Tuesday, July 28, 2026

दक्षिण कोरिया का बाजार 11% क्रैश, सिर्फ इन दो शेयरों ने निकाली कोस्पी की हवा

बीते एक महीने में कोरिया के शेयर बाजार में बड़ी गिरावट आई है। बाजार के प्रमुख सूचकांक इस दौरान 28 फीसदी से ज्यादा गिरा है। 28 जुलाई को कोस्पी करीब 11 फीसदी फिसला। इसमें चिप बनाने वाली दो कंपनियों के शेयरों का बड़ा हाथ है। हालांकि, इस गिरावट के बावजूद दक्षिण कोरिया का बाजार दुनिया में बीते एक साल में सबसे ज्यादा चढ़ने वाला बाजार है।

SK Hynix का शेयर एक महीने में 41 फीसदी क्रैश

दक्षिण कोरिया का शेयर बाजार बीते एक साल में करीब 88 फीसदी चढ़ा है। बीते एक महीने से दक्षिण कोरिया के बाजार पर बिकवाली का दबाव है। सबसे ज्यादा गिरावट SK Hynix और Samsung Electronics के शेयरों में दिखी है। 28 जुलाई को SK Hynix का शेयर 14 फीसदी से ज्यादा क्रैश कर गया। बीते एक महीने में यह शेयर 41 फीसदी गिरा है।

सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स का शेयर एक महीने में 32 फीसदी फिसला

Samsung Electronics का शेयर 28 जुलाई को 13.39 फीसदी क्रैश कर गया। बीते एक महीने में यह शेयर करीब 32 फीसदी गिरा है। इन दोनों शेयरों में आई गिरावट ने दक्षिण कोरिया के बाजार को आसमान से जमीन पर ला पटका है। इन दोनों शेयरों ने ही दक्षिण कोरिया के बाजार को बीते एक साल में सबसे ज्यादा रिटर्न देने वाला शेयर बाजार बनाया था।

एसके हायनिक्स का शेयर एक साल में 491% चढ़ा

SK Hynix और Samsung Electronics चिप बनाती हैं। बीते एक-डेढ़ साल में दुनियाभर में चिप बनाने वाली कंपनियों के शेयरों में ग्लोबल इनवेस्टर्स ने खूब दिलचस्पी दिखाई थी। इससे एस के हायनिक्स और सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स के शेयरों की कीमतें आसमान में पहुंच गई थी। हालिया गिरावट के बावूजद इन दोनों कंपनियों के शेयरों का रिटर्न हैरान करता है। एसके हायनिक्स का शेयर बीते एक साल में 491 फीसदी चढ़ा है। सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स का शेयर इस दौरान 212 फीसदी चढ़ा है।

चीन में CXMT की जोरदार लिस्टिंग ने बढ़ाया दबाव 

कोस्पी में इन दोनों कंपनियों का वेटेज करीब 60 फीसदी है। अब चिप बनाने वाली कंपनियों के शेयरों में निवेशकों की दिलचस्पी घट रही है। इसका असर एसके हायनिक्स और सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स के शेयरों पर दिख रहा है। उधर, चीन से आने वाली खबरों ने इन दोनों शेयरों पर दबाव और बढ़ा दिया है। चीन की ChangXin Memory Technologies (CXMT) के शेयर की लिस्टिंग धमाकेदार रही।

यह भी पढ़ें: Bank of Baroda Share Price: नोमुरा ने जून तिमाही के नतीजों के बाद घटाया टारगेट प्राइस, शेयर गिरा

चीन की चिप बनाने की क्षमता बढ़ने से बढ़ा डर

CXMT का शेयर पहले ही दिन अपने इश्यू प्राइस से 466 फीसदी चढ़ गया। दूसरा, खबर है कि चीन की एक सरकारी कंपनी ने इमर्सन DUV लिथोग्राफी इक्विपमेंट का बड़े पैमाने पर उत्पादन शुरू कर दिया है। इससे माना जा रहा है कि चीन की चिप बनाने की क्षमता बहुत बढ़ जाएगी। इसका सीधा असर दक्षिण कोरिया में चिप बनाने वाली कंपनियों पर पड़ेगा। इस वजह से एसके हायनिक्स और सैमसंग इलेक्ट्रिॉनिक्स के शेयरों में बड़ी बिकवाली दिख रही है।



from HindiMoneycontrol Top Headlines https://ift.tt/GU18IlV
via

Monday, July 27, 2026

2026 की ग्लोबल रैंकिंग में मारी बाजी! रहने के लिए स्वर्ग से कम नहीं ये 7 शहर

इकोनॉमिस्ट इंटेलिजेंस यूनिट (EIU) ने 'ग्लोबल लिवेबिलिटी इंडेक्स 2026' (Global Liveability Index) जारी किया है, जिसमें दुनिया के सबसे रहने लायक शहरों की लिस्ट सामने आई है। दुनिया में कुछ शहर ऐसे हैं, जहां रहना सिर्फ आरामदायक ही नहीं, बल्कि बेहतर सुविधाओं और शानदार लाइफस्टाइल का एक्सपीरियंस भी देता है। हाल ही में जारी एक ग्लोबल रैंकिंग (global ranking) में ऐसे शहरों को चुना गया है, जो रहने के साथ-साथ घूमने के लिए भी लोगों की पहली पसंद बन रहे हैं:

Geneva and Zurich, Switzerland (जिनेवा और ज्यूरिख, स्विट्जरलैंड)

Geneva Images – Browse 75,971 Stock Photos, Vectors, and Video | Adobe Stock

जिनेवा लेक जिनेवा के किनारे बसा एक खूबसूरत शहर है, जो संयुक्त राष्ट्र (UN) और कई यूनाइटेड नेशन के मुख्यालय के लिए प्रसिद्ध है। साफ-सुथरा वातावरण, बेहतरीन स्वास्थ्य सेवाएं और आधुनिक सुविधाएं इसे रहने के लिए शानदार बनाती हैं। यहां घूमने के लिए जेट डी'ओ (Jet d'Eau) फाउंटेन, पुराना शहर (Old Town), म्यूजियम और झील के किनारे बने वॉकिंग ट्रैक काफी पॉपुलर हैं। यहां से फ्रांस और स्विट्जरलैंड के अन्य शहरों तक ट्रेन से आसानी से पहुंचा जा सकता है।

ज्यूरिख स्विट्जरलैंड का सबसे बड़ा शहर है, जो प्राकृतिक सुंदरता और मॉडर्न सुविधाओं का बेहतरीन ब्लेंड है। यह शहर ज्यूरिख झील और आल्प्स पर्वतों के खूबसूरत नजारों के लिए मशहूर है। साफ-सुथरी सड़कें, समय पर चलने वाला पब्लिक ट्रांसपोर्ट और सुरक्षित माहौल इसे दुनिया के सबसे रहने योग्य शहरों में शामिल करते हैं। यहां ओल्ड टाउन, बानहोफस्ट्रासे (Bahnhofstrasse) और झील के किनारे घूमना खास एक्सपीरियंस माना जाता है।

Osaka, Japan (ओसाका, जापान)

Osaka Castle, japan, Osaka Castle Park, Osaka, autumn, skyscrapers, japanese castle, HD wallpaper | Peakpx

ओसाका जापान का एक मॉडर्न और वाइब्रेंट शहर है, जो अपने स्वादिष्ट स्ट्रीट फूड, शानदार ट्रांसपोर्ट सिस्टम और ऊंचे स्टैण्डर्ड स्टैंडर्ड लेवल के लिए जाना जाता है। यहां का ओसाका कैसल, डोटोनबोरी, यूनिवर्सल स्टूडियोज जापान और कुरोमोन मार्केट पर्यटकों के बीच बेहद लोकप्रिय हैं। शहर का मजबूत रेल नेटवर्क क्योटो (Kyoto) और नारा जैसे पॉपुलर टूरिस्ट डेस्टिनेशन तक सफर को आसान बना देता है।

 

 

Sydney and Melbourne, Australia (सिडनी और मेलबर्न, ऑस्ट्रेलिया)

Visit Melbourne in Australia with Cunard

सिडनी मॉडर्न शहर प्राकृतिक खूबसूरती का शानदार मिश्रण है। यह अपनी बेहतरीन लाइफस्टाइल, साफ-सुथरे समुद्र तटों और मॉडर्न इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए जाना जाता है। यहां सिडनी ओपेरा हाउस, हार्बर ब्रिज, बॉन्डी बीच, डार्लिंग हार्बर और रॉयल बॉटैनिक गार्डन सबसे पॉपुलर टूरिस्ट डेस्टिनेशन (tourist destination) हैं। अच्छी पब्लिक ट्रांसपोर्ट व्यवस्था और खुले वातावरण की वजह से यह शहर रहने और घूमने, दोनों के लिए बेहतरीन माना जाता है।

मेलबर्न अपनी कला, संस्कृति, खेल और कैफे कल्चर के लिए दुनिया भर में पॉपुलर है। शहर में बड़े पार्क, शानदार ट्राम नेटवर्क और मॉडर्न सुविधाएं लोगों की जिंदगी को आसान बनाती हैं। यहां फेडरेशन स्क्वायर, रॉयल बॉटैनिक गार्डन, मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड (MCG) और क्वीन विक्टोरिया मार्केट मेन अट्रैक्शन हैं। इसके अलावा, यहां से ग्रेट ओशन रोड और यारा वैली जैसी खूबसूरत जगहों की ट्रिप भी की जा सकती है।

 

Vienna, Austria (वियना, ऑस्ट्रिया)

100,200+ Vienna Stock Photos, Pictures & Royalty-Free Images - iStock

ऑस्ट्रिया की राजधानी वियना अपनी ऐतिहासिक इमारतों, संगीत और सांस्कृतिक विरासत के लिए फेमस है। बेहतरीन स्वास्थ्य सेवाएं, सुरक्षित माहौल और मजबूत पब्लिक ट्रांसपोर्ट सिस्टम इसे रहने के लिए बेहतरीन शहर बनाते हैं। यहां शॉनब्रुन पैलेस, सेंट स्टीफंस कैथेड्रल, बेल्वेडियर पैलेस और कई वर्ल्ड फेमस म्यूजियम (museum) देखने लायक हैं। क्लासिकल म्यूजिक और पारंपरिक कैफे भी इस शहर की खास पहचान हैं।

 

 

Copenhagen, Denmark (कोपेनहेगन, डेनमार्क)

Copenhagen denmark Images - Free Download on Magnific (formerly Freepik)

कोपेनहेगन ने EIU ग्लोबल लिवेबिलिटी इंडेक्स 2026 में पहला स्थान हासिल किया है। यह शहर बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं, शिक्षा, सुरक्षित माहौल और मॉडर्न बुनियादी ढांचे के लिए जाना जाता है। यहां साइकिल चलाना रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा है और शहर पर्यावरण संरक्षण पर भी खास ध्यान देता है। न्यहावन (Nyhavn), टिवोली गार्डन्स, द लिटिल मरमेड और खूबसूरत वाटरफ्रंट यहां के मेन अट्रैक्शन हैं।

 

Auckland, New Zealand (ऑकलैंड, न्यूजीलैंड)

Auckland Through My Experience: Best places to visit and more

ऑकलैंड भी अपनी प्राकृतिक खूबसूरती, सुरक्षित माहौल और बेहतरीन लाइफ क्वालिटी के लिए दुनिया के सबसे रहने योग्य शहरों में गिना जाता है। टूरिस्ट यहां स्काई टॉवर, वाइहेके आइलैंड (Waiheke Island), ऑकलैंड वॉर मेमोरियल म्यूजियम और खूबसूरत हार्बर का आनंद ले सकते हैं। बेहतरीन पब्लिक ट्रांसपोर्ट, अच्छी स्वास्थ्य सेवाएं और शांत वातावरण इसे रहने और घूमने, दोनों के लिए शानदार शहर बनाते हैं।



from HindiMoneycontrol Top Headlines https://ift.tt/ta0SCKO
via

Sunday, July 26, 2026

पिता असम सरकार में मंत्री...बेटी छात्र प्रदर्शन में हुई शामिल, अब CM हिमंता सरमा ने कही ये बात

