हम अक्सर कहानियां सुनते हैं कि कैसे कुछ दिग्गज निवेशकों ने शेयर बाजार से हजारों करोड़ रुपये बनाकर अपनी किस्तम बदल दी। इन कहानियों के आकर्षण के चलते बहुत से लोग शेयर बाजार के इन दिग्गजों की ओर देखते हैं और सोचते हैं कि आखिर वह क्या चीज हैं जो उन्हें सफल बनाता है और उनकी सफलता के पीछे का वह सीक्रेट फार्मूला क्या है? इस आर्टिकल में हम राकेश झुनझुनवाला (Rakesh Jhunjhunwala) और उनके पोर्टफोलियो के बारे में बात करेंगे, जो दलाल स्ट्रीट के बहुत ही जाने-माने नाम है। कई लोग उन्हें शेयर बाजार का 'बिग बुल' कहकर भी बुलाते हैं। इस आर्टिकल में राकेश झुनझुनवाला के पोर्टफोलियो रिटर्न के जरिए हम उन निवेश के सिद्धांतों को जानने की कोशिश करेंगे, जिसके जरिए एक आदमी भी अपना पोर्टफोलियो राकेश झुनझुनवाला की तरह बना सकता है। राकेश झुनझुनवाला के पोर्टफोलियो में शामिल शेयरों के बारे में अक्सर मीडिया में खबरे छपती रहती हैं। यहां हमने एक टेबल में उनके सबसे मूल्यवान निवेशों की सूची दी है- टेबल में झुनझुनवाला के निवेश वाले इन शेयरों की सूची को देखते ही निवेश से जुड़े 4-5 जरूरी सिद्धांत नजर आते हैं। एक शानदार पोर्टफोलियो बनाने के लिए शेयर बाजार के विद्वान भी अक्सर इन्हीं चीजों को अपनाने की सलाह देते हैं- 1. पोर्टफोलियो में सीमित स्टॉक: ऊपर करीब चुनिंदा 16 शेयरों की सूची है और झुनझुनवाला का अधिकतर निवेश (करीब 60 फीसदी) इन्हीं शेयरों में किया गया है। 2. डायवर्सिफिकेशन: झुनझुवाला के पोर्टफोलियो में आईटी, FMCG, बैंकिंग एंड फाइनेंशियल, कमोडिटीज, फार्मा और ऑटो सहित अन्य सेक्टर के शेयर है। इस तरह यह पोर्टफोलियो अच्छी से डायवर्सिफाइ है। डायवर्सिफिकेशन का मतलब है कि अलग-अलग सेक्टर की कंपनियों में निवेश करना। 3. रणनीति के तहत वेटेज देना: झुनझुनवाला ने सभी शेयरों में बराबर निवेश नहीं किया है, बल्कि जिस शेयर पर उन्हें ज्यादा भरोसा है उस पर उन्होंने ज्यादा बड़ा दांव लगाया है। 4.न्यूनतम घाटा, अधिकतम मुनाफा: इस पोर्टफोलियो में कुछ ऐसे शेयर भी है, जिसमें उनका निवेश घाटे में है। हालांकि दूसरे अधिक रिटर्न देने वाले शेयरों से उसकी भरपाई हो जाती है। एचडीएफसी सिक्योरिटीज को 3 महीने में इस मल्टीबैगर एनर्जी स्टॉक में हैं और तेजी की उम्मीद, क्या आप करेंगे निवेश? रिटर्न कैलकुलेशन और तुलना ऊपर दिए गए टेबल में अगर स्टार हेल्थ को छोड़ दे तों, झुनझुनवाला के पोर्टफोलियो का 29 मार्च 2019 से लेकर 24 नवंबर 2021 के बीच में औसत रिटर्न 96 पर्सेंट का रहा है। जबकि इस दौरान निफ्टी ने 50 फीसदी का रिटर्न दिया है। यह तथ्य बताता है कि अगर पोर्टफोलियो बनाने के सिद्धांतों के पालन किया जाए, तो आप शेयर बाजार से अधिक रिटर्न बना सकते हैं। 7 मई के पिछले आर्टिकल में हमने बताया था कि कैसे एक आम निवेशक ब्याज दरों पर नजर रखके अपने पोर्टफोलियो रिटर्न को बेहतर बना सकता है। आइए एक पेशेवर निवेशक (जैसा कि ऊपर टेबल में देखा गया है) और उस आम निवेशक के रिटर्न की तुलना करतें है लेख के अनुसार, एक आम निवेशक नवंबर 2013 से मई 2020 के बीच डेट इंस्ट्रूमेंट में निवेश करके अधिक रिटर्न कमाया होता और वहीं मई 2020 के बाद उसे शेयर बाजार में अधिक रिटर्न मिलता। ऐसे में इस तुलना अवधि के दौरान एक आम निवेशक को 29 मार्च से मई 2020 तक डेट मार्केट