Thursday, April 3, 2025

Airport Rules change: फ्लाइट में हैंडबैग में नहीं रख सकते ये दवाई! बदल गए हैं एयरपोर्ट के नियम

Airport New Rules: आमतौर पर यात्री अपने केबिन बैग में दवाइयां और जरूरी सामान लेकर फ्लाइट में लेकर जा सकते हैं। लेकिन नए नियमों के तहत अब कुछ दवाइयों और अन्य सामान ले जाने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। अगर आप अप्रैल में दुबई जाने का प्लान कर रहे हैं तो ये खबर आपके लिए जरूरी है। एयरपोर्ट अथॉरिटी ने दुबई जाने वाले यात्रियों के लिए नए नियम लागू किए हैं।

किन चीजों को नहीं ले जा सकते?

यात्रियों को ध्यान रखना होगा कि कुछ सामान और दवाइयों को अब केबिन बैग या चेक-इन बैगेज में नहीं रखा जा सकता।

1. नशीले पदार्थ और ड्रग्स

कोकीन, हेरोइन और अफीम

पोस्ता बीज और चक्कर आने वाली दवाइयां

2. प्रतिबंधित खाना और वन्यजीव प्रोडक्ट

सुपारी और कुछ प्रकार की जड़ी-बूटियां

हाथी दांत और गैंडे के सींग से बने सामान

तीन-परत वाली मछली पकड़ने वाली जाल

3. प्रतिबंधित साहित्य और कलाकृतियां

छपे हुए लेख, तेल चित्र, फोटोग्राफ और किताबें

पत्थर की मूर्तियां

4. अन्य प्रतिबंधित चीजें

नकली करेंसी और घर का बना खाना

मांसाहारी खाना

अगर कोई यात्री इन प्रतिबंधित वस्तुओं को ले जाता हुआ पाया जाता है, तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।

कुछ चीजें पैसे देकर ले जा सकते हैं

दुबई यात्रा के दौरान कुछ प्रोडक्ट ऐसे हैं, जिन्हें ले जाने के लिए पहले से अनुमति लेनी होगी या शुल्क चुकाना होगा। इनमें शामिल हैं:

पौधे, खाद और दवाइयां

मेडिकल उपकरण और किताबें

कॉस्मेटिक प्रोडक्ट्स और निजी देखभाल प्रोडक्ट

ट्रांसमिशन और वायरलेस डिवाइस

अल्कोहलिक ड्रिंक्स, ई-सिगरेट और इलेक्ट्रॉनिक हुक्के

इन दवाइयों को ले जाना मना है

कुछ दवाइयों को लेकर भी सख्त प्रतिबंध लगाए गए हैं। ये दवाइयां अब यात्रियों को अपने साथ ले जाने की अनुमति नहीं होगी।

बेटामेथोडोल (Betamethodol)

अल्फा-मेथाइलफेनानिल (Alpha-methylphenanil)

कैनाबिस (Cannabis)

कोडोक्साइम (Codoxime)

फेंटानिल (Fentanyl)

पोस्ता स्ट्रॉ कंसंट्रेट (Poppy Straw Concentrate)

मेथाडोन (Methadone)

ऑक्सीकोडोन (Oxycodone)

ट्राइमपेरीडाइन (Trimeperidine)

कैथिनोन (Cathinone)

कोडीन (Codeine)

एम्फेटामाइन (Amphetamine)

फ्लाइट में जाने से पहले चेक कर लें बैग

अगर आप दुबई जाने की योजना बना रहे हैं, तो इन नए नियमों के अनुसार अपने सामान की जांच कर लें। सही जानकारी रखना कानूनी पचड़ों से बचने और अपनी जर्नी आसान बनाने का तरीका है।

PPF अकाउंट होल्डर्स के लिए Good News! नॉमिनी बदलने पर नहीं लगेगा चार्ज



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Waqf Amendment Bill: हाशिए पर गई मुस्लिम महिलाओं को मुख्यधारा में लाएगा वक्फ बिल, जानें- कैसे होगा महिला सशक्तिकरण

Waqf Amendment Bill: राज्यसभा में बीजेपी के एक सदस्य ने वक्फ संशोधन विधेयक को लेकर तमाम तरह की भ्रांतियां फैलाए जाने का आरोप लगाते हुए कहा कि इस बिल के प्रावधानों से देश के गरीब, पसमांदा मुसलमानों और महिलाओं की स्थिति सुधारने में मदद मिलेगी। भारतीय जनता पार्टी के सांसद डॉ. राधामोहन दास अग्रवाल ने कहा कि आज का दिन गरीब, पसमांदा मुसलमान भाइयों, विधवा एवं तलाकशुदा बहनों के लिए एक ऐतिहासिक दिन है जो क्रांतिकारी बदलाव लेकर आया गया है। उन्होंने कहा कि हिंदू समाज ने तमाम बदलाव किए गए हैं। लेकिन मुसलमान समाज में सुधार के लिए कोई कानून संसद में नहीं लाया गया।

