Tuesday, July 14, 2026

Gold Silver Price Today: एक ही दिन में ₹8900 सस्ती हुई चांदी, सोने का भी गिरा भाव

Gold Silver Price Today: दिल्ली सर्राफा बाजार में मंगलवार को सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई। 24 कैरेट वाला सोना ₹700 सस्ता होकर ₹1,46,300 प्रति 10 ग्राम पर आ गया। सोमवार को इसका भाव ₹1,47,000 प्रति 10 ग्राम था।

वहीं, चांदी में बड़ी गिरावट देखने को मिली। इसका भाव ₹8,900 टूटकर ₹2,26,100 प्रति किलोग्राम रह गया। एक दिन पहले चांदी ₹2,35,000 प्रति किलो पर बंद हुई थी।

क्यों गिरे सोना-चांदी के दाम?

ऑल इंडिया सर्राफा एसोसिएशन के मुताबिक, ज्वैलर्स और औद्योगिक खरीदारों की मांग कमजोर रहने से घरेलू बाजार में सोना और चांदी दबाव में रहे।

अंतरराष्ट्रीय बाजार का क्या हाल?

वैश्विक बाजार में तस्वीर थोड़ी अलग रही। स्पॉट गोल्ड मामूली बढ़त के साथ 4,020.13 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार करता दिखा। वहीं, स्पॉट सिल्वर करीब 1% चढ़कर 58.06 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया।

आगे क्या रहेगा असर?

HDFC Securities के सीनियर कमोडिटी एनालिस्ट सौमिल गांधी के मुताबिक, सोमवार की बड़ी गिरावट के बाद सोने में रिकवरी की कोशिश जरूर दिखी, लेकिन तेजी ज्यादा नहीं टिक सकी।

उन्होंने कहा कि इसकी वजह कच्चे तेल की ऊंची कीमतें, महंगाई बढ़ने की चिंता है। यह भी माना जा रहा है कि अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व ब्याज दरों को लंबे समय तक ऊंचे स्तर पर बनाए रख सकता है। यही वजह है कि फिलहाल सोने की कीमतों पर दबाव बना हुआ है।

गोल्ड पर एक्सपर्ट की राय

LKP Securities के वीपी (कमोडिटी और करेंसी रिसर्च) जतीन त्रिवेदी का कहना है कि कच्चे तेल की ऊंची कीमतें और मजबूत अमेरिकी डॉलर की वजह से सोने में बड़ी तेजी की संभावना फिलहाल सीमित दिख रही है। अब बाजार की नजर अमेरिका के CPI और Core CPI महंगाई के आंकड़ों पर है।

उन्होंने कहा कि अगर महंगाई उम्मीद से ज्यादा रहती है, तो अमेरिकी केंद्रीय बैंक Federal Reserve सख्त रुख बनाए रख सकता है। इससे डॉलर और मजबूत होगा और सोने पर दबाव बढ़ सकता है। वहीं, अगर महंगाई के आंकड़े उम्मीद से कम आते हैं, तो सोने को सहारा मिल सकता है। उनके मुताबिक, इन आंकड़ों से पहले सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है।

SIP vs SSY: सुकन्या समृद्धि और SIP में हर महीने ₹2000 निवेश करें तो किसमें ज्यादा पैसा बनेगा?

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Delhi Lakshmi Yojana: दिल्ली की महिलाओं के खाते में हर महीने आएंगे ₹2500, जानिए किसे मिलेगा फायदा

Delhi Lakshmi Yojana: दिल्ली सरकार ने अपनी प्रस्तावित महिला समृद्धि योजना का नाम बदलकर दिल्ली लक्ष्मी योजना कर दिया है। मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) के मुताबिक, सरकार इसे रक्षाबंधन के आसपास शुरू करने की तैयारी में है। योजना के तहत पात्र महिलाओं को हर महीने ₹2,500 की आर्थिक मदद मिलेगी।

क्या है दिल्ली लक्ष्मी योजना?

दिल्ली लक्ष्मी योजना महिलाओं के लिए शुरू की जा रही एक आर्थिक सहायता योजना है। इसमें पात्र महिलाओं के बैंक खाते में हर महीने ₹2,500 सीधे DBT (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) के जरिए भेजे जाएंगे।

इस योजना का ऐलान दिल्ली विधानसभा चुनाव से पहले बीजेपी ने अपने प्रमुख वादों में किया था। अब इसका नाम बदलकर दिल्ली लक्ष्मी योजना कर दिया गया है।

कौन उठा सकेगा योजना का फायदा?

