Saturday, January 31, 2026

Tanya Mittal: बिग बॉस के बाद 'द 50' में नीलम की एंट्री पर तान्या का तीखा ताना, कहा- ‘मैं वही शो देखती हूं जिसमें वो आती हैं’

बिग बॉस 19 खत्म हुए दो महीने बीत चुके हैं, लेकिन इसके कंटेस्टेंट्स सुर्खियों से गायब ही नहीं हो रहे। तान्या मित्तल और नीलम गिरी के बीच की दोस्ती से दुश्मनी अब नए रियलिटी शो 'द 50' तक पहुंच गई है। पपराजी के सवाल पर तान्या ने नीलम की इस शो में एंट्री पर ऐसा जवाब दिया कि सब दंग रह गए। पपराजी ने तान्या से पूछा, "नीलम गिरी 'द 50' में आ रही हैं, क्या कहेंगी?" मुस्कुराते हुए तान्या ने कहा, "मैं सिर्फ वही शो देखती हूं जिसमें मैं हूं। किसी और को देखने में मजा नहीं आता।" उनका यह बयान इतना कटिंग था कि कैमरे वाले भी चुप्पी साध गए। बिग बॉस के बाद तान्या खुद 'द 50' का हिस्सा हैं, और नीलम की एंट्री से पुरानी कड़वाहट फिर उभर आई।

दोनों की दोस्ती बिग बॉस हाउस में गहरी थी। घर में साथ मिलकर प्लान बनाए, बाहर मिलने का वादा किया। लेकिन शो खत्म होते ही तान्या ने नीलम को सोशल मीडिया पर अनफॉलो कर दिया। नीलम ने पारस छाबड़ा के इंटरव्यू में दर्द बयां किया, "घर से बाहर आकर पता चला तो मैंने भी अनफॉलो कर दिया। उसका नंबर तक नहीं था, संपर्क कैसे करूं?" तान्या को नीलम के घर के बयानों से ठेस पहुंची थी, जिसने रिश्ता तोड़ दिया।

नीलम गिरी ने इंस्टाग्राम पर 'द 50' की घोषणा की। उन्होंने लिखा, "बिग बॉस 19 के बाद नया चैलेंज! 'सीधा जाके लेफ्ट ले और चाय बनना' जैसे मोमेंट्स दोहराने को तैयार हूं। दर्शकों का प्यार ही मेरी ताकत है।" भोजपुरी स्टार नीलम को दर्शक पसंद करते हैं, और यह शो उनके लिए नया मौका है। यह रियलिटी शो टीवी, फिल्म और डिजिटल स्टार्स को 50 प्रतिभागियों के साथ लाएगा। 50 दिनों का सफर, एलिमिनेशन और ट्विस्ट्स से भरा। कंटेस्टेंट्स में करण पटेल, दिव्या अग्रवाल, प्रिंस नरुला, ऊर्वशी ढोलकिया, निक्की तंबोली, फैसल शेख (मिस्टर फैजू), कृष्णा श्रॉफ, शिव थाकरे, रजत दलाल, दिग्विजय राठी और आर्चना गौतम जैसे नाम शामिल। 1 फरवरी से शुरू हो रहा शो फरवरी में धमाल मचाएगा। तान्या-नीलम का यह कॉन्ट्रोवर्सी शो को हाई व्यूअरशिप दिला सकती है। क्या घर में दोनों फिर आमने-सामने होंगी? फैंस बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। पुरानी दोस्ती की दुश्मनी एंटरटेनमेंट का नया मसाला बन चुकी है।

उन्होंने नीलम को सिर्फ एक कलाकार के रूप में नहीं, बल्कि एक प्रेरणा के रूप में देखा। तान्या ने कहा कि नीलम की मेहनत और लगन उन्हें खास बनाती है और यही वजह है कि वह उनके काम को बेहद सराहती हैं। यह बयान दर्शाता है कि इंडस्ट्री में कलाकार एक-दूसरे के काम की कितनी इज्जत करते हैं और किस तरह से एक-दूसरे को प्रेरित करते हैं।

नीलम गिरी की एंट्री से दर्शकों में भी उत्साह बढ़ गया है। सोशल मीडिया पर लोग लगातार उनकी तारीफ कर रहे हैं और शो को लेकर अपनी उत्सुकता जाहिर कर रहे हैं। तान्या का बयान इस उत्साह को और बढ़ा देता है क्योंकि यह दर्शकों की भावनाओं से मेल खाता है।

तान्या मित्तल का यह बयान साफ करता है कि नीलम गिरी सिर्फ एक कलाकार नहीं, बल्कि दर्शकों और सह-कलाकारों के लिए प्रेरणा हैं। उनकी एंट्री ने शो को नई दिशा दी है और तान्या की यह स्वीकारोक्ति इस बात का सबूत है कि नीलम गिरी की मौजूदगी शो को और खास बना देती है।



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Friday, January 30, 2026

Silver Price Crash: एमसीएक्स पर करीब 15% फिसला सिल्वर, क्यों आई इतनी ज्यादा गिरावट?

सिल्वर में 30 जनवरी को बड़ी गिरावट आई। कमोडिटी एक्सचेंज एमसीएक्स पर सिल्वर फ्यूचर्स करीब 15 फीसदी क्रैश कर गया। करीब 3:37 बजे यह 3,42,390 रुपये प्रति किलोग्राम था। हालांकि, बाद में इसमें थोड़ी रिकवरी आई। शाम 5 बजे के करीब यह 10.75 फीसदी गिरकर 3,57,500 रुपये प्रति किलो चल रहा था। 29 जनवरी को इसका क्लोजिंग प्राइस 3,99,893 रुपये प्रति किलो ग्राम था।

29 जनवरी को सिल्वर 4.20 लाख तक पहुंच गया था

30 जनवरी को सिल्वर फ्यूचर्स 3,83,646 रुपये प्रति किलोग्राम पर खुला। उसके बाद उतार-चढ़ाव के बीच इसमें गिरावट जारी रही। 29 जनवरी को सिल्वर का मार्च फ्यूचर्स 4,20,048 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच गया था। पिछले कुछ हफ्तों में चांदी में जबर्दस्त तेजी देखने को मिली थी।

कॉमेक्स पर स्पॉट सिल्वर गिरकर 98 डॉलर प्रति औंस पर आया

30 जनवरी को कॉमेक्स पर स्पॉट सिल्वर गिरकर 98 डॉलर प्रति औंस पर आ गया। यह 29 जनवरी के क्लोजिंग से 14.15 फीसदी की गिरावट है। इसकी वजह डॉलर में तेजी बताई जा रही है। इससे पहले वैश्विक स्तर पर अनिश्चितता और जियोपॉलिटिकल रिस्क बढ़ने से सोने और चांदी में तेजी जारी थी।

जनवरी में सिल्वर की कीमतों में आई थी बड़ी तेजी

वीटी मार्केट में सीनियर मार्केट एनालिस्ट जस्टिन खो के मुताबिक, सिल्वर में आई गिरावट की वजह टेक्निकल लगती है। उन्होंने कहा, "जनवरी में सिल्वर में जबर्दस्त तेजी देखने को मिली थी। एमसीएक्स पर सिल्वर महीने दर महीने आधार पर 60 फीसदी से ज्यादा चढ़कर 4.2 लाख प्रति किलोग्राम पर पहुंच गया था। एग्रेसिव प्रॉफिट बुकिंग से प्राइस 3.9 से 4 लाख रुपये प्रति किलो तक आ गए।"

सिल्वर की कीमतें क्रैश करने की क्या है वजह?

एक्सपर्ट्स का कहना है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फेडरल रिजर्व के चेयरमैन पद पर ऐसे व्यक्ति का चुनाव करने के संकेत दिए हैं, जिसका रुख आक्रामक होगा। उन्होंने कहा है कि वह फेड के नए चेयरमैन के नाम का ऐलान 30 जनवरी को कर सकते हैं। जेरोम पॉवेल मई में अपना पद छोड़ देंगे। उनका कार्यकाल मई में पूरा हो रहा है। केसीएम के चीफ ट्रेड एनालिस्ट टिम वाटरर का कहना है कि ट्रंप की पसंद के व्यक्ति का फेड चेयरमैन बनने से डॉलर में मजबूती आएगी। डॉलर में मजबूती आने पर बुलियन की कीमतों पर दबाव बढ़ता है। इस वजह से 30 जनवरी को सोने और चांदी में दोनों में बड़ी गिरावट आई।

यह भी पढ़ें: Gold-silver ETF Crash: गोल्ड और सिल्वर ईटीएफ 24 फीसदी तक क्रैश, क्या यह निवेश करने के लिए सही समय है?

कुछ एक्सपर्ट्स का यह भी कहना है कि चांदी में पिछले कुछ हफ्तों से जैसी तेजी दिख रही थी, उसके बाद मुनाफावसूली की उम्मीद की जा रही थी। सोना और चांदी दोनों की कीमतें भारत और विदेश में लगातार तेजी के रिकॉर्ड बना रही थीं। लगातार तेजी के बाद बड़ी गिरावट स्वाभाविक है। एक्सपर्ट्स का यह भी कहना है कि सोने और चांदी के फंडामेंटल्स अब भी स्ट्रॉन्ग दिख रहे हैं।



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Thursday, January 29, 2026

Tata Motors Q3 Results: शुद्ध मुनाफा 48% घटकर ₹705 करोड़ रहा, रेवेन्यू 16% बढ़ा; शेयरों पर रहेगी नजर

Tata Motors Q3 Results: कमर्शियय व्हीकल्स बनाने वाली दिग्गज कंपनी टाटा मोटर्स ने गुरुवार 29 दिसंबर को मौजूदा वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही के नतीजे जारी किए। कंपनी ने बताया कि तीसरी तिमाही में उसका कंसॉलिडेटेड शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर 48 प्रतिशत घटकर ₹705 करोड़ रह गया, जबकि पिछले साल की इसी तिमाही में यह 1,355 करोड़ रुपये रहा था। हालांकि, इस गिरावट के पीछे मुख्य वजह कारोबार में कमजोरी नहीं, बल्कि कुछ एकमुश्त खर्चे रहे।

वहीं कंपनी का रेवेन्यू इस दौरान मजबूत रहा। टाटा मोटर्स ने बताया कि दिसंबर तिमाही में उसका रेवेन्यू 16 प्रतिशत से अधिक बढ़कर ₹21,847 करोड़ पर पहुंच गया। इसके साथ ही ऑपरेटिंग प्रदर्शन में भी सुधार देखने को मिला।

मार्जिन में सुधार, लेकिन मुनाफे पर दबाव

टाटा मोटर्स ने बताया कि दिसंबर तिमाही में में उसका ऑपरेटिंग मार्जिन बढ़कर 12.60 प्रतिशत हो गया, जो एक साल पहले इसी तिमाही में 12.07 प्रतिशत था। वहीं कंसॉलिडेटेड EBITDA मार्जिन में भी 30 बेसिस पॉइंट्स की बढ़ोतरी हुई और यह 12.5 प्रतिशत पर पहुंच गया। हालांकि, ऊंचे असाधारण खर्चों के कारण कंपनी का नेट प्रॉफिट मार्जिन घटकर 3.23 प्रतिशत रह गया, जिससे शुद्ध मुनाफे पर दबाव बना।

एकमुश्त खर्च बने मुनाफे में गिरावट की बड़ी वजह

कंपनी के तिमाही नतीजों पर सबसे बड़ा असर एक्स्पेशनल आइटम्स का रहा। टाटा मोटर्स ने इस तिमाही में कुल ₹1,643 करोड़ का एकमुश्त खर्च दर्ज किया। इनमें शामिल हैं-

₹962 करोड़: डीमर्जर योजना के तहत अधिग्रहित जमीन के पंजीकरण (रजिस्ट्रेशन) के लिए विभिन्न स्थानीय प्राधिकरणों को देय स्टांप ड्यूटी

₹603 करोड़: नए श्रम कानूनों (लेबर कोड) के लागू होने से जुड़ा एकमुश्त खर्च

₹82 करोड़: अधिग्रहण से संबंधित लागत

कंपनी ने साफ किया कि ये खर्च एक बार के हैं और आगे की तिमाहियों में दोबारा नहीं दिखेंगे।

कारोबार की बुनियाद मजबूत

कंपनी ने बताया कि कमर्शियल व्हीकल (CV) सेगमेंट में मांग स्थिर बनी हुई है और रेवेन्यू ग्रोथ इस बात का संकेत है कि बुनियादी ऑपरेशंस मजबूत हैं। मार्जिन में सुधार भी इस बात की पुष्टि करता है कि लागत नियंत्रण और ऑपरेशन एफिशियसंसी पर कंपनी का फोकस बना हुआ है।

शेयरों का हाल

टाटा मोटर्सने गुरुवार को शेयर बाजार का कारोबार बंद होने के बाद अपने नतीजे जारी किए। नतीजों से पहले कंपनी के शेयर एनएसई पर 3.39 फीसदी की गिरावट के साथ 352 रुपये के भाव पर बंद हुए। अब निवेशकों की नजरें कल 30 जनवरी के कारोबार पर टिकी रहेंगी।

यह भी पढ़ें- Swiggy Q3 Results: घाटा बढ़कर 1065 करोड़ रुपए हुआ, रेवेन्यू में हुई 54% की बढ़ोतरी

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Wednesday, January 28, 2026

Stock in Focus: इस कंपनी की दवा को अमेरिका की FDA ने दी खास मंजूरी, रखा Orphan Drug की कैटेगरी में

Shilpa Medicare Shares: शिल्पा मेडिकेयर की मैटेरियल सब्सिडरी शिल्पा बॉयोलॉजिकल्स और इसकी सहयोगी मैबट्री बॉयोलादिक्स (mAbTree Biologics) को अमेरिकी दवा नियामक एफडीए से एक दवा के लिए खास मंजूरी मिली तो इसके शेयर रॉकेट बन गए। जैसे ही कंपनी ने एक्सचेंज फाइलिंग में इस मंजूरी का खुलासा किया, एकाएक इसके शेयर रॉकेट बन गए और यह 6% से अधिक उछल पड़ा। इस तेजी का कई निवेशकों ने फायदा उठाया जिससे इसके भाव नरम पड़े और इसकी अधिकतर तेजी गायब हो गई लेकिन अब भी यह काफी मजबूत स्थिति में है। आज बीएसई पर यह 1.67% की बढ़त के साथ ₹273.25 के भाव पर बंद हुआ है। इंट्रा-डे में यह 6.40% उछलकर ₹285.95 तक चढ़ गया था।

कैसी मंजूरी मिली है Shilpa Medicare को और क्या खास है इसमें?

शिल्पा बॉयोलॉजिकल्स और मैबट्री बॉयोलॉजिक्स मिलकर रेयर ब्लड कैंसर के इलाज को लेकर जिस फ्लैगशिप बॉयोलॉजिक दवा पर काम कर रहे हैं, उसे एफडीए ने ऑर्फन ड्रग (Orphan Drug) डेजिनेशन दी है। एक्सचेंज फाइलिंग में शिल्पा मेडीकेयर ने खुलासा किया कि यह मंजूरी एसेंशियल थ्रोम्बोसाइथीमिया और पॉलीसाइथीमिया वेरा के इलाज के लिए विकसित की जा रही एक मोनोक्लोनल एंटीबॉडी को दी गई है। ऑर्फन ड्रग का दर्जा मिलने से कंपनी को नियामकीय और कारोबारी प्रोत्साहन मिलते हैं, जिनमें डेवलपमेंट सपोर्ट, टैक्स क्रेडिट्स और पोटेंशियल मार्केट एक्स्क्लूसिविटी शामिल हैं।

शिल्पा मेडीकेयर ग्रुप की शिल्पा बॉयोलॉजिकल्स का कहना है कि यह बॉयोलॉजिक एक फर्स्ट-इन-क्लास, इम्यूनोलॉजी आधारित थेरेपी है जिसे बीमारी के लक्षणों को सिर्फ नियंत्रित करने की बजाय रोग की प्रकृति में बदलाव के लिए डिजाइन किया गया है। एफडीए से मंजूरी मिलने के बाद अब दोनों कंपनियों की योजना इंड-एनेबलिंग स्टडीज के जरिए बॉयोलॉजिक को आगे बढ़ाने की है ताकि एसेंशियल थ्रोम्बोसाइथीमिया (Essential Thrombocythemia) और पॉलीसाइथीमिया वेरा (Polycythemia Vera) से पीड़ित मरीजों में पहली बार मानव पर क्लिनिकल परीक्षण शुरू किए जा सकें।

एक साल में कैसी रही शेयरों की चाल?

