Tuesday, June 2, 2026

TMC Protest: सड़क पर उतरीं ममता बनर्जी, अभिषेक बनर्जी पर हमले के खिलाफ दिया धरना...दी ये चेतावनी

पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) प्रमुख ममता बनर्जी ने कोलकाता में अपनी पार्टी के नेताओं पर हुए कथित हमलों के खिलाफ बड़ा विरोध प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन खास तौर पर सोनारपुर में उनके भतीजे और टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी पर हुए हमले के विरोध में आयोजित किया गया था।

 अभिषेक बनर्जी पर हमले के खिलाफ दिया धरना

पुलिस से अनुमति नहीं मिलने के बावजूद ममता बनर्जी ने एस्प्लेनेड के पास राशमोनी एवेन्यू में विरोध मार्च का नेतृत्व किया। इस मार्च में अभिषेक बनर्जी, मदन मित्रा और कल्याण बनर्जी सहित कई वरिष्ठ टीएमसी नेता शामिल हुए। प्रदर्शन के दौरान माहौल तनावपूर्ण हो गया। मौके पर मौजूद पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच कहासुनी और धक्का-मुक्की की घटनाएं भी हुईं, जिससे कुछ समय के लिए स्थिति तनावपूर्ण बनी रही।

विरोध स्थल पर बड़ी संख्या में लोग जुटे थे। यहां ममता बनर्जी ने टीएमसी समर्थकों को संबोधित किया, जबकि समर्थक "ममता बनर्जी जिंदाबाद" के नारे लगा रहे थे। किसी भी तरह की अप्रिय घटना को रोकने के लिए मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि उनकी पार्टी टीएमसी को जानबूझकर निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह विरोध प्रदर्शन मंगलवार शाम तक जारी रहेगा। साथ ही उन्होंने दावा किया कि आने वाले समय में बीजेपी को राजनीतिक नुकसान उठाना पड़ सकता है। विरोध मार्च शुरू होने से पहले ममता बनर्जी और पार्टी की अन्य वरिष्ठ नेता डोला सेन ने भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित किए। इसके बाद जब वे प्रदर्शन के लिए रवाना हुईं, तो उनके हाथ में भारतीय संविधान से जुड़ी एक किताब भी दिखाई दी।

क्यों सड़क पर उतरी ममता बनर्जी

तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) का यह विरोध प्रदर्शन मुख्य रूप से चुनाव के बाद हुई हिंसा और पार्टी नेताओं पर कथित हमलों के खिलाफ है। पार्टी का कहना है कि उसके नेताओं और कार्यकर्ताओं को लगातार निशाना बनाया जा रहा है। इस विरोध की शुरुआत उस घटना के बाद हुई, जब दक्षिण 24 परगना जिले के सोनारपुर में एक पार्टी कार्यकर्ता के घर जाते समय टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी पर कथित तौर पर हमला हुआ। इस घटना के बाद राज्य की राजनीति में तनाव काफी बढ़ गया।

सोमवार को ममता बनर्जी ने साफ कहा कि पुलिस से अनुमति नहीं मिलने के बावजूद उनका धरना और विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा। उन्होंने अधिकारियों को चुनौती देते हुए कहा कि अगर वे चाहें तो उन्हें गिरफ्तार कर सकते हैं, लेकिन वह अपना आंदोलन नहीं रोकेंगी। ममता बनर्जी ने भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) पर भी गंभीर आरोप लगाए। उनका कहना है कि बीजेपी पैसे और सत्ता का इस्तेमाल करके उनकी पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं को दूसरी पार्टियों में शामिल कराने की कोशिश कर रही है। उन्होंने इसे लोकतंत्र के लिए गलत बताया और कहा कि टीएमसी इसके खिलाफ अपनी आवाज उठाती रहेगी।

