जीएसटी काउंसिल (GST Council) ने आज शनिवार 18 दिसंबर को कारोबारियों को बड़ी राहत दी है। जीएसटी काउंसिल कुछ गलतियों को गैर-आपराधिक मानने पर सहमत हो गया है। इसके अलावा टैक्स नियमों के तहत मामला शुरू करने की सीमा को दोगुना कर दो करोड़ रुपये कर दिया। हालांकि नकली चालान के मामले में एक करोड़ रुपये की सीमा को बरकरार रखा गया है। इसके साथ ही कंपाउंडिंग राशि को भी घटाकर 25 से 100 प्रतिशत कर दिया गया है। यह राशि इस समय 50 से 150 प्रतिशत है। जीएसटी परिषद की 48वीं बैठक में परिषद ने जीएसटी के तहत तीन तरह की गड़बड़ियों- अधिकारी के काम में बाधा डालना, सबूतों के साथ जानबूझकर छेड़छाड़ और जानकारी देने में विफल रहने को अपराध की श्रेणी से बाहर करने का फैसला किया है। Yes Bank के NPA का बोझ हुआ हल्का, अब बैंक का ये है अगला बड़ा प्लान SUV की तय करनी पड़ी परिभाषा काउंसिल ने एसयूवी (स्पोर्ट्स यूटिलिटी व्हीकल्स) की स्पष्ट परिभाषा तय करते हुए इस पर 22 फीसदी का कंपेंसेशन सेस लगाया है जो 28 फीसदी जीएसटी के अतिरिक्त में लगेगा। इसके अलावा काउंसिल ने यह भी कहा है कि एमयूवी (मल्टी यूटिलिटी व्हीकल) की परिभाषा तय की जाएगी। सीतारमण ने एसयूवी के बारे में जो स्पष्टीकरण दिया गया है, उसकी जानकारी दी। इसके मुताबिक 1,500 सीसी से अधिक इंजन की क्षमता, 4,000 मिमी से अधिक लंबाई और 170 मिमी या अधिक का ग्राउंड क्लीयरेंस समेत चार शर्तों को पूरा करने वाली गाड़ियों पर 22 फीसदी का कंपेंसेशन सेस लगता है और ये चार शर्तें पूरी करने वाली गाड़ियों को आम बोलचाल में एसयूवी कहा जाता है। वित्त मंत्री ने कहा कि यह स्पष्टीकरण कोई नया कर नहीं है। इसके जरिये सिर्फ एसयूवी पर लगने वाले टैक्स को परिभाषित किया गया है। सीतारमण ने बताया कि कि एमयूवी पर चर्चा तब शुरू हुई जब कुछ राज्यों ने पूछा कि क्या सेडान को एसयूवी श्रेणी में शामिल किया जाना चाहिए। राज्यों ने एमयूवी की परिभाषा लाने का भी सुझाव दिया। FTX के बाद Binance ने बढ़ाई चिंता, इसके रिकॉर्ड मार्केट शेयर से घबराहट, समझें पूरा मामला समय की कमी पड़ी भारी, सिर्फ 8 एजेंडे पर फैसला सीतारमण ने कहा कि बैठक में समय की कमी के कारण एजेंडे में शामिल 15 मुद्दों में से केवल आठ पर ही फैसला हो सका। जीएसटी पर अपील के लिए ट्रिब्यूनल बनाने के अलावा पान मसाला और गुटखा के कारोबार में टैक्सेशन पर भी कोई फैसला नहीं हो पाया। ऑनलाइन गेमिंग और कैसिनो पर जीएसटी लगाने पर भी कोई चर्चा नहीं हो सकी क्योंकि मेघालय के मुख्यमंत्री कोनराड संगमा के नेतृत्व में मंत्रियों के समूह (GoM) ने इस मुद्दे पर कुछ दिन पहले ही अपनी रिपोर्ट सौंपी थी और वित्त मंत्री के मुताबिक समय इतना कम था कि यह रिपोर्ट जीएसटी परिषद के सदस्यों को भी नहीं दी जा सकी।
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