदेशी और घरेलू निवेशकों ने भी लगाया पैसा

इससे पहले 19 अक्टूबर को कंपनी ने Jio Platforms निवेशकों से ₹8,109.84 करोड़ जुटाए थे। इसमें कुल 212 एंकर निवेशकों ने हिस्सा लिया। एंकर निवेशकों में कई बड़े विदेशी सॉवरेन वेल्थ फंड और पेंशन फंड हैं। इनमें सिंगापुर का GIC, Norges Bank Investment Management, Abu Dhabi Investment Authority, Qatar Investment Authority और PSP Investments शामिल हैं।

घरेलू संस्थागत निवेशकों ने भी इस IPO में पैसा लगाया। इनमें SBI Mutual Fund, ICICI Prudential, HDFC Mutual Fund, Aditya Birla Sun Life, Nippon India और Kotak Mahindra Mutual Fund शामिल हैं।

कितना है प्राइस बैंड और कब होगी लिस्टिंग?

Jio Platforms ने IPO का प्राइस बैंड ₹1,065 से ₹1,119 प्रति शेयर तय किया है। इस इश्यू में अधिकतम 27 करोड़ नए शेयर जारी किए जाएंगे।

शेयरों का अलॉटमेंट 26 अक्टूबर तक फाइनल होने की संभावना है। इसके बाद कंपनी के शेयर 28 अक्टूबर को BSE और NSE पर लिस्ट हो सकते हैं।

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Disclaimer: मनीकंट्रोल, नेटवर्क18 ग्रुप का हिस्सा है। नेटवर्क18 का नियंत्रण इंडिपेंडेट मीडिया ट्रस्ट करता है, जिसकी एकमात्र लाभार्थी रिलायंस इंडस्ट्रीज है।



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आईटी शेयरों पर नहीं पड़ा गिरावट का असर, निफ्टी आईटी इंडेक्स में जोरदार तेजी

शेयर बाजारों में आज शुरुआती तेजी के बाद गिरावट आई। लेकिन, आईटी शेयरों की चमक फीकी नहीं हुई। आईटी कंपनियों के शेयर अच्छी तेजी के साथ बंद हुए। सबसे ज्यादा तेजी एलएंडटी टेक्नोलॉजी सर्विसेज के शेयर में आई।निफ्टी आईटी इंडेक्स तेजी के साथ बंद होने वाला निफ्टी का अकेला इंडेक्स रहा। निफ्टी और सेंसेक्स लाल निशान में बंद हुए। निफ्टी 0.34 फीसदी यानी 77 अंक गिरकर 22,811 पर बंद हुआ। सेंसेक्स 0.91 फीसदी यानी 143 अंक गिरकर बंद हुआ।

इन आईटी शेयरों में सबसे ज्यादा तेजी

L&T Technology का शेयर 10 फीसदी से ज्यादा चढ़कर बंद हुआ। विप्रो का शेयर 3.86 फीसदी चढ़कर 189.17 रुपये पर बंद हुआ। इंफोसिस का शेयर 3.30 फीसदी की तेजी के साथ 1.168 रुपये पर बंद हुआ। एम्फैसिस का शेयर 3 फीसदी के उछाल के साथ 2,575 रुपये पर बंद हुआ। टीसीएस का शेयर 2.77 फीसदी के उछाल के साथ 2,529 पर क्लोज हुआ। एचसीएल टेक में 3.21 फीसदी की तेजी आई।

सितंबर तिमाही के नतीजों से बदला सेंटीमेंट

अब तक आए आईटी कंपनियों के सितंबर तिमाही के नतीजों से आगे स्थितियां बेहतर होने की उम्मीद दिखी है। इसके आईटी शेयरों को लेकर सेंटीमेंट पॉजिटिव हुआ है। टीसीएस और एचसीएल टेक्नोलॉजी जैसी दिग्गज आईटी कंपनियों के नतीजें उम्मीद से बेहतर रहे। हालांकि, वैश्विक स्थितियां अब भी चिंताजनक बनी हुई हैं। क्रूड की कीमतें हाई लेवल पर बनी हुई है। अमेरिका में बॉन्ड यील्ड हाई लेवल पर है। फॉरेन इनवेस्टर्स भारतीय शेयर बाजार में बिकवाली कर रहे हैं।