नीट पेपर लीक को लेकर हो रहे विरोध प्रदर्शन में असम के मंत्री केशव महंत की बेटी के शामिल होने के वीडियो सामने आने के बाद मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा का बयान सामने आया है। मुख्‍यमंत्री ने कहा, ''हो सकता है वो (कैब‍िनेट मंत्री की बेटी) अपने पिता की राजनीतिक विचारधारा को न मानती हों, इसके ल‍िए मेरे कैबिनेट सहयोगी को ट्रोल नहीं किया जाना चाहिएय़'' बता दें कि, सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में दावा किया गया कि दिबिसा महंता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ नारे लगा रही हैं और तत्कालीन केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रही हैं। हालांकि, इन वीडियो की सत्यता की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है।

मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने  की ये अपील

इस विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने लोगों से अपील की कि मंत्री केशव महंता को उनकी बेटी के राजनीतिक विचारों के लिए निशाना न बनाया जाए। उन्होंने कहा कि किसी बालिग व्यक्ति की अपनी अलग सोच और राय हो सकती है। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा, "मुझे नहीं लगता कि केशव महंता की बेटी के प्रदर्शन में शामिल होने के कारण उनके पिता पर हमला करना या उन्हें ट्रोल करना सही है। हो सकता है कि उनकी बेटी की राजनीतिक सोच अपने पिता से अलग हो।" अपना उदाहरण देते हुए हिमंत सरमा ने कहा, "कल जब मेरा बेटा वकील बनेगा, तो हो सकता है कि वह ऐसे किसी व्यक्ति का पक्ष रखे जिसे मैं पसंद नहीं करता। इसका मतलब यह नहीं कि उसके फैसलों के लिए मुझे जिम्मेदार ठहराया जाए।"

हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि किसी भी माता-पिता को उनके बालिग बेटे या बेटी के राजनीतिक विचारों और उनके फैसलों के लिए जिम्मेदार नहीं ठहराया जाना चाहिए। हालांकि, उन्होंने यह भी साफ किया कि वह प्रदर्शन के दौरान दिबिसा महंता की ओर से लगाए गए कथित नारों से सहमत नहीं हैं। मुख्यमंत्री ने कहा, "जब अगली बार मेरी उनसे मुलाकात होगी, तो मैं इस मुद्दे पर उनसे जरूर बात करूंगा और समझाने की कोशिश करूंगा कि उन्होंने जो बातें कही थीं, वे सही नहीं थीं।"

गुवाहाटी में भी हुआ था प्रदर्शन

गुवाहाटी में यह प्रदर्शन नीट परीक्षा में कथित गड़बड़ियों के विरोध में आयोजित किया गया था। प्रदर्शनकारियों ने परीक्षा में पारदर्शिता की मांग के साथ तत्कालीन केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की भी मांग उठाई थी।इस पूरे विवाद पर मंत्री केशव महंता की ओर से फिलहाल कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। उधर, कथित नीट-यूजी 2026 पेपर लीक मामले को लेकर बढ़ते राजनीतिक दबाव के बीच धर्मेंद्र प्रधान ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री के पद से इस्तीफा दे दिया। इसके बाद केंद्र सरकार ने प्रदर्शनकारियों की कई प्रमुख मांगों पर विचार करने का भरोसा दिया, जिसके बाद कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने 37 दिनों से चल रहा अपना विरोध प्रदर्शन समाप्त करने की घोषणा कर दी।



from HindiMoneycontrol Top Headlines https://ift.tt/xpRCNcs
via

Saturday, July 25, 2026

H1B Visa Fee: अमेरिका जाने वाले भारतीयों को बड़ी राहत! H-1B वीजा पर ट्रंप के ₹95 लाख की फीस पर कोर्ट ने दिया बड़ा झटका

US Court Blocks Trump H-1B Visa Fee: अमेरिका में रहने के लिए जारी होने वाले H-1B वीजा पर एक बड़ी राहत वाली खबर आई है। एक संघीय अपील अदालत ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन को बड़ा कानूनी झटका दिया है। अदालत ने नए H-1B वीजा पर करीब 95 लाख रुपये की भारी-भरकम फीस लगाने वाले आदेश पर रोक हटाने से साफ इनकार कर दिया है।

बोस्टन स्थित 'फर्स्ट सर्किट कोर्ट ऑफ अपील्स' की तीन जजों की पीठ ने निचली अदालत के उस फैसले को बरकरार रखा है, जिसमें इस फीस को गैर-कानूनी करार दिया गया था। अदालत के इस फैसले से अमेरिका में काम करने की इच्छा रखने वाले भारतीय आईटी पेशेवरों और अमेरिकी टेक कंपनियों को बड़ी राहत मिली है।

अदालत ने क्यों लगाई $100,000 की वीजा फीस पर रोक?

यूएस डिस्ट्रिक्ट जज लियो टी. सोरोकिन ने 8 जून 2026 के अपने आदेश में कहा था कि ट्रंप प्रशासन द्वारा इतनी बड़ी फीस वसूलना एक तरह का 'अवैध टैक्स' है, क्योंकि अमेरिकी कांग्रेस ने राष्ट्रपति या कार्यपालिका को ऐसा करने का कोई अधिकार नहीं दिया है।

20 डेमोक्रेटिक शासित राज्यों के अटॉर्नी जनरल द्वारा दायर इस याचिका में तर्क दिया गया कि राष्ट्रपति ने संसद से कानून पास कराने के बजाय सिर्फ एक राष्ट्रपति घोषणापत्र के जरिए इस फीस को लागू कर अपने अधिकारों का अतिक्रमण किया है।

अपील अदालत ने 1989 के अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले का हवाला देते हुए कहा कि अगर सरकार नागरिकों या कंपनियों पर कोई बड़ा वित्तीय बोझ (टैक्स या फीस) डालती है, तो उसके लिए संसद की स्पष्ट मंजूरी अनिवार्य है। ट्रंप प्रशासन यह साबित करने में विफल रहा कि उनके पास इसकी कानूनी मंजूरी थी।

क्या था ट्रंप प्रशासन का तर्क और फैसला?

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सितंबर 2025 में एक प्रेसिडेंशियल प्रोक्लेमेशन के जरिए $100,000 की H-1B वीजा फीस लगाने का ऐलान किया था। प्रशासन का कहना था कि अमेरिकी कंपनियां कम वेतन पर विदेशी कर्मचारियों को लाने के लिए H-1B वीजा कार्यक्रम का गलत इस्तेमाल करती हैं, जिससे अमेरिकी नागरिकों की नौकरियां छिन जाती हैं। सरकार के मुताबिक, इस भारी फीस का मकसद कंपनियों को विदेशी कर्मचारियों को स्पॉन्सर करने से हतोत्साहित करना था।

भारतीय IT प्रोफेशनल्स और टेक कंपनियों के लिए राहत क्यों?

H-1B वीजा अमेरिकी कंपनियों को आईटी, इंजीनियरिंग और विज्ञान जैसे विशेष क्षेत्रों में विदेशी कुशल पेशेवरों को नियुक्त करने की अनुमति देता है। अमेरिका हर साल कुल 85,000 H-1B वीजा करीब 65,000 रेगुलर कोटा और 20,000 अमेरिका से मास्टर डिग्री हासिल करने वालों के लिए जारी करता है। इस कोटे का बड़ा हिस्सा भारत और चीन के पेशेवरों को मिलता है।

इस नए नियम से पहले, अमेरिकी कंपनियों को एक H-1B कर्मचारी को स्पॉन्सर करने के लिए औसतन $2,000 से $5,000 (लगभग 1.6 लाख से 4.1 लाख रुपये) ही देने पड़ते थे। $100,000 की फीस लागू होने से कंपनियों के लिए विदेशी प्रतिभाओं को बुलाना बेहद खर्चीला हो जाता।

आगे क्या होगा?

अपील अदालत का यह स्टे खारिज होने का मतलब है कि जब तक इस पूरे मामले की अंतिम सुनवाई पूरी नहीं हो जाती, तब तक ट्रंप प्रशासन $100,000 की इस बढ़ी हुई फीस को लागू नहीं कर सकता है। यानी फिलहाल पुरानी फीस प्रक्रिया के तहत ही H-1B वीजा आवेदन स्वीकार किए जाएंगे।



from HindiMoneycontrol Top Headlines https://ift.tt/bsFXna8
via

Friday, July 24, 2026

Apoorva Makhija: 'इंडियाज गॉट लेटेंट' के विवादित एपिसोड के बाद सुसाइड करना चाहती थीं अपूर्वा मखीजा

Apoorva Makhija: कंटेंट क्रिएटर अपूर्वा मखीजा 'इंडियाज गॉट लेटेंट' विवाद के नतीजों को याद करते हुए भावुक हो गईं। इन्फ्लुएंसर ने बताया कि उस मुश्किल दौर में उन्हें सुसाइड के विचार आए थे और उन्होंने साथी कंटेंट क्रिएटर सूफी मोतीवाला का शुक्रिया अदा किया, जिन्होंने उस समय उनका साथ दिया जब उन्हें सबसे ज़्यादा सहारे की जरूरत थी।

रियलिटी शो 'लॉक अप सीजन 2' में सूफी मोतीवाला के साथ खुलकर बातचीत के दौरान, अपूर्वा ने माना कि अगर सूफी उनके साथ नहीं होते, तो वह उस विवाद का सामना नहीं कर पातीं। लंबे समय बाद सूफी से मिलकर अपनी भावनाएं जाहिर करते हुए अपूर्वा ने कहा, "मैंने तुम्हें सच में बहुत याद किया। ऐसा दोबारा मत करना। मुझे रोना आ रहा है। जब भी कोई मुझसे तुम्हारे बारे में पूछता है और कहता है, 'तुम उसकी दोस्त कैसे बनी थीं? वह तो बहुत मतलबी है,' तो मैं उनसे कहती हूं... अगर 'लेटेंट फियास्को' (विवाद) के समय सूफी मेरे साथ नहीं होते, तो मैं सुसाइड कर लेती।"

सूफी मोतीवाला ने अपूर्वा की बात सुनकर जवाब दिया, "ऐसा मत कहो। अपूर्वा ने फिर से कहा कि उस समय उनका साथ कितना जरूरी था। उन्होंने कहा, "मैं उस दौर से गुजर नहीं पाती। तुम ही अकेले इंसान थे जो मेरे साथ थे। मैं किसी को डेट नहीं कर रही थी। पर्सनल तौर पर, मेरी जिंदगी में, एक दोस्त के तौर पर।"

अपनी दोस्ती को याद करते हुए, सूफी मोतीवाला ने माना कि साथ बिताया गया वह समय उनकी ज़िंदगी के सबसे खुशनुमा दौर में से एक था। उन्होंने कहा, "सच कहूं तो भाई, वह एक साल मेरी ज़िंदगी का सबसे पसंदीदा साल था, जब हम दोस्त थे। मुझे आखिरकार लगा कि बॉम्बे में मेरा भी एक सोशल सर्कल है। मुझे लगा कि कोई है, जिसके पास मैं जब चाहूं जा सकता हूं। सच कहूं तो मुझे तुम्हारी बहुत याद आई।"

इसके बाद दोनों ने एक-दूसरे से माफी मांगी और बातचीत खत्म हुई। अपूर्वा ने कहा कि मुझे भी सच में बहुत अफसोस है। मुझे पता है कि छोटी-छोटी बातें भी बहुत दुख पहुंचा सकती हैं। जब तुम्हें सबसे ज्यादा जरूरत थी, तब मैं तुम्हारे लिए वह सुरक्षित माहौल नहीं बना पाई, इसके लिए मुझे माफ करना।



from HindiMoneycontrol Top Headlines https://ift.tt/bN3mxhc
via

Thursday, July 23, 2026

छुट्टी लेने से पहले ही Gen Z कर्मचारी ने खुद पर लगा दी रोक, मैनेजर को भेजा ऐसा मैसेज हुआ वायरल

