लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला 17 फरवरी को ढाका में होने वाले बांग्लादेश के नवनिर्वाचित प्रधानमंत्री तारिक रहमान के शपथ ग्रहण समारोह में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे। बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी के चेयरमैन रहमान 2024 में पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के हटने के बाद हुए पहले आम चुनाव में अपनी पार्टी की बड़ी जीत के बाद पद संभालने जा रहे हैं।
बांग्लादेश ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी समारोह में शामिल होने का निमंत्रण दिया है। हालांकि, उनके 17 फरवरी को मुंबई में फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के साथ निर्धारित द्विपक्षीय बैठक के कारण ढाका जाने की संभावना कम है। सरकार के बयान में कहा गया है कि ओम बिरला की मौजूदगी यह दिखाती है कि भारत, बांग्लादेश के साथ अपने रिश्तों को कितना महत्व देता है। यह दोनों देशों के साझा लोकतांत्रिक मूल्यों को भी दर्शाता है। अन्य क्षेत्रीय नेताओं के साथ-साथ पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के भी समारोह में शामिल होने की संभावना है। मोहम्मद यूनुस वाली अंतरिम सरकार ने भारत, चीन, सऊदी अरब, तुर्की, संयुक्त अरब अमीरात, कतर, मलेशिया, ब्रुनेई, श्रीलंका, नेपाल, मालदीव और भूटान सहित 13 देशों को निमंत्रण भेजा है।
BNP की जबरदस्त जीत
बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी ने 297 में से 209 सीटें जीतकर संसद में स्पष्ट बढ़त हासिल की है। इस जीत के साथ करीब दो दशक बाद उसकी सत्ता में वापसी का रास्ता साफ हो गया है। दक्षिणपंथी पार्टी बांग्लादेश जमात-ए-इस्लामी को 68 सीटें मिलीं। वहीं, पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीनाa की पार्टी अवामी लीग को इस चुनाव में हिस्सा लेने की अनुमति नहीं दी गई। चुनाव में कुल मतदान 59.44 प्रतिशत रहा। BNP के नेता तारीक रहमान ने पार्टी के चुनाव अभियान में अहम भूमिका निभाई। वह मुख्य रूप से लंदन में रह रहे थे, जहां उन्होंने लगभग 17 साल बिताए और वहीं से पार्टी की गतिविधियों का संचालन करते रहे।
भारत-बांग्लादेश संबंध
चुनाव नतीजों के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तारिक रहमान से बात कर उन्हें बधाई दी। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि उन्होंने बांग्लादेश की जनता की उम्मीदों को पूरा करने की उनकी कोशिशों के लिए शुभकामनाएं और समर्थन दिया है। उन्होंने कहा, “भारत और बांग्लादेश के बीच गहरे ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संबंध हैं। दो करीबी पड़ोसी देशों के रूप में हम शांति, विकास और खुशहाली के लिए प्रतिबद्ध हैं।” उन्होंने यह भी कहा कि वह साझा विकास लक्ष्यों को आगे बढ़ाने के लिए मिलकर काम करने के इच्छुक हैं।
जीत के बाद अपने बयान में तारिक रहमान ने कहा कि बांग्लादेश के “राष्ट्रीय हित” ही नई दिल्ली के साथ संबंधों की दिशा तय करेंगे। उन्होंने साफ किया कि ढाका भारत, चीन और पाकिस्तान जैसी क्षेत्रीय शक्तियों के साथ संतुलित संबंध रखना चाहता है और किसी भी देश को “मास्टर” नहीं मानता। वहीं,बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टीने प्रधानमंत्री मोदी के संदेश का जवाब देते हुए कहा कि वह आपसी सम्मान और एक-दूसरे की चिंताओं को समझते हुए भारत के साथ रचनात्मक संबंध बनाए रखना चाहता है।
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