Saturday, March 7, 2026

नेपाल चुनाव पर पीएम मोदी का पहली प्रतिक्रिया, दोनों देशों के रिश्तों को लेकर कही ये बात

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को नेपाल में हुए चुनाव के शांतिपूर्ण और सफल आयोजन पर वहां की जनता और सरकार को बधाई दी। बता दें कि, इस समय नेपाल में नई सरकार के लिए वोटों की गिनती जारी है। पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए लिखा कि वे नेपाल के लोगों और सरकार को चुनाव सफल और शांतिपूर्ण तरीके से कराने के लिए दिल से बधाई देते हैं। उन्होंने कहा कि नेपाली लोगों को अपने लोकतांत्रिक अधिकारों का इतने उत्साह के साथ इस्तेमाल करते देखना खुशी की बात है।

पीएम मोदी ने बताया मील का पत्थर

पीएम मोदी ने इस चुनाव को नेपाल की लोकतांत्रिक यात्रा में एक महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक मील का पत्थर बताया। उन्होंने कहा कि यह पल नेपाल के लिए गर्व का क्षण है। नेपाल में पिछले साल केपी शर्मा ओली की सरकार के खिलाफ बड़े स्तर पर विरोध प्रदर्शन हुए थे। इन प्रदर्शनों का नेतृत्व खास तौर पर युवा पीढ़ी (Gen Z) ने किया था और इसकी वजह सोशल मीडिया पर लगाए गए प्रतिबंध के साथ-साथ देस में फैले भ्रष्टाचार को लेकर था। इन विरोध प्रदर्शनों के बाद केपी शर्मा ओली को प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा। इसके बाद राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल ने 12 सितंबर को हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स को भंग कर दिया और सुशीला कार्की को कार्यवाहक प्रधानमंत्री नियुक्त किया।

'भारत-नेपाल साथ मिलकर करेंगे काम'

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आगे कहा कि भारत और नेपाल के रिश्ते बहुत खास हैं। उन्होंने कहा, “एक करीबी दोस्त और पड़ोसी के रूप में भारत, नेपाल के लोगों और उनकी नई सरकार के साथ मिलकर काम करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। हमारा उद्देश्य है कि दोनों देश मिलकर शांति, विकास और खुशहाली के नए मुकाम हासिल करें।” प्रधानमंत्री का यह बयान ऐसे समय आया है जब नेपाल में हुए आम चुनावों में रैपर से नेता बने बालेंद्र शाह की पार्टी राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (RSP) बड़ी जीत की ओर बढ़ती नजर आ रही है। यह चुनाव उन बड़े विरोध प्रदर्शनों के बाद हो रहा है, जिनका नेतृत्व ज्यादातर Gen Z युवाओं ने किया था।

नेपाल में RSP का जलवा 

नेपाल के चुनाव आयोग के अनुसार, RSP अब तक 40 सीटें जीत चुकी है और करीब 80 सीटों पर आगे चल रही है। वहीं नेपाली कांग्रेस ने अब तक 6 सीटें जीती हैं। इसके अलावा नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी (NCP) और केपी शर्मा ओली की पार्टी CPN (UML) को फिलहाल दो-दो सीटें मिली हैं। नेपाल की 275 सदस्यीय हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स के लिए वोटों की गिनती जारी है। इसी बीच बालेंद्र शाह खुद झापा निर्वाचन क्षेत्र-5 में केपी शर्मा ओली से 38,000 से ज्यादा वोटों से आगे चल रहे हैं। RSP ने खास तौर पर काठमांडू घाटी में शानदार प्रदर्शन किया है। पार्टी ने काठमांडू जिले की सभी 10 सीटें, भक्तपुर की 2 सीटें और ललितपुर की 1 सीट जीत ली है, जिससे उसकी स्थिति और मजबूत हो गई है।



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US Iran War: 'ईरान ने मान ली हार, अब वो मिडिल ईस्ट का दबंग देश नहीं रहा' ट्रंप ने तेहरान को दी बड़े हमले की धमकी

