Saturday, June 6, 2026

Tata की इलेक्ट्रिक कारें हुईं ₹2.75 लाख तक सस्ती, जानें कौन सी कार पर कितना मिल रहा छूट

Tata EV Discount 2026: Tata Motors ने जून 2026 के लिए अपने इलेक्ट्रिक कारों पर भारी छूट की घोषणा की है, जिसमें चुनिंदा वेरिएंट पर 3.35 लाख रुपये तक की छूट दी जा रही है। खरीदार अब ग्रीन बोनस, एक्सचेंज ऑफर, स्क्रैपेज बेनिफिट और लॉयल्टी बोनस का लाभ उठा सकते हैं, जो उनके चुने गए मॉडल पर निर्भर करता है। ये ऑफर्स टाटा के इलेक्ट्रिक वाहन पोर्टफोलियो के मौजूदा और पुराने दोनों वेरिएंट पर लागू हैं।

Tata Curvv EV

इस महीने Curvv EV पर सबसे अधिक छूट मिल रही है। चुनिंदा नॉन-एक्स वेरिएंट पर 3.35 लाख रुपये तक की छूट उपलब्ध है, जिसमें 3 लाख रुपये का ग्रीन बोनस, 30,000 रुपये का एक्सचेंज ऑफर या 35,000 रुपये का स्क्रैपेज बेनिफिट शामिल है। वहीं, क्रिएटिव वेरिएंट पर 2.85 लाख रुपये तक की छूट मिल रही है, जबकि Curvv EV एक्स वेरिएंट पर एक्सचेंज, स्क्रैपेज और लॉयल्टी बेनिफिट मिलाकर कुल 65,000 रुपये तक की छूट दी जा रही है।

Tata Harrier EV

Harrier EV के सभी वेरिएंट पर 2.75 लाख रुपये तक की छूट मिल रही है। इस ऑफर में 50,000 रुपये का एक्सचेंज बोनस या 75,000 रुपये का स्क्रैपेज बेनिफिट, 1 लाख रुपये का लॉयल्टी बोनस और 1 लाख रुपये का अतिरिक्त लाभ शामिल है।

Tata Punch EV

Punch EV के मौजूदा वेरिएंट पर इस महीने 95,000 रुपये से लेकर 1.45 लाख रुपये तक की छूट मिल रही है। LR वेरिएंट पर 1.45 लाख रुपये तक की छूट, MR वेरिएंट पर 1.25 लाख रुपये तक की छूट, जबकि MR स्मार्ट वेरिएंट पर अधिकतम 95,000 रुपये की छूट दी जा रही है।

Tata Tiago EV

Outgoing Tiago EV पर 65,000 रुपये से लेकर 1.45 लाख रुपये तक की छूट उपलब्ध है। LR XT वेरिएंट पर सबसे अधिक 1.45 लाख रुपये की छूट के साथ 50,000 रुपये का अतिरिक्त लाभ मिल रहा है। अन्य LR वेरिएंट पर 1.25 लाख रुपये तक की छूट मिल रही है, जबकि MR वेरिएंट पर 65,000 रुपये तक की छूट उपलब्ध है।

Tata Nexon EV

Nexon EV पर पूरी रेंज में 50,000 रुपये तक की छूट मिल रही है, जिसमें 15,000 रुपये का ग्रीन बोनस, 25,000 रुपये का एक्सचेंज ऑफर और 35,000 रुपये का स्क्रैपेज बेनिफिट शामिल है (एक्सचेंज और स्क्रैपेज को एक साथ नहीं जोड़ा जा सकता)।

डिस्क्लेमर: यह जानकारी डीलरशिप स्तर के स्रोतों पर आधारित है। अंतिम ऑफर स्टॉक, लोकेशन और ग्राहक की पात्रता के अनुसार बदल सकता है। ग्राहकों को सलाह दी जाती है कि वे सटीक जानकारी के लिए अपने नजदीकी डीलर से संपर्क करें।

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Friday, June 5, 2026

Chicken Vs Fish: चिकन या फिश..., कौन आपको देता है सबसे ज्यादा देता है प्रोटीन?

