Sunday, March 8, 2026

Devoleena Bhattacharjee ने बॉलीवुड में कमबैक पर तोड़ी चुप्पी, बोलीं- 'अभी तो मेरे बेटे को मेरी सबसे ज्यादा जरूरत है'

टीवी की मशहूर अभिनेत्री देवोलीना भट्टाचार्जी, जो 'साथ निभाना साथिया' में गोपी बहू के रोल से घर-घर पहचानी जाती हैं, ने हाल ही में अपने करियर पर वापसी को लेकर खुलकर बात की है। मां बनने के बाद से छोटे पर्दे से दूर चल रही देवोलीना को फैंस लगातार कमबैक के सवालों से घेर रहे हैं। लेकिन उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि फिलहाल उनका पूरा ध्यान बेटे जॉय की परवरिश पर है। यह बयान सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है, जहां फैंस उनकी मातृत्व यात्रा की तारीफ कर रहे हैं।

देवोलीना का भावुक संदेश

इंस्टाग्राम पर एक लंबे नोट के जरिए देवोलीना ने लिखा, "काम कब शुरू करोगी? अब वापस आ जाओ।" ये सवाल मैं लगातार सुन रही हूं। मैं समझती हूं कि काम मेरी जिंदगी का अहम हिस्सा रहा है, जहां मैं हमेशा 100 प्रतिशत देती रही। लेकिन आज जिंदगी ने मुझे एक ऐसा रोल दिया है, जो इससे कहीं ज्यादा मांगता है - मदरहुड।" उन्होंने आगे कहा कि बेटे की प्यारी हंसी, छोटे-छोटे मील के पत्थर और उनकी बाहों में मिलने वाला सुकून ही अभी उनकी दुनिया है। "मैंने हमेशा अपना बेस्ट दिया, लेकिन मां बनने को 500 प्रतिशत चाहिए। अभी मेरे बेटे को मेरी जरूरत है, और मैंने इसे बिना किसी पछतावे के चुना है। सही समय आएगा तो काम भी शुरू हो जाएगा।" यह नोट फैंस के दिल को छू गया।

करियर का शानदार सफर 

देवोलीना ने 'साथ निभाना साथिया' से करियर की शुरुआत की, फिर 'बिग बॉस 13' और 'छठी मैय्या की बिटिया' में अपनी एक्टिंग से सबको प्रभावित किया। शादी के बाद शनवाज शेख से बेटे जॉय का जन्म हुआ, जिसके बाद उन्होंने टीवी से ब्रेक लिया। पहले भी उन्होंने कहा था कि जॉय थोड़ा बड़ा होने पर ही वापसी करेंगी। यह दौर उनके लिए खास है, जहां वे हर पल को जी रही हैं। इंडस्ट्री में कई एक्ट्रेसेज मातृत्व और करियर को बैलेंस करती हैं, लेकिन देवोलीना ने प्राथमिकता साफ कर दी।

फैंस की प्रतिक्रिया 

सोशल मीडिया पर फैंस ने उनका साथ दिया। कोई बोला, "मां बनना सबसे बड़ा रोल है," तो कोई बोला, "जल्दी वापसी का इंतजार।" देवोलीना का यह फैसला कामकाजी महिलाओं के लिए प्रेरणा है, जो परिवार और करियर के बीच संतुलन बनाना चाहती हैं। जब वे लौटेंगी, तो निश्चित रूप से धमाकेदार कमबैक होगा। तब तक, वे इस सुनहरे दौर का पूरा लुत्फ ले रही हैं।



from HindiMoneycontrol Top Headlines https://ift.tt/1M6ut20
via

Welcome 4: अनिल कपूर, नाना पाटेकर और परेश रावल फिर मचाएंगे धमाल, वेलकम 4 में कर सकते हैं वापसी?

