Tuesday, September 29, 2026

Video: डोसा खाते-खाते अंदर दिखा मरा हुआ चूहा, मुंबई में ग्राहक की शिकायत के बाद फूड सेफ्टी पर सवाल

मुंबई के बोरीवली इलाके में बाहर खाना खाने गए एक परिवार को ऐसा अनुभव हुआ, जिसकी उन्होंने शायद कल्पना भी नहीं की होगी। शिकायत के अनुसार, रेस्टोरेंट में परोसे गए मैसूर मसाला डोसा के अंदर एक मरा हुआ चूहा नजर आया। हैरानी की बात यह है कि इसे देखने से पहले ग्राहक डोसे के कुछ निवाले खा चुका था।

मामला सामने आने के बाद परिवार ने पुलिस को जानकारी दी और खाद्य विभाग से भी जांच की मांग की है। अब इस शिकायत की सच्चाई और रेस्टोरेंट में खाने की साफ-सफाई को लेकर जांच का इंतजार है।

कुछ निवाले खाने के बाद खुला मामला

बताया गया है कि ग्राहक के भाई ने डोसा खाना शुरू कर दिया था। कुछ हिस्सा खाने के बाद उसकी नजर डोसे के अंदर पड़े चूहे पर गई। अचानक सामने आए इस नजारे से वह घबरा गया और शिकायत के मुताबिक, उसकी तबीयत बिगड़ने पर उल्टी भी हुई। इसके बाद परिवार ने बोरीवली पुलिस स्टेशन से संपर्क किया। उन्होंने खाद्य एवं औषधि प्रशासन यानी FDA से भी इस मामले की जांच करने की अपील की। मामला जिस रेस्टोरेंट से जुड़ा है, वह बोरीवली वेस्ट स्टेशन के पास एलटी रोड पर गोयल शॉपिंग सेंटर के सामने बताया गया है।

महाराष्ट्र में पहले से चल रही है जांच-पड़ताल

यह शिकायत ऐसे वक्त आई है, जब महाराष्ट्र में खाद्य प्रतिष्ठानों की सफाई और खाने की सुरक्षा को लेकर FDA कई जगहों पर कार्रवाई कर रहा है। हाल की जांच में कुछ रेस्टोरेंट में कीड़े-मकौड़े, चूहे से जुड़ी गंदगी और सफाई की कमी जैसी समस्याएं सामने आने की रिपोर्ट है। Kyani & Co. में निरीक्षण के दौरान बिल्लियां, चूहे की बीट, मक्खियां और मरे हुए कॉकरोच मिलने की बात सामने आई थी। वहीं BJRS Gallops को लेकर भी स्टोरेज, सफाई और कीट नियंत्रण से जुड़ी कमियां दर्ज की गईं। निरीक्षण में बर्फ पर खून के निशान, ग्रीस, कॉकरोच, चींटियां और पानी जमा होने जैसी बातें सामने आने की रिपोर्ट है।

Cafe Mondegar पर भी FDA की कार्रवाई

मुंबई के मशहूर Cafe Mondegar को लेकर भी FDA ने कार्रवाई की थी। जांच में खाने को सही तापमान पर रखने और खाद्य पदार्थों को सुरक्षित तरीके से संभालने से जुड़े नियमों में कमियां बताई गईं। इसके अलावा खाने को thaw करने, पकने के बाद ठंडा करने और रसोई की सफाई से जुड़े तरीकों में भी खामियां मिलने की बात कही गई थी।

अब जांच से सामने आएगी असली तस्वीर

बोरीवली के इस मामले ने एक बार फिर रेस्टोरेंट में खाना तैयार करने और रखने के तरीके पर सवाल खड़े किए हैं। हालांकि, फिलहाल यह मामला एक शिकायत और आरोप के स्तर पर है। जांच पूरी होने के बाद ही पता चलेगा कि डोसे में चूहा मिलने का दावा सही है या नहीं और आगे क्या कार्रवाई होती है।

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Monday, September 28, 2026

ITR Filing Deadline: सरकार ने ऑडिट वाले टैक्सपेयर्स को बड़ी राहत दी, अब 21 नवंबर तक भर सकेंगे ITR

ITR Filing Deadline: सरकार ने टैक्स ऑडिट वाले टैक्सपेयर्स को बड़ी राहत दी है। CBDT यानी सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्ट टैक्सेज ने असेसमेंट ईयर 2026-27 के लिए ITR भरने की डेडलाइन बढ़ा दी गई है। पहले ITR भरने की आखिरी तारीख 31 अक्टूबर 2026 थी। अब इसे बढ़ाकर 21 नवंबर 2026 कर दिया गया है। यानी करदाताओं को 21 दिन का अतिरिक्त समय मिला है।

