Friday, October 16, 2026

Nayyi Navelli: ‘नई नवेली’ में यामी गौतम धर का दमदार एक्शन और कॉमिक अंदाज छाया, दर्शकों ने बांधे तारीफों के पुल

Nayyi Navelli: अमेजन MGM स्टूडियोज और कलर येलो की फिल्म ‘नई नवेली’ 16 अक्टूबर को दशहरे के खास मौके पर सिनेमाघरों में रिलीज हो गई है। यह फिल्म दर्शकों के लिए एक अनोखी फैंटेसी और पारिवारिक मनोरंजन का अनुभव लेकर आई है। फिल्म देखने के बाद दर्शक इसकी कहानी, कलाकारों की अदाकारी, कॉमिक और दमदार एक्शन की तारीफ कर रहे हैं। खास तौर पर यामी गौतम धर के अभिनय ने दर्शकों का ध्यान खींचा है।

फिल्म देखने के बाद एक दर्शक ने यामी गौतम धर के किरदार की तारीफ करते हुए कहा- “फिल्म के निर्देशक और मेकर्स ने यामी गौतम को एक ऐसी नायिका के रूप में पेश किया है, जो सिर्फ अच्छी बातें नहीं करतीं, बल्कि अपने पति को बचाने के लिए भी आगे आती हैं। उनका यह अंदाज काफी अच्छा लगा।”

वहीं एक अन्य दर्शक ने यामी के एक्शन अवतार की सराहना करते हुए कहा, “इस फिल्म में यामी गौतम सिर्फ एक अभिनेत्री के तौर पर ही नहीं, बल्कि एक दमदार एक्शन परफॉर्मर के रूप में भी नजर आती हैं। उन्होंने एक्शन सीन्स को बेहद शानदार और प्रभावशाली तरीके से निभाया है।”

एक अन्य दर्शक ने फिल्म में यामी की कॉमिक टाइमिंग की तारीफ करते हुए कहा, “‘नई नवेली’ में हमें कुछ अलग देखने को मिला। यामी गौतम की कॉमिक टाइमिंग और उनकी अदाकारी कमाल की है।” जबकि एक दर्शक ने फिल्म के कॉमेडी, डायलॉग्स और कास्टिंग की तारीफ करते हुए कहा, “फिल्म का ह्यूमर, वन-लाइनर्स और कास्टिंग काफी अच्छी है। कहानी भी नई और अलग है, जो दर्शकों को कुछ नया देखने का मौका देती है। भक्ति और कॉमेडी का ऐसा मेल फिल्मों में कम ही देखने को मिलता है। यह एक बेहतरीन फिल्म है।”

इन प्रतिक्रियाओं से साफ है कि ‘नई नवेली’ में फैंटेसी, कॉमेडी, एक्शन और पारिवारिक मनोरंजन का अनोखा मेल दर्शकों को पसंद आ रहा है। यामी गौतम धर का दमदार और अलग अंदाज फिल्म की खासियत बनकर उभरा है।

फिल्म का निर्देशन बालाजी मोहन ने किया है, जबकि इसकी कहानी हिमांशु शर्मा और दिव्य निधि शर्मा ने लिखी है। फिल्म में यामी गौतम धर के साथ अड्डिनाथ एम. कोठारे, अनुराग ठाकुर, सुनीता राजवार, मीता वशिष्ठ, आदित्य कुलश्रेष्ठ, सुस्मिता मुखर्जी और प्रतीक पचौरी अहम भूमिकाओं में नजर आ रहे हैं। फिल्म को आनंद एल. राय और हिमांशु शर्मा ने प्रोड्यूस किया है, जबकि इसका संगीत जी. वी. प्रकाश कुमार ने तैयार किया है। ‘नई नवेली’ 16 अक्टूबर यानी आज दशहरे के मौके पर सिनेमाघरों में रिलीज हो चुकी है।



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Thursday, October 15, 2026

Apple iPhone Duo की प्री-बुकिंग कल से, 23 अक्टूबर से शुरू होगी बिक्री, जानें बैंक ऑफर और फीचर्स