इन दो शेयरों में अच्छा रिस्क-रिवॉर्ड

इस बीच, जेफरीज ने दो आईटी स्टॉक्स के अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद जताई है। Jefferies ने 21 अक्तूबर को अपनी रिपोर्ट में कहा है कि Infosys और Sagility ऐसे दो आईटी स्टॉक्स हैं, जिनमें अच्छा रिस्क-रिवॉर्ड दिख रहा है। उसने यह भी कहा है कि इंफोसिस और टीसीएस ऐसे दो लार्जकैप आईटी स्टॉक्स हैं, जिनमें रीरेटिंग की संभावना दिख रही है। विदेशी ब्रोकरेज फर्म ने इंफोसिस के शेयर पर 'होल्ड' की अपनी रेटिंग बनाए रखी है।

यह भी पढ़ें: Eternal Q2 Results: जोमैटो की पैरेंट कंपनी का मुनाफा 92% बढ़ा, रेवेन्यू ₹24138 करोड़ तक पहुंचा

इन शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट 

सबसे ज्यादा गिरावट निफ्टी मेटल, निफ्टी प्राइवेट बैंक और निफ्टी ऑटो इंडेक्स में देखने को मिली। सबसे ज्यादा गिरने वाले शेयरों में एबीबी इंडिया (5.94 फीसदी), सीमेंस (5.59 फीसदी), वोडाफोन आइडिया (5.21 फीसदी), वेदांता एल्युमीनियम (4.21 फीसदी) और सीजी पावर (3.98 फीसदी) शामिल रहे।

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Tuesday, October 20, 2026

OYO का अब आईपीओ में सिर्फ 3350 करोड़ रुपये के नए शेयर इश्यू करने का प्लान, जानिए वजह

ओयो की पेरेंट कंपनी प्रिज्म अपने प्रस्तावित आईपीओ में अपने नए शेयरों की संख्या घटाकर आधी करना चाहती है। पहले वह आईपीओ में 6,650 करोड़ रुपये के नए शेयर इश्यू करने वाली थी। अब वह 3,350 करोड़ रुपये के नए शेयर जारी करने के बारे में सोच रही है। सूत्रों ने मंगलवार को यह बताया।

स्ट्रॉन्ग कैश जेनरेशन की वजह से कंपनी ने बदला प्लान

इस मामले की जानकारी रखने वाले लोगों ने पीटीआई को बताया कि स्ट्रॉन्ग कैश जेनरेशन की वजह से प्रिज्म इश्यू का साइज घटाना चाहती है। कंपनी का कैश जेनरेशन स्ट्रॉन्ग बना हुआ है। बैलेंसशीट भी स्ट्रॉन्ग है। इससे कंपनी को अब पहले के मुकाबले कम कैपिटल की जरूरत है।

पहले कंपनी को ज्यादा पूंजी की जरूरत थी 

एक सूत्र ने बताया कि कंपनी ने जब आईपीओ का प्लान बनाया था तब उसे ज्यादा पूंजी की जरूरत थी। लेकिन, हाल में बेहतर फाइनेंशियल परफॉर्मेंस के बाद अब कंपनी को कम पूंजी की जरूरत है। सूत्र ने बताया कि कंपनी अब उतनी ही पूंजी जुटाना चाहती है, जितनी उसकी जरूरत है। कंपनी का प्लान अगले दो से तीन साल में कर्ज चुकाने का है।

पहले कंपनी का प्लान 6650 करोड़ जुटाने का था

OYO ने पहले आईपीओ से 6,650 करोड़ रुपये जुटाने का प्लान बनाया था। इसमें से कंपनी 5,000 करोड़ रुपये का इस्तेमाल कर्ज चुकाने के लिए करने वाली थी। आईपीओ के रिवाइज्ड स्ट्रक्चर के मुताबिक, कंपनी इश्यू से आने वाले ज्यादातर पैसे का इस्तेमाल कर्ज चुकाने के लिए करेगी।

