Monday, May 18, 2026

Commodity Market: कॉटन की कीमतों में दबाव, 2 साल की ऊंचाई से फिसला भाव, जानें अन्य कमोडिटी का क्या है हाल

Commodity Market: इंटरनेशनल मार्केट में कॉटन की कीमतों में दबाव दिख रहा है। भाव 2 सालों की ऊंचाई से फिसल गए हैं। कॉटन का भाव $88 से फिसलकर $82 के नीचे आया। अप्रैल 2024 के बाद भाव $88 के पार गए थे। इंटरनेशनल मार्केट में कॉटन की कीमतों पर नजर डालें तो 1 हफ्ते में 7 फीसदी टूटा। जबकि 1 महीने में इसमें 2 फीसदी की तेजी आई। वहीं इस साल अब तक कॉटन का भाव 27 फीसदी चढ़ा है। जबकि 1 साल में इसमें 24 फीसदी की तेजी आई।

USDA की गुरुवार की एक्सपोर्ट सेल्स रिपोर्ट के मुताबिक, US एक्सपोर्ट बिजनेस अब 10.863 मिलियन RB पर है, जो USDA के अनुमान का 97% है और 105% की औसत बिक्री की रफ्तार से पीछे है। एक्सपोर्ट शिपमेंट USDA के अनुमान का 71% है और 73% की औसत रफ्तार से पीछे है।

ग्वार में रफ्तार?

वहीं NCDEX पर ग्वार पैक में तेजी है। 11200 के पार ग्वार गम का भाव निकला। जबकि ग्वार सीड का भाव 5700 के पार निकला। कीमतों में लगातार दूसरे हफ्ते तेजी देखने को मिल रही है। बाजार में खरीद बढ़ने से तेजी आई। मजबूत मांग से भी सपोर्ट मिल रहा।

क्रूड में उबाल बरकरार

इंटरनेशनल मार्केट में क्रूड में उबाल बरकरार है। ब्रेंट का भाव 111 डॉलर के पार निकला है। MCX पर भी दाम `9800 के ऊपर निकला है। एक दिन में 2% से ज्यादा की तेजी आई। US-ईरान में तनाव बढ़ने से दाम चढ़ें। ट्रंप के बयान से कीमतों में उछाल आया।

बता दें कि डॉनल्ड ट्रंप ने ईरान को फिर चेतावनी दी। ईरान के लिए वक्त तेजी से निकल रहा है। ईरान को बहुत जल्द कदम उठाने होंगे। तेजी नहीं दिखाई, तो उसके लिए कुछ भी नहीं बचेगा। फैसला लेने का वक्त बहुत कम बचा है।

ट्रंप ने जेडी वेंस, स्टीव विटकॉफ के साथ बैठक की। मार्को रुबियो, जॉन रैटक्लिफ भी मौजूद रहे। ईरान युद्ध पर चर्चा के लिए बैठक बुलाई थी। कल राष्ट्रीय सुरक्षा टीम के साथ बैठक संभव है।

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(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।



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Sunday, May 17, 2026

Toxic: यश की 'टॉक्सिक' फिर हुई पोस्टपोन, फैंस की नाराजगी पर अभिनेता बोले– 'मुझे अपने लोगों पर पूरा भरोसा है'

साउथ सिनेमा के रॉकिंग स्टार यश के फैंस उनकी अगली पैन-इंडिया फिल्म 'टॉक्सिक' (Toxic: A Fairytale for Grown-Ups) का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। लेकिन इस बीच फिल्म के टलने की खबरों ने प्रशंसकों को थोड़ा मायूस कर दिया है। फिल्म पहले इस साल 4 जून को सिनेमाघरों में दस्तक देने वाली थी, लेकिन अब मेकर्स ने इसे आगे बढ़ा दिया है। यह दूसरी बार है जब फिल्म की रिलीज डेट को पोस्टपोन किया गया है। लगातार हो रही इस देरी पर अब खुद अभिनेता यश ने अपनी चुप्पी तोड़ी है और इसके पीछे की एक बड़ी वजह साझा की है।

फैंस की नाराजगी को लेकर क्या बोले यश?

