Vijay Kedia Multibagger Strategy: शेयर बाजार के दिग्गज निवेशक और 'सुपरस्टार इनवेस्टर' विजय केडिया ने दलाल स्ट्रीट पर मल्टीबैगर शेयर ढूंढने का अपना सीक्रेट फॉर्मूला शेयर किया है। बाजार की भीड़ किसी शेयर के पीछे भागे, उससे पहले 10x या उससे ज्यादा रिटर्न देने वाले स्टॉक्स की पहचान करने के लिए वे एक खास 'R.I.S.E.' रणनीति का इस्तेमाल करते हैं।
विजय केडिया का मानना है कि मल्टीबैगर रिटर्न पाने का असली जरिया अगले 15-20 सालों के लंबे समय वाले मेगा-थीम्स पर सही समय पर दांव लगाना है। जानिए विजय केडिया की यह R.I.S.E. स्ट्रेटेजी क्या है और वे शेयर चुनते समय किस 'गोल्डन रूल' को फॉलो करते हैं।
क्या है विजय केडिया का 'R.I.S.E.' फॉर्मूला?
केडिया के अनुसार, निवेशकों को ऐसे सेक्टर्स और कंपनियों की तलाश करनी चाहिए जिनमें अगले एक-दो दशक तक लगातार ग्रोथ की क्षमता हो। R.I.S.E. का हर अक्षर एक बड़े और भविष्य के मेगा-थीम को दर्शाता है:
1. R - Renewable Energy & Energy Transition (अक्षय ऊर्जा और एनर्जी ट्रांजिशन)
दुनिया तेजी से पारंपरिक ईंधन से ग्रीन एनर्जी की तरफ शिफ्ट हो रही है। इसमें विंड एनर्जी, ग्रीन हाइड्रोजन, न्यूक्लियर पावर और बैटरी टेक्नोलॉजी/एनर्जी स्टोरेज आते है। विजय केडिया का मानना है कि इस थीम के पास अगले 15 से 20 साल का लंबा रनवे है, जहां कंपनियों के लिए ग्रोथ की अपार संभावनाएं हैं।
2. I - Infrastructure (इंफ्रास्ट्रक्चर और केपेक्स)
देश में बुनियादी ढांचे का विकास और कंपनियों द्वारा किया जाने वाला बड़ा पूंजीगत खर्च। टर्नअराउंड कंपनियां, जो अपने बुरे दौर से निकलकर नए केपेक्स के दम पर मजबूत वापसी कर रही हैं। भारत जैसे तेजी से बढ़ते देश में इंफ्रास्ट्रक्चर और मैन्युफैक्चरिंग ही देश की आर्थिक वृद्धि की रीढ़ बनते हैं।
3. S - Security (साइबर सुरक्षा और रक्षा क्षेत्र)
साइबर थ्रेट्स के बढ़ते दौर में डिजिटल और राष्ट्रीय सुरक्षा सबसे बड़ी प्राथमिकता बन चुकी है। साइबर सिक्योरिटी कंपनियां और डिफेंस यानी रक्षा उपकरण बनाने वाली कंपनियां। वैश्विक तनावों और डिजिटलाइजेशन के चलते सरकारों और कॉरपोरेट्स का सिक्योरिटी बजट हर साल तेजी से बढ़ रहा है।
4. E - Emerging Tech (उभरती हुई टेक्नोलॉजी)
आने वाला दौर पूरी तरह नई तकनीकों के नियंत्रण में होगा। इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (EVs), आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और डेटा सेंटर्स। ये ऐसे सेक्टर्स हैं जो पुराने बिजनेस मॉडल को पूरी तरह से बदलकर रख रहे हैं। जो कंपनियां इनमें शुरुआती बढ़त बनाएंगी, वे भविष्य की दिग्गज बनेंगी।
अब जानिए विजय केडिया का 'गोल्डन रूल'
अक्सर रिटेल निवेशक किसी अच्छे सेक्टर की कंपनी को किसी भी कीमत पर खरीद लेते हैं। इस पर चेतावनी देते हुए विजय केडिया ने एक महत्वपूर्ण गोल्डन रूल दिया है:
'Buying a good sector at ANY price is a recipe for bad returns.' यानी किसी भी अच्छे सेक्टर के शेयर को किसी भी भाव पर खरीद लेना खराब रिटर्न की गारंटी है।विजय केडिया के अनुसार शेयर चुनते समय हमेशा इस 3-स्टेप हायरार्की को फॉलो करना चाहिए:
1. सही सेक्टर की पहचान
2. कंपनी की गुणवत्ता और बैलेंस शीट
3. सही वैल्यूएशन और अनुशासन
इसका मतलब साफ है कि अगर सेक्टर बहुत शानदार है, लेकिन कंपनी पर भारी कर्ज है या उसकी बैलेंस शीट खराब है, तो वह मल्टीबैगर नहीं बनेगी। और अगर सेक्टर व कंपनी दोनों अच्छे हैं, लेकिन आपने शेयर बहुत महंगे वैल्यूएशन पर खरीद लिया है, तो भी आपको बाजार में अच्छा रिटर्न नहीं मिलेगा।
रिटेल इन्वेस्टर्स के लिए टेकअवे
विजय केडिया का यह R.I.S.E. फॉर्मूला रिटेल निवेशकों को किसी भी फैंसी या ट्रेंडिंग शेयर में बिना सोचे-समझे पैसा लगाने से रोकता है। शेयर बाजार में लंबी अवधि में बड़ा पैसा बनाने के लिए सेक्टर की ग्रोथ के साथ-साथ कंपनी के फंडामेंटल्स और सही एंट्री प्राइस का ध्यान रखना बेहद जरूरी है।
Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।
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