मूडीज ने पेरेंट कंपनी प्रिज्म का आउटलुक बदला

रेटिंग एजेंसी मूडीज रेटिंग्स ने प्रिज्म के आउटलुक को 'स्टेबल' से बदलकर 'पॉजिटिव' कर दिया है। उसने इस बी2 कॉर्पोरेट फैमिली रेटिंग भी दी है। मूडीज ने कहा है कि उसे अगले 12-18 महीनों में ओयो की एबिड्टा बढ़कर करीब 3,000 करोड़ रुपये पहुंच जाने की उम्मीद है। FY26 में कंपनी का EBITDA दोगुना यानी 2,630 करोड़ रुपये हो गया। FY25 में यह 1,080 करोड़ रुपये था।

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ओयो में सॉफ्टबैंक की सब्सिडियरी की सबसे ज्यादा हिस्सेदारी

ओयो की शुरुआत 2013 में हुई थी। रीतेश अग्रवाल इसके फाउंडर हैं। उनकी इस कंपनी में 30.52 फीसदी हिस्सेदारी है। इस कंपनी में सबसे ज्यादा करीब 40 फीसदी हिस्सेदारी एसवीएफ इंडिया होल्डिंग्स (केमैन) की है, जो सॉफ्टबैंक ग्रुप कॉर्प की सब्सिडियरी है।



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Retirement Planning: सुकन्या समृद्धि, पीपीएफ और SIP में मंथली ₹10000 इनवेस्ट करने से कितना बड़ा फंड बनेगा? समझें पूरा कैलकुलेशन

रिटायरमेंट प्लानिंग जल्द करने के कई फायदे हैं। निवेश के लिए ज्यादा समय मिलता है। पैसे को बढ़ने के लिए भी पर्याप्त समय मिल जाता है। करियर की शुरुआत में व्यक्ति पर आर्थिक जिम्मेदारी कम होती है। इससे निवेश करने में दिक्कत नहीं आती है। सवाल है कि अगर 40 साल का कोई व्यक्ति अगले 15 साल के लिए निवेश करना चाहता है तो उसके लिए बेस्ट इनवेस्टमेंट ऑप्शन क्या होगा?

15 साल में निवेश से बनेगा बड़ा फंड

एक्सपर्ट्स का कहना है कि 15 साल का पीरियड निवेश के लिए अच्छा है। अगर हर महीने 10000 रुपये का निवेश 15 साल तक किया जाए तो अच्छा फंड तैयार हो सकता है। लंबी अवधि के निवेश के लिए कुछ अच्छे विकल्प हैं। इनमें पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF), सुकन्या समृद्धि योजना (SSY) और म्यूचुअल फंड की इक्विटी स्कीम में SIP शामिल हैं।

पीपीएफ और SSY सरकारी की स्कीम

पीपीएफ और एसएसवाय सरकारी की स्कीम हैं। ये फिक्स्ड रिटर्न स्कीम हैं। इसका मतलब है कि निवेश से पहले आपको अंदाजा मिल जाता है कि किसी खास अवधि तक निवेश करने के बाद आपके लिए कितना बड़ा फंड तैयार होगा। सरकार की स्कीम होने की वजह से यह पूरी तरह सुरक्षित हैं। इनमें पैसा डूबने का डर ना के बराबर है। इसके अलावा इनके रिटर्न पर शेयर बाजार के उतार-चढ़ाव का कोई असर नहीं पड़ता है।

SIP से मंथली निवेश करने में रिस्क

म्यूचुअल फंड की इक्विटी स्कीम में SIP उन लोगों के लिए सही है, जो निवेश पर रिस्क ले सकते हैं। इसकी वजह यह है कि म्यूचुअल फंड की इक्विटी स्कीम सिप से हर महीने निवेश के पैसे को शेयर बाजार में लगाती है। इसलिए स्कीम के रिटर्न पर शेयर बाजार के प्रदर्शन का सीधा असर पड़ता है। शेयर बाजार का प्रदर्शन अच्छा रहने पर ज्यादा रिटर्न मिलता है, जबकि प्रदर्शन खराब होने पर रिटर्न भी कम रह सकता है।