Apple iPhone Duo: अगर आप Apple के पहले फोल्डेबल स्मार्टफोन का इंतजार कर रहे हैं, तो आपके लिए अच्छी खबर है। कंपनी भारत में iPhone Duo की प्री-बुकिंग 16 अक्टूबर से शुरू करने जा रही है। ग्राहक शाम 5:30 बजे से इस फोन को बुक कर सकेंगे। इसकी शुरुआती कीमत 2,99,900 रुपये रखी गई है, जबकि इसकी बिक्री 23 अक्टूबर से शुरू होगी। Apple के इस नए फोन को Star White और Night Sky कलर ऑप्शन में खरीदा जा सकेगा। स्टोरेज के लिए इसमें 256GB से लेकर 2TB तक के विकल्प मिलेंगे।

बता दें कि iPhone Duo के साथ Apple पहली बार फोल्डेबल स्मार्टफोन बाजार में कदम रखेगी। फोन में बाहर की तरफ छोटी स्क्रीन मिलेगी, जबकि इसे खोलने पर बड़ी डिस्प्ले का इस्तेमाल किया जा सकेगा। इस डिजाइन की मदद से यूजर्स फोन को बंद रखते हुए भी इस्तेमाल कर सकेंगे और जरूरत पड़ने पर बड़ी स्क्रीन पर वीडियो देखने या दूसरे काम करने का मजा ले सकेंगे।

भारत में Apple iPhone Duo की कीमत

भारत में iPhone Duo के 256GB वर्जन की कीमत 2,99,900 रुपये है। जबकि इसके टॉप-एंड 2TB कॉन्फिगरेशन की कीमत 4,49,900 रुपये है। Apple इस स्मार्टफोन को कई स्टोरेज विकल्पों में पेश कर रहा है, जिससे खरीदार अपनी जरूरत के हिसाब से कोई भी वर्जन चुन सकते हैं।

इस कीमत के साथ यह डिवाइस प्रीमियम स्मार्टफोन की कैटेगरी में आता है। इसका फोल्ड होने वाला डिजाइन और हार्डवेयर स्पेसिफिकेशन्स इसकी मुख्य खूबियां हैं।

Apple iPhone Duo की उपलब्धता और प्री-ऑर्डर की जानकारी

iPhone Duo के लिए प्री-ऑर्डर 16 अक्टूबर को शाम 5:30 बजे (IST) से Apple के इंडिया ऑनलाइन स्टोर पर शुरू होंगे। ग्राहक चेकआउट करने से पहले अपनी पसंद की स्टोरेज वेरिएंट और कलर चुन सकते हैं।

यह स्मार्टफोन स्टॉक की उपलब्धता के आधार पर कुछ चुनिंदा रिटेल पार्टनर्स के जरिए भी बेचा जाएगा। Apple ने इस डिवाइस को 23 अक्टूबर से व्यापक रूप से रिटेल स्टोर्स पर उपलब्ध कराने की योजना बनाई है।

फोन खरीदने वाले ग्राहक Apple Trade In का विकल्प भी देख सकते हैं, जिससे वे अपने पुराने स्मार्टफोन की अनुमानित एक्सचेंज वैल्यू का पता लगा सकते हैं। एक्सचेंज की फाइनल वैल्यू डिवाइस की स्थिति और पात्रता पर निर्भर करेगी।

Apple iPhone Duo पर बैंक ऑफर और EMI की सुविधा

Apple iPhone Duo खरीदने वाले ग्राहकों को बैंक ऑफर का फायदा भी मिल सकता है। Apple के ऑनलाइन स्टोर पर चुनिंदा कार्ड से पेमेंट करने पर 7,000 रुपये तक का इंस्टेंट कैशबैक दिया जा रहा है। इसके अलावा, ग्राहक शर्तों के मुताबिक 6 महीने तक नो-कॉस्ट EMI का विकल्प भी चुन सकते हैं।

इस ऑफर में American Express, Axis Bank और ICICI Bank के चुनिंदा कार्ड शामिल हैं। फोन खरीदने से पहले ग्राहक Apple की वेबसाइट पर ऑफर और EMI से जुड़ी शर्तें देख सकते हैं।

वहीं, ICICI Bank ने भी iPhone Duo, iPhone 18 Pro और iPhone 18 Pro Max पर 7,000 रुपये तक के कैशबैक की घोषणा की है। यह फायदा बैंक की पात्रता शर्तों और नियमों के आधार पर मिलेगा।

