Thursday, August 6, 2026

Retirement Planning: हर महीने ₹50000 की पेंशन के लिए कितना रिटायरमेंट फंड चाहिए? समझिए पूरा कैलकुलेशन

Retirement Planning: नौकरी के दौरान हर महीने सैलरी खाते में आ जाती है। इसलिए खर्च की ज्यादा चिंता नहीं होती। लेकिन रिटायरमेंट के बाद यही सबसे बड़ी चुनौती बन जाती है। सैलरी बंद हो जाती है, लेकिन खर्च नहीं रुकते। हर महीने राशन खरीदना है, बिजली का बिल भरना है, दवाइयां लेनी हैं और रोजमर्रा की जरूरतें भी पूरी करनी हैं।

ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर रिटायरमेंट तक कितना पैसा जोड़ना होगा, ताकि हर महीने 50,000 रुपये आराम से मिलते रहें और बीच में पैसा खत्म होने का डर भी न रहे।

₹50000 पेंशन के लिए कितना फंड ?

अगर आपको हर महीने 50,000 रुपये चाहिए, तो सालभर में आपकी जरूरत होगी 6 लाख रुपये। फाइनेंशियल प्लानिंग में एक लोकप्रिय नियम है 4% Withdrawal Rule। इस नियम के मुताबिक, रिटायरमेंट के पहले साल आप अपने कुल कॉर्पस का 4% निकालते हैं। बाद के वर्षों में निकासी की रकम महंगाई के हिसाब से बढ़ाई जा सकती है। माना जाता है कि अगर निवेश पर ठीक-ठाक रिटर्न मिलता रहे, तो आपका पैसा 25-30 साल या उससे ज्यादा समय तक चल सकता है।

इस नियम के मुताबिक, अगर आपका रिटायरमेंट कॉर्पस करीब 1.5 करोड़ रुपये है, तो आप लगभग 50,000 रुपये महीना निकाल सकते हैं। इसमें कोशिश यह रहती है कि हर साल इतना ही पैसा निकाला जाए, जिससे बाकी रकम निवेश में बनी रहे और उस पर मिलने वाला रिटर्न भविष्य के खर्च में मदद करता रहे।

30 हजार से 1 लाख की पेंशन के जरूरी फंड

हर महीने चाहिएसालाना जरूरत

4% नियम के हिसाब से जरूरी कॉर्पस

₹30,000₹3.60 लाख₹90 लाख
₹50,000₹6 लाख₹1.50 करोड़
₹75,000₹9 लाख₹2.25 करोड़
₹1,00,000₹12 लाख₹3 करोड़

अगर रिटायरमेंट में 20 साल या 10 साल बाकी हैं

मान लीजिए आपका लक्ष्य रिटायरमेंट तक 1.5 करोड़ रुपये का कॉर्पस बनाना है। अगर आपकी उम्र 40 साल है और रिटायरमेंट में अभी 20 साल बाकी हैं, तो हर महीने अपेक्षाकृत कम SIP से भी यह लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। लेकिन अगर आप 50 साल की उम्र में निवेश शुरू करते हैं और रिटायरमेंट में सिर्फ 10 साल बचे हैं, तो हर महीने कहीं ज्यादा निवेश करना पड़ेगा।

अनुमानित सालाना रिटर्न20 साल बाकी (मासिक SIP)

10 साल बाकी (मासिक SIP)

10%₹19,800₹72,000
12%₹15,000₹66,000
15%₹10,500₹57,000

यह तुलना साफ दिखाती है कि रिटायरमेंट प्लानिंग में समय सबसे बड़ी ताकत है। 20 साल पहले शुरुआत करने वाला निवेशक 15-20 हजार रुपये की SIP से लक्ष्य तक पहुंच सकता है। वहीं, सिर्फ 10 साल बचे होने पर उसी लक्ष्य के लिए 60-70 हजार रुपये महीना निवेश करना पड़ सकता है। इसलिए जितनी जल्दी निवेश शुरू करेंगे, उतना कम मासिक बोझ पड़ेगा और कंपाउंडिंग का फायदा भी ज्यादा मिलेगा।