शिल्पा मेडीकेयर के शेयरों ने निवेशकों को करारा झटका दिया। पिछले साल 16 जून 2025 को इसके शेयर ₹501.60 पर थे जो इसके लिए रिकॉर्ड हाई है। इस हाई से यह सात ही महीने में 48.17% फिसलकर आज 27 जनवरी 2026 को ₹260.00 पर आ गया जो इसके शेयरों के लिए एक साल का रिकॉर्ड निचला स्तर है। अब आगे की बात करें तो इंडमनी पर मौजूद डिटेल्स के मुताबिक इसे कवर करने वाले 2 एनालिस्ट्स में से 1 ने इसे खरीदारी और 1 ने होल्ड रेटिंग दी है। इसका हाइएस्ट टारगेट प्राइस ₹600 और लोएस्ट टारगेट प्राइस ₹392 है।

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Tuesday, January 27, 2026

Marico Q3 Results: भारत और इंटरनेशनल ग्रोथ से रेवेन्यू 27% बढ़ा, अनुमान से ज्यादा रहा मुनाफा

 Marico Q3 Results:  मैरिको लिमिटेड (Marico Ltd) ने दिसंबर तिमाही में उम्मीद से बेहतर नतीजे जारी किए है। कंपनी ने भारत और विदेशी मार्केट में मज़बूत रेवेन्यू ग्रोथ की वजह से प्रॉफ़िट और ऑपरेटिंग अर्निंग अनुमान से ज़्यादा रही।

दिसंबर तिमाही में कंपनी का नेट प्रॉफ़िट साल-दर-साल आधार पर 13.3% बढ़कर ₹460 करोड़ पर आ गया, जो CNBC-TV18 पोल के ₹445 करोड़ के अनुमान से ज़्यादा है। वहीं रेवेन्यू 26.6% बढ़कर ₹3,537 करोड़ पर रही है। जो अलग-अलग कैटेगरी और जगहों पर बड़े पैमाने पर ग्रोथ को दिखाता है।

कंपनी के EBITDA में भी साल-दर-साल आधार पर 11.1% की बढ़त देखने को मिली है और यह बढ़कर ₹592 करोड़ पर रही है, जबकि मार्जिन 16.7% रहा, जो अनुमानों के मुताबिक है लेकिन इनपुट कॉस्ट के दबाव और ग्रोथ के पीछे इन्वेस्टमेंट के बीच एक साल पहले के 19.1% से कम है।

भारत का बिज़नेस बना हुआ है मज़बूत

भारत का रेवेन्यू साल-दर-साल 28% बढ़ा है, जिसमें 95% से ज़्यादा पोर्टफोलियो ने मार्केट शेयर हासिल किया या बनाए रखा और लगभग 80% ने MAT बेसिस पर अपनी पहुंच बेहतर किया।

पैराशूट कोकोनट ऑयल, जो भारत के रेवेन्यू में 36% का योगदान देता है, ने ml-एज में कमी के लिए नॉर्मलाइज़ होने के बाद 2% वॉल्यूम ग्रोथ देखी। सफोला एडिबल ऑयल के वॉल्यूम में मामूली गिरावट दर्ज की। बता दें कि सफोला एडिबल ऑयल भारत के रेवेन्यू का 16% हिस्सा है।

इंटरनेशनल बिज़नेस ने दिखाई मज़बूत रफ़्तार

रुपये के हिसाब से इंटरनेशनल रेवेन्यू साल-दर-साल आधार पर 24% बढ़ा, जिसमें Q3 में कॉन्स्टेंट करेंसी ग्रोथ 21% और FY26 को खत्म हुए 9 महीनों में 20% रही, जिससे मुख्य मार्केट में लगातार डिमांड का पता चलता है।

स्ट्रेटेजिक कदमों से पोर्टफोलियो बेहतर हुआ

इससे पहले, मैरिको ने प्रीमियम स्नैकिंग ब्रांड 4700BC के मालिक ज़िया मेज़ में स्ट्रेटेजिक इन्वेस्टमेंट की घोषणा की। कंपनी PVR INOX से ₹227 करोड़ में 93.27% हिस्सेदारी खरीदेगी, जिससे ज़िया मेज़ एक सब्सिडियरी बन जाएगी। 4700BC ब्रांड में तेज़ी से ग्रोथ हुई है, FY25 का रेवेन्यू ₹98.66 करोड़ रहा।

इसके अलावा, मैरिको ने कहा कि वह अपनी पूरी तरह से मालिकाना हक वाली सब्सिडियरी ज़ेड लाइफस्टाइल को अपनी मर्ज़ी से लिक्विडेट करके और अंडरटेकिंग को पेरेंट कंपनी को ट्रांसफर करके अपने डिजिटल-फर्स्ट बियर्डो बिज़नेस को इंटीग्रेट करेगी। इस कदम से कंसोलिडेटेड फाइनेंशियल पर कोई खास असर डाले बिना ऑपरेशनल सिनर्जी बढ़ने की उम्मीद है।

आउटलुक बना हुआ है कंस्ट्रक्टिव

मैरिको ने कहा कि वह FY27 तक डबल-डिजिट EBITDA मार्जिन देने के लिए ट्रैक पर है और एग्जिट एनुअल रिकरिंग रेवेन्यू (ARR) के FY24 के लेवल के लगभग 2.5x तक पहुंचने की उम्मीद है, जो पहले के गाइडेंस से अपग्रेड किया गया है।

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Monday, January 26, 2026

India-EU trade deal: भारत-ईयू डील का ऐलान 27 जनवरी को हो सकता है, इस 'मदर ऑफ ऑल डील' से क्या होंगे फायदे?

भारत और यूरोपीय यूनियन में फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (एफटीए) को लेकर सहमति बन गई है। 27 जनवरी को इंडिया-ईयू समिट में इसका ऐलान हो सकता है। ईयू के नेताओं ने इसे 'मदर ऑफ ऑल डील्स' बताया है। यह डील ऐसे वक्त होने जा रही है, जब अमेरिका ने भारत पर 50 फीसदी टैरिफ लगाया है। इसका असर इंडिया के एक्सपोर्ट पर पड़ा है।

ज्यादातर मसलों पर दोनों पक्षों की सहमति

European Union (EU) के सीनियर लीडर्स दिल्ली में हैं। दोनों पक्षों की बातचीत में शामिल लोगों का कहना है कि कुछ चुनिंदा संवेदनशील मसलों पर सहमति बननी बाकी है। अगर यह डील हो जाती है तो इससे इंडिया की ट्रेड स्ट्रेटेजी में निर्णायक बदलाव आएगा। इस डील से गुड्स के सबसे बड़े ट्रेडिंग पार्टनर के साथ भारत के आर्थिक संबंध और मजबूत होंगे।

2007 में हुई थी बातचीत की शुरुआत 

भारत और ईयू के बीच मुक्त व्यापार समझौते को लेकर बातचीत 2007 में शुरू हुई थी। लेकिन, मार्केट एक्सेस, लेबर स्टैंडर्ड्र्स, इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी और रेगुलेटरी रूल्स को लेकर कई बार बातचीत में रुकावट आई। दोबारा 2022 में बातचीत की शुरुआत हुई। बीते एक साल में ग्लोबल ट्रेड में बाधा और बढ़ते संरक्षणवाद के बीच भारत और ईयू के बीच बातचीत ने रफ्तार पकड़ी।

भारत का यह प्रस्ताव डील की सबसे खास बात 

इस डील का वह प्रस्ताव काफी खास है, जिसमें इंडिया ने यूरोपीय कारों पर इंपोर्ट ड्यूटी में बड़ी कमी करने का ऑफर दिया है। यह जानकारी डील से जुड़े अधिकारियों और रायटर्स पर आधारित है। अभी यूरोप में बनी कारों पर इंडिया 70-110 फीसदी ड्यूटी लगाता है। डील के बाद ईयू में बनी 15,000 यूरोप से ज्यादा कीमत की कारों की निश्चित संख्या पर ड्यूटी घटकर 40 फीसदी रह जाएगा। धीरे-धीरे यह घटकर 10 फीसदी पर आ जाएगी।

इलेक्ट्रिक कारें 5 साल तक डील से बाहर रहेंगी

सूत्रों ने बताया कि इंपोर्ट ड्यूटी में शुरुआती कमी का लाभ सालाना करीब 2,00,000 लाख पेट्रोल-डीजल कारों को मिलेगा। कारों की संख्या पर अभी बातचीत चल रही है। इसमें बदलाव हो सकता है। घरेलू निवेश को बढ़ावा देने के लिए शुरुआती पांच सालों में इलेक्ट्रिक कारें इस डील से बाहर रहेंगी। डील होने पर फॉक्सवैगर, मर्सीडीज बेंच और बीएमडब्ल्यू जैसी यूरोपीय कार कंपनियों के लिए इंडिया के बाजार में एंट्री आसान हो जाएगी।

यह भी पढ़ें: डोनाल्ड ट्रंप ने गणतंत्र दिवस पर भारत को दी बधाई, कहा- दोनों देशों के बीच ऐतिहासिक रिश्ता

इन सेक्टर्स के लिए मार्केट एक्सेस पर भारत का फोकस

भारत यूरोपीय यूनियन से टेक्सटाइल्स, गारमेंट्स, लेदर, जेम्स एंड ज्वेलरी, इंजीनियरिंग गुड्स और प्रोसेस्ड फूड्स जैसे सेक्टर्स के लिए बेहतर मार्केट एक्सेस चाहता है। ये ऐसे सेक्टर्स हैं, जिनमें भारत में बड़ी संख्या में लोगों को रोजगार हासिल है। ईयू के 2023 में अपने जनरलाइज्ड सिस्टम ऑफ प्रिफरेंस के तहत रियायतें वापस लेने पर इनमें से कई सेक्टर में टैरिफ के रूप में मिलने वाले फायदे खत्म हो गए हैं।



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Sunday, January 25, 2026

Dividend Stocks: अगले हफ्ते ये 10 कंपनियां देंगी डिविडेंड, जानिए रिकॉर्ड डेट समेत पूरी डिटेल

Dividend Stocks: सोमवार 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस की छुट्टी के बाद अगला कारोबारी हफ्ता मंगलवार से शुक्रवार यानी 27 से 30 जनवरी तक रहेगा। इस दौरान 10 कंपनियां अपने शेयरधारकों को डिविडेंड का तोहफा देंगी। इनमें विप्रो और SRF जैसे बड़े नाम शामिल हैं। आइए जानते हैं डिविडेंड अमाउंट और रिकॉर्ड डेट समेत पूरी डिटेल।

K.P. Energy

K.P. Energy कंपनी 0.20 रुपये प्रति शेयर का इंटरिम डिविडेंड दे रही है। यह 5 रुपये फेस वैल्यू पर 4% का पेआउट है। डिविडेंड की रिकॉर्ड डेट 28 जनवरी 2026 तय की गई है। शुक्रवार को शेयर 293.05 रुपये पर बंद हुआ, जो पिछले बंद भाव से करीब 2% नीचे रहा।

Jindal Stainless

Jindal Stainless अपने शेयरधारकों को 1 रुपये प्रति शेयर का इंटरिम डिविडेंड देगी। यह 2 रुपये फेस वैल्यू पर 50% का पेआउट है। डिविडेंड की रिकॉर्ड डेट 29 जनवरी 2026 है। डिविडेंड यील्ड 0.40% है। कंपनी का शेयर 745.65 रुपये पर बंद हुआ, जिसमें करीब 1.5% की गिरावट दर्ज की गई।

Computer Age Management Services

Computer Age Management Services के शेयरधारकों को 3.50 रुपये प्रति शेयर का इंटरिम डिविडेंड मिलेगा। यह 2 रुपये फेस वैल्यू पर 175% का पेआउट है। डिविडेंड की रिकॉर्ड डेट 30 जनवरी 2026 तय की गई है। डिविडेंड यील्ड 1.73% है। कंपनी का शेयर 679.70 रुपये पर बंद हुआ, जो करीब 4% नीचे रहा।

KEI Industries

KEI Industries 4.50 रुपये प्रति शेयर का इंटरिम डिविडेंड दे रही है। यह 2 रुपये फेस वैल्यू पर 225% का पेआउट है। डिविडेंड की रिकॉर्ड डेट 28 जनवरी 2026 रखी गई है। डिविडेंड यील्ड 0.12% है। कंपनी का शेयर 3806.85 रुपये पर बंद हुआ, जिसमें 1% से ज्यादा की गिरावट देखने को मिली।

Automobile Corporation of Goa

Automobile Corporation of Goa अपने शेयरधारकों को 5 रुपये प्रति शेयर का इंटरिम डिविडेंड दे रही है। यह 10 रुपये फेस वैल्यू पर 50% का पेआउट है। डिविडेंड की रिकॉर्ड डेट 29 जनवरी 2026 तय की गई है। डिविडेंड यील्ड 1.50% है। कंपनी का शेयर 1674.85 रुपये पर बंद हुआ, जिसमें करीब 4% की गिरावट दर्ज की गई।

SRF

SRF के शेयरधारकों को 5 रुपये प्रति शेयर का इंटरिम डिविडेंड मिलेगा। यह 10 रुपये फेस वैल्यू पर 50% का पेआउट है। डिविडेंड की रिकॉर्ड डेट 27 जनवरी 2026 रखी गई है। डिविडेंड यील्ड 0.33% है। कंपनी का शेयर 2714.95 रुपये पर बंद हुआ, जो करीब 0.7% नीचे रहा।

United Spirits

United Spirits 6 रुपये प्रति शेयर का इंटरिम डिविडेंड देगी। यह 2 रुपये फेस वैल्यू पर 300% का पेआउट है। डिविडेंड की रिकॉर्ड डेट 27 जनवरी 2026 तय की गई है। डिविडेंड यील्ड 0.90% है। कंपनी का शेयर 1333 रुपये पर बंद हुआ, जिसमें 0.44% की गिरावट दर्ज की गई।

Wipro

दिग्गज आईटी कंपनी Wipro 6 रुपये प्रति शेयर का इंटरिम डिविडेंड देगी। यह 2 रुपये फेस वैल्यू पर 300% का पेआउट है। डिविडेंड की रिकॉर्ड डेट 27 जनवरी 2026 रखी गई है। डिविडेंड यील्ड 4.61% है। कंपनी का शेयर 238.35 रुपये पर बंद हुआ, जो करीब 1% नीचे रहा।

Siemens Energy India

Siemens Energy India अपने शेयरधारकों को 4 रुपये प्रति शेयर का फाइनल डिविडेंड देगी। यह 2 रुपये फेस वैल्यू पर 200% का पेआउट है। डिविडेंड की रिकॉर्ड डेट 30 जनवरी 2026 तय की गई है। डिविडेंड यील्ड 0.19% है। कंपनी का शेयर 2123.15 रुपये पर बंद हुआ, जिसमें करीब 4% की गिरावट दर्ज की गई।

Mastek

Mastek 8 रुपये प्रति शेयर का इंटरिम डिविडेंड देगी। यह 5 रुपये फेस वैल्यू पर 160% का पेआउट है। डिविडेंड की रिकॉर्ड डेट 30 जनवरी 2026 तय की गई है। डिविडेंड यील्ड 1.15% है। कंपनी का शेयर 2005.05 रुपये पर बंद हुआ, जिसमें 5% से ज्यादा की गिरावट देखने को मिली।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।



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Saturday, January 24, 2026

King Date Announcement: डर नहीं दहशत हूं मैं..., सिद्धार्थ आनंद ने किंग की रिलीज डेट का किया ऐलान

King Date Announcement: शाहरुख खान की फिल्म किंग को लेकर लोगों का एक्साइटमेंट बढ़ता ही जा रहा है। फिल्म का पहला लुक रिवील किया गया है। सिद्धार्थ आनंद और शाहरुख खान ने सोशल मीडिया पर किंग कि रिलीज डेट का ऐलान कर दिया है। शनिवार को मेकर्स ने एक प्रोमो रिलीज किया है, जिसमें शाहरुख खान एक्शन मोड में दिख रहे हैं।

शाहरुख खान ने डायरेक्टर को टैग करते हुए अपने इंस्टाग्राम पर वीडियो शेयर किया है। इस वीडियो में शाहरुख बर्फीले पहाड़ों पर, जमीन पर धासूं एक्शन करते दिख रहे हैं। उन्होंने खून से लथपथ सफेद शर्ट में काफी खौफनाक लग रहे है और आंखों में गुस्सा दिख रहा हैं।