टैक्स ऑडिट रिपोर्ट की डेडलाइन भी बढ़ी

CBDT ने टैक्स ऑडिट रिपोर्ट जमा करने की तारीख भी बढ़ा दी है। पहले यह काम 30 सितंबर 2026 तक करना था। अब इसकी आखिरी तारीख 21 अक्टूबर 2026 है। इससे टैक्सपेयर्स और चार्टर्ड अकाउंटेंट को ऑडिट पूरा करने के लिए ज्यादा समय मिलेगा।

डेडलाइन क्यों बढ़ाई गई?

कई CA एसोसिएशन और टैक्स प्रोफेशनल्स ने डेडलाइन बढ़ाने की मांग की थी। उनका कहना था कि ऑडिट पूरा करने में काफी समय लग रहा है। टैक्स से जुड़ी अलग-अलग जानकारियों का मिलान करना पड़ता है। साथ ही कई रिकॉर्ड और दस्तावेज भी जांचने होते हैं। अब डेडलाइन बढ़ने से यह काम पूरा करने के लिए ज्यादा समय मिलेगा।

ऑडिट में किन चीजों की जांच होती है?

टैक्स ऑडिट में कई जानकारियां चेक की जाती हैं। टर्नओवर और दूसरी वित्तीय जानकारी का GST रिटर्न से मिलान होता है। TDS और TCS की जानकारी भी देखी जाती है। इसके अलावा Form 26AS, AIS और TIS को भी चेक किया जाता है।

खर्च, फिक्स्ड एसेट, लोन और वैधानिक बकाया की भी जांच होती है। संबंधित पक्षों के साथ हुए लेनदेन और दूसरी जरूरी जानकारियां भी देखी जाती हैं। अगर कहीं कोई अंतर मिलता है तो उसे ठीक करना पड़ सकता है। इसके बाद ही ऑडिट रिपोर्ट फाइनल होती है।

अब टैक्सपेयर्स को क्या करना चाहिए?

डेडलाइन बढ़ गई है। लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि काम आखिरी समय तक टाल दें।

टैक्स ऑडिट के दायरे में आने वाले लोगों को अपने जरूरी दस्तावेज CA को दे देना चाहिए। बुक्स ऑफ अकाउंट्स, बैंक स्टेटमेंट, इनवॉइस, GST रिकॉर्ड और TDS की जानकारी अपडेट रखनी चाहिए। AIS, TIS और Form 26AS भी चेक कर लें। इनमें कोई गड़बड़ी या अंतर है तो समय रहते उसे ठीक करा लेनी चाहिए।

ITR भरने से पहले ये काम न भूलें

CA टैक्स ऑडिट रिपोर्ट अपलोड करने के बाद करदाता को उसे अपने इनकम टैक्स ई-फाइलिंग अकाउंट से स्वीकार या अप्रूव करना होता है।

इसलिए सिर्फ CA के रिपोर्ट अपलोड करने का इंतजार न करें। अप्रूवल के लिए भी समय रखें। आखिरी दिन तक काम छोड़ने से बचें। नई डेडलाइन के मुताबिक, टैक्स ऑडिट रिपोर्ट 21 अक्टूबर तक और ITR 21 नवंबर 2026 तक दाखिल करना होगा।

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Sunday, September 27, 2026

भारत में पहली बार चली LNG ट्रेन! गुजरात को मिली 1542 करोड़ के रेल प्रोजेक्ट्स की सौगात

गुजरात के साबरमती रेलवे स्टेशन पर रविवार को रेलवे के लिए एक खास शुरुआत हुई।  केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने देश की पहली LNG (लिक्विफाइड नेचुरल गैस) से चलने वाली ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इसके साथ ही उन्होंने साबरमती में 1,542 करोड़ रुपये से अधिक की कई रेलवे परियोजनाओं का उद्घाटन और शुभारंभ भी किया। इसमें लोकोमोटिव मेंटेनेंस शेड, ऑटोमैटिक सिग्नलिंग सिस्टम और रेलवे लाइन के दोहरीकरण से जुड़े कई प्रोजेक्ट शामिल हैं। इन परियोजनाओं से क्षेत्र में रेलवे सुविधाओं को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।