मुख्यमंत्री कार्यालय के मुताबिक, 21 से 60 साल की महिलाएं इस योजना का लाभ ले सकेंगी। सरकार ने कहा है कि पात्रता के नियम तय कर दिए गए हैं, ताकि सही लोगों तक योजना का फायदा पहुंचे।

हालांकि, आय सीमा क्या होगी, दिल्ली का निवासी होना जरूरी होगा या नहीं और किन लोगों को योजना से बाहर रखा जाएगा, इसकी पूरी जानकारी अभी नहीं दी गई है।

पैसे कैसे मिलेंगे?

योजना के तहत हर महीने ₹2,500 सीधे लाभार्थी महिला के बैंक खाते में भेजे जाएंगे। इसके लिए DBT का इस्तेमाल किया जाएगा।

सरकार की कोशिश है कि योजना की शुरुआत रक्षाबंधन के आसपास हो जाए। हालांकि, अभी इसकी तय तारीख का ऐलान नहीं किया गया है।

अभी किन बातों का इंतजार है?

सरकार अभी इस योजना की विस्तृत अधिसूचना जारी करेगी। उसमें कई अहम प्रक्रिया के बारे में जानकारी दी जाएगी। जैसे कि...

  • पूरी पात्रता (Eligibility) क्या होगी?
  • कौन-कौन से दस्तावेज जरूरी होंगे?
  • आवेदन कैसे करना होगा?
  • आवेदन कहां किए जाएंगे?
  • रजिस्ट्रेशन कब से शुरू होंगे?

इस योजना का लाभ लेने के लिए महिलाएं सरकार की आधिकारिक गाइडलाइन जारी होने का इंतजार कर रही हैं। गाइडलाइन जारी होने के बाद ही तस्वीर साफ होगी।

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Monday, July 13, 2026

शादी के दबाव के बीच युवती ने उठाया बड़ा कदम, सिर मुंडवाने का VIDEO हुआ वायरल

भारत में शादी को लेकर परिवारों की सोच लंबे समय से सामाजिक परंपराओं से जुड़ी रही है। खासकर एक उम्र के बाद कई परिवार अपनी बेटियों के लिए रिश्ते तलाशना शुरू कर देते हैं। हालांकि, आज की पीढ़ी में कई महिलाएं अपने करियर, सपनों और निजी फैसलों को प्राथमिकता देने की बात कह रही हैं। इसी बीच सोशल मीडिया पर एक युवती का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने शादी और व्यक्तिगत आजादी को लेकर नई चर्चा छेड़ दी है। वीडियो में युवती अपने बाल पूरी तरह मुंडवाती नजर आ रही है और इसे लेकर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।

कुछ लोग इसे अपनी पसंद के लिए खड़े होने की हिम्मत बता रहे हैं, तो कुछ यूजर्स इस कदम के पीछे की असली वजह जानने को उत्सुक हैं। इस वायरल वीडियो ने परिवार की अपेक्षाओं और व्यक्तिगत फैसलों के बीच संतुलन पर बहस शुरू कर दी है।

कैप्शन के साथ शेयर किया VIDEO

इंस्टाग्राम पर कीर्तना मेनन नाम की युवती ने एक वीडियो शेयर किया, जिसके कैप्शन में लिखा था- “POV: My mom planned my marriage”।

वीडियो में वो शांत बैठी नजर आती हैं, जबकि एक नाई उनके लंबे बाल काटकर उनका सिर पूरी तरह मुंड देता है। वीडियो में कीर्तना बिना किसी घबराहट के इस पूरे बदलाव को स्वीकार करती दिखाई देती हैं।

क्या शादी से बचने के लिए उठाया कदम?