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प्रोमो में शाहरुख खान ने एक और बड़ी चीज का हिंट दिया है। एक बार फिर पर्दे किंग खान का धमाकेदार अवतार देखने को मिलने वाला है। फिल्म में शाहरुख खान के साथ दीपिका पादुकोण लीड रोल में दिखने वाली हैं। फिल्म को सिद्धार्थ आनंद ने निर्देशित किया है। शाहरुख और दीपिका के अलावा किंग में अभिषेक बच्चन भी विलेन के रोल में दिख सकते हैं। साथ ही जैकी श्रॉफ, जयदीप अहलावत, अनिल कपूर, सौरभ शुक्ला, अरशद वारसी और राघव जुयाल जैसे एक्टर भी नजर आएंगे।

शाहरुख खान की इस फिल्म में पहली बार उनकी बेटी सुहाना खान अपने पापा के साथ स्क्रीन शेयर करने वाली हैं। इस फिल्म से शाहरुख अपनी बेटी को दोबारा से हिंदी सिनेमा में लॉन्च करेंगे। सुहाना खान पहली बार फिल्म आर्ची में नजर आई थीं। लेकिन फिल्म फ्लॉप साबित हुई। अब सुहान बॉलीवुड बादशाह और अपने पापा एसआरके के साथ फिल्मों की दुनिया में एक बार फिर से किस्मत आजमाएंगी।



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शेयर बेचकर घर खरीदने का बना रहे मूड? समझ लें कैसे काम करता है Section 54F, बच जाएगा लाखों-करोड़ों का टैक्स

Buying a house with equity gains: कई निवेशक घर की खरीदारी के लिए पैसों का इंतजाम शेयरों की बिक्री से करते हैं। इसके लिए लॉन्ग टर्म इक्विटी निवेश को भुनाया जाता है। इस स्थिति में निवेशकों को उम्मीदें होती हैं कि इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 54एफ के तहत टैक्स बेनेफिट हासिल किया जा सकता है और लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन्स का इस्तेमाल किया जा सकता है। हालांकि इससे जुड़ी कई अहम बातें हैं, जिनका ध्यान रखना जरूरी है ताकि इस सेक्शन से जुड़ा फायदा हासिल किया जा सके। यहां इसे लेकर पहले बताया जा रहा है कि इस सेक्शन से जुड़े अहम सवाल कौन-कौन से हैं और उसे लेकर एक्सपर्ट का क्या कहना है।

Section 54F को लेकर उठने वाले अहम सवाल

अगर अब से मार्च 2026 के आखिरी तक शेयरों की बिक्री की जाए तो क्या इन सभी बिक्री से होने वाले कुल कैपिटल गेन्स को सेक्शन 54F के तहत छूट मिल सकती है, भले ही प्रॉपर्टी की खरीदारी इस महीने ही हो?

यदि घर खरीदने के लिए लोन लिया और मार्च 2026 तक शेयरों की बिक्री से हुए मुनाफे का इस्तेमाल लोन की किश्त यानी ईएमआई भरने में किया जाए तो तो क्या ऐसी स्थिति में भी सेक्शन 54F का फायदा लिया जा सकता है?

क्या इक्विटी शेयर बेचने और घर में निवेश करने पर मिलने वाली धारा 54F की छूट सिर्फ एक बार मिलती है, या फिर ₹10 करोड़ की लिमिट तक कई वर्षों में भी दावा किया जा सकता है?

क्या कहना है एक्सपर्ट का

मुंबई के सीए और सीएफपी बलवंत जैन का कहना है कि सेक्शन 54एफ इंडिविजुअल और एचयूएफ को रेजिडेंशियल प्रॉपर्टी की बिक्री के अलावा किसी भी अन्य कैपिटल एसेट से हुए लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन पर एग्जेम्प्शन मिलता है। हालांकि इस छूट को हासिल करने के लिए जरूरी है कि कैपिटल एसेट की बिक्री से मिले नेट फंड को एक तय समय के भीतर रेजिडेंशियल प्रॉपर्टी खरीदने में निवेश किया जाए।

बलवंत जैन का कहना है कि अगर रहने के लिए तैयार घर को खरीदा जाता है तो उसे कैपिटल एसेट की बिक्री की तारीख से दो साल के भीतर इसे हासिल करना जरूरी है। हालांकि यह छूट तब भी मिलेगी, जब कैपिटल एसेट की बिक्री से एक साल पहले खरीदा गया हो। वहीं अगर टैक्सपेयर्स तैयार घर खरीदने की बजाय इसे बनवाता है या अंडर-कंस्ट्रक्शन प्रॉपर्टी खरीदता है तो उसे इसे तैयार करने के लिए तीन साल का समय मिलता है। एक और महत्वपूर्ण बात ये है कि यह छूट सिर्फ एक ही ट्रांजैक्शन पर ही नहीं मिलेगा बल्कि इसे कई ट्रांजैक्शंस के लिए क्लेम कर सकते हैं लेकिन हर ट्रांजैक्शन के लिए जरूरी है कि घर खरीदारी को लेकर लॉन्ग-टर्म कैपिटल गेन्स से जुड़ी टाइम लिमिट पूरी हो।

सेक्शन 54F की छूट एक से अधिक वित्तीय वर्षों में और एक से अधिक घरों की खरीदारी के लिए भी ली जा सकती है, लेकिन इसके जरूरी ये है कि जिस तारीख को आप उस कैपिटल एसेट को बेच रहे हैं यानी जिसके लिए छूट का दावा किया जा रहा है, उस तारीख पर आपके पास एक से अधिक घर का मालिकाना हक ना हो।

रेजिडेंशियल प्रॉपर्टी की खरीदारी में इस सेक्शन का फायदा उठाने के लिए जरूरी नहीं है कि जितने पैसे कैपिटल एसेट की बिक्री से मिले, उतना इस्तेमाल ही किया जाए। कानून यही कहता है कि पूरा एग्जेम्प्शन हासिल करने के लिए घर की लागत कम से कम कैपिटल एसेट से नेट सेल वैल्यू के बराबर होनी चाहिए। हालांकि अगर घर में निवेश इस वैल्यू से कम है तो सेक्शन 54एफ के तहत फायदा इसी अनुपात में ही मिलेगा। ऐसे में कानून के मुताबिक अगर घर खरीदने के लिए होम लोन लिया गया है तो भी सेक्शन 54एफ के तहत एग्जेम्प्शन का फायदा ले सकते हैं।

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डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी फैसला लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।



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Holashtak 2026: होलाष्टक में भूल से भी नहीं करने चाहिए ये काम, जानें कब से शुरू होगा होलाष्टक?

Holashtak 2026: होली का पर्व हिंदू धर्म के सबसे प्रमुख और महत्वपूर्ण त्योहारों में से एक माना जाता है। यह पर्व चैत्र मास की प्रतिपदा को मनाया जाता है। इससे आठ दिन पहले की अवधि बहुत सावधानी वाली होती है, क्योंकि इसमें नकारात्मक शक्तियां प्रबल होती हैं। माना जाता है कि ये 8 दिन तीव्र आध्यात्मिक और नकारात्मक ऊर्जाओं से भरे होते हैं। इस दौरान, शुभ और मांगलिक कार्य नहीं किए जाते हैं और लोगों को सावधान रहने की सलाह दी जाती है। अगर, इस अवधि में गलती से कोई शुभ कार्य शुरू करता है, तो उसमें बहुत विघ्न और बाधाएं आती हैं। आइए जानें इस साल होलाष्टक कब से लगेगा और इस दौरान क्या चीजें नहीं करनी चाहिए

2026 में होलाष्टक कब शुरू होगा?

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, होलाष्टक फाल्गुन महीने के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि से शुरू होता है और फाल्गुन पूर्णिमा तक चलता है। इसी दिन होलिका दहन किया जाता है। पंचांग के अनुसार, इस साल होलाष्टक फाल्गुन शुक्ल अष्टमी तिथि 24 फरवरी दिन मंगलवार को प्रात:काल 7 बजकर 01 मिनट से शुरू होगी। इस तिथि का समापन 25 फरवरी दिन बुधवार को प्रात:काल में 4 बजकर 51 मिनट पर होगा। उदयातिथि के आधार पर होलाष्टक 24 फरवरी मंगलवार से शुरू है। होलाष्टक का समापन 3 मार्च को होगा।

क्या है होलाष्टक?

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, राक्षस राजा हिरण्यकश्यप खुद को भगवान मानता था। वह अपने बेटे प्रह्लाद को विष्णु पूजा करने से रोकता था। प्रह्लाद की भगवान विष्णु में अनन्य आस्था थी। हिरण्यकश्यप ने प्रह्लाद की भक्ति को तोड़ने के प्रयास में आठ दिनों तक उसे कड़ी यातनाएं दीं। प्रह्लाद को हाथी के पैरों के तले कुचलने, पहाड़ से फेंकने जैसी कई याताएं दी गई, लेकिन वे हर बार बच गए। उनकी बुआ होलिका ने प्रह्लाद को आग में जलाकर मारने का प्रयास किया। प्रह्लाद को ये यातनाएं होलाष्टक की आठ तिथियों में दी गईं। इस वजह से भी होलाष्टक को अशुभ माना जाता है।

होलाष्टक के दौरान ये नहीं करना चाहिए

शास्त्रों के अनुसार, नामकरण संस्कार, जनेऊ संस्कार, गृह प्रवेश, विवाह संस्कार जैसे 16 संस्कार होलाष्टक के दौरान नहीं करने चाहिए। इस दौरान हवन और यज्ञ जैसे धार्मिक अनुष्ठानों से भी बचा जाता है। इस दौरान नई शादीशुदा महिलाओं को अपने मायके में रहना चाहिए। यह भी सलाह दी जाती है कि इस दौरान अनजान लोगों से कुछ भी लेना या खाना नहीं चाहिए, क्योंकि माना जाता है कि इस समय नकारात्मक शक्तियां अधिक सक्रिय रहती हैं।

होलिका दहन और होली 2026

होलिका दहन : 3 मार्च, 2026

रंगवाली होली : 4 मार्च, 2026

2026 में होलिका दहन का शुभ मुहूर्त शाम 6:22 बजे से रात 8:50 बजे तक रहेगा।

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Budget 2026: बजट में चांदी पर होगा बड़ा ऐलान? MCX पर इस कारण भारी प्रीमियम पर बिक रही चांदी

Silver Prices: चांदी की कीमतों में हाल के महीनों में जबरदस्त तेजी देखने को मिली है और यह रफ्तार अब भी थमने का नाम नहीं ले रही। लगातार बढ़ती मांग के बीच चांदी के आयात यानी इंपोर्ट में भी तेज उछाल आया है। भारत अपनी चांदी की जरूरतों का एक बड़ा हिस्सा विदेशी से इंपोर्ट के जरिए पूरा करता है। इसी बढ़ते इंपोर्ट बिल पर लगाम लगाने के लिए बाजार को उम्मीद है कि आगामी आम बजट में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण चांदी पर इंपोर्ट ड्यूटी को बढ़ा सकती हैं। इस आशंका ने बाजार में पहले से ही हलचल मचा दी है और इसके चलते चांदी अब भारी प्रीमियम पर कारोबार कर रही है।

आंकड़ों के मुताबिक, दिसंबर में चांदी का इंपोर्ट पिछले महीने से 79.7 प्रतिशत बढ़कर 0.76 अरब डॉलर पर पहुंच गया। वहीं, अप्रैल से दिसंबर की अवधि में चांदी का इंपोर्ट सालाना आधार पर करीब 129 प्रतिशत उछलकर 7.77 अरब डॉलर हो गया। जबकि एक साल पहले इसी अवधि में यह आंकड़ा 3.39 अरब डॉलर रहा था। आमतौर पर त्योहारों के मौसम में चांदी का इंपोर्ट अपने पीक पर होता है, लेकिन इस साल फेस्टिव सीजन खत्म होने के बाद भी इस तरह की तेज बढ़ोतरी ने चिंता बढ़ा दी है।

पिछले साल बजट में सरकार ने चांदी पर इंपोर्ट ड्यूटी को 12 प्रतिशत से घटाकर 6 प्रतिशत कर दिया था। इसका मकसद तस्करी पर लगाम लगाना और घरेलू बाजार के लिए मेटल को ज्यादा आकर्षक बनाना था। फिलहाल, 6 प्रतिशत कस्टम ड्यूटी और 3 प्रतिशत जीएसटी मिलाकर चांदी की लैंडेड कॉस्ट तय होती है, जिस पर देश में इसकी खरीद-बिक्री होती है।

हालांकि, मांग में तेज उछाल के चलते चांदी का इंपोर्ट अचानक बढ़ गया है। इसे देखते हुए बाजार में यह चर्चा तेज है कि सरकार इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ा सकती है। हालांकि, इसे लेकर अभी तक कोई स्पष्ट संकेत नहीं हैं। ट्रेडबुल्स सिक्योरिटीज के भाविक पटेल का कहना है कि मौजूदा हालात को देखते हुए इम्पोर्ट ड्यूटी में बढ़ोतरी की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा, “इसी आशंका के चलते बुलियन डीलर पहले से ही कीमतों पर प्रीमियम वसूल रहे हैं।”

ऑल इंडिया ज्वैलर्स एंड गोल्डस्मिथ फाउंडेशन के नेशनल जनरल सेक्रेटरी नितिन केडिया को डर है कि इंपोर्ट ड्यूटी 15 प्रतिशत तक भी जा सकती है। उनके मुताबिक, “पहले बाजार में 3–4 प्रतिशत ड्यूटी बढ़ने की अफवाह थी, लेकिन जब चांदी पर प्रीमियम करीब 13 प्रतिशत तक पहुंच गया, तब कुछ लोग 15 प्रतिशत ड्यूटी की बात करने लगे।”

21 जनवरी को एमसीएक्स पर चांदी के वायदा भाव स्पॉट और लैंडेड कीमतों के मुकाबले 40,000 रुपये प्रति किलोग्राम से ज्यादा प्रीमियम पर कारोबार कर रहे थे। इस असामान्य स्थिति को देखते हुए ऑल इंडिया ज्वैलर्स एंड गोल्डस्मिथ फाउंडेशन ने वित्त मंत्रालय को पत्र लिखकर कीमतों में कथित हेरफेर की जांच की मांग की है।

लेटर में कहा गया है, “एमसीएक्स पर चांदी लगभग 40,000 रुपये के असाधारण प्रीमियम पर कारोबार कर रही है। बाजार में यह धारणा है कि यह आगामी इम्पोर्ट ड्यूटी बढ़ोतरी की अफवाहों का नतीजा है। अगर यह अफवाह आंशिक रूप से भी सही है, तो यह इस बात की ओर इशारा करता है कि प्राइस से जुड़ी संवेदनशील नीतिगत जानकारी लीक हुई है, जो बाजार की पारदर्शिता के लिए गंभीर खतरा है।”

केडिया ने मनीकंट्रोल से बातचीत में कहा कि एमसीएक्स पर दिख रहा तेज प्रीमियम इस ओर इशारा करता है कि बजट में ड्यूटी बढ़ सकती है। हालांकि, उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि अगर इंपोर्ट ड्यूटी 15 प्रतिशत तक बढ़ाया गया, तो इससे ड्यूटी आर्बिट्राज की समस्या खड़ी हो सकती है।

फाउंडेशन ने वित्त मंत्रालय को पत्र लिखने से पहले मार्केट रेगुलेटर सेबी (SEBI) से भी चांदी की कीमतों में असामान्य उतार-चढ़ाव की जांच करने का आग्रह किया था। हालांकि, अभी तक नियामक की ओर से कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

तेज प्रीमियम का असर ज्वैलर्स और बुलियन कारोबारियों की वर्किंग कैपिटल पर भी पड़ा है। केडिया के अनुसार, “हम आमतौर पर फिजिकल चांदी का स्टॉक रखते हैं और एक्सचेंज पर पोजीशन बेचकर हेजिंग करते हैं। लेकिन जब प्रीमियम 40,000 रुपये तक पहुंच जाता है, तो वर्किंग कैपिटल पर भारी दबाव पड़ता है। बीते सात–आठ महीनों में चांदी की कीमतें पहले ही तीन गुना हो चुकी हैं, ऐसे में स्थिति संभालना मुश्किल हो जाता है।”

इस बीच, आज एमसीएक्स पर चांदी के वायदा भाव एक बार फिर नए रिकॉर्ड स्तर 3,39,927 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच गए। अब बाजार की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या बजट इस रैली पर ब्रेक लगाएगा या चांदी की चमक फिलहाल यूं ही बरकरार रहेगी।

यह भी पढ़ें- गोल्ड और सिल्वर फंडों ने बीते एक साल में दिया 212% तक रिटर्न, क्या इनवेस्टर्स ग्लोबल कमोडिटीज पर लगा सकते हैं दांव?