Chicken Vs Fish: प्रोटीन से भरपूर फूड आइटम की बात करें तो चिकन और मछली सबसे पॉपलर ऑप्शन में से हैं। ये दोनों ही आवश्यक पोषक तत्वों से भरपूर होते हैं, मांसपेशियों के विकास में सहायक होते हैं और एक स्वस्थ आहार का हिस्सा बन सकते हैं। हालांकि, वसा की मात्रा, विटामिन, खनिज और स्वास्थ्य लाभों के मामले में ये अलग होते हैं। तो आपको प्रोटीन का कौन सा स्रोत चुनना चाहिए? चलिए बताते हैं।

प्रोटीन

चिकन और मछली दोनों ही प्रोटीन के सोर्स हैं। 100 ग्राम चिकन ब्रेस्ट में लगभग 31 ग्राम प्रोटीन होता है, जबकि 100 ग्राम मछली में किस्म के आधार पर लगभग 20-25 ग्राम प्रोटीन होता है। लेकिन चिकन में आमतौर पर प्रति सर्विंग थोड़ा ज्यादा प्रोटीन पाया जाता है, इसलिए यह फिटनेस के शौकीनों और एथलीटों के बीच पहली पसंद है।

फैट

सबसे बड़ा अंतर इनमें मौजूद फैट के प्रकार में निहित है। चिकन के पतले हिस्से, जैसे कि ब्रेस्ट मीट, में फैट कम होता है, जबकि गहरे रंग के हिस्सों में फैट अधिक होता है। वहीं दूसरी ओर, सैल्मन, मैकेरल और सार्डिन जैसी वसायुक्त मछलियों में स्वस्थ ओमेगा-3 फैटी एसिड पाए जाते हैं। ये ओमेगा-3 वसा हर्ट, दिमाग और आंखों के स्वास्थ्य के लिए सहायक होते हैं।

हर्ट हेल्थ

हृदय संबंधी लाभों के मामले में मछली अक्सर बेहतर मानी जाती है। वसायुक्त मछली का नियमित सेवन ओमेगा-3 की प्रचुर मात्रा के कारण ट्राइग्लिसराइड के स्तर को कम करने और हृदय के कार्य को सुचारू रखने में सहायक हो सकता है। चिकन, हालांकि स्वस्थ तरीके से तैयार किए जाने पर हृदय के लिए लाभकारी होता है, लेकिन इसमें प्राकृतिक रूप से उतनी मात्रा में लाभकारी वसा नहीं होती है।

विटामिन और खनिज

दोनों खाद्य पदार्थ महत्वपूर्ण पोषक तत्व प्रदान करते हैं। चिकन में बी विटामिन, विशेष रूप से नियासिन और विटामिन बी6, फास्फोरस और सेलेनियम पाए जाते हैं। वहीं मछली में विटामिन डी (विशेषकर वसायुक्त मछली), विटामिन बी12, आयोडीन, सेलेनियम और ओमेगा-3 फैटी एसिड पाए जाते हैं। मछली विटामिन डी के कुछ प्राकृतिक आहार स्रोतों में से एक है।

पाचन क्षमता

चिकन और मछली दोनों को आसानी से पचने वाले प्रोटीन माना जाता है। हालांकि, मछली अक्सर पेट के लिए हल्की होती है और जल्दी पच जाती है, इसलिए कुछ लोगों के लिए यह पसंदीदा विकल्प है।

मांसपेशियों का निर्माण

यदि आपका मुख्य लक्ष्य मांसपेशियों का निर्माण करना है, तो ये दोनों खाद्य पदार्थ सहायक हो सकते हैं। चिकन को अक्सर इसकी उच्च प्रोटीन मात्रा और अपेक्षाकृत कम कीमत के कारण चुना जाता है। मछली भी मांसपेशियों की रिकवरी में सहायक होती है और साथ ही अतिरिक्त पोषक तत्व प्रदान करती है जो समग्र स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद हो सकते हैं।