'वैरायटी इंडिया' को दिए एक इंटरव्यू में यश ने माना कि बार-बार फिल्म की तारीख आगे बढ़ने से उनके चाहने वाले जरूर परेशान होंगे। उन्होंने कहा: "इस वक्त मैंने अपना पूरा समय लेने और फिल्म को सही तरीके से रिलीज करने का फैसला किया है। यह एक ऐसी बात है जो शायद मेरे फैंस या भारत के दर्शकों को पसंद न आए। वे यकीनन थोड़े परेशान होंगे, क्योंकि हमारे यहां संस्कृति ऐसी है कि जैसे ही फिल्म की शूटिंग शुरू होती है, लोगों के दिमाग में एक टाइमलाइन बन जाती है। कभी-कभी न चाहते हुए भी मार्केटिंग और चर्चाएं शुरू हो जाती हैं।"

यश ने आगे समझाया कि पश्चिमी देशों (West) में काम करने का तरीका थोड़ा अलग है। वहां फिल्म पूरी होने के बाद बाकी की चीजें शुरू होती हैं। जब बड़े बजट की फिल्में बनती हैं और कोई उसे खरीदना चाहता है या उसका हिस्सा बनना चाहता है, तो वे पहले पूरी फिल्म देखना पसंद करते हैं। यश ने कहा कि यह उनके लिए एक चुनौती जरूर है, लेकिन उन्हें अपने दर्शकों और फैंस पर पूरा भरोसा है कि वे इस फैसले के पीछे की बड़ी तस्वीर को समझेंगे।

सह-कलाकार तारा सुतारिया ने भी किया फैसले का समर्थन

फिल्म में अहम भूमिका निभा रहीं एक्ट्रेस तारा सुतारिया ने भी इस देरी पर अपने विचार साझा किए। उन्होंने 'द हॉलीवुड रिपोर्टर इंडिया' से बातचीत में कहा कि वह बहुत धैर्यवान हैं और इसे एक बड़े नजरिए से देखती हैं। तारा के मुताबिक, एक एक्टर के तौर पर फिल्म सिर्फ आपकी नहीं होती, बल्कि उन सभी की होती है जिन्होंने इसे बनाया है। उन्होंने कहा कि प्रोड्यूसर्स और डायरेक्टर्स के पास तारीखें आगे बढ़ाने की जायज वजहें होती हैं और यह इंतजार बेकार नहीं जाएगा। यह देरी फिल्म को वैश्विक स्तर (Global Reach) पर एक बड़ा मंच देने में मदद करेगी।

क्यों टाली गई फिल्म की रिलीज?

यह फिल्म पहले 19 मार्च को रिलीज होने वाली थी, जहां बॉक्स ऑफिस पर इसका मुकाबला रणवीर सिंह की फिल्म 'धुरंधर 2' से होना था। लेकिन मिडिल ईस्ट (इरान-इजराइल संघर्ष) के हालातों की वजह से इसे आगे बढ़ाकर 4 जून किया गया था। अब दूसरी बार इसे पोस्टपोन करने की वजह फिल्म के ग्लोबल डिस्ट्रीब्यूशन और रणनीतिक साझेदारियों को मजबूत करना है। मेकर्स चाहते हैं कि सिनेमाकॉन में मिले शानदार वैश्विक रिस्पॉन्स के बाद इस फिल्म को दुनिया भर में पूरी क्षमता के साथ रिलीज किया जाए।



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Saturday, May 16, 2026

UPSC Prelims Admit Card 2026 OUT: आधिकारिक वेबसाइट से डाउनलोड करें अपना हॉल टिकट, 24 मई को है प्री परीक्षा

UPSC Prelims Admit Card 2026: संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) द्वारा आयोजित 2026 सिविल सर्विसेज परीक्षा (CSE) के लिए आवेदन करने वाले उम्मीदवार प्रीलिम्स परीक्षा के लिए एडमिट कार्ड का इंतजार कर रहे हैं। आयोग ने इन उम्मीदवारों की चिंता का समाधान करते हुए यूपीएससी सीएसई 2026 प्री का एडमिट कार्ड आधिकारिक वेबसाइट पर जारी कर दिया है। परीक्षा के लिए आवेदन करने वाले उम्मीदवार अपने क्रेडेंशियल का उपयोग कर हॉल टिकट डाउनलोड कर सकते हैं। इस साल, UPSC ने सीएसई 2026 के जरिए 933 वैकेंसी की घोषणा की है।