Welcome 4: कॉमेडी फिल्म 'वेलकम' के फैंस के लिए खुशखबरी है। खबरों के मुताबिक, अभिनेता परेश रावल, अनिल कपूर और नाना पाटेकर चौथी फिल्म 'वेलकम 4' में एक साथ नजर आने वाले हैं। इस खबर ने प्रशंसकों के बीच हलचल मचा दी है। स्क्रिप्ट लेखन का काम काफी आगे बढ़ चुका है।

मिड-डे ने सूत्रों के हवाले से बताया है, "फिरोज और उनकी लेखकों की टीम 'वेलकम 4' की स्क्रिप्ट लिख रही है। यह अब काफी आगे बढ़ चुकी है।" इसमें नाना पाटेकर, अनिल कपूर और परेश रावल की वापसी होगी। सूत्र ने आगे बताया, "वेलकम 4 की स्क्रिप्ट इस तरह लिखी जा रही है कि ये तीनों किरदार कहानी में सहजता से समाहित हो जाएंगे। कहानी बिल्कुल अलग होगी।

सूत्र ने बताया- वेलकम 4 में एक से अधिक ऐसे प्यारे डॉन होंगे जो अपने अंडरवर्ल्ड कारनामों से ज्यादा अपनी हास्यपूर्ण हरकतों और हाजिरजवाबी के लिए जाने जाते हैं। इन भूमिकाओं के लिए शीर्ष अभिनेताओं से बातचीत चल रही है। यह पारिवारिक शैली की फिल्म है जिसमें हास्य, ग्लैमर और एक्शन का संगम है।

इस फिल्म में उदय शेट्टी और मजनू भाई जैसे यादगार किरदार थे, जिन्हें अनिल कपूर और नाना पाटेकर ने निभाया था। उनकी कॉमेडी और केमिस्ट्री आज भी लोगों को बेहद पसंद आती है। परेश रावल द्वारा निभाए गए अनोखे डॉ. घुंघरू का किरदार भी इस फिल्म की तिकड़ी में से एक बन गया।

हाल ही में अनिल कपूर ने भी फिल्म के बारे में बात करते हुए कहा, “सबसे पहले तो अक्षय साहब के साथ मैंने ये फिल्म की थी वेलकम 1, फिर 2 में ये नहीं थे, फिर 3 में मुझे निकाल दिया और वेलकम 4 हम फिर साथ करेंगे।”

उन्होंने मजनू भाई की पेंटिंग के बारे में भी बात की, जो फिल्म की रिलीज के 20 साल बाद भी, पहली बार 2007 की ब्लॉकबस्टर फिल्म “वेलकम” में दिखाई दी थी। फिल्म में अनिल कपूर के किरदार मजनू भाई द्वारा बनाई गई अनोखी और कॉमिक पेंटिंग फिल्म के सबसे यादगार पल में से एक बन गई।

अनीस बज़मी द्वारा निर्देशित 'वेलकम' 2007 में रिलीज़ हुई थी और इसमें अक्षय कुमार, कैटरीना कैफ, अनिल कपूर, नाना पाटेकर, परेश रावल और फिरोज खान ने महत्वपूर्ण भूमिकाएँ निभाई थीं। इसमें मल्लिका शेरावत भी थीं, जिनकी मनोरंजक भूमिका की खूब सराहना की गई थी।



from HindiMoneycontrol Top Headlines https://ift.tt/bsCvr6Z
via

भारत की पहली रिंग मेट्रो दिल्ली में शुरू हुई, पिंक-मैजेंटा लाइन के नए कॉरिडोर के देखें रूट्स

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को दिल्ली में दो नए मेट्रो कॉरिडोर का उद्घाटन किया। पीएम मोदी ने, पिंक व मजेंटा लाइन के नए कॉरिडोर की शुरुआत करने के साथ ही तीन नए मेट्रो कॉरिडोर का शिलान्यास किया। खास बात यह है कि इस नए कॉरिडोर के जरिए आगे चलकर नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट तक मेट्रो कनेक्टिविटी बढ़ाने का रास्ता भी साफ होगा।

