Wednesday, February 1, 2023

Massachusetts’ Lawmakers Propose Bill to Reduce Jail Sentence in Exchange for Organ Donation

Legal experts said that this is neither an appropriate way to achieve prison reforms or reduce the long waitlist of people seeking organ transplant

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Whirlpool of India का मुनाफा 74% घटा, शेयरों में आई 3% की गिरावट

Whirlpool of India Q3 Result- Whirlpool of India के शेयरों में आज 3 फीसदी से ज्यादा की गिरावट देखने को मिली। दरअसल कंपनी ने 31 दिसंबर 2022 को खत्म हुई वित्त वर्ष 2022-23 की तीसरी तिमाही के नतीजे जारी कर दिए हैं। दिसंबर तिमाही में कंपनी का स्टैंडअलोन मुनाफा सालाना आधार पर 74.2 फीसदी की गिरावट के साथ 10.7 करोड़ रुपए पर रहा है। पिछले वित्त वर्ष की इसी अवधि में कंपनी का मुनाफा 41.5 करोड़ रुपए पर रही था। दिसंबर 2022 में खत्म हुई तीसरी तिमाही में Whirlpool of India की स्टैंडअलोन आय सालाना आधार पर 18.3 फीसदी की बढ़त के साथ 1,172.4 करोड़ रुपए पर रही है। पिछले वित्त वर्ष की इसी अवधि में कंपनी की आय 1,435.1 करोड़ रुपए पर रही थी। साल दर साल आधार पर तीसरी तिमाही में कंपनी का EBITDA सालाना आधार पर 74.4 फीसदी की गिरावट के साथ 19.1 करोड़ रुपए पर आ गया है जो पिछले वित्त वर्ष की इसी अवधि में 74.5 करोड़ रुपए रहा था। बजट 2023 : भारी उतार-चढ़ाव के बाद रिकॉर्ड हाई पर पहुंचा ITC का शेयर, बजट में सिगरेट पर टैक्स बढ़ाने का ऐलान इस बीच कंपनी का EBITDA मार्जिन सालाना आधार पर 5.2 फीसदी से घटकर 1.6 फीसदी पर रहा है। कच्चे माल की लागत 813.6 करोड़ रुपये रही जो पिछले साल की समान अवधि से 21 फीसदी ज्यादा है। शेयरों की चाल पर नजर डालें तो 1 हफ्ते में स्टॉक 4.63 फीसदी टूटा है जबकि 1 महीने में इसमें 10.19 फीसदी की गिरावट आई है। वहीं 1 साल में कंपनी का शेयर 26.68 फीसदी टूटा है। जनवरी 2023 में स्टॉक अपने हाई से 12 फीसदी अधिक टूटा है।

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Peshawar Mosque Blast: Death Toll Reaches 101, Cops Say Bomber Received Internal Assistance

The police said it made arrests in connection to the Peshawar suicide bomb blast. The death toll on Wednesday reached 101

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Google Reportedly Testing New Search Experience With ChatGPT-Like Chatbot Called 'Apprentice Bard'

Google could be working on a revamped search experience—with an all-new design that could feature a ChatGPT-like chatbot called ‘Apprentice Bard.’

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Tuesday, January 31, 2023

Budget 2023: 10 साल में सिर्फ दो बार बजट के पहले वाले महीने में चढ़ा मार्केट, चेक करें बजट के दिन कैसा रहा रुझान

