Wednesday, June 4, 2025

NPS: रिटायरमेंट बाद के खर्चों के लिए स्मार्ट, सेक्योर और स्टेबल सॉल्यूशन है एनपीएस

इंडिया में लोग रिटायरमेंट प्लानिंग पर ज्यादा ध्यान नहीं देते। छुट्टियों में घूमने जाने, कार-घर खरीदने और शादी-विवाह का तो लोग प्लान बनाते हैं, लेकिन रिटायरमेंट प्लानिंग के बारे में नहीं सोचते हैं। ऐसा करना खतरनाक है। सही समय पर रिटायरमेंट प्लानिंग नहीं करने से व्यक्ति को बाद में दिक्कत का सामना करना पड़ सकता है। रिटायरमेंट के बाद उसे जरूरी खर्चों के लिए पैसे की कमी का सामना करना पड़ सकता है। नेशनल पेंशन सिस्टम (एनपीएस) इस समस्या का समाधान पेश कर करता है।

लंबी अवधि में बड़ा फंड तैयार हो जाता है

National Pension System (NPS) रिटायरमेंट बाद के खर्चों के लिए स्मार्ट, स्टेबल और सेक्योर सॉल्यूशन है। इनवेस्टमेंट के दूसरे ऑप्शन से एनपीएस इस मामले में अलग है कि इसे रिटायरमेंट बाद के खर्चों के सॉल्यूशन के लिए तैयार किया गया है। लंबी अवधि में एनपीएस आपको रिटायरमेंट तक बड़ा फंड तैयार करने का मौका देता है। इनवेस्टर्स अपनी क्षमता के हिसाब से एनपीएस में कंट्रिब्यूशन कर सकता है।

टैक्स बेनेफिट्स के लिहाज से काफी अट्रैक्टिव

NPS में निवेश का एक बड़ा फायदा इसका टैक्स बेनेफिट है। अगर आप इनकम टैक्स की ओल्ड रीजीम का इस्तेमाल करते हैं तो आप सेक्शन 80CCD(1B) के तहत अतिरिक्त 50,000 रुपये का डिडक्शन क्लेम कर सकते हैं। सेक्शन 80सी के तहत मिलने वाले 1.5 लाख रुपये तक के डिडक्शन से यह अलग है। इस टैक्स बेनेफिट्स की वजह से एनपीएस का अट्रैक्शन बढ़ जाता है। 60 साल के होने यानी रिटायरमेंट के वक्त आप एनपीएस के तहत तैयार फंड का 60 फीसदी हिस्सा एकमुश्त प्राप्त कर सकते हैं। यह पूरी तरह से टैक्स-फ्री होता है। बाकी 40 फीसदी फंड का इस्तेमाल एन्युटी खरीदने के लिए होता है, जिससे हर महीने आपको पेंशन मिलेगी।

फंड मैनेजमेंट कॉस्ट काफी कम

एनपीएस सबसे कम कॉस्ट वाला रिटायरमेंट प्रोडक्ट है। इसमें एनुअल फंड मैनेजमेंट चार्ज सिर्फ 0.2 से 0.25 फीसदी के बीच है। यह म्यूचुअल फंड्स कंपनियों तरफ से वसूले जाने वाले फंड मैनेजटमें चार्ज के मुकाबले काफी कम है। लंबी अवधि यानी 20-30 साल में इस कम कॉस्ट की वजह से सब्सक्राइबर्स का रिटर्न काफी बढ़ जाता है।

18 साल का व्यक्ति निवेश शुरू कर सकता है

18 साल का कोई व्यक्ति एनपीएस में निवेश शुरू कर सकता है। इससे एनपीएस व्यक्ति को बहुत कम उम्र में अपने भविष्य के लिए बड़ा फंड तैयार करने का मौका देता है। दूसरा बड़ा फायदा एसेट एलोकेशन का है। अगर आपको इनवेस्टमेंट की दुनिया की समझ है तो आप एक्टिव चॉइस विकल्प का चुनाव कर सकते हैं। इसमें आपका पैसा शेयर, कॉर्पोरेट बॉन्ड्स और सरकारी सिक्योरिटीज में निवेश होगा। अगर आपको एसेट एलोकेशन के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं है तो आप Auto Choice विकल्प का इस्तेमाल कर सकते हैं।