18,300 करोड़ की लागत

इन नए रूट्स के शुरू होने से राजधानी के कई इलाकों में बेहतर और तेज कनेक्टिविटी मिलेगी। दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) के इन प्रोजेक्ट्स पर 18,300 करोड़ रुपये से ज्यादा लागात लगी है। इनमें पहला कॉरिडोर मजलिस पार्क से मौजपुर-बाबरपुर (पिंक लाइन) तक है, जिसकी लंबाई करीब 12.3 किलोमीटर है। दूसरा कॉरिडोर दीपाली चौक से मजलिस पार्क (मैजेंटा लाइन) तक है, जो लगभग 9.9 किलोमीटर लंबा है। इन नए मेट्रो रूट्स से बुराड़ी, जगतपुर-वजीराबाद, खजूरी खास, भजनपुरा, यमुना विहार, मधुबन चौक, हैदरपुर बादली मोड़, भलस्वा और मजलिस पार्क जैसे कई इलाकों के लोगों को सीधा फायदा मिलेगा और उनका सफर पहले से ज्यादा आसान हो जाएगा।

मजलिस पार्क–मौजपुर बाबरपुर कॉरिडोर

मजलिस पार्क से मौजपुर बाबरपुर तक बने इस मेट्रो कॉरिडोर में आठ एलिवेटेड (ऊपर बने) स्टेशन हैं। यह कॉरिडोर पहले से चल रही मजलिस पार्क–शिव विहार पिंक लाइन का हिस्सा है। इस नए हिस्से के शुरू होने के साथ ही दिल्ली मेट्रो की पिंक लाइन अब पूरी तरह से एक रिंग मेट्रो लाइन बन गई है। इसकी कुल लंबाई अब लगभग 71.56 किलोमीटर हो गई है। यह भारत की पहली ऐसी मेट्रो लाइन है जो पूरे शहर के चारों ओर रिंग की तरह चलती है।

इस कॉरिडोर के स्टेशनों में मजलिस पार्क, बुराड़ी, झरोदा माजरा, जगतपुर-वजीराबाद, सूरघाट, नानकसर-सोनिया विहार, खजूरी खास, भजनपुरा, यमुना विहार और मौजपुर-बाबरपुर शामिल हैं। इस नए रूट में यमुना नदी पर एक नया पुल भी बनाया गया है। इसके साथ ही यहां डबल-डेकर वायडक्ट भी तैयार किया गया है, जिसमें ऊपर मेट्रो लाइन और नीचे सड़क का फ्लाईओवर बनाया गया है। इससे ट्रैफिक और यात्रा दोनों आसान होंगे।

दीपाली चौक–मजलिस पार्क कॉरिडोर

दूसरा मेट्रो कॉरिडोर दीपाली चौक से मजलिस पार्क तक बनाया गया है। यह बॉटनिकल गार्डन–कृष्णा पार्क एक्सटेंशन मैजेंटा लाइन का एक नया एलिवेटेड विस्तार है। इस कॉरिडोर में कुल सात मेट्रो स्टेशन बनाए गए हैं। इस नए हिस्से के शुरू होने से मैजेंटा लाइन की कुल लंबाई अब करीब 49 किलोमीटर हो गई है। इस रूट पर दीपाली चौक, मधुबन चौक, उत्तर पीतमपुरा–प्रशांत विहार, हैदरपुर गांव, हैदरपुर बादली मोड़, भलस्वा और मजलिस पार्क जैसे स्टेशन शामिल हैं। इस कॉरिडोर के कुछ हिस्से लगभग 28.36 मीटर की ऊंचाई तक बने हुए हैं। इसी वजह से यह दिल्ली मेट्रो नेटवर्क के सबसे ऊंचे सेक्शन में से एक माना जा रहा है।



from HindiMoneycontrol Top Headlines https://ift.tt/YgSRvby
via

Cinema Ka Flashback: राज कपूर की बीमारी से जन्मी अमर कहानी, राजेश खन्ना बने थे फिल्म के नए हीरो