वीडियो वायरल होने के बाद कई लोगों ने इसे शादी के दबाव के खिलाफ एक प्रतीकात्मक कदम माना। हालांकि, कीर्तना ने इस बारे में कोई खास जानकारी साझा नहीं की है। यह साफ नहीं है कि सिर मुंडवाने का कारण वास्तव में शादी का विरोध था या फिर इसके पीछे कोई धार्मिक वजह, सामाजिक कारण या कोई अन्य उद्देश्य था। बावजूद इसके, वीडियो ने सोशल मीडिया पर बहस छेड़ दी।

सोशल मीडिया पर लोगों ने की तारीफ

कई यूजर्स ने कीर्तना के फैसले को आत्मविश्वास और अपनी पसंद के लिए खड़े होने की मिसाल बताया। एक यूजर ने लिखा, “तुम्हें और ताकत मिले।” वहीं दूसरे ने इसे “आधुनिक समस्याओं का अलग समाधान” बताया। कुछ लोगों ने कहा कि अपनी जिंदगी से जुड़े फैसले लेने का अधिकार हर व्यक्ति को होना चाहिए।

कुछ लोगों ने शादी को लेकर रखी अलग राय

जहां कई लोगों ने युवती का समर्थन किया, वहीं कुछ यूजर्स ने शादी और परिवार की सोच पर भी चर्चा की। एक यूजर ने कहा कि शादी एक खूबसूरत रिश्ता है, लेकिन कई बार समाज में यह लोगों पर दबाव बनाकर थोपी जाने वाली परंपरा बन जाती है। वहीं कुछ लोगों का मानना था कि अपनी इच्छा के खिलाफ शादी करने से बेहतर है कि व्यक्ति पहले अपनी पसंद और भावनाओं को समझे।

वायरल VIDEO ने छेड़ी नई बहस

कीर्तना का वीडियो सिर्फ बाल कटवाने तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसने शादी, व्यक्तिगत आजादी और परिवार की अपेक्षाओं को लेकर सोशल मीडिया पर नई चर्चा शुरू कर दी है। हालांकि वीडियो के पीछे की पूरी सच्चाई अभी स्पष्ट नहीं है, लेकिन इसने लोगों को अपनी-अपनी राय रखने का मौका जरूर दिया है।

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Sunday, July 12, 2026

जोमैटो डिलीवरी बॉय की आंखों में थे आंसू फिर अंकित पांडेय नाम के इस शख्स ने किया दिल जीतने वाला काम

कभी-कभी इंसानियत का एक छोटा सा कदम किसी के लिए बड़ी उम्मीद बन जाता है। सोशल मीडिया पर इन दिनों एक ऐसी ही भावुक कहानी चर्चा में है, जहां एक ग्राहक ने सिर्फ अपना खाना ऑर्डर नहीं लिया, बल्कि डिलीवरी करने आए शख्स की परेशानी को भी समझा। एक सामान्य सी डिलीवरी के दौरान हुई बातचीत ने ऐसा मोड़ लिया, जिसने दोनों की जिंदगी में एक यादगार पल जोड़ दिया। ग्राहक ने जब डिलीवरी पार्टनर की आंखों में छिपी चिंता को महसूस किया, तो उसने उसकी मदद करने का फैसला किया। उसकी ये पहल अब इंटरनेट पर लोगों का दिल जीत रही है।

यूजर्स इस घटना को इंसानियत, संवेदनशीलता और सही समय पर की गई मदद की मिसाल बता रहे हैं। यह कहानी याद दिलाती है कि कई बार छोटी सी मदद भी किसी के लिए बहुत बड़ी राहत बन सकती है।

डिलीवरी देने आया शख्स, लेकिन चेहरे पर दिखा दर्द

X यूजर अंकित पांडे ने अपनी पोस्ट में इस भावुक घटना को साझा किया। उन्होंने बताया कि उन्होंने Zomato से खाना ऑर्डर किया था। डिलीवरी लेकर पहुंचा व्यक्ति उनके घर पहले भी कई बार आ चुका था।

खाना देने के बाद डिलीवरी पार्टनर ने झिझकते हुए पूछा, “भैया, क्या एक गिलास पानी मिल सकता है?” अंकित ने उसे अंदर बुलाया और पानी दिया। बातचीत के दौरान उनकी नजर उसकी लाल आंखों पर पड़ी, जैसे वह काफी देर से रो रहा हो।

मां ICU में थीं, घर पहुंचने की थी चिंता

जब अंकित ने उसकी परेशानी पूछी तो उसने बताया कि उसकी मां सुबह सीढ़ियों से गिर गई थीं और गंभीर हालत में ICU में भर्ती हैं। वह अपने गांव जाना चाहता था, लेकिन ट्रेन रात 11 बजे थी और सफर में करीब 30 घंटे लगने वाले थे।