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फाइनेंशियल गोल के हिसाब से कर सकते हैं इनवेस्ट

व्यक्ति के रिटायरमेंट प्लान में एनपीएस का होना जरूरी है। आप साथ ही म्यूचुअल फंड्स, फिक्स्ड डिपॉजिट और रियल एस्टेट में भी अपने वित्तीय लक्ष्य के मुताबिक इनवेस्ट कर सकते हैं। अगर आपको यह बोझिल लगता है आप किसी इनवेस्टमेंट एडवाइजर की मदद ले सकते हैं। एक्सपर्ट्स का कहना है कि रिटायमेंट प्लानिंग जितनी पहले शुरू की जाती है उसका फायदा उतना ज्यादा होता है।



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World Environment Day 2025: हर साल 5 जून को ही क्यों मनाया जाता है विश्व पर्यावरण दिवस? जानें इतिहास और महत्व समेत सबकुछ

World Environment Day 2025: विश्व पर्यावरण दिवस हर साल की तरफ इस बार भी कल यानी 5 जून को मनाया जाएगा। इस बार इसका वैश्विक मेजबान कोरिया गणराज्य है। यूनाइटेड नेशन एनवायरनमेंट प्रोग्राम (UNEP) के नेतृत्व में इस साल का अभियान प्लास्टिक प्रदूषण से निपटने पर केंद्रित है। इसके खिलाफ दुनियाभर के देशों, संगठनों और व्यक्तियों से धरती की रक्षा के लिए मिलकर काम करने का आह्वान किया गया है। विश्व पर्यावरण दिवस इसलिए मनाया जाता है ताकि लोगों को समझाया जा सके कि अगर अभी भी नहीं संभले तो आगे हालात और बिगड़ सकते हैं। इस साल की थीम "प्लास्टिक प्रदूषण को हराना (Beat Plastic Pollution)" है।

आधिकारिक अभियान वेबसाइट कहती है, "प्लास्टिक प्रदूषण ग्रह के हर कोने में व्याप्त है। यहां तक कि माइक्रोप्लास्टिक के रूप में हमारे शरीर में भी है। विश्व पर्यावरण दिवस 2025 (World Environment Day 2025) प्लास्टिक प्रदूषण से निपटने के लिए सामूहिक कार्रवाई का आह्वान करता है।" UNEP की आधिकारिक साइट के अनुसार, "कोरिया गणराज्य विश्व पर्यावरण दिवस 2025 की मेज़बानी करेगा, जिसका ध्यान वैश्विक स्तर पर प्लास्टिक प्रदूषण को समाप्त करने पर होगा।"

महत्व और इतिहास

'वर्ल्ड एनवायरनमेंट डे' पर्यावरण के लिए सबसे बड़ा अंतरराष्ट्रीय दिवस है। हर साल 5 जून को मनाया जाने वाला यह संयुक्त राष्ट्र दिवस दुनिया भर के लाखों लोगों को हमारे पृथ्वी की सुरक्षा और पुनर्स्थापना के लिए एक साझा मिशन में साथ लाता है। यह दिवस सरकारों, व्यवसायों, समुदायों और व्यक्तियों को स्थायी परिवर्तन लाने के लिए सशक्त बनाता है।

1973 से यूनाइटेड नेशन एनवायरनमेंट प्रोग्राम (UNEP) के नेतृत्व में वर्ल्ड एनवायरनमेंट डे मनाया जा रहा है। आज की सबसे बड़ी पर्यावरणीय चुनौतियों से निपटने के लिए 150 से अधिक देशों में विश्व पर्यावरण दिवस पर व्यापक वैश्विक अभियान चलाया जाता है।

