Saturday, January 24, 2026

Holashtak 2026: होलाष्टक में भूल से भी नहीं करने चाहिए ये काम, जानें कब से शुरू होगा होलाष्टक?

Holashtak 2026: होली का पर्व हिंदू धर्म के सबसे प्रमुख और महत्वपूर्ण त्योहारों में से एक माना जाता है। यह पर्व चैत्र मास की प्रतिपदा को मनाया जाता है। इससे आठ दिन पहले की अवधि बहुत सावधानी वाली होती है, क्योंकि इसमें नकारात्मक शक्तियां प्रबल होती हैं। माना जाता है कि ये 8 दिन तीव्र आध्यात्मिक और नकारात्मक ऊर्जाओं से भरे होते हैं। इस दौरान, शुभ और मांगलिक कार्य नहीं किए जाते हैं और लोगों को सावधान रहने की सलाह दी जाती है। अगर, इस अवधि में गलती से कोई शुभ कार्य शुरू करता है, तो उसमें बहुत विघ्न और बाधाएं आती हैं। आइए जानें इस साल होलाष्टक कब से लगेगा और इस दौरान क्या चीजें नहीं करनी चाहिए

2026 में होलाष्टक कब शुरू होगा?

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, होलाष्टक फाल्गुन महीने के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि से शुरू होता है और फाल्गुन पूर्णिमा तक चलता है। इसी दिन होलिका दहन किया जाता है। पंचांग के अनुसार, इस साल होलाष्टक फाल्गुन शुक्ल अष्टमी तिथि 24 फरवरी दिन मंगलवार को प्रात:काल 7 बजकर 01 मिनट से शुरू होगी। इस तिथि का समापन 25 फरवरी दिन बुधवार को प्रात:काल में 4 बजकर 51 मिनट पर होगा। उदयातिथि के आधार पर होलाष्टक 24 फरवरी मंगलवार से शुरू है। होलाष्टक का समापन 3 मार्च को होगा।

क्या है होलाष्टक?

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, राक्षस राजा हिरण्यकश्यप खुद को भगवान मानता था। वह अपने बेटे प्रह्लाद को विष्णु पूजा करने से रोकता था। प्रह्लाद की भगवान विष्णु में अनन्य आस्था थी। हिरण्यकश्यप ने प्रह्लाद की भक्ति को तोड़ने के प्रयास में आठ दिनों तक उसे कड़ी यातनाएं दीं। प्रह्लाद को हाथी के पैरों के तले कुचलने, पहाड़ से फेंकने जैसी कई याताएं दी गई, लेकिन वे हर बार बच गए। उनकी बुआ होलिका ने प्रह्लाद को आग में जलाकर मारने का प्रयास किया। प्रह्लाद को ये यातनाएं होलाष्टक की आठ तिथियों में दी गईं। इस वजह से भी होलाष्टक को अशुभ माना जाता है।

होलाष्टक के दौरान ये नहीं करना चाहिए

शास्त्रों के अनुसार, नामकरण संस्कार, जनेऊ संस्कार, गृह प्रवेश, विवाह संस्कार जैसे 16 संस्कार होलाष्टक के दौरान नहीं करने चाहिए। इस दौरान हवन और यज्ञ जैसे धार्मिक अनुष्ठानों से भी बचा जाता है। इस दौरान नई शादीशुदा महिलाओं को अपने मायके में रहना चाहिए। यह भी सलाह दी जाती है कि इस दौरान अनजान लोगों से कुछ भी लेना या खाना नहीं चाहिए, क्योंकि माना जाता है कि इस समय नकारात्मक शक्तियां अधिक सक्रिय रहती हैं।

होलिका दहन और होली 2026

होलिका दहन : 3 मार्च, 2026

रंगवाली होली : 4 मार्च, 2026

2026 में होलिका दहन का शुभ मुहूर्त शाम 6:22 बजे से रात 8:50 बजे तक रहेगा।

Narmada Jayanti 2026: 25 या 26 जनवरी, कब है नर्मदा जयंति? जानिए सही तारीख, पूजा का मुहूर्त और मां नर्मदा की पूजा का महत्व



from HindiMoneycontrol Top Headlines https://ift.tt/xqBV4Xg
via

No comments:

Post a Comment