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर तंज कसते हुए कहा है कि अब ईरान अपने पड़ोसी देशों के सामने “झुक गया है” और माफी मांगने को मजबूर हुआ है। ट्रंप ने यह बयान तब दिया जब ईरान के राष्ट्रपति ने कुछ ही देर पहले अपने पड़ोसी देशों से मिसाइल हमलों के लिए माफी मांगी और कहा कि वह आगे से उन पर हमला नहीं करेंगे, जब तक की उनकी धरती से ईरान के खिलाफ कोई मिसाइल नहीं दागी जाती।

ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social पर एक पोस्ट में कहा कि ईरान की यह माफी अमेरिका और इजरायल के लगातार हमलों का नतीजा है। उन्होंने लिखा कि ईरान को अमेरिकी और इजरायली हमलों से भारी नुकसान हुआ है और इसी वजह से उसे अपने पड़ोसियों से माफी मांगनी पड़ी।

ट्रंप ने दावा किया कि ईरान पहले पूरे मध्य पूर्व पर दबदबा बनाना चाहता था, लेकिन अब हालात बदल गए हैं।

उन्होंने कहा, “ईरान जो अभी बुरी तरह पिट रहा है, उसने अपने मध्य पूर्व के पड़ोसी देशों से माफी मांग ली है और वादा किया है कि अब उन पर मिसाइल नहीं दागेगा। यह वादा सिर्फ इसलिए किया गया, क्योंकि अमेरिका और इजरायल ने लगातार उस पर हमला किया।”

ट्रंप ने यह भी कहा कि हजारों साल के इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ है, जब ईरान अपने आसपास के मध्य पूर्वी देशों के सामने हार गया है।

उन्होंने मजाकिया अंदाज में लिखा कि कई देशों ने उन्हें “धन्यवाद राष्ट्रपति ट्रंप” कहा, जिस पर उन्होंने जवाब दिया, “आपका स्वागत है।”

ट्रंप ने आगे कहा कि अब ईरान “मिडिल ईस्ट का दबंग देश” नहीं रहा, बल्कि अब वह “मिडिल ईस्ट का सबसे बड़ा हारने वाला” बन गया है और कई दशकों तक ऐसा ही रहेगा, जब तक कि वह पूरी तरह हार नहीं मान लेता या फिर उसकी व्यवस्था ढह नहीं जाती।

उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि अगर ईरान का व्यवहार नहीं बदला तो उस पर और भी कड़े हमले किए जा सकते हैं और ऐसे इलाकों को भी निशाना बनाया जा सकता है, जिन्हें अब तक टारगेट नहीं किया गया था।

ईरान के राष्ट्रपति ने पड़ोसी देशों से मांगी माफी

ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने शनिवार को हाल ही में हुए ईरानी हमलों में निशाना बनाए गए पड़ोसी देशों से माफी मांगी और कहा कि तेहरान क्षेत्रीय देशों पर हमले करने से तब तक परहेज करेगा जब तक कि ईरान पर हमले उनके क्षेत्र से शुरू न हों।

सरकारी टेलीविजन पर प्रसारित एक भाषण में पेजेश्कियन ने कहा, "मैं ईरान द्वारा हमला किए गए पड़ोसी देशों से माफी मांगता हूं।"

ईरान के राष्ट्रपति ने कहा कि देश ने पड़ोसी देशों पर हमले न करने की नीति अपनाई है, जब तक कि उन क्षेत्रों का इस्तेमाल ईरान के खिलाफ हमले शुरू करने के लिए न किया जाए।

ईरान इंटरनेशनल ने शनिवार को पेजेश्कियन के हवाले से कहा, "ईरान पड़ोसी देशों पर तब तक हमले या मिसाइल हमले नहीं करेगा, जब तक कि ईरान पर हमला उन्हीं देशों से न किया जाए।"