Chart SIPS

महंगाई आपकी सबसे बड़ी चुनौती है

रिटायरमेंट प्लानिंग में सबसे बड़ी गलती यह मान लेना है कि आज जितने पैसों में खर्च चल रहा है, उतने ही पैसों में भविष्य में भी काम चल जाएगा। जबकि सच यह है कि समय के साथ महंगाई हर चीज को महंगा कर देती है। दवाइयों से लेकर बिजली, राशन और यात्रा तक लगभग हर खर्च बढ़ता रहता है।

मान लीजिए आज आपका मासिक खर्च 50,000 रुपये है। अगर महंगाई औसतन 6% सालाना रहती है, तो 20 साल बाद यही खर्च करीब 1.60 लाख रुपये महीना हो सकता है। वहीं, 25 साल बाद इसके लिए करीब 2.15 लाख रुपये महीने की जरूरत पड़ सकती है। इसलिए रिटायरमेंट प्लान बनाते समय हमेशा भविष्य की महंगाई को ध्यान में रखें।

रिटायरमेंट प्लानिंग में इन गलतियों से बचें

  • पूरा रिटायरमेंट फंड FD में न रखें, क्योंकि इससे महंगाई को मात देना मुश्किल हो सकता है।
  • जरूरत से ज्यादा निकासी न करें, वरना कॉर्पस तय समय से पहले खत्म हो सकता है।
  • हेल्थ इंश्योरेंस जरूर रखें, ताकि मेडिकल खर्च के लिए निवेश न तोड़ना पड़े।
  • महंगाई को नजरअंदाज न करें, क्योंकि भविष्य में खर्च आज से काफी ज्यादा हो सकते हैं।
  • हर 2-3 साल में प्लान की समीक्षा करें, ताकि जरूरत के हिसाब से निवेश और निकासी में बदलाव किया जा सके।
  • सारा पैसा एक ही निवेश विकल्प में न लगाएं, बल्कि अलग-अलग एसेट में संतुलित निवेश करें।

Retirement Planning: क्या हो रिटायरमेंट की बेस्ट प्लानिंग, कितना फंड रहेगा पर्याप्त? एक्सपर्ट ने समझा दिया पूरा कैलकुलेशन

Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जागरूकता के लिए है। किसी भी निवेश, लोन, टैक्स, बीमा या दूसरे वित्तीय फैसले लेने से पहले संबंधित एक्सपर्ट्स से सलाह जरूर लें। मनीकंट्रोल किसी भी फाइनेंशियल प्रोडक्ट या सर्विस की सिफारिश नहीं करता।



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Wednesday, August 5, 2026

Mark Zuckerberg: भारत सरकार के सामने झुके मार्क जुकरबर्ग! Meta प्लेटफॉर्म पर डीपफेक कंटेंट और खामियों के लिए मांगी माफी

Mark Zuckerberg apologizes: दिग्गज अमेरिकी सोशल मीडिया कंपनी Meta के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) मार्क जुकरबर्ग ने भारत सरकार के साथ हालिया बातचीत के दौरान कंपनी के प्लेटफॉर्म पर बाल यौन शोषण सामग्री (Child Sexual Abuse Material-CSAM), डीपफेक कंटेंट और कामकाज में कमियों को लेकर खेद जताया है। यह जानकारी हमारे सहयोगी Moneycontrol को सूत्रों ने दी है।

सूत्रों के मुताबिक, जुकरबर्ग ने बच्चों के यौन शोषण से जुड़े कंटेंट, डीपफेक कंटेंट और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म गवर्नेंस में नाकामियों के लिए माफी मांगी है। रिपोर्ट के अनुसार, जुकरबर्ग ने इन घटनाओं पर अफसोस व्यक्त करते हुए स्वीकार किया कि हानिकारक और आपत्तिजनक कंटेंट से निपटने में Meta से कुछ कमियां रह गई थीं।

मेटा ने यह माना है कि कुछ खास तरह की सामग्री को बढ़ावा देने के लिए काफी धन दिया गया। अमेरिकी कंपनी ने इन गलतियों पर खेद जताया और माफी मांगी।सूत्रों के मुताबिक, भारत सरकार ने मेटा से कहा है कि वह 'इंटरमीडियरी' (मध्यस्थ) की परिभाषा में नहीं आती है, क्योंकि यह सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ही तय करता है कि कंटेंट किसे मिलेगा।

