Wednesday, August 3, 2022

Taiwan Defiant As China Readies Military Drills Over Pelosi Visit

China tries to keep Taiwan isolated on the world stage and opposes countries having official exchanges with Taipei

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Tuesday, August 2, 2022

US Drone to Kill Zawahiri Used Pak Airspace, Flew From a Middle-Eastern Country: Source | Exclusive

The United States had given the advance notice for airspace permission and route of the drone. The source, however, added that Pakistan was possibly not aware of the target -- al-Qaeda chief Ayman al-Zawahiri

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Monkeypox: अमेरिका में कैसे एक्सपायर हुईं मंकीपॉक्स की वैक्सीन की दो करोड़ खुराक?

Monkeypox Updates: एक दशक से भी कम समय पहले अमेरिका (US) के पास एक नए तरह के चेचक (Smallpox) के वैक्सीन (Vaccine) की लगभग दो करोड़ खराक थीं। ये वैक्सीन मंकीपॉक्स (Monkeypox) के खिलाफ भी असरदार थी। उस दौरान सभी डोज को स्टॉक कर लिया गया था और फ्रीजर में रख दिया गया था। आज ये वैक्सीन जीनियोस (Jynneos) के नाम से जानी जाती है। अमेरिका में मंकीपॉक्स इस साल मई में पहली बार सामने आया है। वैक्सीन की इतनी बड़ी मात्रा इस नए वायरस को फैलने से रोक सकती थी। केस आने के बाद इस स्ट्रैटेजिक नेशनल स्टॉकपाइल से जब इन खुराकों की सप्लाई शुरू करने का फैसला हुआ, तो उस समय केवल 2,400 डोज ही इस्तेमाल करने लायक थीं, जो केवल 1,200 लोगों की ही दी जा सकती थीं। New York Times के मुताबिक, मंकीपॉक्स की वैक्सीन की बाकी डोज एक्सपायर हो चुकी थीं। अब करीब 10 हफ्तों से ये मंकीपॉक्स का प्रकोप बढ़ रहा है। ऐसे में ज्यादा जोखिम वाले बहुत से लोग जो वैक्सीनेशन करवाना चाहते हैं, उन्हें एक भी खुराक नहीं मिल रही है और शायद महीनों तक एक भी खुराक न मिले। अधिकारियों की लापरवाही अब जब ये बीमारी तेजी से अपने पैर पसार रही है, ऐसे में अमेरिका, जो पहले वायरस की वैक्सीन का अच्छा खासा भंडार लिए बैठा था, वो भी आज खाली है। साथ ही इसे लेकर अधिकारिओं और प्रशासन की लापरवाही अब सामने आ रही है। NYT की रिपोर्ट के मुताबिक, कई बार संघीय अधिकारियों ने खुराक के एक्सपायर होने पर जल्दी से फिर से स्टॉक पूरा नहीं किया। इसके बजाय वैक्सीन के फ्रीज-ड्राइड वर्जन को विकसित करने में पैसा लगाया। इस वर्जन में वैक्सीन की तीन साल की शेल्फ लाइफ काफी बढ़ जाती। खाद्य एवं औषधि प्रशासन की तरफ से फ्रीज-ड्राइड वैक्सीन को मंजूरी दिए जाने के इंतजार के चक्कर में इसे मामले को पिछले एक दशक में खूब घसीटा गया। अमेरिका ने बड़ी मात्रा में वैक्सीन का कच्चा माल खरीद लिया था। जबकि उन्हें अभी तक शीशियों में नहीं भरा गया है। रॉ और अधूरी वैक्सीन डेनमार्क के कोपेनहेगन के बाहर बड़े प्लास्टिक बैग में रखा जाती है, जो कि छोटी डेनिश बायोटेक कंपनी बवेरियन नॉर्डिक के हेडक्वार्टर में है। इसने ही जीनियोस को विकसित किया और यहीं इस वैक्सीन का एकेला निर्माता बना हुआ है। लगभग 20 साल से, अमेरिकी सरकार ने कंपनी के वैक्सीन, क्लिनिकल ​ट्रायल और निर्माण प्रक्रिया के विकास में मदद की है। इसकी लागत 2014 तक 1 अरब डॉलर का आंकड़ा पार कर चुकी है और 2 अरब डॉलर की ओर बढ़ रही है। इसके बावजूद, अमेरिका ज्यादा जोखिम वाले लोगों के लिए बड़े स्तर पर वैक्सीनेशन ड्राइव शुरू करने के लिए पर्याप्त खुराक नहीं ले सकता है। इस बीमारी का सबसे ज्यादा खतरा उन पुरुषों को है, जो पुरुषों के साथ यौन संबंध रखते हैं या जिनके कई साथी हैं। दिल्ली में मंकीपॉक्स का तीसरा केस मिला, देश भर में अभी तक कुल 8 मामलों की पुष्टि Jynneos के अमेरिकी भंडार में कमी का एक कारण यह है कि इसकी देखरेख करने वाले अधिकारियों ने मंकीपॉक्स को एक समस्या के रूप में नहीं देखा था या उसे ज्यादा घातक नहीं माना था। वे सबसे खतरनाक और घातक परिदृश्यों पर केंद्रित थे, जैसे कि चेचक या एंथ्रेक्स से जुड़े बायोटेरर हमले। अब, मंकीपॉक्स एक गंभीर पब्लिक हेल्थ के खतरे के रूप में उभरा है। जुलाई के आखिर तक, अमेरिका में 5,000 से ज्यादा मामले दर्ज किए गए थे और न्यूयॉर्क शहर में लगभग 1,300 केस थे। हेल्थ और ह्यूमन सर्विस के प्रवक्ता ने एक बयान में कहा, "हमें चेचक के लिए वैक्सीन लगाने की जरूरत थी, जो एक भौतिक खतरे के निर्धारण के आधार पर था, जो विशेष रूप से मंकीपॉक्स के लिए मौजूद नहीं था।"