ऑफिस कल्चर में Gen Z अपने अलग अंदाज और बेबाक सोच के लिए अक्सर चर्चा में रहती है। कभी उनके अनोखे ईमेल वायरल हो जाते हैं तो कभी काम करने के नए तरीके लोगों का ध्यान खींच लेते हैं। अब एक ऐसे ही कर्मचारी का छुट्टी से जुड़ा मैसेज सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने अपनी ईमानदारी और मजेदार अंदाज से लोगों को हैरान कर दिया। इस कर्मचारी ने अपने मैनेजर को पहले से ही बता दिया कि वह अपनी छुट्टियां एक खास मौके के लिए बचाकर रखना चाहता है।

इतना ही नहीं, उसने भविष्य में बीमारी या किसी अन्य वजह से छुट्टी मांगने पर खुद ही उसकी रिक्वेस्ट रिजेक्ट करने की सलाह दे डाली। मैनेजर ने इस बातचीत को मजाकिया अंदाज में शेयर किया, जिसके बाद इंटरनेट पर लोग इस अनोखे लीव प्लान की जमकर तारीफ कर रहे हैं।

मैनेजर से की अजीब लेकिन ईमानदार अपील

एक Gen Z कर्मचारी ने अपने मैनेजर को WhatsApp पर ऐसा मैसेज भेजा, जिसे देखकर शायद कोई भी हंस पड़े। कर्मचारी ने कहा कि वह गणपति और दिवाली के दौरान छुट्टी नहीं लेगा, क्योंकि वह अपनी छुट्टियां साल के अंत में होने वाली फैमिली वेडिंग के लिए बचाकर रखना चाहता है। उसने अपनी प्लान्ड लीव 16 नवंबर 2026 से 27 नवंबर 2026 तक रखने की जानकारी दी।

'अगर बीमारी का बहाना बनाऊं तो छुट्टी मत देना'

मैसेज का सबसे मजेदार हिस्सा तब आया, जब कर्मचारी ने खुद ही मैनेजर से कहा कि अगर वह भविष्य में बुखार, सिरदर्द, पेट दर्द या किसी अन्य वजह से छुट्टी मांगे, तो उसकी बातों पर भरोसा न किया जाए।उसने मजाकिया अंदाज में मैनेजर से अपनी छुट्टी की रिक्वेस्ट रिजेक्ट करने की अनुमति दे दी।

viral (63)

मैनेजर ने बताया 'लीव इन्वेस्टमेंट पोर्टफोलियो'

कर्मचारी के मैनेजर ने इस बातचीत का स्क्रीनशॉट LinkedIn पर शेयर किया और इसे मजाकिया अंदाज में "leave investment portfolio" बताया। उन्होंने लिखा कि पहले तो कर्मचारी की प्लानिंग देखकर प्रभावित हुए, लेकिन इसके बाद आने वाली "शर्तों और नियमों" ने उन्हें हैरान कर दिया।

Gen Z का नया तरीका: खुद से ही एग्रीमेंट

मैनेजर ने पोस्ट में मजाक करते हुए कहा कि यह सिर्फ छुट्टी की एप्लीकेशन नहीं, बल्कि एक तरह का बजट ऐलान और खुद पर लगाया गया लीव कंट्रोल सिस्टम है। उन्होंने लिखा कि Gen Z अब मैनेजर से नहीं, बल्कि अपने भविष्य वाले रूप से बातचीत कर रही है और मैनेजर को उसकी निगरानी की जिम्मेदारी दे रही है।

सोशल मीडिया पर लोगों ने की तारीफ

यह पोस्ट वायरल होते ही लोगों ने कर्मचारी की ईमानदारी और अनुशासन की जमकर तारीफ की। कई यूजर्स ने इसे सबसे अलग और मजेदार लीव प्लानिंग बताया। एक यूजर ने इसे "कमाल की ईमानदारी" कहा, वहीं दूसरे ने मजाक करते हुए लिखा कि ऐसा अनुशासन शायद ही कभी देखने को मिलता है।

छुट्टी बचाने का नया फॉर्मूला हुआ वायरल

इस पूरे मामले ने दिखाया कि Gen Z ऑफिस कल्चर को अपने अलग अंदाज में बदल रही है। जहां पहले कर्मचारी छुट्टी लेने के नए तरीके खोजते थे, वहीं इस कर्मचारी ने अपनी ही छुट्टियों पर लगाम लगाने के लिए मैनेजर को जिम्मेदारी सौंप दी।

कौन हैं अभिजीत दिपके, कितनी पढ़ाई की है? CJP के संस्थापक का पूरा बैकग्राउंड जानिए



from HindiMoneycontrol Top Headlines https://ift.tt/psxnMdE
via

Wednesday, July 22, 2026

Eternal Q1 results: जोमैटो की पेरेंट कंपनी इटरनल का प्रॉफिट 92 करोड़ रुपये रहा, एनालिस्ट्स के अनुमान से काफी कम

Eternal Q1 results: जोमैटो की पेरेंट कंपनी इटरनल ने 22 जुलाई को जून तिमाही के नतीजों का ऐलान किया। कंपनी का कंसॉलिडेटेड नेट प्रॉफिट 92 करोड़ रुपये रहा। यह सीएनबीसी-टीवी18 के पोल में एनालिस्ट्स के 335 करोड़ रुपये के अनुमान से काफी कम है। तिमाही दर तिमाही आधार पर कंसॉलिडेटेड नेट प्रॉफिट 47 फीसदी घटा है। एक साल पहले की समान अवधि में कंपनी ने 174 करोड़ रुपये का मुनाफा कमाया था।

कंसॉलिडेटेड रेवेन्यू 20,211 करोड़ रुपये 

Eternal का प्रॉफिट जून तिमाही में साल दर साल आधार पर बढ़कर तीन गुना हो गया। एक साल पहले की समान अवधि में कंपनी ने 25 करोड़ रुपये प्रॉफिट कमाया था। जून तिमाही में कंपनी का कंसॉलिडेटेड रेवेन्यू 20,211 करोड़ रुपये रहा। यह सीएनबीसी-टीवी18 के पोल में एनालिस्ट्स के 19,850 करोड़ रुपये के अनुमान से ज्यादा है। साल दर साल आधार पर कंपनी का रेवेन्यू जून तिमाही में दो गुना हो गया।

EBITDA 22  फीसदी बढ़कर 594 करोड़ रुपये

कंपनी का EBITDA जून तिमाही में तिमाही दर तिमाही आधार पर 22 फीसदी बढ़कर 594 करोड़ रुपये रहा। EBITDA मार्जिन में तिमाही दर तिमाही आधार पर मामूली इजाफा हुआ। यह 2.8 फीसदी से बढ़कर 2.9 फीसदी हो गया। कंपनी के फाउंडर दीपेंदर गोयल ने शेयरहोल्डर्स को भेजे लेटर में कहा है, "अगर ऐसा वक्त आता है जब हमें ग्रोथ के लिए मार्जिन से समझौता करना पड़े तो हम बिना झिझक ऐसा करेंगे।"

लंबी अवधि में बिजनेस के विस्तार पर फोकस

उन्होंने कहा, "हमने हमेशा शॉर्ट टर्म मार्जिन की जगह लॉन्ग टर्म मार्केट एक्सपैंशन को प्राथमिकता दी है। लेकिन, हमें कुछ ऐसा करने की जरूरत नहीं है।" जोमैटो लगातार यह कहती रही है कि उसे प्रतिद्वंद्वी कंपनी की कम प्राइस के फूड ऑफर करने की स्ट्रेटेजी में कोई फायदा नहीं दिखता। किफायती फूड के ग्राहकों को ध्यान में रख Swiggy ने Toing और Rapido ने Ownly लॉन्च किया है। लेकिन, जोमैटो का ऐसा करने का कोई प्लान नहीं है।

यह भी पढ़ें: Bandhan Bank Share Price: RoA गाइडेंस में कटौती से शेयर 15% टूटा, ब्रोकरेज फर्मों ने भी घटाया भरोसा, अब क्या करें निवेशक!

जोमैटो के शेयर चढ़कर बंद हुए 

इटरनल का शेयर 22 जुलाई को 1.01 फीसदी चढ़कर 289.50 रुपये पर बंद हुआ। हालांकि, शेयर बाजारों पर बड़ा दबाव देखने को मिला। निफ्टी 0.79 फीसदी यानी 191 अंक गिरकर 23,996 पर बंद हुआ। सेंसेक्स 0.92 फीसदी यानी 715 अंक की कमजोरी के साथ 76,755 पर क्लोज हुआ। बैंक निफ्टी में 1.23 फीसदी की गिरावट आई।



from HindiMoneycontrol Top Headlines https://ift.tt/QEhncsi
via

Tuesday, July 21, 2026

कल का मौसम 22 जुलाई: 2 राज्यों के लिए IMD की रेड कलर वॉर्निंग, इन 16 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट! 40-50 kmph स्पीड वाला बवंडर भी

India Weather Update 22 July: देश भर में मानसून अपने पूरे शबाब पर है। कई इलाकों में आफत की बरसात कर रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 22 जुलाई के लिए वेदर बुलेटिन जारी किया है। मौसम विभाग ने पश्चिम भारत के 2 राज्यों (गुजरात क्षेत्र और मध्य महाराष्ट्र) के लिए रेड कलर वॉर्निंग जारी करते हुए मूसलाधार से अत्यंत भारी बारिश और जलभराव की गंभीर चेतावनी दी है।

इसके अलावा दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश, पंजाब और मध्य प्रदेश समेत देश के 16 से अधिक राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चलने की चेतावनी दी गई है।

आइए जानते हैं कि मौसम विभाग के विश्लेषण और पूर्वानुमान के मुताबिक 22 जुलाई को आपके राज्य में मौसम का क्या मिजाज रहने वाला है:-

इन 2 राज्यों के लिए IMD की रेड कलर वॉर्निंग

मौसम विभाग ने 22 जुलाई को 2 राज्यों के अलग-अलग इलाकों में अत्यंत तेज और खतरनाक बारिश का पूर्वानुमान जारी किया है। गुजरात के मैदानी और उत्तरी भागों में अलग-अलग स्थानों पर मूसलाधार बारिश के साथ अत्यंत भारी बारिश की रेड कलर वॉर्निंग जारी की गई है। महाराष्ट्र के मध्य अंचलों और घाट इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश के बीच अत्यंत भारी बारिश होने की संभावना है।

इन 6 राज्यों/क्षेत्रों में बहुत भारी बारिश का अलर्ट

देश के 6 प्रमुख राज्यों और क्षेत्रों में 22 जुलाई को मूसलाधार से बहुत भारी बारिश दर्ज की जाएगी। पूर्वी राजस्थान के जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है। पूरे मध्य प्रदेश में मानसूनी बादल जमकर बरसेंगे, जहां बहुत भारी बारिश का अलर्ट है। पहाड़ी राज्य हिमाचल में कई जगहों पर तेज बारिश के साथ बहुत भारी वर्षा हो सकती है।

जम्मू-कश्मीर-लद्दाख इस पूरे हिमालयी क्षेत्र में बहुत भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। पंजाब के अलग-अलग हिस्सों में मूसलाधार बारिश के साथ बहुत भारी वर्षा दर्ज की जाएगी। कोंकण और गोवा के तटीय इलाकों में मूसलाधार बारिश का दौर बना रहेगा और बहुत भारी बारिश होगी।

यूपी-दिल्ली संग इन 14 राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी

मौसम विभाग ने मैदानी और तटीय इलाकों के 14 राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश का पूर्वानुमान जताया है। यूपी और देवभूमि उत्तराखंड के विभिन्न जिलों में तेज बारिश होगी। राजधानी दिल्ली और आस-पास के क्षेत्रों (हरियाणा व चंडीगढ़) में कल बादल छाए रहेंगे और भारी बारिश दर्ज की जाएगी।

बिहार और झारखंड दोनों पड़ोसी राज्यों में कई जगहों पर गरज-चमक के साथ भारी बारिश का दौर रहेगा। छत्तीसगढ़ और विदर्भ यानी मध्य भारत के इन इलाकों में भारी बारिश की संभावना है। पूर्वी तटीय और मैदानी पश्चिम बंगाल, ओडिशा में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। असम और मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में मूसलाधार बारिश होगी। राजस्थान के पश्चिमी अंचलों में भारी बारिश का पूर्वानुमान है।