दरअसल, पीढ़ियों से वक्फ सामाजिक, आर्थिक सहायता, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा और आजीविका के फाइनेंसिंग का स्तंभ रहा है। फिर भी, यह महिलाओं की उपेक्षा करते आए हैं। इसके कारण उन्हें संसाधनों और निर्णय लेने तक सीमित पहुंच मिल सकी है। वक्फ (संशोधन) विधेयक, 2025 इसे बदलने का प्रयास करता है। यह विधेयक निष्पक्षता और समावेशन पर ध्यान केंद्रित करते हुए मुस्लिम महिलाओं को विरासत में उनके उचित हिस्से को सुरक्षित करने की पेशकश करता है।

महिलाओं के लिए क्या होगा फायदा?

वक्फ संशोधन बिल, 2025 में सबसे महत्वपूर्ण बदलावों में से एक पारिवारिक वक्फ (वक्फ-अलल-औलाद) के अंतर्गत महिलाओं के विरासत के अधिकारों की सुरक्षा है। नए कानून में वक्फ को संपत्ति तभी समर्पित की जा सकती है। जब यह सुनिश्चित हो जाए कि महिला उत्तराधिकारियों को उनके उचित उत्तराधिकार का हिस्सा मिल चुका है। यह प्रावधान उत्तराधिकार कानूनों की अनदेखी से संबंधित लंबे समय से चली आ रही चिंताओं को सीधे तौर पर हल करता है। इनसे अक्सर महिलाओं को नुकसान होता है। धारा 3A(2) को लागू करके विधेयक यह सुनिश्चित करता है कि वक्फ संपत्तियों के निर्माण से पहले महिलाओं को उनके उचित दावों से वंचित न रखा जाए।

यह विधेयक विधवाओं, तलाकशुदा महिलाओं और अनाथों के लिए वित्तीय सहायता को शामिल करने के लिए वक्फ-अलल-औलाद के दायरे का विस्तार करता है। धारा 3(R)(iv) में प्रावधान है कि वक्फ आय का उपयोग अब इन कमजोर समूहों के रखरखाव और कल्याण के लिए किया जा सकता है। इससे इन जरूरतमंदों के लिए आर्थिक सुरक्षा और सामाजिक स्थिरता सुनिश्चित होगी। यह प्रावधान महिलाओं के साथ न्याय (जेंडर जस्टिस) के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को मजबूत करते हुए इस्लामी कल्याण सिद्धांतों के अनुरूप है।

महिलाएं भी होंगी बोर्ड की सदस्य

इस संशोधन में राज्य वक्फ बोर्ड (धारा 14) और केंद्रीय वक्फ परिषद (धारा 9) में दो मुस्लिम महिला सदस्यों को शामिल किए जाने का प्रावधान बरकरार रखा गया है। यह कदम महिलाओं को वक्फ संसाधनों के वितरण और प्रबंधन को प्रभावित करने वाली निर्णय लेने की प्रक्रियाओं में अपनी बात रखने की अनुमति देकर उन्हें सशक्त बनाने के लिए किया गया है।

महिलाओं को मिला कानून हथियार

- इसमें मुस्लिम लड़कियों के लिए छात्रवृत्ति का प्रावधान है।

- महिला उद्यमियों के लिए कौशल विकास और माइक्रोफाइनेंस सहायता मिलेगी।

- उत्तराधिकार विवादों और घरेलू हिंसा के मामलों के लिए कानूनी सहायता दी जाएगी।

जेंडर जस्टिस को बढ़ावा

विधेयक में पेश किए गए सुधारों का उद्देश्य वक्फ बोर्ड में मौजूद ऐतिहासिक असमानताओं को दूर करके महिलाओं के साथ न्याय यानी जेंडर जस्टिस को बढ़ावा देना है। इसके अलावा, यह विधेयक मुस्लिम महिलाओं में आर्थिक स्वतंत्रता को प्रोत्साहित करने के लिए वोकेशनल ट्रेनिंग सेंटर्स और स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) की स्थापना को सुगम बनाता है। इन पहलों से महिलाओं को स्वास्थ्य सेवा, उद्यमिता और फैशन डिजाइन सहित विभिन्न क्षेत्रों में कौशल हासिल करने में मदद मिलेगी। इससे उनकी रोजगार क्षमता और आत्मनिर्भरता बढ़ेगी।

नया विधेयक वक्फ मैनेजमेंट में डिजिटाइजेशन की शुरुआत करता है, जो भ्रष्टाचार और कुप्रबंधन को रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। वक्फ रिकॉर्ड का डिजिटलीकरण बेहतर निगरानी सुनिश्चित करता है। इससे धन का दुरुपयोग होना या लाभार्थियों के स्थान पर अन्य को भेजा जाना मुश्किल हो जाता है। यह बढ़ी हुई पारदर्शिता महिलाओं के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण है। यह इस बात की गारंटी देती है कि निर्धारित वित्तीय संसाधन उनके उत्थान के लिए हैं। उनका उपयोग प्रभावी ढंग से किया जाता है।