यूपीएससी सीएसई 2026 प्री 24 मई 2026 को पूरे देश में निर्धारित परीक्षा केंद्रों पर आयोजित की जाएगी। इस परीक्षा में बैठेंगे, वो आयोग की ऑफिशियल वेबसाइट upsc.gov.in से अपना एडमिट कार्ड डाउनलोड कर सकते हैं यूपीएससी सीएसई प्रीलिम्स एडमिट कार्ड आयोग की ऑफिशियल वेबसाइट्स पर उपलब्ध है. आप नीचे दी गई किसी भी वेबसाइट पर जाकर इसे चेक कर सकते हैं:

upsc.gov.in

upsconline.gov.in

upsconline.nic.in

एडमिट कार्ड कैसे डाउनलोड करें?

  • UPSC की ऑफिशियल वेबसाइट upsc.gov.in पर जाएं।
  • होमपेज पर, "What's New" सेक्शन को चेक करें और "e-Admit Card: Civil Services (Preliminary) Examination, 2026" वाले लिंक पर क्लिक करें।
  • आपको UPSC एप्लीकेशन पोर्टल पर रीडायरेक्ट किया जाएगा।
  • यहां मोबाइल नंबर, रजिस्टर्ड ईमेल ID और URN नंबर की मदद से लॉग इन कर सकते हैं।
  • एडमिट कार्ड आपके सामने आ जाएगा।
  • हॉल टिकट डाउनलोड करें और आगे इस्तेमाल के लिए एक क्लियर प्रिंटआउट ले लें।

यूपीएससी एडमिट कार्ड में चेक करें ये 8 जरूरी चीजें

यूपीएससी सीएसई 2026 प्रवेश पत्र में यहां बताई जा रही हर जानकारी को ध्यान से मिला लें. अगर कोई गड़बड़ी हो तो तुरंत आयोग से संपर्क करें:

  • नाम और स्पेलिंग
  • रोल नंबर
  • परीक्षा की तारीख (24 मई 2026)
  • एग्जाम की शिफ्ट
  • सेंटर कोड और एग्जाम सेंटर का पूरा पता
  • विषय
  • जरूरी गाइडलाइंस

यूपीएससी सीएसई 2026 प्री परीक्षा समय

यूपीएससी सीएसई 2026 प्री परीक्षा 24 मई, रविवार को दो शिफ्ट में आयोजित की जाएगी। परीक्षा शुरू होने से ठीक 30 मिनट पहले एंट्री गेट बंद कर दिए जाएंगे। इसलिए पर्याप्त समय लेकर निकलें।

पहली शिफ्ट : यह पेपर सुबह 9.30 बजे से शुरू होगा, इसलिए सुबह 9 बजे के बाद किसी को एंट्री नहीं मिलेगी।

दूसरी शिफ्ट : यह पेपर दोपहर 2.30 बजे से शुरू होगा, जिसके लिए दोपहर 2 बजे गेट बंद कर दिए जाएंगे।

परीक्षा हॉल में ये चीजें रहेंगी बैन

यूपीएससी सीएसई 2026 प्री के एग्जाम हॉल के अंदर मोबाइल फोन, स्मार्ट वॉच, कोई भी इलेक्ट्रॉनिक गैजेट, कैलकुलेटर या ब्लूटूथ डिवाइस न ले जाएं, वरना आपको परीक्षा से डिबार (वंचित) किया जा सकता है।

यूपीएससी सीएसई 2026 परीक्षा नियमों में हुआ है ये बदलाव

यूपीएससी ने इस बार सिविल सेवा परीक्षा नियमों में बदलाव लागू किए हैं। इनके तहत अब पहले से ही अच्छे पदों पर नियुक्त उम्मीदवार बेहतर की लालच में यूपीएससी सीएसई नहीं दे पाएंगे।

अगर प्री और मुख्य परीक्षा के बीच किसी कैंडिडेट की नियुक्ति आईएएस या आईपीएस पद पर हो जाती है तो वो मेंस एग्जाम नहीं दे पाएगा।

UP School education recruitment: इन स्कूलों में जल्द की जाएगी 23,000 से ज्यादा शिक्षक पदों पर भर्ती, आधिकारिक पोर्टल पर जल्द जारी होगा भर्ती का नोटिस



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Friday, May 15, 2026

Muthoot Finance Share: मुथूट फाइनेंस का शेयर 6% क्रैश, क्या अभी खरीदने पर होगी मोटी कमाई?