विश्व पर्यावरण दिवस की स्थापना संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा 1972 में स्टॉकहोम में मानव पर्यावरण पर आयोजित सम्मेलन के दौरान की गई थी। पहली बार इसे 1973 में "केवल एक पृथ्वी" थीम के साथ मनाया गया था। तब से यह 150 से अधिक देशों की भागीदारी के साथ सार्वजनिक पहुंच के लिए एक वैश्विक मंच बन गया है।

यह दिन बहुत महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह पर्यावरण संरक्षण के लिए जागरूकता बढ़ाने और कार्रवाई को बढ़ावा देने के लिए एक वैश्विक मंच के रूप में कार्य करता है। सरकारें, संगठन, समुदाय और व्यक्ति जलवायु परिवर्तन, वनों की कटाई, प्रदूषण और जैव विविधता हानि जैसे महत्वपूर्ण पारिस्थितिक मुद्दों को संबोधित करने के लिए एक साथ आते हैं।

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यह दिन एक स्वस्थ और ग्रीन वर्ल्ड की दिशा में प्रयासों को एक साथ लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। पर्यावरण का अर्थ केवल पेड़ पौधों से नहीं है। बल्कि इसमें मौजूद हवा, पानी, मिट्टी, जानवर, पक्षी और इंसानों सहित वो सब कुछ आता है।



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1 मार्च 2027 से शुरू होगी जनगणना, जातिगत आकड़े भी होंगे शामिल

जनगणना को लेकर बड़ी खबर आ रही है। 1 मार्च 2027 से केंद्र सरकार जनगणना शुरू कराएगी। इस जनगणना में जातिगत आंकड़े भी शामिल किए जाएंगे। जनसंख्या की गणना दो चरणों में की जाएगी। सूत्रों ने बताया कि लद्दाख और जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड जैसे बर्फीले राज्यों में जनगणना अक्टूबर 2026 में शुरू होगी।



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गुरुवार 5 जून को ये पांच स्टॉक्स करायेंगे कमाई, मार्केट खुलने के बाद शेयरों में दिख सकता है जोरदार एक्शन

BTST/STBT Calls for Thursday : आज बाजार में 3 दिनों की गिरावट का सिलसिला टूट गया। सेंसेक्स और निफ्टी बढ़त पर बंद होने में कामयाब रहे। सेंसेक्स 261 प्वाइंट चढ़ा तो निफ्टी ने 78 प्वाइंट की बढ़त पर बंद हुआ। मिडकैप इंडेक्स दिन के ऊपरी स्तर पर बंद हुए। रियल्टी शेयरों पर दबाव देखने को मिला। निफ्टी के 50 में से 32 शेयरों में तेजी दिखी। सेंसेक्स के 30 में से 19 शेयरों में तेजी नजर आई। निफ्टी बैंक के 12 में से 7 शेयरों में तेजी देखने को मिली। ऐसे में बाजार बंद होने से पहले एक्सपर्ट्स ने निवेशकों और ट्रेडर्स के लिए BTST और STBT कॉल्स सुझाये। एक्सपर्ट्स का कहना है कि इनमें ट्रेड लेकर अच्छी कमाई की जा सकती है। जानते हैं स्टॉक्स के नाम और टारगेट प्राइस-

prakashgaba.com के प्रकाश गाबा का BTST कॉल - Gujarat Gas

प्रकाश गाबा ने गुरुवार को कमाई के लिए बीटीएसटी कॉल देते हुए गुजरात गैस में खरीदारी करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि इसमें 474 रुपये के स्तर पर खरीदारी करें। इसमें 480 रुपये के टारगेट देखने को मिल सकते हैं। इसमें 472 रुपये पर स्टॉपलॉस लगाना चाहिए।

wavesstrategy.com के आशीष कयाल का BTST कॉल - Lloyds Metals

आशीष कयाल ने गुरुवार को कमाई के लिए बीटीएसटी कॉल देते हुए लॉयड्स मेटल में खरीदारी करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि इसमें 1497 रुपये के स्तर पर खरीदारी करें। इसमें 1580 रुपये के लेवल देखने को मिल सकते हैं। इसमें 1450 रुपये पर स्टॉपलॉस लगाना चाहिए।