हिंदी सिनेमा की अमर कृति 'आनंद' की कहानी के पीछे एक अनकही दास्तान छिपी है, जो दोस्ती, चिंता और सकारात्मकता की मिसाल है। 1971 में रिलीज हुई इस फिल्म को ऋषिकेश मुखर्जी ने बनाया, जिसमें राजेश खन्ना ने कैंसर से जूझते आनंद का किरदार निभाया। लेकिन क्या आप जानते हैं कि यह फिल्म मूल रूप से राज कपूर के लिए सोची गई थी? उनकी बीमारी ने ही इस ब्लॉकबस्टर को जन्म दिया।

राज कपूर की तबीयत ने बदला सबकुछ

ऋषिकेश मुखर्जी और राज कपूर की गहरी दोस्ती जगजाहिर थी। 1960 के दशक के अंत में राज कपूर को अस्थमा और पल्स संबंधी गंभीर समस्या हो गई थी। वे बीमार होने के बावजूद हमेशा मुस्कुराते रहते और आसपास खुशियां बांटते। मुखर्जी इस सकारात्मकता से इतने प्रभावित हुए कि उन्होंने एक फिल्म की स्क्रिप्ट लिखी, जो राज कपूर की जिंदगी से प्रेरित थी। आनंद का किरदार सीधे राज कपूर की मुस्कान और हिम्मत से लिया गया था। लेकिन जब शूटिंग की बात आई, तो मुखर्जी के मन में डर बैठ गया। आनंद को लिम्फोसारकोमा नामक कैंसर होता है, और राज कपूर पहले से कमजोर थे। उन्हें लगा कि फिल्म की भावुक कहानी उनकी सेहत पर भारी पड़ सकती है। इस 'वहम' ने फैसला बदल दिया।

राजेश खन्ना की अप्रत्याशित एंट्री

राज कपूर को हटाने के बाद मुखर्जी नए हीरो की तलाश में थे। तभी सुपरस्टार राजेश खन्ना खुद उनके पास आए और रोल मांग लिया। कम बजट की फिल्म के लिए यह सरप्राइज था। राजेश ने आनंद को इतनी गहराई से जिया कि दर्शक आज भी उनके डायलॉग 'बाबूमोशाय, जिंदगी बड़ी होनी चाहिए, लंबी नहीं' भूल नहीं पाए। अमिताभ बच्चन का भास्कर मुखर्जी का किरदार खुद निर्देशक से प्रेरित था, जो दोस्त की बीमारी से हमेशा चिंतित रहता। फिल्म मात्र 30 दिनों में पूरी हुई, जो उस दौर के लिए कमाल था।

सिनेमा में अमर विरासत

'आनंद' ने राष्ट्रीय पुरस्कार जीता और वेनिस फिल्म फेस्टिवल में राजेश खन्ना को स्पेशल अवॉर्ड मिला। यह फिल्म जिंदगी के फलसफे को सिखाती है। राज कपूर 1988 में अस्थमा जटिलताओं से चल बसे, लेकिन उनकी सकारात्मकता 'आनंद' में जीवित है। मुखर्जी ने बाद में कहा, "फिल्म का असली हीरो अमिताभ था, लेकिन राजेश ने इसे अमर बनाया।" यह किस्सा साबित करता है कि कभी-कभी किस्मत और दोस्ती मिलकर इतिहास रच देते हैं। आज भी नई पीढ़ी इसे देखकर प्रेरणा लेती है।



from HindiMoneycontrol Top Headlines https://ift.tt/WIh6PKF
via

Saturday, March 7, 2026

नेपाल चुनाव पर पीएम मोदी का पहली प्रतिक्रिया, दोनों देशों के रिश्तों को लेकर कही ये बात