40-50 kmph की रफ्तार से चलेगा बवंडर और थंडरस्टॉर्म अलर्ट

मौसम विभाग के मुताबिक 22 जुलाई को कई राज्यों में बारिश के साथ-साथ तेज आंधी, तूफानी हवाएं और आकाशीय बिजली गिरने का खतरा बना रहेगा। आंध्र प्रदेश, उत्तरी आंतरिक कर्नाटक और तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल में 40-50 किमी/घंटा की रफ्तार से तूफानी हवाएं चलेंगी।

इन राज्यों में अलग-अलग स्थानों पर गरज-चमक के साथ बवंडर का अलर्ट है। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, बिहार, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख, झारखंड, मध्य प्रदेश, ओडिशा, राजस्थान, दक्षिणी आंतरिक कर्नाटक और तेलंगाना में आंधी-तूफान के साथ 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलेंगी।

ये भी पढ़ें- Kanwar Yatra 2026: मीट-शराब की दुकानें बंद, ड्रोन से होगी निगरानी... कांवड़ यात्रा को लेकर यूपी सरकार का मेगा प्लान, जानें- बड़ी बातें

तीव्र आकाशीय बिजली: असम एवं मेघालय, छत्तीसगढ़, गुजरात क्षेत्र, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम एवं त्रिपुरा, उत्तराखंड, विदर्भ और पश्चिम बंगाल व सिक्किम में आकाशीय बिजली कड़कने की कड़ी चेतावनी दी गई है। आंध्र प्रदेश, आंतरिक कर्नाटक और तेलंगाना के अलग-अलग इलाकों में दिन भर तेज सतही हवाएं चलेंगी।



from HindiMoneycontrol Top Headlines https://ift.tt/dHZRvYf
via

Monday, July 20, 2026

'अभी कोई इरादा नहीं', सरकार ने स्टॉक मार्केट से LTCG टैक्स हटाने पर रुख साफ किया

लंबे समय से मांग उठ रही थी कि सरकार इक्विटी यानी शेयर बाजार में निवेश से होने वाले मुनाफे पर लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन (LTCG) टैक्स खत्म करे। हालांकि, सरकार का फिलहाल कोई इरादा नहीं है। सरकार ने संसद में साफ कहा है कि LTCG टैक्स हटाने का कोई प्रस्ताव अभी विचाराधीन नहीं है।

संसद में सरकार ने क्या कहा?

लोकसभा में सरकार से पूछा गया था कि क्या बाजार का माहौल बेहतर बनाने, घरेलू निवेशकों को राहत देने और विदेशी-भारतीय निवेशकों के बीच बराबरी लाने के लिए LTCG टैक्स खत्म किया जाएगा। इस पर वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने लिखित जवाब दिया। उन्होंने कहा कि ऐसा कोई प्रस्ताव फिलहाल सरकार के पास नहीं है।

हालांकि उन्होंने यह भी बताया कि टैक्स से जुड़े नियम हमेशा के लिए तय नहीं होते। सरकार हर साल बजट तैयार करते समय इनकी समीक्षा करती है और उस समय देश की आर्थिक स्थिति समेत कई पहलुओं को ध्यान में रखा जाता है।

दो साल में सरकार की कमाई दोगुनी 

LTCG टैक्स से सरकार की कमाई पिछले दो साल में तेजी से बढ़ी है। वित्त वर्ष 2023-24 के लिए सरकार को 72,249 करोड़ रुपये मिले थे। वहीं, वित्त वर्ष 2024-25 में यह आंकड़ा बढ़कर 1,29,158 करोड़ रुपये हो गया।

यानी सिर्फ दो साल में सरकार ने 2.01 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा की कमाई LTCG टैक्स के जरिए की है। यह भी एक वजह मानी जा रही है कि इस टैक्स को खत्म करने की संभावना फिलहाल नजर नहीं आ रही।

अभी क्या हैं LTCG टैक्स के नियम?

अगर आपने किसी लिस्टेड शेयर या इक्विटी म्यूचुअल फंड में 12 महीने से ज्यादा निवेश किया है, तो उससे होने वाला मुनाफा लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन माना जाता है। एक वित्त वर्ष में 1.25 लाख रुपये तक के LTCG पर कोई टैक्स नहीं लगता। लेकिन इससे ऊपर होने वाले मुनाफे पर 12.5% टैक्स देना पड़ता है।

क्या विदेशी निवेशकों को राहत मिल गई है?

हाल के दिनों में यह चर्चा भी तेज हुई कि विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) को LTCG टैक्स से छूट मिल गई है, जबकि घरेलू निवेशकों से अब भी टैक्स लिया जा रहा है। सरकार ने संसद में इस पर भी स्थिति साफ कर दी।

सरकार के मुताबिक, इक्विटी निवेश पर 12.5% LTCG टैक्स की दर FPI, घरेलू निवेशकों और रिटेल निवेशकों सभी के लिए समान है। यानी शेयर बाजार में निवेश के मामले में किसी एक वर्ग को अलग से छूट नहीं दी गई है।

फिर G-Sec पर छूट का मामला क्या है?

सरकार ने हाल ही में एक अध्यादेश के जरिए विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों को सरकारी बॉन्ड (Government Securities या G-Secs) में निवेश पर टैक्स राहत दी है। इसके तहत G-Secs से मिलने वाले ब्याज और कैपिटल गेन पर आयकर नहीं लगेगा।

हालांकि यह राहत सिर्फ सरकारी प्रतिभूतियों में निवेश तक सीमित है। इसका शेयरों या इक्विटी म्यूचुअल फंड पर लगने वाले LTCG टैक्स से कोई संबंध नहीं है।

वित्त मंत्री पहले क्या कह चुकी हैं?

मई में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा था कि सरकार शेयर बाजार के निवेशकों की चिंताओं को सुनने के लिए तैयार है। उन्होंने यह भी कहा था कि LTCG और STCG टैक्स को लेकर अगर निवेशकों की ओर से सुझाव आते हैं, तो सरकार उन पर विचार करेगी।

हालांकि अब संसद में दिए गए ताजा जवाब से इतना साफ हो गया है कि फिलहाल सरकार के एजेंडे में LTCG टैक्स खत्म करने का कोई प्रस्ताव शामिल नहीं है।

SIP Calculator: 10 साल नहीं, 20 साल तक करें SIP... फर्क देखकर रह जाएंगे हैरान



from HindiMoneycontrol Top Headlines https://ift.tt/7KDX3tN
via

Sunday, July 19, 2026

Video: ट्रेन में महिला का फूटा गुस्सा! छेड़छाड़ करने वाले के साथ किया कुछ ऐसा, वीडियो हुआ वायरल

महिलाओं की सुरक्षा और सार्वजनिक स्थानों पर होने वाले उत्पीड़न को लेकर लगातार चर्चा के बीच महाराष्ट्र से सामने आया एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में एक महिला ट्रेन के अंदर एक व्यक्ति का विरोध करती नजर आ रही है, जिस पर कथित रूप से उसे परेशान करने का आरोप लगाया गया है। घटना के बाद महिला ने चुप रहने के बजाय अपनी नाराजगी जाहिर की और एक अनोखे तरीके से विरोध दर्ज कराया। इस पूरे मामले ने इंटरनेट पर नई बहस छेड़ दी है।

कई लोग महिला के हौसले और तुरंत प्रतिक्रिया देने की सराहना कर रहे हैं, जबकि कुछ यूजर्स का कहना है कि ऐसे मामलों में कानूनी प्रक्रिया के जरिए कार्रवाई होनी चाहिए। वायरल वीडियो ने महिलाओं की सुरक्षा, आत्मसम्मान और न्याय के सही तरीके को लेकर लोगों के बीच अलग-अलग राय पैदा कर दी है।

लिपस्टिक और चूड़ियों से किया प्रतीकात्मक विरोध

वायरल वीडियो में महिला उस व्यक्ति के चेहरे पर लिपस्टिक लगाती और उसके हाथों में चूड़ियां पहनाती नजर आ रही है। यह कदम उसने उत्पीड़न के विरोध में प्रतीकात्मक सजा के तौर पर उठाया। वीडियो में आरोपी व्यक्ति सीट पर बैठा दिखाई दे रहा है, जबकि आसपास मौजूद यात्री पूरी घटना को देखते नजर आ रहे हैं।

Badnera-Akola रूट की ट्रेन में हुआ मामला

रिपोर्ट्स के अनुसार, यह घटना महाराष्ट्र में Badnera और Akola के बीच चलने वाली एक एक्सप्रेस ट्रेन में हुई। आरोप है कि यात्रा के दौरान एक युवक ने महिला यात्री के साथ छेड़छाड़ किया। घटना के बाद महिला ने उसका सामना किया और आसपास मौजूद यात्रियों, खासकर अन्य महिलाओं ने भी हस्तक्षेप कर स्थिति को संभालने की कोशिश की।

सोशल मीडिया पर बंटी लोगों की राय

वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया यूजर्स की प्रतिक्रियाएं अलग-अलग रहीं। कई लोगों ने महिला के आत्मविश्वास और विरोध करने के तरीके की सराहना की। एक यूजर ने लिखा कि ऐसे मामलों में महिलाओं को अपनी आवाज उठानी चाहिए। वहीं कुछ लोगों ने सवाल किया कि किसी आरोप के बाद सार्वजनिक रूप से अपमान करना सही तरीका है या नहीं।

'सजा कानून दे, भीड़ नहीं'

कुछ यूजर्स ने कहा कि अगर कोई व्यक्ति अपराध करता है तो उसकी जांच और कार्रवाई कानून के तहत होनी चाहिए। उनका मानना था कि सार्वजनिक अपमान न्याय का विकल्प नहीं हो सकता। कई लोगों ने यह भी कहा कि आरोपी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराकर कानूनी कार्रवाई करवाना ज्यादा प्रभावी रास्ता है।

महिलाओं की सुरक्षा और न्याय पर छिड़ी बहस

इस वायरल वीडियो ने एक बार फिर सार्वजनिक स्थानों पर महिलाओं की सुरक्षा, आत्मरक्षा और न्याय के तरीकों को लेकर चर्चा शुरू कर दी है। जहां कुछ लोग इसे महिला के साहस का उदाहरण बता रहे हैं, वहीं कुछ लोग कानून व्यवस्था और उचित प्रक्रिया को जरूरी मान रहे हैं। फिलहाल यह मामला सोशल मीडिया पर बहस का विषय बना हुआ है।

Video: फ्लैट, 80 हजार रुपेय महीना इनकम फिर भी 12 घंटे चलाते हैं Uber, वजह जानकर करेंगे सलाम



from HindiMoneycontrol Top Headlines https://ift.tt/8tGILfR
via

Saturday, July 18, 2026

इस डिफेंस स्टॉक ने नागपुर की नुवाल फैमिली को बना दिया 1.2 लाख करोड़ रुपये का मालिक

सोलर इंडस्ट्रीज का शेयर इस साल अब तक 51 फीसदी से ज्यादा चढ़ा है। इससे इस शेयर के निवेशक गदगद हैं। साथ ही नागपुर की नुवाल फैमिली की संपत्ति भी नई ऊंचाई पर पहुंच गई है। यह परिवार देश के सबसे अमीर प्रमोटर समूहों में शामिल हो गया है। सोलर इंडस्ट्रीज में नुवाल फैमिली की 73.1 फीसदी हिस्सेदारी है।

सोलर इंडस्ट्रीज का मार्केट कैपिटलाइजेशन 1.67 लाख करोड़ पहुंचा

सोलर इंडस्ट्रीज के शेयरों में आई तेजी से इसका मार्केट कैपिटलाइजेशन 1.67 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया है। इसमें कंपनी के एक्सप्लोसिव और डिफेंस बिजनेसेज की स्ट्रॉन्ग ग्रोथ का हाथ है। कंपनी के शेयरों में आई तेजी ने नुवाल परिवार को बीते कुछ सालों की देश में वेल्थ क्रिएशन की सबसे बड़ी स्टोरी बना दी है।