Apple iPhone Duo के स्पेसिफिकेशंस और फीचर्स

Apple iPhone Duo में 7.6 इंच की फोल्डेबल इनर डिस्प्ले और 5.4 इंच की बाहरी स्क्रीन दी गई है। फोन को फोल्ड करके इस्तेमाल करते समय यूजर्स बाहरी स्क्रीन पर कंटेंट देख सकते हैं। वहीं, फोन खोलने पर बड़ी डिस्प्ले मिलती है, जिस पर गेम खेलने, वीडियो देखने और एक साथ कई काम करने में आसानी होगी।

हार्डवेयर की बात करें तो इस फोन में टाइटेनियम फ्रेम और हिंज कवर दिया गया है। इसमें Apple का A20 Pro प्रोसेसर और 48MP का Dual Fusion कैमरा सिस्टम भी मिलता है। इसके अलावा, फोन में डुअल-बैटरी सिस्टम और Apple के लेटेस्ट सॉफ्टवेयर फीचर्स का सपोर्ट दिया गया है।

Apple iPhone Duo की प्री-बुकिंग 16 अक्टूबर से शुरू होगी, जबकि इसकी बिक्री 23 अक्टूबर से शुरू होनी है। ऐसे में फोन खरीदने की योजना बना रहे ग्राहक पहले ही स्टोरेज वेरिएंट, पेमेंट ऑप्शन और बैंक ऑफर की जानकारी देख सकते हैं।

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SIP Calculator: सिर्फ ₹15,000 की मंथली SIP से ₹1 करोड़ का फंड! जानिए एक्सपर्ट्स की ये स्मार्ट पोर्टफोलियो स्ट्रेटेजी

SIP Calculator: अपनी फाइनेंशियल प्लानिंग को मजबूत करने और भविष्य के किसी बड़े लक्ष्य को हासिल करने के लिए, अपनी वित्तीय योजनाओं के साथ एक तय आंकड़ा और समय-सीमा जोड़ना बहुत फायदेमंद होता है। अगर आप 28 साल के हैं और आपका लक्ष्य 45 साल की उम्र तक ₹1 करोड़ का फंड तैयार करना है, तो आपके पास ठीक 17 सालों का समय है।

लेकिन सवाल यह है कि क्या हर महीने ₹15,000 की स्थिर SIP से यह लक्ष्य हासिल किया जा सकता है, या फिर हर साल निवेश की रकम बढ़ाना (Step-up SIP) ज्यादा समझदारी होगी? 'Ask Wallet-Wise' के तहत बजाज कैपिटल लिमिटेड के जॉइंट चेयरमैन और एमडी संजीव बजाज ने इस पूरे गणित और सही इन्वेस्टमेंट अप्रोच को विस्तार से समझाया है।

फ्लैट SIP बनाम 10% स्टेप-अप SIP: जानिए पूरा गणित

अगर आप अगले 17 वर्षों के लिए हर महीने बिना किसी बदलाव के स्थिर ₹15,000 का निवेश करते हैं, तो आपका अंतिम फंड पूरी तरह बाजार से मिलने वाले रिटर्न पर निर्भर करेगा। वहीं, अगर आप अपनी SIP में हर साल 10% का स्टेप-अप जोड़ते हैं, तो आंकड़े पूरी तरह बदल जाते हैं:

अनुमानित रिटर्नफ्लैट SIP (₹15,000/माह) से कॉर्पस10% सालाना स्टेप-अप SIP से कॉर्पस
8% रिटर्नलगभग ₹63 लाखलगभग ₹1.27 करोड़
10% रिटर्न लगभग ₹77 लाखलगभग ₹1.48 करोड़
12% रिटर्नलगभग ₹94 लाखलगभग ₹1.73 करोड़

एक्सपर्ट टेक: फ्लैट SIP के जरिए ₹1 करोड़ के करीब तो पहुंचा जा सकता है, लेकिन लक्ष्य पाना काफी हद तक ऊंचे रिटर्न पर निर्भर हो जाता है। इसके विपरीत, हर साल 10% निवेश बढ़ाने से आप 12% रिटर्न के अनुमान पर आसानी से ₹1.73 करोड़ का विशाल कॉर्पस बना सकते हैं।

क्यों जरूरी है Step-up SIP?