वक्फ बिल यह सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है कि वक्फ समाज कल्याण और न्याय के साधन के रूप में सेवा प्रदान करने के अपने वास्तविक उद्देश्य को पूरा करे। यह उत्तराधिकार के अधिकार को सुरक्षित करेगा। साथ ही विधवाओं और तलाकशुदा महिलाओं को वित्तीय सहायता प्रदान करेगा।

ये भी पढ़ें- Waqf Amendment Bill: वक्फ बिल पर राज्यसभा में तीखी बहस, अमित शाह की विपक्ष से अपील- 'सदन में गलत जानकारी ना दे'

वहीं, शासन में प्रतिनिधित्व बढ़ाकर और आर्थिक सशक्तीकरण को बढ़ावा देगा। यह विधेयक वक्फ एडमिनिस्ट्रेशनन में दीर्घकालिक महिला-पुरुष समानता की नींव रखता है। जैसे-जैसे ये सुधार आकार लेंगे, वे मुस्लिम महिलाओं के लिए नए अवसरों के द्वार खोलने का वादा करेंगे। यह बिल सुनिश्चित करेंगे कि वक्फ आने वाले वर्षों में उनकी प्रगति और सशक्तिकरण का माध्यम बना रहे।



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Wednesday, April 2, 2025

Income tax: इनकम टैक्स की नई रीजीम में आसान है टैक्स का कैलकुलेशन, जानिए कितना बनेगा आपका टैक्स

इनकम टैक्स की नई रीजीम से जुड़े नए नियम 1 अप्रैल से लागू हो गए हैं। वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने 1 फरवरी, 2025 को नई रीजीम में सालाना 12 लाख रुपये तक की इनकम टैक्स-फ्री करने का ऐलान किया था। उन्होंने कहा था कि नौकरी करने वाले लोगों को सालाना 12.75 लाख रुपये तक की इनकम पर टैक्स नहीं चुकाना होगा। इस ऐलान ने करोड़ों टैक्सपेयर्स को खुश कर दिया था। दरअसल, नई रीजीम में इंडिविजुअल टैक्सपेयर्स की दिलचस्पी बढ़ी है। इसकी वजह यह है कि इसका स्ट्रक्चर काफी आसान है। वित्तमंत्री ने 1 फरवरी को पेश बजट में इसके टैक्स स्लैब में भी बदलाव किया था, जिससे टैक्सपेयर्स के लिए काफी फायदेमंद हो गया है।

नई रीजीम में सिर्फ दो डिडक्शन मिलते हैं

अगर आप इनकम टैक्स की नई रीजीम (Income Tax new regime) का इस्तेमाल करते हैं तो आप आसानी से अपनी इनकम पर टैक्स का कैलकुलेशन कर सकते हैं। इसके लिए आपको कुछ बातों का ध्यान रखना होगा। पहला, यह जान लेना जरूरी है कि नई रीजीम में सिर्फ दो तरह का डिडक्शन मिलता है। पहला, 75,000 रुपये का स्टैंडर्ड डिक्शन। दूसरा, इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 80CCD(2) के तहत एंप्लॉयर के एनपीएस में कंट्रिब्यूशन पर डिडक्शन। इस सेक्शन के तहत एंप्लॉयर एंप्लॉयी के एनपीएस अकाउंट में बेसिक सैलरी (प्लस डीए) का 14 फीसदी तक कंट्रिब्यूशन कर सकता है।

ग्रॉस इनकम से डिडक्शन के बाद टैक्सबेल इनकम

मान लीजिए आप नौकरी करते हैं और आपकी सालाना इनकम 20 लाख रुपये है। हम यह भी मान लेते हैं कि आपका एंप्लॉयर आपके एनपीएस अकाउंट में कोई कंट्रिब्यूशन नहीं करता है। ऐसी स्थिति में आपको सिर्फ 75,000 रुपये के स्टैंडर्ड डिडक्शन का फायदा मिलेगा। इनकम टैक्स की ओल्ड रीजीम में अब भी सिर्फ 50,000 रुपये का स्टैंडर्ड डिडक्शन मिलता है। नई रीजीम को अट्रैक्टिव बनाने के लिए सरकार ने इसमें स्टैंडर्ड डिडक्शन बढ़ाकर 75,000 कर दिया है।