सबसे ज्यादा वैल्यूएशन वाली प्रमोटर ग्रुप कंपनियों में शामिल 

सोलर इंडस्ट्रीज सबसे ज्यादा वैल्यूएशन वाली प्रमोटर ग्रुप कंपनियों में से एक बन गई है। इससे नुवाल फैमिली भी भारत के कुछ बड़े बिजनेस घरानों में शामिल हो गया है। प्रमोटरी की हिस्सेदारी की वैल्यू के लिहाज से सोलर इंडस्ट्रीज डीएलएफ से आगे निकल गई है।

डिफेंस सेगेमेंट से कंपनी के कारोबार को मिला बूस्ट 

कंपनी की रीरेटिंग में उसके डिफेंस बिजनेस का बड़ा हाथ है। सोलर इंडस्ट्रीज की एंट्री डिफेंस सेक्टर में 2010 में हुई थी। इस बीच कंपनी के कुल रेवेन्यू में डिफेंस बिजनेस की हिस्सेदारी करीब 5 फीसदी से बढ़कर करीब 20 फीसदी हो गई है। इससे इंडस्ट्रियल एक्सप्लोसिव्स सेगमेंट में कंपनी की स्थिति मजबूत हुई है।

FY26 में कंपनी का रेवेन्यू 10000 करोड़ रुपये पहुंचा

सोलर इंडस्ट्रीज के लिए लंबी अवधि में ग्रोथ के बड़े मौके दिख रहे हैं। कंपनी का प्रदर्शन अच्छा रहा है, जिसका असर इसके शेयरों पर दिखा है। FY26 में कंपनी का रेवेन्यू करीब 10,000 करोड़ रुपये पहुंच गया। टैक्स बाद प्रॉफिट करीब 1,800 करोड़ रुपये रहा। इसका रिटर्न ऑन इक्विटी करीब 29 फीसदी है। रिटर्न ऑन कैपिटल एंप्लॉयड करीब 37.5 फीसदी है।

यह भी पढ़ें: FY27 की दूसरी छमाही में विदेशी निवेशकों की होगी वापसी, एक्सपर्ट ने बताया कहां दांव लगाने से होगी कमाई

मनीष नुवाल कंपनी के सबसे बड़े शेयरहोल्डर 

मनीष नुवाल कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर एवं चीफ एग्जिक्यूटिव अफसर हैं। वह कंपनी के सबसे बड़े शेयरहोल्डर हैं। उनकी कंपनी में 38.9 फीसदी हिस्सेदारी है। कंपनी के फाउंडर सत्यनारायण नुवाल की करीब 3.5 फीसदी हिस्सेदारी है। प्रमोटर के ट्रस्ट की करीब 29 फीसदी हिस्सेदारी है। सीमा नुवाल की 1.37 फीसदी हिस्सेदारी है। इससे कंपनी में प्रमोटर की कुल हिस्सेदारी बढ़कर 73.11 फीसदी है।



from HindiMoneycontrol Top Headlines https://ift.tt/5JQMTzn
via

Friday, July 17, 2026

Badrinath temple donation case: बद्रीनाथ दान घोटाला मामले में पूर्व मंदिर अधिकारी राजेंद्र चौहान गिरफ्तार, CCTV फुटेज में जेब में कैश रखते दिखने का दावा

Badrinath temple donation case: उत्तराखंड के विश्व प्रसिद्ध बद्रीनाथ धाम में श्रद्धालुओं के दान में कथित गड़बड़ी के मामले में स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए मंदिर के पूर्व अधिकारी राजेंद्र चौहान को गिरफ्तार कर लिया है। एसआईटी ने करीब चार घंटे तक पूछताछ करने के बाद उन्हें हिरासत में लिया। अधिकारियों के अनुसार, अब उन्हें अदालत में पेश किया जाएगा। यह कार्रवाई मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी और गबन की जांच के बीच हुई है।

जांच एजेंसियां मंदिर प्रशासन से जुड़े कई लोगों की भूमिका की पड़ताल कर रही हैं। राजेंद्र चौहान इस मामले के प्रमुख संदिग्धों में शामिल हैं। जांच के दौरान जुटाए गए CCTV फुटेज के आधार पर एसआईटी ने चौहान से पूछताछ की। जांचकर्ताओं का दावा है कि 22 जून, 25 जून और 29 जून की रिकॉर्डिंग में चौहान कथित तौर पर कैश के बंडल उठाकर अपनी जेब में रखते हुए दिखाई दे रहे हैं। इसी फुटेज के आधार पर उनसे विस्तृत पूछताछ की गई और बाद में गिरफ्तार कर लिया गया।

CCTV फुटेज से खुलासा

पुलिस ने बताया कि 25 जून और 29 जून के सीसीटीवी फुटेज की जांच के दौरान कुछ और लोगों की गतिविधियां संदिग्ध पाई गई हैं। इन फुटेज के आधार पर एसआईटी ने अतिरिक्त संदिग्धों की पहचान की है और जल्द ही उनसे भी पूछताछ की जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए गए दान के कथित दुरुपयोग से जुड़े इस मामले की जांच अभी जारी है।

एसआईटी सभी उपलब्ध साक्ष्यों, सीसीटीवी फुटेज और दस्तावेजों की गहन जांच कर रही है ताकि पूरे मामले में शामिल सभी लोगों की भूमिका स्पष्ट हो सके। फिलहाल, जांच एजेंसी ने किसी अन्य आरोपी के खिलाफ औपचारिक कार्रवाई की घोषणा नहीं की है, लेकिन नए साक्ष्यों के सामने आने के बाद आने वाले दिनों में जांच का दायरा और बढ़ने की संभावना है।

SIT ने सौंपी रिपोर्ट

बदरीनाथ मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी की पड़ताल के लिए श्री बदरीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) की ओर से गठित जांच दल ने गुरुवार को अपनी रिपोर्ट सौंप दी। बीकेटीसी के मुख्य कार्य अधिकारी (सीईओ) सोहन सिंह रांगड़ ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि चार-सदस्यीय दल ने 18 पन्नों की अपनी जांच रिपोर्ट सौंप दी है।

मंदिर समिति के सूत्रों के मुताबिक, रिपोर्ट में चढ़ावे की चोरी को रोकने के लिए कई सुझाव दिए गए हैं। इनमें गणना के दौरान ड्रेस कोड लागू करना, मंदिर परिसर तथा गणना केंद्र के अछूते स्थानों को चिन्हित कर वहां नये सीसीटीवी कैमरे लगाना, निगरानी व्यवस्था को बेहतर एवं जवाबदेह बनाना और श्रद्धालुओं को गणना कार्य से जोड़ने की निश्चित प्रक्रिया तय करना शामिल है।

दो जुलाई को हेराफेरी का हुआ खुलासा

दो जुलाई को सोशल मीडिया पर मंदिर में चढ़ावे में कथित हेराफेरी के आरोप सामने आने के बाद बीकेटीसी ने इस समिति का गठन किया था, जिसकी प्रारंभिक रिपोर्ट के आधार पर अध्यक्ष कार्यालय में वैयक्तिक सहायक के तौर पर तैनात प्रमोद नौटियाल को निलंबित कर दिया गया था। इसके बाद पुलिस में नौटियाल के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया, जिसकी जांच में साक्ष्य मिलने के बाद उन्हें गिरफतार कर लिया गया।

मंदिर के चढ़ावे के रिकॉर्ड वाले रजिस्टर में ओवरराइटिंग पाए जाने के बाद इस काम में लगे खजांची संदेश मेहता को भी वहां से हटाकर अन्यत्र तबादला किया जा चुका है। इस बीच, मामले की पड़ताल कर रहा पुलिस का विशेष जांच दल (एसआईटी) बीकेटीसी के निलंबित कर्मचारी प्रमोद नौटियाल के साथ ही अन्य लोगों के भी इसमें शामिल होने की आशंका का बारीकी से पता लगा रहा है।

पुलिस सूत्रों ने बताया कि चमोली के पुलिस उपाधीक्षक मदन सिंह की अध्यक्षता में गठित एसआईटी सीसीटीवी कैमरों में दर्ज नौटियाल की पूर्व की संदिग्ध गतिविधियों का विश्लेषण कर रही है। इसके अलावा, आरोपी के साथ ही इस मामले में अन्य लोगों के शामिल होने के पहलू की भी जांच की जा रही है, जिसके लिए पुराने सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही हैं।

सूत्रों के मुताबिक, एसआईटी ने सीसीटीवी कैमरों के पूर्व में डिलीट हो चुके रिकॉर्ड को रिकवर करने की दिशा में भी प्रयास शुरू कर दिए हैं। इसके लिए विशेषज्ञों की मदद लेने का प्रयास किया जा रहा है। उधर, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर गढ़वाल के कमिश्नर आनंद स्वरूप की अध्यक्षता में गठित तीन सदस्यीय उच्चस्तरीय समिति की जांच भी जारी है।

ये भी पढ़ें- Viral News: राजस्थान का यह मंदिर क्यों कहलाता है कारोबारियों का 'बिजनेस पार्टनर'? हर महीने चढ़ते हैं 30-40 करोड़ रुपये दान



from HindiMoneycontrol Top Headlines https://ift.tt/4slq3YM
via

Thursday, July 16, 2026

Reliance Industries Q1 preview : रिलायंस के नतीजे कल, मुनाफे और मार्जिन में दिख सकता है उछाल, जानिए और कहां रहेगी बाजार की नजर

Reliance Industries Q1 Preview : उम्मीद है कि रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (RIL) जून तिमाही में मजबूत कमाई के दम पर पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध के असर से निपटने में कामयाब रहेगी। रिफाइनिंग कारोबार के अच्छे मार्जिन, पेट्रोकेमिकल्स के बेहतर मुनाफे और टेलीकॉम यूनिट में मजबूत ग्रोथ की वजह से रिटेल मार्जिन और अपस्ट्रीम ऑपरेशन्स पर पड़ने वाले दबाव की भरपाई हो जाएगी।

जानकारों का मानना ​​है कि RIL का अलग-अलग तरह का बिजनेस मॉडल ग्लोबल एनर्जी मार्केट में हुए उतार-चढ़ाव से कंपनी का बचाव करेगा। 30 जून को खत्म हुई तिमाही के दौरान, US-ईरान विवाद के बाद कच्चे तेल की कीमतें तेजी से बढ़ीं और फिर तिमाही के आखिर में नीचे आ गईं। जबकि कंपनी की रिफाइनिंग मार्जिन कई तिमाहियों के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गई।

एक्सपर्ट्स के बीच कराए गए पोल में इस बात को लेकर आम सहमति है कि इस अवधि में कंपनी की आय 3.11 लाख करोड़ रुपए रह सकती है। वहीं, EBITDA 46,165 करोड़ रुपए और मुनाफा 18,512 करोड़ रुपए रह सकता है।

ऑयल टू केमिकल (O2C) बिजनेस में सुधार की उम्मीद

ब्रोकरेज फर्मों को उम्मीद है कि जून तिमाही में कंपनी के ऑयल-टू-केमिकल्स (O2C) बिजनेस का प्रदर्शन बेहतर रहेगा। इसकी वजह रिफाइनिंग से जुड़ी बेहतर स्थिति और पेट्रोकेमिकल स्प्रेड में मजबूती है।

जेफरीज का अनुमान है कि O2C EBITDA में सालाना आधार पर लगभग 20 प्रतिशत की बढ़ोतरी हो सकती है। उसका कहना है कि इस सुधार की मुख्य वजह पेट्रोकेमिकल स्प्रेड में बड़ी बढ़ोतरी और बढ़े GRM से SEZ रिफाइनरी को मिलने वाला फायदा होगा।

जेपी मॉर्गन रिफाइनिंग को लेकर और भी पॉजिटिव है। उसका कहना है कि पहली तिमाही में रिफाइनिंग क्रैक और पेट्रोकेमिकल मार्जिन बहुत मजबूत थे। हालांकि, उसका यह भी कहना है कि रिफाइनरी में मेंटेनेंस के लिए शटडाउन और ऑपरेशन की ज्यादा लागत से फायदे कुछ कम हो सकते हैं।

कोटक इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज को भी O2C से अच्छी कमाई की उम्मीद है। उसका अनुमान है कि SEZ रिफाइनरी, US में इथेन-बेस्ड पेट्रोकेमिकल्स और रुपये की कमजोरी की वजह से EBITDA में सालाना आधार पर लगभग 12 प्रतिशत की बढ़ोतरी होगी।