आय में बढ़ोतरी के साथ निवेश को जोड़ना: 28 साल की उम्र में ₹15,000 प्रति माह की SIP आसान लग सकती है, लेकिन अगले 10-15 वर्षों में आपकी कमाई और सेविंग्स कैपेसिटी भी बढ़ेगी। अपनी सालाना अप्रेजल या सैलरी हाइक के साथ SIP को 10% बढ़ाना काफी आसान और ऑटोमैटिक हो जाता है।

रिटर्न के पीछे भागने के बजाय कंट्रोल बढ़ाना: बाजार का रिटर्न आपके हाथ में नहीं है, लेकिन आप कितना निवेश करते हैं यह पूरी तरह आपके नियंत्रण में है। SIP बढ़ाना ज्यादा असरदार साबित होता है।

ऑटोमैटिक और मैनुअल ऑप्शन: कई म्यूचुअल फंड हाउस ऑटोमैटिक SIP Step-up की सुविधा देते हैं। अगर यह सुविधा न भी हो, तो साल में एक बार समीक्षा करके मैन्युअली भी SIP बढ़ाई जा सकती है।

महंगाई का असर: ₹1 करोड़ की असली वैल्यू

निवेश की योजना बनाते समय महंगाई को नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है। 6% सालाना महंगाई के अनुमान के हिसाब से, आज से 17 साल बाद मिलने वाले ₹1 करोड़ की क्रय शक्ति आज के केवल ₹37 लाख के बराबर होगी। इसलिए जैसे-जैसे आपकी आय और पारिवारिक जिम्मेदारियां बढ़ें, यह समय-समय पर री-इवैल्यूएट करें कि क्या ₹1 करोड़ का लक्ष्य आपके लिए काफी है या इसे बढ़ाने की जरूरत है।

एसेट एलोकेशन कैसे रखें?

शुरुआती सालों में इक्विटी: चूंकि आपके पास 17 साल का लंबा टाइम है, इसलिए पोर्टफोलियो में इक्विटी (शेयर/म्यूचुअल फंड) का हिस्सा ज्यादा रखें ताकि बेहतर वेल्थ क्रिएशन हो सके।

लक्ष्य के करीब धीरे-धीरे शिफ्टिंग: 45 की उम्र के करीब पहुंचते ही (आखरी 2-3 सालों में), फंड का कुछ हिस्सा डेट या सुरक्षित एसेट्स में शिफ्ट करें। इससे लक्ष्य पूरा होने से ठीक पहले बाजार में आने वाले किसी बड़े क्रैश या गिरावट का असर आपके फंड पर नहीं पड़ेगा।

इमरजेंसी फंड अलग रखें: अपने इस लॉन्ग-टर्म गोल को टच किए बिना अपना इमरजेंसी फंड और हेल्थ इंश्योरेंस कवर पूरी तरह अलग रखें।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।



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जियो प्लेटफॉर्म्स दूसरे देशों में अपनी टेलीकॉम टेक्नोलॉजी मॉडल का इस्तेमाल करेगी, आकाश अंबानी ने बताया पूरा प्लान

जियो प्लेटफॉर्म्स अपने एसेट-लाइट मॉडल के जरिए विदेश में अपनी सेवाओं का विस्तार करना चाहती है। इससे कंपनी को अपनी टेलीकॉम टेक्नोलॉजी का फायदा उठाने का मौका मिलेगा। इसके लिए कंपनी दुनियाभर के बाजारों में ऑपरेटर्स से पार्टनरशिप करेगी। कंपनी के एमडी आकाश अंबानी ने गुरुवार को इस बारे में बताया।

भारत में विकसित टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल दूसरे देशों में होगा

जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ से जुड़े प्रेस कॉन्फ्रेंस में अंबानी ने कहा कि जियो खुद को नेटवर्क बिल्डर या कनवेंशनल सॉफ्टेवयर सर्विसेज प्रोवाइडर के बजाय मैनेज्ड सर्विसेज पार्टनर के रूप में स्थापित करना चाहती है। इसके लिए कंपनी भारत में विकिसत और इस्तेमाल किए जा रहे टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल दूसरे देशों में करेगी।

