Sunday, April 12, 2026

Asha Bhosle Death: खुशी से लेकर उदासी तक... हर एहसास की आवाज हुई खामोश! सुरों की दुनिया में अमर हुईं आशा भोसले

Asha Bhosle Death: खुशी से लेकर उदासी भरे नगमों तक और पॉप से लेकर गजलों तक, हर संगीत को अपने सुरों से अमर करने वाली आशा भोसले के निधन के साथ ही भारतीय संगीत की वह बहुरंगी आवाज खामोश हो गई। उन्होंने पीढ़ियों तक श्रोताओं के दिलों पर राज किया। अपनी अनूठी आवाज से हिंदी पार्श्व गायन में अलग मुकाम हासिल करने वाली दिग्गज गायिका आशा भोसले का रविवार को निधन हो गया। वह 92 वर्ष की थीं।

आशा भोसले ने अपनी बहन एवं महान गायिका लता मंगेशकर की छाया में रहकर अपनी अलग पहचान बनाई थी। दोनों बहनों ने मिलकर करीब सात दशक तक हिंदी पार्श्वगायन को अपने सुरों से समृद्ध किया। वह एक ऐसे भारत की पहचान बनीं, जो बदलते समय के साथ दुनिया से कदमताल कर रहा था।

लता और आशा दोनों ऐसी आवाजें थीं, जिन्होंने पूरे उपमहाद्वीप पर राज किया। ऐसी साझा पहचान बनाई, जो सीमाओं से परे थी। यह संयोग ही है कि संगीत के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाने वाली दोनों बहनों ने 92 वर्ष की आयु में ही दुनिया को रविवार (12 अप्रैल) के दिन अलविदा कहा। बड़ी बहन लता मंगेशकर को पहले शोहरत मिली। लेकिन जिंदादिल आशा ने भी जल्द ही अपनी अलग जगह बना ली और अपनी जीवंतता एवं अद्भुत बहुमुखी प्रतिभा से संगीत प्रेमियों का दिल जीत लिया।

आशा भोसले ने 2023 में अपने 90वें जन्मदिन से पहले पीटीआई से कहा था, "हमारी सांस नहीं होती, तो आदमी मर जाता है। मेरे लिए संगीत मेरी सांस है। मैंने अपनी जिंदगी इसी सोच के साथ बिताई है।" रविवार को मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में अंतिम सांस लेने वाली आशा भोसले की बहुरंगी आवाज ने एक ओर जहां श्रोताओं को 'आजा, आजा' जैसे जोशीले गीत पर थिरकने को मजबूर किया, तो दूसरी ओर 'जुस्तजू जिसकी थी' जैसे शास्त्रीय विधा वाले गीतों के साथ उन्हें भावनाओं की गहराई में उतारा।

उन्होंने दोनों तरह के गीतों को समान सहजता से निभाया। आशा भोसले को संगीत की दुनिया में केवल उनके लंबे सफर ने सबसे अलग नहीं बनाया, बल्कि हर दौर में खुद को समय के अनुसार नए सिरे से गढ़ लेने की उनकी अद्भुत क्षमता ने भी उन्हें अलग पहचान दिलाई। श्वेत-श्याम सिनेमा से लेकर वैश्विक मंचों तक, ग्रामोफोन रिकॉर्ड से लेकर स्ट्रीमिंग के दौर तक, उन्होंने अपनी आवाज को समय के अनुसार लगातार नया रूप दिया। इसी वजह से वह हर पीढ़ी में प्रासंगिक बनी रहीं।

मीना कुमारी और मधुबाला से लेकर काजोल और उर्मिला मातोंडकर तक परदे की नायिकाएं बदलती रहीं। लेकिन आशा एक ऐसी कड़ी बनी रहीं, जिसने अतीत को वर्तमान से जोड़े रखा। साड़ी पहने, माथे पर सलीके से सजी बिंदी और करीने से बंधे बाल आशा भोसले की यही छवि उनके प्रशंसकों के दिलों में सदा जीवित रहेगी।

12,000 गीत गाए

उन्होंने करीब 12,000 गीत गाए, जिनमें से ज्यादातर हिंदी में थे। लेकिन उन्होंने इसके अलावा लगभग 20 अन्य भाषाओं में भी गीतों को आवाज दी। यह एक ऐसा विराट सफर है, जिसे एक साथ समेट पाना आसान नहीं। आशा और उनके भाई-बहनों- लता, उषा, मीना और हृदयनाथ के लिए संगीत केवल पेशा नहीं, शायद नियति भी था। जहां लता और उषा गायिका थीं। वहीं मीना और हृदयनाथ संगीतकार हैं।

