Delhi Air Pollution: दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने बुधवार (17 दिसंबर) को राष्ट्रीय राजधानी में वायु प्रदूषण संकट को लेकर दावा किया कि यह पिछली आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार की तरफ से अपनाई गई नीतियों का परिणाम है। बुधवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा कि AAP वालों की वजह से दिल्ली में प्रदूषण बढ़ रहा है। सिरसा ने दावा किया कि AAP वाले प्रदूषण बढ़ाने के लिए जानबूझकर आग लगा रहे हैं। इस दौरान उन्होंने यह भी कहा कि दिल्लीवासियों को प्रोत्साहित करने के लिए सरकार 'कार पूलिंग' ऐप विकसित करेगी।
मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा, "दिल्ली में एक बड़ा सर्वे चल रहा है। हम सभी DM के माध्यम से सर्वे करा रहे हैं जो अवैध उद्योगों के खिलाफ है। हम पड़ोसी राज्यों के साथ भी संपर्क कर रहे हैं। हम सुनिश्चित कर रहे हैं कि पड़ोसी राज्यों का AQI भी नीचे आए ताकि प्रदूषण कम हो। हम 10 हजार इलेक्ट्रिक हीटर दे चुके हैं ताकि बायोमास न जलाया जाए।"
AAP पर लगाया गंभीर आरोप
मनजिंदर सिंह सिरसा ने आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी (AAP) दिल्ली में प्रदूषण बढ़ाने के लिए जगह-जगह कूड़ा जला रही है। त्रिलोक पुरी विधानसभा में AAP के पार्षद विजय कुमार ने खुद आग लगाकर वीडियो बनाया। सिरसा ने यह भी कहा कि AAP के लोग जगह-जगह कुड़ा जला रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि AAP गंदी राजनीति कर रही है। सिरसा ने AAP प्रमुख अरविंद केजरीवाल से अपील की है कि वो अपने लोगों को रोंके।
पर्यावरण मंत्री ने आगे कहा कि दिल्ली सरकार सड़कों की सफाई करने वाली मशीन (मैकेनिकल रोड स्वीपर) और कूड़ा बीनने वाली मशीन की खरीद के लिए 10 साल में एमसीडी को 2,700 करोड़ रुपये देगी। सिरसा ने कहा कि PUCC सिस्टम को बेहतर बनाया जाएगा। साथ ही एक थर्ड-पार्टी मॉनिटरिंग सिस्टम लागू किया जाएगा।
कई बड़े ऐलान
प्रदूषण को देखते हुए दिल्ली सरकार ने लिए दो अहम फैसले लिए है। निर्माण कार्य बंद होने से प्रभावित सभी रजिस्टर्ड और वेरिफाइड निर्माण मजदूरों के खातों में 10,000 रुपये की सहायता सीधे उनके अकाउंट में ट्रांसफर की जाएगी। साथ ही दिल्ली के सभी सरकारी और निजी दफ्तरों में 50% वर्क फ्रॉम होम अनिवार्य किया गया है। स्वास्थ्य और अन्य आवश्यक सेवाओं को इस व्यवस्था से छूट दी गई है।
सिरसा ने प्रेसवार्ता में कहा कि वर्तमान सरकार प्रदूषण के स्तर को कम करने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। इससे पहले मंगलवार को उन्होंने कहा, "बढ़ते वायु प्रदूषण के लिए मैं दिल्ली के लोगों से माफी मांगता हूं। हम इसे हर रोज कम करने के लिए लगातार काम कर रहे हैं।" उन्होंने यह भी कहा कि कोई भी सरकार नौ से 10 महीनों के भीतर प्रदूषण के स्तर को पूरी तरह से नियंत्रित नहीं कर सकती।
प्रदूषण के मुद्दे पर मंगलवार को दिल्ली सचिवालय में विरोध प्रदर्शन करने वाले आम आदमी पार्टी के नेताओं पर कटाक्ष करते हुए सिरसा ने कहा कि वे इस संकट से निपटने के लिए प्रभावी कदम उठाने में विफल रहे हैं। उन्होंने कहा कि बढ़ता प्रदूषण बच्चों के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा पैदा कर रहा है। लेकिन वर्तमान सरकार इसे नियंत्रित करने के लिए उपाय कर रही है।
कंपनियों को सख्त निर्देश
दिल्ली सरकार ने राष्ट्रीय राजधानी में प्राइवेट ऑफिसों को वर्कप्लेस पर कर्मचारियों की संख्या को 50 प्रतिशत तक सीमित करने का निर्देश दिया है। बाकी कर्मचारियों को घर से काम करने के लिए कहा गया है। यह निर्देश गंभीर वायु प्रदूषण के कारण लागू किए गए ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) के स्टेज IV के तहत प्रतिबंधों को देखते हुए जारी किया गया है।
हालांकि, कुछ सेक्टर जिनमें सरकारी और प्राइवेट हेल्थकेयर संस्थान, ट्रांसपोर्टेशन, सैनिटेशन और इमरजेंसी सेवाएं शामिल हैं, उन्हें छूट दी गई है। श्रम विभाग द्वारा जारी एक एडवाइजरी के अनुसार, यह निर्देश नवंबर में कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट (CAQM) द्वारा की गई सुनवाई और सलाह-मशविरे के बाद GRAP में किए गए संशोधनों के बाद आया है।
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एडवाइजरी में चेतावनी दी गई है कि इसका पालन न करने पर पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम, 1986 की धारा 15 और 16 और अन्य लागू कानूनों के तहत दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। एडवाइजरी के अनुसार, यह फैसला गाड़ियों की आवाजाही को कम करने के लिए लिया गया है।
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