नई दिल्ली में आयोजित News18 Rising Bharat Summit 2026 में इस बार चर्चा का फोकस था- “स्ट्रेंथ विदइन”, यानी भारत की अंदरूनी ताकत। मंच पर देश की बदलती सोच, युवाओं की भूमिका और संगठनों के योगदान पर खुलकर बातचीत हुई। इसी दौरान राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (RSS) के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख सुनील आंबेकर ने युवाओं और संघ के रिश्ते पर विस्तार से अपनी बात रखी।
उन्होंने कहा कि आज का नौजवान सपने देखने वाला है, आगे बढ़ना चाहता है और कुछ बड़ा करना चाहता है। उनके मुताबिक संघ ऐसे युवाओं को एक तरह का “सोशल इंफ्रास्ट्रक्चर” देता है, जहां वे जुड़कर काम कर सकें।
उन्होंने सवालों का जवाब देते हुए आंबेडकर ने कहा कि “भारत माता की जय” जैसे नारे किसी पर थोपे नहीं जाते। उनका कहना था कि यह भावना खुद युवाओं के भीतर से आती है। अगर ऐसा जबरदस्ती होता, तो संगठन इतना लंबा सफर तय नहीं कर पाता।
उन्होंने यह भी कहा कि आज देश के अलग-अलग हिस्सों से लोग संघ से इसलिए जुड़ रहे हैं, क्योंकि वे अपने भविष्य को देश की तरक्की से जोड़कर देखते हैं। उनके मुताबिक, वंदे मातरम या भारत माता की जय जैसे नारे आज के युवाओं के लिए गर्व का विषय हैं, विवाद का नहीं।
इस समिट में कई बड़ी हस्तियों की मौजूदगी ने आयोजन को और खास बना दिया। पूरा कार्यक्रम इस बात पर केंद्रित रहा कि भारत किस तरह अपनी आंतरिक शक्ति और आत्मविश्वास के दम पर आगे बढ़ रहा है।
कुल मिलाकर, यह मंच देश के भविष्य की दिशा पर मंथन का बड़ा मौका बनकर सामने आया, जहां नए भारत की सोच और उसके विजन पर खुलकर चर्चा हुई।
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