Motilal Oswal के चंदन तापड़िया का BTST कॉल - Deepak Fertilizers

चंदन तापड़िया ने गुरुवार को कमाई के लिए बीटीएसटी कॉल देते हुए दीपक फर्टिलाइजर्स में खरीदारी करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि इसमें 1580 रुपये के स्तर पर खरीदारी करें। इसमें 1650 रुपये के लेवल देखने को मिल सकते हैं। इसमें 1550 रुपये पर स्टॉपलॉस लगाना चाहिए।

डीलर्स ने जल्दी कमाई के लिए आज एक एनर्जी स्टॉक और इस केबल शेयर में कराई बंपर बाईंग, जानें कितना उछलेंगे दोनों स्टॉक्स

www.rajeshsatpute.com के राजेश सातपुते का BTST कॉल - Jubilant Foodworks

राजेश सातपुते ने गुरुवार को कमाई के लिए बीटीएसटी कॉल देते हुए जुबिलेंट फूड में खरीदारी करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि इसमें 686 रुपये के स्तर पर खरीदारी करें। इसमें 700 से 710 रुपये के टारगेट देखने को मिल सकते हैं। इसमें 682 रुपये पर स्टॉपलॉस लगाना चाहिए।

manasjaiswal.com के मानस जायसवाल का BTST कॉल - Policy Bazar

मानस जायसवाल ने गुरुवार को कमाई के लिए बीटीएसटी कॉल देते हुए पॉलिसी बाजार में खरीदारी करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि इसमें 1839 रुपये के स्तर पर खरीदारी करें। इसमें 1900 रुपये तक लक्ष्य देखने को मिल सकता है। इसमें 1819 रुपये पर स्टॉपलॉस लगाने की सलाह भी उन्होंने दी।

(डिस्क्लेमरः Moneycontrol.com पर दिए जाने वाले विचार और निवेश सलाह निवेश विशेषज्ञों के अपने निजी विचार और राय होते हैं। Moneycontrol यूजर्स को सलाह देता है कि वह कोई निवेश निर्णय लेने के पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट से सलाह लें।)

 

 

 

 



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Tuesday, June 3, 2025

Snake Bite: क्या सच में कोई पौधा 5 मिनट में मिटा सकता है सांप का जहर? नाम जानकर रह जाएंगे हैरान

मानसून के आगमन से जहां हवा में ठंडक और ताजगी का अहसास होता है, वहीं ये मौसम अपने साथ कई छुपी हुई चुनौतियां भी लेकर आता है। खासकर सांपों की सक्रियता इस समय चरम सीमा पर पहुंच जाती है। ये सांप न केवल झाड़ियों और नमी वाले इलाकों में छिपते हैं, बल्कि सुरक्षित जगह की तलाश में अक्सर घरों के आसपास भी दिखने लगते हैं। बारिश के कारण उनका प्राकृतिक आवास भी प्रभावित होता है, जिससे वे इंसानी आबादी के करीब आने को मजबूर हो जाते हैं। इस वजह से मानसून में सांपों के काटने की घटनाएं बढ़ जाती हैं, जो जानलेवा साबित हो सकती हैं।

इस मौसम में सावधानी न बरती जाए तो सांप के संपर्क में आने का खतरा बढ़ जाता है, इसलिए मानसून में सुरक्षा के उपाय अपनाना अत्यंत आवश्यक हो जाता है।

सांप हमला क्यों करता है?

अक्सर देखा गया है कि लोग सांप को देखकर डर के मारे होश खो बैठते हैं। लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि सांप बिना वजह किसी पर हमला नहीं करता। जब उसे खतरा महसूस होता है या गलती से कोई उसकी ओर बढ़ता है, तब वो आक्रामक हो जाता है और काट लेता है। उसके ज़हर से हर साल हजारों लोग अपनी जान गंवा देते हैं।