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को नेपाल में हुए चुनाव के शांतिपूर्ण और सफल आयोजन पर वहां की जनता और सरकार को बधाई दी। बता दें कि, इस समय नेपाल में नई सरकार के लिए वोटों की गिनती जारी है। पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए लिखा कि वे नेपाल के लोगों और सरकार को चुनाव सफल और शांतिपूर्ण तरीके से कराने के लिए दिल से बधाई देते हैं। उन्होंने कहा कि नेपाली लोगों को अपने लोकतांत्रिक अधिकारों का इतने उत्साह के साथ इस्तेमाल करते देखना खुशी की बात है।

पीएम मोदी ने बताया मील का पत्थर

पीएम मोदी ने इस चुनाव को नेपाल की लोकतांत्रिक यात्रा में एक महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक मील का पत्थर बताया। उन्होंने कहा कि यह पल नेपाल के लिए गर्व का क्षण है। नेपाल में पिछले साल केपी शर्मा ओली की सरकार के खिलाफ बड़े स्तर पर विरोध प्रदर्शन हुए थे। इन प्रदर्शनों का नेतृत्व खास तौर पर युवा पीढ़ी (Gen Z) ने किया था और इसकी वजह सोशल मीडिया पर लगाए गए प्रतिबंध के साथ-साथ देस में फैले भ्रष्टाचार को लेकर था। इन विरोध प्रदर्शनों के बाद केपी शर्मा ओली को प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा। इसके बाद राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल ने 12 सितंबर को हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स को भंग कर दिया और सुशीला कार्की को कार्यवाहक प्रधानमंत्री नियुक्त किया।

'भारत-नेपाल साथ मिलकर करेंगे काम'

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आगे कहा कि भारत और नेपाल के रिश्ते बहुत खास हैं। उन्होंने कहा, “एक करीबी दोस्त और पड़ोसी के रूप में भारत, नेपाल के लोगों और उनकी नई सरकार के साथ मिलकर काम करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। हमारा उद्देश्य है कि दोनों देश मिलकर शांति, विकास और खुशहाली के नए मुकाम हासिल करें।” प्रधानमंत्री का यह बयान ऐसे समय आया है जब नेपाल में हुए आम चुनावों में रैपर से नेता बने बालेंद्र शाह की पार्टी राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (RSP) बड़ी जीत की ओर बढ़ती नजर आ रही है। यह चुनाव उन बड़े विरोध प्रदर्शनों के बाद हो रहा है, जिनका नेतृत्व ज्यादातर Gen Z युवाओं ने किया था।

नेपाल में RSP का जलवा 

नेपाल के चुनाव आयोग के अनुसार, RSP अब तक 40 सीटें जीत चुकी है और करीब 80 सीटों पर आगे चल रही है। वहीं नेपाली कांग्रेस ने अब तक 6 सीटें जीती हैं। इसके अलावा नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी (NCP) और केपी शर्मा ओली की पार्टी CPN (UML) को फिलहाल दो-दो सीटें मिली हैं। नेपाल की 275 सदस्यीय हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स के लिए वोटों की गिनती जारी है। इसी बीच बालेंद्र शाह खुद झापा निर्वाचन क्षेत्र-5 में केपी शर्मा ओली से 38,000 से ज्यादा वोटों से आगे चल रहे हैं। RSP ने खास तौर पर काठमांडू घाटी में शानदार प्रदर्शन किया है। पार्टी ने काठमांडू जिले की सभी 10 सीटें, भक्तपुर की 2 सीटें और ललितपुर की 1 सीट जीत ली है, जिससे उसकी स्थिति और मजबूत हो गई है।



from HindiMoneycontrol Top Headlines https://ift.tt/6jvTeiu
via

US Iran War: 'ईरान ने मान ली हार, अब वो मिडिल ईस्ट का दबंग देश नहीं रहा' ट्रंप ने तेहरान को दी बड़े हमले की धमकी

