नीलेश शाह अब मैं उस अहसास को समझ रहा हूं, जिसे खिलाड़ियों और दर्शकों ने तब महसूस किया होगा, जब डोनाल्ड ब्रेडमैन ने रिटायरमेंट का ऐलान किया होगा या जिसे रोजर फेडरर के रिटायरमेंट के ऐलान के वक्त लोग महसूस करेंगे। प्रशांत जैन एक दिग्गज हैं। वह पिछले तीन दशक तक म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री के ब्रांड एम्बेस्डर रहे। सबसे अहम यह कि वह एक भद्र व्यक्ति हैं। वह इसलिए दिग्गज नहीं हैं कि वह पहले फंड मैनेजर हैं, जिसने 1 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा के इक्विटी फंडों का प्रबंधन किया। या कि उनके फंडों ने पिछले 26 साल में मार्केट के मुकाबले चार गुना ज्यादा रिटर्न दिए। वह दिग्गज इसलिए हैं क्योंकि वह हम सभी के लिए रोल मॉडल हैं। यह भी पढ़ें : Winsome Diamonds fraud case: दुनियाभर में जतिन मेहता की संपत्तियां जब्त होंगी, ब्रिटिश हाईकोर्ट का फैसला उनमें पहली चीज जो आपको दिखती है, वह है उत्साह, सचाई और विनम्रता। बाजार में बड़ी गिरावट के दौरान भी वह धैर्य के साथ निराश इनवेस्टर्स और डिस्ट्रिब्यूटर्स तक अपनी बात पहुंचा देते थे। पूरा ऑडोटोरियम उनकी सचाई और उत्साह को महसूस करता था। उन्हें बारीक से लेकर बुनियादी चीजों तक की समझ है। कंपनी के मैनेजमेंट के साथ उनकी बातचीत को सुनना सुखद अनुभव है। आक्रामक हुए बगैर वह सबसे अहम मसलों को फोकस में ला देते हैं। कई कंपनियों ने उनकी सलाह का फायदा उठाया है। उनकी सलाह बिजनेस की चुनौतियों से लेकर गवर्नेस के मसलों तक से जुड़ी होती थी। बिजनेस की उनकी समझ इतनी जबर्दस्त है कि उनकी ऑटोबायग्राफी में उन्हें कॉर्पोरेट लेजेंड बताया गया है। आज तक यह सम्मान पाने वाले वह एकमात्र फंड मैनेजर हैं। प्रशांत भाई एक शानदार एनालिस्ट और पोर्टफोलियो मैनेजर हैं। स्टॉक मार्केट में बहुत कम ही ऐसे लोग होंगे, जिनके पास मैनजेमेंट, बिजनेस, वैल्यूएशन (इक्विटी एंड डेट) की जैन जैसी समझ होगी। उन्हें अपने आप पर पूरा भरोसा था और हर बार वह मार्केट में सही साबित होते थे। जब 2000 में टेक्नोलॉजी-मीडिया-टेलीकॉम (TMT) का बुलबुला फटने से कई फंड मैनेजर्स का करियर खत्म हो गया था, तब प्रशांत भाई अग्नि परीक्षा में खरे सोने के रूप में उभरे थे। हाल में सरकारी कंपनियों के शेयरों के मामले में भी जैन सही साबित हुए। प्रशांत भाई एक लेजेंड हैं, क्योंकि उन्होंने हमेशा आगे बढ़कर म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री के मसलों और चुनौतियों का सामना किया। कॉर्पोरेट गवर्नेंस के कई मसलों पर हमने मिलकर लड़ाइयां लड़ी हैं। हमने मैनेजमेंट को गवर्नेंस के रास्ते पर चलने को प्रेरित किया। फंड मैनेजर्स गोलकीपर्स की तरह होते हैं। वे गोल बचाने से ज्यादा गोल छोड़ने के लिए याद किए जाते हैं। जैन एक दशक में बचाए गए गोल पर एक किताब लिख सकते हैं। एक तरफ जहां इनवेस्टमेंट के मामले में प्रशांत भाई नंबर वन हैं, वही वह बहुत आध्यात्मिक भी हैं। वह सूरज डूबने के बाद नहीं खाते हैं। सदगुरु का इंटरव्यू लेने के दौरान मुझे कोयंबतूर के ईशा आश्रम में प्रशांत भाई के साथ समय बिताने का मौका मिला। उन दो दिनों में मुझे प्रशांत भाई का आध्यात्मिकता और जिज्ञासु दिमाग के बारे में जानने का मौका मिला। प्रशांत भाई युवाओं और फंड मैनेजर्स के लिए रोल मॉडल हैं। मेरा मानना है कि HDFC Mutual Fund और पूरी म्यूचुअल फंड इडस्ट्री उनकी कमी महसूस करेगी। प्रशांत भाई डोनाल्ड ब्रैडमैन के मुकाबले बेहतर तरीके से रिटायर हो रहे हैं। अपनी आखिरी इनिंग में सर डोन जीरो पर आउट हुए थे और तीन डिजिट के मैजिकल फिगर को हासिल करने से चूक गए थे। प्रशांत भाई मैजिकल परफॉर्मेंस के साथ रिटायर हो रहे हैं, जब हर कोई पूछ रहा है अभी क्यों। मैं प्रशांत भाई को उनके अगली कोशिश के लिए शुभकामनाएं देता हूं। मुझे यकीन है कि वह जो भी करेंगे, मार्केट उनके दिल के करीब होगा। एक दिन जब मैं अपने कामकाजी जिदंगी को पीछे मुड़कर देखूंगा तो मुझे प्रशांत जैन जैसे लेजेंड के रूप में अपने एक साथी की मीठी यादें आएंगी। (नीलेश शाह कोटक महिंद्रा एसेट मैनजेमेंट कंपनी के ग्रुप प्रेसिडेंट और एमडी हैं)
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