Tuesday, July 21, 2026

कल का मौसम 22 जुलाई: 2 राज्यों के लिए IMD की रेड कलर वॉर्निंग, इन 16 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट! 40-50 kmph स्पीड वाला बवंडर भी

India Weather Update 22 July: देश भर में मानसून अपने पूरे शबाब पर है। कई इलाकों में आफत की बरसात कर रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 22 जुलाई के लिए वेदर बुलेटिन जारी किया है। मौसम विभाग ने पश्चिम भारत के 2 राज्यों (गुजरात क्षेत्र और मध्य महाराष्ट्र) के लिए रेड कलर वॉर्निंग जारी करते हुए मूसलाधार से अत्यंत भारी बारिश और जलभराव की गंभीर चेतावनी दी है।

इसके अलावा दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश, पंजाब और मध्य प्रदेश समेत देश के 16 से अधिक राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चलने की चेतावनी दी गई है।

आइए जानते हैं कि मौसम विभाग के विश्लेषण और पूर्वानुमान के मुताबिक 22 जुलाई को आपके राज्य में मौसम का क्या मिजाज रहने वाला है:-

इन 2 राज्यों के लिए IMD की रेड कलर वॉर्निंग

मौसम विभाग ने 22 जुलाई को 2 राज्यों के अलग-अलग इलाकों में अत्यंत तेज और खतरनाक बारिश का पूर्वानुमान जारी किया है। गुजरात के मैदानी और उत्तरी भागों में अलग-अलग स्थानों पर मूसलाधार बारिश के साथ अत्यंत भारी बारिश की रेड कलर वॉर्निंग जारी की गई है। महाराष्ट्र के मध्य अंचलों और घाट इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश के बीच अत्यंत भारी बारिश होने की संभावना है।

इन 6 राज्यों/क्षेत्रों में बहुत भारी बारिश का अलर्ट

देश के 6 प्रमुख राज्यों और क्षेत्रों में 22 जुलाई को मूसलाधार से बहुत भारी बारिश दर्ज की जाएगी। पूर्वी राजस्थान के जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है। पूरे मध्य प्रदेश में मानसूनी बादल जमकर बरसेंगे, जहां बहुत भारी बारिश का अलर्ट है। पहाड़ी राज्य हिमाचल में कई जगहों पर तेज बारिश के साथ बहुत भारी वर्षा हो सकती है।

जम्मू-कश्मीर-लद्दाख इस पूरे हिमालयी क्षेत्र में बहुत भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। पंजाब के अलग-अलग हिस्सों में मूसलाधार बारिश के साथ बहुत भारी वर्षा दर्ज की जाएगी। कोंकण और गोवा के तटीय इलाकों में मूसलाधार बारिश का दौर बना रहेगा और बहुत भारी बारिश होगी।

यूपी-दिल्ली संग इन 14 राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी

मौसम विभाग ने मैदानी और तटीय इलाकों के 14 राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश का पूर्वानुमान जताया है। यूपी और देवभूमि उत्तराखंड के विभिन्न जिलों में तेज बारिश होगी। राजधानी दिल्ली और आस-पास के क्षेत्रों (हरियाणा व चंडीगढ़) में कल बादल छाए रहेंगे और भारी बारिश दर्ज की जाएगी।

बिहार और झारखंड दोनों पड़ोसी राज्यों में कई जगहों पर गरज-चमक के साथ भारी बारिश का दौर रहेगा। छत्तीसगढ़ और विदर्भ यानी मध्य भारत के इन इलाकों में भारी बारिश की संभावना है। पूर्वी तटीय और मैदानी पश्चिम बंगाल, ओडिशा में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। असम और मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में मूसलाधार बारिश होगी। राजस्थान के पश्चिमी अंचलों में भारी बारिश का पूर्वानुमान है।

40-50 kmph की रफ्तार से चलेगा बवंडर और थंडरस्टॉर्म अलर्ट

मौसम विभाग के मुताबिक 22 जुलाई को कई राज्यों में बारिश के साथ-साथ तेज आंधी, तूफानी हवाएं और आकाशीय बिजली गिरने का खतरा बना रहेगा। आंध्र प्रदेश, उत्तरी आंतरिक कर्नाटक और तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल में 40-50 किमी/घंटा की रफ्तार से तूफानी हवाएं चलेंगी।

इन राज्यों में अलग-अलग स्थानों पर गरज-चमक के साथ बवंडर का अलर्ट है। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, बिहार, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख, झारखंड, मध्य प्रदेश, ओडिशा, राजस्थान, दक्षिणी आंतरिक कर्नाटक और तेलंगाना में आंधी-तूफान के साथ 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलेंगी।