MeitY अधिकारियों से हुई अहम बैठक

5 अगस्त को Meta के चीफ ग्लोबल अफेयर्स ऑफिसर जोएल कपलान और कंपनी के अन्य वरिष्ठ वैश्विक अधिकारियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव तथा इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) के अधिकारियों से मुलाकात की। बैठक में भारत सरकार ने Meta के कंटेंट मॉडरेशन, यूजर सुरक्षा और प्लेटफॉर्म की जवाबदेही से जुड़े कई अहम मुद्दे उठाए।

सरकार ने 'सेफ हार्बर' पर उठाए सवाल

सूत्रों के मुताबिक, सरकारी अधिकारियों ने Meta से कहा कि कंपनी केवल एक निष्क्रिय (Passive) इंटरमीडियरी की भूमिका नहीं निभाती। बल्कि यह तय करती है कि किस तरह का कंटेंट किस यूजर तक पहुंचेगा और किन पोस्टों की सिफारिश (Recommendation) की जाएगी।

अधिकारियों का कहना था कि जब कोई प्लेटफॉर्म एल्गोरिदम के जरिए कंटेंट के वितरण और प्रचार में सक्रिय भूमिका निभाता है। ऐसे में यह सवाल उठता है कि क्या उसे सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 (IT Act, 2000) के तहत मिलने वाली 'सेफ हार्बर' (Safe Harbour) सुरक्षा का लाभ उसी रूप में मिलना चाहिए।

क्या है 'सेफ हार्बर' प्रावधान?

आईटी अधिनियम के तहत 'सेफ हार्बर' प्रावधान सोशल मीडिया और अन्य ऑनलाइन प्लेटफॉर्म को यूजर्स द्वारा पोस्ट किए गए कंटेंट के लिए सीमित कानूनी सुरक्षा प्रदान करता है। बशर्ते वे कानून के अनुसार आवश्यक सावधानियां बरतें और अवैध सामग्री के खिलाफ निर्धारित नियमों का पालन करें।

हालांकि, यदि कोई प्लेटफॉर्म कंटेंट के चयन, प्रचार या वितरण में सक्रिय भूमिका निभाता है, तो उसकी इस कानूनी सुरक्षा पर सवाल खड़े हो सकते हैं। फिलहाल Meta या भारत सरकार की ओर से इस बैठक और कथित माफी को लेकर कोई आधिकारिक सार्वजनिक बयान जारी नहीं किया गया है। इसलिए रिपोर्ट में सामने आई जानकारी सूत्रों के हवाले से बताई गई है।

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Tuesday, August 4, 2026

आपके पेट डॉग के लिए 67 मिनट की वॉक और 16 बार स्निफ जरूरी! सिर्फ 10 मिनट टहलाकर लाने वाले जान लें ये बात

आज के समय में बहुत से लोग अपने घर में कुत्ता पाल रहे हैं। कई लोग अपने पेट को सिर्फ पालतू जानवर नहीं, बल्कि अपने परिवार का हिस्सा मानते हैं। लेकिन कुत्ता पालना सिर्फ खाना देने और उसकी देखभाल करने तक ही सीमित नहीं है। कुत्ते को रोज बाहर घुमाना और खेलने का समय देना भी उसकी अच्छी सेहत के लिए बहुत जरूरी है। वहीं अक्सर आपने देखा होगा टहलते समय आपका कुत्ता बार-बार रुककर आसपास की चीजों को सूंघता है, पानी में खेलने की कोशिश करता है या दूसरे कुत्तों के पास जाने लगता है। कई लोगों को यह बेवजह रुकना लग सकता है, लेकिन कुत्तों के लिए यही सैर का सबसे मजेदार हिस्सा होता है। वे सूंघकर अपने आसपास की नई-नई चीजों को पहचानते हैं और इसी तरह बाहर घूमने का आनंद लेते हैं।