एसएसवाय में निवेश का पीरियड 15 साल

अब हम देखेंगे कि तीनों इनवेस्टमेंट ऑप्शंस में मंथली 10,000 रुपये के निवेश से 15 साल में कितना बड़ा फंड तैयार होता है। सबसे पहले हम SSY का उदाहरण लेते हैं। यह स्कीम उन लोगों के लिए है, जिनकी बेटियां हैं। माता-पिता मैक्सिमम दो बेटियों के नाम से सुकन्या समृद्धि अकाउंट ओपन कर सकते हैं। एक बेटी के नाम से सिर्फ एक अकाउंट ओपन होगा। बेटी की उम्र 10 साल से ज्यादा नहीं होनी चाहिए।

एसएसवाय का इंटरेस्ट रेट सालाना 8.2 फीसदी

सुकन्या समृद्धि स्कीम का इंटरेस्ट रेट 8.2 फीसदी है। इस स्कीम में सिर्फ 15 साल तक निवेश करना होता है। अकाउंट ओपन करने के 21 साल बाद स्कीम मैच्योर हो जाती है। इसका मतलब है कि अगर बेटी की उम्र अभी 5 साल है तो मंथली 10,000 रुपये 15 साल तक निवेश करने पर साल 2047 तक करीब 55,42,062 लाख रुपये का फंड तैयार हो जाएगा। इसमें 15 साल में कुल निवेश 18,00,000 रुपये होगा। इस पर आपको 37,42,062 रुपये का इंटरेस्ट मिलेगा। मैच्योरिटी अमाउंट पर टैक्स नहीं लगेगा।

retirement table

पीपीएफ का इंटरेस्ट रेट सालाना 7.1 फीसदी 

PPF की स्कीम 15 साल में मैच्योर हो जाती है। इसका इंटरेस्ट रेट अभी 7.1 फीसदी है। इस तरह आप 15 साल में कुल 18,00,000 रुपये निवेश करेंगे। इस पर आपको कुल 14,54,567 रुपये का इंटरेस्ट मिलेगा। कुल मिलाकर 15 साल बाद आपको कुल 32,54,567 लाख रुपये मिलेंगे। इस पैसे पर आपको कोई टैक्स नहीं चुकाना होगा। अगर आप इनकम टैक्स की ओल्ड रीजीम का इस्तेमाल करते हैं तो आप निवेश के पैसे पर डिडक्शंस क्लेम कर सकते हैं।

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सिप से निवेश करने में बनेगा सबसे बड़ा फंड

म्यूचुअल फंड की इक्विटी स्कीम में मंथली 10000 रुपये का निवेश करने पर कुल 47,59,314 रुपये का फंड बनेगा। इस कैलकुलेशन में सालाना 12 फीसदी रिटर्न माना गया है। इसका मतलब है कि 15 साल में आपका 18 लाख रुपये का निवेश कंपाउंडिंग की वजह से 29,59,314 रुपये का रिटर्न जेनरेट करता है। लेकिन, ध्यान देने वाली बात यह है कि इस पैसे पर आपको कैपिटल गेंस टैक्स चुकाना होगा। लॉन्ग टर्म कैपिटल गेंस का रेट 12.5 फीसदी है। इस रेट से कुल 5,94,914.25 रुपये टैक्स लगेगा। इसके बावजूद 15 साल का रिटर्न पीपीएफ और सुकन्या समृद्धि योजना से ज्यादा है।



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Monday, October 19, 2026

Suryaa Teaser: डॉक्टर प्रिस्क्रिप्शन नहीं लिखते कमीशन लिखते हैं..., सनी देओल की 'सूर्या' का टीजर हुआ रिलीज