Muthoot Finance Share: मुथूट फाइनेंस के मार्च तिमाही के नतीजे अच्छे हैं। इस दौरान लोन ग्रोथ अच्छी रही। इंटरेस्ट मार्जिन में भी इम्प्रूवमेंट दिखा। हालांकि, एसेट क्वालिटी में थोड़ी गिरावट दिखी। लेकिन, कंपनी की पूरी लोन बुक कोलैटराइज्ड है, जिससे चिंता की बात नहीं है। कंपनी का 91 फीसदी एसेट्स गोल्ड लोन से आता है। इसका मतलब है कि गोल्ड के आउटलुक का असर कंपनी के बिजनेस पर पड़ता है।

गोल्ड लोन बिजनेस के लिए अच्छी संभावनाएं

भारत में घर में सोना रखने का चलन है। इसका मतलब है कि मुथूट फाइनेंस जैसी कंपनियों के लिए कारोबार की अच्छी संभावनाएं बनी रहेंगी। गोल्ड की कीमतों में जल्द बड़ी गिरावट आने की उम्मीद नहीं है। कंपनी की दो सब्सिडियरी हैं। इनमें मुथूट मनी और एनबीएफसी एमएफआई बेलस्टार शामिल हैं। मुथूट मनी में उसकी 100 फीसदी हिस्सेदारी है, जबकि बेलस्टार में 66.13 फीसदी हिस्सेदारी है। ग्रुप की कंसॉलिडेटेड गोल्ड लोन बुक मार्च के अंत में 1,65,030 करोड़ रुपये की थी।

कंपनी ने 15 फीसदी लोन ग्रोथ का गाइडेंस दिया

मुथूट फाइनेंस का स्टैंडएलोन एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) साल दर साल आधार पर 50 फीसदी बढ़ा है। इसमें गोल्ड की कीमतों में इजाफा का हाथ है। मार्च तिमाही में कंपनी के कस्टमर बेस में हल्की कमी आई है। कंपनी के मैनेजमेंट का कहना है कि यह गोल्ड बिजनेस में बढ़ती प्रतिस्पर्धा का असर हो सकता है। कंपनी ने FY27 के लिए 15 फीसदी लोन ग्रोथ का गाइडेंस दिया है।

मुथूट का एलटीवी रेशियो 57 फीसदी 

गोल्ड लोन बिजनेस की ग्रोथ में सोने की कीमतों में तेजी का हाथ है। सोना महंगा होने से ग्राहक को अपने सोने पर ज्यादा लोन मिलता है। इसके अलावा अनसेक्योर्ड लोन पर आरबीआई की सख्ती से गोल्ड लोन की डिमांड बढ़ी है। मुथूट फाइनेंस का लोन-टू-वैल्यू (LTV) रेशियो 57 फीसदी है, जो काफी कंफर्टेबल है।

गोल्ड लोन बिजनेस के लिए नई गाइडलाइंस लागू

गोल्ड लोन बिजनेस में बढ़ती प्रतियोगिता के बावजूद मुथूट फाइनेंस अपनी लेंडिंग यील्ड बढ़ाने में सफल रही है। कंपनी को लेंडिंग यील्ड 18-19 फीसदी के बीच रहने की उम्मीद है। आरबीआई की गोल्ड लोन की नई गाइडलाइंस इस साल 1 अप्रैल से लागू हो गई है। इसमें ग्राहक की सुरक्षा बढ़ाने के कई उपाय किए गए हैं। छोटे अमाउंट के लोन पर एलटीवी बढ़ाई गई है।

यह भी पढ़ें: Rupee At Record Low: रुपया पहली बार डॉलर के मुकाबले गिरकर 96.05 पर पहुंचा