'भारतीय अच्छे एक्टर हैं' रूस से 30 दिन तक तेल खरीद की छूट के बाद अमेरिका के ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट ने दिया बड़ा बयान

 



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Shreya Ghosal: अरिजीत सिंह के रिटायरमेंट के बाद श्रेया घोषाल का खुलासा, सिंगर बोलीं- 'सिंगर्स को इंडस्ट्री में नहीं मिला बराबरी का सम्मान'

बॉलीवुड की मधुर आवाज श्रेया घोषाल ने हाल ही में एक इंटरव्यू में संगीत जगत की कड़वी सच्चाई बयां की। आरिजीत सिंह के अचानक संन्यास लेने के बाद फिल्म इंडस्ट्री ने प्लेबैक सिंगर्स के साथ क्या सलूक किया, इस पर उन्होंने खुलकर बात की। 7 मार्च 2026 को जगरण के एक खास इंटरव्यू में श्रेया ने बताया कि आरिजीत जैसे सुपरस्टार के चले जाने से इंडस्ट्री ने नए गायकों को मौका देने के बजाय आउटसोर्सिंग और ऑटोट्यून पर भरोसा बढ़ा दिया।

श्रेया ने भावुक होकर कहा, "आरिजीत भाई का जाना हमारे लिए बड़ा झटका था। वो न सिर्फ आवाज थे, बल्कि स्टोरीटेलर्स भी। उसके बाद प्रोड्यूसर्स ने सोचा कि कोई और तो नहीं भर पाएगा उनकी जगह। हम सिंगर्स को कॉल कम आने लगे, बजाय इसके कंपोजर्स ने विदेशी आर्टिस्ट्स या सिंगर-एक्टर्स को प्राथमिकता दी।" यह खुलासा सुनकर फैंस हैरान हैं, क्योंकि आरिजीत 2025 में स्पिरिचुअल कारणों से स्टेज और रिकॉर्डिंग से दूर हो गए थे। उनकी आखिरी हिट 'फिर क्या' ने चार्ट्स पर राज किया था।

श्रेया ने इंडस्ट्री की मानसिकता पर तंज कसा, "अब गाने की सक्सेस व्यूज से मापी जाती है, न कि दिलों से। हम जैसे लाइव परफॉर्मर्स को कॉन्सर्ट्स तक सीमित कर दिया गया। प्राइवेट अल्बम्स या इंडिपेंडेंट म्यूजिक ही बचा है।" उन्होंने 'देवदास' से 'ब्रह्मास्त्र' तक अपने सफर को याद किया, जहां उन्होंने 5 नेशनल अवॉर्ड्स जीते। लेकिन आज कल के आइटम सॉन्ग्स जैसे 'चिकनी चमेली' को गाने का अफसोस जताते हुए कहा, "अब ऐसे बोल वाले गाने नहीं गाऊंगी, जो महिलाओं को गलत तरीके से पेश करें।"

श्रेया ने बताया कि सिंगर्स को अक्सर बैकग्राउंड आर्टिस्ट की तरह देखा जाता है। गानों के प्रमोशन में उन्हें पीछे रखा जाता है, जिससे उनकी पहचान दब जाती है। उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है जब गायकों को भी उतनी ही स्टारडम और पहचान दी जानी चाहिए जितनी एक्टर्स को मिलती है। अरिजीत के रिटायरमेंट पर फैंस बेहद भावुक हुए। सोशल मीडिया पर उन्हें “जीनियस” और “दिलों की आवाज” कहा गया। श्रेया ने भी उन्हें प्रोत्साहित करते हुए कहा कि यह किसी दौर का अंत नहीं बल्कि एक नए क्रिएटिव फेज की शुरुआत है।



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Gold-Silver Prices: मध्यपूर्व में लड़ाई के बावजूद सोने और चांदी की कीमतें क्यों नहीं चढ़ रहीं?

