Saturday, February 28, 2026

The Kerala Story 2 Review: रोंगटे खड़े कर देगी सच्ची घटना पर आधारित ये कहानी....

The Kerala Story 2 Review: ‘द केरल स्टोरी 2 गोज बियॉन्ड’ एक ऐसी फिल्म है, जो खोजबीन करने के बजाय तर्क पेश करती है। यह अपनी कहानी को ज़ोरदार और स्पष्ट रूप से अपनी बात कहती है। दर्शकों की राय बंटी हुई होगी, इस बात पर निर्भर करते हुए कि वे इसे चेतावनी मानते हैं या एकतरफा दावा।

कामाख्या नारायण सिंह द्वारा निर्देशित फिल्म 'द केरल स्टोरी 2: गोज बियॉन्ड' 28 फरवरी को सिनेमाघरों में रिलीज हुई और इसमें उल्का गुप्ता, ऐश्वर्या ओझा, अदिति भाटिया, सुमित गहलावत, अर्जन सिंह औजला और युक्तम खोसला ने अभिनय किया है।

‘द केरल स्टोरी 2: गोज बियॉन्ड’ की कहानी रिश्तों में धोखे और जबरन धर्म परिवर्तन के इर्द-गिर्द बुनी गई है। यह खुद को वास्तविक घटनाओं पर आधारित फिल्म बताती है और अपने रुख को नरम करने का कोई प्रयास नहीं करती। शुरुआत से ही यह स्पष्ट है कि फिल्म एक सशक्त संदेश देना चाहती है।

इसका उद्देश्य हल्के-फुल्के ढंग से मनोरंजन करना नहीं है। इसके बजाय, यह अपने तीन लीड रोल के द्वारा झेले गए भय, विश्वासघात और भावनात्मक आघात पर केंद्रित है। फिल्म का लहजा शुरू से अंत तक गंभीर है और कहानी कहने का तरीका दर्शकों को सुकून देने के बजाय विचलित करने के लिए बनाया गया है। लेकिन फिर भी यह एक ऐसी फिल्म है जो शोरगुल भरी और बोझिल है, कमजोर लेखन और अपने तर्क के अनुरूप गढ़ी गई कहानी के कारण बोझिल हो जाती है।

यह फिल्म तीन युवतियों, सुरेखा (उल्का गुप्ता), दिव्या (अदिति भाटिया) और नेहा (ऐश्वर्या ओझा) की कहानी है, जिनके जीवन में तब बदलाव आता है जब वे ऐसे रिश्तों में बंध जाती हैं जो फिल्म के अनुसार धोखे और छिपे इरादों पर आधारित होते हैं। तीनों अलग-अलग पृष्ठभूमि और शहर से आती हैं। कोच्चि की सुरेखा को महत्वाकांक्षी और भरोसेमंद दिखाया गया है।

जोधपुर की दिव्या को भावनात्मक रूप से कमजोर दिखाया गया है। ग्वालियर की नेहा भाला फेंक में माहिर बनने की ख्वाहिश रखती है और उसके सपने अपने शहर से कहीं आगे तक फैले हुए हैं। जैसे-जैसे कहानी आगे बढ़ती है, फिल्म दिखाती है कि कैसे उन्हें बहकाया जाता है, उनके परिवारों से अलग किया जाता है और धर्म परिवर्तन के लिए मजबूर किया जाता है। हालात तेजी से बिगड़ते जाते हैं।

फिल्म की कमजोरी कहानी कहने के तरीके में है। यह लोगों के व्यवहार के कारणों को समझने के लिए शायद ही कभी रुकती है। फिल्म में पुरुषों को ज्यादातर एक ही रंग में दिखाया गया है, जिनमें गहराई का अभाव है। महिलाओं को अक्सर पहले पीड़ित और फिर एक स्वतंत्र व्यक्ति के रूप में चित्रित किया गया है। इसी वजह से, कई सीन किसी बात को साबित करने के लिए रचे गए प्रतीत होते हैं, न कि वास्तविक लोगों के बारे में कुछ बताने के लिए।

कहानी कहने का तरीका मुखर और सीधा है। इसमें संदेह, जटिलता या विरोधाभास के लिए बहुत कम गुंजाइश है। जो दर्शक इसके संदेश से सहमत हैं, उन्हें यह मुखर लग सकता है। जो दर्शक असहमत हैं, उन्हें यह अतिरंजित और अनुचित लग सकता है।

‘द केरल स्टोरी 2: गोज बियॉन्ड’ एक ऐसी फिल्म है जो दर्शकों को ज्यादा बांध नहीं पाती है। यह स्पष्ट रूप से एक विशेष नजरिए का समर्थन करती है और हर सीन को उसी के अनुरूप ढालती है। कुछ लोग इसे चेतावनी के रूप में देखेंगे, जबकि अन्य इसे एकतरफा और हानिकारक मानेंगे। सिनेमा के लिहाज से, यह एक ऐसी कहानी है जो बताने के बजाय मैसेज देने पर अधिक केंद्रित प्रतीत होती है। यह फिल्म दर्शकों को कितनी पसंद आती है, यह पूरी तरह से इस बात पर निर्भर करता है कि आप फिल्म से क्या अपेक्षा रखते हैं।



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Friday, February 27, 2026

Rising Bharat Summit: 'हम 5 साल नहीं, शताब्दियों के हिसाब से चलते हैं' RSS नेता सुनील आंबेकर संघ का आगे का प्लान

नई दिल्ली में आयोजित News18 Rising Bharat Summit 2026 में इस बार चर्चा का फोकस था- “स्ट्रेंथ विदइन”, यानी भारत की अंदरूनी ताकत। मंच पर देश की बदलती सोच, युवाओं की भूमिका और संगठनों के योगदान पर खुलकर बातचीत हुई। इसी दौरान राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (RSS) के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख सुनील आंबेकर ने युवाओं और संघ के रिश्ते पर विस्तार से अपनी बात रखी।

उन्होंने कहा कि आज का नौजवान सपने देखने वाला है, आगे बढ़ना चाहता है और कुछ बड़ा करना चाहता है। उनके मुताबिक संघ ऐसे युवाओं को एक तरह का “सोशल इंफ्रास्ट्रक्चर” देता है, जहां वे जुड़कर काम कर सकें।

उन्होंने सवालों का जवाब देते हुए आंबेडकर ने कहा कि “भारत माता की जय” जैसे नारे किसी पर थोपे नहीं जाते। उनका कहना था कि यह भावना खुद युवाओं के भीतर से आती है। अगर ऐसा जबरदस्ती होता, तो संगठन इतना लंबा सफर तय नहीं कर पाता।

उन्होंने यह भी कहा कि आज देश के अलग-अलग हिस्सों से लोग संघ से इसलिए जुड़ रहे हैं, क्योंकि वे अपने भविष्य को देश की तरक्की से जोड़कर देखते हैं। उनके मुताबिक, वंदे मातरम या भारत माता की जय जैसे नारे आज के युवाओं के लिए गर्व का विषय हैं, विवाद का नहीं।

इस समिट में कई बड़ी हस्तियों की मौजूदगी ने आयोजन को और खास बना दिया। पूरा कार्यक्रम इस बात पर केंद्रित रहा कि भारत किस तरह अपनी आंतरिक शक्ति और आत्मविश्वास के दम पर आगे बढ़ रहा है।

कुल मिलाकर, यह मंच देश के भविष्य की दिशा पर मंथन का बड़ा मौका बनकर सामने आया, जहां नए भारत की सोच और उसके विजन पर खुलकर चर्चा हुई।

Ashwini Vaishnaw: 'डीपफेक' के लिए सहमति जरूरी, कंटेंट क्रिएटर्स को मिले कमाई का उचित हिस्सा; IT मंत्री अश्विनी वैष्णव का बड़ा बयान



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Market outlook : लाल निशान में बंद हुए सेंसेक्स-निफ्टी, जानिए 2 मार्च को कैसी रह सकती है बाजार की चाल

Stock Market : 27 फरवरी को निफ्टी के 25,200 से नीचे रहने के साथ भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स लाल निशान में बंद हुए। कारोबारी सत्र के अंत में सेंसेक्स 961.42 अंक या 1.17 प्रतिशत गिरकर 81,287.19 पर और निफ्टी 317.90 अंक या 1.25 प्रतिशत गिरकर 25,178.65 पर बंद हुआ। आद लगभग 1615 शेयर बढ़े, 2392 शेयर गिरे और 173 शेयर बिना किसी बदलाव के बंद हुए। निफ्टी मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स 1 फीसदी नीचे बंद हुए।

डॉ रेड्डीज लैब्स, भारती एयरटेल, M&M, HDFC लाइफ, सन फार्मा निफ्टी पर सबसे ज़्यादा गिरने वाले शेयरों में से थे,जबकि ट्रेंट, HCL टेक, इंफोसिस, अपोलो हॉस्पिटल्स को फ़ायदा हुआ। सेक्टर्स में, ऑटो, बैंक, FMCG, मेटल, रियल्टी, टेलीकॉम में 1-2% की गिरावट आई,जबकि IT, मीडिया, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स हरे निशान पर बंद हुए।

निफ्टी व्यू

थिनक्रेडब्लू सिक्योरिटीज (Thincredblu Securities) के संस्थापक गौरव उदानी का कहना है कि निफ्टी में बिकवाली देखने को मिली। ये 316 अंक गिरकर 25,180 पर बंद हुआ। इंडेक्स ने डिसेंडिंग ट्रायंगल पैटर्न से ब्रेकडाउन कन्फर्म किया और अहम सपोर्ट लेवल से नीचे सेटल हुआ। ये शॉर्ट-टर्म स्ट्रक्चर में साफ बदलाव का इशारा है।

25,100 ज़ोन अब बहुत अहम हो गया है। इस लेवल से नीचे मूव करने से 24,800 मार्क की ओर गिरावट की रफ़्तार बढ़ सकती है। ऊपर की तरफ़, 25,350–25,400 रेंज जो पहले सपोर्ट का काम करती थी,अब रेजिस्टेंस का काम कर सकती है।

ब्रेकडाउन से पता चलता है कि सेलर्स ने फिर से कंट्रोल हासिल कर लिया है और रैली को ऊपरी लेवल पर सप्लाई का सामना करना पड़ सकता है। रियल्टी और ऑटो स्टॉक्स सबसे बड़े लूज़र्स में से रहे। ये बड़े लेवल पर दबाव का संकेत है।

अभी के सेटअप में, ट्रेडर्स को मौजूदा लॉन्ग पोजीशन पर सख्त स्टॉप-लॉस बनाए रखना चाहिए और जब तक इंडेक्स अपने टूटे हुए सपोर्ट लेवल को वापस नहीं ले लेता,तब तक सेल-ऑन-राइज़ अप्रोच अपनाना चाहिए । ऐसे करेक्टिव फेज में रिस्क मैनेजमेंट सबसे ज़रूरी हो जाता है।

स्वास्तिका इन्वेस्टमार्ट के सीनियर टेक्निकल एनालिस्ट प्रवेश गौर का कहना है कि कमजोर ग्लोबल संकेतों और सभी सेक्टर्स में सावधानी के माहौल के बीच आज मार्केट नीचे ट्रेड करते दिखे। आगे इन्वेस्टर्स की नजर ग्लोबल बॉन्ड यील्ड,क्रूड ऑयल ट्रेंड्स और करेंसी मूवमेंट,खासकर डॉलर के मुकाबले रुपये की चाल पर रहेगी। डोमेस्टिक इंस्टीट्यूशनल फ्लो,आने वाले मैक्रोइकोनॉमिक डेटा और सेक्टर स्पेसिफिक डेवलपमेंट्स शॉर्ट टर्म में बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे। ग्लोबल सेंट्रल बैंक पॉलिसी के रुख पर कोई भी क्लैरिटी (खासकर US फेडरल रिजर्व से) आगे के संकेत दे सकती है। मजबूत पॉजिटिव ट्रिगर्स की गैर-मौजूदगी में मार्केट रेंज बाउंड रह सकते हैं,जिसमें स्टॉक स्पेसिफिक मौके मिल सकते हैं।

बैंक निफ्टी व्यू

एनरिच मनी के CEO पोनमुडी आर का कहना है कि बैंक निफ्टी के लिए तत्काल सपोर्ट 60,900-60,600 ज़ोन में है,जबकि रेजिस्टेंस 61,400-61,500 बैंड में बना हुआ है। उन्होंने आगे कहा कि जब तक ये अहम सपोर्ट बने रहते हैं, कुल मिला कर बाजार का रुख अच्छा रहेगा।

ICICIDirect का कहना है कि बैंक निफ्टी बेंचमार्क इंडेक्स के मुकाबले रिलेटिव मज़बूती दिखा रहा है और निफ्टी के मुकाबले अपने रिकॉर्ड हाई के ज़्यादा करीब है। हालांकि, ब्रोकरेज ने यह भी कहा कि 61,800 के ऊपर की एक टिकाऊ क्लोजिंग हासिल करने में फेल होने का नतीजा ऊपरी लेवल के पास कंसोलिडेशन हो सकता है।

 

इंडिगो के शेयर में आज करीब 2.5% की गिरावट, DGCA के इस फैसले से लगा झटका

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।



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Tere Naam Re-Release: सीटियों और तालियों का साथ थिएटर में लौटे राधे भईया, फिल्म ‘तेरे नाम’ को मिला फैंस का प्यार

23 साल बाद सलमान खान का आइकॉनिक किरदार राधे एक बार फिर सिनेमागारों में लौट आया है। 27 फरवरी 2026 को री-रिलीज हुई 'तेरे नाम' ने फैंस में पुरानी यादें ताजा कर दीं। सीटी, तालियां और आंसुओं का मेला देखने को मिला, जब भूपिका चावला के साथ सलमान का ये ट्रेजिक लव स्टोरी थिएटर्स में छा गई।

2003 में रिलीज हुई सतीश कौशिक निर्देशित ये फिल्म उस समय बॉक्स ऑफिस पर एवरेज रही, लेकिन आज कल्ट स्टेटस हासिल कर चुकी है। राधे का रूहानी प्यार, हेयरस्टाइल, हिमेश रेशमिया के सुपरहिट गाने जैसे 'तेरे नाम' और 'चांदी की डोरी' ने इसे अमर बना दिया। PVR-INOX जैसे मल्टीप्लेक्स चेन्स ने वैलेंटाइन वीक के खास मौके पर री-रिलीज का ऐलान किया। फैंस ने सोशल मीडिया पर लिखा, 'राधे भैया सुप्रीमेसी! दो दशक बाद प्यार का असली दर्द महसूस करो।'

री-रिलीज के पहले दिन ही थिएटर्स में सलमानिया का जलवा देखने लायक था। हैदराबाद, पुणे और मुंबई के सिनेमाघरों में 'चक दे फट्टे' और 'ओ ओ जाने जाना' पर भारीभरकम व्हिसलिंग हुई। एक फैन ने शेयर किया, 'स्क्रीन पर राधे को देख आंखों में आंसू आ गए। ये फिल्म जिंदगी का सबक है।' युवा दर्शक, जो टीवी पर ही फिल्म देख चुके थे, बड़े पर्दे का मजा लेने पहुंचे। फिल्म का बजट 12 करोड़ था, जो 24.5 करोड़ कमा चुकी। अब री-रिलीज से नई कमाई की उम्मीद है।

सलमान ने कभी 'तेरे नाम 2' का इशारा दिया था, लेकिन सतीश कौशिक के निधन के बाद प्रोजेक्ट रुका। इस री-रिलीज ने फैंस को सीक्वल की आस जगा दी। देवदास और युवा जैसी क्लासिक्स के बाद ये ट्रेंड जारी है। निर्देशक की याद में ये वापसी खास है।

फैन्स के लिए यह फिल्म सिर्फ एक कहानी नहीं, बल्कि उनके युवावस्था की यादों का हिस्सा है। कई लोगों ने कहा कि *तेरे नाम* को दोबारा देखना उनके लिए भावनात्मक सफर जैसा था। वहीं, युवा दर्शकों के लिए यह फिल्म पहली बार बड़े पर्दे पर देखने का मौका बनी।



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Earthquake: बांग्लादेश में आया 5.5 तीव्रता का भूकंप, कोलकाता और आसपास के जिलों में भी महसूस किए गए झटके

शुक्रवार दोपहर को पड़ोसी देश बांग्लादेश के कुछ हिस्सों में रिक्टर स्केल पर 5.5 तीव्रता का भूकंप आने के बाद कोलकाता और पश्चिम बंगाल के आसपास के जिलों में भी झटके महसूस किए गए। भूकंप से लोगों में दहशत फैल गई और वह इमारतों से बाहर निकलकर खुले स्थानों पर जमा हो गए।