लंबी अवधि में शेयर का प्रदर्शन अच्छा रह सकता है

मुथूट फाइनेंस का शेयर 15 मई को 6.29 फीसदी गिरकर 3,309 रुपये पर बंद हुआ। इस साल यह शेयर करीब 14 फीसदी गिरा है। लेकिन, बीते एक साल में यह 57 फीसदी से ज्यादा चढ़ा है। इस दौरान दूसरी गोल्ड लोन कंपनियों के शेयरों में भी जबर्दस्त तेजी आई है। आगे गोल्ड की कीमतों में गिरावट के आसार नहीं हैं। इसका मतलब है कि मुथूट फाइनेंस जैसी कंपनियों की अच्छी ग्रोथ जारी रह सकती है। लंबी अवधि में शेयर का प्रदर्शन अच्छा रह सकता है।



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Thursday, May 14, 2026

Work From Home in Delhi: वर्क फ्रॉम होम पर दिल्ली सरकार का बड़ा ऐलान, अब हफ्ते में इतने दिन करना होगा घर से काम

Delhi Work From Home: मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध और तेल संकट के बीच दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने आज राजधानी के लिए कई सख्त फैसलों का ऐलान किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा देशवासियों से ईंधन बचाने की अपील के बाद, दिल्ली सरकार ने सरकारी और निजी क्षेत्र के लिए नए नियम जारी किए हैं। इन उपायों का मुख्य उद्देश्य पेट्रोल-डीजल की खपत कम करना और देश की ऊर्जा सुरक्षा में योगदान देना है।

हफ्ते में 2 दिन 'वर्क फ्रॉम होम' अनिवार्य

मुख्यमंत्री ने घोषणा की है कि सभी दिल्ली सरकारी कर्मचारियों के लिए हफ्ते में दो दिन वर्क फ्रॉम होम (WFH) अनिवार्य होगा। सीएम रेखा गुप्ता ने निजी कंपनियों से भी अपील की है कि वे अपनी सुविधा के अनुसार हफ्ते के कोई भी दो दिन रिमोट वर्किंग के लिए चुनें। श्रम विभाग इस व्यवस्था के कार्यान्वयन पर कड़ी नजर रखेगा ताकि सड़कों पर वाहनों की संख्या कम की जा सके।

'मेट्रो मंडे' और ऑफिस के समय में बदलाव

ईंधन बचाने के लिए सरकार ने सोमवार को 'मेट्रो मंडे' के रूप में मनाने का फैसला किया है। इसके तहत सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों को पब्लिक ट्रांसपोर्ट इस्तेमाल करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। साथ ही ऑफिस के समय में भी बदलाव किया गया है:

दिल्ली सरकार के ऑफिस: सुबह 10:30 बजे से शाम 7:00 बजे तक।

MCD ऑफिस: सुबह 8:30 बजे से शाम 5:00 बजे तक।

यह बदलाव इसलिए किया गया है ताकि पीक ऑवर्स में भीड़ और ट्रैफिक जाम से बचा जा सके।

मंत्रियों और अफसरों पर खर्च में कटौती

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने खुद उदाहरण पेश करते हुए सरकारी खर्चों में भारी कटौती का एलान किया है। अगले एक साल तक दिल्ली का कोई भी मंत्री या अधिकारी आधिकारिक विदेशी दौरे पर नहीं जाएगा। कल से सभी अधिकारियों के पेट्रोल भत्ते में 20 प्रतिशत की कटौती की जाएगी। अगले तीन महीनों के लिए सभी बड़े सरकारी कार्यक्रमों को रद्द कर दिया गया है। मंत्रियों ने अपने काफिले की गाड़ियों की संख्या कम कर दी है और अब वे कारपूलिंग या इलेक्ट्रिक वाहनों को प्राथमिकता देंगे।

PWD और जल बोर्ड के लिए 'नो कार डे'

पीडब्ल्यूडी, दिल्ली जल बोर्ड और सिंचाई विभाग जैसे महत्वपूर्ण विभागों को निर्देश दिए गए हैं कि वे वर्चुअल मीटिंग्स को प्राथमिकता दें। साथ ही इन विभागों के लिए हफ्ते में एक दिन 'नो कार डे' मनाया जाएगा, जहां किसी भी आधिकारिक कार्य के लिए निजी या सरकारी कारों का उपयोग नहीं होगा।