कंपनी के पास दूसरे देशों के ऑपरेटर्स से पार्टनरशिप का मौका

उन्होंने कहा कि जियो का प्रॉपरायटरी एंड-टू-एंड टेक्नोलॉजी स्टैक दुनिया के सबसे जटिल टेलीकॉम मार्केट्स में तैयार किया गया है। इसका भारत में इस्तेमाल हो रहा है। हमारे लिए इसका इस्तेमाल दूसरे देशों में करने का मौका है। इसके लिए विकसित और विकासशील दोनों तरह के देशों में ऑपरेटर्स से पार्टनरशिप के मौके हैं।

जियो प्लेटफॉर्म्स खुद को मैनेज्ड सर्विसेज पार्टनर के रूप में पेश करेगी

उन्होंने कहा कि कंपनी विदेश में अपनी सेवाओं के विस्तार के लिए खुद को मैनेज्ड सर्विसेज पार्टनर के रूप में पेश करेगी। इससे टेलीकॉम ऑपरेटर्स को अपनी ग्रोथ के लिए सिर्फ नेटवर्क बिल्डर या सॉफ्टवेयर सर्विस प्रोवाइडर बनने की जगह हमारी टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल कर सकेंगे।

दूसरे देशों में पार्टनर्स के चुनाव में सावधानी बरतेगी कंपनी 

अंबानी ने कहा कि जियो इंटरनेशनल पार्टनर्स के चुनाव में सावधानी बरतेगी। इसके लिए वह बाजार के आकार और अपनी बैलेंसशीट में संभावित योगदान के आधार फैसले लेगी। उन्होंने कहा कि इस स्ट्रेटेजी से आने वाले सालों में कंपनी को टेक्नोलॉजी में अपने निवेश का फायदा उठाने का रास्ता मिलेगा।

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कंपनी ने 7220 से ज्यादा पेटेंट्स फाइल किए  हैं 

जियो प्लेटफॉर्म्स के चेयरमैन ने कहा कि जियो ने अपना टेलीकॉम टेक्नोलॉजी स्टैक विकसित करने के लिए बड़ा निवेश किया है। कंपनी ने 7,220 से ज्यादा पेटेंट्स फाइल किए हैं। इन्हें कंपनी के 12,000 से ज्यादा इंजीनियर्स ने तैयार किए हैं। कंपनी ने भारत में 5जी का व्यापक नेटवर्क बनाया है। उन्होंने इसे चीन के बाहर सबसे बड़ा 5जी सब्सक्राइबर बेस बताया।

डिसक्लेमर: मनीकंट्रोल नेटवर्क18 ग्रुप का हिस्सा है। नेटवर्क18 का नियंत्रण इंडिपेंडेंट मीडिया ट्रस्ट के पास है, जिसकी रिलायंस इंडस्ट्रीज एकमात्र लाभार्थी है।



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Video: 2 साल भारत में रही कोरियाई महिला, 7 शहर घूमने के बाद इस जगह पर आया दिल

भारत में घूमने की जगहों की कमी नहीं है, लेकिन हर किसी की पसंद अलग होती है। दक्षिण कोरिया की जंग ए उम ने अपने बच्चों के साथ भारत में दो साल बिताए और इस दौरान कई शहरों को करीब से जाना। हालांकि, उनकी यात्राओं में एक जगह ऐसी रही, जिसने उन्हें सबसे ज्यादा प्रभावित किया। समुद्र की खूबसूरती और वहां के अनुभवों ने उनका नजरिया ही खास बना दिया। अब उन्होंने सोशल मीडिया पर अपनी पसंदीदा जगह का जिक्र किया है, जिसके बाद लोग उनकी यात्रा पर चर्चा कर रहे हैं और उन्हें नए पर्यटन स्थलों के सुझाव दे रहे हैं।