10 साल की उम्र में गाया पहला गाना

वर्ष 1933 में जन्मीं आशा को उनके पिता दीनानाथ मंगेशकर ने अपने अन्य बच्चों की तरह शास्त्रीय संगीत की शिक्षा दी। उन्होंने अपने पिता के निधन के बाद मात्र 10 वर्ष की उम्र में अपना पहला गीत रिकॉर्ड किया। यह 1943 में फिल्म 'माझा बाल' के लिए गाया मराठी गीत 'चला चला नव बाला' था। उन्होंने 1948 में 'चुनरिया' के लिए 'सावन आया..' गीत के साथ हिंदी फिल्म गायन के क्षेत्र में कदम रखा।

फिल्म जगत में उनके शुरुआती वर्ष संघर्ष भरे रहे। उन्हें शुरुआत में कमतर दर्जे की फिल्मों में गाने के लिए ही चुना जाता था। पहले से ही अपनी मजबूत पहचान बना चुकी लता की छाया से बाहर आना भी उनके लिए चुनौती थी।

लेकिन आशा ने कुछ ऐसा किया, जिसकी किसी ने कल्पना नहीं की थी। उन्होंने पार्श्वगायिका होने के मायने ही बदल दिए। उन्हें बड़ी सफलता 1950 के दशक में मिली। उन्हें खासकर संगीतकार ओ. पी. नैयर के साथ उनके जोशीले और चुलबुले गीतों ने नयी पहचान दी। उस समय पार्श्वगायन पर शास्त्रीय शुद्धता की ज्यादा छाप थी। लेकिन आशा ने उसमें अदा, शोखी और आधुनिकता का रंग भरा।

वह क्लब गीतों, कैबरे गीतों और प्रेम गीतों की आवाज बन गईं। ये ऐसे क्षेत्र थे, जिन्हें अपनाने में अन्य गायक संकोच करते थे। उनके करियर का अगला मोड़ तब आया जब 1960 और 1970 के दशक में आर. डी. बर्मन के साथ उनकी साझेदारी ने हिंदी फिल्म संगीत को नयी दिशा दी।

फेमस गाने

'पिया तू अब तो आजा' और 'दम मारो दम' जैसे गीतों ने उनकी बेजोड़ बहुमुखी प्रतिभा को सामने रखा। उनकी आवाज में मादकता भी थी, शरारत भी, विद्रोह भी था, प्रेम भी और दर्द भी लेकिन हर बार उसमें भावों की गहराई थी। आशा ने 'मांग के साथ', 'अभी न जाओ छोड़ कर', 'पिया तू अब तो आजा', 'दम मारो दम' और 'मेरा कुछ सामान' जैसे कई यादगार गीत गाए।

आशा ने 'दिल चीज क्या है' जैसी गजलों, शास्त्रीय गीतों, पॉप संगीत के क्षेत्रों के अलावा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी अलग पहचान बनाई। उन्हें कई राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार, अनेक फिल्मफेयर पुरस्कार, भारतीय सिनेमा के सर्वोच्च सम्मान दादासाहेब फाल्के पुरस्कार और पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया। वैश्विक संगीत इतिहास में संभवतः सबसे लंबे समय तक सक्रिय रहने वाली गायिकाओं में शामिल आशा का निजी जीवन भी उनके पेशेवर जीवन की तरह साहसी फैसलों से भरा रहा।

निजी जिंदगी

हमेशा विद्रोही स्वभाव की मानी जाने वाली आशा ने 1949 में केवल 16 वर्ष की आयु में अपने परिवार की इच्छा के विरुद्ध गणपतराव भोसले से विवाह किया। यह विवाह सफल नहीं रहा। लेकिन गणपतराव ने आशा को गायिका बनने के लिए प्रेरित किया। जब यह रिश्ता समाप्त हुआ, तब आशा के दो बच्चे थे। वह अपने तीसरे बच्चे की मां बनने वाली थीं।

इसके बाद वह अपने मायके लौट आईं और उन्होंने अपने संगीत सफर को फिर से आगे बढ़ाया। शुरुआती दौर में उन्हें ज्यादातर खलनायिकाओं और नर्तकियों के लिए गीत मिलते थे। कभी-कभी उन्हें कुछ लोकप्रिय फिल्मों में एक-दो गीत गाने का मौका मिलता, जैसे राज कपूर की टबूट पॉलिश' में उनका लोकप्रिय गीत 'नन्हे मुन्ने बच्चे'।

उनके करियर ने तब नयी उड़ान भरी, जब नैयर ने उन्हें 'नया दौर' में मौका दिया, जिसमें उन्होंने वैजयंतीमाला के लिए 'मांग के साथ तुम्हारा' गाया। इस गीत ने उनके लिए उद्योग में कई नए दरवाजे खोल दिए। इसके बाद उन्होंने 'वक्त' एवं 'गुमराह' जैसी फिल्मों के लिए गीतों को अपनी आवाज दी।