समस्या के बीच उम्मीद की एक किरण

अगर किसी को जहरीले सांप ने काट लिया, तो तुरंत मेडिकल इलाज न मिले तो स्थिति जानलेवा हो सकती है। हालांकि, आयुर्वेद में कुछ ऐसी जड़ी-बूटियों का वर्णन है जो विष के प्रभाव को कम करने में सहायक हो सकती हैं। इनमें से एक है ककोड़ा या कांकरोल का पौधा।

ककोड़ा

ककोड़ा, जिसे कंटोला, कतराल या स्पाइनी चार्ड भी कहा जाता है, एक कांटेदार बेल होती है जो अधिकतर गर्म और नमी वाले क्षेत्रों में उगती है। ये पौधा आमतौर पर सब्जी के रूप में प्रयोग में लाया जाता है, लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि इसके पत्तों, फलों और जड़ों में शक्तिशाली औषधीय गुण होते हैं।

ककोड़ा का विषनाशक असर

विशेषज्ञों का दावा है कि ककोड़ा के पौधे की पत्तियां और जड़ें शरीर में जहर को तेजी से फैलने से रोक सकती हैं। यदि सही तरीके से और समय पर इसका प्रयोग किया जाए तो यह 5 मिनट के अंदर सांप के जहर को बेअसर कर सकती है। यही नहीं, यह पौधा अन्य विषैले जीवों के जहर के इलाज में भी प्रभावशाली माना गया है।

आयुर्वेदिक मान्यता और वैज्ञानिक समर्थन

लोकल 18 से बात करते हुए मल्लिगे कॉलेज ऑफ फार्मेसी के डॉक्टर कुंतल दास ने बताया कि, इस पौधे का इस्तेमाल समाज में वर्षों से एंटी-वेनम के रूप में होता आ रहा है। उन्होंने शोध के आधार पर बताया कि ककोड़ा की जड़ से बनी हर्बल दवाएं विषनाशक के रूप में कारगर होती हैं।

स्वास्थ्यवर्धक गुणों से भरपूर

ककोड़ा में अन्य सब्जियों की तुलना में 50 प्रतिशत अधिक प्रोटीन होता है और ये कई प्रकार के विषों को खत्म करने की क्षमता रखता है। यह न केवल जहर के इलाज में सहायक है, बल्कि एक पोषक तत्वों से भरपूर सब्जी भी है।

सावधानी जरूरी

अगर आपके घर के पास ये पौधा मौजूद है तो आप एक जीवन रक्षक उपाय अपने आस-पास रख रहे हैं। लेकिन इसका अर्थ यह नहीं कि मेडिकल सहायता की जगह इसे अपनाया जाए। यह एक सहयोगी उपाय हो सकता है, लेकिन प्राथमिक उपचार के बाद तुरंत अस्पताल पहुंचना बेहद जरूरी है।

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भगवंत मान के ऑपरेशन सिंदूर को लेकर 'वन नेशन, वन हस्बैंड' वाले तंज से भड़की BJP, बताया- लीडरशिप की आड़ में अश्लीलता

भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर ‘वन नेशन, वन हस्बैंड’ का कटाक्ष करने के लिए पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान की कड़ी आलोचना की। प्रेस कॉन्फ्रेंस में बोलते हुए भगवंत मान ने कहा, "...हर कोई सिंदूर के बारे में बात कर रहा है...क्या आपने नहीं देखा कि सिंदूर का कैसे मजाक उड़ाया जा रहा है?...अगर आपके घर भी सिंदूर आएगा तो क्या आप इसे लगाएंगे? क्या आप कहेंगे 'मोदी के नाम का लगाओ'? क्या यह 'वन नेशन, वन हस्बैंड' स्कीम है?"

उनकी यह टिप्पणी पंजाब में 19 जून को होने वाले लुधियाना पश्चिम विधानसभा उपचुनाव को लेकर आया है, जिसमें ऑपरेशन सिंदूर भगवा पार्टी का प्रमुख चुनावी मुद्दा है।

मान की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए BJP की चंडीगढ़ इकाई ने X पर लिखा, "भगवंत मान ने ऑपरेशन सिंदूर का मजाक उड़ाते हुए पूछा "क्या आप मोदी के नाम का सिंदूर लगाएंगे? क्या यह वन नेशन, वन हस्बैंड है?"