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Wednesday, May 13, 2026

गोल्ड पर इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ी, अब रिसाइकल सोना खरीदने में ज्यादा फायदा; समझ लीजिए पूरा हिसाब

सरकार ने सोना, चांदी और दूसरे कीमती धातुओं पर इंपोर्ट ड्यूटी 6 फीसदी से बढ़ाकर 15 फीसदी कर दी है। इसका असर ज्वेलरी बाजार में दिखने लगा है। इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स का कहना है कि इससे गोल्ड ज्वेलरी और गोल्ड कॉइन की बिक्री में तेज गिरावट आ सकती है। लेकिन, पुराने सोने को एक्सचेंज करने का ट्रेंड तेजी से बढ़ सकता है।

दिल्ली के पुराने ज्वेलरी बाजार दरीबा कलां में इसका असर भी दिखने लगा है। मार्केट एसोसिएशन के ट्रेजरर और Radhey Kishan Gopal Kishan Jewellers के मालिक गौरव गुप्ता ने कहा कि पिछले दो दिनों में ज्वेलरी और गोल्ड कॉइन की मांग करीब 25 फीसदी तक घट गई है। उनके मुताबिक इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ने के बाद कीमतों में और तेजी आ सकती है, जिससे मांग पर और दबाव पड़ सकता है।

रिसाइक्लिंग गोल्ड पर कितनी बचत?

सरकार ने गोल्ड इंपोर्ट ड्यूटी 6 फीसदी से बढ़ाकर 15 फीसदी कर दी है। यानी अब विदेश से आने वाला नया सोना पहले के मुकाबले काफी महंगा पड़ेगा। इसका सीधा असर ज्वेलरी की कीमतों पर भी दिख सकता है। एक्सपर्ट्स का अनुमान है कि सिर्फ ड्यूटी बढ़ने की वजह से 10 ग्राम सोना करीब 13,000 से 14,000 रुपये तक महंगा हो सकता है।

अब मान लीजिए अंतरराष्ट्रीय बाजार के हिसाब से 10 ग्राम सोने की बेस कीमत 1.40 लाख रुपये है। पहले 6 फीसदी ड्यूटी लगने पर इसमें करीब 8,400 रुपये जुड़ते थे। लेकिन अब 15 फीसदी ड्यूटी लगने पर करीब 21,000 रुपये जुड़ेंगे। यानी सिर्फ टैक्स बढ़ने की वजह से करीब 12,000 से 13,000 रुपये का अतिरिक्त असर पड़ सकता है। इसके ऊपर GST और मेकिंग चार्ज अलग से लगते हैं।

अब अगर कोई ग्राहक पुराना सोना एक्सचेंज करके नई ज्वेलरी लेता है, तो उसे पूरे नए आयातित गोल्ड का खर्च नहीं उठाना पड़ता। उदाहरण के तौर पर अगर आपके पास 50 ग्राम पुरानी ज्वेलरी है, तो ज्वेलर उसी गोल्ड को पिघलाकर नई डिजाइन बना सकता है। ऐसे में ग्राहक को सिर्फ मेकिंग चार्ज, थोड़ा बहुत वेस्टेज और अगर वजन बढ़ा है तो उतने अतिरिक्त गोल्ड का पैसा देना पड़ता है।

यही वजह है कि रिसाइकल या एक्सचेंज गोल्ड मॉडल में ग्राहक हजारों रुपये बचा सकता है। खासकर मौजूदा समय में, जब गोल्ड पर इंपोर्ट ड्यूटी 15 फीसदी हो चुकी है, तब पुराना सोना एक्सचेंज करना नए सोने की सीधी खरीदारी से काफी किफायती विकल्प बन सकता है।

पुराने सोने का एक्सचेंज बढ़ सकता है

Dhirsons Jewellers के डायरेक्टर राघव धीर ने कहा कि यह बड़ा नीतिगत बदलाव है, जिससे सप्लाई चेन की लागत बढ़ेगी। लेकिन इससे ग्राहकों को यह सोचने का मौका भी मिलेगा कि वे गोल्ड को किस तरह इस्तेमाल करना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि अब ग्राहकों के लिए घर में पड़ा पुराना सोना एक्सचेंज कर नई ज्वेलरी लेना ज्यादा समझदारी वाला विकल्प बन सकता है।