सोने और चांदी को निवेश के लिहाज से सबसे सुरक्षित माना जाता है। दुनिया में जब कभी अस्थिरता बढ़ती है या जियोपॉलिटिकल टेंशन शुरू होता है तब दोनों कीमतों मेटल्स की डिमांड बढ़ जाती है। इसका असर दोनों की कीमतों पर पड़ता है। कीमतें चढ़ने लगती हैं। लेकिन, इस बार ऐसा नहीं दिख रहा। 28 फरवरी को अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच लड़ाई शुरू हुई थी। इसके बाद से सोने और चांदी में उछाल नहीं दिखा है।

लड़ाई शुरू होने के बाद सोने और चांदी में कमजोरी

27 फरवरी के बाद से सोने की कीमतों में मामूली गिरावट आई है, जबकि चांदी में बड़ी गिरावट आई है। 27 फरवरी को सिल्वर फ्यूचर्स 2,82,730 रुपये प्रति किलो था। 6 मार्च को यह 262,569 रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गया। यह 7.1 फीसदी की गिरावट है। 27 फरवरी को गोल्ड फ्यूचर्स 1,62,200 रुपये प्रति 10 ग्राम पर क्लोज हुआ था। 6 मार्च को यह 1,61,275 रुपये प्रति 10 ग्राम पर क्लोज हुआ। इसका मतलब है कि मध्यपूर्व में लड़ाई शुरू होने के बाद से सोना करीब 0.5 फीसदी कमजोर हुआ है।

इन वजहों से सोने की कीमतों में नहीं दिख रहा उछाल

एक्सपर्ट्स का कहना है कि गोल्ड की कीमतें जियोपॉलिटिकल टेंशन के बावजूद नहीं चढ़ने की वजह यह नहीं है कि इसकी डिमांड कम हो गई है। इसकी डिमांड अब भी स्ट्रॉन्ग है। इसकी कीमतें नहीं चढ़ने की वजह यह है कि डॉलर में मजबूती है। डॉलर में मजबूती आने पर दूसरी करेंसी में सोना खरीदना महंगा हो जाता है। दूसरा, अमेरिकी इकोनॉमी से जुड़े हालिया डेटा से ऐसा लगता है कि फेडरल रिजर्व जल्द इंटरेस्ट रेट नहीं घटाएगा। इंटरेस्ट रेट में कमी से सोने की कीमतों को सपोर्ट मिलता है। इंटरेस्ट रेट नहीं बढ़ने की उम्मीद का असर भी सोने की कीमतों पर पड़ रहा है।

इनवेस्टर्स कीमतें बढ़ने पर प्रॉफिट बुक कर रहे हैं

हालांकि, 28 फरवरी को मध्यपूर्व में लड़ाई शुरू होने के बाद 3 मार्च को सोने की कीमतों में उछाल आया था। स्पॉट गोल्ड उछलकर 5,260 डॉलर प्रति औंस तक चला गया था। लेकिन, उसके बाद मुनाफावसूली की वजह से इसमें गिरावट देखने को मिली। एक्सपर्ट्स का कहना है कि गोल्ड की कीमतें नहीं चढ़ने की एक वजह मुनाफावसूली है। जनवरी के आखिर में बड़ी गिरावट के बाद कुछ इनवेस्टर्स और ट्रेडर्स गोल्ड में फंस गए थे। वे कीमतें चढ़ने पर प्रॉफिट बुक कर रहे हैं।

चांदी की इंडस्ट्रियल डिमांड कमजोर पड़ी

सिल्वर की कुल डिमांड में करीब 50 फीसदी हिस्सेदारी इंडस्ट्रियल डिमांड की है। चांदी का इस्तेमाल कई इंडस्ट्रीज में होता है। इनमें इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, सोलर पैनल्स, इलेक्ट्रॉनिक प्रोडक्ट्स प्रमुख हैं। अमेरिका-इजरायल और ईरान की लड़ाई का असर सिल्वर की इंडस्ट्रियल डिमांड पर पड़ा है।

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जनवरी के अंत में रिकॉर्ड ऊंचाई पर थी कीमतें