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Friday, January 23, 2026

Assi Teaser Out: 'अस्सी' का धमाकेदार टीजर आउट, इस दिन बॉक्स ऑफिस पर इंसाफ दिलाने आ रही हैं तापसी पन्नू

बॉलीवुड की बेबाक अदाकारा तापसी पन्नू दो साल बाद बड़े पर्दे पर वापसी कर रही हैं। उनकी नई फिल्म ‘अस्सी’ (Assi) का टीजर हाल ही में रिलीज हुआ है और इसने दर्शकों के बीच गहरी चर्चा छेड़ दी है। फिल्म का निर्देशन अनुभव सिन्हा ने किया है, जो अपनी सामाजिक और सशक्त कहानियों के लिए जाने जाते हैं।

‘अस्सी’ एक कोर्टरूम ड्रामा है, जिसमें तापसी एक वकील की भूमिका निभा रही हैं। कहानी उन महिलाओं की आवाज को सामने लाती है जो यौन हिंसा का शिकार होती हैं लेकिन न्याय पाने के लिए संघर्ष करती हैं। टीज़र में तापसी का किरदार बेहद गंभीर और दृढ़ नजर आता है, जो अदालत में इंसाफ की लड़ाई लड़ते हुए समाज की कठोर सच्चाइयों को उजागर करता है। फिल्म का पोस्टर भी काफी प्रभावशाली है, जिस पर लिखा है – “Eighty. Per Day. Every Day.” यह पंक्ति देश में महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराधों की भयावह तस्वीर पेश करती है।

फिल्म की रिलीज डेट 20 फरवरी 2026 तय की गई है। दिलचस्प बात यह है कि इसी दिन मृणाल ठाकुर की रोमांटिक फिल्म ‘दो दीवाने शहर में’ भी सिनेमाघरों में दस्तक देने वाली है। यानी दर्शकों को कोर्टरूम ड्रामा और रोमांटिक कहानी के बीच चुनाव करना होगा। यह टकराव बॉक्स ऑफिस पर बड़ा मुकाबला साबित हो सकता है।

तापसी पन्नू ने इससे पहले ‘पिंक’, ‘मुल्क’ और ‘थप्पड़’ जैसी फिल्मों में समाजिक मुद्दों पर अपनी मजबूत अदाकारी से दर्शकों का दिल जीता है। ‘अस्सी’ में उनका किरदार एक बार फिर दर्शकों को सोचने पर मजबूर करेगा। वहीं, मृणाल ठाकुर की फिल्म हल्की-फुल्की रोमांटिक कहानी लेकर आ रही है, जो युवाओं को आकर्षित कर सकती है।

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‘अस्सी’ सिर्फ एक फिल्म नहीं, बल्कि समाज की सच्चाई का आईना है। यह उन आवाजों को मंच देती है जिन्हें अक्सर दबा दिया जाता है। तापसी का किरदार उन महिलाओं की उम्मीद बनकर सामने आता है जो न्याय की राह में संघर्षरत हैं।

बॉक्स ऑफिस पर यह क्लैश दर्शकों के लिए रोमांचक होगा। एक तरफ भावनाओं से भरी कोर्टरूम लड़ाई, दूसरी तरफ मोहब्बत और रिश्तों की कहानी। अब देखना होगा कि दर्शक किस फिल्म को ज्यादा सराहते हैं, लेकिन इतना तय है कि फरवरी का महीना बॉलीवुड के लिए बेहद खास रहने वाला है।



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कर्ज के जाल में फंस गए हैं तो घबराने की जरूरत नहीं, इन 5 टिप्स के इस्तेमाल से मिलेगी बड़ी मदद

कई बार हमें काफी देर से पता चलता है कि हम कर्ज के जाल में फंस चुके हैं। ग्रॉसरी की बढ़ती कीमतें, पढ़ाई का ज्यादा खर्च और मेडिकल बिल परिवारों के बजट को बिगाड़ देते हैं। पैसे की जरूरत पूरी करने के लिए हम पर्सनल लोन लेते हैं। बाद में लोन की किस्त बोझ बन जाती है। तब हमें पता चलता है कि हम कर्ज के जाल में फंस चुके हैं।

एक्सपर्ट्स का कहना है कि अगर आप कर्ज के जाल में फंस गए हैं तो आपको घबराने की जरूरत नहीं है। आपको इससे बाहर निकलने पर फोकस करना होगा। कुछ तरीके हैं, जिनके इस्तेमाल से इस संकट को खत्म किया जा सकता है।

1. सभी लोन को एक जैसा नहीं मान सकते

सभी लोन को एक तरह से हम नहीं देख सकते। उदाहरण के लिए लंबी अवधि के कम इंटरेस्ट रेट वाले होम लोन की तुलना क्रेडिट कार्ड के रोलिंग बैलेंस या पर्सनल लोन से नहीं की जा सकती। आपको अपने सभी लोन की लिस्ट बनानी होगी। उनके इंटरेस्ट रेट और ईएमआई पर गौर करना होगा। ज्यादा इंटरेस्ट रेट वाले लोन पहले क्लियर करना होगा।

2. अपने हर महीने के खर्च को रिव्यू करें

कर्ज का दबाव बढ़ना तब शुरू होता है, जब हम लगातार अपनी इनकम से ज्यादा खर्च करते हैं। ऐसे में अपने मंथली एक्सपेंसेज को रिव्यू करना जरूरी है। इससे पता चलेगा कि हम कहां जरूरत से ज्यादा खर्च कर रहे हैं या कौन से ऐसे खर्च हैं, जिन्हें बंद किया जा सकता है। ऐसा करने से मंथली कैश-फ्लो बढ़ता है।

3. कर्ज के पैसे चुकाने की प्रायरिटी तय करें

अगर क्रेडिट कार्ड का बैलेंस हर महीने रोलओवर हो रहा है तो इसका मतलब है कि यह आपके फाइनेंस पर सबसे ज्यादा दबाव बना रहा है। इसकी वजह यह है कि बैंक क्रेडिट कार्ड के बैलेंस पर काफी ज्यादा इंटरेस्ट चार्ज करते हैं। इसलिए क्रेडिट कार्ड के बैलेंस को आप एक बार में तो दो या तीन बार में चुका सकते हैं।

4. लाइफ स्टाइल और जरूरी खर्च के बीच फर्क समझें

परिवारों का लाइफ स्टाइल पर होने वाला खर्च पिछले कुछ सालों में बढ़ा है। बाहर डिनर करना, छूट्टियों में घूमने निकल जाना इसके उदाहरण हैं। ऐसे खर्चों को तब तक बंद किया जा सकता है, जब तक हम कर्ज के जाल से बाहर नहीं निकल जाते। इसका आपके फाइनेंस पर पॉजिटिव असर पड़ेगा।

यह भी पढ़ें: Groww म्यूचुअल फंड ने लॉन्च किया निफ्टी पीएसई ईटीएफ, जानिए इसकी खास बातें 

5. बोनस, टैक्स रिफंड्स के पैसे का सही इस्तेमाल

बोनस या टैक्स रिफंड्स के रूप में एकमुश्त पैसा मिलता है। इस पैसे को खर्च करने में सावधानी जरूरी है। यह पैसा आपको कर्ज के जाल से बाहर निकालने में बड़ी भूमिका निभा सकता है। आपको इस पैसे के मिलने से पहले उसके सही इस्तेमाल के बारे में सोच लेना चाहिए। इससे वह पैसा दूसरी जगह नहीं खर्च होगा।



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T20 World Cup: वर्ल्ड कप में किस दिन है डिफेंडिंग चैंपियन का पहला मैच, जानें पूरी टीम और शेड्यूल

आईसीसी मेन्स टी20 वर्ल्ड कप 2026 का काउंटडाउन शुरू हो गया है। टी20 वर्ल्ड कप की शुरुआत में अब बस कुछ ही दिन बचे हैं। फैंस बेसब्री से टूर्नामेंट के शुरू होने का इंतजार कर रहे हैं। आईसीसी टी20 वर्ल्ड कप का पूरा शेड्यूल पहले ही जारी कर दी है। टूर्नामेंट की शुरुआत 7 फरवरी से हो रही है वहीं इसका फाइनल मुकाबला 8 मार्च को खेला जाएगा। टी20 वर्ल्ड कप का आयोजन भारत और श्रीलंका में किया जाएगा। वहीं इस टूर्नामेंट में भारत के सभी मैच अलग-अलग जगहों पर खेले जाएंगे। भारत का ग्रुप स्टेज में चार मुकाबले खेलने हैं। इसके बाद सुपर-8 का मुकाबला खेला जाएगा।

भारत का मुकाबला

डिफेंडिंग चैंपियन के तौर पर भारतीय टीम टूर्नामेंट में उतरेगी और 7 फरवरी को मुंबई में अमेरिका के खिलाफ मैच से अपने अभियान की शुरुआत करेगी। इसके बाद भारत नामीबिया, पाकिस्तान और नीदरलैंड्स से भिड़ेगा। भारत–पाकिस्तान का बहुप्रतीक्षित मुकाबला 15 फरवरी को श्रीलंका के कोलंबो में खेला जाएगा। वहीं नामीबिया के खिलाफ भारत का मैच दिल्ली में होगा, जबकि नीदरलैंड्स से मुकाबला अहमदाबाद में खेला जाएगा। खास तौर पर भारत और पाकिस्तान के मैच को लेकर फैंस में जबरदस्त उत्साह बना हुआ है।

कहां होगा फाइनल मुकाबला

भारतीय टीम अगर सुपर-8 के लिए क्वालिफाई करता है, तो उसके तीनों मुकाबले अहमदाबाद, चेन्नई और कोलकाता में खेले जाएंगे। सेमीफाइनल में पहुंचने पर भारत का मैच मुंबई में होना तय है। वहीं दूसरा सेमीफाइनल कोलंबो या कोलकाता में खेला जा सकता है, जो इस बात पर निर्भर करेगा कि पाकिस्तान या श्रीलंका में से कौन-सी टीम क्वालिफाई करती है। टूर्नामेंट का फाइनल मुकाबला अहमदाबाद में 8 मार्च को आयोजित किया जाएगा।

भारत का टी20 वर्ल्ड कप 2026 का पूरा शेड्यूल

ग्रुप स्टेज के मैच

7 फरवरी: भारत और अमेरिका, वानखेड़े स्टेडियम (मुंबई)

12 फरवरी: भारत और नामीबिया, अरुण जेटली स्टेडियम (दिल्ली)

15 फरवरी: भारत और पाकिस्तान, आर. प्रेमदासा स्टेडियम (कोलंबो)

18 फरवरी: भारत और नीदरलैंड्स, नरेंद्र मोदी स्टेडियम (अहमदाबाद)

कौन सी टीम किस ग्रुप में कौन

ग्रुप ए- भारत, पाकिस्तान, अमेरिका, नामीबिया, नेदरलैंड्स।

ग्रुप बी- ऑस्ट्रेलिया, श्रीलंका, जिम्बाब्वे, आयरलैंड, ओमान।

ग्रुप सी- इंग्लैंड, वेस्ट इंडीज, इटली, बांग्लादेश, नेपाल।

ग्रुप डी- साउथ अफ्रीका, न्यूजीलैंड, अफगानिस्तान, यूएई, कनाडा।

भारत की पूरी टीम: सूर्यकुमार यादव (कप्तान), अभिषेक शर्मा, तिलक वर्मा, संजू सैमसन, शिवम दुबे, ईशान किशन, हार्दिक पांड्या, अर्शदीप सिंह, जसप्रीत बुमराह, हर्षित राणा, वरुण चक्रवर्ती, कुलदीप यादव, अक्षर पटेल, वाशिंगटन सुंदर, रिंकू सिंह।



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बिरयानी में मिलाया जहर...पत्नी ने पति को सुलाया मौत की नींद, फिर रात भर देखी एडल्ट फिल्म

आंध्र प्रदेश से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां एक शादी, एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर की वजह से बिगड़ गई और उसका अंत कथित तौर पर एक सोची-समझी हत्या में हुआ। आरोप है कि एक महिला ने अपने प्रेमी की मदद से अपने पति को पहले नशीली दवा दी और फिर गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी। इसके बाद उसने रात भर सामान्य व्यवहार किया और सुबह शोर मचाकर घटना को अलग रूप देने की कोशिश की।

घर पर ही की हत्या

पुलिस के मुताबिक, आंध्र प्रदेश के प्याज व्यापारी लोकम शिवनागराजु की 18 जनवरी की रात उनके ही घर में हत्या कर दी गई। आरोप है कि उनकी पत्नी लक्ष्मीमाधुरी ने खाने में नींद की गोलियां मिला दीं। जब वह बेहोश हो गए, तो उनका गला घोंटकर जान ले ली गई। पुलिस मामले की आगे जांच कर रही है।

लोकम शिवनागराजु की शादी साल 2007 में लक्ष्मीमाधुरी से हुई थी और उनके दो बेटे हैं। जांच अधिकारियों के मुताबिक, लक्ष्मीमाधुरी विजयवाड़ा में एक सिनेमा टिकट काउंटर पर काम करती थी।

पत्नी का था अफेयर

इसी दौरान उसका कार ट्रैवल ऑपरेटर गोपी के साथ अफेयर शुरू हो गया। इसके बाद पति-पत्नी के बीच कई सालों से लगातार झगड़े होते रहे।पुलिस का कहना है कि लक्ष्मीमाधुरी को अपने पति का प्याज का कारोबार पसंद नहीं था और वह इसे अपमानजनक मानती थी। इसी वजह से उसने शिवनागराजु पर यह काम छोड़ने का दबाव बनाया। बाद में उसने हैदराबाद में उसके लिए नौकरी का इंतजाम किया, जहां गोपी अपना बिजनेस चलाता था। लेकिन जब शिवनागराजु वापस घर लौट आए और घर से ही काम करने लगे, तो दोनों के बीच तनाव और ज्यादा बढ़ गया।

पुलिस ने दी ये जानकारी 

मंगलागिरी रूरल सर्किल इंस्पेक्टर वेंकटब्रह्मन ने बताया कि घर में पति की मौजूदगी उसके रिश्ते के रास्ते में रुकावट बन रही थी। इसी वजह से उसने पति को रास्ते से हटाने का फैसला किया। पुलिस के अनुसार, 18 जनवरी को लक्ष्मीमाधुरी ने बिरयानी बनाई और पति लोकम शिवनागराजु के खाने में करीब 20 नींद की गोलियां मिला दीं। खाना खाने के बाद शिवनागराजु गहरी नींद में चले गए।

पुलिस का कहना है कि रात करीब 11:30 बजे गोपी घर आया। उसने शिवनागराजु की छाती पर बैठकर उन्हें दबाए रखा, जबकि लक्ष्मीमाधुरी ने तकिया उनकी नाक और मुंह पर दबा दिया। कुछ देर बाद उनकी सांस रुक गई। दुग्गिराला थाने के एसआई वेंकटारवी ने बताया कि मौत की पुष्टि होने के बाद दोनों आरोपी घर से चले गए।

हत्या के बाद देखा पोर्न वीडियो

हत्या के बाद लक्ष्मीमाधुरी कथित तौर पर पूरी रात घर में अकेली रही और पोर्न वीडियो देखती रही। सुबह करीब 4 बजे उसने पड़ोसियों को फोन कर शोर मचाया और कहा कि उसके पति लोकम शिवनागराजु की मौत दिल का दौरा पड़ने से हुई है।

लेकिन जल्द ही लोगों को शक होने लगा। पड़ोसियों को, जो पति-पत्नी के बीच अक्सर होने वाले झगड़ों और कथित अफेयर के बारे में जानते थे, शव के कान के पास चोट और खून के निशान दिखे। इसके बाद शिकायत दर्ज कराई गई और पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में छाती की हड्डी टूटने की पुष्टि हुई और यह साफ हुआ कि मौत दम घुटने से हुई थी। इससे दिल का दौरा पड़ने की कहानी गलत साबित हो गई।