बाद के आशा ने संगीतकार आर. डी. बर्मन से विवाह किया, जिनके साथ उन्होंने कई चर्चित गीत दिए। अलग-अलग दशकों में रिलीज हुईं 'उमराव जान' और 'रंगीला' दो ऐसी फिल्में हैं, जो गायन की विभिन्न विधाओं में उनकी पकड़ की बेहतरीन मिसाल हैं। एक ओर 'दिल चीज…' है, तो दूसरी ओर 'तन्हा तन्हा...'।

आशा के परिवार में उनके बेटे आनंद हैं। उनके एक बेटे हेमंत का 2015 में स्कॉटलैंड में कैंसर से निधन हो गया था। पत्रकार के रूप में काम करने वाली उनकी बेटी वर्षा का 2012 में निधन हो गया था।

इंटरनेशनल पहचान

आशा ने केवल फिल्मी गीतों के लिए ही आवाज नहीं दी। उन्होंने 1990 के दशक में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी छाप छोड़ी। उन्होंने बॉय जॉर्ज के 'बाउ डाउन मिस्टर' में अपनी आवाज दी और बॉय बैंड 'कोड रेड' के साथ भी गाया।

उसी वर्ष उन्हें 'लेगेसी' के लिए पहली बार ग्रैमी पुरस्कार के लिए नामांकित किया गया। उन्होंने 'इंडीपॉप' को भी उसी निडरता के साथ अपनाया। उनके 1997 में रिलीज हुए गैर-फिल्मी एलबम 'जानम समझा करो' का 'रात शबनमी' गीत काफी लोकप्रिय हुआ। इस गीत ने उन्हें एमटीवी और चैनल वी पुरस्कार दिलाए। साथ ही ऐसे श्रोताओं की पीढ़ी तक पहुंचाया, जो रीमिक्स के दौर में बड़ी हुई थी।

ये भी पढ़ें- Asha Bhosle: उस पार जाकर मिले मोक्ष..., आशा भोसले का आखिरी इंस्टाग्राम पोस्ट हुआ वायरल

उन्होंने अदनान सामी के साथ 'कभी तो नजर मिलाओ' और ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेटर ब्रेट ली के साथ 'यू आर द वन फॉर मी' तथा 'हां मैं तुम्हारा हूं..' जैसे गीत दिए। उन्हें 2006 में दूसरा ग्रैमी नामांकन 'यू हैव स्टोलन माई हार्ट: सांग्स फ्रॉम आर. डी. बर्मन्स बॉलीवुड' के लिए मिला।

स्वयं को लगातार नए रूप में ढालती रहने वाली आशा ने सोशल मीडिया पर भी अपनी पहचान बनाए रखी। इंस्टाग्राम पर उनके 7.5 लाख से अधिक फोलोवर्स हैं। उनके जाने से भारतीय संगीत का एक पूरा युग मौन हो गया है।



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Saturday, April 11, 2026

Akshay Kumar: अक्षय कुमार की एक झलक पाने को नोएडा के मॉल में उमड़ा जनसैलाब, एक्टर ने 36 साल के करियर में पहली बार देखा ऐसा नजारा

बॉलीवुड के 'खिलाड़ी' अक्षय कुमार अक्सर अपनी फिल्मों के प्रमोशन के लिए अलग-अलग शहरों का रुख करते हैं, लेकिन हाल ही में नोएडा में जो हुआ, उसने खुद अक्षय को भी हैरान कर दिया। अपनी आगामी हॉरर-कॉमेडी फिल्म 'भूत बंगला' के प्रमोशन के लिए अक्षय कुमार शुक्रवार को ग्रेटर नोएडा वेस्ट स्थित गौर सिटी मॉल पहुंचे थे। वहां जुटी हजारों की भीड़ को देखकर अक्षय के मुंह से निकला— "मुझे इंडस्ट्री में 36 साल हो गए हैं, लेकिन किसी मॉल के अंदर मैंने आज तक इतने लोग नहीं देखे।"

प्रमोशन के दौरान दिखा फैंस का जबरदस्त क्रेज

अक्षय कुमार के साथ उनकी सह-कलाकार वामिका गब्बी और मशहूर कॉमेडियन राजपाल यादव भी इस इवेंट का हिस्सा थे। जैसे ही सितारों ने मॉल में कदम रखा, फैंस का उत्साह सातवें आसमान पर पहुंच गया। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में देखा जा सकता है कि मॉल की हर मंजिल लोगों से खचाखच भरी हुई थी। लोग न केवल गैलरी में खड़े थे, बल्कि कई फैंस तो अक्षय की एक झलक पाने के चक्कर में मॉल की एस्केलेटर की रैलिंग और ऊपरी मंजिलों के खतरनाक किनारों पर भी लटके नजर आए।