समाचार एजेंसी PTI के अनुसार, भूकंप दोपहर लगभग 1.22 बजे दर्ज किया गया। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के एक अधिकारी ने इसकी पुष्टि की।

यह भूकंप बांग्लादेश के नयाबाजार के पास आया, जो कोलकाता से लगभग 100 किलोमीटर दूर स्थित है, और इसका केंद्र पृथ्वी की सतह से 10 किलोमीटर नीचे था।

भूकंप के झटके लगभग 10 सेकंड तक महसूस किए गए, जो शहर और आसपास के जिलों के लोगों के लिए डर पैदा करने के लिए काफी थे।

सोशल मीडिया पर शेयर किए गए एक वीडियो में, केंद्रीय मंत्री सुकांत मजूमदार भूकंप आने पर अपना भाषण रोकते हुए दिखाई दिए।

कई लोगों ने X (पूर्व में ट्विटर) पर बताया कि छत के पंखे झूल रहे थे, फर्नीचर हिल रहे थे और खिड़कियां वाइब्रेट कर रही थीं। जिसका प्रभाव खासकर कई मंजिला इमारतों में ज्यादा महसूस किया गया।

भूकंप के झटकों के तुरंत बाद लोगों को सड़कों पर इकट्ठा होते हुए दिखाने वाले कई वीडियो ऑनलाइन प्रसारित हुए।

अन्य वीडियो में घरों और दफ्तरों के अंदर लटकते हुए सामान और लाइट फिक्स्चर हिलते हुए दिखाई दिए, जो शहर के कुछ हिस्सों में महसूस किए गए भूकंप की तीव्रता को दर्शाते हैं।

एक अन्य वीडियो में भूकंप के झटकों के कारण घर के अंदर रखा हुआ एक्वेरियम हिलता हुआ दिखाई दिया।

पश्चिम बंगाल राज्य सचिवालय नबन्ना, विधानसभा भवन और मुख्य निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय सहित कई प्रमुख सरकारी कार्यालयों में कुछ समय के लिए दहशत का माहौल छा गया, जहां कर्मचारी डर के मारे सड़कों पर निकल आए और कुछ समय तक बाहर ही रहे।

शहर के प्रमुख आईटी हब सॉल्ट लेक में भी ऐसा ही नजारा देखने को मिला, जहां भूकंप के झटकों के बाद कर्मचारियों ने ऑफिस खाली कर दिए। कोलकाता में भी कई ऊंची इमारतों में रहने वाले लोग नीचे भागे, क्योंकि झटके अधिकतर उच्च-इमारतों में महसूस किए गए।

अधिकारियों ने बताया कि भूकंप के बाद जानमाल के नुकसान की तत्काल कोई खबर नहीं है। फिलहाल, स्थिति पर कड़ी नजर रखी जा रही है।

इस भूकंप ने पूर्वी हिमालय क्षेत्र में हाल ही में हुई भूकंपीय गतिविधियों को लेकर बढ़ती चिंताओं को और बढ़ा दिया है।

सिक्किम में डर का माहौल

पड़ोसी राज्य सिक्किम में इस महीने कई बार भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं, जिससे वहां के लोगों में पहले ही डर और चिंता पैदा हो गई है।

शुक्रवार की सुबह, सिक्किम में सुबह करीब 4.10 बजे रिक्टर स्केल पर 3.7 तीव्रता का भूकंप आया। नेशनल सेंटर फॉर सिस्मोलॉजी के अनुसार, यह झटका जमीन की सतह से केवल 5 किलोमीटर गहराई में आया और इसका केंद्र 27.40 N और देशांतर 88.69 E के पास था।

यह भी पढ़ें: Chandigarh Schools Bomb Threat: चंडीगढ़ के कई स्कूलों को मिली बम से उड़ाने की धमकी, जांच में जुटी पुलिस और बम स्क्वॉड टीम



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Thursday, February 26, 2026

न चीख न पुकार... दिल्ली में दरिंदे पति ने गर्भवती पत्नी समेत तीन मासूम बेटियों का गला रेता! सांस की नली तक कट गई

दिल्ली के बाहरी इलाके समयपुर बादली से एक ऐसी रूह कंपा देने वाली वारदात सामने आई है, जिसने इंसानियत को शर्मसार कर दिया है। एक कलयुगी पति और बाप ने अपनी ही गर्भवती पत्नी और तीन नन्ही बेटियों की गला रेतकर बेरहमी से हत्या कर दी। इस खौफनाक मंजर को देखकर तफ्तीश करने वाले पुलिस अधिकारियों के भी रोंगटे खड़े हो गए।

यह खौफनाक मंजर मंगलवार रात का है। आजादपुर मंडी में सब्जी बेचने वाला मुंचुन केवट, अपनी दो महीने की गर्भवती पत्नी अनीता (30) और तीन बेटियों (उम्र 3 से 5 साल के बीच) के साथ चंदन पार्क इलाके में रहता था।

पड़ोसियों के मुताबिक, रात करीब 9 बजे मुंचुन और उसकी पत्नी के बीच किसी बात को लेकर तीखी बहस हुई थी।

पुलिस को आशंका है कि आरोपी ने अपनी पत्नी और बच्चों को मारने से पहले खाने में कोई नशीली चीज मिलाई थी। कमरे में संघर्ष का कोई निशान नहीं मिला, जिससे लगता है कि चारों की हत्या तब की गई जब वे गहरी नींद में थे।

क्रूरता की सारी हदें पार

पुलिस जब कमरे में दाखिल हुई तो वहां का नजारा बेहद डरावना था। आरोपी ने किसी धारदार हथियार से चारों का गला इतनी गहराई से रेता था कि उनकी सांस की नली तक कट गई थी।

पुलिस को मौके से खीर और लड्डू के बचे हुए अंश मिले हैं। फॉरेंसिक टीम इसकी जांच कर रही है कि क्या इनमें जहर या नींद की दवा मिलाई गई थी।

10 साल के बच्चे ने देखा खौफनाक मंजर

इस कत्लेआम का पता तब चला जब मुंचुन का भाई परेशान होकर अपने 10 साल के बेटे को उसके घर भेजने लगा। मुंचुन का फोन बंद था और वह सुबह मंडी भी नहीं पहुंचा था।

जब बच्चा कमरे में दाखिल हुआ, तो उसने बिस्तर पर अपनी चाची और बहनों की खून से लथपथ लाशें देखीं। वह रोता हुआ बाहर भागा, जिसे सुनकर पड़ोसी इकट्ठा हो गए।

कातिल पिता अब भी फरार

वारदात को अंजाम देने के बाद मुंचुन केवट फरार है। CCTV फुटेज में उसे रात के समय गली में पैदल जाते हुए देखा गया है। दिल्ली पुलिस की टीमें आरोपी की तलाश में उसके पैतृक राज्य बिहार और दिल्ली के दूसरे इलाकों में छापेमारी कर रही हैं।

पुलिस मुंचुन के पुराने रिकॉर्ड भी खंगाल रही है, क्योंकि वह पहले चेन्नई में काम करता था।

पड़ोसियों को भनक तक नहीं लगी

हैरानी की बात यह है कि उसी फ्लोर पर दो और परिवार रहते थे, लेकिन किसी को भी चीखने-चिल्लाने या किसी असामान्य हलचल की आवाज सुनाई नहीं दी। इससे पुलिस का शक और गहरा गया है कि हत्या से पहले पीड़ितों को बेहोश किया गया था।

समयपुर बादली थाने में हत्या (BNS की धारा 103) का मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस का कहना है कि आरोपी की गिरफ्तारी के बाद ही इस सामूहिक हत्याकांड की असली वजह सामने आ पाएगी।

Lucknow Murder: शराब के ठेके का लाइसेंस और ₹50 लाख की चोरी, अक्षत को लग गई थी अय्याशी की लत, इस वजह से ली बाप की जान!

 



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Wednesday, February 25, 2026

Assam Gangrape: महिला को कार से बाहर खींचा, मंगेतर के सामने किया गैंगरेप, आरोपियों ने दंपति से 10,000 रुपए भी लूटे

असम के सिलचर से एक बेहद गंभीर और झकझोर देने वाली घटना सामने आई है। 28 साल की एक महिला ने आरोप लगाया है कि कुछ युवकों ने उसके मंगेतर के सामने ही उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया। यह घटना 19 फरवरी की रात की बताई जा रही है। पीड़िता अपने मंगेतर के साथ कार से सिलचर बायपास रोड पर जा रही थी। रास्ते में रामनगर बायपास के पास, चेंगकूरी रोड इलाके में कार रोकी गई, क्योंकि उसका मंगेतर थोड़ी देर के लिए गाड़ी से बाहर निकला था।

पीड़िता के मुताबिक, इसी दौरान दूसरी गाड़ी में कुछ युवक वहां पहुंचे। उन्होंने उनकी कार का रास्ता रोक लिया। आरोप है कि युवकों ने उसके मंगेतर को कुछ दूरी पर ले जाकर पकड़कर रखा और फिर बारी-बारी से उसके साथ दुष्कर्म किया।

महिला ने कहा कि उस समय आसपास कोई नहीं था, जो उनकी मदद कर सके।

पुलिस में मामला दर्ज

शिकायत के आधार पर सिलचर सदर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की कई धाराओं के तहत केस दर्ज किया है। इनमें गैंगरेप, आपराधिक साजिश, धमकी, महिला पर हमला और डकैती से जुड़ी धाराएं शामिल हैं।

कछार जिले के पुलिस अधीक्षक पार्थ प्रतिम दास ने बताया कि एक आरोपी को हिरासत में ले लिया गया है और बाकी आरोपियों की तलाश जारी है।

उन्होंने कहा कि पीड़िता का मेडिकल परीक्षण करा लिया गया है और रिपोर्ट का इंतजार है। जांच कई पहलुओं से आगे बढ़ रही है।

लूटपाट का भी आरोप

महिला ने यह भी आरोप लगाया है कि आरोपियों ने उनसे 10 हजार रुपये भी जबरन वसूले। पुलिस इस एंगल की भी जांच कर रही है।

फिलहाल एक आरोपी गिरफ्तार है, जबकि बाकी की तलाश में पुलिस दबिश दे रही है। घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल है।



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Tuesday, February 24, 2026

'RDX और 11 IED लगाए हैं...', आसनसोल कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी, मचा हड़कंप!

बंगाल विधानसभा चुनाव को लेकर सभी पार्टियां तैयारी में जुटी हुई हैं। इसी बीच आसनसोल स्थित पश्चिम बर्द्धमान सिविल कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी मिली, जिससे कोर्ट परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। दरअसल, सोमवार (24 फरवरी) को सुबह करीब 11:30 बजे कोर्ट के आधिकारिक ईमेल पर एक धमकी भरा मेल आया, जिसमें दावा किया गया कि कोर्ट परिसर में विस्फोटक लगाए गए हैं।

 कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी

ई-मेल में जजों के साथ-साथ कोर्ट परिसर को भी उड़ाने को बात कही गई है। भेजने वाले ने दावा किया है कि कोर्ट परिसर के अहम हिस्सों में C-4 और RDX का इस्तेमाल कर 11 IED पहले ही लगाए जा चुके हैं।

सूचना मिलते ही प्रशासन हरकत में आ गया। तुरंत कोर्ट परिसर को खाली कराया गया और आम वादियों, वकीलों, कर्मचारियों व न्यायिक अधिकारियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। इसके बाद पुलिस, बम निरोधक दस्ता और डॉग स्क्वॉड को मौके पर बुलाया गया।

पुलिस ने चलाया सर्च ऑपरेशन

जिसके बाद कोर्ट की दूसरी और तीसरी मंज़िल को खाली करा दिया गया। पुलिस और स्निफर डॉग की मदद से पूरे भवन की तलाशी ली गई। अधिकारियों का यह भी कहना है कि यह मेल अफवाह भी हो सकता है, लेकिन किसी भी तरह का जोखिम नहीं लिया जा रहा। बता दे कि तलाशी के बाद अभी तक कोई संदिग्ध वस्तु या विस्फोटक समान नहीं मिला है।

हालांकि, इसके बाद भी परिसर में डर का माहौल बना हुआ है। आम लोगों से लेकर वकीलों और जजों तक, सभी में भय देखा जा रहा है। स्थिति को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है और संदिग्ध व्यक्तियों पर कड़ी नज़र रखी जा रही है, ताकि कोई भी अनहोनी घटना से निपटा जा सके।

इस मामले पर जिला जज देबप्रसाद नाथ ने कहा "हमें सुबह 11:30 बजे आधिकारिक ईमेल पर सूचना मिली कि कोर्ट में विस्फोटक रखे गए हैं। इसके बाद बम निरोधक दस्ता और डॉग स्क्वॉड बुलाए गए हैं।" उन्होंने साफ कहा कि, "हम आम वादियों, वकीलों, स्टाफ और न्यायिक अधिकारियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रहे हैं। कैदियों को भी प्रक्रिया के अनुसार स्थानांतरित किया गया है।"

चुनाव से पहले इस तरह की घटनाएं आम लोगों के मन में डर पैदा करती हैं। विपक्ष पहले ही आरोप लगा रहा है कि राज्य में कानून-व्यवस्था चरमराई हुई है, जबकि सत्ताधारी दल का कहना है कि पुलिस पूरी मुस्तैदी से काम कर रही है और हर साजिश को नाकाम किया जाएगा।

फिलहाल, पुलिस ईमेल भेजने वाले की पहचान करने में जुटी है और साइबर सेल भी मामले की जांच कर रही है। प्रशासन ने साफ कहा है कि दोषियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। आने वाले बंगाल चुनाव से पहले कोर्ट जैसे संवेदनशील संस्थानों को मिली धमकियां यह साफ संकेत दे रही हैं कि सुरक्षा एजेंसियों के सामने बड़ी चुनौती खड़ी है।



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Shikhar Dhawan: 'मैंने कभी भी अतीत का बोझ...' शादी के बाद ट्रोलर्स पर भड़के शिखर धवन

Shikhar Dhawan: भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व ओपनर शिखर धवन इन दिनों अपनी पर्सनल लाइफ को लेकर चर्चा में हैं। शिखर धवन ने अपनी जिंदगी की नई शुरुआत करते हुए पिछले हफ्ते अपनी पार्टनर सोफी शाइन के साथ शादी के बंधन में बंध गए हैं। इस खास मौके पर उनके परिवार और करीबी दोस्त मौजूद रहे। शादी के बाद सोशल मीडिया पर उनके पर्सनल लाइफ से जुड़ी कई तरह की अफवाहें फैलने लगीं, जिनसे वह काफी आहत हुए थे। अब इन झूठे दावों पर उन्होंने खुद सामने आकर अपनी बात रखी है। पूर्व क्रिकेटर ने इन अफवाहों पर रिएक्शन देते हुए साफ किया कि उनके बारे में फैल रही बातें सही नहीं हैं।

शिखर धवन ने दिया रिएक्शन

एक्स पर प्रतिक्रिया देते हुए शिखर धवन ने वायरल दावों को गलत बताया और लोगों से अपील की कि सिर्फ ध्यान खींचने के लिए गलत जानकारी न फैलाएं। उन्होंने लिखा, “मैंने सोशल मीडिया पर कुछ पोस्ट देखी हैं, जिनमें मेरी निजी जिंदगी के बारे में निराशाजनक बातें कही गई हैं। मैंने कभी भी अतीत का बोझ नहीं उठाया, चाहे वह मैदान पर हो या मैदान के बाहर। मैं अपने अतीत का सम्मान करता हूं और पॉजिटिविटी सोच की ताकत पर पूरा विश्वास रखता हूं।”

उन्होंने आगे लिखा, “यह मेरी जिंदगी की नई शुरुआत है और मैं अपने फैंस, दोस्तों, परिवार, शुभचिंतकों और मीडिया से मिले प्यार और आशीर्वाद के लिए दिल से आभारी हूं। मैं सभी से आग्रह करता हूं कि सोशल मीडिया पर क्लिकबेट, असंवेदनशील और झूठी बातों के जरिए मेरे नाम का गलत इस्तेमाल न करें। आइए हम प्यार और सकारात्मकता फैलाएं। धन्यवाद!”