पहले 4 लाख रुपये पर नहीं लगेगा टैक्स

अब नई रीजीम के नए टैक्स स्लैब के बारे में जान लेना जरूरी है। इसमें 4 लाख रुपये की इनकम पर टैक्स जीरो है। 4 लाख से 8 लाख रुपये की इनकम पर 5 फीसदी टैक्स लगता है। 8 से 12 लाख रुपये की इनकम पर टैक्स 10 फीसदी, 12 से 16 लाख रुपये पर टैक्स 15 फीसदी, 16 से 20 लाख रुपये की इनकम पर टैक्स 20 फीसदी, 20 से 24 लाख रुपये की इनकम पर टैक्स 25 फीसदी और 24 लाख रुपये से ज्यादा इनकम पर 30 फीसदी टैक्स लगता है।

tax new regime

बाद की इनकम पर ऐसे करें टैक्स का कैलकुलेशन

आपको सबसे पहले अपनी 20 लाख रुपये की सैलरी से 75,000 रुपये घटाने होंगे। इसके बाद आपकी टैक्सेबल इनकम 19.25 लाख रुपये होगी। अब आपकी इनकम के पहले 4 लाख रुपये पर जीरो टैक्स लगेगा। 4 से 8 लाख रुपये की इनकम पर 5 फीसदी के हिसाब से 20,000 रुपये टैक्स लगेगा। आपकी 8 से 12 लाख रुपये की इनकम पर 10 फीसदी टैक्स लगेगा। इस हिसाब से इस 4 लाख रुपये की इनकम पर 10 फीसदी के रेट से आपका टैक्स 40,000 रुपये होगा। फिर, 12 से 16 लाख रुपये की इनकम पर टैक्स का रेट 15 फीसदी है। इस हिसाब से इस 4 लाख रुपये पर आपका टैक्स 60,000 रुपये बनेगा। 16 से 20 लाख रुपये की इनकम पर टैक्स 20 फीसदी है। इस हिसाब से आपकी बची हुई 3.25 लाख रुपये की इनकम पर 20 फीसदी के हिसाब से 65,000 रुपये टैक्स बनेगा।

यह भी पढ़ें: Income Tax old regime Vs New regime: आपके लिए नई और पुरानी रीजीम में से कौन सी है बेस्ट?

कुल टैक्स में सेस भी जोड़ना होगा

इस तरह आपका कुल टैक्स 1.85 लाख रुपये (20,000+40,000+60,000+65,000) बनेगा। इस टैक्स पर आपको 4 फीसदी सेस भी देना होगा। यह 7,400 रुपये होगा। इसे जोड़ने के बाद आपका कुल टैक्स 1,92,400 रुपये होगा। यह सिर्फ एक उदाहरण है। इस उदाहरण के आधार पर आप अपनी इनकम पर टैक्स का कैलकुलेशन आसानी से कर सकते हैं। आपको सिर्फ टैक्स स्लैब का ध्यान रखना है। अगर किसी टैक्सपेयर्स की सैलरी 23 लाख रुपये है तो उसे 20 से 24 लाख पर 25 फीसदी टैक्स के हिसाब से भी टैक्स का कैलकुलेशन करना होगा।



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Market outlook : बढ़त के साथ बंद हुआ बाजार, जानिए आगे कैसी रह सकती है इसकी चाल

Market trend : भारतीय इक्विटी इंडेक्स 2 अप्रैल को बढ़त के साथ बंद हुए हैं। निफ्टी 23,300 से ऊपर पहुंच गया है। कारोबार के अंत में सेंसेक्स 592.93 अंक या 0.78 फीसदी बढ़कर 76,617.44 पर और निफ्टी 166.65 अंक या 0.72 फीसदी बढ़कर 23,332.35 पर बंद हुआ। आज लगभग 2755 शेयरों में तेजी आई, 1049 शेयरों में गिरावट आई और 130 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ। सभी सेक्टोरल इंडेक्स हरे निशान पर बंद हुए, जिनमें FMCG, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, रियल्टी में 1-3 फीसदी की तेजी आई। BSE मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्सों में लगभग 1 फीसदी की तेजी आई।

टाटा कंज्यूमर, जोमैटो, टाइटन कंपनी, इंडसइंड बैंक, मारुति सुजुकी निफ्टी के टॉप गेनरों में रहे, जबकि भारत इलेक्ट्रॉनिक्स, अल्ट्राटेक सीमेंट, नेस्ले इंडिया, पावर ग्रिड कॉर्प और एलएंडटी में गिरावट दर्ज की गई।

ट्रस्ट म्यूचुअल फंड के CEO संदीप बागला ने मनीकंट्रोल से बातचीत में कहा कि ट्रंप की टैरिफ योजनाओं के बाद ग्लोबल ट्रेड की पूरी संरचना बदल सकती है और बाजारों इसके असर को पचाने में कुछ समय लगा सकता। हमें इंतजार करना होगा और देखना होगा कि ट्रंप की टैरिफ योजनाओं की रूपरेखा क्या होती है। अगर बाजार को इन नीतियों से निराशा होती है तो हमें गिरावट दिखेगी। ऐसा नहीं लगता कि टैरिफ की कहानी अभी बाजारों पर पूरी तरह से अपना असर दिखा पाई है। अभी इस पूरा असर दिखना बाकी है।

आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज ने अपने एक नोट में कहा है कि पिछले पांच महीनों में 16 फीसदी की तेज गिरावट के बाद बाजार की धारणा और मोमेंटम इंडीकेटर मंदी के सबसे निचले स्तर से उबर चुके। यहां से आने वाले किसी भी पुलबैक को एक हेल्दी रिट्रेसमेंट माना जाना चाहिए। इससे इंडेक्स को 22,800 के आसपास एक हाई बेस बनाने में मदद मिलेगी। इस बात को ध्यान में रखते हुए मध्यम अवधि के नजरिए से क्वालिटी शेयरों को एक्युमुलेट करने पर फोकस करना चाहिए।

एंजेल वन के समीत चव्हाण का कहना है कि कल की गिरावट के साथ निफ्टी ने अपनी हालिया तेजी का 38.2 फीसदी वापस हासिल कर लिया है और अब 23,100 के आसपास सपोर्ट ले रहा है जो 20 DEMA और 50 DEMA भी है। इस स्तर को बचाए रखना जरूरी होगा। यदि यह सपोर्ट टूट जाता है तो निफ्टी 23,000-22,900 की ओर गिर सकता है।

Trump tariff : रेसिप्रोकल टैरिफ से निपटने के लिए ठोस प्लान तैयार, आपदा में भी दिख रहे अवसर - सूत्र

उन्होने आगे कहा कि मार्च की बुलिश कैंडल को देखते हुए, गिरावट पर खरीदारी की रणनीति की सिफारिश की गई थी। बाजार में तेजी के लिए निफ्टी को 89 DEMA से ऊपर यानी 23,350 के पार बंद होने की जरूरत है। इसके बाद निफ्टी कल के हाई 23,600 के ऊपर जाता दिख सकता है। ट्रेडरों को इन स्तरों पर बारीकी से नज़र रखनी चाहिए और इसके मुताबिक ही अपने ट्रेड की योजना बनानी चाहिए। वर्तमान में दिख रही जियो पोलिटिकल अनिश्चितताओं और ग्लोबल वोलैटिलिटी को देखते हुए सतर्क रहने और आत्मसंतुष्टि से बचने की सलाह दी जाती है।

 

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Gainers & Losers: Tata Conusmer और Nestle समेत इन 10 शेयरों में तेज उठा-पटक, इन 10 स्टॉक्स से बना तगड़ा पैसा

Gainers & Losers: आज 2 अप्रैल को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप रेसिप्रोकल यानी जैसे को तैसा टैक्स को लेकर बड़ा ऐलान करने वाले हैं। उससे पहले आज वैश्विक मार्केट से मिले-जुले रुझानों के बीच घरेलू मार्केट में खरीदारी का माहौल दिखा। हर सेक्टर का निफ्टी इंडेक्स आज ग्रीन है। खरीदारी के इस माहौल में दिन के आखिरी में आज बीएसई सेंसेक्स (BSE Sensex) 592.93 प्वाइंट्स यानी 0.78% उछलकर 76617.44 तो निफ्टी 50 (Nifty 50) 0.72% यानी 166.65 प्वाइंट्स की तेजी के साथ 23332.35 पर बंद हुआ है। अब आज इंडिविजुअल स्टॉक्स की बात करें तो कुछ शेयरों में अपनी खास एक्टिविटी के चलते तेज हलचल रही। यहां इन शेयरों के बारे में उतार-चढ़ाव की वजह सहित डिटेल्स दी जा रही है।

इन शेयरों में आई जोरदार तेजी

NBCC (India) । मौजूदा भाव: ₹82.88 (+1.54%)

एनबीसी को दो प्रोजेक्ट मैनेजमेंट कंसल्टेंसी कॉन्ट्रैक्ट कुल ₹215.63 करोड़ के मिले तो शेयर भी इंट्रा-डे में 1.94% उछलकर ₹83.20 पर पहुंच गए। इसमें से एक कॉन्ट्रैक्ट ₹166.93 का है जो सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ हरियाणा में इंफ्रा डेवलपमेंट का है तो दूसरा कॉन्ट्रैक्ट ₹48.70 करोड़ का है जिसमें मुंबई में वेस्टर्न रीजनल पावर कमेटी ऑफिस में डेमोलिशन और कंस्ट्रक्शन का काम करना है।

Baazar Style । मौजूदा भाव: ₹312.40 (+19.99%)

मार्च तिमाही में बाजार स्टाइल का रेवेन्यू सालाना आधार पर 55% बढ़कर ₹345.6 करोड़ पर पहुंच गया। इसके अलावा कंपनी के स्टोर्स की संख्या भी 214 पर पहुंच गई और अगले दो साल में सालाना 50 स्टोर्स खोलने की योजना भी है। कंपनी का प्रति स्क्वॉयर फीट सेल्स 19% चढ़कर हर महीने ₹679 पर पहुंच गया। इसके चलते शेयर इंट्रा-डे में 20% उछलकर ₹312.40 के अपर सर्किट पर पहुंच गए जो इसके शेयर के लिए दो महीने का हाई है।