पुणे की PNG Sons के डायरेक्टर और CEO अमित मोडक का कहना है कि नई ड्यूटी ज्वेलर्स के पास मौजूद पुराने स्टॉक और ग्राहकों के पुराने सोने की वैल्यू भी बढ़ जाएगी। ऐसे माहौल में पुराने गोल्ड के एक्सचेंज और रिसाइक्लिंग को बढ़ावा मिल सकता है।

सोना 13,500 रुपये तक महंगा हो सकता है

ऑल इंडिया ज्वेलर्स एंड गोल्डस्मिथ फेडरेशन (AIJGF) के राष्ट्रीय महासचिव नितिन केडिया ने कहा कि नई ड्यूटी के बाद सोना करीब 9 फीसदी महंगा हो सकता है।

उन्होंने अनुमान जताया कि इससे प्रति 10 ग्राम सोने की कीमत में करीब 13,500 रुपये तक की बढ़ोतरी हो सकती है। इसके चलते अप्रैल-जून तिमाही में गोल्ड इंपोर्ट और ज्वेलरी डिमांड दोनों में तेज गिरावट आ सकती है। उन्होंने यह भी कहा कि अब ज्यादा ग्राहक पुराने सोने को बेचकर या एक्सचेंज करके नई ज्वेलरी खरीदने की तरफ बढ़ सकते हैं।

Recycled Gold: गोल्ड नहीं खरीदने की अपील के बीच रिसाइकल गोल्ड पर क्या लगा सकते हैं दांव? इसका कॉन्सेप्ट और कीमत भी जान लीजिए

Disclaimer: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।



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Tuesday, May 12, 2026

साउथ दिल्ली में 2500 स्क्वॉयर फीट के फ्लैट की कीमत आपके होश उड़ा देगी, 3 महीने में ही प्रॉपर्टी कीमत में 32% तक इजाफा

South Delhi property prices: दक्षिण दिल्ली का लग्जरी हाउसिंग मार्केट 2026 की पहली तिमाही में भी मजबूत बना रहा। अमीर खरीदारों की लगातार मांग के चलते यहां लग्जरी बिल्डर फ्लोर की कीमतों में तेज बढ़ोतरी देखने को मिली है।

रियल एस्टेट फोकस्ड अल्टरनेटिव इनवेस्टमेंट फंड यानी AIF ‘Golden Growth Fund’ के डेटा के मुताबिक जनवरी से मार्च 2026 के दौरान दक्षिण दिल्ली के लग्जरी बिल्डर फ्लोर की कीमतों में 32 फीसदी तक उछाल आया।

कैटेगरी B कॉलोनियों ने मारी बाजी

दिलचस्प बात यह रही कि कीमतों में बढ़ोतरी के मामले में Category B कॉलोनियों ने Category A कॉलोनियों को पीछे छोड़ दिया। डेटा के मुताबिक Category B कॉलोनियों में कीमतें 23 फीसदी से 32 फीसदी तक बढ़ीं। वहीं Category A कॉलोनियों में यह बढ़त 14 फीसदी से 22 फीसदी के बीच रही।

हालांकि कीमतों की बात करें तो Category A कॉलोनियां अब भी ज्यादा महंगी बनी हुई हैं। यहां लग्जरी फ्लोर की कीमतें 14 करोड़ रुपये से लेकर 55 करोड़ रुपये तक पहुंच रही हैं। वहीं Category B कॉलोनियों में प्रॉपर्टी की कीमत 9 करोड़ रुपये से 19 करोड़ रुपये के बीच है।

आखिर क्यों बढ़ रही हैं कीमतें

मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि दक्षिण दिल्ली में HNI यानी हाई नेटवर्थ इंडिविजुअल्स की मांग लगातार मजबूत बनी हुई है। वहीं प्रीमियम इंडिपेंडेंट फ्लोर की सप्लाई सीमित है।

इसके अलावा दक्षिण दिल्ली का मजबूत सोशल इंफ्रास्ट्रक्चर, बेहतर लोकेशन और स्थापित लग्जरी मार्केट भी कीमतों को सपोर्ट कर रहा है। यही वजह है कि देश के दूसरे कई प्रॉपर्टी बाजारों में सुस्ती के बावजूद यहां तेजी बनी हुई है।