दिल्ली में  प्रदर्शन करने की चुनौती

ममता बनर्जी ने कहा कि जो नेता अपने निजी फायदे के लिए पार्टी छोड़ रहे हैं, उनके जाने से संगठन को दोबारा मजबूत बनाने का मौका मिलेगा। उन्होंने दावा किया कि तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) इस मुश्किल दौर से और ज्यादा मजबूत होकर बाहर आएगी। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि अगर कोलकाता में उनकी पार्टी को विरोध प्रदर्शन करने की अनुमति नहीं दी गई, तो वह इस आंदोलन को राष्ट्रीय स्तर तक ले जाएंगी और दिल्ली में भी प्रदर्शन करेंगी।

यह विरोध प्रदर्शन उस घटना के बाद शुरू हुआ, जिसमें टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी पर सोनारपुर में कथित हमला हुआ था। बताया गया कि जब वह एक दिवंगत पार्टी कार्यकर्ता के परिवार से मिलने जा रहे थे, तब कुछ लोगों ने उन पर अंडे, ईंटें और जूते फेंके। टीएमसी ने इस घटना के लिए पश्चिम बंगाल में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) सरकार को जिम्मेदार ठहराया है। वहीं, टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी ने भी आरोप लगाया कि चांदीतला पुलिस थाने के पास ज्ञापन सौंपने के दौरान उन पर हमला करने की कोशिश की गई और वह बाल-बाल बच गए। उन्होंने इसे "हत्या की कोशिश" बताया।



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Monday, June 1, 2026

Thukra Ke Mera Pyaar Season 2: ‘ठुकरा के मेरा प्यार 2’ के ट्रेलर में दिखा पावर...पॉलिटिक्स और अधूरी मोहब्बत का खेल, इस दिन सीरीज होगी रिलीज

Thukra Ke Mera Pyaar Season 2: इंतज़ार की घड़ियां अब और भी रोमांचक हो चुकी हैं। ‘ठुकरा के मेरा प्यार’ सीज़न 2 का ट्रेलर आ चुका है, जो दर्शकों को सीधे एक ऐसी दुनिया में ले जाता है, जहां मोहब्बत मासूम नहीं रह जाती, बल्कि ताकत की कीमत चुकानी पड़ती है।

धवल ठाकुर एक ऐसे इंसान कुलदीप कुमार का किरदार निभाते हुए वापसी कर रहे हैं जो गिलटी और जुनून के बीच जूझ रहा है। एक ऐसा इंसान जिसने कभी कोई एक ऐसी गलती की थी, जिससे सब कुछ तहस-नहस हो गया और अब एक बार फिर वह खुद को राजनीति, सत्ता और अधूरी भावनाओं के खतरनाक जाल में खिंचता हुआ पाता है।

संचिता बसु, शानविका चौहान के रूप में और भी ज्यादा धाकड़, दमदार और शक्तिशाली बनकर उभरती हैं। सत्ता के बेरहम गलियारों से गुज़रते हुए वह नियमों को मानने से साफ़ तौर पर इंकार कर देती है, भले ही इसके लिए उसे इस रास्ते में रिश्तों की परिभाषा को ही क्यों न बदलना पड़े।

यह ट्रेलर इस सीज़न की एक ऐसी झलक दिखाता है, जो हाई-स्टेक्स पॉलिटिकल ड्रामे, सुलगते हुए बदले, इमोशनल टकराहट और टकरावों से भरा हुआ है। जैसे ही सीतापुर महत्वाकांक्षा और विश्वासघात की रणभूमि बन जाता है, कुलदीप और शानविका खुद को एक ऐसे खेल के विपरीत छोर पर पाते हैं... जहां भरोसा बेहद नाज़ुक होता है और इरादे कभी वैसे नहीं होते जैसे दिखाई देते हैं। यह सीज़न जज़्बातों के उस तूफ़ान को और भी ज़्यादा गहरा करता है जिसने पहले सीज़न को एक मिसाल बनाया था, वही दिल का टूटना, वही बदले की आग और एक कमतर आंके गए कमजोर इंसान का हर दीवार लांघकर उभरना... लेकिन इस बार, यह खेल एक बहुत बड़े और कहीं ज़्यादा ख़तरनाक कैनवास पर रचा गया है।