अगर आप अपने कुत्ते को मात्र 10 मिनट में टहलाकर वापस ले जाते हैं तो ये खबर आपके लिए हैं। हाल ही में हुए एक सर्वे में बताया गया है कि, कुत्तों के लिए 67 मिनट की सैर बेहतर मानी जाती है। आइए जानते हैं इसके बारे में

कुत्तों के लिए कितने मिनट का सैर बेहतर

हाल ही में सामने आए एक सर्वे में पता चला कि, कुत्तों के लिए अच्छी सैर सिर्फ चलना नहीं, बल्कि नई-नई चीजों को महसूस करना भी होती है। ब्रिटेन में 1,800 डॉग ओनर्स पर किए गए इस सर्वे के मुताबिक, एक कुत्ते के लिए करीब 67 मिनट की सैर सबसे बेहतर मानी गई। इस दौरान उसे अलग-अलग जगहों को सूंघने, खुली जगह में घूमने, पानी में खेलने और रास्ते में दूसरे कुत्तों से मिलने-जुलने का भी मौका मिलना चाहिए। ये जानकारी भारत के लिए काफी अहम मानी जा रही है, क्योंकि देश में खासकर बड़े शहरों में पालतू कुत्तों की संख्या तेजी से बढ़ रही है।

कुत्ते को टहलाना मेंटल एक्सरसाइज

इंसान अपने आसपास की दुनिया को समझने के लिए सबसे ज्यादा आंखों का इस्तेमाल करते हैं, जबकि कुत्ते अपनी नाक के जरिए चीजों को पहचानते और समझते हैं। एक्सपर्ट के अनुसार, कुत्तों की सूंघने की क्षमता इंसानों से कहीं अधिक तेज होती है। इसी वजह से वे सिर्फ गंध के आधार पर दूसरे जानवरों, लोगों और अपने आसपास के माहौल के बारे में कई तरह की जानकारी हासिल कर लेते हैं। उनके लिए पेड़, घास या रास्ते में मौजूद दूसरी चीजें सिर्फ सामान नहीं, बल्कि जानकारी का एक अहम स्रोत होती हैं। इसीलिए बिहेवियरिस्ट अक्सर वॉक को सिर्फ फिजिकल एक्टिविटी के बजाय “मेंटल एक्सरसाइज़” बताते हैं।

कुत्तों को टहलाना जरुरी

आजकल शहरों में रहने वाले कई पालतू कुत्ते सिर्फ थोड़ी देर के लिए ही बाहर घूम पाते हैं। ज्यादातर लोग उन्हें अपार्टमेंट या सोसाइटी के आसपास कुछ मिनट ही टहलाते हैं। ऐसे में कुत्तों को नई जगह देखने, चीजों को सूंघने और खुलकर घूमने का मौका नहीं मिल पाता। जानकारों का कहना है कि अगर कुत्तों को लंबे समय तक ऐसा मौका न मिले, तो वे बोर हो सकते हैं, ज्यादा भौंक सकते हैं, सामान चबा सकते हैं और बेचैन रहने लगते हैं। फिली पॉज क्लॉज़ के अनुसार, जिन कुत्तों को "लगातार एक्सरसाइज़ मिलती है, उन्हें ट्रेन करना आसान होता है और वे कमांड पर ज़्यादा रिस्पॉन्सिव होते हैं।"

आजकल ट्रेंड बन गया है कुत्ता पालना

पिछले कुछ सालों में लोगों का पालतू जानवरों को देखने का नजरिया काफी बदल गया है। अब ज्यादातर लोग उन्हें परिवार का हिस्सा मानते हैं और उनकी अच्छी देखभाल करते हैं। बढ़ती कमाई, छोटे परिवार और शहरों में रहने के कारण खासकर युवा बड़ी संख्या में कुत्ते पाल रहे हैं। लेकिन कुत्ता पालना सिर्फ उसे खाना खिलाने, नहलाने और टीका लगवाने तक ही सीमित नहीं है। उसे रोज बाहर घुमाना, नई जगहों को सूंघने और अपनी मर्जी से थोड़ा घूमने का मौका देना भी उसकी अच्छी सेहत और खुशी के लिए बहुत जरूरी है।



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Monday, August 3, 2026

Ather Energy Q1 Results: घाटे में बड़ी कमी, रेवेन्यू 88% उछला; 1 साल में 223% चढ़ा स्टॉक