डिलीवरी पार्टनर ने चिंता जताई कि कहीं ऐसा न हो कि वह समय पर अपनी मां से मिल ही न पाए।

ग्राहक ने खाना भी दिया और फ्लाइट टिकट भी बुक कर दी

अंकित ने पहले उससे पूछा कि क्या उसने कुछ खाया है। इसके बाद उन्होंने वही खाना उसे खाने के लिए दिया, जो वह डिलीवरी करने आया था। इसके बाद उन्होंने बिना देर किए करीब 4 हजार रुपये की फ्लाइट टिकट उसके लिए बुक कर दी, ताकि वह जल्द से जल्द अपनी मां के पास पहुंच सके।

पहली बार हवाई सफर का डर

डिलीवरी पार्टनर ने बताया कि वह पहली बार फ्लाइट में बैठने वाला है और उसे एयरपोर्ट की प्रक्रिया को लेकर डर लग रहा है। अंकित ने उसे भरोसा दिलाया कि वहां उनका दोस्त उसकी मदद करेगा। कुछ घंटों बाद वह अपनी मां के पास पहुंच गया।

मां की हालत सुधरी

बाद में डिलीवरी पार्टनर ने फोन कर बताया कि उसकी मां की हालत अब बेहतर है और डॉक्टरों के मुताबिक कुछ दिनों में उन्हें अस्पताल से छुट्टी मिल सकती है।

उसने फ्लाइट टिकट के 4 हजार रुपये वापस करने की कोशिश की, लेकिन अंकित ने पैसे लेने से इनकार कर दिया और कहा कि वह रकम अपनी मां के इलाज और जरूरतों में इस्तेमाल करे।

कभी-कभी मदद दिल में मिलती है'

अंकित ने अपनी पोस्ट में लिखा कि किसी की जिंदगी बदलने के लिए हमेशा बड़ी रकम की जरूरत नहीं होती। कई बार एक गिलास पानी, थोड़ा खाना और समय पर मिली मदद किसी के लिए सबसे बड़ी उम्मीद बन जाती है।

सोशल मीडिया पर लोगों ने की जमकर तारीफ

यह कहानी वायरल होने के बाद इंटरनेट पर लोगों ने अंकित की जमकर सराहना की। यूजर्स ने कहा कि मुश्किल समय में की गई छोटी मदद भी किसी के लिए बहुत बड़ी साबित हो सकती है।

कई लोगों ने इसे इंसानियत और संवेदनशीलता की मिसाल बताया और कहा कि ऐसी कहानियां लोगों को दूसरों की मदद करने की प्रेरणा देती हैं।

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Saturday, July 11, 2026

Vietnam Boat Accident: वियतनाम बोट हादसे में 15 भारतीय पर्यटकों की मौत, रेस्क्यू ऑपरेशन जारी, देखें वीडियो

Vietnam Boat Accident: शनिवार, 11 जुलाई को वियतनाम के फू क्वोक द्वीप के पास एक टूरिस्ट बोट के पलटने से कम से कम 15 भारतीय पर्यटकों की मौत हो गई। वहीं, इस घटना की सूचना मिलने के बाद स्थानीय अधिकारियों ने बड़े पैमाने पर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया। बताया जा रहा है कि नाव में 32 भारतीय पर्यटक और 4 क्रू मेंबर सवार थे। तेज लहरों और खराब समुद्री स्थिति के कारण यह नाव फु क्वोक के पास होन मे रूट नगोई द्वीप के पास पलट गई।

सोशल मीडिया पर आए कुछ वीडियो में स्थानीय अधिकारियों को बचाव अभियान चलाते हुए देखा गया। हालांकि, CNN-News18 ने इन वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की है।

इस घटना में अधिकारियों ने 21 लोगों को सुरक्षित बचा लिया है, जिसमें तीन क्रू मेंबर और एक अटेंडेंट भी शामिल हैं। वियतनाम में भारतीय दूतावास ने इस घटना की पुष्टि की और कहा कि प्रभावित परिवारों की मदद के लिए हो ची मिन्ह सिटी और हनोई में इमरजेंसी रिस्पॉन्स सेंटर बनाए गए हैं।

दूतावास ने 'X' पर कहा, "एक दुखद घटना में, कुछ घंटे पहले वियतनाम के फु क्वोक द्वीप के पास कई भारतीय पर्यटकों को ले जा रही एक नाव पलट गई। घटना की पूरी जानकारी जुटाई जा रही है और स्थानीय अधिकारी रेस्क्यू ऑपरेशन चला रहे हैं।"

क्या हुआ था?