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SBI के शेयरों में अच्छी तेजी आने का चांस

SBI Share News: इस Stock में नजर आ रहा है बढ़िया Move, ऐसे में जानें क्या होगी Strategy। पाएं आगे की निति, जानें क्या होगी Stop Loss और Target Price

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Daily Voice : अगले 2-3 सालों में भारत में मंदी की कोई आशंका नहीं, बाजार में जल्द ही न्यू हाई मुमकिन

Axis Securities के नवीन कुलकर्णी का कहना है कि रुपये में तेज गिरावट चिंता का कारण है। लेकिन इसको लेकर बहुत ज्यादा परेशान होने की जरुरत नहीं है। रुपया अब इससे ज्यादा नहीं गिरेगा क्योंकि अब ग्लोबल बाजार की दिशा मंदी की तरफ खिसकती नजर आ सकती है। उन्होंने इस बातचीत में आगे कहा कि अगले 2-3 सालों में भारत में मंदी की कोई आशंका नहीं है। इसका मतलब यह है कि आगे हमें रुपये में स्थिरता आती नजर आएगी। उनका यह भी मानना है कि आरबीआई अपनी अगली पॉलिसी मीट में ब्याज दरों में 50 बेसिस प्वाइंट की बढ़ोतरी कर सकता है। लेकिन इससे ज्यादा होने वाली बढ़ोतरी तमाम ग्लोबल फैक्टरों पर निर्भर करेगी क्योंकि भारत दुनिया के प्रभाव से बचकर नहीं रह सकता। पहली तिमाही के नतीजों पर बात करते हुए नवीन कुलकर्णी ने आगे कहा कि अभी पहली तिमाही में आए कंपनियों के नतीजे उम्मीद के मुताबिक रहे हैं। कन्ज्यूमर सेक्टर ने अच्छा ट्रेंड दिखाया है। खपत से जुड़े सेक्टरों में मजबूती का ट्रेंड देखने को मिला है जो इकोनॉमी में मजबूती का संकेत है। आईपीओ बाजार से जुड़े एक सवाल का जबाव देते हुए नवीन कुलकर्णी ने कहा कि प्राइमरी मार्केट को रिकवर होने में कुछ समय लगेगा। पिछले वर्ष का बेंचमार्क काफी ऊंचा है। अब पिछले वर्ष का लेवल हासिल करना मुश्किल नजर आ रहा है। उम्मीदों को नीचे आने में कुछ समय लगता है। इस साल पिछले साल की तुलना में आईपीओ मार्केट में सुस्ती नजर आएगी लेकिन फिर भी यहां तमाम लिस्टिंग होती नजर आएगी। आने वाले महीनों में अच्छे बिजनेस मॉडल वाली कंपनियां प्राइमरी बाजार से पूंजी जुटाने में कामयाब होंगी। खपत वाले सेक्टर और FMCG सेक्टर में पिछले डेढ़ महीने में आई जोरदारी तेजी के बाद क्या अब भी निवेश के मौके हैं? इस सवाल का जवाब देते हुए नवीन कुलकर्णी ने कहा कि खपत से जुड़े सेक्टर ने कोविड -19 के बाद की रैली में बहुत भागीदारी नहीं की थी। पूरे महामारी काल में FMCG सेक्टर अंडरपरफॉर्मर रहा था। तीन महीने पहले कुछ कंज्यूमर डिस्क्रीशनरी स्टॉक कोविड -19 पूर्व के स्तर के भी नीचे नजर आ रहे थे। MC30 smallcap : इस स्मॉलकैप फंड ने भारी जोखिम के बावजूद कराई जोरदार कमाई, क्या आपने भी किया है निवेश ? ऐसे में अब इकोनॉमिक गतिविधियों के अपनी पूरी गति के साथ चलने की वजह से अगर खपत से जुड़े सेक्टर अच्छा कर रहे हैं तो इसमें कोई आश्चर्य की बात नहीं है। इस सेक्टर के लिए एक मात्र चुनौती इनका महंगा वैल्यूएशन है। ऐसे में आईटीसी जैसे अच्छे वैल्यूएशन वाले स्टॉक्स का प्रदर्शन आगे अच्छा रहेगा। क्या बेंचमार्क इंडेक्स दिवाली के पहले नया रिकॉर्ड हाई छू सकते हैं? इस सवाल का जबाव देते हुए उन्होंने कहा कि हां यह संभव है लेकिन इसके लिए कोई समय सीमा नहीं बताई जा सकती है। भारत अभी भी दुनिया के सबसे आर्कषक बाजारों में से एक है और मीडियम टर्म में यह काफी अच्छा प्रदर्शन करेगा। डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