दुग्गिराला थाने के एसआई वेंकटारवी ने कहा कि मेडिकल जांच से साफ हो गया है कि यह मौत हार्ट अटैक से नहीं हुई थी। उन्होंने बताया कि शरीर पर मिले चोट के निशान और मौत का कारण साफ तौर पर हत्या की ओर इशारा कर रहे थे। पूछताछ के बाद पुलिस ने मामला दर्ज किया और लक्ष्मीमाधुरी को हिरासत में ले लिया। वहीं इस हत्या में भूमिका को लेकर गोपी से भी पूछताछ की जा रही है।



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Thursday, January 22, 2026

Karan Johar: जब आदित्य चोपड़ा ने करण जौहर को रानी मुखर्जी के साथ शादी की खबर लीक न करने की दे डाली थी धमकी

Karan Johar: रानी मुखर्जी इन दिनों अपनी अगली फिल्म 'मर्दानी 3' की रिलीज की तैयारियों में जुटी हैं। हाल ही में रिलीज हुआ ट्रेलर हर तरफ से खूब सुर्खियां बटोर रहा है। फिल्म की रिलीज से पहले, रानी मुखर्जी और करण जौहर को साथ बैठकर बातचीत करते देखा गया। करण जौहर ने आदित्य चोपड़ा और रानी मुखर्जी की बेहद निजी शादी के समय का एक मजेदार किस्सा बताया। उन्होंने बताया कि आदित्य चोपड़ा ने उन्हें मीडिया में कोई भी जानकारी लीक न करने की सख्त हिदायत दी थी, जिससे वे तनाव में आ गए थे। लेकिन उन्होंने इस राज़ को बरकरार रखने का पक्का इरादा कर लिया था।

करण जौहर ने खुलासा किया कि शादी के दौरान आदित्य चोपड़ा ने उन्हें धमकी दी थी कि वे मीडिया को खबर लीक न करें। करण ने बताया कि इटली में रानी और आदि की शादी में जाते समय वे टेंशन में थे और एयरपोर्ट पर उनकी मुलाकात चिंटू और चिंपू कपूर से हुई। उन्होंने उनसे झूठ बोला कि वे मैनचेस्टर जा रहे हैं।

रानी मुखर्जी से बातचीत में करण जौहर ने याद किया कि कैसे आदित्य चोपड़ा ने उन्हें शादी की खबर मीडिया में लीक न करने की धमकी दी थी। “कितने गुस्से में थे वो! याद है जब आप दोनों की शादी हो रही थी और मैं शादी में मौजूद था। तब उन्होंने पलटकर मुझसे कहा था कि अगर शादी की खबर लीक हुई तो सिर्फ तुम्हारी वजह से होगी। क्योंकि बाकी लोग किसी और को नहीं जानते।

बाहरी दुनिया से सिर्फ तुम्हारी ही पहुंच है। याद रखना, अगर कोई भी जानकारी लीक हुई तो तुम्हारी ही गलती होगी। मैं कभी नहीं भूलूंगा कि मैं कितना तनाव में था क्योंकि मेरी फिल्म 'टू स्टेट्स' रिलीज हो रही थी और मुझे सबको बताना था कि मैं बाहर जा रहा हूं। सबको लगा कि मैं पागल हो गया हूं। मैं अपनी उस फिल्म की रिलीज डेट पर क्यों जा रहा हूं, जो मेरे दिल के बहुत करीब है, जो धर्मा प्रोडक्शंस की फिल्म है? मैं अपनी टीम से, सबसे झूठ बोल रहा था अरे, मैं जा रहा हूं। मैं झूठ बोल रहा था कि मैं मैनचेस्टर जा रहा हूं।

मुंबई में एएनआई से विशेष बातचीत में, 'ब्लैक' स्टार ने खुलासा किया कि उन्होंने और आदित्य ने अपनी शादी को छुपाकर रखने का फैसला क्यों किया था। रानी ने बताया, “मेरे पति बहुत ही निजी व्यक्ति हैं, और मुझे लगता है कि वह शादी को भी निजी रखना चाहते थे। इसलिए जाहिर है कि वह कभी भी शादी की तस्वीरें सार्वजनिक नहीं होने देना चाहेंगे।” जब उनसे मजाक में पूछा गया कि क्या दर्शकों को शादी की तस्वीरें देखने के लिए उनकी सिल्वर जुबली तक इंतजार करना पड़ेगा, तो रानी हंस पड़ीं और चुटकी लेते हुए बोलीं, “शायद! दरअसल, यह एक बहुत अच्छा आइडिया है।”

रानी और आदित्य ने हमेशा अपनी निजी जिंदगी को लाइमलाइट से दूर रखा है, और पिछले कुछ सालों में वे बहुत कम बार ही सार्वजनिक रूप से एक साथ नजर आए हैं। अपने निजी जीवन को अपने फिल्मी करियर से अलग रखने के बारे में बात करते हुए, रानी ने समझाया, “मुझे लगता है कि मैं हमेशा से ही निजी रही हूं क्योंकि मेरा काम और निजी जीवन अलग-अलग चीजें हैं। अगर आपने मुझे पिछले कुछ सालों में देखा है, तो मुझे लगता है कि मैं तभी सार्वजनिक रूप से नजर आती हूं जब कोई खास वजह होती है। यह हमेशा नहीं होता।”



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Wednesday, January 21, 2026

Eternal Q3 Results: जोमैटो की पैरेंट कंपनी का मुनाफा 73% बढ़ा, रेवेन्यू में 202% का तगड़ा उछाल

Eternal Q3 Results: फूड डिलीवरी और क्विक कॉमर्स कंपनी Eternal ने दिसंबर में खत्म तीसरी तिमाही (Q3 FY26) में शानदार नतीजे दर्ज किए हैं। Zomato और Blinkit की इस पैरेंट कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट 73% बढ़कर ₹102 करोड़ पहुंच गया। एक साल पहले इसी तिमाही में यह ₹59 करोड़ था।

Eternal का ऑपरेशंस से रेवेन्यू सालाना आधार पर 202% बढ़कर ₹16,315 करोड़ हो गया। पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में रेवेन्यू ₹5,405 करोड़ था। पिछली तिमाही में यह ₹13,590 करोड़ रही था। Eternal ने मार्च 2025 में खुद को री-ब्रांड किया था।

खर्च भी तेजी से बढ़े, कैश बैलेंस घटा

दिसंबर तिमाही में गुरुग्राम स्थित कंपनी का कुल खर्च 198% बढ़कर ₹16,493 करोड़ हो गया। एक साल पहले यह ₹5,533 करोड़ था, जबकि पिछली तिमाही में खर्च ₹13,813 करोड़ रहा था।

तिमाही के अंत में कंपनी के पास ₹17,820 करोड़ का कैश बैलेंस था, जो पिछली तिमाही के ₹18,314 करोड़ से कुछ कम है।

गोयल छोड़ रहे CEO पद

Eternal ने 21 जनवरी को एक्सचेंज को बताया कि कंपनी के फाउंडर Deepinder Goyal 1 फरवरी 2026 से CEO के पद से हट रहे हैं। उनकी जगह Albinder Dhindsa अब Eternal की कमान संभालेंगे, जो अभी Blinkit के CEO हैं।

फूड डिलीवरी बिजनेस

Zomato के फूड डिलीवरी बिजनेस का एडजस्टेड रेवेन्यू सालाना आधार पर 27% बढ़कर ₹3,053 करोड़ रहा। पिछली तिमाही में यह ₹2,863 करोड़ था, जबकि एक साल पहले ₹2,413 करोड़ रही था।

इस सेगमेंट का नेट ऑर्डर वैल्यू (NOV) Q2 FY26 के ₹9,423 करोड़ से बढ़कर ₹9,846 करोड़ हो गया। सालाना आधार पर NOV ₹8,443 करोड़ से बढ़ा है।

Zomato के फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म पर एवरेज मंथली ट्रांजैक्टिंग कस्टमर्स (MTCs) बढ़कर 2.49 करोड़ हो गए। ये पिछली तिमाही में 2.41 करोड़ और एक साल पहले 2.05 करोड़ थे।

Blinkit: घाटे से मुनाफे की ओर बड़ा कदम

क्विक कॉमर्स यूनिट Blinkit ने Q3 FY26 में ₹4 करोड़ का एडजस्टेड EBITDA दर्ज किया। एक साल पहले इसी तिमाही में कंपनी को ₹103 करोड़ का नुकसान हुआ था। हालांकि, पिछली तिमाही में EBITDA लॉस ₹156 करोड़ रहा था, यानी सुधार साफ दिखता है।

Blinkit का रेवेन्यू सालाना आधार पर 776% उछलकर ₹12,256 करोड़ पहुंच गया। यह बढ़त कंपनी के इन्वेंट्री-ओनरशिप मॉडल अपनाने के बाद आई है। पिछली तिमाही में कमाई ₹9,891 करोड़ थी।

Blinkit का NOV 121% बढ़कर ₹13,300 करोड़ रहा। पिछली तिमाही में यह ₹11,697 करोड़ और एक साल पहले ₹6,020 करोड़ था। एवरेज ऑर्डर वैल्यू (AOV) ₹547 रही, जो पिछली तिमाही के ₹524 से ज्यादा है और सालाना आधार पर लगभग स्थिर रही।

Blinkit के डार्क स्टोर्स की संख्या 1,007 से बढ़कर 2,027 हो गई, जबकि मंथली ट्रांजैक्टिंग यूजर्स 1.06 करोड़ से बढ़कर 2.36 करोड़ पहुंच गए।

Going Out बिजनेस में भी सुधार

Zomato के Going Out बिजनेस का रेवेन्यू सालाना आधार पर 16% बढ़कर ₹300 करोड़ रहा। यह पिछली तिमाही के ₹189 करोड़ से भी ज्यादा है।

इस सेगमेंट का NOV Q3 में बढ़कर ₹2,587 करोड़ हो गया, जो Q2 में ₹2,063 करोड़ और एक साल पहले ₹2,158 करोड़ था।

Eternal के शेयरों का हाल

Eternal के शेयर बुधवार को नतीजों के ऐलान से पहले NSE पर 4.90%% की तेजी के साथ ₹282.80 पर बंद हुए। पिछले 6 महीने में स्टॉक ने 4.09% का रिटर्न दिया है। वहीं, 1 साल के दौरान इसमें 31.81% की तेजी आई है। Eternal का मार्केट कैप 2.57 लाख करोड़ रुपये है।

दीपिंदर गोयल ने छोड़ा Eternal के CEO का पद, जानिए क्यों दिया इस्तीफा और अब कौन संभालेगा जिम्मेदारी



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Tuesday, January 20, 2026

Budget 2026 Expectations : बजट से एक्सपोर्टर्स को मिलेगी राहत, CGST और IGST एक्ट में बदलाव से सुलझेंगे पुराने विवाद

Budget 2026 Expectations : एक्सपोर्ट को बढ़ावा देने और पुराने विवादों को खत्म करने के लिए बजट में GST से जुड़े कानून में बदलावों को मंजूरी दी जा सकती है। इसमें इंटरमीडियरी सर्विस और पोस्ट सेल डिस्काउंट से जुड़े पुराने विवाद खत्म करना, पोस्टल या कुरियर एक्सपोर्ट में रिफंड को आसान बनाना और ड्यूटी-स्ट्रक्चर को दुरुस्त करना शामिल है। इस पर ज्यादा डिटेल के साथ सीएनबीसी-आवाज़ संवाददाता आलोक प्रियदर्शी ने बताया कि सूत्रों के मुताबिक एक्सपोर्टर्स को राहत के लिए फाइनेंस एक्ट के जरिए बदलाव हो सकते हैं। CGST, IGST एक्ट में बदलाव से पुराने विवाद सुलझेंगे।

पोस्ट सेल डिस्काउंट में सप्लाई से पहले एग्रीमेंट की बाध्यता होगी खत्म

सूत्रों के मुताबिक पोस्ट सेल डिस्काउंट में सप्लाई से पहले एग्रीमेंट की बाध्यता खत्म होगी। सर्विस एक्सपोर्टर्स का प्लेस ऑफ सप्लाई विवाद खत्म होगा।जेम्स एंड ज्वेलरी सेक्टर में कुरियर एक्सपोर्ट को राहत मिलेगी। टैक्सपेयर्स के तौर पर रिटेलर और डिस्ट्रीब्यूटर को राहत मिलेगी। इंटरमीडियरी सर्विस को राहत देने के लिए IGST एक्ट में अमेंडमेंट संभव है।

Budget 2026 : बजट पर ऑपरेशन सिंदूर का दिख सकता है असर, 20% बढ़ सकता है डिफेंस पर आवंटन

इन बदलावों के चलते सर्विस एक्सपोर्टर्स का प्लेस ऑफ सप्लाई विवाद होगा खत्म

सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के मुताबिक फाइनेंस एक्ट के जरिए होने वाले इन बदलावों के चलते सर्विस एक्सपोर्टर्स का प्लेस ऑफ सप्लाई विवाद खत्म होगा और करीब 3300 करोड़ रुपए के पेंडिंग लिटिगेशन से राहत मिलेगी। सूत्रों के मुताबिक लो वैल्यू एक्सपोर्ट से रिफंड की 1000 रुपए कीथ्रेशहोल्ड लिमिट हट सकती है। जेम्स एंड ज्वेलरी सेक्टर में कुरियर एक्सपोर्ट को राहत मिलेगी। GST काउंसिल की बैठक में ये सभी सिफारिश की जा चुकी हैं।

 

Budget 2026 Expectations Live: बजट 2026 में IT, टैक्स रिलीफ और वैश्विक चुनौतियों पर टिकी सभी की नजरें, जानिए क्या है इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स की डिमांड



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Monday, January 19, 2026

7.3% की रफ्तार से बढ़ेगी भारतीय इकॉनमी, IMF ने इस कारण किया अपग्रेड,अमेरिकी टैरिफ का झटका खत्म!

Indian Economy Outlook: इंडियन मॉनीटरी फंड (IMF) ने पिछले साल 2025 के लिए भारतीय इकॉनमी के ग्रोथ अनुमान को बढ़ाकर 7.3% कर दिया है। आईएमएफ ने कंपनियों की उम्मीद से बेहतर दिसंबर तिमाही के कारोबारी नतीजे के चलते ऐसा कियया है। साथ ही आईएमएफ ने संकेत दिया है कि अमेरिकी टैरिफ के झटकों का इकॉनमी पर तुरंत जो असर पड़ना है, उसे वैश्विक अर्थव्यवस्था ने काफी हद तक एब्जॉर्ब कर लिया है। अपनी नई वर्ल्ड इकनॉमिक आउटलुक रिपोर्ट में आईएमएफ ने भारतीय इकॉनमी के लिए 2025 की ग्रोथ के अनुमान को 0.7 पर्सेंटेज प्वाइंट बढ़ाकर 7.3% कर दिया। आईएमएफ ने वर्ष 2026 में 6.4% और वर्ष 2027 में भी 6.4% की ग्रोथ का अनुमान लगाया है।

बाकी देशों के लिए क्या है IMF का अनुमान?