लोकल मीडिया के अनुसार, 32 भारतीय पर्यटकों को ले जा रही एक स्पीडबोट 'हॉन मे रुट आइलैंड' से 'एन थोई पोर्ट' जा रही थी, तभी वह किनारे से लगभग 400 मीटर दूर पलट गई। बताया जा रहा है कि उस समय समुद्र में हालात खराब थे।

वहीं, बचाव कार्य शुरू करने के लिए लोकल अधिकारी तुरंत मौके पर पहुंचे। बचाव कार्य में शामिल एक बोट ऑपरेटर ने VnExpress को बताया कि उनकी बोट लगभग पांच मिनट में ही मौके पर पहुंच गई थी, लेकिन कई यात्री पलटी हुई बोट के अंदर फंसे हुए थे, जिससे बचाव कार्य मुश्किल हो गया।

बता दें कि यह घटना वियतनाम में पिछले साल हुई एक और बोट दुर्घटना के लगभग एक साल बाद हुई है। जुलाई 2025 में, 'हा लॉन्ग बे' में अचानक आए तूफान के दौरान 48 लोगों (जिनमें कम से कम 20 बच्चे शामिल थे) को ले जा रही एक टूरिस्ट बोट पलट गई थी, जिसमें कम से कम 39 यात्रियों की मौत हो गई थी। इस घटना को पिछले 20 से ज्यादा सालों में वियतनाम की सबसे घातक समुद्री दुर्घटना माना गया था।

यह भी पढ़ें: Vietnam Boat Accident: वियतनाम में बड़ा हादसा! 32 भारतीय पर्यटकों से भरी नाव पलटी, रेस्क्यू ऑपरेशन जारी



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Friday, July 10, 2026

DDA Dwarka Commercial Hub Plan: दिल्ली का अगला 'गुड़गांव' बनेगा द्वारका! डीडीए बनाएगा मेगा इकोनॉमिक हब, जानिए क्या है पूरा प्लान

DDA Dwarka Plan: दिल्ली का द्वारका उप-शहर आने वाले समय में राजधानी का सबसे बड़ा बिजनेस और कमर्शियल हॉटस्पॉट बनने जा रहा है। दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने द्वारका को एक प्रमुख आर्थिक और वाणिज्यिक केंद्र के रूप में मजबूत करने के लिए उद्योग जगत के टॉप रिप्रेजेंटेटिव के साथ एक इंटरैक्टिव बैठक की अध्यक्षता की है। इस बैठक के दौरान उपराज्यपाल ने साफ किया कि दिल्ली के दीर्घकालिक आर्थिक विकास को बनाए रखने के लिए शहरी पुनर्विकास, बुनियादी ढांचे के अपग्रेडेशन और योजना सुधारों को लागू करना बेहद जरूरी है। उन्होंने द्वारका में एक स्वच्छ, प्रदूषण मुक्त और लेबर सेंट्रिक इंडस्ट्रियल इकोसिस्टम की वकालत की है। ऐसा सिस्टम जो लोकल के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार पैदा कर सके।

एयरपोर्ट से नजदीकी और बेहतरीन कनेक्टिविटी बनेगी ताकत

एलजी ने कहा रि एशिया की सबसे बड़ी प्लांड सब सिटी में से एक होने की वजह से द्वारका इन्वेस्टमेंट के लिए एक टॉप डेस्टिनेशन के रूप में उभरने के लिए सही स्थिति में है। इसकी कनेक्टिविटी इंटरनेशनल एयरपोर्ट से काफी आसान है। यहां मजबूत ट्रांसपोर्ट सिस्टम है। एलजी ने स्पष्ट किया कि द्वारका पूरी तरह विकसित हो चुकी है। इस लिहाज से ये कॉमर्स, हॉस्पिटैलिटी, हेल्थकेयर और टेक्नोलॉजी जैसे अलग अलग-अलग क्षेत्रों में निवेश पाने के लिए पूरी तरह से तैयार है।