कब हुआ था धवन का तलाक

अक्टूबर 2023 में पहली पत्नी आयशा मुखर्जी से अलग होने के बाद शिखर धवन ने हमेशा अपने रिश्ते के बारे में सम्मानजनक तरीके से बात की है। उन्होंने ये जरूर कहा कि उन्हें अपने बेटे जोरावर के साथ समय बिताने की कमी महसूस होती है, लेकिन उन्होंने अपनी पूर्व पत्नी के खिलाफ कभी कोई गलत या नेगिटिव बयान नहीं दिया। हालांकि जब सोशल मीडिया पर धवन के बारे में झूठे कोट्स और गलत बातें फैलने लगीं, तो धवन ने खुद सामने आकर सच बताने का फैसला किया।



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IT Stocks Crash: क्या AI से खत्म हो जाएगा आईटी सेक्टर? बिकवाली की आंधी में श्रीलंका की GDP से ज्यादा रकम साफ

IT Stocks: आईटी सेक्टर के स्टॉक्स में फिलहाल भारी तेज दबाव दिख रहा है। निफ्टी आईटी इंडेक्स 4.91 प्रतिशत गिरकर 30,001.2 पर आ गया है। ब्रोकरेज हाउस इसे सिर्फ तिमाही नतीजों की कमजोर प्रतिक्रिया नहीं मान रहे। असली चिंता इस बात को लेकर है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI आने वाले सालों में बिजनेस मॉडल, मार्जिन और पूरी अर्थव्यवस्था को कैसे बदल सकता है।

जहां Jefferies ने बड़ी आईटी कंपनियों पर सतर्क रुख अपनाया है और CLSA ने हार्डवेयर लागत बढ़ने का खतरा बताया है, वहीं JPMorgan का कहना है कि आईटी सर्विसेज की मांग इतनी आसानी से कमजोर नहीं होगी।

श्रीलंका-वेनेजुएला की GDP से ज्यादा मार्केट कैप साफ

पिछले एक साल में 75 भारतीय IT कंपनियों का कुल बाजार मूल्य 100 बिलियन डॉलर से ज्यादा घट गया है। IMF के मुताबिक वेनेजुएला का 2026 का GDP 79.92 बिलियन डॉलर आंका गया है। वहीं, श्रीलंका का 2024 का GDP 98.96 बिलियन डॉलर रहा था।

सोमवार को 75 लिस्टेड कंपनियों का कुल मार्केट कैप 30,32,473 करोड़ रुपये था। 24 फरवरी 2025 को यही आंकड़ा 38,93,309 करोड़ रुपये था। यानी एक साल में 8,60,836 करोड़ रुपये की गिरावट। अगर इसमें मंगलवार, 24 फरवरी की गिरावट भी जोड़ दें, तो कुल गिरावट करीब 9,44,836 करोड़ रुपये या लगभग 104 बिलियन डॉलर बैठती है।

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CitriniResearch ने AI को सिस्टम स्तर का खतरा बताया

टेक सेक्टर में अनिश्चितता और बढ़ी जब CitriniResearch की एक रिपोर्ट- 'The 2028 Global Intelligence Crisis' सामने आई। इसमें AI को सिर्फ टेक सेक्टर की कहानी नहीं, बल्कि पूरी वैश्विक व्यवस्था को प्रभावित करने वाला संभावित ट्रिगर बताया गया है। इसमें यह समझाने की कोशिश की गई है कि अगर AI की क्षमता बहुत तेजी से बढ़ती है और अलग-अलग इंडस्ट्री में फैलती है, तो क्या असर हो सकता है।

रिपोर्ट के मुताबिक AI एजेंट कई हफ्तों तक चलने वाले रिसर्च और डेवलपमेंट के काम संभाल सकते हैं। यह भी कहा गया है कि सबसे एडवांस्ड सिस्टम लगभग हर क्षेत्र में ज्यादातर इंसानों से ज्यादा सक्षम हो सकते हैं। इसका मतलब सिर्फ उत्पादकता बढ़ना नहीं, बल्कि बड़े पैमाने पर नौकरियों पर असर भी हो सकता है।

CitriniResearch ने एक पुरानी धारणा पर भी सवाल उठाया है। आम तौर पर कहा जाता है कि टेक्नोलॉजी पहले नौकरियां खत्म करती है, लेकिन बाद में उससे ज्यादा नई नौकरियां पैदा भी करती है। रिपोर्ट पूछती है कि अगर AI सामान्य बौद्धिक काम बड़े पैमाने पर करने लगे, तो क्या यह पुराना पैटर्न जारी रहेगा?

Jefferies की चिंता, बदल सकता है रेवेन्यू का स्ट्रक्चर

इस पृष्ठभूमि में Jefferies ने भारतीय आईटी कंपनियों के रेवेन्यू स्ट्रक्चर पर फोकस किया है। इसने अपनी रिपोर्ट 'P(AI)n Not Over Yet; Stay Selective' में लिखा कि AI आईटी बिजनेस मिक्स को कंसल्टिंग और इम्प्लीमेंटेशन की ओर मोड़ सकता है, जबकि मैनेज्ड सर्विसेज का हिस्सा घट सकता है।

Jefferies के मुताबिक, एप्लिकेशन मैनेज्ड सर्विसेज कई कंपनियों के रेवेन्यू का 22 से 45 प्रतिशत तक हिस्सा हैं। अगर AI इस काम का बड़ा हिस्सा ऑटोमेट कर देता है, तो इन सेगमेंट में रेवेन्यू घट सकता है। इससे बिजनेस ज्यादा चक्रीय हो सकता है। फिर कंपनियों को अपने टैलेंट और ऑपरेटिंग मॉडल में बदलाव करना पड़ सकता है।

Is India struggling in the Generative AI race?

ब्रोकरेज का कहना है कि हाल के तिमाही नतीजों के बाद कमाई के अनुमान जरूर बढ़े हैं, लेकिन AI से जुड़े नए बदलावों ने मध्यम और लंबी अवधि की ग्रोथ को लेकर चिंता बढ़ा दी है। उसके मुताबिक अब स्टॉक्स की चाल सिर्फ तिमाही नतीजों से नहीं, बल्कि लंबे समय के बिजनेस आउटलुक से तय होगी।

वैल्यूएशन को लेकर Jefferies ने कहा कि पिछले दशक जैसी रेवेन्यू ग्रोथ बनाए रखना ही सबसे अच्छा सूरतेहाल होगा। अगर ऐसा नहीं होता, तो स्टॉक्स में 30 से 65 प्रतिशत तक और गिरावट आ सकती है। रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि कुछ कंपनियां Accenture के मुकाबले 32 प्रतिशत पीई प्रीमियम पर ट्रेड कर रही हैं, जबकि ग्रोथ समान है। निफ्टी के समान मल्टीपल पर होने के बावजूद कम आय वृद्धि भी जोखिम मानी गई है।

CLSA की चेतावनी: हार्डवेयर लागत बढ़ने का असर

जहां Jefferies सर्विसेज मॉडल पर चिंतित है, वहीं CLSA ने हार्डवेयर सेक्टर पर फोकस किया है। इसने अपनी रिपोर्ट में उसने कहा कि AI से जुड़ी मांग के कारण हाई बैंडविड्थ मेमोरी और DDR5 की जरूरत तेजी से बढ़ रही है। इससे वैश्विक मेमोरी इंडस्ट्री सुपर साइकिल में जा सकती है। CLSA का कहना है कि मेमोरी की कीमतें बढ़ने से स्मार्टफोन के औसत बिक्री मूल्य 10 से 25 प्रतिशत तक बढ़ सकते हैं। इसका सबसे ज्यादा असर लोअर एंड उपभोक्ताओं पर पड़ेगा और स्मार्टफोन की बिक्री घट सकती है।

रिपोर्ट के मुताबिक, भारत वैश्विक मेमोरी मांग का 4 प्रतिशत से भी कम हिस्सा रखता है और आयात पर निर्भर है। अगर वैश्विक सप्लाई तंग रहती है, तो घरेलू निर्माता दबाव में आ सकते हैं। CLSA ने कहा कि Dixon उन कंपनियों में से हो सकती है, जिन पर इसका ज्यादा असर पड़ेगा। इसी वजह से उसके कमाई के अनुमान घटाए गए हैं।

JPMorgan का नजरिया: आईटी सेक्टर खत्म नहीं होगा

सतर्क आकलन के बीच JPMorgan का रुख थोड़ा अलग है। उसने भारतीय आईटी कंपनियों को 'टेक वर्ल्ड के प्लंबर' बताया है। उसकी दलील है कि भले ही AI कोड लिख सकता है, लेकिन बड़े एंटरप्राइज सिस्टम को चलाना और जोड़ना अब भी जटिल काम है। JPMorgan के मुताबिक, ऑटोमेटेड एजेंट सही कोड तैयार कर सकते हैं, लेकिन बड़े कॉरपोरेट सिस्टम में स्थिरता, नियमों का पालन और पुराने सिस्टम के साथ तालमेल बैठाना अब भी इंसानी महारत मांगता है।

ब्रोकरेज का मानना है कि AI के पास कंपनियों के अंदरूनी वर्कफ्लो और वर्षों में बने जटिल संबंधों की गहरी समझ नहीं होती। यही वजह है कि ऑटोमेशन बढ़ने के बावजूद आईटी सर्विसेज की मांग पूरी तरह खत्म नहीं होगी।

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नेटफ्लिक्स ने किया धमाकेदार ऐलान, Made In Korea अब ओटीटी पर, इस दिन होगी स्ट्रीम

इस मार्च, नेटफ्लिक्स अपने दर्शकों को एक अनोखे और रोमांचक सफर पर ले जाने वाला है। स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म ने घोषणा की है कि तमिल भाषा की फिल्म ‘मेड इन कोरिया (Made In Korea)’ ओटीटी पर प्रीमियर करेगी। यह फिल्म न सिर्फ छोटे शहर के सपनों की कहानी है, बल्कि इसमें साउथ कोरिया की जीवंत संस्कृति और एनर्जी को भी खूबसूरती से पेश किया गया है। फिल्म की कहानी शेनबागम या शेनबा नाम की लड़की के इर्द-गिर्द घूमती है, जो तमिलनाडु के एक छोटे शहर की रहने वाली है और जिसका सपना सियोल घूमने का है।

शुरुआत में यह सफर शांत और रोमांचक लगता है, लेकिन जैसे-जैसे शेनबा सियोल की हलचल भरी गलियों में कदम रखती है, उसे कई चुनौतियों और नए अनुभवों का सामना करना पड़ता है।

कहानी का सार

फिल्म राइज ईस्ट एंटरटेनमेंट की प्रोडक्शन और रा. कार्तिक के निर्देशन में बनी है। कहानी शेनबागम यानी शेनबा के इर्द-गिर्द घूमती है। यह तमिलनाडु के छोटे शहर की लड़की है, जिसका सपना सियोल घूमने का है। शांत शुरुआत वाला यह सफर जल्द ही उसे सियोल की हलचल भरी गलियों में ले जाता है और उसकी जिंदगी बदल देता है।

चुनौतियों और आत्म-खोज की कहानी

‘मेड इन कोरिया’ शेनबा की कोरियन कल्चर के प्रति जिज्ञासा को दिखाती है। सियोल में उसे कई चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है, जो उसकी हिम्मत और आत्म-खोज को परखते हैं। कहानी में उम्मीद, सांस्कृतिक कनेक्शन और रोजमर्रा के फैसलों में साहस जैसे थीम शामिल हैं।

रिलीज़ डेट और भाषाएं

नेटफ्लिक्स इंडिया ने पुष्टि की है कि फिल्म 12 मार्च से तमिल, तेलुगु, हिंदी, कन्नड़ और मलयालम में स्ट्रीम होगी। सोशल मीडिया पर नेटफ्लिक्स ने फिल्म की एडवेंचर और रोमांचक भावना को मजेदार अंदाज में टीज किया।

कलाकारों की बात

प्रियंका मोहन ने शेनबा का किरदार निभाया है। उन्होंने कहा कि शेनबा का सफर उनके लिए तुरंत जुड़ाव वाला रहा। फिल्म में साउथ कोरियन एक्टर पार्क हये-जिन और नो हो-जिन भी हैं, जो कहानी में क्रॉस-कल्चरल ऑथेंटिसिटी जोड़ते हैं।

क्या है खास?

‘मेड इन कोरिया’ एक प्यारी और व्यक्तिगत कहानी पेश करती है, जिसमें शेनबा पहचान, दोस्ती और अपनी जगह खोजने की यात्रा करती है। यह फिल्म छोटे शहर के सपनों और विदेश की दुनिया के बीच एक रोमांचक सेतु बनाती है, जो दर्शकों को एक अलग अनुभव देने का वादा करती है।

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Monday, February 23, 2026

Market view : 25830 के ऊपर जाने पर निफ्टी में 26000 के लेवल तक अपसाइड रैली की उम्मीद, 25600-25570 के जोन में अहम सपोर्ट

Market view : निफ्टी ने हफ़्ते की शुरुआत पॉज़िटिव नोट पर की। आज सोमवार के सेशन की शुरुआत एक अपसाइड गैप के साथ हुई और बढ़त को 25771 के इंट्राडे हाई तक जाती दिखा। हालांकि,शुरुआती मज़बूती जल्द ही कमजोर पड़ हो गई। US प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप के नए 15 फीसदी टैरिफ़ के ऐलान के बाद ट्रेडर्स सतर्क हो गए। US सुप्रीम कोर्ट ने कई बड़े ट्रेडिंग पार्टनर्स पर पहले लगाए गए ड्यूटीज़ को खत्म करने का फैसला लिया है। इससे बाजार को सपोर्ट मिला है।

ग्लोबल ट्रेड सेंटिमेंट में इस बदलाव से ऊपरी लेवल पर प्रॉफ़िट बुकिंग शुरू हो गई, जिससे इंडेक्स अपने दिन के पीक से नीचे आ गया। इंट्राडे वोलैटिलिटी के बावजूद, निफ्टी सेशन खत्म होने पर 0.58% ऊपर 25719 पर पहुंच गया, जिससे दोनों तरफ़ शैडो वाली एक छोटी बॉडी वाली कैंडल बन गई। ये बाजार में अनिश्चितता का संकेत है।

टेक्निकल नजरिए से देखें तो इंडेक्स अपने अहम मूविंग एवरेज के आस-पास बना हुआ है। हाल के साइडवेज़ मूवमेंट ने इन एवरेज को ज़्यादातर फ्लैट रखा है। ये बाजार की दिशा साफ़ न होने का संकेत है। इंडिकेटर भी न्यूट्रल बने हुए हैं, जिससे पता चलता है कि जब तक कोई मज़बूत ट्रिगर सामने नहीं आता, शॉर्ट टर्म में मार्केट के रेंज बाउंड रहने की संभावना है। इंडेक्स में शामिल कंपनियों में,अडानी पोर्ट्स और डॉ. रेड्डीज़ लैबोरेटरीज टॉप गेनर्स के तौर पर उभरीं। जबकि, हिंडाल्को और विप्रो में सबसे ज्यादा गिरावट देखने को मिली।

सेक्टोरल ट्रेंड मिले-जुले रहे,जिससे पूरे मार्केट में रोटेशनल एक्टिविटी देशने को मिली। निफ्टी PSU बैंक और निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज़ ने अच्छा प्रदर्शन किया। जबकि निफ्टी केमिकल और निफ्टी IT ग्लोबल साइक्लिकल और टेक्नोलॉजी स्टॉक्स में दबाव के बीच गिरकर बंद हुए। यह गैप सेलेक्टिव खरीदारी और फाइनेंशियल शेयरों की तरफ ज़्यादा झुकाव वाले ट्रेंड का संकेत दे रहा है।

बड़े मार्केट ने भी मिला-जुला प्रदर्शन किया। निफ्टी मिडकैप 100 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 अलग-अलग नोट पर बंद हुए। हालांकि, मार्केट ब्रेथ थोड़ा पॉजिटिव रहा क्योंकि एडवांस डिक्लाइन रेश्यो ने बढ़ने वालों का साथ दिया। निफ्टी 500 यूनिवर्स में 294 स्टॉक्स हरे निशान पर बंद हुए।

निफ्टी व्यू

आगे चलकर, निफ्टी के लिए 25800-25830 का ज़ोन तत्काल रेजिस्टेंस का काम करेगा। 25830 से ऊपर कोई भी टिकाऊ मूव 26000 के लेवल तक तेज़ अपसाइड रैली की ओर ले जाएगा। नीचे की तरफ, 25600-25570 का ज़ोन इंडेक्स के लिए अहम सपोर्ट का काम करेगा।

बैंक निफ्टी व्यू

बैंक निफ्टी इंडेक्स प्रॉफिट बुकिंग का सामना करने से पहले 61517 के इंट्राडे हाई पर पहुंचा, जिससे इसकी शुरुआती बढ़त में कुछ कमी आई। इंट्राडे वोलैटिलिटी के बावजूद, इंडेक्स 0.15 फीसदी ऊपर 61264 पर बंद हुआ। डेली चार्ट पैटर्न एक लंबी अपर शैडो के साथ एक बुलिश कैंडल दिखा। ये अंदरूनी बाइंग सपोर्ट दिखाता है लेकिन ऊपरी स्तरों पर सेलिंग प्रेशर को भी हाईलाइट करता है।