पर फोकस करना चाहिए था और फिर जून 2020 से उसे इक्विटी मार्केट में फोकस करना चाहिए था। इस निवेश साइकिल में असेट एलोकेशन पर मिलने वाले रिटर्न को देखने से पहले एक नजर प्रमुख सूचकांकों को झुनझुनवाला के निवेश की तारीखों से मिला लेते हैं- 29 मार्च 2019 से 31 मई 2020 के बीच डेट इंडेक्स ने करीब 17 फीसदा का रिटर्न दिया। अगर इसमें 30 पर्सेंट टैक्स (शॉर्ट-टर्म टैक्स गेन) माकर चले तों, नेट रिटर्न करीब 12 फीसदी बैठता है। इसी तरह जून 2020 से शुरू होकर 24 नवंबर 2021 तक निफ्टी ने करीब 77 फीसदी रिटर्न दिया। दोनों मिलाकर यह करीब 98 फीसदी रिटर्न ((1+12%)*77 %) में तब्दील हो जाता है। 4 जनवरी 2022 को दोबारा कैलकुलेश करने पर इस रिटर्न प्रोफाइल में मामूली बदलाव होता है। आज की तारीख में, प्रोफेशनल निवेशक का रिटर्न 104 प्रतिशत होगा, जबकि आम निवेशक का 102 प्रतिशत होगा। आर्टिकल में आम निवेशक के लिए रिटर्न का विवरण देने के लिए केवल सूचकांक का इस्तेमाल किया गया है। हालांकि, www.moneycontrol.com के अनुसार , 26 लार्ज कैप डायरेक्ट इनवेस्टमें स्कीमों (100 करोड़ रुपये से अधिक AUM वाली) में से 17 ने 77 फीसदी से अधिक रिटर्न दिया। इसी तरह गिल्ट फंड (डायरेक्ट इनवेस्टमें) कैटेगरी के तहत 16 स्कीमों में से 14 का रिटर्न प्रोफाइल भी 29 मार्च, 2019 और 31 मई, 2020 के बीच डेट इंडेक्स से अधिक था। इस प्रकार, एक सामान्य व्यक्ति न केवल बाजार से बेहतर प्रदर्शन कर सकता है बल्कि वह एक प्रोफेशनल निवेशक के बराबर रिटर्न हासिल कर सकता है। बशर्ते कि वह इनवेस्टमेंट के नियमों का पालन करता हो और पहले सफल साबित हो चुकी इनवेस्टमेंट स्ट्रैटजी और फैसलों पर धैर्य के साथ बना रहें। मुख्य बातें ऊपर दिए कैलकुलेश में स्टार हेल्थ के इनवेस्टमें से हुए प्रॉफिट को नहीं जोड़ा गया है। साथ ही आर्टिकल लिखने वाले को झुनझुनवाला के पोर्टफोलियों के बाकी 40 फीसदी इनवेस्टमें पर हुए रिटर्न की जानकारी नहीं है औ न ही डेट/इक्विटी से संबंधित असेट अलोकेशन के बारे में जानकारी हैं। इस तुलना या निष्कर्ष का किसी भी तरह से प्रोफेशनल निवेशक की उपलब्धि को कमतर नहीं आंकना है। इसका उद्देश्य औसत निवेशक को इंडेक्स फंड जैसे पारंपरिक निवेश वाहनों के जरिए भी अपने पोर्टफोलियो / निवेश पर रिटर्न को बेहतर बनाने के लिए निवेश से जुड़े सिद्धांतों को लागू करने के लिए प्रोत्साहित करना है। डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल के लिए यह आर्टिकल 'शंकर के' ने लिखा है। उनके पास इक्विटी रिसर्च में दो दशकों का अनुभव है। लेख में व्यक्त विचार लेखक के निजी विचार हैं ना कि मनीकंट्रोल के।
from HindiMoneycontrol Top Headlines https://ift.tt/3K91LX1
via
Subscribe to:
Post Comments (Atom)
-
Fishermen from both countries are arrested frequently for inadvertently trespassing into each other's waters. from Top World News-...
-
ITC to acquire 16% shareholding in Mother Sparsh for Rs 20 crore from HindiMoneycontrol Top Headlines https://ift.tt/3FSz4dI via
-
BRICS समिट के बीच दिल्ली-एनसीआर के मौसम में अचानक बदलाव आया है। शुक्रवार को दिल्ली के कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश देखने को मिली। मौसम...
No comments:
Post a Comment