Retirement Planning: नौकरी के दौरान हर महीने सैलरी खाते में आ जाती है। इसलिए खर्च की ज्यादा चिंता नहीं होती। लेकिन रिटायरमेंट के बाद यही सबसे बड़ी चुनौती बन जाती है। सैलरी बंद हो जाती है, लेकिन खर्च नहीं रुकते। हर महीने राशन खरीदना है, बिजली का बिल भरना है, दवाइयां लेनी हैं और रोजमर्रा की जरूरतें भी पूरी करनी हैं।
ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर रिटायरमेंट तक कितना पैसा जोड़ना होगा, ताकि हर महीने 50,000 रुपये आराम से मिलते रहें और बीच में पैसा खत्म होने का डर भी न रहे।
₹50000 पेंशन के लिए कितना फंड ?
अगर आपको हर महीने 50,000 रुपये चाहिए, तो सालभर में आपकी जरूरत होगी 6 लाख रुपये। फाइनेंशियल प्लानिंग में एक लोकप्रिय नियम है 4% Withdrawal Rule। इस नियम के मुताबिक, रिटायरमेंट के पहले साल आप अपने कुल कॉर्पस का 4% निकालते हैं। बाद के वर्षों में निकासी की रकम महंगाई के हिसाब से बढ़ाई जा सकती है। माना जाता है कि अगर निवेश पर ठीक-ठाक रिटर्न मिलता रहे, तो आपका पैसा 25-30 साल या उससे ज्यादा समय तक चल सकता है।
इस नियम के मुताबिक, अगर आपका रिटायरमेंट कॉर्पस करीब 1.5 करोड़ रुपये है, तो आप लगभग 50,000 रुपये महीना निकाल सकते हैं। इसमें कोशिश यह रहती है कि हर साल इतना ही पैसा निकाला जाए, जिससे बाकी रकम निवेश में बनी रहे और उस पर मिलने वाला रिटर्न भविष्य के खर्च में मदद करता रहे।
30 हजार से 1 लाख की पेंशन के जरूरी फंड
| हर महीने चाहिए | सालाना जरूरत | 4% नियम के हिसाब से जरूरी कॉर्पस |
| ₹30,000 | ₹3.60 लाख | ₹90 लाख |
| ₹50,000 | ₹6 लाख | ₹1.50 करोड़ |
| ₹75,000 | ₹9 लाख | ₹2.25 करोड़ |
| ₹1,00,000 | ₹12 लाख | ₹3 करोड़ |
अगर रिटायरमेंट में 20 साल या 10 साल बाकी हैं
मान लीजिए आपका लक्ष्य रिटायरमेंट तक 1.5 करोड़ रुपये का कॉर्पस बनाना है। अगर आपकी उम्र 40 साल है और रिटायरमेंट में अभी 20 साल बाकी हैं, तो हर महीने अपेक्षाकृत कम SIP से भी यह लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। लेकिन अगर आप 50 साल की उम्र में निवेश शुरू करते हैं और रिटायरमेंट में सिर्फ 10 साल बचे हैं, तो हर महीने कहीं ज्यादा निवेश करना पड़ेगा।
| अनुमानित सालाना रिटर्न | 20 साल बाकी (मासिक SIP) | 10 साल बाकी (मासिक SIP) |
| 10% | ₹19,800 | ₹72,000 |
| 12% | ₹15,000 | ₹66,000 |
| 15% | ₹10,500 | ₹57,000 |
यह तुलना साफ दिखाती है कि रिटायरमेंट प्लानिंग में समय सबसे बड़ी ताकत है। 20 साल पहले शुरुआत करने वाला निवेशक 15-20 हजार रुपये की SIP से लक्ष्य तक पहुंच सकता है। वहीं, सिर्फ 10 साल बचे होने पर उसी लक्ष्य के लिए 60-70 हजार रुपये महीना निवेश करना पड़ सकता है। इसलिए जितनी जल्दी निवेश शुरू करेंगे, उतना कम मासिक बोझ पड़ेगा और कंपाउंडिंग का फायदा भी ज्यादा मिलेगा।

महंगाई आपकी सबसे बड़ी चुनौती है
रिटायरमेंट प्लानिंग में सबसे बड़ी गलती यह मान लेना है कि आज जितने पैसों में खर्च चल रहा है, उतने ही पैसों में भविष्य में भी काम चल जाएगा। जबकि सच यह है कि समय के साथ महंगाई हर चीज को महंगा कर देती है। दवाइयों से लेकर बिजली, राशन और यात्रा तक लगभग हर खर्च बढ़ता रहता है।
मान लीजिए आज आपका मासिक खर्च 50,000 रुपये है। अगर महंगाई औसतन 6% सालाना रहती है, तो 20 साल बाद यही खर्च करीब 1.60 लाख रुपये महीना हो सकता है। वहीं, 25 साल बाद इसके लिए करीब 2.15 लाख रुपये महीने की जरूरत पड़ सकती है। इसलिए रिटायरमेंट प्लान बनाते समय हमेशा भविष्य की महंगाई को ध्यान में रखें।
रिटायरमेंट प्लानिंग में इन गलतियों से बचें
- पूरा रिटायरमेंट फंड FD में न रखें, क्योंकि इससे महंगाई को मात देना मुश्किल हो सकता है।
- जरूरत से ज्यादा निकासी न करें, वरना कॉर्पस तय समय से पहले खत्म हो सकता है।
- हेल्थ इंश्योरेंस जरूर रखें, ताकि मेडिकल खर्च के लिए निवेश न तोड़ना पड़े।
- महंगाई को नजरअंदाज न करें, क्योंकि भविष्य में खर्च आज से काफी ज्यादा हो सकते हैं।
- हर 2-3 साल में प्लान की समीक्षा करें, ताकि जरूरत के हिसाब से निवेश और निकासी में बदलाव किया जा सके।
- सारा पैसा एक ही निवेश विकल्प में न लगाएं, बल्कि अलग-अलग एसेट में संतुलित निवेश करें।
Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जागरूकता के लिए है। किसी भी निवेश, लोन, टैक्स, बीमा या दूसरे वित्तीय फैसले लेने से पहले संबंधित एक्सपर्ट्स से सलाह जरूर लें। मनीकंट्रोल किसी भी फाइनेंशियल प्रोडक्ट या सर्विस की सिफारिश नहीं करता।
from HindiMoneycontrol Top Headlines https://ift.tt/6Bv1IJw
via