पार्टी ने लिखा कि यह व्यंग्य नहीं है, बल्कि यह "लीडरशिप के वेश में अश्लीलता है।"

पार्टी ने आगे कहा, "एक बात साफ है: ऑपरेशन सिंदूर की शुरुआत तब हुई, जब हिंदू महिलाओं को आतंकवादियों ने निशाना बनाया और उनकी पहचान उनके सिंदूर से हुई। यह निर्दोषों के लिए न्याय को लेकर था, न कि कोई मजाक था।"

मान पर हमला करते हुए पार्टी ने आम आदमी पार्टी (AAP) के प्रमुख अरविंद केजरीवाल से पूछा, "क्या वह मुख्यमंत्री की ‘सिंदूर का मजाक उड़ाने वाली टिप्पणी’ का समर्थन करते हैं या आप अपनी राजनीति बचाने के लिए चुप रहेंगे?"

साथ ही BJP ने भगवांत मान से इस्तीफा मांगा और उनसे पूरे देश से माफी मांगने को कहा।

हाल ही में भगवा पार्टी ने उस रिपोर्ट का खंडन किया, जिसमें दावा किया गया था कि वह ऑपरेशन सिंदूर की सफलता को चिह्नित करने के लिए घर-घर जाकर सिंदूर बांटने का अभियान शुरू करेगी।

रिपोर्ट को “झूठा” बताते हुए, पार्टी ने कहा, “भारतीय जनता पार्टी ने घर-घर जाकर सिंदूर बांटने का कोई कार्यक्रम आयोजित नहीं किया है।”

7 मई की सुबह भारत ने 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले के जवाब में पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (POK) में आतंकवादी ढांचे को निशाना बनाते हुए ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया था। पहलगाम हमले में 26 लोगों की जान चली गई थी।



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Monday, June 2, 2025

Loan Default: लोन न चुकाने पर हो सकती है जेल? जानिए क्या कहता है कानून और RBI का नियम

Loan Default: होम, ऑटो, गोल्ड या फिर पर्सनल लोन आपकी जरूरतें पूरी करने का जरिया बन सकता है। लेकिन,, लोन के साथ एक बड़ी जिम्मेदारी भी आती है- समय पर भुगतान की। अगर आप लोन चुकाने में चूक करते हैं, तो उसके गंभीर कानूनी परिणाम हो सकते हैं।

इसलिए ये जानना बेहद जरूरी है कि लोन डिफॉल्ट के क्या संकेत हैं, इसके क्या असर हो सकते हैं, और इससे बचने के क्या उपाय हैं। साथ ही, क्या लोन न चुकाने पर क्या जेल भी हो सकती है?

लोन डिफॉल्ट क्या होता है?

लोन डिफॉल्ट का मतलब होता है कि आपने बैंक या वित्तीय संस्था का कर्ज तय समय पर नहीं चुकाया। जब कोई शख्स लगातार एक या एक से ज्यादा ईएमआई (EMI) चुकाने में असफल रहता है, तो उसे लोन डिफॉल्टर माना जाता है। अमूमन यह अवधि 3 किस्त या 90 दिन की होती है। कई बार वित्तीय संस्थान के आधार पर अलग-अलग भी हो सकती है।

यह डिफॉल्ट जानबूझकर हो सकता है, जैसे कि पैसा होते हुए भी कर्ज नहीं चुकाना। ऐसे लोगों को विलफुल डिफॉल्टर कहा जाता है। वहीं, कई लोग मजबूरी के चलते किस्त देने में चूक कर सकते हैं। मसलन, नौकरी छूट जाना या कोई मेडिकल इमरजेंसी।

लोन डिफॉल्ट के संकेत क्या हैं?