कैलोरी की मात्रा

कैलोरी की मात्रा प्रकार और पकाने की विधि पर निर्भर करती है। बिना त्वचा वाले चिकन ब्रेस्ट में आमतौर पर कैलोरी कम होती है। वसायुक्त मछली में कैलोरी अधिक होती है, लेकिन यह स्वस्थ वसा और अधिक पोषक तत्व प्रदान करती है।यह केवल सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है और इसे चिकित्सा या पोषण संबंधी सलाह नहीं माना जाना चाहिए। व्यक्तिगत आहार संबंधी आवश्यकताएं उम्र, स्वास्थ्य स्थितियों, एलर्जी और जीवनशैली कारकों के आधार पर भिन्न होती हैं।

Disclaimer- यह आर्टिकल आम जानकारी पर आधारित है। इसे चिकित्सा या पोषण संबंधी सलाह नहीं माना जाना चाहिए। व्यक्तिगत आहार संबंधी आवश्यकताएं उम्र, स्वास्थ्य स्थितियों, एलर्जी और जीवनशैली कारकों के आधार पर भिन्न होती हैं।



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Thursday, June 4, 2026

RBI Monetary Policy: आरबीआई की 5 जून की मॉनेटरी पॉलिसी का बाजार पर क्या पड़ेगा असर?

RBI Monetary Policy: आरबीआई 5 जून यानी शुक्रवार को मॉनेटरी पॉलिसी का ऐलान करेगा। केंद्रीय बैंक की मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी (एमपीसी) की बैठक 3 जून को शुरू हुई। आरबीआई की यह मॉनेटरी पॉलिसी ऐसे वक्त आ रही है, जब हालात काफी मुश्किल हैं। क्रूड ऑयल की कीमतों में आग लगी हुई है। डॉलर के मुकाबले रुपया लगातार गिर रहा है। महंगाई बढ़ने का खतरा है। अल नीनो की वजह से इस बार मानसून में बारिश कम होने का अनुमान है। सवाल है कि आरबीआई शुक्रवार को रेपो रेट बढ़ाएगा या इसे अपरिवर्तित बनाए रखेगा?

रायटर्स के पोल में शामिल ज्यादातर इकोनॉमिस्ट्स का मानना है कि आरबीआई इस बार रेपो रेट में किसी तरह का परिवर्तन नहीं करेगा। लेकिन, ओवरनाइट इंडेक्स्ड स्वैप्स जैसे कुछ मार्केट इंडिकेटर्स रेपो रेट बढ़ने का संकेत दे रहे हैं।

ट्रेडर्स और एनालिस्ट्स का मानना है कि तीन तरह की स्थितियां बनती दिख रही हैं। उन्होंने हर स्थिति में मार्केट की प्रतिक्रिया का भी अंदाजा लगाया है।

1. इंटरेस्ट रेट अपरिवर्तित रहेगा, रुख आक्रामक होगा

आरबीआई रेपो रेट को अपरिवर्तित बनाए रख सकता है। लेकिन, वह आगे सख्त मॉनेटरी पॉलिसी का संकेत दे सकता है। वह अपना रुख "न्यूट्रल" से बदलकर 'विड्रॉल ऑफ एकॉमोडेशन' कर सकता है। रेपो रेट स्थिर रहने पर रुपये पर दबाव बढ़ सकता है। लेकिन, ट्रेडर्स का मानना है कि आरबीआई स्थिति को संभालने के लिए हस्तक्षेप कर सकता है।

रेपो रेट अपरिवर्तित रहने पर शॉर्ट टर्म बॉन्ड्स में मजबूती आ सकती है। लेकिन, लंबी अवधि के बॉन्ड्स पर दबाव दिख सकता है। एएनजेड में फॉरेक्स स्ट्रेटेजिस्ट धीरज निम ने कहा कि आगे इनफ्लेशन बढ़ने की चिंता से लंबी अवधि के बॉन्ड पर दबाव दिख सकता है।

ट्रेडर्स का मानना है कि ऐसा होने पर 5 बेसिस प्वाइंट्स से ज्यादा का बदलाव नहीं दिखेगा। रेपो रेट नहीं बढ़ने पर शेयर बाजार में ज्यादा प्रतिक्रिया देखने को नहीं मिलेगी। लेकिन, अगर केंद्रीय बैंक इनफ्लेशन के अपने अनुमान को बढ़ाता है तो तो आगे मॉनेटरी पॉलिसी सख्त होने की संभावना बढ़ेगी।