आगे चलकर, 61500–61600 का जोन इंडेक्स के लिए एक बड़ी दीवार बनेगा। 61600 से ऊपर मजबूत ब्रेकआउट होने से 62200 और फिर 62600 की तरफ़ मज़बूत अपसाइड मोमेंटम आ सकता है। दूसरी तरफ़, इसके लिए तत्काल सपोर्ट 60800–60700 ज़ोन में है। इस ज़ोन के ऊपर बने रहने पर शॉर्ट टर्म स्ट्रक्चर पॉज़िटिव रहेगा। जबकि इसके नीचे ब्रेकडाउन होने से और नीचे जाने का दबाव बन सकता है।

 

Market outlook : बढ़त के साथ बंद हुआ बाजार, जानिए 24 फरवरी को कैसी रह सकती है सेंसेक्स-निफ्टी की चाल

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

 

टेक्निकल एंड डेरिवेटिव्स रिसर्च हेड SBI सिक्योरिटीज, सुदीप शाह

 



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Sunday, February 22, 2026

IND vs SA T20 World Cup Match Live Score: क्या साउथ अफ्रीका के खिलाफ चलेगा अभिषेक का बल्ला? जानें कैसी होगी पिच

IND vs SA T20 World Cup Match Score: टी20 वर्ल्ड कप के ग्रुप स्टेज में जीत का चौका लगाने के बाद भारतीय टीम सुपर-8 में तहलका मचाने के लिए तैयार है। सुपर-8 के पहले मुकाबले में भारतीय टीम साउथ अफ्रीका से भिड़ेगी। दोनों टीमों के बीच ये मुकाबला अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेला जाएगा। साउथ अफ्रीका की टीम भी अपने ग्रुप स्टेड के सभी मुकाबले जीतकर आई है। दोनों ही टीमों का सुपर-8 का ये पहला मैच है। ग्रुप स्टेज में अजेय रही भारत और साउथ अफ्रीका की टीम सुपर-8 की शुरुआत भी जीत के साथ करना चाहेंगी। दोनों टीमों के बीच रोमांचक मुकाबला देखने को मिलेगा।

सूर्यकुमार यादव की कप्तानी वाली भारतीय टीम को ग्रुप 1 में साउथ अफ्रीका, जिम्बाब्वे और वेस्टइंडीज के साथ रखा गया है। खास बात ये हैं की ये सभी टीमें ग्रुप स्टेज के सभी मुकाबले जीतकर आई है। जिब्बाबे का 4 में से एक मैच बारिश की वजह से रद्द हो गया था।

ग्रुप स्टेज में भारत और साउथ अफ्रीका दोनों अपने-अपने ग्रुप में टॉप पर रही है। भारत ने अमेरिका, नामीबिया, पाकिस्तान और नीदरलैंड्स को हराया, जबकि दक्षिण अफ्रीका ने कनाडा, अफगानिस्तान, न्यूजीलैंड और यूएई को मात दी है। टी20 वर्ल्ड कप में दोनों टीमों की पिछली बड़ी भिड़ंत 2024 के फाइनल में हुई थी। उस मुकाबले में भारतीय टीम ने साउथ अफ्रीका को 7 विकेट से मात दी है। दिलचस्प बात यह है कि उस टूर्नामेंट में भी दोनों टीमें बिना कोई मैच हारे फाइनल तक पहुंची थीं।



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ICICI Bank को ₹50.38 करोड़ के GST डिमांड ऑर्डर में नहीं मिली राहत, पहली अपील नाकाम; क्या गिरेगा शेयर?

प्राइवेट सेक्टर के ICICI Bank को महाराष्ट्र गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (GST) डिपार्टमेंट से पिछले साल मिले GST डिमांड ऑर्डर में कोई राहत नहीं मिली है। बैंक को अब ऑर्डर इन अपील (OIA) मिला है। इसमें बैंक से 50,38,09,792 करोड़ रुपये के टैक्स की मांग की गई है। साथ ही इतने ही रुपये की पेनल्टी और ब्याज भी लगाया गया है। इस बारे में बैंक ने शेयर बाजारों को जानकारी दी है। ऑर्डर इन अपील एक औपचारिक, लिखित फैसला होता है, जिसे निचली अदालत के फैसले (मूल आदेश) के खिलाफ दायर अपील के जवाब में अपीलीय प्राधिकारी या हायर कोर्ट द्वारा जारी किया जाता है।

मामला कुछ इस तरह है कि ICICI Bank ने 4 जनवरी, 2025 को जानकारी दी थी कि उसे महाराष्ट्र GST डिपार्टमेंट से 50,38,09,792 रुपये की टैक्स डिमांड आई है। साथ ही इतनी ही रकम की पेनल्टी और ब्याज भी मांगा गया है। इस ऑर्डर इन ओरिजिनल (OIO) के खिलाफ बैंक ने एक अपील फाइल की थी। इस पर उसे 21 फरवरी 2026 को सेंट्रल गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स एक्ट, 2017 के सेक्शन 107 के तहत महाराष्ट्र GST डिपार्टमेंट से OIA मिला।

ICICI Bank ने लेटेस्ट एक्सचेंज फाइलिंग में कहा है कि वह तय टाइमलाइन के अंदर उचित कदम उठाएगा। इसमें आगे अपील के जरिए OIA को चुनौती देना शामिल है। इस अपडेट के सामने आने के बाद सोमवार को बैंक के शेयर पर निवेशकों की नजर रहेगी।

शेयर की परफॉरमेंस

ICICI Bank के शेयर की BSE पर वर्तमान कीमत 1393.55 रुपये है। कंपनी का मार्केट कैप 10 लाख करोड़ रुपये के करीब है। शेयर की फेस वैल्यू 2 रुपये है। शेयर एक साल में 11 प्रतिशत चढ़ा है। फरवरी महीने की शुरुआत में मोतीलाल ओसवाल ने शेयर के लिए 'बाय' रेटिंग के साथ 1750 रुपये प्रति शेयर का टारगेट प्राइस दिया था।

ICICI Bank की वित्तीय सेहत

अक्टूबर-दिसंबर 2025 तिमाही के दौरान बैंक का स्टैंडअलोन शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर 4 प्रतिशत घटकर 11317.86 करोड़ रुपये रह गया। एक साल पहले मुनाफा 11792.42 करोड़ रुपये था। बैंक की कुल इनकम एक साल पहले से लगभग 2 प्रतिशत बढ़कर 49334 करोड़ रुपये हो गई। दिसंबर 2024 तिमाही में यह 48367.87 करोड़ रुपये थी। दिसंबर 2025 तिमाही में स्टैंडअलोन बेसिस पर कुल ब्याज आय 41965.84 करोड़ रुपये की रही। एक साल पहले यह 41299.82 करोड़ रुपये थी। शुद्ध ब्याज आय 7.7 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ 21932 करोड़ रुपये हो गई, जबकि दिसंबर 2024 तिमाही में यह 20371 करोड़ रुपये थी।

दिसंबर 2025 तिमाही में ICICI Bank की एसेट क्वालिटी में सुधार देखा गया। ग्रॉस NPA (Non-Performing Assets) रेशियो 1.53 प्रतिशत रहा। एक साल पहले यह 1.96 प्रतिशत था। नेट NPA रेशियो भी सालाना आधार पर कम होकर 0.37 प्रतिशत रहा। दिसंबर 2024 तिमाही में यह 0.42 प्रतिशत था।

US में टैरिफ पर नए डेवलपमेंट से 350-400 अंक उछल सकता है Nifty: सुदीप शाह

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Bitcoin Crash: बिटकॉइन से दूर भाग रहे निवेशक, ऑल टाइम हाई से 45% क्रैश; ये 5 कारण हैं जिम्मेदार

Bitcoin Crash: दुनिया की सबसे लोकप्रिय क्रिप्टोकरेंसी बिटकॉइन हालिया ऊंचाई से 45 प्रतिशत से ज्यादा टूट चुकी है। इस गिरावट में सैकड़ों अरब डॉलर की वैल्यू साफ हो गई। इससे रिटेल निवेशकों का भरोसा हिला है।

लेकिन असली चिंता सिर्फ बिटकॉइन की कीमत गिरना नहीं है, बल्कि यह है कि इस बार गिरावट के बाद उछाल वाला पुराना चक्र दिखाई नहीं दे रहा। आमतौर पर गिरावट पर खरीदार लौटते हैं, नई कहानी बनती है और मोमेंटम फिर से बनता है। इस बार ऐसा नहीं हुआ है।

इस बार बिटकॉइन में गिरावट के बाद खरीद क्यों लौट रहे हैं, इसे आगे समझेंगे। लेकिन, पहले जान लेते हैं कि किन 5 बड़े कारणों से बिटकॉइन क्रैश हुआ है।

1. ETF में सुस्ती और स्पॉट डिमांड कमजोर

बिटकॉइन हाल के ऊंचे स्तर के पास टिक नहीं पा रहा है। पहले जिस तरह स्पॉट बिटकॉइन ETF में लगातार पैसा आ रहा था, वह रफ्तार अब कम हो गई है। नए निवेशकों का उत्साह घटा है और कई निवेशक जोखिम कम करने के लिए स्टेबलकॉइन या दूसरे सुरक्षित विकल्पों की ओर जा रहे हैं। जब नई खरीद कम होती है तो कीमत पर दबाव बढ़ता है।

Bitcoin Outlook 2026: 150% उछलेगा बिटकॉइन, $2.25 लाख तक जाएगा भाव? जानिए क्यों बुलिश हैं एक्सपर्ट - bitcoin outlook 2026 150 percent rally to dollar 225000 price target experts bullish on etf ...

2. रेगुलेटरी अनिश्चितता

क्रिप्टो सेक्टर में नियमों को लेकर अभी भी स्पष्टता नहीं है, खासकर भारत जैसे बड़े देशों में। कुछ प्रस्तावित कानूनों और नियामक ढांचे पर देरी हो रही है। इस वजह से बड़े निवेशक और संस्थागत फंड सतर्क रुख अपना रहे हैं। जब नियमों को लेकर अनिश्चितता बढ़ती है तो बाजार में भरोसा कमजोर पड़ता है और बिकवाली बढ़ जाती है।

3. वैश्विक आर्थिक माहौल और जोखिम से दूरी

दुनिया भर में आर्थिक अनिश्चितता बनी हुई है। ब्याज दरों, डॉलर की चाल, भू राजनीतिक तनाव और वैश्विक बाजारों की अस्थिरता का असर क्रिप्टो पर भी पड़ता है। जब निवेशक जोखिम वाली संपत्तियों से दूरी बनाते हैं तो बिटकॉइन जैसी हाई वोलैटिलिटी एसेट सबसे पहले दबाव में आती है।

4. लीवरेज ट्रेडिंग और जबरन लिक्विडेशन

क्रिप्टो बाजार में बड़ी मात्रा में लीवरेज ट्रेडिंग होती है। जब बिटकॉइन किसी अहम सपोर्ट लेवल के नीचे जाता है, तो कई ट्रेडर्स की लीवरेज पोजीशन अपने आप बंद हो जाती हैं। इसे लिक्विडेशन कहते हैं। इससे अचानक भारी बिकवाली होती है और गिरावट और तेज हो जाती है। यह एक चेन रिएक्शन की तरह काम करता है।

5. कमजोर होता बाजार सेंटिमेंट

पिछली तेज रैली के बाद बाजार में वह उत्साह अब नहीं दिख रहा। कई रिटेल निवेशक ऊंचे स्तर पर खरीदकर नुकसान में हैं। जब भरोसा कमजोर पड़ता है तो लोग गिरावट में खरीदने के बजाय और गिरने के डर से बेचने लगते हैं। इससे रिकवरी का चक्र शुरू नहीं हो पा रहा और कीमत दबाव में बनी हुई है।

Bitcoin price: बिटकॉइन 3 दिन में 9% उछला, क्या फिर आएगी जोरदार तेजी? जानिए एक्सपर्ट से - bitcoin jumps 9 percent in three days but analysts warn the strong rally is still

डिप पर खरीदारी क्यों नहीं हो रही?

ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, इस बार डिप पर खरीदारी करने वाले निवेशक नजर नहीं आ रहे। जो ताकतें आम तौर पर रिबाउंड को सपोर्ट करती हैं, वे अब उलटा दबाव बना रही हैं। मैक्रो हेज के तौर पर सोना मजबूत दिख रहा है और निवेश उसी ओर जा रहा है।

Acadian Asset Management के पोर्टफोलियो मैनेजर ओवेन लैमोंट ने कहा, 'बिटकॉइन की पूरी कहानी यही थी कि कीमत ऊपर जाती रहेगी। अब कहानी उलटी है। कीमत नीचे जा रही है और यह निवेशकों को आकर्षित नहीं करती।'

भरोसे पर टिकी वैल्यू अब सवालों में

शेयर या कमोडिटी के उलट, बिटकॉइन के पास पारंपरिक फंडामेंटल आधार नहीं है। इसकी वैल्यू काफी हद तक भरोसे और उस कहानी पर टिकी रहती है जो नए खरीदारों को बाजार में लाती है। अब वही कहानी कमजोर पड़ रही है। हालिया तेजी में खरीदने वाले कई रिटेल निवेशक इस समय नुकसान में बैठे हैं।

अब कहां जा रहे बिटकॉइन निवेशक?

क्रिप्टो से ध्यान हटाकर अब कुछ नए सट्टा प्लेटफॉर्म निवेशकों को आकर्षित कर रहे हैं। नोएल एचेसन Crypto is Macro Now न्यूजलैटर लिखती हैं। वह कहती हैं कि प्रिडिक्शन मार्केट और कमोडिटी एक्सचेंज जैसे विकल्प क्रिप्टो बाजार से ध्यान खींच रहे हैं। उनके मुताबिक जब बिटकॉइन को मैक्रो एसेट माना जाने लगा, तो उसे कई अन्य एसेट क्लास से मुकाबला करना पड़ रहा है, जो समझने और समझाने में आसान हैं।

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स्टेबलकॉइन की बढ़ती भूमिका

इसी दौरान स्टेबलकॉइन पेमेंट सिस्टम और रेगुलेटरी चर्चाओं में बड़ी भूमिका निभा रहे हैं। बिटकॉइन के कुछ पुराने कॉरपोरेट समर्थक भी अब स्टेबलकॉइन पर ज्यादा ध्यान दे रहे हैं। Securitize के को-फाउंडर और सीईओ कार्लोस डोमिंगो ने कहा, 'स्टेबलकॉइन का इस्तेमाल भुगतान के लिए होता है। आज शायद ही कोई बिटकॉइन को पेमेंट के रूप में देखता है।'

फाइनेंशियलाइजेशन का उलटा असर

रिपोर्ट में एक और पहलू को 'फाइनेंशियलाइजेशन ट्रैप' कहा गया है। एक्सचेंज ट्रेडेड फंड और संस्थागत ट्रेडिंग इंफ्रास्ट्रक्चर के पूरी उम्मीद थी कि बिटकॉइन को ज्यादा वैधता मिलेगी। लेकिन इससे वह वॉल स्ट्रीट के अन्य वित्तीय साधनों जैसा बन गया है, जहां भारी ट्रेडिंग और डेरिवेटिव्स से जुड़ाव ने जोखिम बढ़ा दिया है।

ऑफशोर डेरिवेटिव प्लेटफॉर्म पर ऊंचे लीवरेज के कारण ऑटोमेटेड लिक्विडेशन होते हैं, जो कीमतों में तेज गिरावट ला सकते हैं। इसका असर स्पॉट ETF निवेशकों पर भी पड़ता है।

मैक्रो कहानी भी कमजोर

भू राजनीतिक तनाव और डॉलर की कमजोरी के बावजूद सोना और चांदी में तेजी आई है, जबकि क्रिप्टो कीमतें गिरी हैं। पिछले तीन महीनों में अमेरिकी सूचीबद्ध गोल्ड ETF में 16 अरब डॉलर से ज्यादा का निवेश आया, जबकि स्पॉट बिटकॉइन ETF से करीब 3.3 अरब डॉलर की निकासी हुई। बिटकॉइन का बाजार पूंजीकरण 1 ट्रिलियन डॉलर से ज्यादा घट चुका है।

Sevens Report के अध्यक्ष टॉम एसे का कहना है, 'लोग समझ रहे हैं कि बिटकॉइन एक सट्टा एसेट ही है। यह न डिजिटल गोल्ड है, न महंगाई से बचाव का मजबूत साधन, और न ही अस्थिरता से सुरक्षा देता है। इसके मुकाबले अन्य बेहतर विकल्प मौजूद हैं।'

सट्टा कल्चर में भी हो रहा बदलाव

सट्टा कल्चर भी बदल रहा है। Polymarket और Kalshi जैसे प्लेटफॉर्म उन निवेशकों को आकर्षित कर रहे हैं, जो पहले मीम कॉइन की ओर जाते थे।

TMX VettaFi की रॉक्साना इस्लाम कहती हैं कि प्रिडिक्शन मार्केट अब उन्हीं DIY निवेशकों के लिए नया आकर्षण बन रहे हैं जिन्हें क्रिप्टो की सट्टा प्रकृति पसंद थी। इसका मतलब यह हो सकता है कि क्रिप्टो में कुल मिलाकर दिलचस्पी कम हो रही है।

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Abhimanyu Birthday: बेटे के जन्मदिन पर इमोशनल हुईं भाग्यश्री, अनसीन फोटोज की शेयर

Abhimanyu Birthday: अभिनेत्री भाग्यश्री ने रविवार को अपने बेटे अभिमन्यु के जन्मदिन पर इमोशनल पोस्ट शेयर किया है। उन्होंने कहा कि बेटे ने उनकी दुनिया बदल दी है। उन्होंने अभिमन्यु के बचपन से लेकर यंग ऐज तक की कई खूबसूरत यादें भी साझा कीं। अनदेखी तस्वीरों की एक सीरीज साझा करते हुए उन्होंने लिखा, "तुमने मेरी जिंदगी बदल दी!"