अगर यह लड़ाई लंबी चलती है तो कई इंडस्ट्री पर असर पड़ेगा। इस लड़ाई की वजह से सेंटीमेंट कमजोर है। इसके अलावा सिल्वर ने पिछले एक-दो सालों में शानदार रिटर्न दिया है। एक समय इसकी कीमत इसके फंडामेंटल्स से आगे निकल गई थी। इसके बाद जनवरी के अंत में इसमें बड़ी गिरावट आई। इस वजह से भी कीमतों में उछाल नहीं है।



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Friday, March 6, 2026

Women Day Special: वुमन डे पर जियोस्टार का खास प्लान, 50 महिला-प्रधान फिल्मों के साथ होगा ‘मां’ का वर्ल्ड टीवी प्रीमियर

Women Day Special: महिला दिवस के मौके पर जियोस्टार के हिंदी मूवी चैनल्स खास आयोजन कर रहे हैं। नेटवर्क अपने नौ चैनलों पर 50 ऐसी फिल्में दिखाएगा जिनमें कहानी की कमान महिलाओं के हाथ में है। इस पूरे आयोजन की सबसे बड़ी खास बात फिल्म मां का वर्ल्ड टीवी प्रीमियर है, जिसमें काजोल नजर आएंगी। फिल्म 7 मार्च को रात 8 बजे स्टार गोल्ड पर दिखाई जाएगी और 8 मार्च को दोपहर 12 बजे दोबारा टेलीकास्ट होगी।

इस मौके पर मैरी कॉम, शाबाश मिथु, मर्दानी 2, यशोदा, मीमी, दामिनी, नीरजा और स्त्री 2 जैसी फिल्में भी दिखाई जाएंगी। ये सभी फिल्में ऐसी महिलाओं की कहानियां दिखाती हैं जो मुश्किल हालात से लड़ती हैं और अपनी अलग पहचान बनाती हैं।

यह कार्यक्रम नेटवर्क के बाकी चैनलोंस्टार गोल्ड 2, स्टार गोल्ड रोमांस, स्टार गोल्ड थ्रिल्स, स्टार उत्सव मूवीज, स्टार गोल्ड सेलेक्ट, कलर्स सिनेप्लेक्स, कलर्स सिनेप्लेक्स बॉलीवुड और कलर्स सिनेप्लेक्स सुपरहिट्सपर भी दिनभर चलेगा।

फिल्म ‘मां’ एक मां के प्यार, हिम्मत और अपने बच्चे के लिए हर हद तक जाने की कहानी है। काजोल ने कहा कि उन्हें खुशी है कि यह फिल्म महिला दिवस के खास मौके पर टीवी पर आ रही है और अब यह देशभर के परिवारों तक पहुंचेगी।

नेटवर्क की ओर से कहा गया है कि इन 50 फिल्मों के जरिए महिलाओं की ताकत, संघर्ष और उनके सफर को सलाम किया जा रहा है। महिला दिवस पर यह पूरा दिन खास तौर पर महिलाओं की कहानियों को समर्पित रहेगा।



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Thursday, March 5, 2026

EPF, NPS और पीपीएफ, इन तीनों में से किसमें निवेश करने पर मुझे सबसे ज्यादा फायदा होगा?

बात जब रिटायरमेंट प्लानिंग की होती है तो इनवेस्टर्स अक्सर ईपीएफ, पीपीएफ और एनपीएस के बीच कनफ्यूज्ड हो जाते हैं। सच यह है कि इन तीनों पर विचार करते वक्त न सिर्फ रिटर्न पर गौर करना जरूरी है बल्कि टैक्स और रिस्क को भी ध्यान में रखना जरूरी है। हालांकि, रिटायरमेंट प्लानिंग के लिए ये तीनों बहुत अच्छे विकल्प हैं।