इस बारे में संचिता बसु ने कहा कि सीज़न 2 शानविका को एक ऐसे मोड़ पर ले जाता है जो जज़्बाती तौर पर अनकही और अप्रत्याशित है। वह अब पहले से कहीं ज़्यादा मज़बूत है, खुद को समेटकर रखने वाली और सतर्क है साथ ही लगातार इस उलझन में है कि जब खेल में सत्ता और धोखा शामिल हो जाए, तो फिर प्यार के असली मायने क्या रह जाते हैं। इस सीज़न में जिस चीज़ ने मुझे सबसे ज़्यादा रोमांचित किया, वो यह है कि यहाँ कुछ भी पूरी तरह सही या गलत नहीं है... हर इमोशन अपने साथ एक अंजाम लेकर आता है।

कुलदीप कुमार के रूप में वापसी कर रहे धवल ठाकुर ने इस अवसर पर कहा कि कुलदीप इस सीज़न में अपने अतीत का बोझ उठाता है। वह इमोशनल होने के साथ ही एक अजीब तरह के द्वंद्व में है, वह जो महसूस करता है और जो दुनिया उससे उम्मीद करती है, उसके बीच लगातार फंसा हुआ रहता है। यह ट्रेलर केवल एक झलक दिखाता है कि इस बार उनकी यात्रा जज्बाती और निजी हो जाती है। इस बार कहानी का दायरा भले ही बहुत बड़ा हो गया हो, लेकिन इसके जज़्बातों की जो बुनियाद और आत्मा है, उतनी ही सच्ची और ज़मीनी है। 'ठुकरा के मेरा प्यार' – सीज़न 2 स्ट्रीम होगा 19 जून, 2026 से जियोहॉटस्टार पर।



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Sunday, May 31, 2026

महिला ने प्रपोजल ठुकराया, तो युवक ने उसके 1 साल के बेटे की हत्या कर दी, फिर हुआ एनकाउंटर

उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद में डेढ़ साल के मासूम बच्चे की हत्या करने वाले आरोपी को पुलिस ने मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी जितेंद्र पाठक उर्फ विराज के पैर में गोली लगी है। पूछताछ में उसने चौंकाने वाला खुलासा किया कि वह बच्चे की मां से शादी करना चाहता था, लेकिन महिला अपने बेटे की वजह से शादी के लिए तैयार नहीं थी।

कैसे हुई वारदात?

पुलिस के मुताबिक, विराज की नजर रति नाम की महिला पर थी और वह उससे शादी करना चाहता था। लेकिन रति पहले से शादीशुदा थी और उसका डेढ़ साल का बेटा आरव था। विराज को लगता था कि आरव उनकी शादी के रास्ते की सबसे बड़ी रुकावट है।

शनिवार को वह आरव को टॉफी दिलाने के बहाने अपने साथ ले गया। इसके बाद उसने बच्चे को जमीन पर पटक-पटक कर उसकी हत्या कर दी। जब तक परिवार को घटना की जानकारी मिली, तब तक बहुत देर हो चुकी थी। बच्चे को अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। वारदात के बाद आरोपी फरार हो गया था।

बच्चे की मां रति ने पुलिस को बताया कि विराज लगातार उस पर शादी का दबाव बना रहा था। घटना वाले दिन भी वह आरव को टॉफी दिलाने की बात कहकर अपने साथ ले गया था।

इसके बाद आरोपी के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया गया।

पुलिस मुठभेड़ में गिरफ्तार

पुलिस को सूचना मिली कि विराज मैनपुरी रोड स्थित बुद्धा भरथरा चौराहे के पास छिपा हुआ है। इसके बाद पुलिस की टीम ने इलाके की घेराबंदी की।

पुलिस के अनुसार, झाड़ियों में छिपे आरोपी ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में उसके पैर में गोली लगी और वह घायल होकर गिर पड़ा। इसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया।

आरोपी के पास से एक तमंचा, पांच जिंदा कारतूस और दो खोखे बरामद किए गए हैं।

पूछताछ में क्या बोला आरोपी?

पूछताछ के दौरान विराज ने बताया कि वह रति से शादी करना चाहता था, लेकिन वह हर बार मना कर देती थी। रति का कहना था कि वह अपने बेटे के साथ है और शादी नहीं कर सकती। इसी बात से नाराज होकर उसने बच्चे की हत्या की साजिश बनाई।

पुलिस का क्या कहना है?

