Thursday, September 10, 2026

NSE IPO: ये 5 कंपनियां आईपीओ में बेचेगी की हिस्सेदारी, शेयरों पर रहेगी नजर

NSE IPO: बहुचर्चित NSE का IPO अब बाजार में लिस्टिंग के करीब पहुंच रहा है। लेकिन इसका असर सिर्फ NSE तक सीमित नहीं रहेगा। कुछ लिस्टेड कंपनियां NSE में हिस्सेदारी रखती हैं। इनमें से कई कंपनियां IPO के जरिए कुछ हिस्सा बेचने की तैयारी में हैं।

इस वजह से कुछ बैंकिंग और इंश्योरेंस शेयर भी फोकस में आ सकते हैं। आइए जानते हैं कि किन कंपनियों की NSE में बड़ी हिस्सेदारी है और वे कितना हिस्सा बेच सकती हैं।

1. SBI

देश के सबसे बड़े बैंक State Bank of India (SBI) की NSE की करीब 3.23% हिस्सेदारी है। इसकी सब्सिडियरी SBI Capital Markets के पास 4.33% और SBI Life Insurance Company के पास करीब 0.33% हिस्सेदारी है।

हाल में SBI ने करीब 87.81 लाख NSE शेयर SBI Capital Markets को ट्रांसफर किए हैं। इसके बाद भी SBI ग्रुप की ओर से IPO में ऑफर किए जाने वाले NSE शेयरों की संख्या करीब 2.475 करोड़ ही रहेगी। इस वजह से SBI NSE IPO में हिस्सेदारी बेचने वाली बड़ी लिस्टेड कंपनियों में शामिल है।

2. Bank of Baroda

एक अन्य सरकारी बैंक Bank of Baroda (BoB) के पास करीब 2.20 करोड़ NSE शेयर हैं। यह NSE में करीब 0.89% हिस्सेदारी के बराबर है। बैंक IPO के OFS के जरिए इनमें से 1.10 करोड़ शेयर बेच सकता है। यानी बैंक अपनी मौजूदा NSE हिस्सेदारी का करीब आधा हिस्सा IPO के जरिए बेच सकता है।

3. GIC Re

जरनल इंश्योरेंस कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (GIC Re) के पास NSE के करीब 4.07 करोड़ शेयर हैं। यह एक्सचेंज में करीब 1.64% हिस्सेदारी है। कंपनी OFS के जरिए करीब 1.07 करोड़ शेयर बेच सकती है। इससे GIC Re भी NSE में अपनी हिस्सेदारी का एक हिस्सा भुना सकती है।

4. New India Assurance

न्यू इंडिया एश्योरेंस कंपनी के पास NSE में करीब 1.42% हिस्सेदारी है। कंपनी इनमें से 1.05 करोड़ शेयर बेच सकती है। वहीं, नेशनल इंश्योरेंस कंपनी और यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस कंपनी के पास भी करीब 1.42-1.42% हिस्सेदारी है। दोनों कंपनियां 60-60 लाख शेयर बेच सकती हैं।

ओरिएंटल इंश्योरेंस कंपनी भी NSE में करीब 1.42% हिस्सेदारी रखती है। यह कंपनी करीब 49.57 लाख शेयर OFS में बेच सकती है। इसके अलावा ICICI लोम्बार्ड जनरल इंश्योरेंस कंपनी के पास करीब 0.95% हिस्सेदारी है। कंपनी 23.5 लाख शेयर बेच सकती है।

5. IFCI

इंडस्ट्रियल फाइनेंस कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (IFCI) का NSE के इतिहास से पुराना संबंध है। हालांकि, मौजूदा हिस्सेदारी मुख्य रूप से Stock Holding Corporation of India Limited (SHCIL) जैसी कंपनियों के जरिए दिखती है।

SHCIL के पास NSE की करीब 4.44% हिस्सेदारी है। यह OFS के जरिए 1.09 करोड़ शेयर बेच सकती है।

LIC हिस्सेदारी नहीं बेचेगी

NSE IPO में एक दिलचस्प बात यह भी है कि सबसे बड़े शेयरहोल्डर लाइफ इंश्योरेंस कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (LIC) की हिस्सेदारी करीब 10.72% है। लेकिन LIC IPO में अपनी हिस्सेदारी नहीं बेच रही है। यानी दूसरी कंपनियां NSE में अपनी हिस्सेदारी का कुछ हिस्सा बेचेंगी, लेकिन LIC अपनी पूरी हिस्सेदारी बरकरार रखेगी।

निवेशकों के लिए क्यों अहम?

NSE IPO पूरी तरह OFS यानी ऑफर फॉर सेल है। इसका मतलब IPO से मिलने वाला पैसा NSE को नहीं मिलेगा। यह पैसा अपनी हिस्सेदारी बेचने वाले शेयरहोल्डर्स के पास जाएगा।

SBI, Bank of Baroda, GIC Re और दूसरी इंश्योरेंस कंपनियों के लिए यह लंबे समय से रखी NSE हिस्सेदारी की वैल्यू अनलॉक करने का मौका है।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।



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