'भूत बंगला' की टीम ने किया दर्शकों का मनोरंजन

मॉल के ग्राउंड फ्लोर पर बनाए गए एक अस्थाई मंच से अक्षय और उनकी टीम ने भीड़ का अभिवादन किया। सितारों ने वहां मौजूद हजारों लोगों के साथ बातचीत की और अपनी फिल्म 'भूत बंगला' के बारे में मजेदार बातें साझा कीं। यह फिल्म इसलिए भी खास है क्योंकि इसके जरिए अक्षय कुमार और निर्देशक प्रियदर्शन की सुपरहिट जोड़ी करीब 14 साल बाद पर्दे पर वापसी कर रही है। फिल्म में अक्षय और राजपाल के अलावा तब्बू, परेश रावल और असरानी जैसे दिग्गज कलाकार भी नजर आएंगे।

उत्साह के बीच 'सिविक सेंस' पर उठे सवाल

जहां एक ओर अक्षय की लोकप्रियता की चर्चा हो रही है, वहीं दूसरी ओर इस कार्यक्रम के बाद मॉल की स्थिति को लेकर इंटरनेट पर तीखी बहस छिड़ गई है। इवेंट खत्म होने के बाद के कई वीडियो सामने आए हैं, जिनमें भीड़ द्वारा मॉल के स्टैंडीज, सजावट और अन्य संपत्तियों को नुकसान पहुंचाते हुए देखा जा सकता है।

सोशल मीडिया यूजर्स ने इस व्यवहार की कड़ी आलोचना की है। एक यूजर ने लिखा, "अक्षय कुमार एक अच्छे अभिनेता हैं, लेकिन उनके लिए अपनी जान जोखिम में डालना समझदारी नहीं है।" वहीं कई लोगों ने मॉल प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठाए कि इतनी बड़ी भीड़ को इस तरह खतरनाक तरीके से रैलिंग पर चढ़ने की अनुमति कैसे दी गई।

कब रिलीज होगी फिल्म?

अक्षय कुमार की यह बहुप्रतीक्षित फिल्म 'भूत बंगला' 17 अप्रैल को सिनेमाघरों में दस्तक देने वाली है। नोएडा में मिले इस अभूतपूर्व प्यार ने यह तो साफ कर दिया है कि दर्शकों के बीच अक्षय और प्रियदर्शन की कॉमेडी का जादू आज भी बरकरार है।



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Friday, April 10, 2026

UP SIR: यूपी में बढ़े 84 लाख वोटर, फाइनल लिस्ट में भी नहीं है नाम, तो ये फॉर्म भरकर जुड़वाएं नाम

उत्तर प्रदेश में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) प्रक्रिया पूरी होने के बाद फाइल आंकड़े जारी कर दिए गए हैं। सामने आए आंकड़ों के मुताबिक, उत्तर प्रदेश के मतदाताओं की संख्या में इजाफा हुआ है। यूपी में कुल मतदाताओं की संख्या 84 लाख से अधिक बढ़कर 13.39 करोड़ हो गई है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिनवा ने कहा कि एसआईआर में मतदाता सूची का प्रकाशन हो गया है। 27 अक्टूबर को एसआईआर कराने की घोषणा हुई और 4 नवंबर से ये प्रक्रिया शुरू हुई।

166 दिनों तक चली प्रक्रिया

उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिन्वा ने बताया कि एसआईआर प्रक्रिया 27 अक्टूबर 2025 से 10 अप्रैल 2026 तक चलाई गई। इस दौरान राज्य के सभी 75 जिले, 403 विधानसभा क्षेत्र और सभी मतदान केंद्र शामिल किए गए। उन्होंने बताया कि 166 दिन तक चली इस प्रक्रिया को 75 जिला निर्वाचन अधिकारियों, 403 निर्वाचक पंजीकरण अधिकारियों, 12,758 सहायक अधिकारियों, 18,026 बूथ स्तर के पर्यवेक्षकों और 1,77,516 बूथ स्तर के अधिकारियों की मदद से पूरा किया गया।

इसके अलावा, मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के 5,82,877 बूथ स्तर के एजेंटों और करोड़ों मतदाताओं ने भी इसमें सहयोग दिया। लोगों को जागरूक करने के लिए प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया ने भी अहम भूमिका निभाई। नवदीप रिन्वा ने यह भी बताया कि 6 जनवरी को जारी मसौदा मतदाता सूची में कुल 12,55,56,025 मतदाता शामिल थे। इनमें 6.88 करोड़ पुरुष, 5.67 करोड़ महिला और 4,119 तीसरे लिंग के मतदाता थे।