एक्ट्रेस ने लिखा- प्यार से लिपटा हुआ, मेरे सपने, मेरी दुनिया… तुम मेरे सूरज हो। उस नन्ही सी खुशी से भरी हुई बच्ची से, जिसे मैं अपना कह सकती थी, लेकर उस खूबसूरत, प्रतिभाशाली, अटूट ताकत के सहारे, जिस पर हम पूरे भरोसे के साथ खड़े हो सकते हैं… उस सफर को याद करते हुए मेरे चेहरे पर मुस्कान आ जाती है। इनमें से हर तस्वीर एक खास याद समेटे हुए है। जन्मदिन मुबारक हो!

पहली तस्वीर में भाग्यश्री अपने नन्हे बेटे को गोद में लिए हुए हैं, जो कंबल में लिपटा हुआ है। एक अन्य तस्वीर में उनके बचपन के जन्मदिन की पार्टी को दिखाया गया है, जिसमें नन्हा अभिमन्यु अपने माता-पिता के साथ केक काटते हुए बो टाई पहने नजर आ रहा है। एक और तस्वीर में वह हाथ में खिलौना लिए मासूमियत से बैठे हैं, जबकि एक अन्य तस्वीर में उनके चेहरे पर रंग लगा हुआ है, जो 1996 की है और उनके स्कूल के चंचल और मस्ती भरे दिनों की याद दिलाती है। एक और हालिया तस्वीर में मां-बेटे काले रंग के कपड़े पहने कैमरे के सामने पोज दे रहे हैं।

भाग्यश्री की बात करें तो, उन्होंने 1989 में आई ब्लॉकबस्टर फिल्म 'मैंने प्यार किया' में सलमान खान के साथ बॉलीवुड में डेब्यू किया था। वे महाराष्ट्र के सांगली के शाही पटवर्धन परिवार से संबंध रखती हैं, इसलिए उन्हें सांगली की राजकुमारी कहा जाता है।

अपने करियर के चरम पर, भाग्यश्री ने 1990 में व्यवसायी हिमालय दासानी से शादी कर ली और पारिवारिक जीवन पर फोकस करने के लिए मनोरंजन जगत से दूरी बना ली। खबरों के अनुसार, उन्होंने यह शर्त रखी थी कि वे तभी फिल्में साइन करेंगी जब उनके पति हिमालय उनके साथ लीड भूमिका में होंगे। दुर्भाग्य से, उनका यह निर्णय बॉक्स ऑफिस पर उन्हें सफलता नहीं दिला सका।

इस दंपति के बेटे अभिमन्यु दासानी का जन्म 1990 में और बेटी अवंतिका दासानी का जन्म 1995 में हुआ। अभिमन्यु ने 2018 में 'मर्द को दर्द नहीं होता' से अभिनय की शुरुआत की और बाद में 'निकम्मा' जैसी फिल्मों में भी दिखाई दिए। वहीं, अवंतिका ने वेब सीरीज 'मिथ्या' से अभिनय जगत में कदम रखा।

हाल के वर्षों में, भाग्यश्री ने मनोरंजन जगत में वापसी की और अपने पति हिमालय के साथ रियलिटी शो 'स्मार्ट जोड़ी' में भाग लेती नजर आईं। अब वह रितेश देशमुख की छत्रपति शिवाजी महाराज पर आधारित आगामी फिल्म में दिखाई देंगी, जो 1 मई को रिलीज होने वाली है।



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Saturday, February 21, 2026

IND vs SA Pitch Report: सुपर-8 में बदल जाएगी टीम इंडिया की प्लेइंग 11? साउथ अफ्रीका से मुकाबला कल, जानें कैसी होगी पिच

IND vs SA Pitch Report: टी20 वर्ल्ड कप 2026 के सुपर 8 में भारत अपना पहला मैच 22 फरवरी को अहमदाबाद में साउथ अफ्रीका के खिलाफ खेलेगा। कप्तान सूर्यकुमार यादव की टीम इस मुकाबले को जीतकर अपनी जीत का सिलसिला जारी रखना चाहेंगी, ताकि सेमीफाइनल में पहुंचने की राह आसान हो सके। इसके बाद भारत को ग्रुप 1 में जिम्बाब्वे और वेस्ट इंडीज़ के खिलाफ भी अहम मुकाबले खेलने हैं। भारत और साउथ अफ्रीका की दोनों टीमें ग्रुप स्टेज के सभी मैच जीतकर यहां आई हैं। खास बात ये हैं कि, ग्रुप 1 में आई सभी टीमें ग्रुप स्टेज के सभी मैच जीतकर आई है।

भारत की तरह साउथ अफ्रीका ने भी ग्रुप चरण में शानदार प्रदर्शन किया था और अपने सभी मैच जीतकर अंक तालिका में टॉस स्थान हासिल किया था। अब दोनों टीमें सुपर 8 में भी उसी फॉर्म को जारी रखने की कोशिश करेंगी। जानें कैसी होगी दोनों टीमों की प्लेइंग 11 ओर पिच रिपोर्ट

भारत प्लेइंग 11 में होगा ये बदलाव

साउथ अफ्रीका के खिलाफ भारत अपनी प्लेइंग इलेवन में कोई बदलाव करेगा। टीम प्रबंधन ने नीदरलैंड्स के खिलाफ औपचारिक मैच में ऑफ स्पिनर वॉशिंगटन सुंदर को मौका दिया था और अक्षर पटेल को आराम दिया गया था। ऐसे में देखना होगा कि अगले अहम मुकाबले के लिए टीम उसी संयोजन के साथ उतरती है या फिर कोई नया बदलाव किया जाता है। इस मुकाबले में अभिषेक से भी बेहतरीन पारी खेलने की उम्मीद होगी। अभिषेक पिछले तीन मैचों में अपना खाता भी नहीं खोल पाए हैं।

कैसी होगी अहमदाबाद की पिच

अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम की पिच बल्लेबाजों के लिए मददगार मानी जा रही है, जहां वे खुलकर रन बना सकते हैं। मैदान बड़ा होने की वजह से बल्लेबाजों को गैप ढूंढना आसान रहता है और शॉट्स खेलने की काफी गुंजाइश मिलती है। हालांकि गेंदबाजों को यहां सटीक लाइन और लेंथ बनाए रखना बहुत जरूरी होता है, क्योंकि जरा सी ढील भी बड़े शॉट में बदल सकती है। गलत गेंद डालने पर बल्लेबाज आसानी से रन बटोर सकते हैं, इसलिए गेंदबाजों को अतिरिक्त सावधानी बरतनी पड़ती है। भारत और साउथ अफ्रीका के मैच में भी बल्लेबाजी के लिए अनुकूल पिच मिलने की संभावना है, जहां फिर से बड़े स्कोर बन सकते हैं।

कैसा होगा मौसम

अहमदाबाद में मौसम साफ रहने की संभावना है और मैच के दौरान बारिश की कोई आशंका नहीं है। नरेंद्र मोदी स्टेडियम में शाम 7 बजे शुरू होने वाले मुकाबले में तापमान लगभग 24 से 29 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है। नमी का स्तर 40 प्रतिशत से अधिक रहने का अनुमान है, लेकिन कुल मिलाकर मौसम खेल के लिए अनुकूल रहने की उम्मीद है।

दोनों टीमों का रिकॉर्ड मजबूत

पूरी लय में न होने के बावजूद भारत ने इस टूर्नामेंट में लगातार चार मुकाबले जीते हैं। मौजूदा चैंपियन टीम अब अगले मैच में बल्लेबाज़ी और गेंदबाज़ी दोनों में अपनी ताकत दिखाना चाहेगी। दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ भारत का हालिया रिकॉर्ड भी मजबूत रहा है, क्योंकि उसने हाल के समय में घरेलू और विदेशी दोनों टी20 सीरीज़ में उन्हें हराया है। ऐसे में टीम आत्मविश्वास के साथ मैदान पर उतरना चाहेगी।

भारत और साउथ अफ्रीका की संभावित प्लेइंग 11

भारत की संभावित प्लेइंग 11: ईशान किशन (विकेट कीपर), अभिषेक शर्मा, तिलक वर्मा, सूर्यकुमार यादव (कप्तान), रिंकू सिंह, हार्दिक पांड्या, शिवम दुबे, वाशिंगटन सुंदर/अक्षर पटेल, अर्शदीप सिंह, जसप्रीत बुमराह, वरुण चक्रवर्ती

साउथ अफ्रीका की संभावित प्लेइंग 11: एडेन मार्करम (कप्तान), क्विंटन डी कॉक (विकेट कीपर), रयान रिकेल्टन, डेवाल्ड ब्रेविस, ट्रिस्टन स्टब्स, डेविड मिलर, मार्को जेनसन, केशव महाराज, कगिसो रबाडा, लुंगी एनगिडी, जॉर्ज लिंडे



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Friday, February 20, 2026

Planetary parade in February 2026: फरवरी के लास्ट में इस दिन एक साथ नजर आएंगे ये 6 ग्रह, जानें कब और कहां देखें?

Planetary parade in February 2026: फरवरी का महीना एस्ट्रोनॉमी में दिलचस्पी रखने वाले लोगों के लिए बेहद खास होने वाला है। खगोल शास्त्र के नजरिए से इस महीने में दो दुर्लभ नजारे देखने को मिलेंगे। इनमें से एक हाल ही में दुनिया ने देखा था, जो एक वलयाकार सूर्य ग्रहण था। अब चांद-तारों की बातें करने वाले सभी लोग बेसब्री से इस दूसरे नजारे का इंतजार कर रहे हैं। फरवरी के अंत में 6 ग्रह एक साथ आसमान में नजर आएंगे। खास बात ये है कि ये नजारा सामान्य आंखों से देखा जा सकेगा। ये दुर्लभ और अविश्वस्नीय नजारा 28 फरवरी को सूरज डूबने के तुरंत बाद होगा, जब लोगों को ग्रहों की अनोखी परेड देखने का मौका मिलेगा।

अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा के मुताबिक, बुध, शुक्र, शनि, बृहस्पति, यूरेनस और नेपच्यून आसमान में एक लाइन में दिखाई देंगे। स्पेस एजेंसी का कहना है कि इन ग्रहों को पूरे फरवरी में सूरज डूबने के ठीक बाद देखा जा सकता है, लेकिन न्यूजवीक की रिपोर्ट के मुताबिक, महीने के आखिर में उनका अलाइनमेंट सबसे अच्छा होगा। फरवरी महीने की शुरुआत ‘स्नोमून’ के साथ हुई थी, महीने के बीच में ‘रिंग ऑफ फायर’ देखा और अब बारी है ‘ग्रह की परेड’ की

कब और कैसे देखें ग्रहों की परेड?

अगर मौसम साफ रहा, तो छह में से सिर्फ चार ग्रह ही नंगी आंखों से दिखाई देंगे। यूरेनस और नेपच्यून के लिए बाइनोकुलर्स या टेलिस्कोप की जरूरत होगी। मरकरी को भी कभी-कभी देखना मुश्किल हो सकता है।

भारत में भी दिखेगी ग्रहों की परेड

प्लैनेटरी परेड का यह नजारा अमेरिका, कनाडा, मेक्सिको, यूरोप और ऑस्ट्रेलिया के साथ भारत में भी दिखाई देगा। बुध, शुक्र, शनि और बृहस्पति को बिना किसी उपकरण के देखा जा सकता है। वहीं, यूरेनस और नेपच्यून के लिए दूरबीन की जरूरत पड़ेगी। इसके लिए आसमान का साफ रहना जरूरी होगा।

सभी ग्रहों का दिखना मुश्किल

नासा का कहना है कि किसी ग्रह को बिना उपकरणों के देखने के लिए, उसे हॉराइजन से कुछ डिग्री ऊपर होना चाहिए, जिसमें 10 डिग्री या उससे ज्यादा की ऊचाई सबसे अच्छी मानी जाती है। एजेंसी के मुताबिक, ऐसा इसलिए है क्योंकि पृथ्वी का निचला एटमॉस्फियर सूर्योदय और सूर्यास्त के समय एस्ट्रोनॉमिकल बॉडीज की रोशनी को धुंधला कर देता है। जब ग्रह बहुत नीचे होते हैं, तो उन्हें देखना मुश्किल या नामुमकिन हो सकता है, क्योंकि उनकी रोशनी आंखों तक पहुँचने से पहले ही बिखर जाती है और सोख ली जाती है। हॉराइजन के पास की इमारतें, पेड़ और दूसरी रुकावटें भी नजारा रोक सकती हैं।

देखने का सबसे अच्छा तरीका

28 फरवरी को सूरज डूबने के लगभग 30 मिनट बाद पश्चिम दिशा में इन ग्रहों को एक सीध में देखा जा सकता है। इसके लिए साफ आसमान, पश्चिम की तरफ खुली जगह, बिना रुकावट वाला क्षेत्रहोना चाहिए।

क्यों दुर्लभ है यह घटना?