हालांकि, सभी ब्रोकरेज इस पर एकमत नहीं हैं। नुवामा को O2C में सिर्फ़ 2 प्रतिशत के आस-पास मामूली बढ़ोतरी की उम्मीद है। ब्रोकरेज का कहना है कि फ्यूल रिटेलिंग में नुकसान, LPG का ज्यादा प्रोडक्शन, KG-D6 गैस का डाइवर्जन और कामकाज से जुड़ी दूसरी रुकावटें, बेहतर ग्रॉस रिफाइनिंग मार्जिन (GRM) के असर को कुछ हद तक कम कर सकती हैं।

रिलायंस जियो

रिलायंस जियो के मेन अर्निंग ग्रोथ ड्राइवर बने रहने की उम्मीद है। एनालिस्ट्स को उम्मीद है कि रिलायंस जियो इस तिमाही में भी मजबूत प्रदर्शन करेगी। इसको नए सब्सक्राइबर्स के जुड़ने और प्रति यूज़र औसत रेवेन्यू (ARPU) में सुधार का फायदा मिलेगा।

एवेंडस को उम्मीद है कि जियो का वायरलेस सब्सक्राइबर बेस 50 करोड़ (500 मिलियन) के पार चला जाएगा, जबकि ARPU के बढ़कर लगभग 205 रुपये प्रति माह होने का अनुमान है, जिससे रेवेन्यू और EBITDA में डबल-डिजिट की बढ़ोतरी होगी।

नोमुरा का अनुमान है कि इस तिमाही में लगभग 80 लाख नए सब्सक्राइबर जुड़ेंगे और ARPU बढ़कर 217 रुपये प्रति महीना हो जाएगा। जबकि एमके (Emkay) को लगभग 95 लाख नए सब्सक्राइबर जुड़ने और ARPU के 216.5 रुपये रहने की उम्मीद है। दोनों ब्रोकरेज फर्म इस तिमाही में टेलीकॉम सेक्टर को कमाई में सबसे मजबूत योगदान देने वाला सेक्टर मानती हैं।

रिटेल कारोबार के मार्जिन पर रहेगी नजर

रिलायंस रिटेल से एक और तिमाही में डबल-डिजिट रेवेन्यू ग्रोथ की उम्मीद है, लेकिन मुनाफे पर नजर बनी हुई है। नोमुरा को उम्मीद है कि रिटेल कारोबार के रेवेन्यू में सालाना लगभग 12 प्रतिशत की बढ़ोतरी हो सकती है। लेकिन मार्जिन पर लगातार बने दबाव के कारण EBITDA में केवल 3 प्रतिशत के आसपास बढ़ोतरी का अनुमान है। सिटी को उम्मीद है कि क्विक कॉमर्स में लगातार हो रहे निवेश के कारण रिटेल EBITDA में बढ़ोतरी धीमी रहेगी।

जेफरीज का नजरिया ज्यादा पॉजिटिव है। उसका अनुमान है कि कंपनी के रिटेल कारोबार के रेवेन्यू में लगभग 11 प्रतिशत और EBITDA में करीब 8 प्रतिशत की बढ़ोतरी हो सकती है।

Market Outlook : सपाट बंद हुए सेंसेक्स-निफ्टी, जानिए 17 जुलाई को कैसी रह सकती है बाजार की चाल

अपस्ट्रीम सेक्टर के कमजोर बने रहने की संभावना

कंपनी के एक्सप्लोरेशन और प्रोडक्शन सेगमेंट का कारोबार सबसे कमजोर बना रह सकता है। एलारा कैपिटल का अनुमान है कि कच्चे तेल की कीमतें बढ़ने होने के बावजूद अपस्ट्रीम EBITDA में सालाना आधार पर लगभग 21 प्रतिशत की गिरावट आएगी, जबकि नोमुरा ने भी कमजोर उत्पादन और गैस से कम कमाई के कारण कम मुनाफे का अनुमान लगाया है।

कहां रहेगी निवेशकों की नजर ?

जून में कच्चे तेल की कीमतें अपने उच्चतम स्तर पर पहुंचने के बाद तेजी से नीचे आईं। इसके चलते निवेशक जारी किए गए आंकड़ों के अलावा, रिफाइनिंग मार्जिन पर मैनेजमेंट की टिप्पणी पर नजर रखेंगे। इसके अलावा बाजार की नजरें पेट्रोकेमिकल स्प्रेड में रिकवरी की रफ़्तार, रिटेल मुनाफे, जियो के सब्सक्राइबर और ARPU के ट्रेंड, कैपिटल एक्सपेंडिचर और कंपनी की नई एनर्जी पहलों से जुड़ी जानकारी पर भी रहेगी।

(डिस्क्लेमर: नेटवर्क 18 मीडिया एंड इनवेस्टमेंट लिमिटेड पर इंडिपेंडेंट मीडिया ट्रस्ट का मालिकाना हक है। इसकी बेनफिशियरी कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज है।)

 

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।



from HindiMoneycontrol Top Headlines https://ift.tt/H958QVf
via

Wednesday, July 15, 2026

Aurum Proptech Share Price : हाउसिंग डॉट कॉम को खरीद सकती है औरम प्रॉपटेक, सिर्फ 2 दिनों में 15% भागा शेयर

Aurum Proptech Share Price : CNBC-आवाज़ को सूत्रों के हवाले से जानकारी मिली है कि औरम प्रॉपटेक (Aurum Proptech) एक और अधिग्रहण की तैयारी कर रही है। कल फंड जुटाने के मुद्दे पर कंपनी की बोर्ड मीटिंग भी होने वाली है। कंपनी QIP,प्रेफरेंशियल इश्यू या प्राइवेट प्लेसमेंट के जरिए फंड जुटा सकती है। इसके प्रेफरेंशियल इश्यू में बड़े और नामचीन इनवेस्टर शामिल हो सकते हैं। कंपनी की हाउसिंग डॉट कॉम को खरीदने की तैयारी है।

सूत्रों के मुताबिक कंपनी REA इंडिया से Housing.com के खरीद सकती है। कंपनी पिछले साल जुलाई में Housing.com की सिस्टर कंपनी PropTiger.com को खरीदा था। अब इसकी Housing.com को ही खरीदने की तैयारी है। बता दें कि औरम प्रॉपटेक रियल एस्टेट के लिए सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट सर्विस देती है। पिछले 2 दिनों में औरम प्रॉपटेक में 15% तक तेजी देखने को मिली है।

CNBC-आवाज़ ने औरम प्रॉपटेक और REA इंडिया को ईमेल भेजा है। अभी दोनों के आधिकारिक जवाब का इंतजार है।

औरम प्रॉपटेक की बड़ी शॉपिंग

औरम प्रॉपटेक की अब तक हुई शॉपिंग पर नजर डालें तो जुलाई 2025 में कंपनी ने PropTiger को 86 करोड़ रुपए में खरीदा था। इसने जून 2023 में NestAway को 90 करोड़ में खरीदा था। मई 2023 में इसने MYRE Capital को और 2021–22 में Sell.Do को भी खरीदा था। इसी तरह जुलाई 2021 में इसने K2V2 टेक को 40 करोड़ रुपए में खरीदा था। 2021 में ही इसने Integrow AM में 25 करोड़ रुपए में 49 फीसदी हिस्सेदारी खरीदी थी।

कंपनी के प्रदर्शन पर एक नजर

मार्च तिमाही (चौथी तिमाही) में ऑरम प्रॉपटेक की नेट सेल्स 123.85 करोड़ रुपये रही,जो मार्च 2025 तिमाही के 70.41 करोड़ रुपये से 75.9% ज्यादा है। मार्च 2026 तिमाही में इसकी नेट प्रॉफ़िट 16.64 करोड़ रुपये रही, जो मार्च 2025 तिमाही के 7.20 करोड़ रुपये से 331.11% ज़्यादा है। मार्च 2026 तिमाही में इसका EBITDA 38.47 करोड़ रुपये रहा,जो मार्च 2025 तिमाही के 23.25 करोड़ रुपये से 65.46% ज्यादा है। ऑरम प्रॉपटेक का EPS मार्च 2025 तिमाही के ₹1.33 से बढ़कर मार्च 2026 में ₹2.70 हो गया।

शेयर प्राइस हिस्ट्री

एनएसई पर आज यह शेयर 11.18 रुपए यानी 4.67 फीसदी बढ़कर 250.82 रुपए पर बंद हुआ है। आज का इसका दिन का हाई 264.64 रुपए और दिन का लो 237.51 रुपए है। स्टॉक का 52 वीक हाई 264.64 रुपए और 52 वीक लो 151.90 रुपए है।

1 हफ्ते में यह शेयर 12.38 फीसदी और 1 महीने में 36.77 फीसदी भागा है। तीन महीने में इसमें 47.93 फीसदी की तेजी देखने को मिली है। इस साल अब तक यह शेयर 33.39 फीसदी भागा है। वहीं, 1 साल में इसने 32.34 फीसदी की और 3 साल में 90.38 फीसदी की तेजी दिखाई है।

औरम प्रॉपटेक एक भारतीय लिस्टेड प्रॉपटेक कंपनी है। यह अपने रेंटल ब्रांड हेलोवर्ल्ड और नेस्टअवे के जरिए सीधे उपभोक्ताओं को अपनी सेवाएं प्रदान करती है। जबकि इसके डेटा,मार्केटिंग और सेल्स ऑटोमेशन ब्रांड औरम एनालिटिका और सेल.डू (Sell.Do), रियल एस्टेट सेक्टर को सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट सर्विस देते हैं।

 

 

Market Outlook : हल्की बढ़त के साथ बंद हुआ बाजार, जानिए 16 जुलाई को कैसी रह सकती है इसकी चाल



from HindiMoneycontrol Top Headlines https://ift.tt/GWhb0eK
via

Tuesday, July 14, 2026

Gold Silver Price Today: एक ही दिन में ₹8900 सस्ती हुई चांदी, सोने का भी गिरा भाव

Gold Silver Price Today: दिल्ली सर्राफा बाजार में मंगलवार को सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई। 24 कैरेट वाला सोना ₹700 सस्ता होकर ₹1,46,300 प्रति 10 ग्राम पर आ गया। सोमवार को इसका भाव ₹1,47,000 प्रति 10 ग्राम था।

वहीं, चांदी में बड़ी गिरावट देखने को मिली। इसका भाव ₹8,900 टूटकर ₹2,26,100 प्रति किलोग्राम रह गया। एक दिन पहले चांदी ₹2,35,000 प्रति किलो पर बंद हुई थी।

क्यों गिरे सोना-चांदी के दाम?

ऑल इंडिया सर्राफा एसोसिएशन के मुताबिक, ज्वैलर्स और औद्योगिक खरीदारों की मांग कमजोर रहने से घरेलू बाजार में सोना और चांदी दबाव में रहे।

अंतरराष्ट्रीय बाजार का क्या हाल?

वैश्विक बाजार में तस्वीर थोड़ी अलग रही। स्पॉट गोल्ड मामूली बढ़त के साथ 4,020.13 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार करता दिखा। वहीं, स्पॉट सिल्वर करीब 1% चढ़कर 58.06 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया।

आगे क्या रहेगा असर?