Budget 2023: अगले वित्त वर्ष 2023-24 का बजट कल एक फरवरी को केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण पेश करेंगी। बजट के एक दिन पहले आज मार्केट चढ़कर बंद हुआ है। घरेलू इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्स आज ग्रीन जोन में हैं। बीएसई सेंसेक्स 59550 पर और निफ्टी 17662 पर बंद हुआ है। हालांकि इस पूरे महीने की बात करें तो Sensex करीब 1300 अंक यानी 2 फीसदी और निफ्टी भी ढाई फीसदी यानी 445 अंक कमजोर हुआ है। हालांकि ऐसा पहली बार नहीं हुआ है कि बजट के पहले वाले महीने में स्टॉक मार्केट में कमजोरी का रुझान रहा है। पिछले 10 साल में यानी 2013 से लेकर अब तक सिर्फ दो बार बजट के पिछले महीने मार्केट मजबूत हुआ था। सिर्फ दो बार मार्केट में रही मजबूती पिछले दस वर्षों में ऐसा सिर्फ दो बार हुआ है जब बजट पेश होने के पहले वाले महीने में शेयर मार्केट मजबूत हुआ। 2017 में बजट के पहले वाले महीने में मार्केट 4.6 फीसदी मजबूत हुआ था। इसके बाद वर्ष 2018 में बजट के पहले वाले महीने में घरेलू मार्केट 5.6 फीसदी मजबूत हुआ था। Economic Survey 2023: अर्थव्यवस्था की गुलाबी तस्वीर पेश करता है आर्थिक सर्वे, जानिए इसमें क्या कहा गया है पिछले 10 साल Pre-Budget Month में मार्केट का हाल 2013- सेंसेक्स करीब 3 फीसदी कमजोर हुआ। 2014- यह चुनावी वर्ष होने था तो अगले वित्त वर्ष का पूर्ण बजट नई सरकार का गठन होने के बाद जुलाई में पेश हुआ था। उसके पहले एक महीने में सेंसेक्स करीब आधा फीसदी कमजोर हुआ था। 2015- सेंसेक्स में करीब 1.15 फीसदी की गिरावट। 2016- सेंसेक्स करीब 6.1 फीसदी टूट गया। 2017- 4.6 फीसदी का उछाल। 2018- सेंसेक्स 5.6 फीसदी मजबूत हुआ। 2019- चुनावी वर्ष होने के नाते पूरे साल का बजट जुलाई में पेश हुआ था। बजट पेश होने के पहले एक महीने में सेंसेक्स 0.04 फीसदी कमजोर हुआ। 2020- सेंसेक्स में 1.28 फीसदी की गिरावट। 2021- सेंसेक्स में 3 फीसदी की गिरावट। 2022- बजट से पहले सेंसेक्स दो फीसदी टूट गया। 2023- सेंसेक्स में दो फीसदी से अधिक गिरावट। बजट के दिन कैसा रहा मार्केट का हाल पिछले 10 साल में सिर्फ 2014 के अंतरिम बजट, 2015, 2047, 2019 के अंतरिम बजट, 2021 और 2022 में बजट के दिन बाजार ग्रीन जोन में बंद हुए। इसमें भी सबसे अधिक तेजी तो 2021 में रही जब मार्केट करीब 4.7 फीसदी के उछाल के साथ बंद हुआ। वहीं पिछले साल यह 1.4 फीसदी की बढ़त के साथ बंद हुआ था। After-Budget मार्केट का हाल पिछले दस वर्षों में बजट के बाद मार्केट में मिला-जुला माहौल रहा। सबसे अधिक तेजी 2016 में रही जब बजट पेश होने के बाद महीने भर में करीब 10.7 फीसदी मजबूत हुआ था। पिछले साल बजट के बाद महीने भर में मार्केट करीब 4.5 फीसदी कमजोर हुआ था। 2021 में बजट पेश होने के बाद महीने भर में मार्केट 3.4 फीसदी मजबूत हुआ था लेकिन उसके एक साल पहले जब कोरोना महामारी अभी नहीं आया था, उस समय 2020 में बजट पेश होने के बाद एक महीने में मार्केट 3.1 फीसदी टूटा था।

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US President Joe Biden to End Covid-19 Emergencies on May 11

If Biden ends the national and public health emergency over Covid then it would formally restructure the federal response and the virus will be treated as endemic

