Friday, September 18, 2026

Tata Sierra Legend Series लॉन्च, पैनोरमिक सनरूफ और 360° कैमरा समेत मिलेंगे ये फीचर्स, जानें कीमत

Tata Motors ने Sierra Legend Series के पांच नए वेरिएंट लॉन्च किए हैं। यह ब्रांड अपनी SUV रेंज में ज्यादा कंफर्ट, टेक्नोलॉजी और सेफ्टी वाले फीचर्स लेकर आया है, जिसकी शुरुआती कीमत ₹11.99 लाख (एक्स-शोरूम) है। यह अपडेट मुख्य रूप से इक्विपमेंट पर फोकस्ड है, जिसमें लेदरेट इंटीरियर, बड़ी इंफोटेनमेंट स्क्रीन, वेंटिलेटेड सीटें, पैनोरमिक सनरूफ और 360-डिग्री कैमरा जैसे फीचर्स अलग-अलग वेरिएंट में दिए गए हैं। इसके अलावा, Sierra में पहले की तरह पेट्रोल और डीजल इंजन और मैनुअल व ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन का विकल्प मिलता रहेगा। Legend Series की कीमतें इंजन, ट्रांसमिशन और वेरिएंट के आधार पर ₹19.49 लाख (एक्स-शोरूम) तक जाती हैं। यहां बताया गया है कि हर वर्जन में क्या-क्या मिलता है और कीमतों में क्या अंतर है।

Tata Sierra Legend Series: एक्स-शोरूम प्राइस लिस्ट

आपकी जानकारी के लिए यहां एक्स-शोरूम कीमतों की पूरी लिस्ट दी गई है।

वेरिएंटपेट्रोल मैनुअलपेट्रोल DCTडीजल मैनुअलडीजल ऑटोमैटिकटर्बो-पेट्रोल ऑटोमैटिक
Smart+ L₹11.99 लाख₹13.49 लाख
Pure L₹13.79 लाख₹14.99 लाख₹15.24 लाख
Pure L (O)₹14.29 लाख₹15.59 लाख₹15.74 लाख₹16.99 लाख
Pure+ L₹14.99 लाख₹16.29 लाख₹16.44 लाख₹17.74 लाख
Adventure+ L₹16.99 लाख₹18.29 लाख₹18.19 लाख₹19.49 लाख₹18.99 लाख

Tata Sierra Legend Series: नया क्या है?

Sierra Legend Series में 5 वेरिएंट आते हैं: Smart + L, Pure L, Pure L (O), Pure + L और Adventure + L। कंपनी ने Sierra के बेस पैकेज में कोई बड़ा बदलाव नहीं किया है। इसके बजाय, Tata Motors ने अलग-अलग कीमत वाले वेरिएंट में कुछ नए फीचर्स और सुविधाएं जोड़ी हैं।

इस सीरीज की शुरुआत Smart + L वेरिएंट से होती है, जिसकी कीमत 11.99 लाख रुपये (एक्स-शोरूम) है। इसमें लेदरेट सीट्स, डोर ट्रिम्स और आर्मरेस्ट दिए गए हैं। इसके अलावा, स्टीयरिंग-माउंटेड कंट्रोल्स, ऑटो-फोल्डिंग ORVMs और पैसिव एंट्री व पैसिव स्टार्ट जैसे फीचर्स भी मिलते हैं।

इस वेरिएंट में Bi-LED प्रोजेक्टर हेडलैंप्स, 6 एयरबैग्स, इलेक्ट्रॉनिक पार्किंग ब्रेक और 20 से ज्यादा फंक्शन वाला इलेक्ट्रॉनिक स्टेबिलिटी प्रोग्राम (ESP) भी दिया गया है।

Pure L में बड़ी इंफोटेनमेंट स्क्रीन और अलॉय व्हील्स

Pure L वेरिएंट की कीमत 13.79 लाख रुपये (एक्स-शोरूम) है। इसमें 10.24 इंच की टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट स्क्रीन के साथ 8-स्पीकर ऑडियो सिस्टम दिया गया है। इसमें वायरलेस Android Auto और Apple CarPlay का सपोर्ट भी मिलता है। इसके अलावा, इस वेरिएंट में क्रूज कंट्रोल, हिल डिसेंट कंट्रोल, टायर प्रेशर मॉनिटरिंग सिस्टम और 17 इंच के अलॉय व्हील्स दिए गए हैं।

वहीं, Pure L (O) वेरिएंट की कीमत 14.29 लाख रुपये (एक्स-शोरूम) है। इसमें Panoramax वॉयस-असिस्टेड पैनोरमिक सनरूफ मिलता है। इस वेरिएंट में ऑटोमैटिक हेडलैंप्स और रेन-सेंसिंग वाइपर्स भी दिए गए हैं।

Pure + L में वेंटिलेटेड सीट्स की सुविधा

Pure + L वेरिएंट की कीमत 14.99 लाख रुपये (एक्स-शोरूम) है। इसमें खासतौर पर आगे की सीटों के आराम पर ध्यान दिया गया है। इसमें वेंटिलेटेड फ्रंट सीट्स और थाई-सपोर्ट एक्सटेंडर के साथ 6-वे पावर्ड ड्राइवर सीट दी गई है। इसके अलावा, इसमें Boss Mode, डुअल-जोन फुली ऑटोमैटिक क्लाइमेट कंट्रोल और पीछे की तरफ 65W के दो USB-C फास्ट चार्जिंग पोर्ट भी मिलते हैं।

Adventure + L में 360 डिग्री कैमरा

Legend Series का सबसे ऊपर वाला वेरिएंट Adventure + L है, जिसकी कीमत 16.99 लाख रुपये (एक्स-शोरूम) है। इसमें 4Sight के साथ 360 डिग्री HD Surround View System दिया गया है। इसके अलावा, Superglide Suspension with FDD, अलग-अलग Terrain Modes, 31.24 सेमी की टचस्क्रीन और नेविगेशन के साथ 26.03 सेमी का डिजिटल कॉकपिट मिलता है।