दूसरे इलाकों से भी आ रहे खरीदार

Golden Growth Fund के CEO अंकुर जालान का कहना है कि दक्षिण दिल्ली एक जैसा बाजार नहीं है। अलग अलग कॉलोनियों और माइक्रो मार्केट्स में कीमतों में काफी अंतर देखने को मिलता है।

उन्होंने कहा कि दिल्ली के दूसरे हिस्सों से भी अब खरीदार दक्षिण दिल्ली की तरफ शिफ्ट हो रहे हैं। मजबूत मांग और सीमित सप्लाई के चलते आने वाले समय में भी कीमतों में मजबूती बनी रह सकती है। जालान के मुताबिक अगर NCR के बाकी हिस्सों में सुस्ती बढ़ती है, तो दक्षिण दिल्ली के प्रीमियम प्रॉपर्टी मार्केट को इसका और फायदा मिल सकता है।

कौन सी कॉलोनियां हैं सबसे महंगी

दिल्ली नगर निगम यानी MCD ने राजधानी की कॉलोनियों को A से लेकर H तक कुल 8 कैटेगरी में बांटा हुआ है। प्रॉपर्टी टैक्स, सर्किल रेट और स्टांप ड्यूटी इन्हीं कैटेगरी के आधार पर तय होती है।

Category A कॉलोनियों में गोल्फ लिंक्स, पंचशील पार्क, वसंत विहार, चाणक्यपुरी, जोर बाग, सुंदर नगर और महारानी बाग जैसी पॉश लोकेशन शामिल हैं।

वहीं Category B कॉलोनियों में ग्रेटर कैलाश, डिफेंस कॉलोनी, ग्रीन पार्क, गुलमोहर पार्क, सफदरजंग एंक्लेव और कैलाश कॉलोनी जैसी लोकेशन आती हैं।

कितनी पहुंच गई हैं कीमतें

डेटा के मुताबिक Category A कॉलोनियों में 2500 वर्गफुट के फ्लोर की कीमत 14 करोड़ रुपये से 25 करोड़ रुपये के बीच पहुंच चुकी है। इनमें औसतन 22 फीसदी सालाना बढ़त दर्ज की गई। वहीं 6000 वर्गफुट के फ्लोर की कीमत 25 करोड़ रुपये से 55 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है, जिसमें 14 फीसदी की बढ़त हुई।

Category B कॉलोनियों में 2500 वर्गफुट के फ्लोर की कीमत 9 करोड़ रुपये से 12.5 करोड़ रुपये के बीच रही और इनमें 23 फीसदी सालाना तेजी आई।

इसी तरह 3200 वर्गफुट के फ्लोर की कीमत 14 करोड़ रुपये से 19 करोड़ रुपये तक पहुंच गई, जहां 32 फीसदी तक की बढ़त दर्ज की गई।

6.5 लाख करोड़ का बड़ा मौका

रिपोर्ट के मुताबिक दक्षिण दिल्ली की 42 Category A और B कॉलोनियों में करीब 18,500 प्लॉट मौजूद हैं। इन कॉलोनियों का कुल रीडेवलपमेंट पोटेंशियल लगभग 6.5 लाख करोड़ रुपये आंका गया है। इसे रियल एस्टेट डेवलपर्स के लिए बड़ा अवसर माना जा रहा है।

पश्चिम एशिया तनाव का भी असर

अंकुर जालान का कहना है कि पश्चिम एशिया में जारी तनाव फिलहाल वैश्विक स्तर पर अनिश्चितता जरूर पैदा कर रहा है। लेकिन मध्यम अवधि में दक्षिण दिल्ली जैसे प्रीमियम रियल एस्टेट बाजार को इसका फायदा मिल सकता है। उनके मुताबिक अमीर भारतीय परिवार और NRI निवेशक सुरक्षित और स्थापित लग्जरी मार्केट्स में निवेश बढ़ा सकते हैं।

Mutual Funds Investment: अनिश्चितता का माहौल... अब म्यूचुअल फंड में कैसे करें निवेश? जानिए एक्सपर्ट से



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