भारत के सात शहरों में देखा अलग-अलग रंग

जंग ए उम ने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो साझा किया, जिसका शीर्षक था, 'भारत में 2 साल: एक कोरियाई मां की ईमानदार राय'। इसमें उन्होंने भारत में रहने और घूमने के अपने अनुभव बताए। उन्होंने चेन्नई, बेंगलुरु, दिल्ली, मुंबई, केरल, कोयंबटूर और अंडमान की यात्रा की। उनके मुताबिक, भारत इतना बड़ा और विविधताओं से भरा देश है कि हर शहर में अलग माहौल महसूस होता है। कहीं भाषा बदल जाती है, कहीं खानपान और कहीं लोगों की जीवनशैली। इसके बावजूद उन्हें हर जगह खूबसूरती और लोगों का अच्छा व्यवहार देखने को मिला। उनका कहना है कि भारत के अलग-अलग शहरों का अपना आकर्षण है और हर जगह कुछ नया सीखने और देखने को मिलता है।

अंडमान की खूबसूरती ने किया सबसे ज्यादा प्रभावित

जिन जगहों को जंग ने देखा, उनमें अंडमान द्वीपसमूह उनका पसंदीदा बनकर उभरा। यहां का प्राकृतिक सौंदर्य, साफ पानी और समुद्र के भीतर दिखाई देने वाला जीव-जगत उन्हें बेहद पसंद आया।

स्कूबा डाइविंग के दौरान समुद्री जीवन को करीब से देखने का अनुभव भी उनके लिए खास रहा। उन्होंने बताया कि वह ऑफ-सीजन में अंडमान पहुंची थीं, फिर भी वहां का अनुभव उनकी उम्मीदों से कहीं बेहतर निकला। अपनी पोस्ट के कैप्शन में उन्होंने अंडमान को अपनी पसंदीदा नई खोजों में से एक बताया और वहां की प्राकृतिक सुंदरता को यादगार करार दिया।

भारत में अभी घूमने के लिए बहुत कुछ बाकी

दो साल भारत में बिताने के बावजूद जंग को लगता है कि अभी कई जगहें देखना बाकी हैं। उन्होंने कहा कि जब तक वह भारत में रहेंगी, नई जगहों की खोज करती रहेंगी और अपने अनुभव दुनिया के लोगों के साथ साझा करेंगी। उनकी पोस्ट पर लोगों ने भी खूब प्रतिक्रिया दी। कई यूजर्स ने भारत की तारीफ करने के लिए उनका धन्यवाद किया, जबकि कुछ ने उन्हें पूर्वोत्तर भारत घूमने की सलाह दी। एक यूजर ने बताया कि पूर्वोत्तर का अनुभव देश के दूसरे हिस्सों से काफी अलग है।

सोशल मीडिया पर क्यों पसंद आ रही है कहानी?

जंग का अनुभव बताता है कि भारत की पहचान सिर्फ उसके ऐतिहासिक स्थलों या प्राकृतिक नजारों से नहीं, बल्कि यहां की सांस्कृतिक विविधता और लोगों के व्यवहार से भी बनती है। उनके लिए अंडमान की यात्रा सिर्फ घूमने-फिरने का मौका नहीं, बल्कि एक ऐसी खोज रही, जिसने भारत के प्रति उनकी यादों को और खास बना दिया।

₹5,000 के टिकट बुक कराए, घर जाने की थी खुशी, तभी मैनेजर ने कर दिया खेल! कर्मचारी की कहानी वायरल



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Wednesday, October 14, 2026

M&M Share Price: ट्रैक्टर की बिक्री सुस्त, SUV में तगड़ा कंपीटिशन; फिर भी कोटक को शेयर में 43% तेजी की उम्मीद

M&M Share Price: महिंद्रा एंड महिंद्रा (M&M) के शेयर में गिरावट के बावजूद ब्रोकरेज फर्म Kotak Institutional Equities ने ‘Buy’ रेटिंग बरकरार रखी है। ब्रोकरेज ने शेयर का फेयर वैल्यू 4,000 रुपये तय किया है। यह 2,793 रुपये के मौजूदा बाजार भाव से करीब 43% ज्यादा है।

Kotak का मानना है कि हालिया गिरावट निवेशकों के लिए खरीदारी का मौका हो सकती है। महिंद्रा के पोर्टफोलियो में थार, बोलेरो और स्कॉर्पियो जैसी गाड़ियां हैं।

