ग्वार पैक पर लगातार तीसरे हफ्ते दबाव कायम है। ग्वार गम का अप्रैल वायदा 10,000 के नीचे फिसला है। वहीं ग्वार सीड अप्रैल वायदा 5200 के नीचे फिसल गए हैं। ग्वार सीड का भाव 3 हफ्तो में करीब 4% गिरा जबकि ग्वार गम का भाव 5% से ज्यादा गिरा है।बता दें कि मांग में गिरावट से कीमतों में पर दबाव कायम है। क्रूड में गिरावट का भी कीमतों पर असर पड़ रहा।
ग्वार गम की चाल पर नजर डाले तो 1 हफ्ते में ग्वार गम की कीमतों में 2 फीसदी की गिरावट देखने को मिला। वहीं 1 महीने में इसमें 4 फीसदी लुढ़का है। जनवरी 2025 में अब तक ग्वार गम में 5 फीसदी टूटा है। वहीं 1 साल में 16 फीसदी का दबाव देखने को मिला।
9 अप्रैल को गुजरात में ग्वार पैक की कीमत 2850-8500 रुपये प्रति क्विंटल के पास रही जबकि महाराष्ट्र में ग्वार पैक की कीमत 3000-7500 रुपये प्रति क्विंटल के पास बनी हुआई है। दिल्ली में ग्वार पैक की कीमत 2000-3000 रुपये प्रति क्विंटल के पास नजर आई। इस बीच राजस्थान में 4750 रुपये प्रति क्विंटल रही है।
ग्वार सीड की चाल पर नजर डालें तो 1 हफ्ते में ग्वार सीड 2 फीसदी लुढ़का जबकि 1 महीने में 3 फीसदी की गिरावट देखने को मिली। जनवरी 2025 में अब तक ग्वार गम में 2 फीसदी टूटा है। वहीं 1 साल में 6 फीसदी का दबाव देखने को मिला।
अशोक इंडस्ट्रीज के CFO राजेंद्र धारीवाल का कहना है कि ग्वार गम में 5500 रुपये के आसपास बिकवाली आई। टैरिफ के चलते बाजार में दबाव बना हुआ है। ग्वार में 5300 रुपये के स्तर के बाद धीरे-धीरे खरीदारी की जा सकती है । जैसे ही 5500 रुपये के आसपास इसमें बिकवाली करनी चाहिए। इसी तरह ग्वार गम में 107-110 रुपये के रेंज में बिकवाली करने की सलाह होगी।
कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट और टैरिफ की मार दोनों ही ग्वार पैक की कीमतों में दिख रही है। नई फसल बाजार में 6 महीने बाद आएगी।
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