2. रेपो रेट 25 बेसिस प्वाइंट्स बढ़ेगा, रुख में बदलाव नहीं होगा

रेपो रेट 25 बेसिस प्वाइंट्स बढ़ने पर रुपये को सहारा मिल सकता है। इससे मार्केट में यह संकेत जाएगा कि केंद्रीय बैंक की दिलचस्पी रुपये को गिरने से बचाने में है। इस स्थिति में 10 साल के सरकारी बॉन्ड की यील्ड 7.15 फीसदी के पार जा सकती है। शेयर बाजार में बिकवाली बढ़ सकती है, क्योंकि रियल एस्टेट, फाइनेंशियल्स और कंज्यूमर डिस्क्रेशनरी शेयरों पर दबाव बढ़ जाएगा।

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3. रेपो रेट 25 बेसिस प्वाइंट्स बढ़ेगा, रुख में भी बदलाव

अगर रेपो रेट 25 बेसिस प्वाइंट्स बढ़ाने के साथ ही आरबीआई अपने रुख में भी बदलाव करता है तो इससे रुपये को काफी सहारा मिलेगा। तीन एनालिस्ट्स ने बताया कि ऐसा होने पर डॉलर के मुकाबले रुपया 94.80 के लेवल पर आ सकता है। हालांकि, इसके लिए आरबीआई को रुपये को सहारा देने के लिए कुछ उपायों के भी ऐलान करने होंगे। बॉन्ड ट्रेडर्स का कहना है कि इससे 10 साल के बॉन्ड की यील्ड शॉर्ट टर्म में 7.15-7.20 फीसदी के बीच रह सकती है।

डिसक्लेमर: मनीकंट्रोल पर एक्सपर्ट्स की तरफ से व्यक्त विचार उनके अपने विचार होते हैं। ये वेबसाइट या इसके मैनेजमेंट के विचार नहीं होते। मनीकंट्रोल की यूजर्स को सलाह है कि उन्हें निवेश का फैसला लेने से पहले सर्टिफायड एक्सपर्ट्स की राय लेनी चाहिए।



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Wednesday, June 3, 2026

18,000 से 66,240 रुपये तक पहुंच सकती है बेसिक सैलरी! 8वें वेतन आयोग के सामने रखी गई बड़ी मांग

8th Pay Commission: 8वें वेतन आयोग को लेकर सरकारी कर्मचारियों की उम्मीदें लगातार बढ़ रही हैं। इसी बीच जम्मू-कश्मीर के कर्मचारी संगठनों ने आयोग के सामने एक ऐसा प्रस्ताव रखा है, जो लाखों कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए बड़ी राहत लेकर आ सकता है। संगठनों ने मांग की है कि फिटमेंट फैक्टर 2.86 से 3.68 के बीच रखा जाए। अगर ऐसा होता है, तो मौजूदा 18,000 रुपये की न्यूनतम बेसिक सैलरी बढ़कर 51,480 रुपये से 66,240 रुपये तक पहुंच सकती है। इसके साथ ही बेहतर पेंशन, HRA, हेल्थकेयर सुविधाएं और दूरदराज के इलाकों में काम करने वाले कर्मचारियों के लिए विशेष लाभ की भी मांग की गई है। अब सभी की नजर 8वें वेतन आयोग की सिफारिशों पर टिकी हुई है।

फिटमेंट फैक्टर को लेकर क्या है मांग?

जम्मू-कश्मीर की ऑल एम्प्लॉइज ज्वाइंट एसोसिएशन और ऑल सिख माइनॉरिटी एम्प्लॉइज एसोसिएशन ने 8वें वेतन आयोग को ज्वाइंट रिपोर्ट सौंपी है। इसमें 2.86, 3.0 और 3.68 फिटमेंट फैक्टर पर विचार करने की मांग की गई है। कर्मचारी संगठनों का कहना है कि बढ़ती महंगाई और जीवनयापन की लागत को देखते हुए कर्मचारियों की खरीद क्षमता प्रभावित हुई है। ऐसे में फिटमेंट फैक्टर बढ़ाकर कर्मचारियों को राहत दी जानी चाहिए।

कितनी बढ़ सकती है न्यूनतम सैलरी?