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Budget 2023: अपनी ही सरकार के टैक्स को 'खतरनाक' बता खुद PM बन गया था यह वित्त मंत्री, इंदिरा गांधी के साथ हुआ था 'खेल'

Union Budget 2023: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) कल यानी एक फरवरी को संसद में मोदी 2.0 सरकार का आखिरी पूर्ण बजट (Union Budget 2023-2024) पेश करेंगी। अगले साल होने वाले लोकसभा चुनाव के मद्देनजर इस बजट से काफी उम्मीदें हैं। एक फरवरी को सुबह 11 बजे से लोकसभा में वित्त मंत्री का भाषण शुरू होगा। निर्मला सीतारमण सैलरी धारकों और छोटे व्यवसायों में लोगों के लिए आयकर राहत की घोषणा कर सकती हैं। हाल के दिनों में बढ़ती महंगाई और नौकरियों के संकट के महत्वपूर्ण मुद्दे हैं। 1947 से लेकर अब तक 89 बार बजट पेश किया जा चुका है। भले ही बजट वित्त मंत्री पेश करे, लेकिन उनके जरिए सरकार और सत्ताधारी पार्टी का विजन आम लोगों के समक्ष पेश होता है। अगले साल चुनाव है, तो इस बजट से लोगों को कुछ ज्यादा ही उम्मीदे है। बजट पेश करने के दौरान वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का एक-एक शब्द मोदी सरकार का भविष्य निर्धारित करेगी। दरअसल, इसका जिक्र हम इसलिए कर रहे हैं, क्योंकि एक बार मोरारजी देसाई जब वित्त मंत्री थे तो उन्होंने इंदिरा गांधी सरकार द्वारा लाए गए टैक्स को खतरनाक बताकर खूब सुर्खियां बटोरी और कुछ साल बाद खुद प्रधानमंत्री बन गए। यह घटना 1968 का है। उस वक्त इंदिरा गांधी की सरकार में मोरारजी देसाई वित्त मंत्री थे। मोरारजी देसाई ने उस साल अपनी सरकार का बजट पेश किया था। इस दौरान अपने बजट भाषण में उन्होंने नए टैक्स को "खतरनाक हिस्सा" कहा था। साथ ही यह भी कहा था कि इसे "प्लास्टिक सर्जरी" करने की आवश्यकता है। केंद्रीय वित्त मंत्री का अपने सरकार के खिलाफ यह बयान काफी दुर्लभ था। देसाई ने अपने भाषण में प्रधानमंत्री पद की महत्वाकांक्षाओं को भी हवा दी। ये भी पढ़ें- Budget 2023: ट्रेनों को पूरी तरह सेफ बनाने की तैयारी में सरकार, बजट में 25% बढ़ा सकती है आवंटन उस वक्त उनका बजट भाषण काफी दिनों तक चर्चा में रहा। इस घटना के करीब नौ साल बाद जब इंदिरा गांधी ने देश से इमरजेंसी हटाया तो 1977 में आम चुनाव हुए। देसाई उस वक्त कांग्रेस का साथ छोड़ चुके थे। उस वक्त देश में नई राजनीतिक ताकत के रूप में जनता पार्टी अस्तित्व में आई थी। इस आम चुनाव में जनता पार्टी ने शानदार जीत दर्ज की और मोरारजी प्रधानमंत्री बन गए। 1989 में इतिहास ने खुद को फिर दोहराया जब एक और वित्त मंत्री वीपी सिंह, राजीव गांधी की जगह पीएम बन गए। मोरारजी देसाई ने अबतक सबसे ज्यादा बार बजट पेश किया है। करीब 10 बार मोरारजी देसाई बजट पेश कर चुके हैं, जिसमें दो अंतरिम बजट और 8 आम बजट शामिल है। उनका ये रिकॉर्ड अबतक किसी दूसरे वित्तमंत्री ने नहीं तोड़ा है। देसाई देश के चौथे प्रधानमंत्री भी रह चुके हैं।

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