वैश्विक स्तर पर बात करें तो आईएमएफ का कहना है कि उम्मीद के विपरीत वैश्विक अर्थव्यवस्था ने काफी लचीलापन दिखाया और अब उम्मीद की जा रही है कि उत्तरी अमेरिका और एशिया में एआई से जुड़े निवेश में उछाल के दम पर यह अमेरिकी टैरिफ से निपट सकती है। अब आईएमएफ का अनुमान है कि इस साल वैश्विक अर्थव्यवस्था 3.3% की रफ्तार से बढ़ सकती है जोकि पिछले वर्ष 2025 में ग्रोथ के मुकाबले समान ही है लेकिन अक्टूबर में वर्ष 2026 के लिए लगाए गए 3.1% की ग्रोथ के अनुमान से अधिक है। आईएमएफ के मुख्य अर्थशास्त्री Pierre-Olivier Gourinchas और उनके सहयोगी Tobias Adrian के मुताबिक अमेरिकी टैरिफ और वैश्विक स्तर पर बढ़ती अनिश्चितता के बावजूद वैश्विक अर्थव्यवस्था मजबूत बनी हुई है।

आईएमएफ ने अमेरिका की ग्रोथ को लेकर अपने अनुमान को बढ़ाया है और इस वर्ष 2026 में 2.4% की ग्रोथ का अनुमान लगाया है। पहले यह अनुमान 2.1% था और पिछले साल इसी रफ्तार से वैश्विक इकॉनमी बढ़ी भी थी। इसे वर्ष 2001 के बाद से टेक्नोलॉजी में सबसे तेज स्पीड से निवेश से सपोर्ट मिलेगा। यह इस वर्ष और 2025 दोनों के लिए पहले के 2.1% के अनुमान से अधिक है। चीन को लेकर भी आईएमएफ का रुझान सुधरा है और उम्मीद लगाई है कि इसकी इकॉनमी 4.2% की बजाय 4.5% की रफ्तार से बढ़ सकती है। आईएमएफ के इस पॉजिटिव रुझान की वजह अमेरिका के साथ इसका कारोबार सौदा है जिससे चीन के निर्यात पर अमेरिकी टैरिफ कम हुआ है।

भारतीय इकॉनमी बनी रही दुनिया में सबसे बड़ी

आईएमएफ ने भारतीय अर्थव्यवस्था के आउटलुक में सुधार ऐसे समय में किया है, कुछ समय पहले तक कॉरपोरेट अर्निंग्स में गिरावट ने आर्थिक गतिविधियों और शेयर मार्केट को तगड़ा झटका दिया था। इस कमजोर के चलते विदेशी निवेशक धड़ाधड़ निकासी करने लगे और निवेशक सतर्क हो गए। इसके अलावा वैश्विक कारोबारी तनाव, हाई वैल्यूएशन और अमेरिकी टैरिफ के चलते भी दबाव बना। हालांकि इन सबके बावजूद भारत दुनिया की सबसे तेज बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था बना रहा।



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Sunday, January 18, 2026

Seema Anand: 'मेरी न्यूड्स चाहिए? 63 साल की हूं मैं...' , सीमा आनंद ने सोशल मीडिया पर ट्रोल्स की लगाई क्लास

सोशल मीडिया के ट्रोल्स आजकल किसी न किसी को निशाना बनाते रहते हैं, लेकिन 63 साल की स्टोरीटेलर और रिलेशनशिप एक्सपर्ट सीमा आनंद ने इसकी सारी हदें पार कर दीं। हाल ही में शुभांकर मिश्रा के पॉडकास्ट में रिश्तों और इंटिमेसी जैसे संवेदनशील मुद्दों पर खुलकर बोलने के बाद वे ट्रोलिंग के शिकार हो गईं। कुछ लोग उनकी फोटोज को AI से एडिट कर अश्लील बना रहे थे, जिससे परेशान होकर सीमा ने इंस्टाग्राम पर एक तीखा वीडियो शेयर किया।

वीडियो में सीमा भावुक लेकिन डटी हुई नजर आ रही हैं। वे कहती हैं, "पिछले हफ्ते मेरी कुछ तस्वीरें AI से न्यूड बनाकर वायरल की गईं। एफआईआर दर्ज हो चुकी है, लेकिन ये घिनौनी मानसिकता देखकर मन डर जाता है।" एक एडिटेड फोटो का जिक्र करते हुए वे बताती हैं कि उनका चेहरा किसी छोटे कपड़े वाले बॉडी पर चिपकाया गया था। इसे 'रेपिस्ट माइंडसेट' करार देते हुए सीमा ने युवाओं से सवाल किया, "तुम्हारे पास न जॉब है, न हॉबी, बस घर बैठे लड़कियों-औरतों की न्यूड्स बना रहे हो? मेरी न्यूड्स चाहिए तुम्हें? मैं 63 साल की हूं!"

कैप्शन में सीमा ने लिखा कि इंटरनेट पर सच्ची बातों को तोड़-मरोड़कर व्यूज कमाने की होड़ लगी है, जबकि असली मुद्दे दब जाते हैं। ट्रोल्स ने उनकी उम्र, लुक्स और बेबाकी पर हमले किए, लेकिन सीमा ने साफ कहा कि उनका मकसद लोगों को शर्म से आजाद कर रिश्तों की सच्चाई सिखाना है। पॉडकास्ट क्लिप वायरल होने से जेन जेड में उनकी सर्च बढ़ गई, जो उनकी कहानियों से इंटिमेसी सीख रहे हैं।

सीमा आनंद लंदन में माइथोलॉजिस्ट हैं, जो कामसूत्र और प्राचीन कहानियों से आधुनिक रिलेशनशिप टिप्स देती हैं। उनके TEDx टॉक्स और किताबें लाखों को इंस्पायर कर चुकी हैं। ये विवाद समाज की डबल स्टैंडर्ड दिखाता है - खुली बातें पसंद आती हैं, लेकिन ट्रोलिंग पर असहमति हो। सीमा का ये स्टैंड न सिर्फ ट्रोल्स को आईना दिखाता है, बल्कि बाकी महिलाओं को हिम्मत भी देता है।

सीमा ने अपने पोस्ट में यह भी लिखा कि समाज में महिलाओं को उम्र के साथ चुप रहने की सलाह दी जाती है, लेकिन वह इस सोच को तोड़ना चाहती हैं। उन्होंने कहा कि उनकी पहचान उनके काम और विचारों से है, न कि उनकी उम्र या शरीर से। सीमा के इस साहसिक बयान के बाद कई यूज़र्स ने उन्हें सराहा। लोगों ने कहा कि वह उन महिलाओं के लिए प्रेरणा हैं जो समाज की रूढ़िवादी सोच से जूझ रही हैं। वहीं कुछ ने यह भी लिखा कि सीमा का जवाब ट्रोल्स को आईना दिखाने जैसा है।



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Saturday, January 17, 2026

Kangana Ranaut: एआर रहमान पर कंगना रनौत ने कसा तंज, बोलीं- 'इमरजेंसी' के लिए मुझसे मिलने कर दिया था मना

Kangana Ranaut: एआर रहमान ने विक्की कौशल अभिनीत फिल्म 'छावा' पर अपने हालिया कमेंट से विवाद खड़ा कर दिया है। सिंगर ने इस ऐतिहासिक ड्रामा को 'विभाजनकारी' बताया। वहीं उन्होंने कहा कि सत्ता परिवर्तन के कारण उन्हें हिंदी सिनेमा में काम नहीं मिल रहा है। अब इसके बाद अभिनेत्री-राजनेता कंगना रनौत ने अब एआर रहमान पर जमकर निशाना साधा है और कहा है कि उन्होंने अपने जीवन में उनसे ज्यादा ' नफरत फैलाने वाला' व्यक्ति नहीं देखा है।

शनिवार को अपनी इंस्टाग्राम स्टोरीज पर कंगना ने बीबीसी एशियन नेटवर्क के इंटरव्यू से एआर रहमान का एक स्क्रीनशॉट शेयर किया और कैप्शन में लिखा, "प्रिय arrahman जी, फिल्म इंडस्ट्री में मुझे बहुत भेदभाव और पक्षपात का सामना करना पड़ता है क्योंकि मैं भगवा पार्टी का समर्थन करती हूं, लेकिन मुझे कहना होगा कि मैंने आपसे ज्यादा नफरत करने वाला इंसान नहीं देखा है।"

उन्होंने आगे कहा, “मैं अपनी निर्देशित फिल्म 'इमरजेंसी' की कहानी आपको सुनाना चाहती थी। कहानी सुनाने की बात तो छोड़िए, आपने मुझसे मिलने से भी इनकार कर दिया था। मुझे बताया गया कि आप किसी प्रचार फिल्म का हिस्सा नहीं बनना चाहते। विडंबना यह है कि 'इमरजेंसी' को सभी आलोचकों ने काल्पनिक बताया था। यहां तक ​​कि विपक्षी दलों के नेताओं ने भी फिल्म की सराहना करते हुए मुझे प्रशंसक पत्र भेजे, लेकिन आप नफरत से अंधे हो गए हैं। मुझे आप पर तरस आता है। इमरजेंसी।”

इस बीच, विवाद तब शुरू हुआ जब एआर रहमान ने 2025 में रिलीज होने वाली फिल्म 'छावा' पर टिप्पणी की। उन्होंने कहा, “यह एक विभाजनकारी फिल्म है। मुझे लगता है कि इसने विभाजनकारी माहौल का फायदा उठाया है, लेकिन मुझे लगता है कि इसका मूल संदेश बहादुरी दिखाना है।”

कंगना को आखिरी बार फिल्म 'इमरजेंसी' में देखा गया था, जिसका निर्देशन और सह-निर्माण उन्होंने ही किया था। इस राजनीतिक ड्रामा में कंगना ने पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी का किरदार निभाया था। फिल्म 1975 से 1977 तक चले आपातकाल के 21 महीनों पर आधारित है। यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर कोई खास कमाल नहीं दिखा पाई। फिल्म में अनुपम खेर, श्रेयस तलपदे और मिलिंद सोमन भी थे।

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Friday, January 16, 2026

Border 2: ‘बॉर्डर 2’ ट्रेलर ने करण जौहर का जीता दिल, बोले- 'बॉक्स ऑफिस पर मचेगा धमाल'

बॉलीवुड के मशहूर फिल्ममेकर करण जौहर ने इस बार देशभक्ति के जज्बे पर कमेंट किया है। सनी देओल स्टारर ‘बॉर्डर 2’ के ट्रेलर ने इंडस्ट्रीवालों और फैंस को रोमांचित कर दिया। आर्मी डे (15 जनवरी) पर रिलीज हुए इस धमाकेदार ट्रेलर को करण ने इंस्टाग्राम स्टोरी पर शेयर कर तारीफों के पुल बांध दिए। उनका मानना है कि यह फिल्म गणतंत्र दिवस पर सिनेमाघरों में तहलका मचाएगी।

ट्रेलर का जादू

‘बॉर्डर 2’ 1997 की आइकॉनिक वॉर ड्रामा ‘बॉर्डर’ का सीक्वल है, जो जेपी दत्ता की विरासत को आगे बढ़ाता है। ट्रेलर में सीमा पर दुश्मन की घुसपैठ, जवानों की शहादत और ‘संदेसे आते हैं’ जैसे इमोशनल मोमेंट्स का नया वर्जन है। निर्देशक अनुराग सिंह ने इसे ग्रैंड स्केल पर बुना है। भूषण कुमार की टी-सीरीज और जेपी फिल्म्स की यह प्रोजेक्ट 23 जनवरी 2026 को रिलीज होगी, जो गणतंत्र दिवस लॉन्ग वीकेंड को परफेक्ट बनाएगी। ट्रेलर ने सोशल मीडिया पर तूफान ला दिया है।karan johar (1)

करण जौहर की खास तारीफ

करण ने लिखा, "बॉर्डर 2 बॉक्स ऑफिस पर धमाल मचाएगी। ट्रेलर ने अपना काम बखूबी निभाया! ड्रामैटिक, देशभक्ति से ओतप्रोत और इमोशनल। अनुराग सिंह शानदार फॉर्म में हैं। सनी देओल अपनी मेगा स्टार पावर से दहाड़ रहे हैं! वरुण धवन की साइलेंट पावर जबरदस्त, दिलजीत दोसांझ इमोशनल रॉकस्टार बने हैं। अहान शेट्टी की स्क्रीन प्रेजेंस धमाकेदार। भूषण को बधाई!" करण का यह समर्थन फिल्म के हाइप को दोगुना कर रहा है। गदर 2 की सफलता के बाद सनी की वापसी से फैंस बेकरार हैं।

स्टार कास्ट का दम

सनी देओल फिर से मेजर कुलदीप सिंह चौधरी के अवतार में लौटे हैं, जिनकी डायलॉग डिलीवरी सीने पर लात जमा देती है। वरुण धवन साइलेंट योद्धा बने हैं, दिलजीत दोसांझ पंजाबी जज्बे का प्रतीक है। अहान शेट्टी नई ऊर्जा लाए हैं, जबकि मोना सिंह, सोनम बाजवा, आन्या सिंह और मेधा राणा सपोर्टिंग कास्ट में जान डालेंगी। बजट 1800 करोड़ का सुपरब्लॉकबस्टर है, जिसमें ग्रैंड वॉर सीक्वेंस, VFX और अनु मलिक-मिथुन का म्यूजिक है। जेपी दत्ता की बेटी निधि दत्ता स्टोरी लिख रही हैं।

1997 में ‘बॉर्डर’ ने 40 करोड़ कमा इतिहास रचा था। इसका सीक्वल 2026 में बड़े स्क्रीन पर देशभक्ति का नया अध्याय लिखेगा। करण जैसे बड़े निर्देशक की तारीफ से ओपनिंग 100 करोड़ पार होने की संभावना।



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Thursday, January 15, 2026

IND vs NZ: 'टीम में अपनी जगह पक्की...', न्यूजीलैंड से हार के बाद टीम इंडिया के कोच ने नीतीश कुमार रेड्डी पर साधा निशाना?

भारत और न्यूजीलैंड के बीच दूसरा मैच राजकोट के निरंजन शाह स्टेडियम में खेला गया। इस मैच में न्यूजीलैंड ने भारत को 7 विकेट से मात दी है। इस जीत के साथ तीन मैचों की सीरीज 1-1 की बराबरी पर आ गई है। वहीं वॉशिंगटन सुंदर के पहले मैच में चोट लगने के बाद दूसरे मैच के प्लेइंग 11 में नीतीश कुमार रेड्डी को जगह दी गई थी। न्यूजीलैंड के खिलाफ दूसरे मुकाबले में ऑलराउंडर नीतीश कुमार रेड्डी को जगह दी गई थी। लेकिन मैच में वह अपना प्रभाव छोड़ने में नाकाम रहे।

राजकोट के निरंजन शाह स्टेडियम में खेले गए मैच में नीतीश रेड्डी ने बल्लेबाजी करते हुए 21 गेंदों में 20 रन बनाए, जबकि गेंदबाजी में उन्होंने दो ओवर डाले लेकिन कोई विकेट नहीं ले सके। वहीं मुकाबले के बाद भारतीय टीम के असिस्टेंट कोच रयान टेन डोएशेट ने कहा कि रेड्डी को कई मौके मिले, लेकिन वह उन मौकों का पूरा फायदा नहीं उठा पाए।

'कुछ खास नहीं कर पाए'

मैच के बाद टेन डोएशेट ने पत्रकारों से कहा, "नीतीश को लगातार मौका देकर आगे बढ़ाने की कोशिश की जा रही है, लेकिन जब भी उसे खेलने का मौका मिलता है, तो वह अक्सर गेम में कुछ खास नहीं कर पाता है।" कोच रयान टेन डोएशेट ने कहा, "रेड्डी के पास आगे और मौके मिलेंगे, लेकिन उन्हें इन मौकों का बेहतर इस्तेमाल करना होगा ताकि वह टीम के लिए ज्यादा असरदार साबित हो सकें।"

मौके का फायदा उठाना जरूरी

डोएशेट ने कहा, "जो खिलाड़ी टीम में अपनी जगह पक्की करना चाहता है, खासकर इस मैच में बल्लेबाजी के दौरान उनके लिए ये बेहतरीन मौका था। जब कोई खिलाड़ी ऐसी स्थिति में हो और उसके पास क्रीज पर 15 ओवर बिताने का समय मिले, तो उसे उस मौके का पूरा फायदा उठाना चाहिए। टीम में चुने जाने की दावेदारी मजबूत करने के लिए ऐसे मौकों को हाथ से जाने नहीं देना चाहिए।"

'एक और स्पिनर के साथ उतरना चाहिए था'

डोएशेट ने कहा, "अगर पिछले मैचों के टीम कॉम्बिनेशन देखें तो भारत आमतौर पर एक अतिरिक्त स्पिनर के साथ उतरना पसंद करता है। वाशिंगटन सुंदर के पिछले मैच में बाहर होने के बाद आखिरी समय में आयुष बडोनी को टीम में लाने का विकल्प था, लेकिन टीम को लगा कि इस पिच पर नीतीश रेड्डी ज्यादा बेहतर साबित हो सकते हैं।" उन्होंने यह भी कहा, "न्यूजालैंड के स्पिनरों ने जिस तरह से गेंदबाज़ी की, उसे देखते हुए भारत भी एक और स्पिनर के साथ उतर सकता था।"

पहले बल्लेबाजी करते हुए भारत ने केएल राहुल की संघर्षपूर्ण शतकीय पारी और शुभमन गिल के अर्धशतक की बदौलत 7 विकेट पर 284 रन बनाए। इसके जवाब में न्यूजीलैंड ने लक्ष्य को बिना ज्यादा परेशानी के हासिल कर लिया और तीन मैचों की सीरीज में 1-1 से बराबरी कर ली।