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तीव्र आकाशीय बिजली: असम एवं मेघालय, छत्तीसगढ़, गुजरात क्षेत्र, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम एवं त्रिपुरा, उत्तराखंड, विदर्भ और पश्चिम बंगाल व सिक्किम में आकाशीय बिजली कड़कने की कड़ी चेतावनी दी गई है। आंध्र प्रदेश, आंतरिक कर्नाटक और तेलंगाना के अलग-अलग इलाकों में दिन भर तेज सतही हवाएं चलेंगी।



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Monday, July 20, 2026

'अभी कोई इरादा नहीं', सरकार ने स्टॉक मार्केट से LTCG टैक्स हटाने पर रुख साफ किया

लंबे समय से मांग उठ रही थी कि सरकार इक्विटी यानी शेयर बाजार में निवेश से होने वाले मुनाफे पर लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन (LTCG) टैक्स खत्म करे। हालांकि, सरकार का फिलहाल कोई इरादा नहीं है। सरकार ने संसद में साफ कहा है कि LTCG टैक्स हटाने का कोई प्रस्ताव अभी विचाराधीन नहीं है।

संसद में सरकार ने क्या कहा?

लोकसभा में सरकार से पूछा गया था कि क्या बाजार का माहौल बेहतर बनाने, घरेलू निवेशकों को राहत देने और विदेशी-भारतीय निवेशकों के बीच बराबरी लाने के लिए LTCG टैक्स खत्म किया जाएगा। इस पर वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने लिखित जवाब दिया। उन्होंने कहा कि ऐसा कोई प्रस्ताव फिलहाल सरकार के पास नहीं है।

हालांकि उन्होंने यह भी बताया कि टैक्स से जुड़े नियम हमेशा के लिए तय नहीं होते। सरकार हर साल बजट तैयार करते समय इनकी समीक्षा करती है और उस समय देश की आर्थिक स्थिति समेत कई पहलुओं को ध्यान में रखा जाता है।

दो साल में सरकार की कमाई दोगुनी 

LTCG टैक्स से सरकार की कमाई पिछले दो साल में तेजी से बढ़ी है। वित्त वर्ष 2023-24 के लिए सरकार को 72,249 करोड़ रुपये मिले थे। वहीं, वित्त वर्ष 2024-25 में यह आंकड़ा बढ़कर 1,29,158 करोड़ रुपये हो गया।

यानी सिर्फ दो साल में सरकार ने 2.01 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा की कमाई LTCG टैक्स के जरिए की है। यह भी एक वजह मानी जा रही है कि इस टैक्स को खत्म करने की संभावना फिलहाल नजर नहीं आ रही।

अभी क्या हैं LTCG टैक्स के नियम?

अगर आपने किसी लिस्टेड शेयर या इक्विटी म्यूचुअल फंड में 12 महीने से ज्यादा निवेश किया है, तो उससे होने वाला मुनाफा लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन माना जाता है। एक वित्त वर्ष में 1.25 लाख रुपये तक के LTCG पर कोई टैक्स नहीं लगता। लेकिन इससे ऊपर होने वाले मुनाफे पर 12.5% टैक्स देना पड़ता है।

क्या विदेशी निवेशकों को राहत मिल गई है?

हाल के दिनों में यह चर्चा भी तेज हुई कि विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) को LTCG टैक्स से छूट मिल गई है, जबकि घरेलू निवेशकों से अब भी टैक्स लिया जा रहा है। सरकार ने संसद में इस पर भी स्थिति साफ कर दी।

सरकार के मुताबिक, इक्विटी निवेश पर 12.5% LTCG टैक्स की दर FPI, घरेलू निवेशकों और रिटेल निवेशकों सभी के लिए समान है। यानी शेयर बाजार में निवेश के मामले में किसी एक वर्ग को अलग से छूट नहीं दी गई है।

फिर G-Sec पर छूट का मामला क्या है?

सरकार ने हाल ही में एक अध्यादेश के जरिए विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों को सरकारी बॉन्ड (Government Securities या G-Secs) में निवेश पर टैक्स राहत दी है। इसके तहत G-Secs से मिलने वाले ब्याज और कैपिटल गेन पर आयकर नहीं लगेगा।

हालांकि यह राहत सिर्फ सरकारी प्रतिभूतियों में निवेश तक सीमित है। इसका शेयरों या इक्विटी म्यूचुअल फंड पर लगने वाले LTCG टैक्स से कोई संबंध नहीं है।

वित्त मंत्री पहले क्या कह चुकी हैं?