नासाके मुताबिक, मौसम के हिसाब से ज्यादातर रातों में कम से कम एक चमकीला ग्रह देखा जा सकता है। आमतौर पर सूर्यास्त के आसपास दो या तीन ग्रह दिखाई देते हैं, और कभी-कभी बिना किसी इंस्ट्रूमेंट के चार या पांच चमकते ग्रह एक साथ देखे जा सकते हैं। एजेंसी का कहना है कि हर कुछ सालों में चार या पांच ग्रहों के एक साथ आने की घटना होती है, जिसे साधारण आंखों से देखा जा सकता है।

नासा का कहना है कि अगली ऐसी घटना अक्टूबर 2028 के आखिर में होगी, जब पांचों ग्रह सूरज उगने से पहले एक साथ दिखाई देंगे। फिर, फरवरी 2034 के आखिर में, पांचों ग्रह सूरज डूबने के बाद फिर से दिखाई देंगे, हालांकि तब भी शुक्र और बुध को देखना मुश्किल हो सकता है।

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Thursday, February 19, 2026

Ekaki:‘एकाकी द फाइनल चैप्टर’ का काउंटडाउन शुरू, आशीष चंचलानी रिलीज किया जबरदस्त टीज़र

Ekaki: आशीष चंचलानी ने अपनी डायरेक्टोरियल डेब्यू शॉर्ट फिल्म 'एकाकी' के साथ एक नई शुरुआत की है। यह हॉरर-कॉमेडी थ्रिलर अपनी जबरदस्त कहानी और आशीष के बेहतरीन डायरेक्शन की वजह से दर्शकों के बीच छा गई है। देशभर के फैन्स इस सीरीज पर खूब प्यार बरसा रहे हैं और कहानी में आने वाले हर मोड़ का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। इसके हर नए चैप्टर के साथ सस्पेंस और मिस्ट्री गहराती जा रही है, जिससे दर्शकों की दिलचस्पी और बढ़ गई है।

​'एकाकी' का पांचवा और आखिरी चैप्टर पहले 30 जनवरी को रिलीज होने वाला था, लेकिन एक अचानक आई तकनीकी खराबी की वजह से प्लान बदलना पड़ा। आशीष ने सोशल मीडिया पर फैन्स से माफी मांगते हुए बताया कि हार्ड ड्राइव फेल होने के कारण लगभग 20% VFX फुटेज डिलीट हो गई है। इस खराबी ने टीम की करीब छह महीने की मेहनत पर पानी फेर दिया और उन्हें मजबूरन एपिसोड की रिलीज को आगे बढ़ाना पड़ा। आशीष ने दर्शकों को भरोसा दिलाया है कि टीम इसे फिर से तैयार करेगी और एक ऐसा एपिसोड लेकर आएगी जो उनके इंतजार के लायक होगा।

एक छोटे से ब्रेक के बाद, आशीष चंचलानी ने आखिरकार 'एकाकी' के पांचवें और आखिरी चैप्टर का टीज़र रिलीज कर दिया है, और साथ ही इसकी ऑफिशियल रिलीज डेट भी बता दी है। इस सीरीज का फिनाले 25 फरवरी को आने वाला है, जो कहानी को एक रोमांचक अंजाम तक ले जाने का वादा करता है।

ट्रेलर शेयर करते हुए आशीष ने लिखा, "और 'एकाकी' का फिनाले आ रहा है... अपना पॉपकॉर्न तैयार रखें क्योंकि 'एकाकी' का सबसे डरावना और गहरा चैप्टर आपके पास आ रहा है, अंत की शुरुआत देखने के लिए तैयार हो जाइए। टीज़र की शुरुआत एक न्यूज़ रिपोर्ट से होती है जिसमें रहस्यमयी UFO दिखने और अनजान हमलों की खबरें दिखाई गई हैं, जो तुरंत ही माहौल को डरावना बना देती हैं।

डरावना बैकग्राउंड म्यूजिक और शानदार साउंड डिज़ाइन धीरे-धीरे तनाव को बढ़ाते हैं, जिससे संकेत मिलता है कि कुछ बहुत खतरनाक होने वाला है। प्रोमो में बेहतरीन VFX और विजुअल्स भी देखने को मिल रहे हैं, जो कहानी के स्केल को और ऊंचा ले जाते हैं। एलियंस से सामना, चौंकाने वाले ट्विस्ट और रोमांचक पल 'एकाकी' के इस फिनाले को रोंगटे खड़े कर देने वाला बनाने का वादा करते हैं।

आशीष चंचलानी ने 'एकाकी' में कई भूमिकाएं निभाई हैं, वे इसके लेखक, निर्देशक, निर्माता और लीड एक्टर भी हैं, जो इस सीरीज के प्रति उनके जुनून को दिखाता है। उनके साथ उनकी भरोसेमंद टीम भी जुड़ी है: कुणाल छाबड़िया को-प्रोड्यूसर हैं, आकाश डोडेजा पैरेलल लीड में हैं, जशन सिरवानी एग्जीक्यूटिव प्रोड्यूसर हैं और तनीश सिरवानी क्रिएटिव साइड संभाल रहे हैं।

फिल्म का स्क्रीनप्ले ग्रिशिम नवानी के साथ मिलकर लिखा गया है और रितेश साधवानी इसके लाइन प्रोड्यूसर हैं, जो यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि सब कुछ ठीक से चले। एक नई और रोमांचक कहानी का वादा करने वाले इसके सभी पुराने एपिसोड्स सिर्फ ACV स्टूडियोज के यूट्यूब चैनल पर स्ट्रीम हो रहे हैं।



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Wednesday, February 18, 2026

Market view : 25900 से ऊपर जाने पर निफ्टी के लिए खुल सकता है 26300 तक का रास्ता, 25700 पर तत्काल सपोर्ट

Market view : निफ्टी आज कमज़ोर नोट पर खुला और शुरुआती ट्रेड में फिसला,लेकिन 25640–25660 के ज़ोन में इसे सपोर्ट मिला। इंडेक्स कुछ समय के लिए इस बैंड के आस-पास कंसोलिडेटेड होता रहा और फिर दिन चढ़ने के साथ इसमें लगातार रिकवरी हुई और यह 0.37% बढ़कर 25819 पर बंद हुआ। डेली चार्ट पर,निफ्टी ने एक छोटी बॉडी वाली कैंडल बनाई जिसमें एक लंबी लोअर विक थी। ये निचले लेवल पर मज़बूत खरीदारी की रुचि का संकते है। खास बात यह है कि यह सपोर्ट एरिया 20-डे EMA के साथ भी अलाइन है,जो एक अहम शॉर्ट-टर्म ट्रेंड सपोर्ट के तौर पर काम करता रहता है।

अगल-अलग सेक्टर्स की बात करें तो निफ्टी मेटल दिन के आखिर में टॉप सेक्टोरल गेनर के तौर पर बंद हुआ। इसके बाद PSU बैंक रहा,जिसने अपनी मज़बूत रफ़्तार जारी रखी। दूसरी ओर निफ्टी IT मोमेंटम बनाए रखने में नाकाम रहा और दिन के आखिर में टॉप सेक्टोरल लूज़र रहा। इसके बाद गिरने वालों में निफ्टी CPSE का नाम रहा। स्टॉक्स की बात करें तो, KWIL और HDFC लाइफ निफ्टी पैक में टॉप स्टॉक गेनर के तौर पर उभरे। जबकि विप्रो और टेक महिंद्रा टॉप दो लूज़र के तौर पर सामने आए।

तीन दिन पहले अपने 100-डे EMA के पास सपोर्ट लेने के बाद मिडकैप इंडेक्स में लगातार सुधार देखा गया है। रिकवरी के इस कदम से इंडेक्स को 13 फरवरी को बने 213 अंक के गैप को पूरी तरह से भरने में मदद मिली है। प्राइस एक्शन से पता चलता है कि ब्रॉडर मार्केट स्पेस में सेंटिमेंट बेहतर हो रहा है।

स्मॉलकैप इंडेक्स ने पिछले सेशन में अपना 20-डे EMA वापस पा लिया था और आज एक और दिन बढ़त के साथ बंद हुआ। इस सेगमेंट में रिलेटिव मजबूती साफ दिखी,और सेशन के दौरान ब्रॉडर मार्केट ने फ्रंटलाइन इंडेक्स से बेहतर परफॉर्म किया।

आज के कारोबारी सत्र में मार्केट ब्रेथ भी काफ़ी मज़बूत रही। कारोबारी सत्र के अंत में बढ़त-गिरावट का रेश्यो बुल्स के पक्ष में था। निफ्टी 500 यूनिवर्स में से कुल 274 स्टॉक हरे निशान पर बंद हुए।

निफ्टी व्यू

आगे की चाल की बात करें तो अब निफ्टी के लिए 25900–25950 के ज़ोन में तत्काल रेजिस्टेंस है। इस ज़ोन के ऊपर कोई भी टिकाऊ तेजी निफ्टी को 26100 तक ले जा सकता है,जिसके बाद शॉर्ट टर्म में इसमें 26300 तक की तेजी देखने को मिल सकती है। नीचे की तरफ इसके लिए 25700–25650 का जोन तत्काल सपोर्ट का काम कर सकता है।

Market outlook : बढ़त लेकर बंद हुआ बाजार, जानिए 19 फरवरी को कैसी रह सकती है इसकी चाल

बैंक निफ्टी व्यू

बैंक निफ्टी सेशन के पहले आधे हिस्से में एक छोटी साइडवेज़ रेंज में ट्रेड करता दिखा। 61300 के पास स्थित अहम रेजिस्टेंस ज़ोन के ऊपर एक निर्णायक ब्रेकआउट के बाद मोमेंटम में तेज़ी आई,जिससे यह इंट्राडे में तेज़ी से ऊपर की ओर बढ़ा। इंडेक्स आज 0.62% की बढ़त के साथ 61551 पर बंद हुआ। तीन सेशन पहले अपने 20-डे EMA पर सपोर्ट लेने के बाद, इंडेक्स ऊपर की ओर ट्रेंड कर रहा है और अब लगातार तीन बार ऊपर बंद हुआ है। यह शॉर्ट-टर्म में मजबूती कायम रहने का संकेत है।

बैंक निफ्टी के लिए तत्काल रेजिस्टेंस 61800–61900 के ज़ोन में है। इस ज़ोन के ऊपर कोई भी टिकाऊ तेजी बैंक निफ्टी को 62300 तक बढ़ा सकती है, जिसके बाद शॉर्ट टर्म में इसमें 62700 की तेजी देखने को मिल सकती है। नीचे की तरफ,61100–61000 का ज़ोन तत्काल सपोर्ट का काम कर सकता है।

 

SBI सिक्योरिटीज के टेक्निकल और डेरिवेटिव्स रिसर्च हेड सुदीप शाह

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।



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Tuesday, February 17, 2026

Small Cap Stocks: ऑल टाइम हाई से 40% नीचे हैं आधे स्मॉल कैप स्टॉक्स, निवेशकों के लिए क्या है इसका मतलब?

Small Cap Stocks: भारतीय शेयर बाजार में करीब आधे स्मॉल कैप शेयर इस समय अपने ऑल टाइम हाई से लगभग 40 प्रतिशत नीचे ट्रेड कर रहे हैं। Abakkus Mutual Fund की एक आंतरिक स्टडी में यह सामने आया है। इससे साफ है कि हाल की बाजार गिरावट ने ब्रॉडर मार्केट की वैल्यूएशन को काफी प्रभावित किया है।

इस स्टडी में ₹2,000 करोड़ से ₹34,700 करोड़ के मार्केट कैप वाली कंपनियों को शामिल किया गया। इसमें पाया गया कि इस दायरे की बड़ी संख्या में शेयर अपने पीक लेवल से तेज गिरावट झेल चुके हैं। रिटेल निवेशकों के लिए ऐसी गिरावट कम एंट्री प्राइस का मौका दे सकती है, लेकिन इसके साथ ज्यादा उतार चढ़ाव और जोखिम भी जुड़ा रहता है।

स्मॉल कैप शेयरों की पोर्टफोलियो में अहमियत

पिछले छह साल में स्मॉल कैप सेगमेंट का आकार तेजी से बढ़ा है। 2019 से 2025 के बीच इनका कुल मार्केट कैप ₹16 ट्रिलियन से बढ़कर ₹83 ट्रिलियन हो गया, यानी करीब 5.3 गुना बढ़ोतरी। इसी दौरान लार्ज कैप 2.55 गुना और मिड कैप 3.89 गुना बढ़े।

इसका असर यह हुआ कि कुल लिस्टेड मार्केट कैप में स्मॉल कैप की हिस्सेदारी 2019 के 11 प्रतिशत से बढ़कर 2025 में 19 प्रतिशत हो गई। यानी अब स्मॉल कैप भारतीय बाजार का कहीं ज्यादा अहम हिस्सा बन चुके हैं।

स्मॉल कैप में रिटर्न ज्यादा, लेकिन रिस्क भी

इतिहास बताता है कि लंबी अवधि में स्मॉल कैप ने लार्ज कैप से ज्यादा रिटर्न दिए हैं, लेकिन इनके भाव में तेज उतार चढ़ाव भी देखने को मिलता है।

1 सितंबर 2016 से 31 जनवरी 2026 के बीच Nifty Smallcap 250 और Nifty 50 में SIP रिटर्न की तुलना की गई। इस अवधि में Nifty Smallcap 250 में SIP पर 17 प्रतिशत का CAGR मिला। वहीं, Nifty 50 में यह 12 प्रतिशत रहा।

तीन और पांच साल के रोलिंग आधार पर स्मॉल कैप इंडेक्स ने क्रमशः 21 प्रतिशत और 22 प्रतिशत CAGR दिया। Nifty 50 में यह 13 प्रतिशत रहा।

हालांकि स्टडी में यह भी कहा गया कि स्मॉल कैप में स्टैंडर्ड डिविएशन ज्यादा होता है, यानी कीमतों में उतार चढ़ाव ज्यादा रहता है। इसलिए निवेशकों को अपनी जोखिम क्षमता और निवेश अवधि को ध्यान में रखकर निवेश करना चाहिए।

स्मॉल कैप से उभरते सेक्टरों तक पहुंच

स्मॉल कैप कंपनियां अक्सर उन सेक्टरों में काम करती हैं जो अभी तेजी से उभर रहे हैं और लार्ज कैप इंडेक्स में कम दिखते हैं। इनमें एयरोस्पेस और डिफेंस, फार्मा और बायोटेक, इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग सर्विसेज, इलेक्ट्रिक व्हीकल और बैटरी, एआई आधारित सेवाएं, रिन्यूएबल एनर्जी, मेडिकल डिवाइस, ट्रैवल और टूरिज्म और ऑटो कंपोनेंट शामिल हैं।

Abakkus Mutual Fund के सीईओ वैभव चुग के मुताबिक, मौजूदा गिरावट ने बाजार का समीकरण भी बदला है। अब ₹2,000 करोड़ से ₹34,700 करोड़ के मार्केट कैप वाली कई कंपनियों में जोखिम बनाम रिटर्न का संतुलन बेहतर हुआ है। उनका कहना है कि जो निवेशक बाजार के उतार चढ़ाव में टिके रहते हैं और बार बार एंट्री एग्जिट करने की कोशिश नहीं करते, वे लंबी अवधि में कंपाउंडिंग का फायदा उठा सकते हैं।

यह पूरी स्टडी 31 दिसंबर 2025 तक के उद्योग आंकड़ों पर आधारित आंतरिक रिसर्च के आधार पर तैयार की गई है।

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Monday, February 16, 2026

Bhupen Borah: असम कांग्रेस को फिलहाल बड़ी राहत! भूपेन बोरा ने वापस लिया इस्तीफा

Bhupen Borah: कांग्रेस की असम इकाई के पूर्व प्रमुख भूपेन बोरा ने आलाकमान के हस्तक्षेप के बाद आखिरकार अपना इस्तीफा वापस ले लिया है। कांग्रेस के असम प्रभारी जितेंद्र सिंह ने सोमवार (16 फरवरी) को यह दावा किया। बोरा के इस्तीफा देने के बाद सिंह और पार्टी की असम इकाई के अध्यक्ष गौरव गोगोई सहित कई वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं ने बोरा से उनके आवास पर मुलाकात की। इस बीच, बोरा ने अपने आवास के बाहर पत्रकारों से कहा कि उन्होंने अपने फैसले पर पुनर्विचार करने के लिए कांग्रेस आलाकमान से समय मांगा है।

गौरव गोगोई ने कहा कि कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने बोरा से बात की है। उनका इस्तीफा आलाकमान ने स्वीकार नहीं किया है। गोगोई ने कहा, "अगर पार्टी में कुछ मुद्दों के कारण भूपेन बोरा को ठेस पहुंची है तो हम उनसे माफी मांगते हैं।"

भंवर जितेंद्र सिंह ने कहा, "कांग्रेस नेता भूपेन बोरा हमारे वरिष्ठ नेता हैं। कभी-कभी परिवार में मनमुटाव हो जाता है और कभी-कभी दो लोगों के बीच सहमति नहीं होती है। यह हमारा आंतरिक मामला है। जब भूपेन बोरा यूथ कांग्रेस के अध्यक्ष होते थे तभी से उन्होंने असम में एक लड़ाई जारी रखी है। उन्होंने कांग्रेस में एक बहुत बड़ा जीवन बिताया है। हमने उनसे आग्रह किया है कि वे अपना इस्तीफा वापस लें। हमारी पार्टी एक लोकतांत्रिक पार्टी है।"

सिंह ने आगे कहा, "वरिष्ठ कांग्रेस नेता भूपेन बोरा कांग्रेस परिवार के एक अहम सदस्य हैं। उन्होंने अपना इस्तीफा हमारी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष को भेजा था। कांग्रेस अध्यक्ष ने उनका इस्तीफा स्वीकार नहीं किया है। राहुल गांधी समेत पार्टी लीडरशिप ने उनसे लंबी बातचीत की। हमने बातचीत से इसे सुलझा लिया है। वह पिछले 30 सालों से कांग्रेस में थे। मैं भूपेन बोरा को अपना इस्तीफा वापस लेने के लिए धन्यवाद देता हूं।"

असम में इस साल होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले सोमवार (16 फरवरी) को कांग्रेस की असम इकाई के पूर्व अध्यक्ष भूपेन कुमार बोरा ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया। बोरा ने अपना इस्तीफा कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को भेज दिया। कांग्रेस अध्यक्ष को भेजे अपने त्यागपत्र में उन्होंने दावा किया कि पार्टी नेतृत्व द्वारा उन्हें उपेक्षित किया जा रहा है। बोरा ने कहा कि राज्य इकाई में उन्हें उनका हक नहीं दिया जा रहा है।