फिरोजाबाद के एसपी सिटी रवि शंकर प्रसाद ने कहा कि मामले में तेजी से सबूत जुटाए जा रहे हैं ताकि जल्द से जल्द अदालत में चार्जशीट दाखिल की जा सके। उन्होंने कहा कि पुलिस आरोपी को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने की कोशिश करेगी।

हिमाचल के कसोल में चली गोलियां! पंजाब के टूरिस्टों और स्थानीय लोगों के बीच खूनी झड़प, एक घायल

 



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Saturday, May 30, 2026

Ola Electric Share Price: 6 दिन में 20% उछला ओला, 3 महीने में कर दिए पैसे डबल; जानिए तूफानी तेजी के 5 बड़े कारण

Ola Electric Share Price: ओला इलेक्ट्रिक के शेयरों में लंबी गिरावट के बाद अब तेजी का रुख देखने को मिल रहा है। शुक्रवार, 29 मई को ओला का शेयर 5.94% की बढ़त के साथ 41.57 रुपये पर बंद हुआ। खास बात यह है कि केवल दो कारोबारी सत्रों में ही शेयर करीब 14% तक चढ़ गया।

पिछले छह कारोबारी सत्रों में शेयर करीब 20% तक उछल चुका है। आइए जानते हैं कि ओला इलेक्ट्रिक के शेयरों में किन 5 कारणों से तेजी दिख रही है। लेकिन, पहले जान लेते हैं कि इसने 3 महीने में कैसे निवेशकों के पैसे डबल कर दिए।

तीन महीने में 100% से ज्यादा रिटर्न

ओला इलेक्ट्रिक के शेयरों ने पिछले तीन महीने से भी कम समय में निवेशकों का पैसा डबल कर दिया है। 2 मार्च 2026 को कंपनी का शेयर 21.21 रुपये के अपने 52 हफ्तों के निचले स्तर पर था। इसके बाद शेयर में लगातार रिकवरी देखने को मिली और 29 मई 2026 को कारोबार के दौरान यह 42.84 रुपये तक पहुंच गया।

इस तरह निचले स्तर से शेयर में करीब 102% की तेजी दर्ज की गई। अगर किसी निवेशक ने मार्च की शुरुआत में इस शेयर में 50 हजार रुपये लगाए होते, तो वो बढ़कर 1 लाख रुपये हो जाते।

1. मार्च तिमाही में घाटा घटा

पिछले हफ्ते कंपनी ने मार्च 2026 तिमाही के नतीजे जारी किए थे। नतीजों के बाद से शेयर में तेजी देखने को मिल रही है। कंपनी की चौथी तिमाही की कमाई एक साल पहले के 611 करोड़ रुपये से घटकर 265 करोड़ रुपये रह गई। हालांकि अच्छी बात यह रही कि कंपनी का शुद्ध घाटा काफी कम हुआ। यह 870 करोड़ रुपये से घटकर 500 करोड़ रुपये पर आ गया। इसी तरह EBITDA घाटा भी 690 करोड़ रुपये से घटकर 281 करोड़ रुपये रह गया। पहली बार कंपनी का ऑपरेटिंग कैश फ्लो पॉजिटिव रहा।

2. सर्विस से जुड़ी समस्याओं में सुधार

ओला के मैनेजमेंट के मुताबिक, वित्त वर्ष 2026 के दौरान सर्विस समस्याओं का असर काफी बिक्री पर पड़ रहा था। उनमें अब काफी सुधार आ चुका है। अक्टूबर 2025 से मार्च 2026 के बीच औसत सर्विस टर्नअराउंड टाइम में 88% की कमी आई है। साथ ही लंबित सर्विस मामलों की संख्या भी काफी घट गई है। इससे ग्राहकों के अनुभव में सुधार हुआ है और मांग को भी सहारा मिला है।