मई में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा था कि सरकार शेयर बाजार के निवेशकों की चिंताओं को सुनने के लिए तैयार है। उन्होंने यह भी कहा था कि LTCG और STCG टैक्स को लेकर अगर निवेशकों की ओर से सुझाव आते हैं, तो सरकार उन पर विचार करेगी।

हालांकि अब संसद में दिए गए ताजा जवाब से इतना साफ हो गया है कि फिलहाल सरकार के एजेंडे में LTCG टैक्स खत्म करने का कोई प्रस्ताव शामिल नहीं है।

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Sunday, July 19, 2026

Video: ट्रेन में महिला का फूटा गुस्सा! छेड़छाड़ करने वाले के साथ किया कुछ ऐसा, वीडियो हुआ वायरल

महिलाओं की सुरक्षा और सार्वजनिक स्थानों पर होने वाले उत्पीड़न को लेकर लगातार चर्चा के बीच महाराष्ट्र से सामने आया एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में एक महिला ट्रेन के अंदर एक व्यक्ति का विरोध करती नजर आ रही है, जिस पर कथित रूप से उसे परेशान करने का आरोप लगाया गया है। घटना के बाद महिला ने चुप रहने के बजाय अपनी नाराजगी जाहिर की और एक अनोखे तरीके से विरोध दर्ज कराया। इस पूरे मामले ने इंटरनेट पर नई बहस छेड़ दी है।

कई लोग महिला के हौसले और तुरंत प्रतिक्रिया देने की सराहना कर रहे हैं, जबकि कुछ यूजर्स का कहना है कि ऐसे मामलों में कानूनी प्रक्रिया के जरिए कार्रवाई होनी चाहिए। वायरल वीडियो ने महिलाओं की सुरक्षा, आत्मसम्मान और न्याय के सही तरीके को लेकर लोगों के बीच अलग-अलग राय पैदा कर दी है।

लिपस्टिक और चूड़ियों से किया प्रतीकात्मक विरोध

वायरल वीडियो में महिला उस व्यक्ति के चेहरे पर लिपस्टिक लगाती और उसके हाथों में चूड़ियां पहनाती नजर आ रही है। यह कदम उसने उत्पीड़न के विरोध में प्रतीकात्मक सजा के तौर पर उठाया। वीडियो में आरोपी व्यक्ति सीट पर बैठा दिखाई दे रहा है, जबकि आसपास मौजूद यात्री पूरी घटना को देखते नजर आ रहे हैं।

Badnera-Akola रूट की ट्रेन में हुआ मामला

रिपोर्ट्स के अनुसार, यह घटना महाराष्ट्र में Badnera और Akola के बीच चलने वाली एक एक्सप्रेस ट्रेन में हुई। आरोप है कि यात्रा के दौरान एक युवक ने महिला यात्री के साथ छेड़छाड़ किया। घटना के बाद महिला ने उसका सामना किया और आसपास मौजूद यात्रियों, खासकर अन्य महिलाओं ने भी हस्तक्षेप कर स्थिति को संभालने की कोशिश की।

सोशल मीडिया पर बंटी लोगों की राय

वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया यूजर्स की प्रतिक्रियाएं अलग-अलग रहीं। कई लोगों ने महिला के आत्मविश्वास और विरोध करने के तरीके की सराहना की। एक यूजर ने लिखा कि ऐसे मामलों में महिलाओं को अपनी आवाज उठानी चाहिए। वहीं कुछ लोगों ने सवाल किया कि किसी आरोप के बाद सार्वजनिक रूप से अपमान करना सही तरीका है या नहीं।

'सजा कानून दे, भीड़ नहीं'

कुछ यूजर्स ने कहा कि अगर कोई व्यक्ति अपराध करता है तो उसकी जांच और कार्रवाई कानून के तहत होनी चाहिए। उनका मानना था कि सार्वजनिक अपमान न्याय का विकल्प नहीं हो सकता। कई लोगों ने यह भी कहा कि आरोपी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराकर कानूनी कार्रवाई करवाना ज्यादा प्रभावी रास्ता है।

महिलाओं की सुरक्षा और न्याय पर छिड़ी बहस

इस वायरल वीडियो ने एक बार फिर सार्वजनिक स्थानों पर महिलाओं की सुरक्षा, आत्मरक्षा और न्याय के तरीकों को लेकर चर्चा शुरू कर दी है। जहां कुछ लोग इसे महिला के साहस का उदाहरण बता रहे हैं, वहीं कुछ लोग कानून व्यवस्था और उचित प्रक्रिया को जरूरी मान रहे हैं। फिलहाल यह मामला सोशल मीडिया पर बहस का विषय बना हुआ है।