इस वेरिएंट में फ्रंट पार्किंग सेंसर, एम्बिएंट लाइटिंग, दो स्टेज में रिक्लाइन होने वाली रियर सीट, वायरलेस चार्जिंग और कूल्ड ग्लवबॉक्स जैसे फीचर्स भी दिए गए हैं।

Tata Sierra Legend Series: कीमत और इंजन

Tata Sierra Legend Series में पहले की तरह तीन इंजन का विकल्प मिलता है। इसमें 1.5-लीटर Hyperion TGDi पेट्रोल, 1.5-लीटर Revotron पेट्रोल और 1.5-लीटर Kryojet डीजल इंजन शामिल हैं। इसमें मैनुअल और ऑटोमैटिक दोनों ट्रांसमिशन के विकल्प मिलते हैं। हालांकि, किस वेरिएंट में कौन सा इंजन और ट्रांसमिशन मिलेगा, यह अलग-अलग हो सकता है। Legend Series की कीमत 19.49 लाख रुपये (एक्स-शोरूम) तक जाती है।

इस सीरीज में सबसे बड़ा बदलाव इंजन या मैकेनिकल सेटअप में नहीं किया गया है। कंपनी ने Sierra के अलग-अलग वेरिएंट में केबिन, टेक्नोलॉजी और रोजमर्रा के इस्तेमाल से जुड़े फीचर्स को ज्यादा बेहतर तरीके से जोड़ा है।

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Thursday, September 17, 2026

विजय केडिया कैसे चुनते हैं 10x रिटर्न देने वाले शेयर? जानिए उनकी सुपरहिट 'R.I.S.E.' स्ट्रेटेजी

Vijay Kedia Multibagger Strategy: शेयर बाजार के दिग्गज निवेशक और 'सुपरस्टार इनवेस्टर' विजय केडिया ने दलाल स्ट्रीट पर मल्टीबैगर शेयर ढूंढने का अपना सीक्रेट फॉर्मूला शेयर किया है। बाजार की भीड़ किसी शेयर के पीछे भागे, उससे पहले 10x या उससे ज्यादा रिटर्न देने वाले स्टॉक्स की पहचान करने के लिए वे एक खास 'R.I.S.E.' रणनीति का इस्तेमाल करते हैं।

विजय केडिया का मानना है कि मल्टीबैगर रिटर्न पाने का असली जरिया अगले 15-20 सालों के लंबे समय वाले मेगा-थीम्स पर सही समय पर दांव लगाना है। जानिए विजय केडिया की यह R.I.S.E. स्ट्रेटेजी क्या है और वे शेयर चुनते समय किस 'गोल्डन रूल' को फॉलो करते हैं।

क्या है विजय केडिया का 'R.I.S.E.' फॉर्मूला?

केडिया के अनुसार, निवेशकों को ऐसे सेक्टर्स और कंपनियों की तलाश करनी चाहिए जिनमें अगले एक-दो दशक तक लगातार ग्रोथ की क्षमता हो। R.I.S.E. का हर अक्षर एक बड़े और भविष्य के मेगा-थीम को दर्शाता है:

1. R - Renewable Energy & Energy Transition (अक्षय ऊर्जा और एनर्जी ट्रांजिशन)

दुनिया तेजी से पारंपरिक ईंधन से ग्रीन एनर्जी की तरफ शिफ्ट हो रही है। इसमें विंड एनर्जी, ग्रीन हाइड्रोजन, न्यूक्लियर पावर और बैटरी टेक्नोलॉजी/एनर्जी स्टोरेज आते है। विजय केडिया का मानना है कि इस थीम के पास अगले 15 से 20 साल का लंबा रनवे है, जहां कंपनियों के लिए ग्रोथ की अपार संभावनाएं हैं।

2. I - Infrastructure (इंफ्रास्ट्रक्चर और केपेक्स)

देश में बुनियादी ढांचे का विकास और कंपनियों द्वारा किया जाने वाला बड़ा पूंजीगत खर्च। टर्नअराउंड कंपनियां, जो अपने बुरे दौर से निकलकर नए केपेक्स के दम पर मजबूत वापसी कर रही हैं। भारत जैसे तेजी से बढ़ते देश में इंफ्रास्ट्रक्चर और मैन्युफैक्चरिंग ही देश की आर्थिक वृद्धि की रीढ़ बनते हैं।

3. S - Security (साइबर सुरक्षा और रक्षा क्षेत्र)

साइबर थ्रेट्स के बढ़ते दौर में डिजिटल और राष्ट्रीय सुरक्षा सबसे बड़ी प्राथमिकता बन चुकी है। साइबर सिक्योरिटी कंपनियां और डिफेंस यानी रक्षा उपकरण बनाने वाली कंपनियां। वैश्विक तनावों और डिजिटलाइजेशन के चलते सरकारों और कॉरपोरेट्स का सिक्योरिटी बजट हर साल तेजी से बढ़ रहा है।

4. E - Emerging Tech (उभरती हुई टेक्नोलॉजी)

आने वाला दौर पूरी तरह नई तकनीकों के नियंत्रण में होगा। इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (EVs), आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और डेटा सेंटर्स। ये ऐसे सेक्टर्स हैं जो पुराने बिजनेस मॉडल को पूरी तरह से बदलकर रख रहे हैं। जो कंपनियां इनमें शुरुआती बढ़त बनाएंगी, वे भविष्य की दिग्गज बनेंगी।

अब जानिए विजय केडिया का 'गोल्डन रूल'

अक्सर रिटेल निवेशक किसी अच्छे सेक्टर की कंपनी को किसी भी कीमत पर खरीद लेते हैं। इस पर चेतावनी देते हुए विजय केडिया ने एक महत्वपूर्ण गोल्डन रूल दिया है:

