Holi Special: होली का त्योहार रंगों, उमंग और नई शुरुआत का प्रतीक है, और बॉलीवुड ने इसे अपनी कई यादगार फिल्मों में ऐसा इस्तेमाल किया कि ये सीन पूरी कहानी का टर्निंग पॉइंट बन गए। रंगों की भवें भरते ये दृश्य न केवल मनोरंजन देते हैं, बल्कि प्यार, दुश्मनी, रहस्य या संघर्ष को उजागर कर देते हैं। होली 2026 के उत्साह के बीच इन फिल्मों को याद करना मजेदार है, जहां त्योहार ने स्क्रिप्ट को हमेशा के लिए बदल दिया।
शोले:
रमेश सिप्पी की कल्ट क्लासिक 'शोले' (1975) में होली का गाना 'होली के दिन दिल खिल जाते हैं' फिल्म का पहला बड़ा एक्शन मोमेंट लाता है। अमिताभ बच्चन (जय) और धर्मेंद्र (वीरू) रंगों की होली खेलते गांववालों संग नाच-गान कर रहे होते हैं। तभी खूंखार डाकू गब्बर सिंह (अमजद खान) की धमाकेदार एंट्री होती है। जय रंगों की थाली फेंक गब्बर की आंखों में धूल झोंकता है, जिसके बाद गोलीबारी शुरू हो जाती है। यहीं ठाकुर के हाथ कटने की फ्लैशबैक स्टोरी भी खुलती है। यह सीन रामगढ़ की होली को खूनी रंग दे देता है और पूरी कहानी का क्लाइमैक्स तय कर देता है।
सिलसिला:
यश चोपड़ा की 'सिलसिला' (1981) में होली प्यार के त्रिकोण को उजागर करती है। अमिताभ बच्चन अपने भाई शशि कपूर की पत्नी रेखा से नशे में होली खेलते हैं, गाना 'रंग बरसे' गाते हुए। जया बच्चन और संजीव कुमार को यह नजदीकी नागवार गुजरती है। शादी के बाद भी बुझ न पाया प्यार यहां फूट पड़ता है, जो परिवार में दरार डाल देता है। यह इमोशनल सीन फिल्म को रोमांटिक ड्रामा से फैमिली कंफ्लिक्ट की ओर मोड़ देता है।
दामिनी:
राजकुमार संतोषी की 'दामिनी' (1993) में होली एक सामाजिक मुद्दे का ट्रिगर बनती है। सनी देओल की पत्नी दामिनी (मीनाक्षी शेषाद्री) होली के जश्न में अपने देवर को नौकरानी के साथ रेप करते देख लेती है। वह न्याय के लिए घर छोड़ देती है और कोर्ट में लड़ाई लड़ती है। यह सीन फिल्म को फैमिली ड्रामा से कोर्टरूम थ्रिलर में बदल देता है, जहां दामिनी का 'लहरों से डरकर नौका कभी पार नहीं होती' डायलॉग इतिहास बन जाता है।
मोहब्बतें:
अदित्य चोपड़ा की 'मोहब्बतें' (2000) में शाहरुख खान होली का बहाना बनाकर अमिताभ बच्चन के सख्त गुरुकुल नियम तोड़ते हैं। लड़के-लड़कियां कैंपस से बाहर पहली बार होली खेलते हैं। नारायण शंकर को यह विद्रोह बर्दाश्त नहीं होता, जो प्यार बनाम अनुशासन के संघर्ष को तेज कर देता है। यह सीन फिल्म के रोमांटिक म्यूजिकल टोन को ड्रामा से भर देता है।
गोलियों की रासलीला रामलीला:
संजय लीला भंसाली की 'रामलीला' (2013) में होली रासलीला के जरिए रणवीर सिंह और दीपिका पादुकोण के बीच प्यार फूटता है। गुंडों के बीच रंगों का खेल भेदभाव मिटा देता है और रोमांस शुरू होता है। यह सीन गुजराती संस्कृति से प्रेरित होकर फिल्म को गैंगस्टर लव स्टोरी का अनोखा रंग देता है।
ये सीन साबित करते हैं कि होली बॉलीवुड में सिर्फ गाना नहीं, बल्कि कहानी का दिल है। रंगों ने हमेशा इमोशंस को उभार दिया।
होली के सीन बॉलीवुड फिल्मों में सिर्फ रंगों की खूबसूरती नहीं दिखाते, बल्कि कई बार कहानी का टर्निंग पॉइंट बन जाते हैं। चाहे वह शोले का खौफनाक मोड़ हो या सिलसिलाका भावनात्मक खुलासा होली ने बार-बार साबित किया है कि यह त्योहार सिनेमा में सिर्फ उत्सव नहीं, बल्कि कहानी कहने का एक शक्तिशाली माध्यम भी है।
from HindiMoneycontrol Top Headlines https://ift.tt/JgAewlx
via