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Saturday, July 18, 2026

इस डिफेंस स्टॉक ने नागपुर की नुवाल फैमिली को बना दिया 1.2 लाख करोड़ रुपये का मालिक

सोलर इंडस्ट्रीज का शेयर इस साल अब तक 51 फीसदी से ज्यादा चढ़ा है। इससे इस शेयर के निवेशक गदगद हैं। साथ ही नागपुर की नुवाल फैमिली की संपत्ति भी नई ऊंचाई पर पहुंच गई है। यह परिवार देश के सबसे अमीर प्रमोटर समूहों में शामिल हो गया है। सोलर इंडस्ट्रीज में नुवाल फैमिली की 73.1 फीसदी हिस्सेदारी है।

सोलर इंडस्ट्रीज का मार्केट कैपिटलाइजेशन 1.67 लाख करोड़ पहुंचा

सोलर इंडस्ट्रीज के शेयरों में आई तेजी से इसका मार्केट कैपिटलाइजेशन 1.67 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया है। इसमें कंपनी के एक्सप्लोसिव और डिफेंस बिजनेसेज की स्ट्रॉन्ग ग्रोथ का हाथ है। कंपनी के शेयरों में आई तेजी ने नुवाल परिवार को बीते कुछ सालों की देश में वेल्थ क्रिएशन की सबसे बड़ी स्टोरी बना दी है।

सबसे ज्यादा वैल्यूएशन वाली प्रमोटर ग्रुप कंपनियों में शामिल 

सोलर इंडस्ट्रीज सबसे ज्यादा वैल्यूएशन वाली प्रमोटर ग्रुप कंपनियों में से एक बन गई है। इससे नुवाल फैमिली भी भारत के कुछ बड़े बिजनेस घरानों में शामिल हो गया है। प्रमोटरी की हिस्सेदारी की वैल्यू के लिहाज से सोलर इंडस्ट्रीज डीएलएफ से आगे निकल गई है।

डिफेंस सेगेमेंट से कंपनी के कारोबार को मिला बूस्ट 

कंपनी की रीरेटिंग में उसके डिफेंस बिजनेस का बड़ा हाथ है। सोलर इंडस्ट्रीज की एंट्री डिफेंस सेक्टर में 2010 में हुई थी। इस बीच कंपनी के कुल रेवेन्यू में डिफेंस बिजनेस की हिस्सेदारी करीब 5 फीसदी से बढ़कर करीब 20 फीसदी हो गई है। इससे इंडस्ट्रियल एक्सप्लोसिव्स सेगमेंट में कंपनी की स्थिति मजबूत हुई है।

FY26 में कंपनी का रेवेन्यू 10000 करोड़ रुपये पहुंचा

सोलर इंडस्ट्रीज के लिए लंबी अवधि में ग्रोथ के बड़े मौके दिख रहे हैं। कंपनी का प्रदर्शन अच्छा रहा है, जिसका असर इसके शेयरों पर दिखा है। FY26 में कंपनी का रेवेन्यू करीब 10,000 करोड़ रुपये पहुंच गया। टैक्स बाद प्रॉफिट करीब 1,800 करोड़ रुपये रहा। इसका रिटर्न ऑन इक्विटी करीब 29 फीसदी है। रिटर्न ऑन कैपिटल एंप्लॉयड करीब 37.5 फीसदी है।

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मनीष नुवाल कंपनी के सबसे बड़े शेयरहोल्डर 

मनीष नुवाल कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर एवं चीफ एग्जिक्यूटिव अफसर हैं। वह कंपनी के सबसे बड़े शेयरहोल्डर हैं। उनकी कंपनी में 38.9 फीसदी हिस्सेदारी है। कंपनी के फाउंडर सत्यनारायण नुवाल की करीब 3.5 फीसदी हिस्सेदारी है। प्रमोटर के ट्रस्ट की करीब 29 फीसदी हिस्सेदारी है। सीमा नुवाल की 1.37 फीसदी हिस्सेदारी है। इससे कंपनी में प्रमोटर की कुल हिस्सेदारी बढ़कर 73.11 फीसदी है।



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Friday, July 17, 2026

Badrinath temple donation case: बद्रीनाथ दान घोटाला मामले में पूर्व मंदिर अधिकारी राजेंद्र चौहान गिरफ्तार, CCTV फुटेज में जेब में कैश रखते दिखने का दावा