केंद्रीय गृह मंत्री ने दिखाई हरी झंडी

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह अहमदाबाद-पालनपुर और अहमदाबाद-समाखियाली रेल मार्ग पर स्वदेशी ‘कवच’ सुरक्षा प्रणाली की भी शुरुआत की है। इसके साथ ही वे LNG से चलने वाली भारत की पहली ट्रेन और WAG-12 इलेक्ट्रिक इंजन को हरी झंडी दिखाई है। इन रेलवे परियोजनाओं में साबरमती में WAG-12 लोकोमोटिव के रखरखाव के लिए शेड का उद्घाटन भी हुआ। इसके अलावा कुछ रेल मार्गों पर ऑटोमैटिक सिग्नलिंग सिस्टम लगाया जाएगा, जबकि साबरमती-सरखेज रेलवे लाइन को डबल करने का काम भी किया जाएगा। इन कामों से रेलवे की सुविधाओं और संचालन को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी। कार्यक्रम में गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल समेत कई बड़े नेता और अधिकारी मौजूद रहेंगे।

ट्रेनों के बीच टक्कर का खतरे को कम करेगी 'कवच'

इस प्रोजेक्ट के तहत अहमदाबाद डिवीजन के 404 किलोमीटर लंबे रेल नेटवर्क पर ‘कवच’ सुरक्षा प्रणाली लगाई जाएगी। करीब 411 करोड़ रुपये की लागत वाले इस प्रोजेक्ट में अहमदाबाद-पालनपुर का 157 किलोमीटर और अहमदाबाद-समाखियाली का 247 किलोमीटर रेल मार्ग शामिल है। इससे ट्रेनों की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने में मदद मिलेगी। ‘कवच’ सिस्टम ट्रेनों की सुरक्षा बढ़ाने के लिए बनाया गया है। यह ट्रेनों के बीच टक्कर का खतरा कम करने, तेज रफ्तार पर नियंत्रण रखने और ड्राइवर की गलती से होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने में मदद करता है। स्वदेशी तकनीक पर आधारित इस सिस्टम से ट्रेन संचालन को ज्यादा सुरक्षित और भरोसेमंद बनाने में मदद मिलेगी।

LNG तकनीक से कम खर्च होगा ईंधन

इस कार्यक्रम में देश की पहली LNG से चलने वाली ट्रेन की शुरुआत की गई। इसके लिए साबरमती के इंटीग्रेटेड कोचिंग डिपो में दो पावर कारों में डीजल और LNG से चलने वाला सिस्टम लगाया गया। इस तकनीक से ट्रेन में करीब 40 प्रतिशत डीजल की जगह LNG का इस्तेमाल किया जा सकेगा। LNG तकनीक से रेलवे में ईंधन खर्च कम होने के साथ प्रदूषण घटाने में भी मदद मिलने की उम्मीद है।

कब तक पूरा होगा काम

साबरमती में करीब 700 करोड़ रुपये की लागत से तैयार WAG-12 लोकोमोटिव मेंटेनेंस शेड में 300 हाई-पावर इलेक्ट्रिक इंजनों की देखभाल की सुविधा होगी। करीब 12,000 हॉर्सपावर क्षमता वाले WAG-12 इलेक्ट्रिक इंजन भारी और लंबी मालगाड़ियों को खींचने के लिए तैयार किए गए हैं। वहीं, साबरमती-सरखेज रेल लाइन के 21 किलोमीटर हिस्से को डबल करने पर करीब 313.27 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इस काम को मार्च 2028 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

लगेगा ऑटोमैटिक ब्लॉक सिग्नलिंग सिस्टम

साबरमती-कलोल-भांडू मोतीदौ और साबरमती-सानंद-जखवाड़ा के 122.57 किलोमीटर लंबे रेल मार्ग पर करीब 118.83 करोड़ रुपये की लागत से ऑटोमैटिक ब्लॉक सिग्नलिंग सिस्टम लगाया जाएगा। इससे ट्रेनों के बीच सुरक्षित दूरी बनाए रखने में मदद मिलेगी और रेल यातायात भी ज्यादा सुचारु हो सकेगा। इन रेलवे परियोजनाओं का मुख्य उद्देश्य गुजरात में रेल यात्रा को ज्यादा सुरक्षित और बेहतर बनाना है।



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Saturday, September 26, 2026

Bhabhi Tabaahi Song: यामी गौतम स्टारर 'नई नवेली’ नया गाना 'भाभी तबाही’ रिलीज, देसी स्वैग में छाई एक्ट्रेस

Bhabhi Tabaahi Song: जी म्यूजिक द्वारा प्रेजेंटेड 'भाभी तबाही' को जी.वी. प्रकाश कुमार ने कंपोज और प्रोड्यूस किया है, जबकि वायु ने बोल लिखे हैं और नीति मोहन ने अपनी आवाज से सजाया है। गाना नई नवेली फिल्म में मौजूद नई भाभी की पहली झलक दिखाता है, शादी के जश्न के जरिए वह परिवार में अपनी एंट्री करती है। इस एनर्जेटिक गाने में भांगड़ा, रैप, क्लासिकल और हिप-हॉप का शानदार मेल है।