सामने आए ये आंकड़े

नवदीप रिन्वा ने बताया कि, पहले 18-19 साल के मतदाताओं की संख्या 3,33,981 थी। उस समय हर 1,000 पुरुष मतदाताओं पर 824 महिला मतदाता थीं। उन्होंने जानकारी दी कि 10 अप्रैल को जारी अंतिम मतदाता सूची के अनुसार, अब कुल मतदाताओं की संख्या बढ़कर 13,39,84,792 हो गई है। इनमें 7,30,71,071 पुरुष (लगभग 54%), 6,09,09,525 महिलाएं (करीब 45.46%) और 4,206 तीसरे लिंग के मतदाता शामिल हैं। 18-19 साल के मतदाताओं की संख्या अब बढ़कर 17,63,360 हो गई है, जो कुल मतदाताओं का 1.32% है। वहीं, लिंग अनुपात भी सुधरकर अब हर 1,000 पुरुषों पर 834 महिलाएं हो गया है। ड्राफ्ट और फाइनल सूची की तुलना में कुल मतदाताओं की संख्या में 84,28,767 की बढ़ोतरी हुई है। इसमें 42,27,902 पुरुष, 42,00,778 महिला और 87 तीसरे लिंग के मतदाता बढ़े हैं। साथ ही, 18-19 साल के आयु वर्ग में 14,29,379 नए मतदाता जुड़े हैं और लिंग अनुपात में भी 10 अंकों का सुधार हुआ है, जो 824 से बढ़कर 834 हो गया है।

प्रयागराज में बढ़े सबसे ज्यादा वोटर

जिलों की बात करें तो प्रयागराज में सबसे ज्यादा 3,29,421 नए मतदाता जुड़े। इसके बाद लखनऊ में 2,85,961, बरेली में 2.57 लाख से ज्यादा, गाज़ियाबाद में 2,43,666 और जौनपुर में 2,37,590 वोटरों की बढ़ोतरी दर्ज की गई। मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिन्वा ने कहा कि मतदाता सूची को बेहतर बनाने का काम सफलतापूर्वक पूरा हुआ है। यह पूरे राज्य में चुनाव अधिकारियों, राजनीतिक दलों और मतदाताओं के मिलकर किए गए प्रयासों का नतीजा है। विधानसभा क्षेत्रों के स्तर पर गाजियाबाद के साहिबाबाद में सबसे ज्यादा 82,898 नए वोटर जुड़े। इसके बाद जौनपुर (विधानसभा क्षेत्र संख्या 366) में 56,118 मतदाता बढ़े। इसके अलावा लखनऊ पश्चिम में 54,822, गाज़ियाबाद के लोनी में 53,679 और फिरोजाबाद विधानसभा क्षेत्र में 47,757 नए मतदाता जोड़े गए।

फॉर्म-6 के तहत जुड़वा सकेंगे नाम

नवदीप रिन्वा ने बताया कि मतदाता सूची सुधार के दौरान करीब 1.04 करोड़ वोटरों को “नॉन-मैप्ड” पाया गया, यानी उनका पता सही तरीके से दर्ज नहीं था। वहीं, 2.22 करोड़ मामलों में अलग-अलग तरह की गड़बड़ियां सामने आईं। उन्होंने साफ कहा कि इस पूरी प्रक्रिया में किसी भी मतदाता का नाम बिना सही जांच और नियमों का पालन किए नहीं हटाया गया। उनका कहना है कि अगर किसी का नाम ड्राफ्ट सूची में था लेकिन फाइनल सूची में नहीं है, तो उसके पीछे या तो फॉर्म-6 के तहत किया गया आवेदन है या फिर संबंधित अधिकारी द्वारा सुनवाई के बाद लिया गया फैसला है। किसी पात्र व्यक्ति का नाम सूची में शामिल नहीं हो पाया है, तो वह निर्धारित प्रक्रिया के तहत फॉर्म 6 भरकर आवेदन कर अपना नाम जुड़वा सकता है।



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Thursday, April 9, 2026

Abhishek Banerjee: अरुणाभ कुमार से बेस्ट एक्टर अवॉर्ड लेने के बाद भावुक हुए अभिषेक बनर्जी, शेयर की दिल की बात