शेयर में गिरावट की 4 बड़ी वजहें

M&M का शेयर पिछले तीन महीनों में करीब 10% और एक साल में लगभग 20% टूट चुका है। इस दौरान कंपनी की कमाई के अनुमान भी बढ़े हैं। इसके बावजूद निवेशकों की चिंता बढ़ी है। Kotak ने इसके पीछे चार प्रमुख वजहें बताई हैं।

पहली वजह ट्रैक्टर बिक्री में सुस्ती है। कमजोर मानसून और पिछले साल के ऊंचे बेस के कारण मांग पर दबाव है। दूसरी वजह SUV सेगमेंट में बाजार हिस्सेदारी घटना है। ग्राहक अब हैचबैक और छोटी SUV की ओर भी रुख कर रहे हैं। तीसरी चिंता JSW Motors जैसे नए खिलाड़ियों से बढ़ती प्रतिस्पर्धा है। चौथी वजह कच्चे माल की बढ़ती लागत है।

हालांकि, Kotak का मानना है कि बाजार ने इन चिंताओं के असर को जरूरत से ज्यादा तवज्जो दी है। ब्रोकरेज के मुताबिक, इनमें से ज्यादातर चुनौतियां अस्थायी हैं या समय के साथ सुधर सकती हैं।

नए लॉन्च से SUV बाजार में वापसी की उम्मीद

Kotak को उम्मीद है कि M&M के नए प्रोडक्ट लॉन्च से SUV सेगमेंट में बाजार हिस्सेदारी बढ़ सकती है। कैलेंडर वर्ष 2027 की पहली छमाही से NU_IQ प्लेटफॉर्म पर बेस्ड गाड़ियां लॉन्च होने की संभावना है। इससे कंपनी को हालिया नुकसान की भरपाई करने में मदद मिल सकती है।

ब्रोकरेज के मुताबिक, कंपनी की योजना वित्त वर्ष 2031 तक 16 नई SUV और 10 नए लाइट कमर्शियल व्हीकल (LCV) लॉन्च करने की है।

लंबी अवधि में ग्रोथ की संभावना

Kotak का मानना है कि भारत में SUV की कम पहुंच, लास्ट-माइल डिलीवरी और इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए LCV की मांग और खेती में मशीनीकरण बढ़ने से M&M को फायदा मिल सकता है।

ब्रोकरेज के रिवर्स DCF विश्लेषण के मुताबिक, मौजूदा शेयर भाव में वित्त वर्ष 2029 से 2050 के बीच वॉल्यूम में सालाना सिर्फ 3% से 3.5% की ग्रोथ का अनुमान शामिल है। Kotak को लंबी अवधि में इससे बेहतर ग्रोथ की उम्मीद है।

कमाई का अनुमान घटाया, फिर भी Buy रेटिंग

Kotak ने वित्त वर्ष 2027 से 2029 के लिए कंपनी के स्टैंडअलोन EPS अनुमान में 5% से 8% की कटौती की है। कमजोर मानसून के कारण अगले चार तिमाहियों में ट्रैक्टर बिक्री घटने का अनुमान है। हालांकि, SUV की मांग स्थिर रहने और 2027 में नए लॉन्च से बाजार हिस्सेदारी बढ़ने की उम्मीद है।

ब्रोकरेज ने वित्त वर्ष 2028 के अनुमानित कोर EPS के 15.5 गुना पर शेयर का वैल्यूएशन किया है। Kotak के मुताबिक, यह वैल्यूएशन आकर्षक है। इसलिए निकट अवधि की चुनौतियों के बावजूद उसने शेयर पर खरीदारी की सलाह बरकरार रखी है।

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Disclaimer: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।



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UP Panchayat Chunav 2026: यूपी पंचायत चुनाव पर इलाहाबाद हाईकोर्ट का बड़ा आदेश, तीन महीने के भीतर इलेक्शन कराने के निर्देश