Badrinath temple donation case: उत्तराखंड के विश्व प्रसिद्ध बद्रीनाथ धाम में श्रद्धालुओं के दान में कथित गड़बड़ी के मामले में स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए मंदिर के पूर्व अधिकारी राजेंद्र चौहान को गिरफ्तार कर लिया है। एसआईटी ने करीब चार घंटे तक पूछताछ करने के बाद उन्हें हिरासत में लिया। अधिकारियों के अनुसार, अब उन्हें अदालत में पेश किया जाएगा। यह कार्रवाई मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी और गबन की जांच के बीच हुई है।

जांच एजेंसियां मंदिर प्रशासन से जुड़े कई लोगों की भूमिका की पड़ताल कर रही हैं। राजेंद्र चौहान इस मामले के प्रमुख संदिग्धों में शामिल हैं। जांच के दौरान जुटाए गए CCTV फुटेज के आधार पर एसआईटी ने चौहान से पूछताछ की। जांचकर्ताओं का दावा है कि 22 जून, 25 जून और 29 जून की रिकॉर्डिंग में चौहान कथित तौर पर कैश के बंडल उठाकर अपनी जेब में रखते हुए दिखाई दे रहे हैं। इसी फुटेज के आधार पर उनसे विस्तृत पूछताछ की गई और बाद में गिरफ्तार कर लिया गया।

CCTV फुटेज से खुलासा

पुलिस ने बताया कि 25 जून और 29 जून के सीसीटीवी फुटेज की जांच के दौरान कुछ और लोगों की गतिविधियां संदिग्ध पाई गई हैं। इन फुटेज के आधार पर एसआईटी ने अतिरिक्त संदिग्धों की पहचान की है और जल्द ही उनसे भी पूछताछ की जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए गए दान के कथित दुरुपयोग से जुड़े इस मामले की जांच अभी जारी है।

एसआईटी सभी उपलब्ध साक्ष्यों, सीसीटीवी फुटेज और दस्तावेजों की गहन जांच कर रही है ताकि पूरे मामले में शामिल सभी लोगों की भूमिका स्पष्ट हो सके। फिलहाल, जांच एजेंसी ने किसी अन्य आरोपी के खिलाफ औपचारिक कार्रवाई की घोषणा नहीं की है, लेकिन नए साक्ष्यों के सामने आने के बाद आने वाले दिनों में जांच का दायरा और बढ़ने की संभावना है।

SIT ने सौंपी रिपोर्ट

बदरीनाथ मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी की पड़ताल के लिए श्री बदरीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) की ओर से गठित जांच दल ने गुरुवार को अपनी रिपोर्ट सौंप दी। बीकेटीसी के मुख्य कार्य अधिकारी (सीईओ) सोहन सिंह रांगड़ ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि चार-सदस्यीय दल ने 18 पन्नों की अपनी जांच रिपोर्ट सौंप दी है।

मंदिर समिति के सूत्रों के मुताबिक, रिपोर्ट में चढ़ावे की चोरी को रोकने के लिए कई सुझाव दिए गए हैं। इनमें गणना के दौरान ड्रेस कोड लागू करना, मंदिर परिसर तथा गणना केंद्र के अछूते स्थानों को चिन्हित कर वहां नये सीसीटीवी कैमरे लगाना, निगरानी व्यवस्था को बेहतर एवं जवाबदेह बनाना और श्रद्धालुओं को गणना कार्य से जोड़ने की निश्चित प्रक्रिया तय करना शामिल है।

दो जुलाई को हेराफेरी का हुआ खुलासा

दो जुलाई को सोशल मीडिया पर मंदिर में चढ़ावे में कथित हेराफेरी के आरोप सामने आने के बाद बीकेटीसी ने इस समिति का गठन किया था, जिसकी प्रारंभिक रिपोर्ट के आधार पर अध्यक्ष कार्यालय में वैयक्तिक सहायक के तौर पर तैनात प्रमोद नौटियाल को निलंबित कर दिया गया था। इसके बाद पुलिस में नौटियाल के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया, जिसकी जांच में साक्ष्य मिलने के बाद उन्हें गिरफतार कर लिया गया।

मंदिर के चढ़ावे के रिकॉर्ड वाले रजिस्टर में ओवरराइटिंग पाए जाने के बाद इस काम में लगे खजांची संदेश मेहता को भी वहां से हटाकर अन्यत्र तबादला किया जा चुका है। इस बीच, मामले की पड़ताल कर रहा पुलिस का विशेष जांच दल (एसआईटी) बीकेटीसी के निलंबित कर्मचारी प्रमोद नौटियाल के साथ ही अन्य लोगों के भी इसमें शामिल होने की आशंका का बारीकी से पता लगा रहा है।