V2 Retail । मौजूदा भाव: ₹1799.00 (+4.76%)

वी2 रिटेल का मार्च तिमाही में रेवेन्यू सालाना आधार पर 69% उछलकर ₹499 करोड़ पर पहुंच गया। इसके अलावा सेम स्टोर सेल्स ग्रोथ (SSG) भी 24% उछल गया तो प्रति स्क्वॉयर फीट सेल्स भी ₹830 करोड़ से बढ़कर ₹896 करोड़ पर पहुंच गई। इसके चलते चलते शेयर भी इंट्रा-डे में 5% उछलकर ₹1803.05 पर पहुंच गए।

PVR INOX । मौजूदा भाव: ₹967.70 (+0.45%)

पीवीआर आईनॉक्स बेंगलुरु और गुरुग्राम के सिनेमा लोकेशंस के लिए लिक्वर लाइसेंस हासिल करने की कोशिश में है। इसके चलते शेयर भी इंट्रा-डे में 0.83% उछलकर ₹971.30 पर पहुंच गए।

CSL Finance । मौजूदा भाव: ₹276.00 (+4.45%)

सीएसएल फाइनेंस ने खुलासा किया कि वित्त वर्ष 2025 में इसका एयूएम सालाना आधार पर 16% बढ़कर ₹1197 करोड़ पर पहुंच गया तो शेयर भी रॉकेट की स्पीड से इंट्रा-डे में 4.45% उछलकर ₹276.00 पर पहुंच गया। इसके अलावा कंपनी ने अपने नेटवर्क से साउथ इंडियन बैंक, केनरा बैंक, बैंक ऑफ महाराष्ट्र, बजाज फाइनेंस और उज्जीवन स्मॉल फाइनेंस बैंक समेत 10 और लेंडर्स से जोड़े हैं और अब इसके नेटवर्क में 30 लेंडर्स हो गए हैं।

Refex Renewables & Infra । मौजूदा भाव: ₹655.00 (+6.70%)

रिफेक्स रिन्यूएबल्स एंड इंफ्रास्ट्रक्चर को पीपीपी मोड में सलेम सिटी म्यूनिसिपल कॉरपोरेशन से 200 टीपीडी म्यूनिसिपल सॉलिड वेस्ट बेस्ड बॉयो-सीएनजी प्लांट लगाने का ऑर्डर मिला तो शेयर इंट्रा-डे में 8.22% उछलकर ₹664.30 पर पहुंच गए। इस प्रोजेक्ट की लागत ₹65.07 करोड़ है।

Tata Consumer । मौजूदा भाव: ₹1060.00 (+6.87%)

गोल्डमैन ने टाटा कंज्यूमर की रेटिंग न्यूट्रल से अपग्रेड कर खरीदारी कर दी और टारगेट प्राइस भी ₹1040 से बढ़ाकर ₹1200 कर दिया तो शेयर भी आज इंट्रा-डे में 8.23% उछलकर ₹1073.55 पर पहुंच गए।

इन शेयरों पर दिखा दबाव

BEL । मौजूदा भाव: ₹282.40 (-3.34%)

वित्त वर्ष 2025 में भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (BEL) ने ₹18,715 करोड़ के ऑर्डर्स हासिल किए जबकि लक्ष्य ₹25000 करोड़ का था। इसके चलते कंपनी के शेयर लगातार दो दिन में करीब 9% टूट गए। आज की बात करें तो इंट्रा-डे में यह 6.04% टूटकर ₹274.50 पर आ गया। हालांकि वित्त वर्ष 2025 में कंपनी का रेवेन्यू 16% बढ़कर ₹23,000 करोड़ पर पहुंच गया जोकि 15% के अनुमान से अधिक रहा। इसके अलावा निर्यात बिक्री भी 14% बढ़कर $10.6 करोड़ पर पहुंच गई। कंपनी का टोटल ऑर्डर बुक ₹71,650 करोड़ का है जिसमें $35.9 करोड़ के ऑर्डर्स निर्यात के हैं।

AGS Transact Tech । मौजूदा भाव: ₹8.00 (-4.99%)

वित्तीय दिक्कतों के चलते गंभीर कारोबारी परिस्थिति से गुजर रही एजीएस ट्रांजैक्ट टेक्नोलॉजीज ने सीएफओ सौरभ लाल के साथ-साथ एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर्स Stanley Johnson Panacherry और विनायक आर गोयल के इस्तीफे का ऐलान किया है। टॉप लेवल पर इन इस्तीफों ने शेयरों पर दबाव बनाया और इंट्रा-डे में यह 4.99% टूटकर ₹8.00 पर आ गया। कंपनी इस समय एटीएम के न चलने और लोन डिफॉल्ट से जूझ रही है। इस पर बैंकों का ₹592 करोड़ से अधिक बकाया है और ऑपरेशनल क्रेडिटर ने कंपनी के खिलाफ दिवालिया याचिका भी दायर कर दी है।