फिल्म में यामी गौतम धर लीड रोल निभा रही हैं। इस फैंटेसी फैमिली एंटरटेनर में आदिनाथ एम कोठारे, अनुराग ठाकुर, सुनीता राजवर, मीता वशिष्ठ, आदित्य कुलश्रेष्ठ, सुस्मिता मुखर्जी, सोनल झा, सुनील सिन्हा, प्रतीक पचौरी, अक्षत सिंह, बबीता पांडे, अजय पाल और नीरज सिंह जैसे कलाकार भी अहम भूमिकाओं में नजर आने वाले हैं।

फिल्म को आनंद एल. राय और हिमांशु शर्मा द्वारा प्रोड्यूस किया गया है, जबकि बालाजी मोहन ने इसे डायरेक्ट किया है। फिल्म की कहानी को हिमांशु शर्मा और दिव्य निधि शर्मा ने लिखा है। नई नवेली 16 अक्टूबर को दशहरे से पहले थिएटर्स में रिलीज होने वाली है।

ट्रेलर के बाद उन्होंने माहौल को बदलते हुए ‘भाभी तबाही’ के साथ बने हुए मिस्ट्री के बीच म्यूजिकल सेलिब्रेशन का तड़का लगा दिया है। बता दें कि भाभी तबाही के साथ अमेजन MGM स्टूडियोज और कलर येलो ने अपनी आने वाली थिएटर आउटिंग का पहला गाना रिलीज कर दिया है। गाने में यामी गौतम धर को नई भाभी के अवतार में देखा जा सकता है।

शादी के जश्न के बैकड्रॉप पर सेट ‘भाभी तबाही’ गाने में नई भाभी की मुंह दिखाई होते हुए दिखाया गया है। गाना बेहद कमाल का है जो अपने में भांगड़ा, रैप, क्लासिकल और हिप-हॉप को साथ लिए हुए है। इसमें देसी एनर्जी को साफ महसूस किया जा सकता है। ऐसे में यह कहना गलत नहीं होगा कि एक शादी, चार साउंड, एक बैंगर और कैची हुक स्टेप कुल मिलाकर तब और भी जबरदस्त माहौल तैयार करते हैं जब यामी अपने चार्म और स्वैग के साथ इसपर अपने मूव्स दिखाती हैं।

गाने के बारे में बात करते हुए जी. वी. प्रकाश कुमार ने कहा, “‘भाभी तबाही’ उन गानों में से एक है, जिसमें हम महज साउंड के साथ कुछ मजेदार करना चाहते थे। इसमें एकदम देसी तड़का है, लेकिन साथ ही यह फ्रेश भी लगे और इसमें बहुत सारी एनर्जी भी हो। हम नहीं चाहते थे कि इस गाने के बारे में पहले से ही अंदाजा लगाया जा सके, इसलिए हमने रिदम और अरेंजमेंट के साथ काफी प्रयोग किया है।

कोरियोग्राफर विजय गांगुली ने कहा, “‘भाभी तबाही’ उन सबसे मस्तीभरे गानों में से एक है, जिन्हें मैंने अब तक कोरियोग्राफ किया है। फिल्म जिसमें यानी मोहिनी का किरदार निभा रही हैं , उनके साथ यह गाना करना बेहद खास रहा है। मोहिनी की पर्सनैलिटी काफी अलग है और वह केवल एक बीट पर अपने एक्सप्रेशन और डांस फॉर्म बदल सकती है। कोरियोग्राफी में भी वही कॉन्फिडेंस होना जरूरी था, साथ ही इसमें शरारत का सही तड़का भी होना चाहिए था, ताकि यह पूरी तरह मोहिनी का हिस्सा लगे।

ऐसे में अगर आप फिल्म का सिर्फ टीजर देखकर इस सोच में पड़ गए हैं कि क्या यह बहू सच में “डायन” है। तब फिल्म का नया गाना ‘भाभी तबाही’ आपके सामने किरदार का एक बहुत ही अलग रूप दिखाता है। यह भाभी अच्छे से जानती है कि अपनी मुंह दिखाई से ही उसे किस तरह से परिवार में एंट्री करनी है। ऐसे में इस दशहरा पर भाभी से मिलने के लिए तैयार हो जाइए, क्योंकि नई नवेली सिनेमाघरों में 16 अक्टूबर को रिलीज हो रही है।