पुलिस सूत्रों ने बताया कि चमोली के पुलिस उपाधीक्षक मदन सिंह की अध्यक्षता में गठित एसआईटी सीसीटीवी कैमरों में दर्ज नौटियाल की पूर्व की संदिग्ध गतिविधियों का विश्लेषण कर रही है। इसके अलावा, आरोपी के साथ ही इस मामले में अन्य लोगों के शामिल होने के पहलू की भी जांच की जा रही है, जिसके लिए पुराने सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही हैं।

सूत्रों के मुताबिक, एसआईटी ने सीसीटीवी कैमरों के पूर्व में डिलीट हो चुके रिकॉर्ड को रिकवर करने की दिशा में भी प्रयास शुरू कर दिए हैं। इसके लिए विशेषज्ञों की मदद लेने का प्रयास किया जा रहा है। उधर, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर गढ़वाल के कमिश्नर आनंद स्वरूप की अध्यक्षता में गठित तीन सदस्यीय उच्चस्तरीय समिति की जांच भी जारी है।

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Thursday, July 16, 2026

Reliance Industries Q1 preview : रिलायंस के नतीजे कल, मुनाफे और मार्जिन में दिख सकता है उछाल, जानिए और कहां रहेगी बाजार की नजर

Reliance Industries Q1 Preview : उम्मीद है कि रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (RIL) जून तिमाही में मजबूत कमाई के दम पर पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध के असर से निपटने में कामयाब रहेगी। रिफाइनिंग कारोबार के अच्छे मार्जिन, पेट्रोकेमिकल्स के बेहतर मुनाफे और टेलीकॉम यूनिट में मजबूत ग्रोथ की वजह से रिटेल मार्जिन और अपस्ट्रीम ऑपरेशन्स पर पड़ने वाले दबाव की भरपाई हो जाएगी।

जानकारों का मानना ​​है कि RIL का अलग-अलग तरह का बिजनेस मॉडल ग्लोबल एनर्जी मार्केट में हुए उतार-चढ़ाव से कंपनी का बचाव करेगा। 30 जून को खत्म हुई तिमाही के दौरान, US-ईरान विवाद के बाद कच्चे तेल की कीमतें तेजी से बढ़ीं और फिर तिमाही के आखिर में नीचे आ गईं। जबकि कंपनी की रिफाइनिंग मार्जिन कई तिमाहियों के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गई।

एक्सपर्ट्स के बीच कराए गए पोल में इस बात को लेकर आम सहमति है कि इस अवधि में कंपनी की आय 3.11 लाख करोड़ रुपए रह सकती है। वहीं, EBITDA 46,165 करोड़ रुपए और मुनाफा 18,512 करोड़ रुपए रह सकता है।

ऑयल टू केमिकल (O2C) बिजनेस में सुधार की उम्मीद

ब्रोकरेज फर्मों को उम्मीद है कि जून तिमाही में कंपनी के ऑयल-टू-केमिकल्स (O2C) बिजनेस का प्रदर्शन बेहतर रहेगा। इसकी वजह रिफाइनिंग से जुड़ी बेहतर स्थिति और पेट्रोकेमिकल स्प्रेड में मजबूती है।

जेफरीज का अनुमान है कि O2C EBITDA में सालाना आधार पर लगभग 20 प्रतिशत की बढ़ोतरी हो सकती है। उसका कहना है कि इस सुधार की मुख्य वजह पेट्रोकेमिकल स्प्रेड में बड़ी बढ़ोतरी और बढ़े GRM से SEZ रिफाइनरी को मिलने वाला फायदा होगा।

जेपी मॉर्गन रिफाइनिंग को लेकर और भी पॉजिटिव है। उसका कहना है कि पहली तिमाही में रिफाइनिंग क्रैक और पेट्रोकेमिकल मार्जिन बहुत मजबूत थे। हालांकि, उसका यह भी कहना है कि रिफाइनरी में मेंटेनेंस के लिए शटडाउन और ऑपरेशन की ज्यादा लागत से फायदे कुछ कम हो सकते हैं।

कोटक इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज को भी O2C से अच्छी कमाई की उम्मीद है। उसका अनुमान है कि SEZ रिफाइनरी, US में इथेन-बेस्ड पेट्रोकेमिकल्स और रुपये की कमजोरी की वजह से EBITDA में सालाना आधार पर लगभग 12 प्रतिशत की बढ़ोतरी होगी।

