न्यूज एजेंसी AFP की मुताबिक, कजाकिस्तान सरकार का दावा है कि कजाख राष्ट्रपति कसीम-जोमार्ट टोकायव की तरफ से मदद की अपील करने के बाद रूसी सेना अल्माटी में उतरी, जिसके बाद सुरक्षा बलों ने 26 'हथियारबंद अपराधियों' को मार गिराया है। टोकायव ने यह भी कहा कि सभी क्षेत्रों में संवैधानिक व्यवस्था बहाल की गई है। समाचार एजेंसी एएफपी ने टोकायव के हवाले से कहा, "कानून प्रवर्तन बल कड़ी मेहनत कर रहे हैं। संवैधानिक व्यवस्था मुख्य रूप से सभी क्षेत्रों में बहाल कर दी गई है।" उन्होंने यह भी कहा कि 'आतंकवादियों को पूरी तरह से खत्म करने के मकसद से सुरक्षा अभियान जारी रहेगा। राजधानी में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन देखने वाले राष्ट्रपति ने पहले दावा किया था कि प्रदर्शनकारियों में 'सशस्त्र आतंकवादी' थे, जिन्हें 'विदेश से ट्रेनिंग' मिली है। पढ़ें, अल्माटी में अब-तक क्या-क्या हुआ: - AFP के अनुसार, कजाकिस्तान के आंतरिक मंत्रालय ने दावा किया कि सभी क्षेत्रों को 'मुक्त कर दिया गया है और सुरक्षा बढ़ा दी गई है।' इसने यह भी कहा कि सुरक्षा कर्मियों ने 26 'सशस्त्र अपराधियों' को मार गिराया और 18 घायल हो गए। इसमें आगे कहा गया है। पूरे मध्य एशियाई राष्ट्र में 70 चौकियां बनाई गई हैं और 2,300 से ज्यादा प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया है। - कलेक्टिव सिक्योरिटी ट्रीटी ऑर्गेनाइजेशन (CSTO) के टोकायव के अनुरोध के बाद रूसी सेना कजाकिस्तान के सुरक्षा कर्मियों की मदद करने वहां पहुंची है। CSTO पूर्व सोवियत देशों का एक ग्रुप है, जिन्होंने यह भी दावा किया कि प्रदर्शनकारियों ने विदेशों में कड़ी ट्रेनिंग हासिल की है। - सरकार के खिलाफ यहां विरोध तब शुरू हुआ, जब सरकार ने 1 जनवरी को तरल पेट्रोलियम गैस (LPG) की कीमतों में बढ़ोतरी की घोषणा की थी। ऑब्जरवर्स के अनुसार, विरोध प्रदर्शनों ने प्रभारी लोगों के खिलाफ असंतोष को भी दर्शाया। मंगलवार के भीतर, पूरे कजाकिस्तान में फैले विरोध प्रदर्शनों में अल्माटी में हजारों प्रदर्शनकारियों ने सड़कों पर कब्जा कर लिया। Tim Cook salary : जानिए एप्पल के सीईओ को 2021 में मिली कितनी सैलरी - प्रदर्शनकारियों ने टोकायव को हटाने की मांग की, जिसे नूरसुल्तान नज़रबायेव ने चुना था, जो वहां के राष्ट्रपिता थे और जिन्होंने तीन दशकों तक इस संसाधन संपन्न देश पर शासन किया। प्रदर्शनकारियों का दावा है कि टोकायव और उनके पूर्ववर्ती नज़रबायेव भ्रष्ट थे। - विरोध प्रदर्शन बुधवार को उस समय और बढ़ गया जब प्रदर्शनकारियों ने अल्माटी में एक सरकारी इमारत पर धावा बोल दिया और उसमें आग लगा दी। उन्होंने हवाई अड्डे पर भी धावा बोल दिया और पूर्व नेता नज़रबायेव की मूर्तियों को गिराने की कोशिश की। कज़ाख प्रदर्शनकारियों का दावा है कि देश पर अब भी नज़रबायेव का प्रभाव जारी है। - समाचार एजेंसियों के अनुसार, अधिकारियों ने दावा किया कि दो पुलिस अधिकारियों की हत्या कर दी गई, जबकि प्रदर्शनकारियों ने यह कहकर बचाव किया कि मशीन गन फायरिंग में गुरुवार रात अल्माटी में दर्जनों प्रदर्शनकारियों की मौत हो गई। अधिकारियों का दावा है कि 748 सुरक्षा अधिकारी घायल हुए हैं और 18 मारे गए हैं - असंतुष्ट नेता मुख्तार अबलाज़ोव, जो पहले कजाकिस्तान में ऊर्जा मंत्री थे, उन्होंने कहा कि यह विद्रोह टोकायव शासन के अंत की शुरुआत का संकेत दे रहा है। डेमोक्रेटिक च्वाइस ऑफ कजाकिस्तान (QDT) पार्टी के प्रमुख अबलाजोव ने कहा, "मुझे लगता है कि शासन अपने अंत में है। बस अब एक ही सवाल है कि कब तक?" पार्टी ने विरोध का सक्रिय समर्थन किया। - अबलाजोव ने यह भी कहा कि प्रदर्शनकारियों और कज़ाखस्तान के नागरिकों को शहर में रूसी सैनिकों की उपस्थिति का विरोध करने की ज़रूरत है। इन्होंने यह भी जिक्र किया कि यह सब रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को पूर्व सोवियत गणराज्य को फिर से बनाने का मौका देता है। उन्होंने कहा, "जितना ज्यादा पुतिन हस्तक्षेप करते हैं, उतना ही कजाकिस्तान यूक्रेन की तरह बन जाएगा।"
from HindiMoneycontrol Top Headlines https://ift.tt/3eXX2sD
via
Subscribe to:
Post Comments (Atom)
-
The device would be introduced on Amazon India and its pre-bookings would start on January 15. from Top Tech News- News18.com http://bit.l...
-
Business software group SAP forecast flat revenue and a decline in operating profit in 2021, as it released preliminary annual results that ...
-
The number of Covid-19 deaths globally has been dropping for the past three weeks from Top World News- News18.com https://ift.tt/uex9Mhf
No comments:
Post a Comment