संगठनों द्वारा दिए गए प्रस्ताव के अनुसार, मौजूदा 18,000 रुपये की न्यूनतम बेसिक सैलरी में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।

2.57 फिटमेंट फैक्टर पर सैलरी: 46,260 रुपये

2.86 फिटमेंट फैक्टर पर सैलरी: 51,480 रुपये

3.0 फिटमेंट फैक्टर पर सैलरी: 54,000 रुपये

3.68 फिटमेंट फैक्टर पर सैलरी: 66,240 रुपये

यानी यदि आयोग 3.68 फिटमेंट फैक्टर की सिफारिश करता है, तो न्यूनतम वेतन में मौजूदा स्तर की तुलना में बड़ी बढ़ोतरी हो सकती है।

सिर्फ सैलरी नहीं, पेंशन और HRA पर भी फोकस

कर्मचारी संगठनों ने आयोग से सिर्फ वेतन बढ़ाने की मांग नहीं की है। रिपोर्ट में पेंशनर्स के लिए समान पेंशन व्यवस्था, वेतन निर्धारण से पहले महंगाई भत्ते (DA) को मूल वेतन में शामिल करने, बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं और सामाजिक सुरक्षा उपायों की भी मांग की गई है। इसके अलावा शहरी और कठिन इलाकों में काम करने वाले कर्मचारियों के लिए बेहतर HRA व्यवस्था लागू करने की सिफारिश भी की गई है।

करियर ग्रोथ और टैक्स राहत की भी मांग

रिपोर्ट में कर्मचारियों के प्रमोशन और कैरियर ग्रोथ के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने की बात कही गई है। साथ ही टैक्स में राहत और कम्यूटेड पेंशन की बहाली अवधि को 15 साल से घटाकर 12 साल करने का सुझाव भी दिया गया है। कर्मचारी संगठनों का मानना है कि इन कदमों से कर्मचारियों और पेंशनर्स की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।

जम्मू-कश्मीर के कर्मचारियों खास मांग

कर्मचारी संगठनों ने आयोग को बताया कि जम्मू-कश्मीर के कई कर्मचारी दुर्गम, सीमावर्ती और पहाड़ी इलाकों में काम करते हैं। उन्हें कठिन मौसम, ऊंची परिवहन लागत, बढ़ते मकान किराए, शिक्षा और स्वास्थ्य पर बढ़ते खर्च जैसी चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। इसके अलावा कुछ सेक्टर्स में सुरक्षा संबंधी चुनौतियां भी कर्मचारियों के लिए अतिरिक्त परेशानी पैदा करती हैं। इसलिए इन इलाकों में कर्मचारियों को विशेष लाभ और अतिरिक्त सुविधाएं देने की मांग की गई है।

अब आयोग के फैसले पर टिकी निगाहें

फिलहाल यह सभी मांगें कर्मचारी संगठनों की ओर से आयोग को सौंपी गई हैं। 8वां वेतन आयोग कर्मचारी संगठनों और हितधारकों से सुझाव जुटा रहा है। अंतिम सिफारिशें आने के बाद ही यह साफ होगा कि कर्मचारियों की सैलरी, पेंशन और भत्तों में कितना बदलाव होगा।

ITR Filing 2026: फ्रीलांसर, डॉक्टर और IT प्रोफेशनल्स के लिए बड़ी राहत! बिना ऑडिट आसान होगा ITR फाइल करना



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Tuesday, June 2, 2026

TMC Protest: सड़क पर उतरीं ममता बनर्जी, अभिषेक बनर्जी पर हमले के खिलाफ दिया धरना...दी ये चेतावनी

पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) प्रमुख ममता बनर्जी ने कोलकाता में अपनी पार्टी के नेताओं पर हुए कथित हमलों के खिलाफ बड़ा विरोध प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन खास तौर पर सोनारपुर में उनके भतीजे और टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी पर हुए हमले के विरोध में आयोजित किया गया था।