हालांकि, सभी ब्रोकरेज इस पर एकमत नहीं हैं। नुवामा को O2C में सिर्फ़ 2 प्रतिशत के आस-पास मामूली बढ़ोतरी की उम्मीद है। ब्रोकरेज का कहना है कि फ्यूल रिटेलिंग में नुकसान, LPG का ज्यादा प्रोडक्शन, KG-D6 गैस का डाइवर्जन और कामकाज से जुड़ी दूसरी रुकावटें, बेहतर ग्रॉस रिफाइनिंग मार्जिन (GRM) के असर को कुछ हद तक कम कर सकती हैं।

रिलायंस जियो

रिलायंस जियो के मेन अर्निंग ग्रोथ ड्राइवर बने रहने की उम्मीद है। एनालिस्ट्स को उम्मीद है कि रिलायंस जियो इस तिमाही में भी मजबूत प्रदर्शन करेगी। इसको नए सब्सक्राइबर्स के जुड़ने और प्रति यूज़र औसत रेवेन्यू (ARPU) में सुधार का फायदा मिलेगा।

एवेंडस को उम्मीद है कि जियो का वायरलेस सब्सक्राइबर बेस 50 करोड़ (500 मिलियन) के पार चला जाएगा, जबकि ARPU के बढ़कर लगभग 205 रुपये प्रति माह होने का अनुमान है, जिससे रेवेन्यू और EBITDA में डबल-डिजिट की बढ़ोतरी होगी।

नोमुरा का अनुमान है कि इस तिमाही में लगभग 80 लाख नए सब्सक्राइबर जुड़ेंगे और ARPU बढ़कर 217 रुपये प्रति महीना हो जाएगा। जबकि एमके (Emkay) को लगभग 95 लाख नए सब्सक्राइबर जुड़ने और ARPU के 216.5 रुपये रहने की उम्मीद है। दोनों ब्रोकरेज फर्म इस तिमाही में टेलीकॉम सेक्टर को कमाई में सबसे मजबूत योगदान देने वाला सेक्टर मानती हैं।

रिटेल कारोबार के मार्जिन पर रहेगी नजर

रिलायंस रिटेल से एक और तिमाही में डबल-डिजिट रेवेन्यू ग्रोथ की उम्मीद है, लेकिन मुनाफे पर नजर बनी हुई है। नोमुरा को उम्मीद है कि रिटेल कारोबार के रेवेन्यू में सालाना लगभग 12 प्रतिशत की बढ़ोतरी हो सकती है। लेकिन मार्जिन पर लगातार बने दबाव के कारण EBITDA में केवल 3 प्रतिशत के आसपास बढ़ोतरी का अनुमान है। सिटी को उम्मीद है कि क्विक कॉमर्स में लगातार हो रहे निवेश के कारण रिटेल EBITDA में बढ़ोतरी धीमी रहेगी।

जेफरीज का नजरिया ज्यादा पॉजिटिव है। उसका अनुमान है कि कंपनी के रिटेल कारोबार के रेवेन्यू में लगभग 11 प्रतिशत और EBITDA में करीब 8 प्रतिशत की बढ़ोतरी हो सकती है।

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अपस्ट्रीम सेक्टर के कमजोर बने रहने की संभावना

कंपनी के एक्सप्लोरेशन और प्रोडक्शन सेगमेंट का कारोबार सबसे कमजोर बना रह सकता है। एलारा कैपिटल का अनुमान है कि कच्चे तेल की कीमतें बढ़ने होने के बावजूद अपस्ट्रीम EBITDA में सालाना आधार पर लगभग 21 प्रतिशत की गिरावट आएगी, जबकि नोमुरा ने भी कमजोर उत्पादन और गैस से कम कमाई के कारण कम मुनाफे का अनुमान लगाया है।

कहां रहेगी निवेशकों की नजर ?

जून में कच्चे तेल की कीमतें अपने उच्चतम स्तर पर पहुंचने के बाद तेजी से नीचे आईं। इसके चलते निवेशक जारी किए गए आंकड़ों के अलावा, रिफाइनिंग मार्जिन पर मैनेजमेंट की टिप्पणी पर नजर रखेंगे। इसके अलावा बाजार की नजरें पेट्रोकेमिकल स्प्रेड में रिकवरी की रफ़्तार, रिटेल मुनाफे, जियो के सब्सक्राइबर और ARPU के ट्रेंड, कैपिटल एक्सपेंडिचर और कंपनी की नई एनर्जी पहलों से जुड़ी जानकारी पर भी रहेगी।

(डिस्क्लेमर: नेटवर्क 18 मीडिया एंड इनवेस्टमेंट लिमिटेड पर इंडिपेंडेंट मीडिया ट्रस्ट का मालिकाना हक है। इसकी बेनफिशियरी कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज है।)

 