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Wednesday, January 14, 2026

तेलंगाना में 500 आवारा कुत्तों को जहर का इंजेक्शन देकर मारा डाला! चुनावी वादा पूरा करने के लिए की गई क्रूरता

तेलंगाना के कामारेड्डी और हनमकोंडा जिलों में पिछले हफ्ते करीब 500 आवारा कुत्तों को कथित तौर पर घातक इंजेक्शन देकर मार दिया गया, जिसके बाद एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। न्यूज एजेंसी PTI की एक रिपोर्ट के अनुसार, कुछ चुने हुए प्रतिनिधियों- जिनमें सरपंच भी शामिल हैं, उन्होंने कथित तौर पर हाल ही में हुए ग्राम पंचायत चुनावों के दौरान जनता से वादा किया था कि वे आवारा कुत्तों की समस्या से निपटने के लिए कछ करेंगे। अब उसी चुनावी वादे को पूरा करने के लिए इन कुत्तों को मारा गया है।

पुलिस ने बताया कि कामारेड्डी जिले में इस घटना के संबंध में पांच सरपंचों सहित छह लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। इससे पहले, हनमकोंडा जिले में श्यामपेट और अरेपल्ली गांवों में इसी तरह से लगभग 300 आवारा कुत्तों को कथित तौर पर मारने के आरोप में दो महिला सरपंचों और उनके पतियों सहित नौ लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था।

ग्राम पंचायत चुनाव में किया गया वादा

न्यूज एजेंसी PTI ने सूत्रों के हवाले से बताया, “पिछले साल दिसंबर में हुए ग्राम पंचायत चुनावों से पहले, कुछ उम्मीदवारों ने गांव वालों से आवारा कुत्तों और बंदरों के आतंक से निपटने का वादा किया था। अब वे कथित तौर पर आवारा कुत्तों को मारकर अपने चुनावी वादे ‘पूरा’ कर रहे हैं।”

पुलिस ने बताया कि शवों को गांवों के बाहरी इलाकों में दफनाया गया था। बाद में जानवरों के डॉक्टरों की एक टीम ने शवों को कब्र से निकालकर पोस्टमार्टम किया।

एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि मौत के सटीक कारण और इस्तेमाल किए गए पदार्थ के प्रकार का पता लगाने के लिए आंतरिक अंगों के सैंपल फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला (FSL) भेजे गए हैं।

दो-तीन दिनों में लगभग 200 आवारा कुत्तों को मार दिया

पुलिस ने बताया कि आरोपियों को नोटिस जारी कर दिए गए हैं। पशु कल्याण कार्यकर्ता अदुलपुरम गौतम ने सोमवार को मचारेड्डी पुलिस स्टेशन में दर्ज कराई गई शिकायत में कहा कि उन्हें सूचना मिली है कि कामारेड्डी जिले के पलवांचा मंडल के पांच गांवों में पिछले दो-तीन दिनों में लगभग 200 आवारा कुत्तों को मार दिया गया है।

उन्होंने आरोप लगाया कि ये हत्याएं पांचों गांवों के सरपंचों के इशारे पर की गईं, जिन्होंने कथित तौर पर जहरीले इंजेक्शन देने के लिए एक व्यक्ति को काम पर रखा था। गौतम ने बताया कि उन्होंने भवानीपेट गांव का दौरा किया, जहां उन्हें कुत्तों के शव पड़े हुए मिले, और बाद में उन्हें पता चला कि पलवांचा, फरीदपेट, वाडी और बंदरामेश्वरपल्ली गांवों में भी इसी तरह की क्रूरतापूर्ण घटनाएं घटी हैं।

कामारेड्डी पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि शिकायत के आधार पर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) और पशु क्रूरता निवारण अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत पांच सरपंचों सहित छह लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।

इस बीच, मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि वह राज्यों को कुत्ते के काटने की घटनाओं के लिए "भारी मुआवजा" देने और कुत्तों को खाना खिलाने वालों को जवाबदेह ठहराने का निर्देश देने पर विचार करेगा। साथ ही कोर्ट ने पिछले पांच सालों में आवारा पशुओं से जुड़े मानदंडों को लागू करने में हुई कमी पर भी चिंता जताई।

बुर्का और हिजाब में आने वाली महिलाओं को नहीं मिलेगी ज्वेलरी! यूपी-बिहार के बाद अब झारखंड में नए आदेश पर बवाल

 



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Tuesday, January 13, 2026

Iran Protests: आजादी की मांग पर नरसंहार! ईरान में 12,000 प्रदर्शनकारियों की हत्या? तेहरान ने आतंकवादियों को ठहराया दोषी, नई रिपोर्ट से हड़कंप

Iran Protests: न्यूज एजेंसी रॉयटर्स ने एक अधिकारी के हवाले से बताया कि ईरान में विरोध प्रदर्शन शुरू होने के बाद से अब तक कम से कम 2,000 लोग मारे जा चुके हैं। ईरान ने इतनी बड़ी संख्या में मौतों के लिए 'आतंकवादियों' को दोषी ठहराया है। इस बीच, ईरान के ही एक अन्य रिपोर्ट में दावा किया गया है कि मरने वालों की संख्या 12,000 से अधिक हो सकती है रॉयटर्स से अधिकारी ने कहा कि मरने वालों में सुरक्षाकर्मी भी शामिल थे। पहले मरने वालों की संख्या 646 बताई गई थी।

एक विपक्षी वेबसाइट 'ईरान इंटरनेशनल' ने दावा किया कि सरकार विरोधी विरोध प्रदर्शनों पर देशव्यापी कार्रवाई के दौरान ईरानी सुरक्षा बलों ने कम से कम 12,000 लोगों को मार डाला। वेबसाइट ने इसे ईरान के आधुनिक इतिहास की सबसे बड़ी हत्या बताया। यह आंकड़ा रॉयटर्स को एक ईरानी अधिकारी द्वारा दिए गए अनुमान से बिल्कुल अलग है।

उन्होंने कहा कि ईरान में अब तक विरोध-प्रदर्शन के दौरान 2,000 लोग मारे गए है। साथ ही हिंसा के लिए "आतंकवादियों" को दोषी ठहराया। मानवाधिकार समूहों और मीडिया आउटलेट्स ने पुष्टि की गई मौतों की संख्या कई सौ बताई है। साथ ही यह भी कहा है कि ईरान के अंदर जानकारी पर कड़ी पाबंदियों के कारण स्वतंत्र पुष्टि करना मुश्किल है।

ईरान इंटरनेशनल ने बताया कि ये हत्याएं ज्यादातर इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स और बासिज बलों द्वारा की गई। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि मुख्य रूप से 8 और 9 जनवरी की रातों को ये हत्याएं की गई। आउटलेट ने आगे दावा किया कि यह ऑपरेशन अली खामेनेई के सीधे आदेश पर किया गया था। इसकी जानकारी और मंजूरी ईरान की राजनीतिक व्यवस्था के वरिष्ठ अधिकारियों को थी।

रिपोर्ट के अनुसार, सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल द्वारा जिंदा गोलियों के इस्तेमाल की अनुमति देने वाला आदेश जारी किया गया था। ईरान इंटरनेशनल ने कहा कि कम से कम 12,000 मौतों का उसका अनुमान ईरान की अपनी सुरक्षा संस्थानों के पास मौजूद आंकड़ों को दर्शाता है। इसने कहा कि जानकारी कई स्रोतों का उपयोग करके संकलित और क्रॉस-चेक की गई थी।

इसमें सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल और राष्ट्रपति कार्यालय के करीबी व्यक्ति, इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स के अंदर के सूत्र, चश्मदीदों की गवाही, मेडिकल अधिकारी और कई शहरों के अस्पतालों और क्लीनिकों से डेटा शामिल हैं। भारतीय विदेश मंत्रालय ने कहा है कि भारत महंगाई और करेंसी की कीमत गिरने को लेकर ईरान में हो रहे विरोध प्रदर्शनों पर करीब से नजर रख रहा है।

नई दिल्ली ने 5 जनवरी को भारतीय नागरिकों से ईरान की गैर-जरूरी यात्रा से बचने का आग्रह किया था। साथ ही ईरान में पहले से मौजूद लोगों को सावधानी बरतने और उन इलाकों से बचने की सलाह दी थी, जहां विरोध प्रदर्शन या धरने हो रहे हैं।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल से उनकी साप्ताहिक प्रेस ब्रीफिंग के दौरान ईरान की स्थिति के बारे में पूछा गया। जायसवाल ने कहा, "हम ईरान में हो रहे घटनाक्रम पर करीब से नजर रख रहे हैं। जैसा कि आपने देखा होगा, हमने एक एडवाइजरी भी जारी की है। उस देश में हमारे लगभग 10,000 नागरिक और भारतीय मूल के लोग हैं।"

ये भी पढ़ें- Iran protests: तेहरान में सरकार समर्थक रैली में शामिल हुए ईरान के राष्ट्रपति, 90 घंटे से इंटरनेट ब्लैकआउट जारी, जानें- बड़ी बातें

ईरान की बिगड़ती आर्थिक स्थिति के खिलाफ विरोध प्रदर्शन लगभग दो हफ्ते पहले तेहरान में शुरू हुए थे।ये प्रदर्शन ईरान के कई प्रांतों में फैल गए हैं, जिसके परिणामस्वरूप हजारों लोगों की मौत हुई है। ये विरोध प्रदर्शन अमेरिकी डॉलर के मुकाबले ईरानी करेंसी, रियाल की कीमत में आई भारी गिरावट के कारण शुरू हुए थे।



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Monday, January 12, 2026

TCS Q3 Results: टीसीएस का मुनाफा दिसंबर तिमाही में 14% गिरकर 10657 करोड़ रहा

टीसीएस ने दिसंबर तिमाही के नतीजों का ऐलान 12 जनवरी को कर दिया। इस दौरान कंपनी का नेट प्रॉफिट साल दर साल आधार पर 14 फीसदी गिरकर 10,657 करोड़ रुपये रहा। दिसंबर तिमाही में कंपनी के प्रॉफिट पर रीस्ट्रक्चरिंग, लेबल लॉज में बदलाव और लंबे समय से अमेरिका में चल रही कानूनी लड़ाई जैसे बड़े एक्सेप्शनल चार्जेज का असर पड़ा। कंपनी ने प्रति शेयर 57 रुपये डिविडेंड का ऐलान किया है। इसमें प्रति शेयर 46 रुपये का स्पेशल डिविडेंड शामिल है। इसकी रिकॉर्ड डेट 17 जनवरी, 2026 है।

एक्सेप्शनल आइटम्स का कंपनी के प्रॉफिट पर असर

कंपनी ने कहा है कि 2,128 करोड़ रुपये के एक्सेप्शनल आइटम का दिसंबर तिमाही में उसके प्रॉफिट पर निगेटिव असर पड़ा। टीसीएस देश की सबसे बड़ी आईटी कंपनी है। कंपनी के रिजल्ट्स मार्केट के अनुमान से कमजोर रहे। सीएनबीसी-टीवी18 के पोल में एनालिस्ट्स ने कंपनी का नेट प्रॉफिट 12,771 करोड़ रुपये रहने की उम्मीद जताई थी।

दिसंबर तिमाही में रेवेन्यू में साल दर साल आधार पर इजाफा

दिसंबर तिमाही में कंपनी का रेवेन्यू साल दर साल आधार पर 5 फीसदी बढ़कर 67,087 करोड़ रुपये रहा। यह एनालिस्ट्स के अनुमान के मुताबिक है। अगर एक्सेप्शनल आइटम्स को छोड़ दिया जाए तो दिसंबर तिमाही में कंपनी का नेट प्रॉपिट 8.5 फीसदी बढ़कर 13,438 करोड़ रुपये आता है।

कंपनी के प्रदर्शन पर इन तीन चीजों का बड़ा असर

दिसंबर तिमाही में कंपनी पर रीस्ट्रक्चरिंग एक्सपेंसेज का असर पड़ा। कंपनी ने जुलाई 2025 में वर्कफोर्स में बदलाव का ऐलान किया था। इसमें जिन एंप्लॉयीज की सेवाओं की जरूरत नहीं रह गई थी, उनके लिए टर्मिनेशन बेनेफिट्स शामिल है। दूसरा, कंपनी पर नए लेबर कोड्स का असर पड़ा है। तीसरा, टीसीएस को अमेरिका में लंबे समय से चले आ रहे एक कानूनी विवाद के लिए प्रोविजनिंग करनी पड़ी।

कंपनी पर देश के नए लेबर कोड्स का असर

टीसीएस ने कहा है कि उसने देश के नए लेबर कोड्स के संभावित असर का आकलन किया है। इसके बारे में जानकारी सार्वजनिक की है। उसने इस बारे में कानूनी राय भी ली है। कंपनी ने कहा है, " ग्रैच्युटी का इंक्रीमेंटल इम्पैक्ट 1,816 करोड़ रुपये होगा। वेज की परिभाषा में बदलाव से कंपनसेशन में 312 करोड़ रुपये का असर लॉन्ग टर्म में पड़ेगा।" इसका मतलब है कि नए लेबर कोड्स से कंपनी पर कुल 2,182 करोड़ रुपये का असर पड़ेगा।

दिसंबर तिमाही में प्रदर्शन स्टेबल रहने की उम्मीद

बाजार को टीसीएस का दिसंबर तिमाही में प्रदर्शन स्टेबल रहने का अनुमान था। बाजार का फोकस कंपनी के आईआई आधारित ग्रोथ, कैपिटल एलोकेशन और मार्जिन पर था। एलकेपी सिक्योरिटीज के रिसर्च एनालिस्ट अंशुल जेटी ने कहा कि कंपनी के नतीजे उम्मीद के मुताबिक हैं। मार्केट को दिसंबर तिमाही में कंपनी का प्रदर्शन कमजोर रहने की उम्मीद थी।

यह भी पढ़ें: ट्रेडिंग के लिए एक और एक्सचेंज की तैयारी, BSE और NSE के बाद अब आ रहा है मेट्रोपॉलिटन स्टॉक एक्सचेंज

12 जनवरी को कंपनी के शेयर 1 फीसदी से ज्यादा चढ़े

टीसीएस ने दिसंबर तिमाही के नतीजों का ऐलान स्टॉक मार्केट बंद होने के बाद किया। 12 जनवरी को कंपनी का शेयर 1.10 फीसदी चढ़कर 3,243 रुपये पर बंद हुआ। बीते एक साल में कंपनी का शेयर 24 फीसदी से ज्यादा फिसला है।



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दिसंबर में तीन महीने के हाई पर पहुंची महंगाई, जनवरी से बदल जाएगा CPI मापने का फॉर्मूला

भारत में महंगाई साल के आखिर में थोड़ी बढ़ती नजर आई है। सरकार की ओर से 12 जनवरी को जारी आंकड़ों के मुताबिक, दिसंबर में खुदरा महंगाई 1.33 फीसदी रही, जो नवंबर में 0.7 फीसदी थी। यह पिछले तीन महीनों का सबसे ऊंचा स्तर है।

RBI की सीमा से नीचे है महंगाई

हालांकि दिसंबर में महंगाई बढ़ी है, लेकिन इसके बावजूद हेडलाइन महंगाई लगातार चौथे महीने RBI की निचली सहनशील सीमा 2 फीसदी से नीचे बनी हुई है। इससे यह संकेत मिलता है कि साल के मध्य के बाद से कीमतों पर दबाव काफी हद तक काबू में रहा है।

पूरे साल की बात करें तो 2025 में औसत महंगाई 2.2 फीसदी रही, जो पिछले 12 सालों में सबसे कम स्तर है।

CPI डेटा के लिहाज से खास है दिसंबर

दिसंबर का महीना महंगाई के आंकड़ों के लिहाज से एक अहम मोड़ भी है। यह 2012 बेस ईयर के तहत जारी होने वाला आखिरी CPI डेटा है। इसके बाद से महंगाई की कैलकुलेशन का तरीका बदल जाएगा।

जनवरी का CPI डेटा 2024 बेस ईयर पर आधारित होगा, जो 12 फरवरी को जारी होगा। इसके साथ ही महंगाई मापने की पूरी सीरीज नए ढांचे में चली जाएगी।

नए बेस ईयर में क्या बदलेगा

नए बेस ईयर के तहत कंजम्पशन बास्केट को अपडेट किया गया है। इसमें पहले से ज्यादा आइटम शामिल किए गए हैं और नॉन-फूड खर्चों को ज्यादा वेटेज दिया गया है।