Ather Energy Q1 Results: इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर बनाने वाली कंपनी Ather Energy ने जून तिमाही में मजबूत नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का शुद्ध घाटा घटकर ₹51 करोड़ रह गया। पिछले साल इसी तिमाही में यह ₹178.2 करोड़ था। वहीं, कंपनी का रेवेन्यू सालाना आधार पर 88.8% बढ़कर ₹1,217 करोड़ पहुंच गया।

कंपनी का EBITDA घाटा भी काफी कम होकर ₹33.4 करोड़ रह गया। एक साल पहले यह ₹134.3 करोड़ था। इसका मतलब है कि बिक्री बढ़ने के साथ कंपनी की ऑपरेटिंग परफॉर्मेंस भी बेहतर हुई है।

EV बाजार में दिख रहा बड़ा मौका

Ather Energy का कहना है कि भारत में इलेक्ट्रिक गाड़ियों की मांग लगातार बढ़ रही है। कंपनी के मुताबिक, दिल्ली EV पॉलिसी और केंद्र सरकार की PM E-Drive जैसी योजनाएं इस सेक्टर को मजबूती दे रही हैं।

इसके अलावा पेट्रोल की बढ़ती कीमतें और ईंधन की उपलब्धता को लेकर चिंता भी है। इससे ग्राहक EV अपनाने की तरफ बढ़ रहे हैं। कंपनी का कहना है कि हालिया पेट्रोल कीमतों में बढ़ोतरी से पहले ही EV की मांग तेज होने लगी थी।

जल्द लॉन्च होगा नया स्कूटर

Ather अब अपने नए EL स्कूटर को लॉन्च करने की तैयारी में है। जून तिमाही में इसका होमोलोगेशन पूरा हो गया है और बड़े पैमाने पर प्रोडक्शन ट्रायल भी शुरू हो चुके हैं।

कंपनी के होसुर प्लांट में FY27 की दूसरी तिमाही से इसका कमर्शियल प्रोडक्शन शुरू होगा। अगस्त में होने वाले Ather Community Day के दौरान इस स्कूटर को लॉन्च किया जाएगा।

कंपनी आने वाले समय में अपनी उत्पादन क्षमता बढ़ाकर 60,000 गाड़ी प्रति माह करने की योजना पर काम कर रही है।

हाल ही में जुटाए ₹1,300 करोड़

Ather Energy ने इसी महीने क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल प्लेसमेंट (QIP) के जरिए ₹1,300 करोड़ जुटाए हैं। कंपनी ने 1.08 करोड़ इक्विटी शेयर ₹1,202 प्रति शेयर के भाव पर जारी किए।

टेक्नोलॉजी फीचर्स पर भी फोकस

एथर एनर्जी लगातार अपने सॉफ्टवेयर फीचर्स भी मजबूत कर रही है। हाल ही में उसने 'Pothole+ Alerts' फीचर लॉन्च किया है। यह फीचर 450 Apex, 450X और Rizta Z समेत Gen 2 और उसके बाद के स्कूटरों में उपलब्ध है।

यह फीचर Ather के कनेक्टेड स्कूटरों से मिले डेटा की मदद से रास्ते में गड्ढों, टूटी सड़कों, ऊबड़-खाबड़ रास्तों और स्पीड ब्रेकर की पहले से जानकारी देता है। इससे राइडिंग ज्यादा सुरक्षित और आसान हो सके।

Ather Energy के शेयरों का हाल

एथर एनर्जी का शेयर सोमवार को 1.56% की बढ़त के साथ 1,280 रुपये पर बंद हुआ। पिछले 6 महीने में इसने 89.38% का रिटर्न दिया है। वहीं 1 साल में इसने 223.27% का रिटर्न दिया है। कंपनी का मार्केट कैप 50.16 हजार करोड़ रुपये है।

आईपीओ टलते ही अनलिस्टेड मार्केट में मची खलबली! 5 दिनों में 23% टूटा जेप्टो का शेयर, ऑल-टाइम हाई से 60% गिरा भाव