बोरा 2021 से 2025 तक असम कांग्रेस इकाई के अध्यक्ष थे। पिछले साल उनकी जगह गौरव गोगोई को असम प्रदेश कांग्रेस कमेटी की कमान सौंप दी गई। वह असम में दो बार विधायक रह चुके हैं। न्यूज 18 की रिपर्ट मुताबिक, बोरा ने अपने फैसले के लिए कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई की हड़बड़ी को जिम्मेदार ठहराया है। यह घटनाक्रम प्रियंका गांधी वाड्रा के असम दौरे से कुछ ही दिन पहले हुआ है।

बोरा ने गुवाहाटी में पत्रकारों से कहा, "मैंने आज सुबह आठ बजे कांग्रेस आलाकमान को अपना इस्तीफा भेज दिया। इसमें विस्तार से बताया कि मुझे यह कदम उठाने के लिए क्यों मजबूर होना पड़ा। यह कोई व्यक्तिगत निर्णय नहीं है। मैंने पार्टी को 32 साल दिए हैं। मैं 1994 में पार्टी में शामिल हुआ था। यह कदम केवल व्यक्तिगत नहीं है, यह पार्टी के भविष्य की चिंता से प्रेरित है। इसलिए मैंने कांग्रेस आलाकमान को सब कुछ विस्तार से बताया।"

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उन्होंने ऐसे समय पर इस्तीफा दिया है जब कांग्रेस कुछ विपक्षी दलों के साथ गठबंधन की कोशिश कर रही है। बोरा ने आगे ANI से कहा, "अभी भी कांग्रेस हाई कमान मेरे घर पर हैं... मुख्यमंत्री ने पहले भी कई बार ऐसा (BJP में शामिल होने की बात) बोला है। 2-3 पार्टियों ने मुझे बुलाया है। कांग्रेस हाई कमान ने भी मेरे से बात की है।" हालांकि, अब उनके यू-टर्न के फैसले से कांग्रेस को थोड़ी राहत जरूर मिली होगी।



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Sunday, February 15, 2026

सोने में हर गिरावट को मौका मान रहे ग्राहक, शेयरों के इनवेस्टर की तरह कर रहे खरीद: Titan MD

सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव ने भारतीय खरीदारों को प्रभावित नहीं किया है। ग्राहक अब कीमतों में गिरावट को अवसर मानकर बाजार में एंट्री कर रहे हैं, बिलकुल शेयर निवेशकों की तरह। यह बात टाइटन कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर (एमडी) अजॉय चावला ने कही है। उन्होंने कहा कि पहले कई ग्राहक महंगी कीमतों के कारण सोना खरीदने में देरी करते थे। लेकिन अब उन्होंने अपनी रणनीति बदल ली है और कीमत गिरने पर सोना खरीदना शुरू कर दिया है, बजाय इसके कि अनिश्चित समय तक इंतजार किया जाए।

न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, चावला ने बताया, "लोगों ने लंबे समय तक इंतजार करने में नुकसान उठाया है। इसलिए अब वे कीमत में हर गिरावट का फायदा उठाकर सोने की खरीद कर रहे हैं, जैसे शेयर बाजार में करते हैं।" उन्होंने माना कि सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी है, लेकिन मांग मजबूत बनी हुई है। चावला ने कहा, "ग्राहक इसमें हिस्सा लेने की कोशिश करेंगे। जो लोग पिछड़ गए, वे अब खरीदने आएंगे।"

टाइटन की ज्वेलरी डिवीजन को इस रुझान से फायदा हुआ है। इस डिवीजन में कंपनी का प्रमुख ब्रांड तानिष्क शामिल है। प्रोडक्ट इनोवेशन और दिसंबर 2025 तिमाही की फेस्टिव डिमांड से भी इस डिवीजन को फायदा हुआ है। टाइटन का ज्वेलरी डिवीजन कंपनी में सबसे बड़ा कॉन्ट्रीब्यूटर है।

फरवरी में सोने में रहा काफी उतार-चढ़ाव

सोने की कीमतों में फरवरी, 2026 की शुरुआत में काफी उतार-चढ़ाव देखा गया। 10 ग्राम के लिए कीमतें करीब 1.61 लाख रुपये तक बढ़ीं। फिर वैश्विक संकेतों और मुनाफा निकालने के कारण हाल ही में गिरावट आई। चावला के अनुसार, कई लोग जिन्होंने साल के पहले 6 महीनों में सोने की खरीद में देरी की थी, उन्होंने त्योहारी सीजन और शादी के सीजन से पहले सोना खरीदना शुरू कर दिया। उन्हें उम्मीद है कि कीमतें अब और नहीं गिरेंगी। उन्होंने कहा कि ग्लोबल अनिश्चितता ने भी सेंटिमेंट को बूस्ट करने में भूमिका निभाई।

आगे कहा कि FOMO (कुछ छूट जाने का डर) की भावना ने भी डिमांड को बढ़ाया। चावला ने कहा, "तो एक FOMO था। लोग इसमें कूद पड़े, यह कहते हुए कि बाद में पछताने से बेहतर है कि अभी खरीद लो। और मुझे लगता है कि यह जनवरी तक चलता रहा।"

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कभी-कभी चाल का अंदाजा लगाना मुश्किल

चावला ने पिछले दो से तीन सालों में आए उतार-चढ़ाव की ओर इशारा करते हुए अंदाजा लगाने से भी सावधान किया। उन्होंने कहा, "कभी-कभी आप अंदाजा नहीं लगा सकते कि महीना कैसा जाएगा। पहला आधा हिस्सा बहुत अच्छा जा सकता है, और दूसरे आधे हिस्से में आपको थोड़ी मंदी दिखेगी, और इसका उल्टा भी हो सकता है।" चावला ने कहा, "जब हालात अच्छे हों, जब खरीदने का मौका हो, चाहे वह शादी हो या त्योहार, हमें पूरी जान लगा देनी चाहिए। इसका पूरा फायदा उठाना चाहिए क्योंकि हमें नहीं पता कि एक महीने बाद या 15 दिन बाद क्या होगा।"

चावला ने चेतावनी भी दी है कि अस्थिरता रहेगी। उन्होंने कहा, "करेक्शन होंगे, उतार-चढ़ाव होंगे, वोलैटिलिटी होगी। तो मेरा मतलब है, यह रिस्की हो सकता है, लेकिन अगर आप लंबा गेम खेल रहे हैं, तो इससे कोई फर्क नहीं पड़ सकता।"



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बांग्लादेश : तारिक रहमान के शपथग्रहण में ओम बिरला करेंगे भारत का प्रतिनिधित्व, PM मोदी नहीं होंगे शामिल!

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला 17 फरवरी को ढाका में होने वाले बांग्लादेश के नवनिर्वाचित प्रधानमंत्री तारिक रहमान के शपथ ग्रहण समारोह में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे। बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी के चेयरमैन रहमान 2024 में पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के हटने के बाद हुए पहले आम चुनाव में अपनी पार्टी की बड़ी जीत के बाद पद संभालने जा रहे हैं।

बांग्लादेश ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी समारोह में शामिल होने का निमंत्रण दिया है। हालांकि, उनके 17 फरवरी को मुंबई में फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के साथ निर्धारित द्विपक्षीय बैठक के कारण ढाका जाने की संभावना कम है। सरकार के बयान में कहा गया है कि ओम बिरला की मौजूदगी यह दिखाती है कि भारत, बांग्लादेश के साथ अपने रिश्तों को कितना महत्व देता है। यह दोनों देशों के साझा लोकतांत्रिक मूल्यों को भी दर्शाता है। अन्य क्षेत्रीय नेताओं के साथ-साथ पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के भी समारोह में शामिल होने की संभावना है। मोहम्मद यूनुस वाली अंतरिम सरकार ने भारत, चीन, सऊदी अरब, तुर्की, संयुक्त अरब अमीरात, कतर, मलेशिया, ब्रुनेई, श्रीलंका, नेपाल, मालदीव और भूटान सहित 13 देशों को निमंत्रण भेजा है।

BNP की जबरदस्त जीत

बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी ने 297 में से 209 सीटें जीतकर संसद में स्पष्ट बढ़त हासिल की है। इस जीत के साथ करीब दो दशक बाद उसकी सत्ता में वापसी का रास्ता साफ हो गया है। दक्षिणपंथी पार्टी बांग्लादेश जमात-ए-इस्लामी को 68 सीटें मिलीं। वहीं, पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीनाa की पार्टी अवामी लीग को इस चुनाव में हिस्सा लेने की अनुमति नहीं दी गई। चुनाव में कुल मतदान 59.44 प्रतिशत रहा। BNP के नेता तारीक रहमान ने पार्टी के चुनाव अभियान में अहम भूमिका निभाई। वह मुख्य रूप से लंदन में रह रहे थे, जहां उन्होंने लगभग 17 साल बिताए और वहीं से पार्टी की गतिविधियों का संचालन करते रहे।

भारत-बांग्लादेश संबंध

चुनाव नतीजों के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तारिक रहमान से बात कर उन्हें बधाई दी। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि उन्होंने बांग्लादेश की जनता की उम्मीदों को पूरा करने की उनकी कोशिशों के लिए शुभकामनाएं और समर्थन दिया है। उन्होंने कहा, “भारत और बांग्लादेश के बीच गहरे ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संबंध हैं। दो करीबी पड़ोसी देशों के रूप में हम शांति, विकास और खुशहाली के लिए प्रतिबद्ध हैं।” उन्होंने यह भी कहा कि वह साझा विकास लक्ष्यों को आगे बढ़ाने के लिए मिलकर काम करने के इच्छुक हैं।

जीत के बाद अपने बयान में तारिक रहमान ने कहा कि बांग्लादेश के “राष्ट्रीय हित” ही नई दिल्ली के साथ संबंधों की दिशा तय करेंगे। उन्होंने साफ किया कि ढाका भारत, चीन और पाकिस्तान जैसी क्षेत्रीय शक्तियों के साथ संतुलित संबंध रखना चाहता है और किसी भी देश को “मास्टर” नहीं मानता। वहीं,बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टीने प्रधानमंत्री मोदी के संदेश का जवाब देते हुए कहा कि वह आपसी सम्मान और एक-दूसरे की चिंताओं को समझते हुए भारत के साथ रचनात्मक संबंध बनाए रखना चाहता है।



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Saturday, February 14, 2026

Hina Khan: 'जिंदगी जीने का तरीका यही'... हिना खान ने कैंसर से जंग पर खुलकर बात की

टीवी की पॉपुलर एक्ट्रेस हीना खान ने Illuminate 3.0 इवेंट पर स्टेज 3 ब्रेस्ट कैंसर से अपनी जंग की दिल दहला देने वाली कहानी शेयर की। जून 2024 में डायग्नोसिस के बाद कीमो, सर्जरी और इम्यूनोथेरेपी की चुनौतियों के बावजूद वे मुस्कुराती रहीं। यह इमोशनल बातचीत फैंस के लिए इंस्पिरेशन बन गई।

डायग्नोसिस का पहला झटका

हीना ने बताया कि फैमिली डिनर के दौरान पार्टनर रॉकी जायसवाल ने रिपोर्ट दिखाई, तो आंसू गिर पड़े। "10 मिनट तक चुप रही, लगा आसमान टूट गया। लेकिन फैमिली में कैंसर हिस्ट्री थी, फिर भी सोचा नहीं था मेरे साथ होगा।" सर्जरी 8 घंटे की बजाय 15 घंटे चली। OT से निकलते ही केयरगिवर्स को देख मुस्कुराईं, क्योंकि "वे हमसे ज्यादा सहते हैं। घर का माहौल हमेशा पॉजिटिव रखा।"

इलाज की कठिनाइयां और हिम्मत

कीमो से म्यूकोसाइटिस जैसी परेशानियां जैसे मुंह में दर्द, पैर सुन्न हुईं। फिर भी वर्कआउट जारी रखा। अब इम्यूनोथेरेपी पर हैं: "कीमो-सर्जरी खत्म, सब ठीक चल रहा। हिना खान ने बताया कि कैंसर से लड़ाई आसान नहीं थी, लेकिन उन्होंने इसे कभी “मौत की सज़ा” नहीं माना। उन्होंने कहा कि आज समय बदल चुका है लोगों में जागरूकता बढ़ी है और डॉक्टर लगातार कैंसर की शुरुआती जांच और इलाज पर जोर दे रहे हैं। हिना ने माना कि ऐसे इवेंट्स और मरीजों की कहानियां समाज को यह समझाने में मदद करती हैं कि कैंसर से डरना नहीं, बल्कि समय पर पहचान और सही इलाज से इसे हराया जा सकता है।

इस टाउनहॉल में हिना ने डॉक्टरों और अन्य कैंसर सर्वाइवर्स के साथ रैम्प वॉक भी किया। यह सिर्फ एक फैशन एक्ट नहीं था, बल्कि साहस और उम्मीद का प्रतीक था। उन्होंने कहा कि हर मरीज को अपनी कहानी साझा करनी चाहिए ताकि दूसरों को प्रेरणा मिले। उनका संदेश साफ था “हर दिन खुलकर जीना चाहिए।”

इंसानी जज़्बात और ताकत

हिना ने अपनी बातों में उस भावनात्मक संघर्ष का भी ज़िक्र किया जो कैंसर के दौरान हर मरीज झेलता है। उन्होंने बताया कि इलाज के दौरान शारीरिक और मानसिक चुनौतियाँ आती हैं, लेकिन परिवार, दोस्तों और डॉक्टरों का साथ इंसान को मजबूत बनाता है। उनकी जर्नी ने वहां मौजूद लोगों को यह एहसास दिलाया कि कैंसर से लड़ाई सिर्फ दवाइयों से नहीं, बल्कि हिम्मत और पॉजिटिव सोच से भी जीती जाती है।



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Friday, February 13, 2026

TVK चीफ विजय की रैली में एक और हादसा! तमिलनाडु के सलेम में एक शख्स की हुई मौत, हार्ट अटैक की आशंका

तमिलनाडु के सलेम में तमिलगा वेत्री कड़गम (TVK) प्रमुख विजय की रैली के दौरान महाराष्ट्र के 37 साल के एक व्यक्ति की दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई। मृतक की पहचान सूरज के रूप में हुई है। कार्यक्रम के दौरान वह अचानक गिर पड़ा। उसे तुरंत पास के अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस के अनुसार, शुरुआती जानकारी में मौत का कारण हार्ट अटैक बताया गया है और मामले की आगे जांच की जा रही है।

विजय ने विधानसभा चुनाव से पहले सलेम के सीलनायकेनपट्टी में रैली को संबोधित किया। यह घटना कुछ महीने पहले हुई उस दर्दनाक हादसे के बाद सामने आई है, जब तमिलनाडु के करूर में विजय की रैली के दौरान भगदड़ मच गई थी। उस हादसे में 41 लोगों की मौत हो गई थी और 60 से ज्यादा लोग घायल हुए थे।

रैली में विजय ने कहा कि सहयोगी दलों के साथ सत्ता साझा करने का उनका प्रस्ताव तमिलनाडु की राजनीति में “राजनीतिक बम” साबित हुआ है। उन्होंने दावा किया कि अब सभी गठबंधनों में सत्ता साझेदारी की मांग उठ रही है और इससे DMK चीफ और मुख्यमंत्री एमके स्टालिन असहज हो गए हैं।

विजय ने कहा कि DMK ने कांग्रेस के साथ सत्ता साझा करने से इनकार कर दिया है। उन्होंने वादा किया कि अगर उनकी पार्टी को सत्ता मिलती है तो वह सामाजिक न्याय पर आधारित सरकार देंगे।

उन्होंने कहा, “क्या आपको विक्रवंडी रैली में मेरा राजनीतिक बम याद है, जब मैंने सत्ता साझा करने की बात कही थी? अब वह सभी गठबंधनों में असर दिखा रहा है। मुख्यमंत्री स्टालिन कह रहे हैं कि सत्ता साझेदारी तमिलनाडु के लिए ठीक नहीं है। डीएमके के लिए गठबंधन सिर्फ चुनाव जीतने तक है, लेकिन शासन के मामले में वे अकेले रहना चाहते हैं।”

Vijay: विजय थलपति को रास नहीं आ रही राजनीति, फिर रैली में हुई एक शख्स की मौत



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Thursday, February 12, 2026

Lumax Auto Technologies Q3 Results: मुनाफा 83% बढ़कर ₹82.5 करोड़ पर पहुंचा, रेवेन्यू 40.3% बढ़ी