पीपीएफ, EPF, NPS की खास बातें

Employees' Provident Fund (EPF) नौकरी करने वाले लोगों के लिए अनुशासित निवेश का सबसे अच्छा विकल्प है। इसमें हर महीने सैलरी (बेसिक प्लस डीए) का एक हिस्सा इसमें जमा होता है। एंप्लॉयर भी उतना ही पैसा आपके ईपीएफ अकाउंट में हर महीने जमा करता है। Public Provident Fund (PPF) लंबी अवधि में बड़ा फंड तैयार करने का सबसे पुराना और लोकप्रिय विकल्प है। National Pension System (NPS) तीनों विकल्पों में से सबसे नया है। इसकी खास बात यह है कि यह मार्केट-लिंक्ड इनवेस्टमेंट ऑप्शन है।

पीपीएफ टैक्स के लिहाज से काफी अट्रैक्टिव

प्लानरुपी इनवेस्टमेंट सर्विसेज के फाउंडर अमोल जोशी ने कहा, "हर प्रोडक्ट का अपना नफा-नुकसान है। पीपीएफ EEE यानी एग्जेम्प्ट, एग्जेम्प्ट, एग्जेम्प्ट के तहत आता है। इसका मतलब है कि कंट्रिब्यूशन, इंटरेस्ट और मैच्योरिटी अमाउंट पर टैक्स नहीं लगता है। लेकिन, इसमें निवेश की सालाना लिमिट 1.5 लाख रुपये है। एनपीएस का अपना अलग टैक्स-डिडक्शन सेक्शन है। लेकिन लिक्विडिटी और एन्युटी की वजह से इसे सब लोग पंसद नहीं करते हैं।"

तीनों स्कीम में रिस्क नहीं के बराबर

जोशी का कहना है कि इन तीनों में ऐसा कोई सिंगल प्रोडक्ट नहीं है जो सभी के लिए समान रूप से बेस्ट हो। इनवेस्टर को लिक्विडिटी, इनवेस्टमेंट पीरियड और टैक्सेशन को ध्यान में रख इनमें से किसी एक या दो का चुनाव करना ठीक रहेगा। तीनों प्रोडक्ट्स में रिस्क नहीं के बराबर है। इसकी वह यह है कि इन तीनों स्कीमों को सरकार का सपोर्ट हासिल है। इन तीनों के नियम और शर्तें स्पष्ट हैं। तीनों में बड़ी संख्या में लोग इनवेस्ट करते आ रहे हैं।

ईपीएफ सिर्फ नौकरी करने वाले लोगों के लिए

ईपीएफ ऐसी स्कीम है, जिसमें सिर्फ नौकरी करने वाले लोग कंट्रिब्यूट करते हैं। यह ऑप्शनल नहीं है। हर महीने एंप्लॉयी की सैलरी का एक हिस्सा इसमें जमा होता है। एंप्लॉयर भी उतना ही पैसा इसमें हर महीने जमा करता है। इससे लंबी अवधि में बड़ा फंड तैयार हो जाता है। इसमें रिस्क नहीं के बराबर है। रिटायरमेंट पर मिलने वाला पैसा टैक्स-फ्री होता है। खास बात यह है कि इस पर मिलने वाला सालाना रिटर्न काफी अट्रैक्टिव है। इससे लंबी अवधि में कंपाउंडिंग का फायदा मिलता है।

पीपीएफ में 15 सालों तक निवेश की शर्त

नौकरी करने वाले और नौकरी नहीं करने वाले, दोनों तरह के इनवेस्ट पीपीएफ में निवेश कर सकते हैं। इसकी वजह यह है कि 15 साल तक निवेश करने पर उनके लिए आसानी से बड़ा फंड तैयार हो जाता है। खासकर, अगर इनवेस्टर शेयरों से जुड़े किसी स्कीम में निवेश नहीं करना चाहता है तो पीपीएफ उसके लिए बेस्ट है। टैक्स के नियम इसका अट्रैक्शन काफी बढ़ा देते हैं। इससे रियल रिटर्न बढ़ जाता है।

आपके लिए तीनों में से कौन है बेस्ट?

