भारतीय सेना (Indian Army) नई कॉम्बैट यूनिफॉर्म (New Combat Uniform) लॉन्च कर दी है। इस बीच News18 ने सूत्रों के हवाले से बताया, भारतीय सेना ने अपनी नई कॉम्बैट ड्रैस फाइनल करने से पहले, 15 स्पेशल कैमोफ्लाज पैटर्न, चार अलग-अलग तरह के डिजाइन और आठ अलग-अलग तरह के कपड़ों की जांच पड़ताल की। नई लड़ाकू वर्दी को शनिवार को सेना दिवस पर लॉन्च किया गया और सभी सैन्य कर्मियों को चरणबद्ध तरीके से जारी की जाएगी। सूत्रों के अनुसार, मौजूदा स्टॉकिंग और प्रोविजनिंग सिस्टम के साथ सेना को पूरी तरह से नई कॉम्बैट यूनिफॉर्म में बदलने में कुछ साल लग सकते हैं। एक रक्षा सूत्र ने कहा कि नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फैशन टेक्नोलॉजी (NIFT), ने सेना को 15 स्पेशल कैमोफ्लाज पैटर्न, पुरुषों और महिलाओं के लिए चार अलग-अलग डिजाइन और वर्दी के लिए आठ तरह अलग-अलग कपड़ों के ऑप्शन दिए थे। NIFT को भारतीय सेना की नई कॉम्बैट यूनिफॉर्म के डिजाइन और डेवलपमेंट काम सौंपा गया था। सूत्र ने कहा, "सेना की तरफ से इस तरह के सभी ऑप्शन की समीक्षा की और चार कैमोफ्लाज पैटर्न, तीन डिजाइन और पांच कपड़ों को शॉर्टलिस्ट किया गया।" सूत्रों ने आगे बताया, "दो इन्फैंट्री ब्रिगेड, एक आर्टिलरी ब्रिगेड और दिल्ली की एक सैन्य पुलिस इकाई में 150 से ज्यादा सैन्य कर्मियों को कॉम्बैट यूनिफॉर्म के 15 सेट दिए गए, जो फीडबैक के लिए शॉर्टलिस्ट किए गए पैटर्न, डिज़ाइन और फैब्रिक के अलग-अलग कॉम्बिनेशन में थे।" एक तरफ लद्दाख बार्डर पर तनाव, दूसरी तरफ भारत-चीन के बीच 2021 में 125 अरब डॉलर का व्यापार, टूटा रिकॉर्ड यूनिफॉर्म का फाइनल प्रोटोटाइप उनके फीडबैक के आधार पर चुना गया था और पिछले साल अक्टूबर में सेना कमांडरों के सम्मेलन के दौरान सभी सेना कमांडरों के सामने पेश किया गया था। सेना प्रमुख जनरल एमएम नरवणे ने इस वर्दी पर अपनी सैद्धांतिक मंजूरी दे दी थी। एक दूसरे सूत्र ने बताया कि वर्तमान में सभी कमांड मुख्यालयों के लिए वर्दी के अप्रूवड प्रोटोटाइप के लगभग 300 पीस सभी कर्मियों को परिचित कराने के लिए बनाए जा रहे हैं। इसमें 10 से 20 कस्टम-मेड यूनिफॉर्म भी शामिल है। सैन्य पुलिस यूनिट के कोर में, जहां महिला सेना कर्मियों को तैनात किया जाता है, उन्हें लगभग एक दर्जन अतिरिक्त सेट दिए जाएंगे। इन सूत्रों ने कहा कि नई वर्दी में एक डिजिटल कैमोफ्लाज पैटर्न होगा, जो फोर्स के लिए यूनिक और एक्सक्लूसिव होगा। समकालीन डिजाइन में जैकेट टक आउट और ट्राउजर जूते के अंदर टक होंगे। कपड़ा हल्का, फिर भी मजबूत होगा और जल्दी सूखने वाला होगा, इस तरह ऑपरेशन के दौरान सैनिकों के लिए ज्यादा आरामदायक होगा। नई वर्दी 13 साइज में उपलब्ध होगी और कपड़ा 70:30 के रेश्यू में कॉटन और पॉलिएस्टर के कॉम्बिनेशन से बना है। वर्तमान कॉम्बैट यूनिफॉर्म के मुकाबले, जो खुले बाजार में भी उपलब्ध है, नई वर्दी केवल ऑर्डिनेंस चेन के जरिए सैनिकों को जारी की जाएगी। पहले सूत्र ने कहा, "अधिकारियों के लिए आर्मी कैंटीन में कपड़ा रखने के ऑप्शन पर विचार किया जा रहा है।" नई कॉम्बैट वर्दी के निर्माण के लिए एक ट्रेंडर मंगाया जा सकता है, जिसमें निजी फर्मों और रक्षा सार्वजनिक उपक्रमों की भागीदारी होगी। सूत्रों के अनुसार, इस बात पर चर्चा हो रही है कि क्या यह केवल प्रतिष्ठित विक्रेताओं को आमंत्रित करने और खुले बाजार में चोरी से बचने के लिए लिमिटेड टेंडर होना चाहिए।
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