HDFC Securities के सीनियर कमोडिटी एनालिस्ट सौमिल गांधी के मुताबिक, सोमवार की बड़ी गिरावट के बाद सोने में रिकवरी की कोशिश जरूर दिखी, लेकिन तेजी ज्यादा नहीं टिक सकी।

उन्होंने कहा कि इसकी वजह कच्चे तेल की ऊंची कीमतें, महंगाई बढ़ने की चिंता है। यह भी माना जा रहा है कि अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व ब्याज दरों को लंबे समय तक ऊंचे स्तर पर बनाए रख सकता है। यही वजह है कि फिलहाल सोने की कीमतों पर दबाव बना हुआ है।

गोल्ड पर एक्सपर्ट की राय

LKP Securities के वीपी (कमोडिटी और करेंसी रिसर्च) जतीन त्रिवेदी का कहना है कि कच्चे तेल की ऊंची कीमतें और मजबूत अमेरिकी डॉलर की वजह से सोने में बड़ी तेजी की संभावना फिलहाल सीमित दिख रही है। अब बाजार की नजर अमेरिका के CPI और Core CPI महंगाई के आंकड़ों पर है।

उन्होंने कहा कि अगर महंगाई उम्मीद से ज्यादा रहती है, तो अमेरिकी केंद्रीय बैंक Federal Reserve सख्त रुख बनाए रख सकता है। इससे डॉलर और मजबूत होगा और सोने पर दबाव बढ़ सकता है। वहीं, अगर महंगाई के आंकड़े उम्मीद से कम आते हैं, तो सोने को सहारा मिल सकता है। उनके मुताबिक, इन आंकड़ों से पहले सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है।

SIP vs SSY: सुकन्या समृद्धि और SIP में हर महीने ₹2000 निवेश करें तो किसमें ज्यादा पैसा बनेगा?

Disclaimer: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।



from HindiMoneycontrol Top Headlines https://ift.tt/QzVXhsO
via

Delhi Lakshmi Yojana: दिल्ली की महिलाओं के खाते में हर महीने आएंगे ₹2500, जानिए किसे मिलेगा फायदा

Delhi Lakshmi Yojana: दिल्ली सरकार ने अपनी प्रस्तावित महिला समृद्धि योजना का नाम बदलकर दिल्ली लक्ष्मी योजना कर दिया है। मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) के मुताबिक, सरकार इसे रक्षाबंधन के आसपास शुरू करने की तैयारी में है। योजना के तहत पात्र महिलाओं को हर महीने ₹2,500 की आर्थिक मदद मिलेगी।

क्या है दिल्ली लक्ष्मी योजना?

दिल्ली लक्ष्मी योजना महिलाओं के लिए शुरू की जा रही एक आर्थिक सहायता योजना है। इसमें पात्र महिलाओं के बैंक खाते में हर महीने ₹2,500 सीधे DBT (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) के जरिए भेजे जाएंगे।

इस योजना का ऐलान दिल्ली विधानसभा चुनाव से पहले बीजेपी ने अपने प्रमुख वादों में किया था। अब इसका नाम बदलकर दिल्ली लक्ष्मी योजना कर दिया गया है।

कौन उठा सकेगा योजना का फायदा?

मुख्यमंत्री कार्यालय के मुताबिक, 21 से 60 साल की महिलाएं इस योजना का लाभ ले सकेंगी। सरकार ने कहा है कि पात्रता के नियम तय कर दिए गए हैं, ताकि सही लोगों तक योजना का फायदा पहुंचे।

हालांकि, आय सीमा क्या होगी, दिल्ली का निवासी होना जरूरी होगा या नहीं और किन लोगों को योजना से बाहर रखा जाएगा, इसकी पूरी जानकारी अभी नहीं दी गई है।

पैसे कैसे मिलेंगे?

योजना के तहत हर महीने ₹2,500 सीधे लाभार्थी महिला के बैंक खाते में भेजे जाएंगे। इसके लिए DBT का इस्तेमाल किया जाएगा।

सरकार की कोशिश है कि योजना की शुरुआत रक्षाबंधन के आसपास हो जाए। हालांकि, अभी इसकी तय तारीख का ऐलान नहीं किया गया है।

अभी किन बातों का इंतजार है?

सरकार अभी इस योजना की विस्तृत अधिसूचना जारी करेगी। उसमें कई अहम प्रक्रिया के बारे में जानकारी दी जाएगी। जैसे कि...

  • पूरी पात्रता (Eligibility) क्या होगी?
  • कौन-कौन से दस्तावेज जरूरी होंगे?
  • आवेदन कैसे करना होगा?
  • आवेदन कहां किए जाएंगे?
  • रजिस्ट्रेशन कब से शुरू होंगे?

इस योजना का लाभ लेने के लिए महिलाएं सरकार की आधिकारिक गाइडलाइन जारी होने का इंतजार कर रही हैं। गाइडलाइन जारी होने के बाद ही तस्वीर साफ होगी।

SIP vs SSY: सुकन्या समृद्धि और SIP में हर महीने ₹2000 निवेश करें तो किसमें ज्यादा पैसा बनेगा?



from HindiMoneycontrol Top Headlines https://ift.tt/bycE4zm
via

Monday, July 13, 2026

शादी के दबाव के बीच युवती ने उठाया बड़ा कदम, सिर मुंडवाने का VIDEO हुआ वायरल

भारत में शादी को लेकर परिवारों की सोच लंबे समय से सामाजिक परंपराओं से जुड़ी रही है। खासकर एक उम्र के बाद कई परिवार अपनी बेटियों के लिए रिश्ते तलाशना शुरू कर देते हैं। हालांकि, आज की पीढ़ी में कई महिलाएं अपने करियर, सपनों और निजी फैसलों को प्राथमिकता देने की बात कह रही हैं। इसी बीच सोशल मीडिया पर एक युवती का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने शादी और व्यक्तिगत आजादी को लेकर नई चर्चा छेड़ दी है। वीडियो में युवती अपने बाल पूरी तरह मुंडवाती नजर आ रही है और इसे लेकर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।

कुछ लोग इसे अपनी पसंद के लिए खड़े होने की हिम्मत बता रहे हैं, तो कुछ यूजर्स इस कदम के पीछे की असली वजह जानने को उत्सुक हैं। इस वायरल वीडियो ने परिवार की अपेक्षाओं और व्यक्तिगत फैसलों के बीच संतुलन पर बहस शुरू कर दी है।

कैप्शन के साथ शेयर किया VIDEO

इंस्टाग्राम पर कीर्तना मेनन नाम की युवती ने एक वीडियो शेयर किया, जिसके कैप्शन में लिखा था- “POV: My mom planned my marriage”।

वीडियो में वो शांत बैठी नजर आती हैं, जबकि एक नाई उनके लंबे बाल काटकर उनका सिर पूरी तरह मुंड देता है। वीडियो में कीर्तना बिना किसी घबराहट के इस पूरे बदलाव को स्वीकार करती दिखाई देती हैं।

क्या शादी से बचने के लिए उठाया कदम?

वीडियो वायरल होने के बाद कई लोगों ने इसे शादी के दबाव के खिलाफ एक प्रतीकात्मक कदम माना। हालांकि, कीर्तना ने इस बारे में कोई खास जानकारी साझा नहीं की है। यह साफ नहीं है कि सिर मुंडवाने का कारण वास्तव में शादी का विरोध था या फिर इसके पीछे कोई धार्मिक वजह, सामाजिक कारण या कोई अन्य उद्देश्य था। बावजूद इसके, वीडियो ने सोशल मीडिया पर बहस छेड़ दी।

सोशल मीडिया पर लोगों ने की तारीफ

कई यूजर्स ने कीर्तना के फैसले को आत्मविश्वास और अपनी पसंद के लिए खड़े होने की मिसाल बताया। एक यूजर ने लिखा, “तुम्हें और ताकत मिले।” वहीं दूसरे ने इसे “आधुनिक समस्याओं का अलग समाधान” बताया। कुछ लोगों ने कहा कि अपनी जिंदगी से जुड़े फैसले लेने का अधिकार हर व्यक्ति को होना चाहिए।

कुछ लोगों ने शादी को लेकर रखी अलग राय

जहां कई लोगों ने युवती का समर्थन किया, वहीं कुछ यूजर्स ने शादी और परिवार की सोच पर भी चर्चा की। एक यूजर ने कहा कि शादी एक खूबसूरत रिश्ता है, लेकिन कई बार समाज में यह लोगों पर दबाव बनाकर थोपी जाने वाली परंपरा बन जाती है। वहीं कुछ लोगों का मानना था कि अपनी इच्छा के खिलाफ शादी करने से बेहतर है कि व्यक्ति पहले अपनी पसंद और भावनाओं को समझे।

वायरल VIDEO ने छेड़ी नई बहस

कीर्तना का वीडियो सिर्फ बाल कटवाने तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसने शादी, व्यक्तिगत आजादी और परिवार की अपेक्षाओं को लेकर सोशल मीडिया पर नई चर्चा शुरू कर दी है। हालांकि वीडियो के पीछे की पूरी सच्चाई अभी स्पष्ट नहीं है, लेकिन इसने लोगों को अपनी-अपनी राय रखने का मौका जरूर दिया है।

स्कॉलरशिप निकालने पहुंची छात्रा के अकाउंट में दिखे 759 करोड़ रुपए, फिर...जांच में जुटे अधिकारी



from HindiMoneycontrol Top Headlines https://ift.tt/RLh93oZ
via

Sunday, July 12, 2026

जोमैटो डिलीवरी बॉय की आंखों में थे आंसू फिर अंकित पांडेय नाम के इस शख्स ने किया दिल जीतने वाला काम

कभी-कभी इंसानियत का एक छोटा सा कदम किसी के लिए बड़ी उम्मीद बन जाता है। सोशल मीडिया पर इन दिनों एक ऐसी ही भावुक कहानी चर्चा में है, जहां एक ग्राहक ने सिर्फ अपना खाना ऑर्डर नहीं लिया, बल्कि डिलीवरी करने आए शख्स की परेशानी को भी समझा। एक सामान्य सी डिलीवरी के दौरान हुई बातचीत ने ऐसा मोड़ लिया, जिसने दोनों की जिंदगी में एक यादगार पल जोड़ दिया। ग्राहक ने जब डिलीवरी पार्टनर की आंखों में छिपी चिंता को महसूस किया, तो उसने उसकी मदद करने का फैसला किया। उसकी ये पहल अब इंटरनेट पर लोगों का दिल जीत रही है।

यूजर्स इस घटना को इंसानियत, संवेदनशीलता और सही समय पर की गई मदद की मिसाल बता रहे हैं। यह कहानी याद दिलाती है कि कई बार छोटी सी मदद भी किसी के लिए बहुत बड़ी राहत बन सकती है।

डिलीवरी देने आया शख्स, लेकिन चेहरे पर दिखा दर्द

X यूजर अंकित पांडे ने अपनी पोस्ट में इस भावुक घटना को साझा किया। उन्होंने बताया कि उन्होंने Zomato से खाना ऑर्डर किया था। डिलीवरी लेकर पहुंचा व्यक्ति उनके घर पहले भी कई बार आ चुका था।

खाना देने के बाद डिलीवरी पार्टनर ने झिझकते हुए पूछा, “भैया, क्या एक गिलास पानी मिल सकता है?” अंकित ने उसे अंदर बुलाया और पानी दिया। बातचीत के दौरान उनकी नजर उसकी लाल आंखों पर पड़ी, जैसे वह काफी देर से रो रहा हो।

मां ICU में थीं, घर पहुंचने की थी चिंता

जब अंकित ने उसकी परेशानी पूछी तो उसने बताया कि उसकी मां सुबह सीढ़ियों से गिर गई थीं और गंभीर हालत में ICU में भर्ती हैं। वह अपने गांव जाना चाहता था, लेकिन ट्रेन रात 11 बजे थी और सफर में करीब 30 घंटे लगने वाले थे।

डिलीवरी पार्टनर ने चिंता जताई कि कहीं ऐसा न हो कि वह समय पर अपनी मां से मिल ही न पाए।

ग्राहक ने खाना भी दिया और फ्लाइट टिकट भी बुक कर दी

अंकित ने पहले उससे पूछा कि क्या उसने कुछ खाया है। इसके बाद उन्होंने वही खाना उसे खाने के लिए दिया, जो वह डिलीवरी करने आया था। इसके बाद उन्होंने बिना देर किए करीब 4 हजार रुपये की फ्लाइट टिकट उसके लिए बुक कर दी, ताकि वह जल्द से जल्द अपनी मां के पास पहुंच सके।

पहली बार हवाई सफर का डर

डिलीवरी पार्टनर ने बताया कि वह पहली बार फ्लाइट में बैठने वाला है और उसे एयरपोर्ट की प्रक्रिया को लेकर डर लग रहा है। अंकित ने उसे भरोसा दिलाया कि वहां उनका दोस्त उसकी मदद करेगा। कुछ घंटों बाद वह अपनी मां के पास पहुंच गया।