3. जून तिमाही को लेकर अनुमान

ओला इलेक्ट्रिक ने जून तिमाही के लिए भी सकारात्मक संकेत दिए हैं। कंपनी का अनुमान है कि इस तिमाही में उसकी बिक्री 40,000 से 45,000 यूनिट के बीच रह सकती है। कंपनी ने अप्रैल में 12,206 यूनिट और 28 मई तक 12,790 यूनिट के रजिस्ट्रेशन दर्ज किए हैं। इस तरह चालू तिमाही में अब तक कुल रजिस्ट्रेशन करीब 25,000 यूनिट तक पहुंच चुके हैं।

4. बैटरी गीगाफैक्टरी के विस्तार पर फोकस

5. कंपनी ने अपने शेयरधारकों को भेजे पत्र में बताया कि उसकी बैटरी गीगाफैक्टरी अब विस्तार के अगले चरण में प्रवेश कर रही है। ओला इलेक्ट्रिक का लक्ष्य वित्त वर्ष 2027 के दौरान अपनी व्यावसायिक बैटरी निर्माण क्षमता को बढ़ाकर 6 GWh तक पहुंचाना है। कंपनी का मानना है कि इससे भविष्य की मांग को पूरा करने में मदद मिलेगी।

5. कारोबार में बढ़ रहा है AI का इस्तेमाल

ओला इलेक्ट्रिक ने बताया कि उसके कारोबार में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI की भूमिका लगातार बढ़ रही है। फिलहाल कंपनी के AI सिस्टम हर दिन करीब 2 लाख कनेक्टेड कॉल्स संभाल रहे हैं। इनका इस्तेमाल बिक्री, सर्विस और अन्य परिचालन गतिविधियों में किया जा रहा है। कंपनी का कहना है कि इससे कामकाज की दक्षता बढ़ी है और ग्राहकों को बेहतर सेवा मिल रही है।

आगे भी चुनौतियां रहेंगी

कंपनी प्रबंधन ने यह भी माना है कि वित्त वर्ष 2027 की पहली छमाही में कुछ चुनौतियां बनी रह सकती हैं। कच्चे माल की बढ़ती कीमतें और बाजार में आक्रामक प्राइसिंग रणनीति के कारण ग्रॉस मार्जिन पर दबाव आ सकता है। हालांकि कंपनी का कहना है कि उसके पास पर्याप्त मार्जिन मौजूद है, जिससे वह विकास योजनाओं को जारी रखते हुए लाभप्रदता पर भी ध्यान बनाए रख सकती है।

आईपीओ प्राइस से अभी भी नीचे है शेयर

ओला इलेक्ट्रिक का शेयर हालिया तेजी के बावजूद 76 रुपये के आईपीओ प्राइस से काफी नीचे है।

इतना ही नहीं, लिस्टिंग के बाद शेयर ने 157 रुपये का उच्चतम स्तर भी छुआ था। मौजूदा कीमत उस रिकॉर्ड स्तर से भी काफी कम है। पिछले एक साल में ओला इलेक्ट्रिक का शेयर करीब 21.92% तक गिरा हुआ है।

IPO में क्या होता है फिक्स्ड प्राइस और बुक बिल्डिंग, दोनों मेथड एक-दूसरे से कैसे अलग

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Friday, May 29, 2026

Viral Video: पैकेट बंद चने को धोते ही निकलने लगा पीला रंग, इसे खाने पर क्या होगा हाल! क्विक डिलिवरी ऐप से मंगाते हैं सामान तो इसे देखिए

Viral Video: एक वायरल वीडियो ने इंटरनेट पर एक बार फिर फूड सेफ्टी और मिलावट को लेकर चिंताजनक बहस छेड़ दी है। आपको बता दें कि सोशल मीडिया पर एक शख्स का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में उन्होंने दावा किया है कि एक क्विक डिलीवरी ऐप के जरिए मंगाए गए पैकेट बंद भुने चने को धोते ही उसमें से भारी मात्रा में पीला रंग निकलने लगा। वीडियो में दिख रहे इस नजारे ने सोशल मीडिया यूजर्स को हैरान और परेशान कर दिया है। अगर आप भी ब्लिंकिट जैसे क्विक कॉमर्स ऐप्स से रोजाना खाने-पीने का सामान मंगाते हैं तो यह रिपोर्ट आपके लिए बेहद जरूरी है। आइए जानते हैं क्या है यह पूरा मामला...