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर तंज कसते हुए कहा है कि अब ईरान अपने पड़ोसी देशों के सामने “झुक गया है” और माफी मांगने को मजबूर हुआ है। ट्रंप ने यह बयान तब दिया जब ईरान के राष्ट्रपति ने कुछ ही देर पहले अपने पड़ोसी देशों से मिसाइल हमलों के लिए माफी मांगी और कहा कि वह आगे से उन पर हमला नहीं करेंगे, जब तक की उनकी धरती से ईरान के खिलाफ कोई मिसाइल नहीं दागी जाती।

ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social पर एक पोस्ट में कहा कि ईरान की यह माफी अमेरिका और इजरायल के लगातार हमलों का नतीजा है। उन्होंने लिखा कि ईरान को अमेरिकी और इजरायली हमलों से भारी नुकसान हुआ है और इसी वजह से उसे अपने पड़ोसियों से माफी मांगनी पड़ी।

ट्रंप ने दावा किया कि ईरान पहले पूरे मध्य पूर्व पर दबदबा बनाना चाहता था, लेकिन अब हालात बदल गए हैं।

उन्होंने कहा, “ईरान जो अभी बुरी तरह पिट रहा है, उसने अपने मध्य पूर्व के पड़ोसी देशों से माफी मांग ली है और वादा किया है कि अब उन पर मिसाइल नहीं दागेगा। यह वादा सिर्फ इसलिए किया गया, क्योंकि अमेरिका और इजरायल ने लगातार उस पर हमला किया।”

ट्रंप ने यह भी कहा कि हजारों साल के इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ है, जब ईरान अपने आसपास के मध्य पूर्वी देशों के सामने हार गया है।

उन्होंने मजाकिया अंदाज में लिखा कि कई देशों ने उन्हें “धन्यवाद राष्ट्रपति ट्रंप” कहा, जिस पर उन्होंने जवाब दिया, “आपका स्वागत है।”

ट्रंप ने आगे कहा कि अब ईरान “मिडिल ईस्ट का दबंग देश” नहीं रहा, बल्कि अब वह “मिडिल ईस्ट का सबसे बड़ा हारने वाला” बन गया है और कई दशकों तक ऐसा ही रहेगा, जब तक कि वह पूरी तरह हार नहीं मान लेता या फिर उसकी व्यवस्था ढह नहीं जाती।

उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि अगर ईरान का व्यवहार नहीं बदला तो उस पर और भी कड़े हमले किए जा सकते हैं और ऐसे इलाकों को भी निशाना बनाया जा सकता है, जिन्हें अब तक टारगेट नहीं किया गया था।

ईरान के राष्ट्रपति ने पड़ोसी देशों से मांगी माफी

ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने शनिवार को हाल ही में हुए ईरानी हमलों में निशाना बनाए गए पड़ोसी देशों से माफी मांगी और कहा कि तेहरान क्षेत्रीय देशों पर हमले करने से तब तक परहेज करेगा जब तक कि ईरान पर हमले उनके क्षेत्र से शुरू न हों।

सरकारी टेलीविजन पर प्रसारित एक भाषण में पेजेश्कियन ने कहा, "मैं ईरान द्वारा हमला किए गए पड़ोसी देशों से माफी मांगता हूं।"

ईरान के राष्ट्रपति ने कहा कि देश ने पड़ोसी देशों पर हमले न करने की नीति अपनाई है, जब तक कि उन क्षेत्रों का इस्तेमाल ईरान के खिलाफ हमले शुरू करने के लिए न किया जाए।

ईरान इंटरनेशनल ने शनिवार को पेजेश्कियन के हवाले से कहा, "ईरान पड़ोसी देशों पर तब तक हमले या मिसाइल हमले नहीं करेगा, जब तक कि ईरान पर हमला उन्हीं देशों से न किया जाए।"