'Buying a good sector at ANY price is a recipe for bad returns.' यानी किसी भी अच्छे सेक्टर के शेयर को किसी भी भाव पर खरीद लेना खराब रिटर्न की गारंटी है।विजय केडिया के अनुसार शेयर चुनते समय हमेशा इस 3-स्टेप हायरार्की को फॉलो करना चाहिए:

1. सही सेक्टर की पहचान

2. कंपनी की गुणवत्ता और बैलेंस शीट

3. सही वैल्यूएशन और अनुशासन

इसका मतलब साफ है कि अगर सेक्टर बहुत शानदार है, लेकिन कंपनी पर भारी कर्ज है या उसकी बैलेंस शीट खराब है, तो वह मल्टीबैगर नहीं बनेगी। और अगर सेक्टर व कंपनी दोनों अच्छे हैं, लेकिन आपने शेयर बहुत महंगे वैल्यूएशन पर खरीद लिया है, तो भी आपको बाजार में अच्छा रिटर्न नहीं मिलेगा।

रिटेल इन्वेस्टर्स के लिए टेकअवे

विजय केडिया का यह R.I.S.E. फॉर्मूला रिटेल निवेशकों को किसी भी फैंसी या ट्रेंडिंग शेयर में बिना सोचे-समझे पैसा लगाने से रोकता है। शेयर बाजार में लंबी अवधि में बड़ा पैसा बनाने के लिए सेक्टर की ग्रोथ के साथ-साथ कंपनी के फंडामेंटल्स और सही एंट्री प्राइस का ध्यान रखना बेहद जरूरी है।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है। 



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Wednesday, September 16, 2026

PM Modi Birthday Special: 12 साल में क्या बदला? भारत के साथ सोच भी बदली और दुनिया का नजरिया भी

PM Narendra Modi Birthday Special: 17 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का 76वां जन्मदिन है। पिछले डेढ दशकों से इस अवसर पर हमेशा कुछ ना कुछ लिखता आया हूं। इस बार ये सोंचने में लगा था कि इतना कुछ लिखा जा चुका है तो फिर थोड़ा अलग क्या हो सकता है। लक्ष्य वहीं हैं और नीतियां भी वही हैं। पीएम मोदी की रफ्तार में जरा भी कमी नहीं आयी है। फिर बदला क्या है? बदला तो देश है। बदली तो लोगों की सोंच है। बदला तो दुनिया का भारत की तरफ देखने का नजरिया है। ब्रिक्स 2026 के सफल आयोजन ने साबित कर दिया है कि भारत अब दुनिया के अग्रणी देशों की कड़ी का हिस्सा हो चुका है जिसे नजरअंदाज कर के चलना शायद किसी भी देश के लिए आसान नहीं होगा।

2014 से पहले का भारत

अब बात करें 2014 से पहले के भारत की। वो भारत जहां पॉलिसी पैरालिसिस था। वो भारत जहां भ्रष्टाचार का बोलबाला था। वो भारत जहां पीएम से ज्यादा शक्तिशाली होते थे पीएम को चलाने वाले। ऐसी सरकार जिसने जनता का भरोसा खो दिया था। ऐसे माहौल में मोदी भरोसा का आगमन मानो देश और देश की जनता के लिए एक वरदान बन गया। मई 2014 को नरेंद्र मोदी ने बतौर पीएम शपथ ली। जो तनख्वाह उन्हे सीएम के तौर पर मिली वो पूरी रकम गुजरता की बालिकाओ की शिक्वोषा पर दान कर आए।

गुजरात से सिर्फ दो सूटकेस के साथ पहुंचे दिल्ली

उनके साथ गुजरात से सिर्फ दो सूटकेस आए थे। लेकिन साथ में थी किचेन से लेकर उनकी दिनचर्वोया तक देखने वाली पुरानी टीम टीम जिसने दिल्ली में भी मोर्चा संभाल लिया था। मोदी भरोसा अपनी टीम पर भी था। पीएम मोदी की खासियत ही यही है कि एक बार जो उन्हें भा गया फिर वो उनके दिल से नहीं उतरता। ये बात देश भर के वो सभी नेता और कार्यकर्ता बता सकते हैं जिन्होने उनके साथ पिछले 50 सालों में काम किया।

ऐसा नही है कि पीएम मोदी को अपने शासनकाल में चुनौतियां नहीं झेलनी पड़ी हैं। 2014-19 के पहले कार्यकाल में सूटबूट की सरकार, बिहार जैसे राज्य में चुनावी हार, नोटबंदी जैसे फैसलों के बाद तो लगा था कि मानो सरकार के पैर ही उखड़ रहे हैं। लेकिन पीएम मोदी की नीयत और नीतियों पर देश की जनता ने भरोसा जताया और 2019 के नतीजों ने साबित कर दिया कि मोदी गारंटी पर भरोसा कितना बढ़ गया है।

मोदी 2.0 में आई कई मुश्किलें

2019-2024 यानि मोदी 2.0 में भी मुश्किलों कुछ कम नहीं आयी। शुरुआत धारा 370 हटाने, तीन तलाक को खत्म करने के कड़े फैसलों से शुरु हुई। लेकिन कोरोना ने मानो विकास की रफ्तार में बेडियां लगाने की कोशिश की। इससे भी पीएम मोदी ने उबार लिया। पहली बार भारत ने न सिर्फ दवा ईजाद की बल्कि उस दवा को पूरे देश की जनता को मुफ्त मे बांटा। दुनिया भर के देशों को कोरोना की दवा भेजी गयी। इस संकट की घड़ी मे दुनिया के सामने भारत एक दोस्त के रुप में उभरा।

पीएम मोदी के पहले कार्यकाल मेंं सूटबूट की सरकार और राफेल खरीद में भ्रष्टाचार जैसे आरोपों से सरकार घिर गयी थी। फिर पीएम मोदी ने नोटबंदी का फैसला लिया। इस संकट में भी जनता का मोदी भरोसा बना रहा। मोदी 2.0 के दौरान भी शाहिन बाग से लेकर देश भऱ में प्रदर्शन शुरु हो गए थे। लेकिन पीएम मोदी के धैर्य औऱ जनहित में किए जा रहे फैसलों ने एक बार फिर बाजी पलट दी। विपक्ष की बांटो और सत्ता पाओ की राजनीति भी मुंह के बल गिरी। 10 साल की एंटी इंकंबेंसी पर मोदी गारंटी भारी पड़ी।

