इंश्योरेंस कंपनियों (Insurance Companies) के म्यूचुअल फंड्स (Mutual Funds) की स्कीमें बेचने से इनवेस्टर्स को इनवेस्टमेंट के ज्यादा ऑप्शंस उपलब्ध होंगे। साथ ही इससे डिस्ट्रिब्यूटर्स पर कंप्लॉयंस का बोझ बढ़ जाएगा। हाल में एक इंटरव्यू में इंश्योरेंस रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (IRDAI) के चेयरमैन देबाशीष पांडा ने इश्योंरेस कंपनियों के म्यूचुअल फंड्स बेचने के प्रस्ताव का समर्थन किया था। इससे पहले फाइनेंस मिनिस्ट्री एक प्रस्ताव तैयार किया था, जिसमें बीमा कंपनियों को म्यूचुअल फंड सहित कई तरह के फाइनेंशियल प्रोडक्ट्स बेचने की इजाजत देने की बात कही गई थी। इनवेस्टर्स को ऐसे होगा फायदा एक्सपर्ट्स का कहना है कि लोगों के पोर्टफोलियो में लाइफ इंश्योरेंस और म्यूचुअल फंड दोनों होना जरूरी है। एमएफ का मकसद इनवेस्टर्स के फाइनेंशियल गोल को पूरा करना है। लाइफ इंश्योरेंस फाइनेंशियल सिक्योरिटी देने का काम करता है। लाइफ इंश्योरेंस कंपनी एविवा इंडिया के सीईओ एवं एमडी असित रथ ने कहा कि एक अच्छा फाइनेंशियल प्लानर सिर्फ फाइनेंशियल गोल पूरे करने का रास्ता नहीं बताएगा बल्कि वह फाइनेंशियल सिक्योरिटी के उपाय करने की भी सलाह देगा। यह भी पढ़ें : दुनिया के सबसे अमीर शख्स बर्नार्ड अर्नाल्ट की संपत्ति सिर्फ एक दिन में 11 अरब डॉलर घटी, जानिए क्या है इसकी वजह फाइनेंशियल इनक्लूजन में मिलेगी मदद उन्होंने कहा कि लाइफ इंश्योरेंस डिस्ट्रिब्यूटर्स को अगर दूसरे फाइनेंशिय प्रोडक्ट्स के डिस्ट्रिब्यूशन की भी इजाजत मिल जाती है तो इससे आबादी के बड़े हिस्से को फाइनेंशियल सर्विसेज के दायरे में लाने में मदद मिलेगी। इंश्योरेंस कंपनियों के जरिए म्यूचुअल फंड्स की उपलब्धता बढ़ जाएगी। इससे लोगों को निवेश के ज्यादा ऑप्शंस मिलेंगे। अभी लोगों को अपनी फाइनेंशियल जरूरतें पूरी करने के लिए कई तरह की कंपनियों के पास जाना पड़ता है। IRDAI के इस कदम से लोगों को वन-स्टॉप सॉल्यूशन मिलेगा। इनवेस्टर्स के लिए बढ़ेगी सुविधा IndiaFirst Life Insurance के एमडी एवं सीईओ आरएम विशाखा ने कहा कि अगर आप इसे ओवरऑल फाइनेंशियल प्लानिंग के नजरिए से देखें तो इससे इनवेस्टर्स को ल़ॉन्ग टर्म, मीडियम टर्म और शॉर्ट टर्म फाइनेंशियल रिक्वायरमेंट पूरे करने में मदद मिलेगी। बजाज कैपिटल के ज्वाइंट चैयरमैन एंव एमडी संजीव बजाज ने कहा कि एक ही जगह इंश्योरेंस और इनवेस्टमेंट प्रोडक्ट्स उपलब्ध होने से लोगों को काफी सुविधा होगी। कंपनियां लॉन्च कर चुकी हैं इनोवेटिव प्रोडक्ट्स इंश्योरेंस कंपनियों के लिए म्यूचुअल फंड्स जैसे प्रोडक्ट्स और एसेट मैनेजमेंट कंपनियों के लिए इंश्योरेंस पॉलिसीज पेश करना नई बात नहीं है। अब भी इंश्योरेंस कंपनियों को ऐसी स्कीमें लॉन्च करने की इजाजत है, जो रेगुलर म्यूचुअल फंड जैसे पोर्टफोलियो में निवेश करती हैं। उदाहरण के लिए बजाज आलियांज लाइफ ने हाल में यूनिट-लिंक्ड इंश्योरेंस प्लान (ULIP) सेगमेंट में इंडिया का पहला स्मॉलकैप फंड लॉन्च किया है। दूसरी तरफ, निप्पॉन इंडिया, आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल और आदित्य बिड़ला सन लाइफ ने SIP के रास्ते निवेश करने पर लाइफ इंश्योरेंस के एड-ऑन बेनेफिट ऑफर किए थे।
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