बंगाल विधानसभा चुनाव को लेकर सभी पार्टियां तैयारी में जुटी हुई हैं। इसी बीच आसनसोल स्थित पश्चिम बर्द्धमान सिविल कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी मिली, जिससे कोर्ट परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। दरअसल, सोमवार (24 फरवरी) को सुबह करीब 11:30 बजे कोर्ट के आधिकारिक ईमेल पर एक धमकी भरा मेल आया, जिसमें दावा किया गया कि कोर्ट परिसर में विस्फोटक लगाए गए हैं।
कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी
ई-मेल में जजों के साथ-साथ कोर्ट परिसर को भी उड़ाने को बात कही गई है। भेजने वाले ने दावा किया है कि कोर्ट परिसर के अहम हिस्सों में C-4 और RDX का इस्तेमाल कर 11 IED पहले ही लगाए जा चुके हैं।
सूचना मिलते ही प्रशासन हरकत में आ गया। तुरंत कोर्ट परिसर को खाली कराया गया और आम वादियों, वकीलों, कर्मचारियों व न्यायिक अधिकारियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। इसके बाद पुलिस, बम निरोधक दस्ता और डॉग स्क्वॉड को मौके पर बुलाया गया।
पुलिस ने चलाया सर्च ऑपरेशन
जिसके बाद कोर्ट की दूसरी और तीसरी मंज़िल को खाली करा दिया गया। पुलिस और स्निफर डॉग की मदद से पूरे भवन की तलाशी ली गई। अधिकारियों का यह भी कहना है कि यह मेल अफवाह भी हो सकता है, लेकिन किसी भी तरह का जोखिम नहीं लिया जा रहा। बता दे कि तलाशी के बाद अभी तक कोई संदिग्ध वस्तु या विस्फोटक समान नहीं मिला है।
हालांकि, इसके बाद भी परिसर में डर का माहौल बना हुआ है। आम लोगों से लेकर वकीलों और जजों तक, सभी में भय देखा जा रहा है। स्थिति को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है और संदिग्ध व्यक्तियों पर कड़ी नज़र रखी जा रही है, ताकि कोई भी अनहोनी घटना से निपटा जा सके।
इस मामले पर जिला जज देबप्रसाद नाथ ने कहा "हमें सुबह 11:30 बजे आधिकारिक ईमेल पर सूचना मिली कि कोर्ट में विस्फोटक रखे गए हैं। इसके बाद बम निरोधक दस्ता और डॉग स्क्वॉड बुलाए गए हैं।" उन्होंने साफ कहा कि, "हम आम वादियों, वकीलों, स्टाफ और न्यायिक अधिकारियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रहे हैं। कैदियों को भी प्रक्रिया के अनुसार स्थानांतरित किया गया है।"
चुनाव से पहले इस तरह की घटनाएं आम लोगों के मन में डर पैदा करती हैं। विपक्ष पहले ही आरोप लगा रहा है कि राज्य में कानून-व्यवस्था चरमराई हुई है, जबकि सत्ताधारी दल का कहना है कि पुलिस पूरी मुस्तैदी से काम कर रही है और हर साजिश को नाकाम किया जाएगा।
फिलहाल, पुलिस ईमेल भेजने वाले की पहचान करने में जुटी है और साइबर सेल भी मामले की जांच कर रही है। प्रशासन ने साफ कहा है कि दोषियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। आने वाले बंगाल चुनाव से पहले कोर्ट जैसे संवेदनशील संस्थानों को मिली धमकियां यह साफ संकेत दे रही हैं कि सुरक्षा एजेंसियों के सामने बड़ी चुनौती खड़ी है।
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