2024 में ऐतिहासिक वापसी

2024 में बीजेपी को भले ही 240 सीटें आयीं। लेकिन एनडीए गठबंधन को 290 से ज्यादा सीटे मिलीं। और ये नंबर कही से पीएम मोदी की लोकप्रियता और जनता की उन पर भरोसे में कमी की ओर इशारा नहीं करते हैं। लोकसभा चुनावों के बाद महाराष्ट्र, बिहार और बंगाल की रिकार्ड तोड़ जीत ने मोदी भरोसे को और पुख्ता कर दिया है।

अब विपक्ष ने जेन जी के नाम पर पीएम मोदी विरोध को एक नया रुप देने की कोशिश कर रहा है। लेकिन पीएम मोदी ने भी छात्रों के बीच जाकर बताया है कि उनके कार्यकाल में अब तक क्या क्या बदला है। पीएम मोदी खुद इंस्टाग्राम, सोशल और डिजिटल मीडियम पर खासे सक्रिय हो चुके है। पूरी पार्टी के साथ साथ सरकार के मंत्रियों को भी निर्देश जा चुका है कि वक्त बदल रहा है आप सब भी जनता के बीच जाकर उन्ही की भाषा और शैली में संवाद करो।

चुनावी राजनीति जैसी भी हो। लेकिन पीएम मोदी जानते हैं कि 15 साल की सत्ता के बाद 2029 की लड़ाई आसान नहीं है। इसलिए अपने जन्मदिन पर एक बार फिर कोई जश्न नहीं मना रहे बल्कि पूरी पार्टी और सरकार 17 सितंबर से सेवा पखवाड़ा मनाएगी। अब बतौर पीएम नरेन्द्र मोदी 12 साल पूरे कर रहे हैं तो ये बताना जरुरी है कि आखिर बदला क्या है।

देश में क्या-क्या बदला है?

हम बताते हैे कि देश में बदला क्या है। सबसे पहले तो कोरोना काल से ही देश की 80 करोड़ गरीब जनता को मुफ्त का राशन देने की योजना को मोदी सरकरा गांव गांव तक पहुंचा रही है। एस्पीरेशनल डिस्ट्रिक्ट योजना के तहत सवा सौ सबसे गरीब और पिछ़डे गांवों की पहचान करके उनके उत्थान का काम अधिकारियों को सौंपा। सीमा पर के गांव में विकास की रोशनी पहुंचे इसके लिए पीएम मोदी ने सभी मंत्रियों के लिए सीमा पर मौजुद एक गांव में प्रवास करने का निर्देश भी दिया।

जन धन योजना के तहत गरीब जनता के बैंकों में खाते खोले गए। महिलाओं के खातों में सीधा पैसा पहुंचा। पीएम किसान निधि के तहत पीएम मोदी ने एक बटन दबाकर करोड़ों किसानों के खाते में पैसे ट्रांसफर किए। बदला यही है 2014 के बाद, वो भी आजादी के 70 साल के बाद। कतार में खड़े आखिरी व्यक्ति तक न केवल सरकारी अनुदान बल्कि योजनाओं का लाभ सीधा पहुंच रहा है।

महिलाओं की स्थिति बदली

बदली है महिलाओं की स्थिति। बालिका बचाओ बालिका पढाओ का नारा जन आंदोलन बन गया है। स्वच्छता अभियान के तहत गांवों में शौचालय बनाना अनिवार्य बना ताकि खुले में शौच से महिलाओं को मुक्ति मिले। उज्जवला योजना के तहत दूर दराज के गांवों को मुफ्त का सीलिंडर दिया गया ताकि उन्हें धुंए से छुटकारा मिल सके। पीएम मोदी ने ऐलान किया था कि उन्होने अपनी मां और बहनों को धुंएं वाले चुल्हे पर खाना बनाते देखा है उससे वो देश की गरीब माताओं और बहनों को छुटकारा दिलाना चाहते हैं।

लखपति दीदी, ड्रोण दीदी जैसी नये प्रयोगों ने भी महिला शक्ति को आगे आने के लिए प्रेरित किया। सेना से लेकर सभी सेवाओं में महिलाओं की भागीदारी बढञती चली गयी। अब ये पीएम मोदी के खामोश वोटर ही अपनी वोट की ताकत से बताएंगी कि देश में बदला क्या है।

बदला है भुगतान का तरीका

डीजीटल भुगतान, यूपीआई पेमेंट ने ग्रामीण और गरीब क्षेत्रों मे भी लेन देन को आसान बना दिया है। जो विकसित पश्चिमी देश इस पैमाने पर अब तक नहीं कर पाए, पीएम मोदी की पहल ने वो करिश्मा कर दिखाया है जो भारत में एक क्रांति लेकर आया है। एक बटन मात्र दबा कर पीएम मोदी अब करोड़ो गरीब जनता के खातों मे सीधा पैसे डाल रहे हैं। अब छात्रों और जरुरतमंदों को गजटेड ऑफिसरों के हस्ताक्षर के लिए चक्कर नहीं काटने पड़ते।

खुद के द्वारा ही सत्यापित सर्टिफिकेट अब सभी जगहों पर मान्य होते हैं। जनधन-आधार और योजना के तहत तीनों को ऐसा लिंक किया है कि पूरे देश में पेपरलेस काम अबाध गति से बढ चला है। यहां तकि आयकर भऱना भई अब आम आदमी के लिए इतना आसान हो गया है कि इस विभाग के पास करदाताओं की संख्या सैकड़ो गुना बढ गयी है।

