RG Kar Medical College Rape-Murder Case: कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज में ट्रेनी डॉक्टर के साथ हुए दर्दनाक रेप और हत्या के एक साल पूरे होने पर पश्चिम बंगाल की सियासत में फिर उबाल आ गया है।राज्य भर में प्रदर्शन हो रहे हैं और राजधानी कोलकाता में हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं। कोलकाता में पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प के बाद हालात अफरा-तफरी वाले हो गए। पीड़िता के माता-पिता ने पश्चिम बंगाल सचिवालय (नबन्ना) तक मार्च निकाला।
विक्टिम की मां के सिर में लगी चोट
इस दौरान पीड़िता की मां ने आरोप लगाया कि मार्च में शामिल होने जाते समय महिला पुलिसकर्मियों ने उनके साथ धक्का-मुक्की की। यह मार्च सरकारी अस्पताल में उनकी बेटी के साथ हुए इस अपराध की पहली बरसी पर आयोजित किया गया था।उन्होंने आरोप लगाया कि झड़प के दौरान उनका पारंपरिक शंख चूड़ा टूट गया और सिर में चोट लग गई। पीटीआई से बात करते हुए उन्होंने कहा, “वे हमें क्यों रोक रहे हैं? हम तो बस नबन्ना जाकर अपनी बेटी के लिए न्याय मांगना चाहते हैं।” पीड़िता के पति और पिता ने भी आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण रैली के लिए अदालत से अनुमति मिलने के बावजूद, पुलिस ने डोरीना क्रॉसिंग पर परिवार को मार्च में शामिल होने से रोकने की कोशिश की। रैली में शामिल लोगों ने महिलाओं की सुरक्षा में नाकामी के लिए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के इस्तीफे की मांग की।
#WATCH | Kolkata | West Bengal | Father of RG Kar Medical College rape and murder victim says, "The high court has given us permission to stage protests peacefully...Police used a lathi charge on us, that's why we got injured...On 9 August 2024, the police treated us very… https://t.co/2hHnDV4mXk pic.twitter.com/LmTfE2z05j
— ANI (@ANI) August 9, 2025
कोलकाता के सड़कों पर जमकर प्रदर्शन
कोलकाता में हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान अफरा-तफरी मच गई, जब प्रदर्शनकारियों ने पुलिस की चेतावनी के बावजूद बैरिकेड तोड़कर सचिवालय की ओर बढ़ने की कोशिश की। इसके बाद पुलिस ने लाठीचार्ज किया। मार्च में शामिल कुछ प्रदर्शनकारी हावड़ा ज़िले के संतरागाछी पहुंचे और वहां नगर पुलिस द्वारा लगाए गए लोहे के बैरिकेड्स तोड़ने की कोशिश की। ‘नबन्ना चलो अभियान’ के तहत प्रदर्शनकारियों ने आरजी कर पीड़िता के लिए न्याय की मांग करते हुए नारे लगाए और पुलिस के अवरोधों को नजरअंदाज करते हुए राज्य सचिवालय तक पहुंचने का संकल्प लिया।
प्रदर्शन कर रहे एक शख्स ने कहा, “पुलिस चाहे हम पर गोली चला दे, लेकिन हम नबन्ना जरूर पहुंचेंगे, जहां राज्य सरकार को बताना होगा कि अभया (आरजी कर पीड़िता) को एक साल बाद भी न्याय क्यों नहीं मिला।” प्रदर्शनकारी तिरंगे के साथ-साथ पीड़िता के लिए न्याय और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के इस्तीफे की मांग वाले पोस्टर और बैनर लिए नजर आए। विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी ने भाजपा नेता अग्निमित्रा पॉल और अन्य पार्टी विधायकों के साथ पार्क स्ट्रीट–जेएल नेहरू रोड क्रॉसिंग पर धरना दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस कार्रवाई में उनके साथ कई भाजपा नेताओं और 100 से ज्यादा प्रदर्शनकारियों को चोटें आई हैं।
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