इस वीडियो क्लिप में एक शख्स भुने हुए चनों को पानी से धोता हुआ नजर आ रहा है। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि चने को धोते ही पीला रंग उसके हाथों और कटोरी में चारों तरफ फैल जाता है।

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शख्स का दावा: हल्दी नहीं, केमिकल वाला आर्टिफिशियल रंग है

वीडियो में शख्स ने दावा किया कि उसने क्विक डिलीवरी ऐप ब्लिंकिट के माध्यम से भुना हुआ चना ऑर्डर किया था। जब उसने प्रॉडक्ट की जांच की तो धोने के बाद चने से असामान्य मात्रा में रंग बाहर आने लगा। उसने आगे दावा किया कि यह रंग हल्दी नहीं बल्कि कोई आर्टिफिशयल रंग है।

शख्स ने पैकेट पर छपी सामग्री की सूची पर भी गंभीर सवाल खड़े किए। उनके अनुसार पैकेजिंग पर सामग्री के नाम पर सिर्फ चना लिखा हुआ था, जबकि उसका मानना है कि इसमें कृत्रिम रंग मिलाया गया था। उन्होंने इस बात पर भी आश्चर्य जताया कि हजारों ग्राहकों की समीक्षाओं के आधार पर इस प्रॉडक्ट को 4.5-स्टार की रेटिंग मिली हुई है। शख्स ने कहा कि इस प्रॉडक्ट को तैंतीस हजार (33,000) लोगों की समीक्षाओं के आधार पर 4.5 स्टार की रेटिंग मिली हुई है।

शख्स ने बाद में जानकारी दी कि उसने इस सामान को वापस कर दिया है और तस्वीरें अटैच करके अपना रिव्यू भी पोस्ट कर दिया है। उसने चेतावनी देते हुए कहा कि जो कोई भी रोजाना भुने चने का सेवन करता है, वो ऐसी मिलावटों को लेकर बेहद सतर्क रहे।

डिलीवरी ऐप्स की क्वालिटी चेक पर उठे सवाल

जैसे ही यह क्लिप इंटरनेट पर वायरल हुई, कई यूजर्स ने पैकेट बंद खाद्य पदार्थों को लेकर अपने अनुभव और चिंताएं साझा करना शुरू कर दिया। एक यूजर ने कमेंट किया कि मैं स्थानीय किराना दुकान से जो भुना चना खरीदता हूं, वह इससे कहीं बेहतर है। मुझे कभी रंग की ऐसी समस्या नहीं हुई। एक अन्य यूजर ने लिखा कि सिर्फ टाटा ब्रांड सही है। रिफंड प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए एक व्यक्ति ने कमेंट किया कि रिफंड मिला या नहीं? मेरा तो रिफंड भी नहीं करते। वहीं एक अन्य यूजर ने पूछा, "यार ब्लिंकिट पर रिटर्न कैसे करते हैं।

डिस्क्लेमर: यह आर्टिकल यूजर जेनरेटेड कंटेंट पर आधारित है। मनी कंट्रोल वायरल पोस्ट में किए गए किसी दावे की पुष्टि या खंडन नहीं करता है।



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Thursday, May 28, 2026

Anshula Kapoor Wedding: इस दिन मंगेतर रोहन संग सात फेरे लेंगी अर्जुन कपूर की बहन अंशुला, जाह्नवी-खुशी समेत ये स्टार्स होंगे शामिल

Anshula Kapoor Wedding: रिपोर्ट्स के मुताबिक अर्जुन कपूर की बहन अंशुला कपूर 6 जुलाई को स्क्रीन राइटर रोहन ठक्कर से शादी करने जा रही हैं। यह शादी बॉलीवुड की बिग फैट पंजाबी वेडिंग होने वाली है। कपूर परिवार ने जश्न की तैयारियां शुरू कर दी हैं। शादी में जाह्नवी कपूर, खुशी कपूर, सोनम कपूर और अर्जुन कपूर के साथ-साथ कई और बड़े सितारे नजर आ सकते हैं।