 अभिषेक बनर्जी पर हमले के खिलाफ दिया धरना

पुलिस से अनुमति नहीं मिलने के बावजूद ममता बनर्जी ने एस्प्लेनेड के पास राशमोनी एवेन्यू में विरोध मार्च का नेतृत्व किया। इस मार्च में अभिषेक बनर्जी, मदन मित्रा और कल्याण बनर्जी सहित कई वरिष्ठ टीएमसी नेता शामिल हुए। प्रदर्शन के दौरान माहौल तनावपूर्ण हो गया। मौके पर मौजूद पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच कहासुनी और धक्का-मुक्की की घटनाएं भी हुईं, जिससे कुछ समय के लिए स्थिति तनावपूर्ण बनी रही।

विरोध स्थल पर बड़ी संख्या में लोग जुटे थे। यहां ममता बनर्जी ने टीएमसी समर्थकों को संबोधित किया, जबकि समर्थक "ममता बनर्जी जिंदाबाद" के नारे लगा रहे थे। किसी भी तरह की अप्रिय घटना को रोकने के लिए मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि उनकी पार्टी टीएमसी को जानबूझकर निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह विरोध प्रदर्शन मंगलवार शाम तक जारी रहेगा। साथ ही उन्होंने दावा किया कि आने वाले समय में बीजेपी को राजनीतिक नुकसान उठाना पड़ सकता है। विरोध मार्च शुरू होने से पहले ममता बनर्जी और पार्टी की अन्य वरिष्ठ नेता डोला सेन ने भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित किए। इसके बाद जब वे प्रदर्शन के लिए रवाना हुईं, तो उनके हाथ में भारतीय संविधान से जुड़ी एक किताब भी दिखाई दी।

क्यों सड़क पर उतरी ममता बनर्जी

तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) का यह विरोध प्रदर्शन मुख्य रूप से चुनाव के बाद हुई हिंसा और पार्टी नेताओं पर कथित हमलों के खिलाफ है। पार्टी का कहना है कि उसके नेताओं और कार्यकर्ताओं को लगातार निशाना बनाया जा रहा है। इस विरोध की शुरुआत उस घटना के बाद हुई, जब दक्षिण 24 परगना जिले के सोनारपुर में एक पार्टी कार्यकर्ता के घर जाते समय टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी पर कथित तौर पर हमला हुआ। इस घटना के बाद राज्य की राजनीति में तनाव काफी बढ़ गया।

सोमवार को ममता बनर्जी ने साफ कहा कि पुलिस से अनुमति नहीं मिलने के बावजूद उनका धरना और विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा। उन्होंने अधिकारियों को चुनौती देते हुए कहा कि अगर वे चाहें तो उन्हें गिरफ्तार कर सकते हैं, लेकिन वह अपना आंदोलन नहीं रोकेंगी। ममता बनर्जी ने भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) पर भी गंभीर आरोप लगाए। उनका कहना है कि बीजेपी पैसे और सत्ता का इस्तेमाल करके उनकी पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं को दूसरी पार्टियों में शामिल कराने की कोशिश कर रही है। उन्होंने इसे लोकतंत्र के लिए गलत बताया और कहा कि टीएमसी इसके खिलाफ अपनी आवाज उठाती रहेगी।

दिल्ली में  प्रदर्शन करने की चुनौती

ममता बनर्जी ने कहा कि जो नेता अपने निजी फायदे के लिए पार्टी छोड़ रहे हैं, उनके जाने से संगठन को दोबारा मजबूत बनाने का मौका मिलेगा। उन्होंने दावा किया कि तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) इस मुश्किल दौर से और ज्यादा मजबूत होकर बाहर आएगी। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि अगर कोलकाता में उनकी पार्टी को विरोध प्रदर्शन करने की अनुमति नहीं दी गई, तो वह इस आंदोलन को राष्ट्रीय स्तर तक ले जाएंगी और दिल्ली में भी प्रदर्शन करेंगी।