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Bengal SSC Scam: बंगाल शिक्षक भर्ती घोटाले के आरोपी पूर्व मंत्री पार्थ चटर्जी पर महिला ने फेंकी चप्पल

बंगाल के चर्चित शिक्षक भर्ती घोटाले में आरोपी ममता बनर्जी सरकार के पूर्व मंत्री पार्थ चटर्जी (Partha Chatterjee) पर एक महिला ने कोलकाता में चप्पल फेंक दी। महिला ने मंगलवार को 'कैश किंग' पार्थ चटर्जी के ऊपर चप्पल फेंकी। तृणमूल कांग्रेस के निलंबित नेता पार्थ चटर्जी पर उस समय चप्पल फेंकी गई, जब उन्हें मेडिकल के लिए कोलकाता के ESI अस्पताल में लाया गया था। महिला यहां अपने परिजन का इलाज करवा रही है। पार्थ चटर्जी पर चप्पल फेंकने वाली महिला बेहद आक्रोश में थी। मीडिया से बातचीत में अपना गुस्सा जाहिर करते हुए कहा महिला ने कहा कि नेता लोग जनता का पैसा लूट रहे हैं...। बता दें कि बंगाल सरकार में मंत्री रहे पार्थ चटर्जी पर शिक्षक भर्ती घोटाले के आरोप लगे हैं। पार्थ को आज ईएसआई अस्पताल में चेकअप के लिए लाया गया था, इसी दौरान महिला उनपर चप्पल फेंक दी। महिला ने कहा कि मैं गुस्से में थी और इसलिए मैंने पार्थ पर चप्पल फेंकी। उसने कहा कि मैं अब बिना चप्पल के घर वापस चलूंगी, लेकिन मैं खुश हूं। मैंने वही किया जो अच्छा लगा। ऐसे भ्रष्ट लोग कितने लोगों का जीवन बर्बाद करते हैं, गरीबों के जीवन का कोई मूल्य नहीं क्या है? ये भी पढ़ें- प्रह्लाद मोदी ने केंद्र सरकार के खिलाफ जंतर मंतर पर दिया धरना, जानिए क्या है मांग बता दें कि पार्थ चटर्जी ने हाल ही में दावा किया था कि ईडी की छापेमारी के दौरान बरामद पैसा उनका नहीं है, और समय बताएगा कि उनके खिलाफ ‘‘साजिश’’ में कौन शामिल है। तृणमूल कांग्रेस के पूर्व महासचिव चटर्जी को ईडी ने स्कूल सेवा आयोग (SSC) के भर्ती अभियान से जुड़ी कथित अनियमितताओं के मामले की जांच के संबंध में 23 जुलाई को गिरफ्तार किया था। ED ने इस मामले में चटर्जी की करीबी अर्पिता मुखर्जी (Arpita Mukherjee) को भी गिरफ्तार किया है। ईडी ने अर्पिता मुखर्जी के स्वामित्व वाले दो फ्लैटों से सोने और विदेशी मुद्रा के अलावा करीब 50 करोड़ रुपये से अधिक की नकद बरामद की है। घोटाले के मद्देनजर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने चटर्जी को वाणिज्य और उद्योग के महत्वपूर्ण विभागों सहित उनके विभागों से मुक्त कर दिया है। उन्हें तृणमूल कांग्रेस से भी निलंबित कर दिया गया और पार्टी के सभी पदों से हटा दिया गया गया है।