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।



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Wednesday, July 15, 2026

Aurum Proptech Share Price : हाउसिंग डॉट कॉम को खरीद सकती है औरम प्रॉपटेक, सिर्फ 2 दिनों में 15% भागा शेयर

Aurum Proptech Share Price : CNBC-आवाज़ को सूत्रों के हवाले से जानकारी मिली है कि औरम प्रॉपटेक (Aurum Proptech) एक और अधिग्रहण की तैयारी कर रही है। कल फंड जुटाने के मुद्दे पर कंपनी की बोर्ड मीटिंग भी होने वाली है। कंपनी QIP,प्रेफरेंशियल इश्यू या प्राइवेट प्लेसमेंट के जरिए फंड जुटा सकती है। इसके प्रेफरेंशियल इश्यू में बड़े और नामचीन इनवेस्टर शामिल हो सकते हैं। कंपनी की हाउसिंग डॉट कॉम को खरीदने की तैयारी है।

सूत्रों के मुताबिक कंपनी REA इंडिया से Housing.com के खरीद सकती है। कंपनी पिछले साल जुलाई में Housing.com की सिस्टर कंपनी PropTiger.com को खरीदा था। अब इसकी Housing.com को ही खरीदने की तैयारी है। बता दें कि औरम प्रॉपटेक रियल एस्टेट के लिए सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट सर्विस देती है। पिछले 2 दिनों में औरम प्रॉपटेक में 15% तक तेजी देखने को मिली है।

CNBC-आवाज़ ने औरम प्रॉपटेक और REA इंडिया को ईमेल भेजा है। अभी दोनों के आधिकारिक जवाब का इंतजार है।

औरम प्रॉपटेक की बड़ी शॉपिंग

औरम प्रॉपटेक की अब तक हुई शॉपिंग पर नजर डालें तो जुलाई 2025 में कंपनी ने PropTiger को 86 करोड़ रुपए में खरीदा था। इसने जून 2023 में NestAway को 90 करोड़ में खरीदा था। मई 2023 में इसने MYRE Capital को और 2021–22 में Sell.Do को भी खरीदा था। इसी तरह जुलाई 2021 में इसने K2V2 टेक को 40 करोड़ रुपए में खरीदा था। 2021 में ही इसने Integrow AM में 25 करोड़ रुपए में 49 फीसदी हिस्सेदारी खरीदी थी।

कंपनी के प्रदर्शन पर एक नजर

मार्च तिमाही (चौथी तिमाही) में ऑरम प्रॉपटेक की नेट सेल्स 123.85 करोड़ रुपये रही,जो मार्च 2025 तिमाही के 70.41 करोड़ रुपये से 75.9% ज्यादा है। मार्च 2026 तिमाही में इसकी नेट प्रॉफ़िट 16.64 करोड़ रुपये रही, जो मार्च 2025 तिमाही के 7.20 करोड़ रुपये से 331.11% ज़्यादा है। मार्च 2026 तिमाही में इसका EBITDA 38.47 करोड़ रुपये रहा,जो मार्च 2025 तिमाही के 23.25 करोड़ रुपये से 65.46% ज्यादा है। ऑरम प्रॉपटेक का EPS मार्च 2025 तिमाही के ₹1.33 से बढ़कर मार्च 2026 में ₹2.70 हो गया।

शेयर प्राइस हिस्ट्री

एनएसई पर आज यह शेयर 11.18 रुपए यानी 4.67 फीसदी बढ़कर 250.82 रुपए पर बंद हुआ है। आज का इसका दिन का हाई 264.64 रुपए और दिन का लो 237.51 रुपए है। स्टॉक का 52 वीक हाई 264.64 रुपए और 52 वीक लो 151.90 रुपए है।

1 हफ्ते में यह शेयर 12.38 फीसदी और 1 महीने में 36.77 फीसदी भागा है। तीन महीने में इसमें 47.93 फीसदी की तेजी देखने को मिली है। इस साल अब तक यह शेयर 33.39 फीसदी भागा है। वहीं, 1 साल में इसने 32.34 फीसदी की और 3 साल में 90.38 फीसदी की तेजी दिखाई है।

औरम प्रॉपटेक एक भारतीय लिस्टेड प्रॉपटेक कंपनी है। यह अपने रेंटल ब्रांड हेलोवर्ल्ड और नेस्टअवे के जरिए सीधे उपभोक्ताओं को अपनी सेवाएं प्रदान करती है। जबकि इसके डेटा,मार्केटिंग और सेल्स ऑटोमेशन ब्रांड औरम एनालिटिका और सेल.डू (Sell.Do), रियल एस्टेट सेक्टर को सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट सर्विस देते हैं।

 

 

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