Abhishek Banerjee: अभिषेक बनर्जी इंडस्ट्री के सबसे टैलेंटेड एक्टर्स में से एक हैं, जो लंबे समय से यहां टिके हुए हैं। कास्टिंग डायरेक्टर के तौर पर काम करने के साथ-साथ, वे एक्टिंग में भी काफी एक्टिव रहे हैं और उन्होंने कुछ कमाल की परफॉर्मेंस दी हैं। हालांकि, उन्हें एक्टिंग में पहला ब्रेक TVF की 'पिचर्स' से मिला था, और हाल ही में जब उन्हें बेस्ट एक्टर का अवॉर्ड मिला, तो उन्होंने TVF का शुक्रिया अदा किया।

अपने सोशल मीडिया पर अभिषेक बनर्जी ने एक फोटो शेयर की, जिसमें TVF के फाउंडर अरुणाभ कुमार उन्हें फिल्म 'स्टोलन' के लिए बेस्ट एक्टर का अवॉर्ड दे रहे हैं। उन्होंने याद किया कि कैसे अरुणाभ कुमार ने ही उन्हें 'TVF पिचर्स' के जरिए एक्टिंग का पहला मौका दिया था, और आज वे उन्हीं के हाथों अवॉर्ड ले रहे हैं। उन्होंने लिखा- ठीक है, यह उनके लिए है, जो जादू में यकीन रखते हैं।

पिक 1 - 'TVF पिचर्स' में मेरे करियर के पहले एक्टिंग काम के दौरान "तू बीर है" कहने से लेकर आज @arunabhkumar से अवॉर्ड लेने तक, मैं गर्व से कह सकता हूं कि मैं बियर हूं। फाइनली योगी ने अवॉर्ड दे ही दिया! और साथ ही मेरी फेवरेट को-एक्टर @rasikadugal जिनके साथ मैंने दो शोज किए हैं, पर कभी साथ में एक्टिंग नहीं की!!

पिक 2 - इकलौते स्टार जिन्होंने 'पाताल लोक' देखने के बाद मुझे मैसेज किया था कि मुझे अभी बहुत लंबा सफर तय करना है.. उस मैसेज से लेकर आज उनके साथ एक ही मुकाम पर होने तक, जिंदगी ने मुझे सिर्फ और ज्यादा सब्र रखना सिखाया है। थैंक यू @Granveersingh और हर फ्रंट पर अपनी जीत के लिए तुम्हें बहुत-बहुत बधाई!

पिक 3 - यह उन सभी के लिए है जो कहते हैं कि "यहां सोर्स के बिना कुछ नहीं होता"। अभिषेक बनर्जी ने TVF के शो 'पिचर्स' में काम किया था, जहां उनका डायलॉग "तू बीर है" जबरदस्त हिट हुआ था। यह युवाओं के बीच एक क्रेज बन गया और इसने अभिषेक को रातों-रात पहचान दिला दी। इसके बाद, उन्होंने कई फिल्मों में काम किया और मैडॉक हॉरर-कॉमेडी यूनिवर्स की फिल्मों 'स्त्री', 'भेड़िया' और 'स्त्री 2' में 'जना' के किरदार के साथ-साथ 'पाताल लोक' में 'हथौड़ा त्यागी' के रूप में अपनी बेहतरीन एक्टिंग का लोहा मनवाया। अभिषेक की कुछ अन्य खास फिल्मों में 'ड्रीम गर्ल', 'ड्रीम गर्ल 2', 'रश्मि रॉकेट', 'वेदा' और 'स्टोलन' शामिल हैं।



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Motorola Razr 70 Ultra के लॉन्च से पहले स्पेसिफिकेशन और डिजाइन लीक, जानें अनुमानित कीमत

Motorola Razr 70 Ultra: Lenovo की कंपनी Motorola अपना अगला फोल्डेबल फोन लॉन्च करने की तैयारी कर रही है और लीक से हमें फोन के बारे में पहले ही काफी जानकारी मिल गई है। Motorola Razr 70 Ultra के डिटेल CAD रेंडर सामने आए हैं, जिन्हें Android Headlines ने पॉपुलर टिपस्टर Steve H. McFly (@OnLeaks) के साथ शेयर किया है। जिससे पता चलता है कि इस बार कंपनी कोई बड़ा बदलाव नहीं करने जा रही है। इसके बजाय, ऐसा लगता है कि Motorola मौजूदा फीचर्स को और बेहतर बना रही है। आइए जानते हैं अब तक Motorola Razr 70 Ultra के बारे में जो जानकारी सामने आई है।

Motorola Razr 70 Ultra का डिजाइन और स्पेसिफिकेशन

लीक हुई तस्वीरों से पता चलता है कि शिकागो की यह टेक कंपनी अपने क्लैमशेल डिजाइन को बरकरार रख रही है, जिसमें डुअल रियर कैमरों के चारों ओर एक बड़ी कवर डिस्प्ले है। अंदरूनी फोल्डेबल स्क्रीन और बाहरी डिस्प्ले दोनों के बेजल पतले दिखते हैं, जिससे इसे एक साफ-सुथरा और मॉडर्न लुक मिलता है।