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Thyrocare का नेट प्रॉफिट सेल्स में कमी के कारण 60% गिरा, आज कंपनी के शेयरों में दिखी गिरावट

आज थायरोकेयर टेक्नोलॉजीज ( Thyrocare Technologies) के शेयरों में 4 प्रतिशत से अधिक की गिरावट नजर आई। कंपनी के अप्रैल-जून तिमाही के शुद्ध मुनाफे 60 प्रतिशत की गिरावट आने के बाद कंपनी का शेयर भी गिरा। कंपनी का मुनाफा पिछले साल की जून तिमाही में 55.6 करोड़ रुपये के मुकाबले 60.9 प्रतिशत घटकर 21.7 करोड़ रुपये रह गया। COVID-19 महामारी का असर कम होने के बाद कंपनी की बिक्री में कमी देखने को मिली। वहीं कंपनी की आय सालाना आधार पर 22.4 प्रतिशत कम होकर 127.8 करोड़ रुपये रही। आज दोपहर 1:08 बजे थायरोकेयर टेक्नोलॉजीज के शेयर बीएसई पर पिछले बंद भाव से 4.03 प्रतिशत की गिरावट के साथ 631 रुपये पर कारोबार कर रहे थे। आज बाजार बंद होने के समय कंपनी का शेयर 3.73 प्रतिशत या 24.50 रुपये गिरकर 6.33 रुपये के स्तर पर बंद हुआ। कंपनी का EBITDA वित्तीय वर्ष 2023 के लिए अप्रैल-जून तिमाही में 49.6 प्रतिशत घटकर 35.9 करोड़ रुपये हो गया। जबकि पिछली तिमाही में कंपनी का EBITDA 71.2 करोड़ रुपये रहा था। थायरोकेयर की मार्जिन भी गिरकर 28.1 प्रतिशत पर आ गई। जून 2022 को समाप्त तिमाही के लिए बिक्री में सालाना आधार पर 22.3 प्रतिशत की गिरावट आई और यह 127.79 करोड़ रुपये रही। IndiGo के शेयर 5 दिनों में 8% चढ़े, 1 महीने में दिखी 15% की अपसाइड कंपनी के नॉन कोविड​​​​-19 आय में वृद्धि देखने को मिली। यह 12 प्रतिशत बढ़कर 112.2 करोड़ रुपये हो गई। जबकि पिछली तिमाही में यह 100.5 करोड़ रुपये रही थी। थायरोकेयर टेक्नोलॉजीज के एमडी और सीईओ राहुल गुहा ने CNBCTV18 से कहा "हमारा कारोबार आगे बढ़ेगा तो मार्जिन के 30-33 प्रतिशत बढ़ने की उम्मीद है। हम उम्मीद करते हैं कि पिछली कुछ तिमाहियों में हमने जो ग्रोथ दिखाई है, उसे आगे भी जारी रखेंगे। बता दें कि थायरोकेयर टेक्नोलॉजीज के शेयर 2022 की शुरुआत से दबाव में हैं। स्टॉक में इस साल में अब तक 40 प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट आई है। डिस्क्लेमर: (यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना हेतु दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।)      

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