पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) प्रमुख ममता बनर्जी ने कोलकाता में अपनी पार्टी के नेताओं पर हुए कथित हमलों के खिलाफ बड़ा विरोध प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन खास तौर पर सोनारपुर में उनके भतीजे और टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी पर हुए हमले के विरोध में आयोजित किया गया था।
अभिषेक बनर्जी पर हमले के खिलाफ दिया धरना
पुलिस से अनुमति नहीं मिलने के बावजूद ममता बनर्जी ने एस्प्लेनेड के पास राशमोनी एवेन्यू में विरोध मार्च का नेतृत्व किया। इस मार्च में अभिषेक बनर्जी, मदन मित्रा और कल्याण बनर्जी सहित कई वरिष्ठ टीएमसी नेता शामिल हुए। प्रदर्शन के दौरान माहौल तनावपूर्ण हो गया। मौके पर मौजूद पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच कहासुनी और धक्का-मुक्की की घटनाएं भी हुईं, जिससे कुछ समय के लिए स्थिति तनावपूर्ण बनी रही।
विरोध स्थल पर बड़ी संख्या में लोग जुटे थे। यहां ममता बनर्जी ने टीएमसी समर्थकों को संबोधित किया, जबकि समर्थक "ममता बनर्जी जिंदाबाद" के नारे लगा रहे थे। किसी भी तरह की अप्रिय घटना को रोकने के लिए मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि उनकी पार्टी टीएमसी को जानबूझकर निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह विरोध प्रदर्शन मंगलवार शाम तक जारी रहेगा। साथ ही उन्होंने दावा किया कि आने वाले समय में बीजेपी को राजनीतिक नुकसान उठाना पड़ सकता है। विरोध मार्च शुरू होने से पहले ममता बनर्जी और पार्टी की अन्य वरिष्ठ नेता डोला सेन ने भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित किए। इसके बाद जब वे प्रदर्शन के लिए रवाना हुईं, तो उनके हाथ में भारतीय संविधान से जुड़ी एक किताब भी दिखाई दी।
क्यों सड़क पर उतरी ममता बनर्जी
तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) का यह विरोध प्रदर्शन मुख्य रूप से चुनाव के बाद हुई हिंसा और पार्टी नेताओं पर कथित हमलों के खिलाफ है। पार्टी का कहना है कि उसके नेताओं और कार्यकर्ताओं को लगातार निशाना बनाया जा रहा है। इस विरोध की शुरुआत उस घटना के बाद हुई, जब दक्षिण 24 परगना जिले के सोनारपुर में एक पार्टी कार्यकर्ता के घर जाते समय टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी पर कथित तौर पर हमला हुआ। इस घटना के बाद राज्य की राजनीति में तनाव काफी बढ़ गया।
VIDEO | Staging a protest in Kolkata over the alleged assault on TMC general secretary Abhishek Banerjee and other party leaders, Trinamool MP Kalyan Banerjee said, "Under the leadership of our leader, Mamata Banerjee, we are protesting against the terror and intimidation being… pic.twitter.com/y3W8p9z7jP
— Press Trust of India (@PTI_News) June 2, 2026
सोमवार को ममता बनर्जी ने साफ कहा कि पुलिस से अनुमति नहीं मिलने के बावजूद उनका धरना और विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा। उन्होंने अधिकारियों को चुनौती देते हुए कहा कि अगर वे चाहें तो उन्हें गिरफ्तार कर सकते हैं, लेकिन वह अपना आंदोलन नहीं रोकेंगी। ममता बनर्जी ने भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) पर भी गंभीर आरोप लगाए। उनका कहना है कि बीजेपी पैसे और सत्ता का इस्तेमाल करके उनकी पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं को दूसरी पार्टियों में शामिल कराने की कोशिश कर रही है। उन्होंने इसे लोकतंत्र के लिए गलत बताया और कहा कि टीएमसी इसके खिलाफ अपनी आवाज उठाती रहेगी।
दिल्ली में प्रदर्शन करने की चुनौती
ममता बनर्जी ने कहा कि जो नेता अपने निजी फायदे के लिए पार्टी छोड़ रहे हैं, उनके जाने से संगठन को दोबारा मजबूत बनाने का मौका मिलेगा। उन्होंने दावा किया कि तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) इस मुश्किल दौर से और ज्यादा मजबूत होकर बाहर आएगी। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि अगर कोलकाता में उनकी पार्टी को विरोध प्रदर्शन करने की अनुमति नहीं दी गई, तो वह इस आंदोलन को राष्ट्रीय स्तर तक ले जाएंगी और दिल्ली में भी प्रदर्शन करेंगी।
यह विरोध प्रदर्शन उस घटना के बाद शुरू हुआ, जिसमें टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी पर सोनारपुर में कथित हमला हुआ था। बताया गया कि जब वह एक दिवंगत पार्टी कार्यकर्ता के परिवार से मिलने जा रहे थे, तब कुछ लोगों ने उन पर अंडे, ईंटें और जूते फेंके। टीएमसी ने इस घटना के लिए पश्चिम बंगाल में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) सरकार को जिम्मेदार ठहराया है। वहीं, टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी ने भी आरोप लगाया कि चांदीतला पुलिस थाने के पास ज्ञापन सौंपने के दौरान उन पर हमला करने की कोशिश की गई और वह बाल-बाल बच गए। उन्होंने इसे "हत्या की कोशिश" बताया।
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