खबरों के मुताबिक, फिल्म निर्माता बोनी कपूर ने अपने करीबी लोगों को शादी की तारीख के बारे में बता दिया है। रूमी जाफरी और अभिनेता अक्षय खन्ना समेत कई लोगों को शादी की तारीख नोट करने के लिए कहा गया है। अनिल कपूर और संजय कपूर को भी, अपने व्यस्त शूटिंग शेड्यूल के बावजूद फैमली फंक्शन के लिए 6 जुलाई का दिन खाली रखने के लिए कहा गया है।

कहा जा रहा है कि शादी की तैयारियां ज़ोरों से चल रही हैं। अर्जुन कपूर अपनी बहन के इस खास दिन के लिए कई तैयारियों में व्यक्तिगत रूप से शामिल हैं। कपूर परिवार के एक करीबी सूत्र ने बताया, “वह अंशुला के साथ सभी ज़रूरी खरीदारी करने, जगह चुनने, खाने-पीने की व्यवस्था देखने और हर छोटी-छोटी बात का ध्यान रखने में मदद करते हैं। भाई-बहन सब कुछ देख रहे हैं।”

अंशुला की सौतेली बहनें जाह्नवी कपूर और खुशी कपूर भी शादी समारोह में शामिल होंगी। जाह्नवी फिलहाल राम चरण के साथ अपनी आने वाली फिल्म 'पेड्डी' के प्रमोशन में व्यस्त हैं, जो 4 जून को रिलीज हो रही है। वहीं, खुशी हाल ही में बोनी कपूर की सीक्वल 'मॉम 2' की शूटिंग पूरी करके ग्रीस से लौटी हैं।

शादी में परिवार के अन्य सदस्यों में हर्षवर्धन कपूर, शनाया कपूर और रिया कपूर बूलानी शामिल हैं। सोनम कपूर आहूजा अपने दूसरे बेटे रुद्रलोक कपूर आहूजा के जन्म के बाद फिलहाल लंदन में हैं। हालांकि, खबरों के मुताबिक, सोनम, उनके पति आनंद आहूजा और उनके बच्चे भी अंशुला की शादी में शामिल हो सकते हैं, क्योंकि अर्जुन और अंशुला के साथ उनका गहरा रिश्ता है।

खबरों के मुताबिक रोहन ठक्कर का फिल्म निर्माता करण जौहर से धर्माटिक एंटरटेनमेंट के जरिए पेशेवर संबंध है, जहां उन्होंने फ्रीलांस लेखक के रूप में काम किया था। करण जौहर को हाल ही में वरुण धवन की फिल्म 'है जवानी तो इश्क होना है' से जुड़े एक कार्यक्रम में अर्जुन कपूर के साथ देखा गया था, जिससे इस जोड़े के साथ उनके संबंधों को लेकर उत्सुकता और बढ़ गई है। खबरों के अनुसार, अंशुला की मुलाकात रोहन से डेटिंग ऐप पर हुई थी, जिसके बाद पिछले साल दोनों की आधिकारिक तौर पर सगाई हो गई थी।



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Wednesday, May 27, 2026

SIP की तारीख बदलने से कितना फायदा होता है? 30 साल के आंकड़ों ने दिया चौंकाने वाला जवाब

SIP returns: बाजार में उतार-चढ़ाव आते ही SIP निवेशकों के मन में एक सवाल जरूर आता है। क्या निवेश कुछ समय के लिए रोक देना चाहिए? बाजार में और गिरावट आने का इंतजार करना चाहिए? या बेहतर रिटर्न के लिए SIP की तारीख बदल देनी चाहिए?

कई लोगों को लगता है कि महीने की सही तारीख चुनने या बाजार की कमजोरी के दौरान निवेश से बचने पर लंबी अवधि में ज्यादा रिटर्न मिल सकता है। लेकिन बीएसई सेंसेक्स TRI के करीब 30 साल के आंकड़ों पर गौर करने से दिलचस्प बात पता चलती है।

SIP की टाइमिंग से कितना फर्क पड़ा?