इस बदलाव का मकसद यह दिखाना है कि आज के समय में लोग सिर्फ खाने-पीने पर ही नहीं, बल्कि सेवाओं और दूसरी जरूरतों पर भी ज्यादा खर्च कर रहे हैं।

मौजूदा CPI में फूड का ज्यादा असर

फिलहाल CPI पर खाद्य वस्तुओं का असर बहुत ज्यादा है। मौजूदा इंडेक्स में फूड आइटम्स का हिस्सा आधे से ज्यादा है। यही वजह है कि सब्जियों, अनाज या दालों की कीमतों में थोड़ी सी तेजी या गिरावट भी हेडलाइन महंगाई को तेजी से ऊपर-नीचे कर देती है, भले ही बाकी चीजों की कीमतें स्थिर हों।

नई CPI सीरीज से क्या फर्क पड़ेगा

नॉन-फूड आइटम्स का वजन बढ़ने से आने वाले समय में महंगाई का आंकड़ा कुल मांग और खर्च की स्थिति को बेहतर तरीके से दिखा सकेगा। इसके साथ ही हेडलाइन महंगाई खाने-पीने की कीमतों में अचानक होने वाले उतार-चढ़ाव से थोड़ा कम प्रभावित होगी।

कुल मिलाकर, नई CPI सीरीज से महंगाई के आंकड़े ज्यादा संतुलित होंगे और अर्थव्यवस्था की वास्तविक तस्वीर को ज्यादा सटीक तरीके से सामने रखेंगे।



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Hrithik Roshan Birthday: एक्स वाइफ और गर्लफ्रेंड के साथ ऋतिक रोशन सेलिब्रेट किया बर्थडे, यूजर्स बोले- देख लो गरीबों, इसे कहते हैं अंडर स्टैंडिंग

Hrithik Roshan Birthday Celebration: ऋतिक रोशन के लुक और पर्सनालिटी का हर कोई दीवाना है। फिल्मों से लेकर पर्सनल लाइफ को लेकर एक्टर लाइम लाइट में छाए रहते हैं। कुछ दिन पहले ही उनका अपने बेटों के साथ डांस वीडियो सामने आया था, जिसे सबने खूब पसंद किया था। अब एक्टर के बर्थडे पर उनकी गर्लफ्रेंड और एक्स वाइफ दोनों को एक ही फ्रेम में देखकर यूजर्स काफी हैरान हैं और एक्टर के फुल मजे ले रहे हैं।

ऋतिक रोशन ने हाल ही में अपने बर्थडे की फोटोज को सोशल मीडिया पर शेयर किया है। फोटोज में उनका पूरा परिवार एक साथ दिख रहा है। लेकिन इन तस्वीरों में एक तस्वीर ने सबको अटरैक्ट किया है, जिसमें ऋतिक की एक्स वाइफ सुजैन और उनकी गर्लफ्रेंड सबा आजाद दोनों साथ दिखाई दे रही हैं।

अब इस तस्वीर पर यूजर्स तरह-तरह का रिएक्ट कर रहे हैं। एक ने मजाकिया अंदाज में लिखा, 'देख लो गरीबों, इसे कहते हैं अंडर स्टैंडिंग'। एक ने लिखा, 'वाह पहली शादी दूसरी मोहब्बत, सब साथ-साथ हैं यहां तो।

ऋतिक रोशन ने तस्वीरों की एक सीरीज इंस्टाग्राम पर पोस्ट करते हुए लिखा, 'धन्यवाद दुनिया, धन्यवाद मेरा परिवार। मेरे दोस्तों, मेरे फैंस.. हर उस इंसान को जिसने मुझे मैसेज किया, मुझे फोन करने की कोशिश की लेकिन बात हुई नहीं, हर उस इंसान को जिसने कल अपनी प्रार्थनाओं में मुझे याद किया। काम कि बात करें तो ऋतिक रोशन पिछली बार वॉर 2 में दिखे थे। उनकी आने वाली फिल्मों में कृष 4 पाइप लाइन में है।



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Market outlook : बढ़त के साथ बंद हुए सेंसेक्स-निफ्टी, जानिए 13 जनवरी को कैसी रह सकती है बाजार की चाल

Stock Market today : 12 जनवरी को उतार-चढ़ाव भरे सेशन में भारतीय इक्विटी इंडेक्स पॉजिटिव नोट पर बंद हुए, जिसमें निफ्टी 25,800 के करीब रहा। कारोबारी सत्र के अंत में सेंसेक्स 301.93 अंक या 0.36 प्रतिशत बढ़कर 83,878.17 पर और निफ्टी 106.95 अंक या 0.42 प्रतिशत बढ़कर 25,790.25 पर बंद हुआ। आज लगभग 1365 शेयरों में तेज़ी आई, 2561 शेयरों में गिरावट आई और 158 शेयर अपरिवर्तित रहे। सेक्टरों में, मेटल इंडेक्स में 2% की तेज़ी आई, PSU बैंक इंडेक्स में 0.7% की बढ़ोतरी हुई, FMCG इंडेक्स में 0.6% का फायदा हुआ, जबकि कैपिटल गुड्स, फार्मा, मीडिया और रियल्टी इंडेक्स में 0.5-1.5 प्रतिशत की गिरावट आई।

BSE मिडकैप इंडेक्स में 0.4% की गिरावट आई और स्मॉलकैप इंडेक्स 0.7% गिरा। कोल इंडिया, ट्रेंट, एशियन पेंट्स, टाटा स्टील और JSW स्टील निफ्टी पर टॉप गेनर्स में से रहे। जबकि लूजर्स में आइशर मोटर्स, इंफोसिस, बजाज फाइनेंस, टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स और बजाज ऑटो शामिल रहे।

भारतीय शेयर बाज़ार के बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स और निफ्टी ने आज अपनी पांच दिन की गिरावट का सिलसिला खत्म कर दिया। ओवरसोल्ड मार्केट में वैल्यू बाइंग हुई। ऐसे संकेत मिले हैं कि अमेरिका और भारत अपने ट्रेड डील के मतभेदों को सुलझाने की दिशा में काम कर रहे हैं। इससे बाजार को सपोर्ट मिला। इसके चलते BSE में लिस्टेड कंपनियों का कुल मार्केट कैपिटलाइज़ेशन पिछले सेशन के लगभग 468 लाख करोड़ रुपए से बढ़कर 469 लाख करोड़ रुपए हो गया।

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के हेड ऑफ रिसर्च विनोद नायर का कहना है कि अगले दौर की बातचीत से पहले अमेरिकी राजदूत की तरफ से ट्रेड डील पर अच्छे कमेंट्स के बाद निवेशकों का सेंटिमेंट बेहतर होने से भारतीय बाज़ार दिन के निचले स्तर से ऊपर उठा। इस पॉजिटिव माहौल ने पूरे मार्केट के सेंटिमेंट को सहारा दिया। कमोडिटी सेगमेंट ने बेहतर प्रदर्शन किया, जिसे मेटल्स में मज़बूती का सपोर्ट मिला। सप्लाई की कमी को देखते हुए मेटल्स में नई खरीदारी आई। कंज्यूमर और बैंकिंग शेयरों में भी वैल्यू बाइंग देखने को मिली। निवेशकों ने हालिया करेक्शन के बाद खरीदारी के मौके तलाशे। इसको मज़बूत Q3 अर्निंग और बढ़ती डिमांड की उम्मीदों से सपोर्ट मिला। इसके अलावा, लगातार भू-राजनीतिक तनाव के बीच कीमती धातुओं ने अपनी तेज़ी जारी रखी।

13 जनवरी को कैसी रह सकती है बाजार की चाल

बोनान्ज़ा में रिसर्च एनालिस्ट अभिनव तिवारी का कहना है कि आज भारतीय शेयर बाज़ार ने ज़ोरदार वापसी की और शुरुआती गिरावट से उबरते हुए यह पॉज़िटिव दायरे में बंद हुआ। भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों पर पॉजिटिव टिप्पणियों के बाद दिन में बाज़ार का सेंटिमेंट काफी बेहतर हुआ। हालांकि, महंगाई नीचे बनी हुई है और इक्विटी के लिए सपोर्टिव है,लेकिन ग्लोबल रिस्क बने हुए हैं। कल होने वाली ट्रेड बातचीत के नतीजे और आने वाले IT कंपनियों के नतीजे शॉर्ट टर्म में मार्केट के लिए मेन ड्राइवर होंगे।

रेलिगेयर ब्रोकिंग के सीनियर वाइस-प्रेसिडेंट (रिसर्च) अजीत मिश्रा ने कहा कि हालिया उछाल छह लगातार सेशन की गिरावट के बाद हैवीवेट स्टॉक्स में शॉर्ट-कवरिंग की वजह से आया है। साथ ही, TCS और HCL टेक जैसी IT कंपनियों के नतीजों की घोषणा से पहले सावधानी के चलते शॉर्ट पोजीशन में कुछ प्रॉफिट-टेकिंग हुई है। हालांकि, इस रिकवरी को ज़्यादा नहीं समझना चाहिए। किसी भी बड़ी रिकवरी की पुष्टि के लिए 25,600 से ऊपर लगातार तेज़ी आनी चाहिए। अगर ऐसा नहीं होता है तो गिरावट का ट्रेंड फिर से शुरू हो सकता है।

कोटक सिक्योरिटीज के हेड इक्विटी रिसर्च श्रीकांत चौहान का कहना है कि आज बेंचमार्क इंडेक्स में निचले लेवल से तेज़ रिकवरी देखने को मिली। निफ्टी 107 अंक ऊपर बंद हुआ, जबकि सेंसेक्स 302 अंक ऊपर रहा। सेक्टर्स में, मेटल इंडेक्स ने आज सबसे अच्छा प्रदर्शन किया, जिसमें 2 प्रतिशत से ज़्यादा की तेज़ी आई। जबकि रियल्टी और मीडिया इंडेक्स में 1 प्रतिशत से ज़्यादा की गिरावट आई। टेक्निकली, सुबह इंट्राडे में तेज़ बिकवाली के बाद मार्केट ने 25,500/82,700 के पास सपोर्ट लिया और तेज़ी से ऊपर चढ़ा। दिन के सबसे निचले स्तर से मार्केट 300/1,200 अंक से ज़्यादा ऊपर चढ़ा,जो काफी पॉजिटिव है।

श्रीकांत चौहान का मानना ​​है कि इंट्राडे मार्केट का ट्रेंड पॉजिटिव है, लेकिन डे ट्रेडर्स के लिए गिरावट पर खरीदना और तेज़ी पर बेचना सबसे अच्छी स्ट्रैटेजी होगी। नीचे की ओर, 25,650/83,500 और 25,600/83,300 के लेवल अहम सपोर्ट ज़ोन के रूप में काम करेंगे।जबकि 25,900-25,950/84,300-84,500 बुल्स के लिए तुरंत रेजिस्टेंस एरिया हो सकते हैं। हालांकि, 25,600/83,300 से नीचे, सेंटिमेंट बदल सकता है। अगर ऐसा होता हैतो ट्रेडर्स अपनी लॉन्ग पोजीशन से बाहर निकलने पर विचार कर सकते हैं।

 

 

ट्रेडिंग के लिए एक और एक्सचेंज की तैयारी, BSE और NSE के बाद अब आ रहा है मेट्रोपॉलिटन स्टॉक एक्सचेंज

 

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Sunday, January 11, 2026

'वेनेजुएला के सैनिक करने लगे खून की उल्टी, नाक से बहने लगा खून'! अमेरिका ने मादुरो के ऑपरेशन में इस्तेमाल किया 'रहस्यमयी हथियार'

पिछले दिनों वेनेजुएला पर आधी रात में अमेरिका के मिलिट्री एक्शन और राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी ने पूरी दुनिया को चौंका दिया था। उससे भी ज्यादा चौंकाने वाला खुलासा तो अब हुआ है, क्योंकि इस ऑपरेशन की इंटरनल डिटेल सामने आ गई है। व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लीविट ने शनिवार को X पर एक प्रत्यक्षदर्शी का बयान शेयर किया, जिसमें उसने बताया कि ऑपरेशन के दौरान अमेरिका ने एक "शक्तिशाली रहस्यमयी हथियार" का इस्तेमाल किया, जिसने "वेनेजुएला के सैनिकों को घुटनों पर ला दिया, उनकी नाक से खून बहने लगा और वे खून की उल्टी करने लगे।"

एक चौंका देने वाले इंटरव्यू में, हमले के समय वेनेजुएला में तैनात गार्ड ने बताया कि कैसे अमेरिकी सेना ने एक भी सैनिक खोए बिना सैकड़ों लड़ाकों को मार गिराया। उन्होंने बताया कि अमेरिकी सैनिकों ने ऐसी तकनीक का इस्तेमाल किया था, जो उन्होंने पहले कभी न देखी थी और न ही सुनी थी।

गार्ड ने द न्यूयॉर्क पोस्ट को बताया, “हम सतर्क थे, लेकिन अचानक बिना किसी कारण के हमारे सभी रडार सिस्टम बंद हो गए। इसके बाद हमने देखा कि हमारे ठिकानों के ऊपर बहुत सारे ड्रोन उड़ रहे थे। हमें समझ नहीं आ रहा था कि क्या करें।”

उसने बताया कि कुछ ही पल बाद, मुट्ठी भर हेलीकॉप्टर दिखाई दिए - उनके अनुमान के अनुसार "मुश्किल से आठ", जिन्होंने करीब सिर्फ 20 अमेरिकी सैनिकों को उस इलाके में उतारा।

उसने बताया कि वे कुछ लोग बंदूकों से कहीं ज्यादा पावरफुल हथियार लेकर आए थे, जिसे उसने "रहस्यमयी हथियार" कहा। गार्ड ने याद करते हुए कहा, "वे तकनीकी रूप से बहुत एडवांस थे। वे देखने में ऐसे नहीं थे, जैसे हमने पहले कभी उनका सामना किया हो।" इसके बाद जो हुआ वो एक "नरसंहार" था।

उन्होंने कहा, “हम सैकड़ों थे, लेकिन हमारे पास कोई मौका नहीं था।” उन्होंने आगे कहा, “वे इतनी सटीकता और स्पीड से गोली चला रहे थे कि ऐसा लग रहा था जैसे हर सैनिक एक मिनट में 300 गोलियां चला रहा हो।”

गार्ड ने बताया कि वह हथियार आज भी उन्हें डराता है। इस चश्मदीद गवाह की कहानी को बाद में लेविट ने सोशल मीडिया पर शेयर किया और कैप्शन लिखा- जो भी कर रहे हो उसे रोककर इसे पढ़ो…

'साइबर-काइनेटिक' युद्ध तकनीक का इस्तेमाल

अमेरिका ने इस हमले में न केवल अपनी पारंपरिक ताकत दिखाई, बल्कि 'साइबर-काइनेटिक' युद्ध तकनीक का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया।

हमले की शुरुआत बमबारी से नहीं, बल्कि कंप्यूटर कोड से हुई। अमेरिका की 'साइबर कमांड' ने वेनेजुएला के 'गुरी डैम' और पावर ग्रिड पर डिजिटल अटैक किया।

इससे पूरे देश की बिजली गुल हो गई और वेनेजुएला का डिफेंस कम्युनिकेशन सिस्टम (संचार व्यवस्था) ठप हो गया। अमेरिका ने इसके लिए महीनों पहले से 'मैलवेयर' प्लांट कर दिए थे, ताकि हमले के वक्त दुश्मन को अंधेरे में रखा जा सके।

वेनेजुएला के सैनिकों के दिमाग को किया कमजोर!

साथ ही अमेरिका ने अपने EA-18G Growler विमानों के जरिए वेनेजुएला के रेडियो और रडार सिग्नल्स को जैम कर दिया। इससे वेनेजुएला के सैनिक आपस में संपर्क नहीं कर पाए और उनके रडार स्क्रीन सिर्फ सफेद दिख रही थी।

हमले के साथ-साथ, अमेरिका ने वेनेजुएला के सैनिकों के मोबाइल फोन पर डायरेक्ट मैसेज भेजे और सोशल मीडिया के जरिए उन्हें सरेंडर करने के लिए प्रेरित किया। इसे 'कॉग्निटिव वारफेयर' कहा जाता है, जहां दुश्मन के दिमाग को ही कमजोर कर दिया जाता है।

US Strikes On Syria: अमेरिका ने सीरिया में ISIS ठिकानों पर किया भीषण हमला, 'ऑपरेशन हॉकआई' के तहत ट्रंप ने दिया कड़ा संदेश



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