मां की हालत सुधरी

बाद में डिलीवरी पार्टनर ने फोन कर बताया कि उसकी मां की हालत अब बेहतर है और डॉक्टरों के मुताबिक कुछ दिनों में उन्हें अस्पताल से छुट्टी मिल सकती है।

उसने फ्लाइट टिकट के 4 हजार रुपये वापस करने की कोशिश की, लेकिन अंकित ने पैसे लेने से इनकार कर दिया और कहा कि वह रकम अपनी मां के इलाज और जरूरतों में इस्तेमाल करे।

कभी-कभी मदद दिल में मिलती है'

अंकित ने अपनी पोस्ट में लिखा कि किसी की जिंदगी बदलने के लिए हमेशा बड़ी रकम की जरूरत नहीं होती। कई बार एक गिलास पानी, थोड़ा खाना और समय पर मिली मदद किसी के लिए सबसे बड़ी उम्मीद बन जाती है।

सोशल मीडिया पर लोगों ने की जमकर तारीफ

यह कहानी वायरल होने के बाद इंटरनेट पर लोगों ने अंकित की जमकर सराहना की। यूजर्स ने कहा कि मुश्किल समय में की गई छोटी मदद भी किसी के लिए बहुत बड़ी साबित हो सकती है।

कई लोगों ने इसे इंसानियत और संवेदनशीलता की मिसाल बताया और कहा कि ऐसी कहानियां लोगों को दूसरों की मदद करने की प्रेरणा देती हैं।

बेंगलुरु में घर में घुस महिला को प्राइवेट पार्ट दिखाने वाला डिलीवरी एजेंट अरेस्ट, क्या है पूरा मामला?



from HindiMoneycontrol Top Headlines https://ift.tt/Mle3syT
via

Saturday, July 11, 2026

Vietnam Boat Accident: वियतनाम बोट हादसे में 15 भारतीय पर्यटकों की मौत, रेस्क्यू ऑपरेशन जारी, देखें वीडियो

Vietnam Boat Accident: शनिवार, 11 जुलाई को वियतनाम के फू क्वोक द्वीप के पास एक टूरिस्ट बोट के पलटने से कम से कम 15 भारतीय पर्यटकों की मौत हो गई। वहीं, इस घटना की सूचना मिलने के बाद स्थानीय अधिकारियों ने बड़े पैमाने पर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया। बताया जा रहा है कि नाव में 32 भारतीय पर्यटक और 4 क्रू मेंबर सवार थे। तेज लहरों और खराब समुद्री स्थिति के कारण यह नाव फु क्वोक के पास होन मे रूट नगोई द्वीप के पास पलट गई।

सोशल मीडिया पर आए कुछ वीडियो में स्थानीय अधिकारियों को बचाव अभियान चलाते हुए देखा गया। हालांकि, CNN-News18 ने इन वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की है।

इस घटना में अधिकारियों ने 21 लोगों को सुरक्षित बचा लिया है, जिसमें तीन क्रू मेंबर और एक अटेंडेंट भी शामिल हैं। वियतनाम में भारतीय दूतावास ने इस घटना की पुष्टि की और कहा कि प्रभावित परिवारों की मदद के लिए हो ची मिन्ह सिटी और हनोई में इमरजेंसी रिस्पॉन्स सेंटर बनाए गए हैं।

दूतावास ने 'X' पर कहा, "एक दुखद घटना में, कुछ घंटे पहले वियतनाम के फु क्वोक द्वीप के पास कई भारतीय पर्यटकों को ले जा रही एक नाव पलट गई। घटना की पूरी जानकारी जुटाई जा रही है और स्थानीय अधिकारी रेस्क्यू ऑपरेशन चला रहे हैं।"

क्या हुआ था?

लोकल मीडिया के अनुसार, 32 भारतीय पर्यटकों को ले जा रही एक स्पीडबोट 'हॉन मे रुट आइलैंड' से 'एन थोई पोर्ट' जा रही थी, तभी वह किनारे से लगभग 400 मीटर दूर पलट गई। बताया जा रहा है कि उस समय समुद्र में हालात खराब थे।

वहीं, बचाव कार्य शुरू करने के लिए लोकल अधिकारी तुरंत मौके पर पहुंचे। बचाव कार्य में शामिल एक बोट ऑपरेटर ने VnExpress को बताया कि उनकी बोट लगभग पांच मिनट में ही मौके पर पहुंच गई थी, लेकिन कई यात्री पलटी हुई बोट के अंदर फंसे हुए थे, जिससे बचाव कार्य मुश्किल हो गया।

बता दें कि यह घटना वियतनाम में पिछले साल हुई एक और बोट दुर्घटना के लगभग एक साल बाद हुई है। जुलाई 2025 में, 'हा लॉन्ग बे' में अचानक आए तूफान के दौरान 48 लोगों (जिनमें कम से कम 20 बच्चे शामिल थे) को ले जा रही एक टूरिस्ट बोट पलट गई थी, जिसमें कम से कम 39 यात्रियों की मौत हो गई थी। इस घटना को पिछले 20 से ज्यादा सालों में वियतनाम की सबसे घातक समुद्री दुर्घटना माना गया था।

यह भी पढ़ें: Vietnam Boat Accident: वियतनाम में बड़ा हादसा! 32 भारतीय पर्यटकों से भरी नाव पलटी, रेस्क्यू ऑपरेशन जारी



from HindiMoneycontrol Top Headlines https://ift.tt/wnOqYt5
via

Friday, July 10, 2026

DDA Dwarka Commercial Hub Plan: दिल्ली का अगला 'गुड़गांव' बनेगा द्वारका! डीडीए बनाएगा मेगा इकोनॉमिक हब, जानिए क्या है पूरा प्लान

DDA Dwarka Plan: दिल्ली का द्वारका उप-शहर आने वाले समय में राजधानी का सबसे बड़ा बिजनेस और कमर्शियल हॉटस्पॉट बनने जा रहा है। दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने द्वारका को एक प्रमुख आर्थिक और वाणिज्यिक केंद्र के रूप में मजबूत करने के लिए उद्योग जगत के टॉप रिप्रेजेंटेटिव के साथ एक इंटरैक्टिव बैठक की अध्यक्षता की है। इस बैठक के दौरान उपराज्यपाल ने साफ किया कि दिल्ली के दीर्घकालिक आर्थिक विकास को बनाए रखने के लिए शहरी पुनर्विकास, बुनियादी ढांचे के अपग्रेडेशन और योजना सुधारों को लागू करना बेहद जरूरी है। उन्होंने द्वारका में एक स्वच्छ, प्रदूषण मुक्त और लेबर सेंट्रिक इंडस्ट्रियल इकोसिस्टम की वकालत की है। ऐसा सिस्टम जो लोकल के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार पैदा कर सके।

एयरपोर्ट से नजदीकी और बेहतरीन कनेक्टिविटी बनेगी ताकत

एलजी ने कहा रि एशिया की सबसे बड़ी प्लांड सब सिटी में से एक होने की वजह से द्वारका इन्वेस्टमेंट के लिए एक टॉप डेस्टिनेशन के रूप में उभरने के लिए सही स्थिति में है। इसकी कनेक्टिविटी इंटरनेशनल एयरपोर्ट से काफी आसान है। यहां मजबूत ट्रांसपोर्ट सिस्टम है। एलजी ने स्पष्ट किया कि द्वारका पूरी तरह विकसित हो चुकी है। इस लिहाज से ये कॉमर्स, हॉस्पिटैलिटी, हेल्थकेयर और टेक्नोलॉजी जैसे अलग अलग-अलग क्षेत्रों में निवेश पाने के लिए पूरी तरह से तैयार है।

प्रदूषण मुक्त उद्योगों और रोजगार पर रहेगा मुख्य फोकस

उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने विशेष रूप से जोर दिया कि द्वारका का औद्योगिक विकास पूरी तरह से स्वच्छ, टिकाऊ और गैर-प्रदूषणकारी होना चाहिए। यहां ऐसे उद्योगों से पूरी तरह दूरी बनाई जाएगी जो उप-शहर की पर्यावरणीय गुणवत्ता से समझौता करते हों।

एफएआर (FAR) मानदंडों की होगी समीक्षा, सिंगल-विंडो सिस्टम पर जोर

इस उच्च स्तरीय बैठक में रीयल एस्टेट, इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट, हॉस्पिटैलिटी और हेल्थकेयर सेक्टर के प्रमुख प्रतिनिधियों के साथ-साथ डीडीए के उपाध्यक्ष, दिल्ली सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों और आईटीपीओ (ITPO) के प्रबंध निदेशक ने हिस्सा लिया। उपराज्यपाल ने उद्योग जगत के रचनात्मक सुझावों की सराहना की और कहा कि उभरती शहरी आवश्यकताओं के अनुरूप फ्लोर एरिया रेशियो (FAR) सहित योजना और विकास मानदंडों की समीक्षा और उन्हें तर्कसंगत बनाने की आवश्यकता है। उद्योग प्रतिनिधियों ने द्वारका और दिल्ली में निवेश के अनुकूल माहौल बनाने के लिए बुनियादी ढांचे में सुधार, अनुसंधान एवं नवाचार सुविधाएं, एक सुव्यवस्थित सिंगल-विंडो क्लीयरेंस मैकेनिज्म और सिंप्लिफाई अप्रूवल्स की व्यवस्था करने का सुझाव दिया।

इसके अलावा नॉलेज-बेस्ड इंडस्ट्रीज, आईटी, आईटीईएस और जीसीसी को प्रोत्साहित करने के साथ यशोभूमि और भारत मंडपम जैसे प्रमुख कन्वेंशन और एग्जीबिशन इंफ्रास्ट्रक्चर का लाभ उठाने पर जोर दिया गया।

TOD पॉलिसी और 5-स्टार होटल

निवेश और विकास को रफ्तार देने के लिए विभिन्न विभागों ने अपनी तैयारियों की जानकारी साझा की। डीडीए के उपाध्यक्ष ने बताया कि भविष्य के निवेश के लिए जमीन उपलब्ध करा दी गई है। हाल ही में उपराज्यपाल के मार्गदर्शन में तैयार की गई ट्रांजिट-ओरिएंटेड डेवलपमेंट (TOD) पॉलिसी के तह टीओडी समिति पात्र परियोजनाओं के लिए सिंगल-पॉइंट और समयबद्ध मंजूरी की सुविधा प्रदान कर रही है। दिल्ली सरकार के अतिरिक्त मुख्य सचिव (उद्योग) ने आश्वासन दिया कि द्वारका और दिल्ली में निवेश के लिए बड़ा ईज ऑफ डूइंग बिजनेस सुधार चल रहा है।

इसके तहत एक नई औद्योगिक नीति तैयार की जा रही है और विभागों के बीच मंजूरी प्रक्रियाओं को इंटिग्रेट किया जा रहा है। दिल्ली सरकार के पर्यटन सचिव ने बताया कि दिल्ली की इवनिंग इकोनॉमी को बढ़ावा देने और पर्यटन को आकर्षित करने के लिए अर्बन डेस्टिनेशन डेवलप किए जा रहे हैं। आईटीपीओ (ITPO) के प्रबंध निदेशक ने कहा कि दिल्ली के हॉस्पिटैलिटी इकोसिस्टम को मजबूत करने के लिए फाइव-स्टार होटल इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास पर विचार किया जा रहा है।

विकसित दिल्ली की ओर बढ़ते कदम

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के दृष्टिकोण को आगे बढ़ाते हुए उपराज्यपाल ने अंत में दोहराया कि प्रशासन एक पारदर्शी, कुशल और निवेशक-अनुकूल इकोसिस्टम को बढ़ावा देने के लिए पूरी तरह केंद्रित है। यह पहल सतत विकास को गति देगी, बड़े पैमाने पर रोजगार पैदा करेगी और दिल्ली के विकसित दिल्ली बनने के सफर को और मजबूत करेगी।

यह भी पढ़ें: Delhi Power Cut 11 July: शनिवार को दिल्ली के इन इलाकों में रहेगा पावर कट, जानें समय और प्रभावित इलाके



from HindiMoneycontrol Top Headlines https://ift.tt/M9szpqh
via