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Friday, September 25, 2026

Mahakavya Shri Ramayan Katha: भाव, भक्ति और मर्यादा के साथ बड़े पर्दे पर लौटी देव शर्मा-अंजलि अरोड़ा स्टारर 'रामायण'

Mahakavya Shri Ramayan Katha: कुछ कहानियां हमें विरासत में मिलती हैं। 'महाकाव्य श्री रामायण कथा' कुछ ऐसी है। रामायण सिर्फ एक महाकाव्य नहीं, बल्कि भारतीय समाज और संस्कृति का ऐसा हिस्सा है, जिसकी कहानियां पीढ़ियों से घरों, मंदिरों, रामलीलाओं और परिवारों के बीच आगे बढ़ती रही है।

निर्देशक अभिषेक सिंह रामायण को किसी ऐसी कहानी के तौर पर पेश करने की कोशिश नहीं करते, जिसे नए सिरे से बदलने की जरूरत हो। फिल्म को उसी भरोसे, प्यार, आस्था, त्याग, मर्यादा, कर्तव्य और भक्ति की भावना के साथ बनाया गया है, जो इसे लेकर हर भारतीय अनुभव करता है।

फिल्म की खास बात यह है कि यह ऑरिजनल रामायण के इमोशन को बरकरार रखते हुए आज के दर्शक से कनेक्ट करने की कोशिश करती है। कथा की मूल पहचान को बदले बिना फिल्म के कई प्रसंगों में ऐसे भाव उभरते हैं, जिनसे वर्तमान पीढ़ी भी आसानी से जुड़ सकती है।

'महाकाव्य श्री रामायण कथा' का फोकस सिर्फ रॉयल सीन्स या बड़े पैमाने पर कहानी दिखाने के बजाय उन रिश्तों पर अधिक है, जो रामायण की आत्मा हैं। श्री राम और माता सीता का प्रेम, लक्ष्मण की अपने बड़े भाई के प्रति अटूट निष्ठा, हनुमान की श्री राम के प्रति पूर्ण भक्ति और राम की मर्यादा के सामने रावण का अहंकार — यही फिल्म की नींव हैं।

देव शर्मा ने श्री राम के किरदार को काफी संयम और गरिमा के साथ निभाया है। उनके एक्सप्रेशन सिर्फ वीरता दिखाने तक सीमित नहीं , बल्कि श्री राम के धैर्य, करुणा और मर्यादा को भी सामने लाते हैं। उनके किरदार में एक ठहराव दिखाई देता है। अंजलि अरोड़ा के किरदार को लेकर दर्शकों शक था, लेकिन माता सीता उन्होंने शानदार तरीके से निभाया हैं। फिल्म सीता के किरदार को सिर्फ राम की कहानी का हिस्सा बनाकर नहीं रखती, बल्कि उनके विश्वास, आत्मसम्मान और आंतरिक शक्ति को भी महत्व देती है।

शील वर्मा लक्ष्मण के रूप में राम परिवार की कहानी में एक महत्वपूर्ण इमोशनल परत जोड़ते हैं। श्री राम और माता सीता के प्रति उनका समर्पण और अपने बड़े भाई के साथ उनका रिश्ता फिल्म की यात्रा में लगातार महत्वपूर्ण बना रहता है। वहीं निर्भय वाधवा हनुमान के किरदार में ऊर्जा और भक्ति लेकर आते हैं। हनुमान की मौजूदगी वाले हिस्सों में उनका उत्साह कहानी को अलग गति देता है। जबकि राजनेश दुग्गल रावण के रूप में जच रहे हैं।

फिल्म का संगीत सुनने में अच्छा लगता है। संगीत कहानी के माहौल के साथ सटीक बैठता है। ‘सिया राम’ को जावेद अली ने अपनी आवाज दी है। वहीं फरहाद बिवंडीवाला की आवाज में ‘राम जी की सेना’ फिल्म में ऊर्जा और उत्साह लेकर आता है। कैलाश खेर का ‘हे हनुमान’ हनुमान से जुड़े सीन्स में भक्ति और जोश को बढ़ाता है। इसके अलावा शान, शाहिद मल्ल्या और वैशाली सामंत जैसे गायकों की आवाजें भी साउंडट्रैक का हिस्सा हैं।

बात वीएफएक्स की करें तो कुछ बड़े सीन्स में और बेहतर काम किया जा सकता था। खास कर युद्ध वाले सीन या लंका से जुड़े सीन थोड़े फीके लगते हैं। फिर भी यह कमी फिल्म की कहानी से जुड़ाव को पूरी तरह कमजोर नहीं करती है। अयोध्या से वनवास, सीता हरण, हनुमान के आगमन, लंका की ओर बढ़ती कहानी रावण के अंत तक की जर्नी दिखाती है।