Nestle India । मौजूदा भाव: ₹2211.05 (-0.94%)

बोफा सिक्योरिटीज ने नेस्ले इंडिया की रेटिंग डाउनग्रेड की तो शेयर भी आज इंट्रा-डे में 3.68% टूटकर ₹2150.00 पर आ गए। बोफा सिक्योरिटीज ने इसकी रेटिंग को डाउनग्रेड कर अंडरपरफॉर्म कर दिया है और टारगेट प्राइस घटाकर ₹2140 कर दिया है। आज यह सेंसेक्स का टॉप लूजर है।

(सभी स्टॉक्स के भाव भाव बीएसई से)

BEL Shares: दो दिन में 8% की गिरावट, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स में इस कारण बिकवाली, शेयर बेच दें या बने रहें?

दो ही दिन में 2230% रिटर्न, इस अमेरिकी कंपनी ने मचाई खलबली, बड़े-बड़े दिग्गज छूटे पीछे

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Karnataka: पहले सास, बेटी और साली की ली जान, फिर कर ली आत्महत्या! 2 साल से अलग रह रही थी बीवी, गुस्से में शख्स ने उठाया ये कदम

कर्नाटक के चिकमंगलूर में एक हत्या और आत्महत्या की घटना सामने आई, जहां एक व्यक्ति ने कथित तौर पर अपनी सास, बेटी और साली की गोली मारकर हत्या कर दी, साली के पति को घायल कर दिया और फिर खुद भी जान दे दी। यह घटना मंगलवार रात चिकमंगलूर के बालेहोन्नूर में हुई, जब 40 साल की रत्नाकर गौड़ा का अपनी सास के साथ उसके घर पर विवाद हो गया था। विवाद के बाद उसने कथित तौर पर तीनों को गोली मार दी।

मृतकों की पहचान रत्नाकर की 50 साल की सास ज्योति, उसकी 24 साल की साली सिंधु और उसकी छह साल की बेटी मौल्या के रूप में हुई है। 38 साल का घायल अविनाश का स्थानीय अस्पताल में इलाज चल रहा है और उसकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है।

पुलिस के अनुसार, रत्नाकर और उनकी पत्नी स्वाति की शादी को आठ साल हो चुके थे और उनकी एक बेटी भी थी। हालांकि, चल रहे मतभेदों के कारण दंपति दो साल से अलग रह रहे थे, जिसके कारण रत्नाकर को काफी परेशानी हो रही थी। स्वाति काम के लिए मंगलुरु चली गई थी, जबकि रत्नाकर एक स्थानीय स्कूल में बस ड्राइवर का काम करता था।

पुलिस ने बताया कि स्वाति इस भयानक हत्या के समय मौजूद नहीं थी, क्योंकि वह उगादी के बाद के उत्सवों के लिए मंगलुरु से नहीं आई थी। रत्नाकर ने कथित तौर पर अपनी सास से झगड़े के बाद ये हत्याएं कीं, फिर उसी SBBL बंदूक से खुद की जान ले ली।

चौंकाने वाली बात यह है कि रत्नाकर ने इस घटना को अंजाम देने से पहले WhatsApp पर एक वीडियो भी पोस्ट किया था, जिसमें उसने इसे सही ठहराने की कोशिश की थी।

वीडियो में उसने कहा: मेरे प्यारे दोस्तों, परिवार के सदस्यों, मेरी बहन, जीजाजी, मैं कहना चाहता हूं कि मैंने अपना फैसला कर लिया है। मेरी पत्नी ने मुझे धोखा दिया और दो साल पहले मुझे छोड़ दिया। उसने अपनी बेटी को भी छोड़ दिया, जिसकी देखभाल मैं कर रहा था। मेरा जीवन, मेरी खुशियां, उसका प्यार - सब कुछ चला गया। मेरी बेटी के साथ पढ़ने वाले बच्चे उससे पूछते रहते हैं कि उसकी मां कहां है। उसने एक बार मेरी जानकारी के बिना एक एल्बम से एक फोटो ली और अपनी मां की फोटो अपने सहपाठियों को दिखाई। जब उससे बार-बार उसकी मां के बारे में पूछा जाता है, तो उसे बहुत बुरा लगता है।"

बालेहोन्नूर पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर लिया है, साथ ही फायरआर्म एक्ट के तहत भी मामला दर्ज कर लिया है और इस दुखद हत्या-आत्महत्या से जुड़ी परिस्थितियों की जांच कर रही है।

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Tuesday, April 1, 2025

क्या ₹4 तक गिर जाएगा Vodafone Idea का शेयर? IIFL Securities ने सरकारी राहत को बताया नाकाफी

Vodafone Idea Share Price: कर्ज में डूबी टेलीकॉम कंपनी Vodafone Idea (Vi) के शेयरों में मंगलवार को 20% का अपर सर्किट लगा। सरकार ने कंपनी के बकाया स्पेक्ट्रम बकाया को इक्विटी में बदलने का फैसला किया है, जिसके चलते शेयरों में तेजी आई है। इस फैसले के बाद सरकार Vi की सबसे बड़ी शेयरधारक बन गई है।

सरकार के फैसले से क्या बदलेगा?