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।



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Sunday, August 2, 2026

Tata Motors CV July Sales: एक्सपोर्ट डबल, घरेलू बिक्री में तेज उछाल, 3 अगस्त को शेयरों पर रहेगा फोकस

Tata Motors CV July Sales: टाटा ग्रुप की कमर्शियल वेईकल्स यूनिट टाटा मोटर्स सीवी के लिए पिछला महीना जुलाई धमाकेदार रहा। न सिर्फ घरेलू मार्केट में इसकी कमर्शियल गाड़ियों की बिक्री में तेज इजाफा हुआ बल्कि निर्यात तो दोगुना से अधिक बढ़ गया। कंपनी ने इसकी जानकारी 1 अगस्त को एक्सचेंज फाइलिंग में दी और अब इसका असर 3 अगस्त को स्टॉक मार्केट खुलने पर शेयरों पर दिख सकता है। अभी इसके शेयरों के सेहत की बात करें तो एक कारोबारी दिन पहले 31 जुलाई को बीएसई पर यह 5.23% की बढ़त के साथ ₹436.95 (Tata Motors CV Share Price) पर बंद हुआ था।

Tata Motors CV के लिए कैसी रही जुलाई?

टाटा मोटर्स कमर्शियल वेईकल्स की पिछले महीने में घरेलू मार्केट में बिक्री सालाना आधार पर 28% बढ़कर 33,876 यूनिट्स पर पहुंच गई तो निर्यात इस दौरान 2,524 यूनिट्स से 128% बढ़कर 5,765 यूनिट्स पर पहुंच गया। ओवरऑल यानी देशी-विदेशी बिक्री को मिलाकर बात करें तो कंपनी की टोटल सेल्स जुलाई 2026 में सालाना आधार पर 37% बढ़कर 39,641 यूनिट्स हो गई।

घरेलू बिक्री में अलग-अलग वेईकल सेगमेंट्स में बात करें तो जुलाई में एचसीवी (हैवी कमर्शियल वेईकल) ट्रक्स की बिक्री 6735 यूनिट्स से 33% बढ़कर 8973 यूनिट्स, ILMCV (इंटरमीडिएट, लाइट एंड मीडियम कमर्शियल वेईकल) ट्रक्स की बिक्री 5,068 यूनिट्स से 20% बढ़कर 6,100 यूनिट्स, पैसेंजर कैरियर की बिक्री 4,749 यूनिट्स से 25% उछलकर 5,938 यूनिट्स पर पहुंच गई तो SCV (स्मॉल कमर्शियल वेईकल) कार्गो और पिकअप्स की बिक्री 30% बढ़कर 9,880 यूनिट्स से 12,865 यूनिट्स पर पहुंच गई। इस दौरान MH&ICV (मीडियम एंड हैवी इंटरमीडिएट कमर्शियल वेईकल्स) की घरेलू बिक्री 12,378 यूनिट्स से 25% बढ़कर 15,435 यूनिट्स और निर्यात को मिलाकर कुल बिक्री 13,669 यूनिट्स से 20% बढ़कर 16,364 यूनिट्स पर पहुंच गया।

अब तक कैसी रही टाटा मोटर्स सीवी के शेयरों की चाल

टाटा मोटर्स सीवी के शेयरों ने कम समय में ही निवेशकों की ताबड़तोड़ कमाई कराई है। टाटा मोटर्स से अलग होकर यानी डिमर्जर के बाद इसके शेयर बीएसई और एनएसई पर 12 नवंबर को लिस्ट हुए थे। बीएसई पर यह ₹330.25 और बीएसई पर ₹335 पर लिस्ट हुआ था। लिस्टिंग के बाद 14 नवंबर 2025 को बीएसई पर यह ₹306.00 के रिकॉर्ड निचले स्तर पर आ गया था। इस निचले स्तर से तीन ही महीने में यह 66.32% उछलकर 27 फरवरी 2026 को ₹508.95 के रिकॉर्ड हाई लेवल पर पहुंच गया था।

Trump का बिजनेस आइडिया! हर महीने ₹9500000 के खर्च में Truth Social पर दिखेगी सबसे पहले पोस्ट, सांसदों ने की शिकायत

