Monkeypox Updates: एक दशक से भी कम समय पहले अमेरिका (US) के पास एक नए तरह के चेचक (Smallpox) के वैक्सीन (Vaccine) की लगभग दो करोड़ खराक थीं। ये वैक्सीन मंकीपॉक्स (Monkeypox) के खिलाफ भी असरदार थी। उस दौरान सभी डोज को स्टॉक कर लिया गया था और फ्रीजर में रख दिया गया था। आज ये वैक्सीन जीनियोस (Jynneos) के नाम से जानी जाती है। अमेरिका में मंकीपॉक्स इस साल मई में पहली बार सामने आया है। वैक्सीन की इतनी बड़ी मात्रा इस नए वायरस को फैलने से रोक सकती थी। केस आने के बाद इस स्ट्रैटेजिक नेशनल स्टॉकपाइल से जब इन खुराकों की सप्लाई शुरू करने का फैसला हुआ, तो उस समय केवल 2,400 डोज ही इस्तेमाल करने लायक थीं, जो केवल 1,200 लोगों की ही दी जा सकती थीं। New York Times के मुताबिक, मंकीपॉक्स की वैक्सीन की बाकी डोज एक्सपायर हो चुकी थीं। अब करीब 10 हफ्तों से ये मंकीपॉक्स का प्रकोप बढ़ रहा है। ऐसे में ज्यादा जोखिम वाले बहुत से लोग जो वैक्सीनेशन करवाना चाहते हैं, उन्हें एक भी खुराक नहीं मिल रही है और शायद महीनों तक एक भी खुराक न मिले। अधिकारियों की लापरवाही अब जब ये बीमारी तेजी से अपने पैर पसार रही है, ऐसे में अमेरिका, जो पहले वायरस की वैक्सीन का अच्छा खासा भंडार लिए बैठा था, वो भी आज खाली है। साथ ही इसे लेकर अधिकारिओं और प्रशासन की लापरवाही अब सामने आ रही है। NYT की रिपोर्ट के मुताबिक, कई बार संघीय अधिकारियों ने खुराक के एक्सपायर होने पर जल्दी से फिर से स्टॉक पूरा नहीं किया। इसके बजाय वैक्सीन के फ्रीज-ड्राइड वर्जन को विकसित करने में पैसा लगाया। इस वर्जन में वैक्सीन की तीन साल की शेल्फ लाइफ काफी बढ़ जाती। खाद्य एवं औषधि प्रशासन की तरफ से फ्रीज-ड्राइड वैक्सीन को मंजूरी दिए जाने के इंतजार के चक्कर में इसे मामले को पिछले एक दशक में खूब घसीटा गया। अमेरिका ने बड़ी मात्रा में वैक्सीन का कच्चा माल खरीद लिया था। जबकि उन्हें अभी तक शीशियों में नहीं भरा गया है। रॉ और अधूरी वैक्सीन डेनमार्क के कोपेनहेगन के बाहर बड़े प्लास्टिक बैग में रखा जाती है, जो कि छोटी डेनिश बायोटेक कंपनी बवेरियन नॉर्डिक के हेडक्वार्टर में है। इसने ही जीनियोस को विकसित किया और यहीं इस वैक्सीन का एकेला निर्माता बना हुआ है। लगभग 20 साल से, अमेरिकी सरकार ने कंपनी के वैक्सीन, क्लिनिकल ट्रायल और निर्माण प्रक्रिया के विकास में मदद की है। इसकी लागत 2014 तक 1 अरब डॉलर का आंकड़ा पार कर चुकी है और 2 अरब डॉलर की ओर बढ़ रही है। इसके बावजूद, अमेरिका ज्यादा जोखिम वाले लोगों के लिए बड़े स्तर पर वैक्सीनेशन ड्राइव शुरू करने के लिए पर्याप्त खुराक नहीं ले सकता है। इस बीमारी का सबसे ज्यादा खतरा उन पुरुषों को है, जो पुरुषों के साथ यौन संबंध रखते हैं या जिनके कई साथी हैं। दिल्ली में मंकीपॉक्स का तीसरा केस मिला, देश भर में अभी तक कुल 8 मामलों की पुष्टि Jynneos के अमेरिकी भंडार में कमी का एक कारण यह है कि इसकी देखरेख करने वाले अधिकारियों ने मंकीपॉक्स को एक समस्या के रूप में नहीं देखा था या उसे ज्यादा घातक नहीं माना था। वे सबसे खतरनाक और घातक परिदृश्यों पर केंद्रित थे, जैसे कि चेचक या एंथ्रेक्स से जुड़े बायोटेरर हमले। अब, मंकीपॉक्स एक गंभीर पब्लिक हेल्थ के खतरे के रूप में उभरा है। जुलाई के आखिर तक, अमेरिका में 5,000 से ज्यादा मामले दर्ज किए गए थे और न्यूयॉर्क शहर में लगभग 1,300 केस थे। हेल्थ और ह्यूमन सर्विस के प्रवक्ता ने एक बयान में कहा, "हमें चेचक के लिए वैक्सीन लगाने की जरूरत थी, जो एक भौतिक खतरे के निर्धारण के आधार पर था, जो विशेष रूप से मंकीपॉक्स के लिए मौजूद नहीं था।"
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