शायद फिल्म की सबसे बड़ी खासियत यही है कि यह अपने दर्शकों को अच्छी तरह समझती है। महाकाव्य श्री रामायण कथा रामायण को किसी चौंकाने वाले या पूरी तरह अलग रूप में पेश करने की कोशिश नहीं करती। यह आस्था और उन मूल्यों को केंद्र में रखती है, जिनके कारण यह कथा आज भी लोगों के जीवन का हिस्सा बनी हुई है। फिल्म को हम 3.5 रेटिंग देते हैं।

फिल्म का निर्देशन अभिषेक सिंह ने किया है और इसका निर्माण प्रकाश महोबिया और संजय बुंदेला ने महोबिया फिल्म्स प्रोडक्शन के बैनर तले किया है। फिल्म को एजे फिल्म एंटरटेनमेंट वर्ल्ड और अजय कनोजिया प्रस्तुत कर रहे हैं, जबकि हनी कुलदीप अग्रवाल और मोनिका सेन सह-निर्माता हैं।



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Thursday, September 24, 2026

लेदर थ्रेड से मिलेट्स बिस्किट तक... 20 देशों में पहुंचे कानपुर की महिला कारोबारियों के उत्पाद, खड़ा किया करोड़ों का बिजनेस!

Kanpur Women Entrepreneurs Success Story: जब भी हमारे जुबान पर इंडस्ट्री का नाम आता है तो इसको हम पुरुष प्रधान क्षेत्र समझते हैं वही कानपुर को लंबे समय से देश के बड़े औद्योगिक शहरों में गिना जाता है। यहां कारखानों और कारोबार की बात होती थी तो ज्यादातर पुरुष कारोबारी ही सामने आते थे। अब यह तस्वीर तेजी से बदल रही है। शहर की महिलाएं भी उद्योग और मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्र में अपनी मजबूत पहचान बना रही हैं।

जिन महिलाओं को पहले हम घर संभालते हुए देखे थे अब वह बड़ी-बड़ी फैक्ट्रियां और इंडस्ट्रीज या संभाल रही है ,बीते पांच साल में कानपुर में महिला कारोबारियों और उद्यमियों की संख्या में करीब 15 से 20 फीसदी तक बढ़ोतरी हुई है। खास बात यह है कि महिलाएं अब सिर्फ छोटे कारोबार तक सीमित नहीं हैं, बल्कि खुद औद्योगिक इकाइयां चला रही हैं और दूसरे लोगों को रोजगार भी दे रही हैं।

लेदर, कपड़ा, पैकेजिंग और फूड प्रोसेसिंग जैसे सेक्टर में महिलाओं की भागीदारी लगातार बढ़ रही है। कई महिला उद्यमियों के उत्पाद देश के अलग-अलग शहरों में पहुंच रहे हैं, जबकि कुछ का माल विदेशों तक भी सप्लाई हो रहा है। यानी कानपुर की आधी आबादी अब कारोबार में सिर्फ हिस्सेदारी नहीं बढ़ा रही, बल्कि खुद कारोबार की कमान संभाल रही है।

केस 1: नौकरी छोड़ी, ट्रेडिंग से शुरू किया सफर, अब 20 देशों तक पहुंचा कारोबार

फजलगंज इंडस्ट्रियल एरिया में लेदर उद्योग से जुड़ी प्रेरणा वर्मा की कहानी इसकी बड़ी मिसाल है। प्रेरणा पहले एक प्राइवेट नौकरी करती थीं। नौकरी में मन नहीं लगा तो खुद का कारोबार शुरू करने का फैसला किया। शुरुआत में उन्होंने लेदर उत्पादों की ट्रेडिंग की। कारोबार बढ़ा तो अपनी फैक्ट्री लगाने का सपना देखा और उसे भी पूरा कर लिया।

केस 1: नौकरी छोड़ी, ट्रेडिंग से शुरू किया सफर, अब 20 देशों तक पहुंचा कारोबार

आज उनकी फैक्ट्री में लेदर थ्रेड, बैग और कस्टमाइज लेदर आइटम तैयार किए जा रहे हैं। इन उत्पादों की मांग देश के साथ विदेशों में भी है। उनके उत्पाद करीब 20 देशों तक पहुंच रहे हैं। फैक्ट्री में 100 से ज्यादा लोगों को रोजगार मिला हुआ है, जिसमें बड़ी संख्या महिलाओं की है।