एनपीएस उन लोगों के लिए सही है, जो मार्केट लिंक्ड स्कीम में निवेश करना चाहते हैं। मार्केट लिंक्ड रिटर्न की वजह से लंबी अवधि में इसका रिटर्न काफी अट्रैक्टिव है। इसमें टैक्स बेनेफिट भी मिलता है। हाल में पीएफआरडीए ने एनपीएस के नियमों में कई बदलाव किए हैं, जिससे इसका अट्रैक्शन और बढ़ गया है।

यह भी पढ़ें: Income Tax: मैं नई रीजीम में स्विच करने के बारे में सोच रहा हूं? क्या मुझे PPF, ELSS में निवेश जारी रखना चाहिए?

इनवेस्टर अगर चाहे तो वह इन तीनों स्कीम में निवेश कर सकता है। हालांकि, तीनों में निवेश का विकल्प सिर्फ नौकरी करने वाले लोगों के लिए है। जो लोग नौकरी नहीं करते हैं वे पीपीएफ और एनपीएस में निवेश कर सकते हैं। अगर कोई इनवेस्टर मार्केट लिंक्ड इनवेस्टमेंट ऑप्शन में निवेश नहीं करना चाहता तो पीपीएफ उसके लिए बेस्ट रहेगा।



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Wednesday, March 4, 2026

SA vs NZ T20 World Cup Match Live Score: मुश्किल में साउथ अफ्रीका की टीम, आधी टीम लौटी पवेलियन

SA vs NZ T20 World Cup Match Score: टी20 वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल मुकाबले में साउथ अफ्रीका और न्यूजीलैंड की टीम आमने-सामने हैं। कोलकाता के ईडन गार्डन्स मैदान में खेले जा रहे इस मैच में न्यूजीलैंड के कप्तान मिचेल सैंटनर ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया। सेमीफाइनल मुकाबले में साउथ अफ्रीका की टीम पहले बल्लेबाजी कर रही है।

टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने आई साउथ अफ्रीका की टीम को दूसरे ओवर में दो बड़े झटके लगे हैं। कोल मैककॉन्ची ने क्विंटन डी कॉक 10 रन और रयान रिकेल्टन बिना खाता खोले आउट किया। 2 ओवर के बाद साउथ अफ्रीका का स्कोर 2 विकेट के नुकसान पर 16 रन है।

8वें ओवर में 55 रन के स्कोर पर साउथ अफ्रीका को तीसरा झटका लगा है। रचिन रवींद्र की गेंद पर एडेन मार्करम 18 रन बनाकर आउट हुए। एडेन मार्करम और डेवाल्ड ब्रेविस के बीच 35 गेंदों में 43 रन का साझेदारी हुई थी। 8 ओवर के बाद साउथ अफ्रीका का स्कोर 3 विकेट के नुकसान पर 57 रन है।

10वें ओवर में साउथ अफ्रीका को चौथा झटका लगा है। रचिन रवींद्र की गेंद पर डेविड मिलर 6 रन बनाकर आउट हुए। डेविड मिलर और डेवाल्ड ब्रेविस के बीच 14 गेंदों में 22 रन का साझेदारी हुई थी। वहीं 11वें ओवर में जेम्स नीशम ने डेवाल्ड ब्रेविस 34 रन पर पवेलियन भेजा। साउथ अफ्रीका का स्कोर 5 विकेट के नुकसान पर 77 रन है।

साउथ अफ्रीका और न्यूजीलैंड के बीच ये सेमीफाइनल मुकाबला फाइनल में पहुंचने वाली पहली टीम तय करेगा। दोनों ही टीमें इस मैच को जीतकर फाइनल में अपनी जगह बनाना चाहेंगी। सेमीफाइनल में भारत, न्यूजीलैंड, साउथ अफ्रीका और इंग्लैंड ने जगह बनाई है। टूर्नामेंट का दूसरा सेमीफाइनल मुकाबला 5 मार्च को भारत और इंग्लैंड के बीच मुंबई में खेला जाएगा।



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