कलर ऑप्शन की बात करें तो, यह डिवाइस Orient Blue Alcantara और Pantone Cocoa Wood कलर में आ सकता है। Alcantara वेरिएंट में टेक्सचर्ड फील होने की बात कही जा रही है, जबकि Cocoa Wood वर्जन में लकड़ी जैसा अनोखा फिनिश देखने को मिल सकता है। हालांकि, एक अजीब बात यह है कि रेंडर्स में सेल्फी कैमरा कटआउट गायब है, जिसके बारे में रिपोर्ट में कहा गया है कि यह सिर्फ एक चूक हो सकती है, न कि डिजाइन में कोई बदलाव।

परफॉर्मेंस की बात करें तो, इस हैंडसेट में Qualcomm का Snapdragon 8 Elite Gen 5 चिपसेट लगा है, जो 3nm प्रोसेस पर बना है। इसमें 16GB तक LPDDR5X RAM और 512GB UFS 4.1 स्टोरेज मिलने की उम्मीद है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इसमें लगभग 5200 mAh की बैटरी है, जो 80W वायर्ड टर्बोपावर चार्जिंग और 50W वायरलेस चार्जिंग को सपोर्ट करती है।

यह फोल्डेबल फोन शायद Android 16 पर चलेगा, जिसके ऊपर Motorola का Hello UI होगा। कैमरे की बात करें तो, इसमें बाहरी पैनल पर दो 50MP सेंसर और अंदर की स्क्रीन पर होल-पंच कटआउट में 50MP का फ्रंट-फेसिंग कैमरा हो सकता है।

Motorola Razr 70 Ultra की लॉन्च टाइमलाइन और अनुमानित कीमत

शुरुआती रिपोर्टों के अनुसार, Razr 70 Ultra 2026 की दूसरी तिमाही के अंत तक भारत में लॉन्च हो सकता है। कीमत की बात करें तो, भारत में इसकी लॉन्चिंग कीमत लगभग 1,29,999 रुपये होने की उम्मीद है।

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Wednesday, April 8, 2026

पाकिस्तान के शेयर मार्केट में इतिहास की सबसे बड़ी तेजी, 12,000 अंक उछला इंडेक्स, रोकनी पड़ी ट्रेडिंग

Pakistan Stock Markets: अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम की खबर से पाकिस्तान के शेयर बाजार में बुधवार 8 अप्रैल को ऐतिहासिक तेजी देखने को मिली। कराची स्टॉक एक्सचेंज के बेंचमार्क इंडेक्स, KSE-100 इंडेक्स में अब तक की सबसे बड़ी उछाल आई। पाकिस्तान के अखबर डॉन की एक रिपोर्ट के मुताबिक, KSE-100 इंडेक्स सुबह करीब 9:37 बजे 12,362.38 अंक यानी 8.15% उछलकर 1,64,035.83 के स्तर पर पहुंच गया। इस जबरदस्त तेजी के बाद एक्सचेंज के नियमों के तहत ट्रेडिंग को अस्थायी रूप से रोक दिया गया।

यह उछाल KSE-100 इंडेक्स के इतिहास में किसी एक दिन में आई सबसे बड़ी बढ़त मानी जा रही है। इससे पहले कराची स्टॉक एक्सचेंज में इतनी बड़ी तेजी कभी नहीं देखी गई थी।

युद्ध विराम ने बदला निवेशकों का मूड

इस तेजी की मुख्य वजह अमेरिका और ईरान के बीच हुआ दो सप्ताह का अस्थायी युद्धविराम है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अमेरिका दो हफ्तों के लिए ईरान पर सैन्य कार्रवाई रोक देगा, बशर्ते ईरान होर्मुज समुद्री मार्ग को सुरक्षित और पूरी तरह खोलने की गारंटी दे।

वहीं, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने भी इस बात की पुष्टि की कि ईरान दो सप्ताह तक इस अहम समुद्री मार्ग से सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करेगा।

पहले भारी उतार-चढ़ाव में था बाजार

इससे पाकिस्तान स्टॉक एक्सचेंज में पिछले कुछ हफ्तों से भारी अस्थिरता देखी जा रही थी। KSE-100 इंडेक्स एक दिन पहले 7 अप्रैल मामूली बढ़त के साथ बंद हुआ था। लेकिन इससे पहले 2 मार्च को इसमें 16,089 अंकों यानी करीब 9.57% की बड़ी गिरावट आई थी। यह इसके इतिहास की सबसे बड़ी गिरावटों में से एक थी। यह गिरावट पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और ईरान से जुड़ी बड़ी घटनाओं के चलते आई थी।

आगे क्या?

रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह युद्धविराम अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत का रास्ता खोलने के लिए किया गया है। संभावित बातचीत पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में हो सकती है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने कहा कि यह युद्धविराम तुरंत प्रभाव से लागू होगा और बातचीत का उद्देश्य एक अंतिम समझौते तक पहुंचना है।

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Tuesday, April 7, 2026

UP Board 10th12th Result Date: यूपी बोर्ड ने अभी घोषित नहीं की है रिजल्ट की तारीख, जानें 10वीं-12वीं का रिजल्ट कैसे और कहां देख सकेंगे

UP Board 10th12th Result Date: उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (UPMSP) से शैक्षिक सत्र 2025-26 में 10वीं और 12वीं कक्षा की बोर्ड परीक्षा देने वाले छात्रों के लिए एक-एक दिन काटना मुश्किल हो रहा है। 10 मार्च को हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की बोर्ड परीक्षाएं खत्म हो गई थीं। इसके बाद 18 मार्च से बोर्ड की कॉपियों का मूल्यांकन शुरू होकर 4 अप्रैल को पूरा हो चुका है। अब छात्र बेसब्री से अपने परीक्षा परिणाम का इंतजार कर रहे हैं।

यूपीएमएसपी ने अभी तक रिजल्ट की कोई तारीख घोषित नहीं की है। दोनों कक्षाओं का परिणाम इसी महीने के तीसरे या अंतिम हफ्ते में जारी होने की अटकलें लगाई जा रही हैं। इस बीच, बोर्ड ने 34,000 से अधिक छात्रों के प्रैक्टिकल परीक्षा के नंबर पोटर्ल पर डालने के लिए स्कूलों को आज तक का समय दिया था। साथ ही, जिन छात्रों की प्रैक्टिकल परीक्षाएं किसी कारण से छूट गई थीं, उनकी परीक्षा 9 और 10 अप्रैल के बीच पूरी की जानी है। इसके बाद बोर्ड रिजल्ट जारी करने की कवायद शुरू कर सकता है।

फिलहाल बोर्ड ने छात्रों से साइबर ठगों से सावधान रहने की अपील की है। बोर्ड को प्राप्त खबरों के अनुसार साइबर ठग बोर्ड परीक्षा की कॉपियों में नंबर बढ़ाने के लिए छात्रों और अभिभावकों को फोन कर पैसों की मांग कर रहे हैं। साथ ही, यूपी बोर्ड ने छात्रों से रिजल्ट संबंधी किसी भी जानकारी के लिए आधिकरिक चैनल को फॉलो करने को कहा है। बता दें, यूपी बोर्ड का रिजल्ट बोर्ड के आधिकारिक पोर्टल के अलावा डिजीलॉकर और एसएमएस के जरिए भी जारी किया जाता है।

UPMSP 10th, 12th Result 2026 ऑफिशियल वेबसाइट्स

upmsp.edu.in

upresults.nic.in

कैसे चेक करें रिजल्ट

  • ऑफिशियल वेबसाइट पर जाएं।
  • संबंधित रिजल्ट लिंक पर क्लिक करें।
  • रोल नंबर डालें।
  • डिटेल्स सबमिट करें।
  • मार्कशीट डाउनलोड करें।

DigiLocker पर भी कर सकते हैं चेक

  • digilocker.gov.in पर जाएं या अपने स्मार्टफोन पर DigiLocker ऐप खोलें।
  • अपने मोबाइल नंबर, आधार या यूज़रनेम का इस्तेमाल करके साइन इन करें।
  • अगर आप नए यूजर हैं, तो क्विक रजिस्ट्रेशन प्रोसेस पूरा करें।
  • “एजुकेशन” या “इश्यू किए गए डॉक्यूमेंट्स” सेक्शन में जाएं।
  • उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (UP Board) चुनें।
  • क्लास 10th या क्लास 12th मार्कशीट 2026 चुनें।
  • जरूरी डिटेल्स जैसे रोल नंबर और एग्जाम का साल (2026) डालें।
  • Get Document पर क्लिक करें।
  • आपकी डिजिटल मार्कशीट स्क्रीन पर दिखाई देगी।
  • इसे भविष्य में इस्तेमाल के लिए डाउनलोड करें या सेव करें।

एक ही दिन जारी किया जाएगा 10वीं-12वीं का रिजल्ट

यूपी बोर्ड हाईस्कूल और इंटरमीडिएट दोनों के रिजल्ट एक ही दिन जारी होने की उम्मीद है। ऑनलाइन मार्कशीट अस्थायी होगी। स्टूडेंट्स को बाद में अपने स्कूलों से मूल मार्कशीट लेनी होगी।

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