प्रदूषण मुक्त उद्योगों और रोजगार पर रहेगा मुख्य फोकस

उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने विशेष रूप से जोर दिया कि द्वारका का औद्योगिक विकास पूरी तरह से स्वच्छ, टिकाऊ और गैर-प्रदूषणकारी होना चाहिए। यहां ऐसे उद्योगों से पूरी तरह दूरी बनाई जाएगी जो उप-शहर की पर्यावरणीय गुणवत्ता से समझौता करते हों।

एफएआर (FAR) मानदंडों की होगी समीक्षा, सिंगल-विंडो सिस्टम पर जोर

इस उच्च स्तरीय बैठक में रीयल एस्टेट, इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट, हॉस्पिटैलिटी और हेल्थकेयर सेक्टर के प्रमुख प्रतिनिधियों के साथ-साथ डीडीए के उपाध्यक्ष, दिल्ली सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों और आईटीपीओ (ITPO) के प्रबंध निदेशक ने हिस्सा लिया। उपराज्यपाल ने उद्योग जगत के रचनात्मक सुझावों की सराहना की और कहा कि उभरती शहरी आवश्यकताओं के अनुरूप फ्लोर एरिया रेशियो (FAR) सहित योजना और विकास मानदंडों की समीक्षा और उन्हें तर्कसंगत बनाने की आवश्यकता है। उद्योग प्रतिनिधियों ने द्वारका और दिल्ली में निवेश के अनुकूल माहौल बनाने के लिए बुनियादी ढांचे में सुधार, अनुसंधान एवं नवाचार सुविधाएं, एक सुव्यवस्थित सिंगल-विंडो क्लीयरेंस मैकेनिज्म और सिंप्लिफाई अप्रूवल्स की व्यवस्था करने का सुझाव दिया।

इसके अलावा नॉलेज-बेस्ड इंडस्ट्रीज, आईटी, आईटीईएस और जीसीसी को प्रोत्साहित करने के साथ यशोभूमि और भारत मंडपम जैसे प्रमुख कन्वेंशन और एग्जीबिशन इंफ्रास्ट्रक्चर का लाभ उठाने पर जोर दिया गया।

TOD पॉलिसी और 5-स्टार होटल

निवेश और विकास को रफ्तार देने के लिए विभिन्न विभागों ने अपनी तैयारियों की जानकारी साझा की। डीडीए के उपाध्यक्ष ने बताया कि भविष्य के निवेश के लिए जमीन उपलब्ध करा दी गई है। हाल ही में उपराज्यपाल के मार्गदर्शन में तैयार की गई ट्रांजिट-ओरिएंटेड डेवलपमेंट (TOD) पॉलिसी के तह टीओडी समिति पात्र परियोजनाओं के लिए सिंगल-पॉइंट और समयबद्ध मंजूरी की सुविधा प्रदान कर रही है। दिल्ली सरकार के अतिरिक्त मुख्य सचिव (उद्योग) ने आश्वासन दिया कि द्वारका और दिल्ली में निवेश के लिए बड़ा ईज ऑफ डूइंग बिजनेस सुधार चल रहा है।

इसके तहत एक नई औद्योगिक नीति तैयार की जा रही है और विभागों के बीच मंजूरी प्रक्रियाओं को इंटिग्रेट किया जा रहा है। दिल्ली सरकार के पर्यटन सचिव ने बताया कि दिल्ली की इवनिंग इकोनॉमी को बढ़ावा देने और पर्यटन को आकर्षित करने के लिए अर्बन डेस्टिनेशन डेवलप किए जा रहे हैं। आईटीपीओ (ITPO) के प्रबंध निदेशक ने कहा कि दिल्ली के हॉस्पिटैलिटी इकोसिस्टम को मजबूत करने के लिए फाइव-स्टार होटल इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास पर विचार किया जा रहा है।

विकसित दिल्ली की ओर बढ़ते कदम

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के दृष्टिकोण को आगे बढ़ाते हुए उपराज्यपाल ने अंत में दोहराया कि प्रशासन एक पारदर्शी, कुशल और निवेशक-अनुकूल इकोसिस्टम को बढ़ावा देने के लिए पूरी तरह केंद्रित है। यह पहल सतत विकास को गति देगी, बड़े पैमाने पर रोजगार पैदा करेगी और दिल्ली के विकसित दिल्ली बनने के सफर को और मजबूत करेगी।