Risks of MTF: ₹12000 करोड़ की सीख, दक्षिण कोरिया में हाहाकार के पांच सबक

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।



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Saturday, August 1, 2026

Rashmika Mandanna: शूटिंग के दौरान रश्मिका मंदाना के हिप टेंडन में चोट लगी, डॉक्टरों ने छह हफ्ते आराम करने की दी सलाह

Rashmika Mandanna: खबरों के मुताबिक, रश्मिका मंदाना अपनी आने वाली फिल्म के सेट पर एक डांस सीक्वेंस की शूटिंग के दौरान बुरी तरह घायल हो गईं। कई रिपोर्ट्स के अनुसार, एक मुश्किल डांस और एक्शन सीक्वेंस की शूटिंग के दौरान गिरने से उनके हिप का टेंडन पूरी तरह से अलग हो गया।

बताया जा रहा है कि यह घटना 'रणबाली' या 'मैसा' इनमें से किसी एक फिल्म के सेट पर हुई। पूरी जानकारी सामने नहीं आई है। हादसे के तुरंत बाद शूटिंग रोक दी गई और क्रू मेंबर्स उन्हें इलाज के लिए पास के अस्पताल ले गए। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ठीक होने में उन्हें कई हफ़्ते लगेंगे और उसके बाद ही वह काम पर लौट पाएंगी।

डॉक्टरों का कहना है कि एक्टर्स के मामले में ऐसी चोट कम ही देखने को मिलती है। उन्हें चोट की गंभीरता देखकर हैरानी हुई। उन्होंने बताया कि टेंडन को इस तरह का नुकसान अक्सर उन प्रोफेशनल एथलीट्स को होता है, जो बहुत ज़्यादा ट्रेनिंग करते हैं।

उनकी पूरी मेडिकल जांच हो चुकी है और उन्हें छह हफ़्ते तक पूरी तरह आराम करने की सलाह दी गई है। इसके बाद एक खास रिहैबिलिटेशन प्रोग्राम से गुजरना होगा, ताकि शूटिंग फिर से शुरू करने से पहले टेंडन ठीक से ठीक हो जाए। उनके बिज़ी शूटिंग शेड्यूल और कमर्शियल असाइनमेंट को अब रोक दिया जाएगा क्योंकि डॉक्टरों ने उन्हें पूरी तरह आराम करने की सलाह दी है। रश्मिका और उनकी टीम ने सेट पर लगी चोट के बारे में अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है।

यह एक्ट्रेस कई एंडोर्समेंट कैंपेन में भी व्यस्त हैं। वह 'रणबाली' और 'मैसा' जैसी कुछ बड़े बजट की फ़िल्मों पर भी काम कर रही हैं। रश्मिका ने एक्टर विजय देवरकोंडा से शादी के बाद अपनी आने वाली फ़िल्म 'मैसा' की शूटिंग फिर से शुरू की। नए डायरेक्टर रविंद्र पुल्ले के निर्देशन में बनी और अनफ़ॉर्मूला फ़िल्म्स द्वारा प्रोड्यूस की गई फिल्म को गोंड जनजाति की सांस्कृतिक रूप से समृद्ध पृष्ठभूमि पर आधारित एक इमोशनल एक्शन थ्रिलर बताया जा रहा है। रश्मिका इस फ़िल्म में एक गोंड महिला की मुख्य भूमिका निभा रही हैं, जिसे उनके पिछले किरदारों से बिल्कुल अलग और बोल्ड भूमिका के तौर पर पेश किया जा रहा है।

जहां तक 'रणबाली' की बात है, तो इस फ़िल्म के डायरेक्टर राहुल सांकृत्यायन हैं। ब्रिटिश राज के समय पर आधारित यह तेलुगु पीरियड ड्रामा भारतीय इतिहास के कम ज्ञात अध्यायों से प्रेरित एक काल्पनिक कहानी है। 11 सितंबर को रिलीज़ होने वाली इस फ़िल्म में विजय देवरकोंडा और रश्मिका मंदाना मुख्य भूमिकाओं में हैं। यह उनकी एक साथ तीसरी फ़िल्म होगी।



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Friday, July 31, 2026

पानी पर तैरेंगे सोलर पैनल! जानिए क्या है प्रधानमंत्री सूर्य सरोवर योजना और किसे मिलेगा फायदा