Lumax Auto Technologies Q3 Results: ल्यूमैक्स ऑटो टेक्नोलॉजीज़ लिमिटेड (Lumax Auto Technologies) ने दिसंबर तिमाही के नतीजे जारी किए है। कंपनी के मुनाफे और रेवेन्यू में सालाना आधार पर शानदार बढ़त देखने को मिली। दिसंबर तिमाही में नेट प्रॉफ़िट 83.3% बढ़कर ₹82.5 करोड़ पर पहुंचा जबकि पिछले साल इसी समय यह ₹45 करोड़ पर था। ऑपरेशन से रेवेन्यू 40.3% बढ़कर ₹1,270.6 करोड़ हो गया, जो एक साल पहले ₹905.6 करोड़ पर था, जो सभी सेगमेंट में बिज़नेस की अच्छी रफ़्तार को दिखाता है।

ऑपरेटिंग परफ़ॉर्मेंस भी सुधरा

कंपनी के ऑपरेटिंग परफ़ॉर्मेंस में भी काफ़ी सुधार हुआ। EBITDA साल-दर-साल आधार पर 49.2% बढ़कर ₹118 करोड़ से ₹176 करोड़ हो गया, जबकि EBITDA मार्जिन पिछले साल की इसी तिमाही के 13% से बढ़कर 13.8% हो गया, जो बेहतर कॉस्ट एब्ज़ॉर्प्शन और ऑपरेटिंग लेवरेज दिखाता है।

कमाई की घोषणा के बाद, NSE पर ल्यूमैक्स ऑटो टेक्नोलॉजीज के शेयर ₹22 या 1.54% बढ़कर ₹1,754 पर बंद हुए।

इसके अलावा, कंपनी ने ICICI बैंक द्वारा दी जाने वाली ₹30 करोड़ की कुल क्रेडिट सुविधा के तहत अपने चैनल पार्टनर्स द्वारा ली जा रही लिमिट के 20% तक की फर्स्ट लॉस डेफिशिएंसी गारंटी देने के प्रस्ताव को मंजूरी दी। इस कदम का मकसद अपने पार्टनर्स के लिए चैनल फाइनेंसिंग को आसान बनाना है।

कंपनी का बिजनेस

ल्यूमैक्स ऑटो टेक्नोलॉजीज एक बड़ी ऑटोमोटिव कंपोनेंट बनाने वाली कंपनी है, जो पैसेंजर गाड़ियों, टू-व्हीलर्स और कमर्शियल गाड़ियों के ओरिजिनल इक्विपमेंट बनाने वालों को लाइटिंग सिस्टम, इलेक्ट्रॉनिक और एमिशन सिस्टम, और दूसरे इंटीग्रेटेड मॉड्यूल सप्लाई करती है।

Stock Market Highlight: IT शेयरों में गिरावट ने बिगाड़ा बाजार का मूड, सेंसेक्स 559 अंक टूटा, निफ्टी 25,807 पर हुआ बंद



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Wednesday, February 11, 2026

SBI ने मार्केट कैपिटलाइजेशन में TCS को पीछे छोड़ा, शेयरों में उछाल का असर

स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) के शेयरों में 11 फरवरी को 3 फीसदी से ज्यादा उछाल आया। दिसंबर तिमाही के अच्छे नतीजों के बाद बैंक के शेयरों में उछाल देखने को मिला है। शेयरों में हाल में आई तेजी से एसबीआई ने मार्केट कैपिटलाइजेशन के मामले में दिग्गज आईटी कंपनी टीसीएस को पीछे छोड़ दिया है। अब एसबीआई मार्केट कैपिटलाइजेशन के मामले में देश की चौथी सबसे बड़ी कंपनी बन गया है।

शेयर 1200 रुपये की दहलीज पर

SBI का शेयर 11 फरवरी को 3.39 फीसदी यानी 38.80 रुपये के उछाल के साथ 1,182.90 रुपये पर बंद हुआ। एक समय शेयर का प्राइस 1,187 रुपये तक पहुंच गया था। इससे बैंक का मार्केट कैपिटलाइजेशन 10.9 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गया। यह TCS के 10.53 लाख करोड़ रुपये के मार्केट कैपिटलाइजेशन से ज्यादा है। अभी रिलायंस इंडस्ट्रीज देश की सबसे बड़ी कंपनी है, जिसका मार्केट कैपिटलाइजेशन 19.88 लाख करोड़ रुपये है।

एचडीएफसी बैंक दूसरी सबसे बड़ी कंपनी

एचडीएफसी बैंक देश की दूसरी सबसे बड़ी कंपनी है। इसका मार्केट कैपिटलाइजेशन 14.26 लाख करोड़ रुपये है। भारती एयरटेल देश की तीसरी सबसे बड़ी कंपनी है, जिसका मार्केट कैपिटलाइजेशन 11.47 लाख करोड़ रुपये है। टीसीएस के शेयरों पर पिछले कई तिमाहियों से काफी दबाव देखने को मिला है इससे कंपनी का मार्केट कैपिटलाइजेशन घटा है।

एसबीआई का प्रदर्शन दिसंबर तिमाही में शानदार

एसबीआई देश का सबसे बड़ी बैंक है। यह सबसे बड़ा सरकारी बैंक भी है। इसने 7 फरवरी को दिसंबर तिमाही के नतीजों का ऐलान किया था। इसका प्रॉफिट 21,028 करोड़ रुपये रहा। यह साल दर साल आधार पर 24.49 फीसदी ज्यादा प्रॉफिट है। इसका असर बैंक के शेयरों पर दिखा है। बैंक का ने इंटरेस्ट मार्जिन 9 फीसदी बढ़कर 45,190 करोड़ रुपये पहुंच गया।

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बीते एक साल में 61 फीसदी चढ़ा है स्टॉक

SBI के शेयरों का प्रदर्शन बीते कुछ समय में काफी अच्छा रहा है। बीते एक साल में यह शेयर 61 फीसदी से ज्यादा चढ़ा है। 2026 में इस शेयर का रिटर्न करीब 20 फीसदी रहा है। लेकिन, शेयरों में ज्यादा तेजी बैंक के दिसंबर तिमाही के नतीजों के बाद देखने को मिला है। 11 फरवरी को शेयर बाजार में मिलाजुला रुख देखने को मिला। निफ्टी हरे निशान में बंद हुआ, जबकि सेंसेक्स लाल निशान में क्लोज हुआ।



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Tuesday, February 10, 2026

Raghav Chadha: राघव चड्ढा को इस इंफ्लुएंसर ने कहा 'हैंडसम', परिणीति चोपड़ा का मजेदार रिएक्शन वायरल

सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो गया है, जिसमें एक इंफ्लुएंसर ने आम आदमी पार्टी के सांसद राघव चड्ढा को खुलेआम 'हैंडसम' बता दिया। इस मजेदार रील पर राघव की पत्नी और बॉलीवुड अभिनेत्री परिणीति चोपड़ा ने भी कमेंट किया, जो फैंस को खूब हंसाने वाला है। वीडियो ने 90 लाख से ज्यादा व्यूज बटोर लिए हैं और कपल की केमिस्ट्री एक बार फिर सुर्खियों में है।

वायरल वीडियो की पूरी कहानी

इंस्टाग्राम इंफ्लूएंसर पीयूष त्रिपाठी ने 'उड़ान यात्री कैफे' का दौरा किया। वीडियो में वे अपनी पार्टनर से कहते हैं कि 20 रुपये में समोसा और 10 में पानी जैसी सस्ती चीजें उपलब्ध हैं। फिर पूछते हैं, "ये किसकी वजह से?" जवाब आता है राघव चड्ढा की। अगला सवाल: "राघव चड्ढा कैसे लगते हैं?" महिला हंसते हुए बोली, "हैंडसम!" यह सीधा-सा जवाब सोशल मीडिया पर धमाल मचा गया। फैंस इसे राघव की पॉलिटिकल छवि और लुक्स की तारीफ मान रहे हैं।

परिणीति और राघव की नटख प्रतिक्रिया

परिणीति ने वीडियो पर तुरंत रिएक्ट किया। उन्होंने आंखें फैलाने वाले और हंसी वाले इमोजी के साथ लिखा, "मैं पूरी तरह सहमत हूं!" यह कमेंट साफ बता रहा है कि वे पत्नी के तौर पर गर्व महसूस कर रही हैं। राघव ने भी ह्यूमर से जवाब दिया, "हाहा, उम्मीद है समोसा तो एंजॉय किया!" दोनों की यह चुलबुली केमिस्ट्री फैंस को पसंद आ रही है। यूजर्स कमेंट्स में लिख रहे हैं - "राघव सिर्फ हैंडसम नहीं, इंटेलिजेंट भी हैं" और "परिणीति का स्वैग कमाल का!"

कपल की सोशल मीडिया पावर

परिणीति और राघव की शादी के बाद से उनकी ऑनलाइन मौजूदगी मजबूत हुई है। पुराने वायरल रील्स जैसे 'हंसी तो फंसी' डायलॉग पर राघव का रिस्पॉन्स भी याद आ रहा है। यह वीडियो राजनीति और बॉलीवुड को जोड़ता है, जहां सादगी भरा ह्यूमर वायरल फॉर्मूला बन गया। फैंस जोड़ी की तारीफ कर रहे हैं, जो नेटीजन्स के बीच सकारात्मक वाइब्स फैला रही है। सोशल मीडिया का यह ट्रेंड साबित करता है कि सेलिब्रिटी कपल्स भी आम लोगों से जुड़ सकते हैं।



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Monday, February 9, 2026

Market outlook : बढ़त के साथ बंद हुआ बाजार, जानिए 10 फरवरी को कैसी रह सकती है इसकी चाल

Stock market : 9 फरवरी को निफ्टी के 25,850 से ऊपर टिके रहने के साथ भारतीय इक्विटी इंडेक्स मज़बूत बढ़त के साथ बंद हुए। कारोबारी सत्र के अंत में सेंसेक्स 485.35 अंक या 0.58 प्रतिशत बढ़कर 84,065.75 पर और निफ्टी 173.60 अंक या 0.68 प्रतिशत बढ़कर 25,867.30 पर बंद हुआ। लगभग 3003 शेयरों में तेज़ी आई, 1181 शेयरों में गिरावट आई और 152 शेयर अपरिवर्तित रहे।

स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, श्रीराम फाइनेंस, टाइटन, डॉ. रेड्डीज़ लैबोरेटरीज़, ग्रासिम इंडस्ट्रीज़ निफ्टी के टॉप गेनर्स में से रहे। जबकि, मैक्स हेल्थकेयर, पावर ग्रिड कॉर्पोरेशन, ITC, ONGC और NTPC निफ्टी के टॉप लूज़र्स में शामिल रहे। निफ्टी मिडकैप इंडेक्स में 1.6% की बढ़ोतरी हुई और स्मॉलकैप इंडेक्स में 2.6% की बढ़ोतरी लेकर बंद हुआ।

सभी सेक्टोरल इंडेक्स हरे निशान में बंद हुए,जिसमें मीडिया, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, रियल्टी, PSU बैंक, फार्मा, हेल्थकेयर, मेटल में 1-3% की तेज़ी आई।

आगे कैसी रह सकती है बाजार की चाल

एसबीआई सिक्योरिटीज के टेक्निकल और डेरिवेटिव रिसर्च हेड सुदीप शाह का कहना है कि आगे निफ्टी के लिए तत्काल रेजिस्टेंस 25,970–26,000 ज़ोन में हो सकता है। इस ज़ोन से ऊपर कोई भी टिकाऊ चाल निफ्टी को शॉर्ट टर्म में 26,200 और उसके बाद 26,400 की ओर ले जा सकती है। नीचे की तरफ, 25,780–25,750 का ज़ोन तत्काल सपोर्ट का काम कर सकता है।

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के चीफ मार्केट स्ट्रैटेजिस्ट आनंद जेम्स का कहना है कि हालिया मूवमेंट से पता चलता है कि तेज़ी का मोमेंटम कुछ कम हुआ है, हालांकि लगातार खरीदारी से अभी भी रिकवरी को सपोर्ट मिल सकता है। उन्होंने आगे कहा कि शॉर्ट टर्म में मार्केट का अहम सपोर्ट लेवल से ऊपर बने रहना बहुत ज़रूरी होगा।

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के चीफ इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटेजिस्ट डॉ. वीके विजयकुमार ने कहा कि फरवरी में अब तक फॉरेन फंड फ्लो में बदलाव आया है, जिसमें FIIs नेट बायर्स बन गए हैं। उन्होंने कहा कि करेंसी मूवमेंट ने सेंटीमेंट को बेहतर बनाने में भूमिका निभाई है और यह आगे भी विदेशी निवेश को सपोर्ट कर सकता है।

HDFC सिक्योरिटीज में प्राइम रिसर्च के हेड देवर्ष वकील ने कहा कि भारत और अमेरिका एक अंतरिम ट्रेड एग्रीमेंट पर पहुंच गए हैं। इससे दस महीने से चल रहा टैरिफ विवाद खत्म हो गया है और वॉशिंगटन ने भारतीय सामानों पर टैरिफ कम कर दिया है। उन्होंने कहा कि भारत ने संवेदनशील कृषि सेक्टर की रक्षा की है, साथ ही अगले पांच सालों में अमेरिका से सामान खरीदने का वादा किया है, जिसमें एनर्जी, एयरक्राफ्ट और डिफेंस टेक्नोलॉजी पर फोकस रहेगा।

वकील ने आगे कहा कि मज़बूत ग्लोबल संकेतों,खासकर जापान से मिले संकेतों ने रिस्क लेने की क्षमता को बेहतर बनाया है,जिससे भारतीय इक्विटीज़ को भी सपोर्ट मिल रहा है। ये बाजार के लिए अच्छा संकेत है।

बैंक निफ्टी व्यू

यूनियन बजट 2026, US-इंडिया ट्रेड डेवलपमेंट और RBI की MPC मीटिंग जैसे बड़े मैक्रो इवेंट्स की वजह से बढ़ी वोलैटिलिटी के बावजूद, बैंक निफ्टी पिछले हफ़्ते मज़बूत बंद हुआ था।

चॉइस ब्रोकिंग के टेक्निकल रिसर्च एनालिस्ट आकाश शाह का कहना है कि टेक्निकली बैंक निफ्टी ने 60,000 के अहम साइकोलॉजिकल रेजिस्टेंस लेवल से ऊपर टिककर मजबूती दिखाई है। ये मार्केट कॉन्फिडेंस में सुधार और स्ट्रक्चरल सपोर्ट बनने का संकेत है। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि अगर इंडेक्स 59,800 से ऊपर नहीं टिक पाता है तो 59,600–59,400 ज़ोन की ओर करेक्टिव मूव आ सकता है, और अगर बिकवाली का दबाव बढ़ता है तो और गिरावट का खतरा भी है।

उन्होंने आगे कहा कि अच्छी बात यह है कि बैंक निफ्टी के लिए तत्काल रेजिस्टेंस 60,500 पर है, इसके बाद 61,000 और 61,400 पर अगले रेजिस्टेंस है। 55.99 पर स्थित वीकली RSI बताता है कि बुलिश मोमेंटम सामान्य बात है और ओवरबॉट कंडीशन के बिना और ऊपर जाने की गुंजाइश है। फिर भी, बैंक निफ्टी अपने 20 डे, 50 डे और 200 डे EMA से नीचे ट्रेड कर रहा है, जो ऊपर से सप्लाई आने और एक बड़े ट्रेंड का संकेत देता है जो अभी तक पक्के तौर पर बुलिश नहीं हुआ है।

60,500 से ऊपर की टिकाऊ क्लोजिंग बुलिश मोमेंटम को पक्का करेगी। जबकि, इस लेवल को बनाए रखने में नाकाम रहने पर शॉर्ट-टर्म कमजोरी आ सकती है। उन्होंने सलाह दी कि ट्रेडर्स को पॉजिटिव लेकिन अनुशासित रहना चाहिए और डायरेक्शनल संकेतों के लिए 59,800 को अहम सपोर्ट और 60,500 को अहम रेजिस्टेंस के तौर पर बारीकी से मॉनिटर करना चाहिए।

कोटक सिक्योरिटीज में इक्विटी रिसर्च के हेड श्रीकांत चौहान के मुताबिक 59,500 पर 50 और 20 डे के SMA बैंक निफ्टी के लिए अहम सपोर्ट ज़ोन होंगे। इन लेवल से ऊपर,इंडेक्स 60,500 और 61,000-61,300 को फिर से टेस्ट कर सकता है। दूसरी ओर 59,500 से नीचे जाने पर सेंटिमेंट बदल सकता है।

 

 

Trading plan : अब सभी लॉन्ग सौदों के लिए 25650 का ट्रेलिंग स्टॉप लॉस रखें, निफ्टी-बैंक निफ्टी में नए हाई की तैयारी करें

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।



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