बदला है VIP संस्कृति

बदला है वीआईपी संस्कृति से जुडा भारत का मिजाज। पीएम मोदी ने लाल बत्ती संस्कृति पर कानून बना कर रोक लगा दी। अब किसी नेता के लिए ट्रैफिक नहीं रोका जाता। साईरन बजाने का अधिकार सिर्फ एंबुलेंसों को रह गया है। आलम ये है कि दिल्ली में भी दूर यात्रा करनी हो तो पीएम खुद मेट्रो ट्रेन मे जनता से संवाद करते हुए सफर करते हैं। वो दौर भी बदला है जब हर छुट्टी में मंत्री और अधिकारी विदेश की यात्रा पर होते थे।

अब न कोई छुट्टी होती है और न ही कोई साप्ताहिक अवकाश मिलता है। पीएम ने साफ कर दिया है कि जनता की सेवा करने आए हैं तो जनता के बीच ही रहें तो बेहतर है। नौकशाहों को पीएम मोदी ने शुरुआत से ही ऐसा काबू किया कि अब जन सेवा के अलावा उन्हे कुछ और नहीं सूझता। यहां तक कि सीविल सर्विस प्रतियोगित में सफल अधिकारियों की मसूरी की ट्रेनिंग का पूरा ढांचा बदल गया है।

योजनाओ की भरमार!

योजनाओ की कोई कमी नहीं रही। लेकिन बदला है तो उन्हे जमीन तक पहुंचान सुनिश्चित करने का तरीका। पीएमओ में काम करने वाले शीर्ष अधिकारी बताते हैं कि पीएम मोदी किसी भी योजना को तब तक मंजूरी नहीं देते जब तक उसे जमीन पर क्रियान्वित करने की योजना उसके साथ नहीं बतायी गयी हो। तभी तो हर योजना का लाभ सीधा गरीबों तक पहुंच रहा है। दूर दराज के इलाकों में उनकी जिंदगी का कायकल्प हो रहा है। यानि बदल रहा है लोगों का मिजाज और उनकी जिंदगी। पीएम किसान सम्मान निधि के तहत किसानों के खातों में सीधा पैसा डालना, उन्हे सीधा बाजार से जोड़ना, फसल के लिए बीमा योजना, सस्ते में उर्वरक देना, किसानों की जिंदगी भी मोदी राज में बदलाव से अछूती नहीं रही है।

बदला क्या है इसकी फहरिश्त इतनी लंबी है कि चद वाक्यों में खत्म नहीं होगी। लेकिन पीएम मोदी के जन्मदिन पर ये याद दिलाना भी जरुरी है कि उन्होने ऐसे कितने कामों को अंजाम दे दिया है जिसका इंतजार पूरा देश ही क्या पूरी दुनिया में बसे भारतवासी कर रहे थे। इसमें सबसे पहला काम तो मोदी 2.0 के दौरान लिया गया ऐतिहासिक फैसला तो स्वर्ण अक्षरों में लिखा जाएगा। ये था कश्मीर से धारा 370 हटाना।

इतनी शांति के साथ इस काम को अंजाम दिया गया कि सब मोदी मोदी कर उठे। दूसरा काम जिसके कारण पीएम मोदी को इतिहास याद करेगा क्योंकि वो काम तो करोड़ों लोगो की आस्था से जुडा है। वो है कोर्ट से निकाल कर अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण।

तीन तलाक समाप्त

तीन तलाक समाप्त करने का फैसला। बुलेट ट्रेन को पटरी पर लाने का काम भी तेजी से चल रहा है। जाहिर है ये इतिहास के पन्नो में दर्ज हो रहे हैं। आने वाली पीढियां पीएम मोदी के इस योगदान को याद रखेंगी। अंत में जन्मदिन के मौके पर यही लिखना चाहता हूं कि प्रधानमंत्री मोदी आपने चुनावी लोकतंत्र में शीर्ष पर 25 साल पूरे कर लिया। आपने इस दौरान काफी उतार चढाव भी देखे हैं। आपने मोदी गारंटी दे देकर पूरी दुनिया में बसे भारतवासियों के मन में एक मोदी भरोसा कायम किया है। पीएम मोदी बार बार यही कहते हैं कि अभी उनका लक्ष्य पूरा नहीं हुआ है।

जनता भी जानती है कि देश को आगे ले जाने का जो काम वो जिस मुकाम तक ले कर आएं हैं उन्हें पूरा करने के लिए और वक्त भी देना जरुरी है। पीएम मोदी के वोटर भी जानते है कि अगले चंद साल अब तक लिए फैसलों को अंजाम तक पहुंचाने के लिए जरुरी है। तभी तो पूरी पार्टी लगी है एक बार फिर मोदी के जन्मदिन पर सेवा पखवाडा़ मनाने में। ताकि नेता, कार्यकर्ता सब साथ आकर मोदी सरकार की अच्छी बाते जनता के सामने रखें। लडाई लंबी है और मुश्किल भी। लेकिन मोदी के शब्दकोष में असंभव नहीं हैं। यही बात है जिस पर भारत की जनता भरोसा करती है। ये भरोसा है कि मोदी है तो मुमकिन है।



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Tuesday, September 15, 2026

NSE IPO: एनएसई के शेयरों पर लगातार घट रहा जीएमपी, आईपीओ में बोली लगाने से पहले ये बातें जरूर जान लें

NSE IPO: एनएसई के आईपीओ के खुलने में अब सिर्फ एक दिन बाकी रह गया है। इस बीच शेयर पर ग्रे मार्केट प्रीमियम लगातार घट रहा है। यह आईपीओ 17 सितंबर को खुलेगा। इसमें 21 सितंबर तक बोली लगाई जा सकती है। शेयर की लिस्टिंग 24 सितंबर को होगी। इनवेस्टर्स को लंबे समय से इस आईपीओ का इंतजार रहा है।

