शेयर बाजार में गिरावट से इनवेस्टर्स निराश हैं। परेशान करने वाली बात यह है कि इस गिरावट का अंत नहीं दिख रहा है। 18 अक्टूबर, 2021 को सेंसेक्स (Sensex) 61,765 अंक की ऊंचाई पर पहुंच गया था। अभी यह 52,793 अंक पर है। अपने पीक से यह 8,923 अंक गिर चुका है। खासकर यूक्रेन पर रूस के हमले (Ukraine Crisis) के बाद से यह काफी दबाव में है। इससे इनवेस्टर्स परेशान हैं। इसका असर आईपीओ मार्केट (IPO Market) पर भी पड़ा है। एलआईसी जैसी कंपनी का आईपीओ रिटेल कैटेगरी में सिर्फ दोगुना सब्सक्राइब हुआ। पिछले तीन महीने में कई दिग्गज कंपनियों के शेयर बहुत ज्यादा गिरे हैं। इनमें इंडियाबुल्स हाउसिंग (IndiaBulls Housing), हिंडालको (Hindalco), वेदांता (Vedanta), बजाज फिनसर्व (Bajaj Finserve), बजाज फाइनेंस (Bajaj Finance), टाटा मोटर्स (Tata Motors), मारुति सुजुकी, एंलएंडटी और विप्रो जैसी कंपनियां शामिल हैं। इनमें 11 फरवरी से 14 अप्रैल के बीच 17 फीसदी से लेकर 41 फीसदी तक की गिरावट आई है। ये ऐसी कंपनियां हैं, जिनकी बुनियादी स्थिति मजबूत है। इस साल जनवरी से अब तक निफ्टी 100 भी 10 फीसदी गिर चुका है। यह भी पढ़ें : एक्सपर्ट्स की राय अब धीमी पड़ सकती है FPI की बिकवाली,जानिए क्या है इसकी वजह इस गिरावट का असर इनवेस्टर्स के पोर्टफोलियो पर पड़ा है। उन्हें समझ में नहीं आ रहा कि उन्हें क्या करना चाहिए। उन्हें और गिरावट का डर सता रहा है। ऐसे इनवेस्टर्स को दिग्गज इनवेस्टर्स शंकर शर्मा ने 80-20 रूल अपनाने की सलाह दी है। उनका मानना है कि बाजार में ज्यादा गिरावट की स्थिति में यह रूल इनवेस्टर्स के लॉस को कम करने में मददगार है। ईटी नाउ से बातचीत में शर्मा ने कहा है कि मुश्किल वक्त में 80-20 का रूल इनवेस्टर्स के लिए फायदेमंद है। इसका मतलब है कि इनवेस्टर के पोर्टफोलियो में 80 फीसदी हिस्सा उन कंपनियों के शेयरों का होना चाहिए, जिनमें मजबूती दिख रही है। बाकी 20 फीसदी हिस्सा उन शेयरों में होना चाहिए, जो काफी ज्यादा गिर चुके हैं। लेकिन, उनकी बुनियादी स्थिति अच्छी होने से उनमें वैल्यू दिख रही हो। उन्होंने कहा कि आम तौर पर इनवेस्टर्स गिरावट की स्थित में गलत स्ट्रेटेजी अपनाते हैं। वे गिरने वाले शेयरों को अपने पोर्टफोलियो में बनाए रखते हैं और मजबूत शेयरों को बेचने लगते हैं। यह स्ट्रैटेजी बहुत लॉस देने वाली है। मजबूत कंपनियों के शेयर गिरावट आने पर भी कम गिरते हैं और बाजार का रुख बदलने पर तेजी से चढ़ते हैं, जिससे पोर्टफोलियो में आई गिरावट की भरपाई हो जाती है। पिछले तीन महीने में पावर ग्रिड कॉर्पोरेशन (Power Grid), आईटीसी (ITC), एनटीपीसी (NTPC), गेल (Gail), एमएंडएम (M&M), यूपीएल, बजाज ऑटो, रिलायंस इंडस्ट्रीज और कोल इंडिया के शेयरों में तेजी आई है। ये शेयर 1.5 फीसदी से लेकर करीब 14 फीसदी तक चढ़े हैं। दरअसल, गिरावट की स्थिति में भी ऐसे कई शेयर होते हैं, जिनमें तेजी रहती है। इनवेस्टर्स को ऐसे शेयरों पर फोकस करना चाहिए।
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