Suryaa Teaser: सनी देओल एक गंभीर मुद्दे पर आधारित फिल्म के साथ बड़े पर्दे पर वापसी करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। 'सूर्या अंत से आरंभ तक' के टीजर में अभिनेता एक बिल्कुल अलग स्थिति में नजर आते हैं, जहां उनका किरदार एक ऐसी निजी से गुजरता है जो उनकी जिंदगी ही बदल देती है। इस फिल्म में रवि किशन और सौम्या टंडन भी अहम भूमिकाओं में हैं।

'सूर्या' में सनी एक पुलिस अधिकारी की भूमिका निभा रहे हैं, जो अपने परिवार के साथ एक खुशहाल जिंदगी जी रहे हैं। लेकिन उनकी बेटी की मौत के बाद सब कुछ बदल जाता है। इस हादसे को स्वीकार न कर पाने के कारण, वह खुद मामले की छानबीन शुरू करते हैं और मेडिकल सिस्टम से जुड़ी कुछ चौंकाने वाली बातें सामने आती हैं।

टीजर में सनी मरीजों के इलाज के तरीकों और उनसे इलाज के नाम पर वसूले जाने वाले पैसों पर सवाल उठाते दिखते हैं। वह इस बात का भी जिक्र करते हैं कि लोग डॉक्टरों पर अपनी जान तक का भरोसा करते हैं, लेकिन जब यह भरोसा टूटता है तो उन्हें गहरा धक्का लगता है। एक सीन में वह कहते हैं- "इंसान डॉक्टरों को भगवान मानता है और अपनी जान उनके हाथों में सौंप देता है। लेकिन अगर वही डॉक्टर उनका भरोसा तोड़ दें तो वह इंसान क्या करेगा?"

उनका किरदार इस बात पर भी सवाल उठाता है कि कैसे डॉक्टर छोटी-मोटी स्वास्थ्य समस्याओं के लिए भी मरीजों को कई तरह के टेस्ट करवाने के लिए कह देते हैं। वह कहते हैं- "वहां डॉक्टर प्रिस्क्रिप्शन नहीं लिखते बल्कि अपना कमीशन लिखते हैं। लोग इसे बर्दाश्त कर रहे हैं.... लेकिन कब तक?"

सनी ने इंस्टाग्राम पर टीजर शेयर करते हुए लोगों से सतर्क रहने और कुछ भी गलत होने पर आवाज उठाने की अपील की। उन्होंने लिखा- "उन्हें लगा कि यह उसका अंत है। लेकिन 'सूर्या' के लिए, यह तो बस शुरुआत थी। आज 'सूर्या' का टीजर आप सभी के नाम... देखिए... सोचिए। सतर्क रहिए और अगर कुछ गलत हो तो लड़िए! कमल मुकुट की फिल्म SURYAA - अंत से आरंभ तक, 20 नवंबर 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होगी।"

टीजर में रवि किशन और सौम्या टंडन की भी झलक देखने को मिलती है। यह फिल्म सच्ची घटनाओं पर आधारित है। 20 नवंबर 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होगी। एम. पद्मकुमार द्वारा निर्देशित 'सूर्या' के साथ वे हिंदी सिनेमा में बतौर निर्देशक अपनी शुरुआत कर रहे हैं।

कमल मुकुट द्वारा निर्मित यह फिल्म 2018 की मलयालम फिल्म 'जोसेफ' का रीमेक बताई जा रही है। मूल फिल्म में जोजू जॉर्ज ने एक रिटायर्ड पुलिस अधिकारी की भूमिका निभाई थी, जो एक मर्डर केस की जांच में फंस जाता है। इस जांच के दौरान उसके अपने अतीत से जुड़े कुछ मुश्किल सवाल सामने आते हैं। दिलचस्प बात यह है कि मलयालम फिल्म का निर्देशन भी पद्मकुमार ने ही किया था।

सनी और रवि के अलावा फिल्म की कास्ट में प्रज्ञा जायसवाल, टीनू आनंद, मनीष वाधवा, जिशु सेनगुप्ता, तनुश्री चक्रवर्ती, विरती वघानी, सिद्धार्थ शर्मा, रोहित तिवारी, अनूप त्रिवेदी, खालिद सिद्दीकी, दिवंगत पंकज धीर और बीना काक जैसे कलाकार शामिल हैं।



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