शेयरों पर जीएमपी में लगातार गिरावट 

अनऑफिशियल मार्केट एक्टिविटी ट्रैक करने वाले प्लेटफॉर्म्स के मुताबिक, एनएसई के शेयर के GMP यानी ग्रे मार्केट प्रीमियम में गिरावट देखने को मिली है। अब शेयर पर जीएमपी घटकर करीब 10-11 फीसदी पर आ गया है। इनवेस्टरगेंस के मुताबिक, शेयर का जीएमपी 179 रुपये था, जो 10.03 लिस्टिंग गेंस का संकेत देता है। आईपीओ वॉच के मुताबिक, जीएमपी से शेयर पर 11.65 फीसदी लिस्टिंग गेंस का संकेत मिलता है। एक दिन पहले शेयर का जीएमपी 12 फीसदी से ज्यादा था।

डेरिवेटिव्स पर निर्भरता बड़ा रिस्क

जीएमपी में कमी के बीच एनालिस्ट्स का कहना है कि एनएसई की काफी निर्भरता डेरिवेटिव्स पर है, जो इसके लिए बड़ा रिस्क है। एनएसई के रेवेन्यू में ऑप्शंस ट्रांजेक्श फीस की बड़ी हिस्सेदारी है। पॉल मैनेजमेंट में रिसर्च हेड प्रसेनजीत पॉल ने कहा कि एनएसई का बिजनेस स्ट्रॉन्ग है। एक्सचेंज प्रतिद्वंद्वी एक्सचेंज से काफी आगे है।

शेयर महंगा नहीं तो सस्ता भी नहीं

उन्होंने कहा, "प्राइस बैंड के 1,785 रुपये के अपर प्राइस बैंड पर वैल्यूएशन FY26 की अर्निंग्स का करीब 43 गुना है। यह वाजिब है, लेकिन इसे कम नहीं कहा जा सकता। आगे एक्सचेंज की ग्रोथ कैपिटल मार्केट में पार्टिसिपेशन बढ़ने, कैश-मार्केट एक्टिविटी, नए प्रोडक्ट्स, डेटा, सूचकांकों और गिफ्ट सिटी पर निर्भर करेगा। सिर्फ मार्केट शेयर बढ़ने से काम नहीं चलेगा।"

अर्निंग्स ग्रोथ, कैश मार्केट वॉल्यूम पर रखनी होगी नजर

उन्होंने कहा, "डेरिवेटिव्स पर निर्भरता एक्सचेंज के लिए बड़ा रिस्क है। रेवेन्यू में ऑप्शन ट्रांजेक्शंस फीस का बड़ा योगदान है। लिस्टिंग के बाद इनवेस्टर्स को अर्निंग्स ग्रोथ, कैश मार्केट वॉल्यूम, ऑप्शंस एक्टिविटी और प्रॉफिटबिलिटी पर नजर रखनी होगी।" इनवेस्टर्स पर एनएसई के एमडी और सीईओ आशीषकुमार चौहान के बयान का भी असर पड़ा है। उन्होंने कहा कि 2000 रुपये से ज्यादा के UPI ट्रांजेक्शन पर एमडीआर का असर कुछ समय के लिए पड़ेगा।

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बाजार का सेंटीमेंट काफी कमजोर 

NSE का मानना है कि यूपीआई से 2000 रुपये से ज्यादा के पेमेंट पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) चार्ज का ट्रॉजेक्शन वॉल्यूम पर थोड़ समय तक असर पड़ेगा। लेकिन, बाद सब सामान्य हो जाएगा। एनएसई का आईपीओ पूरी तरह से ऑफर फॉर सेल है। इसका मतलब है कि इस इश्यू में कई पुराने इनवेस्टर्स अपने शेयर बेच रहे हैं। हालांकि, यह आईपीओ ऐसे वक्त आ रहा है, जब बाजार का सेंटीमेंट काफी कमजोर है। बाजार पर करीब बीते डेढ़ महीनों से दबाव दिख रहा है।



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Monday, September 14, 2026

Power Stocks: इन 5 पावर स्टॉक्स पर Nuvama को भरोसा, 61% तक मिल सकता है रिटर्न

Power Stocks: बिजली की मांग लगातार बढ़ रही है। अगस्त 2026 में पावर डिमांड सालाना आधार पर 12.95% बढ़कर करीब 169 अरब यूनिट हो गई। रिन्यूएबल एनर्जी में भी तेजी से क्षमता जुड़ रही है। इस माहौल में Nuvama Research ने पावर सेक्टर के 5 शेयरों पर ‘Buy’ रेटिंग दी है। इन शेयरों में ब्रोकरेज ने 61% तक की तेजी का अनुमान लगाया है।

ACME Solar

Nuvama Research ने ACME Solar पर ‘Buy’ रेटिंग दी है। इसका टारगेट प्राइस ₹448 है। इस हिसाब से शेयर में करीब 11.7% की तेजी की संभावना है। ब्रोकरेज ने इसे पावर सेक्टर के अपने तीन टॉप पिक्स में शामिल किया है। रिन्यूएबल एनर्जी प्रोजेक्ट्स की मजबूत पाइपलाइन को देखते हुए कंपनी पर नजर है।

Tata Power

Nuvama ने टाटा ग्रुप के Tata Power पर भी ‘Buy’ रेटिंग बरकरार रखी है। ब्रोकरेज ने शेयर का टारगेट ₹421 रखा है। इसके आधार पर करीब 15.3% रिटर्न का अनुमान है। अगस्त में कंपनी का थर्मल प्लांट लोड फैक्टर 75.8% रहा। एक साल पहले यह 69.9% था।

NTPC

Nuvama के तीन टॉप पिक्स में सरकारी पावर कंपनी NTPC शामिल है। ब्रोकरेज ने शेयर पर ‘Buy’ रेटिंग दी है। इसका टारगेट प्राइस ₹445 है। इससे करीब 34% रिटर्न की संभावना जताई गई है। अगस्त में NTPC का प्लांट लोड फैक्टर 73.7% रहा। एक साल पहले यह 69% था।