'भारतीय अच्छे एक्टर हैं' रूस से 30 दिन तक तेल खरीद की छूट के बाद अमेरिका के ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट ने दिया बड़ा बयान

 



from HindiMoneycontrol Top Headlines https://ift.tt/M3aD9mU
via

Shreya Ghosal: अरिजीत सिंह के रिटायरमेंट के बाद श्रेया घोषाल का खुलासा, सिंगर बोलीं- 'सिंगर्स को इंडस्ट्री में नहीं मिला बराबरी का सम्मान'

बॉलीवुड की मधुर आवाज श्रेया घोषाल ने हाल ही में एक इंटरव्यू में संगीत जगत की कड़वी सच्चाई बयां की। आरिजीत सिंह के अचानक संन्यास लेने के बाद फिल्म इंडस्ट्री ने प्लेबैक सिंगर्स के साथ क्या सलूक किया, इस पर उन्होंने खुलकर बात की। 7 मार्च 2026 को जगरण के एक खास इंटरव्यू में श्रेया ने बताया कि आरिजीत जैसे सुपरस्टार के चले जाने से इंडस्ट्री ने नए गायकों को मौका देने के बजाय आउटसोर्सिंग और ऑटोट्यून पर भरोसा बढ़ा दिया।

श्रेया ने भावुक होकर कहा, "आरिजीत भाई का जाना हमारे लिए बड़ा झटका था। वो न सिर्फ आवाज थे, बल्कि स्टोरीटेलर्स भी। उसके बाद प्रोड्यूसर्स ने सोचा कि कोई और तो नहीं भर पाएगा उनकी जगह। हम सिंगर्स को कॉल कम आने लगे, बजाय इसके कंपोजर्स ने विदेशी आर्टिस्ट्स या सिंगर-एक्टर्स को प्राथमिकता दी।" यह खुलासा सुनकर फैंस हैरान हैं, क्योंकि आरिजीत 2025 में स्पिरिचुअल कारणों से स्टेज और रिकॉर्डिंग से दूर हो गए थे। उनकी आखिरी हिट 'फिर क्या' ने चार्ट्स पर राज किया था।

श्रेया ने इंडस्ट्री की मानसिकता पर तंज कसा, "अब गाने की सक्सेस व्यूज से मापी जाती है, न कि दिलों से। हम जैसे लाइव परफॉर्मर्स को कॉन्सर्ट्स तक सीमित कर दिया गया। प्राइवेट अल्बम्स या इंडिपेंडेंट म्यूजिक ही बचा है।" उन्होंने 'देवदास' से 'ब्रह्मास्त्र' तक अपने सफर को याद किया, जहां उन्होंने 5 नेशनल अवॉर्ड्स जीते। लेकिन आज कल के आइटम सॉन्ग्स जैसे 'चिकनी चमेली' को गाने का अफसोस जताते हुए कहा, "अब ऐसे बोल वाले गाने नहीं गाऊंगी, जो महिलाओं को गलत तरीके से पेश करें।"

श्रेया ने बताया कि सिंगर्स को अक्सर बैकग्राउंड आर्टिस्ट की तरह देखा जाता है। गानों के प्रमोशन में उन्हें पीछे रखा जाता है, जिससे उनकी पहचान दब जाती है। उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है जब गायकों को भी उतनी ही स्टारडम और पहचान दी जानी चाहिए जितनी एक्टर्स को मिलती है। अरिजीत के रिटायरमेंट पर फैंस बेहद भावुक हुए। सोशल मीडिया पर उन्हें “जीनियस” और “दिलों की आवाज” कहा गया। श्रेया ने भी उन्हें प्रोत्साहित करते हुए कहा कि यह किसी दौर का अंत नहीं बल्कि एक नए क्रिएटिव फेज की शुरुआत है।



from HindiMoneycontrol Top Headlines https://ift.tt/GOVJ3xm
via