केस 1: नौकरी छोड़ी, ट्रेडिंग से शुरू किया सफर, अब 20 देशों तक पहुंचा कारोबार

केस 2: मोटे अनाज से बनाए बिस्किट और नमकीन, विदेश तक पहुंचा कारोबार

बर्रा-2 निवासी संगीता सिंह ने वर्ष 2023 में अपना कारोबार शुरू किया। उन्होंने मोटे अनाज से अलग तरह के बिस्किट और नमकीन तैयार किए। शुरुआत में कारोबार छोटा था, लेकिन लोगों को उत्पाद पसंद आए तो धीरे-धीरे इसकी मांग बढ़ने लगी। पहले उत्पाद देश के अलग-अलग शहरों तक पहुंचे और इसके बाद विदेशों में भी इनकी मांग बनने लगी।

केस 2: मोटे अनाज से बनाए बिस्किट और नमकीन, विदेश तक पहुंचा कारोबार

आज संगीता का कारोबार करोड़ों रुपये सालाना तक पहुंच चुका है। उनकी कहानी बताती है कि सही उत्पाद और मेहनत के दम पर महिलाएं भी बड़े कारोबार खड़े कर सकती हैं।

उद्योग से रोजगार तक, महिलाओं की बढ़ रही भागीदारी

कानपुर में महिला उद्यमिता का बढ़ता दायरा सिर्फ कारोबार तक सीमित नहीं है। इन उद्योगों के जरिए महिलाओं को रोजगार भी मिल रहा है। कई महिला कारोबारी अपने साथ दूसरी महिलाओं को भी काम से जोड़ रही हैं। इससे आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने का रास्ता खुल रहा है।

कभी जिन महिलाओं को उद्योग की दुनिया से दूर माना जाता था, वही अब मशीनों के बीच खड़े होकर प्रोडक्शन की कमान संभाल रही हैं। लेदर से लेकर फूड प्रोसेसिंग तक अलग-अलग क्षेत्रों में महिलाएं कारोबार को नई दिशा दे रही हैं। इनके उत्पाद अब कानपुर और देश के बाजार से निकलकर विदेशों तक पहुंच रहे हैं।

महिलाओं को आगे बढ़ाने के लिए IIA में बनी महिला विंग

कानपुर में महिला उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन यानी IIA में महिला विंग भी बनाई गई है। इसका मकसद शहर की महिला उद्यमियों को एक मंच देना, उन्हें उद्योग से जुड़ी जानकारी और नए अवसरों से जोड़ना और कारोबार को आगे बढ़ाने में मदद करना है। महिला उद्यमियों के बीच नेटवर्किंग बढ़ाने के साथ उन्हें बाजार, तकनीक और कारोबार से जुड़ी संभावनाओं की जानकारी देने पर भी जोर दिया जा रहा है।

कानपुर की औद्योगिक तस्वीर में अब आधी आबादी की यह बढ़ती हिस्सेदारी साफ दिखाई दे रही है। महिलाएं खुद उद्योग चला रही हैं, लोगों को रोजगार दे रही हैं और अपने उत्पादों को देश ही नहीं, विदेशों के बाजार तक पहुंचा रही हैं। ऐसे में शहर की इंडस्ट्रियल पहचान में महिलाओं की यह बढ़ती भूमिका आने वाले समय में और बड़ी दिखाई दे सकती है।

पिछले पांच सालों में महिला उद्यमियों से जुड़े ये है प्रमुख आंकड़े

कुल उद्यम पंजीकरण हुए: 41008

कुल मैन्यूफेक्चरिंग यूनिट लगीं: 12711

कुल इंप्लॉयमेंट जेनरेट हुआ: 75622

कुल सर्विस यूनिट लगीं: 12234

कुल रोजगार मिला: 77071

कुल ट्रेडिंग संबंधी यूनिट लगीं: 16063

कुल रोजगार मिला: 74292

कुल निवेश कानपुर को मिला: 91961.66 लाख रुपये

रिपोर्ट- अखंड प्रताप सिंह



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Wednesday, September 23, 2026

Oppo ने लॉन्च किए Enco X4 ईयरबड्स, मिलेगा 11mm वूफर, ANC और 53 घंटे की बैटरी, जानें कीमत