CESC

CESC पर Nuvama की ‘Buy’ रेटिंग है। ब्रोकरेज ने इसका टारगेट प्राइस ₹200 रखा है। इसके आधार पर करीब 37.93% तेजी का अनुमान है। अगस्त में देश की बिजली मांग 12.95% बढ़ी। दक्षिणी क्षेत्र में मांग सबसे ज्यादा 20.1% बढ़ी।

Inox Wind

Inox Wind इस लिस्ट में सबसे ज्यादा संभावित रिटर्न वाला शेयर है। Nuvama ने इसे ‘Buy’ रेटिंग दी है। शेयर का टारगेट प्राइस ₹123 है। इसके आधार पर करीब 61.84% तेजी का अनुमान है। ब्रोकरेज के मुताबिक रिन्यूएबल एनर्जी की टेंडरिंग मजबूत बनी हुई है। करीब 1,42,000 MW क्षमता अभी PPA में बदलना बाकी है।

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Sunday, September 13, 2026

4 करोड़ की सेविंग के बाद भी नहीं खुश! ऑफिस पॉलिटिक्स से परेशान शख्स लेना चाहता है अर्ली रिटायरमेंट

पिछले कुछ समय से लोगों में जल्दी रिटायरमेंट लेने का फैसला तेजी से वायरल हो रहा है। कम उम्र में कई लोग चाहते हैं कि वह इतना पैसा जमा कर लें कि उन्हें नौकरी करने की जरूरत न पड़े। खासकर नौकरीपेशा लोगों के बीच कम उम्र में आर्थिक रूप से मजबूत होकर काम छोड़ने का सपना तेजी से बढ़ रहा है। कई लोग आर्थिक रूप से मजबूत होने के बाद तो कुछ ऑफिस की होने वाली पॉलिटिक्स की वजह से भी रिटायरमेंट का फैसला कर लेते हैं। हाल ही में जल्दी रिटायरमेंट को लेकर किया गया पोस्ट काफी वायरल हो रहा हैं।

4 करोड़ की कर ली सेविंग

35 वर्षीय यह व्यक्ति अब सिर्फ ज्यादा पैसे कमाने के बारे में नहीं सोच रहा क्योंकि वह अपनी नौकरी से भी परेशान हो चुका है। व्यक्ति ने बताया कि उसने करीब 4 करोड़ रुपये की संपत्ति बना चुका है। अब वह आगे की जिंदगी नौकरी के बिना बिताने की योजना बना रहा है। व्यक्ति ने बताया कि फिलहाल वह सिंगल है और शादी करने का भी कोई प्लान नहीं है। वह अपनी बचत और निवेश के जरिए आर्थिक रूप से मजबूत बने रहना चाहता है, ताकि भविष्य में उसे किसी पर निर्भर न रहना पड़े। सोशल मीडिया पर ये पोस्ट तेजी से वारयल हो रहा है।

क्या रिटायर होने के लिए सही 4 करोड़ की बचत

व्यक्ति ने अपने पोस्ट में कहा कि वह अब ज्यादा पैसे कमाने के बजाय अपनी नौकरी छोड़ने के बारे में सोच रहा है। कॉर्पोरेट लाइफ छोड़ने की वजह बताते हुए उन्होंने लिखा, “मैं मानसिक रूप से थक चुका हूं क्योंकि मैं ऑफिस की पॉलिटिक्स और एक-दूसरे से आगे निकलने वाली संस्कृति का हिस्सा नहीं बनना चाहता। मेरा कोई करीबी नहीं है और मैं इतना अकेलापन महसूस करता हूं कि मुझे नहीं लगता कि मैं किसी के साथ रह सकता हूं। निजी मतभेदों के कारण मैं अपने माता-पिता के भी संपर्क में नहीं हूं। मेरे कुछ अच्छे दोस्त जरूर हैं, लेकिन वे अलग-अलग शहरों में रहते हैं और अपनी-अपनी जिंदगी और परिवार में व्यस्त हैं।” उसके पास करीब 4 करोड़ रुपये की नेट वर्थ है, लेकिन वह जानना चाहता है कि क्या इतनी रकम नौकरी छोड़ने के लिए पर्याप्त होगी। इसी को लेकर उसने Reddit पर लोगों से सलाह मांगी।

Reddit पर किया पोस्ट

इस व्यक्ति ने r/personalfinanceindia सबरेडिट पर एक पोस्ट के जरिए अपनी स्थिति के बारे में बताया। पोस्ट का टाइटल था, “35 साल की उम्र में 4Cr. FIRE करना अच्छा है? जिंदगी से थक गया हूं!” उसने बताया कि रिटायरमेंट के बाद उसका सालाना खर्च करीब 12 लाख रुपये रहने का अनुमान है। इसके लिए वह एक टियर-2 शहर में शिफ्ट होने की योजना बना रहा है। पोस्ट में दी गई जानकारी के अनुसार, 35 वर्षीय व्यक्ति की कुल संपत्ति करीब 4 करोड़ रुपये है। उसने अपनी रकम को अलग-अलग जगहों पर निवेश कर रखा है। उसके निवेश में भारतीय म्यूचुअल फंड, शेयर, अमेरिकी टेक कंपनियों के RSU, रिटायरमेंट फंड, कीमती धातुएं और कैश शामिल हैं। इनमें भारतीय म्यूचुअल फंड में करीब 1.20 करोड़ रुपये और भारतीय शेयरों में लगभग 25 लाख रुपये निवेश किए गए हैं।

कहां किया कितना निवेश

उस व्यक्ति ने अपनी बाकी रकम भी कई तरह के निवेश और बचत में लगा रखी है। उसके पास अमेरिकी टेक कंपनियों के RSU करीब 1 करोड़ रुपये के हैं, जबकि अमेरिकी शेयरों में उसने लगभग 20 लाख रुपये लगाए हैं। PF और NPS में उसकी करीब 40 लाख रुपये की बचत है। इसके अलावा गोल्ड ETF में 15 लाख और सिल्वर ETF में करीब 5 लाख रुपये निवेश किए गए हैं। उसके पास लगभग 10 लाख रुपये भारतीय मुद्रा में कैश भी है। वहीं, उसके पास करीब 70,000 अमेरिकी डॉलर यानी लगभग 65 लाख रुपये की US कैश होल्डिंग है। उसने बताया कि कुछ अमेरिकी शेयर और RSU वह पहले ही बेच चुका है और आगे इस रकम को US आधारित ETF में निवेश करने की योजना बना रहा है।Screenshot 2026-09-13 170317