यह विरोध प्रदर्शन उस घटना के बाद शुरू हुआ, जिसमें टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी पर सोनारपुर में कथित हमला हुआ था। बताया गया कि जब वह एक दिवंगत पार्टी कार्यकर्ता के परिवार से मिलने जा रहे थे, तब कुछ लोगों ने उन पर अंडे, ईंटें और जूते फेंके। टीएमसी ने इस घटना के लिए पश्चिम बंगाल में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) सरकार को जिम्मेदार ठहराया है। वहीं, टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी ने भी आरोप लगाया कि चांदीतला पुलिस थाने के पास ज्ञापन सौंपने के दौरान उन पर हमला करने की कोशिश की गई और वह बाल-बाल बच गए। उन्होंने इसे "हत्या की कोशिश" बताया।



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Monday, June 1, 2026

Thukra Ke Mera Pyaar Season 2: ‘ठुकरा के मेरा प्यार 2’ के ट्रेलर में दिखा पावर...पॉलिटिक्स और अधूरी मोहब्बत का खेल, इस दिन सीरीज होगी रिलीज

Thukra Ke Mera Pyaar Season 2: इंतज़ार की घड़ियां अब और भी रोमांचक हो चुकी हैं। ‘ठुकरा के मेरा प्यार’ सीज़न 2 का ट्रेलर आ चुका है, जो दर्शकों को सीधे एक ऐसी दुनिया में ले जाता है, जहां मोहब्बत मासूम नहीं रह जाती, बल्कि ताकत की कीमत चुकानी पड़ती है।

धवल ठाकुर एक ऐसे इंसान कुलदीप कुमार का किरदार निभाते हुए वापसी कर रहे हैं जो गिलटी और जुनून के बीच जूझ रहा है। एक ऐसा इंसान जिसने कभी कोई एक ऐसी गलती की थी, जिससे सब कुछ तहस-नहस हो गया और अब एक बार फिर वह खुद को राजनीति, सत्ता और अधूरी भावनाओं के खतरनाक जाल में खिंचता हुआ पाता है।

संचिता बसु, शानविका चौहान के रूप में और भी ज्यादा धाकड़, दमदार और शक्तिशाली बनकर उभरती हैं। सत्ता के बेरहम गलियारों से गुज़रते हुए वह नियमों को मानने से साफ़ तौर पर इंकार कर देती है, भले ही इसके लिए उसे इस रास्ते में रिश्तों की परिभाषा को ही क्यों न बदलना पड़े।

यह ट्रेलर इस सीज़न की एक ऐसी झलक दिखाता है, जो हाई-स्टेक्स पॉलिटिकल ड्रामे, सुलगते हुए बदले, इमोशनल टकराहट और टकरावों से भरा हुआ है। जैसे ही सीतापुर महत्वाकांक्षा और विश्वासघात की रणभूमि बन जाता है, कुलदीप और शानविका खुद को एक ऐसे खेल के विपरीत छोर पर पाते हैं... जहां भरोसा बेहद नाज़ुक होता है और इरादे कभी वैसे नहीं होते जैसे दिखाई देते हैं। यह सीज़न जज़्बातों के उस तूफ़ान को और भी ज़्यादा गहरा करता है जिसने पहले सीज़न को एक मिसाल बनाया था, वही दिल का टूटना, वही बदले की आग और एक कमतर आंके गए कमजोर इंसान का हर दीवार लांघकर उभरना... लेकिन इस बार, यह खेल एक बहुत बड़े और कहीं ज़्यादा ख़तरनाक कैनवास पर रचा गया है।

इस बारे में संचिता बसु ने कहा कि सीज़न 2 शानविका को एक ऐसे मोड़ पर ले जाता है जो जज़्बाती तौर पर अनकही और अप्रत्याशित है। वह अब पहले से कहीं ज़्यादा मज़बूत है, खुद को समेटकर रखने वाली और सतर्क है साथ ही लगातार इस उलझन में है कि जब खेल में सत्ता और धोखा शामिल हो जाए, तो फिर प्यार के असली मायने क्या रह जाते हैं। इस सीज़न में जिस चीज़ ने मुझे सबसे ज़्यादा रोमांचित किया, वो यह है कि यहाँ कुछ भी पूरी तरह सही या गलत नहीं है... हर इमोशन अपने साथ एक अंजाम लेकर आता है।