Oppo ने चीन में Oppo Find X10, Find X10 E और Find X10 Pro Max के साथ Enco X4 वायरलेस ईयरबड्स लॉन्च किए हैं। इन ईयरबड्स में 11mm के डायनामिक वूफर और 6mm के ट्वीटर दिए गए हैं। ये Hi-Res Audio Wireless और लॉसलेस ऑडियो को सपोर्ट करते हैं और इनमें एक्टिव नॉइज कैंसिलेशन की सुविधा भी है। इसके अलावा, इनमें डुअल-डिवाइस कनेक्टिविटी के साथ Bluetooth 6.1 का सपोर्ट और IP55 रेटिंग भी मिलती है। बता दें कि Oppo Enco X4 को तीन कलर ऑप्शन में पेश किया गया है। ये Android और iOS दोनों डिवाइस के साथ काम करते हैं। कंपनी का दावा है कि चार्जिंग केस के साथ ये कुल 53 घंटे तक का प्लेबैक टाइम देते हैं।

Oppo Enco X4 की कीमत और उपलब्धता

चीन में Oppo Enco X4 की कीमत CNY 1,199 (लगभग 17,100 रुपये) है और ये Pink Gold, Soft White और Titanium Grey कलर ऑप्शन में उपलब्ध हैं। इनकी प्री-बुकिंग भी शुरू हो गई है और शिपिंग 24 सितंबर से शुरू होगी।

Oppo Enco X4 के फीचर्स और स्पेसिफिकेशन्स

Oppo Enco X4 में 11mm का डायनामिक वूफर और 6mm का ट्वीटर है, साथ ही इसकी फ्रीक्वेंसी रिस्पॉन्स रेंज 10Hz से 40kHz तक है। ये AAC, SBC, LHDC और LC3 कोडेक्स के साथ-साथ 48kHz/24-बिट लॉसलेस ऑडियो और स्पेशल ऑडियो को भी सपोर्ट करते हैं। इसके अलावा, ये ईयरबड्स अलग-अलग मोड के साथ एक्टिव नॉइज कैंसिलेशन को सपोर्ट करता है, जिनमें डीप, मीडियम और लाइट नॉइज कैंसिलेशन, ट्रांसपेरेंसी मोड और एडेप्टिव मोड शामिल हैं। Oppo का दावा है कि नॉइज कैंसिलेशन सिस्टम रोजमर्रा के 99.8 प्रतिशत तक शोर को कम कर सकता है।

कॉल के लिए, Oppo Enco X4 में चार माइक्रोफोन का इस्तेमाल किया गया है, जिनमें तीन सिलिकॉन माइक्रोफोन और एक VPU माइक्रोफोन शामिल हैं। ये ईयरबड्स चार-माइक्रोफोन AI कॉल नॉइज रिडक्शन और स्पेशल ऑडियो को सपोर्ट करते हैं। ये लेटेस्ट TWS ईयरफोन Bluetooth 6.1 और 10 मीटर तक की ट्रांसमिशन रेंज को सपोर्ट करते हैं। ये डुअल-डिवाइस कनेक्टिविटी को भी सपोर्ट करते हैं, जिससे इन्हें दो डिवाइस से कनेक्ट किया जा सकता है। इन्हें Android और iOS दोनों डिवाइस के साथ इस्तेमाल भी किया जा सकता है।

Oppo Enco X4 के हर ईयरबड में 65mAh की बैटरी दी गई है, जबकि चार्जिंग केस में 576mAh की बैटरी मिलती है। Oppo का दावा है कि AAC और नॉइस कैंसिलेशन बंद रखने पर ईयरबड्स 13 घंटे तक चल सकते हैं। वहीं, चार्जिंग केस के साथ कुल 53 घंटे तक का प्लेबैक टाइम मिलता है।

अगर LHDC का इस्तेमाल किया जाता है, तो ईयरबड्स से 10 घंटे तक और चार्जिंग केस के साथ कुल 42 घंटे तक का प्लेबैक टाइम मिलने का दावा किया गया है।

Oppo Enco X4 के चार्जिंग केस में USB Type-C और वायरलेस चार्जिंग दोनों का सपोर्ट मिलता है। कंपनी के अनुसार, वायर्ड कनेक्शन से ईयरबड्स को पूरी तरह चार्ज होने में लगभग 55 मिनट और केस को चार्ज होने में लगभग 65 मिनट लगते हैं, जबकि वायरलेस चार्जिंग में लगभग 2.5 घंटे का समय लगता है।

Oppo Enco X4 ईयरबड्स में से हर एक का वजन 5.6 ग्राम है और 41.8 ग्राम के चार्जिंग केस के साथ इनका कुल वजन 53 ग्राम हो जाता है। हर ईयरबड का साइज 32.11x18.19x21.03mm है, जबकि कुल डाइमेंशन 63.40x49.50x25.55mm हैं। ईयरबड्स में धूल और पानी से बचाव के लिए IP55 रेटिंग भी दी गई है।

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