 

अभी सालाना खर्च करीब 14.4 लाख रुपये

पोस्ट में इस व्यक्ति ने बताया कि उसके नाम पर फिलहाल न तो कोई घर है और न ही कार। साथ ही, उसे भविष्य में परिवार से किसी तरह की विरासत मिलने की भी उम्मीद नहीं है। वह अभी सिंगल है और उसने शादी करने की कोई योजना नहीं बनाई है। ऐसे में वह अपनी मौजूदा बचत और निवेश के सहारे आगे की जिंदगी की योजना बना रहा है। फिलहाल इस व्यक्ति का सालाना खर्च करीब 14.4 लाख रुपये है। इसमें लगभग 8.4 लाख रुपये घर का किराया, राशन और रोजमर्रा की जरूरतों पर खर्च होते हैं, जबकि करीब 6 लाख रुपये घूमने और अपने शौक पूरे करने में खर्च करता है।

लोगों ने दी सलाह

उसने Reddit पर पूछा कि क्या वह अपनी बचत के दम पर नौकरी छोड़ सकता है। कई यूजर्स ने सलाह दी कि तुरंत रिटायर होने के बजाय पहले लंबा ब्रेक लेकर सोच-विचार करना बेहतर होगा। एक यूजर ने लिखा, “सालाना 12 लाख रुपये के खर्च के मुकाबले 4 करोड़ रुपये की रकम कागज पर काफी मजबूत नजर आती है। लेकिन आपकी बातों को देखते हुए, मैं हमेशा के लिए FIRE लेने से पहले लंबे करियर ब्रेक के बारे में सोचूंगा। कई बार इंसान को नौकरी से कुछ समय की दूरी चाहिए होती है, न कि काम से हमेशा के लिए रिटायर होने की।”

एक अन्य Reddit यूजर ने सलाह दी, “कुछ समय का ब्रेक लो और घूमने निकलो। हो सकता है कि इससे तुम्हें जिंदगी को एक अलग नजरिए से देखने में मदद मिले।” एक यूजर ने लिखा, “मेरे हिसाब से यह एक अच्छी शुरुआत है, लेकिन पहले थोड़ा ब्रेक जरूर लो और कम तनाव वाली नौकरी करने के विकल्प पर विचार करो। महंगाई और दूसरे बढ़ते खर्चों को देखते हुए अपनी संपत्ति बढ़ाते रहना बेहतर होगा। इसके अलावा, नौकरी छोड़ने के बाद आप लोगों से काफी दूर हो सकते हैं और अकेलापन बढ़ सकता है। ऑफिस में साथ काम करने वाले लोग भी आपके लिए एक अच्छे साथी साबित हो सकते हैं।”



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Saturday, September 12, 2026

Delhi Weather Update: दिल्ली-NCR में फिर बिगड़ेगा मौसम! BRICS समिट के बीच तेज हवाओं के साथ बारिश का अलर्ट

BRICS समिट के बीच दिल्ली-एनसीआर के मौसम में अचानक बदलाव आया है। शुक्रवार को दिल्ली के कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश देखने को मिली। मौसम को देखते हुए IMD ने दिल्ली के लिए येलो अलर्ट जारी किया है और लोगों से सतर्क रहने को कहा है। वहीं आईएमडी ने दिल्ली में अगले दो दिनों तक मौसम खराब रहने की संभावना है। मौसम विभाग ने शनिवार और रविवार को तेज हवाओं के साथ बारिश होने का अनुमान जताया है।

दिल्ली में BRICS समिट के बीच बारिश हो रही है। समिट में शामिल होने के लिए कई देशों के नेता, अधिकारी और प्रतिनिधि राजधानी पहुंचे हैं। ऐसे में बारिश के कारण समिट से जुड़े लोगों और शहर में आने-जाने वाले यात्रियों को थोड़ी परेशानी हो सकती है।

दिल्ली-एनसीआर में कैसा होगा मौसम

रविवार को नोएडा, गुरुग्राम और गाजियाबाद में मौसम मिला-जुला रहने की संभावना है। नोएडा में दिनभर आसमान साफ रह सकता है, लेकिन दोपहर में हल्की बारिश होने की उम्मीद है। वहीं गुरुग्राम में दिन के समय धूप रहेगी और शाम को हल्की बारिश हो सकती है। गाजियाबाद में बादल छाए रहने के साथ हल्की बारिश या गरज के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। तीनों शहरों में अधिकतम तापमान करीब 34 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है।

इन राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट

देश में एक बार फिर मानसून सक्रिय होता नजर आ रहा है। बंगाल की खाड़ी में बने कम दबाव के क्षेत्र का असर देश के कई राज्यों में देखने को मिल सकता है। IMD ने 13 सितंबर को दिल्ली, यूपी और बिहार समेत 24 राज्यों में तेज आंधी के साथ भारी बारिश की चेतावनी दी है। विभाग के मुताबिक, इस दौरान हवा की रफ्तार 85 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। मौसम विभाग ने 13 सितंबर को छत्तीसगढ़ और ओडिशा में भारी बारिश की संभावना जताई है। इसके बाद 13-14 सितंबर को पश्चिमी मध्य प्रदेश और गुजरात के कुछ हिस्सों में तेज बारिश हो सकती है। 13 सितंबर को मध्य महाराष्ट्र और 14 सितंबर को सौराष्ट्र-कच्छ में भी भारी से बहुत भारी बारिश होने का अनुमान है।



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