कुलदीप कुमार के रूप में वापसी कर रहे धवल ठाकुर ने इस अवसर पर कहा कि कुलदीप इस सीज़न में अपने अतीत का बोझ उठाता है। वह इमोशनल होने के साथ ही एक अजीब तरह के द्वंद्व में है, वह जो महसूस करता है और जो दुनिया उससे उम्मीद करती है, उसके बीच लगातार फंसा हुआ रहता है। यह ट्रेलर केवल एक झलक दिखाता है कि इस बार उनकी यात्रा जज्बाती और निजी हो जाती है। इस बार कहानी का दायरा भले ही बहुत बड़ा हो गया हो, लेकिन इसके जज़्बातों की जो बुनियाद और आत्मा है, उतनी ही सच्ची और ज़मीनी है। 'ठुकरा के मेरा प्यार' – सीज़न 2 स्ट्रीम होगा 19 जून, 2026 से जियोहॉटस्टार पर।



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Sunday, May 31, 2026

महिला ने प्रपोजल ठुकराया, तो युवक ने उसके 1 साल के बेटे की हत्या कर दी, फिर हुआ एनकाउंटर

उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद में डेढ़ साल के मासूम बच्चे की हत्या करने वाले आरोपी को पुलिस ने मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी जितेंद्र पाठक उर्फ विराज के पैर में गोली लगी है। पूछताछ में उसने चौंकाने वाला खुलासा किया कि वह बच्चे की मां से शादी करना चाहता था, लेकिन महिला अपने बेटे की वजह से शादी के लिए तैयार नहीं थी।

कैसे हुई वारदात?

पुलिस के मुताबिक, विराज की नजर रति नाम की महिला पर थी और वह उससे शादी करना चाहता था। लेकिन रति पहले से शादीशुदा थी और उसका डेढ़ साल का बेटा आरव था। विराज को लगता था कि आरव उनकी शादी के रास्ते की सबसे बड़ी रुकावट है।

शनिवार को वह आरव को टॉफी दिलाने के बहाने अपने साथ ले गया। इसके बाद उसने बच्चे को जमीन पर पटक-पटक कर उसकी हत्या कर दी। जब तक परिवार को घटना की जानकारी मिली, तब तक बहुत देर हो चुकी थी। बच्चे को अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। वारदात के बाद आरोपी फरार हो गया था।

बच्चे की मां रति ने पुलिस को बताया कि विराज लगातार उस पर शादी का दबाव बना रहा था। घटना वाले दिन भी वह आरव को टॉफी दिलाने की बात कहकर अपने साथ ले गया था।

इसके बाद आरोपी के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया गया।

पुलिस मुठभेड़ में गिरफ्तार

पुलिस को सूचना मिली कि विराज मैनपुरी रोड स्थित बुद्धा भरथरा चौराहे के पास छिपा हुआ है। इसके बाद पुलिस की टीम ने इलाके की घेराबंदी की।

पुलिस के अनुसार, झाड़ियों में छिपे आरोपी ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में उसके पैर में गोली लगी और वह घायल होकर गिर पड़ा। इसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया।

आरोपी के पास से एक तमंचा, पांच जिंदा कारतूस और दो खोखे बरामद किए गए हैं।

पूछताछ में क्या बोला आरोपी?

पूछताछ के दौरान विराज ने बताया कि वह रति से शादी करना चाहता था, लेकिन वह हर बार मना कर देती थी। रति का कहना था कि वह अपने बेटे के साथ है और शादी नहीं कर सकती। इसी बात से नाराज होकर उसने बच्चे की हत्या की साजिश बनाई।

पुलिस का क्या कहना है?

फिरोजाबाद के एसपी सिटी रवि शंकर प्रसाद ने कहा कि मामले में तेजी से सबूत जुटाए जा रहे हैं ताकि जल्द से जल्द अदालत में चार्जशीट दाखिल की जा सके। उन्होंने कहा कि पुलिस आरोपी को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने की कोशिश करेगी।

हिमाचल के कसोल में चली गोलियां! पंजाब के टूरिस्टों और स्थानीय लोगों के बीच खूनी झड़प, एक घायल

 



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