  1. अगर आपने किसी ईएमआई का भुगतान नहीं किया है, तो बैंक ईमेल, मैसेज या पोस्ट के जरिए आपको सूचित करेगा। इसे नजरअंदाज करना खतरे की घंटी है।
  2. अगर बैंक आपसे लगातार संपर्क कर रहा है, तो ये संकेत है कि लोन की स्थिति को लेकर उन्हें चिंता है। इसे गंभीरता से लें और बातचीत शुरू करें।
  3. अगर आपने पहले किस्त चुकाने में कोताही की है, तो बैंक आपसे भविष्य की तारीखों के चेक मांग सकता है, जिससे उसे भुगतान मिलने का भरोसा रहे।
  4. अगर आप आर्थिक मुश्किलों से जूझ रहे हैं, तो बैंक लोन की शर्तें बदलने की पेशकश कर सकता है। जैसे कि समय बढ़ाना, ब्याज दर घटाना, या कुछ समय तक भुगतान रोकना।

लोन न चुकाने पर क्या होता है?

आपको कर्ज देने वाले संस्थान के पास यह अधिकार होता है कि वह वसूली के लिए अपने स्तर पर प्रयास करे या फिर अदालत में जाए। कोर्ट का सहारा लेकर बैंक आपकी तनख्वाह, बैंक अकाउंट या प्रॉपर्टी जब्त कराने की कोशिश कर सकता है।

अगर आपने कोई चीज गिरवी रखी है, तो बैंक उसे जब्त कर सकता है। यहां तक कि इनकम जनरेट करने वाली संपत्ति भी। होम, ऑटो या फिर गोल्ड जैसे सिक्योर्ड लोन में ज्यादातर यही होता है। इसमें बैंक गिरवी रखी संपत्ति को बेचकर अपने कर्ज की वसूली करने की कोशिश करते हैं।

लोन डिफॉल्ट करने पर क्रेडिट स्कोर भी एकदम से गिर जाता है। लो क्रेडिट स्कोर का मतलब है भविष्य में महंगे लोन, इंश्योरेंस लेने में दिक्कत, या नौकरी पाने में बाधा।

RBI की गाइडलाइंस क्या है?

  • बैंक को उधारकर्ता की इज्जत का ख्याल रखना होता है। डराना-धमकाना या पब्लिक में बदनाम करना मना है।
  • बैंक को आपको पहले नोटिस देना होगा ताकि आप अपना पक्ष रख सकें या पेमेंट की व्यवस्था कर सकें।
  • RBI लोन की शर्तें बदलने या कुछ समय तक भुगतान रोकने (पेमेन्ट हॉलिडे) की सुविधा को बढ़ावा देता है।

लोन डिफॉल्ट पर जेल हो सकती है?

इसका सीधा और सरल जवाब है, नहीं। सामान्य स्थिति में होम, ऑटो, गोल्ड या पर्सनल लोन न चुकाने पर जेल नहीं हो सकती। भारत में सिर्फ आपराधिक मामलों में जेल की सजा दी जाती है, जबकि पर्सनल लोन का न चुकाया जाना दीवानी (civil) मामला होता है।

इसका मतलब यह है कि बैंक या NBFC लोन लेने वाले के खिलाफ कानूनी कार्रवाई तो कर सकते हैं- जैसे कि रिकवरी नोटिस, कोर्ट केस, या संपत्ति कुर्की- लेकिन सिर्फ लोन न चुकाने के आधार पर किसी को जेल नहीं भेजा जा सकता।

हालांकि, कुछ स्थितियों में जेल की नौबत आ सकती है, जैसे:

  • आपने जानबूझकर फर्जी दस्तावेजों से लोन लिया हो।
  • कोर्ट के आदेश का पालन न किया जा रहा हो।
  • आपका चेक बाउंस हो दिया हो और केस दर्ज हो जाए।

कुल मिलाकर, अगर कोई फाइनेंशियल फ्रॉड या गड़बड़ी नहीं की है, तो पुलिस दखल नहीं देगी। लेकिन, बैंक वसूली के लिए गिरवी रखी संपत्ति बेचने जैसे उपाय कर सकता है।

यह भी पढ़ें : Explainer: होम, कार, गोल्ड, पर्सनल... कितनी तरह के होते हैं लोन, क्या होता है इनमें अंतर?



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