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Thursday, July 9, 2026

बीमार पत्नी के इलाज के लिए 80 साल का यह बुजुर्ग रोज चलाता है 16 घंटे टैक्सी, इनकी कहानी सुन रो पड़ेगा दिल

लगभग 80 साल की उम्र में भी, जब उनका शरीर उनके इरादों का साथ नहीं देता, रवींद्रनाथ सरकार हर सुबह अपनी पीली टैक्सी का स्टीयरिंग व्हील थाम लेते हैं। वे ऐसा किसी बड़े मकसद के लिए नहीं, बल्कि अपनी 67 साल की बीमार पत्नी का खर्च उठाने के लिए करते हैं। घर का गुजारा करने के लिए वे किराए की पीली टैक्सी चलाते हैं।

सोशल मीडिया पर चैताली बोस नाम की यूजर द्वारा शेयर किए गए इस वीडियो ने हज़ारों लोगों का दिल जीत लिया है। लोग उनके जज्बे की तारीफ कर रहे हैं और कोलकाता के दम दम में रेलवे ट्रैक के पास रहने वाले इस बुज़ुर्ग जोड़े की मदद करने की अपील कर रहे हैं। क्लिप में बताया गया है कि सरकार, जो लगभग 52 सालों से गाड़ी चला रहे हैं, रोजाना सुबह 6 बजे से लेकर 16 घंटे तक कोलकाता की सड़कों पर गुजारा करने के लिए टैक्सी चलाते हैं।

उम्र बढ़ने और सेहत खराब होने के बावजूद, वे बिना एक दिन की छुट्टी लिए किराए की पीली टैक्सी चलाते रहते हैं। कभी-कभी वे रात 11 बजे तक गाड़ी चलाते हैं, और अगर उन्हें पूरे दिन कोई सवारी न मिले या एक रुपया भी न कमा पाएं, तब भी उन्हें टैक्सी का किराया मालिक को देना ही पड़ता है। यह जोड़ा, जिसकी देखभाल करने वाला कोई बच्चा नहीं है, उनकी कमाई से ही गुजारा करता है, लेकिन उनकी कमाई दवाइयां खरीदने के लिए काफी नहीं है।

उनकी अपनी सेहत की दिक्कतों को देखते हुए उनकी कहानी और भी खास हो जाती है। महिला ने बताया कि सरकार को लंबे समय से अस्थमा की बीमारी है, जबकि उनकी पत्नी को दिल से जुड़ी एक बीमारी है। बोस ने बताया कि इतनी तकलीफों के बावजूद, 80 साल के ये बुज़ुर्ग अपनी सवारी से उतना ही किराया लेते हैं जितना वे सही समझें।

इस जोड़े के रहने की हालत भी बहुत मुश्किल है। वे टीन के एक छोटे से घर में रहते हैं, जिसकी छत मॉनसून के दौरान टपकती है। बारिश का पानी घर के अंदर आ जाता है, और मरम्मत करवाना उनकी पहुंच से बाहर है। क्लिप के आखिर में, बोस ने लोगों से अपील की कि वे जिस तरह से भी हो सके, उनकी मदद के लिए आगे आएं।

उनकी कहानी ने ऑनलाइन लोगों के दिलों को छू लिया है। एक यूजर ने कहा, "जिन लोगों ने अपनी ज़िंदगी सम्मान के साथ काम करते हुए बिताई है, उन्हें कभी भी अपने बुढ़ापे के दिन गुजारा करने के लिए संघर्ष करते हुए नहीं बिताना चाहिए। अगर हम थोड़ी सी भी मदद कर सकते हैं, तो हमें करनी चाहिए। दया कोई दान नहीं है, बल्कि एक-दूसरे के प्रति हमारा फर्ज है।"

एक और व्यक्ति ने कहा, "ऐसे हालात में लोगों को भीख तक मांगनी पड़ती है और वे इस उम्र में भी कड़ी मेहनत कर रहे हैं। एक ने लिखा कि "मुझे लगता है कि अन्नपूर्णा योजना के लिए तय की गई रकम कम कर दी जानी चाहिए और उस पैसे को बुढ़ापे की पेंशन के तौर पर दिया जाना चाहिए। सक्षम महिलाएं अपनी कोशिशों से कुछ कमा सकती हैं, लेकिन इन बुज़ुर्गों की काम करने की क्षमता कम होती है और उन्हें ज्यादा पैसे की जरूरत होती है।"



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