Nana Patekar viral video: दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर अपनी बेबाक बातों और सादगी के लिए जाने जाते हैं। वह जिंदगी को जिस नजरिए से देखते हैं, उसमें दिखावा कम और सच्चाई ज्यादा नजर आती है। मौत को लेकर उनका एक बयान भी कुछ ऐसा ही है, जो सुनने वाले को भावुक करने के साथ-साथ सोचने पर मजबूर कर देता है। सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में नाना पाटेकर ने बहुत पहले ही कहा दिया था कि हमको मालूम है कल जाना है। हमको 12 मन लकड़ी लगने वाली है। उन्होंने यह भी कहा कि यही मेरी आखिरी संपत्ति है। उनकी यह बात सुनने में भले ही अजीब लगे। लेकिन इसके पीछे जिंदगी की सबसे बड़ी सच्चाई छिपी है। इंसान चाहे कितनी भी दौलत कमा ले, आखिर में उसके साथ कुछ नहीं जाता।
नाना ने आगे कहा कि उन्होंने अपनी लकड़ी तक जमा करके रखी है और वह सूखी है, ताकि अंतिम संस्कार के वक्त धुआं न हो। इसके बाद नाना ने जो बात कही, वह उनके अंदाज की सबसे खास झलक देती है। उन्होंने कहा कि अगर गीली लकड़ी जलाई गई तो धुआं उठेगा और आसपास खड़े दोस्तों और लोगों की आंखों में चला जाएगा। उनकी आंखों से पानी आएगा और कहीं ऐसा न हो कि मरते वक्त उन्हें यह गलतफहमी हो जाए कि लोग उनके लिए रो रहे हैं।
'कम से कम मरते वक्त गलतफहमी नहीं होनी चाहिए'
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में नाना कहते हैं, "हमको मालूम है कल जाना है। हमको 12 मन लकड़ी लगने वाली है। वही मेरी आखिरी संपत्ति है। मैंने अपनी वो लकड़ी जमा करके रखी है। वो सूखी है। उसी में जलाना है। गीली लकड़ी मत इस्तेमाल करना, नहीं तो धुआं आएगा। दोस्त और अगल-बगल के बाकी लोग जमा होंगे, उनकी आंख में जाएगा तो पानी आएगा आंख से। और मरते वक्त गलतफहमी होगी कि मेरे लिए रो रहे हैं। कम से कम मरते वक्त गलतफहमी नहीं होनी चाहिए।" इस वीडियो को मशहूर डायरेक्टर रामगोपाल वर्मा ने सोशल मीडिया पर शेयर किया है।
यह बात सिर्फ मौत पर एक टिप्पणी नहीं, बल्कि नाना के जीवन-दर्शन को भी सामने रखती है। वह उस पल में भी भावनाओं और दिखावे के बीच का फर्क समझने की बात करते हैं। उनकी सोच में मृत्यु भी उतनी ही सहज और वास्तविक है, जितनी जिंदगी। नाना का यह बयान इसलिए भी दिल छू जाता है क्योंकि वह मौत को डर या रहस्य की तरह नहीं, बल्कि जिंदगी की अंतिम सच्चाई की तरह स्वीकार करते नजर आते हैं।
करोड़ों रुपये, शोहरत और पहचान के बीच भी आखिर में इंसान के हिस्से में वही आता है, जो उसने अपने जीवन में सच्चे तौर पर जिया। नाना पाटेकर की यह बात शायद यही याद दिलाती है कि जिंदगी में बहुत कुछ कमाया जा सकता है। लेकिन आखिरी सफर के लिए इंसान को अपने साथ सिर्फ अपनी सच्चाई लेकर जाना होता है।
अस्पताल में जुटे नाना पाटेकर के परिजन और दोस्त
नाना पाटेकर के भतीजे सचिन पाटेकर गुरुवार को गोवा मेडिकल कॉलेज एवं असपताल (जीएमसीएच) पहुंचने के बाद अपने आंसूओं को रोक नहीं सके, जहां अभिनेता के पार्थिव शरीर को पोस्टमार्टम के लिए लाया गया था। अभिनेता सयाजी शिंदे समेत नाना पाटेकर के रिश्तेदार, दोस्त और शुभचिंतक राज्य सरकार के अस्पताल के बाहर खड़े हैं। वे गमगीन दिखाई दिए।
सचिन राज्य की राजधानी के पास बम्बोलिम स्थित जीएमसीएच के मुर्दाघर के बाहर जैसे ही पहुंचे तो फूट-फूटकर रोने लगे जिससे माहौल और गमगीन हो गया। नाना पाटेकर के करीबी दोस्त और अभिनेता सयाजी शिंदे गोवा में एक शूटिंग में व्यस्त थे और पाटेकर के निधन की खबर मिलते ही वह अस्पताल पहुंच गए।
75 वर्षीय पाटेकर को गुरुवार तड़के पणजी के पास डोना पाउला स्थित उनके आवास से बेहोशी की हालत में एक निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। बाद में उनके पार्थिव शरीर को जीएमसीएच लाया गया। पुलिस ने उनके निधन के संबंध में 'मेडिको-लीगल' मामला दर्ज किया है।
शिंदे ने बताया कि उन्हें एक न्यूज चैनल के जरिए पाटेकर के निधन की जानकारी मिली, जिसके बाद वह जीएमसीएच पहुंचे। अस्पताल के बाहर पुलिस अधिकारी सचिन के साथ बातचीत करते नजर आए। इसके बाद वे अस्पताल के फॉरेंसिक विभाग की ओर चले गए, जहां पोस्टमार्टम किया जाना था।
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