हेल्थ इंश्योरेंस कंपनी Niva Bupa ने 23 फरवरी को हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी ReAssure 2.0 लॉन्च की है। इसकी दो बड़ी खासियतें इसे दूसरी हेल्थ पॉलिसीज से अलग करती हैं। पहला, इस्तेमाल नहीं किया गया सम इनश्योर्ड कैरी फॉरवर्ड हो जाएगा। दूसरा, रिन्यूएल प्रीमियम अमाउंट में एंट्री एज और क्लेम-फ्री पीरियड का ध्यान रखा जाएगा। अभी मार्केट में मौजूद ReAssure प्रोडक्ट में ये खासियतें नहीं हैं। नए प्रोडक्ट्स के दो वेरिएंट्स हैं-प्लैटिनम+ और टाइटेनियम+। आइए इनकी दूसरी खासियतों के बारे में विस्तार से जानते हैं। कितना है प्रीमियम? प्लैटिनम प्लस वैरिएंट में अगर 40 साल का कोई व्यक्ति 10 लाख रुपये कवर की पॉलिसी खरीदता है तो उसका प्रीमियम 11,000 रुपये आएगा। इसमें जीएसटी शामिल नहीं है। आम तौर पर क्लेम के एक्सपीरियंस के आधार पर हेल्थ इंश्योरेंस का रिन्यूएल प्रीमियम बढ़ता है। इसमें हेल्थकेयर इनफ्लेशन और आपके एज-बैंड का भी ध्यान रखा जाता है। 'लॉक द क्लॉक' फीचर क्या है इस पॉलिसी में 'लॉक द क्लॉक' फीचर है। इसकी वजह से जिस उम्र में ग्राहक पॉलिसी खरीदता है वह तब तक लॉक हो जाता है जब तक ग्राहक पहला क्लेम नहीं करता है। इसे एक उदाहरण की मदद से समझ सकते हैं। अगर आप 35 साल की उम्र में पॉलिसी खरीदते हैं तो इस बैंड पर लागू होने वाला एनुअल प्रीमियम तब तक नहीं बदलेगा, जब तक आप पहला क्लेम नहीं करते हैं। यह भी पढ़ें : FY2020 का अपडेटेट ITR फाइल करने की अंतिम तारीख है 31 मार्च, जानिए ITR फाइल नहीं करने पर क्या होगा कब बदलेगा प्रीमियम अमाउंट? मान लीजिए आप जब पहला क्लेम करते हैं तब आपकी उम्र 45 साल है तो इसका मतलब है कि आपने दस साल तक वह प्रीमियम अमाउंट चुकाया है जो 35 साल के ग्राहक के लिए लागू होता है। एक बार जब क्लेम कर देते हैं तो उस वक्त की आपकी उम्र पर लागू होना वाला प्रीमियम आपको देना होगा। सम एश्योर्ड कैरी फॉरवर्ड करने की भी सुविधा इस प्रोडक्ट के बूस्टर प्लस वेरिएंट में पॉलिसीहोल्डर का इस्तेमाल नहीं किया गया बेस सम एश्योर्ड नेक्स्ट पॉलिसी ईयर में कैरी फॉरवर्ड हो जाता है। मैक्सिमम एक्युमुलेटेड सम एश्योर्ड बेस सम एश्योर्ड के पांच या 10 गुना तक जा सकता है। कंपनी ने कहा है, "सम अश्योर्ड अमाउंट हर रिन्यूएल पर बढ़ती है। यह तब तक बढ़ती रहती है जब तक यह बेस सम एश्योर्ड का 5 गुना या 10 गुना नहीं हो जाती।" Forever फीचर के क्या फायदे हैं? ReAssure में 'Forever' फीचर भी है। इसमें कंपनी यह वादा करती है कि पॉलिसीहोल्डर के पहला क्लेम करने के बाद उसके पास हमेशा एक सम एश्योर्ड होगा जो उसके बेस सम एश्योर्ड के बराबर होगा। इसे एक उदाहरण की मदद से आसानी से समझा जा सकता है। अगर किसी ग्राहक के पास 10 रुपये का कवर है। उसका पहला क्लेम 5 लाख रुपये का है। ReAssure का फोरएवर फीचर ट्रिगर हो जाएगा। ग्राहक ने चाहे कितने अमाउंट का भी क्लेम किया हो उसके पास हमेशा अतिरिक्त 10 लाख रुपये का सम एश्योर्ड का अलग बकेट (Bucket) होगा। इसका इस्तेमाल बाद के सालों में क्लेम के लिए किया जा सकेगा।
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