ऑनलाइन खरीद-बिक्री के लिए ओपन नेटवर्क फॉर डिजिटल कॉमर्स (ONDC) साल के अंत तक कंज्यूमर्स से प्रति लेनदेन फीस के रूप में 1-2 प्रतिशत चार्ज वसूलना शुरू कर सकता है। सूत्रों ने यह जानकारी दी है। ओपन ई-कॉमर्स नेटवर्क ने अप्रैल में पांच शहरों में अपना पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया था। इसके तहत, वर्तमान में ग्राहकों से कोई शुल्क नहीं लिया जा रहा है। अब ONDC की सर्विस का फायदा उठाने के लिए कंज्यूमर्स को कुछ फीस चुकानी होगी। ओएनडीसी वर्तमान में बायर्स-साइड ऐप और सेलर्स साइड ऐप के लिए इसे बिल्कुल फ्री में संचालित कर रहा है। अब इसके तहत, बायर और सेलर प्लेटफ़ॉर्म से सब्सक्रिप्शन फीस लेने की योजना है जो कुछ हज़ार रुपये तक हो सकता है। बता दें कि ONDC एक ऐसा प्लेटफॉर्म है, जिसके जरिए आप एक जगह सभी ऑनलाइन कंपनियों की सुविधा ले सकते हैं। शुरुआत में 1.5 फीसदी हो सकता है ट्रांजेक्शन फीस सूत्र ने बताया, "प्रति ट्रांजेक्शन फीस शुरुआत में 1.5 फीसदी हो सकता है, और इसे बाद में 0.1 प्रतिशत या 0.2 प्रतिशत तक कम किया जा सकता है। जब कोई वस्तु खरीदी जाती है, तो उपभोक्ता उसके लिए भुगतान करता है।” ओपन नेटवर्क अगले दो वर्षों में देश में ई-कॉमर्स को 25 प्रतिशत तक बढ़ा सकता है। ओपन नेटवर्क के माध्यम से 90 करोड़ बायर्स और 12 लाख सेलर्स तक पहुंचता है। बता दें कि ONDC एक सरकार समर्थित डिजिटल नेटवर्क है जो देश भर में छोटे व्यापारियों और मॉम-एंड-पॉप स्टोर्स को ग्राहकों तक पहुंचने की सुविधा देगा। इसका मकसद डिजिटल कॉमर्स के लिए UPI - यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस - भुगतान के लिए नेटवर्क के समान इंटरऑपरेबल नेटवर्क बनाना है। ओएनडीसी के मैनेजिंग डायरेक्टर का बयान ओएनडीसी के मैनेजिंग डायरेक्टर और चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर टी कोशी ने सटीक प्राइसिंग फिगर और उनकी टाइमलाइन पर टिप्पणी करने से इंकार कर दिया। उन्होंने आगे कहा, “शुरुआत में, कुछ समय के लिए हम कुछ भी चार्ज नहीं कर सकते हैं। बाद में, हम एक छोटा सा ट्रांजेक्शन शुल्क लेना शुरू कर सकते हैं, जो अंततः वॉल्यूम बढ़ने पर 0.25 प्रतिशत तक कम हो सकता है।" उन्होंने आगे कहा, "ONDC को किसी भी निवेशक को कोई डिविडेंड देने की जरूरत नहीं है क्योंकि हम एक सेक्शन 8 कंपनी हैं. हमें नेटवर्क को स्थायी रूप से चलाने के लिए और नई फंक्शनैलिटी के लिए निवेश करने और उद्योग की जरूरतों को पूरा करने के लिए पर्याप्त धन की आवश्यकता है." कोशी ने यह भी कहा कि ओएनडीसी नेटवर्क पार्टिसिपेंट जैसे बायर-साइड ऐप, सेलर-साइड ऐप, लॉजिस्टिक्स प्रोवाइडर्स द्वारा लगाए जाने वाले किसी खास फीस को तय नहीं करेगा।" उन्होंने आगे कहा, "ओपन नेटवर्क मॉडल बढ़ती प्रतिस्पर्धा के कारण बेहतर कीमतों की ओर ले जाएगा. अगर कोई उनके द्वारा प्रदान की जाने वाली सेवा के खिलाफ अनुचित शुल्क ले रहा है, तो खरीदार और विक्रेता एक अलग सर्विस प्रोवाइडर के पास जा सकते हैं।"
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