UP Panchayat Chunav 2026: उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बड़ा आदेश दिया है। कोर्ट ने तीन महीने के भीतर यूपी पंचायत चुनाव कराने का निर्देश दिया है। इसके साथ ही निवर्तमान ग्राम प्रधानों को प्रशासक के रूप में बने रहने की बात कही गई है। इस आदेश के बाद प्रदेश में पंचायत चुनाव की तैयारियों और समयसीमा को लेकर चर्चा तेज हो गई है। हाईकोर्ट के निर्देश के अनुसार, पंचायत चुनाव की प्रक्रिया को तीन महीने के भीतर पूरा कराने की बात कही गई है। यह आदेश ग्राम पंचायतों में निर्वाचित प्रतिनिधियों का कार्यकाल समाप्त होने और आगे की प्रशासनिक व्यवस्था के संदर्भ में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

निवर्तमान ग्राम प्रधानों की भूमिका पर भी निर्देश

कोर्ट ने निवर्तमान ग्राम प्रधानों को प्रशासक के रूप में बनाए रखने की बात भी कही है। इससे चुनाव होने तक ग्राम पंचायतों के प्रशासनिक कामकाज को जारी रखने की व्यवस्था प्रभावित होगी। हालांकि, प्रशासक के तौर पर उनकी शक्तियों और जिम्मेदारियों का सटीक दायरा आधिकारिक आदेश के विस्तृत डिटेल्स आने के बाद ही स्पष्ट होगा। कोर्ट ने उन याचिकाओं को खारिज कर दिया है, जिसमें निवर्तमान ग्राम प्रधानों को प्रशासक बनाने के फैसले को अवैध बताया गया था। इसका मतलब है कि अगले तीन महीने तक पंचायतों का कामकाज प्रशासकों के माध्यम से जारी रह सकता है।

चुनाव की तैयारियों पर रहेगी नजर

हाईकोर्ट के आदेश के बाद अब राज्य सरकार और संबंधित प्रशासनिक विभागों की ओर से पंचायत चुनाव की तैयारियों को लेकर उठाए जाने वाले कदम अहम होंगे। चुनाव की तारीखों, अधिसूचना और अन्य प्रक्रियाओं से संबंधित आधिकारिक जानकारी सामने आने के बाद स्थिति और स्पष्ट होगी। फिलहाल, इलाहाबाद हाईकोर्ट ने साफ कहा है कि तीन महीने के अंदर यूपी के पंचायत चुनाव हो जाने चाहिए। पहले कयास ये कगाए जा रहे थे कि विधानसभा चुनाव के बाद पंचायत चुनाव होगा। यह फैसला जस्टिस अजीत कुमार और जस्टिस गरिमा प्रसाद की खंडपीठ ने करीब तीन घंटे तक चली सुनवाई के बाद सुनाया।

सरकार के आदेश को कोर्ट ने बताया वैध

हाईकोर्ट ने अपने आदेश में स्पष्ट किया है कि प्रशासकों की नियुक्ति को लेकर यूपी सरकार की ओर से जारी शासनादेश पूरी तरह वैध है। अदालत ने सरकार को निर्देश दिया कि पंचायत निकायों के चुनाव निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरे कराए जाएं। इस फैसले से पंचायत चुनाव की तैयारी और समयसीमा को लेकर स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है। अदालत ने प्रशासकों को चुनाव समाप्त होने तक कामकाज जारी रखने की व्यवस्था भी बरकरार रखी है।

OBC आयोग की प्रक्रिया से अलग होगी चुनाव की तैयारी?

हाई कोर्ट ने कहा कि अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) आयोग अपना काम बिना किसी बाधा के जारी रखेगा। लेकिन पंचायत चुनाव कराने की प्रक्रिया आयोग की कार्यवाही पूरी होने पर निर्भर नहीं रहेगी। यानी आयोग की प्रक्रिया के कारण चुनाव को अनिश्चितकाल तक टाला नहीं जा सकेगा। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि पंचायत चुनाव मौजूदा नियमों और व्यवस्था के तहत कराए जाएंगे।

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चुनाव प्रक्रिया में 27 प्रतिशत आरक्षण के प्रावधान का पालन करना होगा। इस फैसले के बाद अब राज्य सरकार के सामने तीन महीने के भीतर पंचायत चुनाव कराने की समयसीमा पूरी करने की जिम्मेदारी होगी। हालांकि, चुनाव की तारीखों और मतदान के शेड्यूल को लेकर सरकार की ओर से जारी होने वाली आधिकारिक अधिसूचना महत्वपूर्ण होगी।



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