सरकार ने Vi के ₹37,000 करोड़ के स्पेक्ट्रम बकाया को इक्विटी में बदलने की मंजूरी दी है। इससे सरकार की हिस्सेदारी 22.6% से बढ़कर 49% हो जाएगी। इससे FY26-FY28 के दौरान वोडाफोन आइडिया की वित्तीय देनदारी ₹40,000-₹75,000 करोड़ तक हो सकती है।

शेयरधारकों के लिए चिंता की बात?

ब्रोकरेज फर्म IIFL Securities का कहना है कि सरकार का यह फैसला Vi को निकट अवधि में नकदी राहत देगा। लेकिन, इससे कंपनी की वित्तीय समस्या पूरी तरह हल नहीं होंगी। हालांकि, सरकारी समर्थन के चलते कंपनी को ₹25,000 करोड़ का कर्ज मिल सकता है, जिसके लिए वह काफी समय से कोशिश कर रही है।

IIFL Securities का मानना है कि Vodafone Idea टेलीकॉम सेक्टर में तीसरे ही नंबर पर बनी रहेगी। हालांकि, सरकारी समर्थन से कंपनी का वजूद मध्यम अवधि तक सुरक्षित रहेगा। इस फैसले का Indus Towers पर पॉजिटिव असर हो सकता है, जब तक कि Vi की रेवेन्यू मार्केट शेयर (RMS) 15% से नीचे नहीं गिरता।

सरकार की हिस्सेदारी 81% तक जा सकती है?

विश्लेषकों का कहना है कि Vi का मुफ्त नकदी प्रवाह (Free Cash Flow) अभी भी सरकारी देनदारियों को कवर करने के लिए पर्याप्त नहीं है। आने वाले समय में सरकारी हिस्सेदारी और बढ़ सकती है। अगर सरकार सभी बकाया रकम को इक्विटी में बदलती है, तो उसकी हिस्सेदारी 81% तक पहुंच सकती है।

इससे मौजूदा निवेशकों के लिए संभावित मुनाफा सीमित हो सकता है। वहीं, Jio और Bharti Airtel बाजार हिस्सेदारी बढ़ाते रहेंगे। IIFL Securities ने भारती एयरटेल और Hexacom को टेलीकॉम सेक्टर में अपनी टॉप पिक बताया है।

वोडाफोन आइडिया का टारगेट प्राइस

IIFL Securities ने Vodafone Idea पर 'Reduce' रेटिंग बरकरार रखी है। उसने वोडाफोन आइडिया के लिए ₹4 का टारगेट प्राइस दिया है। यह मंगलवार के बंद भाव ₹8.17 से 51% कम है।

वोडाफोन आइडिया के लिए आगे की राह भी काफी मुश्किल है। Vi पर सरकार का भारी बकाया है, जिसे उसे अगले तीन साल में चुकाना है।

  • FY26: ₹18,600 करोड़
  • FY27: ₹23,600 करोड़
  • FY28: ₹33,100 करोड़

वोडाफोन आइडिया पर एनालिस्टों की राय

Vodafone Idea पर 21 विश्लेषकों में से 11 ने 'Sell', 5 ने 'Buy', और 5 ने 'Hold' रेटिंग दी है। वहीं, Indus Towers पर 24 विश्लेषकों में से 13 ने 'Buy', 6 ने 'Hold', और 5 ने 'Sell' रेटिंग दी है।

वोडाफोन आइडिया के शेयरों का हाल

वोडाफोन आइडिया को सरकार से मिली राहत से निवेशक काफी उत्साहित हैं। आज यानी मंगलवार (1 अप्रैल) को इंट्राडे में वोडाफोन आइडिया के शेयर ₹8.56 के उच्चतम स्तर पर पहुंच गए थे। बाद में इसमें थोड़ी मुनाफावसूली हुई और यह 20.15% की तेजी के साथ ₹8.17 पर बंद हुए।

Indus Towers के शेयर भी 5.37% की बढ़त के साथ ₹352.22 पर बंद हुए। इसने इंट्राडे में ₹360.90 का स्तर छुआ।

यह भी पढ़ें : Relief for Voda Idea: Vi पर सरकार की लाइफलाइन से कई ब्रोकर्स उत्साहित, स्टॉक पर 120% तक बढ़ाया टारगेट

डिस्क्लेमर: (यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना हेतु दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।)



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