Pradhan Mantri Surya Sarovar Yojana - PM-SSY: देश में रीन्यूबल एनर्जी को बढ़ावा देने और जल निकायों का सही इस्तेमाल करने के लिए केंद्र सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने प्रधानमंत्री सूर्य सरोवर योजना को अपनी मंजूरी दे दी है। इस महत्वाकांक्षी योजना का मुख्य उद्देश्य एनर्जी स्टोरेज सिस्टम के साथ फ्लोटिंग सोलर फोटोवोल्टिक (FSPV) यानी पानी पर तैरने वाले सोलर प्रोजेक्ट्स को डेवलप करना है। सरकार ने इस योजना के लिए कुल 5070 करोड़ रुपये के बजट की व्यवस्था की है।

क्या है योजना का लक्ष्य और क्षमता?

प्रधानमंत्री सूर्य सरोवर योजना के तहत ऊर्जा भंडारण प्रणालियों के साथ 5000 मेगावाट (MW) क्षमता की फ्लोटिंग सोलर फोटोवोल्टिक परियोजनाओं को विकसित करने का लक्ष्य बनाया गया है। इन परियोजनाओं के साथ कम से कम दो घंटे की न्यूनतम भंडारण क्षमता वाली एनर्जी स्टोरेज सिस्टम होगी। यानी कुल 10,000 MWh की स्टोरेज क्षमता जोड़ी जाएगी। इन परियोजनाओं को वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2030-31 के दौरान मंजूरी दी जाएगी जबकि वित्तीय सहायता का भुगतान वित्तीय वर्ष 2032-33 तक जारी रहेगा। अभी भारत में फ्लोटिंग सोलर पीवी क्षमता केवल सिर्फ 700 मेगावाट है। इस योजना से इसमें 5000 मेगावाट की बड़ी वृद्धि होगी।

नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ सोलर एनर्जी द्वारा हाल ही में किए गए एक आकलन के मुताबिक देश में जलाशयों और दूसरे इनलैंड वॉटर बॉडीज में करीब 102,18 GWp फ्लोटिंग सोलर की क्षमता का अनुमान लगाया गया है।

कितना मिलेगा वित्तीय अनुदान?

योजना को सफल बनाने और इससे जुड़े जोखिम कम करने के लिए सरकार वित्तीय मदद भी देगी। एलिजिबल फ्लोटिंग सोलर फोटोवोल्टिक परियोजनाओं को सफलतापूर्वक चालू होने के बाद 1 करोड़ रुपये प्रति मेगावाट की केंद्रीय वित्तीय सहायता दी जाएगी। इसके अलावा परियोजना विकास के जोखिमों को कम करने के लिए जरूरी फिजिबिलिटी स्टडीज, बाथिमेट्री और हाइड्रोग्राफी एनालिसिस, पर्यावरणीय स्टडी और दूसरी तैयारियों के लिए प्रति प्रोजेक्ट 50 लाख रुपये तक अनुदान दिया जाएगा।

किसे और क्या-क्या मिलेगा फायदा?

प्रधानमंत्री सूर्य सरोवर योजना के फायदे देश के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को मिलेंगे। ये परियोजनाएं मौजूदा जलाशयों और औद्योगिक तालाबों का पूरा फायदा उठाने का मौका देंगी। इससे लैंड रिसोर्स के लिए होने वाली मारामारी खत्म होगी। ऊर्जा भंडारण प्रणाली के इंटिग्रेशन से पावर ग्रिड की विश्वसनीयता को मजबूत करने में मदद मिलेगी। इस योजना से सालाना लगभग 10 मिलियन टन CO₂ उत्सर्जन में कमी आएगी। परियोजना वैल्यू चेन में करीब 16000 से 17000 फुल टाइम जॉब के मौके क्रिएट होंगे। आपको बता दें कि यह योजना फ्लोटेशन सिस्टम के साथ-साथ सोलर पीवी सेल्स, मॉड्यूल्स और एनर्जी स्टोरेज सिस्टम जैसे पूरे वैल्यू चेन के घरेलू निर्माण को भी बढ़ावा देगी।

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