Charu Pandey Success Story: छत्तीसगढ़ के रायपुर में एक जगह है तिल्दा-नेवरा। यहीं की रहने वाले हैं चारु पांडे, जिनका आजकल अपनी एक अनोखी और दिलचस्प उपलब्धि के लिए सुर्खियों में बना हुआ है। सिर्फ इतना ही नहीं, इस साल 15 अगस्त यानी स्वतंत्रता दिवस पर चारु के नाम एक और उपलब्धि जुड़ जाएगी। भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू खुद सम्मानित करेंगी और उन्हें गोल्ड मेडल पहनाएंगी। छोटी शहर की चारु ने अपनी मेहनत और लगन के बल पर साबित किया है कि खुद पर भरोसा हो तो कोई भी लक्ष्य मुश्किल नहीं है।
चारु महज 23 साल की हैं और इस उम्र में उन्होंने जो उपलब्धि हासिल की है, वो अच्छे-अच्छों के लिए मुश्किल है। चारु ने एसएससी, बैंकिंग, रेलवे और पुलिस भर्ती समेत 19 सरकारी भर्ती परीक्षाएं पास करने दिलचस्प रिकॉर्ड अपने नाम किया है। उनकी इसी शानदार उपलब्धि के लिए स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू उन्हें गोल्ड मेडल से सम्मानित करेंगी। चारु का इतनी कम उम्र में लगातार एक के बाद एक सरकारी परीक्षाएं पास करना कोई साधारण उपलब्धि नहीं कहा जा सकता है। वर्तमान में चारु चेन्नई स्थित कैग (CAG) कार्यालय में असिस्टेंट ऑडिट ऑफिसर के पद पर कार्यरत हैं। उनकी सफलता की चर्चा अब सिर्फ छत्तीसगढ़ तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे देश में हो रही है।
चारु ने स्टाफ सिलेक्शन कमीशन (SSC) की कई प्रतिष्ठित परीक्षाओं में सफलता हासिल की। उन्होंने एसएससी सीजीएल, एसएससी सीएचएसएल, एसएससी एमटीएस, एसएससी जीडी और एसएसएससी सीपीओ जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं को पास किया। इन परीक्षाओं को देश की सबसे कठिन और प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं में गिना जाता है, लेकिन चारु ने अपनी लगातार मेहनत के दम पर इनमें शानदार प्रदर्शन किया।
बैंकिंग, पुलिस और रेलवे भर्ती परीक्षाओं में भी रहीं सफल
उन्होंने बैंकिंग क्षेत्र की आईबीपीएस पीओ, एसबीआई पीओ और एसबीआई क्लर्क जैसी प्रमुख भर्ती परीक्षाओं में भी सफलता हासिल की। चारु की सफलता की सूची यहीं खत्म नहीं होती। रेलवे भर्ती बोर्ड (RRB) की एनटीपीसी और रेलवे ग्रुप-डी की महत्वपूर्ण परीक्षाओं में भी उन्होंने सफलता दर्ज की। उन्होंने दिल्ली पुलिस भर्ती और छत्तीसगढ़ सब-इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा में भी शानदार प्रदर्शन कर सफलता हासिल की। इसके अलावा उन्होंने छत्तीसगढ़ ट्रांसपोर्ट सब-इंस्पेक्टर परीक्षा और सीजी एनएचएम परीक्षा भी सफलतापूर्वक पास की।
इतनी सफलताओं से पहले मिलीं कई असफलताएं
चारु पांडे के सफर की शुरुआत सफलता से नहीं कई असफलताओं के साथ हुई थी। वह कई प्रतियोगी परीक्षाओं में असफल रहीं। लेकिन उन्होंने कभी हार नहीं मानी। हर असफलता के बाद उन्होंने अपनी कमियों को समझा और तैयारी को बेहतर बनाने पर ध्यान दिया। यही आदत आगे चलकर उनकी सबसे बड़ी ताकत बनी और उन्होंने एक के बाद एक परीक्षाओं में सफलता दर्ज की। उनका मानना है कि असफलता किसी भी यात्रा का अंत नहीं होती, बल्कि वह आपको बेहतर बनने का मौका देती है।
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