यह समझने के लिए कि निवेश की टाइमिंग कितनी अहम है, व्हाइटओक म्यूचुअल फंड ने अगस्त 1996 से अप्रैल 2026 के बीच बीएसई सेंसेक्स TRI में अलग-अलग तारीखों पर किए गए SIP निवेश का अध्ययन किया।

रिपोर्ट में यह देखा गया कि अगर कोई निवेशक हर महीने सबसे अच्छे दिन निवेश करता और दूसरा निवेशक हर महीने सबसे खराब दिन निवेश करता, तो दोनों के रिटर्न में कितना अंतर आता।

Chart gold 223

आखिर रिटर्न में कितना दिखा अंतर?

स्टडी के मुताबिक, जो निवेशक हर महीने सबसे बेहतर दिन पर SIP करता, उसे पूरे दौर में 13.80 प्रतिशत का XIRR (एक्सटेंडेड इंटरनल रेट ऑफ रिटर्न) मिलता।

वहीं, जो निवेशक लगातार हर महीने सबसे खराब दिन पर निवेश करता, उसे भी 13.32 प्रतिशत का XIRR मिलता। यानी करीब 30 साल में सबसे अच्छी और सबसे खराब टाइमिंग के बीच रिटर्न का अंतर सिर्फ 0.48 प्रतिशत अंक रहा।

तय तारीख पर SIP से भी अच्छा रिटर्न

रिपोर्ट में यह भी पाया गया कि जो निवेशक बिना बाजार की टाइमिंग पकड़ने की कोशिश नहीं करते। हर महीने एक तय तारीख पर SIP करते रहे, उन्हें 13.58 प्रतिशत का XIRR मिला।

यह रिटर्न सबसे अच्छी टाइमिंग वाले निवेशक के रिटर्न के काफी करीब रहा। इससे पता चलता है कि बाजार की सही टाइमिंग पकड़ने की कोशिश से ज्यादा फायदा नियमित निवेश से मिलता है।

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अलग-अलग तारीखों पर रिटर्न 

रिपोर्ट में महीने की अलग-अलग तारीखों पर किए गए SIP निवेश का भी एनालिसिस किया गया। इसमें पता चला कि महीने की शुरुआत, बीच या आखिर में निवेश करने पर रिटर्न में बहुत ज्यादा फर्क नहीं आया।

कोई भी ऐसी तारीख नहीं मिली जिसने लगातार दूसरी तारीखों की तुलना में कहीं बेहतर प्रदर्शन किया हो। उदाहरण के लिए:

  • हर महीने 1 तारीख को SIP करने वाले निवेशकों को 13.59 प्रतिशत रिटर्न मिला।
  • 10 तारीख को निवेश करने वालों का रिटर्न 13.55 प्रतिशत रहा।
  • 20 तारीख को SIP करने वालों को 13.58 प्रतिशत रिटर्न मिला।
  • 28 तारीख को निवेश करने वालों को 13.61 प्रतिशत रिटर्न हासिल हुआ।

सभी तारीखों पर रिटर्न का अंतर बेहद मामूली

इस स्टडी के मुताबिक, ज्यादातर तारीखों पर SIP का रिटर्न 13.55 प्रतिशत से 13.61 प्रतिशत के बीच रहा। यानी अलग-अलग तारीखों के बीच प्रदर्शन का अंतर बेहद मामूली था। सीधे शब्दों में कहें तो लंबी अवधि में SIP की तारीख बदलने से रिटर्न में कोई बड़ा फर्क नहीं पड़ा।

निवेशकों के लिए क्या है सीख?

करीब तीन दशक के इस स्टडी से पता चलता है कि SIP में सबसे जरूरी चीज सही तारीख चुनना नहीं, बल्कि लगातार निवेश करते रहना है। चाहे निवेश सबसे अच्छे दिन किया गया हो, सबसे खराब दिन या हर महीने एक तय तारीख पर, लंबे समय में रिटर्न का अंतर बहुत सीमित रहा।

आंकड़े बताते हैं कि जो निवेशक अनुशासन के साथ नियमित SIP करते रहे, उनके रिटर्न लगभग उन निवेशकों के बराबर रहे जिन्होंने बाजार की टाइमिंग पकड़ने की कोशिश की। यानी SIP में सफलता का सबसे बड़ा मंत्र बाजार की चाल का अनुमान लगाना नहीं, बल्कि लंबे समय तक लगातार निवेश बनाए रखना है।

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